LATEST NEWS

धान खरीदी के मुद्दे पर लगातार झूठ बोलकर कांग्रेस किसानों को गुमराह करने और अराजकता फैलाने में लगी है : किरण सिंह देव

रायपुर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने धान खरीदी के मुद्दे पर लगातार झूठ फैलाने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पर जमकर निशाना साधा है। श्री देव ने कहा कि बैज समेत सभी कांग्रेस नेता धान खरीदी के मुद्दे पर लगातार झूठ बोलकर प्रदेश के किसानों को गुमराह करने और प्रदेश में येन-केन-प्रकारेण अराजकता फैलाने के टूलकिट एजेंडा पर चल रहे हैं। भाजपा प्रदेशअध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि सत्ता के लिए बौखलाती कांग्रेस ने पहले महतारी वंदन योजना को लेकर लगातार झूठ बोला। जब भाजपा सरकार ने तथ्यों के साथ कांग्रेस के झूठ की धज्जियाँ उड़ाई तो अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर नया टूलकिटिया एजेंडा चलाया। जब कांग्रेस के लोग ही अमूमन हर बड़े अपराध में संलिप्त पाए जाकर बेनकाब होने लगे, कानून के शिकंजे में जब खुद कांग्रेसी या उनके करीबी आने लगे तब अपने ही बुने षड्यंत्रों के जाल में फँसकर कांग्रेस छटपटाने लगी। महतारी वंदन और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर मुँह की खाने के बाद भी कांग्रेस अपनी ओछी और साजिशाना राजनीति से बाज नहीं आ रही है और अब वह धान खरीदी के मुद्दे पर फिर झूठ की राजनीति करने पर आमादा है। श्री देव ने कहा कि धान खरीदी को लेकर किसी भी बिंदु पर प्रदेश की भाजपा सरकार पर उंगली उठाने का नैतिक अधिकार कांग्रेस को नहीं रह गया है। कांग्रेस को कोई भी आक्षेप लगाने से पहले अपने गिरेबाँ में झाँकना चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि कांग्रेस ने वादाखिलाफी करके अपने 5 वर्ष के कार्यकाल में लगातार किसानों को प्रताड़ित करने का काम किया। किसानों को इन 5 वर्षों में धान बेचने के लिए सोसाइटियों में बारदाने की समस्या से लगातार जूझना पड़ा। भूपेश बघेल की सरकार ने किसानों को कभी गिरदावरी के नाम पर कटौती कर किसानों को परेशान किया तो कभी बारदाने नहीं है, कहकर किसानों को बारदाने खरीदने के लिए कहा और बाहर से बारदाने लाने का पैसा स्वयं देने का भी वादा किया लेकिन आज तक उन किसानों को बारदाने के पैसे का भुगतान नहीं किया गया। श्री देव  ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के किसानों को लगातार 5 वर्षों तक धान खरीदी का पैसा हमेशा किश्तों में दिया जाता था। कभी भी किसानों को उनकी उपज का एकमुश्त भुगतान पिछली भूपेश सरकार ने नहीं किया जिसकी वजह से किसान  कोई बड़ा काम नहीं कर पाता था। श्री देव ने कहा कि आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी कर रही है और 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान का भुगतान किसानों को एकमुश्त किया जा रहा है जिससे आज प्रदेश का किसान खुशहाल है।

उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विजयी उम्मीदवारों को शपथ दिलाई, मोदी-योगी के नेतृत्व पर जताई निष्ठा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और प्रभावी रणनीति के चलते उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकदल ने उपचुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 में से 7 सीटों पर जीत हासिल की। इसके बाद शुक्रवार को विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सभी विजयी उम्मीदवारों को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे प्रदेश के विकास और जनता की आस्था की जीत बताया। जिन नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ली उनमें कुंदरकी से रामवीर सिंह, फूलपुर से दीपक पटेल, खैर से सुरेंद्र सिंह, गाजियाबाद से संजीव शर्मा, कटेहरी से धर्मराज निषाद, मझवां से सुचिस्मिता मौर्य और मीरापुर से रालोद की मिथलेश पाल शामिल हैं। इन सभी उम्मीदवारों ने जनता के विश्वास और समर्थन का धन्यवाद करते हुए अपने क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। सभी ने एक स्वर में ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प को दोहराया, साथ ही मोदी-योगी के नेतृत्व के प्रति अपनी निष्ठा जताई। शपथ ग्रहण समारोह के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नवनिर्वाचित सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का सदस्य होना गौरव की बात है। जनता की सेवा का अवसर आपको मिला है। मुख्यमंत्री के कार्यों को लेकर अगर जनता के बीच में जाएं तो हर बार जीत आपको मिलेगी। आपके पास ढाई साल का समय है, उसे जनता के बीच ज्यादा से ज्यादा व्यतीत करें। इसके साथ ही आपकी उपस्थिति विधानसभा में भी दिखनी चाहिए। यहां आपकी परफॉर्मेंस ही जनता के बीच आपकी सक्रियता के संदेश के रूप में जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री द्वय केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना सहित कई विधायक मौजूद रहे। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास और पारदर्शी प्रशासन पर जोर दिया गया है। उनकी सरकार की जनहितकारी योजनाओं जैसे उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व सड़क परियोजनाओं ने लोगों का विश्वास मजबूत किया है। इसके अलावा, प्रदेश में अपराध नियंत्रण और धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार जैसे कदमों ने योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता को और बढ़ावा दिया है। परिणामस्वरूप यूपी विधानसभा उप चुनाव में भाजपा और सहयोगी दल रालोद के शानदार प्रदर्शन ने पार्टी के उत्साह में गजब का इजाफा किया है। वहीं, उपचुनाव में समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के तमाम दावे ध्वस्त हो गए। गठबंधन की तमाम कोशिशों और बड़े बड़े दावों के बावजूद, विपक्षी दल अपनी साख बचाने में नाकाम रहे। भाजपा और सहयोगी दलों की इस जीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता का भरोसा योगी सरकार पर कायम है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भाजपा ने प्रदेश में अपनी मजबूत स्थिति का प्रमाण दिया है।

