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सरकार और राइस मिलर्स ने एक स्वर में सोमवार से धान उठाव की कही बात

रायपुर आखिरकार राइस मिलर्स और सरकार के बीच लंबित मुद्दों पर सहमति बन गई है. इसके साथ ही 15 नवंबर से समितियों में जमा हो रहे धान के उठाव का रास्ता खुल गया है. सरकार और राइस मिलर्स ने एक स्वर में सोमवार से धान उठाव की बात कही है. राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल समेत प्रदेश भर से राइस मिलरों ने आज मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल से मुलाक़ात कर बैठक में बातचीत की. बैठक के बाद मंत्री जायसवाल ने बताया कि राइस मिलर्स हड़ताल पर नहीं थे. कई मुद्दों को लेकर सरकार नए नियम और प्रक्रिया लाती है, राइस मिलरों की कुछ आपत्ति थी. जिसे मुख्यमंत्री ने बैठक कर पूरा करने आश्वासन दे दिया था. आने वाले कैबिनेट में राइस मिलर्स की मांगें पूरी की जाएगी, इसके साथ ही तकनीकी समस्याओं का भी हल निकाल लिया गया है. मंत्री जायसवाल ने कहा कि सबसे बड़ा उद्योग और व्यवसाय राइस मिलिंग का है. सिर्फ छत्तीसगढ़ नहीं राज्य के बाहर भी धान भेजा जाता है. प्रदेश में तीन हज़ार से अधिक राइस मिलर्स है. आज बैठक में तय किया गया है. पूरी ताक़त के साथ राइस मिलर्स धान उठाव करेंगे. एक-एक दाना धान ख़रीदी की ओर कार्य होगा. जिसका पंजीयन और एग्रीमेंट नहीं हुआ वो करेंगे. सोमवार से धान उठाव होगा. राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने बताया कि हम हड़ताल में नहीं गए थे. हमारी समस्या कुछ बिंदुओं को लेकर थी, जिनका सरकार के साथ बैठक में निराकरण हो गया है. प्रोत्साहन राशि 60 से 80 रुपए कर दी गई है. सरकार पहले भाड़ा राशि देने से इनकार कर रही थी, लेकिन अब वो भी मिलेगा. अग्रवाल ने कहा कि चार हजार करोड़ लंबित राशि सरकार से लेना था, जिसे किश्तों के जरिये देने पर सहमति बनी है. हम सरकार के साथ खड़े है. साय सरकार का आभार की हमारी सुविधाओं और मांगों पर विचार कर पूरा करने का आश्वासन दिया, जिससे राइस मिलर्स और किसानों के बीच समन्वय बने. सोमवार से धान का उठाव होगा.

100 दिवसीय नि-क्षय शिविर का हुआ शुभारम्भ, पीएम एवं सीएम के वर्चुअल कार्यक्रम को देखने की रही व्यवस्था

टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने सामुदायिक सहयोग जरूरी-प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पी.सी. गुप्ता टीबी रोग का ईलाज साध्य व निःशुल्क है लाभ उठाएं-जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर का हुआ शुभारम्भ, पीएम एवं सीएम के वर्चुअल कार्यक्रम को देखने की रही व्यवस्था अनूपपुर  क्षय रोग (टीबी) के उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर की पहल सराहनीय है। इस पहल में सभी के सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता है। सभी के सद्प्रयासों से ही हम टीबी के विरुद्ध जंग जीत सकते हैं। पूर्व में पोलियो के मुक्ति के लिए भी इसी तरह के प्रयास सुनिश्चित किए गए हैं। उक्ताशय के विचार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पी.सी. गुप्ता ने जिला चिकित्सालय अनूपपुर के स्वसहायता भवन में आयोजित नि-क्षय शिविर के शुभारम्भ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव व जिला न्यायाधीश श्रीमती मोनिका आध्या, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती राठौर, संयुक्त कलेक्टर दिलीप पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीमती एस.बी. अवधिया, महिला बाल विकास विभाग की सहायक संचालक श्रीमती मंजूषा शर्मा, पिछड़ा वर्ग विभाग की सहायक संचालक श्रीमती मंजुला सेन्द्रे, जिला क्षय अधिकारी डॉ. एस.सी. राय, जिला विधिक सहायता अधिकारी दिलावर सिंह सहित चिकित्सक, हितग्राही, गणमान्य नागरिक, पत्रकारगण, स्वास्थ्य अमला उपस्थित रहे। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पी.सी. गुप्ता ने कहा कि नि-क्षय शिविर के 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत आधुनिक चलित इकाई द्वारा जो सुविधा उपलब्ध कराई गई है, उसका सदुपयोग कर निश्चित समय सीमा के पूर्व ही जिले में क्षय रोग का उन्मूलन सुनिश्चित हो, यह प्रयास किया जाए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह ने कहा कि टीबी जिसे कभी लाईलाज माना जाता था। अब सघन और समर्पित प्रयासों से समाप्ति के करीब है। उन्होंने कहा कि 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर का आयोजन टीबी उन्मूलन के प्रयासों को और अधिक गति देगा और जनजागरूकता को बढ़ावा देगा। उन्होंने रोगियों से अभियान का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने आम जन से स्वास्थ्य कर्मियों को सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि समाज का सशक्त और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित हो। कार्यक्रम को जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती बाल्मिीकी राठौर ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री जी के सद्प्रयासों से टीबी उन्मूलन का समय आ गया है। उन्होंने सभी को टीबी के संबंध में जनजागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। कार्यक्रम के उद्देश्यों के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीमती एस.बी. अवधिया तथा जिला क्षय अधिकारी डॉ. एस.सी. राय ने प्रकाश डाला। इस अवसर पर टीबी चैम्पियन संत कुमार दाहिया तथा दुर्गा कुशवाहा ने अपने टीबी उन्मूलन की सफलता की गाथा का बखान किया। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा अन्य अतिथिगणों द्वारा वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया गया। जिसे देखने एवं सुनने की व्यवस्था जिला स्तरीय कार्यक्रम में की गई थी। कार्यक्रम का संचालन डॉ शिवेंद्र  द्विवेदी ने किया इस अवसर पर नि-क्षय पोषण किट का वितरण अतिथियों द्वारा हितग्राहियों को किया गया। टीबी मुक्त भारत बनाने की दिलाई गई शपथ 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर के शुभारम्भ कार्यक्रम के अवसर पर उपस्थित जनों को टीबी मुक्त भारत बनाने की शपथ दिलाई गई। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह ने शपथ दिलाई, जिसे उपस्थित जनों द्वारा दोहराया गया। इस अवसर पर टीबी हारेगा, देश जीतेगा का उद्घोष किया गया। नि-क्षय वाहन को अतिथियों ने हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर के शुभारम्भ कार्यक्रम के अवसर पर क्षय रोग की जांच संबंधी चलित नि-क्षय वाहन को अतिथियों द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। यह वाहन जिले के दूरदराज क्षेत्रों में अभियान की जनजागरूकता बढ़ाने तथा जांच कर रोगियों के चिन्हांकन आदि का प्रभावी कार्य करेगा।

