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भाजपा को हराने वाले दलों से बढ़ाएंगे नजदीकियां, ये लोकतंत्र नहीं, एक तंत्र चाहते हैं: अखिलेश यादव

सहारनपुर अंबाला रोड स्थित पार्टी के गायक शाहनवाज साबरी के शादी समारोह में आज सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समर्थकों के साथ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उन दलों से पार्टी नजदीकियां बढ़ाएंगी, जो भाजपा को हराने के लिए आगे आएंगे। अखिलेश यादव ने संभल की घटना पर सरकार को घेरते हुए कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए घटना कराई गई है। कहा कि कहा कि जब भी जांच होगी। सरकार कटघरे में होगी और दोषी अधिकारियों को सजा मिलेगी। सदन में सीएम की भाषा अच्छी नहीं- अखिलेश इसके अलावा कहा कि सरकार के द्वारा सदन में गलत भाषा का इस्तेमाल होता है। मन विधान से चलने वाले लोग एक तंत्र पसंद करना चाहते है। सरकार की तरफ से गलत भाषा का इस्तेमाल होता है। लोकतंत्र पर हमला करने के लिए, ताकि लोकतंत्र कमजोर हो जाए। मन विधान से चलने वाले लोग एक तंत्र पसंद करना चाहते हैं। ये हालत दिल्ली का है। हमारे मुख्यमंत्री की भाषा सुनने पर गुस्सा आ जाएगा। सदन में उनकी भाषा अच्छी नहीं लगती है। सीएम योगी की भाषा बहुत गलत है- अखिलेश भाषा का ऐसा इस्तेमाल हो, जिसमें सम्मान हो। हमें सम्मान की बात भी करनी चाहिए। डिप्टी सीएम की भाषा भी निंदनीय है। कहा कि बुनियादी सवालों का जवाब उनके पास नहीं है। किसी भी गरीब को इलाज तक नहीं मिल पा रहा है। यह सरकार अस्पताल के साथ-साथ प्राइमरी स्कूलों को बंद करने जा रही है। सरकार में हर स्तर पर लूट देखने को मिलेगी। चाहे वह तहसील स्तर हो। वन नेशन, वन इलेक्शन…लोकतंत्र को कमजोर करने का तरीका है- अखिलेश अखिलेश ने कहा कि देश और समाज को तरक्की पर लाने के लिए नए रास्ते खोजने वाले हैं। वन नेशन, वन इलेक्शन, वन नेशन वन राशन और एक ही इलाज है वोट। लोकतंत्र को कमजोर करने का तरीका है। लोकतंत्र में हमारी पहचान बची रहे, लेकिन सरकार किसी को नहीं सुनना चाहती है। लोकतंत्र नहीं, वह एक तंत्र चाहते हैं। इजराइल में नौकरी पर बोलते हुए कहा कि गरीब बच्चे घर परिवार को छोड़कर इजराइल में मुसीबतों में नौकरी कर रहे हैं। जो सम्मान घर में मिलेगा, वह बाहर नहीं मिल सकता है। सरकार ने अगर नौकरी दी है तो उनकी सूची जारी करे। कोई भी पार्टी मौन नहीं है। ये सरकार बहुत कमजोर है। अखिलेश यादव के कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल सरसावा एयरपोर्ट पर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 3:5 मिनट पर पहुंचे। वहां पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। उसके बाद 3:20 पर वह अंबाला रोड स्थित न्यू सेलिब्रेशन रिसाेर्ट में आयोजित शादी समारोह में पहुंचे। इस दौरान अखिलेश यादव से मिलने के आपाधापी रही। इस दौरान अखिलेश यादव कई बार गिरते बचे। बाद में पुलिस ने व्यवस्था को संभाला। इस दौरान विधायक आसू मलिक, मौहम्मद उम्र अली खान, राष्ट्रीय महासचिव चौघरी रूद्रसैन, गंगोह विधानसभा प्रभारी चौंधरी इंद्रसैन, परीक्षित चौधरी, रागिब, अंजुम आदि मौजूद रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने बांग्लादेशी वकील रवींद्र घोष से मुलाकात की, जान से मारने की धमकियां मिलीं, मैं रुकूंगा नहीं