कोलकाता में सड़कें जाम रहीं, बांग्लादेश में चल रहे संकट के खिलाफ हिंदू सड़कों पर, मुसलमान भी कर रहे हैं विरोध

कोलकाता पश्चिम बंगल की राजधानी कोलकाता में सड़कें जाम रहीं। हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों ने बांग्लादेश में चल रहे संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया, वहीं मुस्लिम संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में प्रदर्शन किया। पश्चिम बंगाल स्टेट जमीयत-उल-उलमा की तरफ से विरोध में एक सभा आयोजित की गई। शहर के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग इस विरोध में शामिल हुए। उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ आवाज उठाई और साथ ही एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य की भी मांग की। इस सभा को जमीयत-उल-उलमा पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष और राज्य के जन शिक्षा विस्तार व पुस्तकालय सेवा मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा, “भारत का संविधान हर नागरिक को स्वतंत्रता प्रदान करता है। यदि कोई संविधान में छेड़छाड़ करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ विरोध होगा। वक्फ संशोधन विधेयक के माध्यम से सरकार ने सीधे संविधान पर हमला किया है। यह मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को छीनने और वक्फ संपत्तियों को नष्ट करने की साजिश है।” हिंदू संगठनों का प्रदर्शन वहीं दूसरी ओर हिंदू संगठनों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे कथित अत्याचारों पर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ा रुख अपनाने की मांग की। कोलकाता में यातायात व्यवस्था चरमराई इन दोनों बड़े प्रदर्शनों के चलते कोलकाता की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शहर के महत्वपूर्ण मार्गों पर जाम लगा रहा और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सरकार के खिलाफ बढ़ता विरोध मुस्लिम संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि वक्फ संशोधन विधेयक वापस नहीं लिया गया, तो राज्यभर में व्यापक प्रदर्शन किए जाएंगे। दूसरी ओर, हिंदू संगठनों ने भी बांग्लादेश के मामले पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। राजनीतिक हलकों में इन प्रदर्शनों को लेकर चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ बंगाल में विरोध की यह लहर और तेज हो सकती है।

प्रदेश के चर्चित हनीट्रैप कांड का खुलासा करने वाले नगर निगम के निलंबित इंजीनियर हरभजन सिंह की मौत

