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छत्तीसगढ़ की जड़ी-बूटिया और आयुर्वेद सरकारी मान्यता देने की प्रक्रिया, जल्द ही चिकित्सा क्षेत्र में आएगा बदलाव

रायपुर मेघनाद से युद्ध में जब लक्ष्मण मूर्छित हो गए थे, तो सुषेण वैद्य ने ही जड़ी-बूटी से उनकी जान बचाई थी। उन सुषेण वैद्य की धरती के वैद्यों की जड़ी-बूटियों और योग्यता को सरकारी मान्यता देने की प्रक्रिया जल्द ही चिकित्सा क्षेत्र में बदलाव की सारथी बनने जा रही हैं। गांव के लोगों को तो पहले ही अपने वैद्यों पर विश्वास है। उम्मीद की जा रही है कि प्रमाणन की प्रक्रिया के बाद गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए शहरियों का भी भरोसा बढ़ जाएगा। 400 से अधिक वैद्यों के सहयोग से लगभग साढ़े तीन हजार औषधीय पौधों का दस्तावेजीकरण किया जा चुका है। इनमें कई तो आयुर्वेद की पाठ्य पुस्तकों में भी दर्ज नहीं है। वनों से आच्छादित 21 जिलों में सर्वेक्षण की प्रक्रिया में आयुर्वेदिक महाविद्यालय रायपुर के विशेषज्ञों की टोली भी शामिल रही। वन विभाग के साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बन रहे हैं। अब तक 100 वैद्यों को मिला प्रमाण-पत्र वनांचलों की जड़ी-बूटी से विभिन्न बीमारियों का इलाज कर रहे पारंपरिक वैद्यों (चिकित्सकों) की इलाज पद्धति को प्रमाणित कर उन्हें प्रमाण पत्र दिया जा रहा है। अब तक 100 वैद्यों को प्रमाण पत्र दिया जा चुका है। वे बिना रोकटोक के इलाज करने के लिए अधिकृत होंगे। राज्य लघु वनोपज संघ ने यूरोपीय आयोग परियोजना के आजीविका आधारित गतिविधियां हर्बल स्वास्थ्य देखभाल घटक के तहत सर्वे कराया है। 21 जिलों में हुए सर्वेक्षण में 418 पारंपरिक वैद्यों की ओर से उपयोग किए जा रहे औषधीय पौधों (जड़ी-बूटियों) का दस्तावेजीकरण किया गया। 86 आयुर्वेदिक दवाइयों की सिफारिश हुई इन जड़ी-बूटियों के औषधीय गुणों का प्रारंभिक वैज्ञानिक मूल्यांकन रायपुर के सरकारी आयुर्वेद कॉलेज की टीम में आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. रक्षपाल गुप्ता, डॉ. पी.के. जोशी, डॉ. आर.एन. त्रिपाठी, और डॉ. पी.के. बघेल ने किया। औषधीय गुणों का वैज्ञानिक मूल्यांकन होने के बाद केंद्र सरकार के आयुष विभाग की मदद से आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी दवाओं का विनियमन के तहत वैद्यों को भारतीय गुणवत्ता परिषद से प्रमाण पत्र दिया जा रहा है। अब तक इलाज के लिए 86 आयुर्वेदिक दवाइयों की सिफारिश की जा चुकी है। वैद्यराज हेमचंद मांझी से मिल चुके हैं पीएम मोदी बस्तर के नारायणपुर के वैद्यराज हेमचंद मांझी 60 साल से जड़ी-बूटियों से इलाज कर रहे हैं। उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। वे ग्रामीणों को पारंपरिक और सस्ती स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ अप्रैल 2024 को बस्तर दौरे पर थे, उस दौरान उन्होंने पद्मश्री वैधराज हेमचंद माझी का हौसला बढ़ाया था। राज्य जैव विविधता बोर्ड की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नीतू हरमुख ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर्बल राज्य है। यहां संरक्षित जनजाति समुदाय में पारंपरिक औषधियों से इलाज करते हैं और कई असाध्य बीमारियों को वह ठीक करते हैं। मलेरिया के लिए कालमेघ, पीलिया के लिए भुई आंवला (आंवला प्रजाति का पौधा) जैसे औषधीय पौधों का इस्तेमाल करके रोगियों को राहत दे रहे हैं।

नि-क्षय शिविर का मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्चुअली करेंगे अभियान का शुभारंभ