सांवलिया सेठ के खजाने ने तोड़े सभी कीर्तिमान, सामने आया चौंकाने वाला आंकड़ा

चित्तौड़गढ़  राजस्थान के प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में इस बार भंडार कक्ष से निकलने वाले नगदी के सारे रिकाॅर्ड टूट रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट का अनुमान है कि इस बार भंडार कक्ष की गिनती में बड़ी राशि का आंकड़ा पहुंचेगा, जो अभूतपूर्व होगा। अब तक भंडार कक्ष की गिनती के चार चरण पूरे हो चुके हैं, जहां यह आंकड़ा करीब 22 करोड़ रुपए पहुंच गया है। यह गिनती अभी और आगे जारी रहने वाली है। इसमें ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और सोने-चांदी के आभूषण की गिनती अभी शेष है। चार चरणों में ही सेठजी के भंडार में 22 करोड़ बता दें कि सांवलिया सेठ मंदिर में हर महीने भंडार खोला जाता है, जहां भक्तों की ओर से चढ़ाई गई करोड़ों रुपए की नगदी सोने चांदी के आभूषण प्राप्त होते हैं। इस बार दीपावली पर्व होने के कारण भंडार कक्ष दो महीने में जाकर 30 नवंबर को खोला गया है। मंदिर ट्रस्ट ने अब तक चार चरण की गिनती संपन्न की है। जिसमें 21 करोड़ 96 लाख और 45 हजार रुपए की नगदी प्राप्त हुई है। यह गिनती अभी आगे जारी रहने वाली है। सामान्यतः हर महीने खुलने वाले भंडार कक्ष की गिनती 4 से 5 चरणों में ही संपन्न हो जाती है, लेकिन इस बार यह गिनती आगे बढ़ेगी। मंदिर ट्रस्ट का अनुमान है कि 30 करोड़ के आसपास पहुंचेगा आंकड़ा सांवलिया सेठ मंदिर में हर महीने भंडार कक्ष की गिनती 16 से 19 करोड़ रुपए के बीच रहती है। लेकिन इस बार 2 महीने में जाकर भंडार कक्ष की गिनती हो रही है। ऐसे में ट्रस्ट का अनुमान है कि यह आंकड़ा दुगना हो सकता है। 2 महीने में खोली गई गिनती का आंकड़ा करीब 30 करोड़ के आसपास पहुंच सकता है। भंडार कक्ष में नगदी की गिनती अभी चल रही है। इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट को ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और सोने चांदी के आभूषण भी मिलते हैं जिनकी गिनती भी अभी शेष है। 6 चरणों में गिनती गौरतलब है कि पहले चरण में 11 करोड़ 34 लाख 75 हजार रुपए, दूसरे चरण में तीन करोड़ 60 लाख और तीसरे चरण की गिनती में 4 करोड़ 27 लाख 80 हजार रुपए के नोटों की गिनती हुई हैं। बुधवार को चौथे चरण कि गणना से प्राप्त राशि 02 करोड़ 73 लाख 90 हजार हुई , गुरुवार को पांचवां चरण कि गणना में राशि 03 करोड़ 51 लाख 29 हजार 500 रुपए कि गणना हुई। पांचों चरणों कि राशि 25 करोड़ 47 लाख 74 हजार 500 रुपए हुए। शुक्रवार को छठे चरण में ऑनलाइन, भेंट कक्ष और दानपात्र से निकले सोना-चांदी के चढ़ावे का तौल के साथ गिनती सम्पन्न हुई।

25 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष राशि माफ, राजस्थान-माइनर मिनरल खानों में एकमुश्त समाधान योजना का लाभ