इंदौर दो साल पहले मध्य प्रदेश के चर्चित हनीट्रैप कांड के फरियादी रहे इंदौर नगर निगम के पूर्व सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह की रीवा में मौत हो गई। उनका शव रीवा स्थित उनके पैतृक निवास के कमरे में मिला। उनकी मौत संभवत: दिल का दौरा पड़ने से हुई। पड़ोसियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हरभजन सिंह की पत्नी अपने बेटे के साथ दूसरे शहर में रहती हैं। उन्हें भी सूचना दे दी गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, ताकि मौत के कारणों का खुलासा हो सके। बता दें, हरभजन सिंह की शिकायत पर प्रदेश के चर्चित हनीट्रैप कांड का खुलासा इंदौर पुलिस ने किया था। मामले में चार महिलाएं गिरफ्तार हुई थीं। हरभजन ने शिकायत में कहा था कि महिलाएं उन्हें वीडियो रिकॉर्डिंग के नाम पर ब्लैक मेल कर रही हैं। बाद में पुलिस ने भोपाल और इंदौर से चार महिलाओं को गिरफ्तार किया था। एक महिला ने दुष्कर्म की शिकायत की थी बाद में एक आरोपी महिला ने हरभजन सिंह के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत की थी। इसके बाद हरभजन पर भी पुलिस ने केस दर्ज कर दिया था। इसके बाद हरभजन को निलंबित कर दिया था और उनका मुख्यालय रीवा कर दिया गया। निलंबन के कुछ दिनों तक हरभजन सिंह इंदौर में ग्रेटर कैलाश मार्ग पर रहे। फिर वे रीवा स्थित अपने पैतृक निवास पर रहने चले गए थे। मध्य प्रदेश के हनीट्रैप कांड क्या था क्या है सीडी कांड महिला ने नौकरी दिलाने के बहाने एक 18 साल की छात्रा से इंजीनियर की दोस्ती करवा दी। इसके बाद फिर होटल में छात्रा ने मोबाइल फोन से इंजीनियर और महिला के सेक्स वीडियो बना लिया। वीडियो बनाने के बाद छात्रा, ने महिला और इंजीनियर को ब्लैकमेल किया। यह सिलसिला 8 महीने चला। परेशान इंजीनियर पुलिस के पास चला गया। पुलिस ने इंजीनियर से फोन करवाया और महिला को 50 लाख रुपये लेने इंदौर बुलाया। 17 अक्टूबर 2019 को महिला कार में छात्रा के साथ पहुंची। वहीं, पुलिस ने इन्हें पकड़ लिया। पुलिस के आगे महिलाएं टूट गई और भोपाल की कुछ अन्य युवतियों के नाम उगल दिया। इंदौर एटीएस की टीम भोपाल पहुंची और भोपाल पुलिस की मदद से मिनाल रेसीडेंसी, रेवेरा टाउनशिप, कोटरा से तीन अलग-अलग महिलाओं को हिरासत में लिया। इन महिलाओं के नाम 29 वर्षीय आरती दयाल, श्वेता स्वपनिल जैन, श्वेता विजय जैन। यही मुख्य किरदार थीं। 18 अक्टूबर को 6 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। मामले में पांच महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया था। जो हनीट्रैप के जरिए अधिकारी, नेता, कारोबारी और रसूखदारों को फंसा कर उनसे मोटी रकम ऐंठते थे। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी कई पुलिस अफसरों को तबादला भी किया गया। कमलनाथ सरकार ने अपने पसंद के अधिकारियों से गोपनीय जांच कराई। किसकी-किसकी सेक्स सीडी? कई रसूखदारों हुए बेपर्दा हनीट्रैप गैंग ने ब्लैकमेलिंग करके करोड़ों रुपए जमा किए। इनके पास 100 से अधिक सेक्स वीडियो मिले। जिनमें 20 से ज्यादा IAS, IPS अफसरों के साथ नेताओं के भी वीडियो हैं। इन महिलाओं ने एक पूर्व मुख्यमंत्री, दो मंत्री, तीन पूर्व मंत्री, एक पूर्व सांसद, 14 IAS अफसर, 9 IPS अफसरों को अपना शिकार बनाया है। हालांकि इनमें से एक—दो नेताओं और दो अफसरों के वीडियो ही लीक हुए। वीडियो किसके पास? समय बीतने के साथ मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिर गई। शिवराज पुन: सरकार में आए। भाजपा नेता लगातार आरोप लगाते हैं कि कमलनाथ ने सेक्स सीडी और अश्लील वीडियो की सीडी खुद के पास सुरक्षित रखी है। जबकि कमलनाथ ने इसे महज झूठा आरोप करार दिया। एक सांसद ने की थी आत्महत्या की कोशिश अश्लील सीडी में अपना वीडियो देखकर एक पूर्व सांसद सदमे में आ गये थे। बाद में पार्टी ने उनका टिकट की काट दिया। एक पूर्व मंत्री का वीडियो भी वायरल हुआ था, बाद में कोरोना में उनका देहांत हो गया। एक पूर्व मुख्यमंत्री भी लपेटे में आए थे, जिनका देहांत हो चुका है। मंत्रियों के संपर्क में ऐसे आई महिला महिला भोपाल के बेहद पॉश इलाके रिवेरा टाउन में रहती थी। वह रसूख झाड़ने के लिए एक विधायक के घर में 35 हजार रुपये महीने के किराये पर रहती थी। इस कॉलोनी में पूर्व मंत्रियों और तत्कालीन कमलनाथ सरकार के मंत्री और विधायकों के भी घर हैं। महिला यहीं से साजिश रचती थी। इसलिए नेता उसके जाल में आसानी से फंस गए। जिस बंगल मे ये महिला रहती थी, उसे एक पूर्व मुख्यमंत्री ने उसे दिलवाया था। ब्लेकमैलर महिला साल 2013 में ही एक बड़ी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहती थी। लेकिन विधानसभा चुनाव से ऐन पहले खुद के ड्राइवर के साथ ही उसका एक अश्लील वीडियो भी वायरल हो गया। यहीं से उसका सपना चौपट हो गया। क्या कमल नाथ के पास वीडियो हैं? सरकार से बाहर होने के बाद एक बार कमल नाथ ने हनी ट्रैप की पेन ड्राइव अपने पास होने का दावा किया था। इस दावे के बाद एसआईटी सक्रिय हो गई थी एसआईटी ने कमल नाथ को नोटिस देकर जांच में सहयोग देने की अपील की थी और पैन ड्राइव भी मांगी थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। बाद में कमल नाथ ने कहा था कि भाजपा ओछी राजनीति कर रही है, मेरे पास कोई पैन ड्राइव नहीं है। कई बार भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि कमलनाथ के पास एक पैन ड्राइव है, जिसमें कई दिग्गज नेताओं के सेक्स वीडियो हैं। भाजपा ने क्यों नहीं कराई जांच प्रदेश में भाजपा की सरकार के आने के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। ऐसा दावा किया जाता है कि इस सेक्स सीडी में अधिकतर वीडियो भाजपा नेताओं के हैं, इसलिए भाजपा सरकार जांच आगे नहीं बढ़वा रही है। वर्तमान में कांग्रेस के मीडिया विभाग के चैयरमैन और तत्कालीन कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा था कि हनी ट्रैप से संबंधित सभी दस्तावेज़ सरकार के पास हैं। इस मामले में सभी नेता भाजपा के हैं और अगर सरकार चाहती है उनका शिकार करना तो सही समय में इसे कांग्रेस द्वारा सामने ला दिया जाएगा। वीडी शर्मा ने उठाया था सवाल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और खजुराहो सांसद वीडी … Read more

चीन में मिला दुनिया का सबसे बड़ा सोने का खदान, कीमत भारत की जीडीपी से भी ज्यादा!, खोज की पुष्टि हुई

चीन चीन में दुनिया का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार मिला है। खबरों के मुताबिक मध्य चीन में एक विशाल सोने भंडार में 1,000 मीट्रिक टन उच्च गुणवत्ता वाला सोना होने का अनुमान है। हुनान प्रांत के खनिज वैज्ञानिकों ने इलाके के पिंगजियांग काउंटी में इस खोज की पुष्टि की है। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार इस भंडार की कीमत 600 बिलियन युआन यानी लगभग 6,91,473 करोड़ रुपये है। दिलचस्प है कि यह भारत की जीडीपी से दोगुना ज्यादा राशि है। अनुमानित मूल्य के हिसाब से यह दुनिया का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार हो सकता है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के साउथ डीप माइन में पाए गए 930 मीट्रिक टन को सबसे बड़ा खदान माना जाता था। शुरुआती खोज में 2 किलोमीटर की गहराई में खरे सोने से भरी 40 शिराएं मिली थी जिनमें लगभग 300 मीट्रिक टन सोना है। इसके बाद आगे की जांच की गई। 3डी मॉडलिंग से पता चलता है कि और गहराई पर जाएं तक अतिरिक्त भंडार मौजूद हैं। जमीन के लगभग 3 किलोमीटर नीचे तक सोना मौजूद है। इस खोज का चीन के सोने के उद्योग पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, “कई ड्रिल किए गए रॉक कोर में भारी मात्रा में सोना दिखाई दिया।” उन्होंने कहा कि 2,000 मीटर की रेंज में एक टन अयस्क में अधिकतम 138 ग्राम सोना होता है। अधिकारी ने कहा कि वांगू गोल्ड फील्ड में 3डी मॉडलिंग जैसी नई तकनीकों का उपयोग किया गया था। दुनिया के कुछ प्रमुख सोने की खादों की बात करे तो इनमें दक्षिण अफ्रीका का साउथ डीप गोल्ड माइन इंडोनेशिया का ग्रासबर्ग गोल्ड माइन, रूस का ओलंपियाडा गोल्ड माइन, दक्षिण अफ्रीका का मपोनेंग गोल्ड माइन शामिल हैं।