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि टीबी, जिसे कभी लाइलाज माना जाता था, अब सघन और समर्पित प्रयासों से समाप्ति के करीब है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए 7 दिसंबर 2024 से 25 मार्च 2025 तक “100 दिवसीय निक्षय शिविर” आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य टीबी उन्मूलन के प्रयासों को और अधिक गति देना और जन-जागरूकता को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अभियान का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने स्वास्थ्य कर्मियों और आमजन से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जैसे हमने कोविड महामारी में एकजुट होकर हर व्यक्ति तक जाँच और उपचार सुनिश्चित किया, वैसे ही इन 100 दिनों में हमें टीबी की व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग, जाँच, उपचार और जन-जागरूकता को सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से आह्वान किया कि पूर्ण समर्पण से अभियान को सफल बनाने के लिए अपना योगदान दें। उन्होंने आमजन से स्वास्थ्य कर्मियों को सहयोग प्रदान करने की अपील की है, जिससे समाज का सशक्त और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित किया जा सके। 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अंतर्गत गतिविधियाँ प्रदेश में क्षय रोग (टी.बी.) के उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश के 23 उच्च-प्राथमिकता वाले जिलों नरसिंहपुर, दतिया, सिंगरोली, डिन्डौरी, खण्डवा, कटनी, अनुपपूर, अलिराजपुर जबलपुर, नीमच, रतलाम, मंदसौर, छतरपुर, उज्जैन, सीधी, श्योपुर, बैतूल, छिन्दवाडा, विदिशा, दमोह, मंडला, सीहोर और सिवनी में 7 दिसंबर से प्रारंभ होगा। इस शिविर का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले मरीजों की स्क्रीनिंग, जांच, और उचित उपचार प्रदान करना है। इस अभियान के अंतर्गत समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उपस्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी/ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक) के माध्यम से उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों और टी.बी. के मरीजों की स्क्रीनिंग एवं जांच की जाएगी। 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर के तहत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से मधुमेह पीड़ित, कुपोषित, धूम्रपान करने वाले, शराब सेवन करने वाले, पूर्व टीबी मरीज, संपर्क व्यक्ति और एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जाएगी। शिविरों का आयोजन प्रमुख सार्वजनिक स्थानों जैसे रेलवे और बस स्टेशनों, सामूहिक स्थानों, छात्रावास, आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM), और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर किया जाएगा। नि-क्षय शिविरों का आयोजन कारखानों, उद्योगों, ईंट भट्टों, निर्माण स्थलों, पत्थर क्रशरों और अन्य ऐसे कार्यस्थलों पर भी किया जाएगा, जिससे श्रमिक वर्ग और अन्य संवेदनशील वर्गों तक इस अभियान का लाभ पहुँच सके। शिविरों का आयोजन पंचायत संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, स्वसहायता समूहों, जन आरोग्य समिति, महिला आरोग्य समिति, और ग्राम स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता समिति के साथ मिलकर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जायेगा। नए निक्षय मित्रों और टीबी चैंपियंस/विजेताओं की पहचान की जाएगी, जिससे उनकी सहभागिता से अभियान को और गति दी जा सके। त्यौहारों और मेलों के दौरान धार्मिक गुरुओं के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे। स्कूलों और कॉलेजों में कला और सांस्कृतिक गतिविधियाँ, रैलियाँ आयोजित की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य सरकारी विभागों में “नि-क्षय सप्ताह” के आयोजन के अन्तर्गत जागरूकता सत्र, निक्षय शिविर, टीबी शपथ एवं प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाएंगी।  

द डायरी ऑफ मणिपुर से हिंदी फिल्मों में डेब्यू करेंगे अमित राव

मुंबई, मणिपुर हिंसा के ज्वलंत मुद्दे पर बनने जा रही फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर से अमित राव हिंदी फिल्मों में डेब्यू कर रहे हैं। ‘द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ के मेकर सनोज मिश्रा अब मणिपुर हिंसा के ज्वलंत मुद्दे पर फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ बनाने जा रहे हैं। इस फिल्म के जरिए अमित राय हिंदी सिनेमा में डेब्यू करने जा रहे हैं। फिल्म के लेखक निर्माता और निर्देशक सनोज मिश्र ने फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ से जुड़ी जानकारी शेयर की। उन्होंने बताया कि इस फिल्म के जरिए मणिपुर हिंसा की सच्चाई दिखाने जा रहा हूं। सनोज मिश्र ने कहा, मैं अपनी फिल्मों के माध्यम से समाज के ऐसे ज्वलंत मुद्दों दिखता रहूंगा। डायरेक्टर होने के नाते मेरा यह कर्तव्य भी हैं कि अपनी फिल्मों के माध्यम से समाज की सच्ची तस्वीर पेश करूं। मैं किसी की धमकियों से नहीं डरता हूं। फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ के जरिए अमित राव इंडस्ट्री में डेब्यू कर रहे हैं। रंग मंच की दुनिया में उनका बहुत बड़ा नाम है। अमित राव ने कहा, मुझे काफी समय से फिल्मों के ऑफर मिल रहे हैं, लेकिन मैने कभी फिल्मों में एक्टिंग को गंभीरता से नहीं लिया। जब इस फिल्म के लिए डायरेक्टर सनोज मिश्र ने मुझसे संपर्क किया और फिल्म की कहानी सुनाई तो इस फिल्म में काम करने से खुद को नहीं रोक पाया। मुझे लगता है कि बॉलीवुड में मेरी शुरुआत का यह अच्छा समय है। सनोज मिश्रा फिल्म्स के बैनर तले बनने जा रही फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर के लेखक, निर्माता और निर्देशक सनोज मिश्र हैं। फिल्म के सह -निर्माता यामीन खान, जावेद देवरियावाले ,धीरेंद्र ठाकुर, और संजय कुमार हैं। अमित राव के अलावा इस फिल्म में देश की प्रसिद्ध योग शिक्षिका मानसी गुलाटी और भजन सम्राट अनूप जलोटा भी एक खास किरदार निभा रहे हैं। फिल्म के बाकी कलाकारों का चयन जारी है।

मध्य प्रदेश में लाड़ली बहनों के लिए खुशियों की घंटी फिर बजने वाली, 1 करोड़ 29 लाख बहनों के खाते में योजना की अगली किस्त की राशि जल्द आने वाली

