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इलाज कराना भी हुआ मुश्किल, छत्तीसगढ़-दुर्ग की पंडवानी गायिका पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई ने बंद की बातचीत

दुर्ग। छत्तीसगढ़ की पंडवानी गायन विधा को विदेशों तक पहुंचाने वाली पद्मश्री पदम् विभूषण और पद्मभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई की आवाज पर हजारों तालियां बजती थीं. लेकिन अब यह पांडवों की कथा कापालिक शैली में सुनाने वाली आवाज फीकी पड़ती जा रही है. अब शायद हमें उनकी आवाज फिर से सुनने को न मिले. क्योंकि अब तीजन बाई ने बात करना भी बंद कर दिया है. उनकी सेहत में सुधार होने की बजाए धीरे-धीरे बिगड़ रही है. ये देश की एक मात्र ऐसी महिला हैं, जिन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया है. दुर्ग जिले के गनियारी गांव में रहने वाली पारधी समाज से आने वाले पदम् विभूषण से सम्मानित तीजन बाई ने अपना जीवन पंडवानी गायन विधा को समर्पित कर दिया. डॉ. तीजन बाई पर रविशंकर विश्विद्यालय में शोध किये जा रहें. उन्हें डी लिट् और पीएचडी की कई उपाधिया प्रदान की गई है. बॉलीवुड उनके जीवन पर फ़िल्म बनाने के लिए 4 साल पहले अनुबंध कर चुका है. लेकिन 24 साल हो चुके छत्तीसगढ़ राज्य में पदम् सम्मानों से सम्मानित डॉ. तीजन बाई को अब तक राज्य सरकार से कोई पेंशन नहीं मिल पाया है. संस्कृति विभाग भी ऐसे कलाकरों के लिए कोई योजना नहीं बना पाया, जिनके कारण छत्तीसगढ़ को विदेशों में पहचान मिली है. करीब डेढ़ साल से तीजन बाई लकवा होने की वजह से बिस्तर पर ही है. उनके दो महीने पहले ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह से बंद हुई फीजियोथैरेपी दोबारा शुरू नहीं हो सकी है. तीजन बाई की बहन रम्भा की बहू वेणु देशमुख जो उनका देखभाल करती हैं वे बताती हैं कि अब उनके इलाज में होने वाले खर्च को लेकर परेशान है. पेंशन के नाम पर पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई को केंद्र सरकार से 4 हजार 3 सौ 66 रुपये मिलते हैं. इलाज में होने वाला खर्च तीजन बाई की जमा पूंजी से किया जा रहा है. इधर परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है. वहीं पंडवानी की पुरोधा मानी जाने वाली डॉ. तीजन बाई के बीमार पड़ते ही उन सभी लोगों ने किनारा कर लिया जो कभी उनके बुलंदियों के दिनों में साथ हुआ करते थे. 78 वर्ष की हो चुकी डॉ. तीजन अब लोगों को पहचान नहीं पाती, लेकिन जिंदगी भर मीडिया की चकाचौंध के बीच रह चुकी कैमरे के सामने फोटो खिचंवाना नहीं भूलती. इशारों से ही सही लेकिन वे लोगों को अभिवादन भी करती हैं. डेढ़ साल पहले बीमार होने के बाद उनके अपने की लोगों ने लोगों से उनके बीमार होने की बात छिपाई क्योंकि उनके नाम से आने वाले पंडवानी के कार्यक्रम की आय से परिवार चलता था. लेकिन एक महीने बाद लल्लूराम डॉट कॉम ने उनके अस्वस्थ होने की खबर चलाई तब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संज्ञान लेकर उनके स्वास्थ्य की देख रेख के लिए डॉक्टरों की टीम नियुक्त की. बीएसपी में कार्यरत रही तीजन बाई को बीएसपी के पंडित जवाहर लाल नेहरू हॉस्पिटल सेक्टर नाइन में भी इलाज की सुविधा मिली.

1 छात्रा की मौत और 35 बीमार, छत्तीसगढ़-बीजापुर के बालिका आश्रम के खाने में मिली थी छिपकली

बीजापुर. बीजापुर के माता रुक्मिणी धनोरा बालिका आश्रम में बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां बच्चों को परोसे जाने वाले खाने में छिपकली मिली थी, जिसके बाद 35 से अधिक बच्चे बीमार हो गए थे. इन्हीं में से एक छात्रा की अब मौत हो गई. वहीं अब भी 35 बच्चे बीमार है, जिसमें से 9 बच्चे आईसीयू में भर्ती बताएं जा रहे है. मृतक छात्रा शिवानी तेलम को देर रात मेडिकल कॉलेज जगदलपुर रेफर किया गया था. बच्ची ने भैरमगढ़ में दम तोड़ा. वे मूलतः बीजापुर ब्लॉक के तूमनार की रहने वाली थी. वहीं बाकी बच्चे बीजापुर जिला अस्पताल के ICU में हैं एडमिट बताएं जा रहे है. परिजनों ने आश्रम अधीक्षिका पर लगाए आरोप परिजनों ने आरोप लगाए कि अधिक्षिका की लापरवाही से बच्चे की हुई मौत. परिजनों का ये भी आरोप है कि मेनू के अनुसार भोजन नहीं परोसा जा रहा था. भोजन में एक्सपायरी डेट के पनीर, दूध के इस्तेमाल करने का भी आरोप परिजनों ने लगाया है. परिजनों ने ऐसे कर्मचारी, अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है.

