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बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर अमेरिकी सरकार इस मामले में बांग्लादेश सरकार से बातचीत करेगी : मार्गेट मक्लाउड

 इंदौर  अमेरिकी विदेश मंत्रालय की हिंदी-उर्दू विभाग प्रवक्ता और लंदन इंटरनेशनल इंडिया हब की डिप्टी डायरेक्टर मार्गेट मक्लाउड का कहना है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाओं को लेकर विश्वभर में प्रत्येक मंच पर बांग्लादेश सरकार को घेरा जाने लगा है। अमेरिका की सरकार भी चिंतित है और इस मामले में बांग्लादेश सरकार के रवैये से नाखुश भी है। जल्द ही अमेरिकी सरकार इस मामले में बांग्लादेश सरकार से बातचीत करेगी। यह बात गुरुवार को मार्गेट ने इंदौर प्रेस क्लब में पत्रकारों से संवाद में कही। मार्गेट यूएस काउंसिल जनरल मुंबई के प्रवक्ता ग्रेग पारडो और मीडिया टीम के सदस्य अब्दुल बहाव शेख के साथ इंदौर के दौरे पर पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर जो खबरें सामने आ रही हैं, वे काफी चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी अमेरिका का नजरिया साफ है। अमेरिका की सरकार यूक्रेन के लोगों की हर संभव सहायता करेगी, क्योंकि यूक्रेन के खिलाफ रूस की जंग पूरी तरह संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांत के विरुद्ध है। इजरायल और फलस्तीन विवाद पर भी मार्गेट ने कहा कि अमेरिका ने शुरू से फलस्तीन के प्रति मानवीयता की भावना रखी है। अमेरिका और इजरायल के बीच लगातार बातचीत हो रही है। अमेरिका बार्डर खोलने पर जोर देने लगा है, क्योंकि सर्दी का मौसम शुरू होने वाला है। इन दिनों फलस्तीन के लोगों को जरूरत की वस्तुएं पहुंचानी जरूरी है।  

सुकमा और बीजापुर में सुरक्षाबल ने नक्सलियों पर जमकर की फायरिंग

बीजापुर, सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिले की सीमा पर नक्सलियों और सुरक्षाबल में देर रात मुठभेड़ हो गई। सुरक्षाबल ने नक्सलियों पर जमकर फायरिंग की, इसके बाद वो जंगल की ओर भाग गए। इसके बाद इलाके में सर्चिंग की, जिसमें बड़ी मात्रा में उनका सामान बरामद हुआ है। फायरिंग में नक्सलियों को बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षाबलों को फायरिंग में भारी पड़ता देख नक्स‍ली जान बचाकर भाग निकले। जानकारी के मुताबिक नक्सली यहां ठहरे हुए थे। प्रदेश में नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट तेज होते ही नक्सलियों ने एक बार फिर से बस्तर में भाजपा नेताओं व पूर्व जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाना प्रारंभ कर दिया है। 24 घंटे के भीतर दो पूर्व सरपंचों की हत्या की गई है। बीजापुर के बिरियाभूमि में बुधवार रात भाजपा नेता व पूर्व सरपंच सुकलु फरसा की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई है। उसका शव सड़क पर मिला है। समीप ही नक्सलियों की भैरमगढ़ एरिया कमेटी ने पर्चा छोड़कर हत्या की जिम्मेदारी ली है। पर्चे में लिखा गया है कि पूर्व सरपंच को चेतावनी देने के बाद भी वह भाजपा का काम करता रहा, जिस कारण हत्या की गई है। बुधवार को सुकलु की बेटी दिव्यानी ने वीडियो संदेश जारी कर पिता को छोड़ने की मार्मिक अपील भी की थी। इधर, मुखबिरी के शक में ही बीजापुर जिले के कडेर पूर्व सरपंच सुखराम अवलम की भी नक्सलियों ने बुधवार को हत्या कर दी है। बताया जा रहा है कि सुखराम ने विधानसभा व लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार किया था। नक्सलियों को दिया मुंहतोड़ जवाब बस्तर में वर्ष 2023 में विधानसभा व लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा नेता लगातार नक्सली निशाने पर रहे। भाजपा से जुड़े दस से अधिक नेताओं की नक्सलियों ने बेदर्दी से हत्या की थी। इधर सत्ता परिवर्तन के बाद डबल इंजन की सरकार में नक्सलियों के विरुद्ध लगातार आक्रामक अभियान चलाया गया है। इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक बस्तर में 207 नक्सलियों को मार गिराकर नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया गया है। वहीं नक्सलियों ने इस साल अब तक बस्तर में 55 लोगों की हत्याएं की हैं।

चित्रकूट में बड़ा सड़क हादसा, 6 लोगों की मौत, तेज रफ्तार बोलेरो-ट्रक की हुई भिड़ंत

