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क्राफ्ट बाजार, फूड फेस्टिवल, स्थानीय कल्चरल परफॉरमेंस के साथ कर सकेंगे हेरिटेज वॉक : राज्य मंत्री लोधी

चंदेरी इको रिट्रीट’ की शुरुआत 18 दिसंबर से : राज्य मंत्री लोधी स्त्री फ़िल्म की शूटिंग लोकेशन पर दर्शक ले सकेंगे सेल्फी प्राकृतिक सौंदर्य के बीच ऑल सीजन टेंट में लग्जरी ग्लैम्पिंग का मिलेगा अनुभव : राज्य मंत्री लोधी क्राफ्ट बाजार, फूड फेस्टिवल, स्थानीय कल्चरल परफॉरमेंस के साथ कर सकेंगे हेरिटेज वॉक : राज्य मंत्री लोधी देश के पहले क्रॉफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज “प्राणपुर” से खरीदे चंदेरी साड़ी भोपाल प्रसिध्द ऐतिहासिक नगर चंदेरी में एडवेंचर के रोमांच और लोक कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ लग्ज़री ग्लैपिंग के अनुभव के लिए ‘चंदेरी इको रिट्रीट’ की शुरुआत 18 दिसंबर से की जा रही है। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि ‘चंदेरी इको रिट्रीट’ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी चंदेरी को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से लाने का एक प्रयास है। चंदेरी इको रिट्रीट, पर्यटकों और आगंतुकों को चंदेरी की समृद्ध विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक स्थलों से अवगत कराएगा। इससे न केवल स्थानीय शिल्पकारों और व्यवसायों को रोजगार और लाभ मिलेगा, बल्कि चंदेरी देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा।   प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि ‘चंदेरी इको रिट्रीट’ के दूसरे संस्करण के दौरान चंदेरी की लोकप्रिय फिल्म लोकेशंस से पर्यटकों को जोड़ने के लिये स्त्री सेल्फी पॉइन्ट बनाने की पहल की गई है। ब्लॉकबस्टर फिल्म स्त्री के दोनों पार्ट की शूटिंग वाले लोकेशंस में जाकर पर्यटक सेल्फी लें सकेंगे। इसके साथ ही स्थानीय कला पर आधारित आर्ट और क्रॉफ्ट बाजार, स्थानीय व्यंजनों के स्वाद के लिए फूड फेस्टिवल, लोक कला व सांस्कृतिक आयोजन के साथ ही रोमांचक और साहसिक गतिविधियां पर्यटकों को अविस्मरणीय अनुभव के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा जिला प्रशासन अशोकनगर एवं ‘सन सेट डेजर्ट कैंप’ के सहयोग से ऑल सीज़न टेंट सिटी स्थापित की गई है। यहां पर्यटक लग्जरी ग्लैम्पिंग का अनुभव कर सकेंगे। चंदेरी के इतिहास को करीब से जानने के लिए “हेरिटेज वॉक” का भी आयोजन किया जाएगा, जो शहर के प्राचीन किलों, महलों और मस्जिदों की अद्भुत कहानियों को जीवंत बनाएगा। इसके साथ ही “चंदेरी इको रिट्रीट” दौरान एक इन-हाउस हॉस्पिटेलिटी टीम भी मौजूद रहेगी, जो मेहमानों को चंदेरी भ्रमण में मदद और मार्गदर्शन प्रदान करेगी। देश के पहले क्राफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज “प्राणपुर” से खरीदे चंदेरी साड़ी चंदेरी इको रिट्रीट के दौरान पर्यटकों को देश के पहले क्रॉफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज “प्राणपुर” का भ्रमण करने का मौका मिलेगा। प्राणपुर गांव विश्व प्रसिद्ध चंदेरी साड़ी को परंपरागत रूप से बनाए जाने के लिए विशेष पहचान रखता है। यहां पर्यटक न सिर्फ चंदेरी साड़ी खरीद सकते है बल्कि साड़ी बुनते हुए देख भी सकते है। साथ ही स्थानीय महिलाओं द्वारा संचालित हैंडलूम कैफे के आकर्षक इंटीरियर और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठा सकते है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने बुनकरों एवं शिल्पकारों की कला को संरक्षित करते हुए बाजार मुहैया कराने एवं प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से चंदेरी से 4 किलोमीटर दूर स्थित प्राणपुर में ‘क्रॉफ्ट हैंडलूम टूरिज्‍म विलेज’’ का विकास किया गया है।  

Ravichandran Ashwin ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की, गाबा टेस्ट के बाद लिया फैसला

