LATEST NEWS

तकनीक की उड़ान से ड्रोन दीदी चंद्रकली वर्मा ने खरीफ और रबी सीजन में कमाये दो लाख रुपए

रायपुर. जो हाथ कुशलता से चूल्हा-चौका का काम करते हैं वे तकनीक के क्षेत्र में भी उतनी ही कुशलता का परिचय दे सकते हैं। देश भर की ड्रोन दीदियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस सोच को साकार कर दिया है। रायपुर जिले की ग्राम नगपुरा की ड्रोन दीदी चंद्रकली की सफलता की उड़ान ड्रोन की तरह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम के चलते वे भी ड्रोन दीदी बनीं। ड्रोन चलाना सीखा और बहुत थोड़े समय में इसमें कुशल हो गईं। चंद्रकली बताती हैं कि हुनरमंद होने से उनके काम का मूल्य भी कई गुना बढ़ गया। वे केवल 10 मिनटों में एक एकड़ खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर देती हैं और इससे 300 रुपए कमा लेती हैं। गांव में खेतों में छिड़काव के बाद उनके ड्रोन चालन की कुशलता की जानकारी पड़ोसी गांवों में भी फैल गई। खूब काम मिला और पूरी लगन के साथ चंद्रकली ने लगभग 700 एकड़ खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव कर दिया। सबसे बड़ी खूबी यह है कि तकनीक ने उन्हें समय की बाधा से पूरी तरह से मुक्त कर दिया। वे बच्चों को तैयार करती हैं। घर में चूल्हा-चौका कर लेती हैं फिर खेतों के लिए निकल पड़ती हैं। उनके हाथ में ड्रोन का रिमोट होता है। जैसे ही चंद्रकली ने ड्रोन कंट्रोल रिमोट आॅन करती हैं, धीरे-धीरे ड्रोन गति लेते हुए आसमान की ओर उड़ता है और खेत का चक्कर काटने लगता है। अब चंद्रकली अब अपने गांव सहित आसपास के क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती है। रायपुर जिले की आरंग विकासखंड की निवासी श्रीमती वर्मा कुछ महीनों पहले महिला समूह से जुडकर बहुत ही कम आमदनी प्राप्त कर रही थीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवंबर 2023 को नमो ड्रोन दीदी योजना की शुरूआत की थी। जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त रूप के साथ साथ आत्मनिर्भर बनाते हुए आधुनिकता से जोडना है। इसी योजना के तहत छत्तीसगढ़ की महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को चयन किया गया जिसमें रायपुर जिले की चन्द्रकली वर्मा भी शामिल थी। चन्द्रकली बताती हैं कि उनके समूह में अच्छे कार्य को देखते हुए इस योजना के लिए चयनित किया गया और आॅनलाइन इन्टरव्यू हुआ। जिसके लिए उन्हें ग्वालियर में 15 दिन की ट्रेनिंग दी गई और दिसंबर 2023 में इन्हें ड्रोन नि:शुल्क दिया गया, साथ ही परिवहन के लिए ड्रोन वाहन दिया गया। वे बताती हैं कि मुझे अन्य दीदियों के साथ उत्तर प्रदेश के फूलपुर में आमंत्रित किया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें नमो ड्रोन दीदी की उपाधि दी। इसके बाद चन्द्रकला के आने बाद किसानों को इसकी बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जो वे मैनुवल तरीके से कीटनाशक का छिड़काव करते हैं वह अब ड्रोन से मिनटों में ही हो जाता है। धीरे-धीरे उन्हें काम मिलने लगा। चंद्रकला को दो लाख रुपए से अधिक की आय कर चुकी है जिससे वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहीं है उनकी बेटी आईटी में इंजीनियरिंग कर रही हैं। तकनीक का महत्व जब चंद्रकला ने समझा तो अपनी बिटिया को भी तकनीक की ओर मोड़ दिया, यह चमत्कार नमो ड्रोन दीदी योजना का है। चन्द्रकला कहती हैं कि मुझे गर्व है कि मै ड्रोन दीदी हूं। मै आज नई तकनीक का उपयोग कर रही हूं। अपने गांव के खेती किसानी में मदद कर रही हूं। जिससे उत्पादन में वृद्धि होगी और लागत भी कम आएगी। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देती हूं और अन्य महिलाओं से आग्रह करती हूं कि इस तकनीक से जुड़ें और छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाएं।  

खेल-खेल में की कहानी इतालवी फिल्म से रूपांतरित : अज़ीज़

मुंबई,  बहुप्रतीक्षित फिल्म खेल-खेल में सोनी मैक्स 30 नवंबर, 2024 को रात 08:00 बजे चैनल पर फिल्म की रिलीज से पहले निर्देशक मुदस्सर अज़ीज़ ने फिल्म के रूपांतरण और प्रेरणा के बारे में अपनी अंतर्दृष्टि साझा की। मुदस्सर अज़ीज़ ने कहा, कहानी एक इतालवी फिल्म से रूपांतरित की गई है फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम करते समय अजीज को भारतीय दर्शकों के साथ तालमेल बिठाने के लिए कहानी बुनने में मुश्किल हो रही थी। हालांकि, कहानी लिखने के दौरान जिस होटल में वे ठहरे थे, वहां एक शादी समारोह आयोजित हो रहा था। कहानी को एक साथ जोड़ने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कुंजी थी। ‘खेल खेल में’ दर्शकों को कई तरह की भावनाओं से रूबरू कराता है और इसमें कई ऐसे दृश्य हैं जो उनके दिल को छू जाते हैं। हालांकि, अपने पसंदीदा दृश्य के बारे में अजीज ने बताया, “तापसी पन्नू जब स्पर्म डोनर की मदद लेने के अपने फैसले के बारे में कबूलनामा करती है तो वह क्षण दिल दहला देने वाला है।” उन्होंने आगे कहा, “भारतीय महिलाएं अक्सर अपने परिवारों के लिए चुपचाप महत्वपूर्ण त्याग करती हैं। मेरी माँ ऐसी ही एक महिला थीं। मेरे लिए इस भावना को फिल्म में कैद करना महत्वपूर्ण था और तापसी पन्नू के अभिनय ने इसे जीवंत कर दिया। इस दृश्य का सुंदर चित्रण इसकी भावनात्मक तीव्रता को संतुलित करता है, जो इसे मेरा पसंदीदा दृश्य बनाता है। बता दें कि बहुप्रतीक्षित फिल्म खेल-खेल में की वर्ल्ड टीवी रिलीज़ के लिए पूरी तरह तैयार है। मुदस्सर अज़ीज़ द्वारा निर्देशित यह सस्पेंस ड्रामा एक रोमांचक मोड़ लेता है क्योंकि रहस्यों का एक खेल सामने आता है। फिल्म दोस्तों के एक समूह के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक दिलचस्प खेल में शामिल होते हैं। वहां उनके मोबाइल फोन पर प्राप्त किसी भी कॉल या संदेश का विवरण पूरे ग्रुप के साथ साझा करना होता है। जो कुछ शुरू में मजेदार लगता है, वह जल्द ही छिपी हुई सच्चाइयों का रहस्योद्घाटन बन जाता है।