चित्रकूट  थाना रैपुरा से कुछ ही दूरी में झांसी-मीरजापुर हाईवे 35 पर प्रयागराज से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो की सामने से आ रहे ट्रक से शुक्रवार को सुबह करीब साढ़े पांच बजे भिड़ंत हो गई। जिसमें बोलेरो सवार छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बोलेरो में 11 लोग सवार थे। जिसमें छह की मौत होने की खबर है। पांच घायलों को सीएचसी रामनगर में भर्ती कराया गया है। जिनको जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बोलेरो मध्य प्रदेश के छतरपुर जनपद के बताए जा रहे है। यह सभी प्रयागराज से लौट रहे थे। चालक को अचानक झपकी आने से हादसा हुआ है। 42 वर्षीय जमुना पुत्र कामता, उसकी 40 वर्षीय पत्नी फुला, 18 वर्षीय पुत्र राज अहिरवार व 15 वर्षीय आकाश, 65 वर्षीय नन्हे, 45 वर्षीय हरिराम, 45 वर्षीय मोहन, 45 वर्षीय रामू, 50 वर्षीय मंगना व 48 वर्षीय राम स्वरुप यादव सहित एक अज्ञात बोलेरो में सवार थे। सभी निवासी कस्बा व थाना गुलगंज जिला छतरपुर के रहने वाले हैं। मरने वाले 6 लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। कारण है कि जो पांच लोग घायल हैं, उनकी हालत बहुत गंभीर है, कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं। स्वजन के आने का इंतजार किया जा रहा है।

विष्णुदत्त शर्मा आज अपने संसदीय क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म देखेंगे

खजुराहो मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा आज अपने संसदीय क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म देखेंगे। पार्टी की ओर से मुहैया कराई गई जानकारी के अनुसार शर्मा अपने संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ दोपहर को खजुराहो के एनवीआर थिएटर में ये फिल्म देखेंगे। इस दौरान शर्मा के संसदीय क्षेत्र खजुराहो के पन्ना और छतरपुर क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की काकी अन्नपूर्णा शंकरलाल यादव का शुक्रवार को निधन हुआ

उज्जैन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की काकी अन्नपूर्णा शंकरलाल यादव का शुक्रवार को निधन हो गया। इंदौर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी अंतिम यात्रा दोपहर 3 बजे निज निवास गीता कॉलोनी अब्दालपुरा उज्जैन से शुरू होकर चक्रतीर्थ पहुंचेगी, जहां अन्नपूर्णा यादव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। काकी के निधन की खबर मिलते ही सीएम मोहन यादव उज्जैन पहुंच गए हैं। जानकारी के अनुसार, अन्नपूर्णा शंकरलाल यादव का पिछले एक सप्ताह से इंदौर के अस्पताल में उपचार चल रहा था। डॉक्टर उनके स्वास्थ्य में सुधार भी बता रहे थे। लेकिन, शुक्रवार सुबह अचानक उनके निधन की खबर मिलने से परिवार और परिजनों में शौक छा गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को काकी के निधन की जानकारी लगी तो वे सारे काम छोड़कर उज्जैन पहुंचे। श्री कृष्ण भक्त थी प्यारी मां अन्नपूर्णा अन्नपूर्णा देवी भगवान श्री कृष्ण की अनन्य भक्त थीं। वह भगवान का पूजन अर्चन और श्रीनाथजी के दर्शन करने रोज मंदिर जाती थी। अंतिम समय तक वह भगवान का भजन व स्मरण करती रही। अन्नपूर्णा जी को उनके बेटे गोविंद यादव और निलेश यादव ही नहीं बल्कि परिवार के नंदलाल यादव, नारायण यादव, डॉ मोहन यादव, कलावती यादव,  डॉली यादव, नंदनी यादव के साथ ही अन्य मित्रगण भी प्यारी मां कहकर ही पुकारते थे। इस मार्ग से निकलेगी अंतिम यात्रा अन्नपूर्णा देवी की अंतिम यात्रा दोपहर 3 बजे निज निवास गीता कॉलोनी अब्दालपुरा उज्जैन से प्रारंभ होकर खजूरवाली मस्जिद, बुधवारिया, निकास, कंठाल, सतीगेट, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, दानीगेट से चक्रतीर्थ पहुंचें। जहां चक्रतीर्थ पर अंतिम संस्कार होगा।