भोपाल  मध्य प्रदेश में लाड़ली बहनों के लिए खुशियों की घंटी फिर बजने वाली है. प्रदेश की 1 करोड़ 29 लाख बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त की राशि आने वाली है. ये इस बरस की आखिरी किस्त है. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि साल के आखिरी किस्त तय तारीख से पहले भी आ सकती है. माना जा रहा है कि इस बार तय तारीख 10 दिसम्बर के पहले लाड़ली बहनों को इस योजना की 19वी किस्त के रुप में 1250 रुपए की धनराशि भेजी जा सकती हैं. वहीं संभावना ऐसी भी है कि जनवरी 2025 से मोहन सरकार लाड़ली बहनों की किस्त में इजाफा भी कर सकती है. तारीख से पहले आ सकती है लाड़ली बहना की किस्त ! लाड़ली बहना योजना की दिसंबर महीने की किस्त क्या 10 दिसम्बर से पहले भी आ सकती है. ये इस बरस की आखिरी किस्त है. 1250 की ये किस्त समय से पहले भी लाड़ली बहनों के खाते में डाली जा सकती है. ये लाड़ली बहना योजना की 19वी किस्त होगी. त्योहार के समय में जिस तरह से नियत समय से पहले ये राशि लाड़ली बहनों के खाते में डाली गई, क्या इस बार भी ऐसा होगा. हालांकि इस बारे में सरकार की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है. क्या अगले महीने से बढ़ जाएगी लाड़ली बहना की राशि चर्चा ये भी है कि जनवरी 2025 से लाड़ली बहना योजना की राशि में इजाफा हो सकता है. असल में बुधनी और विजयपुर विधानसभा चुनाव के दौरान सीएम डॉ मोहन यादव ने इस बात के संकेत दिए थे कि वे लाड़ली बहना योजना की राशि में वादे के मुताबिक किस्त की राशि बढ़ाई भी जा सकती है. सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा था कि जो वादा किया गया है. लाड़ली बहनों से पूरा किया जाएगा. उसी के बाद से ये अटकलें तेज हो गई कि क्या नए वर्ष की शुरुआत से सरकार लाड़ली बहनों की राशि बढ़ा सकती है. बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल कहते हैं, “इसमें दो राय नहीं कि लाड़ली बहन-बेटियों के लिए समर्पित है. हमारी सरकार और उनके आर्थिक आत्मनिर्भरता से लेकर उन्हें हर तरह का संबल देने के प्रयास सरकार की ओर से किए जा रहे हैं. सरकार ने लाड़ली बहनों से जो वादा किया है. वो भी पूरे होंगे. बीजेपी की सरकार ने पूर्व में भी अपने वचन पूरे किए हैं और इस बार भी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.” कब शुरु हुई थी योजना, लाड़ली बहनों का कितना बजट एमपी में लाड़ली बहना अकेली ऐसी योजना है. जिसके लिए सरकार ने बजट में हमेशा विशेष प्रावधान किए हैं. 2023 में शुरु की गई योजना में पहले साल 12 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया था. 23 से साठ वर्ष की महिलाओं के लिए हर महीने हजार रुपए की धनराशि का प्रावधान शुरुआत में किया गया, जो बढ़कर 1250 रुपए का प्रावधान कर दिया गया. पांच वर्षों लक्ष्य में इसे 60 हजार करोड़ इसका बजट माना गया था. जब किस्त की धनराशि 1250 कर दी गई, तो बजट में भी प्रावधान किया गया. अब तैयारी ये है कि 2025 के बजट में महिला बाल विकास विभाग के साथ महिलाओं पर केन्द्रित योजनाओं के लिए धनराशि बढ़ाई जाए.  

‘देवा’ की रिलीज से पहले रोशन एंड्रूज़ को अमिताभ बच्चन से मिला आशीर्वाद

मुंबई, मलयालम सिनेमा के मशहूर निर्देशक रोशन एंड्रूज़, ने बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन से मुलाकात की जो उनके लिए बेहद खास और इमोशन से भरी थी। रोशन, जो हमेशा से अमिताभ बच्चन के काम के प्रशंसक रहे हैं। उन्होंने अमिताभ से मुलाकत के बाद अपनी खुशी जाहिर की है। रोशन एंड्रूज़ ने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर करते हुए इस मुलाकात के बारे में बताया है। उन्होंने लिखा है, “मैंने बचपन से इस इंसान को स्क्रीन पर देखा है… मेरे लिए ये इंसान ही भारतीय सिनेमा था… कई बार उनसे मिलने के करीब पहुंचा, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई… और मैंने उस सबसे बड़े स्टार से हाथ मिलाया, जिसे ये देश जानता है। मैंने उन्हें बताया कि मेरी पहली हिंदी फिल्म ‘देवा’ 31 जनवरी को रिलीज हो रही है। उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया। चार दिसंबर मेरे लिए जिंदगी के सबसे खास दिनों में से एक रहेगा… जिस दिन मैंने अमिताभ बच्चन से मुलाकात की!” रोशन एंड्रूज़ के निर्देशन में बनी फिल्म देवा को ज़ी स्टूडियोज़ और सिद्धार्थ रॉय कपूर ने प्रोड्यूस किया है। इस फिल्म से शाहिद कपूर लगभग एक साल बाद स्क्रीन पर वापसी कर रहे हैं। उनके साथ फिल्म में पूजा हेगड़े और पावेल गुलाटी भी अहम रोल में नजर आएंगे।फिल्म देवा 31 जनवरी 2025 को रिलीज होगी।

मंत्रालयों के बंटवारे की फडणवीस ने बताई तारीख, एकनाथ शिंदे की तारीफ, उन्होंने इशारों में ही चिंता भी बढ़ा दी

