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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय दल के अभूतपूर्व प्रदर्शन पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुआलालम्पुर में 10 वें एशिया-पैसिफिक डेफ गेम्स 2024 में भारतीय दल के अभूतपूर्व प्रदर्शन और 55 पदक प्राप्त करने के लिए टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। यह स्पर्धा 1 से 8 दिसम्बर की अवधि में संपन्न हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने कुल 55 पदक हासिल किए हैं, जो एशिया पैसिफिक डेफ गेम्स में सर्व श्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय दल की सफलता का क्रम अविराम जारी रखने की कामना की है।  

अब मध्य क्षेत्र विदयुत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को ऑनलाइन नो ड्यूज प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना शुरू

भोपाल ग्राम पंचायत, जिला पंचायत या फिर नगर पालिका, नगर निगम के चुनाव हों या विभिन्‍न सहकारी संस्‍थाओं की सोसायटी के चुनाव हों, प्रत्‍याशियों को बिजली कंपनी से “नो ड्यूज” लेना आवश्‍यक है। लेकिन इसके लिए अब उन्‍हें बिजली कंपनी के दफ्तर में जाने की आवश्‍यकता नहीं है। अब मध्य क्षेत्र विदयुत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को ऑनलाइन “नो ड्यूज” प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना शुरू कर दिया गया है। इसके लिए उपभोक्‍ताओं को अपनी बिजली कनेक्‍शन की संपूर्ण बकाया राशि जमा करके ई-केवायसी की प्रक्रिया को कंपलीट करना होगा। गौरतलब है कि कंपनी उपभोक्ताओं को नित नवीन सेवाएं देने के लिये प्रयासरत है। इसी कड़ी में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये ऑनलाइन नो ड्यूज प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन की सुविधा प्रारंभ की गई है। इसके लिए कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर जाकर Consumer login सेक्शन में मोबाइल नंबर एवं ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर उपभोक्ता “नो ड्यूज” प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिये आवेदन कर सकते हैं। उपभोक्ता द्वारा उसके मोबाइल नंबर से लिंक समस्त कनेक्शनों का ई-केवायसी पूर्ण होने एवं मीटर की कार्य प्रणाली सही पाए जाने पर एवं किसी भी प्रकार का कोई बकाया नहीं होने पर प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सकता है। इस प्रक्रिया के दौरान उपभोक्ता के मोबाइल नंबर से लिंक अवांक्षित कनेक्शन को हटाया जा सकता है तथा संबंधित कनेक्शन को जोड़ा जा सकता है। कंपनी ने कहा है कि नो ड्यूज प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए पोर्टल पर उपलब्ध विकल्प का चयन कर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके पश्चात कंपनी अधिकारियों द्वारा कार्यवाही पूर्ण होने पर प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकेगा। उपभोक्ता द्वारा दी गई जानकारी का सत्यापन करने पश्चात आवेदन निरस्त या अग्रेषित किया जाएगा। अग्रेषित लंबित आवेदन पर संबंधित उप महाप्रबंधक (शहर / संचा. संधा.) संभाग द्वारा जानकारी का सत्यापन करने पश्चात प्राप्त ओटीपी के माध्यम से आवेदन निरस्त या स्वीकृत किया जा सकता है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद सिस्टम पर प्रमाण-पत्र अपलोड होने के पश्चात उपभोक्ता को एक एसएमएस के माध्यम से प्रमाण पत्र डाउनलोड करने की जानकारी दी जाएगी।  