भारत में नर्स के पेशे का करियर स्कोप और संभावनाएं

भारत में नर्सिंग महिलाओं के बीच काफी पसंदीदा पेशा है. आप नर्सिंग के पेशे के बिना हेल्थ केयर सेक्टर की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. नर्सिंग एक ऐसा मेडिकल प्रोफेशन है जिसमें मेडिकल साइंस और हेल्थकेयर साइंस की मदद से पेशेंट्स की पूरी देखभाल की जाती है. अपने पेशेंट्स की देख-भाल करते हुए नर्सों को अपने पेशे में काफी चुनातियों का सामना भी करना पड़ता है. आपको यह जानकार ख़ुशी होगी कि हर साल भारत में तकरीबन 22 हजार नर्सों के लिए सरकारी वेकेंसी निकलती है. एक अनुमान के मुताबिक, देश से हर साल करीब 15-20 हजार नर्सें नौकरी के लिए विदेश जाती हैं और मौजूदा समय में भारत में तकरीबन 4 लाख नर्सों की कमी है. हमारे देश में राजस्थान और केरल राज्य से सबसे ज्यादा लोग नर्स का पेशा अपनाते हैं. एक लेटेस्ट सर्वे के मुताबिक इस समय हमारे देश में लगभग 10 लाख से कुछ अधिक नर्सों के नाम नर्सिंग काउंसिल ऑफ़ इंडिया के पास रजिस्टर्ड हैं और इनमें से केवल 4 लाख नर्सें ही इस समय अपने पेशे में सक्रिय हैं. हमारे देश नर्सिंग के क्षेत्र में अब बहुत कुछ नया हो रहा है. भारत सरकार की 130 जरनल नर्सिंग मिडवाइफरी और 130 ऑक्सिलिअरी नर्सिंग मिडवाइफरी स्कूल खोलने की योजना है. इसी तरह, भारत के सभी राज्यों में स्टेट नर्सिंग काउंसिल और नर्सिंग सेल को मजबूत बनाये जाने की कोशिश की जा रही है. यहां यह गौरतलब है कि नर्सिंग की फ़ील्ड में अब महिलाओं के साथ- साथ पुरूष भी बड़ी संख्या में अपना करियर बना रहे हैं. यहां हम आपको यह भी बताना चाहते हैं कि, वैसे तो नर्स का पेशा आमतौर पर महिला-प्रधान पेशा है लेकिन फिर भी, अब इस पेशे में एवरेज फीमेल-मेल रेश्यो 90:10 है. भारत में हेल्थ सर्विसेज को ज्यादा बेहतर बनाने और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार कई कदम उठा रही है. हाल ही में नर्सों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने बड़ी संख्या में नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषण की है. “आयुष्मान भारत” योजना के विषय में बोलते समय हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि, “पीएमजेएवाई से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों और डॉक्टरों, नर्सों, हेल्थ प्रोवाइडर्स, आशा, एएनएम आदि के समर्पण के माध्यम से यह योजना सफल होगी.” इस बात से ही विभिन्न हेल्थ सर्विसेज के लिए नर्सों के पेशे के महत्व का पता चलता है. भारत में नर्स के पेशे से संबंधित एलिजिबिलिटी और एजुकेशनल क्वालिफिकेशन हमारे देश में किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से साइंस स्ट्रीम के साथ अपनी 10वीं (डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन लेने के लिए) और 12वीं क्लास कम से कम 45% मार्क्स के साथ पास करने वाले स्टूडेंट्स निम्नलिखित एजुकेशनल कोर्सेज करके इस करियर को अपना सकते हैं: डिप्लोमा लेवल के कोर्सेज और इन कोर्सेज की ड्यूरेशन  ऑक्सिलिअरी नर्सिंग एंड मिडवाइफ-18 महीने  जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफ-3-5 वर्ष अंडरग्रेजुएट लेवल के डिग्री कोर्सेज और इन कोर्सेज की ड्यूरेशन  बीएससी-नर्सिंग (बेसिक)-4 वर्ष  बीएससी-नर्सिंग (पोस्ट बेसिक)-2 वर्ष  बीएससी-नर्सिंग (डिस्टेंस)-3 वर्ष पोस्टग्रेजुएट लेवल का डिग्री कोर्स और इस कोर्स की अवधि  एमएससी-नर्सिंग-2 वर्ष डॉक्टोरल लेवल के कोर्सेज और इन कोर्सेज की अवधि  एमफिल-नर्सिंग-1 वर्ष (फुल टाइम कोर्स)  एमफिल-नर्सिंग-2 वर्ष (पार्ट टाइम कोर्स)  पीएचडी-नर्सिंग-3-5 वर्ष नर्सिंग की फील्ड के कुछ प्रमुख स्पेशलाइजेशन्स मेडिकल साइंस, पेशेंट कंडीशन और हेल्थ एवं बीमारियों से जुड़े विभिन्न स्पेशलाइजेशन कोर्सेज करके आप नर्सिंग की फील्ड में अपना करियर बना सकते हैं. कुछ प्रमुख स्पेशलाइजेशन कोर्सेज हैं-नर्सिंग-टीबी, कैंसर, क्रिटिकल केयर, नियोनेटल, एमरजेंसी एंड डिजास्टर, ऑपरेशन रुम, पेडियेट्रिक, नेफ्रोलॉजी, कार्डियो-लॉजी, ओर्थोपेडिक, साइकाइट्री, लेप्रसी, ओप्थेल्मिक, न्यूरोलॉजी, न्यूरो-सर्जरी, ऑन्कोलॉजी और मिडवाइफरी. भारत में विभिन्न नर्सिंग कोर्सेज कराने वाले प्रमुख इंस्टीट्यूशंस  ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली  दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट, नई दिल्ली  नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एजुकेशन, चंडीगढ़  बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय, वाराणसी, उत्तर प्रदेश  आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी ऐंड रिसर्च, लखनऊ, उत्तर प्रदेश  धनवंतरि कॉलेज ऑफ नर्सिंग, तमिलनाडु  श्री गंगा राम हॉस्पिटल, राजेन्द्र नगर, बिहार  वीएमएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी, बटाला, पंजाब  भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ नर्सिंग, पुणे, महाराष्ट्र  श्री शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग, भिलाई, छत्तीसगढ़  केएमसीएच कॉलेज ऑफ नर्सिंग, कोयंबटूर, तमिलनाडु  केएमसीटी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, केरल  अपोलो स्कूल ऑफ नर्सिंग, चेन्नई नर्स के पेशे के लिए कुछ जरुरी क्वालिटीज़ इस पेशे के लिए महीला और पुरुष कैंडिडेट्स के पास सूटेबल एजुकेशनल क्वालिफिकेशन होने के साथ-साथ कुछ अन्य जरुरी गुण भी होने चाहिए जैसेकि:  व्यक्ति के स्वाभाव में दया और दूसरे लोगों की हमेशा मदद करने की आदत शामिल हो.  व्यक्ति का बातचीत करने का तरीका काफी बढ़िया होना चाहिए ताकि वे पेटेंट्स की बात समझ सकें और अपनी बात उन्हें समझा सकें.  टीम वर्क का गुण भी है जरुरी क्योंकि इन्हें डॉक्टर्स और अन्य नर्सों के साथ मिलकर काम करना होता है.  लॉन्ग शिफ्ट्स और प्रेशर में काम करने का स्टेमिना हो.  शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक तौर पर पूरी तरह हेल्दी हो.  गंभीर रूप से बीमार या मानसिक तौर पर परेशान पेशेंट्स से निपटने में कुशल हों.  अपने पेशे के प्रति निष्ठावान हो और पेशे की मोरल वैल्यूज़ और एथिक्स को फ़ॉलो करे. भारत में नर्स के पेशे से संबंधित प्रमुख जॉब प्रोफाइल्स  नर्स  स्टाफ नर्स  चीफ नर्स  असिस्टेंट नर्स  सोशल हेल्थ केयर वर्कर  असिस्टेंट नर्सिंग सुपरीटेंडेंट  डिपार्टमेंट सुपरवाइज़र  डिप्टी नर्सिंग सुपरीटेंडेंट  नर्सिंग सुपरवाइज़र/ वार्ड सिस्टर  डायरेक्टर-नर्सिंग  नर्सिंग सुपरीटेंडेंट  टीचर-नर्सिंग  कम्युनिटी हेल्थ केयर नर्स  मिलिट्री नर्स  इंडस्ट्रियल नर्स  नर्सिंग सर्विस एडमिनिस्ट्रेटिव  नर्सिंग सर्विस-ओवरसीज़   भारत में नर्स के पेशे से संबंधित प्रमुख रूटीन वर्क वैसे तो नर्सेस को हॉस्पिटल या किसी हेल्थ केयर यूनिट में अपने पेशेंट्स की देखभाल से संबंधित सारे काम करने पड़ते हैं लेकिन, फिर भी उनके रूटीन वर्क में निम्नलिखित कामकाज को शामिल किया जा सकता है:  पेशेंट्स के इलाज में डॉक्टर्स को असिस्ट करना और पेशेंट्स को समय पर दवाई देना, इंजेक्शन लगाना, मरहम-पट्टी करना, उनका ब्लड प्रेशर, शुगर और टेम्परेचर चेक करना, पेशेंट्स को खाना खिलाना आदि.  पेशेंट्स के इलाज और देखभाल में 24×7 तत्पर रहना.  पेशेंट्स की हेल्थ-कंडीशन पर नजर रखना.  पेशेंट्स और उनके रिश्तेदारों को सारी जरुरी जानकारी देना.  पेशेंट्स की मेडिसिन के साथ-साथ खान-पान या परहेज का पूरा ध्यान रखना.  पेशेंट्स की शारीरिक सफाई और आस-पास या पेशेंट्स के कमरे की साफ़-सफाई का पूरा ध्यान रखना. भारत में नर्सों को जॉब उपलब्ध करवाने वाले प्रमुख इंस्टीट्यूशन्स … Read more

