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04 दिसम्बर बुधवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। धन हानि हो सकता है। यह स्टॉक में निवेश करने का अच्छा समय नहीं है। सरल और विनम्र रहें। इससे लोगों पर आपका सकारात्मक प्रभाव रहेगा। आज आपकी लव लाइफ खुशियों से भरपूर होगी। वृषभ राशि- नई जॉब मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी। अप्रत्याशित स्त्रोतों से धन लाभ होगा। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड कर पाना थोड़ा मुश्किल रहेगा। आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता पाने के लिए खूब मेहनत करना होगा। मिथुन राशि- व्यापार में मुनाफा होगा। ऑफिस में आपको अतिरिक्त कार्यों की जिम्मेदारी मिल सकती है। शैक्षिक कार्यों की चुनौतियों को दूर करने का प्रयास करें। आज आपकी रोमांटिक लाइफ में प्यार और खुशियों का माहौल रहेगा। कर्क राशि- स्टूडेंट्स को शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। पुराने दोस्तों से मुलाकात संभव है। परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। मकान बेचने या किराए से धन लाभ हो सकता है। जीवनसाथी से नोकझोंक संभव है। सिंह राशि- धन-संपत्ति में वृद्धि के योग बनेंगे। रुके हुए कार्य चल पड़ेंगे। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्दि होगी। करियर में छोटी-मोटी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन हार न मानें और सफलता हासिल करने के लिए खूब मेहनत करें। कन्या राशि- नौकरी-कारोबार में तरक्की करेंगे। स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। जीवनसाथी की बातों को नजरअंदाज न करें और उनके विचारों का सम्मान करें। तुला राशि- कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजयी मिलेगी। व्यापार में विस्तार होगा। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है। लव लाइफ बढ़िया रहेगी। नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ दिन है। बिना किसी विघ्न-बाधा के सभी कार्य संपन्न होंगे। वृश्चिक राशि- भौतिक सुख-सुविधाओं में जीवन गुजारेंगे, लेकिन कुछ कार्यों में अवरोध उत्पन्न रहेंगे। विरोधी एक्टिव रहेंगे। आज क्रोध पर काबू रखें। व्यर्थ के वाद-विवाद से दूरी बनाएं। स्वास्थ्य पर ध्यान दें और हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। धनु राशि- व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। करियर में मनचाही सफलता मिलेगी। लंबे समय से रुके हुए कार्य सफल होंगे,लेकिन भावुकता में बहकर कोई फैसला न लें। क्रोध पर काबू रखें और समझदारी से फैसले लें। मकर राशि- करियर में तरक्की के कई मौके मिलेंगे। जीवन में जो चाहेंगे, उसकी उपलब्धता होगी। समाज में सराहे जाएंगे। धन का आवक बढ़ेगा। आय के नवीन स्त्रोत बनेंगे,लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखें और बेकार की चीजों पर पैसे खर्च न करें। कुंभ राशि- सुखद यात्रा के योग बनेंगे। व्यापार में वृद्धि होगी।। जीवनसाथी से अनबन हो सकता है। प्रेमी से विचार मेल नहीं खाएंगे। जिससे दूरियां बढ़ सकती हैं। खर्च पर नियंत्रण रखें और फालतू के खर्चों से बचें। स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान दें। मीन राशि- आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पारिवारिक जीवन में शुभ समाचार मिलेंगे। करियर से जुड़े फैसले बहुत सोच-समझकर लें। विद्यार्थियों को शैक्षिक कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें।

दिल्ली सरकार वन स्टॉप सेंटर के कर्मियों को नहीं दे रही वेतन, केंद्रीय मंत्री ने साधा निशाना

नई दिल्ली महिला बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने महिला सुरक्षा से जुड़ी केंद्रीय योजनाओं के प्रति दिल्ली सरकार की उदासीनता की आलोचना की। अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि दिल्ली सरकार वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रही है जबकि केंद्र सरकार ने पूरा फंड दिल्ली सरकार को दे दिया है। देशभर में 802 वन स्टाप सेंटर मंगलवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्भया फंड से 11 हजार करोड़ से अधिक की 49 योजनाएं चल रही हैं। पूरे देश में 802 वन स्टॉप सेंटर हैं, जिनमें अभी तक करीब 10 लाख महिलाओं को मदद मुहैया कराई गई है। वन स्टॉप सेंटर में पीड़ित महिला को एक ही जगह सारी सुविधाएं कानूनी मदद, चिकित्सा सुविधा आदि मिलती है। हाई कोर्ट भी पहुंच चुका मामला महिला बाल विकास मंत्री ने कहा कि दिल्ली में भी 11 वन स्टॉप सेंटर हैं लेकिन दिल्ली सरकार वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रही है जबकि केंद्र सरकार दिल्ली को पूरा फंड दे चुकी है। दिल्ली के वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों को वेतन न मिलने का मामला हाई कोर्ट भी पहुंचा है और हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को वेतन देने का आदेश दिया है। स्पष्ट है कि दिल्ली के आगामी चुनाव में भाजपा इसे मुद्दा बना सकती है। केंद्र सरकार का महिला सशक्तीकरण पर जोर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने महिला सशक्तीकरण के लिए सरकार की पहल के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने हमेशा महिला सशक्तीकरण के महत्व पर जोर दिया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हम महिलाओं के विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के तहत पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया। 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना लक्ष्य केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि महिलाओं के लिए लैंगिक बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2024-25 के लिए 3 लाख करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है। 2014 से पहले के आंकड़ों की तुलना में काफी इजाफा किया गया है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया है और हमारा लक्ष्य महिला केंद्रित विकास योजनाओं के माध्यम से तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। बंगाल ने नहीं शुरू की हेल्पलाइन अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि 2037 तक अधिकांश क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना लक्ष्य है। निर्भया फंड के तहत लगभग 49 योजनाओं के लिए 11,000 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमानित आवंटन किया गया है। 2014 से अब तक 181 महिला हेल्पलाइन शुरू की गई है। 181 महिला हेल्पलाइन के माध्यम से महिलाओं को सहायता मिल रही है। हालांकि पश्चिम बंगाल ने अभी तक इस हेल्पलाइन को लागू नहीं किया है।