कोलकाता भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता अर्जुन सिंह और हिंदू संत कार्तिक महाराज के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने  बांग्लादेशी वकील रवींद्र घोष से मुलाकात की। रवींद्र घोष बांग्लादेश की जेल में बंद हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास का केस लड़ रहे हैं। भाजपा नेताओं ने वकील को हिंदू अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए साहसिक प्रयासों के लिए सम्मानित किया। यह मुलाकात बैरकपुर स्थित उनके पुत्र के आवास पर हुई, जहां रवींद्र घोष चिकित्सा कारणों से अपना इलाज करा रहे हैं। अर्जुन सिंह ने कहा, “वह एक साहसी व्यक्ति हैं। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए न्याय के लिए उनके प्रयासों की हम सराहना करते हैं। जीवन पर खतरे के बावजूद, उन्होंने डर का सामना नहीं किया, जो हम सभी के लिए प्रेरणादायक है।” रवींद्र घोष ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए न्याय की लड़ाई में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। प्रतिनिधिमंडल ने उनके साहस और समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया और उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की। बैठक में उपस्थित हिंदू संत कार्तिक महाराज ने भी घोष के कार्यों की सराहना करते हुए कहा, “उनके प्रयास न केवल हिंदू समुदाय बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं।” घोष ‘बांग्लादेश माइनॉरिटी वॉच’ के अध्यक्ष भी हैं। वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की दुर्दशा के बारे में मुखर रहे हैं और चिन्मय कृष्ण दास का बचाव करने के कारण उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली हैं। कार्तिक महाराज ने भी सिंह की बात को दोहराते हुए उत्पीड़ित समुदायों के अधिकारों के लिए खड़े होने के महत्व पर बल दिया। कार्तिक महाराज ने कहा, ‘‘न्याय के प्रति रवींद्र घोष की प्रतिबद्धता मानवता की सच्ची भावना को दर्शाती है। इस काम में उनका समर्थन करना हमारा कर्तव्य है।’’ घोष ने हौसला अफजाई के लिए आभार व्यक्त किया तथा सताए गए अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा समर्थन पाकर बहुत खुशी हुई है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति बहुत खराब है और मैं अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रखूंगा।’’ वकील ने मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली वर्तमान अंतरिम सरकार के तहत बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की ‘बिगड़ती’ स्थिति को भी उजागर किया। उन्होंने कहा, ‘‘कट्टरपंथी और हिंसा पर अंतरिम प्रशासन की चुप्पी चिंताजनक है। यह न्याय का मखौल है।’’ इस महीने की शुरुआत में, ‘बांग्लादेश सम्मिलिता सनातनी जागरण जोत’ के प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया था। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी और अगले साल दो जनवरी तक जेल भेज दिया। घोष ने दावा किया कि दास पर बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को एकजुट करने के उनके प्रयासों के कारण झूठे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इन अत्याचारों पर संज्ञान लेना चाहिए। अपने अधिकारों की मांग करने के लिए अल्पसंख्यक समुदायों के बीच एकता बहुत ज़रूरी है।’’

उन्नत कृषि तकनीक को अपनाकर चौतू नेताम बना सफल कृषक

रायपुर, राज्य के अन्नदाताओं के प्रति संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा भी दृढ़संकल्पित होकर किसानों के कल्याण और उनके उत्तरोत्तर प्रगति के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। शासन की योजनाओं का जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है। कोण्डागांव  जिले के किसान भी विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर आज समृद्ध एवं खुशहाल किसान के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। आत्मा योजना से आया सकारात्मक बदलाव जिले के विकासखण्ड कोण्डागांव में स्थित ग्राम चिपावण्ड के 67 वर्षीय प्रगतिशील किसान श्री चौतू नेताम ने अपनी मेहनत और नवीनतम कृषि तकनीकों के माध्यम से कृषि के क्षेत्र में सफलता की एक नई मिसाल पेश की है। उनके 03 एकड़ 54 डिसमिल की कृषि भूमि पर उन्नत खेती से उन्होंने न केवल अपनी आय में वृद्धि की है, बल्कि दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गए हैं। पहले चौतू नेताम पारंपरिक तरीके से रागी की खेती करते थे और पुराने ढंग से बीज बोते थे। खरीफ मौसम में पारम्परिक खेती में छिड़काव विधि से बीज बोने से उत्पादन में ज्यादा लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद कृषि विभाग ने उन्हें आत्मा योजना के तहत नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया, तो उन्होंने रागी की खेती में बदलाव करने का निर्णय लिया। रबी मौसम में चौतू नेताम ने रागी की फसल की कतार बोनी की विधि को अपनाया, जिससे न केवल उनकी फसल का उत्पादन बढ़ा, बल्कि उनकी आय में भी वृद्धि हुई। उन्नत कृषि से तरक्की की राह पर चौतू राम चौतू राम ने बताया कि कतार बोनी विधि से बीज का वितरण और सिंचाई ज्यादा व्यवस्थित और नियंत्रित हुआ है, जिसके कारण रागी की फसल का उत्पादन दोगुना हो गया। पहले जहां रागी की खेती 0.405 हेक्टेयर रकबा में उत्पादन केवल 4 क्विंटल होता था और केवल 12 हजार रूपये की आय प्राप्त होती थी। लेकिन अब कृषि में कतार बोनी विधि से बीजोत्पादन कार्यक्रम के माध्यम से नई तकनीक को अपनाने के बाद उत्पादन 9 क्विंटल हो गया, जिससे 45 हजार रुपये प्राप्त हुआ। इस प्रकार उत्पादन में वृद्धि के साथ उनके आय में भी वृद्धि हुई। शासन की योजना से चौतू नेताम के लिए यह बदलाव केवल कृषि के तकनीक में बदलाव नहीं था, बल्कि उनके जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आया। कृषि विभाग से प्राप्त तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उनके लिए काफी लाभदायक साबित हुआ। कतार बोनी विधि से बीजोत्पादन के कार्यक्रम ने उन्हें न केवल अधिक उत्पादन दिया, बल्कि शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आय वृद्धि की और खेती के क्षेत्र में तरक्की के राह पर अग्रसर हुए हैं। श्री चौतू राम ने जिले के अन्य किसानों को भी योजना का लाभ लेने प्रशिक्षण प्राप्त कर कृषि में उन्नत तकनीक अपनाने की अपील की। विष्णु के सुशासन में किसान हो रहे समृद्ध मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में राज्य के किसानों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं, बल्कि उनकी मेहनत और उत्पादन का उचित दाम भी मिल रहा है। किसानों की मेहनत को शासन की योजनाओं के माध्यम से उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सहायता मिल रहा है, जिससे वे समृद्ध और खुशहाल होने के साथ कृषि के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। चौतूराम जैसे कई ऐसे किसान हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत के साथ शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाते हुए अच्छी आय प्राप्त कर रहे हैं।

