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जनसुनवाई के प्रकरणों को समयबद्ध निपटाएं, राजस्थान-जयपुर कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने दिए निर्देश

जयपुर। जिला कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को जनसुनवाई के दौरान प्राप्त प्रकरणों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिये। साथ ही जिला कलक्टर ने अधिकारियों को कुर्रेजात, सीमाज्ञान, नामांतरण, पत्थरगढ़ी एवं भू-रूपांतरण सहित समस्त प्रकार के लंबित राजस्व वादों में भी कमी लाने के निर्देश दिये। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को रास्ता खोलो अभियान के तहत अधिक से अधिक ग्रामीणों को लाभांवित करने एवं खोले गए रास्तों पर जल्द से जल्द ग्रेवल सड़कों के निमार्ण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने बैठक में जिले में संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं कार्य प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले के सभी उपखण्ड अधिकारियों को युवा महोत्सव के सफल आयोजन के लिए समस्त तैयारियां दुरुस्त रखने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे सभी स्तर पर आयोजित होने वाले इस युवा महोत्सव में ज्यादा से ज्यादा प्रतिभाशाली युवा अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं इसके लिए अधिकारी कार्ययोजना का बेहतर रूप से क्रियान्वयन करें। डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को जिला स्तरीय जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने, नियमित जनसुनवाई करने, राजकीय कार्यालयों, विद्यालयों, छात्रावासों का नियमित रूप से निरीक्षण करने एवं अधिक से अधिक रात्रि चौपाल कार्यक्रमों के आयोजन के निर्देश दिये। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को आगामी सर्द ऋतु के मद्देनजर क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में रैन बसेरे संचालित करने एवं रैन बसेरों में साफ-सफाई, साफ बिस्तर सहित अन्य इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने अधिकारियों को मर्ज किये गए राजकीय विद्यालयों के भवनों में वर्तमान में किराये के भवन में संचालित आंगनबाड़ी अथवा स्वास्थ्य केन्द्र अथवा अन्य राजकीय कार्यालय संचालित करने की कार्यवाही अमल में लाने के लिए भी निर्देशित किया। बैठक में राजस्थान संपर्क पोर्टल, मुख्यमंत्री सहायता कोष से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग सुधार के लिए समस्त आवश्यक तैयारियां दुरुस्त करने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को अपने क्षेत्र में गोद लिये गए पार्कों का गुणवत्तापूर्ण विकास करने के निर्देश दिये गए। बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) श्रीमती विनीता सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर (तृतीय) श्रीमती कुंतल विश्नोई, सहित नगर निगम, शिक्षा विभाग, सामाजिक न्या एवं अधिकारिता विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, समस्तर उपखण्ड अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, अधीशासी अधिकारी, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी वीसी के माध्यम से बैठक में जुड़े।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री चौहान से जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने की सौजन्य भेंट

भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बुधवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से सौजन्य भेंट की। मंत्री डॉ. शाह ने पीएम जन-मन योजना में मध्यप्रदेश के 21 जिलों में कमजोर एवं पिछड़े जनजातीय समूह (पीवीटीजी) परिवारों के लिये 33 हजार 138 अतिरिक्त पीएम आवास मंजूर करने के लिये केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री चौहान का ह्रदय से आभार जताया। मंत्री डॉ. शाह ने केन्द्रीय मंत्री चौहान को पीएम जन-मन के तहत पीवीटीजी परिवारों के हित में किये जा रहे नवोन्मेषी प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी।

