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इंसान के मरने के दिन की सटीक भविष्यवाणी करती है ‘मृत्यु घड़ी’, एआई तकनीक का कमाल

वॉशिंगटन. हमेशा से ही इंसान को इस बात में रुचि रही है कि वह कितने दिन जिएगा या उसकी जिंदगी कितनी लंबी है। अब दौर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) का है। ऐसे में एआई तकनीक की मदद से अब इसका भी अनुमान लगाया जा सकता है कि आपकी मृत्यु का दिन कौन सा हो सकता है। हाल ही में एआई की मदद से एक मृत्यु घड़ी बनाई गई है, जो कि एक एप है। इसकी मदद से इंसान की मृत्यु के दिन का करीब-करीब सटीक पता लगाया जा सकता है। एक मार्केट खुफिया फर्म के मुताबिक इस मृत्यु घड़ी एप के नतीजे इतने सटीक हैं कि जुलाई में इसके लॉन्च होने के बाद से ही अब तक इसे 1,25,000 लोगों द्वारा इसे डाउनलोड कर लिया गया है। इस एप को पांच करोड़ प्रतिभागियों और 1200 से ज्यादा जीवन प्रत्याशा अध्ययनों के आधार पर तैयार किया गया है। यह एप किसी व्यक्ति के आहार, व्यायाम, तनाव के स्तर, नींद के बारे में जानकारी का इस्तेमाल करके उस व्यक्ति की मौत के संभावित दिन की भविष्यवाणी करती है। इस एप के डेवलेपर ब्रेंट फ्रैंसन कना कहना है कि इसके परिणाम बहुत मानक हैं। यह डेथ क्लॉक (मृत्यु घड़ी) स्वस्थ जीवन शैली वाले लोगों के बीच खासी लोकप्रिय हो रही है और फिटनेस और स्वास्थ्य श्रेणी में यह एप शीर्ष पर है।  उल्लेखनीय है कि लोगों की जीवन प्रत्याशा, सरकारों, बीमा कंपनियों के लिए आर्थिक और वित्तीय गणना के लिहाज से हमेशा से अहम रही है। इसी के आधार पर सरकारें और बीमा कंपनियां जीवन बीमा और पेंशन फंड में पॉलिसी कवरेज की गणना करती हैं। आर्थिक स्थिति और जीवन प्रत्याशा में है सीधा संबंध यह डेथ क्लॉक एप यूजर्स को ऐसे सुझाव भी देती है, जिससे वह अपनी जीवन शैली में सुधार कर अपनी मृत्यु दर को कम कर सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इंसान की जीवन प्रत्याशा और उसकी आर्थिक स्थिति के बीच सीधा अंतर पाया गया है। अमेरिकी मेडिकल एसोसिएशन द्वारा प्रकाशित शोध में पाया गया है कि सबसे अमीर और सबसे गरीब लोगों के जीवन वर्षों में पुरुषों में 15 साल और महिलाओं में 10 साल का अंतर पाया गया है। मतलब अमीर पुरुष गरीब पुरुषों के मुकाबले औसतन 15 साल ज्यादा जीते हैं।

पीएम मोदी समेत तमाम नेता होंगे शामिल, महाराष्ट्र में महायुति सरकार का 5 दिसंबर को शपथ समारोह

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर जारी सस्पेंस के बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने ऐलान किया है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर को होगा। चंद्रशेखर बावनकुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया, “महाराष्ट्र में महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार, 5 दिसंबर, 2024 को शाम 5 बजे मुंबई के आजाद मैदान में होगा। प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।” यह घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे महायुति के सहयोगियों के साथ बैठक रद्द करके के बाद अपने गांव में मौजूद हैं। राज्य के अगले सीएम के चयन को लेकर एकनाथ शिंदे, भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस और एनसीपी नेता अजित पवार ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की थी लेकिन तस्वीर अभी तक साफ नहीं हो पाई है। इस शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन के शीर्ष नेता और भाजपा शासित राज्यों के तमाम मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। इस बीच प्रशासन ने नई सरकार के गठन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 16 से 24 दिसंबर तक होने की संभावना है। बीते दिनों महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, “मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। मैंने उनसे कहा कि सरकार बनाने में हमारी तरफ से कोई अड़चन नहीं है। आप निर्णय लीजिए, भाजपा जो निर्णय लेगी, उस निर्णय की तामिल हो जाएगी। मैं आज आप सबको कहता हूं कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री पद के बारे में जो निर्णय लेंगे और भाजपा का जो उम्मीदवार होगा, उसको शिवसेना का पूरा समर्थन होगा।” महाराष्ट्र में एनडीए की बड़ी जीत के बाद नागपुर में देवेंद्र फडणवीस को अगला सीएम बनाए जाने के पोस्टर लगे थे। वहीं इससे पहले बारामती में कुछ पोस्टर्स में प्रदेश के अगले सीएम के तौर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष अजित पवार को दिखाया गया था। वहीं शिवसेना के नेता और कार्यकर्ता एकनाथ शिंदे को दोबारा मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में महायुति में सीएम पद को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में ‘महायुति’ गठबंधन को प्रचंड बहुमत मिला है। महायुति में शामिल भाजपा ने 132, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 57 और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने 41 सीटों पर जीत हासिल की है।

एक और भारतीय की अहम नियुक्ति, अमेरिकी ट्रंप सरकार में कश पटेल होंगे एफबीआई के नए निदेशक

