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अजिंक्य रहाणे की शानदार 98 रन की पारी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा मुंबई

बेंगलुरु अजिंक्य रहाणे की शानदार 98 रन की पारी और सूर्यांश शेज की संयमित फिनिशिंग की बदौलत मुंबई ने बड़ौदा पर 6 विकेट से जीत दर्ज करके सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2024 के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। 159 रनों का पीछा करते हुए रहाणे की शानदार पारी ने मुंबई के लिए जीत की नींव रखी। अनुभवी बल्लेबाज ने 56 गेंदों की अपनी पारी में 11 चौके और पांच छक्के लगाए और बड़ौदा के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं। वह शतक से चूक गए, लेकिन उनके प्रदर्शन ने सुनिश्चित किया कि मुंबई पूरे लक्ष्य का पीछा करते हुए नियंत्रण में रहे। रहाणे को श्रेयस अय्यर का अच्छा साथ मिला जिन्होंने 30 गेंदों पर 46 रनों की तेज पारी खेली। दोनों ने 88 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की जिसने मुंबई को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया। अय्यर के आउट होने के बाद सूर्यकुमार यादव एक रन बनाकर आउट हो गए और शिवम दुबे ने लय बनाए रखी, इससे बाद सूर्यांश शेज ने डेब्यू करने वाले शाश्वत रावत की गेंद पर छक्का लगाकर मैच को अपने नाम किया। मुंबई ने 16 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। बड़ौदा के गेंदबाजों ने मुंबई की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप पर दबाव बनाने में विफल रहते हुए कड़ी चुनौती पेश की। अतीत शेठ और अभिमन्यु सिंह राजपूत ने एक-एक विकेट लिया, जिसमें राजपूत ने पारी के अंत में रहाणे को आउट किया – मुंबई को जीत की ओर ले जाने वाला एक सांत्वना विकेट। रहाणे की शानदार पारी ने उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिलाया जिसने मुंबई के सफल लक्ष्य का पीछा करने में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। इस जीत के साथ मुंबई फाइनल में पहुंच गई, जहां उनका लक्ष्य एक चुनौतीपूर्ण प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ चैंपियनशिप जीतना है। इससे पहले बड़ौदा ने शिवालिक शर्मा की देर से की गई आतिशी पारी की बदौलत 158/7 का प्रतिस्पर्धी लक्ष्य रखा। हालांकि शेज और तनुश कोटियन की अगुआई में मुंबई के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण ने उन्हें पारी के अधिकांश समय तक काबू में रखा। बड़ौदा की पारी ने अंतिम ओवरों में गति पकड़ी जिसमें शर्मा ने 24 गेंदों पर 36 रन और महेश पिथिया ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाया। अतीत शेठ ने 14 गेंदों पर 22 रन की तेज पारी खेली, जिससे स्कोर और मजबूत हुआ। शार्दुल ठाकुर ने एक महत्वपूर्ण विकेट लिया, लेकिन वह महंगे साबित हुए और अपने चार ओवरों में 46 रन दिए। स्थिर शुरुआत के बाद बड़ौदा का मध्यक्रम लड़खड़ा गया। हार्दिक पांड्या सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए, दुबे की चतुर विविधताओं के सामने वे हार गए। शाश्वत रावत ने 29 गेंदों पर 33 रन की उपयोगी पारी खेली, लेकिन कोटियन की गेंद पर बोल्ड हो गए। मुंबई के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया खासकर पावरप्ले में। शेज ने 2/11 के आंकड़े से प्रभावित किया जिसमें विष्णु सोलंकी को आउट करने के लिए एक शानदार रिटर्न कैच भी शामिल था जबकि अथर्व अंकोलेकर ने 1/25 के साथ मैच को संभाला।

इस्तांबुल एयरपोर्ट पर उड़ान में देरी होने की वजह से यात्रियों को परेशानी, 400 यात्री भूखे-प्यासे 24 घंटे फंसे रहे

नई दिल्ली नई दिल्ली और मुंबई और तुर्किये के बीच यात्रा करने वाले 400 यात्री भूखे-प्यासे 24 घंटे इस्तांबुल एयरपोर्ट पर फंसे रहे। उड़ान में देरी होने की वजह से यात्रियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं एयरलाइन का कहना था कि परिचालन संबंधी दिक्कत की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। परेशान यात्रियों ने सोशल मीडिया पर बताया कि बिना ठहरने की उचित व्यवस्था और खाना के वे ठंड में एयरपोर्ट पर ही इंतजार करते रहे। एक यात्री ने सोशल मीडिया पर कहा, हमारी इस्तांबुल से दिल्ली के लिए फ्लाइट थी। कम से कम 500 यात्री एयरपोर्ट पर ही फंस गए। उड़ान का समय रात का 8 बजकर 10 मिनट था। लेकिन यह फ्लाइट अगले दिन दोपहर 1 बजकर 30 मिनट के लिए शेड्यूल कर दी गई। क्या यात्रियों के साथ ऐसा ही व्यवहार होना चाहिए? मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रोहन राजा नाम के यात्री ने कहा कि दिल्ली के लिए फ्लाइट कैंसल करक दी गई। आने-जाने की सुविधा और ठहरने की सुविधा के बिना यात्रियों को सात डिग्री के तापमान में एयरपोर्ट पर ही ठिठुरना पड़ा। एक अन्य यात्री ने कहा कि इंडिगो की 6E0018 फ्लाइट डिजास्टस साबित हुई। यह फ्लाइट लगभग 20 घंटे लेट हो गई। यात्रियों ने बताया कि पहले उड़ान को दो घंटे देरी से बताया गया। इसके बाद अचानक इसे रद्द कर दिया गया। इसके बाद बताया गया कि अब उड़ान 12 घंटे बाद के लिए शेड्यूल कर दी गई है। इसके बाद सारे यात्री फंस गए। कुछ लोग बीमार भी थे। ना तो यात्रियों को भोजन दिया गया और ना ही रुकने की जगह। इंडिगो के किसी कर्मचारी ने यात्रियों से संपर्क भी नहीं किया। ऐसे में लोग ठंड में ही ठिठुरते रहे। एयरलाइन ने कहा कि आवास का प्रबंध किया गया है लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए कोई भी परिवहन नहीं था। सोशळ मीडिया पर लोगों ने बताया कि उनसे वादा किया गया था कि इस्तांबुल एयरपोर्ट पर ही उन्हें लाउंज दिलाया जाएगा। कई लोग घंटों खड़े होकर इंतजार करत रहे। लेकिन कोई सही जानकारी देने को ही तैयार नहीं था।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा जनादेश परब में शामिल होने पहुंचे छत्तीसगढ़, सीएम साय