बिना क्लीनर ऐप के खाली करें स्मार्टफोन का स्टोरेज, जानें तरीका

स्मार्टफोन यूजर्स को अक्सर फोन के स्टोरेज फुल होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वे फोन में मौजूद फालतू फोटोज और विडियोज को डिलीट कर स्पेस बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में यह समस्या फिर से सामने आ जाती है। वहीं, कुछ यूजर ऐसे भी हैं जो थर्ड पार्टी स्टोरेज क्लीनर ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, कुछ दिन पहले तक इन ऐप्स का इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं थी, लेकिन हाल में आई एक रिपोर्ट में इन्हें खतरनाक बता दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐसे क्लीनर ऐप हैं जो यूजर डेटा की चोरी करने के साथ ही डिवाइस को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसी ट्रिक्स के बारे में बता रहे हैं जिनसे आप बिना क्लीनर ऐप्स की मदद लिए अपने फोन के स्टोरेज को खाली कर सकते हैं। कैश क्लियर करें ज्यादातर ऐंड्रॉयड ऐप्स यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए कैश डेटा का इस्तेमाल करते हैं। कैश डेटा समय की बचत तो करता है, लेकिन यह फोन के इंटरनल स्टोरेज में काफी जगह ले लेता है। अगर इसे समय-समय पर क्लियर न किया जाए तो यह स्टोरेज कम करने के साथ ही फोन की स्पीड को भी धीमा कर देता है। बता दें कि किसी ऐप के सही ढंग से काम करने के लिए कैश डेटा की जरूरत नहीं पड़ती। यह केवल यूजर की सहूलियत के लिए होता है। ऐसे में बेहतर होगा कि जब भी आपको अपने फोन के स्टोरेज को खाली करने का ख्याल आए तो सबसे पहले आप कैश डेटा को डिलीट करें। यह तुरंत आपके फोन में स्टोरेज को बढ़ा देगा। हर ऐप यूजर को बेस्ट एक्सपीरियंस देने के लिए अपना कैश बनाता है। आप अपने स्मार्टफोन की सेटिंग में दिए गए स्टोरेज ऑप्शन में जाकर हर ऐप के कैश डेटा को क्लियर कर सकते हैं। बैकअप हुए गूगल फोटोज को करें डिलीट फोन में क्लिक की गई सभी फोटोज का गूगल फोटो ऑटोमैटिकली बैकअप ले लेता है। यह अच्छा भी है क्योंकि इससे यह पक्का हो जाता है कि आपके फोटो हमेशा सेफ रहेंगे और फोन खोने या बदलने की स्थिती में भी आप उन्हें ऐक्सेस कर सकेंगे। हालांकि, कई यूजर यह गलती करते हैं कि वे फोटो के बैकअप होने के बाद भी उसे डिवाइस पर सेव रखते हैं। ऐसा करने से फोन के स्टोरेज में कमी आती है। बेहतर होगा कि आप गूगल पर स्टोर हुए फोटोज को सिस्टम मेमरी से डिलीट कर दें। अगर आपको किसी कॉन्टेंट को तुरंत ऐक्सेस नहीं करना है तो आप गूगल फोटोज में दिए गए ‘Free up space’ ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा करने से सारे फोटो फोन से तो डिलीट हो जाएंगे लेकिन क्लाउड पर सेव रहेंगे। फालतू ऐप्स को करें डिलीट हम में कई ऐसे यूजर हैं जिन्हें फोन में ढेरों ऐप रखने की आदत होती है। इन ऐप्स की संख्या 100 तक भी हो सकती है। मजेदार बात यह है कि इनमें से आधे ऐप ऐसे होते हैं जिनकी जरूरत केवल इंस्टॉल किए जाने के वक्त होती है। वहीं, कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम महीनों से इस्तेमाल नहीं कर रहे। फोन के स्टोरेज के लिए अच्छा रहेगा कि इन फालतू ऐप्स की पहचान कर उसे डिलीट कर दिया जाए। डाउनलोड फाइल्स को करें डिलीट सभी स्मार्टफोन एक डाउनलोड फोल्डर के साथ आते हैं। इस फोल्डर को आमतौर पर माय फाइल्स में जाकर देखा जा सकता है। समय बीतने के साथ ही इसमें कई सारी डाउनलोड की हुई फाइलें सेव हो जाती है। इनमें से कुछ ही ऐसी होती होंगी जिनकी जरूरत डाउनलोड किए जाने के कुछ दिन बाद होती होगी। फोन के स्टोरेज का खाली करने के लिए बेहतर होगा कि उन फाइल्स को डिलीट कर दिया जाए जिसकी जरूरत न हो। जंक फाइल्स को हटाएं अगर ऊपर बताए गए तरीकों के बाद भी आपके फोन का स्टोरेज पूरा तरह फ्री नहीं हो रहा तो बेहतर होगा कि आप डिवाइस के जंक फाइल्स को डिलीट करें। जंक फाइल्स को डिलीट करने के लिए आप गूगल फाइल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। जंक फाइल्स वे फाइलें होती हैं जो न तो कैश में दिखती हैं और ना हीं डाउनलोड्स में। नजर न आने के बावजूद भी ये स्मार्टफोन के स्टोरेज को कम करने का काम करती हैं। गूगल फाइल्स फोन में मौजूद ड्यूप्लिकेट फाइल्स को डिटेक्ट कर लेता है और यूजर को बताता है कि कौन से ऐप ज्यादा स्टोरेज ले रहे हैं।  