जयपुर। माइनिंग सेक्टर में आधुनिकतम तकनीक के उपयोग और पारदर्शी व्यवस्था के तहत 1 अप्रेल, 2025 से सभी अप्रधान खनिज लीज धारकों को लीज क्षेत्र और उसके पास के 100 मीटर तक के क्षेत्र का ड्रोन/एरियल सर्वें कराकर क्षेत्र के खनि अभियंता या सहायक खनि अभियंता के कार्यालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगा। नई व्यवस्था के तहत ड्रोन/एरियल सर्वें में प्राप्त खनन रिपोर्ट और संबंधित लीजधारक द्वारा पूर्व में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में अंतर आने की स्थिति में राहत देने के लिए राज्य सरकार ने एकमुश्त समाधान योजना लागू की है। माइंस विभाग की एकमुश्त समाधान योजना 31 मार्च, 2026 तक प्रभावी रहेगी। मुख्यमंत्री एवं खान मंत्री श्री भजन लाल शर्मा माइनिंग सेक्टर में लगातार सुधार और गति दे रहे हैं। हाल ही में राज्य की नई खनिज और एम-सेण्ड नीति जारी की है। उससे पहले अप्रधान खनिज लीज धारकों की लीज अवधि बढ़ाने के अधिकार संबंधित खनिज अभियंता व सहायक अभियंता को दे दिए हैं। मुख्यमंत्री व खान मंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने एक ओर बड़ा निर्णय करते हुए एक हैक्टेयर से कम के प्लॉट की नीलामी की बिड राशि दस लाख से घटाकर दो लाख कर दी। इससे आर्थिक दृष्टि से कमजोर और स्थानीय नागरिकों की खनिज क्षेत्र में भागीदारी बढ़ सकेगी। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में अधिकारों का विकेन्द्रीकरण, लीजधारकों को राहत व व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकान्त ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने परिवर्तित बजट घोषणा में प्रदेश में अप्रधान खनिजों के उत्पादन एवं निर्गमन में वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट की व्यवस्था करते हुए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि परिवर्तित बजट घोषणा की क्रियान्विति में वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट व्यवस्था लागू करने और इससे होने वाले प्रभाव से खनिज लीज व क्वारी लाइसेंसधारकों को एकबारीय राहत प्रदान करते हुए एकमुश्त समाधान योजना लागू कर दी है। टी. रविकान्त ने बताया कि माइनर मिनरल खानों में वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट व्यवस्था लागू करने से खनन पट्टों के सर्वेक्षण एवं सीमांकन से सामने आने वाली विसंगतियों के कारण होने वाली शास्ति से एकबारीय समाधान के लिए राज्य सरकार ने लीजधारकों को राहत देने के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू की है। योजना के अनुसार दस से 25 प्रतिशत राशि ही जमा कराने पर शेष राशि माफ कर दी जाएगी। इसके साथ ही भविष्य के लिए संबंधित लीज का मानक स्तर तय हो जाएगा जिससे विवाद की स्थिति नहीं रहेगी और व्यवस्था पारदर्शी व सरकार और लीजधारक दोनों के लिए लाभदायक हो जाएगी। प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि संबंधित खनिज धारक द्वारा वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट ड्रोन या एरियल सर्वे द्वारा प्राप्त डेटा संबंधित खनिज कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा। संबंधित एमई-एएमई द्वारा कार्यालय के दस्तावेजों के अनुसार उसकी जांच कर उत्पादन और निर्गमन का आंकलन किया जाएगा और उसके आधार पर शास्ति देय होगी। इससे खनन क्षेत्र की अवैध खनन गतिविधियों का भी एकबारीक समाधान हो सकेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यतः तीन तरह के प्रकरण सामने आते हैं। पहले में खनन पट्टा धारक द्वारा अपने अधिकृत क्षेत्र में खनन और निर्गमन के अनुसार कम रवन्ना जारी करना, दूसरे में अपने खनन क्षेत्र के साथ ही अन्य क्षेत्र में निगर्मन का रवन्ना जारी करना और तीसरा अपने क्षेत्र के आसपास के क्षेत्र में अवैध खनन करना। वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट से खनन लीज क्षेत्र में धारक द्वारा किये गए वैध खनन, अवैध खनन या अन्य क्षेत्र के रवन्ना जारी होने की स्थिति साफ हो जाएगी। इस व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि खनिज लीज धारक द्वारा वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट कराकर प्रस्तुत करने से भविष्य के लिए विवाद नहीं रहेंगे। रविकान्त ने बताया कि वोल्यूमेट्र्कि  एसेसमेंट से खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, खनन क्षेत्र में लीजधारक या अन्य द्वारा अवैध खनन व निर्गमन पर प्रभावी रोक लग सकेगी। इससे खनिज क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक के साथ ही राज्य सरकार के राजस्व में छीजत रुकेगी और एकबारीय समाधान योजना से लीजधारकों को भी राहत मिल सकेगी। निदेशक माइंस श्री भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि राज्य सरकार ने एकमुश्त समाधान योजना का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इससे हजारों की संख्या में माइनर मिनरल लीजधारक लाभान्वित हो सकेंगे।

हत्या-लूट व आगजनी के नहीं मिले सबूत, छत्तीसगढ़-कबीरधाम के लोहारीडीह मामले के 23 आरोपी बरी

कबीरधाम. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित लोहारीडीह मामले में शामिल 23 आरोपी जेल से बाहर आने वाले हैं। ये सभी हत्या, लूट व आगजनी के आरोपी हैं। कोर्ट ने आरोपियों को चार मामले से मुक्त कर दिया है। बीते 14 नवंबर को पुलिस ने न्यायालय में 23 आरोपियों को चार प्रकरण से मुक्त करने आवेदन दिया था, लेकिन निचली अदालत ने पुलिस की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद परिजनों ने अपील की, जिस पर 23 आरोपी को चार प्रकरण से मुक्त कर दिया है। डीएसपी केके चंद्राकर ने बताया कि लोहारीडीह घटना में रेंगाखार जंगल थाना में दर्ज एफआईआर क्रमांक 62, 63, 64, 65 और 66 में 62 को छोड़कर ग्रामीणों ने एक आवेदन आईजी को दिया था। ग्रामीणों का दावा था कि 23 लोग निर्दोष हैं व घटना में शामिल नहीं है। इस मामले में एसआईटी गठित की गई। इस जांच में भी 23 आरोपी के खिलाफ आगजनी, हत्या प्रकरण में सबूत नहीं मिले। इनका बयान दर्ज कराया गया। इस आधार पर 23 आरोपी पर दर्ज 4 प्रकरण से मुक्त किया गया है। हालांकि, पुलिस पर पथराव मारपीट मामले में केस जारी रहेगा। बता दें पुलिस ने अब तक 69 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें से 1 की मौत जिला जेल में हो गई थी। तीन नाबालिग थे, जिनका नाम पहले ही हटा दिया गया है। बचे 65 में से 23 लोगों को चार प्रकरण से मुक्त किया है। अब चार मामले में 42 लोगों के खिलाफ सुनवाई जारी रहेगी। ये है पूरा मामला कबीरधाम जिले के रेंगाखार जंगल थाना क्षेत्र के लोहारीडीह गांव में इसी साल सितंबर माह में एक सप्ताह के अंदर तीन लोगों की अलग-अलग वजह से मौत हो गई थी। 14 सितंबर की रात शिवप्रसाद साहू उर्फ कचरू की लाश मध्यप्रदेश के बिरसा थाने के क्षेत्र जंगल में पेड़ से लटकी मिली थी। शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने हत्या के शक पर पूर्व सरपंच रघुनाथ साहू के घर को आग लगा दी, जिससे रघुनाथ साहू की मौत हो गई। पुलिस ने 33 महिला समेत 69 ग्रामीणों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसी बीच 19 सितंबर को हत्या के आरोप में जेल में बंद प्रशांत साहू की जेल में मौत हो गई। मृतक के बॉडी में गहरे चोट के निशान पाए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशांत साहू की मौत पुलिस पिटाई के चलते जेल में मौत हुई है। इसके बाद सरकार ने जिले के एएसपी आईपीएस विकास कुमार को सस्पेंड किया। रेंगाखार थाना के टीआई समेत सभी पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया। इसके अलावा कबीरधाम एसपी व कलेक्टर पर भी गाज गिरी। दोनों का ट्रांसफर किया गया।