अजमेर शरीफ दरगाह न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर है, जो हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक रहा है : जितेंद्र आव्हाड

मुंबई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र गुट) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने मंगलवार को अजमेर शरीफ को लेकर जारी सियासी बहस पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “यह बहुत ही गंभीर और संवेदनशील मुद्दा है। सबसे पहले तो मैं यह कहना चाहूंगा कि इस समय देश में जो माहौल बन रहा है। खासकर धार्मिक स्थलों, मंदिरों और मस्जिदों के बीच, वह न सिर्फ चिंताजनक है, बल्कि हमारे समाज की बुनियादी शक्तियों को भी खतरे में डालने वाला है। जब से कुछ लोगों ने सामाज‍िक सौहार्द, परंपरा और गंगा-जमुनी तहजीब को तोड़ने की कोशिश शुरू की है, तब से समाज में गहरा विभाजन पैदा हो गया है। हम जिस देश में रहते हैं, वहां सैकड़ों वर्षों से हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और दूसरे धर्मों के लोग एक साथ रहते आए हैं। हमारी संस्कृति, हमारे रीति-रिवाज, हमारी परंपराएं, यही हमारी असली ताकत हैं। यह ताकत जो हमारे समाज को एक सूत्र में पिरोती है, अब उसे तोड़ा जा रहा है।” उन्होंने कहा, “अजमेर शरीफ दरगाह न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर है, जो हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक रहा है। महाराजा नटवर सिंह अपने पोते को लेकर दरगाह पर गए थे, यह बहुत बड़ा संदेश देता है कि हमारे बीच कोई अंतर नहीं है। धर्म चाहे जो हो, सबका आदर करना हमारी संस्कृति का हिस्सा है। लेकिन अब जो कुछ हो रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस समय जो धार्मिक स्थलों के सर्वे हो रहे हैं, जैसे कि जामा मस्जिद का सर्वे, यह हमारी परंपराओं को चुनौती देने जैसा है। यह केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे संविधान की भी अवहेलना हो रही है।” उन्होंने कहा, “ धार्मि‍क स्‍थलों के बारे में भारत में 1991 का कानून है, जो मंदिरों और मस्जिदों की संरचना को वैसा ही बनाए रखने की बात करता है, जैसा कि आजादी के समय था। जब तक उस संरचना में कोई बदलाव न हो, तब तक इसे उसी रूप में रखा जाए। यह कानून हमारे संविधान और न्यायालय के आदेश के तहत आया है। फिर भी अगर न्यायालय इस पर फैसला कर रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर हमारे संविधान की अवमानना है। हम संविधान की रक्षा करने वाले हैं, न कि उसे कमजोर करने वाले।” उन्होंने कहा, “अब अगर हम राजनीति की बात करें, तो यह साफ है कि इस समय जो भी हो रहा है, वह केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। क्या समाज को तोड़कर, भाईचारे को कमजोर कर, किसी को क्या मिलेगा? क्या इससे देश की तरक्की होगी? क्या इससे भारत का सम्मान बढ़ेगा? बिलकुल नहीं। इसका केवल एक ही परिणाम होगा – सामाजिक ताना-बाना टूटेगा, और एक दिन वह अपनापन, जो सदियों से चला आ रहा है, खो जाएगा।” उन्होंने कहा, “अगर हम संविधान की बात करें, तो 1947 के बाद से जो स्थिति थी, उसे बदलने का अधिकार किसी को नहीं है। अदालतों ने कई बार यह स्पष्ट किया है कि धार्मिक स्थलों की संरचना और उनके बीच की सामूहिकता को किसी भी रूप में तोड़ा नहीं जा सकता। जब 1991 का कानून बना था, तो उसका उद्देश्य था कि धार्मिक स्थलों की संरचना वैसी ही बनी रहे, जैसा पहले था। इस पर अगर कोई सवाल उठाता है, तो वह सिर्फ समाज को नफरत और भेदभाव की ओर धकेलने की कोशिश कर रहा है।” उन्होंने कहा, “आज जो राजनीति चल रही है, वह हमारे संविधान और गंगा-जमुनी तहज़ीब को तोड़ने की दिशा में है। जब अदालतें यह कहती हैं कि जो स्थिति थी, वही बनी रहनी चाहिए, तो फिर इस पर किसी भी प्रकार का विवाद क्यों शुरू करना चाहिए? हम सब जानते हैं कि भारत में एकता और भाईचारे का क्या महत्व है। इस समय जो लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, वे केवल राजनीति और स्वार्थ के लिए यह सब कर रहे हैं।”

सुरक्षाबलों ने आतंकवादी जुनैद अहमद भट को मुठभेड़ में मार गिराया, लिया डॉक्टर की हत्या का बदला