रास्ते पर गोबर करने पर भैंस के ऊपर नगर निगम की कार्यवाही, मालिक को 9000 रुपए का जुर्माना भरना पड़ा

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक भैंस के गोबर करने पर मालिक को 9000 रुपए का जुर्माना भरना पड़ा है। नगर निगम की टीम ने रास्ते पर गोबर पाए जाने पर भैंस को जब्त कर लिया। बाद में 9000 रुपए का जुर्माना चुकाने के बाद मालिक को भैंस लौटाई गई। दरअसल, ग्वालियर में स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शहर में कई जगह पशुपालक रास्तों और सार्वजनिक जगहों पर पशु बांध देते हैं। इसको लेकर उन्हें सचेत किया गया है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को सिरौल रोड के पास रास्ते पर एक भैंस पाई गई, जिसने वहां गोबर भी कर दिया। नगर निगम की टीम ने रास्ते पर गोबर होने की वजह से भैंस को जब्त कर लिया गया। बाद में मालिक नंदकिशोर से जुर्माना वसूल किया गया। जुर्माना वसूल किए जाने के बाद ही उसे भैंस वापस किया गया। इससे पहले भी ग्वालियर नगर निगम ने पशु के रास्ते पर गोबर करने की वजह से भारी जुर्माना वसूल किया है। दिसंबर 2020 में भी एक भैंस मालिक से 10 हजार रुपए का जुर्माना वसूल किया गया था। ग्वालियर नगर निगम की टीम ने भैंस मालिक के अलावा शहर में गंदगी फैलाने वाले कई और लोगों पर जुर्माना वसूला। टीम ने गुरुवार को अलग-अलग लोगों से कुल 32 हजार रुपए का जुर्माना वसूल किया।

कला के लिये कोई बंधन नहीं होता, उसकी कोई सीमा नहीं होती: भंडारकर

पणजी, बॉलीवुड के जाने-माने फिल्मकार मधुर भंडारकर का कहना है कि कला के लिये कोई बंधन नहीं होता, उसकी कोई सीमा नहीं होती, आप बस इससे जुड़ते हैं। भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के 55वें संस्करण के आखिरी संवाददाता सम्मेलन में, सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज ओटीटी पुरस्कार 2024 की जूरी के सदस्यों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में मीडिया से बातचीत की। जूरी के अध्यक्ष मधुर भंडारकर ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा, “कला के लिये कोई बंधन नहीं होता। इसकी कोई सीमा नहीं होती। और आप बस इससे जुड़ते हैं। यह किसी भी भाषा में हो सकती है और मुझे लगता है कि यह सबसे अच्छी बात है, जो आज दुनिया भर में हुई है। भावनाओं को समझने के लिये आपको किसी विशिष्ट भाषा के ज्ञान की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इसमें भाषांतर भी होते हैं। इस प्रकार, भावनायें बहुत अच्छी तरह से जुड़ी हुई होती हैं।” शीर्ष 10 नामांकनों की सूची में से एक विजेता का चयन करने में आने वाली कठिनाइयों पर प्रकाश डालते हुए, जूरी के सदस्य कृष्णा हेब्बाले ने मजाक में कहा कि कोई घाव भले ही नहीं दिखा, लेकिन उन सभी दावेदारों ने अपने-अपने चयन के पक्ष में कड़ी लड़ाई लड़ी। जूरी के प्रत्येक सदस्य ने विचार-विमर्श के दौरान अपने मंतव्य पेश किये और पूरी ऊर्जा एवं दृढ़ विश्वास के साथ अपनी पसंद के पक्ष में तर्क दिये। मनोरंजन उद्योग में महत्वपूर्ण बदलावों को रेखांकित करते हुये, विशेष रूप से ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफार्मों के उदय की पृष्ठभूमि में आईएफएफआई (2023) के 54वें संस्करण में सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज (ओटीटी) पुरस्कार पेश किया गया था। इस पुरस्कार का उद्देश्य ओटीटी प्लेटफार्मों पर समृद्ध कंटेंट और उसके रचनाकारों को मान्यता प्रदान करना, उन्हें प्रोत्साहित करना तथा सम्मान देना है। इस वर्ष 10 प्रविष्टियां पुरस्कार के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। आज शाम को आईएफएफआई के समापन समारोह में विजेता की घोषणा होने की उम्मीद है।

मुनव्वर फारुकी ने मॉरीशस में फर्स्ट कॉपी की शूटिंग पूरी की

मुंबई,  मुनव्वर फारुकी ने अपनी बहुप्रतीक्षित वेब सीरीज़ फर्स्ट कॉपी की पूरी कर ली है। फर्स्ट कॉपी का अंतिम शेड्यूल मॉरीशस के शानदार स्थानों पर शूट किया गया, जो इस रोमांचक प्रोजेक्ट का एक बेहतरीन समापन था। मुनव्वर ने फर्स्ट कॉपी के साथ अभिनय में कदम रखा है, यह एक ऐसी सीरीज़ है जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा के एक नए पहलू को उजागर करने का वादा करती है। शूटिंग के आखिरी दिन की एक तस्वीर पहले ही वायरल हो चुकी है, जिसमें कलाकार- मुनव्वर फारुकी, क्रिस्टल डिसूजा और आशी सिंह- नाव पर आराम करते हुए, सौहार्द और खुशी का इजहार करते हुए नज़र आ रहे हैं। मुनव्वर ने अपने दिल की बात साझा की और बताया “यह यात्रा अविश्वसनीय से कम नहीं रही है। मॉरीशस में फर्स्ट कॉपी को पूरा करना एक अवास्तविक एहसास है – जैसे इस प्रोजेक्ट में की गई सारी मेहनत, रचनात्मकता और जुनून का सही समापन हो। किरदार, कहानी और इस लुभावने स्थान ने इस अनुभव को वाकई खास बना दिया। मैं इस प्रक्रिया के माध्यम से एक कलाकार और एक व्यक्ति के रूप में बहुत आगे बढ़ा हूँ। अल्लाह हम सभी का मार्गदर्शन करे और हमें आशीर्वाद दे। मैं हर किसी को यह देखने के लिए इंतजार नहीं कर सकता कि हमने क्या बनाया है।” फरहान पी. ज़म्मा द्वारा निर्देशित और साल्ट मीडिया और आरवीसीजे द्वारा निर्मित फर्स्ट कॉपी दर्शकों को 1990 के दशक के उत्तरार्ध में ले जाती है, जो डीवीडी युग के दौरान फिल्म पाइरेसी की दुनिया में ले जाती है।  