बाबा गुरू घासीदास के संदेशों को अपनाकर राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास के मूलमंत्र पर आगे बढ़ रही है: मुख्यमंत्री साय

लालपुरधाम के गुरू घासीदास मंदिर के जीर्णाेद्धार के लिए 50 लाख रूपए की घोषणा लोरमी में नालंदा परिसर का होगा निर्माण मुख्यमंत्री लालपुर धाम में 268वें गुरू घासीदास जयंती समारोह में हुए शामिल जैतखाम की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि बाबा गुरु घासीदास के संदेशों को अपनाकर हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास के मूलमंत्र के साथ विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री साय आज मुंगेली जिले के तहसील मुख्यालय लालपुर धाम में आयोजित बाबा गुरू घासीदास के 268वें जयंती समारोह एवं तीन दिवसीय मेला कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां बाबा गुरू घासीदास मंदिर एवं जैतखाम में पूजा-अर्चना कर राज्य की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लालपुर में बाबा गुरू घासीदास मंदिर के जीर्णाेद्धार के लिए 50 लाख रूपए की स्वीकृति तथा लोरमी में नालंदा परिसर के निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री साय सहित अतिथियों का कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर सतनामी कल्याण समिति के सदस्यों ने गजमाला पहनाकर भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी को बाबा गुरू घासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाबा गुरू घासीदास ने ऊंच-नीच, भेद-भाव, छूआछूत का प्रबल विरोध किया, मनखे-मनखे एक समान का उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप 70 लाख से ज्यादा महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर बढ़ाकर 5500 रूपए किया गया है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल तथा 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के विकास पर ध्यान देते हुए प्राधिकरण का गठन किया गया है। यूपीएससी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली के ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को पढ़ाई और बेहतर शिक्षा का लाभ मिल सके। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने इस अवसर पर कहा कि सब को साथ लेकर चलना बाबा का संदेश था और इसी संदेश का संकल्प लेकर हमारी सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का सांय-सांय विकास हो रहा है। उन्होंने सभी को बाबा गुरु घासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि लालपुर में उपस्थित होकर बाबा गुरु घासीदास जी की पूजा-अर्चना करने का सौभाग्य मिला। बाबा ने सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। आप सभी उनके संदेशों का अनुकरण करते हुए जीवन में आगे बढ़ें। केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने बाबा गुरू घासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लालपुर धाम में हर समाज के लोग आते हैं और श्रद्धा के साथ सिर झुकाते हैं। आज बाबा की 268वीं जयंती मना रहे हैं, ताकि बाबा के पद चिन्हों पर चलने का संकल्प ले सकें। उन्होंने कहा कि बाबा गुरू घासीदास ने अपनी साधना और तपस्या के बल पर पूरे मानव समाज को एकता के सूत्र में बांधा। छूआछूत की भावना को दूर करते हुए सर्व समाज को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने संत समाज को नमन करते हुए सांसद निधि से लालपुर के विकास के लिए 10 लाख रूपए की घोषणा की। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, संभागायुक्त  महादेव कावरे, आईजी  संजीव शुक्ला, कलेक्टर  राहुल देव, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, गणमान्य नागरिक कोमल गिरी गोस्वामी,  फणीश्वर पाटले सहित बड़ी संख्या में सतनामी समाज के अनुयायी मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने कांग्रेस के दोनों नेताओं से मुलाकात की, अमित शाह और खरगे भी थे मौजूद