कश्मीर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकवादी जुनैद अहमद भट को मुठभेड़ में मार गिराया। जुनैद हाल ही में गांदरबल और गगनगीर में नागरिकों की हत्या समेत कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था। दाचीगाम के ऊपरी क्षेत्रों में पुलिस और सेना द्वारा चलाया गया यह संयुक्त ऑपरेशन अभी भी जारी है। कश्मीर जोन पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी शेयर करते हुए लिखा, “जारी ऑपरेशन में एक आतंकवादी मारा गया है, जिसकी पहचान जुनैद अहमद भट (LeT, कैटेगरी A) के रूप में हुई है। यह आतंकवादी गगनगीर और गांदरबल में नागरिकों की हत्या समेत कई अन्य आतंकी हमलों में शामिल था। जम्मू-कश्मीर पुलिस, राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा दाचीगाम के ऊपरी इलाकों में ऑपरेशन जारी है।” बता दें कि अक्टूबर में संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों ने गांदरबल जिले में एक निर्माण कंपनी के श्रमिकों और एक डॉक्टर पर हमला किया था, जो पिछले तीन दशकों में इस क्षेत्र में श्रमिकों पर सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। इस हमले में छह श्रमिकों और एक डॉक्टर की मौत हो गई थी। मारे गए लोगों में बडगाम के डॉक्टर शाहनवाज, पंजाब के गुरमीत सिंह (30), बिहार के इंदर यादव (35), जम्मू के मोहन लाल (30) और जगतार सिंह (30) और कश्मीर के फैयाज अहमद लोन (26) और जफूर अहमद लोन शामिल थे। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई ने घाटी में बढ़ते आतंकवाद के खिलाफ एक कड़ा संदेश दिया है। हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। 23 नवंबर को बारामुला पुलिस ने सुरक्षा बलों के साथ एक संयुक्त अभियान में बारामुला जिले के कुनजर इलाके में एक आतंकवादी ठिकाने का भंडाफोड़ किया था।

शासकीय मेडिकल कालेजों की स्वशासी सोसायटियों की स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय सुधारों की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। विष्णु के सुशासन में राज्य सरकार जनहित में लगातार नीतिगत निर्णय ले रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस दिशा में प्रयास करते हुए अपने सुझाव सामने रखे थे। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में राज्य के 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के स्वशासी सोसायटियों की बैठक में आज चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों के वित्तीय विकेंद्रीकरण के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण एवं जनहित के निर्णय लिए गए हैं। इन निर्णयों से महाविद्यालय स्तर पर स्वशासी सोसायटियों का सुदृढिकरण होगा, आवश्यक कार्यों के लिए शासन पर निर्भरता कम होगी, अतिआवश्यक कार्य समय सीमा पर संपन्न हो सकेंगे और तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति चिकित्सा महाविद्यालय स्तर पर ही हो जाएगी। चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध अस्पतालो के लिए अतिआवश्यक दवाइयां, चिकित्सकीय उपकरणों की खरीदी मरम्मत एवं रखरखाव, कन्ज्यूमेबल सामग्री इत्यादि की तात्कालिक उपचार के लिए आवश्यकता पड़ती रहती है। लेकिन मेडिकल कालेजों के अधिष्ठाता एवं अस्पताल अधीक्षकों के पास इन्हें खरीदने अथवा मरम्मत के लिए बहुत ही सीमित शक्तियों का प्रावधान था। इसकी वजह से इन्हें शासन स्तर के निर्णय पर निर्भर रहना पड़ता था। ये नियम छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पूर्व से चला आ रहा था । राज्य गठन के बाद पहली बार वित्तीय अधिकारों के नियम मे संशोधन किया जा रहा है। पहले मेडिकल कालेजों के अधिष्ठाता एवं अस्पताल अधीक्षकों को 1 लाख रूपए से उपर के लघु निर्माण, मरम्मत, दवा खरीदी इत्यादि कार्यों के लिए मंत्रालय स्तर पर फाइल भेजनी पड़ती थी। नए निर्णय से अब इनके पास  10 लाख रूपए तक का वित्तीय अधिकार होगा। इसके लिए शासन स्तर से किसी अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी। औजारों एवं लघु उपकरणों की खरीदी  अथवा मरम्मत के लिए 1 लाख रूपए तक का वित्तीय अधिकार था जिसे अब बढ़ाकर 10 लाख रूपए करने की सहमति स्वशासी समिति की बैठक में दी गयी है। इसी तरह से भण्डार तथा रिएजेंट की खरीदी के लिए 20 हजार रूपए तक की शक्तियां थी जिन्हें बढ़ाकर अधिष्ठाता एवं अस्पताल अधीक्षक को पूर्ण शक्तियां प्रदान करने की अनुशंसा की गयी है। इस वित्तीय विकेंद्रीकरण से  स्वाशासी समिति कार्यसंपन्न बनेगी और बहुमूल्य समय की बचत होगी। इससे मरीजो को दवाइओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का त्वरित लाभ मिलेगा।   स्वशासी सोसायटियों का पुनर्गठन राज्य के 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों की स्वशासी सोसायटियों का गठन महाविद्यालय की स्थापना के साथ अलग अलग समय पर हुआ है। इन सोसायटियों के लिए कोई एक निर्धारित गाइड लाइन या नियमावली का निर्धारण नहीं किया गया है और इनमें एकरूपता नहीं है। इन सोसायटियों को होने वाली आय व्यय के अनुमोदन के लिए भी कोई मानकीकरण प्रक्रिया नहीं है। इनमें एकरूपता लाने के लिए माडल स्वशासी सोसायटियों का ड्राफ्ट प्रशासकीय विभाग द्वारा अनुमोदित कर जारी किया गया है। पूर्व में सिर्फ सामान्य सभा को ही अधिकार प्राप्त थे, लेकिन नए ड्राफ्ट के अनुसार सामान्य सभा के अधिकारों का विस्तार करते हुए प्रबंधकारिणी समिति और वित्त समिति के अधिकारों में बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के अनुसार सामान्य सभा को पूर्ण अधिकार के साथ ही अब प्रबंधकारिणी समिति को प्रति कार्य 2 करोड़ रूपए तक अनुमोदन का अधिकार होगा, पहले ये अधिकार नहीं था। वित्त समिति को प्रति कार्य 10 लाख रूपए तक के अनुमोदन का अधिकार दिया गया है, पहले कोई अधिकार नहीं था। केंद्र अथवा राज्य शासन के विभिन्न योजनाओं से स्वशासी समिति को प्राप्त राशि, आवंटन अथवा अनुदान में से सामान्य सभा को खर्च व अनुमोदन का पूर्ण अधिकार होगा वहीं इसी राशि में से प्रबंधकारिणी समिति को 5 करोड़ रूपए तक की राशि के अनुमोदन का अधिकार होगा। अभी तक राज्य शासन से आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत प्राप्त क्लेम का 25 फीसदी ही संबंधित चिकित्सा महाविद्यालय की स्वशासी सोसायटी को प्राप्त होता था। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में इसे बढ़ाकर 45 फीसदी कर दिया गया है। इसके साथ ही एक बड़ा बदलाव करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल की अध्यक्षता में ये निर्णय लिया गया है कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सम्बद्ध चिकित्सालयों को राज्य बजट से दवाइयां मद तथा भण्डार एवं रिएजेंट मद में प्राप्त बजट का 10 फीसदी राशि का आवंटन होता था। इसे बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया गया है। इन फैसलों से मेडिकल कालेजो को वित्तीय रुप से सशक्त बनाने के लिए वित्तीय विकेंद्रीकरण कर मेडिकल कालेजों की स्वशासी सोसायटियों को पुनर्गठित किया गया है। नवा रायपुर के महानदी भवन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए स्वशासी सोसायटियों को संबोधत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि विष्णु के सुशासन में मेडिकला कालेजों में वित्तीय अनुशासन एवं सुधारों के जरिए बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं। ये निर्णय तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए उठाया गया एक बड़ा कदम है। इन निर्णयों से हम मेडिकल कालेजों को अधिकार संपन्न बना रहे हैं ताकि छोटी जरूरतों के लिए उन्हें निर्भर न रहना पड़े और जनहित में वो आवश्यक निर्णय तत्काल लेकर मरीजों की बेहतरी के लिए काम कर सकें। बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग की आयुक्त श्रीमती किरण कौशल उपस्थित थीं । वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी स्वशासी सोसाइटी के जनप्रतिनिधि सदस्य, संभाग आयुक्त, संबंधित जिलों के कलेक्टर, मेडिकल कॉलेजों के डीन और अस्पताल अधीक्षक भी बैठक में शामिल हुए।