तमिल कवि और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रह्मण्य भारती की 143वीं जयंती पर उनकी रचनाओं का संग्रह जारी किया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिल कवि और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रह्मण्य भारती की 143वीं जयंती पर उनकी संपूर्ण रचनाओं का संग्रह जारी किया। इस संग्रह का शीर्षक ‘कालवरिसैयिल् भरतियार् पडैप्पुगळ्’ है और यह कालानुक्रमिक क्रम में 21 खंडों में महाकवि भरतियार की संपूर्ण संग्रहित रचनाएं हैं। इसे सीनी विश्वनाथन ने संकलित किया है। दिल्ली में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कवि सुब्रह्मण्य भारती को मां भारती की सेवा के लिए समर्पित एक गहन विचारक के रूप में याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश के भविष्य के लिए उनके दूरदर्शी विचारों की सराहना की। साथ ही युवा और महिला सशक्तिकरण, विज्ञान एवं नवाचार में विश्वास और संचार के माध्यम से राष्ट्र के एकीकरण पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा, “…मैं इस महान कवि को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनकी विरासत को अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आज का दिन भारत की सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक विरासत और उसके स्वतंत्रता संग्राम की यादों के साथ-साथ तमिलनाडु के गौरव का भी महत्वपूर्ण अवसर है। महाकवि सुब्रह्मण्य भारती की रचनाओं का प्रकाशन उनके प्रति एक उल्लेखनीय श्रद्धांजलि है।” उन्होंने कहा कि महाकवि सुब्रह्मण्य भारती के कार्यों का, उनकी रचनाओं का प्रकाशन एक बहुत बड़ा सेवायज्ञ और बहुत बड़ी साधना है। और आज उसकी पूर्णाहुति हो रही है। हमारे देश में शब्दों को केवल अभिव्यक्ति ही नहीं माना गया है। हम उस संस्कृति का हिस्सा हैं, जो “शब्द ब्रह्म” की बात करती है, शब्द के असीम सामर्थ्य की बात करती है। हमारे ऋषि-मुनियों की वाणी सिर्फ उनके विचार नहीं बल्कि उनके चिंतन, अनुभव और साधना का निचोड़ हैं। सुब्रह्मण्य भारती जैसा व्यक्तित्व सदियों में कभी एक बार मिलता है। उनका चिंतन, मेधा और बहु-आयामी व्यक्तित्व हर किसी को हैरान करता है। पीएम मोदी ने कहा, “वह एक ऐसे व्यक्ति थे जो समझते थे कि भविष्य में क्या छिपा है। उस समय भी जब समाज कई समस्याओं का सामना कर रहा था, उन्होंने युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण की वकालत की। उन्हें विज्ञान और नवाचार में भी विश्वास था। उन्होंने कहा था कि ऐसा कोई उपकरण होना चाहिए जिससे हम कांची में बैठकर काशी में क्या हो रहा है, यह देख सकें और हम आज इसे जी रहे हैं।” उन्होंने कहा कि सुब्रह्मण्य भारती ऐसे महान मनीषी थे, जो देश की आवश्यकताओं को देखते हुए काम करते थे। उनका विजन बहुत व्यापक था। उन्होंने हर उस दिशा में काम किया, जिसकी जरूरत उस कालखंड में देश को थी। भरतियार केवल तमिलनाडु और तमिल भाषा की ही धरोहर नहीं हैं, वो एक ऐसे विचारक थे जिनकी हर सांस मां भारती की सेवा के लिए समर्पित थी।

नाना पटोले ने कहा- मतपत्रों द्वारा वोट देने के लिए भारत जोड़ो यात्रा जैसा आंदोलन चलाया जाएगा

मार्कडवाडी महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस ने समिति अध्यक्ष नाना पटोले कहा कि लोकतंत्र में वोट देने के अधिकार की रक्षा करने और मतपत्र के माध्यम से चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही भारत जोड़ो यात्रा जैसा एक बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा, जो मार्कडवाडी से ही शुरू होगा। मार्कडवाडी के ग्रामीणों के साथ बातचीत करते हुए पटोले ने मंगलवार को कहा कि पड़ोसी देशों में लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है और भारत में लोकतांत्रिक प्रणालियों को कमजोर करने के प्रयास शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता को राजा माना जाता है, लेकिन अब इसी ‘राजा’ के वोट पर डाका डाला जा रहा है। लोग ईवीएम मशीनों पर संदेह करते हैं, यही कारण है कि मार्कडवाडी के निवासियों ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मतपत्र के माध्यम से मतदान कराने की मांग कर देश को रास्ता दिखाया है। उनके साथ पूर्व विधायक रामहरि रूपनवार, पूर्व विधायक एवं राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल, प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे सहित कई ग्रामीण मौजूद थे। पटोले ने कहा कि विधानसभा चुनाव के आश्चर्यजनक परिणामों ने चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिये हैं। मतदान के दिन शाम पांच बजे चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 58.33 प्रतिशत मतदान हुआ। हालांकि, रात 11-30 बजे तक यह आंकड़ा बढ़कर 65.2 प्रतिशत हो गया। उसी रात और अगले दि, 21 नवंबर को दोपहर तीन बजे तक यह बढ़कर 66.05 प्रतिशत हो गया। पटोले ने सवाल किया कि अतिरिक्त 76 लाख वोट कैसे दर्ज किए गए और किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में शाम पांच बजे के बाद लंबी कतारों के वीडियो साक्ष्य की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग को इस संदर्भ में लिखा है लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई में कांग्रेस मर्कडवाडी के ग्रामीणों के साथ दृढ़ता से खड़ी है और पूरे राज्य के गांव अब ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर मतपत्र के माध्यम से मतदान की मांग कर रहे हैं। पटोले ने कहा कि मर्कडवाडी से शुरू हुआ आंदोलन पूरे राज्य में फैल रहा है। उन्होंने कहा कि सांगली जिले के कोलेवाड़ी और रायगढ़ जिले के मानगांव जैसे गांवों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जिससे यह लड़ाई स्थानीय से राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन गई है। पटोले ने उल्लेख किया कि मार्कडवाडी में सभी घटनाक्रमों के बारे में विपक्षी नेता राहुल गांधी को सूचित किया गया है और भारत जोड़ो यात्रा की तरह बड़े पैमाने पर रैली की योजना पर काम चल रहा है।  

