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पीएमश्री विद्यालयों अंशकालीन योगा प्रशिक्षकों की सेवाएं लेने 24 दिसम्बर तक आवेदन आमंत्रित

गौरेला पेंड्रा मरवाही, जिले में संचालित तीन पीएमश्री विद्यालयों-शासकीय प्राथमिक शाला सधवानी, शासकीय प्राथमिक शाला टंगियामार एवं शासकीय प्राथमिक शाला मटियाडांड़ में अंशकालीन योगा प्रशिक्षक, खेल शिक्षक, प्रशिक्षकों की सेवाएं लेने 24 दिसम्बर शाम 5 बजे तक रजिस्टर्ड-स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किया गया है। आवेदन पत्र का प्रारूप, शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य विस्तृत जानकारी के लिए जिले की वेबसाइट www.gaurela-pendra-marwahi.cg.gov.in पर तथा कार्यालय कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के सूचना पटल पर अवलोकन किया जा सकता है।

गुनगुने गर्म तेल से मसाज करने के फायदे जानकर दंग रह जाएगे आप

सभी को अपने शरीर और बाल बहुत प्यारे होते है फिर चाहे वो महिला हो या फिर पुरुष। सुन्दर काले व चमकदार बाल महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। पुराने समय में बालों के रखरखाव व निखार के लिए महिलाएं अनेक तरीके इस्तेमाल में लाती थीं, जिनसे बाल वास्तव में ही काले, घने, मजबूत और चमकदार बनते थे लेकिन आज के समय में बाजार में कई तरह के साबुन और अन्य चीजें मिलती है। जिसका इस्तेमाल करके हम अपने बालों को रुखें, बेजान बना लेते है। आज के दौर में हम इतना ज्यादा व्यस्त है कि हम फैशन के चलते बालों में तेल लगाना सही नही समझते साथ ही इतना समय नही मिलता कि हम ज्यादा समय अपने बालों की केयर के लिए दे पां। जिसके कारण हमारें बाल बेकार, बेजान हो जाते है। अगर आप भी चाहते है कि आपके बाल सुंदर, घने, लंबे बनें तो सप्ताह में एक बार बालों में तेल की मसाज जरूर करें। इससे बालों को पोषक तत्व मिलने के साथ-साथ कई ऐसी तत्व मिल जाते है जिससे आपके बाल अच्छे हो जाते है। जानिए गुनगुनें तेल से मसाज से क्या फायदे है। सर्दियों का मौसम एक ऐसा मौसम है। इन दिनों पर आपके बालों में ड्रैंडफ जैसी समस्या उत्पन्न हो जाती है। जिसके कारण बालों में खुजली होने लगती है। इसके लिए गुनगुने तेल की मसाज काफी फायदेमंद है। इसके लिए बालों के स्कैल्प में हल्कें हाथों से गुनगुनें तेल से मसाज करें। इससे आपको काफी फायदा मिलेगा। -अगर आप चाहती है किआपके बाल लंबे, घने बने तो इसमें आपकी सहायता हल्के गर्म तेल कर सकता है। इसके लिए अपने बालों में गुनगुनें गर्म तेल से मसाज करें जिससे कि ब्लड फ्लो बना रहें और आपके बाल तेजी से बढ़ते जाए साथ ही घने भी रहें। -अगर आपके स्कैल्प बहुत ड्राई हो गए हैं तो भी हल्के गर्म तेल से मसाज करना फयदेमंद रहेगा। जो लोग ज्यादातर वक्त घर से बाहर रहते हैं और धूप, गर्मी में काम करते हैं उनके लिए हल्के गर्म तेल से मसाज करना बहुत फायदेमंद होता है। -अगर आपके बाल अधिक मात्रा में गिरते है। जिसके कारण आप गंजे होते जा रहे है। तो गुनगुनें तेल से मसाजद करें। इससे आपके बालों में पोषण मिलेगा। जिससे आपके बालों की जड़े मजहबूत होगी। -अगर आपके बाल सफेद हो रहे हो तो बालों में सरसों के गुनगुनें तेल से मसाज करें। इससे सफेद बाल नहीं उगेंगे और बालों का टेक्सफचर भी सुधरता है। -अगर आपके सिर में दर्द हो रहा ह ोतो मसाज आपके लइए काफी फायदेमंद हो सकती है। इसके लिए गुनगुनें गर्म तेल से बालों में धीरें-धीरें मसाज करें। आपको काफी अच्छी लगेगा।  

प्रियंका गांधी ने भाजपा की सरकार पर संविधान बदलने की कोशिश का आरोप लगाया, कहा- काम शुरू हो गया है