नई दिल्ली भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। उन्होंने गाबा टेस्ट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की। अश्विन कप्तान रोहित शर्मा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे थे और वहां इसकी घोषणा की। संन्यास से पहले अश्विन ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली के साथ बैठे नजर आए थे। इस दौरान कोहली ने उन्हें गले भी लगाया था। अश्विन एडिलेड डे नाइट टेस्ट में टीम इंडिया का हिस्सा रहे थे। 38 साल का यह स्पिनर भारत के लिए कई रिकॉर्ड बना चुका है। वह टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में सातवें स्थान पर हैं। अश्विन के नाम 106 टेस्ट में 537 विकेट हैं। 59 रन देकर सात विकेट उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी है। इस दौरान उनका औसत 24.00 का और स्ट्राइक रेट 50.73 का रहा है। अश्विन टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय में अनिल कुंबले के बाद दूसरे नंबर पर हैं। कुंबले के नाम 619 टेस्ट विकेट थे। अश्विन का एलान चौंकाने वाला है, क्योंकि वह भारतीय सरजमीं पर भारतीय स्पिन अटैक की धार थे। ऑस्ट्रेलिया आकर अचानक से रिटायरमेंट का फैसला लेना चौंकाने वाला है। यह मेरा आखिरी दिन – अश्विन ने संन्यास को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”बतौर भारतीय क्रिकेटर इंटरनेशनल लेवल पर यह मेरा आखिरी दिन है.” अश्विन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भावुक नजर आए. उनके साथ कप्तान रोहित भी बैठे थे. ऐसा रहा अश्विन का टेस्ट करियर – अश्विन ने भारत के लिए 106 टेस्ट मैच खेले हैं. उन्होंने इस दौरान 3503 रन बनाए. अश्विन ने टेस्ट में 6 शतक और 14 अर्धशतक जड़े हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ टेस्ट स्कोर 124 रन रहा. वे भारत के लिए कई बार मुश्किल परिस्थिति में दमदार प्रदर्शन कर चुके हैं. अश्विन ने बैटिंग के साथ-साथ बॉलिंग में भी कमाल दिखाया. उन्होंने इस दौरान 537 विकेट झटके. अश्विन का एक टेस्ट पारी में 59 रन देकर 7 विकेट लेना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है. अश्विन ने भारत के लिए 41 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) मैच खेले हैं और उनके नाम 195 विकेट हैं, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा लिए गए सबसे ज्यादा विकेट हैं। टेस्ट क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन के अलावा अश्विन ने भारत के लिए 116 वनडे और 65 T20I खेले हैं। दोनों में उन्होंने क्रमशः 156 और 72 बल्लेबाजों को आउट किया है। अश्विन के संन्यास पर भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि वह अपने फैसले को लेकर काफी आश्वस्त था, हमें उसकी इच्छा का सम्मान करना चाहिए। वहीं, BCCI ने एक बयान में कहा कि निपुणता, कौशल, प्रतिभा और नवीनता के पर्याय हैं अश्विन। 537 विकेट लेने के अलावा अश्विन ने अपनी बल्लेबाजी से भी भारत को कई टेस्ट मैच जिताए हैं। वे टेस्ट में भारत के लिए 151 बार बल्लेबाजी करने उतरे और छह शतकों और 14 अर्द्धशतकों की मदद से 3503 रन बनाए। अपने 14 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान अश्विन ने भारत के लिए 44 टेस्ट सीरीज खेली। इस दौरान वह 11 मौकों पर प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीता, जो कि खेल के टेस्ट फॉर्मेट में किसी भी खिलाड़ी द्वारा संयुक्त रूप से सबसे अधिक है। 106 टेस्ट मैचों में अश्विन ने 37 बार पांच विकेट लिए हैं, जो खेल के पांच दिवसीय फॉर्मेट में किसी भारतीय गेंदबाज द्वारा लिया गया सबसे ज्यादा है। इस लिस्ट में अश्विन से आगे सिर्फ श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन (67) हैं। अश्विन ने 12 जून 2010 को जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में भारत के लिए अपना टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया। उन्होंने कुल 65 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 72 विकेट लिए। अश्विन के नाम टेस्ट में 37 फाइव विकेट हॉल है, जो कि किसी भारतीय गेंदबाज द्वारा सबसे ज्यादा है। उनके बाद कुंबले का नंबर आता है। कुंबले ने टेस्ट में 35 बार पारी में पांच विकेट लिए थे। ओवरऑल सबसे ज्यादा पारी में पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के नाम है। उन्होंने 67 बार ऐसा किया था। अश्विन शेन वॉर्न के साथ संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं। अश्विन 106 टेस्ट खेलने के अलावा 116 वनडे और 65 टी20 में भी टीम इंडिया का हिस्सा रहे। उन्होंने वनडे में 156 विकेट और टी20 में 72 विकेट लिए थे। वनडे में उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 25 रन देकर चार विकेट और टी20 में आठ रन देकर चार विकेट है। वनडे में उनकी इकोनॉमी 4.93 की और टी20 में 6.90 की रही है। हालांकि, इन दोनों में वह एक बार भी पारी में पांच विकेट नहीं ले पाए। इसके अलावा अश्विन ने टेस्ट में काफी रन भी बनाए हैं। उनके नाम टेस्ट में 3503 रन हैं। इस दौरान उनका औसत 25.75 का रहा है। अश्विन के नाम टेस्ट में सर्वोच्च स्कोर 124 रन का रहा है। उन्होंने छह शतक और 14 अर्धशतक लगाए हैं। इसके अलावा वनडे में उन्होंने 16.44 की औसत से 707 रन और टी20 में 114.99 के स्ट्राइक रेट से 184 रन बनाए हैं। अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू पांच जून 2010 को हरारे में श्रीलंका के खिलाफ वनडे में किया था। वहीं, टी20 डेब्यू उन्होंने 12 जून 2010 को ही हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ किया था। अश्विन का टेस्ट डेब्यू 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली में हुआ था। वह टेस्ट में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने टेस्ट में 11 बार प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीता है। इस मामले में वह मुरलीधरन की बराबरी पर हैं।  