वॉशिंगटन. अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय मूल के कश्यप उर्फ कश पटेल को संघीय जांच एजेंसी एफबीआई के नए निदेशक के रूप में नामित किया है। कश पटेल को डोनाल्ड ट्रंप का काफी करीबी माना जाता है और ट्रंप की जीत के बाद ही इस बात की चर्चा थी कि ट्रंप, कश पटेल को अहम जिम्मेदारी दे सकते हैं। कश पटेल अमेरिकी सरकार के भीतर डीप स्टेट को खत्म करने के मुखर समर्थक रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘कश एक शानदार वकील, जांचकर्ता और अमेरिका फर्स्ट योद्धा हैं, जिन्होंने अपना करियर भ्रष्टाचार को उजागर करने, न्याय की रक्षा करने और अमेरिकी लोगों की रक्षा करने में बिताया है।’ डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान कश पटेल ने ‘रूस होक्स’ मामले को उजागर करने में अहम भूमिका निभाई थी। डोनाल्ड ट्रंप एफबीआई के मौजूदा निदेशक क्रिस्टोफर रे के कामकाज से खुश नहीं हैं। ट्रंप ने ही रे को साल 2017 में एफबीआई का निदेशक नियुक्त किया था, लेकिन गोपनीय दस्तावेजों से जुड़ी जांच में रे ने जिस तरह से ट्रंप के खिलाफ कार्रवाई की, उससे ट्रंप खासे नाराज हैं। एफबीआई की मौजूदा व्यवस्था के माने जाते हैं कड़े आलोचक कश पटेल जिस एफबीआई के निदेशक नामित किए गए है, उसी एफबीआई के वे मुखर आलोचक हैं। एक टीवी शो के दौरान कश पटेल (44 वर्षीय) ने एफबीआई में आमूलचूल परिवर्तन करने की बात कही है। जिसमें एफबीआई के खुफिया जानकारी जुटाने से रोकने और एफबीआई मुख्यालय का फिर से निर्माण कश पटेल की प्राथमिकता में है। कश पटेल का कहना है कि जैसे ही वह अपना पद संभालेंगे तो अगले दिन से ही वह एफबीआई मुख्यालय में काम करने वाले सात हजार कर्मचारियों को फील्ड में भेज देंगे क्योंकि उनका काम अपराधियों को पकड़ना है। कश पटेल ने ये भी कहा है कि वह एफबीआई का मुख्यालय वॉशिंगटन डीसी से बाहर बनाएंगे ताकि एफबीआई को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखा जा सके। कश पटेल अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी के अधीन काम करेंगे। कौन हैं कश पटेल कश पटेल का जन्म न्यूयॉर्क के क्वींस इलाके में हुआ था, उनके माता-पिता गुजराती मूल के थे, जो पूर्वी अफ्रीका से अमेरिका में जाकर बसे थे। कश पटेल ने कानून की डिग्री हासिल की है और वे फ्लोरिडा राज्य के सार्वजनिक अभियोजक के रूप में काम कर चुके हैं। कश पटेल बाद में न्याय विभाग से जुड़ गए और वहां एक अभियोजक के रूप में काम किया। न्याय विभाग में कश पटेल हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के मामले देखते थे। कश पटेल के करियर ने यूटर्न उस वक्त लिया, जब वे रक्षा विभाग में बतौर वकील शामिल हुए। यहां से वे अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य डेविन नून्स के संपर्क में आए, जो उस समय संसद की खुफिया समिति के अध्यक्ष थे। नून्स ने ही कश पटेल को आतंकवाद विरोधी मामलों में बतौर वरिष्ठ वकील नियुक्त किया। ट्रंप सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान रूस मामले में एफबीआई जांच की जांच करने वाली रिपब्लिकन पार्टी की जांच का कश पटेल भी हिस्सा थे। राष्ट्रपति चुनाव के दौरान रिपब्लिकन पार्टी का घोषणा पत्र तैयार करने में भी कश पटेल की अहम भूमिका थी। बेटी इवांका के ससुर को डोनाल्ड ट्रंप ने दी अहम जिम्मेदारी डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी बेटी इवांका ट्रंप के ससुर चार्ल्स कुशनर को अहम जिम्मेदारी देते हुए उन्हें फ्रांस में अमेरिका का नया राजदूत नियुक्त किया है। ट्रंप ने शनिवार को इसका एलान किया और चार्ल्स कुशनर को एक अच्छा समाजसेवी, व्यापार नेता बताया। गौरतलब है कि चार्ल्स कुशनर को साल 2005 में टैक्स गड़बड़ी के 16 मामलों में दोषी पाया गया था और एक मामले में उन्हें दो साल जेल की सजा भी हुई थी। हालांकि साल 2020 में ट्रंप ने चार्ल्स कुशनर की सजा माफ कर दी थी।