कोर्ट ने कहा कि मंदिर में कॉन्सुलर कैंप के दौरान 100 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू रहेगी

कनाडा कनाडा में खालिस्तानियों को मिलने वाली खुली छूट के बीच एक कोर्ट ने राहत भरी खबर सुनाई है। टोरंटो क स्कारब्रॉ में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर की याचिका पर ओंटारियो के कोर्ट ने कहा कि मंदिर में कॉन्सुलर कैंप के दौरान 100 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू रहेगी। बिना इजाजत कोई भी मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाएगा। सुपीरियर कोर्ट ऑफ जस्टिस के जज ने कहा कि मंदिर मांग कर रहा है कि परिसर के 100 मीटर के दायरे में उपद्रवी पहुंच ना पाएं और इसके लिए निषेधाज्ञा की जरूरत है। पिछलमे मामलों को देखते हुए मंदिर को इजाजत दी जाती है। कोर्ट ने कहा कि इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि मंदिर पर हमला हो सकता है। वहीं कॉन्सुलर कैंप में बुजुर्ग लोग पहुंचते हैं। ऐसे में अगर हमला होता है तो जान को भी नुकसान हो सकता है। कोर्ट ने कहा कि अगर कोर्ट निषेधाज्ञा नहीं लगाता है तो गंभीर क्षति हो सकती है। कोर्ट ने टोरंटो पुलिस को निर्देश दिया है कि मंदिर में अगर कोई बिना आज्ञा के प्रवेश करनी की कोशिश करता है तो उसे गिरफ्तार किया जाए और एक्शन लिया जाए। यह नियम शनिवार को सुबह 8 बजे से 6 बजे तक लागू रहेगा। बता दें कि मंदिर में लगने वाले कॉन्सुलर कैंप को पहले भी खालिस्तानी निशाना बना चुके हैं। खालिस्तान समर्थक भारतीय दूतावास का विरोध करते हैं। आने वाले वीकेंड में इंडिया मिशन कनाडा में आखिरी बैच के कॉन्सुलर कैंप आयोजित करने जा रहा है। लक्ष्मी नारायण मंदिर के अलावा सूरी में भी कैंप का आयोजन किया जाएगा। बीते सप्ताह भी शिविरों का आयोजन होना था लेकिन अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और खालिस्तानियों के हमले की वजह से कैंप कैंसल कर दिए गए। 3 नवंबर को ब्राम्पटन के हिंदू सभा मंदिर में खालिस्तानियों ने हमाल कर दिया था। इसके बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

चेहरे के डार्क स्पॉट्स हटाने या हल्का करने के आसान घरेलू उपाय

छोटा हो या बड़ा, चेहरे पर अगर बात हो तो वो खूबसूरती को कम कर ही देते हैं। ठीक करने और त्वचा को बिल्कुल साफ और फुलाने के लिए हम कई तरह के फेस वॉश, फेस पैक और त्वचा की देखभाल करने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन डार्क स्पॉट होने का नाम ही नहीं लेते हैं। अच्छा ऐसे क्या किया जाए! अब आपको चिंता की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि आज हम आपको डॉक्टर शिरीन फातिमा का एक ऐसा ऑफर लेकर आए हैं जिसे उन्होंने खुद दिखाया है। इस पैक को बनाने के लिए दो हानिकारक पदार्थों का उपयोग किया जाता है, जो त्वचा के लिए बहुत ही ज्यादा हानिकारक होते हैं। ये दोनों चीजें क्या हैं और इन्हें कैसे इस्तेमाल किया जाता है, आइए जानते हैं। पैक बनाने के लिए क्या करना चाहिए? बीट ब्लड वाले इस फेस पैक को बनाने के लिए आपके लिए सिर्फ दो चीजों की जरूरत है- चुकंदर का रस- 1 छोटी कटोरी दूध पाउडर- 2 मात्रा ऐसे तैयार करें फेस से दाग-धब्बे निकालने वाला पैक पैक बनाने के लिए सबसे पहले आपको 1 चॉक्कर चिपकने वाली मिक्सी में उसका टुकड़ा लेना है और रस निकालना है। इसके बाद एक छोटी कटोरी में आधा चुकंदर का रस निकाला लें। अब इसमें 2 ऑयल मिल्स पाउडर स्टैलिकाइट ग्रेट से मिक्स कर लें। आपका पैक तैयार हो गया है, अब आप इसे अपने प्लांट रूम रेवेन्यू तक फेस पर रखें। जब पैक अच्छे से ठीक हो जाए तो नाम पानी से चेहरा धो लें या फिर किसी अजीब कपड़े से चेहरा पोछ लें। फेसबुक पर देखें साफ-सुथरा, आपके चेहरे का निखार कई गुना बढ़ गया है और दाग-धब्बे कम हो गए हैं चेहरे पर मिल्क पाउडर बनाने के फायदे घटिया दूध हमारी त्वचा के लिए है, नारियल ही मिल्क पाउडर भी है। चेहरे पर मिक्सचर पाउडर लगाने से रंग साफ होता है, त्वचा के आभूषण बनते हैं और दाग-धब्बे लगते हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन का कहना है कि ‘पुराने मसल्स को हील करने के लिए, टिशू रेजेनरेशन के और एक्ने वल्गेरिस या प्लाक सोराइसिस के इंजेक्शन के लिए, त्वचा संबंधी अल्कोहल के उपचार में मिल्क उत्पादों का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। ‘इन्हें रैपिड से एक्टिव इंग्रेडिएंट्स भी माना जाता है जो एक्ने लैंस और ब्लैकहेड्स को कम करके, सीबम सिक्रेशन को कंट्रोल करते हैं और साथ ही स्क्रैचिंग, एसेसिव, टोनिंग, स्मूथिंग, एंटी-इरिएंटेशन डीक स्किन कंडीशन में सुधार कर सकते हैं।’