ट्रेविस हेड का पूर्व कोच जस्टिन लैंगर के साथ ‘मतभेद’ था : पेन

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान टिम पेन ने खुलासा किया है कि स्टार बल्लेबाज ट्रेविस हेड और उनके पूर्व कोच जस्टिन लैंगर के बीच अक्सर रेड बॉल क्रिकेट खेलने के तरीके को लेकर मतभेद होते थे। पेन का मानना है कि जब से हेड को लैंगर के कार्यकाल के आखिरी समय में और बाद में नए कोच मैकडोनाल्ड और कमिंस के मार्गदर्शन में अपनी शैली से खेलने की आजादी मिली है, तब से वह टेस्ट क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। पेन ने एसईएन ब्रेकफास्ट से कहा, “मुझे नहीं लगता कि उन्हें यह बात कहने से कोई समस्या होगी, लेकिन हेड और लैंगर के विचारों में बड़ा अंतर था। लैंगर जैसे महान खिलाड़ी कोचिंग दे रहे थे, और उस समय उनके बल्लेबाजी कोच ग्रीम हिक थे, जिन्होंने 101 प्रथम श्रेणी शतक बनाए थे। हिक भी अपने सुझाव दे रहे थे।” उन्होंने आगे कहा, “वह हेड से उनकी डिफेंसिव तकनीक पर काम करने के लिए जोर दे रहे थे, लेकिन हेड का तरीका अलग था। उस समय वे एक युवा टेस्ट खिलाड़ी थे और टीम में अपनी जगह बनाए रखने के लिए हर किसी को खुश करने की कोशिश कर रहे थे।” पेन ने कहा, “आज हेड अपनी शैली पर भरोसा करते हैं और उसी के अनुसार खेलते हैं। कभी-कभी वे असफल होंगे, तो कभी उनका प्रदर्शन कमजोर रहेगा, लेकिन उनका आक्रामक अंदाज और मैच जीतने की कोशिश उन्हें खास बनाता है। अभी वे हर फॉर्मेट में शानदार खेल दिखा रहे हैं।” ज्ञात हो कि हेड ने भारत के खिलाफ एडिलेड ओवल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 रन बनाए। उनकी इस 141 रनों की पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 337 का स्कोर खड़ा किया और गुलाबी गेंद के टेस्ट में 10 विकेट से बड़ी जीत दर्ज की थी। ट्रेविस हेड को इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया था। पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है। सीरीज का अगला टेस्ट 14 दिसंबर को गाबा में खेला जाएगा।  

एक साथ फांसी के फंदे पर झूला युगल, छत्तीसगढ़-बेमेतरा में प्रेमिका की मांग में पहले सिन्दूर भरा

बेमेतरा. एक प्रेमी जोड़े ने फांसी लगा कर की आत्महत्या कर ली. आत्महत्या से पहले प्रेमी ने प्रेमिका की मांग में सिंदूर भी भरी. छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के नवागढ़ में एक सनसनीखेज मामला सामने आया हैं जहां एक प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. पूरा मामला नवागढ़ के वार्ड नंबर एक का है. जहां पुरानी मंडी में इमली पेड़ पर सुबह-सुबह लोगों ने प्रेमी जोड़े की लटकते हुए शव देखा. सूचना के बाद परिजन भी पहुंचे और पुलिस को इसकी सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंचे जांच में जुट गई है और पंचनामा कर पीएम के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही मामले में देखने वाली बात है कि प्रेमी जोड़ी ने आत्महत्या करने से पहले प्रेमी ने प्रेमिका के मांग में सिंदूर भरा है इसके बाद उन्होंने मौत को गले लगा लिया. घटना के बाद से क्षेत्र में सनसनी फैला हुआ है तो वही प्रेमी जोड़ों के द्वारा फांसी लगाने को लेकर कई तरह के सवाल उठ खड़े हो रहे हैं आखिर मौत से पहले शादी हुई तो साथ में जीने की बजाय मौत को गले क्यो लगाया ? पुलिस इस मामले में पंचनामा कर परिजनों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, जिसके बाद आत्महत्या की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी.