नागालैंड आज मना रहा अपना स्थापना दिवस, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत तमाम नेताओं ने दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत तमाम नेताओं ने नागालैंड के लोगों को उनके राज्य दिवस पर शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “राज्य स्थापना दिवस पर नागालैंड के लोगों को शुभकामनाएं। वनस्पतियों और जीवों की समृद्ध विरासत से संपन्न नागालैंड बहादुरी की भूमि भी है। विभिन्न विकास मापदंडों में नागालैंड की प्रगति सराहनीय है। इस खूबसूरत राज्य के लोगों को शांतिपूर्ण, समृद्ध और प्रगतिशील भविष्य के लिए मेरी शुभकामनाएं।” केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यवासियों को बधाई देते हुए एक्स पोस्ट पर लिखा, “नागालैंड दिवस पर हमारी नागा बहनों और भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं। गौरवशाली संस्कृति और विरासत से समृद्ध, नागालैंड भारत की समृद्ध सांस्कृतिक छवि पर हमारी विविधता का एक अनुपम उदाहरण है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के नेतृत्व में प्रदेश समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़े।” नागालैंड के सीएम नेफ्यू रियो ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए एक्स पोस्ट पर लिखा, “नागालैंड के लोगों को नागालैंड राज्य दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हम गर्व और कृतज्ञता के साथ राज्य के 62 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। यह एक प्रगति की यात्रा रही है। आइए हम अपनी विरासत का सम्मान करें और एक साथ मिलकर उज्जवल भविष्य के लिए प्रयास करें।” नागालैंड के राज्यपाल ला गणेशन ने राज्य के 62वें राज्य दिवस के अवसर पर राज्य के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दी तथा इसकी ऐतिहासिक यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं पर प्रकाश डाला है। राज्य दिवस की पूर्व संध्या पर एक वीडियो संदेश में राज्यपाल गणेशन ने कहा, “प्रदेशवासियों की अटूट भावना और मजबूत संकल्प हमारे लोगों की ताकत का प्रमाण है, जिन्होंने भारत के विशाल क्षेत्र में नागालैंड के लिए एक विशिष्ट पहचान बनाने के लिए अथक परिश्रम किया है। हमारे जीवंत त्यौहार और समृद्ध सांस्कृतिक अभिव्यक्तियां हमारी एकता और विविधता के प्रमाण हैं। यह एक अनमोल उपहार है जिसे अत्यंत सावधानी और जिम्मेदारी के साथ संरक्षित किया जाना चाहिए।” वहीं केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक्स पर लिखा, “नागालैंड राज्य की स्थापना दिवस पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए यह प्रदेश प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर रहे, यही कामना है।”

पोप ने भारतीय धर्मगुरु को किया याद, ‘दुनिया में बढ़ रही नफरत, आज श्रीनारायण गुरु की शिक्षाओं की जरूरत’

वेटिकन. पोप फ्रांसिस ने कहा है कि आज जब हर जगह नफरत बढ़ रही है तो ऐसे समय में श्री नारायण गुरु का सार्वभौमिक मानव एकता का संदेश प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि समाज सुधारक का संदेश ‘आज की हमारी दुनिया के लिए प्रासंगिक है, जहां हमें लोगों और देशों के बीच असहिष्णुता तथा नफरत बढ़ने के उदाहरण देखने को मिल रहे हैं।’ एर्नाकुलम जिले के अलुवा में श्री नारायण गुरु के सर्व-धर्म सम्मेलन के शताब्दी समारोह के अवसर पर शनिवार को वेटिकन में धर्मगुरु जुटे। इन धर्मगुरुओं और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए पोप फ्रांसिस ने यह बात कही। पोप ने कहा कि ‘आज दुनिया में जो अशांति का माहौल है और इसके लिए लोगों द्वारा अपने धर्मों की शिक्षाओं को न अपनाना एक बड़ी वजह है। उन्होंने कहा कि ‘श्री नारायण गुरु ने अपने संदेश के माध्यम से सामाजिक और धार्मिक जागृति को बढ़ावा देने में अपना जीवन समर्पित कर दिया। गुरु ने अपने संदेश में कहा था कि सभी मनुष्य, चाहे उनकी जाति, धर्म और सांस्कृतिक परंपराएं कोई भी हों, एक ही मानव परिवार के सदस्य हैं।’ भेदभाव के खिलाफ थे श्री नारायण गुरु पोप ने कहा, ‘श्री नारायण गुरु ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी स्तर पर किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। दुख की बात है कि कई समुदायों और लोगों को नस्ल, रंग, भाषा और धर्म के आधार पर रोजाना भेदभाव तथा तिरस्कार झेलना पड़ रहा है और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ऐसा उन लोगों और समुदाय के साथ हो रहा है जो गरीब और कमजोर तबके के हैं।’पोप फ्रांसिस ने वैश्विक असहिष्णुता से निपटने के लिए श्री नारायण गुरु की शिक्षाओं को अपनाने की अपील की। कौन थे श्री नारायण गुरु श्री नारायण गुरु (1856-1928), केरल के एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक नेता और समाज सुधारक थे, जिन्होंने अपनी शिक्षाओं में सामाजिक समानता की बात की। उन्होंने जातिगत भेदभाव की निंदा की और एकता और आध्यात्मिक ज्ञान पाने पर जोर दिया। एक पिछड़े हिंदू परिवार में जन्मे श्री नारायण गुरु ने जातिगत भेदभाव को खत्म करने, करुणा, अहिंसा और धार्मिक सद्भाव जैसे मुद्दों पर जोर दिया और इन्हीं कामों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

गोरखपुर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ, नहीं होने देंगे किसी के भी साथ अन्याय

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन में आए लोगों से मुलाकात की। सीएम योगी ने लोगों की समस्या सुनने के बाद कहा कि वह किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने देंगे। हर पीड़ित की समस्या का निराकरण किया जाएगा, सबको न्याय मिलेगा।इस बारे में सीएम योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि सभी की समस्या का शीघ्रता से गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। दरअसल, रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता दर्शन के लिए दरबार लगाया गया। इस दौरान महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने बैठे लोगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात की और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 300 लोगों से मुलाकात की।लोगों के प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए तत्पर और प्रतिबद्ध है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाएं और उनकी समस्याओं का समाधान कर उसे संतुष्ट करें। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जमीनी विवाद की शिकायतों पर सीएम योगी ने कहा कि अगर विवाद पारिवारिक हो तो संबंधित पक्षों के बीच वार्ता कराई जाए और बात न बनने पर विधिक कार्रवाई की जाए। यदि कोई दबंग किसी की जमीन पर अवैध कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण कराकर शासन में उपलब्ध कराया जाए।राजस्व व पुलिस से जुड़े मामलों को उन्होंने पूरी पारदर्शिता तथा निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी के साथ भी नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए।रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर का भ्रमण करने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिजनों के साथ मंदिर आए बच्चों को प्यार, दुलार और आशीर्वाद दिया। बच्चों को अपने पास बुलाकर उनसे बातचीत की। नाम पूछने के साथ हंसी ठिठोली की। उनसे पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया। सीएम ने बच्चों को चॉकलेट गिफ्ट देकर विदा किया।