आयुष्मान भारत योजना के तहत गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का अभियान निरंतर जारी

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों और आयुष्मान भारत योजना के तहत गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का अभियान निरंतर जारी है। मंगलवार को छतरपुर निवासी श्रीमती राजकुमारी गुप्ता (52 वर्ष) को पीएमश्री एयर एम्बुलेंस के माध्यम से समय पर हायर सेंटर रेफर कर उनकी जान बचाई गई। आयुष्मान योजना हितग्राही श्रीमती गुप्ता को उपचार और एयर एम्बुलेंस की सुविधा निःशुल्क प्राप्त हुईं। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश के हर नागरिक को समय पर और उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हों। यह सेवा उस संकल्प को साकार करती है, जिसमें जरूरतमंदों को हरसंभव मदद प्रदान कर उन्हें स्वस्थ जीवन का अधिकार दिलाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि श्रीमती राजकुमारी गुप्ता को पेट दर्द और रक्तचाप कम होने की शिकायत पर 10 दिसंबर को जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती कराया गया था। जाँच के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि उनके बाएं गुर्दे में एक बड़ी चोट और आंतरिक रक्तस्राव हो रहा है। जिला अस्पताल के सर्जन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल भोपाल रेफर करने का निर्णय लिया। आयुष्मान कार्ड धारक होने के कारण मरीज को चिरायु मेडिकल कॉलेज, भोपाल में निःशुल्क उपचार के लिए रेफर किया गया। मरीज को जिला अस्पताल की टीम के सहयोग से खजुराहो एयरपोर्ट तक एम्बुलेंस से पहुँचाया गया और वहां से एयर एम्बुलेंस के जरिये भोपाल भेजा गया। चिरायु मेडिकल कॉलेज में पहुंचने पर मरीज का ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और डीएसए (डिजिटल सब्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी) जैसी एडवांस जांचें की गईं। जांच में पाया गया कि मरीज के बाएं गुर्दे में 11×7 सेमी का बड़ा और फटा हुआ एंजियोमायोलिपोमा (रक्त वाहिकाओं और वसा का ट्यूमर) है, जिससे लगातार रक्तस्राव हो रहा था। 3 घंटे के भीतर की गई जटिल सर्जरी मरीज की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों की टीम ने तत्काल एम्बोलाइजेशन और रक्तस्राव रोकने के लिए कॉइलिंग प्रक्रिया करने का निर्णय लिया। यह जटिल प्रक्रिया इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अदनान खान और उनकी टीम ने सफलता पूर्वक 3 घंटे के भीतर पूरी की। इस जीवनरक्षक प्रक्रिया के कारण मरीज की जान बचाई जा सकी। आयुष्मान योजना में शामिल नई चिकित्सकीय प्रक्रियाओं यह प्रक्रिया हाल ही में शामिल की गयी है। योजनान्तर्गत पहले कुल 1670 प्रकार के उपचार उपलब्ध थे इसका विस्तार करते हुए नया हेल्थ बेनिफिट पैकेज HBP-2022 लागू किया गया है, जिसमें 282 प्रकार के नए उपचार शामिल किये गए है। अब 1952 प्रकार के उपचार आयुष्मान योजनान्तर्गत उपलब्ध हैं। नए पैकेज में गंभीर बिमारियों जैसे की अंग प्रत्यारोपण, बोनमैरो ट्रांसप्लांट एवं कैंसर की जांच एवं उपचार हेतु हाई एंड इन्वेस्टीगेशन सहित कई अत्याधुनिक चिकित्सकीय सेवाओं को शामिल किया गया है।  

गीता के सामूहिक स्वर पाठ से प्रदेश का नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज, सीएम ने दी बधाई