पदाधिकारियों के लिए संगठन ने तय कर दी है गाइड लाइन, 40 वर्ष तक उम्र के कार्यकर्ता ही मंडल अध्यक्ष बनेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में संगठन चुनाव के तहत दिसंबर में भाजपा के मंडल और जिला अध्यक्ष बना दिए जाएंगे। चुनाव दो चरणों में होंगे। इसकी तैयारी के लिए बुधवार शाम प्रदेश कार्यालय में कार्यशाला आयोजित की जाएगी। पार्टी संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व की तय गाइडलाइन के तहत कार्ययोजना बनाई है। जिन पर आर्थिक और आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, ऐसे नेताओं को जिला और मंडल अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। ऐसे नेता संगठन चुनाव में ही हिस्सा नहीं ले सकेंगे। आयुसीमा तय वहीं, मंडल और जिला अध्यक्ष के लिए क्रमश: 40 और 60 वर्ष की आयु सीमा भी निर्धारित की गई है, यानी पार्टी युवा और वरिष्ठता दोनों ही श्रेणी के नेताओं को अवसर देगी। इसी तरह, अपने चहेतों को मंडल और जिला अध्यक्ष बनाने के लिए सांसद, विधायक या मंत्री की अनुशंसा भी नहीं चलेगी। इसको लेकर पार्टी संगठन ने पहले ही गाइड लाइन तय कर दी है। कार्यशाला में ये रहेंगे उपस्थित भाजपा के प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी ने बताया कि बुधवार को होने वाली कार्यशाला को पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, पार्टी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी डा. महेंद्र सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद संबोधित करेंगे। कार्यशाला में प्रदेश कोर कमेटी, पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, महापौर, नेता प्रतिपक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री, प्रदेश निर्वाचन टोली, प्रदेश सक्रिय सदस्यता टोली, जिला निर्वाचन टोली, बूथ प्रबंधन जिला प्रभारी उपस्थित रहेंगे। बूथ समितियों के गठन की सराहना वहीं, मप्र के भाजपा संगठन की बूथ समितियों के गठन की शीर्ष नेतृत्व ने सराहना की है। अब पार्टी का फोकस मंडल और जिला अध्यक्ष के संगठन चुनाव पर है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई बैठक में मिली गाइडलाइन के बाद प्रदेश संगठन ने यह कार्यशाला आयोजित की है। कार्यशाला के बाद पार्टी संगठन बुधनी और विजयपुर उपचुनाव को लेकर भी चर्चा करेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा हम विदेशी निवेश को मध्यप्रदेश की धरती पर आमंत्रित करने के लिए यहां आए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि हम विदेशी निवेश को मध्यप्रदेश की धरती पर आमंत्रित करने के लिए यहां आए हैं। अनेक उद्योगपतियों ने विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के लिए रूचि दर्शायी है। आईटी सेक्टर, शिक्षा, रिन्यूएबल एनर्जी, उद्योग, माइनिंग, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थ और सेमी कंडक्टर के क्षेत्र में निवेश के लिए उद्योगपति आगे आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति का मुख्य आधार वहां के उद्योग धंधे हैं। औद्योगिक दृष्टि से कौन कितना अधिक संपन्न है। यह उनकी इंडस्ट्रियल ग्रोथ बताती है, जितने अधिक उद्योग धंधे होंगे उतने अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने निवेशकों को प्रदेश में आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चाहे अमेरिका हो या जर्मनी हो उद्योग धंधे विकास का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंदन में स्थानीय मीडिया से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लंदन आकर अच्छा लगा यहां हमारे कई सारे भारतवंशी मित्रों के साथ मुलाकात हुई, जो कई साल पहले भारत से इंग्लैंड में आकर बस गए थे और यहां विभिन्न क्षेत्रों में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उनके साथ निवेश संबंधी संभावनाओं पर भी विचार किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर प्रवासी भारतीय भाई अपनी जड़ों से जुड़ने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी यूके यात्रा निवेश की दृष्टि से बहुत सार्थक रही है। इसके परिणाम हमें फरवरी-2025 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से सभी निवेशकों का मध्यप्रदेश में आत्मीय स्वागत है।  

शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि मैं अपने आप को कभी मुख्यमंत्री नहीं समझता हूं, मैं हमेशा अपने आपको कॉमन