इस सप्ताह घरेलू स्टार्टअप इकोसिस्टम ने 145 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटाई

नई दिल्ली देश में वीसी फंडिंग के मामले में निवेशकों का भरोसा बढ़ने लगा है। इसी के साथ घरेलू स्टार्टअप इकोसिस्टम ने 145 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटाई है। पब्लिकली लिस्टेड गेमिंग फर्म नाजारा ने एसबीआई म्यूचुअल फंड, कैरेटलेन के संस्थापक मिथुन सचेती और आमारा कैपिटल जैसे निवेशकों के नेतृत्व में प्रिफेरेंशियल शेयर जारी कर 101.3 मिलियन डॉलर जुटाए। शॉपडेक, डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) ई-कॉमर्स इनेबलर ने बेसेमर वेंचर पार्टनर्स के नेतृत्व में 8 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई, इसमें एलिवेशन कैपिटल, वेंचर हाईवे और चिराटे वेंचर्स की भागीदारी थी। शॉपडेक कपड़ों, आभूषणों, फुटवियर और होम डेकोर सहित अलग-अलग कैटेगरी में विक्रेताओं को सशक्त बनाता है, इससे सालाना 150 मिलियन डॉलर से अधिक की बिक्री होती है। एमएसएमई-केंद्रित डिजिटल ऋणदाता नियोग्रोथ ने यूटीआई इंटरनेशनल वेल्थ क्रिएटर से 42 करोड़ रुपये (लगभग 5 मिलियन डॉलर) तक की डेट फंडिंग जुटाई। तकनीक से प्रेरित क्रॉस-बॉर्डर स्पेशियलिटी केमिकल डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म एल्केमी ने सीरीज ए फंडिंग राउंड में 5.6 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व प्राइम वेंचर पार्टनर्स ने किया, साथ ही मौजूदा निवेशक इन्फोएज वेंचर्स ने भी इसमें हिस्सा लिया। बायोमैटेरियल स्टार्टअप उखी ने टिकाऊ पैकेजिंग उद्योग को बदलने के उद्देश्य से नए, बायोडिग्रेडेबल और कम्पोस्टेबल बायोमैटेरियल विकसित करने के अपने मिशन को गति देने के लिए प्री-सीड फंडिंग में 1.2 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। जनवरी-अक्टूबर 2024 के दौरान भारत में कुल 984 वेंचर कैपिटल (वीसी) फंडिंग सौदों की घोषणा की गई, जो डील वॉल्यूम में सालाना आधार पर 5.8 प्रतिशत का सुधार था। लीडिंग डेटा और एनालिटिक्स कंपनी ग्लोबलडेटा के अनुसार, इसी अवधि के दौरान इन सौदों का कुल घोषित फंडिंग मूल्य 44.4 प्रतिशत बढ़कर 9.2 बिलियन डॉलर हो गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में वर्ष के दौरान वीसी फंडिंग एक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिला है, इससे निवेशकों का विश्वास फिर से बढ़ रहा है। जनवरी-अक्टूबर 2024 के दौरान वैश्विक स्तर पर घोषित कुल वीसी सौदों में भारत की हिस्सेदारी 7.1 प्रतिशत रही।

लगभग 3300 करोड़ की लागत से विकसित होंगे पर्यटन स्थल, प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिया धन्यवाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के 40 विशेष पर्यटन स्थलों को विश्व के पर्यटन स्थलों भांति की विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को प्रदेशवासियों की ओर से धन्यवाद देते हुए आभार माना है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 3 हजार 295.76 करोड़ की राशि देश के 40 चिन्हित पर्यटन स्थलों के लिए स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण से ये स्थल देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनते है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन स्थलों के लिए निर्धारित मापदंड के लिए पर्यटन स्थलों के रख-रखाव एवं पर्यटकों के लिए संपूर्ण गाईड, कैफ़ेटरिया रहने के लिए होटल, गेस्ट हाउस आदि की व्यवस्था का होना आवश्यक है। केंद्र सरकार द्वारा देश के 23 राज्यों के 40 पर्यटन स्थलों में से मध्यप्रदेश की धार्मिक एवं पावन नगरी ओरछा ए मेडिएबल स्प्लेन्डर एवं भोपाल में इंटरनेशनल सेंटर फॉर एम.आई.सी.ई को विश्व स्तरीय आईकॉनिक सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के प्रति भी आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थल के विकसित होने से पर्यटकों की संख्या से पर्यटन उद्योग और उससे जुड़े छोटे-बड़े उद्योग एवं स्थानीय बाजार भी लाभान्वित होते हैं। इस योजना में राज्यों के प्रतिष्ठित पर्यटन केन्द्रों के विकास, ब्रांडिंग और विश्व व्यापार स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे निश्चित ही पर्यटन, रोजगार, बाजार, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही भारत की गौरवशाली संस्कृति एवं परंपरा का भी प्रसार होगा।  

जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन के बाद भारत हाइड्रोजन ट्रेन संचालित करने वाला दुनिया का पांचवां देश बनेगा