विदेशी तकनीक का प्रदेश के संस्थानों में बाजार के अनुसार होगा बेहतर उपयोग- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

यूके, जर्मनी यात्रा हमारे ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए खोलेगी नए अवसरों के द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के टेक्नों-फ्रेंड युवाओं को मिलेंगे रोजगार के बेहतर अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदेशी तकनीक का प्रदेश के संस्थानों में बाजार के अनुसार होगा बेहतर उपयोग- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जर्मनी और यूके यात्रा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी जर्मनी और यूके यात्रा को लेकर कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य मध्यप्रदेश में राज्य के युवाओं के लिए निवेश के नए अवसरों का निर्माण करना है। उन्होंने कहा “यात्रा का उद्देश्य राज्य के युवाओं के रोजगार, औद्योगिकीकरण और मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना था। हमने पूरे समय का सदुपयोग किया। जर्मनी और यूके की यात्रा के बाद, मैं कह सकता हूँ कि यह यात्रा हमारे टेक्नों-फ्रेंड ऊर्जावान, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को म्यूनिख में अपने औद्योगिक प्रायोजन संबंधी यात्रा के अंतिम दिन स्थानीय मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में किए गए प्रयासों से उन्हें न केवल सफलता मिली बल्कि समझने और सीखने का भी अवसर मिला। उन्होंने यात्रा के दौरान हर पल और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी टीम के सदस्यों और प्रदेशवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब हम एकजुट होकर अच्छी योजना बनाते हैं, तो परिणाम भी अच्छा होता है और हमें जर्मनी से यही मिल रहा है। जर्मनी और आगे बढ़ रहा है। मैं महसूस करता हूँ कि वहां एक आंतरिक उत्साह है जो उन्हें अपनी चुनौतियों से निपटने में मदद कर रहा है। जर्मनी अपनी तकनीक को अन्य देशों के साथ साझा करने और भविष्य की यात्रा में उसका विश्वास बनाने की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी से उन्हें कई ऐसे प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे मध्यप्रदेश को इस विश्वास के साथ आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है कि राज्य अपनी पारंपरिक क्षमताओं के साथ नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह बड़ी बात है कि कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्वास्थ्य, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग क्षेत्रों में जर्मनी से हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जर्मनी में हो रही तकनीकी प्रगति और उद्योगों में हो रहे नवाचारों को मध्यप्रदेश में लागू करने के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। उन्होंने आशा जताई कि राज्य के लिए यह यात्रा कई नए उद्योगों, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों के द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के सामने सशक्त औद्योगिक ताकत के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिपल-प्रति मिनिट हमारा लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराना है। हमारे बौद्धिक संपन्न युवा ही नहीं बल्कि प्रदेश के हर वर्ग के युवा को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। वर्क फोर्स बनकर करेंगे काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी और यूके आर्थिक और तकनीकी रूप से साधन संपन्न देश हैं, उन्हें आवश्यकता है तो मेन पॉवर की। हमारे पास मेन पॉवर उपलब्ध है, तकनीकी रूप से दक्ष युवा है, दोनों को जोड़ने के लिए यदि जरूरत है तो भाषा की। लैंग्वेंज प्रॉब्लम को दूर कर हम एक-दूसरे के पूरक के रूप में वर्क-फोर्स बनकर काम करेंगे। ग्लोबल लीडर हैं प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम है। प्रधानमंत्री मोदी ग्लोबल लीडर हैं और उनके विजन से देश आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में मध्यप्रदेश विकास की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी हमारा मित्र देश है। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के मध्य बेहतर समन्वय का हमें भी लाभ मिला है। जर्मन बढ़ते भारत और आगे बढ़ते मध्यप्रदेश के साथ भविष्य में व्यापार एवं उद्योग के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जर्मनी, भारत का सदैव प्रशंसक रहा है। हमारी साझा विरासत गौरवशाली रही है। सौहार्दपूर्ण संबंधों का मिला लाभ, निवेश के मिले कई प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जर्मनी के साथ हिन्दुस्तान के सौहार्द्रपूर्ण संबंधों की बात करें तो नेताजी सुभाषचंद्र बोस के समय को याद कर सकते हैं। जर्मन, मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं को समझते हैं। जर्मनी से मध्यप्रदेश में निवेश के प्रस्ताव अनेक औद्योगिक सेक्टर्स के लिए प्राप्त हुए हैं। कृषि, एआई, हेल्थ, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, नई तकनीक और भारी उद्योग के क्षेत्र में निवेशकों ने निवेश की इच्छा जाहिर की है। साथ ही अनेक क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। जर्मनी के माध्यम से वेदों का दुनिया को कराया परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वेदों को दुनिया से सबसे पहले परिचित कराने वाला कोई देश है, तो वह जर्मनी ही है। मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत भाषा से अनुवाद कर जर्मनी के माध्यम से दुनिया के सामने हमारे प्राचीन ज्ञान को प्रकट किया था। जर्मनी के साथ हमारे अतीत के संबंध बहुत अच्छे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि जर्मन ही एक ऐसी भाषा है जो संस्कृत के सबसे ज्यादा नजदीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जर्मनी और यूके यात्रा से मध्यप्रदेश को न केवल व्यापारिक और औद्योगिक दृष्टि से फायदा होने की उम्मीद है, बल्कि यह राज्य के समग्र विकास में भी अहम योगदान देने वाली साबित होगी।  