रायपुर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा आज छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में राजधानी में आयोजित जनादेश परब में शामिल होने के लिए रायपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नड्डा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पहुंचने पर पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया।  इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव, विजय शर्मा सहित स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी एवं किरण देव सिंह ने भी केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत किया।

आप की सांसद ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा, मुख्यमंत्री के माता-पिता को घेरा

नई दिल्ली 2001 में संसद भवन पर हुए हमले की 23वीं बरसी पर उन शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई जिन्होंने अपने प्राणों को न्योछावर करके आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम किया था। संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत सभी दलों के सांसदों ने श्रद्धांदलि दी। सोशल मीडिया पर भी कई शख्सियतों ने शहीदों के प्रति कृतज्ञता जाहिर की। इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी की घेराबंदी भी जा रही है। आम आदमी पार्टी (आप) से बगावत कर चुकीं सांसद स्वाति मालीवाल और भाजपा नेताओं ने आतिशी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के माता-पिता ने संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को बचाने की कोशिश की थी। आप की राज्यसभा सांसद ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा। इसके साथ ही उन्होंने आतिशी को उनके माता-पिता को लेकर घेरा। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली की सीएम आतिशी मार्लेना जी के माता पिता ने इस आतंकी हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु को बचाने के लिए माफी याचिकाएं डाली, राष्ट्रपति को पत्र लिखे, कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी। आज उन्हें माफी मांगनी चाहिए और खुलकर बोलना चाहिए की अफजल गुरु एक आतंकी था। ये हमला सिर्फ संसद पर नहीं, बल्कि इस देश के लोकतंत्र पर था।’ गौरतलब है कि आतिशी के पिता पिता विजय सिंह और मां तृप्ता वाही दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे हैं। आतिशी को सीएम बनाए जाने के मौके पर भी मालीवाल ने यह मुद्दा उठाया था और कहा था कि आतिशी के माता-पिता ने आतंकवादी अफजल गुरु को बचाने के लिए लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने फांसी की सजा माफ कराने के लिए राष्ट्रपति के सामने याचिका दायर की थी। दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली इस बात को भूल नहीं सकती है कि आतिशी के माता-पिता ने अफजल गुरु को बचाने के लिए अभियान चलाया। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘आज के दिन संसद भवन पर आतंकवादियों ने हमला किया था। हमले का मास्टरमाइंड था अफजल गुरु। उस हत्यारे आतंकी अफजल गुरु को बचाने के लिए आतिशी मार्लेना के माता पिता ने अभियान चलाया था, अफजल को फांसी होने पर फूट-फूट कर रोए थे। दिल्ली भूलेगी नहीं।’

आशा नेगी ने अपनी पुरानी यादें की शेयर

मुंबई टीवी सीरियल ‘पवित्र रिश्ता’ 2009 में शुरू हुए सबसे पसंदीदा और फेमस शो में से एक है। इसमें सुशांत सिंह राजपूत, अंकिता लोखंडे और आशा नेगी जैसी शानदार स्टार कास्ट थी, जो अब शो में अपने नए रोल्स के लिए जाने जाते हैं। हालांकि शो कुछ साल पहले ऑफ-एयर हो गया लेकिन पुरानी यादें और फैन फॉलोइंग आज भी बरकरार है। इसी को याद करते हुए आशा नेगी ने अपनी पुरानी यादें शेयर की हैं। आशा नेगी की बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है और वह अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को लेकर चर्चे में बनी रहती हैं। अक्सर आशा अपनी फोटोज फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं। वह अपने घायल कर देने वाले लुक्स से लोगों का ध्यान खींचने में कभी असफल नहीं होती हैं। चाहे वह पारंपरिक कपड़े हों या फिर वेस्टर्न, आशा इसे स्टाइल और फैशन के साथ पहनती हैं। आशा ने दिखाई पूर्वी देशमुख की यादें पूर्वी देशमुख का रोल करने वाली आशा नेगी ने अपने कैरेक्टर का एक फैन द्वारा बनाया गया वीडियो शेयर किया है जो आपको पुरानी यादों में गुम करा देगा और पुराने दिनों की ओर ले जाएगा। आशा को ज़ी टीवी के शो ‘पवित्र रिश्ता’ में पूर्वी देशमुख किर्लोस्कर और ऑल्ट बालाजी की वेब सीरीज़ ‘बारिश’ में गौरवी करमरकर की भूमिका के लिए जाना जाता है। शो में मिले ऋत्विक और हुआ प्यार उसी शो में आशा की मुलाकात उनके प्यार से हुई थी। ऋत्विक और आशा की मुलाकात उनके शो ‘पवित्र रिश्ता’ के सेट पर हुई थी। हालांकि, यह उनके लिए पहली नजर का प्यार नहीं था। सेट पर काफी समय बिताने के बाद ही उनकी दोस्ती कुछ और बढ़ी और उन्होंने 2013 में डेटिंग शुरू कर दी। उनके रिश्ते के सामने आने के कुछ महीनों बाद, ऋत्विक और आशा ने डांस रियलिटी शो नच बलिए 6 में भाग लिया और जीत हासिल की।