डोंगरगढ़ में किसानों ने नहीं लिया कोई कर्ज फिर भी बना दिया कर्जदार, सुनवाई नहीं होने पर आत्महत्या की चेतावनी

डोंगरगढ़ भोले-भाले किसानों के नाम पर फर्जी लोन लेकर लाखों की हेराफेरी का पर्दाफाश हुआ है. सोसायटी प्रबंधक और बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत ने किसानों को ऐसा फंसाया कि अब वे न खेती के लिए जरूरी साधन जुटा पा रहे हैं और न ही अपनी उपज बेचने में सक्षम हैं. यह मामला डोंगरगढ़ विकासखंड के छिपा सहकारी समिति का है. पीड़ित किसानों का कहना है कि हमने कभी कोई लोन नहीं लिया, फिर भी हमें कर्जदार बना दिया गया. हमने सांसद, कलेक्टर, एसडीएम, सबसे शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई. अब तो ऐसा लग रहा है कि हमें आत्महत्या ही करनी पड़ेगी. पलांदूर गांव के जितेंद्र यादव की कहानी चौंकाने वाली है. महज दो एकड़ जमीन के मालिक जितेंद्र के नाम पर 2,65,000 रुपए का कर्ज़ दिखा दिया गया, जबकि प्रावधान के अनुसार इतनी जमीन पर केवल 60,000 रुपए का लोन दिया जा सकता है, लेकिन यही कहानी अकेले जितेंद्र की नहीं है. यादव राम वर्मा, राजकुमार वर्मा, शेखर वर्मा और प्रदीप वर्मा सहित कई किसानों को इसी तरह ठगा गया. इन किसानों ने न कभी लोन के लिए आवेदन किया, न ही उन्हें इसकी जानकारी थी. धान बेचने पर कर्ज का रकम काटने का डर इस फर्जीवाड़े की शुरुआत तब हुई, जब सोसायटी प्रबंधक ने नवीनीकरण के नाम पर किसानों से ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर करवा लिए. इसके बाद बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर उनके नाम पर लोन स्वीकृत कराया और रकम हड़प ली. जब किसानों को इस धोखाधड़ी का पता चला, तब तक उनकी धान बेचने की व्यवस्था भी बाधित हो चुकी थी. किसानों का आरोप है कि बैंक और सोसायटी ने उनकी मेहनत की कमाई को तो लूटा ही, अब उन्हें मंडी में अपनी उपज बेचने तक की अनुमति नहीं मिल रही. उनकी चिंता यह है कि अगर धान बेचते हैं तो उससे मिली रकम सीधे बैंक कर्ज में काट ली जाएगी. शिकायत की जांच कर रहे, जल्द कार्रवाई होगी : एसडीएम डोंगरगढ़ एसडीएम मनोज मरकाम के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचे किसानों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और फर्जी लोन माफ करने की मांग की है. एसडीएम का कहना है कि शिकायत की जांच की जा रही है. जल्द ही इस पर कार्रवाई होगी. कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी किसान यादवराम वर्मा ने बताया, हमने कभी कोई लोन नहीं लिया, फिर भी हमें कर्जदार बना दिया गया. हमने सांसद, कलेक्टर, एसडीएम, सबसे शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई. अब तो ऐसा लग रहा है कि हमें आत्महत्या ही करनी पड़ेगी. किसान संतोष वर्मा ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा, हम नौ किसान इस घोटाले के शिकार हुए हैं. जब खाद लेने गए, तब पता चला कि हमारे नाम पर लाखों का कर्ज है. हमारी मांग है कि भुगतान में बिना कोई कटौती किए हमें धान बेचने दिया जा. इस घोटाले ने किसानों की जिंदगी पर बड़ा असर डाला है। अब वे न केवल अपनी आजीविका के लिए जूझ रहे हैं, बल्कि मानसिक तनाव भी झेल रहे हैं. किसानों ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे.

राज्यपाल ने बांटीं उपाधियां और पदक, राजस्थान-महात्मा फुले विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा है कि विश्वविद्यालयों से डिग्री प्राप्त युवा नौकरियों के पीछे भागने की बजाय रोजगार देने वाले बने। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ज्ञान के केन्द्र होते हैं। इनमें विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों का अध्ययन ही नहीं कराया जाए बल्कि उनकी बौद्धिक क्षमता कैसे बढ़े, उनमें उद्यमिता की प्रवृति का कैसे विकास हो, इस पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। राज्यपाल बागडे शनिवार को महात्मा ज्योतिराव फुले विश्वविद्यालय के नवम दीक्षांत समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा सतत चलने वाली प्रक्रिया है। वह शिक्षा ही सार्थक है जो जीवन को बेहतर ढंग से जीने की राह दिखाए। उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले द्वारा समाज सेवा और स्त्री शिक्षा में दिए योगदान को याद करते हुए कहा कि वे युग पुरुष थे। ऐसे समय में जब नारी शिक्षा से समाज दूर था, उन्होंने कन्या विद्यालय खोला। अपनी पत्नी को पढ़ाया और उन्हें देश की पहली महिला शिक्षक बनाया। उन्होंने ज्योतिबा फुले के आदर्शों को अपनाते शिक्षा प्रसार के लिए कार्य करने का आह्वान किया। बागडे ने सरकार के साथ—साथ निजी क्षेत्र को भी शिक्षा प्रसार में महती भूमिका निभाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा में नैतिकता और आदर्श जीवन मूल्य बहुत जरूरी है। महापुरूषों की जीवनीयां हमें सदा प्रेरणा देती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अर्जित शिक्षा का उपयोग राष्ट्र विकास के लिए किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने देश की नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए कहा कि यह समाज के हर वर्ग को बगैर किसी भेदभाव के गुणवत्ता की वैश्विक स्तर की शिक्षा देने से जुड़ी है। उन्होंने “राष्ट्र प्रथम है’  सोच के साथ विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाए जाने पर जोर दिया। आरम्भ में उन्होंने विद्यार्थियों को डिग्री और पदक प्रदान किए। विश्वविद्यालय के चांसलर श्री निर्मल पंवार ने विश्वविद्यालय के बारे में और भावी योजनाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