मुंबई महाराष्ट्र के नए सीएम बने देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि वह धैर्य से फैसले लेने वाले नेता हैं और अकसर सोच-समझकर ही कोई निर्णय लेते हैं। इसके अलावा उन्होंने लड़की बहिन योजना शुरू करने का क्रेडिट भी एकनाथ शिंदे को दिया। हालांकि होम मिनिस्ट्री की डिमांड कर रहे एकनाथ शिंदे की उन्होंने इशारों में ही चिंता भी बढ़ा दी। शपथ लेने के बाद दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय तो हमेशा ही हमारे पास रहा है। इस तरह देवेंद्र फडणवीस ने यह संकेत भी एकनाथ शिंदे को दे दिया कि भाजपा होम मिनिस्ट्री पर अपना दावा नहीं छोड़ेगी। बता दें कि एकनाथ शिंदे अब भी होम मिनिस्ट्री के लिए लॉबिंग में जुटे हैं। उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह के बाद भी अमित शाह से मुलाकात की थी। कहा जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने मंत्रालयों के बंटवारे में शिवसेना को महत्व देने की मांग की थी। ऐसे में फडणवीस की यह टिप्पणी अहम है कि गृह मंत्रालय हमेशा से भाजपा के पास ही रहा है। वह खुद एकनाथ शिंदे की सरकार में डिप्टी सीएम रहते हुए होम मिनिस्ट्री संभाल रहे थे। अब एकनाथ शिंदे का कहना है कि उसी फॉर्मूले के तहत यदि अब वह डिप्टी सीएम बन रहे हैं तो फिर होम मिनिस्ट्री उन्हें दे दी जाए। इसके साथ ही देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रालयों के बंटवारे की भी आखिरी तारीख बता दी है। उन्होंने कहा कि 16 दिसंबर तक मंत्रालयों का बंटवारा कर लिया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि एकनाथ शिंदे, अजित पवार के साथ मिलकर हम लोग काफी चीजें तय कर चुके हैं। कोई मतभेद नहीं है और जल्दी ही फैसला ले लिया जाएगा। यही नहीं उन्होंने बीते ढाई साल चली सरकार के मंत्रियों को रिपीट करने के सवाल पर कहा कि पहले मूल्यांकन किया जाएगा। हम मूल्यांकन करने के बाद ही मंत्रियों को लेकर फैसला लेंगे। देवेंद्र फडणवीस ने दिए इंटरव्यू में अजित पवार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि पश्चिम महाराष्ट्र ने साबित किया है कि वह शरद पवार की बजाय अजित पवार के साथ हैं। ईवीएम में गड़बड़ी के सवालों और कांग्रेस की ओर से यात्रा निकालने पर भी फडणवीस ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ये लोग झारखंड और लोकसभा इलेक्शन में जीतते हैं तो ऐसा नहीं कहते, लेकिन महाराष्ट्र में ऐसा सवाल उठा रहे हैं। ऐसा तो नहीं चलेगा कि हारने पर सवाल उठाएं और जीतने पर चुप्पी साध लें। वहीं ब्राह्मण होते हुए भी सीएम बनाए जाने के सवाल पर फडणवीस ने कहा कि जनता जाति की बात नहीं करती। यह तो नेताओं के दिमाग की उपज है। उन्होंने कहा कि हमें तो मराठा और ओबीसी सभी ने समर्थन दिया है। जाति की राजनीति लोग तभी शुरू करते हैं, जब कुछ और सफल नहीं होता।

सीमा पर अलर्ट, बांग्लादेश ने पश्चिम बंगाल के पास ड्रोन्स तैनात किए, भारत की जासूसी पर उतरा

ढाका बांग्लादेश से लगी भारत की सीमा पर अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, इसे लेकर सेना की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन खबरें हैं कि बांग्लादेश की तरफ से ड्रोन्स की तैनाती की रिपोर्ट्स के बाद भारत भी हरकत में आ गया है। कहा जा रहा है कि ये ड्रोन्स तुर्की में बने हैं और बांग्लादेश खुफिया जानकारी जुटाने में इनका इस्तेमाल करता है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि बांग्लादेश ने पश्चिम बंगाल के पास ड्रोन्स तैनात किए हैं। खास बात है कि यह घटना क्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब खबरें हैं कि बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार गिरने के बाद सीमा के आसपास आतंकवादी गतिविधियों में इजाफा हुआ है। फिलहाल, सेना की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि भारत की सीमा के पास बायरैक्टर टीबी2 UAV की तैनाती के बारे में सेना जानकारी जुटा रही है। कहा जा है कि इस संबंध में बांग्लादेश का कहना है कि सुरक्षा कारणों से इनकी तैनाती की गई है। इधर, संवेदनशील इलाकों में ड्रोन्स की तैनाती को लेकर भारत भी अलर्ट मोड पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया जानकारी है कि हसीना सरकार में कमजोर पड़े चरमपंथी तत्व एक बार फिर भारत से जुड़ी सीमा के पास सक्रिय हो रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि आतंकवादी समूह और तस्करी का नेटवर्क बांग्लादेश में जारी राजनीतिक अस्थिरता का फायदा उठाकर भारत में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे हैं। चैनल से बातचीत में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हसीना की सरकार गिरने के बाद सीमावर्ती इलाकों में भारत विरोधी तत्वों में बढ़त देखी गई है। राजनीतिक अस्थिरता और एडवांस UAV की तैनाती के चलते भारत की सीमाओं पर भारी निगरानी की जरूरत है।’ खास बात है कि बांग्लादेश ने इस साल ही Bayraktar TB2 हासिल किए थे। खबर है कि फिलहाल 12 में से 6 ड्रोन संचालित किए जा रहे हैं।