नई दिल्ली बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा दिए गए बयान पर संसद के अंदर और बाहर विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार दोपहर को कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की है। इस दौरान अमित शाह और लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अगले अध्यक्ष के चयन पर चर्चा करने के लिए पीएम मोदी ने कांग्रेस के दोनों नेताओं से मुलाकात की है। आपको बता दें कि राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं वहीं खरगे राज्यसभा में कांग्रेस सहित पूरे विपश्र की अगुवाई करते हैं। दोनों ही नेता प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली उस समिति का भी हिस्सा हैं, जो इस महत्वपूर्ण नियुक्ति की निगरानी करती है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को ही बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के अपमान के आरोप का सामना कर रहे अमित शाह का जोरदार बचाव करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने संविधान निर्माता का अपमान करने के कांग्रेस के काले इतिहास की पोल खोल दी, जिससे मुख्य विपक्षी पार्टी स्तब्ध है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके ‘दूषित इकोसिस्टम’ को लगता है कि उसके ‘दुर्भावनापूर्ण झूठ’ संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर के प्रति उसके कई वर्षों के ‘कुकर्मों’ को छिपा सकते हैं तो वह ‘गंभीर भूल’ कर रही है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत के लोगों ने बार-बार देखा है कि किस प्रकार एक ‘परिवार’ के नेतृत्व में एक पार्टी, डॉ आंबेडकर की विरासत को मिटाने और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति समुदायों को अपमानित करने के लिए हरसंभव ‘गंदी चाल’ चलने में लिप्त रही है। प्रधानमंत्री मोदी की यह टिप्पणी कांग्रेस के उस आरोप के मद्देनजर आई है, जिसमें कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को अपने संबोधन के दौरान बाबासाहेब का अपमान किया। मुख्य विपक्षी दल ने शाह के संबोधन का एक वीडियो अंश भी जारी किया जिसमें गृह मंत्री विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए यह कहते सुने जा सकते हैं कि , ‘‘अभी एक फैशन हो गया है- आंबेडकर, आंबेडकर…। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।’’

कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को 10 से 15 हजार रुपये के बीच पेंशन मिलने की बात पर कोर्ट ने कहा- यह ‘दयनीय’ है

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि यह ‘दयनीय’ है कि उच्च न्यायालय के कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को 10 से 15 हजार रुपये पेंशन मिल रही है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने कहा, ‘आप हर मामले में कानूनी दृष्टिकोण नहीं अपना सकते। कभी-कभी आपको मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत होती है।’ उच्च न्यायालय के कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को 10,000 से 15,000 रुपये के बीच पेंशन मिलने की बात पर गौर करते हुए पीठ ने कहा, ‘यह दयनीय है।’ उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की पेंशन से संबंधित एक याचिका बुधवार को पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी। अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया और अनुरोध किया कि इस पर जनवरी में सुनवाई की जाए। वेंकटरमणी ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को सुलझाने का प्रयास करेगी। पीठ ने कहा, ‘बेहतर होगा कि आप उन्हें (सरकार को) समझाएं कि (इस मामले में) हमारे हस्तक्षेप से बचा जाए तो बेहतर है।’ पीठ ने कहा कि मामले का फैसला व्यक्तिगत मामलों के आधार पर नहीं किया जाएगा और शीर्ष अदालत जो भी आदेश देगी, वह सभी उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों पर लागू होगा। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए आठ जनवरी की तारीख तय की। पिछले महीने इस मामले में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया था कि उच्च न्यायालय के कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को 6,000 से 15,000 रुपये के बीच मामूली पेंशन मिल रही है। पीठ उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। न्यायाधीश ने कहा था कि उन्हें 15,000 रुपये पेंशन मिल रही है। याचिकाकर्ता, जिला अदालत में 13 साल तक न्यायिक अधिकारी के रूप में सेवा देने के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने पेंशन की गणना करते समय उनकी न्यायिक सेवा पर विचार करने से इनकार कर दिया था। पीठ ने कहा था, ‘हमारे सामने उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, जिन्हें 6,000 रुपये और 15,000 रुपये पेंशन मिल रही है, जो चौंकाने वाला है। ऐसा कैसे हो सकता है?’

लखनऊ मंडल में नॉन इंटर लॉकिंग कार्यों के चलते गाड़ियाँ प्रभावित

भोपाल , उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के बाराबंकी-अयोध्या कैंट-जफराबाद खण्ड पर अयोध्या कैंट स्टेशन यार्ड रिमाडलिंग कार्य के चलते भोपाल मंडल से गुजरने वाली कुछ गाड़ियों को शार्ट टर्मीनेट/ओरिजिनेट या मार्ग परिवर्तित किया गया है जिसका विवरण निम्नानुसार है : मार्ग परिवर्तित गाड़ियाँ : 1 .    गाड़ी संख्या 15023 गोरखपुर – यशवंतपुर एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 24, 31 दिसम्बर एवं 07 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 15024 यशवंतपुर – गोरखपुर एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 19, 26, दिसम्बर एवं 02 जनवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात यह गाड़ी दोनों दिशाओं में 03-03 ट्रिप अपने पूर्व मार्ग के बजाय गोरखपुर – गोंडा – बाराबंकी होकर जाएगी । 2 .    गाड़ी संख्या 15101 छपरा – एलएलटी एक्सप्रेस 02 ट्रिप दिनांक 24 एवं 31 दिसम्बर को एवं गाड़ी संख्या 15102 एलएलटी – छपरा एक्सप्रेस 02 ट्रिप दिनांक 19 एवं 26 दिसम्बर को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात यह गाड़ी दोनों दिशाओं में 02-02 ट्रिप अपने पूर्व मार्ग के बजाय छपरा – गोरखपुर – गोंडा – बाराबंकी – ऐशबाग – कानपुर सेंट्रल होकर जाएगी । शार्ट टर्मीनेट/ओरिजिनेट गाड़ियाँ: 1.    गाड़ी संख्या 22129 एलटीटी- अयोध्या कैंट तुलसी एक्सप्रेस 05 ट्रिप दिनांक 22, 24, 29,  31 दिसम्बर एवं 05 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22130 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्सप्रेस 05 ट्रिप दिनांक 23, 25, 30 दिसम्बर तथा 01 एवं 06 जनवरी को सुल्तानपुर स्टेशन से शार्ट ओरिजिनेट / टर्मीनेट होगी I 2.    गाड़ी संख्या 22183 एलटीटी- अयोध्या कैंट एक्सप्रेस 06 ट्रिप दिनांक 18, 21, 25, 28 दिसम्बर एवं 01 व 04 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22184 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्सप्रेस 06 ट्रिप दिनांक 19, 22, 26, 29 दिसम्बर तथा 02 व 05 जनवरी को सुल्तानपुर स्टेशन से शार्ट ओरिजिनेट / टर्मीनेट होगी I निम्न दो जोड़ी गाड़ियां मार्ग परिवर्तन के साथ साथ सुल्तानपुर स्टेशन से शार्ट ओरिजिनेट / टर्मीनेट होगी : 1.    गाड़ी संख्या 22103 एलटीटी- अयोध्या कैंट एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 23, 30 दिसम्बर एवं 06 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22104 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 24, 31, दिसम्बर एवं 07 जनवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात यह गाड़ी दोनों दिशाओं में 03-03 ट्रिप इस मार्ग पर अपने पूर्व मार्ग के बजाय जफराबाद-जौनपुर सिटी – सुल्तानपुर होकर जाएगी । 2.    गाड़ी संख्या 22613 रामेश्वरम – अयोध्या कैंट श्रद्धा सेतु एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 24, 31 दिसम्बर एवं 07 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22614 अयोध्या कैंट – रामेश्वरम एक्सप्रेस 02 ट्रिप दिनांक 22, 29 दिसम्बर को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात अपने पूर्व मार्ग के बजाय जफराबाद-जौनपुर सिटी – सुल्तानपुर होकर जाएगी ।            इस संबंध में यात्रियों से अनुरोध है कि ट्रेन की उचित स्थिति की जानकारी स्टेशनों, एनटीईएस, रेल मदद 139 एवं ऑनलाइन प्राप्त कर यात्रा करें।

छात्रावास में आयुष विभाग द्वारा प्रकृति परीक्षण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

महासमुंद पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास में आयुष विभाग द्वारा छात्रावासी बच्चों के लिए विशेष प्रकृति परीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को उनके शरीर की प्रकृति और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। छात्रावास अधीक्षक चित्ररेखा खांडे के अनुसार, आयुष विभाग महासमुंद के आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी सरोज कुमार धृतलहरे की उपस्थिति में यह परीक्षण किया गया। उन्होंने आयुर्वेदिक चिकित्सा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शरीर में वात, कफ और पित्त जैसे दोष किस प्रकार संतुलन बिगाड़ सकते हैं और इनके असंतुलन से विभिन्न बीमारियाँ हो सकती हैं। चिकित्सा अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संविधान दिवस पर लॉन्च किए गए प्रकृति परीक्षण ऐप के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरकर अपने शरीर की प्रकृति को जान सकता है। साथ ही, यह ऐप मौसमी बीमारियों से बचाव, उचित आहार, जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव समय-समय पर संदेश के माध्यम से प्रदान करता है। बच्चों को आयुर्वेद और प्रकृति परीक्षण से संबंधित उपयोगी जानकारी दी गई। उन्हें यह भी बताया गया कि विभिन्न ऋतुओं में भोजन और दिनचर्या कैसी होनी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुझावों को समझा और प्रकृति परीक्षण ऐप को उपयोग करने का संकल्प लिया।

बीमारियों का घर बढ़ती तोंद

बढ़ती तोंद शरीर को बेडौल तो बना ही देती है, अब नए अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि इससे उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियों के शिकार होने का खतरा भी बढ़ रहा है। हमारे देश में ज्यादातर लोग इस बात को स्वीकार नहीं करते कि उनकी तोंद बढ़ रही है। शायद वे इस बात से भी अनजान हैं कि कमर का बढ़ता आकार उनके स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। देश और दुनिया के स्तर पर हुए कई शोध साफ तौर पर यह कहते हैं कि पेट के उभार का सीधा संबंध उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी बीमारियों और मधुमेह से है। दुनिया भर में हुए शोधों में यह सामने आया है कि पुरुषों में तोंद ज्यादा होती है। वहीं महिलाओं में कूल्हे के आसपास अधिक मांस होता है। भारत में यह आंकड़ा कुछ उल्टा है। यहां छह राज्यों (ग्रामीण व शहरी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र और कर्नाटक) में 7,000 लोगों पर किए गए शोध से सामने आया है कि भारत में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की तोंद अधिक है। पेट पर उभरा यह मांस 50 वर्ष की आयु के बाद हर चार में से एक महिला के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है। ऑनलाइन जर्नल बीएमजी ओपन में दो सप्ताह पहले इस अध्ययन की रिपोर्ट छापी गई है। इसके अनुसार अध्ययन में शामिल लोगों में से 14 प्रतिशत ओवरवेट यानी तय सीमा से अधिक वजन वाले लोग थे। इनमें हर तीन में से एक की तोंद (35.4 इंच से अधिक कमर पुरुषों में, 31.4 इंच से अधिक कमर महिलाओं में) थी। लगभग दो तिहाई (69 फीसदी) तोंद वाली महिलाएं अमीर परिवारों की थीं, जबकि करीबन आधी यानी 46 प्रतिशत महिलाएं मध्यमवर्गीय व निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों से थीं। बीमारियों से संबंध:- ज्यादा परेशान करने वाले तथ्य उस अध्ययन से पता चलते हैं, जो अब तक प्रकाशित नहीं हुआ है। यह अध्ययन ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी एम्स, दिल्ली ने किया है। यह 20 से 60 साल के आयु वर्ग के 500 से अधिक लोगों पर किया गया। इस अध्ययन में सामने आया कि पेट पर बढ़ता मांस महिलाओं के लिए कई बीमारियों की जद में आने का खतरा बन सकता है। इस अध्ययन में शामिल रहे एम्स में अतिरिक्त प्रोफेसर डॉक्टर नवल विक्रम कहते हैं, हमने इस अध्ययन में पाया कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ी तोंद वाले पुरुषों में 12 गुना व महिलाओं में 20 गुना अधिक हो जाता है। पेट पर जो मांस जमा है, उसके स्वरूप से भी बीमारियों के खतरे से आगाह किया जा सकता है। गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में क्लिनिकल एवं प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी के अध्यक्ष डॉक्टर आर आर कासलीवाल कहते हैं, आन्त्र से निकलता फैट, खून में फैटी एसिड्स रिलीज करता है। यह एसिड्स हार्मोंस के साथ मिल कर सूजन, बैड कोलेस्ट्रॉल, क्रिगलीसेरेड्स, रक्त ग्लूकोज और रक्तचाप को बढ़ाते हैं। ये न केवल हृदय संबंधी बीमारियों और हृदयाघात के खतरे को बढ़ाते हैं, बल्कि कुछ एस्ट्रोजन सेंसिटिव कैंसर जैसे रजोनिवृत्ति के बाद ब्रेस्ट और गर्भाश्य के कैंसर के खतरे को बढ़ा देते हैं। कैसे बढ़ी समस्या:– फोर्टिस सी-डॉक के अध्यक्ष डॉक्टर अनूप मिश्रा (जिन्होंने एम्स में अपने कार्यकाल के दौरान अध्ययन करने वाले दल की अध्यक्षता की थी) के अनुसार, भारत में हमने जो अध्ययन किया, उसमें पुरुषों के कमर का साइज 78 सेमी निर्धारित किया था और महिलाओं के लिए 72 सेमी। जो भी इससे अधिक कमर वाले पाए गए, वे अच्छा वजन होने के बावजूद भी कम से कम एक मेटाबॉलिक बीमारी की जद में आने के खतरे में थे। कई अन्य अंतरराष्ट्रीय अध्ययन भी बढ़ती कमर और हृदय संबंधी बीमारियों व मधुमेह के संबंध को स्वीकार करते हैं। अमेरिका में हुए एक अध्ययन में 45,000 महिलाओं का 16 साल के लिए अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि बढ़ी कमर वाली महिलाएं (35 इंच या इससे अधिक कमर) हृदयाघात से मरने के दोगुने खतरे में थीं, बनिस्पत उन महिलाओं के, जिनकी कमर 28 इंच से कम थी। यह शोध नर्सेज हेल्थ स्टडी में छपा था। डॉक्टर विक्रम कहते हैं, जब हमारा शरीर फैट एकत्रित करता है तो उसके कई कारण हो सकते हैं। यह आनुवंशिक हो सकता है या फिर हार्मोन के कारण भी। हालांकि सबसे प्रमुख कारण खान-पान पर नियंत्रण है। अच्छे वजन वाले फिट लोगों की भी तोंद हो सकती है, इसलिए पैकेट वाले भोजन से बचना चाहिए और शारीरिक तौर पर अधिक परिश्रमी होना चाहिए, ताकि शरीर शेप में रहे। तनाव पर नियंत्रण और पूरी नींद भी इसमें अहम रोल अदा करती है। डॉक्टर कासलीवाल कहते हैं, कुल मिला कर सब कुछ स्वस्थ जीवनशैली पर निर्भर करता है। जिस तरह से आप जीते हैं, वह आपके स्वास्थ्य पर भी झलकता है। इसलिए जितना जल्दी आप तनावमुक्त जीवन जीना आरंभ करेंगे, उतनी जल्दी आपका शरीर सही आकार में आ जाएगा। परेशान होने का समय… -अगर आपके शरीर में अतिरिक्त फैट है -अगर आप प्रतिदिन 6 से 7 घंटे की नींद नहीं ले रहे हैं -ट्रांस फैट वाला भोजन, पैकेट वाला खाना, प्रिजरवेटिव वाला भोजन अधिक मात्रा में कर रहे हैं -फल और सब्जियों का पर्याप्त मात्रा में सेवन नहीं कर रहे -दिन में दो गिलास शराब से अधिक पी रहे हैं -अत्यधिक तनाव में हैं और शारीरिक श्रम नहीं कर रहे -फैटी लिवर है तोंद है या पेट के आसपास सूजन है बढ़ता खतरा:– आन्त्र द्वारा निकला फैट शरीर के भीतर ही जमा होता जाता है। पेट के भीतर यह लिवर, किडनी और आंत के आसपास जमा हो जाता है। इसके कारण मेटाबॉलिक बदलाव होते हैं, जो टोटल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा देते हैं। इसके साथ एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और एचडीएल यानी अच्छा कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है। इससे रक्तचाप बढ़ता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। पांच तरीके फ्लैट पेट के लिए:– पर्सनल ट्रेनर शालिनी भार्गव कहती हैं कि पेट को फ्लैट करने में समय लगता है। इसके लिए आपको वचनबद्ध, एकाग्र और धैर्यवान बनना होगा। इसके लिए ये उपाय अपनाएं… -पेट की चर्बी कम करने में सबसे कारगर है एरोबिक व्यायाम। पेट के व्यायाम करें। -स्टेबिलिटी बॉल और डंबल्स की मदद से क्रंचेज करें। -पेट … Read more

आज पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की और इंडोनेशिया जैसे 8 मुस्लिम देशों के संगठन की होनी है मीटिंग, सऊदी अरब ने दे दिया झटका

रियाद, तेल अवीव पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की और इंडोनेशिया जैसे 8 मुस्लिम देशों के संगठन की गुरुवार को मीटिंग होनी है। यह मिस्र में होनी है और इसमें इजरायल के खिलाफ प्रस्ताव पेश किए जाने की तैयारी है। इस बीच दुनिया के सबसे ताकतवर मुस्लिम मुल्क की पहचान रखने वाले सऊदी अरब ने बड़ा झटका दिया है। सऊदी अरब की इजरायल के साथ बैकडोर से बातचीत जारी है और कहा जा रहा है कि संबंध सामान्य करने को लेकर एक डील भी हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि सऊदी अरब ने बस एक शर्त रख दी है कि यदि गाजा में जंग रुक जाए तो फिर इजरायल के साथ संबंधों को आगे बढ़ाया जा सकता है। बातचीत की यह पूरी प्रक्रिया डोनाल्ड ट्रंप के माध्यम से चल रही है। येरूशलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की लीडरशिप में एक प्रतिनिधिमंडल की डोनाल्ड ट्रंप के करीबियों से मुलाकात हुई थी। खासतौर पर ट्रंप की ओर से मध्य पूर्व के लिए दूत घोषित किए गए स्टीव विटकॉफ इस मीटिंग में मौजूद थे। बैठक में सऊदी अरब ने साफ किया कि यदि गाजा में युद्ध को खत्म कर दिया जाए तो फिर सऊदी अरब संबंध सामान्य करने के लिए तैयार है। यही नहीं सऊदी अरब का कहना है कि अमेरिका की ओर से फिलिस्तीन को लेकर बयान जारी किया जाए। ऐसा होने पर उसके लिए संबंधों को सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ना आसान होगा। इस तरह तुर्की, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश और ईरान जैसे इस्लामिक देशों से अलग ही राह पर सऊदी अरब बढ़ रहा है। उसने अब तक गाजा पर इजरायली हमलों को लेकर औपचारिक निंदा ही की है, लेकिन कोई ठोस प्रस्ताव नहीं लाया। यही नहीं अब संबंधों को आगे बढ़ाने की पहल से भी साफ कर दिया है कि वह गाजा की बजाय अपने आर्थिक हितों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहा है। सऊदी और इजरायल के रिश्तों की समझ रखने वाले इसके पीछे कई कारण गिनाते हैं। जानकारों का कहना है कि सऊदी अरब नहीं चाहता कि मजहब के नाम पर ध्रुवीकरण की वैश्विक राजनीति में वह फंसे। इसकी जगह पर वह विजन 2030 में जुटा है ताकि इजरायल, अमेरिका जैसे देशों से निवेश हासिल किया जा सके। सऊदी अरब की विजन 2030 के पीछे यह नीति है कि तेल की सप्लाई से इतर भी अर्थव्यवस्था खड़ी की जा सके। ऐसी स्थिति में उसके लिए इजरायल, अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे देशों से संबंध मधुर रखना अहम है। इजरायल के हथियारों की भी सऊदी अरब को जरूरत सऊदी अरब का एक और मकसद इजरायल से हथियारों की खरीद भी है। सऊदी अरब चाहता है कि वह इजरायल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम आयरन डोम को खरीद ले। यही नहीं अब भी सऊदी अरब इजरायल में तैयार स्पाईवेयर का इस्तेमाल करता है। इनकी मदद से वह किंगडम के विरोधियों पर नजर रखता है। यही नहीं कहा जाता है कि 2020 में अब्राहम अकॉर्ड वाली पहल के पीछे भी सऊदी अरब का हाथ था। वह चाहता है कि इजरायल से कड़वाहट को भुलाकर संबंध सामान्य किए जाएं ताकि देश में आर्थिक प्रगति पर फोकस किया जा सके।