सच्चर समिति की रिपोर्ट में कई राज्यों में वक्फ संपत्तियों पर कब्जे का उल्लेख किया गया था, राज्यों से मांगा ब्योरा

नई दिल्ली वक्फ (संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संसदीय समिति ने राज्य सरकारों से अनधिकृत कब्जे वाली वक्फ संपत्तियों का ब्योरा मांगा है। सच्चर समिति की रिपोर्ट में कई राज्यों में वक्फ संपत्तियों पर कब्जे का उल्लेख किया गया था। समिति ने राज्यों से वक्फ अधिनियम की धारा 40 के तहत वक्फ बोर्डों द्वारा दावा की गई संपत्तियों का भी विवरण मांगा है। बता दें कि संसदीय समिति का कार्यकाल अब बजट सत्र के अंतिम दिन तक बढ़ा दिया गया है। धारा 40 पर छिड़ी बहस कांग्रेस सरकार ने 2013 में वक्फ अधिनियम में संशोधन किया था। इस कानून की धारा 40 पर सबसे अधिक विवाद है। दरअसल, यह धारा वक्फ बोर्डों को यह तय करने का अधिकार देता है कि कोई संपत्ति वक्फ की है या नहीं। अब मौजूदा संशोधन विधेयक में इस पर ही अंकुश लगाने की तैयारी है। हालांकि विपक्षी दलों समेत कई मुस्लिम संगठनों ने सरकार के कदम की आलोचना की। उन्होंने विधेयक को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करार दिया। राज्यों से मांगा कब्जे वाली संपत्तियों का ब्योरा संसदीय समिति ने उन वक्फ संपत्तियों का भी ब्योरा मांगा है, जहां पर राज्य सरकार या उनकी आधिकारिक एजेंसियों का कब्जा है। 2005 में बनी सच्चर समिति को विभिन्न वक्फ बोर्डों ने अधानिकृत कब्जों की जानकारी दी थी। संसदीय समिति केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के माध्यम से राज्यों से जानकारी जुटा रही है।

प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट बन सकते हैं आप, अच्छे है करियर स्कोप

दुनिया में शायद ही ऐसी कोई महिला हो जो बिना मेकअप के घर से बाहर जाना पसंद करती हो, फिर चाहे बात ऑफिस की हो, गेट टू गेदर या फिर किसी पार्टी की। इतना ही नहीं, टेलीविजन से लेकर फिल्म इंडस्ट्री, एड वर्ल्ड व फैशन इंडस्ट्री में भी बिना मेकअप के आपको कोई चेहरा नजर नहीं आता। जहां पिछले कुछ समय तक सिर्फ महिलाएं ही मेकअप किया करती थीं, वहीं अब पुरूष भी मेकअप करने में पीछे नहीं हैं। इन सभी स्टार्स को खूबसूरत बनाने का काम करते हैं मेकअप आर्टिस्ट। मेकअप आर्टिस्ट ही वह व्यक्ति होता है जो किसी भी आर्टिस्ट को उसके किरदार में ढालने में एक अहम भूमिका निभाता है। अगर आप भी खुद को और दूसरों को खूबसूरत बनाने में रूचि रखते हैं तो बतौर मेकअप आर्टिस्ट अपना भविष्य देख सकते हैं… कार्यक्षेत्र एक मेकअप आर्टिस्ट का कार्यक्षेत्र काफी विस्तृत होता है। अगर आप समझते हैं कि मेकअप आर्टिस्ट का काम सिर्फ मेकअप करने तक सीमित है तो आप गलत हैं। एक मेकअप आर्टिस्ट के काम की शुरूआत सबसे पहले अपनी क्लाइंट की स्किन को समझने से शुरू होती है ताकि वह उसे सही और बेस्ट सर्विसेज दे सके। इसके बाद आपको क्लाइंट की डिमांड को ध्यान में रखकर उनकी खूबसूरती में इजाफा करना होता है। अगर आप टीवी या फिल्म इंडस्ट्री में किसी कलाकार का मेकअप कर रहे हैं तो आपको पहले किरदार को ध्यान में रखना होता है। इतना ही नहीं, एक मेकअप आर्टिस्ट को तय समय में अपना काम पूरा करना होता है। जो आर्टिस्ट डेडलाइन्स पूरी नहीं कर पाते, उनसे कोई भी सर्विस लेना पसंद नहीं करता।   स्किल्स इस क्षेत्र में आपका क्रिएटिव माइंड होना बेहद आवश्यक है ताकि आप अपने क्लाइंट की पर्सनैलिटी के अनुरूप मेकअप कर पाएं। हर चेहरा एक जैसा नहीं होता। इतना ही नहीं, जो व्यक्ति क्लाइंट की डिमांड और मौके के हिसाब से परफेक्ट मेकअप कर पाने में सक्षम होता है, उसे इस क्षेत्र में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। साथ ही एक मेकअप आर्टिस्ट को हर स्टाइल और गेटअप के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए आपको लेटेस्ट मेकअप ट्रेंड के बारे में हमेशा रिसर्च करती रहनी चाहिए। साथ ही मेकअप को लेकर हो रहे प्रयोगों पर भी आपको पैनी नजर रखनी चाहिए ताकि आप अपने काम में भी उसे शामिल कर सकें। इतना ही नहीं, उसे अपने टूल्स, प्रॉडक्टस व उन्हें इस्तेमाल करने के बारे में भी सही तरह से पता होना चाहिए। एक मेकअप आर्टिस्ट को पब्लिक डील भी करना होता है, इसलिए आपका कम्यूनिकेशन लेवल भी बढ़िया होना चाहिए। आपकी रचनात्मकता के साथ−साथ आपके कम्युनिकेशन स्किल आपको आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं आपको लंबे समय तक बिना थके काम करना, धैर्य व टीम के साथ काम करना भी आना चाहिए।   योग्यता इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए आपको मेकअप की बारीकियों के बारे में पता होना चाहिए। जिसके लिए आप इस विषय में डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। इस क्षेत्र में डिप्लोमा कोर्स करने के लिए आपका दसवीं या बारहवीं पास होना ही पर्याप्त है।   यहां मिलेंगे मौके एक मेकअप आर्टिस्ट के पास काम की कभी भी कमी नहीं होती। आप चाहें तो किसी मेकअप स्टूडियो में जॉब कर सकते हैं या फिर खुद का पार्लर भी चला सकते हैं। अगर आप खुद का बिजनेस शुरू नहीं कर सकते तो बतौर फ्रीलासंर भी विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे सकते है। इसके अतिरिक्त टीवी इंडस्ट्री से लेकर फिल्म, एड कंपनियों आदि में संपर्क करके वहां पर भी काम की तलाश कर सकते हैं। इस क्षेत्र में काम और कमाई की कोई सीमा नहीं है, बशर्ते आप अपने काम में माहिर हों।   मिलेगी इतनी आमदनी इस इंडस्ट्री में आपकी आमदनी आपके अनुभव और वर्कप्लेस पर निर्भर करती है। उदाहरण के तौर पर अगर आप किसी बड़े कलाकार के पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट के रूप में काम करते हैं, तो फिर आपकी सैलरी लाखों में हो सकती है। वहीं जो लोग खुद का मेकअप स्टूडियो खोलते हैं, उनकी आमदनी भी उस स्टूडियो के चलने के ऊपर निर्भर करती है। फिर भी अनुभव और लोगों की तारीफ बटोरने के बाद आप इस क्षेत्र में काफी अच्छी कमाई कर सकते हैं।   प्रमुख संस्थान पर्ल अकादमी, विभिन्न केन्द्र लैक्मे ट्रेनिंग अकादमी, दिल्ली ओरेन ब्यूटी अकादमी, विभिन्न केन्द्र ऑरा ब्यूटी अकादमी, पंजाब हेजल इंटरनेशनल इंस्टीटयूट ऑफ ब्यूटी एंड वेलनेस, पंजाब  