राज्यपाल डेका बोले- मानवीय संवेदनाओं को साथ लेकर चलें चिकित्सक

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका आज पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित व्हाइट कोट समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। चिकित्सक अपने ज्ञान को अद्यतन रखने के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को साथ लेकर चलें।           पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में व्हाइट कोट समारोह को चरक शपथ ग्रहण समारोह के रूप में किया गया। चरक शपथ, प्राचीन भारतीय चिकित्सा के दो मूलभूत संस्कृत ग्रंथों में से एक, चरक संहिता में वर्णित एक प्रतिज्ञा है। नई शपथ महर्षि चरक के सम्मान में है, जिन्हें आयुर्वेद के प्राचीन विज्ञान और चिकित्सा ग्रंथ चरक संहिता के लेखक के प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक माना जाता है।  समारोह में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को चिकित्सा नैतिकता की शपथ दिलाई गई।           राज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफेद कोट जो आप धारण करते है वह केवल परिधान नहीं है बल्कि सेवा, समर्पण और जिम्मेदारी का प्रतीक है। इस सफेदी में कोई दाग नहीं आना चाहिए। कोेशिश हो कि जानबुझकर कोई गलती ना हो। आज ली हुई शपथ जीवन भर आपका मार्ग प्रशस्त करती रहेगी।           श्री डेका ने प्राचीन भारत की चिकित्सा पद्धति का जिक्र करते हुए इस विषय से जुड़े अपने संस्मरण विद्यार्थियों से साझा किये। कोविड-काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय की विभीषिका उन्होंने देखी है। उस दौर में चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी, नर्स एवं इस क्षेत्र से जुड़े लोगों ने जो सेवा का कार्य किया उसका कोई मुकाबला नहीं है।           श्री डेका ने कहा कि चिकित्सा का पेशा एक नोबल पेशा है लेकिन यह चुनौतियों से भरा है। साथ ही इसमें अपार संभावनाएं हैं और समाज के उत्थान का अवसर भी है। प्रत्येक क्षेत्र में शोध आधारित विकास की आवश्यकता है। आज चिकित्सा विज्ञान नये आविष्कारों और तकनीकी प्रगति के साथ आगे बढ़ रहा हैै। निर्णय लेने की क्षमता बढ़ानी होगी। आपकी मेहनत, अनुशासन और आपका सकारात्मक दृष्टिकोण आपकी पहचान बनायेगा और समाज में विश्वास का आधार तैयार करेगा।           कार्यक्रम में श्री डेका ने उत्कृष्ट विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी ने दिया। डॉ. अरविंद नेरल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।            इस अवसर पर मेकाहारा के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, विद्यार्थी एवं उनके पालकगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मंत्री जायसवाल बोले- विष्णु के सुशासन और मोदी की गारंटी में प्रदेश में हो रहा है लगातार विकास कार्य

रायपुर, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज जीपीएम जिले को 43 करोड़ 10 लाख 14 हजार रुपए की लागत के 37 विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण कार्यों की सौगात दी । इनमें भूमि पूजन के 32 करोड़ 38 लाख 10 हजार रुपए की लागत के 30 कार्य और 10 करोड़ 72 लाख 04 हजार रुपए की लागत के 7 लोकार्पण कार्य शामिल है। मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत तेंदूमूड़ा में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला प्रांगण में प्रभारी मंत्री एवं अतिथियों ने पूजा अर्चना के साथ विधिवत् भूमि पूजन किया।       इस मौके पर मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रहा है कि आने वाले 13 दिसम्बर को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन का एक साल पूरा हो रहा है। इस अल्प अवधि के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने केबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवासहीन परिवारों को आवास दिया। उन्होंने किसानों को दो साल का बकाया बोनस, 3100 रूपए क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी, महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महिने एक-एक हजार रूपए देने, तेंदुपत्ता प्रति मानक बोरा 5500 रूपए करने, पीएससी घोटाले की निष्पक्ष जांच एवं पारदर्शी भर्ती, रोजगार के क्षेत्र में विशेष पहल, आयुष्मान कार्ड से 5 लाख रूपए तक मुफ्त इलाज सहित सरकार की पिछले एक साल की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जीरो टारलेंस की सरकार चला रहे हैं।       जिले के प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना मेरा पहला दायित्व है। उन्होंने मरवाही में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए 3 करोड़ रूपए और जिला चिकित्सालय के लिए 35 करोड़ रूपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिलेवासियों के बेहतर उपचार के लिए पिछले एक साल के भीतर जिले में 12 विशेषज्ञ डॉक्टर की पदस्थापना की गई है।

अब पाकिस्तान में सविनय अवज्ञा आंदोलन करने की दी चेतावनी, महात्मा गांधी की राह चले इमरान खान

इस्लामाबाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पिछले महीने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन हुए। राजधानी कूच करने के ऐलान के बाद इमरान खान के समर्थकों को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरा जोर लगा दिया। उग्र प्रदर्शन से घबराई सरकार ने सेना तक उतार दी थी। वहीं विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई थी। अब इमरान खान हिंसा छोड़कर दूसरे रास्तों की ओर रुख करते दिख रहे हैं। इमरान खान ने गुरुवार को जेल से एक संदेश जारी कर सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। गुरुवार को इमरान खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा है कि देश में तानाशाही कायम हो गई है। इमरान खान ने अपने समर्थकों से 13 दिसंबर को खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर में जमा होने के लिए कहा है जहां फिलहाल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की सरकार है। उन्होंने सरकार के सामने दो मांगे रखी हैं और कहा है कि अगर इन मांगों को नहीं माना गया तो वह नया आंदोलन शुरू करेंगे। इमरान खान ने लिखा, “देश में तानाशाही कायम हो गई है। निर्दोष राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गोली मार दी गई है और शांतिपूर्ण राजनीतिक कार्यकर्ता शहीद हो गए हैं। हमारे सैकड़ों कार्यकर्ता लापता हैं। सुप्रीम कोर्ट को अब इस पर संज्ञान लेना चाहिए और अपनी संवैधानिक भूमिका निभानी चाहिए। हमने मानवाधिकार के उल्लंघन के लिए सुप्रीम कोर्ट, लाहौर हाईकोर्ट और इस्लामाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन कोर्ट ने कोई कार्रवाई नहीं की गई और देश इस स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने आगे लिखा, “हम 13 दिसंबर को पेशावर में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक भव्य सभा आयोजित करेंगे। इसमें विपक्षी राजनीतिक दलों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने विरोध प्रदर्शन पर हुई कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने सभी गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को रिहा करने की भी मांग की है। इमरान खान ने कहा, “अगर ये दोनों मांगें पूरी नहीं की गईं तो 14 दिसंबर से सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू होगा और किसी भी परिणाम के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।” गौरतलब है कि इमरान खान के पिछले साल के अंत से जेल में हैं। उनका और उनकी पार्टी का कहना है कि 2022 में पद से हटाए जाने से पहले सेना के जनरलों के साथ उनके मतभेद के बाद सेना के इशारे पर उन्हें राजनीति से दूर रखने के लिए झूठे मामले बनाए गए थे। हालांकि सेना ने इन आरोपों से इनकार किया है।