नई दिल्ली प्रियंका गांधी ने संविधान पर बहस के दौरान लोकसभा में कांग्रेस की ओर से मोर्चा खोला। उन्होंने भाजपा नेता राजनाथ सिंह की स्पीच के बाद संसद में अपना पहला भाषण दिया तो जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी तक की सरकारों का बचाव किया। इसके अलावा दादी इंदिरा गांधी की ओर से आपातकाल लगाने की गलती को भी स्वीकार किया। उन्होंने इमरजेंसी को लेकर कहा, ‘यहां 1975 की बातें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि मैं कहती हूं कि फिर आप भी सीख लीजिए ना। आप बैलेट पेपर से ही क्यों नहीं चुनाव करा लेते। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।’ उन्होंने राजनाथ सिंह की ओर से यूपी में सरकार के उलटफेर पर कहा कि मैं भी बता देती हूं कि महाराष्ट्र में सरकारों के साथ क्या हुआ। हिमाचल प्रदेश में कैसे सरकार गिराने की कोशिश हुई। पूरी जनता जानती है और हंसती है कि इनके यहां तो वॉशिंग मशीन है। यहां से जो वहां जाता है, वह धुल जाता है। इस तरफ दाग और उधर स्वच्छता। यही नहीं प्रियंका गांधी ने भाजपा की सरकार पर संविधान बदलने की कोशिश का आरोप लगाया। प्रियंका गांधी ने कहा, ‘संविधान बदलने का काम शुरू हो गया है। सत्ता पक्ष के लोगों ने संविधान के सुरक्षा कवच को तोड़ना शुरू कर दिया है, जो आम आदमी को मिला था।’ वायनाड की सांसद ने कहा,’लेटरल एंट्री और निजीकरण के जरिए यह सरकार आरक्षण को कमजोर कर रही है। यदि लोकसभा में ऐसे नतीजे नहीं आए होते तो ये संविधान बदलने का काम भी शुरू कर देते। आज सच्चाई यह है कि ये लोग संविधान-संविधान इसलिए कर रहे हैं क्योंकि चुनाव के नतीजों ने बता दिया कि जनता ऐसा नहीं होने देगी। हारते-हारते जीतने के बाद इनका सुर बदला है। आज जनता की मांग है कि जाति जनगणना हो। यह जनगणना इसलिए जरूरी है ताकि पता चले कि किसकी क्या स्थिति है और उसके हिसाब से नीतियां बनें।’ जाति जनगणना की बात की तो कहने लगे- भैंस चुरा ली जाएगी कांग्रेस सांसद ने कहा कि हमने जब जाति जनगणना की मांग उठाई तो इनका जवाब भैंस चुरा लेंगे और मंगलसूत्र चुरा लेंगे। प्रियंका गांधी ने कहा कि आप लोग जिनका नाम लेने से बचते हैं और कभी कभार धड़ाधड़ लेते हैं। उन्होंने ही देश को तमाम पीएसयू दिए। उन्होंने ही बांधों से लेकर तमाम कॉलेजों को खड़ा किया। आज सत्ता पक्ष में बैठे लोग ज्यादातर अतीत की बातें करते हैं। नेहरू जी ने क्या किया। अरे! वर्तमान की बात करिए और देश को बताइए। आपकी जिम्मेदारी क्या है, सब जिम्मा जवाहर लाल नेहरू का ही है क्या। एक आदमी को बचाने में जुटी है सरकार, अडानी पर फिर से वार प्रियंका गांधी ने कहा कि आज आम आदमी के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच को तोड़ा जा रहा है। हिमाचल में सेबों के कारोबार में भी अडानी को एंट्री दी गई है। उनके ही हाथ में कोल्ड स्टोरेज हैं। उन्होंने कहा कि देश देख रहा है कि कैसे एक आदमी को बचाया जा रहा है। सारे एयरपोर्ट, खदान, बंदरगाह और कंपनियां सिर्फ एक आदमी को दिए जा रहे हैं। जनता में यह विश्वास था कि कुछ नहीं है तो संविधान हमारी रक्षा करेगा। लेकिन आज आम लोगों में यह धारणा बनती जा रही है कि यह सरकार सिर्फ अडानी के लिए चल रही है। आज अमीर और अमीर हो रहा है और गरीब की गरीबी बढ़ती जा रही है।

रनाय का प्रधानमंत्री आवास बनाने का सपना हुआ पूरा

नारायणपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन और संवेदनशील सरकार ने आवासहीन परिवारों को पक्की छत देने के लिए दृढ़संकल्पित है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् देश के गरीब और बेघर लोगों को घर बनवाने के लिए सहायता राशि दी जाती है, और इस राशि की मदद से गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले नागरिक खुद का घर बनाने में सक्षम हो पाते हैं, इस योजना के द्वारा भारत के बेघर और गरीब नागरिकों को आवास देने का कार्य सरकार के द्वारा लगातार किया जा रहा है। पक्का आवास मिलने पर जिले के ग्राम पंचायत कुढ़ारगांव निवासी रनाय ने सरकार का आभार जताया है। रनाय खेती एवं मजदूरी कर जीवन व्यापन करते है। वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास स्वीकृत हुआ। रनाय और उनके परिवार पूर्व में कच्चा छत खपरैल के आवास में निवास करते थे, जिससे परिवार को अनेक समस्याओं से जूझना पड़ता था। कच्चे मकान में बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने और सीलन की वजह से जीवन यापन करना मुश्किल हो जाता था। इसके अलावा कच्चे मकान में कीड़े, मकौड़ो और जहरीले जीव जन्तुओं का भी खतरा बना रहता था। अब पक्का मकान मिलने से इन सभी परेशानियों से उन्हें राहत मिली। प्रधानमंत्री आवास पूर्ण होने से हितग्राही बहुत खुश हैं एवं अपने नवीन आवास में निवासरत हैं। उन्होंने बताया की प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के तहत् उन्हे 1 लाख 30 हजार की राशि सीधे उनके बैंक खाते में मिली है। रनाय ने छत्तीसगढ़ शासन का आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया हैं।

अवध ओझा ने विवाद को खारिज करते हुए कहा कि राजा को महल में ही रहना पड़ता है, यह बात हुई वायरल