CJI खन्ना ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाले संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई से खुद को किया अलग

नई दिल्ली भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जो मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की धारा 7 और 8 की संवैधानिकता को चुनौती देती हैं। पीठ ने निर्देश दिया कि इन याचिकाओं को 6 जनवरी, 2025 से शुरू होने वाले सप्ताह में किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए। साथ ही, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग (ECI) को इन याचिकाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दाखिल करने का आदेश दिया। फिलहाल प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) संजीव खन्ना ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त, निर्वाचन आयुक्तों का चयन करने वाली समिति से सीजेआई को बाहर रखने के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। मामले की सुनवाई की शुरुआत में न्यायमूर्ति संजय कुमार के साथ पीठ में शामिल रहे प्रधान न्यायाधीश ने जनहित याचिका दायर करने वालों के वकीलों से कहा कि वह याचिकाओं पर सुनवाई नहीं कर सकते। वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन और वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि न्यायमूर्ति खन्ना की अगुवाई वाली पिछली पीठ ने मामले में अंतरिम आदेश पारित किए थे। न्यायमूर्ति खन्ना ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के सेवानिवृत्त होने के बाद 51वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है। न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा कि अब ये मामले शीतकालीन अवकाश के बाद किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किए जाएंगे। क्या है मामला? इस नए कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए मुख्य न्यायाधीश को समिति से हटा दिया गया है। अब इनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री, एक कैबिनेट मंत्री और विपक्ष के नेता की सिफारिशों पर होगी। इससे पहले, न्यायमूर्ति खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले इस कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। याचिकाकर्ताओं में शामिल संगठन इस कानून को चुनौती देने वालों में कांग्रेस नेता जया ठाकुर, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR), पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL), लोक प्रहरी और अन्य संगठनों के नाम शामिल हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह कानून चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल उठाता है और कार्यपालिका की अधिकता को बढ़ावा देता है। उनका दावा है कि यह संविधान के अनुच्छेद 324 का उल्लंघन है।

मोहम्मद यूनुस देश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की साजिश रचने में शामिल है, शेख हसीना ने लगाया आरोप