भोपाल श्रीमद्भगवद्गीता के सामूहिक स्वर पाठ से हृदय प्रदेश के आसमान को गुंजायमान करने और विश्वपटल पर हमारी प्राचीन संस्कृति एवं सनातन धर्म का गौरवगान कराने की अभिलाषा आज साकार हो गई। भोपाल और उज्जैन की धरा पर हजारों आचार्यों द्वारा गीता के सामूहिक स्वर पाठ से प्रदेश का नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज हो गया है। भोपाल में आयोजित ‘जनकल्याण पर्व, मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान एवं अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव’ कार्यक्रम में सहभागिता कर प्रदेश की 1.28 करोड़ लाड़ली बहनों को 1572 करोड़ रुपये एवं 55 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को 334 करोड़ रुपये से अधिक राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण किया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस अप्रतिम उपलब्धि पर समस्त धर्मप्रेमियों एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, कैबिनेट मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, कृष्णा गौर, भोपाल महापौर मालती राय सहित अन्य गणमान्य साथी उपस्थित रहे। भक्तिमय गीतों की प्रस्तुति राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान श्रीमदभगवद पुराण और गौ एवं गोपाल चित्र प्रदर्शनी का संयोजन किया गया है। साथ ही साधो बैंड मुंबई द्वारा भक्तिमय गीतों की सुरमई प्रस्तुति दी गई। मध्य प्रदेश में आ रहे पर्यटकों और आगंतुकों को गीता की महिमा से अवगत कराने के लिए प्रदेश के होटलों में श्रीमद् भगवद्गीता, वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस की एक-एक प्रति रखने की पहल भी की जा रही है। लाल परेड मैदान की ओर कई मार्ग परिवर्तित लाल परेड मैदान में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान सुबह आठ बजे से कार्यक्रम स्थल के आसपास के कुछ मार्ग परिवर्तित किए गए। कार्यक्रम के दौरान रोशनपुरा चौराहा से गांधी पार्क, लालपरेड मैदान की ओर, डीबी सिटी तिराहे से जेल रोड, लिली चौराहे से जहांगीराबाद पर यातायात का काफी दबाव रहेगा। इसलिए टीटीनगर न्यू मार्केट से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड की ओर जाने वाली मिनी बसें एवं बड़ी बसें लिंक रोड नंबर-एक से होते हुए बोर्ड ऑफिस चौराहा, सुभाष नगर आरओबी, बोगदापुल से होकर भारत टॉकीज होते हुए अपने गंतव्य स्थान तक जा सकेंगी। रेलवे स्टेशन से आने वाली बसें होंगी डायवर्ट वहीं बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन से टीटी नगर की ओर आने वाली मिनी बसें एवं बड़ी बसें भारत टॉकीज से होते हुए पुल बोगदा, सुभाष नगर आरओबी, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-एक, ईओडब्ल्यू आफिस के सामने, बीएसएनएल तिराहा, प्रेस कांप्लेक्स, बोर्ड ऑफिस चौराहे से होते हुए अपने गंतव्य स्थान तक जा सकेंगी। इसी तरह लोक परिवहन एवं अनुमति प्राप्त सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश लाल परेड की ओर आने वाले मार्गों डीबी सिटी तिराहे से जेल मुख्यालय रोटरी की ओर, लिली चौराहे से पुलिस मुख्यालय की ओर, रोशनपुरा से गांधी पार्क तिराहे की ओर पूर्णतः प्रतिबंधित है।

वित्तमंत्री ओपी चौधरी बोले – पिछली सरकार ने छत्तीसगढ़ को किया कंगाल, हर जगह था माफिया राज

रायपुर  छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को 2023 विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने का जनादेश दिया. साय सरकार ने एक साल के कार्यकाल में अधिकतर वादे पूरे किए. किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले लिए. कांग्रेस ने साय सरकार के एक साल के कार्यकाल पर कई सवाल उठाए हैं. जिस पर वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने पलटवार किया है. मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, सवालों में कांग्रेस का माफिया राज ही नजर आयेगा. 100 नहीं बल्कि 800 सवाल करें, उनका माफियाराज ही सामने आयेगा. वित्तीय भार को लेकर पिछली सरकार पर साधा निशाना वित्तीय भार को विभाग ने मैनेज करने की रणनीति पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पिछली सरकार पर निशाना साधा है. मंत्री चौधरी ने कहा, पिछली सरकार ने छत्तीसगढ़ को कंगाल कर दिया था. हर जगह को माफिया राज बना दिया था. पुराने स्कीम, वेतन और सैलरी के वित्तीय बर्डन के साथ सरकार की कई योजनाएं भी चल रही थी. निश्चित रूप से इसका प्रभाव पड़ा है, लेकिन कांग्रेस के लोग कर्जा लेकर अपना जेब भरने का काम करते थे. RBI से उधार लेकर साय सरकार छत्तीसगढ़ की जनता के लिए बेहतर उपयोग करेगी. जनता को बताई जाएगी सरकार की एक साल की उपलब्धियां मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में एक साल का कार्यकाल पूरा हुआ है. राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री का दौरा होने वाला है, इसपर चर्चा होगी. इस एक साल में सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा जाएगा. यह सभी मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में यह सब हो पाया है. वहीं विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार के 1 साल पूरे हो रहे है. इन सभी में इतने सारे उपलब्धि है. जहां भी जरूरत पड़ेगी हम सदन के समक्ष रखेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी और प्रणब दा के संबंध नए नहीं बल्कि बहुत पुराने थे: शर्मिष्ठा मुखर्जी