प्रदेश में एनएचएआई की सभी प्रगतिरत परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए : मंत्री सिंह

लोकनिर्माण से लोककल्याण भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने मंगलवार को भोपाल निवास कार्यालय पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, और आगामी कार्य-योजनाओं की समीक्षा की। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बैठक में कहा कि प्रदेश में एनएचएआई की सभी प्रगतिरत परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि समय-सीमा के भीतर परियोजनाओं का पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है ताकि जनता को सुगम और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके। मंत्री सिंह ने कहा की “निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और सड़क सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाए।उन्होंने निर्माण संबंधी लंबित विषयों पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के समयबद्ध निर्माण के लिए प्रदेश सरकार दृढ़ संकल्पित है। मंत्री सिंह ने परियोजनाओं में वन अनुमति और भू-अर्जन संबंधी समस्यायों के समाधान के लिए विभागों से आपसी समन्वय कर उनका निराकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चर्चा कर परियोजनाओं में आ रही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे। मंत्री सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश के नागरिकों को न केवल बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन, उद्योग और व्यापार को भी नई दिशा मिलेगी। बैठक में एमडी एमपीआरडीसी अविनाश लवानिया, आरओ एनएचएआई एस.के.सिंह, ईएनसी पीडब्ल्यूडी केपीएस राणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, MP लोक सेवा आयोग ने जारी किया अगले साल होने वाली भर्ती परीक्षाओं का शेड्यूल

इंदौर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने अगले साल होने वाली परीक्षा को लेकर शेड्यूल (कार्यक्रम) जारी किया है। फरवरी में राज्य सेवा व वन सेवा परीक्षा और मई में मुख्य परीक्षा होगी। सहायक प्राध्यापक की परीक्षा दो चरणों में करवाई जाएगी। आयोग के मुताबिक अगले कुछ दिन में परीक्षा की तारीखें तय की जाएंगी। ये रहेगा परीक्षा कार्यक्रम राज्य व वन सेवा प्री-2025 16 फरवरी सहायक संचालक उद्यान-2023 मार्च सहायक संचालक संस्कृति-2023 अप्रैल असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2024 (15 विषय) मई राज्य सेवा मुख्य-2025 जून (प्रथम सप्ताह) खाद्य सुरक्षा अधिकारी-2024 जून तृतीय सप्ताह सहायक यंत्री-2024 जुलाई पुरालेख अधिकारी-संस्कृति विभाग-2024 जुलाई मुद्राशास्त्री-2024 जुलाईपुरालेखवेत्ता-2024 जुलाई पुरातत्वीय अधिकारी जुलाई सहायक संचालक मत्स्योद्योग अगस्त सहायक अनुसंधान अधिकारी-जनजातीय कार्य सितंबर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2024(12 विषय) अक्टूबर सहायक नियंत्रक (नापतौल) 2024 अक्टूबर एसएससी जीडी फाइनल रिजल्ट पर बड़ा अपडेट एसएससी जीडी फाइनल रिजल्ट 2024 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ गया है। कर्मचारी चयन आयोग ने फाइनल रिजल्ट 2024 को जारी कर दिया गया है। इस रिजल्ट में कुल 39375 पुरुष और 4891 महिलाओं का चयन किया गया है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रिजल्ट देख सकते हैं। इस रिजल्ट में 845 उम्मीदवारों का रिजल्ट रोका गया है। रिजल्ट जारी होने के बाद कई और प्रोसेस हैं, जिन्हें चयनित उम्मीदवारों को फालो करना है।आगे का यह होगा प्रोसेसएसएससी जीडी फाइनल रिजल्ट में उन सभी उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है, जो लिखित परीक्षा पीईटी, पीएसटी, डीवी, मेडिकल एग्जामिनेशन जैसे चरणों को पास किया है। अब इसके बाद कुछ प्रोसेस और हैं, जिन्हें छात्रों को फालो करके जाइनिंग दी जाएगी। इनमें डाक्युमेंट वेरिफिकेशन शामिल है। उसके बाद चयनित उम्मीदवारों को जाइनिंग दी जाएगी। जाइनिंग के बाद ट्रेनिंग दी जाएगी। डाक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन होगा अगला चरण फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद अब चयनित उम्मीदवारों का वेरिफिकेशन किया जाएगा। जाइनिंग से पहले यह अंतिम चरण होगा, जिससे उम्मीदवारों को फालो करना है। इस प्रोसेस में शैक्षणिक डिग्रियों की जांच की जाएगी। सफलता पूर्वक इस प्रोसेस को पास करने वाले उम्मीदवार ड्यूटी ज्वाइन करेंगे, जिसके बाद उन्हें नौकरी के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।