सरकार के एक वर्ष पूरा होने पर मोहन सरकार इस अवसर को जन कल्याण पर्व के रूप में मनाएगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में सत्तासीन बीजेपी सरकार का प्रदेश में 1 साल पूरा हो गया है. प्रदेश सरकार के 1 साल पूरे होंने पर प्रदेश में 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाया जाएगा. इस दौराने सभी जिलों में महिला, किसान, युवा व गरीब कल्याण समेत विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मोहन सरकार के 1 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. एक पखवाड़े तक मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई हैं. कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष रिपोर्ट के मुताबिक मोहन सरकार के एक वर्ष पूरे होने के आयोजन के लिए किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है, युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नियुक्ति किया गया है. निर्मला भूरिया को बनाया गया महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रम में गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में प्रचंड जीत के साथ सत्ता में लौटी बीजेपी ने मध्य प्रदेश में डा. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया था. बतौर सीएम मोहन यादव ने गत 13 दिसंबर, 2023 को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली थी. 11 दिसंबर से प्रदेश के सभी जिलों में मनाया जाएगा जन कल्याण पर्व गौरतलब है मोहन सरकार एक वर्षीय उपलब्धि के रूप में मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व 11 दिसंबर से शुरू होगा. इस दौरान राजधानी भोपाल समेत सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. वहीं, ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा.