नई दिल्ली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले शिक्षक और मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा राजनीति में एंट्री के बाद से ही काफी चर्चा में हैं। पटपड़गंज सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के प्रत्याशी बनाए गए अवध ओझा ने अब अरविंद केजरीवाल से जुड़े बंगला विवाद पर जो कहा वह वायरल हो गया है। अवध ओझा ने विवाद को खारिज करते हुए कहा कि राजा को महल में ही रहना पड़ता है। उन्होंने अपनी बात समझाने के लिए भगवान राम का भी उदाहरण दिया। एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में अवध ओझा से पूछा गया था भाजपा ने सीएम आवास का वीडियो शेयर किया है और याद दिलाया है कि केजरीवाल कहते थे कि ना गाड़ी लूंगा ना बंगला लूंगा, ना गाड़ी लूंगा, अब देखिए आवास कितना आलीशान बना लिया गया है। ओझा ने कहा, ‘मैंने तो वह आवास देखा नहीं है। लेकिन प्रभु राम जंगल में रहे और जब जंगल से तपस्या करके लौटे तो राजा को महल में ही रहना पड़ता है। राजा का एक आवास होता है। प्रभु राम अगर जंगल में महल बनाते तो लोग कहते कि यह कौन सी तपस्या है जी। एक आधिकारिक प्रोटोकॉल होता है कि राजा को ऐसा रहना है। एक मुख्यमंत्री है उसको एक जगह से दूसरी जगह जाएगा तो उसका प्रोटोकॉल होगा। शब्द है एक तो उसमें कोई बात ही नहीं है।’ ओझा ने कहा, ‘मैं जहां तक अरविंद केजरीवाल को जानता हूं, अगर वो व्यक्तिगत जीवन में जाएंगे तो फिर झोपड़ी में ही रहेंगे। बहुत साधारण, सिंपल और सरल किस्म के इंसान है। लेकिन राजा के साथ कुछ चीजें जुड़ी हुई हैं तो मुख्यमंत्री आवास में रहते हैं। आप उसे महल कहो, पैलेस कहो वह एक अलग चीज है।’ गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल बतौर सीएम जिस बंगले में रहते थे उसे भाजपा ‘शीशमहल’ कहते हुए आरोप लगाती है कि सुख-सुविधा के लिए ‘आप’ मुखिया ने गलत तरीके से करोड़ों रुपए खर्च किए। भाजपा केजरीवाल के पुरानी बातें याद दिला रही है, जब उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री को बड़े बंगले की आवश्यकता नहीं होती है। हाल ही में भाजपा ने कथित शीशमहल का वीडियो जारी करके केजरीवाल की घेराबंदी तेज कर दी है। इस बीच अवध ओझा की ओर आई यह दलील खूब चर्चा में है। अवध ओझा का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। कुछ लोग अवध ओझा का एक और वीडियो साझा करके सवाल दाग रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में नता नहीं जनता राजा है।

नींद में बड़बड़ाना, जानें कारण और इलाज

नींद में कुछ लोग बड़बड़ाने लगते हैं जिससे ना सिर्फ उनकी नींद टूट जाती है बल्कि कमरे में मौजूद दूसरे लोग भी परेशान हो जाते हैं। नींद में बड़बड़ाना कोई बीमारी नही है लेकिन ये इससे पता चलता है कि आपकी सेहत कुछ गड़बड़ है। आइए हम आपको बताते हैं कि इसके कारण और इलाज। क्यों बड़बड़ाते हैं नींद में लोग? नींद में बोलने को बड़बड़ा कहते हैं क्योंकि जब आप बड़बड़ाते हैं तो आपके वाक्य आधे-अधूरे और अस्पष्ट होते हैं। ये एक प्रकार का पैरासोमनिया है जिसका मतलब होता है सोते समय अस्वाभाविक व्यवहार का करना। लेकिन इसे बीमारी नहीं माना जाता। रात में बड़बड़ाते हुए आप कभी-कभी खुद से ही बात करने लगते हैं जो जाहिर है सुनने वाले को अजीब या भद्दा लग सकता है। नींद में बड़बड़ाने वाले एक समय में 30 सेकेंड से ज्यादा नहीं बोलते है। कौन बड़बड़ाते हैं नींद में? 3 से 10 साल के करीब आधे से ज्यादा बच्चें अपनी नींद में बडबड़ा कर अपनी बात पूरी करते हैं। इसी तरह 5 फीसद बड़े में नींद में बड़बड़ाते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि ऐसे लोग जो बात करते करते सो जाते है, उसी बात को वे नींद में बडबड़ाकर पूरा करते हैं। ऐसा कभी-कभी होता है या कई बार हर रात भी हो सकता है। 2004 के अध्ययन के अनुसार हर 10 में से 1 बच्चा सप्ताह में कई बार नींद में बड़बड़ाता है। ये समस्या लड़कियों और लड़कों में समान होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा अनुवाशिंक भी हो सकता है। नींद में बड़बड़ाने के लक्षण नींद के चार दौर होते हैं। पहले में नींद लगभग आने की स्थिति होती है। इस स्थिति में कोई भी व्यंक्ति 5 से 10 मिनट तक रहता है और इसके बाद वह नींद के अगले दौर में चला जाता है। दूसरे दौर में व्य्क्ति कम से कम 20 मिनट तक रहता है। इस दौर में दिमाग काफी सक्रिय होता है। तीसरे दौर में व्यबक्ति गहरी नींद में चला जाता है। इस दौरान दिमाग ज्यादा काम नहीं करता है और शरीर आराम की स्थिति में रहता है। इस दौर में आसपास होने वाले शोर शराबे आदि का सोने वाले व्येक्ति पर कोई असर नहीं होता। नींद में बड़बड़ाने के कारण बुरे या डरावने सपने भी नींद में बड़बड़ाने का कारण होत हैं। कई बार हम जिस बारें में सोच रहे होते है वहीं चीजे हमारे सपनों में आने लगती है। हालांकि डॉक्टर्स इस बात की पुष्टि नहीं करते है। नींद में बड़बड़ाना से कोई नुकसान तो नही होता लेकिन नींदमें बड़बड़ाना विकार या स्वास्थ्य संबंधी बीमारी के ओर संकेत करता है। आरईएम स्लीप डिसआर्डर सोते हुए चीखने-चिल्लाने या हाथ-पैर चलाने की आदत डिमेंशिया (निद्रारोग) अथवा पार्किंसन जैसी बीमारियों के लक्षण होते हैं। इस बीमारी को आरईएम स्लीप बिहैवियर डिसआर्डर कहा जाता है। आरईएम नींद वो नींद है जिस दौरान इंसान सपने देखता है। इस बात के कई सबूत हैं कि आरईएम नींद की ताजा यादों को प्रोसेस करने में भूमिका होती है। ऐसे लोग नींद में चीखने-चिल्लाने अथवा हाथ-पैर चलाने की जो हरकत करते हैं वह दरअसल उनकी नींद की गतिविधियां होती हैं। आरईएम के अलावा, दवाओं का रिएक्शन, तनाव, मानसिक स्वास्थ्य समस्या से भी लोग नींद में बड़बड़ाने लगते हैं। क्या है बड़बड़ाने का इलाज सामान्य तौर पर कोई इलाज जरूरी है। अगर आपको आरईएम या नींद में बहुत ज्यादा बात करने की समस्या हो तो आप किसी साइकोथैरेपिस्ट से मिल सकते है। नींद में बात करने का कारण नींद विकार, दुर्बल चिंता या तनाव हो सकता है। कुछ उपायों से नींद में बड़बड़ाने की संभावना को कम किया जा सकता है। अगर आप किसी के साथ अपना कमरा शेयर करते है तो उसे बोलें कि वो आपको बड़बड़ाने पर जगा दे इससे आप ठीक ढंग से सो सकेंगे। कैसे कम कर सकते है नींद में बड़बड़ना? इस समस्या से निपटने का वैसे तो कोई खास इलाज नहीं होता है लेकिन तनाव की कमी और योग के द्वारा आप अपना मन शांत कर सकते है। इससे आपको नींद में बोलने की समस्या कम हो जाएगी। इसके अलावा आप स्लीप डायरी बनाए। आप दो सप्ताह का पूरा डिटेल उसमें लिखें, जैसे कितने बजे आप सोने गए, कब सोए, कब उठे, कब बड़बड़ाए, आप कौन सी दवा का सेवन करते है आदि नोट करें। इससे आपको डॉक्टर को समझाने में भी मदद होगी। इसमें आप आपने दोस्त या घर वालों की मदद लें सकते है। साथ सोने जाते समय चाय, कॉफी आदि के सेवन से बचें।  