लखनऊ डीजल इंजन की तुलना में कम प्रदूषण करने वाली हाइड्रोजन ट्रेन देश में चलाने की तैयारियां तेज हैं। हरियाणा के जींद से सोनीपत तक का मार्ग और 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम स्पीड भी तय है। जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन के बाद भारत हाइड्रोजन ट्रेन संचालित करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा। हाइड्रोजन फ्यूल वाली ट्रेन का डिजाइन अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन (आरडीएसओ) लखनऊ ने तैयार किया है। आरडीएसओ के अधिकारी ने बताया, वंदे भारत ट्रेन इंटीग्रेटेड कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) चेन्नई में तैयार हुई थी, वहीं हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन पर काम चल रहा है। नमो ग्रीन रेल हो सकता है नाम माना जा रहा है कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का नाम नमो ग्रीन रेल हो सकता है, क्योंकि आरडीएसओ द्वारा लांच किए गए मॉडल ट्रेन सेट पर नमो ग्रीन रेल लिखा हुआ है।  हालांकि, हाइड्रोजन ट्रेन का आधिकारिक नाम अभी फाइनल नहीं किया गया है।आरडीएसओ स्टेडियम परिसर में इनो रेल इंडिया 2024 की प्रदर्शनी में ऑस्ट्रिया, जर्मनी, रूस, जापान देशों सहित 150 से अधिक कंपनियों ने स्टॉल सजाया है। इस दौरान उन्नत तकनीक व नवप्रयोगों पर आधारित रेलवे के समृद्ध भविष्य पर भी चर्चा हुई। साथ ही रेल की दक्षता, सुरक्षा व सुंदरता को बढ़ाने के लिए नवीनतम प्रगति पर तीन दिन तक विमर्श करते रहने का सिलसिला शुरू हो गया है।  प्रदर्शनी में हाई-स्पीड रेल, शहरी जन, भारत में बुलेट और सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें, यातायात अनुकूलन के लिए आधुनिक तकनीकें, स्मार्ट रोलिंग स्टाक जैसे विषयों पर सेमिनार और तकनीकी चर्चाएं हुई।  हर दो साल पर होने वाले इस आयोजन का पहला संस्करण 2014 में हुआ था, आरडीएसओ के साथ सीआईआई भी इस आयोजन की भागीदार है। हाइड्रोजन ट्रेन की खासियत 400 किलो हाइड्रोजन भरने की क्षमता 375 किलोमीटर की चार फेरे लगेंगे 89 किमी है सोनीपत से जींद की दूरी 08 कोच की ट्रेन दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोजन ट्रेन होगी 2,638 यात्रियों की क्षमता के साथ चलाया जाएगा 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से किया जाएगा ट्रायल ट्रेनों में इंवेंट रिकॉर्डर करेगा ब्लैक बॉक्स जैसा काम वंदे भारत, मेट्रो सहित अन्य अत्याधुनिक ट्रेनों के दरवाजे स्वचालित हैं। लोकोमोटिव पायलट ट्रेन रोकने को ब्रेक लगाता है, ब्रेक पलक झपकते ही लगता है। ऐसे ही इलेक्ट्रिक ट्रेनों में पेंटोग्राफ (विद्युतग्राही) बिजली लाइन से जोड़ा जाता है, अगला स्टेशन आने आदि का अनाउंस होता है, यह सारी गतिविधि कम्युनिकेशन सिस्टम से होती है।  जर्मनी की कंपनी ड्यूगान ने तो इससे भी एक कदम आगे इंवेंट रिकॉर्डर भी तैयार किया है, जिसमें ट्रेन के पायलट से लेकर कोच आदि की सारी गतिविधि रिकॉर्ड हो जाएगी। ठीक उसी तरह जैसे हवाई जहाज में ब्लैक बॉक्स किसी भी हादसे का सबसे बड़ा गवाह होता है। ड्यूगान के सेल्स व मार्केटिंग उपाध्यक्ष जीवित वशिष्ठ ने बताया कि यह जर्मनी की कंपनी है, जो ट्रेनों व यात्रियों की सुरक्षा को लेकर नए-नए कम्युनिकेशन सिस्टम तैयार कर रही है।

चुनाव आयोग ने 3 दिसंबर को कांग्रेस नेताओं को बुलाया, ‘चुनाव में कोई गडबड़ी नहीं, हर सवाल का मिलेगा जबाव’

नई दिल्ली महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस की ओर से ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) समेत चुनाव प्रक्रिया से समझौता किए जाने को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर निर्वाचन आयोग ने जवाब देते हुए कहा कि चुनाव में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। आयोग ने कहा कि इसके बाद भी पार्टी के जो भी सवाल है वह उन सभी का लिखित और मौखिक दोनों ही तरीके जवाब देने को वह तैयार है। आयोग ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को बुलाया चुनाव आयोग ने कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को तीन दिसंबर को शाम पांच बजे मिलने अपने मुख्यालय बुलाया है। निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस पार्टी को यह जवाब उनकी ओर से 29 नवंबर को चुनाव में गड़बड़ियों को लेकर सौंपे गए ज्ञापन पर दिया है। जिसमें वोटों की संख्या और मतदान प्रतिशत को लेकर सवाल खड़े किए गए थे। चुनाव आयोग शिकायतों को सुनने को तैयार कांग्रेस कार्यसमिति की शुक्रवार को हुई बैठक में भी महाराष्ट्र चुनाव में हेर-फेर का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग के पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने की बात कही गई हरियाणा के बाद महाराष्ट्र चुनाव नतीजों को लेकर उठाए गए सवालों पर आयोग ने अपने जवाब में कहा है कि मतदान के दौरान सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदान प्रतिशत और कुल वोटरों की संख्या की जानकारी लगातार दी जाती रहती है। मगर इसके बाद भी अगर कुछ और शिकायतें और जानकारी हैं तो आयोग उनको विस्तार से सुनने का तैयार है। उद्धव ठाकरे की पार्टी ने भी लगाया गंभीर आरोप आयोग ने कहा कि वह स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव के लिए सदैव राजनीतिक दलों के सुझाव और शिकायतों का स्वागत करता है। खास बात यह है कि महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों के बाद शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने चुनाव में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया था। साथ ही ईवीएम में हेर-फेर की भी शिकायत की थी। कांग्रेस की ओर से लगाए गए दो प्रमुख आरोपों का शनिवार को चुनाव आयोग ने विस्तार से जवाब दिया। इसमें पहला आरोप मतदान प्रतिशत को लेकर था। जिसमें कांग्रेस ने मतदान के दिन पांच बजे और रात 11 बजे के आंकड़े में भारी अंतर की शिकायत की है। इस पर आयोग ने सफाई दी कि वोटिंग प्रतिशत की एक तय प्रक्रिया है, उसी का पालन मतदान के दौरान किया जाता है। जैसे-जैसे मतदान के आंकड़े आते हैं वैसे ही उन्हें पूर्व के आंकड़ों में जोड़ दिया जाता है। बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में दूसरी अहम शिकायत मतदाता सूची को लेकर कि है जिस पर आयोग ने कहा है कि यह प्रक्रिया प्रत्येक पार्टी को जानकारी देकर अपनाई जाती है। सभी पार्टियां इसकी जांच परख भी करती हैं। कांग्रेस ने महाराष्ट्र चुनाव में शाम पांच बजे के बाद वोटिंग प्रतिशत में भारी उछाल के साथ इवीएम से जुड़ी शिकायतों के साथ शुक्रवार को चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी शिकायतें विस्तृत तौर पर रखने के लिए आयोग से मिलने का वक्त मांगा था। चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से समझौता करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने के लिए देशभर में जनजागरण अभियान चलाने का एलान भी किया है।