बल्लेबाज स्टीव स्मिथ जल्द ही बड़ी पारी खेलेंगे: पैट कमिंस

ब्रिस्बेन ब्रिस्बेन टेस्ट से पहले, ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि उनके प्रमुख बल्लेबाज स्टीव स्मिथ जल्द ही बड़ी पारी खेलेंगे। स्मिथ इस सीरीज में अब तक भारत के खिलाफ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। साल 2024 में अब तक खेले 7 टेस्ट में स्मिथ का औसत सिर्फ 23.20 रहा है। उनका अकेला अर्धशतक जनवरी में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिस्बेन में आया था। अपनी पसंदीदा नंबर चार की पोजीशन पर वापस आने के बाद भी स्मिथ भारत के खिलाफ सफल नहीं हो पाए हैं। उनके अब तक के स्कोर 0, 17 और 2 रहे हैं। कमिंस ने कहा, “उनके रिकॉर्ड को देखें तो लगता है कि रन दूर नहीं हैं। खासकर वह नेट्स में बेहतरीन दिख रहे हैं। वह आत्मविश्वास से भरे लगते हैं। पिछले मैच में वह लेग साइड पर आउट हो गए थे। मैं नहीं मानता कि इसे ज्यादा तूल दिया जाना चाहिए। मुझे पूरा यकीन है कि वह जल्द ही बड़ी पारी खेलेंगे।” सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है, और गाबा में होने वाला अगला टेस्ट दोनों टीमों के लिए काफी अहम है। यह टेस्ट न सिर्फ सीरीज जीतने के लिए बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के महत्वपूर्ण अंक जुटाने के लिए भी महत्वपूर्ण है। कमिंस ने आगे कहा, “ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतना हमारे लिए गर्व की बात है। ये हमारे घरेलू मैदान हैं और हम इन्हीं परिस्थितियों में खेलकर बड़े हुए हैं। आज के समय में विदेश में टेस्ट सीरीज जीतना सबसे मुश्किल काम है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए जरूरी है कि आप घर में सबकुछ जीतें और विदेश में भी जितना संभव हो, उतना जीतें। हम हर घरेलू सीरीज को जीतने की उम्मीद से खेलते हैं। यही हमारा स्टैंडर्ड है।” ब्रिस्बेन के मैदान पर खेलने को लेकर, जहां 2021 में भारत और 2024 में वेस्टइंडीज ने उन्हें हराया था, कमिंस ने कहा, “मैंने कल पिच देखी। यह पिछले कुछ सालों की तरह अच्छी लग रही थी। पिछले कुछ दिनों में धूप मिली है, जिससे यह उतनी हरी-भरी नहीं लग रही, जितनी 2022 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ थी। यह सिर्फ एक मैदान है। हम हर साल कई मैदानों पर खेलते हैं। यहां वापस आना अच्छा लगता है, लेकिन स्कोरबोर्ड तो 0-0 से ही शुरू होता है। मैदान सबकुछ नहीं होता।” कमिंस ने यह भी बताया कि वह भारतीय निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ बाउंसर की अपनी योजना पर कायम रहेंगे। एडिलेड में इसी रणनीति से उन्हें 5 विकेट मिले थे। उन्होंने कहा, “यह दिमाग में हमेशा एक विकल्प होता है। अगर यह बल्लेबाजों को असहज करता है और विकेट मिलने की संभावना दिखती है, तो यह प्लान ए भी बन सकता है। टेलेंडर्स के लिए यह विकेट लेने का बढ़िया तरीका है।”  

गिलेस्पी के इस्तीफे के बाद आकिब जावेद को पाकिस्तान का अंतरिम रेड-बॉल कोच नियुक्त किया गया

लाहौर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने पाकिस्तान टेस्ट क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनको इस साल अप्रैल में पाकिस्तान टेस्ट टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था। गिलेस्पी के इस्तीफे के बाद, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने आकिब जावेद को टेस्ट टीम का अंतरिम मुख्य कोच नियुक्त किया है। गिलेस्पी की आखिरी कोचिंग सीरीज में, पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की थी। फिलहाल, पाकिस्तान दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेल रहा है। इसके बाद तीन वनडे मैच होंगे और फिर बॉक्सिंग डे (26 दिसंबर) से सेंचुरियन में दो टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू होगी। आकिब जावेद का पहला काम इस दौरे के तहत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज की कोचिंग होगा। पहला टेस्ट मैच 26 से 30 दिसंबर के बीच सुपरस्पोर्ट पार्क, सेंचुरियन में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट 3 से 7 जनवरी तक न्यूलैंड्स क्रिकेट ग्राउंड, केपटाउन में होगा। पाकिस्तान फिलहाल आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के प्वाइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर है और अगले साल के फाइनल की दौड़ से बाहर हो चुका है। इस साइकिल में उनके पास चार टेस्ट मैच बाकी हैं। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका प्वाइंट्स टेबल में पहले स्थान पर है और हाल ही में श्रीलंका को 2-0 से हराने के बाद फाइनल में जगह बनाने की प्रबल दावेदार बन गया है। आकिब जावेद पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज हैं जिन्होंने 22 टेस्ट मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया है। टेस्ट मैचों में 54 विकेट लेने के अलावा जावेद ने 163 वनडे मैचों में 182 विकेट भी हासिल किए हैं। उनको एक शानदार तेज गेंदबाज माना जाता था जिनके पास बढ़िया यॉर्कर गेंद थी।  

मेरी मौत के जिम्मेदार हुंडई शोरूम के मालिक समेत पांच लोग हैं, जीएम ने मैसेज कर लगा ली फांसी