पीएम स्वनिधि योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए नगरनिगम धमतरी को मुख्यमंत्री के हाथों मिला पुरस्कार

धमतरी, प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पी.एम.स्वनिधि) योजना में धमतरी जिले को सफलता मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगर निगम धमतरी को पीएम स्वनिधि योजना और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के सफल क्रियान्वयन के लिए पुरस्कृत किया। यह सम्मान रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों की मदद में अव्वल रहने के मद्देनजर नगरनिगम धमतरी को मिला है। नगर निगम आयुक्त प्रिया गोयल सहित मिशन मैनेजर विमल साहू ने यह सम्मान मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के हाथों प्राप्त किया। धमतरी नगर निगम ने इन योजनाओं के अंतर्गत छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और शहरी गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया है। धमतरी नगर निगम ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत सैकड़ों रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को किफायती ऋण उपलब्ध कराया है। इससे इन छोटे व्यापारियों को अपने व्यवसाय को फिर से खड़ा करने और आर्थिक स्थिरता प्राप्त करने में मदद मिली। धमतरी नगर निगम ने इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया। बता दें कि 12 दिसम्बर को राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में पीएम स्वनिधि तथा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निकायों, बैंकों, लाभार्थियों एवं स्ट्रीट वेंडर्स को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किया गया था।

एफएमसीजी और कंजप्शन शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के चलते सेसेंक्स और निफ्टी में उछाल