ब्रूक को गेंदबाजी करना वाकई मुश्किल है : जो रूट

वेलिंगटन जो रूट ने इंग्लैंड और यॉर्कशायर के अपने साथी हैरी ब्रूक के बल्लेबाजी कौशल के लिए प्रशंसा की और कहा कि दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को गेंदबाजी करना वाकई मुश्किल है, क्योंकि वह गेंदबाज के सिर के ऊपर से छक्का मार सकता है और उसके सिर के ऊपर से स्कूप करके अधिकतम और उससे भी अधिक रन बना सकता है। ब्रूक ने वेलिंगटन में न्यूजीलैंड के खिलाफ 115 गेंदों पर 123 रनों की शानदार पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, जिससे इंग्लैंड को पहले दिन 43/4 के स्कोर से उबरने में मदद मिली और उसने सीरीज में 323 रनों की जीत दर्ज की। उन्होंने इस पारी को अपने 23 टेस्ट करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी बताया, जिसमें पहले से ही आठ शतक और 61.62 का प्रभावशाली बल्लेबाजी औसत शामिल है। रूट ने कहा, “अगर आप मुझसे पूछें, तो ब्रूकी इस समय दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं। उनका खेल बहुत ही शानदार है: वे दबाव को झेल सकते हैं, वे इसे लागू कर सकते हैं, वे आपके सिर के ऊपर से छक्का जड़ सकते हैं, वे स्पिन और सीम दोनों पर प्रहार कर सकते हैं। उन्हें गेंदबाजी करना बहुत मुश्किल है।” रूट की टिप्पणी इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स की टिप्पणियों से मेल खाती है, जिन्होंने ब्रूक को ‘अभूतपूर्व’ बताया। स्टोक्स ने कहा, “पहले दिन 40 रन पर चार विकेट गंवाने के बाद, तीसरे दिन के मध्य में जीत की स्थिति में पहुंचना बहुत खास है।क्रिकेट के संदर्भ में, उस पिच को हम सांपों का गड्ढा कहते हैं… यह बहुत कुछ कर रही थी। ब्रूकी अद्भुत है। न्यूजीलैंड के आक्रमण के खिलाफ, किसी को भी उस विकेट पर 120 रन बनाने का अधिकार नहीं है। दुनिया में ऐसे बहुत कम खिलाड़ी हैं जो उनके जैसा खेल सकते हैं और मुझे खुशी है कि वे हमारी टीम में हैं।” क्राइस्टचर्च में एक और शतक और मुल्तान में तिहरा शतक लगाने के बाद ब्रूक के नवीनतम शतक ने, 25 वर्षीय खिलाड़ी को आईसीसी टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। उल्लेखनीय रूप से, रैंकिंग में अभी भी जो रूट शीर्ष पर हैं, जिन्होंने बेसिन रिजर्व में अपना 36वां टेस्ट शतक बनाया, जिससे उन्होंने सर्वकालिक टेस्ट शतकों की सूची में पांचवें स्थान के लिए राहुल द्रविड़ के रिकॉर्ड की बराबरी की। यह 2021 के बाद से रूट का 19वां टेस्ट शतक भी था, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है जो उन्हें उस अवधि में अगले सर्वश्रेष्ठ केन विलियमसन से 10 शतक आगे रखती है। ब्रूक, अपने वरिष्ठ साथी की प्रशंसा करने में तत्पर रहते हुए, अपनी उपलब्धियों के बारे में विनम्र थे, जिसमें 91.50 का शानदार विदेशी टेस्ट बल्लेबाजी औसत शामिल है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें अभी ऑस्ट्रेलिया या भारत में खेलने की चुनौतियों का सामना करना बाकी है। “मैं उसे पकड़ने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन वह बहुत अच्छा है, है न? उसने इस सप्ताह एक और शतक बनाया है और वह निश्चित रूप से अब तक खेले गए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक है, यदि सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नहीं है, तो भी।” ब्रूक ने रूट के बारे में कहा, “उसके साथ खेलना बहुत बढ़िया है और उसे देखना बहुत बढ़िया है। मैंने केवल 22 या 23 मैच खेले हैं, इसलिए ये आंकड़े जल्द ही नीचे आ सकते हैं। मैं बस जितना हो सके उतना अच्छा बनने की कोशिश कर रहा हूं, नेट्स में कड़ी मेहनत कर रहा हूं और उन क्षेत्रों में सुधार कर रहा हूं जो असहज हैं। आप हमेशा बेहतर हो सकते हैं।”  

23 ग्राम स्मैक जब्त, राजस्थान-सिरोही में एंबुलेंस से तस्करी करते तीन आरोपी गिरफ्तार

सिरोही. पिंडवाड़ा पुलिस एवं डीएसटी टीम की संयुक्त कार्रवाई में सोमवार को उदयपुर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर मोरस चौकी के बाहर एंबुलेंस से 23 ग्राम स्मैक जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह एंबुलेंस उदयपुर से पिंडवाड़ा की ओर आ रही थी। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर अग्रिम जांच की जा रही है। गौरतलब है कि इस मामले में सिरोही जिला पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के निर्देशन में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पिंडवाड़ा थानाधिकारी हमीर सिंह भाटी की अगुवाई में उपनिरीक्षक पन्नालाल, डीएसटी टीम प्रभारी अमराराम, पुलिस थाना पिंडवाड़ा के कांस्टेबल आईदान सिंह, कांस्टेबल अरजी, शैलेश एवं गजेन्द्र सिंह की टीम द्वारा उदयपुर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर सोमवार को मोरस चौकी के बाहर नाकाबंदी की गई थी। उस दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा उदयपुर से पिंडवाड़ की ओर आ रही टवेरा एंबुलेस को रुकवाकर तलाशी ली गई तो उसमें 23 ग्राम स्मैक पाया गया। पूछताछ के दौरान कोई संतोषप्रद जवाब नहीं देने पर स्मैक एवं एम्बुलेंस को जब्त कर स्कोन प्लाजा, सिरोही निवासी शहजाद शाह पुत्र अकबर शाह, घांचीवाड़ा सिरोही निवासी शाहरूख खान पुत्र निसार मोहम्मद एवं सरफराज खान पुत्र निसार मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर यह स्मैक कहां से लाई गई थी तथा उसे कहां ले जाया जा रहा था इसका पता लगाया जा रहा है। पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है एंबुलेंस में तस्करी मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोग पुलिस को चकमा देने के लिए रोजाना नए तरीके अपनाते रहते हैं। इसमें एंबुलेंस का उपयोग भी करने लगे है। अपवादस्वरूप छोड़ दे तो पुलिसकर्मी भी उन्हें रोकने से बचते है। इसका ये लोग फायदा उठाते है। पूर्व में भी एंबुलेस में मादक पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आ चुके है। ऐसे में पुलिस को और सतर्क रहकर इन पर कारवाई करने की आवश्यकता है।

धूल के चलते हुए हादसे में बाइक सवार की मौत, छत्तीसगढ़-कोरबा में तेज रफ्तार भारी वाहन ने मारी टक्कर

कोरबा। कोरबा में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. एक तेज रफ्तार भारी वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत हो गई है. घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. बताया जा रहा है कि हादसा धूल के चलते हुआ है. मौके से भारी वाहन का चालक फरार हो गया है. घटना सिविल लाइन थाना अंतर्गत गोढ़ी के पास की है. मिली जानकारी के अनुसार, गोढ़ी के पास तेज रफ्तार भारी वाहन ने बाइक सवार को चपेट में ले लिया. दर्दनाक हादसे में बाइक सवार की मौक पर ही मौत हो गई. मृतक करण सिंह चौहान (29 वर्षीय) कुरुडीह का निवासी था. घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. बता दें कि राखड़ युक्त भारी वाहनों के चलते सड़क पर उड़ रहे धूल से लोग परेशान हैं. कुछ दिनों पहले ही ओवरलोड राखड़ वाहनों पर प्रतिबंध लगाने ग्रामीणों ने चक्का जाम किया था.