मुंबई महाराष्ट्र में अगले मुख्यमंत्री को लेकर महायुति में खींचतान जारी है. इसी बीच शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने ऐलान किया कि मैं अपने आप को कभी मुख्यमंत्री नहीं समझता हूं. मैं हमेशा अपने आपको कॉमन मैन समझता हूं. शिंदे ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र को फोन किया था. मैंने उनसे कहा कि हमारी तरफ से मुख्यमंत्री को लेकर कोई अड़चन नहीं आएगी. हमारा पूरा सहयोग रहेगा. शिंदे के इस बयान के बाद अब माना जा रहा है कि बीजेपी देवेंद्र फडणवीस के नाम का ऐलान कर सकती है. दरअसल, महाराष्ट्र का चुनाव एकनाथ शिंदे के चेहरे पर लड़ा गया था. लेकिन बीजेपी को महायुति में सबसे ज्यादा 132 सीटें मिलीं तो सीएम को लेकर खींचतान जारी हो गई. आखिरकार अब एकनाथ शिंदे ने खुद ये ऐलान कर दिया है कि वह बीजेपी के हर फैसले को मानने के लिए तैयार हैं. ऐसे में अब सीएम के लिए चल रहा गतिरोध खत्म होता दिख रहा है.    एकनाथ शिंदे ने इस दौरान शाह और मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि बीजेपी और शाह-मोदी ने मेरा पूरा साथ दिया. वो चट्टान बनकर मेरे साथ खड़े रहे. मैंने पीएम मोदी को फोन करके कहा है कि हमारी तरफ से कोई दिक्कत नहीं है. आप जिसे भी सीएम के लिए चुनेंगे उसे मेरा सपोर्ट है. मैंने राज्य की बेहतरी के लिए काम किया इस दौरान शिंदे ने कहा कि मैंने हमेशा राज्य की बेहतरी के लिए काम किया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की लाडली बहनों का मैं लाडला भाई हूं. अभी बहुत काम करना है. मैंने ढाई साल में राज्य के लिए खूब काम किया है. आगे भी हम इसी रफ्तार से काम करेंगे.महायुति मजबूत है और हम सब मिलकर काम करने को तैयार हैं. एकनाथ शिंदे ने कहा कि हमने पिछले ढाई साल में लगातार काम किया है. मैं लाडली बहनो का लाडला भाई हूं. मैं हमेशा तत्पर रहता हूं. मैं आगे भी काम करने के लिए तैयार हूं. दरअसल, महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही नए मुख्यमंत्री को लेकर खींचतान जारी है. चाहे एकनाथ शिंदे हों, देवेंद्र फडणवीस हों या फिर अजित पवार… तीनों के ही समर्थक अपने नेता को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं. इसकी बानगी नतीजे वाले दिन भी देखने को मिली थी, जब तीनों नेताओं के समर्थकों ने खुलकर अपने लीडर को सीएम बनाने की मांग शुरू कर दी थी. बता दें कि एकनाथ शिंदे इस समय कार्यवाहक मुख्यमंत्री हैं. दिल्ली बुलाए गए महायुति के नेता शिंदे, फडणवीस और पवार को बुलाया गया दिल्ली बता दें कि शिवसेना एनसीपी के प्रमुख नेताओं और देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली बुलाया गया है. बीजेपी के हाईकमान ने कल प्रफुल्ल पटेल, अजीत पवार, देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के साथ अहम बैठक तय की है. बता दें कि महाराष्ट्र की 288 सीटों में से महायुति को 230 सीट मिली थी. बीजेपी ने 132 सीटों पर जीत हासिल की है. शिंदे, फडणवीस और पवार को बुलाया गया दिल्ली बता दें कि शिवसेना एनसीपी के प्रमुख नेताओं और देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली बुलाया गया है. बीजेपी के हाईकमान ने कल प्रफुल्ल पटेल, अजीत पवार, देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के साथ अहम बैठक तय की है. माना जा रहा है कि इस बैठक में महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं. इस मीटिंग में राज्य के मौजूदा सियासी हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है. इसके साथ ही बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजीत पवार गुट) के गठबंधन से जुड़े कुछ अहम मुद्दे भी उठ सकते हैं. सीएम पद को लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं: म्हस्के सीएम पद को लेकर कुछ देर पहले ही एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना के नेता नरेश म्हस्के का बयान आया. उन्होंने कहा कि सीएम पद को लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं है. सरकार दो दिनों में नहीं बनती है. प्रक्रिया चल रही है. जल्द ही सीएम के नाम का ऐलान हो जाएगा. महायुति के नेता फैसला कर लेंगे. हालांकि, हमने सीएम पद की मांग की है. जैसे बिहार में छोटी पार्टी को सीएम पद दिया गया है, वैसे ही हमने भी सीएम पद मांगा हैं. सभी हमारे नेता, सबका सम्मान है: केसरकर शिवसेना के एक और नेता दीपक केसरकर ने इस मुद्दे पर बयान दिया है. दीपक केसरकर ने कहा,’सभी हमारे नेता हैं. हम सभी का सम्मान करते हैं. ये महायुति गुट है. हम विधानसभा चुनाव महायुति के फॉर्मूले से जीते हैं. चेहरा पीएम मोदी का है. मोदी के नाम पर मेंडेट आया है. वहीं, देवेंद्र फडणवीस ने कहा,’तीनों पक्ष मिलकर सरकार बनाएंगे.’ जल्दबाजी के मूड में नहीं है BJP नेतृत्व कहा जा रहा है कि सत्तारूढ़ महायुति नए मुख्यमंत्री का चेहरा फाइनल नहीं कर पाई है. अलांयस के तीनों सहयोगी दलों में सत्ता का संतुलन बनाए रखने के लिए लगातार मंथन चल रहा है. बीजेपी के सूत्र बताते हैं कि अलायंस के नेता बड़ी जीत से उत्साहित हैं. इसलिए इस बार ज्यादा जल्दबाजी के मूड में नहीं हैं. बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि सरकार बनने के बाद किसी भी अलांयस में सबसे ज्यादा खींचतान हैवीवेट मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर होती है, इसलिए पहले पोर्टफोलियो फाइनल किए जाने चाहिए, उसके बाद सीएम फेस घोषित किया जाएगा. यानी एनडीए, पहले विवादों की जड़ें खत्म करना चाहता है, उसके बाद सरकार के चेहरे को उजागर करने का फैसला लिया गया है. क्या रहे चुनावी नतीजे राज्य में 20 नवंबर को हुए चुनाव में बीजेपी ने 132 सीटें, शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीटें जीतीं हैं. परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए गए थे.    