नई दिल्ली शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने पिता और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जयंती पर कुछ किस्से साझा किए। ये भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और प्रणब दा के संबंध नए नहीं बल्कि बहुत पुराने थे। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने बताया कि मेरे पिता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच संबंध राजनीतिक सीमाओं से परे था। ऐसा आमतौर पर देखने को नहीं मिलता है। वे बताती हैं, “यह बात बिल्कुल सार्वजनिक था कि मोदी जी, प्रधानमंत्री के रूप में, और प्रणब मुखर्जी, राष्ट्रपति के रूप में, किस तरह से एक टीम की तरह काम करते थे। दोनों ने एकदम लोकतांत्रिक ढंग से काम किया। यह हैरान करने वाली बात थी, क्योंकि दोनों की राजनीतिक और वैचारिक पृष्ठभूमि बिल्कुल अलग थी। मुझे बाबा की डायरी पढ़ने के बाद और मोदी जी से कुछ दिलचस्प बातें जानने के बाद ये सारी बातें समझ में आईं।” वे आगे बताती हैं, “एक बार जब मोदी जी प्रधानमंत्री बनने के बाद बाबा से मिलने गए, तो उन्होंने बाबा के पैर छुए और कहा, “दादा, आप मुझे मेरे छोटे भाई की तरह मार्गदर्शन दीजिए।” बाबा ने उन्हें पूरी मदद का आश्वासन दिया। मोदी जी ने मुझे बताया कि उनका संबंध बाबा से बहुत पुराना है, और ये सिर्फ गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद का नहीं था। वह पहले भी, जब आरएसएस के साधारण कार्यकर्ता थे, बाबा से मिलने आते थे। दिल्ली में नॉर्थ एवेन्यू और साउथ एवेन्यू में उनकी मुलाकातें होती थीं।” वे बताती हैं, “मोदी जी ने मुझे बताया कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो एक बार बाबा ने डायरी में लिखा था कि मोदी जी कांग्रेस सरकार के आलोचक हैं, लेकिन जब भी वह निजी तौर पर बाबा से मिलते, तो हमेशा उनके पैर छूते थे। बाबा ने यह भी लिखा था कि मोदी जी की इज्जत उन्हें बहुत अजीब तरह से महसूस होती थी, हालांकि वह खुद नहीं जानते थे। इसका कारण क्या था।” वे आगे बताती हैं, “एक और दिलचस्प बात यह है कि जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने बाबा से मिलने के बाद कहा कि उन्हें अपनी विदेश नीति को समझने में मदद मिली थी। बाबा ने कहा था कि मोदी जी को विदेशी मामलों में गहरी समझ है, और वह जल्दी ही विदेश नीति के जटिल पहलुओं को समझने में सक्षम हो गए थे।” वे बताती हैं, “मोदी जी की कार्यशैली के बारे में बाबा ने लिखा था कि वह बहुत ही पेशेवर और फोकस्ड हैं। बाबा ने यह भी कहा था कि मोदी जी ने राज्य राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई, और यही कारण था कि उन्हें विदेश नीति और अन्य मामलों में त्वरित समझ मिली।” वे बताती है, “एक और दिलचस्प घटना यह थी कि जब बाबा थोड़े समय के लिए राष्ट्रपति पद से रिटायर हुए, और मोदी जी ने उन्हें फोन किया।” वे बताती हैं, “जब बाबा को भारत रत्न मिला, तो मुझे एक पत्रकार से पता चला। मोदी जी ने इसे एक गुप्त सूचना की तरह रखा था। मुझे बाद में पता चला कि प्रधानमंत्री ने बाबा को पहले फोन किया था। लेकिन, यह तब तक सार्वजनिक नहीं किया गया, जब तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई।” शर्मिष्ठा ने आगे कहा, “इससे मुझे यह समझ में आया कि मोदी सरकार ने वास्तव में एक अच्छे और सच्चे तरीके से काम किया है, और प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा के प्रति अपना सम्मान और स्नेह हमेशा दिखाया।”  

योगेश टिलेकर के मामा सतीश वाघ की अपहरण के बाद हत्या मामले में पुलिस ने अब कुल चार लोगों को हिरासत में लिया