मुंबई  भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी करीब 2,000 अंकों की शानदार रिकवरी के बाद उछाल के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी के इंफ्रा, एफएमसीजी और कंजप्शन शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के चलते सेसेंक्स और निफ्टी में यह उछाल देखा गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 843.16 अंक या 1.04 प्रतिशत चढ़ने के बाद 82,133.12 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 219.60 अंक या 0.89 प्रतिशत चढ़ने के बाद 24,768.30 पर बंद हुआ। सुबह करीब 10.47 बजे सेंसेक्स 118.85 अंक या 1.38 प्रतिशत की गिरावट के बाद 80,171.11 पर था। वहीं, निफ्टी इसी समय 334.75 अंक या 1.36 प्रतिशत की गिरावट के बाद 24,213.95 स्तर पर कारोबार कर रहा था। बाजार में इस गिरावट की वजह दूसरे एशियाई बाजारों में कमजोरी, मजबूत डॉलर, बढ़ते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और सुस्त चीनी अर्थव्यवस्था की चिंता जैसे कारक थे। जानकारों ने बताया, “घरेलू बाजार ने दिन के निचले स्तर से तेजी से वापसी की और सूचकांक हैवीवेट शेयरों के नेतृत्व में कंसोलिडेशन से बाहर निकल गया। खाद्य मुद्रास्फीति में धीरे-धीरे कमी और एफएमसीजी कंपनियों द्वारा मूल्य वृद्धि, साथ ही मूल्यांकन में हाल ही में सुधार ने इस क्षेत्र को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की।” बाजार के जानकारों ने आगे कहा कि वर्तमान में, बाजार त्योहारी सीजन और साल के अंत की छुट्टियों के कारण उपभोक्ता खर्च में सुधार की उम्मीद कर रहा है, जिससे सेंटीमेंट्स में वृद्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी खर्च में वृद्धि की उम्मीद आईटी क्षेत्र को आगे बढ़ा रही है। निफ्टी बैंक 367.35 अंक या 0.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 53,583.80 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 30.15 अंक या 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58,991.55 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 59.25 अंक या 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,407.30 पर था। एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक दे ने कहा, “भारत में इक्विटी बाजार में सेंसेक्स की साप्ताहिक समाप्ति के दिन उतार-चढ़ाव भरा सत्र देखने को मिला। निचले सिरे पर, निफ्टी को इनवर्स हेड-एंड-शोल्डर्स पैटर्न की नेकलाइन के आसपास सपोर्ट मिला।” उन्होंने आगे कहा कि आज का निचला स्तर भी पिछली रैली के 38.2 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर के साथ मेल खाता है। आगे चलकर, यह प्रवृत्ति मजबूत रहने की संभावना है, जिसमें अल्पावधि में 25,000 और उससे अधिक तक पहुंचने की क्षमता है। निचले सिरे पर, सपोर्ट 24,550 पर है। सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी के ऑटो, आईटी, फाइनेंशियल सर्विस, एफएमसीजी, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इंफ्रा, कमोडिटीज, कंजप्शन, पीएसई, सर्विस में खरीदारी रही। वहीं, पीएसयू बैंक, फार्मा, मेटल, रियलिटी, मीडिया और हेल्थकेयर सेक्टर में बिकवाली रही। सेंसेक्स पैक में भारती एयरटेल, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक, पावरग्रिड, नेस्ले इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक और अदाणी पोर्ट्स टॉप गेनर्स थे। वहीं, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील और बजाज फिनसर्व टॉप लूजर्स थे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 1,835 शेयर हरे और 2,155 लाल निशान में बंद हुए, जबकि 115 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।  

राजनाथ सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया और उनके बहाने ही राहुल गांधी पर भी इशारों में गहरा तंज कसा

नई दिल्ली शीत सत्र में कई दिनों तक लगातार हंगामे के बाद आज संविधान पर चर्चा शुरू हुई तो पहला भाषण रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हुआ। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर संविधान की अवहेलना करने और हमेशा उसके मुकाबले सत्ता को ही चुनने का आरोप लगाया। उन्होंने इस दौरान पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया और उनके बहाने ही राहुल गांधी पर भी इशारों में गहरा तंज कसा। राजनाथ सिंह ने कहा कि 1995 में अटल बिहारी वाजपेयी जेनेवा गए थे। उन्होंने तत्कालीन सरकार के कदमों की तारीफ की थी और भारत का पक्ष रखा। यही नहीं भारत लौटे तो यहां भी वही बात की। आज तो ऐसी स्थिति है कि विपक्ष के नेता विदेश जाकर भारत के ही खिलाफ बोलते हैं। राजनाथ सिंह ने इस दौरान शाहबानो केस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अदालत ने एक मुस्लिम महिला के पक्ष में फैसला सुनाया तो कांग्रेस की बहुमत वाली सरकार ने उसे ही पलट दिया। अब जाकर मोदी सरकार ने तीन तलाक पर कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिया है। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस को जब भी सत्ता और संविधान को चुनना था तो उन्होंने सत्ता को ही चुना। मैंने आपातकाल में जेल काटी। 40 दिन तो मुझे तनहाई बैरक में रहना पड़ा। यही नहीं इस दौरान मेरी मां का निधन हो गया, लेकिन अंतिम विदाई के लिए भी छोड़ा नहीं किया गया। राजनाथ सिंह ने कहा कि संविधान अंधेरे में प्रकाश स्तंभ है।’ उन्होंने कहा कि यूपी में कई बार ऐसा हुआ कि हमारे पास बहुमत रहा, फिर भी सरकार बनाने से रोकने की कोशिश हुई। 6 दिसंबर, 1992 को कल्याण सिंह की सरकार ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद भी जानबूझकर बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया था। रक्षा मंत्री ने आपातकाल का भी जिक्र किया और कहा कि मैं खुद 6 महीने तक जेल में बंद रहा। हालात यह थे कि 40 दिन तो तनहाई बैरक में रखा गया। इस दौरान मेरी मां का निधन हुआ और वह लंबे समय तक अस्पताल में भी रहीं। मैं उन्हें अस्पताल में देखने नहीं गया और उनकी मौत के बाद अंतिम विदाई में शामिल होने का भी मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 356 का इस्तेमाल करके राज्य सरकारों को बर्खास्त करने कांग्रेस का इतिहास रहा है। 100 बातों की एक बात है कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान और सत्ता में से सत्ता को ही चुना। उन्होंने इस दौरान बीते 75 सालों में समानता की ओर बढ़ने वाले कदमों का भी जिक्र किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी लैंगिक समानता के लिए कदम उठाए हैं। 7 दशकों से अधिक समय से संविधान भारत को दिशा दिखा रहा है और वह मजबूत होता जा रहा है। इस दौरान राजनाथ सिंह ने भीमराव आंबेडकर की एक टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान यदि अच्छा भी है तो बुरे लोगों के हाथ में जाकर वह खराब हो जाता है। यदि खराब है, लेकिन अच्छे लोग चलाएं तो वह अच्छा हो जाता है।

जिला पंचायत के सदस्य, जनपद पंचायत के अध्यक्ष/सदस्य पदों के प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आरक्षण हेतु कार्यवाही 17 दिसंबर को