6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 5 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य को औद्योगिक विकास और रोजगार के केंद्र में परिवर्तित करने के लिए अपने अभिनव प्रयासों को जारी रखते हुए, 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम में 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए 4 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं, जिनमें 3 हजार एमएसएमई प्रतिनिधि, 75 प्रमुख निवेशक, और कनाडा, वियतनाम, नीदरलैंड, मेक्सिको और मलेशिया जैसे 5 देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। विभिन्न सेक्टोरल सत्रों में राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई के लिए उपलब्ध संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल भूमिपूजन और उद्घाटन करेंगे। इस आरआईसी में निवेशकों को भूमि आवंटन-पत्र भी वितरित किये जायेंगे। निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग होगी, जिसमें 10 से अधिक प्रमुख निवेशक अपनी योजनाएँ प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा, राउंड टेबल सत्र नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित होगा। ‘निर्यात कैसे शुरू करें’ और ‘पर्यटन में निवेश संभावनाएँ’ जैसे विषयों पर सेक्टोरल-सत्र भी होंगे। कार्यक्रम की थीम: ‘नए क्षितिज, नई संभावनाएँ’ नर्मदापुरम, जो अपनी धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है, अब एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। ‘नए क्षितिज, नई संभावनाएँ’ थीम के अंतर्गत इस कार्यक्रम में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदर्शनी कॉन्क्लेव में स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है जिसमें 60 से अधिक स्टॉल लग रहे हैं जिनमें एमएसएमई, पर्यटन, हस्तशिल्प विकास निगम, और बैंकिंग संस्थानों के साथ-साथ ओडीओपी उत्पादों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उक्त स्टॉल न केवल जानकारी प्रदान करेंगे बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में भी महत्पूर्ण भूमिका निभाएंगे। उद्योग और रोजगार के लिए नई राह ‘उद्योग वर्ष 2025’ अंतर्गत आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित सफल कार्यक्रमों की श्रृंखला में नर्मदापुरम का यह आयोजन क्षेत्रीय संभावनाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक और महत्वपूर्ण कदम है। इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम क्षेत्र को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के साथ-साथ निवेशकों और सरकार के बीच आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।  

मंत्री विजयवर्गीय ने दिग्विजय सिंह पर जमकर निशाना साधा बोले – अब भेष बदलकर अयोध्या जाएं और रामलला से अपने कुकर्मों की मांफी मांगे

सागर  मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर चर्चाओं में है। उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को घेरते हुए तीखा कटाक्ष किया है। विजयवर्गीय ने बयान देते हुए कहा कि दिग्विजय अब भेष बदलकर अयोध्या जाएं और रामलला से अपने कुकर्मों की मांफी मांगे। मंत्री कैलाश ने कहा कि वे हमसे अयोध्या में मंदिर निर्माण की तारीख पूछते थे। हमने निर्माण की तारीख से लेकर प्राण प्रतिष्ठा की तारीख भी बताई है। दरअसल एमपी के नगरीय आवास एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सागर जिले के दौरे पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के त्रिदेव सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने मंच से अपनी बात रखने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर जमकर निशाना साधा। तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चल रहे हमारे आंदोलन पर दिग्विजय हमेशा सवाल उठाते थे। दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आगे कहा कि जब हम नारा लगाते थे कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे… तो दिग्विजय सिंह हम पर कटाक्ष करते थे। और कहते थे कि… लेकिन तारीख नही बताएंगे। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि हमने मंदिर भूमिपूजन की तारीख बताई, प्राण-प्रतिष्ठा की तारीख भी बताई और अब तो मंदिर भी बन गया और रामलला विराजमान भी हो गए। भेष बदलकर अयोध्या जाएं- कैलाश विजयवर्गीय विजयवर्गीय ने आगे कहा कि अब तो दिग्विजय भेष बदल कर अयोध्या जाए और अपने कुकर्मों की भगवान श्री राम से माफी मांगे। हमारे रामजी बड़े दयालु है, वो आपको माफ कर देंगे। गोविंद राजपूत ने कहा विजयवर्गीय मेरे बड़े भाई सागर के पद्माकर सभागार में हितग्राही सम्मेलन और बीजेपी कार्यकर्ता सम्मान समारोह एक साथ आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिग्गी राजा पर निशाना साधते हुए करारा प्रहार किया। वहीं मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि जब हम अलग-अलग पार्टियों में थे, उस दौरान भी मैं कैलाश जी का सम्मान करता था, वे हमेशा मेरे बड़े भाई रहे हैं। कार्यक्रम के बाद नगरीय प्रशासन मंत्री नरयावली विधानसभा क्षेत्र के मकरोनिया पहुंचे। जहां उन्होंने खेल महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गोविंद राजपूत, विधायक शैलेंद्र जैन और प्रदीप लारिया ने मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न डॉ. अंबेडकर को महापरिनिर्वाण दिवस पर दी श्रृद्धांजली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रृद्धांजली दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संविधान शिल्पी, ‘भारत रत्न’ बाबा साहेब लोकतंत्र की जीवंत पाठशाला थे, जिन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में अविस्मरणीय योगदान दिया। उनका जीवन समतामूलक समाज की स्थापना व लोक-कल्याण के लिए समर्पित रहा।  