नई दिल्ली मुझपर गलत काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। मना करने पर गबन के आरोप में जेल भेजने की धमकी दी जाती है। मैं जान देने जा रहा हूं… मेरी मौत के जिम्मेदार सीतापुर खैराबाद स्थित बीआर हुंडई शोरूम के मालिक समेत पांच लोग हैं। पड़ोसी रिश्तेदार को यह मैसेज भेजकर कार शोरूम के जीमए ने गुरुवार को लखनऊ के गुडंबा स्थित घर में फांसी लगा ली। तहरीर पर गुडंबा पुलिस कार शोरूम मालिक समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है। गुडंबा के कल्याणपुर कंचन नगर निवासी विजय सिंह बिष्ट (38) सीतापुर खैराबाद स्थित बीआर हुंडई मोटर्स में जीएम थे। मूलरूप से वह उत्तराखंड पिथौरागढ़ के रहने वाले थे। कंचन नगर में विजय पत्नी सीता बिष्ट, बेटी वंशिका व बेटे विद्युत के साथ रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक गुरुवार दोपहर पत्नी सीता किसी काम से बाहर गई थी। बेटी वंशिका स्कूल गई थी। घर पर विजय और छह वर्ष का बेटा विद्युत था। दोपहर 2:30 बजे विजय ने पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदार पप्पू को फोन कर कहा कि एक मैसेज भेज रहा हूं। उसे सबको दिखा देना। मैसेज में आत्महत्या करने की बात पढ़कर उन्होंने पत्नी को विजय के घर भेजा। मेन गेट बंद था। उन्होंने विजय के मोबाइल पर फोन किया। बेटे विद्युत ने फोन उठाकर कहा कि पापा पंखे से लटके हुए हैं। आसपास के लोगों के लोगों के साथ वह घर पहुंचे तो विजय पंखे से दुपट्टे के फंदे के सहारे लटके हुए थे। आनन-फानन में उन्हें फंदे से उतारकर निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर गुडंबा प्रभातेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक पत्नी सीता बिष्ट की तहरीर पर कंपनी के मालिक सुरेश अग्रवाल, सुमित अग्रवाल व उनके सहयागी महेश अग्रवाल, संजय और ऑडिटर जितेंद्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। जेल भेजने की देते हैं धमकी पुलिस के मुताबिक विजय ने पड़ोस में रहने वाले पप्पू को भेजे गए मैसेज में लिखा है कि कार कि शो-रूम में मुझसे गलत काम करने का दबाव बनाया जाता है। काम करने से मना करने पर शोरूम मालिक समेत अन्य अधिकारी गबन के आरोप में जेल भेजने की धमकी देते हैं। मेरी मौत के जिम्मेदार शो-रूम मालिक समेत पांच लोग हैं। 20 लाख रुपये लेने की चर्चा कंपनी के कर्मचारियों के मुताबिक विजय ने कंपनी से 20 लाख रुपये लिए थे। उनपर रुपये लौटाने का दबाव था। विजय रुपये लौटाने के लिए प्रयास भी कर रहे थे। गुरुवार को विजय की पत्नी सीता एक फाइनेंस कंपनी में जेवर गिरवी रखने भी गई थी।

मुंबई इंडियंस ने आईपीएल 2025 से पहले कार्ल हॉपकिंसन को फील्डिंग कोच नियुक्त किया

मुंबई पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने शुक्रवार को कहा कि उसने आईपीएल 2025 से पहले कार्ल हॉपकिंसन को अपना नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया है। हॉपकिंसन ने जेम्स पैमेंट की जगह ली है, जो सात साल तक मुंबई इंडियंस के फील्डिंग कोच थे। न्यूजीलैंड के मूल निवासी पैमेंट 2019 और 2020 में मुंबई इंडियंस की लगातार खिताबी जीत का हिस्सा थे। फ्रेंचाइजी ने एक बयान में कहा, “हम उन्हें धन्यवाद देना चाहते हैं और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देना चाहते हैं।” हॉपकिंसन ने हाल ही में इंग्लैंड के लंबे समय से चले आ रहे फील्डिंग कोच के रूप में अपना कार्यकाल समाप्त किया है, यह भूमिका उन्होंने 2018 में संभाली थी। वे 2019 में घरेलू धरती पर इंग्लैंड के वनडे विश्व कप और नवंबर 2022 में ऑस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप जीत में शामिल थे। हॉपकिंसन वेस्टइंडीज में 2022 में अंडर19 विश्व कप में इंग्लैंड अंडर19 टीम के मुख्य फील्डिंग कोच भी थे, जहां वे 1998 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचने के बाद भारत के बाद उपविजेता रहे। ससेक्स के लिए अपने खेल करियर में, हॉपकिंसन ने 64 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिसमें 2,705 रन बनाए और 27.60 की औसत से रन बनाए, जिसमें तीन शतक भी शामिल हैं। उन्होंने 92 लिस्ट ए मैचों में 1,400 रन और 28 टी20 मैचों में 165 रन बनाए, इसके अलावा 2007 में काउंटी चैंपियनशिप जीतने वाली ससेक्स के अहम सदस्य भी रहे। फील्डिंग कोच के रूप में उनका काम अब बंद हो चुकी चैंपियंस लीग टी20 में ससेक्स टीम के साथ शुरू हुआ, 2010 से टीम के कोचिंग स्टाफ के साथ जुड़े रहे। 2018 में इंग्लैंड सेट-अप में जाने से पहले, उन्होंने 2012 और 2016 के बीच ससेक्स के दूसरे XI कोच के रूप में भी काम किया। आईपीएल 2025 के लिए, मुंबई के पास रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा की मजबूत भारतीय चौकड़ी के साथ हार्दिक पांड्या कप्तान होंगे। जेद्दा में पिछले महीने की मेगा नीलामी में, मुंबई ने ट्रेंट बोल्ट, विल जैक्स, रयान रिकलेटन, मिशेल सेंटनर, लिजाद विलियम्स और रीस टॉपली जैसे अनुभवी विदेशी खिलाड़ियों को शामिल किया। उन्होंने दीपक चाहर, नमन धीर, रॉबिन मिंज, कर्ण शर्मा, राज अंगद बावा जैसे भारतीय खिलाड़ियों के साथ-साथ अल्लाह ग़ज़नफ़र, बेवॉन जैकब्स, विग्नेश पुथुर और वेंकट सत्यनारायण राजू जैसे कम प्रसिद्ध खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल किया।  