विश्वास का तरीका बदलना होगा तभी भगवान को जान पाएंगे

मेरे आसपास के सभी लोग भगवान को मानते हैं, इसलिए मैं भी भगवान को मानता हूं। सब भगवान में अटूट विश्वास रखते हैं, इसलिए मैं भी रखता हूं। सब मंदिर जाते हैं, इसलिए मैं भी जाता हूं। जो सब कह रहे होते हैं या फिर जो सब कर रहे होते हैं, उसमें आपकी खोज तो कुछ भी नहीं, इसमें तो कोई गहरी बात नहीं। जिसने भगवान को अनुभव किया, उसने भगवान में श्रद्धा और विश्वास रखा! यदि उसने भी भेड़चाल की तरह दूसरों के कहने में आकर बिना भगवान को अनुभव किए उनके प्रति श्रद्धा अनुभव की या विश्वास किया तो यह ज्ञान सहित विज्ञान नहीं। फिर यह केवल मान्यता है, और मान्यता दौड़ाती बहुत है, पहुंचाती कहीं भी नहीं। मानना और जानना, दोनों में बड़ा अंतर है। सब मानते हैं, इसलिए हम भी मानेंगे की प्रवृत्ति सही नहीं है। मानने से ऊपर उठकर हमें जानने में आना होगा। यदि हमने ईश्वर को दूसरों की देखा-देखी ही माना तो उनमें हमारा विश्वास आने-जाने वाला ही होगा। वह विश्वास हमेशा एक जैसा रहने वाला नहीं होगा। उस विश्वास में स्थायित्व की भावना का अभाव होगा। जब जीवन में सब ठीक चल रहा होता है तो मन में जो भी बनावटी विश्वास होते हैं, वे ठीक हैं और वे चल भी जाते हैं। लेकिन जब जीवन में परिस्थितियां उलटी-पुलटी हों, विपरीत हों, जो सोच कर चल रहे हों, वह हो ही न रहा हो तो उस समय यह जो ऊपर वाला विश्वास है, वह डगमगा जाएगा। इस ऊपर-ऊपर वाले विश्वास में कोई गहराई नहीं होती। इसकी सीधी वजह यह है कि यह विश्वास अनुभव के आधार पर नहीं होता, बल्कि सुनी-सुनाई बातों के कारण हो रहा होता है। वैसे भी जो देखा न जा सके, उसमें विश्वास करना कठिन ही होता है। लेकिन उस परमात्मा को अनुभव करने की शक्ति भी हमारे ही अंदर निहित है। हम सब में परमात्मा का निवास है। तो सबसे पहले अपने विश्वास को नए तरीके से स्थापित करना होगा। उसको अपने अनुभव के आधार पर नया जन्म देना होगा और यह तब होगा जब यह भाव पक्का होगा कि कोई शक्ति तो है जो सारे विश्व को बड़ी बारीकी से और व्यवस्थित तरीके से चला रही है। कोई तो ताकत है जो हमारे शरीर को निरंतर गति दे रही है। कोई तो है, जिससे मेरे सहित पूरा ब्रह्मांड चल रहा है। इस सार को अपने अंतरतम के भीतर उतर कर ही जाना जा सकता है। इसके लिए ध्यान है। ध्यान का अभ्यास अपने भीतर स्थित उसी ब्रह्म को जानने की प्रक्रिया है, जिससे हम चल रहे हैं, यह जगत चल रहा है। अपने अंदर उतरने के लिए हमें ध्यान करना होगा क्योंकि निरंतर ध्यान और प्रार्थना आपको उस शक्ति को अपने भीतर अनुभव करा देती है। तब किसी के कहने से विश्वास करने की जरूरत नहीं रह जाती है, बल्कि तब तो अपने अंदर खुद-ब-खुद विश्वास उत्पन्न हो जाता है! जब विश्वास अंदर से अनुभव के आधार पर जन्म लेता है तो भारी से भारी दुख हो या कितनी भी उलटी-पुलटी परिस्थितियां हों, वह सबमें अडिग बना रहता है। इसलिए पहला कार्य और सारी कोशिश अपने भीतर उतरने की होनी चाहिए। फिर जैसा अंदर की आवाज कहे, वैसा करो। फिर जो भी घटेगा वह उचित होगा और वही हमारी जीवन यात्रा में सहायक होगा।  

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केन्द्रों में किसानों के लिए समुचित व्यवस्थाएं

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के तहत किसानों के लिए बेहतरीन सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिले के 25 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी के लिए आधुनिक और सुविधाजनक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनकी किसानों ने सराहना की है। धान खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए बैठने की सुविधा, स्वच्छ पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा गया है। इसके अतिरिक्त, पारदर्शिता और सुगमता के लिए सीसीटीवी कैमरा, बायोमेट्रिक मशीन, और इलेक्ट्रॉनिक तराजू की व्यवस्था की गई है। इन तकनीकी उपायों ने  केवल प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है, बल्कि किसानों का समय भी बचाया है। धान बिक्री के बाद किसानों को उनकी राशि 72 घंटे के भीतर उनके खातों में जमा की जा रही है, जिससे किसानों में उत्साह और विश्वास का माहौल है। अब तक जिले के 25 उपार्जन केंद्रों में 12,927.20 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है।