कोई टीम 6 मैच जीतकर टॉप पर है तो कोई 11 मैच जीतकर भी 5वें नंबर पर, WTC पॉइंट्स सिस्टम पर सवाल

नई दिल्ली साल 2019 से आईसीसी ने टेस्ट क्रिकेट को रोमांचक बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया था। आईसीसी ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत की थी। इसमें टॉप की 9 टीमों को अपनी पसंद की 6 टीमों से टेस्ट सीरीज दो साल के चक्र में खेलने थी। इनमें तीन सीरीज घर पर और इतनी ही सीरीज टीमों को विदेश में खेलने का प्रस्ताव था। अगस्त 2019 से इसकी शुरुआत एशेज के साथ हुई। उस समय कहा गया कि जो टीम पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर होगी, उसको डब्ल्यूटीसी फाइनल में खेलने का मौका मिलेगा। हालांकि, इसके बाद कोरोना के कारण मैच और सीरीज कम हो गईं। कुछ सीरीज कैंसिल हो गईं। ऐसे में आईसीसी ने अपनाया कि जीत प्रतिशत के हिसाब से टीमें फाइनल में पहुंचेंगी। उसके बाद से ऐसा चला आ रहा है, लेकिन कुछ टीमों के लिए ये नियम घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इसी के बारे में आप यहां जान लीजिए। दरअसल, डब्ल्यूटीसी को टेस्ट क्रिकेट का वर्ल्ड कप कहा जाता है, लेकिन ये दो साल तक चलता है और एक फाइनल के बाद ये तय होता है कि कौन सी टीम इस फॉर्मेट की चैंपियन है। दो बार डब्ल्यूटीसी का फाइनल खेला जा चुका है। एक बार न्यूजीलैंड और एक बार ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता है। दोनों बार भारतीय टीम उपविजेता रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल इस टूर्नामेंट के फॉर्मेट को लेकर है, क्योंकि कोई टीम को तो महज 12 मैच खेलती है और कोई टीम 22 मैच खेलती है। अगर जीत के हिसाब से भी देखा जाए तो मौजूदा WTC पॉइंट्स टेबल में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टॉप 2 तो छोड़िए टॉप 4 में भी नहीं है। वहीं, महज 10 मैच खेलकर उनमें से 6 मुकाबले जीतने वाली टीम शीर्ष पर है। साउथ अफ्रीका ने इस डब्ल्यूटीसी साइकिल में 10 मैच खेले हैं और 6 जीते हैं। एक मैच टीम का ड्रॉ रहा है और तीन मैच गंवाएं हैं। इस तरह साउथ अफ्रीका का जीत प्रतिशत सबसे ज्यादा है, लेकिन इसी साइकिल में इंग्लैंड की टीम अब तक 21 मैच खेल चुकी है और 11 मुकाबले जीत चुकी है, लेकिन टीम पांचवें नंबर पर है। इंडिया ने 16 में से 9 मैच जीते हैं और टीम तीसरे नंबर पर है। ऐसे में सवाल उठता है कि या तो आईसीसी को पॉइंट्स टेबल में बदलाव करने चाहिए, ताकि उन टीमों को नुकसान ना हो, जो ज्यादा मैच खेलती हैं। या फिर एक नियम बना देना चाहिए कि कम से कम तीन मैचों की टेस्ट सीरीज ही WTC में काउंट होगी। अगर कोई देश पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलता है तो उसके पहले तीन या आखिरी तीन मैच ही WTC साइकिल में काउंट होंगे। एक और बदलाव ये किया जा सकता है कि मौजूदा सिनेरियो के हिसाब से अगर कोई टीम तीन या इससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज को जीतती है तो उसे कुछ पॉइंट अतिरिक्त दिए जाएं। इस तरह जो पॉइंट्स टेबल तैयार होगी, वह सभी के लिए फेयर रहेगी, क्योंकि अगर किसी टीम ने दो मैचों की सीरीज 2-0 से जीत ली तो उसे 100 फीसदी पॉइंट मिलेंगे, लेकिन किसी ने पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीती तो उसके पॉइंट्स सिर्फ 20 फीसदी ही रहेंगे। ऐसे में टेस्ट सीरीज जीतने के मायने नहीं रहते। अगर सीरीज दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर भी रहती है तो भी 50 फीसदी पॉइंट टीमों को मिलते हैं। ऐसे में ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाली टीम तो फिर फाइनल खेलेंगी ही नहीं। ऐसा ही इस समय इंग्लैंड के साथ हो रहा है, जिसको लेकर उनकी टीम के कप्तान बेन स्टोक्स भी आवाज उठा चुके हैं।

रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन के टेस्ट करियर के लिए आखिरी हो सकती है बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी

नई दिल्ली टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। सीरीज के दो मुकाबले खेले जा चुके हैं और इस समय सीरीज 1-1 की बराबरी पर खड़ी है। ये सीरीज जितनी दोनों टीमों के लिए अहम है, उतनी ही अहम भारत के तीन सीनियर खिलाड़ियों के लिए है। ये कोई और नहीं, बल्कि कप्तान रोहित शर्मा, बल्लेबाज विराट कोहली और स्पिनर रविचंद्रन अश्विन हैं। अगर सीरीज के बाकी तीन मैच इन खिलाड़ियों के लिए और टीम इंडिया के लिए अच्छे नहीं रहते तो फिर इनका आगे खेलना कठिन होने वाला है। इसके पीछे कई कारण हैं। उनके बारे में जान लीजिए। इन खिलाड़ियों के करियर को सिर्फ एक ही चीज बचा सकती है और वह है कि आप सबसे पहले तो बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन करें और टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल का टिकट दिलाएं। यहां तक कि फाइनल भी इस बार जीतें। अगर ये खिलाड़ी ऐसा करने में असफल होते हैं तो फिर इनका इंग्लैंड के दौरे पर खेली जाने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम में चुना जाना संभव नहीं लगता। बीजीटी से पहले इस तरह की रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं कि सीनियर खिलाड़ियों को चयनकर्ताओं ने अल्टीमेटम दे दिया है। वे इस समय ऑस्ट्रेलिया में हैं। ऐसे में इन तीन खिलाड़ियों के लिए ये सीरीज आखिरी भी साबित हो सकती है। रोहित शर्मा के पास आखिरी मौका! रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट की पिछली 12 पारियों पर नजर डालें तो वे एक बार ही अर्धशतक के पार पहुंच हैं। कुल चार पर वे दहाई का आंकड़ा पार कर पाए हैं और 8 बार सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट हुए हैं। कप्तान के तौर पर पिछले 4 टेस्ट मैच वे हार गए हैं। ऐसे में अब उन पर एक बल्लेबाज और एक कप्तान के तौर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव है। अगर वे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बाकी तीन मैचों में बल्ले से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते और टीम को भी जीत नहीं मिलती तो फिर उनका अगली सीरीज में खेलना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। विराट कोहली पर भी नजरें भले ही पर्थ टेस्ट मैच में विराट कोहली ने शानदार शतक जड़ा, लेकिन इसके बाद एडिलेड में उनका बुरा हाल हुआ और पिछले करीब आधा दर्जन मैचों से वे फॉर्म में नहीं थे। ऐसे में आने वाले तीन मैच उनके करियर के सबसे अहम मैच हैं। अगर टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए क्वॉलिफाई नहीं कर पाती है तो विराट कोहली के करियर भी तलवार लटक सकती है। पर्थ के शतक को छोड़ दें तो पिछली 16 टेस्ट पारियों में विराट ने सिर्फ एक अर्धशतक जड़ा था। अगर यही हाल बाकी के तीन मैचों में रहता है तो फिर उनको भी ड्रॉप किया जा सकता है। अश्विन की फिरकी फीकी आर अश्विन भारत के सबसे सफल स्पिनरों में शामिल हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका करियर भी खत्म सा होता जा रहा है। वे प्रमुख स्पिनर के तौर पर खेल रहे हैं, लेकिन अब अंदर-बाहर भी हो रहे हैं। पिंक बॉल टेस्ट मैच में उनको मौका मिला, लेकिन वे बल्ले और गेंद से प्रभाव नहीं छोड़ पाए। बतौर बल्लेबाज पिछली 9 पारियों में अश्विन के 81 रन हैं, जबकि बतौर गेंदबाज वे 9 पारियों में 15 विकेट निकाल पाए हैं। अश्विन इस समय 38 साल के हैं और उनका ये आखिरी ऑस्ट्रेलिया दौरा है। अगर वे अगले तीन मैच खेलते भी हैं और अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते तो ये आखिरी सीरीज भी उनके करियर की हो सकती है।

एक्सपर्ट ने शुरू की जांच, राजस्थान-अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में सफाई के दौरान मिला ड्रोन

अजमेर. प्रदेश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार सुबह सफाई कार्य के दौरान एक छोटा ड्रोन मिलने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जेल प्रशासन ने तुरंत अपने सीनियर ऑफिसर को इसकी जानकारी दी। फिलहाल ड्रोन को सिविल लाइन थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। जेल प्रशासन द्वारा दी गई लिखित शिकायत के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने ड्रोन की एक्सपर्ट से जांच शुरू करवा दी है। जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार सुबह जेल परिसर के पिछले हिस्से में जहां किसी का भी मूवमेंट नहीं होता, वहां एक ड्रोन लावारिस अवस्था में पड़ा मिला था, जिसकी सूचना सफाई कर्मचारियों ने जेल प्रशासन को दी। इस पर प्रशासन ने इस संबंध में अपने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। उसके बाद अजमेर रेंज डीआईजी ओमप्रकाश के दिशा-निर्देश के बाद ड्रोन सिविल लाइन थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। अजमेर रेंज डीआईजी ओमप्रकाश मेघवाल खुद इसके पीछे के कारणों की जांच कर रहे हैं। कहीं ड्रोन के जरिये रेकी तो नहीं की जा रही थी? पुलिस के उच्च अधिकारी जांच कर रहे हैं कि ड्रोन के जरिये हाई सिक्योरिटी जेल की रेकी की जा रही थी या फिर ड्रोन के मार्फत जेल के अंदर कुछ संदिग्ध वस्तु पहुंचाई जा रही थी। इन सभी पहलूओं पर पुलिस प्रशासन जांच कर रहा है। ये भी माना जा रहा है कि आसपास में किसी शादी समारोह में ड्रोन से वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही हो और उसकी बैटरी खत्म होने के बाद वह जेल परिसर में गिर गया हो। पुलिस ने फिलहाल ड्रोन को जप्त कर उसकी कंपनी और ड्रोन में लगे मेमोरी कार्ड की एक्सपर्ट से जांच कराई जा रही है।

भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया गीता का ज्ञान आज भी अमृत रूप में प्रवाहित हो रहा है :हितानंद शर्मा