न्यूयॉर्क बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मंगलवार को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस पर ‘सामूहिक हत्याओं का मास्टरमाइंड’ होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूनुस देश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की साजिश रचने में शामिल है। न्यूयॉर्क में आवामी लीग के एक कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए हसीना ने यूनुस पर बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों, इस्कॉन स्थलों और अल्पसंख्यकों के अन्य धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। पूर्व पीएम ने कहा, “आज मुझ पर सामूहिक हत्याओं का आरोप लगाया गया है। वास्तव में, यह मुहम्मद यूनुस ही हैं जो अपने छात्र समन्वयकों के साथ मिलकर एक सोची-समझी योजना के तहत सामूहिक हत्याओं के लिए जिम्मेदार हैं। वे ही मास्टरमाइंड हैं।” बांग्लादेश अवामी लीग (एएल) की अध्यक्ष और ‘राष्ट्रपिता’ बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की बेटी ने कहा, “शिक्षकों और पुलिस पर हमला किया जा रहा है और उनकी हत्या की जा रही है। हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों पर हमला किया जा रहा है। कई चर्चों और मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है। अल्पसंख्यकों पर हमला क्यों किया जा रहा है?” बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर अल्पसंख्कों के साथ भेदभाव बरतने, उन्हें, उनके घरों और धार्मिक स्थलों को पर्याप्त सुरक्षा न देने के आरोप लगते रहे हैं। पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर इन आरोपों की तरफ दुनिया का ध्यान गया है। कृष्ण दास को ढाका के हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह एक रैली में भाग लेने चटगांव जा रहे थे। पिछले हफ्ते अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया और जेल भेज दिया। शेख हसीना ने इस गिरफ्तारी की निंदा और पुजारी की तुरंत रिहाई की मांग की। बता दें इस साल 5 अगस्त को शेख हसीना को सत्ता छोड़ने और देश से भागने पर मजबूर होना पड़ा था। इसके बाद देश में अल्संख्यक वर्गों पर लगातार हमलों की खबरें आ रही है। अल्पसंख्यक धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाया गया है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने शांतिपूर्ण निर्वाचन सम्पन्न कराने के लिए दिए निर्देश

   रायपुर, राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह की अध्यक्षता में आज राज्य निर्वाचन आयोग अटल नगर नवा रायपुर कार्यालय के सभा कक्ष में नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आगामी आम/उप निर्वाचन अंतर्गत निर्वाचन कार्यों की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रायपुर संभाग के संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, संभाग के सभी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से चुनाव के सुचारू रूप से संचालन हेतु चुनाव की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केन्द्रों की स्थिति और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक के माध्यम से चुनाव के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।    राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने सभी अधिकारियों से शांतिपूर्ण निर्वाचन सम्पन्न कराने सभी आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मतदाता सूची प्रकाशन के पूर्व सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न कराने निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन नामावली को सभी जिला निर्वाचन अधिकारी व्यक्तिगत रूप से स्वयं देखे, उसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं होना चाहिये। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने चुनावी प्रक्रिया के दौरान होने वाली चुनौतियों और संभावित समस्याओं पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने, मतदाता जागरूकता बढ़ाने, और मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की समय-समय पर निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किये गए दिशानिर्देशों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने-अपने जिलों के निर्वाचन की तैयारी की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।       राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने उपस्थित सभी अधिकारियों से कहा कि आप सभी अपनी तैयारीयों की समीक्षा करते रहें। गत 26 नवम्बर को बिलासपुर एवं सरगुजा संभाग तथा 29 नवम्बर को दुर्ग संभाग के अधिकारियों की चुनाव तैयारी के संबंध में समीक्षा की जा चुकी है कल 4 दिसंबर को बस्तर संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।   राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने सुरक्षा उपायों और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने मतदान केंद्रों पर सुविधाओं, कर्मचारियों की तैनाती, और निर्वाचन सामग्री की उपलब्धता की भी समीक्षा की ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो। बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय और सहयोग बना रहे ताकि चुनाव प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को समय पर सही जानकारी प्रदान करें। इस अवसर पर रायपुर संभाग के संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, पुलिस विभाग के नोडल अधिकारी श्री ओ पी पाल, रायपुर संभाग के आई जी श्री अमरेश मिश्रा, राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ. सर्वेश्रवर नरेन्द्र भूरे, रायपुर कलेक्टर श्री गौरव कुमार सिंह सहित अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित थें।

भारत-चीन संबंध जो 2020 से असामान्य थे, अब कुछ सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं: विदेश मंत्री एस. जयशंकर