Indore में 50 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी चार्जिंग स्टेशन पड़ गए कम, डिपो में धूल खा रही बसें

इंदौर इंदौर की सड़कों पर जल्दी ही 50 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएगी, लेकिन शहरवासियों को थोड़ा इंतजार करना होगा,क्योकि खरीदी हुई बसें डिपों में धूल खा रही है। उनके लिए पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन शहर के अलग-अलग हिस्सों में नहीं है। अब एआईसीटीएसएल स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर फोकस कर रहा है, ताकि 50 करोड़ की लागत से खरीद गई बसों का उपयोग हो सके। पचास में से दस बसें पिछले दिनों शुरू की गई। यह बसें भंवरकुआ, तेजाजी नगर रुट पर चल रही है। शहर में डीजल इंजन से चलने वाली बसों को हटाकर अटल इंदौर सिटी बस कंपनी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू कर रही है। बीआरटीएस लेन में ज्यादातर डीजल बसें बंद कर दी गई है। इंदौर को अमृत प्रोजेक्ट के तहत नई बसें मिली। उनके लिए 30 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन बनना थे, लेकिन उतने नहीं बन पाए। इस कारण सभी बसों को उपयोग नहीं हो पा रहा है। फिलहाल विजय नगर, राजीव गांधी चौराहा, सिटी बस दफ्तर सहित अन्य पंद्रह स्थानों पर बसों की चार्जिंग की व्यवस्था है। नई बसों का संचालन लगातार अलग-अलग रुटों पर होना है, लेकिन उन्हें चार्जिंग के लिए इंतजार न करना पड़े, इसके लिए शहर में 50 से ज्यादा नए चार्जिंग स्टेशनों की जरुरत है। नगर निगम शहर में दोपहिया वाहनों के चार्जिंग स्टेशन भी बन रहा है। छह घंटे में होती है एक बस चार्ज जो नई सिटी बसे त्रिची से इंदौर आई है। उनके पूरी तरह चार्ज होने में छह घंटे का समय लगता है। यदि डबल चार्जर से चार्ज किया जाए तो तीन घंटे में बैटरी चार्ज हो जाती है। एक बार की चार्जिंग में 300 से 350 किलोमीटर का सफर एक बस द्वारा तय होता है। फिलहाल जिन दस बसों का संचालन हो रहा है। उन्हें राजीव गांधी चौराहा के बस स्टेशन से चार्ज किया जा रहा है। मेयर पुष्य मित्र भार्गव का कहना है कि सिटी बसों व दोपहिया वाहनों के चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने का काम चल रहा है। हाल ही में विश्राम बाग में नया स्टेशन शुरू हुअा है। जहां दोपहिया, तीन पहिया व चार पहिया वाहनों की बैटरी चार्ज करने की सुविधी शहरवासियों को दी जा रही है।

शीतलहर की चेतावनी, राजस्थान-उत्तरी इलाकों में तेजी से नीचे लुढ़का पारा

जयपुर. राजस्थान में ठंड के साथ अब शीतलहर की एंट्री भी हो गई है। जयपुर मौसम केंद्र की ओर से जारी ताजा अपडेट के अनुसार प्रदेश में 10 से 12 दिसंबर के बीच उत्तरी इलाकों तथा शेखावाटी में शीतलहर चलने की संभावना है। इस दौरान यहां न्यूनतम तापमान 6 से 3 डिग्री के बीच रह सकता है। शीतलहर की चेतावनी को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों को घर पर ही रहने की सलाह दी गई है। शीतलहर से फसलों में भी पाला पड़ने की आशंका रहती है। प्रदेश में 9 से 15 दिसंबर के बीच मावठ की भी संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से न्यूनतम तापमान में और ज्यादा गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो सप्ताह के बीच न्यूनतम पारे में 6 से 7 डिग्री की गिरावट आने का अनुमान जताया जा रहा है, जबकि अगले 2 से 3 दिन में राज्य के न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री गिरावट होने की प्रबल संभावना है। 9 से 15 दिसंबर के बीच राज्य के उत्तरी भागों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम पारा तेजी से लुढ़क गया है। प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र संगरिया सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं सीकर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया है। चूरू में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री दर्ज किया गया, माउंट आबू में न्यूनतम पारा 6  डिग्री रहा। पिलानी में न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री, अजमेर में अधिकतम तापमान 27.8 व न्यूनतम तापमान 9.9, भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 26.5 व न्यूनतम 9.1, अलवर में अधिकतम तापमान 25 व न्यूनतम 8 औरजयपुर में अधिकतम तापमान 26.1 व न्यूनतम 12.2 डिग्री रहा।

उद्धव गुट के विधायकों ने विधानसभा में नहीं ली शपथ, आदित्य ठाकरे बोले- EVM के रिजल्ट स्वीकार नहीं