मोहला, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती तुलिका प्रजापति द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन अधिनियम अंतर्गत जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के जिला पंचायत के सदस्य, जनपद पंचायत के अध्यक्ष/सदस्य पदों के प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आवंटन/आरक्षण की कार्यवाही कार्यालय कलेक्टर जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी  के सभाकक्ष में 17 दिसंबर को सुबह 11:00 बजे किया जायेगा। उक्त कार्यवाही की प्रक्रिया देखने के लिए जिले के नागरिक गण उपस्थित हो सकते हैं। – जनपद पंचायत एवं पंचायत के निर्वाचन की आरक्षण प्रक्रिया  17 दिसंबर को – आरक्षण की प्रक्रिया देखने को भी नागरिक गण उपस्थित हो सकते हैं             छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन अधिनियम अंतर्गत जिले के जनपद पंचायत मोहला-मानपुर-अं.चौकी के निर्वाचन क्षेत्र एवं अध्यक्ष पदों का अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा सभी प्रवर्गों के महिला हेतु लॉट द्वारा आरक्षण की कार्यवाही 17 दिसंबर को प्रात: 11:00 बजे जिला कार्यालय मोहला-मानपुर-अं.चौकी के सभा कक्ष में किया जाएगा। इसी प्रकार सरपंच एवं पंच के आरक्षण की कार्यवाही स्वर्गीय लाल श्याम शाह नवीन महाविद्यालय मोहला के कक्ष क्रमांक 1, 2 एवं 3 में किया जाएगा। आरक्षण की प्रक्रिया को देखने के लिए जिले के कोई भी नागरिक गण उपस्थित हो सकते हैं।

राज्यसभा में जगदीप धनखड़ ने खुद को बताया किसान का बेटा, खरगे बोले- मेरा संघर्ष आपसे भी ज्यादा, जमकर हंगामा

नई दिल्ली राज्यसभा में अविश्वास प्रस्ताव और हंगामे को लेकर सभापति जगदीप धनखड़ विपक्ष पर बुरी तरह भड़क गए। सदन में शोरशराबे के बीच जगदीप धनखड़ ने कांग्रेस नेता प्रमोत तिवारी से कहा कि आप लोग तो 24 घंटे यही काम करते हैं। लेकिन मैं किसान का बेटा हूं और कमजोर नहीं हूं। मैं देश के लिए मर जाऊंगा लेकिन मैंने झुकना नहीं सीखा है। यहां एक किसान का बेटा क्यों बैठा है। मैंने बहुत कुछ बर्दाश्त किया। आपको किसी के खिलाफ प्रस्ताव लाने का अधिकार है लेकिन आप तो संविधान का ही अपमान कर रहे हैं। सभापति धनखड़ की इस बात पर राज्यसभा में विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वह दूसरे दलों के नेताओं के खिलाफ बोलने के लिए बीजेपी के नेताओं का उत्साहवर्धन करते हैं। उन्होंने कहा, मैं भी किसान का बेटा हूं। मैंने आपसे ज्यादा संघर्ष किया है। आप हमारी पार्टी के नेताओं का अपमान कर रहे हैं। आप कांग्रेस का अपमान कर रहे हैं। हम यहां आपकी प्रशंसा सुनने नहीं बल्कि चर्चा करने आए हैं। धनखड़ ने कहा, मैं पीड़ा महसूस कर रहा हूं। मेहरबानी करके आप भी कुछ सोचिए। मैंने आपको इज्जत देने में कई कमी नहीं की है। मैंने बहुत दुख बर्दाश्त किया है। उन्होंने कहा, आज किसान खेत तक सीमित नहीं बल्कि हर जगह काम कर रहे हैं। वे उद्दोगों में हैं और नौकरियों में भी हैं। आप लोगों ने संविधान की धज्जियां उड़ा दीं। आपका प्रस्ताव आ गया है और अब 14 दिन बाद इसपर फैसला हो जाएगा। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने विपक्ष पर नाराजगी जताते हुए और कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी को संबोधित करते हुए कहा कि आप अनुभवी नेता हैं फिर भी आपने हमें क्या-क्या नहीं कहा। आपने एक मुहिम चला रखी है। प्रमोद तिवारी जी, आपने तुम-तुम कर क्या बात की है। खरगे जी की इज्जत करता हूं। मैं अनुरोध करता हूं कि मान्यवर मुझपर कृपा करिए। जो समय ठीक लगे मुझसे मिलने का समय निकालिए। आप नहीं आ सकते तो मैं खुद आऊंगा। इसके बाद खरगे और धनखड़ के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। धनखड़ ने कहा, सबकी सुनूंगा। किसी भी हालत में कमजोर नहीं पड़ूंगा। आपको कल समय दिया आप बोल नहीं पाए। खरगे ने कहा कि आपको अगर सदन को चलाना है तो आपको भेदभाव नहीं करना चाहिए। इसके बाद धनखड़ ने होथ जोड़कर कहा, आपने समय का कैसे उपयोग किया। कुछ तो दिल पसीजा होगा। उन्होंने कहा, आप खुद सोचिए और सोने से पहले चिंतन कीजिए कि आपके लोग क्या करते हैं। खऱगे ने कहा, मैं तो किसान मजदूर का बेटा हूं। आप सबको बोलने दे रहे हैं और आप हमारी पार्टी के लोगों का अपमान कर रहे हैं। अगर आप ऐसे ही सदन चलाना चाहते हैं तो इसकी जिम्मेदारी आपकी है। खरगे ने कहा, यहां हम आपकी तारीफ करने नहीं आए हैं। इसपर धनखड़ ने तंज कसते हुए कहा, पूरा देश जानता है कि आपको किनकी तारीफ पसंद है।