SBI बैंक के 4 बड़े अधिकारी गिरफ्तार

कवर्धा  कवर्धा  पुलिस ने SBI बैंक के चार अधिकारियों को किया गिरफ्तार आरोपी अधिकारियों ने बंद खातों को एक्टिवेट कर लाखों रुपये का गबन किया। खाताधारकों के परिजनों को जब इस फर्जीवाड़े का पता चला तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की थी SBI की बोड़ला ब्रांच के चार अधिकारियों ने ब्रांच के मृत खातेदारों के सालों से बंद पड़े हुए खातों को एक्टिवेट कर की थी गड़बड़ी मृतकों के खातों से लाखों रुपये की हेराफिरी की गई

भीमडोंगरी के छात्र ने प्रदेश में दूसरा स्थान पाया

 मंडला शालेय राज्य स्तरीय योग ओलंपियाड में जिले के 16 खिलाड़ियों का दल शिरकत कर रहा है आदीवासी जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त श्री संतोष शुक्ला एवम् खेल अधिकारी मंगल पंद्रे के कुशल मार्ग दर्शन में जिले के 16 के  खिलाड़ियों ने भाग लिया  जिसमें बालक वर्ग में भी डोंगरी के छात्र जितेंद्र कुमार मरावी कक्षा दसवीं के छात्र ने प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त कर अपनी शाला एवम जिले का नाम रोशन किया वहा के प्राचार्य प्रदीप पटेल का बच्चो  के प्रति  समर्पण भाव खेल के प्रति अति रुचि के कारण आज बच्चें देश प्रदेश में अपना एवम जिले का नाम रोशन कर  रहे है,योग छात्रों के कोच की भी अहम भूमिका है  कोच ओमलता मरावी भीम डोंगरी में लगातार 1 वर्ष से योग में अहम भूमिका निभा रही है । जिले के सभी लोगों  ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की है।

मुख्यमंत्री इंदौर में हुए एनआरआई समिट से वर्चुअली जुड़े

इंदौर मॉडल को पूरे प्रदेश में पहुंचाने का प्रयास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने 2 नदी जोड़ो परियोजनाओं को दी है मंजूरी, मध्यप्रदेश दोनों में शामिल मुख्यमंत्री इंदौर में हुए एनआरआई समिट से वर्चुअली जुड़े भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यापार, वाणिज्य, उद्योग क्षेत्र के साथ ही अन्य क्षेत्रों में इंदौर की महत्वपूर्ण भूमिका है। सूचना प्रौद्योगिकी से लेकर निवेश के विभिन्न क्षेत्रों में इंदौर में आने वाले कल की आहट सुनकर विकास पथ पर कदम बढ़ाए हैं। इसलिए इंदौर मध्यप्रदेश का सिरमौर है। इंदौर एक ग्लोबल सिटी है। चाहे यहां खान-पान की बात हो, कला जगत की बात हो, परम्पराओं को सहेजने की बात हो या फिर स्वच्छता में सबसे आगे रहने की। इंदौर एक मॉडल है। इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और समिट के इंदौर मॉडल को पूरे प्रदेश में पहुंचाया गया है। प्रदेश के विभिन्न संभागों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर मध्यप्रदेश के तीव्र विकास को गति देने की पहल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअली जुड़कर इंदौर में एनआरआई फोरम द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इस समिट में 29 देशों के 128 प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने बनाया रिकार्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नदी जोड़ो परियोजनाओं का पहला प्रयोग कर एक रिकार्ड बनाया है। मध्यप्रदेश दोनों परियोजनाओं में शामिल है। केन-बेतवा परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से मध्यप्रदेश के बड़े इलाके में पेयजल और सिंचाई के लिए बेहतर व्यवस्थाएं होंगी। समृद्धि के नए मार्ग खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज जयपुर में पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना संबंधित त्रिपक्षीय अनुबंध हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परियोजना के लिए 70 हजार करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह केन-बेतवा परियोजना पर लगभग एक लाख करोड़ रुपए व्यय होंगे, जिसकी स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा दी गई। एशिया से लुप्त हो चुके चीतों की प्रजाति का संरक्षण करते हुए उन्हें मध्यप्रदेश में बसाया गया। अब तो भोपाल देश की एकमात्र ऐसी राजधानी है जिसमें शहर से चंद दूरी पर टाइगर घूमते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत का 700 टन से अधिक सोना जो ब्रिटेन में था उसमें से 500 टन से अधिक वापस स्वदेश आ चुका है। प्रधानमंत्री मोदी गुटनिरपेक्षता की नीति का पालन करते हुए वैश्वविक स्तर पर भारत की साख बढ़ाने में सफल हुए हैं। उन्होंने भारत को एक बड़ी अर्थ व्यवस्था बनाने का कार्य किया है। भारत की ग्रोथ अनेक क्षेत्रों में सर्वाधिक है। इंदौर की पहचान भारत ही नहीं विश्व तक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर की अलग पहचान है। हाल ही में यूके और जर्मनी के दौरे में उन्हें अनेक अप्रवासी भारतीय मिले जिन्होंने इंदौर के छप्पन्न दुकान इलाके से लेकर अन्य विशेषताओं की चर्चा की। देश और विदेश की श्रेष्ठ बातों को इंदौर अंगीकार करता है। भविष्य की दृष्टि से इंदौर में अनेक संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनआरआई समिट के प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। एनआरआई फोरम के प्रतिनिधियों से चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनआरआई फोरम के पदाधिकारियों से चर्चा की और फोरम की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जापान के रोहन अग्रवाल,न्यूजीलैंड की सुस्नेहा लड्ढा, यूएस की सुचांदनी के अलावा सिंगापुर और अन्य देशों के एनआरआई से भी संवाद किया। एनआरआई फोरम की ओर से इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि फोरम से 45 देशों के करीब 1800 से प्रतिनिधि जुड़े हैं। इस तरह की समिट का यह तीसरा वर्ष है। फोरम द्वारा इंदौर में एक बड़ी लाइब्रेरी प्रारंभ करने का विचार है। एनआरआई के सहयोग से इंदौर के यातायात में आवश्यक सुधार का प्रस्ताव भी मिला है। अन्य क्षेत्रों में भी एनआरआई बंधु सहयोग के लिए तत्पर हैं। अनेक जनप्रतिनिधि समिट में हुए शामिल इंदौर में हुई एनआरआई समिट में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मधु वर्मा एवं अन्य अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए।  