गीता जयंती (11 दिसंबर) पर विशेष भोपाल धर्म स्थापना के लिए मानव इतिहास में हुए सबसे भीषण महायुद्ध के बीच भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया गीता का ज्ञान आज भी अमृत रूप में प्रवाहित हो रहा है। श्रीमद्भगवत गीता केवल अर्जुन के लिए नहीं, सनातन समाज के लिए नहीं बल्कि विश्व मानवता के शुभ के लिए ईश्वरीय संदेश है। गीता के माध्यम से व्‍यक्‍त‍ि स्‍वयं को जान सकता है और ईश्वरीय सत्ता का अनुभव भी कर सकता है। गीता जयंती मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी तिथि को मनाई जाती है। यह वही दिन है जब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। गीता के ईश्वरीय संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य ‘गीता प्रेस गोरखपुर’ द्वारा पिछले 102 वर्षो से बिना रुके पूरे श्रद्धाभाव से किया जा रहा है। भारत के घर-घर में श्रीमद्भगवत गीता और रामायण की प्रति पहुंचाने का श्रेय गीता प्रेस को ही जाता है। गीता प्रेस अब तक श्रीमद्भगवत गीता की 16 करोड़ 21 लाख प्रतियां प्रकाशित कर श्रद्धालु पाठकों तक पहुंचा चुका है। अब तक  41 करोड़ 71 लाख पुस्तकें छापकर विश्व का सबसे बड़ा प्रकाशन संस्थान होने के बाद भी आश्चर्य की बात यह है कि गीता प्रेस न तो किसी से चंदा लेता है और न ही अपने प्रकाशनों में विज्ञापन ही स्वीकार करता है। जब वर्ष 2021 में गीता प्रेस को उसके उल्लेखनीय कार्यों के लिए भारत सरकार का गरिमामय ‘महात्मा गांधी शांति पुरस्कार’ प्रदान किया गया तो संस्थान ने पुरस्कार को पूरे सम्मान के साथ ग्रहण किया, पर इसके साथ प्रदान की जाने वाली एक करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि सरकार को वापस लौटा दी थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस संस्थान के दर्शन के लिए आए थे। लागत मूल्य से 50 से लेकर 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर बहुमूल्य  पुस्तकें पाठकों तक पहुंचाने वाला गीता प्रेस वास्तव में सामाजिक-धार्मिक जागरण का एक आंदोलन ही है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की पावन धरा उत्तरप्रदेश का प्रवास तो पूर्व में भी होता ही रहा है किन्तु इसी वर्ष संयोग से संगठन के कार्य से मुझे गोरक्ष प्रांत यानी गोरखपुर सहित आसपास के क्षेत्रों का प्रभार सौंपा गया। ऐसे में गोरखपुर में गोरक्ष पीठ सहित एक महत्वतपूर्ण तीर्थ गीता प्रेस के दर्शन का सौभाग्य भी मिला। प्रकाशन का केंद्रीय कार्यालय गोरखपुर में ही है। हिन्दू  धर्म, अध्यात्म, दर्शन सहित मानव कल्याण के अनेक विषयों पर पुस्तकें प्रकाशित कर चुका गीता प्रेस आधुनिक समय का तीर्थ ही है। राजा भागीरथ के महान तप से पुण्य प्रवाहिनी मां गंगा का धरती पर अवतरण संभव हो सका था। इक्ष्वाकु वंश के राजा भागीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए गंगा को धरती पर लाने का प्रण पूर्ण किया था। इसी प्रकार गीता प्रेस के संस्थापक, ब्रह्मलीन जयदयालजी गोयंदका के ऐसे ही महान तप का सुफल यह प्रकाशन है। वैसे तप तुलना का विषय नहीं है किन्तु  धर्म, संस्कृति, अध्यात्म, भक्ति एवं मानवता के उद्धार के लिए गोयंदका जी द्वारा स्थापित गीता प्रेस आज भी पुण्य प्रवाहमयी ज्ञान सरिता है। गीता प्रेस के आदि संपादक हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाईजी’ के उल्लेख के बिना गीता प्रेस की चर्चा पूर्ण नहीं होगी।  भाईजी वीर सावरकर के निकट के क्रांतिकारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। अपने मौसेरे भाई जयदयालजी के अगाध गीता प्रेम एवं ज्ञान को देखते हुए भाईजी ने श्रीमद्भगवत गीता को लागत मूल्य से भी कम में जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस संकल्प की पूर्ति के लिए अपने एक प्रकाशन की आवश्यकता थी जो गोरखपुर में प्रारंभ हुआ। प्रचार-प्रसार से दूर एक अकिंचन सेवक और निष्काम कर्मयोगी की तरह भाईजी ने सनातन संस्कृति की मान्यताओं को घर-घर तक पहुँचाने में जो अतुलनीय योगदान दिया है, इतिहास में इसका उदाहरण मिलना कठिन है।   गीता  प्रेस  का मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म के सिद्धांतों को गीता, रामायण, उपनिषद, पुराणों, प्रख्यात संतों के प्रवचन एवं चरित्र-निर्माण की अन्य पुस्तकें-पत्रिकाएं प्रकाशित कर इन्हें लागत मूल्य से भी कम कीमत में समाज में पहुंचाना है। गीता प्रेस मानव जीवन के उत्थायन और सभी की भलाई के लिए प्रयासरत है। इसका उद्देश्य शांति, आनंद और  मानव जाति के अंतिम उत्थान के लिए गीता में प्रतिपादित जीवन जीने की कला को बढ़ावा देना है। संस्थान का संचालन कोलकाता के गोविंद भवन द्वारा किया जाता है। इसका प्रबंधन एक गवर्निंग काउंसिल (ट्रस्ट बोर्ड) करती है। गीता प्रेस में दिन की शुरुआत सुबह की प्रार्थना से होती है। एक व्यक्ति दिनभर घूम-घूम कर प्रत्येक कार्यकर्ता को कई बार भगवान का नाम स्‍मरण कराता है। गीता प्रेस के अभिलेखागार में भगवद् गीता की 100 से अधिक व्याख्याओं सहित 3,500 से अधिक पांडुलिपियां रखी हैं। गीता प्रेस के मासिक पत्रिका ग्रंथ ‘कल्याण’ के नए संस्करण के साथ 3000 से अधिक ऑनलाइन संग्रह उपलब्ध हैं। 4 मई 1923 को गीता प्रेस की स्थापना की गई थी तब पुस्तकें छापने का काम बोस्टन कंपनी की प्रिंटिंग प्रेस से शुरू किया गया था। पैरों से चलाई जाने वाली यह मशीन 500 रुपए में अमेरिका से मंगवाई गई थी। अब संस्थान आधुनिक संसाधनों का सदुपयोग करता है इसीलिए मैनुअल और मशीन दोनों माध्यमो से प्रकाशन का काम होता है। गीता प्रेस इन अर्थों में भी विश्व का अनूठा प्रकाशन है क्योंकि यह अपनी पुस्तकों में मात्रात्मक, व्याकरणिक, शाब्दिक अथवा तथ्यात्मक त्रुटि बताने वाले को पुरस्कृत करता है हालाँकि पुस्तकों में ऐसी त्रुटियां मिलती नहीं हैं। बीते वर्षों में मीडिया में इस प्रकार के समाचार आए थे कि गीता प्रेस आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बंद होने की कगार पर है किन्तु संस्थान के भ्रमण में यह भी जानने मिला कि स्थिति ऐसी नहीं है। समाज के सहयोग से गीता प्रेस 300 करोड़ रुपए वार्षिक टर्न ओवर वाला समृद्ध संस्थान है और प्रति वर्ष 17 भाषाओं में पुस्तकें प्रकाशित कर रहा है। संस्थान ने अपनी पुस्तकें इंटरनेट पर ऑनलाइन भी उपलब्ध कराई हैं जहां से कोई भी इन्हें  डाउनलोड कर सकता है और यह पूरी तरह निशुल्क है। संस्थान का कार्यालय भी दर्शनीय है। इसके भव्य प्रवेश द्वार के स्तंभ एलोरा के प्राचीन गुफा-मंदिर के स्तंभों की शैली में निर्मित हैं। वहीं अर्जुन के रथ के सारथी बन श्रीकृष्ण गीता का उपदेश दे रहे हैं। प्रवेश द्वार का शिखर … Read more