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा के तीन दिन के सत्र में शनिवार को नए विधायकों ने शपथ ली। प्रोटेम स्पीकर कालिदास कोलंबकर ने उन्हें शपथ दिलाई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने भी महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के तुरंत बाद विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर कालिदास कोलंबकर ने तीनों नेताओं को विधायक के रूप में शपथ दिलाई। हालांकि इस दौरान शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के विधायकों ने शपथ लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने ईवीएम पर शक जताया है। शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के जीते हुए विधायकों ने शपथ नहीं ली। उन्होंने कहा कि हमने फैसला किया है कि हमारे (शिवसेना यूबीटी) जीते हुए विधायक शपथ नहीं लेंगे। विधानसभा में हम लोगों ने इसका बायकॉट किया है। शिवाजी की प्रतिमा पर लगाए नारे आदित्य ठाकरे ने कहा कि अगर यह लोगों का जनादेश होता तो लोग खुश होते और जश्न मनाते, लेकिन लोगों ने कहीं भी इस जीत का जश्न नहीं मनाया। हमें ईवीएम पर संदेह है। आदित्य ठाकरे अपनी पार्टी के सभी विधायकों समेत विधानसभा पहुंचे। यहां वे सभी छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास पहुंचे। उन्होंने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और फूल चढाए। शिवाजी की जयकारे लगाए और फिर सदन के अंदर शपथ न लेने की बात फिर दोहराई। अजित पवार बोले- ईवीएम को दोष देने का कोई मतलब नहीं वहीं उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विपक्ष के ईवीएम विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,  ‘ईवीएम पर कोई भी आपत्ति अनुचित है. ईवीएम को दोष देने का कोई मतलब नहीं है. जब एमवीए को लोकसभा में 31 सांसद मिले थे, तब उन्होंने ईवीएम को दोष नहीं दिया था. उन्हें विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन सदन की कार्यवाही में भाग लेने के लिए विपक्ष को शपथ लेनी होती है. वे कल तक शपथ ले सकते हैं. ऐसा लगता है कि वे इस तरह के विरोध के माध्यम से अपनी मौजूदा ताकत दिखाना चाहते हैं.’ 5 दिसंबर को बनी नई सरकार 5 दिसंबर को नई सरकार ने शपथ ली, जिसमें देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने, जबकि एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में 40,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिसमें लगभग 2,000 वीवीआईपी शामिल थे। पीएम मोदी और भाजपा के शीर्ष नेता अमित शाह, जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस बड़े अवसर पर 19 राज्यों के मुख्यमंत्री भी पहुंचे थे। विपक्षी महा विकास अघाड़ी के नेता उद्धव ठाकरे और शरद पवार भी इस भव्य समारोह में शामिल हुए। मुकेश अंबानी जैसे उद्योगपति, फिल्मी सितारे और धार्मिक नेता भी आजाद मैदान में मौजूद थे।

तेलंगाना में कार अनियंत्रित होकर तालाब में गिरने से हादसा, पांच युवकों की मौत, एक घायल

यदाद्री भुवनगिरी तेलंगाना के यदाद्री भुवनगिरी जिले के गांव जलालपुर में शनिवार तड़के एक कार अनियंत्रित होकर तालाब में गिरने से पांच युवकों की मौत हो गई और एक घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दुर्घटना तड़के तब हुयी, जब कार सवार युवक हैदराबाद से भूदान पोचमपल्ली जा रहे थे। तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने गहरे तालाब में जा गिरी। इसमें पांच युवकों की मौत हो गयी, जबकि एक घायल युवक तैरकर तालाब के बांध तक पहुंचने में सफल रहा। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और कार को तालाब से बाहर निकाला। उन्होंने घायल युवक को भुवनगिरी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है। सूत्रों के अनुसार, मृतकों में हर्ष, दिनेश, वामशी, बालू और विनय के हैं। इस घटना से संबंधित मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।  

एवरेस्ट फतह करने वाली सबसे उम्रदराज ज्योति रात्रे अब अंटार्कटिका जाएंगी माउंट विंसन चोटी पर करेंगी चढ़ाई

भोपाल 55 वर्षीय ज्योति रात्रे, जिन्होंने इस साल 19 मई 2024 को माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त की थी। वह अब अपनी अगली चुनौती के लिए तैयार हैं। वह 14 दिसंबर को अंटार्कटिका के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट विन्सन, जिसकी ऊंचाई (4892 मीटर) को फतह करने रवाना होंगी। यह उनकी “7 समिट्स मिशन” की छठी चोटी होगी। ज्योति रात्रे माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली सबसे उम्र दराज भारतीय महिला हैं। इस अभियान के तहत वह 15 दिसंबर को चिली के पंटो अरेना पहुंचेंगी और 18 दिसंबर को यूनियन ग्लेशियर के लिए प्रस्थान करेंगी। उनका यह अभियान 12 दिनों तक चलेगा, उनका लक्ष्य 7 महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फ़तह करना है। बता दें कि ज्योति माउंट विन्सन पर जाने वाली मध्य प्रदेश से पहली महिला हैं, ज्योति 15 दिसंबर को चिली के पंटो अरेना पहुंचेंगी और वहां से 18 दिसंबर को यूनियन ग्लेशियर की ओर प्रस्थान करेंगी। भीषण मौसम सबसे बड़ी चुनौती ज्योती रात्रे ने बताया अंटार्कटिका के लिए बहुत सारे चैलेंज हैं, सबको लगता है कि एवरेस्ट हो गया तो सब हो जाएगा, पर ऐसा होता नहीं है। अंटार्कटिका के दो सबसे बड़े चैलेंज यह है कि एक तो इस वक्त वहां 24 घंटे दिन यानी रोशनी होगी। दूसरा वहां का मौसम जो कि -30 से -60 तक चला जाता है। कोई भरोसा नहीं होता है कि कभी भी आंधी आ सकती है, कभी भी स्नो फॉल हो सकता है। कई बार टेम्परेचर माइनस में होता है लेकिन अगर बेहद तेज धूप है तो आप उसको सहन कर सकते हैं। वहीं अगर मौसम भी खराब हो और टेम्परेचर भी डाउन हो तो फिर बहुत मुश्किलें होती हैं। यहां बर्फीली आंधियां व तूफ़ान पर्वतारोहियों की परीक्षा लेते हैं। इस मौसम में शरीर को गर्म और सुरक्षित रखना किसी जंग से कम नहीं होता। ऐसे कर रहीं प्रैक्टिस अंटार्कटिका जाने की अपनी तैयारी को लेकर उन्होंने बताया- वहां पर हमें अपना पूरा सामान स्लेश से खींचना है। उसकी प्रैक्टिस के लिए मैंने एक जुगाड़ निकाला है। मैं टायर में पत्थर रख कर उसका वजन करीब 15-20 किलो करके मनुआभान टेकरी पर प्रैक्टिस कर रही हूं। एक दिन छोड़कर 2-3 राउंड मैं लगा रही हूं। अंटार्कटिका में हमें टेंट और खाना लेकर लगभग 30-35 किलो का सामान लेकर चलना है। लेकिन मैं अभी फिलहाल 15-20 किलो के सामान के साथ ही प्रैक्टिस कर रही हूं। सड़क पर होने के कारण 15-20 किलो भारी हो रहा है लेकिन वहां बर्फ पर मुझे लगता है कि थोड़ा आसान रहेगा। यहां यह भी चुनौती एवरेस्ट पर तो हमारे साथ शेरपा होते हैं लेकिन यहां बस जिस कंपनी के द्वारा हम जाते हैं, उनका गाइड होता है। जो अक्सर रास्ता दिखाने का काम करता है। वहां ऑक्सीजन नहीं लगती है, फिर भी अगर किसी क्लाइंबर को जरुरत महसूस होती है तो वह ऑक्सीजन लगा लेता है। 90% मामलों में हम बिना ऑक्सीजन के माउंट विंसन फतेह कर लेते हैं।