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत-चीन संबंध जो 2020 से असामान्य थे, अब कुछ सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ‘चीन के साथ भारत के संबंधों में हाल के घटनाक्रम’ के संबंध में लोकसभा में वक्तव्य देते हुए विदेश मंत्री ने भारत-चीन रिश्तों, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में हाल के घटनाक्रमों पर विस्तृत जानकारी दी। लोकसभा में बोलते हुए जयशंकर ने कहा, “हमारे (भारत-चीन) संबंध 2020 से असामान्य हुए, जब चीनी कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता भंग हुई थी। हाल के घटनाक्रम, जो तब से हमारे निरंतर राजनयिक जुड़ाव को दर्शाते हैं, ने हमारे संबंधों को कुछ सुधार की दिशा में आगे बढ़ाया है।” बता दें अक्टूबर में भारत और चीन के बीच सीमा पर सैनिकों की वापसी को लेकर समझौता हुआ था। जयशंकर ने कहा, “सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द के अभाव में भारत-चीन संबंध सामान्य नहीं हो सकते। शांति और सौहार्द की बहाली ही शेष संबंधों को आगे बढ़ाने का आधार होगी।” विदेश मंत्री ने कहा, “हम स्पष्ट हैं कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना हमारे संबंधों के विकास के लिए एक शर्त है। आने वाले दिनों में, हम सीमा क्षेत्रों में अपनी गतिविधियों के प्रभावी प्रबंधन के साथ-साथ तनाव कम करने पर भी चर्चा करेंगे। विदेश मंत्री वांग यी के साथ मेरी हाल की बैठक में, हम इस बात पर सहमत हुए कि विशेष प्रतिनिधि और विदेश सचिव स्तर के तंत्र जल्द ही बैठक करेंगे।” जयशंकर ने भारत के तीन प्रमुख सिद्धांतों की पुष्टि की- एलएसी के प्रति सख्त सम्मान और उसका पालन, यथास्थिति में एकतरफा बदलाव न करना और पिछले समझौतों का पालन करना। उन्होंने कहा, “सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर मजबूत और सैद्धांतिक रुख और संबंधों की समग्रता के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण पिछले चार वर्षों से चीन के साथ हमारे जुड़ाव का आधार रहा है।” 21 अक्टूबर को भारत ने चीन के साथ सीमा समझौते पर पहुंचने की घोषणा की थी, जिससे लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध समाप्त होने की शुरुआत हुई। अगले दिन समझौते की पुष्टि करते हुए बीजिंग ने कहा कि ‘प्रासंगिक मामलों’ पर समाधान हो गया है और वह समझौते की शर्तों को लागू करने के लिए नई दिल्ली के साथ मिलकर काम करेगा।

स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा से टीचर करता था छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट और छेड़खानी की धाराओं में जुर्म दर्ज

बिलासपुर  पचपेड़ी क्षेत्र के स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा से टीचर छेड़खानी कर रहा था। छात्रा ने किसी तरह हिम्मत करके इसकी जानकारी स्वजन को दी। इसके बाद पूरे मामले की शिकायत स्कूल के प्रधान पाठक से की। प्रधान पाठक ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में स्वजन ने इस मामले की शिकायत पचपेड़ी थाने में की है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। पचपेड़ी क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग आठवीं की छात्रा है। छात्रा पचपेड़ी के ही सरकारी स्कूल में पढ़ती है। छात्रा का आरोप है कि स्कूल के प्रयोगशाला शिक्षक मो. शहजाद ने छेड़खानी की है। यह घटना एक सप्ताह पहले शनिवार 23 नवंबर की है। इसके बाद स्वजन स्कूल पहुंचे। स्वजन को देखकर आरोपित शिक्षक स्कूल की दीवार फांदकर भाग गया। स्वजन ने इसकी जानकारी स्कूल के प्रभारी प्राचार्य संतोष कोसले को दी। पुलिस और शिक्षा विभाग मामले को दबाने में लगी रही स्वजन ने आरोप लगाया है कि उन्होंने शनिवार 23 नवंबर को ही पूरे मामले की शिकायत प्रभारी प्राचार्य संतोष कोसले के पास की थी। इसके बाद भी उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इधर आरोपी शिक्षक बेखौफ होकर घूम रहा था। प्रभारी प्राचार्य के रवैये को देखते हुए स्वजन सीधे पचपेड़ी थाने पहुंचे। स्वजन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस इस संबंध में जानकारी देने से बचती रही। इधर आरोपी शिक्षक भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। क्या कह रही पुलिस स्कूल में छात्रा से छेड़खानी का मामला सामने आया है। इसकी शिकायत पर छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में जुर्म दर्ज कर लिया गया है। आरोपित शिक्षक की तलाश की जा रही है। – उदयन बेहार, एएसपी, बिलासपुर

AAP विधायक को कुरान के अपमान की सजा सुनाए जाने के बाद भाजपा ने बनाया मुद्दा, मैदान में उतरा