मोदी के विकसित भारत की उड़ान भरता मोहन का मध्यप्रदेश

नरेन्द्र शिवाजी पटेल भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का सपना साकार हो रहा है। इस सपने को साकार करने में स्वास्थ्य क्षेत्र की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक स्वस्थ राष्ट्र ही समृद्ध और शक्तिशाली राष्ट्र बन सकता है। स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार, तकनीकी विकास और गुणवत्ता सुधार के प्रति प्रतिबद्धता के साथ भारत वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में राज्य ने लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। जहां एक ओर प्रदेश में वर्ष- 2003 तक सिर्फ 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज थे। अब 17 मेडिकल कॉलेज संचालित है। हाल ही में 3 नये मेडिकल कॉलेज नीमच, मंदसौर, सिवनी का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री मोदी के कर कमलों से संपन्न हुआ है। आगामी 2 वर्षों 8 शासकीय और 12 मेडिकल कॉलेज PPP मोड पर प्रारंभ करने की योजना प्रक्रियाधीन है। राज्य सरकार प्रत्येक जिले के लिए एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी की दूरदर्शिता और दृढ़-संकल्प ने प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में कई ऐतिहासिक पहल की हैं। उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी और एक नए चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 592.30 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। 13 शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों की स्थापना के लिए स्वीकृति दी है। स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 46,491 नए पद सृजित किए गए हैं। यह कदम न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगा। प्रदेश में दो वर्षों से लंबित लगभग एक लाख नर्सिंग छात्र-छात्राओं की परीक्षा इस वर्ष आयोजित की गई, जिससे उनके भविष्य को लेकर उपजे संदेह का निराकरण हुआ है। प्रदेश के हर नागरिक को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता रही है। जहां एक ओर प्रधानमंत्री जी ने आयुष्मान योजना का विस्तार करते हुए 70 वर्ष से अधिक के नागरिकों को योजना में लाभ की पात्रता प्रदान की है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री जी ने “पीएमएयर एंबुलेंस सेवा” के माध्यम से राज्य के गंभीर रोगियों और दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित और उच्च चिकित्सा सहायता प्रदान की है। हेली एंबुलेंस और फिक्स्ड विंग फ्लाइंग एंबुलेंस की सेवाएं राज्य के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत कर रही हैं। मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत निरामयम योजना के अंतर्गत 4.02 करोड़ कार्ड जारी किए गए हैं। लगभग 5599 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र भी खोले गए हैं, जिससे न्यूनतम दर पर मरीजों को दवा उपलब्ध हो सकेगी। सरकार ने गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के बाल चिकित्सा विभाग में अपना पहला राज्य नवजात और बाल चिकित्सा संसाधन केंद्र स्थापित किया। डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाया गया है। पीएम-जनमन अभियान के तहत 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स संचालित की गईं, जो दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इसी क्रम में देश में पहली बार किसी शासकीय चिकित्सालय में ब्लड कैंसर के मरीजों के लिए CAR- T-Cell Therapy की सुविधा इंदौर के महाराजा यशवंतराव होल्कर चिकित्सा महाविद्यालय में उपलब्ध करवाई है। तो वहीं हृदय रोग की आधुनिक उपचार सेवा हेतु भोपाल के जय प्रकाश जिला चिकित्सालय में 30 बिस्तरीय कार्डियक कैथ लैब की स्थापना की जा रही है। यह भी महत्वपूर्ण पहल है कि एम.आर.आई. सेवाओं को व्यवस्थित करते हुए प्रदेश के 5 संभागीय मुख्यालयों के जिला चिकित्सालयों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर एवं उज्जैन) में एम.आर.आई. मशीनों की स्थापना की जा रही है। मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग में दूसरे स्थान पर है और इसी रोग से ग्रसित वयस्क मरीजों को गंभीर संक्रमणों से बचाने के लिए टीकाकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। गर्भवती महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए राज्य सरकार ने जननी शिशु सुरक्षा योजना के अंतर्गत उन जिलों में जहाँ गर्भवती महिलाओं के लिए सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध नहीं थी, अब निजी सोनोग्राफी सेंटरों के माध्यम से निःशुल्क सोनोग्राफी प्रदान की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने तकनीक और नवाचार को अपनाते हुए प्रदेश को नई दिशा दी है। उनकी दूरदर्शिता और प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं न केवल तकनीकी रूप से उन्नत हुई हैं, बल्कि हर नागरिक तक पहुंचने में भी सक्षम हो रही हैं। प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के लक्ष्य के साथ कदम से कदम मिलाते हुए, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए जो कार्य किए हैं, वे आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करेंगे।  

झांसी में मुफ्ती खालिद पूछताछ के बाद छोड़ा, टीम पर हमला करने वाले 110 लोगों पर ऐक्शन

झांसी झांसी में एनआईए व एटीएस की संयुक्त कार्यवाही के दौरान पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए मुफ्ती मोहमद खालिद को एनआईए ने छोड़ा दिया। वहीं घर में छापेमारी और पूछताछ के लिए हिरासत में ले जाने पर समर्थकों द्वारा धक्का मुक्की कर मुफ्ती को छुड़ाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने 110 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस सभी टीम पर हमला करने का आरोप है। विदेशी फंडिंग के मामले में मुफ्ती मोहम्मद खालिद के घर गुरुवार तड़के सुबह एनआईए व एटीएस ने छापामारी की थी। पूछताछ कर जांच में मिले दस्तावेज जब्त कर जांच एजेंसियां खालिद को हिरासत में लेकर जा रही थी। इसी दौरान मोहल्ले वासियों के साथ समर्थकों ने जांच एजेंसी को घेरकर धक्का मुक्की कर खालिद को छुड़ाकर मस्जिद के अंदर ले गई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिलाओं सहित 110 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सीओ सिटी रामवीर सिंह ने बताया कि महिलाओं सहित 110 लोगों पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

अरबपति हैं 32 साल की सिंगर सेलेना गोमेज, जस्टिन बीबर की EX गर्लफ्रेंड की कमाई उनसे ज्यादा