ट्रंप शासन में होगा भारतवंशियों का दबदबा, जानें कौन-कौन

नई दिल्ली. अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को संघीय जांच ब्यूरो (FBI) के डायरेक्टर पद के लिए अपने निकट सहयोगी एवं विश्वासपात्र काश पटेल को नामित किया। यह सेलेक्शन ट्रंप के इस दृष्टिकोण के अनुरूप है कि सरकार की कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है। साथ ही ट्रंप ने अपने विरोधियों के विरुद्ध प्रतिशोध की इच्छा जताई है। ऐसे में इस पद के लिए पटेल का चयन मायने रखता है। इस तरह ट्रंप के नए प्रशासन एक और भारतवंशी को महत्वपूर्ण स्थान मिला है। जानते हैं ट्रंप प्रशासन में किन भारतीय-अमेरिकी को अहम जिम्मेदारी मिल चुकी है। काश पटेल काश पटेल की नियुक्ति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही। पटेल अमेरिका में कानून व्यवस्था और नेशनल सिक्योरिटी को मजबूत करने पर फोकस करेंगे। 44 वर्षीय पटेल 2017 में तत्कालीन ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के अंतिम कुछ हफ्तों में अमेरिका के कार्यवाहक रक्षा मंत्री के ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ के रूप में भी काम कर चुके हैं। पेशे से वकील पटेल का संबंध गुजरात में वडोदरा से रहा है। पटेल भारत में अयोध्या में बने राम मंदिर को लेकर दिए बयान की वजह से भी चर्चा में रहे थे। विवेक रामास्वामी निर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप ने विवेक रामास्वामी को नए डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) के लिए चुना है। बिजनेसमैन रामास्वामी का काम सरकार को सलाह देना होगा। भारतवंशी रामास्वामी करोड़पति शख्स हैं और एक दवा कंपनी के फाउंडर भी हैं। विवेक रामास्वामी राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार बनने की दौड़ में शामिल थे लेकिन बाद में उन्होंने अपनी दावेदारी वापस ले ली। इसके बाद उन्होंने ट्रंप का समर्थन करने का फैसला किया था। भारतीय प्रवासी के 39 वर्षीय पुत्र रामास्वामी पहले भारतीय-अमेरिकी हैं जिन्हें ट्रंप ने अपने प्रशासन में शामिल किया है। उनके पिता वी गणपति रामास्वामी पेश से इंजीनियर हैं, जबकि उनकी माता गीता रामास्वामी मनोचिकित्सक हैं। उनके माता-पिता केरल से अमेरिका चले गए थे। सिनसिनाटी, ओहियो में जन्मे और पले-बढ़े, भारतीय मूल के बिजनेसमैन राष्ट्रीय स्तर के टेनिस खिलाड़ी थे। उन्होंने हार्वर्ड से बायोलॉजी में ग्रेजुएशन की। इसके बाद उन्होंने अपनी खुद की बायोटेक कंपनी, ‘रोइवेंट साइंसेज’ शुरू की। बायोटेक बिजनेसमैन की शादी अपूर्वा से हुई है, जो गले की सर्जन हैं। वे ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी वेक्सनर मेडिकल सेंटर में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। वे कोलंबस, ओहियो में रहते हैं और उनके दो बेटे हैं। तुलसी गबार्ड डेमोक्रेटिक पार्टी की पूर्व सदस्य तुलसी गबार्ड ‘डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस’ (डीएनआई) के रूप में सेवाएं देंगी। गबार्ड चार बार सांसद रह चुकी हैं। वह 2020 में वह राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए उम्मीदवार भी थीं। गबार्ड के पास पश्चिम एशिया और अफ्रीका के संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में तीन बार तैनाती का अनुभव है। वह हाल ही में डेमोक्रेटिक पार्टी को छोड़कर रिपब्लिकन पार्टी में शामिल हुई थीं। जय भट्टाचार्य ट्रंप ने भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक जय भट्टाचार्य को देश के टॉप हेल्थ रिसर्च एवं वित्त पोषण संस्थानों में से एक, ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ’ (एनआईएच) के निदेशक के रूप में चुना है। इसके साथ ही भट्टाचार्य, ट्रंप द्वारा शीर्ष प्रशासनिक पद के लिए नामित होने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बन गए हैं। डॉ. भट्टाचार्य रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर के साथ मिलकर राष्ट्र के मेडिकल रिसर्च की दिशा में मार्गदर्शन करेंगे। उषा वेंस भारतीय-अमेरिकी वकील उषा चिलुकुरी वेंस उस समय चर्चा में आईं, जब उनके पति जे डी वेंस को रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नामित किया गया। ट्रंप-वेंस की जीत के साथ, 38 साल की उषा अमेरिका की सेकंड लेडी बनने वाली हैं। इस भूमिका में उषा पहली भारतीय-अमेरिकी होंगी। उषा, ओहियो के सीनेटर जे डी वेंस (39) के साथ खड़ी थीं, जब ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद समर्थकों को संबोधित किया। भारतीय प्रवासियों की बेटी उषा सैन डिएगो उपनगर में पली-बढ़ीं। उनके माता-पिता का पैतृक गांव आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिले में वडलुरु है। पढ़ाई में होनहार छात्रा रहीं और किताबों से लगाव रखने वाली उषा ने आगे चलकर नेतृत्व के गुण दिखाए। उषा का जुड़ाव कैम्ब्रिज, येल यूनिवर्सिटी से भी रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न सदस्यों के लिए भी काम किया। उनकी आखिरी नौकरी मुंगर, टोल्स एंड ओल्सन एलएलपी में दीवानी मुकदमे की वकील के रूप में थी। उषा और वेंस की मुलाकात येल लॉ स्कूल में पढ़ाई के दौरान हुई थी। बाद में 2014 में केंटकी में उनकी शादी हुई। वेंस के तीन बच्चे हैं। बेटे इवान और विवेक साथ ही एक बेटी जिसका नाम मिराबेल है।