दही और केले से बना फेस पैक देगा आपको निखरी त्वचा

खूबसूरत त्वचा हर कोई चाहता है लेकिन बहुत से कारणों से त्वचा पर बुरा असर पड़ता है। धूल, धूप, गंदगी, प्रदूषण, सूर्य की हानिकारक किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए आप बाजार के कॉस्मेटिक्स के बजाय घर की ही कुछ चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। त्वचा को फिर से जवां और हाइड्रेट बनाने के लिए आप घर पर ही मौजूद कुछ घरेलू चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। दही और केले का फेस पैक त्वचा को बेजान होने से बचाता है और खूबसूरत बनाने में मदद करता है। आर्टिकल में शामिल है- 1. केले और दही का फेसपैक बनाने के लिए आवश्यक सामग्री- एक केला, आधा कप दही, शहद 2. कैसे बनाएं केले और दही का फेसपैक- एक केला लें जो कि बहुत ज्यादा पका हुआ ना हो। केले को छीलकर मैश कर लें। मैश केले में दही को मिला लें और फ्लेवर्ड दही का इस्तेमाल ना करें। दही और केले के पेस्ट को अच्छी तरह से मिलाकर फेस पैक बना लें। त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए आप उबटन भी लगा सकते है। इसका इस्तेमाल कैसे करें जानने के लिए क्लिक करें। 3.कैसे लगाएं केला और दही फेसपैक- इस पैक को आप गर्दन के चारों तरफ भी लगा सकते हैं। इसे कुछ देर तक लगाकर रखें और 15 मिनट तक सुखाने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। चेहरे पर थोड़ा सा मॉइश्चराइजर लगाएं। 4.केले और दही से बने फेसपैक के फायदे- केले में विटामिन ए, बी, और ई होता है साथ ही इसमें पोटेशियम भी पर्याप्त मात्रा में होता है। ये सभी तत्व प्राकृतिक रुप से त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए उपयोगी होते हैं। साथ ही दही में अल्फा-हाइड्रॉक्सिल एसिड होता है जो कि मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए लाभकारी होता है। केले और दही से बना फेसमास्क त्वचा को हर प्रकार से खूबसूरत और निखरी हुई तो बनाता ही है साथ ही मुंहासे और उनके दाग को खत्म करके त्वचा को पोषण भी देता है। सप्ताह में 3 बार इसका इस्तेमाल करें। इस फेसपैक को लगाने के 2 महीने बाद परिणाम दिखाई देने लगते हैं।  

प्रदेश में सभी मंद‍िरों को अत‍िक्रमण मुक्‍त बनाया जाएगा: : मंत्री प्रहलाद पटेल

भोपाल मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम विभाग मंत्री प्रहलाद पटेल भिंड ज‍िले के दो दिवसीय दौरे पर हैं. पहले द‍िन  उन्होंने जिला योजना समिति की बैठक को संबोध‍ित किया. इस दौरान मंत्री ने कहा कि आज की बैठक एक अच्छे वातावरण में संपन्न हुई. कार्य पिछले ढाई साल से पंचायतों में लंब‍ित हैं, उनकी जांच करने के ल‍िए जिला पंचायत के सीईओ को न‍िर्देश द‍िया गया है. सभी मंद‍िरों को अत‍िक्रमण मुक्‍त बनाया जाएगा. वहीं जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए अपने क्षेत्र में एक-एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. सिंध रतनगढ़ और कनेरा परियोजना को सुचारू रूप से करने के लिए भी निर्देशित किया. इस मौके पर नवीनीकरण ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा, 52 हजार प्रकरण सौर ऊर्जा के लिए चिन्हित किए गए हैं, इसमें 90 प्रत‍िशत की सब्सिडी के साथ किसान आवेदन कर सकेंगे और एक माह में समिति समस्त बिलों का भुगतान कर मुझे सूचित करेगी. मंद‍िरों को अत‍िक्रमण मुक्‍त बनाए वहीं प्रभारी मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जो भूमिहीन मुक्तिधाम है, उनके लिए अलग से जगह देकर मुक्तिधाम बनवााए जाएंगे और जहां पर नदी के किनारे शवों को जलाने की प्रथा है, वहां भी मुक्तिधाम बनवाए जाएंगे. प्रभारी मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा क‍ि जहां पर मुक्तिधाम पर अतिक्रमण है, उसको तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा. साथ ही अभियान चलाकर जिन मंदिरों की जमीनों पर कहीं अतिक्रमण है, तो उनको तुरंत खाली कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि भिंड जिले की जिन पंचायतों में मुक्तिधाम के लिए जमीन नहीं है, उनको जमीन उपलब्ध कराकर मुक्ति धाम का निर्माण किया जाएगा. उमरी टोल प्लाजा को लेकर मंत्री ने कहा कि टोल प्लाजा पर निकासी में परेशानी आ रही है. मेरी अगली मीटिंग तक उमरी प्लाजा पर टोल का कार्य शुरू हो जाएगा. इस मौके पर मंत्री पटेल के अलावा, कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला, भिंड के विधायक नरेंद्र कुशवाह, लहार विधायक अंबरीष शर्मा गुड्डू, जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह मौजूद रहे.