न्यूयॉर्क अमेरिकन सिंगर सेलेना गोमेज ने बॉयफ्रेंड बेनी ब्लैंको के साथ सगाई कर ली है और इसी कारण सुर्खियों में बनी हुई हैं। सेलेना अपनी पर्सनल लाइफ के साथ प्रोफेशनल को लेकर भी चर्चे में रहती हैं। ग्लोबल स्टार के पास प्यार से साथ अपार संपत्ति भी है। वो एक अरबपति हैं, जिनकी कुल संपत्ति 1.3 बिलियन डॉलर आंकी गई है। 32 वर्षीय सेलेना की कुल नेटवर्थ सिंगिंग, ब्रांड एंडोर्समेंट और एक्टिंग से आती है, लेकिन उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा उनकी 5 साल पुरानी मेकअप कंपनी रेयर ब्यूटी से जुड़ा है। उनके ब्रांड की सफलता ने उन्हें ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स पर टेलर स्विफ्ट और रिहाना जैसी सबसे कम उम्र की हस्तियों में सबसे अमीरों में से एक बना दिया है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, ‘ओनली मर्डर्स इन द बिल्डिंग’ स्टार Selena Gomez ने इंस्टाग्राम पर दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा फॉलो की जाने वाली शख्सियत के रूप में भी पैसे कमाए हैं। वह फुटबॉल आइकन क्रिस्टियानो रोनाल्डो के 639 मिलियन फॉलोअर्स और लियोनेल मेस्सी के 505 मिलियन इंस्टाग्राम फॉलोअर्स से पीछे हैं। सेलेना गोमेज के 424 मिलियन फॉलोअर्स हैं और उनकी नेटवर्थ लगभग 10000 करोड़ रुपये हैं। सेलेना गोमेज की नेटवर्थ कितनी? सेलेना गोमेज का करियर स्टोरीबुक जैसा है, जिसकी शुरुआत डिज्नी चैनल पर एक टीवी शो ‘द विजार्ड्स ऑफ वेवरली प्लेस’ से हुई थी। उनके पास कई फेमस टीवी शोज और फिल्म प्रोजेक्ट भी हैं। उन्होंने अब बंद हो चुके मैक्स कुकिंग शो ‘सेलेना + शेफ’ को बनाया और हिट शो ‘ओनली मर्डर्स इन द बिल्डिंग’ में कॉमेडी आइकन मार्टिन शॉर्ट और स्टीव मार्टिन के साथ भी काम किया। ब्लूमबर्ग के अनुसार, 32 वर्षीय स्टार ने लुई वुइटन, कोच और प्यूमा जैसी कंपनियों के साथ एंडोर्समेंट डील से भी करोड़ों डॉलर कमाए हैं। सेलेना का कई करोड़ का अपना ब्रांड हालांकि, उनकी ऑन-स्क्रीन सफलता के बावजूद, उनकी ये उपलब्धियां उनकी नेटवर्थ का छोटा हिस्सा हैं। उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा ‘रेयर ब्यूटी’ से जुड़ा है, जिसे उन्होंने 2020 में लॉन्च किया था। कथित तौर पर इस ब्रांड ने फरवरी तक 12 महीनों में 400 मिलियन की बिक्री की। उन्होंने कथित तौर पर ‘रेयर ब्यूटी’ के लिए निवेशकों से संपर्क किया और उससे भी कई डॉलर रुपये की कमाई की। रियलिटी शो से भी कमाती हैं पैसे 32 वर्षीय सिंगर के बाकी के इनकम में उनके शो ‘ओनली मर्डर्स इन द बिल्डिंग’ से होने वाली आय शामिल है, जिसे हाल ही में पांचवें सीजन के साथ लॉन्च किया गया है, जहां से वह कथित तौर पर प्रति सीजन 6 मिलियन डॉलर कमाती हैं। इसके अलावा, उनकी सिंगिंग रॉयल्टी का एक छोटा हिस्सा भी इसमें शामिल है।

गाबा टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलियाई प्लेइंग-11 घोषित, रोहित-विराट को परेशान कर चुके इस गेंदबाज की वापसी