वॉरेन बफे ने अरबों की संपत्ति का उत्तराधिकारी किया तय, दान दिए ₹10000Cr…

ओमाहा बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन और अमेरिकी व्यवसायी, निवेशक और परोपकारी वॉरेन बफे ने अपनी मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति का क्या होगा, इस बात की अब तक की सबसे बड़ी योजना खुद शेयर किया है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि वह अपनी चौंका देने वाली संपत्ति दान करना जारी रखेंगे। 94 वर्ष के बफे ने इस संबंध में लगभग 1,300 शब्दों का एक पत्र शेयरधारकों को लिखा  है। सीएनएन की खबर के मुताबिक, पत्र में चर्चा करते हुए उन्होंने मृत्यु की प्रकृति पर विचार किया, जिसमें उन्होंने उल्लेख किया कि कैसे उन्हें एक बार उम्मीद थी कि उनकी दिवंगत पहली पत्नी उनसे अधिक जीवित रहेंगी और यह तय करेंगी कि उनकी संपत्ति को कैसे वितरित किया जाए। कंपनी ने एक बयान में बताया कि 94 वर्षीय निवेशक 1,600 बर्कशायर की क्लास ए शेयरों को 24 लाख क्लास बी शेयरों में बदलेंगे. इसके बाद वे उन शेयरों में से 15 लाख शेयर अपनी दिवंगत पत्नी के नाम पर बनी सुसान थॉम्पसन बफेट फाउंडेशन को देंगे और 3 लाख शेयर अपने बच्चों की फाउंडेशनों, शेरवुड फाउंडेशन, हावर्ड जी. बफेट फाउंडेशन और नोवो फाउंडेशन को देंगे. 2010 में बफे ने अपने दोस्तों बिल गेट्स और मेलिंडा फ्रेंच गेट्स के साथ मिलकर ‘गिविंग प्लेज’ की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने कहा कि वे अपनी संपत्ति या तो अपने जीवनकाल में या अपनी मौत के बाद दान कर देंगे. 4 साल पहले उन्होंने गेट्स फाउंडेशन और अपने बच्चों से जुड़ी फाउंडेशनों को बड़े पैमाने पर दान देना शुरू कर दिया था. नहीं बताई उत्तराधिकारी की पहचान अमेरिकी अरबपति ने यह फैसला कर लिया है उनकी मौत के बाद उनकी संपत्ति का उत्तराधिकारी कौन होगा. हालांकि उन्होंने उत्तराधिकारी पहचान नहीं बताई है. उन्होंने कहा कि मेरे बच्चे इस बारे में जानते हैं और उनसे सहमत हैं. दिग्गज निवेशक ने कहा कि उन्हें अभी भी अपने परिवार में वंशवादी संपत्ति बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं है. बता दें कि बफे के 3 बच्चे हैं- सूसी, हॉवर्ड और पीटर. 150.2 अरब डॉलर के मालिक हैं वॉरेन बफे ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, वॉरेन बफे की कुल संपत्ति 150.2 अरब डॉलर है, जिससे वह दुनिया के सातवें सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं. समार्ट इंवेस्टमेंट के लिए जाने जाते है बफे बफे समय के साथ इतनी बड़ी संपत्ति बनाने के रहस्य, चक्रवृद्धि ब्याज की शक्ति और बर्कशायर समूह की स्थिर वृद्धि के लिए जाने जाते हैं। बफे कई कंपनियों के अधिग्रहणों और अरबों डॉलर के एप्पल शेयर खरीदने जैसे स्मार्ट निवेशों के माध्यम से अपनी संपत्ति को बढ़ाने की बात करते रहे हैं। बफे ने वर्षों से अपने बर्कशायर के किसी भी शेयर को नहीं बेचा और धन के मोह का भी विरोध किया और कभी भी ज्यादा लिप्त नहीं हुए। वहीं, वो बरसो से अपने पुराने ओमाहा घर में रहना पसंद करते हैं, जिसे उन्होंने दशकों पहले खरीदा था और हर दिन लगभग 20 ब्लॉक काम करने के लिए समझदार लक्जरी सेडान चलाते हैं। बिल गेट्स के फाउंडेशन को कई बिलियन किए दान वॉरेन बफे ने अब तक बिल गेट्स के गेट्स फाउंडेशन को 55 बिलियन अमेरिकी डॉलर के स्टॉक दान किए हैं, क्योंकि उनके मित्र बिल गेट्स ने पहले से ही अपना फाउंडेशन स्थापित कर रखा था। बफे बर्कशायर हैथवे के अध्यक्ष और सीईओ के रूप में काम करते हैं और सेवानिवृत्त होने की उनकी कोई योजना नहीं है। हालांकि उन्होंने समूह की दर्जनों कंपनियों के लिए दिन-प्रतिदिन के अधिकांश प्रबंध कर्तव्यों को दूसरों को सौंप दिया है।

कवर्धा में नेशनल हाईवे 30 पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पेड़ से टकराई, 4 युवक घायल

कवर्धा छत्तीसगढ़ में एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहां कवर्धा जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे 30 पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो (कार) बेकाबू हो गई। इसके बाद वह सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। इस भीषण हादसे में स्कॉर्पियो सवार 4 युवक घायल हो गए, इनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, स्कॉर्पियो सवार चारों युवक बोडला थाना क्षेत्र के ग्राम खरिया के रहने वाले थे और सभी रानीदहरा वाटरफॉल घूमने के लिए निकले थे। तभी बैरख के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित हो गई और कार पेड़ से जा टकराई। घटना की सूचना के बाद राहगीरों की मदद से पुलिस घायलों को आनन-फानन में अस्पताल ले गई, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए कवर्धा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। बोडला पुलिस की टीम मामले की जांच में जुट गई है।

सार्वजनिक निर्माण कार्यों को जल्द मंजूरी की मांग, राजस्थान-उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी मिलीं केंद्रीय मंत्रियों से

जयपुर। राजस्थान की उप मुख्यमंत्री  दिया कुमारी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से मुलाकात की।  उप मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर उन्हें अवगत करवाया कि राजस्थान में सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं पर्यटन विभाग से संबंधित विभिन्न कार्यों के संपादन के लिए आवश्यक पर्यावरण स्वीकृति हेतु केंद्र सरकार को भिजवाए गए प्रस्तावों पर शीघ्र कार्यवाही करते हुए स्वीकृति दिलवाने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री श्री यादव ने जल्द त्वरित कार्यवाही के लिए आश्वस्त किया। उप मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ही केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्ण देवी से मुलाकात कर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से संबंधित राज्य सरकार की विभिन्न मांगों एवं विषयों पर सार्थक चर्चा की। केंद्रीय मंत्री द्वारा केंद्र सरकार द्वारा संपूर्ण सहयोग के लिए आश्वस्त किया गया।