युवा कांग्रेस तहसील कार्यालय घेरेगा 3 से 9 दिसंबर तक

रायपुर. छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस द्वारा प्रदेश कार्यकारिणी की आॅनलाइन बैठक में तीन अहम निर्णय लिया गया कि प्रदेश युवा कांग्रेस आने वाले 3 से 9 दिसंबर तक तहसील आॅफिस का करेगा घेराव, इसके बाद 11 से 17 दिसंबर तक जिला कलेक्टर का घेराव करने जा रही है। बैठक के बाद वीडियो के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने संदेश दिया कि पिछले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी जिन वादों के साथ सत्ता में आई थी आज वह भूल चुकी है। 3100 में धान खरीदी का वादा भाजपा द्वारा किया गया था,  आज किसानों को एक साथ पूरी राशि नहीं मिल रही है लगातार बारदाना की कमी एवं धान खरीदी में अर्थव्यवस्था देखी जा रही है। छत्तीसगढ़ में मर्डर,बलात्कार एवं चोरी जैसे मामले एक आम बात हो गई है एवं छत्तीसगढ़ के स्थानीय लोगों को बड़े एवं छोटे उद्योगों में रोजगार नहीं दिया जा रहा है। इन सभी मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस आने वाले 3 दिसंबर से लेकर 17 दिसंबर तक पहले छत्तीसगढ़ के प्रत्येक तहसील का घेराव करेगी उसके बाद जिला कलेक्टर का घेराव प्रत्येक जिले में किया जाएगा। यह घेराव आने वाले समय में 17 दिसंबर के बाद एक प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन भी छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस द्वारा किया जाएगा।

साय सरकार की बड़ी पहल, चार संभागों में 83 नए चिकित्सा अधिकारियों की संविदा नियुक्ति

रायपुर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी के लिए पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता को सुनिश्चित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा पदों पर चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति प्रदान करते हुए पदस्थापना आदेश जारी किए गए हैं. प्रदेश के रायपुर संभाग के शासकीय अस्पतालों में 31 चिकित्सा अधिकारियों, बिलासपुर संभाग में 22 चिकित्सा अधिकारियों, सरगुजा संभाग में 03 चिकित्सा अधिकारियों के साथ दुर्ग संभाग में 27 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा आज इन नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं. इन डॉक्टरों को संबंधित जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला चिकित्सालयों में पदस्थ किया गया है. नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारी की पदस्थापना से त्वरित इलाज में तेजी आएगी और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा. चिकित्सकों की सूची – रायपुर संभाग के लिए चिकित्सा अधिकारी (संविदा) के जारी आदेश में डॉ शुभम विश्वकर्मा, डॉ प्रिदम्बिनी नायक, डॉ तोयेष चंद्राकर, डॉ स्मृति इंगोले, डॉ साहिल कुमार, डॉ मिलनदीप कौर, डॉ देवांग शाह, डॉ नीलम जायसवाल, डॉ चंद्र शेखर जायसवाल, डॉ वाय. मुनमुन, डॉ यशवंत सोनी, डॉ दीक्षा थवाईत, डॉ ऋतम्भरा शर्मा, डॉ वैशाली चौरसिया, डॉ यूसुफ उस्मानी, डॉ एम शिवानी राव, डॉ निशा पैकरा, डॉ शिखा शुक्ला, डॉ सोनाली अवधिया, डॉ सुब्रनिल घोष, डॉ सचिन अग्रवाल, डॉ अम्मूनाथ अनमोल पांडेय, डॉ प्रशांत कुमार पांडेय, डॉ अदिबा खान, डॉ श्रेया मुखर्जी, डॉ एशिनी अग्रवाल, डॉ प्रीति खालखो, डॉ विकास सिंह, डॉ विपिन कुमार सिंह, डॉ संग्राम येरेवार, डॉ मयंक शर्मा. बिलासपुर संभाग के लिए डॉ सावी शुक्ला, डॉ सोनाली प्रकाश, डॉ धनंजय कुमार निर्मलकर, डॉ विवेक पटेल, डॉ कृष्ण कुमार कुम्भकार, डॉ अदिति सिंह, डॉ नीलमणी सिंह, डॉ जोन कुजूर, डॉ पूजा सिंह, डॉ निशि निर्मलकर, डॉ प्रफुल्लता कंवर, डॉ अमीशा टेकाम, डॉ पूर्णिमा कंवर, डॉ दिव्या अंकित रोहलेदार, डॉ अनुभूति नंद, डॉ अदिति मारिया लाकरा, डॉ रितीशा वेरोनिका थॉमस,डॉ प्रियंका सिंह पैकरा, डॉ संदीप पटेल, डॉ ज्योत्सना गुप्ता, डॉ स्मृति रानी लकड़ा, डॉ त्रिलोक जागीतानाथ हिमधर. दुर्ग संभाग के लिए डॉ कृति ठाकुर, डॉ दामिनी नाग, डॉ शशांक बारले, डॉ प्रिया चन्दानन, डॉ श्रीयम शुक्ला, डॉ सुदीप्ता पाल, डॉ संध्या कंवर, डॉ सौरीन चटर्जी, डॉ सुधांशु शेखर सेनापति, डॉ नवेद मालिक, डॉ सुलेखा विंध्यराज, डॉ मोनिका मरकाम, डॉ हितेश प्रसाद पात्रे, डॉ अंजलि आर जोसेफ, डॉ प्रणय दत्ता, डॉ मोहम्मद असहर खान, डॉ पलक मेश्राम, डॉ रुपाली सिंह, डॉ राजेश्वर प्रसाद हेटली, डॉ अवधेश सिदार, डॉ प्रतीक साहू, डॉ प्रियंका गेन्ड्रे, डॉ मोहम्मद अरशद अंसार, डॉ सैयद ताजिश अली, डॉ अकांक्षा श्रीवास्तव, डॉ योगिता पांडरे, डॉ भाविका टंडन के साथ सरगुजा संभाग के लिए डॉ भोजमनियां, डॉ प्रेमा कुजूर और डॉ अभिषेक नामदेव को विभिन्न जिलों में पदस्थ किया गया है.

महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री ने कहा-महायुति में आपसी समझ बेहतर है, आज मुख्यमंत्री पद को लेकर भी फैसला हो जाएगा

मुंबई महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने पैतृक गांव पहुंचने के बाद मीडिया के सामने अपनी बात रखी है। मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चा पर शिंदे ने कहा कि मैं पहले ही अपना बिना शर्त समर्थन महायुति को दे चुका हूं, महायुति में आपसी समझ बेहतर है, आज मुख्यमंत्री पद को लेकर भी फैसला हो जाएगा। मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी सस्पेंश के बीच अपने पैतृक गांव पहुंचे शिंदे ने कहा कि मैं अब स्वस्थ हूं। चुनाव के थकावट भरे कार्यक्रम के बाद मैं यहां पर आराम करने के लिए आया था। सीएम के रूप में अपने ढाई साल के कार्यकाल के दौरान मैंने कोई छुट्टी नहीं ली। लोग अभी भी मुझसे मिलने आ रहे हैं। इसी थकावट के कारण मैं बीमार हो गया था। अब मैं बेहतर महसूस कर रहा हूं। शिंदे ने कहा कि महायुति सरकार लोगों की बात सुनेगी। मैंने पहले ही संगठन नेतृत्व को अपना बिना शर्त समर्थन दे दिया है। उनका जो भी फैसला होगा हम उसका सम्मान करेंगे। अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के बारे में बात करते हुए शिंदे ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 2.5 सालों में जो काम किया है उसे इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार के बेहतर प्रदर्शन के कारण ही लोगों ने हमें ऐतिहासिक जनादेश दिया है। जनता पर हमारा आशीर्वाद ऐसा रहा कि विपक्ष के पास विपक्ष का नेता चुनने की भी ताकत नहीं है। उन्होंने कहा कि महायुति के तीनों सहयोगियों की आपसी समझ बहुत अच्छी है, जहां तक मुख्यमंत्री के पद का सवाल है तो उसका फैसला कल हो जाएगा। इससे पहले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जनता ने महायुति को ऐतिहासिक जनादेश दिया है। चुनावी नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर लगातार सस्पेंस बना हुआ है। महायुति में सबसे ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करने वाली भाजपा ने मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की तारीख का ऐलान तो कर दिया है लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री कौन होगा इसकी घोषणा नहीं की है। भाजपा के सूत्रों की मानें तो देवेन्द्र फडणवीस का नाम सीएम पद की रेस में सबसे आगे है। फडणवीस पहले भी एक पंचवर्षीय में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जबकि निवर्तमान एकनाथ शिंदे सरकार में वह उपमुख्यमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं।

ब्रिक्स देशों को नई मुद्रा विकसित करने या ‘शक्तिशाली डॉलर’ की जगह पर कोई अन्य करेंसी अपनाने को लेकर कड़ी चेतावनी दी: ट्रंप

न्यूयॉर्क अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स देशों को नई मुद्रा विकसित करने या ‘शक्तिशाली डॉलर’ की जगह पर कोई अन्य करेंसी अपनाने को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने धमकी दी है कि अगर ऐसा कोई कदम उठाया जाता है तो ब्रिक्स देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा और उन्हें अमेरिकी बाजारों से प्रभावी रूप से प्रतिबंधित किया जाएगा। ब्रिक्स में दुनिया की दो सबसे बड़ी उभरती शक्तियां चीन और भारत भी शामिल हैं। ट्रंप ने शनिवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, “इस बात की कोई संभावना नहीं है कि ब्रिक्स इंटरनेशनल ट्रेड में अमेरिकी डॉलर की जगह ले लेगा, और जो भी देश ऐसा करने की कोशिश करेगा, उसे अमेरिका को अलविदा कह देना चाहिए।” भारत और ब्रिक्स के अन्य आठ सदस्यों के लिए अमेरिकी बाजार को बंद करने की धमकी देते हुए उन्होंने कहा, “हमें इन देशों से यह प्रतिबद्धता चाहिए कि वे न तो नई ब्रिक्स मुद्रा बनाएंगे, न ही शक्तिशाली अमेरिकी डॉलर की जगह किसी अन्य मुद्रा का समर्थन करेंगे, अन्यथा उन्हें 100 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ेगा और उन्हें अद्भुत अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अपने उत्पाद बेचने को विदा कहना होगा।” चीन, मैक्सिको और कनाडा से आयात पर उच्च टैरिफ की धमकी देने के बाद ट्रंप ने अब ब्रिक्स को यह चेतावनी दी है। विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर पहले ही ब्रिक्स देशों की साझा मुद्रा के विचार को स्पष्ट रूप से खारिज कर चुके हैं। उन्होंने पिछले साल जोहान्सबर्ग में समूह के शिखर सम्मेलन से पहले कहा था, “ब्रिक्स देशों की मुद्रा जैसा कोई विचार नहीं है।” भारत ब्रिक्स देशों की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। हालांकि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने फिर भी जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन में एक आम मुद्रा का प्रस्ताव रखा, लेकिन इस पर कोई प्रगति नहीं हुई। अपने अभियान के दौरान, ट्रंप ने जोर देकर कहा कि दुनिया की प्रमुख व्यापारिक मुद्रा के रूप में डॉलर के भविष्य को ख़तरा है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति जो बाइडेन इसे अनदेखा कर रहे हैं। उन्होंने ट्रुथ सोशल पोस्ट में कहा, “यह सोच कि ब्रिक्स देश डॉलर से दूर जाने की कोशिश कर रहे हैं और हम खड़े होकर देखते रहें, खत्म हो चुकी है।” ब्रिक्स देशों को दी गई ट्रंप की चेतावनी एक तरह से टेस्टिंग है। इसमें यह देखा जाएगा कि कौन से देश सार्वजनिक रूप से भारत जैसा रुख अपनाएंगे। यह बीजिंग के लिए एक पूर्व चेतावनी है। ब्रिक्स, अपने पहले सदस्यों – ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नामों से बना एक संक्षिप्त नाम है। इस साल इसका विस्तार करके इसमें ईरान, मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को शामिल किया गया। कई अन्य देशों ने ब्रिक्स में शामिल होने के लिए आवेदन किया है।