इंडियन आइडल 15 ‘एनिमल’ के निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा के साथ ‘एनिमल के एक साल’ का जश्न मनाएगा

मुंबई,  सिंगिग रियालिटी शो इंडियन आइडल 15 ‘एनिमल’ के निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा के साथ ‘एनिमल के एक साल’ पूरे होने का जश्न मनाएगा। इस वीकेंड, सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न पर बहुचर्चित सिंगिंग रियलिटी शो, इंडियन आइडल सीज़न 15, ‘एनिमल’ के निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा की मौजूदगी में ‘एनिमल के एक साल’ को सेलिब्रेट करेगा। इस स्पेशल एपिसोड में, संदीप रेड्डी वांगा एक मेहमान के रूप में शामिल होकर और अपनी साधारण शुरुआत से लेकर इंडस्ट्री में सबसे चर्चित निर्देशकों में से एक बनने तक के अपने प्रेरक सफर की बातें साझा करेंगे। इस एपिसोड में प्रतियोगी रितिका राज एक आकर्षक परफ़ॉर्मेंस देते हुए “तुझे कितना चाहने लगे” गीत गाएंगी। संदीप ने इस परफ़ॉर्मेंस की तारीफ करते हुए कहा, “मैंने कभी भी इस गाने को महिला की आवाज़ में नहीं सोचा था, लेकिन मुझे यह वाकई पसंद आया।” रितिका ने संदीप से पूछा, “हमने सुना है कि आपका परिवार बहुत समर्थक रहा है। उन्होंने इस राह पर आपकी कैसे मदद की?” संदीप ने दिल छूने वाली एक कहानी बताते हुए कहा, “मेरे परिवार का समर्थन बहुत महत्वपूर्ण रहा है। मैंने एक बार अपनी मां को चुनौती दी थी कि मैंने सिडनी में फिल्म स्कूल में पढ़ाई करते हुए मैकडॉनल्ड्स और सबवे में काम करके जो 2 लाख रुपये कमाए हैं, उसे खर्च करने से पहले मैं निर्देशक बनूंगा। मुझे 6-7 साल लग गए, लेकिन मेरे परिवार के समर्थन के बिना, अर्जुन रेड्डी उस तरह नहीं बन पाती। मैं यह आइडिया लेकर कई निर्माताओं के पास गया, लेकिन कुछ भी कारगर नहीं हुआ, और फिर हमने इसे खुद बनाने का फैसला किया। यहीं पर मेरे परिवार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।” संदीप ने यह बात कही कि वह अपने करियर की शुरुआत में क्या करना चाहते थे और कैसे वह फिल्ममेकिंग में आए। रितिका ने पूछा, “मैंने सुना है कि आप शुरू में एक फ़िज़ियोथेरेपिस्ट बनना चाहते थे। आप निर्देशक कैसे बन गए? क्या आपने इसे ज़ाहिर किया था?” संदीप ने खुलासा किया, “1990 और 2000 के दशक की शुरुआत में, किसी आम दक्षिण भारतीय परिवार में, आपको या तो इंजीनियर बनने का मौका मिलता था या डॉक्टर बनने का। मुझे एमबीबीएस के लिए पर्याप्त अंक नहीं मिले, इसलिए मैंने फ़िज़ियोथेरेपी को चुना। लेकिन पहले साल के बाद, मुझे एहसास हुआ कि मेरे पास इस फील्ड में पैसा कमाने का न तो जुनून है और न ही मकसद। बचपन से ही मुझे फ़ोटोग्राफ़ी में दिलचस्पी थी, जो बाद में स्टोरीटेलिंग के जुनून में बदल गई। मैं एक फिल्म स्कूल में पढ़ने के लिए सिडनी गया, वापस लौटा, और मुझे आखिरकार निर्देशक बनने में 6-7 साल लग गए।” श्रेया घोषाल भी इस बातचीत में शामिल हुईं, और उन्होंने संदीप से पूछा कि क्या फिल्म स्कूल जाने का उनका फैसला बस उनके नज़रिए से प्रेरित था, या इसमें उनके परिवार की भी कोई भूमिका थी। संदीप ने बताया, “मेरा परिवार बहुत मददगार था, खास तौर पर मेरी मां, जिन्होंने फिल्म स्कूल की फीस और अर्जुन रेड्डी के निर्माण में मदद की। मेरी आलोचना की जाती है कि मैंने फिल्मों में मां की भूमिका को पर्याप्त महत्व नहीं दिया है, लेकिन मुझे एहसास है कि असल ज़िंदगी में मैं अपनी मां से कहीं ज़्यादा जुड़ा हुआ हूं। लेकिन चूंकि हमारे रिश्ते में कोई शिकायत नहीं है, उसमें कोई ड्रामा या कोई नाराज़गी नहीं है जो मुझे इसके बारे में लिखने के लिए प्रेरित करे। अगर मैं कभी मां-बेटे की कहानी बनाऊंगा, तो यह बहुत सकारात्मक होगी, कुछ भी बुरा नहीं होगा और बस अच्छी भावनाएं होंगी।”  