सचिन-जिगर का गाना आज की रात फिर से ऑरमैक्स हार्टबीट्स पर छाया

मुंबई, संगीतकार जोड़ी सचिन-जिगर का गाना आज की रात फिर से ऑरमैक्स हार्टबीट्स पर छा गया है। सचिन-जिगर ने चार्ट-टॉपिंग हिट्स के साथ 2024 पर अपना दबदबा कायम किया है। स्त्री 2 से उनका नवीनतम ट्रैक, आज की रात, एक बार फिर ऑरमैक्स हार्टबीट्स पर #1 स्थान पर पहुंच गया है, जो सप्ताह के शीर्ष 5 गानों में हावी रहा है। इस गाने की लगातार सफलता ने साल के सबसे बड़े गानों में से एक के रूप में इसकी स्थिति को मजबूत किया है, जो दुनिया भर के प्रशंसकों के साथ गहराई से जुड़ता है। स्त्री 2 के अलावा, इस जोड़ी ने तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया, मुंज्या, विक्की विद्या का वो वाला वीडियो, और सिटाडेल हनी बनी जैसी फिल्मों के लिए एल्बम के माध्यम से अपनी अविश्वसनीय बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। अपनी लगातार सफलताओं पर विचार करते हुए, सचिन-जिगर ने कहा, “हम ऐसा संगीत बनाने का प्रयास करते हैं जिससे लोग जुड़ सकें – कुछ ऐसा जो प्रामाणिक लगे और उनकी भावनाओं से जुड़ जाए। ‘आज की रात’ को मिले प्यार को देखकर हमें सीमाओं को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। यह साल हमारे लिए वरदान साबित हुआ है और हमें उम्मीद है कि हम इस गति को 2025 तक जारी रखेंगे।” जैसे-जैसे 2025 करीब आ रहा है, प्रशंसक बेसब्री से सचिन-जिगर द्वारा बनाए जाने वाले जादू का इंतजार कर रहे हैं, उनके पास पहले से ही कई रोमांचक प्रोजेक्ट हैं, जिनमें मैडॉक फिल्म्स की फिल्म थामा भी शामिल है।  

अवध ओझा ने एक्स पर सफाई देते हुए कहा कि भाववश उससे यह गलती हो गई, इसलिए दंड देना ठीक नहीं

नई दिल्ली हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हुए टीचर और मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा एक विवाद में घिर गए हैं। ‘आप’ दफ्तर में इंटरव्यू को बीच में छोड़ने की वजह से ओझा पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच उन्होंने ने चुप्पी तोड़ते हुए माना है कि जो कुछ हुआ वह गलत था। उन्होंने कहा है कि एक वॉलंटियर ने ऐसा किया। हालांकि, ‘अनजाने में हुई गलती’ बताकर ओझा ने बचाव भी किया। अवध ओझा ने शुक्रवार को एक्स पर सफाई देते हुए कहा कि भाववश उससे यह गलती हो गई, इसलिए दंड देना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि वह एक शिक्षक हैं और हमेशा सवालों के लिए तैयार हैं। उन्होंने लिखा, ‘वो शिक्षक ही क्या जो सवाल का जवाब ना दे। कल बीबीसी के साथ बढ़िया इंटरव्यू हुआ। उसे अवश्य देखें। दुर्भाग्यवश साक्षात्कार के दौरान हमारे एक वालंटियर ने अनजान वश पत्रकार महोदय को रोक दिया जो की बिल्कुल सही नहीं था।’ ओझा आगे लिखते हैं, ‘लोग कह रहे उसे दंड दो, बर्खास्त करो। उसे दंड देना उचित नहीं हैं, क्योंकि भाववश गलती हो गई। बाकी मैं किसी भी प्रश्न के लिए हमेशा तैयार हूं। शिक्षक हूं, प्रश्नों से ही मुझे ऊर्जा मिलती है। और यह मत भूलना, हमेशा ‘दोस्ती बनी रहे।’ उन्होंने अपने पोस्ट में इस इंटरव्यू का लिंक भी साझा किया है। दरअसल, अवध ओझा ने गुरुवार को बीबीसी को यह इंटरव्यू दिया था। इस दौरान उनसे सवाल किया गया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तारीफ किया करते थे, क्या अब आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद भी ऐसा करना जारी रखेंगे? ओझा सहजता के साथ इस सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी की तारीफ करने में बुराई क्या है, वह उदाहरण देते हैं कि सचिन तेंदुलकर भी ब्रायन लारा की तारीफ करते थे। ओझा अपनी बात रख ही रहे थे तभी कोई कमरे में दाखिल होता है और पत्रकार से कहता है कि आपको पहले ही कहा था ना कि ‘उलटा-सीधा’ सवाल नहीं करना। पत्रकार ने अवध ओझा से पूछा कि क्या उनसे कोई आपत्तिजनक सवाल किया गया है, जिस पर उन्होंने गर्दन हिलाते हुए ना में जवाब दिया। लेकिन इसके बाद भी पत्रकार को बीच में इंटरव्यू रोकने को कहा गया। इस पर ओझा कहते हैं कि वह पार्टी लाइन का पालन करेंगे, जो उनसे कहा जाएगा। बीबीसी ने इस अधूरे इंटरव्यू को इस संदेश के साथ प्रसारित किया कि आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने इसके आगे रिकॉर्डिंग नहीं करने दी। सोशल मीडिया पर भी यह इंटरव्यू काफी वायरल हो गया। लोगों ने अवध ओझा पर सवाल दागने शुरू कर दिए तो भारतीय जनता पार्टी ने भी ‘आप’ के रवैये की आलोचना की।