पुणे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक योगेश टिलेकर के मामा सतीश वाघ की अपहरण के बाद हत्या मामले में पुणे पुलिस ने दो और लोगों को हिरासत में लिया है। इस मामले में पुलिस ने अब कुल चार लोगों को हिरासत में लिया है। एक अन्य की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस लगातार चारों लोगों से पूछताछ कर रही है। हालांकि, अभी तक हत्या और अपहरण की गुत्थी नहीं सुलझ पाई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीते सोमवार को योगेश टिलेकर हडपसर इलाके में मॉर्निंग वॉक के लिए निकलते थे। इस दौरान चार से पांच लोगों ने उन्हें अगवा कर लिया था। देर शाम उनका शव पुणे के यवत गांव में मिला था। क्राइम ब्रांच और पुणे पुलिस की आठ टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। पुलिस हत्या के पीछे की वजह की जांच कर रही है। पुलिस इलाके में सभी सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। पुलिस टिलेकर के रिश्तेदार और दोस्तों से भी लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस ने संभावना जताई थी कि योगेश वाघ के शरीर पर कई वार और सिर पर लकड़ी से वार कर उसकी हत्या की गई है। पुणे पुलिस ने शुरुआती जानकारी दी कि 9 दिसंबर की सुबह सतीश वाघ का अपहरण कर लिया गया और कुछ देर बाद ही उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस का अनुमान है कि अपहरण के कुछ ही घंटों के भीतर सतीश वाघ की हत्या कर दी गई। डॉग स्कड और फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल पर कई सबूत मिले हैं। इसमें खून से सनी एक लकड़ी की छड़ी भी शामिल है। इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने अब तक चार लोगों को हिरासत में लिया है। पुणे पुलिस की 16 टीमें आरोपियों की तलाश में हैं। जानकारी सामने आई है कि पुणे पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत श्री सियाराम बाबा जी के अवसान पर किया शोक व्यक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त, निमाड़ के दिव्य संत पूज्य श्री सियाराम बाबा जी के अवसान पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि यह संत समाज सहित सम्पूर्ण प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। धर्म साधना और मां नर्मदा की सेवा में समर्पित पूज्य सियाराम बाबा ने असंख्य श्रद्धालुओं के जीवन को दिशा प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा उनके असंख्य अनुयायियों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।  

राइजिंग राजस्थान में अधिकारियों के साथ की संभावनाओं पर चर्चा, राजस्थान-सऊदी अरब ने खनन और पेट्रोलियम सेक्टर में दिखाई रुचि

जयपुर। सऊदी अरब के उप मंत्री शेख अब्दुल मजीद फलाह के नेतृत्व में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इंवेस्टमेंट समिट में हिस्सा ले रहे प्रतिनिधिमण्डल ने राज्य में खनिज और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में निवेश में रुचि दिखाई है। प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकान्त ने बताया कि  माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सउदी अरब के उप मंत्री शेख श्री अटुल मजीद फलाह और शेख श्री अब्दुला के साथ राज्य में इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। टी. रविकान्त ने बताया कि अतिरिक्त निदेशक माइंस श्री बीएस सोढ़ा ने सउदी अरब दल के सदस्यों को विस्तार से प्रदेश में उपलब्ध मिनरल्स, एक्सप्लोरेशन और निकट भविष्य में होने वाले मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान में डेकोरेटिव स्टोन्स के साथ ही क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक मिनरल्स के भण्डार हैं और चरणबद्ध तरीके से इनके ब्लॉक्स तैयार कर नीलाम किए जा रहे हैं। अतिरिक्त निदेशक पेट्रोलियम श्री अजय शर्मा ने राजस्थान रिफाइनरी और उसके आसपास के क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल जोन विकसित होने की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में उपलब्ध क्रूड ऑयल और गैस के भण्डारों की खोज और दोहन के संबंध में अवगत करवाया। सऊदी अरब के उप मंत्री शेख श्री अब्दुल मजीद फलाह और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शेख श्री अब्दुला ने खनिज के साथ ही रिफाइनरी के आस पास के क्षेत्र में विकसित हो रहे पेट्रोकेमिमल जोन में औद्योगिक निवेश में रुचि दिखाई है। गौरतलब है कि शासन सचिव वित्त व्यय श्री नवीन जैन सउदी अरब से निवेश के संबंध में राज्य सरकार के प्रभारी अधिकारी हैं और वह राज्य सरकार और सउदी अरब के प्रतिनिधियों के बीच समन्वय कर प्रदेश में अधिक से अधिक विदेशी निवेश लाने का प्रयास कर रहे हैं। खनिज विभाग के प्रतिनिधिमण्डल में अतिरिक्त निदेशक श्री एमपी मीणा, एडीजी श्री आलोक जैन, एसजी श्री सुनील वर्मा, श्री राजकुमार मीणा व अन्य अधिकारी थे। ————-

एनसीसीओईईई की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई, जिसमे कर्मचारियों ने की राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा

लखनऊ उत्तर प्रदेश में बिजली वितरण निगमों के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईईई) की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक आज लखनऊ में हुई। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। विरोध की तारीखें और स्थान : 13 और 19 दिसंबर को देशभर में बिजली कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ विरोध सभाएं करेंगे। : 22 दिसंबर को लखनऊ में और 25 दिसंबर को चंडीगढ़ में बिजली निजीकरण के विरोध में विशाल बिजली पंचायत आयोजित की जाएगी। : एनसीसीओईईई ने यह भी निर्णय लिया कि अगर उत्तर प्रदेश में विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण की कोई भी एकतरफा कार्रवाई होती है तो उसी दिन और बिना किसी नोटिस के देशभर के 27 लाख बिजली कर्मचारी सड़कों पर उतरकर  विरोध प्रदर्शन करेंगे। : बैठक में यह भी तय किया गया कि चंडीगढ़ में जब निजी कंपनी को विद्युत व्यवस्था सौंपने की कार्रवाई होगी उसी दिन देशभर में विरोध किया जाएगा। विशाल बिजली पंचायत और कार्यक्रम एनसीसीओईईई ने बताया कि 13 दिसंबर को देशभर में बिजली कर्मचारी “निजीकरण विरोधी दिवस” मनाएंगे। इसके बाद 19 दिसंबर को काकोरी क्रांति के महानायकों पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान दिवस पर पूरे देश में “शहीदों के सपनों का भारत बचाओ – निजीकरण हटाओ” दिवस मनाया जाएगा। इस दिन जनपद और परियोजना मुख्यालयों पर विरोध सभाएं की जाएंगी। इसके अलावा 22 दिसंबर को लखनऊ और 25 दिसंबर को चंडीगढ़ में विशाल बिजली पंचायत आयोजित की जाएगी जिसमें बिजली कर्मचारियों के साथ-साथ किसान और आम उपभोक्ता भी शामिल होंगे। इस पंचायत में उपभोक्ताओं और कर्मचारियों को बिजली के निजीकरण से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाएगा। निजीकरण के विरोध में सख्त निर्णय एनसीसीओईईई ने यह भी तय किया है कि अगर उत्तर प्रदेश में बिजली वितरण निगमों के निजीकरण की कोई भी कार्रवाई शुरू की जाती है तो उसी दिन देशभर के 27 लाख बिजली कर्मचारी सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगे। यह विरोध देशव्यापी होगा और इसमें बिजली कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोग भी शामिल होंगे।

कलेक्टर ने की जिला पंचायत के काम-काज की समीक्षा

  पीएम आवास के अप्रारंभ कार्यों को 15 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से प्रारंभ करने के निर्देश अत्यंत धीमी गति से आवास का कार्य करने वाले तकनीकी सहायकों को मिलेगा नोटिस गौरेला पेंड्रा मरवाही कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने आज जिला पंचायत (डीआरडीए) के नर्मदा सभा कक्ष में जिला पंचायत के काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत, प्रारंभ, अप्रारंभ एवं पूर्ण कार्यों की जनपदवार समीक्षा के दौरान अबतक अप्रारंभ लगभग 14 हजार आवासों को आगामी 15 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही अत्यंत धीमी प्रगति से कार्य करने वाले तकनीकी सहायकों को कारण बताओ नोटिस देने कहा।  कलेक्टर ने कहा कि मनरेगा के तहत श्रमिकों को मांग के अनुरूप कार्य मिलते रहना चाहिए। उन्होंने मनरेगा के तहत सभी पंचायतों में विभिन्न कार्यों के साथ ही पीडीएस दुकान, आंगनबाड़ी भवन, कुंआ, अमृत सरोवर आदि कार्यों के लिए एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव लेकर स्वीकृति आदेश जारी करने परियोजना निदेशक को निर्देश दिए।         कलेक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ओडीएफ प्लस मॉडल ग्रामों, नवीन परिवार के घरों में स्वीकृत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, सामुदायिक शौचालय निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अन्तर्गत शेड स्वीकृति एवं निर्माण कार्य की प्रगति, कचरा संग्रहण हेतु ट्राईसायकल की खरीदी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के तहत स्व सहायता समूहों का गठन, बैंक क्रेडिट लिंकेज वितरण की प्रगति एवं मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्यों एवं श्रमिकों की संख्या सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कार्य प्रणाली में सुधार लाते हुए लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने कहा। उन्होंने कहा कि जिले का प्रगति प्रतिवेदन बेहतर होना चाहिए।          बैठक में बताया गया कि पीएम आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 51 हजार 244 आवास स्वीकृत हुए हैं। इनमे 38 हजार आवास प्रगतिरत हैं। 20 आवास पूर्ण हो चुके हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 222 में से 183 ग्राम ओडीएफ प्लस घोषित हो चुके हैं। नवीन परिवार के घरों में स्वीकृत 3281 शौचालय में से 537 पूर्ण तथा 2708 प्रगतिरत है। सामुदायिक शौचालय के लिए स्वीकृत 54 में से 26 कार्य पूर्ण तथा 27 कार्य प्रगति पर है। मनरेगा के तहत आज की स्थिति में 89 ग्राम पंचायतों में 678 कार्यों में 5215 श्रमिक लग हुए हैं। इसी तरह विभिन्न शाखाओं द्वारा कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए दिलेराम डाहिरे, जिला मिशन प्रबंधक डी एस सोनी, उपसंचालक पंचायत यशवंत बघेल, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा कीर्ती उसरो, जनपद सीईओ संजय शर्मा, एच एल खोटेल एवं शंभू प्रसाद गुप्ता सहित सभी कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक उपस्थित थे।