मातृ शक्ति को सशक्त कर रही है साय सरकार

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। सरकार महिलाओं के सिर्फ विकास की ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और सशक्तिकरण की सरकार बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास का जिम्मा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को सौंपा है। जिसे श्रीमती राजवाड़े बखूबी निभा रही हैं।       छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से, जब लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता और आत्मनिर्भरता का सहारा मिला, तो यह केवल एक वित्तीय मदद नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार, आत्मविश्वास और उनकी शक्ति को पहचानने का एक मार्ग है। मार्च 2024 से दिसम्बर 2024 तक, 70 लाख महिलाओं के खाते में 6530.41 करोड़ रुपये की राशि पहुंचाई जा चुकी है। यह योजना अब सिर्फ एक राज्य की योजना नहीं, बल्कि एक आंदोलन बन चुकी है, जहां महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि अपने घर-परिवार में भी निर्णय लेने में बराबरी का हक महसूस कर रही हैं। प्रदेश के 31 जिलों में 201 पालना केंद्रों की स्थापना से कामकाजी महिलाओं को अपने बच्चों की देखभाल का सशक्त समाधान मिला है। ये केंद्र केवल सुविधा नहीं, बल्कि हर बच्चे के अधिकार की रक्षा का एक माध्यम हैं। बालकों के भविष्य को मजबूत करने के लिए, डबल इंजन सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।       छत्तीसगढ़ के बच्चों को पोषण, शिक्षा और समुचित देखभाल देने के लिए 4750 आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाया गया है। इनमें बच्चों को न केवल पोषण दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें  BaLA (Building as Learning Aid)  के माध्यम से शिक्षा और कौशल के अवसर भी मिल रहे हैं। एलईडी टीवी और पोषण वाटिका जैसी सुविधाएं बच्चों और महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध वातावरण बना रही हैं। 530 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति पिछले 10 माह में की गई और 4900 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को मुख्य आंगनबाड़ी केंद्रों में उन्नत किया गया, जिससे वहां अतिरिक्त व्यवस्थाओं का विस्तार हुआ। लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व और विष्णु देव साय जी के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी अधोसंरचना से संबंधित डप्ै पोर्टल तैयार किया गया है। इस पोर्टल के बन जाने से आंगनबाड़ी केन्द्रों की अधोसंरचना संबंधी सभी जानकारी जैसे बिजली, पेयजल, शौचालय, निर्माण संबंधी नियोजन, कार्य की प्रगति का अनुश्रवण आदि मुख्य आधारभूत जानकारी राज्य स्तर पर एक क्लिक पर उपलब्ध है।       छत्तीसगढ़ में कुपोषण पर प्रहार करते हुए सरकार ने पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से 0 से 5 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखी और कुपोषण की दर में ऐतिहासिक गिरावट हासिल की। एक नेतृत्व तब सशक्त होता है, कमजोर वर्ग के बारे में सोचता है और उनके जीवन में वास्तविक बदलाव लाता है। बच्चों और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) और महिला हेल्पलाइन (181) का संचालन 24/7 हो रहा है। साथ ही, हर जिले में वन स्टॉप सेंटर्स का विस्तार कर एक मजबूत और सुरक्षित नेटवर्क तैयार किया गया है, जो हर संकट में नागरिकों के लिए एक आश्रय बन कर खड़ा है। यह सुरक्षा केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि समाज में विश्वास और साहस का प्रतीक है।       भारत सरकार की मिशन शक्ति योजना के तहत राज्य महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) की स्थापना की गई है, जो महिलाओं के लिए समर्पित योजनाओं में प्रभावी समन्वय और कार्यान्वयन को सुनिश्चित करती है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत, अब 50 हजार रुपये में से 35 हजार रुपये सीधे वधु के खाते में भेजे जाते हैं, और शेष 15 हजार रुपये सामूहिक विवाह आयोजन पर खर्च होते हैं। इस साल अब तक 6543 कन्या विवाह सफलतापूर्वक सम्पन्न हो चुके हैं। वहीं, पी.एम. जनमन योजना के तहत 17 जिलों में 48 हजार पिछड़ी जनजाति परिवारों का सर्वे किया गया। इस पहल के अंतर्गत 70 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन हो रहा है, 54 भवन निर्माणाधीन हैं और 2024-25 में 95 और केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। नियद नेल्लानार योजना के तहत बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और कांकेर जिलों में 132 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। बालक कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड के अंतर्गत राज्य के 33 जिलों में अध्यक्ष, सदस्य और सामाजिक सदस्य पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन और साक्षात्कार प्रक्रिया चल रही है, जिससे बच्चों और किशोरों की भलाई और सुरक्षा के लिए एक मजबूत संरचना तैयार हो रही है।       डबल इंजन सरकार ने 27 नवंबर 2024 से बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की शुरुआत की है। यह सिर्फ एक कानून का कार्यान्वयन नहीं, बल्कि समाज की मानसिकता को बदलने का अभियान है। हर गांव और कस्बे में बाल विवाह के खिलाफ जनजागरूकता फैलाते हुए, सरकार द्वारा ने एक आदर्श स्थापित किया है। विष्णु के सुशासन के एक वर्ष में छत्तीसगढ़ में नया आत्मविश्वास, एक नया विश्वास और एक नई दिशा दिखती है। मुख्यमंत्री श्री साय की नीतियों और योजनाओं ने छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया है।

नामपल्ली कोर्ट से अल्लू अर्जुन को झटका, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