शिविर में प्रत्येक हितग्राही को चिन्हित कर जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से लाभान्वित करायेः-आयुक्त

 सिंगरौली प्रदेश सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर शासन के निर्देशानुसार जिले के नगरीय क्षेत्र में नगर पालिक  निगम सिंगरौली के  आयुक्त डी.के शर्मा के निर्देशन में जनकल्याण शिविर का आयोजन निर्धारित तिथियो के अनुसार निगम क्षेत्र के सभी वार्डो में किया जा रहा है। इसी क्रम में आज नगर पालिक निगम के वार्ड क्रमांक 18 में जन कल्याण शिविर का आयोजन कर पात्र हितग्राहियों से आवेदन प्राप्त कर पात्रता अनुसार उन्हे योजनाओं के लाभ से लाभान्वित कराया गया।  शिविर के दौरान हितग्राहियों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, संबल योजना, पात्रता पर्ची, कल्यणी पेशन योजना, दिव्यांग जन पेशन योजना, कर्मकार मण्डल, राष्ट्रीय योजनाओं के लाभ, और स्थानीय शिकायतों का समाधान प्रदान किया गया। आयोजित शिविर का नगर निगम आयुक्त के द्वारा अवलोकन किया गया एवं  शिविर में सलग्न अधिकारियों कर्मचारियों को  निर्देश दिये गये कि शिविर में आने वाले प्रत्येक हितग्राही को उनकी पात्रता के अनुसार शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से लाभान्वित कराये। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान यह सुनिश्चित किया जाये कोई भी पात्र हितग्राही शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इस दौरान वार्ड पार्षद, नगर निगम के उपायुक्त आरपी वैश्य सहित बड़ी सख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।

जिले में आबकारी विभाग की अवैध शराब बनाने वालो के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही

जिले में आबकारी विभाग की अवैध शराब बनाने वालो के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही 43 हजार कीमत की 420 किलो महुआ लाहन एवं हथभंठ्ठी शराब जप्त सिंगरौली कलेक्टर श्री चंद्रशेखर शुक्ला के निर्देशन मे एवं जिला आबकारी अधिकारी श्री खेमराज श्याम के मार्गदर्शन में वृत बैढ़न एवं मोरवा के अंतर्गत अवैध शराब के संग्रहण एवं विक्रय की सूचना मिलने पर आबकारी विभाग द्वारा  कार्यवाही की  गई ।      कार्यवाही के दौरान आरोपी  सपना केवट पति आशीष केवट निवासी गोलाई बस्ती जयंत,रिंकी केवट पति गोविंद केवट निवासी जयंत, श्यामकली पति सोनू गुप्ता निवासी जयंत,पार्वती स्वीपर पति संतोष स्वीपर एवं पूजा स्वीपर पति शंकर स्वीपर निवासी स्वीपर बस्ती दुधिच्छुआ के यहां विधिवत तलाशी कार्यवाही के दौरान कुल 420किलोग्राम महुआ लाहन व 12लीटर  हथभट्टी शराब  किमत करीब 43 हजसार 800 रूपयें बरामद कर आरोपियो के विरुद्ध म.प्र. आबकारी अधिनियम 1915की धारा 34 (1)(क) एंव(च) के तहत प्रकरण दर्ज कार्यवाही की गई।