आबकारी नीति मामले में मनीष सिसोदिया को दी राहत, जमानत शर्तों में ढील: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने आबकारी नीति कथित घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को राहत देते हुए जमानत की शर्तों में बुधवार को ढील दे दी। न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने सिसोदिया की जमानत के मामले में अपने पिछले आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को हर सोमवार और गुरुवार को संबोधित जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने की शर्त जरूरी नहीं है।हालांकि, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि उन्हें नियमित रूप से निचली अदालत में उपस्थित होना चाहिए। श्री सिसोदिया ने हर सोमवार और गुरुवार को संबोधित जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने की जमानत की शर्तों में ढील के लिए शीर्ष अदालत से गुहार लगाई थी। उच्चतम न्यायालय ने 9 अगस्त 24 को श्री सिसोदिया को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)- दोनों मामलों में जमानत देकर उन्हें बड़ी राहत दी थी। अदालत ने यह देखते जमानत दी थी कि मुकदमे की सुनवाई में देरी और आरोपी सिसोदिया के लंबे समय तक जेल में रहने से संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वतंत्रता के उनके अधिकार पर असर पड़ता है। शीर्ष अदालत ने जमानत की शर्तों में सिसोदिया को प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को सुबह 10 से 11 बजे के बीच जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था। इसके बाद शीर्ष अदालत ने जमानत देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय के 21 मई, 2024 के आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सिसोदिया को उपमुख्यमंत्री रहते हुए 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया गया था।  

चैंपियंस ट्रॉफी से पीसीबी के लिए हटने का फैसला करना आसान नहीं होगा

कराची पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अगर चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन को लेकर चल रहे गतिरोध के कारण अगले साल फरवरी मार्च में होने वाली इस 50 ओवर की प्रतियोगिता से हटने का फैसला करता है तो उसको राजस्व के भारी नुकसान के अलावा मुकदमों का भी सामना कर पड़ सकता है और वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग-थलग भी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की प्रतियोगिताओं के आयोजन से जुड़े एक वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक ने बुधवार को पीटीआई को बताया कि अगर आईसीसी और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) हाइब्रिड मॉडल को पूरी तरह से स्वीकार करने से इनकार करते हैं तो पीसीबी के लिए टूर्नामेंट से हटने का फैसला करना आसान नहीं होगा। इस अधिकारी ने कहा, ‘‘पाकिस्तान ने न केवल आईसीसी के साथ मेजबानी से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, बल्कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी देशों की तरह उसने आईसीसी के साथ सदस्यों की अनिवार्य भागीदारी से संबंधित समझौते (एमपीए) पर भी हस्ताक्षर किए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आईसीसी की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एमपीए पर हस्ताक्षर करने के बाद ही कोई सदस्य देश आईसीसी प्रतियोगिताओं से होने वाली कमाई का हिस्सा पाने का हकदार होता है।’’ अधिकारी में कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण बात किया है कि आईसीसी ने अपनी सभी प्रतियोगिताओं के लिए प्रसारक से समझौता किया है जिसमें उसने गारंटी दी है कि चैंपियंस ट्राफी सहित आईसीसी की प्रतियोगिताओं में उसके सभी सदस्य देश भाग लेंगे।’’ आईसीसी पिछले सप्ताह चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन हाइब्रिड मॉडल से करवाने पर सहमति हासिल करने में सफल रहा था। इसके अनुसार भारत अपने मैच दुबई में खेलेगा। इसके अलावा आईसीसी की 2027 तक होने वाली प्रतियोगिताओं में यह व्यवस्था बरकरार रहेगी। इसकी हालांकि अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। अगर यह समझौता हो जाता है तो इसका मतलब होगा कि पाकिस्तान 2027 तक होने वाली आईसीसी प्रतियोगिताओं के लिए भारत का दौरा करने के लिए बाध्य नहीं होगा। प्रशासक ने कहा कि अगर पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी से हटता है तो आईसीसी और यहां तक कि आईसीसी कार्यकारी बोर्ड में शामिल अन्य 16 सदस्य देश भी उसके खिलाफ मुकदमा कर सकते हैं। प्रसारक भी यह रास्ता अपना सकता है क्योंकि पाकिस्तान के बाहर हो जाने से सभी हितधारकों को नुकसान होगा। उन्होंने इसके साथ यह भी खुलासा किया कि पीसीबी को कार्यकारी बोर्ड के अन्य सदस्यों से ठोस समर्थन नहीं मिला।  

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