रिपोर्ट में कोयंबटूर और गुड़गांव भारत के उभरते नौकरी बाज़ार की वादा की गई भूमि के रूप में उभर रहे

नई दिल्ली भारत में अब मेट्रो शहरों तक सीमित करियर के अवसर जल्द ही अतीत की बात हो सकते हैं। एक नई आर्थिक लहर के तहत जयपुर और कोयंबटूर जैसे टियर-2 शहर अब संपन्न व्यापारिक केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं। जैसा कि टीमलीज़ रिपोर्ट से पता चलता है, कोयंबटूर और गुड़गांव भारत के उभरते नौकरी बाज़ार की “वादा की गई भूमि” के रूप में उभर रहे हैं। टीमलीज़ एक प्रमुख भारतीय भर्ती और मानव संसाधन कंपनी की हालिया रिपोर्ट के अनुसार ये शहर अपनी प्रचुर क्षमता, कम परिचालन लागत और ताज़ी प्रतिभा पूल की वजह से कंपनियों को आकर्षित कर रहे हैं। इन शहरों में बेहतर बुनियादी ढांचा और विस्तारित कार्यबल के कारण, लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, और कृषि जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। क्यों बढ़ रहे हैं टियर-2 शहर? जयपुर, कोयंबटूर और गुड़गांव जैसे शहर अब रोजगार सृजन के नए केंद्र बनते जा रहे हैं जो छात्रों और पेशेवरों के लिए मेट्रो शहरों की भीड़-भाड़ और समस्याओं का एक अच्छा विकल्प बन रहे हैं। टीमलीज़ की रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद जैसे पारंपरिक मेट्रो शहरों ने आज भी अपनी प्रमुखता नहीं खोई है। बेंगलुरु 53.1% के साथ सबसे आगे है इसके बाद मुंबई (50.2%) और हैदराबाद (48.2%) हैं। हालांकि छोटे शहरों में भी तेजी से रोजगार की संभावना बढ़ रही है। कोयंबटूर में 24.6%, गुड़गांव में 22.6% और जयपुर में 20.3% नौकरी वृद्धि देखी जा रही है। लखनऊ और नागपुर जैसे शहरों में भी रोजगार वृद्धि 18.5% और 16.7% है। कोयंबटूर और गुड़गांव: क्यों बन रहे हैं रोजगार केंद्र? कोयंबटूर और गुड़गांव जैसे शहर अब नए रोजगार केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। ये शहर अपनी कम परिचालन लागत, कुशल श्रमिकों और सहायक बुनियादी ढांचे के कारण कंपनियों को आकर्षित कर रहे हैं। मेट्रो शहरों में बढ़ती लागत और संतृप्तता के कारण अब व्यवसाय इन शहरों में निवेश करना पसंद कर रहे हैं। इन शहरों में कई शैक्षणिक संस्थान और प्रशिक्षण केंद्र हैं जो कंपनियों को एक तैयार और योग्य कार्यबल प्रदान कर रहे हैं। इसके कारण कोयंबटूर और गुड़गांव में खासतौर पर आईटी, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में रोजगार का विस्तार हो रहा है। कम लागत पर बढ़ते अवसर कोयंबटूर और गुड़गांव में कम रियल एस्टेट लागत, सस्ती उपयोगिताएँ और कम श्रम खर्च की वजह से कंपनियों का ध्यान इन शहरों की ओर बढ़ा है। इससे उन व्यवसायों को भी फायदा हो रहा है जो ओवरहेड खर्चों को कम करने के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश में थे। आईटी और गैर-आईटी उद्योगों के लिए आदर्श इन टियर-2 शहरों की अपील केवल आईटी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। कोयंबटूर और गुड़गांव जैसे शहरों में आईटी के साथ-साथ विनिर्माण, वित्त, और अन्य उद्योगों के लिए भी आदर्श अवसर हैं। कम लागत और कुशल श्रम की उपलब्धता इन शहरों को विविध उद्योगों के लिए आकर्षक बना रही है। मेट्रो शहरों की चुनौतियां हालांकि बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद जैसे मेट्रो शहरों की प्रमुखता कायम है लेकिन इन्हें भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन शहरों में बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण की वजह से बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा इन शहरों में कुछ विशेष क्षेत्रों में कौशल अंतराल भी देखने को मिल रहा है जो कंपनियों के लिए चुनौती बन रही है। भारत में रोजगार केंद्र अब केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं हैं। छोटे और उभरते शहर जैसे कोयंबटूर, गुड़गांव, जयपुर, लखनऊ और नागपुर तेजी से रोजगार सृजन के नए केंद्र बन रहे हैं। ये शहर कंपनियों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा, कम लागत और कुशल श्रमिकों के साथ आदर्श विकल्प बन रहे हैं। यही कारण है कि इन शहरों में रोजगार की वृद्धि हो रही है जो भविष्य में देश के समग्र आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

नारायण सिंह कुशवाह ने कहा- कल अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर पूरे प्रदेश हो आयोजन

भोपाल सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर पूरे प्रदेश के दिव्यांगों की क्षमताओं और उपलब्धियां का उत्सव मनाते हुए एक समावेशी समाज के निर्माण में प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए कार्यक्रम किये जाये। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि सुगम भारत अभियान के अंतर्गत हम सबको मिलकर सुगम वातावरण निर्माण और आईटीसी पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने का कार्य करना चाहिए इससे दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने का मार्ग प्रशस्त होगा। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों एवं सार्वजनिक स्थान पर दिव्यांगजनों के कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। ऐसे आयोजनों से न केवल समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा बल्कि जनता को सुगमता के महत्व के प्रति हम जागरूक भी कर सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस हमारी समाज के इस वर्ग के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने वाला दिवस है। दिव्यांगजन, समाज की मुख्य धारा से जोड़कर आगे लाना और उनके लिए समान अवसर उपलब्ध कराना हम सब का दायित्व है।  