गाबा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शनिवार से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मुकाबला खेला जाना है। यह मैच ब्रिस्बेन के गाबा में खेला जाएगा। इसके लिए ऑस्ट्रेलिया ने प्लेइंग-11 की घोषणा कर दी है। तीसरे मुकाबले के लिए जोश हेजलवुड की टीम में वापसी हुई है। वह चोट की वजह से एडिलेड में खेले गए दूसरे टेस्ट में नहीं खेले थे। हेजलवुड अपनी सटीक लाइन लेंथ के लिए जाने जाते हैं और वह भारत के दिग्गज बल्लेबाजों रोहित शर्मा और विराट कोहली को खूब परेशान करते हैं। हेजलवुड की वापसी से स्कॉट बोलैंड को प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया गया है। बोलैंड को एडिलेड डे नाइट टेस्ट में हेजलवुड की जगह शामिल किया गया था। यह टीम में एकमात्र बदलाव रहा। कप्तान पैट कमिंस ने कहा, ‘यह मुश्किल है, बोलैंड ने एडिलेड में शानदार प्रदर्शन किया था। दुर्भाग्य से उन्होंने पिछले 18 महीनों में बेंच पर काफी समय बिताया है। लेकिन जब भी वह खेले हैं, वह शानदार रहे हैं। मुझे आश्चर्य होगा अगर उन्हें एक और मैच खेलने को नहीं मिलता है तो। हमने उनसे कहा कि वह एमसीजी में चौथे टेस्ट के लिए तैयारी कर सकते हैं क्योंकि अच्छी संभावना है कि हमें उनकी जरूरत पड़ेगी। इतिहास बताता है कि इस टेस्ट सीरीज में किसी अलग टैलेंट की जरूरत पड़ी है। एक अच्छी बात यह है कि उन्होंने शायद सीरीज में एक टेस्ट खेल लिया है और उन्हें मैच प्रैक्टिस मिल चुकी है। वह आखिरी दो टेस्ट की तैयारी में जुट सकते हैं। तीसरे टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग-11 उस्मान ख्वाजा, नाथन मैकस्वीनी, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, ट्रेविस हेड, मिचेल मार्श, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्टार्क, नाथन लियोन, जोश हेजलवुड। गाबा के पिच क्यूरेटर ने क्या कहा? ‘क्रिकेट.कॉम.एयू’ ने शनिवार से शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट से पहले गाबा के क्यूरेटर डेविड सैंडर्सकी के हवाले से कहा, ‘साल के अलग-अलग समय निश्चित रूप से इसे अलग बनाते हैं, यह थोड़ी अलग पिच हो सकती है।’ उन्होंने कहा, ‘सत्र के आखिर में पिचों में थोड़ी अधिक टूट-फूट हो सकती है सत्र की शुरुआत में पिचें आमतौर पर थोड़ी नई होती हैं और उनमें थोड़ी अधिक गति और उछाल होती है।’ सैंडर्सकी ने कहा, ‘आम तौर पर हम अब भी पिच को हर बार ठीक उसी तरह से तैयार करते हैं ताकि हम वह अच्छी गति और उछाल प्राप्त कर सकें जिसके लिए गाबा को जाना जाता है। हम बस हर साल की तरह गाबा का पारंपरिक विकेट बनाने की कोशिश कर रहे हैं।’ गेंदबाजों को मिलेगी मदद एडिलेड में गुलाबी गेंद से खेले गए दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की आसान जीत के बाद पांच मैच की सीरीज 1-1 से बराबर है। पिछले महीने घरेलू गुलाबी गेंद के मैच के पहले दिन गाबा में 15 विकेट गिरे थे और क्यूरेटर ने कहा कि सतह वैसी ही होगी। सैंडर्सकी ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य उसी तरह का विकेट बनाना है जहां बल्ले और गेंद के बीच अच्छा संतुलन था। उम्मीद है कि इसमें सभी के लिए कुछ ना कुछ होगा।’ भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को भारतीय खिलाड़ियों के एडीलेड से ब्रिसबेन पहुंचने का वीडियो पोस्ट किया। भारत ने पर्थ में पहला टेस्ट 295 रन से जीता था लेकिन एडीलेड में गुलाबी गेंद के मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा।  

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में जूनियर नहीं बनेंगे डीन, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

इंदौर राजधानी भोपाल और प्रदेश के 18 मेडिकल कॉलेजों में डीन की सीधी भर्ती को लेकर चल रहे विवाद में हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने साफ तौर पर कहा कि किसी सीनियर प्रोफेसर को जूनियर के तहत काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट का सरकार से सवाल     दरअसल, हाई कोर्ट ने इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के लिए वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश पांडे को डीन नियुक्त करने का आदेश भी दिया। दरअसल, डॉ. पांडे की डीन पद पर सीधी भर्ती को चुनौती देने वाली याचिका पर 10 दिसंबर को सुनवाई हुई थी। इस मामले में जस्टिस शुक्ला ने सरकार से पूछा कि डॉ. पांडे से जूनियर प्रोफेसर डॉ. अशोक यादव को डीन का प्रभार क्यों सौंपा गया, जबकि सरकार कोई ठोस जवाब या दस्तावेज पेश नहीं कर पाई। हाई कोर्ट ने वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश पांडे को एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर का डीन नियुक्त करने का आदेश भी दिया। दरअसल, प्रो. डॉ. वेद प्रकाश पांडे की इंदौर में डीन के पद पर सीधी भर्ती से नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर 10 दिसंबर को सुनवाई हुई। इसमें जस्टिस शुक्ला ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा कि डॉ. पांडेय से जूनियर डॉ. अशोक यादव को किस आधार पर डीन का प्रभार सौंपा गया। कोर्ट ने यह पाया कि सरकार ने कोई तथ्य या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए हैं। अन्य मेडिकल कॉलेजों की सुनवाई 7 जनवरी को सरकार के वकील ने तर्क दिया कि प्रोफेसरों की गोपनीय रिपोर्ट डीन नहीं, बल्कि कमिश्नर व संचालक लिखते हैंं। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज पेश नहीं दे सके। कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में विस्तृत जवाब 7 जनवरी तक मांगे हैं। अन्य मेडिकल कॉलेजों में डीन की सीधी भर्ती के मामलों की सुनवाई भी इसी दिन निर्धारित की गई है। 7 जनवरी को फिर सुनवाई वहीं इस पर सरकार के वकील ने तर्क दिया कि डीन की गोपनीय रिपोर्ट कमिश्नर और संचालक लिखते हैं, न की प्रोफेसर। हालांकि, इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने सरकार से इस मामले में विस्तृत जवाब 7 जनवरी तक देने को कहा है, और अन्य मेडिकल कॉलेजों में डीन की सीधी भर्ती से जुड़े मामलों की सुनवाई भी उसी दिन होगी।