‘बंदिश बैंडिट्स’ सीजन 2 ने इफ्फी 2024 में छेड़ा सुरों का शानदार संगम

मुंबई, प्राइम वीडियो ने अपनी मच अवेटेड ओरिजिनल सीरीज बंदीश बैंडिट्स के सीजन 2 का एक एक्सक्लूसिव शोकेस 55वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (इफ्फी), गोवा में किया है। बंदीश बैंडिट्स के नए सीजन का प्रीमियर 13 दिसंबर को होने वाला है। इस सीजन के लिए, प्राइम वीडियो ने इफ्फी में दर्शकों के लिए मामे खान, निकिता गांधी, और दिगवी (दिग्विजय सिंह परीहार) द्वारा पधारो म्हारे देस, घर आ माही और सीरीज़ के थीम सॉन्ग का शानदार परफॉर्मेंस पेश किया गया है। मामे खान, निकिता गांधी और दिगवी, जो देश के सबसे टैलेंटेड सिंगर्स में से हैं, ने अपनी म्यूजिकल परफॉर्मेंसेस से दर्शकों को दीवाना कर दिया, और इस तरह से उन्होंने सीरीज़ के बेहतरीन साउंडट्रैक की एक झलक पेश की है। इस इवेंट में सीरीज के लीड एक्टर श्रेया चौधरी, ऋत्विक भौमिक, डायरेक्टर आनंद तिवारी, क्रिएटर अमृतपाल सिंह बिंद्रा, को-प्रोड्यूसर डिम्पल माथियास, साथ ही निखिल माधोक (प्रमुख, ओरिजिनल्स, प्राइम वीडियो इंडिया) और साहिरा नायर (प्रमुख, हिंदी स्क्रिप्टेड सीरीज, प्राइम वीडियो इंडिया) के मौजूद थे। कास्ट और क्रिएटर्स ने इफ्फी का धन्यवाद किया, जिन्होंने भारतीय कहानियों और कहानीकारों को अपनी प्रतिभा और काम को पेश करने के लिए एक शानदार प्लेटफॉर्म दिया है। अमृतपाल सिंह बिंद्रा द्वारा निर्मित और आनंद तिवारी द्वारा निर्देशित, लियो मीडिया कलेक्टिव प्राइवेट लिमिटेड प्रोडक्शन में ऋत्विक भौमिक, श्रेया चौधरी, शीबा चड्डा, अतुल कुलकर्णी, राजेश तैलंग और कुणाल रॉय कपूर जैसे टैलेंटेड कलाकारों की वापसी होगी, साथ ही नए कलाकारों में दिव्या दत्ता, रोहन गुरबक्शानी, यशस्विनी दयामा, आलिया कुरैशी और सौरभ नैयर प्रमुख भूमिकाओं में होंगे। बंदिश बैंडिट्स सीजन 2 का प्रीमियर 13 दिसंबर को भारत में प्राइम वीडियो पर और दुनिया भर के 240 से अधिक देशों और क्षेत्रों में होगा।

मार्केटिंग एटीट्यूड है सफलता का राज

  अधिकतर लोग सफलता का मूलमंत्र मेहनत को ही मानते हैं। यह सही भी है, क्योंकि कड़ी मेहनत-मशक्कत के बाद ही किसी भी फील्ड में कामयाबी की उम्मीद की जा सकती है। वहीं एक्सपर्ट कहते हैं कि बिना उद्देश्य और राइट एटीट्यूड के की गई मेहनत अक्सर व्यर्थ ही जाता है। बहरहाल, यदि आप मार्केटिंग जॉब में हैं, तो यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां आपको मेहनत के साथ-साथ राइट एटीट्यूड और पॉजिटिव माइंडसेट के तहत काम करना होगा। मार्केटिंग प्रोफेशनल्स के रूप में आप पर कंपनी की साख को बढ़ाने और उसे कायम रखने की अहम जिम्मेदारी होती है। हालांकि मार्केटिंग फील्ड में आज ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जो दिन-रात अपने निर्धारित टारगेट को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत तो करते हैं, लेकिन अपने वास्तविक टारगेट को पूरा करने में उनसे अक्सर चूक हो ही जाती है। दिलचस्प बात तो, यह है कि ऐसे मार्केटिंग प्रोफेशनल्स अपनी नाकामयाबी को बड़ी आसानी से यह कहते हुए टाल जाते हैं कि हमारे पास वे स्किल्स हैं ही नहीं, जिनसे प्रभावित होकर हमारे क्लाइंट्स इम्प्रेस हो सकें या मुझमें इतनी हिम्मत ही नहीं कि अमुक व्यक्ति की तरह मार्केटिंग कर सकूं! दरअसल, इस एटीट्यूड के साथ मार्केटिंग की जॉब न केवल मुश्किल हो सकती है, बल्कि आप इसमें कभी भी सफलता की उम्मीद नहीं कर सकते। या यूं कहें कि यह अप्रोच ही है, जो आपको राइट मार्केटिंग एटीट्यूड से दूर कर देता है। वहीं, यदि आप मार्केटिंग की जॉब में पॉजिटिव एटीट्यूड यानी आत्मविश्वास, उत्साह, अपने क्लाइंट की बातों में रुचि प्रदर्शित करते हैं, तो निःसंदेह इससे आपको आश्चर्यजनक परिणाम मिल सकते हैं! जॉब को बनाएं पैशन जॉब कोई भी हो, यदि आप उसे पूरे पैशन से करते हैं, तो कामयाबी जरूर मिलती है। जहां तक मार्केटिंग जॉब की बात है, तो यह जॉब आपसे शत-प्रतिशत पैशन की मांग करती है। क्योंकि पैशन से ही आपके वास्तविक वर्क-स्टाइल के बारे में पता चलता है।   निगॅटिव एप्रोच से रहें दूर कहा भी यही गया है कि हम जैसा सोचते हैं, हमारे काम में वही सोच परिलक्षित होता है। अब आप यदि निगॅटिव सोचेंगे, तो न आप अपनी जॉब से लगाव रख पाएंगे और न आपका टारगेट पूरा हो सकेगा! दिखाएं उत्साह याद रखें, किसी भी काम की कामयाबी में उत्साह का सबसे ज्यादा योगदान होता है। वैसे, आपने भी जरूर अनुभव किया होगा, जिन लोगों में उत्साह होता है, वे दूसरों में भी उत्साह का संचार कर जाते हैं। इसलिए मार्केटिंग की फील्ड में होने के कारण आपमें उत्साह का होना बहुत जरूरी है, ताकि आपके क्लाइंट आपकी प्रोडक्ट में दिलचस्पी दिखा सकें और आपको सही फीडबैक दे सकें। आत्मविश्वास है कुंजी आपको हर हाल में न केवल खुद पर, बल्कि अपने क्लाइंट पर भी पूरा भरोसा होना चाहिए। याद रहे, यह आत्मविश्वास ही है, जिसे सफलता की कुंजी कहा जाता है। चेंज के लिए रहें तैयार मार्केटिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जहां हमेशा चेंज की गुंजाइश बनी रहती है। क्योंकि यहां आपका पहला मकसद होता है क्लाइंट को संतुष्ट करना और ज्यादा-से-ज्यादा क्लाइंट्स जोडना। इसलिए जब भी लगे कि अमुक तकनीक में बदलाव की जरूरत है, आपको तत्काल उस तकनीक को अपना लेना चाहिए।  

भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जर्मनी की यात्रा पर है। डॉ. यादव ने निवेशकों से मिलने के बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटित की। भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। भोपाल को मिलेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र का दर्जा भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा ने प्रमाणित कर दिया है कि मध्य प्रदेश में निवेशकों के लिए अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है, जहां व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया ने ही जर्मन कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार की प्रेरणा दी है। भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन औद्योगिक विकास की नई लहर भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाएगी, बल्कि इसे प्रदेश के समग्र विकास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस ऐतिहासिक यात्रा ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि मध्य प्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में निवेश लाने को लेकर 24 नवंबर से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी की यात्रा पर है। यह मुख्यमंत्री की पहली विदेश यात्रा है। यह दौरा प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाईयां देने के लिए किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने यूके में उद्योगपतियों से चर्चा की। वहां से प्रदेश में करीब 60 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इसके बाद मुख्यमंत्री जर्मनी पहुंचे है। जहां पर प्रदेश में निवेश को लेकर उद्योगपतियों से चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की नई लहर लाएगी, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास का हिस्सा बनेगी।     

शाजापुर में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, श्रीराम मंदिर भूमि पर अवैध निर्माण जमीदोज

  शाजापुर  शाजापुर में मोहन यादव सरकार का बुलडोजर गरजा है। यहां की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई चल रही है। यहां राम मंदिर की जमीन पर धर्मशाला और मकान बनाकर अतिक्रमण किया गया था, जिसे अब जमींदोज कर दिया गया है। इसको लेकर तहसीलदार ने पहले ही नोटिस जारी किया था। मामला जिला कोर्ट में पहुंचने के बाद कोर्ट ने शासन के पक्ष में फैसला देते हुए सभी अतिक्रमणकारियों को अपने कब्जा हटाने के निर्देश जारी किया। इसके बाद जिला प्रशासन और भारी संख्या में पुलिस बल के साथ अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंचा। इस दौरान राम मंदिर की जमीन पर बनी चामुंडा धर्मशाला की बिल्डिंग पर बुलडोजर की कार्यवाही की गई और राम मंदिर की जमीन पर बने 37 मकानों को भी नोटिस जारी किया गया है। शाजापुर, जिले में अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर लगातार चल रहा है। शुक्रवार को गवली मोहल्ले में स्थित राम मंदिर की जमीन पर जिला प्रशासन का बुलडोजर चला। इस दौरान दुपाड़ा रोड स्थित चामुंडा धर्मशाला पर कार्यावाही शुरू की गई, जिसमें धर्मशाला की बिल्डिंग पर बुलडोजर चलाया गया और धर्मशाला को जमींदोज कर दिया गया। इसके साथ ही 37 ऐसे और मकान हैं जो इस जमीन पर बनाए गए हैं। इन मकान मालिकों को भी तहसीलदार द्वारा नोटिस देकर खाली करने का और अपने अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार राम मंदिर की जमीन पर 37 निर्माणकर्ताओं को कब्जा हटाने का नोटिस दिया गया है। पहले भी प्रशासन द्वारा कब्जा हटाने की बात कही गई थी। इसके बाद सभी लोगों ने एक मत होकर कोर्ट में न्याय के गुहार लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने प्रशासन के पक्ष में फैसला देते हुए सभी अतिक्रमणकारियों को अपने कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू की गई। अवैध अतिक्रमणकारियों ने लगाए आरोप अवैध रूप से भूमि पर कब्जा कर अतिक्रमणकारियों का आरोप है कि अगर यह जमीन राम मंदिर की है तो, उन्हें यह जमीन जिसने दी उसके खिलाफ भी कार्यवाही होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब जमीन राम मंदिर की थी तो उनकी जमीन की रजिस्ट्री और ट्रांसफर नगर पालिका में कैसे हुआ? इसके लिए जो अधिकारी दोषी है उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने सख्ती से काम लिया है और अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया। यह कार्रवाई शाजापुर जिले में अवैध निर्माण को रोकने के लिए की गई है। इससे जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखने में मदद मिलेगी। फिलहाल प्रशासन ने चामुंडा धर्मशाला से इसकी शुरुआत की है जो धीरे-धीरे सभी अतिक्रमणकारियों के घरों पर कार्यवाही की जाएगी।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live