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक को कुरान के अपमान की सजा सुनाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे मुद्दा बना लिया है। महरौली से आप विधायक नरेश यादव को दोषी करार दिए जाने के बाद भाजपा ने ‘आप’ के साथ ‘इंडिया’ गठबंधन से जवाब मांगा है। भाजपा ने मंगलवार को बड़ा प्रदर्शन किया और विधायक को तुरंत पार्टी से निकालने की मांग की। दिल्ली में विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले भाजपा और ‘आप’ के बीच कई मुद्दों पर टकराव तेज हो गया है। ‘आप’ जहां दिल्ली में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाकर केंद्र सरकार को घेरने में जुटी है तो दूसरी तरफ भाजपा दिल्ली के सत्ताधारी पार्टी के ऐसे विधायकों के जरिए जवाब दे रही है जो कानूनी फंदे में फंसे हुए हैं। पंजाब में मालेरकोटला जिले की एक अदालत ने शनिवार को वर्ष 2016 के कुरान की बेअदबी से जुड़े मामले में दिल्ली के महरौली से आप के विधायक नरेश यादव को दो साल की सजा सुनाई है। दिल्ली भाजपा ने दोषी विधायक को ‘आप’ से निष्कासित किए जाने की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। केजरीवाल के घर बाहर अल्पसंख्यक मोर्चे की ओर से आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मुस्लिम शामिल हुए। कार्यकर्ताओं के हाथों में ‘पवित्र कुरान का अपमान, नहीं सहेगा हिन्दुस्तान’ और ‘कुरान का किया केजरीवाल के विधायक ने अपमान, माफी मांगों’ जैसे नारे लिखी हुई तख्तियां थीं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, ‘हिंदुस्तान में हर मजहब के लोग अपनी-अपनी इबादत करते हैं और यहां सभी धर्मों का आदर होता है, लेकिन AAP के विधायक ने पवित्र कुरान शरीफ का अपमान किया, जिसके लिए कोर्ट ने सजा भी सुनाई है। स्वार्थ सिद्धि के लिए बने इंडी गठबंधन का एक भी नेता आज इस पर नहीं बोल रहा, क्योंकि इनके लिए मुस्लिम समाज केवल वोट बैंक है।’ उन्होंने कहा कि आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, ओवैसी समेत सभी नेता कुरान की बेअदबी पर चुप हैं। सचदेवा ने कहा कि ऐसा भाजपा के किसी नेता ने किया होता तो पूरे देश में हायतौबा मचाया जाता, लेकिन ‘आप’ के विधायक पर सभी चुप हैं। 24 जून 2016 को पंजाब के मालेरकोटला में सड़क पर कुरान के फटे हुए पन्ने बरामद हुए थे। इसके बाद वहां हिंसा भड़क गई थी। आक्रोशित भीड़ ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था। इस केस में आप के विधायक नरेश यादव समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने शुरुआत में विजय, गौरव और किशोर पर मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में इस मामले में आप विधायक यादव को गिरफ्तार किया गया था। यादव को मार्च 2021 में अधीनस्थ अदालत ने बेअदबी मामले में बरी कर दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता मोहम्मद अशरफ ने उनको बरी करने के खिलाफ अपील दायर की थी। अदालत ने दो अन्य लोगों (विजय कुमार और गौरव कुमार) की दो साल की सजा को बरकरार रखा। एक अन्य आरोपी नंद किशोर को अधीनस्थ अदालत द्वारा बरी कर दिया गया। नरेश यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 295ए (किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक आस्था का अपमान करके उनकी धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने के इरादे से जानबूझकर किया गया दुर्भावनापूर्ण कार्य), 153ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया गया।

साध्वी राधा किशोरी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार रोकने की अपील करते हुए भारतीय मुसलमानों को ही धमकी दे डाली

गुना बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ मध्य प्रदेश के गुना में एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। ‘हिंदू आक्रोश रैली’ में हजारों लोगों ने हाथ में बैनर-पोस्टर लेकर मार्च निकाला। इस दौरान साध्वी राधा किशोरी ने विवादित बयान भी दे डाला। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार रोकने की अपील करते हुए भारतीय मुसलमानों को ही धमकी दे डाली और कहा कि उन्हें याद रखना चाहिए कि उनके भाईजान भारत में हैं और वे भी सुरक्षित नहीं रहेंगे। राधा किशोरी ने हिंदुओं से एक होने की अपील करते हुए कहा कि भारत को बांग्लादेश बनने से बचाने के लिए एकजुट रहना है। उन्होंने पड़ोसी देश में हिंदुओं पर अत्याचार का जिक्र करते हुए देश के मुसलमानों से ही बदला लेने की धमकी दे डाली। साध्वी ने कहा, ‘मैं बांग्लादेश के लोगों को बताना चाहती हूं कि जो अत्याचार तुम हमारे भाई-बहनों पर कर रहे हो, यहां भारत में भी आपके कुछ भाई हैं, जिन्हें आप भाईजान कहते हो। वो भारत में सुरक्षित नहीं रहेंगे, यदि बांग्लादेश में हिंदुओं को परेशान किया तो। वहां की सरकार भी कान खोलकर सुन ले कि हमारा हिंदू सड़कों पर आ चुका है। बहुत सह लिया, अब नहीं सहेंगे। हम हिंदू हैं, हम लेकर ही रहेंगे।’ साध्वी ने बागेश्वर बाबा की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वह हिंदुओं की एकता के लिए यात्रा कर रहे हैं। उनका सपना है कि हमारा भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा। राधा किशोरी ने कहा, ‘मेरा मन यह देखकर बहुत दुखी होती है कि भारत में भगवान राम के उत्पन्न होने का प्रमाण मांगा जाता है। हिन्दुस्तान में एक तुच्छ व्यक्ति रामचरितमानस को जला देता है। अमरनाथ की यात्रा को रोक दिया जाता है। पालघर में संतों की हत्या की गई। इससे भी ज्यादा दुख की बात है कि यह सब नजारा हिंदू भाई चुपचाप देखते हैं, वीडियो बनाते रहते हैं। आवाज नहीं उठाते। हम सब मिलकर संकल्प लेते हैं कि जब किसी हिंदू भाई पर कोई संकट आए तो हमें डटकर सामना करना है। हाथ पकड़कर कहना है कि हम तुम्हारे साथ हैं।’

बांग्लादेश सरकार ने इस घटना को लेकर अपना विरोध दर्ज किया, भारत के राजदूत को किया तलब

ढाका बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसक घटनाओं के बीच मोहम्मद यूनुस सरकार ने अगरतला मामले में भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया है। अगरतला में बीते दिनों बांग्लादेश के राजनयिक मिशन में तोड़फोड़ की घटना हुई थी। बांग्लादेश सरकार ने इस घटना को लेकर अपना विरोध दर्ज किया है। अंतरिम सरकार में कानूनी मामलों के सलाहकार ने विरोध दर्ज करते हुए कहा कि भारत को समझना चाहिए कि यह शेख हसीना का बांग्लादेश नहीं है। दरअसल मामला यूं है कि हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों के विरोध में पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में सोमवार को हजारों की संख्या में लोगों ने व्यापक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बांग्लादेश के सहायक उच्चायोग में कथित तौर पर घुस गए और कथित तौर पर तोड़फोड़ की। विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बहुत खेदजनक बताया है। बांग्लादेश राजनयिक मिशन में तोड़फोड़ करने के आरोप में सात लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और सात पुलिसकर्मियों पर लापरवाही के आरोप में ऐक्शन लिया जा चुका है। मंगलवार को भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ रहे तनाव के बीच खबर आई कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया। डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापक और बहुआयामी संबंध हैं, जिन्हें किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि भारत बांग्लादेश के साथ निरंतर, स्थिर और रचनात्मक संबंध बनाना चाहता है। उन्होंने विदेश मंत्रालय में कार्यवाहक विदेश सचिव रियाज हमीदुल्ला के साथ बैठक के बाद यह टिप्पणी की। बांग्लादेश के तीखे तेवर कानूनी मामलों के सलाहकार आसिफ नजरुल ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘‘हम समानता और परस्पर सम्मान आधारित मित्रता में यकीन रखते हैं। शेख हसीना सरकार ने चुनावों के बिना सत्ता में बने रहने के लिए भारत समर्थक नीति का पालन किया, लेकिन भारत को यह समझना चाहिए कि यह शेख हसीना का बांग्लादेश नहीं है।’

दिल्ली में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर राज्यसभा में राघव चड्ढा ने स्थगन नोटिस देकर चर्चा की मांग की

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर राज्यसभा में स्थगन नोटिस देकर चर्चा की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा समय में दिल्ली में आपराधिक गतिविधियां अपने चरम पर पहुंच चुकी है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और दिल्ली के आम लोगों का जीना दूभर हो चुका है। बता दें कि दिल्ली में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के हाथों में है। ऐसी स्थिति में इस विषय पर चर्चा की मांग करके वो केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। उधर, केंद्र सरकार लगातार यह दावा करती है कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था बिल्कुल ठीक है, लेकिन इसके विपरीत आम आदमी पार्टी इन दावों को खोखला बताती है। ऐसे में आप नेता राघव चड्डा ने स्थगन नोटिस देकर दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर चर्चा की मांग की है। उन्होंने अपने नोटिस में कहा, “राज्य सभा (राज्य सभा) में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों के नियम 267 (नियमों के निलंबन के प्रस्ताव की सूचना) के तहत, मैं प्रस्ताव पेश करने की सूचना देता हूं।” उल्लेखनीय है कि इससे पहले राघव चड्डा ने बांग्लादेश में कट्टरपंथी समूहों द्वारा हिंदू समुदाय पर हो रहे हमले पर चर्चा की मांग के लिए राज्यसभा में स्थगन नोटिस दिया है। राघव चड्ढा ने प्रस्ताव के नोटिस में कहा था, “राज्यसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 267 (नियमों के स्थगन के लिए प्रस्ताव की सूचना) के तहत, मैं प्रस्ताव पेश करने के अपने इरादे की सूचना देता हूं।” उन्होंने कहा था, “यह सदन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों और चिन्मय कृष्ण दास सहित तीन इस्कॉन पुजारियों की गिरफ्तारी पर चर्चा करने के लिए शून्यकाल और प्रश्नकाल तथा दिन के लिए सूचीबद्ध अन्य कार्यों से संबंधित प्रासंगिक नियमों को निलंबित करे। इसके अलावा, मैं मांग करता हूं कि यह सदन सामूहिक रूप से इस्कॉन पुरोहित चिन्मय कृष्ण दास की हिरासत पर चर्चा करें और उसकी निंदा करे।”  

इंफाल पूर्वी जिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से हथियार एवं गोला-बारूद जब्त किए गए

इंफाल मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से हथियार एवं गोला-बारूद जब्त किए गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने एक बयान में बताया कि उन्हें क्षेत्रिगाओ सबल लेईकाई से उस समय गिरफ्तार किया गया जब वे लोगों से जबरन धन वसूली करने जैसी घटनाओं को अंजाम देने के इरादे से इलाके में घूम रहे थे। इसमें कहा गया, ‘‘बाद में पता चला कि वे अरंबाई टेंगोल के सदस्य थे।’’ पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान निंगोमबाम लेंबा सिंह (25), मंगशताबम पोइरिंगनबा मेइती (21) और लैशराम बिद्या सिंह (21) के रूप में हुई और उनके साथ एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। बयान में बताया गया है कि उनके पास से एक ‘घातक’ राइफल, एक मैगजीन और पांच गोलियां, मैगजीन के साथ .32 पिस्तौल, तीन मोबाइल फोन और चार पहिया एक वाहन जब्त किए गए हैं। चुराचांदपुर जिले के फेखोथांग गांव में छापेमारी के दौरान एक एसएलआर राइफल, एक मैगजीन, नौ एमएम एक पिस्तौल, 12 बोर की सिंगल बैरल बंदूक और 15 कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुनौ में छापेमारी के दौरान एक स्नाइपर, एम79 ग्रेनेड लांचर (‘लैथोड गन’), मैगजीन के साथ नौ एमएम की दो पिस्तौल, एक एसबीबीएल शॉटगन और सात कारतूस बरामद किए गए।  

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