स्लो चार्ज होता है मोबाइल मतलब ये गलतियां कर रहे हैं आप

अक्सर लोगों को मोबाइल स्लो चार्ज होने की शिकायत रहती है। जाने-अनजाने वो कभी चार्जर तो कभी मोबाइल को दोष देने लग जाते हैं। हममे से कोई भी कभी यह नहीं सोचता कि मोबाइल को चार्ज करने का भी अपना एक तरीका होता है। आप में हर कोई चाहे सामान्य फोन इस्तेमाल कर रहे हो, एंड्रॉयड या फिर स्मार्ट फोन… चार्जिंग के दौरान कोई न कोई गलती करता ही है। आज हम अपनी खबर में आपको कुछ ऐसी ही गल्तियों को बारे में बताएंगे जिन्हें न करके आप अपने मोबाइल फोन को अच्छे से और तेज चार्ज कर पाएंगे। कम्प्यूटर से कभी चार्ज न करें अपना मोबाइल:- हममे से अधिकांश लोग ऑफिस गोइंग होते हैं और डेटा केबल के जरिए लैपटॉप या डेस्कटॉप से अपना मोबाइल बेधड़क चार्ज कर लेते हैं, लेकिन हम यहां गलती कर रहे होते हैं। अगर आप अपने पीसी से मोबाइल को चार्ज करते हैं तो चार्जिंग बहुत स्लो होगी। वायरलैस चार्जिंग से भी आपको बचना चाहिए क्योंकि इससे भी मोबाइल फोन स्लो चार्ज होता है। आपको हर हाल में अपना मोबाइल फोन सिर्फ उसके चार्जर से ही चार्ज करना चाहिए, ऐसा करना आपके मोबाइल के लिए भी मुफीद होता है। हा वो दीगर बात है कि अगर आपके मोबाइल की बैटरी एकदम लो हो गई है और आपको अर्जेंट बात करनी है तो कभी कभार आपक अन्य माध्यम का सहारा ले सकते हैं। अपनाएं ये तरीके नहीं होगी स्लो चार्जिंग… ऐप्स को बंद कर चार्ज करें मोबाइल बहुत सारे लोगों के मोबाइल में मेल, फेसबुक, ट्विटर जैसी ऐप्स हरदम ऑन रहती हैं। इन ऐप्स के चालू रहने से आपकी बैटरी लगातार खर्च होती रहती है और इसी दौरान अगर आप अपना मोबाइल फोन चार्ज करते है तो वो स्लो चार्ज होता है। हो सके तो फोन चार्जिंग के दौरान इन ऐप्स को बंद करके ही मोबाइल को चार्जर से कनेक्ट करें। ऐसा करने से आपका फोन जल्दी चार्ज होगा। यूनीवर्सल नहीं कंपनी के एडॉप्टर का ही करें इस्तेमाल कुछ लोगों की आदत होती है कि वो यूनिवर्सल एडॉप्टर से अपना मोबाइल चार्ज करने में गुंरेज नहीं करते। हममे से अधिकांश नहीं जानते कि बाजार में आने वाले काफी सारे यूनीवर्सल एडॉप्टर घटिया क्वालिटी के होते हैं। इन एडॉप्टर से फोन चार्ज करने से भी चार्जिंग स्लो हो सकती है, इसलिए संभव हो तो आप उसी चार्जर का इस्तेमाल करें जिसे कंपनी ने आपको मोबाइल के साथ दिया है। चार्जिंग के दौरान न करें फोन का इस्तेमाल कुछ लोग इतने उतावले होते हैं कि वो चार्जिंग के दौरान भी फोन का पीछा नहीं छोड़ते और लगातार फोन का इस्तेमाल करते रहते हैं। चार्जिंग के दौरान भी फोन का इस्तेमाल करने से चार्जिंग स्लो हो सकती है। इसलिए अगर संभव हो तो चार्जिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल न के बराबर करें। किसी भी केबल से यू कनेक्ट न करें मोबाइल लोग फोन चार्जिंग को लेकर कभी कभी गलत केबल का भी इस्तेमाल कर लेते हैं। गलत केबल या यूएसबी के इस्तेमाल से भी फोन की चार्जिंग स्लो हो सकती है। इसलिए हो सके तो आपको फोन के साथ जो भी चार्जर मिला हो उसी का इस्तेमाल कर अपना मोबाइल चार्ज करें। ऐसा करने से आपका मोबाइल फोन जल्दी चार्ज होगा। अगर आपके पास कंपनी का चार्जर उपलब्ध नहीं है तो ही केबल का इस्तेमाल करे, लेकिन उसकी गुणवत्ता को भी पहले परख लें। हरदम हाईटेक बने रहना भी जरूरी नहीं कुछ लोगों में वाई-फाई, जीपीएस और ब्लूटूथ को एक साथ इस्तेमाल करने की आदत होती है। अगर चार्जिंग के दौरान ये सारे फीचर ऑन रहते हैं तो भी चार्जिंग की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है यानी आपका मोबाइल स्लो चार्ज होगा। इसलिए चार्जिंग के दौरान हाईटेक न बने और इन फीचर्स को कम से कम चार्जिंग के दौरान बंद रखें।  