बच्चों को घुटने के बल चलना है तो फॉलो करें ये टिप्स

अगर आपका बच्चा 6-10 महीनें से बड़ा है और वो घुटनों के बल नहीं चल पाता है तो परेशान होने की जरुरत नहीं है। बच्चे का वजन ज्यादा होने की वजह से ऐसा नहीं कर पाता है। जिन बच्चों का वजन ज्यादा होता है उनको घुटनों के बल चलने में थोड़ी दिक्कत होती है। लेकिन अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखें तो आप अपने बच्चे को खुद घुटनों के बल चलाना सिखा सकते हैं। बच्चे को पेट के बल लेटने की आदत डालवाएं : बच्चों को पेट के बल लेटकर खेलने में मजा आता है। उन्हें फर्श पर पेट के बल लेटाने से उन्हें हाथ और गर्दन की मांसपेशियां विकसित होती हैं। आप इसे थोड़ी-थोड़ी देर के लिए करते रहना चाहिए। जैसे ही बच्चा 4 महीने का होता है तब से वह अपना सिर घुमाना शुरु कर देता है जिससे वह अपने शरीर पर कंट्रोल करने लगता है और घुटनों के बल चलने के लिए तैयार होता है। बच्चे को बिठाएं ताकि उसकी कमर मजबूत हो सके : जब तक आपका बच्चा बैठना ना सीखे आपको उसकी मदद करनी चाहिए। लेकिन जब तक वह अपने आप बैठना ना सीखे तब उसके सिर और पीठ पर हाथ रखें ताकि बच्चे को सीधा रहने और घुटनों के बल चलते समय सिर ऊपर रखने में मदद मिले। इसके लिए आप अपने बच्चे को सिर के ऊपर कुछ दिखाएं ताकि जब वह ऊपर की तरफ देखे। इससे सिर, कमर और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिलती है। एक सुरक्षित स्थान ढूंढे : आपके बच्चे को घुटनों के बल चलाना एक सुरक्षित और कोमल जगह से शुरु करें। क्योंकि अगर जगह बच्चे के लिए सहज नहीं होगी तो उसे चलने में दिक्कत होगी। आप फर्श पर कोई मुलायम कारपेट बिछा सकते हैं, जिससे बच्चे को कोई परेशानी ना हो। ध्यान से बच्चे को पीठ के बल फर्श पर लेटाएं : आपका बच्चा जब खुश हो तो आराम से उसे पीठ के बल फर्श पर लेटाएं। कम से कम 10-15 मिनट तक बच्चे को पीठ के बल लेटे रहने दें। जब तक वह आराम महसूस करने लगे। बच्चे को पेट के बल घुमाएं : अगर आपका बच्चा घुमते हुए सहज महसूस करता है तो उसे ऐसा करने दें। आप उसकी मदद करके उसे पेट के बल लेटा दें। वह अपने हाथ और सिर को सपोर्ट खुद करेगा। जैसे ही वह हाथ और सिर को सपोर्ट करे तो उसके सिर को ऊपर की तरफ करें। बच्चे का कोई खिलौना उससे थोड़ा दूर रख दें : आप अपने बच्चे को खिलौने के पास जाने के लिए प्रोत्साहित करें और उसे आगे चलने में मदद करें। इससे आपका बच्चा घुटनों के बल चलने की कोशिश करेगा। मगर ध्यान रहे खिलौना ज्यादा दूर ना रखें। इससे बच्चे को परेशानी हो सकती है। बच्चे के साथ घुटनों के बल चलें : बच्चे को आपकी तरफ घुटनों के बल चलकर आने की बजाय आप बच्चे के साथ घुटनों के बल चलें। आप और आपका बच्चा दोनों खिलौने की तरफ घुटनों के बल चलकर जा सकते हैं। ऐसा करने से आपका बच्चा घुटनों के बल चलने के लिए प्रोत्साहित होता है।  