ममेरे भाई की मौत और पांच घायल, राजस्थान-सिरोही में ट्राले की टक्कर से दूल्हे की कार नाले में गिरी

सिरोही. सिरोही-पाली फोरलेन पर पालड़ी एम थाना क्षेत्र में रिलायंस पेट्रोल पंप के समीप सोमवार सवेरे करीब सवा छह बजे हुए एक सड़क हादसे में 8 साल के एक बच्चे की मौत हो गई। वहीं, पांच अन्य घायल हो गए। कार में सवार लोग आबूरोड से बारात लेकर रानी के लिए रवाना हुए थे। सिरोही जिले के पालड़ी एम थाना क्षेत्र से गुजरते समय पीछे चल रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने कार को टक्कर मार दी। इससे कार अनियंत्रित होकर 15 फीट गहरे नाले में गिर गई। घटना के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। उधर, सड़क हादसे की सूचना मिलने पर पालडीएम पुलिस मौके पर पहुंची तथा स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को सिरोही के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। यहां पर गंभीर रूप से घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद रेफर कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार में सवार लोग सवेरे करीब पांच बजे आबूरोड के आकराभट्टा से बारात लेकर रानी के लिए रवाना हुए थे। सवेरे करीब सवा छह बजे पालड़ी एम थाना क्षेत्र में रिलायंस पेट्रोल पंप से थोड़ा सा आगे ही निकले थे कि पीछे चल रहे एक तेज रफ़्तार ट्रेलर ने कार को टक्कर मार दी। इसके बाद कार अनियंत्रित हो गई तथा रोड से सटे 15 फीट गहरे नाले में गिर गई। दुर्घटना के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। उधर कार के नाले में गिरने के बाद वह क्षतिग्रस्त हो गई तथा उसके फाटक जाम हो गए। दुर्घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे तथा पालडीएम पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मियों एवं ग्रामीणों ने खासी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकालकर ट्रॉमा सेंटर सिरोही पहुंचाया। जहां उनका तत्काल इलाज शुरू किया गया। इस दुर्घटना की सूचना मिलते ही अन्य बाराती भी यहां पहुंच गए। दूल्हे के साथ आधा दर्जन बारातियों को रानी भेजा गया है। जबकि, बस में सवार अन्य बाराती वापस अपने घर लौट गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार ट्रेलर चालक की तलाश शुरू कर दी है। दुर्घटना में दूल्हे के ममेरे भाई की मौत, दूल्हे सहित ये 5 लोग हुए घायल दुर्घटना में कार में सवार आकराभट्टा, पीएस आबूरोड सदर निवासी आकाश बंजारा, मुकेश बंजारा, आंचल, वर्षा, सचिन और चेतन घायल हो गए। इसमें प्राथमिक इलाज के बाद आकाश को छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मुकेश, सचिन एवं चेतन को अग्रिम इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। इस दुर्घटना में दूल्हे आकाश के ममेरे भाई अनंत (10) पुत्र मुकेश बंजारा की मौत हो गई।