दिल्ली विधानसभा चुनाव की हलचल तेज, कांग्रेस ने पूर्व मंत्री प्रियवत सिंह को चुनाव में वार रूम का अध्यक्ष नियुक्त किया

भोपाल दिल्ली विधानसभा चुनाव की हलचल तेज हो गई है. एक तरफ आम आदमी पार्टी ने चुनाव का ऐलान होने से पहले ही अपने कुछ प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है तो अब कांग्रेस भी चुनावी मोड में आ गई है. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश एक पूर्व मंत्री को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अहम जिम्मेदारी सौंपी है, पार्टी ने उन्हें इलेक्शन में वार रूम का अध्यक्ष बनाया है. माना जा रहा है कि कांग्रेस भी इस बार दिल्ली विधानसभा के लिए जल्द ही अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर सकती है. हालांकि अभी चुनाव आयोग की तरफ से विधानसभा चुनाव को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है. कांग्रेस ने प्रियव्रत सिंह को सौंपी जिम्मेदारी दरअसल, कांग्रेस ने पूर्व मंत्री प्रियवत सिंह को दिल्ली विधानसभा चुनाव में वार रूम का अध्यक्ष नियुक्त किया. कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल की तरफ से यह आदेश जारी किया गया है. प्रियव्रत सिंह को राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह का करीबी माना जाता है, प्रियव्रत सिंह जल्द ही दिल्ली पहुंचकर वॉर रूम की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं. माना जा रहा है कि उनके अलावा पार्टी एमपी कांग्रेस के कई और नेताओं को भी दिल्ली विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारियां सौंप सकते हैं. कमलनाथ सरकार में मंत्री रह चुके हैं प्रियव्रत सिंह प्रियव्रत सिंह 15 महीने की कमलनाथ सरकार में मंत्री रह चुके हैं. वह राजगढ़ जिले की खिलचीपुर विधानसभा सीट से तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं. हालांकि 2023 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. प्रियव्रत सिंह मध्य प्रदेश में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के अलावा संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. ऐसे में कांग्रेस ने अब उन्हें दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है. फरवरी में हो सकते हैं दिल्ली विधानसभा चुनाव वहीं बात अगर दिल्ली विधानसभा चुनाव की जाए तो यहां चुनाव अगले साल फरवरी में हो सकते हैं. क्योंकि 2020 में चुनाव की घोषणा 6 जनवरी को हुई थी, जबकि फरवरी के महीने में वोटिंग और रिजल्ट आया था. ऐसे में माना जा रहा है कि विधानसभा का कार्यकाल होने तक फरवरी में ही चुनाव की घोषणा हो सकती है. दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार भी मुकाबला त्रिकोणीय देखने को मिल सकता है, जहां सत्ताधारी आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी फाइट होगी. 

शिवपुरी की घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए सख्त कार्यवाही के निर्देश

शिवपुरी की घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए सख्त कार्यवाही के निर्देश 8 आरोपी हिरासत में, मृतक के परिजन को 4 लाख की सहायता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवपुरी जिले के ग्राम इंदरगढ़ में नल कनेक्शन को लेकर दो पक्षों में हुए आपसी विवाद में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। घटना में मृतक विष्णु जाटव के परिजन को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को घटना स्थल पर पहुँच कर पीड़ित परिवार से मुलाकात के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा। मध्यप्रदेश में क्रूरता एवं अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं है। उल्लेखनीय है कि शिवपुरी जिले के ग्राम इंदरगढ़ में दो पक्षों में नल कलेक्शन को लेकर हुए विवाद में विष्णु जाटव को गंभीर चोटें आई थीं, जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। पुलिस द्वारा कार्रवाई में 8 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।  

विद्यार्थियों को दिलाई शपथ, राजस्थान-जयपुर में संविधान दिवस निकाली रैलियां

जयपुर। संविधान दिवस के अवसर पर मंगलवार को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार राजस्थान के सभी 36 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुख्यालय व 181 तालुका विधिक सेवा समिति द्वारा जिला व तालुका स्तर पर विभिन्न विद्यालय, महाविद्यालय पर विद्यार्थियों को संविधान की पालना की शपथ दिलाई गई एवं विधिक जागरूकता रैलियां निकलायी गई एवं उपस्थित लाभार्थियों को संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों, मूल अधिकारों, नीति निर्देशक तत्वों के बारें मेें जानकारी दी गई। राजस्थान के विभिन्न कारागृहों में भी विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव ने बताया ​कि संविधान दिवस के अवसर पर मौलिक कर्तव्य, मूल अधिकारों, नीति निर्देशक तत्वों, शिक्षा का अधिकार के बारे में विधिक जागरूकता कार्यक्रम में विस्तार से जानकारी दी गई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं व निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर स्कीम, नालसा पोर्टल, नालसा हेल्पलाईन तथा कार्यस्थल पर महिलाओं का लैगिंक उत्पीड़न अधिनियम, वरिष्ठ नागरिकों का अधिकार एवं परिवार में उनकी भूमिका, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या जैसे विषयों तथा लोक अदालत प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। इसके साथ ही राज्य के समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुख्यालय व तालुका विधिक सेवा समिति द्वारा जिला व तालुका स्तर पर संविधान दिवस के अवसर पर 29 सेमीनार, 563 विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर एवं 30 रैलियों का आयोजन कर 62 हजार से ज्यादा व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया।