‘पुष्पा 2’ स्टार अल्लू अर्जुन को जेल हो गई है। उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह एक्शन उनकी फिल्म की स्क्रीनिंग में मची भगदड़ में एक महिला की मौत के मामले में लिया गया। कोर्ट में सुनवाई के बाद एक्टर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एक्टर के लिए बड़ा झटका है। इससे उनके फैंस को भी शॉक लगा है। इससे पहले शुक्रवार, 13 दिसंबर को अल्लू अर्जुन को चिक्कड़पल्ली पुलिस ने उनके घर से हिरासत में लिया था। अल्लू अर्जुन के खिलाफ BNS की धाराओं- 105 और 118 (1) के तहत चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था। उन्हें वहां से पूछताछ के लिए चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन लाया गया, और फिर कोर्ट में पेश किया गया। अल्लू अर्जुन से पूछताछ के बाद मेडिकल जांच और कोर्ट में पेशी पूछताछ के बाद अल्लू अर्जुन का बयान दर्ज किया गया। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और फिर कोर्ट में पेश किया गया। यहां एक्टर को 14 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। अल्लू अर्जुन पर क्या है आरोप? अल्लू अर्जुन पर आरोप है कि 4 दिसंबर को वह संध्या थिएटर में अपनी फिल्म ‘पुष्पा 2’ के प्रीमियर पर बिना बताए पहुंच गए। इस कारण वहां भगदड़ मच गई। भारी भीड़ थिएटर में घुसने की कोशिश करने लगी। इसमें 39 वर्षीय महिला रेवती और उसका बेटा दब गए। सांस घुटने से दोनों बेहोश हो गए। पुलिस जब रेवती और उसके बेटे को अस्पताल ले गई, तो डॉक्टरों ने रेवती को मृत घोषित कर दिया। वहीं बेटे की हालत नाजुक बताई। मृतक महिला के परिवार ने दर्ज करवाया केस, लगीं ये धाराएं रेवती के पति और परिवार के लोगों ने अल्लू अर्जुन को इसका जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ चिक्कड़पल्ली स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अल्लू अर्जुन और उनकी सिक्योरिटी टीम के अलावा थिएटर मैनेजमेंट के खिलाफ BNS की धाराओं 105 और 118 (1) के तहत केस दर्ज किया। इस मामले में थिएटर के मालिक, मैनेजर और बालकनी के सुपरवाइजर की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है और तीनों न्यायिक हिरासत में हैं।

अतुल सुभाष मामले में अब घर पहुंची पुलिस, लेकिन देर रात भागे थे ससुरालवाले, नोटिस भी चस्पा किया

नई दिल्ली इंजीनियर अतुल सुभाष की हत्या के मामले में पुलिस ऐक्शन तेज हो गया है। खबर है कि बेंगलुरु पुलिस ने जौनपुर स्थित अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया के आवास पर दस्तक दी है। हालांकि, परिवार बीती रात से ही फरार है। कर्नाटक पुलिस ने निकिता, उसकी मां निशा सिंघानिया, भाई अनुराग सिंघानिया और अंकल सुशील सिंघानिया के खिलाफ अतुल के भाई की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली थी। पुलिस कार्रवाई का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं। कर्नाटक पुलिस ने जांच के लिए नोटिस चस्पा कर दिया है। हाल ही में एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कथित तौर पर निकिता के भाई अनुराग और मां निशा घर के बाहर मौजूद पत्रकारों को धमकी देते हुए नजर आ रहे थे। अतुल ने सुसाइड नोट में चारों सदस्यों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। घर से भागे अतुल सुभाष के ससुरालवाले पुलिस के एक अधिकारी ने गुरुवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से पुष्टि की कि रात करीब एक बजे निकिता की मां निशा सिंघानिया और उनका बेटा अनुराग उर्फ पीयूष सिंघानिया यहां खोवा मंडी इलाके में अपने घर से मोटरसाइकिल से निकले और तब से वापस नहीं लौटे। सोशल मीडिया पर कथित वीडियो क्लिप में भी उन्हें आधी रात के आसपास घर से निकलते हुए दिखा जा सकता है। घर के बाहर बढ़ाई सुरक्षा जौनपुर के पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए खोवा मंडी क्षेत्र में नियमित स्तर पर पुलिस की तैनाती की गई है। इस बीच, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश मिश्रा ने कहा कि पुलिस को निशा सिंघानिया और अन्य को गिरफ्तार करने, उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकने या उन्हें नजरबंद करने का कोई आदेश नहीं मिला है। परिवार चाहे सख्त ऐक्शन बुधवार को सुभाष के भाई विकास ने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि मेरे भाई को न्याय मिले। मैं चाहता हूं कि इस देश में एक ऐसी कानूनी प्रक्रिया हो जिसके जरिए पुरुषों को भी न्याय मिल सके। मैं उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहता हूं जो विधिक पद पर बैठे हैं और भ्रष्टाचार कर रहे हैं, क्योंकि अगर यह जारी रहा तो लोग न्याय की उम्मीद कैसे कर पाएंगे।’ सुभाष का शव सोमवार को मराठाहल्ली पुलिस थाना क्षेत्र के मंजूनाथ लेआउट इलाके में स्थित उनके घर में फंदे से लटका मिला था।

शनिवार 14 दिसंबर को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन

रायपुर आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार 14 दिसंबर को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर की ओर से प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों और व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। यह वर्ष 2024 की चतुर्थ लोक अदालत होगी। लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय और व्यवहार न्यायालय में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता और मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरण एवं बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है। नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। जो विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे। इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जावेगा।  

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