प्रदेश में घने कोहरे के साथ पड़ेगी कड़ाके की ठंड, बुलंदशहर में सबसे कम 8℃ तापमान

प्रयागराज उत्तर प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है. लगातार मौसम के यूटर्न से तापमान में भी गिरावट हो रही है. हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम साफ रह सकता है, लेकिन देर रात और सुबह भोर में घना कोहरा छाने की संभावना जताई गई है. आईएमडी से मिली जानकारी के अनुसार,10 दिसंबर यानी मंगलवार को पश्चिमी और पूर्वी यूपी में मौसम साफ रहने की संभावना है. इस दौरान दोनों हिस्सों में देर रात और सुबह के समय कहीं-कहीं पर घना कोहरा होने की चेतावनी जारी की गई है. मंगलवार को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, वाराणसी, मऊ, देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर और आजमगढ़ में फॉग होने की संभावना है. जौनपुर, प्रयागराज, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, संतकबीर नगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, अयोध्या और अमेठी में भी कोहरा का अलर्ट है. 11 दिसंबर से शीतलहर की चेतावनी इसके अलावा बलरामपुर, गोंडा, बाराबंकी, श्रावस्ती, बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बरेली, बदायूं, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में कोहरा छाने के आसार जताए गए हैं. 11 दिसंबर को भी मौसम साफ रहने के साथ ही कहीं-कहीं पर घना कोहरा छाने के आसार जताए गए हैं. वहीं बुधवार को पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं पर शीतलहर चलने की संभावना है . बुलंदशहर में सबसे कम 8℃ तापमान जबकि, प्रदेश के तापमान में लगातार गिरावट और बढ़ोतरी जारी है. बुलंदशहर में सबसे कम 8℃ न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है. साथ ही मेरठ में 8.1℃, नजीबाबाद और अयोध्या में 8.5℃, बहराइच में 9℃ और मुजफ्फरनगर में 9.9℃ न्यूनतम तापमान रिकार्ड किया गया है. घने कोहरे के साथ पड़ेगी कड़ाके की ठंड लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को यूपी के 40 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा दिखाई देगा. इसके साथ ही अनुमान है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी भी आ सकती है. वहीं दिन के समय में अभी भी धूप निकलने से ज्यादा ठंड नहीं हो रही है, लेकिन न्यूनतम तापमान गिरने से रात में कड़ाके की ठंड पड़नी शुरू हो गई है. आने वाले दिनों में प्रदेश में शरीर कांपने वाली ठंड पड़नी शुरू हो सकती है. उन्होंने बताया कि आने वाले दो दिनों तक यूपी कोहरे के आगोश में होगा. इसके अलावा दो से तीन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है.

एसीबी ने किया कोच जोनाथन ट्रॉट के कार्यकाल का विस्तार

काबुल अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने राष्ट्रीय टीम के कोच जोनाथन ट्रॉट का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। एसीबी ने 2024 में टीम की सफलता को देखते हुए ट्रॉट का कार्यकाल विस्तार किया है। इस विस्तार के चलते ट्रॉट 2025 के अंत तक अफगानिस्तान टीम के के मुख्य कोच बने रहेंगे। हालांकि ट्रॉट निजी कारणों से आगामी जिम्बाब्वे के दौरे में केवल एकदिवसीय प्रारूप के लिए ही उपलब्ध रह पाएंगे। उनकी अनुपस्थिति में हामिद हसन मुख्य कोच और नवरोज मंगल सहायक कोच की भूमिका में दिखेंगे। ट्रॉट का कार्यकाल जुलाई 2022 में अफगानिस्तान के कोच के रूप में शुरु हुआ था और जनवरी 2024 में उनका 18 महीने का अनुबंध बढ़ाया गया था। ट्रॉट की नियुक्ति के बाद अफगानिस्तान ने 34 में से 14 एकदिवसीय और 44 टी-20 में से 20 में उन्हें जीत मिली है। ट्रॉट अफगानिस्तान के कोच बनने से पहले 2021 में टी-20 विश्व कप में स्कॉटलैंड के सलाहकार थे। इस वर्ष अफगानिस्तान ने ग्रुप और सुपर 8 स्टेज में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया को मात देते हुए टी-20 विश्वकप के सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने शारजाह में दक्षिण अफ्रीका और बंगलादेश दोनों को ही एकदिवसीय सीरीज में भी हराया है। पिछले वर्ष अफगानिस्तान ने एकदिवसीय विश्वकप में पाकिस्तान, इंग्लैंड और श्रीलंका जैसी टीमों को शिकस्त दी थी। अफगानिस्तान अगले वर्ष होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी में पहली बार हिस्सा लेगा। विश्व कप की अंक तालिका में शीर्ष आठ में रहने के कारण उन्हें इस टूर्नामेंट में प्रवेश मिला।  

अगले तीन दिन एक दर्जन जिलों में चलेगी शीतलहर, राजस्थान-बर्फीली हवाओं से तापमान लुढ़का

जयपुर. उत्तर से चल रही बर्फीली हवालों के प्रभाव से राजस्थान में अचानक बहुत तेज ठंड पड़नी शुरू हो गई है। रात के साथ दिन के तापमान में भी तेज गिरावट आई है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार प्रदेश में 12 दिसंबर तक शीतलहर चलेगी। इसमें आज मंगलवार को इन 12 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, जिनमें गंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर, चूरू, झुंझुनू, अलवर, करौली, बारां, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, जालौर और जैसलमेर शामिल हैं। सर्द हवा के कारण शहरों में सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 5 डिग्री से भी नीचे गिर गया। हिल स्टेशन माउंट आबू में न्यूनतम पारा 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बादलों के प्रभाव के चलते दिन में भी ठिठुरन महसूस की जा रही है। इसके चलते प्रदेश के कई शहरों में दिन के अधिकतम तापमान में भी 5 से 7 डिग्री तक की गिरावट आई है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान सीकर में सबसे ठंडा दिन रहा, जहां अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हनुमानगढ़, फतेहपुर में भी दिन का अधिकतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। सबसे ज्यादा तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज हुआ। जयपुर में कल देर रात तेज सर्द हवा चलने से जबरदस्त सर्दी रही। यहां दिन का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों-बुजुर्गों के साथ सांस और दिल की बीमारी से जुड़े मरीजों को सतर्क रहने के लिए कहा है। इन लोगों को सुबह और शाम को सूरज ढलने के बाद घरों से बाहर न निकलने के लिए कहा गया है। साथ ही सुबह-शाम हल्के गुनगुने पानी का सेवन करने की सलाह दी है, ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रह सके।

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