आज से कई नियम बदलने वाले हैं, जिससे देश भर में परिवारों के दैनिक जीवन और फाइनेंस पर असर पड़ेगा

नई दिल्ली कल यानी रविवार से हम नए महीने में प्रवेश कर जाएंगे। हर महीने की तरह दिसंबर महीने में भी कई नए बदलाव होंगे, जिनका असर आपकी जेब पर भी होगा। आपको बता दें कि 1 दिसंबर को कई नियम बदलने वाले हैं, जिससे देश भर में परिवारों के दैनिक जीवन और फाइनेंस पर असर पड़ेगा। अगले महीने दिसंबर में LGP गैस सिलेंडर की कीमतों में संशोधन और SBI क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव समेत कई बड़े बदलाव होने वाले हैं।   एलपीजी की कीमतें ऑयल मार्केटिंग कंपनी हर महीने की 1 तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को रिवाइज सकती है। इससे घरेलू दरों पर असर पड़ सकता है। ये परिवर्तन अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों और नीतियों से प्रभावित होते हैं, जिससे संभावित रूप से घरेलू बजट पर असर पड़ेगा। 1 दिसंबर से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। बता दें कि नवंबर की शुरुआत में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हुआ था। आधार कार्ड फ्री अपडेट भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार डिटेल में मुफ्त अपडेट की समय सीमा बढ़ा दी है। आधार कार्ड होल्डर्स अब 14 दिसंबर तक ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए बिना किसी शुल्क के अपना नाम, पता या जन्मतिथि अपडेट कर सकते हैं। हालांकि, इस तारीख के बाद किए गए अपडेट के लिए प्रोसेसिंग फी लगेगा। क्रेडिट कार्ड के नियम देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। बैंक 1 दिसंबर से क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव कर रहा है। एसबीआई अब डिजिटल गेमिंग प्लेटफार्म के ट्रांजेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले क्रेडिट कार्ड में रिवॉर्ड पॉइंट का फायदा नहीं देगा। इसके अलावा 1 दिसंबर से एचडीएफसी बैंक अपने रेगलिया क्रेडिट कार्ड के उपयोगकर्ताओं के लिए लाउंज एक्सेस नियमों में भी बदलाव कर रहा है। बिलेटेड आईटीआर फाइल करना जो व्यक्ति वित्तीय वर्ष 2023-24 (वित्त वर्ष 24) के लिए 31 जुलाई की समय सीमा तक अपना आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने में विफल रहे, उनके पास अभी भी दिसंबर तक अपना आईटीआर जमा करने का अवसर है। जो लोग शुरुआती डेडलाइन से चूक गए हैं वे अब 31 दिसंबर तक जुर्माना शुल्क के साथ विलंबित आईटीआर दाखिल कर सकते हैं। बता दें कि लेट फी 5,000 रुपये है। 5 लाख रुपये से कम कुल आय वाले करदाताओं के लिए यह लेट फी 1,000 रुपये कर दिया गया है। ट्राई की समयसीमा 1 दिसंबर, 2024 को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) स्पैम और फिशिंग मैसेजेस को कम करने के उद्देश्य से नए ट्रैसेबिलिटी नियम लागू करेगा। हालांकि ये नियम अस्थायी रूप से ओटीपी सेवाओं को प्रभावित कर सकते हैं। ट्राई ने स्पष्ट किया है कि नियम लागू होने के बाद ओटीपी डिलीवरी में कोई देरी नहीं होगी। ट्राई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “ट्राई ने आश्वासन दिया है कि मैसेज ट्रैसेबिलिटी मैंडेट से मैसेज और ओटीपी की डिलीवरी में देरी नहीं होगी।” मालदीव जाना पड़ेगा महंगा मालदीव अगले महीने से अपनी डिपार्चर फीस बढ़ा रहा है। सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक, मालदीव पर्यटकों से ली जाने वाली फीस में बढ़ोतरी कर रहा है। इकोनॉमी क्लास के यात्रियों के लिए शुल्क 30 डॉलर (2,532 रुपये) से बढ़कर 50 डॉलर (4,220 रुपये) हो जाएगा, जबकि बिजनेस क्लास के यात्रियों के लिए शुल्क 60 डॉलर (5,064 रुपये) से बढ़कर 120 डॉलर (10,129 रुपये) हो जाएगा। प्रथम श्रेणी के यात्रियों को $90 (7,597 रुपये) से बढ़कर $240 (20,257 रुपये) का भुगतान करना होगा और प्राइवेट जेट यात्रियों को $120 (10,129 रुपये) से $480 (40,515 रुपये) तक का भुगतान करना पड़ेगा। ATF की कीमतों में बदलाव एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में भी 1 दिसंबर से बदलाव हो सकता है। ऐसे में फ्लाइट टिकट की कीमतों पर असर पड़ सकता है।