जल संसाधन मंत्री सिलावट ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया आभार व्यक्त

पीकेसी लिंक प्रोजेक्ट पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया जल संसाधन मंत्री सिलावट ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया आभार व्यक्त भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में मंगलवार जयपुर में पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) लिंक परियोजना पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित होने पर प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया है। मंत्री सिलावट ने कहा है कि यह परियोजना दोनों राज्यों में विकास के नए द्वार खोलेगी। इस परियोजना से न सिर्फ सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा अपितु उद्योगों और पर्यटन का विकास होने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इस परियोजना का कार्य प्रदेश में नियत समय अवधि में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाएगा। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने कहा परियोजना की सौगात मिलना प्रदेश के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है। इस परियोजना से मालवा और चंबल क्षेत्र की तस्वीर एवं तकदीर बदलेगी। सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में तरक्की होगी। इस परियोजना से प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्र में 6 लाख 13 हजार 520 हेक्टेयर में सिंचाई होगी और 40 लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त लगभग 60 वर्ष पुरानी चंबल दाईं मुख्य नहर एवं वितरण तंत्र प्रणाली के आधुनिकीकरण कार्य से भिंड, मुरैना एवं श्योपुर जिलों के 1205 ग्रामों में 03 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कृषकों की मांग अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना से प्रदेश के 13 जिलों गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, इंदौर, धार, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़ जिलों के 3217 ग्रामों को लाभ मिलेगा। पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना मध्य प्रदेश एवं राजस्थान दोनो़ं राज्यों के किसानों और नागरिकों के लिए वरदान साबित होगी। इससे किसानों को भरपूर सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और विकास के नये द्वार खुलेंगे। परियोजना से दोनों राज्यों में समृद्धि आयेगी। परियोजना से मिलने वाले जल से किसान अपनी उपज को दोगुना कर सकेंगे, जिससे उनके परिवार के साथ प्रदेश भी समृद्ध होगा। पीकेसी लिंक परियोजना की अनुमानित लागत 72 हजार करोड़ है, जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ और राजस्थान 37 हजार करोड़ रूपये व्यय करेगा। केन्द्र की इस योजना में कुल लागत का 90 प्रतिशत केन्द्रांश और 10 प्रतिशत राज्यांश रहेगा। परियोजना की कुल जल भराव क्षमता 1908.83 घन मीटर होगी। साथ ही 172 मिलियन घन मीटर जल, पेयजल और उद्योगों के लिये आरक्षित रहेगा। परियोजना अंतर्गत 21 बांध/बैराज निर्मित किये जाएंगे।  

राजधानी रायपुर में बना हुआ है ठंड का सिस्टम, सरगुजा के तापमान में उतार-चढ़ाव

रायपुर राजधानी में ठंड अपना असर दिखा रही है। बीते 24 घंटे में पारा तीन डिग्री और गिरकर 9.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। इतना ही नहीं राजधानी के आउटर में तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसके अलावा दुर्ग में न्यूनतम पारा सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस गिर गया है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस सुकमा में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस बलरामपुर में दर्ज किया गया। राजधानी में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 28 डिग्री और 11 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में हो सकती है बढ़त मंगलवार से बन रहे नए सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश हवा की दिशा में दक्षिण-पश्चिम होने की संभावना है। साथ ही प्रदेश के वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ेगी। इसके प्रभाव से अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में वृद्धि हो सकती है। आगामी 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, बादल छाए रहने से दिन का तापमान गिर सकता है। सरगुजा के तापमान में उतार-चढ़ाव सरगुजा संभाग के उत्तरी जिलों के तापमान में वृद्धि होगी, लेकिन तेजी से अगले एक सप्ताह तक उतार-चढ़ाव के साथ न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बदलाव जारी रहेगा। 18 दिसंबर से 22 दिसंबर तक बस्तर संभाग और उससे लगे जिलों बहुत हल्की से हल्की वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। राज्य में सबसे अधिक तापमान 30.1 सुकमा में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री बलरामपुर में किया दर्ज। बना हुआ है सिस्टम दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और संबंधित चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। अगले दो दिनों के दौरान इसके और अधिक साफ होने और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर तमिलनाडु तट की ओर बढ़ने की संभावना है। निगम ने की अलाव की व्यवस्था नगर निगम द्वारा शहरवासियों को शीतलहर से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव की व्यवस्था की गई है। इससे शहर में आने वाले बाहर के लाेगों को जहां सुविधा मिल रही है। वहीं, शहरवासियों को भी ठंड से राहत मिल रही है। आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने जोन के आयुक्तों, अभियंताओं को इस कार्य की जिम्मेदारी सौंपी है।