फ्लोरा मैक्स की एजेंट के पति ने जहर पीकर की आत्महत्या, 8 दिन में दो ने दी जान

कोरबा महिलाओं को आजीविका से जोड़ने का झांसा देकर फ्लोरा मैक्स कंपनी ने 110 करोड़ रुपये की ठगी की थी। इसके बाद कंपनी के एजेंटों पर निवेशकों के पैसे वापस लौटने का दबाव बढ़ता जा रहा। लोन देने वाले बैंक और निजी फाइनेंस कंपनियां भी एजेंट्स को डरा-धमका रहे है। इससे महिला एजेंट परेशान हैं, साथ ही स्वजन भी मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजर रहे हैं। एक महिला एजेंट के पति ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों की प्रताड़ना से जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। आठ दिन के अंदर आत्महत्या की यह दूसरी घटना है। जांजगीर- चांपा जिले के चांपा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम दारंग में रहने वाली नीरा साहू दो साल पहले फ्लोरा मैक्स कंपनी से जुड़ी थी। इस दौरान उसने आस-पास के क्षेत्र के करीब 380 महिलाओं को कंपनी से जोड़ा था। ज्यादातर महिलाओं ने 30-30 हजार रुपये लोन लेकर कंपनी में जमा कराया था। लोन की किस्त जमा करना किया बंद कुछ ऐसी भी महिलाएं इसमें शामिल हैं, जिन्होंने 60 से 90 हजार रुपये तक निवेश किया है। कंपनी ने प्रति माह 2,600 रुपये वेतन प्रदान करने और लोन की राशि जमा करने का भी भरोसा दिलाया था। कुछ माह तक लोन की किस्त की राशि कंपनी ने जमा की, फिर अचानक बंद कर दिया गया। किस्त नहीं पटने पर महिलाओं पर बैंक और निजी कंपनियां नोटिस जारी करने लगीं। महिलाओं ने संयुक्त रूप से चांपा थाना में इस घटना की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला पंजीबद्ध किया है। उधर, निवेश करने वाली महिलाएं बैंक के कर्जा से मुक्ति पाने नीरा के घर का चक्कर काट रहे थे। तनाव में जी रहे संतोष ने खाया जहर नीरा के घर की भी आर्थिक स्थिति चरमरा गई। बेहतर कार्य के लिए कंपनी से नीरा को प्रदान की गई स्कूटी को पुलिस जब्त कर ले गई। निजी फाइनेंस कंपनी के लोग लगातार नीरा और उसके पति संतोष साहू 50 साल के लिए जेल भेज देने की चेतावनी दे रहे थे। सरकारी आवास की सुविधा बेहद मानसिक तनाव से गुजर रहे संतोष ने गुरुवार को जहर खा लिया। उसे चांपा स्थित बीडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान देर रात को उसकी मौत हो गई। बताते चलें कि कोरबा जिले में संचालित फ्लोरा मैक्स नामक कंपनी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का वादा किया था। छत्तीसगढ़ के पांच जिला कोरबा समेत बिलासपुर, जांजगीर- चांपा, मुंगेली व रायगढ़ के 37 हजार महिलाओं से करीब 110 करोड़ रुपये जमा कराया। इसमें 95 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने लोन पर पैसे लेकर जमा किए थे। कोरबा के कोतवाली में भी धोखाधड़ी का एक ओर मामला दर्ज है। ईमलीडुग्गू में रहने वाले कंपनी के डायरेक्टर अभिषेक सिंह समेत 13 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। धमका रहे थे फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी संतोष साहू का अस्पताल में मरणासन्न बयान लेने वाले नायब तहसीलदार प्रशांत गुप्ता ने बताया कि उसकी हालत बेहद नाजुक थी। किसी तरह उसने बताया कि एक निजी फाइनेंस कंपनी के कुछ कर्मचारी लगातार उसे धमका रहे थे। जितनी राशि फाइनेंस कंपनी मांग रही थी, उतना जमा करने के लिए उसके पास नहीं था। कोई रास्ता उसे नहीं सुझा, तो उसने कीटनाशक पीकर जान दे दी। पुलिस ने फाइनेंस कंपनियों को दी चेतावनी आठ दिन पहले करतला थाना क्षेत्र के ग्राम सकदुकला में रहने वाली एजेंट भगवती बाई ने आत्महत्या कर ली थी। उसने करीब 80 महिलाओं को कंपनी से जोड़ा था। उसके बाद उन महिलाओं ने अपने परिचित महिलाओं को कंपनी से जोड़ा, इस तरह चेन तैयार होता चला गया। भगवती पर भी निवेशकों के पैस वापस लौटाने का भारी दबाव था। उसने घर में फांसी लगा कर जान दे दी। आठ दिन के अंदर फ्लोरा मैक्स के एजेंट से जुड़े आत्महत्या के दूसरी घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कोरबा पुलिस ने करीब 45 बैंक व फाइनेंस कंपनियों की बैठक लेकर एजेंट व निवेशकों को परेशान नहीं करने की समझाइश दी है। सभी जिलों से आरोपियों की संपत्ति का मांगा ब्यौरा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने राज्य के सभी कलेक्टर को पत्र प्रेषित कर आरोपितों का ब्योरा उपलब्ध कराया है। साथ ही उनके व उनके निकटतम रिश्तेदारों की चल-अचल संपत्ति का विवरण मांगा है। पुलिस आरोपितों की संपत्ति कुर्क कर उसने मिलने वाली राशि पीड़ितों को वापस लौटाने की कार्रवाई करेगी।

‘ऐसा कौनसा राजकार्य बाधित हुआ?’, राजस्थान-जयपुर में डॉ. किरोड़ीलाल पर केस पर भड़के बेनीवाल

जयपुर. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सवाल किया है कि जयपुर के महेश नगर थाने में राजस्थान सरकार के वरिष्ठ मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मामला किसके कहने पर दर्ज किया गया? सांसद बेनीवाल ने कहा कि एसओजी ने राजस्थान में एसआई भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के प्रमाण दिए हैं। ऐसे में इस भर्ती को रद्द करवाने की मांग कर रहे मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के खिलाफ दर्ज मामला समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया कि आंदोलित छात्रों से जानकारी लेने के प्रयास में आखिर कौन सा राजकार्य बाधित हुआ। बेनीवाल ने यह भी कहा कि एक मंत्री का यह कहना कि “सरकार मेरी है, तो क्या मैं अन्याय सहन करूंगा” स्पष्ट करता है कि भाजपा सरकार बेरोजगारों के मुद्दों पर असंवेदनशील है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। एसओजी, पुलिस मुख्यालय और एडवोकेट जनरल द्वारा भी भर्ती को रद्द करने की सिफारिश की जा चुकी है लेकिन सरकार अब तक इस पर चुप है। किसानों के मुद्दे पर जताई नाराजगी सांसद हनुमान बेनीवाल ने शंभु बॉर्डर पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि देश के किसान अपनी वाजिब मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन केंद्र सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। बेनीवाल ने कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी का कानून बनाने सहित अन्य मांगों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार केवल किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और कृषि मंत्री को ट्वीट कर किसानों की मांगों पर त्वरित संज्ञान लेने और सकारात्मक हल निकालने की अपील की।

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