संभल में न तो किसी बाहरी की एंट्री होगी, न ही कोई सोशल एक्टिविस्ट, प्रवेश पर 10 दिसंबर तक रोक

संभल संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हुए पथराव और हिंसा के बाद प्रशासन ने 10 दिसंबर तक बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। संभल में न तो किसी बाहरी की एंट्री होगी, न ही कोई सोशल एक्टिविस्ट और नेता ही यहां जा सकेंगे। डीएम राजेंद्र पांडिया ने ऐलान किया है कि अब ये रोक 10 दिसंबर तक लागू रहेगी। डीएम राजेंद्र पांडिया ने आदेश दिया है कि कोई भी शख्स बिना किसी सक्षम अधिकारी को सूचित करे हुए संभल में प्रवेश नहीं कर सकेगा। संभल की जनपद सीमा में बाहरी लोगों की एंट्री पर पहले एक दिसंबर तक बैन लगाया गया था। लेकिन, हालात को देखते हुए इसे और बढ़ाने का फैसला किया गया है। शनिवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी संभल जाने वाला था, जिन्हें उनके क्षेत्र और आवास पर ही रोक दिया गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रतिबंध लगाने पर टिप्पणी की है और सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “प्रतिबंध लगाना भाजपा सरकार के शासन, प्रशासन और सरकारी प्रबंधन की नाकामी है। ऐसा प्रतिबंध अगर सरकार उन पर पहले ही लगा देती, जिन्होंने दंगा-फसाद करवाने का सपना देखा और उन्मादी नारे लगवाए, तो संभल में सौहार्द-शांति का वातावरण नहीं बिगड़ता।  

अच्छी आवाज के धनी लोगो के लिए डबिंग आर्टिस्ट है अच्छा करियर विकल्प

डबिंग आर्टिस्ट बनने के लिए किसी खास योग्यता की जरूरी नही होती हैं. यदि आप दिलकश आवाज और शानदार भासः के धनी हैं तो आप आसानी से डबिंग आर्टिस्ट बन सकते हैं. डबिंग आर्टिस्ट बनने के लिए हाल ही में कुछ कोर्सेज भी शुरू किये गए हैं हैं जिनके लिए शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 10 वी पास रहेगी. योग्येता:- डबिंग आर्टिस्ट बनने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज हैं आवाज. आपकी आवाज ब्राडकास्टिंग क्वालिटी की होनी चाहिए इससे आप भले ही किसी भी फिल्म या विज्ञापन में अपनी आवाज दे आपकी आवाज आपकी गुणवत्ता को दर्शाएगी. इसके अलावा आपकी भाषा में अच्छी पकड़ भी होनी चाहिए क्यूंकि भाषायी कौशल भी इसके लिए बेहद जरूरी हैं. आपका सही उच्चारण, आपको अलग अलग तरह से बोल पाने की योग्यता, लोगो के हाव भाव को समझ पाने का कौशल भी आपके अंदर होना जरूरी हैं. आपको डबिंग स्टार के रूप में लोगो के हाव भाव को भी समझ कर अपनाना होता हैं. अच्छे डबिंग स्टार के तोर पर आपको लोगो से कनेक्शन बना पाने की योग्यता भी आनी चाहिए. अवसर:- डबिंग आर्टिस्ट के तोर पर करियर के कई अवसर उपलब्ध होते हैं. डबिंग स्टार के लिए रेडियो तथा टीवी चैनलों, प्रोडक्शन हाउसेज, विज्ञापन उद्योग, डॉक्यूमेंटरी फिल्म्स, एनिमेशन जगत, ऑनलाइन एजुकेशन (ऑडियो बुक डबिंग) में करियर के अवसर उपलब्ध हैं.. इस क्षेत्र में काफी स्ट्रगल भी हैं पर एक बार आपका करियर शुरू हो जाता हैं तो आगे बढ़ने के कई अवसर आपको मिलेंगे. कोर्स:- इस क्षेत्र में डिग्री कोर्स या डिप्लोमा कोर्स नही होते हैं.पर कुछ संस्थाए ऐसी भी हैं जो सर्टिफिकेट कोर्स भी करवाती हैं.जिनकी अवधि एक महीने की होती हैं.  

हथकरघा और हस्तशिल्प को प्रदर्शित करने वाला वस्त्रट मंत्रालय का कार्यक्रम एक से 15 दिसंबर तक दिल्ली हाट में

नई दिल्ली बेहतरीन हथकरघा और हस्तशिल्प को प्रदर्शित करने वाला वस्त्रट मंत्रालय का कार्यक्रम ‘मास्टर क्रिएशन’ एक से 15 दिसंबर तक दिल्ली हाट, आईएनए मार्केट, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य कारीगरों को उनके कौशल का प्रदर्शन करने और अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं को बेचने के लिए एक मंच प्रदान करके उन्हें बढ़ावा देना और उनका समर्थन करना है। यह भारत की हस्तशिल्प और हथकरघा परंपराओं को संरक्षित करने के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास है। मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार आगंतुकों को वस्त्र, मिट्टी के बर्तन, आभूषण, लकड़ी के काम और अन्य सहित हस्तनिर्मित उत्पादों की विविधतापूर्ण रेंज देखने का अवसर मिलेगा। प्रत्येक स्टॉल पर मास्टर कारीगरों द्वारा बनाई गई अनूठी कृतियां प्रदर्शित की जाएंगी जो भारत के पारंपरिक और समकालीन कला रूपों की झलक पेश करेंगी। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले 157 कारीगरों और बुनकरों में से 11 पद्म पुरस्कार विजेता, 18 शिल्प गुरु पुरस्कार विजेता, 22 संत कबीर पुरस्कार विजेता, 113 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और 3 राष्ट्रीय योग्यता प्रमाणपत्र धारक अपनी कृतियों का प्रदर्शन और बिक्री करेंगे। वस्त्र मंत्रालय हथकरघा और हस्तशिल्प के प्रति उत्साही लोगों को भारत के प्रतिभाशाली कारीगरों और बुनकरों की कलात्मकता और शिल्प कौशल का जश्न मनाने के लिए दिल्ली हाट में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है ताकि हमारे देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में शामिल हो सकें।  