सबसे युवा विश्व शतरंज चैंपियन बने गुकेश, 18 की उम्र में रच डाला इतिहास

नई दिल्ली भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने विश्व शतरंज चैंपियनशिप के 14वें और अंतिम दौर में चीन के डिंग लिरेन को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। लिरेन को हराकर वह सबसे युवा विश्व शतरंज चैंपियन बन गए। 18 वर्ष की उम्र में उन्होंने इतिहास रच दिया। 6.5 अंको के साथ खेल की शुरुआत हुई थी। अंतिम मैच भी ड्रॉ की तरफ बढ़ता दिख रहा था कि तभी लिरेन की एक गलती उनके लिए भारी पड़ गई और गुकेश को जीत दिला गई। भारतीय युवा स्टार ने लिरेन को 7.5-6-5 से हराकर विश्व खिताब अपने नाम किया। 12 साल के बाद किसी भारतीय ने इस खिताब पर कब्जा जमाने में कामयाबी हासिल की है। गुकेश ने 18 साल आठ महीने 14 दिन की उम्र में यह खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने गैरी कास्पारोव का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 22 वर्ष छह महीने 27 दिन की उम्र में खिताब जीता था। गुकेश से पहले भारत के विश्वनाथन आनंद (2000-2002 और 2007-2013) विश्व शतरंज चैंपियन रहे। गुकेश के लिए साल का अंत शानदार रहा है। इस साल वे कई और खिताब जीते, जिनमें कैंडिडेट्स 2024 टूर्नामेंट और शतरंज ओलंपियाड शामिल है, जिसमें उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। दुनिया को कई बार चौंका चुके गुकेश शतरंज की दुनिया की नई सनसनी 17 वर्षीय गुकेश ने अपने करियर में कई बार दुनिया को चौंकाया है। वह इस छोटी सी उम्र में कई रिकॉर्ड बना चुके हैं। वह 12 साल, सात महीने, 17 दिन की उम्र में भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बन गए थे और दुनिया के सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर का टैग केवल 17 दिनों से चूक गए थे। उन्होंने पिछले साल पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को पछाड़कर 36 साल बाद पहली बार देश के शीर्ष रैंकिंग खिलाड़ी के रूप में प्रवेश किया। अब उन्होंने उस प्रभावशाली सूची में एक और उपलब्धि जोड़ दी है। कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट जीतने के साथ ही गुकेश 40 साल पहले महान गैरी कास्पारोव द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ते हुए विश्व खिताब के लिए सबसे कम उम्र के चैलेंजर बन गए। रूस के पूर्व महान कास्पारोव 22 साल के थे जब उन्होंने 1984 में हमवतन अनातोली कारपोव के साथ भिड़ने के लिए क्वालिफाई किया था। तकनीकी इंजनों से दूर रहे गुकेश, ऐसे की तैयारी भारत में कम उपलब्धि पर ही स्टारडम हासिल करने वाले खिलाड़ियों के बीच गुकेश की पहचान तब तक छुपी रही जब तक उन्होंने अपने करियर में 2500 की रेटिंग पार नहीं कर ली। वह तकनीकी इंजनों से दूर रहे और अपनी तैयारी के लिए कंप्यूटर का कम से कम इस्तेमाल किया। गुकेश के इस तरीके की भारत के महानतम चेस खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने भी तारीफ की थी। उन्होंने एक बार एक इंटरव्यू में कहा था- गुकेश इस तरह की सोच रखने वाले दुनिया के चुनिंदा खिलाड़ियों में हैं, जो अपने खेल के शीर्ष पर होने के बावजूद स्टार नहीं थे। यह एक बहुत ही स्वस्थ दृष्टिकोण है। महत्वपूर्ण बात यह थी कि उन्होंने सीधे किसी तरह का दृष्टिकोण नहीं अपनाया बल्कि अपने ट्रेनर की मदद ली। ऐसा ही होना चाहिए। एक खिलाड़ी को खेलने के स्किल पर ध्यान देना चाहिए और ट्रेनर उन्हें सबसे अच्छी जानकारी दे सकता है। विष्णु ने गुकेश को दिलाई विश्वस्तरीय पहचान गुकेश को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने वाले विष्णु प्रसन्ना खुद भी स्वीकार करते हैं कि यह एक जोखिम भरा कदम था। वह कहते हैं कि हमारा उद्देश्य बहुत सटीक होना और शतरंज के लिए अपने खुद के स्किल को विकसित करना था। जब आप खेल खेल रहे होते हैं, तो आप हमेशा पूरी तरह से निश्चित नहीं होते हैं। लेकिन अगर आप हमेशा कंप्यूटर से जांच कर रहे हैं तो यह आपको एक स्पष्ट परिभाषा देता है कि कोई कदम अच्छा है या बुरा। उस भ्रमित मानसिकता को दूर रखने के लिए हमने वह तरीका अपनाया। यह एक प्रयोग था। हमें नहीं पता था कि यह कैसे काम करेगा। मैंने सोचा कि यह एक उपयोगी प्रयोग होगा और चूंकि वह कभी स्थिर नहीं हुआ, इसलिए हमने इसे जारी रखा। गुकेश का नंबर वन बनने का जुनून विष्णु ने कहा- हमें कोई परेशानी नहीं हुई। वह दुनिया के सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बनने के काफी करीब थे। यह कहना मुश्किल है कि इंजनों (कंप्यूटर) के साथ काम करने से हमारे अवसरों में सुधार होता या नहीं (दुनिया के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बनने का रिकॉर्ड जो गुकेश 17 दिनों से चूक गए)। हमें लगा कि वह अच्छा खेल रहा है। उस रिकॉर्ड के इतने करीब पहुंचना अपने आप में यह सबूत है कि वह अच्छा कर रहे थे। इसके अलावा वे कौन से पहलू हैं जो गुकेश को इतना अच्छा बनाते हैं? इस बारे में बताते हुए विष्णु ने कहा- वह अपने खेल के प्रति बेहद जुनूनी हैं। वह किसी और चीज के बारे में नहीं सोचते। बस एक लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया। यह एक निश्चित जुनून है। मैंने जितने भी बच्चों के साथ काम किया है, उनमें से किसी ने भी वह जुनून नहीं दिखाया है जो गुकेश ने दिखाया है। खेल के बारे में जुनून और नंबर एक बनने की सनक। 2017 में विष्णु के साथ काम करना शुरू किया गुकेश ने 2017 में विष्णु के साथ काम करना शुरू किया था, जब वह मुश्किल से 11 साल के थे। हालांकि, उन शुरुआती दिनों में विष्णु ने गुकेश ने विश्व नंबर एक और विश्व चैंपियन बनने के लिए प्रेरित किया था। विष्णु बताते हैं- शुरुआत में हम विश्व चैंपियन और नंबर एक बनने के बारे में बात करते थे। वह साढ़े 10 या 11 साल के रहे होंगे। वह सच में एक शानदार एथलीट है। हम शीर्ष स्तर पर खेलने जैसी परिस्थितियों के बारे में सोचते थे। मैं खुद उनसे यह बात करता था क्योंकि उनकी महत्वाकांक्षाएं उस उम्र में भी मेरे लिए स्पष्ट थीं।  

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