जल्द जारी होगी लाड़ली बहनों को अगली किस्त, खाते में आएंगे 1250 रु

भोपाल. मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 1.29 करोड़ लाभार्थी बहनों के लिए खुशखबरी है। दिसंबर का महीना लग गया है, जल्द ही योजना की अगली किस्त आने वाली है। संभावना जताई जा रही है कि इस बार भी बहनों के खाते में समय से पहले 5 से 10 दिसंबर के बीच 19वीं किस्त के 1250 रुपए भेजे जा सकते है, हालांकि फाइनल डेट को लेकर अभी अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। दरअसल, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए चलाई जा रही बड़ी योजनाओं में से एक है। इसे पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू किया गया था, पहले 1000 रुपए दिए जाते है लेकिन अब 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं। जून 2023 से नवंबर 2024 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 18 किश्तों का अंतरण किया गया है।अब योजना की 19वीं किस्त का इंतजार है।इधर, सीएम के राशि बढ़ाने के संकेत के बाद संभावना है कि नए साल 2025 में राशि में इजाफा किया जा सकता है। लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी। इसमें 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी। इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था। अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं। लाड़ली बहनों को जून 2023 से अक्टूबर 2024 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 17 किश्तों का अंतरण किया गया है। इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। किसे मिलता है लाड़ली बहना योजना का लाभ इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है। महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए। अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो। यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी। विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं। जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। कैसे चेक करें लिस्ट में अपना नाम लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं। वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर क्लिक करें। दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें। कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें। ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।

तीन दिसंबर को पूरे होने जा रहे भोपाल गैस त्रासदी के 40 वर्ष, आज भी दफन है जहरीला कचरा

भोपाल. भोपाल गैस त्रासदी के 40 वर्ष इसी तीन दिसंबर को पूरे होने जा रहे हैं, पर गैस पीड़ितों को लेकर सरकारी वादों और जमीनी स्थिति में बहुत अंतर है। इतने वर्ष बाद भी जहरीला कचरा यूनियन कार्बाइड परिसर में दफन है। इस कारण भूजल प्रदूषित होने की बात सत्यापित हो चुकी है। वर्ष 2018 में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टाक्सिकोलाजी रिसर्च लखनऊ की रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आ चुका है। भूजल में हेवी मेटल, आर्गनो क्लोरीन रिपोर्ट के अनुसार यूनियन कार्बाइड परिसर के आसपास की 42 बस्तियों के भूजल में हेवी मेटल, आर्गनो क्लोरीन पाया गया था, जो कैंसर और किडनी की बीमारी के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। इसके बाद इस क्षेत्र में नर्मदा जल की आपूर्ति सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर की जा रही है। आशंका है इन कालोनियों के अतिरिक्त प्रदूषित भूजल आगे पहुंच गया हो पर वर्ष 2018 के बाद जांच ही नहीं कराई गई। गैस पीड़ित संगठन के कार्यकर्ताओं का दावा है कि रैपिड किट से उन्होंने इनके अतिरिक्त कारखाने की साढ़े तीन किमी की परिधि में आने वाली 29 अन्य कालोनियों में भी जांच की तो आर्गनो क्लोरीन मिला है, पर कितना मात्रा में है इसकी जांच बड़े स्तर पर सरकार द्वारा कराने की आवश्यकता है। गड़्ढे बनाकर जहरीला रासायनिक कचरा दबाया गैस पीड़ितों के लिए काम करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता रचना ढींगरा ने बताया कि त्रासदी के पहले परिसर में ही गड़्ढे बनाकर जहरीला रासायनिक कचरा दबा दिया जाता था। इसके अतिरिक्त परिसर में बनाए गए तीन छोटे तालाबों में भी पाइप लाइन के माध्यम जहरीला अपशिष्ट पहुंचाया जाता था। इस कचरे की कोई बात ही नहीं हो रही। कारखाने में रखे कचरे को नष्ट करने के लिए 126 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसे पीथमपुर में जलाया जाना है। पुनर्वास के लिए मिली राशि में 14 वर्ष बाद खर्च नहीं हो पाए 129 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गैस पीड़ितों के पुनर्वास के लिए वर्ष 2010 में 272 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसमें 75 प्रतिशत राशि केंद्र व 25 प्रतिशत राज्य सरकार की थी। इसमें भी 129 करोड़ रुपये आज तक खर्च नहीं हो पाए हैं। गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग आज तक इस राशि को खर्च करने की योजना ही नहीं बना पाया है। आर्थिक पुनर्वास के लिए 104 करोड़ रुपये मिले थे। इसमें 18 करोड़ रुपये स्वरोजगार प्रशिक्षण पर खर्च हुए बाकी राशि बची है। सामाजिक पुनर्वास के लिए 40 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें गैस पीड़ितों की विधवाओं के लिए पेंशन का भी प्रविधान है। 4399 महिलाओं को पेंशन मिल रही हैं। वर्ष 2011 से यह राशि एक हजार है जिसे बढ़ाया नहीं गया है। न ही किसी नए हितग्राही को शामिल किया गया है।

महाकुंभ: यात्रियों की सुविधा के लिए इटावा रीजन की करीब 489 बसों को भगवा रंग में रंगने की तैयारी में जुट गया