गरुड़ पुराण के अनुसार ऐसे लोग स्वर्ग नहीं नरक जाते है

हिंदू धर्म के ऐसे ग्रंथ भी है जिनमें ऐसी कथाएं दी है जिनमें स्वर्ग और नर्क के बारे में बताया गया है। इन्ही पुराणों में से है गरुड़ पुराण। जिसमें स्वर्ग और नरक के बारें में बहुत ही विस्तार से बताया गया है। गरुड़ पुराण को हिंदू धर्म के 18 पुराणों में से एक माना जाता है। गरुड़ पुराण में हमारें जीवन को लेकर कई गूढ बातें बताई गई है। जिनके बारें में व्यक्ति को जरुर जनना चाहिए। ऐसे ही कुछ बातें है जिनके बारें में न हमने सुना है न ही उनके बारें में जानते है। गरुड़ पुराण के अनुसार माना जाता है कि जो मनुष्य गलत काम करते है या फिर दुष्ट होते है वो नरक जाते है। और जो लोग अच्छा काम करते है वह स्वर्ग जाते है। स्वर्ग जिसे देवताओं का निवास स्थान माना जाता है। जो बुरे कर्म करते है उन्हें नरक में ले जाकर बहुत ही बुरी तरीके से दंडित किया जाता है। आज हम अपनी खबर में गरुड़ पुराण में दिए गए ऐसे लोगों के बारें में बता रहे है जो ऐसे काम करते है। उन्हें नरक में जाकर अपने पाप भोगने पडते है। जानिए ऐसे कौन से लोग है। ऐसे लोग जो सिर्फ अपने बारें में सोचते है किसी दूसरें का हित नहीं करते है। साथ ही जो लोग कुएं, तालाब, प्याऊ और मार्ग आदि को हानि पहुंचाते हैं, ऐसे दुष्ट लोगं को नरक में ले जाया जाता हैं। पढ़े और कौन से लोग जाते है नरक में…. -समाज में ऐसे कई से लोग होते है जो आपना पेट दूसरों से झूठ बोलकर भरते है या फिर कोई गलत काम करके। गरुड़ पुराण के अनुसार जो लोग किसी स्त्री की हत्या करते है, आत्महत्या, गर्भ हत्या, ब्रह्म हत्या, गौ हत्या करते है या फिर किसी कन्या को बेचें, अपने लाब के लिए झूठ बोले। ऐसे लोगों को नरक में ही जगह मिलती हैं। -जो लोग धर्म को नही मानते है। उसकी निंदा करते है, साथ ही ऋषि-मुनियों, वेद-पुराण की निंदा कर उसका मजाक उड़ाते है। वो नरक जाते है। -जो लोग किसी भी समय या फिर कभी किसी देवी-देवता ता चिंतन नही करते है वो नरक में जाते है। पुराने जमाने के लोग हमेशा एक बात कहते है कि प्रभु का चिंतन करते रहो तभी तुम्हें स्वर्ग की प्राप्ति होगी। -गरुड़ पुराण में कहा गया है कि हमें सी पर दया करनी चाहिए जिससे हमें ही पुण्य प्राप्त होता है। लेकिन कई ऐसे व्यक्ति होते है जो अनाथ, गरीब, बच्चों, बूढ़े आदी पर दया नहीं दिखतें। ऐसे लोग नरक में जाते है। -एक ब्राह्मण व्यक्ति अगर व्यसनों में फस कर मांस मंदिरा का सेवन वाला, दूसरें का धन हडपने वाला, झूठ बोलने वाला भी नरक में जाता है। -पुराणों में माना जाता हैं कि जब आप भोजन करें उससे पहले किसी को भोजन खिलाना चाहिए इससे आपको अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। जो लोग अपने घर में अपनी पत्नी, बच्चों, नौकरों या फिर घर आए मेहमानों को भोजन नही कराते है वह नरक का रास्ता अपने लिए खोल लेते है। -जो लोग दिनभर बुरें व्यसनों यानी कि शराब, मंदिरा और मांस आदि में लगे रहते है। वह भी नरक को ही जाते है। -जो लोग किसी की समस्या को नही समझते है। उसका अपमान करते है। जैसे कि घर में कोई गरीब व्यक्ति खानें के लिए मांगने आता है तो उसका अपमान कर उसे भगा देते है। ऐसे लोग नरक में जाते है। -जो लोग पूजा-पाठ और अपने पितरों का तर्पण नही करते है। वह नरक में जाते है। -जो लोग दूसरें के धन में अपनी नजर रखते है या फिर उसका धन हडप लेते है, या फिर जो लोग दूसरों से ईर्ष्या करते है, साथ ही दूसरें की हमेशा बुराई करने वाले नरक में जाते है। (गरुड़ पुराण में ऐसे लोगों को बुरा, दुष्ट मनुष्य माना गया है। जिसके कारण इन्हें नरक की प्राप्ति होती है।)  

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