रेलवे में 7000 से ज्यादा पदों पर निकली है भर्ती, नौकरी पाने का सुनहरा मौका, लास्ट डेट नजदीक, जल्द करें अप्लाई

नईदिल्ली रेलवे में सरकारी नौकरी पाने का आखिरी मौका है। उत्तर पश्चिमी रेलवे में 1500 से ज्यादा अप्रेंटिस के विभिन्न पदों पर भर्तियां निकाली हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 10 नवंबर 2024 से जारी है और आवेदन करने की लास्ट डेट 10 दिसंबर 2024 है। इच्छुक उम्मीदवार आरआरसी जयपुर (RRC Jaipur) की ऑफिशियल वेबसाइट rrcjaipur.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा उत्तर सीमांत रेलवे (North Frontier Railway) ने भी 5000 से ज्यादा अप्रेंटिस पदों पर भी भर्ती निकाली है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 3 दिसंबर 2024 तक ऑनलाइन ऑफिशियल वेबसाइट nfr.indianrailways.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले ऑफ़िशियल नोटिफिकेशन देखने की सलाह दी जाती है। ट्रेनिंग की अवधि 1 वर्ष होगी। कुल पद: 1,791 पदों का विवरण     डीआरएम कार्यालय, अजमेर: 440 पद     डीआरएम कार्यालय, बीकानेर: 482 पद     डीआरएम कार्यालय, जयपुर: 532 पद     डीआरएम कार्यालय, जोधपुर: 67 पद     बीटीसी कैरिज, अजमेर: 99 पद     बीटीसी लोको, अजमेर: 69 पद     कैरिज वर्कशॉप, बीकानेर: 32 पद     कैरिज वर्कशॉप, जोधपुर: 70 पद आयु सीमा: उम्मीदवार की आयु 10.12.2024 तक 15 वर्ष पूरी हो जानी चाहिए तथा 24 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। योग्यता:     अभ्यर्थी को मान्यता प्राप्त बोर्ड से कुल मिलाकर न्यूनतम 50% अंकों (कोई पूर्णांकन नहीं किया जाएगा) के साथ 10वीं कक्षा की परीक्षा या इसके समकक्ष (10+2 परीक्षा प्रणाली के अंतर्गत) उत्तीर्ण होना चाहिए।     उम्मीदवार के पास राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीटी)/राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) द्वारा जारी अधिसूचित ट्रेड में राष्ट्रीय ट्रेड प्रमाणपत्र भी होना चाहिए। चयन प्रक्रिया : योग्य उम्मीदवारों का चयन तैयार की गई मेरिट सूची के आधार पर होगा। इस उद्देश्य के लिए मेरिट सूची मैट्रिकुलेशन में अंकों के प्रतिशत (न्यूनतम 50% कुल अंकों के साथ) + उस ट्रेड में आईटीआई अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी, जिसमें अपरेंटिसशिप की जानी है। पैनल मैट्रिकुलेशन और आईटीआई में अंकों के साधारण औसत के आधार पर होगा। आवेदन शुल्क : सभी उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये है। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग व्यक्ति (PwBD), महिला श्रेणी के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के भुगतान से छूट दी गई है। कुल पद : 5647 पदों का विवरण     कटिहार और तिंधरिया वर्कशॉप में 812     अलीपुरद्वार में 12413     रंगिया में 435     लमडिंग में 950     तिनसुकिया में 580     न्यू बोंगाईगांव वर्कशॉप और इंजीनियरिंग वर्कशॉप में 980     डिब्रूगढ़ वर्कशॉप में 814 और एनएफआर हेडक्वाटर में 661 आयुसीमा: उम्मीदवारों की न्यूनतम उम्र 15 वर्ष और अधिकतम 24 वर्ष होनी चाहिए। उम्र की गणना 3 दिसंबर 2024 के आधार पर की जाएगी। एससी/एसटी उम्मीदवारों को 5 वर्ष, ओबीसी को 3 वर्ष और पीडब्ल्यूडी कैटेगरी के उम्मीदवारों को 10 वर्ष की छूट आयु सीमा में दी जाएगी। योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ होना जरूरी है। साथ ही संबंधित ट्रेड में आईटीआई सर्टिफिकेट भी होना चाहिए। मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन पैथोलॉजी और रिडियोलॉजी के लिए 12वीं पास योग्यता मांगी गई हैं। योग्यता संबंधित जानकारी अभ्यर्थी विस्तार से भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन से चेक कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया:  इन पदों पर उम्मीदवारों का चयन बिना किसी परीक्षा के सीधे मेरिट बेस पर किया जाएगा। स्टाइपेंड: चयनित उम्मीदवारों को निर्धारित नियमों के तहत स्टाइपेंड दिया जाएगा। आवेदन शुल्क- सामान्य और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को आवेदन के दौरान 100 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। वहीं एससी, एसटी और महिला अभ्यर्थियों के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं रखा गया है।

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