शिवसेना यूबीटी चीफ उद्धव ठाकरे ने किया एलान, हम मे से कोई 1 ही बचेगा, अभी BMC चुनाव बाकी

नई दिल्ली बात जुलाई 30 की है, शिवसेना यूबीटी चीफ उद्धव ठाकरे ने ऐलान कर दिया था कि अब राजनीति में वह या देवेंद्र फडणवीस रहेंगे। इसके बाद जब 23 नवंबर को चुनाव के नतीजों का ऐलान हुआ, तो 90 से ज्यादा सीटों पर मैदान में उतरी शिवसेना यूबीटी 20 सीटों पर सिमट गई। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने 132 पर जीत हासिल की और महायुति की सरकार भी बना ली। अब चर्चाएं BMC यानी बृह्नमुंबई चुनाव को लेकर शुरू हो गई हैं। उद्धव ने क्या कहा था उद्धव ठाकरे ने कहा था, ‘अनिल देशमुख ने अब खुलासा कर दिया है कि कैसे फडणवीस ने मुझे और आदित्य को जेल में डालने की साजिश की थी। मैंने सब कुछ सहन किया, लेकिन मजबूती के साथ खड़ा रहा। तो अब राजनीति में या तो मैं या वह रहेंगे। आज मेरे पास कोई पार्टी, चिह्न या पैसा नहीं है, लेकिन मैं भाजपा को चुनौती दै रहा हूं, क्योंकि मेरे पास शिवसैनिकों की ताकत है।’ विधानसभा चुनाव में क्या हुआ विधानसभा चुनाव मुख्य रूप से MVA यानी महाविकास अघाड़ी और महायुति के बीच था। MVA में शिवसेना यूबीटी, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एसपी थे। जबकि, महायुति में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी थे। राज्य की 288 विधानसभा सीटों में से 230 महायुति के खाते में आईं थी। जबकि, शिवसेना यूबीटी 20, कांग्रेस 16 और सीनियर नेता शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी एसपी महज 10 सीटों पर ही जीत सकी थी। अब BMC चुनाव की तैयारी कई छोटे राज्यों के सालाना बजट से ज्यादा वाली BMC में चुनाव होने हैं। शहर के 36 विधानसभा क्षेत्रों वाली मुंबई में 227 वार्ड को चुना जाना है। हालांकि, अब तक चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि 2025 की शुरुआत में चुनाव हो सकते हैं। हाल ही में उद्धव ने पार्टी नेताओं और पूर्व पार्षदों के साथ बैठक की थी। पिछले BMC चुनाव के नतीजे इससे पहले BMC का चुनाव साल 2017 में हुआ। तब अविभाजित शिवसेना सबसे 84 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। वहीं, भाजपा के खाते में 82 सीटें आई थीं। कांग्रेस घटकर 31 सीटों पर आ गई थी और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को 7 सीटें मिली थीं। क्या अकेले लड़ेगी शिवसेना यूबीटी MVA की करारी हार के बाद चर्चाएं शुरू हो गई थीं कि उद्धव गठबंधन से दूरी बना सकते हैं। हालांकि, उन्होंने इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई पार्टी नेता शिवसेना यूबीटी को अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ने की सलाह दे रहे हैं। जबकि, उद्धव, संजय राउत और आदित्य ठाकरे समेत कई बड़े नाम गठबंधन बनाए रखने के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

गुरु तेग बहादुर के बलिदान और स्मृतियों को किया नमन, दिया बड़ा बयान, कहा- उन्होंने कश्मीरी पंडितों को धर्म परिवर्तन से बचाया

लखनऊ सूबे के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरु श्री तेग बहादुर जी महाराज के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यहियागंज स्थित गुरुद्वारा में उन्होंने गुरु तेग बहादुर के बलिदान और स्मृतियों को नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सिख पंथ के अनुयायियों ने अपनी साधना और सामर्थ्य से अपने कौम के साथ-साथ पूरे देश को और पूरे सनातन धर्म को न केवल सुरक्षा प्रदान की बल्कि एक लंबे समय के लिए उन्हें अभय भी प्रदान किया। कश्मीरी पंडितों को धर्म परिवर्तन से बचाया – योगी कश्मीरी पंडितों पर कश्मीर में हुए अत्याचार को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी महाराज ने उस समय कश्मीर को बचाया था जब वहां के सनातन धर्मावलंबियों को विदेशी आक्रांताओं द्वारा धर्म परिवर्तन करने का आदेश मिला था। गुरु तेग बहादुर ने धर्म परिवर्तन के आदेश के बाद सुरक्षा के लिए भटक रहे कश्मीरी पंडितों को न सिर्फ नया जीवन दिया था बल्कि उनसे कहा था कि अत्याचारियों से कह दो कि पहले हमारे गुरु को इस्लाम स्वीकार कराओ। सीएम योगी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने हमेशा देश और धर्म को प्राथमिकता दी और किसी विदेशी आक्रांता के सामने सिर नहीं झुकाया। ‘मुख्यमंत्री आवास पर वीर बाल दिवस मनाया जाना मेरा सौभाग्य है’ मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने कहा कि गुरु तेग बहादुर अपनी शहादत के पहले सनातन धर्म की रक्षा के लिए, देश और धर्म की रक्षा करने के लिए गुरु गोविंद सिंह जी महाराज जैसा सशक्त शक्तिपुंज भी देश को दिया। उनके चार-चार साहिबजादे बलिदान हो गए। सीएम योगी ने कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी जी के आभारी हैं, जिन्होंने 26 दिसंबर की तिथि को वीर बाल दिवस के रूप में आयोजित करने की घोषणा की। यह मेरा सौभाग्य है कि वीर बाल दिवस साल 2020 से लगातार मुख्यमंत्री आवास में पूरी भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है। पूरा संत समाज इसमें शामिल होता है।

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