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जनवरी माह में आयोजित होने जा रहे महाकुंभ के लिए रोडवेज की बसों को भगवा रंग से रंगा जाना शुरू कर दिया गया है। इटावा रीजन की स्पेशल 410 बसें कुंभ आने जाने वाले यात्रियों के लिए लगाई जायेंगी। इटावा रोडवेज परिक्षेत्र के प्रबंधक उमेश सीएस आर्य ने बताया कि इटावा रीजन में कुल 489 बसें हैं। जिसमें करीब 181 बसें पहले से ही भगवा रंग में रंगी हुई है। 50 अतिरिक्त नई बसें साधारण यात्रियों के लिए मुख्यालय से मांग की गई हैं। करीब 20 दिन चलने वाले महाकुंभ के लिए परिवहन निगम युद्ध स्तर से तैयारियों में जुटा हुआ है। इटावा रीजन से महाकुंभ में 229 बसों का किया जा रहा रंग रोगन इटावा में परिवहन निगम जनवरी से होने वाले महाकुंभ के लिए कुंभ जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए इटावा रीजन की करीब 489 बसों को भगवा रंग में रंगने की तैयारी में जुट गया है। परिवहन विभाग ने युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इटावा रीजन से महाकुंभ में 229 बसों का रंग रोगन किया जा रहा है। इटावा रीजन क्षेत्र में 181 बसे पहले से भगवा रंग में विभिन्न रूटों पर चलाई जा रहीं हैं। इसी के साथ 100 संविदा चालकों की भर्ती की जानी है। उन्होंने बताया कि इस महाकुंभ मेले में जिले से दूसरे चरण में 22 जनवरी से सात फरवरी तक 229 बसें सीधे प्रयागराज के लिए दौड़ेंगी। वर्तमान समय में सभी बसों पर कायाकल्प का कार्य चल रहा है। इटावा रीजन में 181 बसें पहले से भगवा रंग में विभिन्न मार्गों पर दौड रहीं आपको बता दें कि इटावा रीजन में 181 बसें पहले से भगवा रंग में विभिन्न मार्गों पर दौड रहीं हैं। जिनका कायाकल्प दो चरण में किया जा रहा है। कायाकल्प के बाद सभी बसों का भगवा कलर में रंग-रोगन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इटावा रीजन में 8 डिपो लगते हैं, इसमें इटावा समेत सैफई, मैनपुरी, बेबर, छिबरामऊ, फरुर्खाबाद, शिकोहाबाद फिरोजाबाद हैं। इन सभी डिपो से कुंभ मेले में आवश्यकता अनुसार बसें ली जाएगी। इससे अन्य रूटों पर बसों दिक्कत न हो। साथ ही कुंभ स्नान करने वाले इटावा जिले के साथ आसपास जिले के लोगों को सीधी प्रयागराज सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए 100 अतिरिक्त संविदा चालकों की भी भर्ती की जाएगी, जिसके लिए उनका साक्षात्कार करके उनको ट्रेनिंग के लिए कानपुर भेजा जा रहा है।

कैलेंडर वर्ष 2024 में QIP जुटाई गई रकम ने 1 ट्रिलियन का आंकड़ा पार, तोड़ा रिकॉर्ड

नई दिल्ली कैलेंडर वर्ष 2024 (CY24) में योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (QIP) के जरिए जुटाई गई राशि ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस साल अब तक 80 कंपनियों ने कुल 1.13 ट्रिलियन रुपये जुटाए हैं जोकि CY23 की तुलना में तीन गुना (3x) अधिक है। पिछले साल इसी अवधि में केवल 35 कंपनियों ने 38,220 करोड़ रुपये जुटाए थे। इससे पहले CY20 में QIP के जरिए सबसे अधिक राशि जुटाई गई थी जब 25 कंपनियों ने 80,816 करोड़ रुपये एकत्र किए थे। QIP से जुटाई गई कुल राशि 1.21 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने की संभावना यदि गोदरेज प्रॉपर्टीज़ और KEI इंडस्ट्रीज के मौजूदा QIP इश्यूज़ पर विचार किया जाए जिनकी कुल राशि 8,000 करोड़ रुपये है तो CY24 में QIP के जरिए जुटाई गई कुल राशि 1.21 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच सकती है। इस साल ज्यादातर कंपनियां QIP के जरिए जुटाए गए फंड का उपयोग अपनी बैलेंस-शीट को मजबूत करने, पुनर्भुगतान (debt repayment), पूंजीगत खर्च (capital expenditure) और कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करने की योजना बना रही हैं। बाजार विशेषज्ञों की राय स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा कि 2024 का साल द्वितीयक बाजारों के लिए अच्छा रहा है और इसके साथ ही कंपनियों ने अपनी बैलेंस-शीट को मजबूत करने के लिए QIP का सही इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि प्रमोटर्स ने द्वितीयक बाजारों में उछाल का फायदा उठाया और भविष्य के विकास के लिए धन जुटाया। QIP में बड़े इश्यू ज़ोमैटो का 8,500 करोड़ रुपये का QIP इस साल का एक बड़ा इश्यू रहा है। ज़ोमैटो ने इस रकम का उपयोग डार्क स्टोर और गोदामों के निर्माण और संचालन के लिए करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, ब्रांडिंग, विज्ञापन और प्रौद्योगिकी के बुनियादी ढांचे में निवेश की योजना भी है। अन्य प्रमुख कंपनियां : गोदरेज प्रॉपर्टीज ने 6,000 करोड़ रुपये का QIP लॉन्च किया है, जिसे भूमि अधिग्रहण और कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। : अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने अगस्त 2024 में QIP के जरिए 8,373 करोड़ रुपये जुटाए, जो कि भारतीय बिजली क्षेत्र में सबसे बड़ा फंडरेज़ है। : अदाणी एंटरप्राइजेज ने भी अक्टूबर में 4,200 करोड़ रुपये जुटाए हैं। : वेदांता और मदरसन इंटरनेशनल जैसी कंपनियों ने भी इस साल QIP के जरिए बड़े फंड जुटाए हैं। साल 2024 में QIP के इश्यू में बड़ा योगदान 2024 के जुलाई से अब तक 42 कंपनियों ने 72,293 करोड़ रुपये जुटाए हैं जो QIP से जुटाई गई कुल राशि का 69 प्रतिशत है। इस अवधि में बीएसई सेंसेक्स लगभग 79,000 के स्तर पर स्थिर रहा। 2025 में QIP के जरिए और धन जुटाने की संभावना इक्विनॉमिक्स रिसर्च के प्रमुख जी चोकालिंगम का कहना है कि 2025 में धन जुटाने के लिए QIP मार्ग की लोकप्रियता बढ़ेगी खासकर यदि द्वितीयक बाजार अच्छा प्रदर्शन करता है। वहीं मनीष गोयल (इक्वेंटिस वेल्थ एडवाइजरी) का कहना है कि स्ट्रॉन्ग मार्केट और रिकॉर्ड फंड फ्लो को देखते हुए अगले कुछ महीनों में करीब 1.5 ट्रिलियन रुपये और जुटाए जाने की संभावना है। बता दें कि 2024 में QIP के माध्यम से कंपनियों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। यह वर्ष कंपनियों के लिए एक बेहतरीन मौका साबित हुआ है क्योंकि उन्होंने बाज़ार के उछाल का फायदा उठाते हुए अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत किया और भविष्य के लिए धन जुटाया।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet