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कृषक उन्नति योजना के तहत मिला मेहनत का पूरा दाम, घर के हुए कई काम : किसान संदीप

किसान से बताया धान बेचने की व्यवस्था अच्छी, उपार्जन केन्द्र में कर्मचारियों से मिलता है पूरा सहयोग अम्बिकापुर, किसान से बताया धान बेचने की व्यवस्था अच्छी, उपार्जन केन्द्र में कर्मचारियों से मिलता है पूरा सहयोगराज्य शासन से कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत मिली आदान सहायता राशि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लाभकारी साबित हुई है। इस योजना के फलस्वरूप पूरे राज्य की तरह सरगुजा जिले के किसानों ने भी इस योजना को अपने लिए कारगर एवं उपयोगी बताते हुए इसकी भूरी-भूरी सराहना की है। अम्बिकापुर से किसान संदीप कुमार साहू बताते हैं कि उन्होंने बीते दिनों ही अपना धान उपार्जन केन्द्र में बेचा है। वे अपना अनुभव साझा करते हुए कहते हैं कि उपार्जन केन्द्र में कर्मचारियों द्वारा पूरा सहयोग किया जा रहा है। टोकन कटाने से लेकर धान विकर्य हेतु लाने तक, तौल कराने में सभी कामों में मदद मिल जा रही है। वे बताते हैं कि पिछले साल उन्होंने 30 क्विंटल अपना धान बेचा था, जिसका कृषक उन्नति योजना के तहत हमें एकमुश्त राशि अपने बैंक खाते में मिली। अपने वादे के अनुरूप शासन ने किसानों को उनकी मेहतन का पूरा दाम दिया है। जब राशि खाते में आई तो और बेहतर काम करने का जज्बा भी जगा। उन पैसों से हमने खेत में बोर कराया, खेत में जाली लगवाई जिससे घूमंतू मवेशी खेतों में ना घुसे, फायदा हमको बहुत हुआ। पूरे देश में हमारी प्रदेश सरकार सर्वाधिक मूल्य पर धान खरीदी कर रही है, जिससे सभी किसान भाइयों को काफी मुनाफा हुआ है। हम किसान बहुत खुश हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जो गारंटी दी थी, उसे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पूरा किया जा रहा है।

भारतीय ज्ञान परम्परा को आगे बढ़ाने, संरक्षित रखने और जीवित रखने में भारतीय महिलाओं ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई: श्रीमती गौर

भोपाल भारतीय ज्ञान परम्परा को आगे बढ़ाने, संरक्षित रखने और जीवित रखने में भारतीय महिलाओं ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। भारतीय संस्कृति में महिलाओं के ज्ञान की अनदेखी नहीं की जा सकती। भारतीय समाज में प्राचीन वैदिक काल से लेकर वर्तमान तक महिलाओं का सम्मानीय स्थान रहा है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने उक्त आशय की बातें कहीं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर शुक्रवार को विज्ञान भारतीय की महिला इकाई शक्ति द्वारा मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी में आयोजित 3 दिवसीय “स्त्री’’ सम्मेलन के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रही थीं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि समाज की उन्नति और अवनति का सीधा संबंध समाज में महिलाओं की प्रस्थिति और उनके सम्मान से रहा है। समाज में जब और जिस समय महिलाओं का सम्मान रहा है, उस समय के समाज ने उन्नति और प्रगति का सफर तय किया है। जब-जब समाज में महिलाओं के सम्मान में कमी आयी है, तब के समाज में पतन की स्थिति देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि वैदिक काल में महिलाओं की सम्मानीय स्थिति और वैदिक काल के युग में भारत विश्व गुरु के रूप में जाना जाता था। भारतीय समाज के निर्माण में नारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारतीय वेदों, शास्त्रों और ऋचाओं को लिखने वाली महिलाएँ थीं। महिलाएँ अनेक अवसरों पर शास्त्रार्थ करती थीं। प्राचीन भारत में महिलाओं को स्वतंत्रता और अनेक अधिकार प्राप्त थे। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि भारतीय इतिहास के मध्य काल में महिलाओं के सम्मान में कमी आयी। महिलाओं को अनेक अधिकारों से वंचित भी किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में महिलाएँ हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आज 21वीं सदी में महिलाएँ आत्म-निर्भर हैं। उन्होंने आज के युग की विभिन्न क्षेत्रों की सफल महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थ-व्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि हम टेक्नालॉजी पर आधारित 21वीं सदी में आगे बढ़ रहे हैं। हमें टेक्नालॉजी और नवाचारों के साथ आगे बढ़ना है और साथ में अपनी परम्पराओं से भी जुड़े रहना है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने शक्ति के तत्वावधान में स्त्री-2024 के आयोजनकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने इस अवसर पर लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रदर्शनी में भाग ले रहे विभिन्न कलाकारों और उद्यमियों से उनके उत्पादों के संबंध में चर्चा की। स्त्री सम्मेलन को प्रो. चांसलर आरएनटीयू डॉ. अदिति चक्रवर्ती ने भी संबोधित किया। मेनिट के निदेशक प्रो. के.के. शुक्ला, महानिदेशक एमपीसीएसटी डॉ. अनिल कोठारी, निदेशक एनआईटीटीआर डॉ. सी.सी. त्रिपाठी, संयोजक स्त्री-2024 प्रो. अनुपमा शर्मा, शक्ति की राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य अतिथि उपस्थित थे।  

केंद्र ने बताया- ई-श्रम पोर्टल पर 30.43 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक हैं रजिस्टर्ड

नई दिल्ली संसद को सूचित किया गया कि सरकार के ई-श्रम पोर्टल पर 1 दिसंबर तक 30.43 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक रजिस्टर्ड हैं। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर्ड ग्रामीण क्षेत्रों के अनौपचारिक श्रमिकों की संख्या 1 दिसबंर तक 27.22 करोड़ है। मंत्रालय ने आधार से जुड़े असंगठित श्रमिकों (एनडीयूडब्ल्यू) का एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के लिए 26 अगस्त, 2021 को ई-श्रम पोर्टल लॉन्च किया था। ई-श्रम पोर्टल का उद्देश्य असंगठित श्रमिकों को उनकी खुद की घोषणा के आधार पर एक यूनिवर्सल खाता संख्या (यूएएन) प्रदान कर उन्हें रजिस्टर और सपोर्ट करना है। ई-श्रम पर रजिस्ट्रेशन के लिए श्रमिकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। मंत्रालय के अनुसार, असंगठित श्रमिकों को रजिस्ट्रेशन में मदद करने के लिए राज्य सेवा केंद्रों (एसएसके) और कॉमन सर्विस सेंटर की सेवाओं को शामिल किया गया है। श्रमिकों तक पहुंच बढ़ाने और उन्हें रजिस्ट्रेशन/अपडेट की सुविधा उनके मोबाइल फोन पर ही उपलब्ध करवाई जा रही है। उमंग ऐप पर ई-श्रम पोर्टल को शामिल किया गया है। अब तक, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की 12 योजनाओं को पहले ही ई-श्रम पोर्टल के साथ इंटीग्रेट या मैप किया जा चुका है। केंद्रीय बजट 2024-25 के अनुसार, अन्य सरकारी वेबसाइटों के साथ ई-श्रम पोर्टल का इंटीग्रेशन ‘वन-स्टॉप-सॉल्यूशन’ की सुविधा प्रदान करेगा। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने असंगठित श्रमिकों को जल्द से जल्द ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए पंचायती राज मंत्रालय , स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय आदि जैसे अन्य मंत्रालयों से भी संपर्क किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कहा, “ई-श्रम-वन स्टॉप सॉल्यूशन असंगठित श्रमिकों तक विभिन्न सरकारी योजनाओं की निर्बाध पहुंच को लेकर सहायक होगा। इससे असंगठित श्रमिकों के लिए बनाई गई योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद मिलेगी, साथ ही छूटे हुए संभावित लाभार्थियों की पहचान करने में आसानी होगी।”  

प्रदेश की 12670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र उन्नत, प्रत्येक में एक-एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पद स्वीकृत

भोपाल प्रदेश की 12670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्रों में उन्नयन करने का निर्णय हाल ही में मंत्रि-परिषद द्वारा लिया गया था। निर्णयानुसार इन सभी 12670 उन्नत आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं एक आंगनवाड़ी सहायिका (प्रत्येक आंगनवाड़ी) के पद की स्वीकृति प्रदान की गई है। पूर्व में संचालित इन मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्र में एक दिसम्बर 2024 से परिवर्तित माना जायेगा। आयुक्त महिला बाल विकास सूफिया फारूकी वली ने बताया कि मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों में पूर्व से कार्यरत मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की उस केन्द्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में पदस्थ रहकर कार्य करेंगी। वर्तमान में जिन उन्नत आंगनवाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ता का पद रिक्त है, वहाँ निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं अर्हताओं अनुसार ही नवीन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति की जायेगी। उन्नत 12670 आंगनवाड़ी केन्द्रों में सहायिका के नवीन सृजित पदों पर निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं अर्हताओं अनुसार ही नियुक्ति होगी। उन्होंने बताया कि इन केन्द्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पदों एवं आंगनवाड़ी सहायिका के सभी पदों की नियुक्ति एमपी ऑनलाइन पोर्टल https://chayan.mponline.gov.in के माध्यम से होगी। उल्लेखनीय है कि मंत्रि-परिषद द्वारा 12670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र में एक कार्यकर्ता एवं एक सहायिका तथा केन्द्रों के पर्यवेक्षण के लिये कुल 476 पर्यवेक्षक के पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।  

नगरीय निकायों में सहयोग अभियान से जरूरतमंदों को पहुँचाई जायेगी मदद

भोपाल प्रदेश में आगामी दिनों में तेज ठंड की स्थिति को देखते हुए नगरीय निकायों में जरूरतमंदों तक मदद पहुँचाने के लिये “सहयोग अभियान’’ चलाने का निर्णय लिया गया है। अभियान के सफल संचालन के लिये नगरीय विकास आयुक्त श्री भरत यादव ने प्रदेश के 413 नगरीय निकायों को परिपत्र जारी कर निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि सहयोग अभियान में जन-प्रतिनिधियों की मदद से अधिक से अधिक जन-भागीदारी सुनिश्चित की जाये। यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित होगा। आयुक्त श्री भरत यादव ने जानकारी दी कि अभियान के लिये 625 रिसाइकिल, रियूज और रिड्यूज (आरआरआर) केन्द्रों में विशेष व्यवस्था की जा रही है। नगरीय निकायों के मैदानी अमले को कहा गया है कि नागरिकों से गर्म कपड़े एवं सामग्री एकत्र कर जरूरतमंदों तक पहुँचाने के लिये टीम भावना के साथ काम किया जाये। मिशन संचालक, स्वच्छ भारत मिशन शहरी श्री अक्षय तेम्रवाल ने बताया कि नगरीय निकाय के अमले को गर्म वस्त्र और सामग्री तत्परता से एकत्र करने और जरूरतमंद तक पहुँचाने के लिये कहा गया है। ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन सहयोग अभियान के सिलसिले में नगरीय विकास विभाग ने रविवार 8 दिसम्बर, 2024 को प्रात: 9 बजे प्रदेशव्यापी ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित करने का निर्णय लिया है। कार्यशाला में जन-प्रतिनिधियों, नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं के अनुभव और सुझाव साझा किये जायेंगे। कार्यशाला में शामिल होने के लिये लिंक स्वच्छ भारत मिशन, शहरी के सोशल मीडिया पेज पर उपलब्ध होगा। प्रदेश के सभी शहरों में वर्ष 2022 में आरआरआर केन्द्र स्थापित किये गये हैं। नगरीय निकायों में इस काम के लिये विशेष वाहन भी संचालित किये जा रहे हैं। संचालनालय स्तर पर प्रदेशव्यापी अभियान की निगरानी के लिये विशेष व्यवस्था भी की गयी है।  

अग्निवीर भर्ती : महासमुंद जिले के अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा 7 और 11 को रायगढ़ में

महासमुंद, सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा अग्निवीर (थल सेना) भर्ती के तहत लिखित परीक्षा उत्तीर्ण आवेदकों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन 4 से 12 दिसंबर तक रायगढ़ में किया जा रहा है।           जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि महासमुंद जिले के अभ्यर्थियों के लिए अग्निवीर जनरल ड्यूटी पद की शारीरिक दक्षता परीक्षा 7 दिसंबर को और अग्निवीर टेक्नीकल, क्लर्क, ट्रेडमेन पदों के लिए यह परीक्षा 11 दिसंबर को निर्धारित है। महासमुंद जिले से रायगढ़ जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा निःशुल्क आवास एवं भोजन की व्यवस्था की है। जिसके अंतर्गत 07 से 09 दिसंबर तक रैन बसेरा, ट्रांसफोर्ट नगर, गांधी नगर सामुदायिक भवन, रायगढ़ एवं 11 दिसंबर को मंगल भवन, कबीर चौक, रायगढ़ में ठहरने की सुविधा रहेगी।

स्कूली बच्चों के लिये राष्ट्रीय मौसम विज्ञान ओलम्पियाड 14-15 दिसम्बर को

भोपाल भारत मौसम विज्ञान विभाग 14 और 15 दिसम्बर, 2024 को अपनी स्थापना के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर राष्ट्रीय मौसम विज्ञान ओलम्पियाड आयोजित कर रहा है। ओलम्पियाड में कक्षा-8, 9 और 11 के छात्र शामिल हो सकेंगे। ओलम्पियाड युवाओं के मौसम विज्ञान के क्षेत्र में गहराई से जानने और पुरस्कार अर्जित करने का शानदार अवसर है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी मौसम कार्यालय के टेलीफोन नम्बर-0755-2550345 पर प्राप्त की जा सकती है। मौसम केन्द्र कार्यालय भोपाल के अरेरा हिल्स में स्थित है।  

भाजपा और आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने कहा- ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल को कर रहीं बर्बाद

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वो प्रदेश को बर्बादी की राह पर धकेल रही हैं। अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने एक आंकड़ा भी साझा किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पोस्ट में कहा, “अगर मुख्यमंत्रियों के लिए ‘हॉल ऑफ शेम’ हो तो सबसे शीर्ष पर ममता बनर्जी का नाम आएगा।” भाजपा नेता ने पश्चिम बंगाल से जुड़े कुछ चौंकाने वाले आंकड़े साझा करते हुए कहा, “पश्चिम बंगाल भारत में लगभग 67 फीसद केरोसिन की खपत करता है और यह स्थिति एलपीजी के पर्याप्त आपूर्ति के बावजूद बनी हुई है।” उन्होंने सवाल उठाया, “क्या कारण हो सकता है? गरीबी, कालाबाजारी या बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी, सत्तारूढ़ टीएमसी के लिए वोट बैंक के रूप में दोगुना हो रहे हैं?” उन्होंने आगे कहा, “कारण चाहे जो भी हो। लेकिन, इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि ममता बनर्जी अपने पीछे एक बर्बाद राज्य छोड़ रही हैं।” उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद समिक भट्टाचार्य ने राज्यसभा में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी से इस मुद्दे को लेकर सवाल पूछे थे। अमित मालवीय ने इसी को आधार बनाकर अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर प्रतिक्रिया दी। दरअसल, भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य ने सवाल किया था कि क्या पश्चिम बंगाल देश में सबसे अधिक मात्रा में केरोसिन की खपत करता है? क्या मंत्रालय को पश्चिम बंगाल में केरोसिन के दुरुपयोग और कालाबाजारी की जानकारी है? क्या सरकार ने इस दावे का संज्ञान लिया है कि केरोसिन का सेवन बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा किया जाता है? इस तरह के दुरुपयोग को रोकने और इच्छित लाभार्थियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और वितरण में सुधार के लिए क्या उपाय लागू किए जा रहे हैं और ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में केरोसिन निर्भरता को कम करने के लिए वैकल्पिक, स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने वाली पहल क्या हैं? इन सभी सवालों के जवाब में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री मंत्री सुरेश गोपी ने लिखित जवाब दिया था । जिसमें उन्होंने विस्तारपूर्वक भाजपा सांसद के सभी सवालों का जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “भारत सरकार खाना पकाने के उद्देश्य से तिमाही आधार पर पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को “सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मिट्टी के तेल का आवंटन करती है। वर्ष 2023-24 के दौरान विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को पीडीएस एसकेओ का आवंटन अनुबंध में दिया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “वर्ष 2023-24 के दौरान, पश्चिम बंगाल राज्य को 7,04,016 केएल पीडीएस एसकेओ आवंटित किया गया था, जो देश भर के राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों को किए गए 10,60,524 केएल के कुल आवंटन का 66.38 फीसदी है। भारत सरकार ने समय-समय पर संशोधित केरोसिन (उपयोग पर प्रतिबंध और अधिकतम कीमत का निर्धारण) आदेश 1993 जारी किया है, जिसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत केरोसिन की बिक्री केवल खाना पकाने और रोशनी के प्रयोजनों के लिए पात्र उपभोक्ताओं तक सीमित कर दी गई है। कीमत सरकार या सरकारी तेल कंपनियों द्वारा तय की जाती है। पीडीएस नेटवर्क के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर पीडीएस केरोसिन का वितरण पश्चिम बंगाल राज्य सहित संबंधित राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किया जाता है।”  

महतारी वंदन से सास-बहू की रिश्तों में आई मिठास

रायपुर, प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप महतारी वंदन योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। इस राशि से वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों को भी पूरा कर रही है। यह योजना जरूरतमंद महिलाओं की जिंदगी बदलने से लेकर रिश्तों में आई कड़वाहट को भी मिठास में बदल रही है। अमूमन यह कहा जाता है कि सास और बहू के रिश्ते में खटास आ ही जाती है। लेकिन इस योजना ने इस खटास को भी मिठास में बदल दिया है।         महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम बेमचा की रहने वाली शैलेन्द्री धु्रव की बहू गेस कुमारी एक ही घर में एक ही छत के नीचे खुशी-खुशी से जीवन यापन कर रही है। पिछले तीन वर्षों से बहू उनके साथ रह रही है। अभी वर्तमान में उनके यहां नया मेहमान भी आने वाला है। गरीबी और आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रहे इस परिवार के लिए दो हजार रुपए प्रतिमाह की आवक बड़ी राशि है। इससे दैनिक खर्च के अलावा छोटी-मोटी स्वास्थ्यगत समस्याओं का भी समाधान आसानी से हो जाता है। हालांकि दोनों के बीच कभी अनबन नहीं रही। सास श्रीमती शैलेन्द्री धु्रव हमेशा बेटी की तरह ही अपनी बहू को लाड़-प्यार करती है। यह संयोग ही है कि जैसे महतारी वंदन योजना की शुरूआत हुई वैसे ही घर में नए मेहमान आने की सुखद समाचार भी मिला, जिससे घर में खुशियों का लहर दोगुना हुआ। अभी उनकी बहू गेस कुमारी के यहां नए मेहमान दस्तक देने वाला हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में उनका नियमित चेकअप, खानपान और स्वास्थ्य की देखभाल करना जरूरी हो जाता है। महतारी वंदन की राशि जो हर माह नियमित रूप से मिल जाती है, उससे सास के रूप में मेरी चिंता दूर हुई। मेरे पति और बेटे कृषि और मजदूरी कर जीवन यापन चलाते हैं। ऐसी परिस्थिति में इस राशि का कितना महत्व है यह हमसे बेहतर कोई नहीं बता सकते। उन्होंने राज्य के मुखिया श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस योजना से आर्थिक मजबूती के साथ-साथ रिश्तों में मिठास आई है।         ज्ञात है कि इस योजना से 12 हजार रुपए वार्षिक वित्तीय सहायता विवाहित महिलाओं के खाते में (प्रतिमाह एक हजार रूपए) दी जा रही है। महासमुंद जिले में कुल 3 लाख 26 हजार महिलाओं को लाभ मिल रहा है। शासन द्वारा 10 किस्तों का भुगतान किया जा चुका है।

लोकपथ ऐप ने राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान, कौन बनेगा करोड़पति में हुआ उल्लेख

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार द्वारा क्षतिग्रस्त सड़कों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विकसित किया गया लोकपथ मोबाइल ऐप अब राष्ट्रीय पहचान बन चुका है। हाल ही में इस ऐप का उल्लेख देश के सबसे प्रतिष्ठित टीवी शो “कौन बनेगा करोड़पति” में हुआ। इस कार्यक्रम के होस्ट, प्रख्यात अभिनेता श्री अमिताभ बच्चन ने लोकपथ ऐप से जुड़ा सवाल प्रतिभागी से पूछा। यह उल्लेख न केवल मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है, बल्कि प्रदेश में सड़कों के रखरखाव और सुधार के लिए किए गए नवाचारों को भी राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करता है। नरसिंहपुर जिले के श्री रचित कुमार बेल्थरिया ने इस सवाल का सही उत्तर बिना किसी सहायता के देकर शो में सभी का ध्यान आकर्षित किया। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कौन बनेगा करोड़पति में मध्यप्रदेश के नवाचार को स्थान देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार की ओर श्री अमिताभ बच्चन का आभार व्यक्त किया और प्रतिभागी श्री रचित का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मात्र 6 माह में इस ऐप ने प्रदेश से निकलकर राष्ट्र स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की है एवं पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी है। लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने इस घटना को गर्व का क्षण बताते हुए कहा, “लोकपथ ऐप लोक निर्माण से लोक कल्याण का सेतु है। यह देखकर प्रसन्नता होती है कि मध्यप्रदेश के नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। लोकपथ ऐप प्रदेश की जनता के लिए एक बड़ा नवाचार है, जो सड़कों को गुणवत्तापूर्ण सुरक्षित और सुदृढ़ बनाने में सहायक है।” मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लोकार्पित लोकपथ ऐप, लोक निर्माण विभाग की एक अनूठी पहल है। इस ऐप का उद्देश्य प्रदेश की सड़कों से जुड़ी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। नागरिक इस ऐप के माध्यम से क्षतिग्रस्त सड़कों की रिपोर्ट सीधे विभाग को भेज सकते हैं, जिससे समस्याओं का शीघ्र समाधान हो रहा है। मंत्री श्री सिंह ने यह भी कहा कि लोकपथ ऐप सरकार की लोक कल्याणकारी सोच और प्रौद्योगिकी के कुशल उपयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विभाग के इस अभिनव प्रयास ने साबित किया है कि प्रौद्योगिकी के माध्यम से लोक कल्याण के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है। लोकपथ ऐप पर अब तक 4536 से अधिक शिकायतें प्राप्त की गई हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण 7 दिनों के भीतर किया गया। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार ने नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए इस तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है। मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकता प्रदेश की सड़कों को गुणवत्तापूर्ण, सुदृढ़ और सुरक्षित बनाना है और लोकपथ ऐप इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।  

हम होंगे कामयाब अभियान: 10 दिसम्बर मानव अधिकार दिवस पर होगी जागरूकता दौड़

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार 16 दिवसीय एक्टीविजम-लिंग आधारित हिंसा के उन्मूलन के लिये “हम होंगे कामयाब’’ अभियान की शुरूआत 25 नवम्बर से की गयी है। मानव अधिकार दिवस तक चलने वाले इस अभियान के तहत 10 दिसम्बर को जागरूकता दौड़ का आयोजन किया जा रहा है। जागरूकता दौड़ में पुलिस विभाग सहित प्रदेश के अन्य विभागों के अधिकारी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी एवं एनजीओ के लगभग 1500 प्रतिभागी भाग लेंगे। जागरूकता दौड़ का शुभारंभ महापौर श्रीमती मालती राय करेंगी। बोट क्लब पर होने वाली इस दौड़ का समापन पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना द्वारा किया जायेगा।  

इसरो वैज्ञानिक प्रमोद आर. नायर को युवा वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया

तिरुवनंतपुरम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिक प्रमोद आर नायर को हाई एनर्जी मैटेरियल्स सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से युवा वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। डीआरडीओ और इसरो के संयुक्त संगठन, हाई एनर्जी मैटेरियल्स सोसाइटी ऑफ इंडिया ने ‘एम.आर.’ कुरुप एंडोमेंट अवार्ड’ की स्थापना की है, जो उच्च ऊर्जा सामग्री (प्रणोदक और पायरो) के क्षेत्र में काम करने वाले युवा वैज्ञानिकों को मान्यता देता है। इसरो के अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने डीआरडीओ के महानिदेशक और वीएसएससी, एलपीएससी और आईआईएसयू के निदेशकों की उपस्थिति में पुरस्कार प्रदान किया। गौरतलब है कि एम.आर. कुरुप एक भारतीय रॉकेट वैज्ञानिक और विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) में भारत के पहले ठोस रॉकेट प्रणोदक संयंत्र के संस्थापक थे। उन्हें तिरुवनंतपुरम में वीएसएससी केंद्र के निदेशक के रूप में संवर्धित उपग्रह प्रक्षेपण यान (एएसएलवी) के सफल प्रक्षेपण में योगदान देने के लिए जाना जाता है। केरल के चेंगन्नूर के मूल निवासी श्री कुरुप ने इसरो के वीएसएससी से अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने वीएसएससी में महाप्रबंधक, उप निदेशक और रसायन, सामग्री और प्रणोदन इकाइयों के मुख्य कार्यकारी जैसे विभिन्न पदों पर काम किया, जहां उन्हें ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के साथ काम करने का अवसर मिला। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने देश में पहला ठोस रॉकेट प्रणोदन संयंत्र स्थापित किया। वह विक्रम साराभाई द्वारा पहले भारतीय उपग्रह प्रक्षेपण यान को डिजाइन करने के लिए चुनी गई टीम के सदस्य भी रहे हैं। वह 1990 में देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, ‘पद्म श्री’ से भी अलंकृत हैं।  

प्रदेश ने इतिहास में पहली बार 18 हजार मेगावॉट से ऊपर विद्युत आपूर्ति की

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार 18 हजार मेगावॉट से ऊपर की विद्युत डिमांड बिना किसी व्यवधान के पूरी करने में सफलता प्राप्त हुई है। छ: दिसम्बर को प्रातः 9:15 बजे मध्यप्रदेश के इतिहास की सर्वाधिक विद्युत मांग 18077 मेगावॉट दर्ज की गई। इसके पूर्व 24 जनवरी 2024 को 17614 मेगावॉट अधिकतम मांग दर्ज की गई थी। अधिकतम डिमांड के समय मध्यप्रदेश की विद्युत लाइनों और सबस्टेशनों से निर्वाध विद्युत आपूर्ति की गई। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने इस उपलब्धि पर विभाग के सभी विद्युत कार्मिकों को बधाई दी है।  

बिजली कर्मियों से मारपीट करने पर दो आरोपियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा भोपाल शहर वितरण केन्‍द्र अंतर्गत शासकीय कार्य के दौरान बिजली कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारी से अभद्र व्यवहार एवं मारपीट करने के आरोप में दो आरोपियों पर अलग – अलग थानों में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल शहर के पिपलानी वितरण केन्‍द्र अंतर्गत लाइन परिचारक (संविदा) श्री रवि अहिरवार द्वारा साथी स्‍टॉफ श्री रामआश्रय साहू, श्री हेमराज लोधी एवं श्री साहिबराव के साथ बकाया राशि राजस्‍व वसूली का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान उपभोक्‍ता श्री नवनीत सिंह से बकाया राशि जमा नहीं करने के चलते कंपनी द्वारा कनेक्‍शन विच्‍छेदित करने की बात कही गई। उसी समय उपभोक्‍ता द्वारा मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। बाद में जूनियर इंजीनियर श्री राहुल पांडे के साथ पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई गई। इसी तरह एक अन्‍य मामले में आरोपी श्री कदरउल्‍ला खां के खिलाफ थाना श्‍यामला हिल्‍स में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के टीटी नगर जोन में पदस्‍थ सहायक प्रबंधक श्री संजू कुमार उईके ने एफआईआर दर्ज कराई है। उन्‍होंने बताया कि आरोपी पर बिजली बिल की राशि 21975 रुपये बकाया होने पर लाइन काटने की कार्रवाई की गई। बाद में आरोपी श्री कदरउल्‍ला ने स्‍टॉफ के साथ शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसकी थाना श्‍यामलाहिल्‍स में एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों आरोपियों क्रमश श्री नवनीत सिंह व श्री कदरउल्‍ला खान के खिलाफ कंपनी के अधिकारियों/कर्मचारियों से मारपीट, अभद्र व्‍यवहार तथा जान से मारने की धमकी देने तथा शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में कंपनी द्वारा कार्यवाही करते हुए थाना पिपलानी तथा थाना श्‍यामला हिल्‍स में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी श्री नवनीत सिंह पर धारा 121(1) एवं 132 में एफाआई दर्ज की गई है, जबकि आरोपी श्री कदरउल्‍ला खान के खिलाफ भारतीय न्‍याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 121(1), 132, 296, 351 (2) में एफआईआर दर्ज कराई गई है। थाना पिपलानी तथा थाना श्‍यामला हिल्‍स द्वारा दोनों आरोपियों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारी/कर्मचारियों से दुर्व्यवहार या मारपीट के मामलों को शासकीय कामकाज में बाधा डालने के तौर पर लिया जाकर तुरंत कानूनी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने मैदानी अधिकारी कर्मचारियों से कहा है कि विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर किसी भी अप्रिय स्थिति में उनसे आवश्यक सहयोग प्राप्त करें।  

म्यांमार में भारत की सहायता से बदल रही लोगों की जिंदगी

म्यांमार म्यांमार के नाय पी ताव में शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया जिससे नागरिक बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और म्यांमार के लोगों की जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी। इन परियोजनाओं का काम भारत की 50 लाख डॉलर की वार्षिक अनुदान सहायता से पूरा किया गया है। म्यांमार में भारत के राजदूत अभय ठाकुर ने देश के केंद्रीय सामाजिक कल्याण, राहत और पुनर्वास मंत्री डॉ. सो विन और सीमा मामलों के मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल तुन तुन नौंग के साथ मिलकर सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) और राखीन प्रांत विकास कार्यक्रम (आरएसडीपी) परियोजनाओं का उद्घाटन किया। म्यांमार में भारतीय दूतावास के अनुसार, उद्घाटन की गई परियोजनाएं चिन प्रांत और नागा स्व-प्रशासित क्षेत्र में स्थानीय लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण नई सामाजिक और आर्थिक सुविधाएं प्रदान करेंगी, जो उनकी भलाई के लिए फायदेमंद होंगी। चिन प्रांत में 16 सड़कों और पुलों के साथ एक शिक्षा केंद्र का निर्माण पूरा होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसी तरह, नागा स्व-प्रशासित क्षेत्र में 19 सड़कों और पुलों और दो शिक्षा केंद्रों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। कुल मिलाकर, इन पहलों में 45 लाख अमेरिकी डॉलर की लागत से 38 गतिविधियां शामिल हैं, जो क्षेत्रीय विकास के लिए व्यापक प्रयास और प्रतिबद्धता को दिखाती हैं। इसके अलावा, महत्वपूर्ण परियोजनाओं में ग्वा टाउनशिप में जल आपूर्ति प्रणाली का निर्माण और मराउक यू टाउनशिप में भस्मक का काम पूरा होना शामिल है। भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि ये परियोजनाएं आवश्यक सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करती हैं। बीएडीपी और आरएसडीपी ढांचे के तहत, भारत सरकार प्रति वर्ष 50 लाख डॉलर की अनुदान सहायता प्रदान करती है, जैसा कि समझौता ज्ञापन (एमओयू) में तय किया गया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जल आपूर्ति, स्वास्थ्य देखभाल, बिजली, सड़क निर्माण, स्कूल निर्माण और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को सुधारना और लोगों की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। सरकार ने पिछले साल यांगून क्षेत्र, नाय पी ताव, तनिनथारी क्षेत्र, सागांग क्षेत्र, मैगवे क्षेत्र और मांडले क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा, ई-लर्निंग और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में इसी तरह की पहल का समर्थन किया है। भारतीय दूतावास ने बताया, “यह साझेदारी सागांग क्षेत्र, चिन प्रांत और राखीन प्रांत जैसे सीमावर्ती इलाकों में समुदायों के विकास और सशक्तिकरण के लिए है। यह म्यांमार के लोगों के लिए सतत विकास और बेहतर जीवन स्थितियां सुनिश्चित करने के लिए दोनों सरकारों की प्रतिबद्धता को दिखाता है।” शुक्रवार का कार्यक्रम अक्टूबर में भारत सरकार द्वारा सहायता प्राप्त पांच त्वरित प्रभाव परियोजनाओं (क्यूआईपी) के हस्ताक्षर समारोह के बाद हुआ। ये परियोजनाएं म्यांमार के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा, हथकरघा और आपदा जोखिम न्यूनीकरण क्षेत्रों में नागरिक बुनियादी ढांचे को सुधारने का काम करेंगी।

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