मानसिक रोगों को दूर करने में मदद करेंगे ये योगासन

मानसिक रोगों को काफी हद तक योगासन की मदद से ठीक किया जा सकता हैं। योग शरीर को अधिक शक्तिशाली बनाता है और कार्यक्षमता को बढ़ाता है। ये संज्ञान शक्ति में तत्काल वृद्धि का कारक भी हो सकता है। ये तनाव से मुक्त करता है और मस्तिष्क के द्वारा संचालित सभी महत्वपूर्ण क्रियाओं के संचालन में मदद करता है। नीचे दिए गए योगासनों की मदद से आप इसमें मदद पा सकते हैं। भ्रामरी प्राणायाम : नकारात्मक भावनाये जैसे क्रोध, झुंझलाहट, निराशा और चिंता से मुक्त करता है। एकाग्रता और स्मृति को बढ़ाता है। आत्म विश्वास को बढ़ाता है। यह एक साधारण प्रक्रिया है जिसको घर य ऑफिस, कहीं पर भी किया जा सकता है। यह प्राणायाम चिंता-मुक्त होने का सबसे अच्छा विकल्प है। पाद पश्चिमोत्तानासन : रीढ़ की हड्डी को खींच कर तनाव मुक्त करता है। मन से क्रोध और चिड़चिड़ाहट दूरकर शांत करता है। सेतुबंध आसन : गर्दन और रीढ़ में खिचाव के द्वारा मजबूती लाता है। मांसपेशियों को विश्राम देता है। मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ाता है। मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मदद करता है, जिससे चिंता, तनाव और अवसाद को कम किया जा सकता है। सर्वांगासन : थाइरॉइड और पैरा-थाइरॉइड ग्रंथियों को नियमित करता और सुचारु करता है। पीनियल और हाइपोथैलेमस ग्रंथियों में अधिक रक्त पहुंचाकर मस्तिष्क को पुष्ट करता है। सभी संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली में सुधार लाता है। हलासन : मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को बेहतर कर तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। पीठ और गर्दन में खिचाव से तनाव और थकावट को कम करता है। अधिक जानने के लिए यहां क्लिक करें।  

भाजपा विधायक के बेटे की शादी में 61 बेटियों का कन्यादान, वर-वधुओं को दिया गृहस्थी का सामान

आगर मालवा मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में कुछ ऐसा हुआ…. जिसकी चर्चा प्रदेश भर में हो रही है. दरअसल, BJP विधायक मधु गेहलोत के बेटे की शादी थी… लेकिन इस शादी में BJP विधायक ने कुछ ऐसा किया जिसे देखकर हजारों लोग भाव-विभोर हो गए. दरअसल, विधायक मधु गेहलोत ने अपने बेटे लक्की सिंह की शादी के साथ-साथ 61 गरीब बेटियों की भी शादी करवा दी. विधायक मधु गेहलोत ने इन 61 बेटियों की शादी का पूरा खर्च खुद उठाया. उन्होंने शादी में हर परिवार को कूलर, फ्रिज, टीवी, गैस चूल्हा, पलंग, सोफा, बर्तन समेत करीब एक लाख रुपये का सामान उपहार में दिया. पालड़ा गांव के रहने वाले शंकरलाल की दो बेटियों की शादी भी इसी आयोजन में हुई.  उन्होंने कहा, “मैं कभी नहीं सोच सकता था कि मेरी बेटियों की शादी इतनी धूमधाम से होगी. विधायक जी ने जो किया, उसे मैं कभी नहीं भूलूंगा.” हजारों लोग इस अनोखे विवाह समारोह के गवाह बने और विधायक की तारीफ की. लोगों ने दी खूब दुआएं ढाबला क्षत्रि गांव से आए दूल्हे दशरथ ने कहा, “अगर मैं अपनी बारात अलग से लेकर जाता, तो इतना अच्छा स्वागत नहीं होता. यहां तो खुद विधायक ने सभी बारातों का स्वागत किया.” विधायक ने इलाके के 1,80,000 लोगों को बाराती बन कर खाने का न्यौता दिया. सभी बारातियों को मिठाई, नमकीन, पूरी-सब्जी जैसे स्वादिष्ट भोजन परोसे गए. 3 महीने पहले शुरू हुई थी तैयारी इस आयोजन की तैयारी तीन महीने पहले ही शुरू कर दी गई थी. जरूरतमंद परिवारों की सूची बनाकर उन्हें सम्मान के साथ इस आयोजन में शामिल किया गया. मंच पर अपने बेटे और बहू के साथ खड़े विधायक मधु गेहलोत भावुक हो गए. उन्होंने कहा, “आज मैंने 61 बेटियों को विदा किया है. ये खुशी के आँसू हैं. मेरी बहू भी अब मेरी बेटी है. मेरा फर्ज है कि मैं अपने क्षेत्र के लोगों की खुशियों में शामिल होऊं.” खाटूश्याम का दरबार सजाया गया प्रांगण के एक हिस्से में खाटूश्याम का दरबार सजाया गया था। जहां ज्योत प्रज्वलित की गई और भजन गायक तेजसिंह द्वारा बाबा श्याम के भजनों की प्रस्तुति दी गई। प्रभारी मंत्री से लेकर जो भी नेता पहुंचे सभी ने वृहद आयोजन के लिए विधायक गेहलोत की प्रशंसा की। सभी ने कहा कि संपूर्ण व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ जो सामान हमारी बेटी को उपहार रूप में दिया है वह हम भी नहीं दे सकते थे। कार्यकर्ताओं ने संभाली व्यवस्था विधायक गेहलोत ने बताया कि प्रत्येक कन्या को करीब 1 लाख रुपए की सामग्री उपहार में दी गई। इसके लिए जोड़ों से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क पंजीयन के रूप में नहीं लिया गया। 1 हजार कार्यकर्ताओं ने इस समारोह की व्यवस्था संभाली। समारोह स्थल पर आने वाले वाहनों की पार्किंग एवं सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस, प्रशासन एवं कृषि उपज मंडी नगर पालिका आदि विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।

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