भक्तों की भेंट से भगवान महाकाल का खजाना फिर भर गया, 1 साल में 112 करोड़ रुपए से अधिक की आय

उज्जैन भक्तों की भेंट से भगवान महाकाल का खजाना फिर भर गया है। 1 जनवरी से 13 दिसंबर 2024 तक मंदिर समिति को विभिन्न स्रोतों से 112 करोड़ 31 लाख 85 हजार 988 रुपये की आय हुई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2024 में शीघ्र दर्शन टिकट व भस्म आरती बुकिंग से आय बढ़ी है। अन्नक्षेत्र में भी गतवर्ष की तुलना में अधिक दान आया है। विविध आय भी दो गुना हो गई है। अभी दिसंबर माह के 18 दिन शेष है। इस अवधि में जो भी आय होगी, इसे मिलाकर इस साल की आय पिछले साल से अधिक रहेगी।   लड्डू प्रसाद की बिक्री से प्राप्त राशि शामिल नहीं     मंदिर प्रशासन के आय के आंकड़े जारी किए हैं। इस राशि में लड्डू प्रसाद की बिक्री से प्राप्त राशि शामिल नहीं है, क्योंकि लड्डू प्रसाद लागत मूल्य पर विक्रय किया जाता है। इसलिए यह आय नहीं है।     1 जनवरी से 31 दिसंबर 2023 तक मंदिर समिति को 14 करोड़ 58 लाख 4 हजार 675 रुपये की आय हुई थी। वहीं वर्ष 2024 में 1 जनवरी से 13 दिसंबर तक 112 करोड़ 31 लाख 85 हजार 988 रुपये प्राप्त हुए हैं।     वर्ष 2023 में जनवरी से जुलाई माह तक 750 रुपये की प्रोटोकॉल दर्शन तथा 1500 रुपये की जल अर्पण रसीद पर गर्भगृह में प्रवेश की व्यवस्था थी। मंदिर समिति को छह माह में इस मद से करीब 21 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई थी।     अगस्त 2023 से गर्भगृह में भक्तों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। इसलिए वर्ष दो हजार 2024 में यह आय प्रभावित हुई है। दोनों वर्षों की आय का तुलनात्मक अध्ययन करें तो इस मद में राशि प्राप्त नहीं होने से वर्ष 2024 में गतवर्ष के मुकाबले आय बढ़ी है।  

‘चिकित्सा पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, भारत बन रहा है एक विकसित समाज’

अमरावती राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि चिकित्सा पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनका महत्वपूर्ण योगदान दर्शाता है कि भारत वास्तव में एक विकसित समाज बन रहा है. मुर्मू ने यहां मंगलागिरी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि समग्र स्वास्थ्य को निरंतर बढ़ावा देना तथा सभी के लिए स्वास्थ्य सुनिश्चित करना इस संस्थान के प्रत्येक चिकित्सा पेशेवर का मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए. राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘चिकित्सा पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनका महत्वपूर्ण योगदान यह दर्शाता है कि हम वास्तव में एक विकसित समाज बन रहे हैं. इससे यह तथ्य भी उजागर होता है कि अवसर मिलने पर हमारी बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करती हैं.’’ उन्होंने कहा कि सरकार ने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना सहित कई योजनाएं शुरू की हैं और उपचार में कठिनाइयों का सामना करने वालों के लिए इलाज सुलभ बनाया है. मुर्मू ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार के साथ-साथ जागरूक समाज की भी यह जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि कोई भी व्यक्ति वित्तीय या अन्य कारणों से चिकित्सा सेवाओं से वंचित न रहे. राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय चिकित्सक अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के दम पर विकसित देशों में अग्रणी स्थान पर हैं. उन्होंने कहा कि दूसरे देशों से लोग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए भारत आते हैं. उन्होंने कहा कि भारत विश्व मानचित्र पर किफायती चिकित्सा पर्यटन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है. उन्होंने कहा कि देश के चिकित्सक इस संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने युवा चिकित्सकों से ग्रामीण, आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को चिकित्सा देखभाल और सेवाएं प्रदान करने को प्राथमिकता देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि समग्र स्वास्थ्य देखभाल के संदर्भ में योगासन और प्राणायाम को आधुनिक दृष्टिकोण से भी स्वीकार किया गया है. इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव, आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. एम्स-मंगलागिरि की आधारशिला 2015 में रखी गई थी और एमबीबीएस छात्रों के पहले बैच को 30 अगस्त, 2018 को शामिल किया गया था, जो आज उत्तीर्ण हुए.

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया 7 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ

मध्यप्रदेश वन संपदा की दृष्टि से समृद्ध राज्य : राज्यपाल पटेल मध्यप्रदेश के वन, वनोपज और वन्य-प्राणी प्रदेश की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया 7 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ लाल परेड ग्राउंड में 23 दिसंबर तक होगा मेले का आयोजन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश वन संपदा की दृष्टि से समृद्ध राज्य है। यहां पर औषधीय जड़ी-बूटियों का समृद्ध भंडार है। कोविड महामारी ने विश्व को आयुर्वेद के महत्व से पुन: परिचित कराया है। उन्होंने महामारी के दौरान मरीजों के ईलाज के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा वितरण कार्य के लिए प्रदेश सरकार की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वन मेले का आयोजन, वन संसाधनों की महत्ता, उनके संरक्षण और संवर्धन की जागरूकता प्रसार की दिशा में सुखद संकेत है। राज्यपाल पटेल 10वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हितग्राहियों को लघु वनोपज संघ अंतर्गत प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि का वितरण किया। वन एवं राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ द्वारा 10वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का लाल परेड ग्राउंड भोपाल में 17 से 23 दिसंबर तक आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का अपना महत्व है, लेकिन वनों से प्राप्त औषधियों की विशेष उपयोगिता है। कोरोना के कठिन समय में आयुर्वेद ने लोगों के जीवन बचाने में मदद की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा दिया है। अब चिकित्सा जगत में फिर से आयुष का महत्व बढ़ा है। वन मेले जैसे आयोजन इस नाते बहुत महत्व रखते हैं। वास्तव में यह अंतर्राष्ट्रीय वन मेला अनोखा है। इस मेले की शुरूआत 2001 से हुई और धीरे-धीरे यह प्रदेश से आगे बढ़कर देश तक और फिर वैश्विक हो गया। मेले ने अपनी अलग पहचान बनाई है। आम तौर पर वन और वन-सम्पदा से मेलों का इतना विस्तार होना हम सब के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 10वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश की वन सम्पदा विशिष्ट है। हम तो सौभाग्यशाली हैं कि हमारे यहां वन सम्पदा, वनों का आंतरिक वातावरण भी विशेष है और प्रदेश के वनों की अलग पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य प्राणी हमारे जंगल के आभूषण होते हैं, जिनके कारण जंगल की शोभा होती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश चीतों को पुनर्स्थापित करने में सफलता प्राप्त हुई है। वन्य जीव परम्परा में सभी प्रकार के टाइगर, तेंदुआ, चीता का महत्व है। टाइगर में हम देश में नम्बर वन पर है। वास्तव में पुनर्स्थापना में मध्यप्रदेश की भूमि का चयन होना हमारे लिये गर्व की बात है। जो चीते सम्पर्णू एशिया से ही गायब हो गए थे। इसके लिए वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी बधाई के पात्र हैं। वन विभाग ने यह अनोखा प्रयोग किया है। इस प्रयोग के अच्छे परिणाम उनके लिये आ रहे हैं। धीरे-धीरे हमारे यहाँ नए-नए मेहमान आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है वे कि मध्यप्रदेश का वातावरण अनुकूल हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के वनवासी भी वनों की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच सिंचाई, उद्योग क्षेत्र और पेयजल की दृष्टि से महत्वपूर्ण पार्वती-काली सिंध-चम्बल परियोजना के लिए आज जयपुर में त्रिपक्षीय अनुबंध का अवसर दिया। केंद्र सरकार द्वारा परियोजना के लिए 90 प्रतिशत राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसम्बर से प्रारंभ हुए जनकल्याण पर्व की गतिविधियां 26 दिसम्बर तक चलेंगी। प्रतिदिन प्रदेशवासियों को एक नई सौगात दी जा रही है। हाल ही में राजधानी के निकट लोकार्पित अभ्यारण का नाम पुरातत्वशास्त्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से आहवान किया कि वे वन मेले में प्रदर्शित औषधियों को खरीदें और लाभ प्राप्त करें। उन्होंने वन विभाग को श्रेष्ठ आयोजन के लिए बधाई दी। प्रारंभ में राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन, विदिशा, सिवनी और अन्य जिलों से आए 9 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की बोनस राशि के चेक प्रदान किए। वन्य राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि यह मेला दिव्यता और भव्यता का प्रतीक है। राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय तीन हजार रुपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा किया है। विभाग में अनुकंपा नियुक्ति, दुर्घटना पर राहत राशि के महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। प्रारंभ में लघुवनोपज संघ के एमडी विभाष ठाकुर ने स्वागत भाषण दिया। अतिथियों को बांस की टोकरी एवं अन्य वन्य उत्पाद, स्मृति चिन्ह के रूप में दिए गए। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन मेले में विभिन्न स्टाल्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समाज के पारम्परिक वाद्य यंत्रों को बजाते हुए जनजातीय लोक कलाओं से जुड़े कलाकार दल से भेंट एवं चर्चा की।  

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