गुरु घासीदास जयंती पर हुआ जिला स्तरीय अस्पृश्यता निवारणार्थ सद्भावना शिविर

गरियाबंद सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरु घासीदास की जयन्ती के अवसर पर आज 18 दिसम्बर को वन विभाग के ऑक्सन हॉल में जिला स्तरीय अस्पृश्यता निवारणार्थ सद्भावना शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने बाबा गुरु घासीदास तथा संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन कर समाज एवं देश की प्रगति की कामना की। इस दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं के द्वारा गीत एवं नृत्य के माध्यम से सतनाम पन्थ की शिक्षा से सभी को अवगत कराया, इसके साथ ही बच्चों के द्वारा दी गई विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मनमोहा। इस दौरान अस्पृश्यता उन्मूलन के सम्बंध में आयोजित भाषण, निबंध लेखन, रंगोली, पोस्टर जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद गरियाबंद के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सोनटेके ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज बहुत शुभ दिवस है, इस अवसर पर हम सभी सद्भावना दिवस मना रहे हैं। अस्पृश्यता उन्मूलन शिविर का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि इस दिवस के मायने बहुत से हैं। उन्होंने कहा कि बाबा ने जो मार्ग लोगों को बताया है, उसे हमारे देश के संविधान निर्माता डॉ.भीमराव अंबेडकर ने पहचाना और उसे आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि बाबा का उद्देश्य समाज को जागृत करना, समाज मे समरसता, समानता की भावना लाना था, उन्होंने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया जिसका अर्थ है, सभी मनुष्य एक है। उन्होंने समाज मे फैली कुरीतियों को दूर करने, शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रति प्रयास किया। अपर कलेक्टर एवं सहायक आयुक्त श्री नवीन भगत ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अपृश्यता निवारण सद्भावना शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सतनाम पंथ के प्रर्वतक गुरू घासीदास जी ने मनखे-मनखे एक समान का नारा सभी समाज के लिए दिया था, जिसमें सभी मानव समाज बराबर है। कोई ऊंच नीच का भेदभाव न हो राज्य शासन द्वारा बौलादाबाजार जिला के गिरौदपुरी धाम में विश्व का सबसे बड़ा जैतखाम बनाया गया है। जहां गुरू घासीदास जी का जन्म हुआ था। वहां प्रतिवर्ष 18 दिसम्बर को गुरू घासीदास जी की भव्य जयंती मनाई जाती है। जहां प्रदेश के साथ-साथ देश-विदेश के लोग भी दर्शन करने के लिए आते है। इस अवसर पर उन्होंने बाबा गुरु घासीदास की शिक्षा का उल्लेख करते हुए उनका अनुसरण करने की बात कही तथा बाबा की जीवनी के बारे में लोगों को बताया। इस दौरान श्री सुरेन्द्र बंजारे, श्री के.के. निर्मलकर, श्री हेमलाल रात्रे सहित अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक नृत्य, चित्रकला, रंगोली ईत्यादि प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इस दौरान विभाग के मंडल संयोजक, छात्रावास अधीक्षक एवं छात्रावासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

PM मोदी अमित शाह के विरोध में प्रदर्शन के बीच उतरे, गिनाए आंबेडकर के खिलाफ कांग्रेस के 4 ‘पाप’

नई दिल्ली भारत रत्न बाबासाहब भीमराव आंबेडकर मामले में जारी राजनीतिक हलचल में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी एंट्री हो गई है। विपक्ष के प्रदर्शन के बीच उन्होंने डॉक्टर आंबेडकर के खिलाफ किए कांग्रेस के ‘4 पाप’ भी गिनाए हैं। साथ ही कहा है कि ‘एक पार्टी’ ने डॉक्टर आंबेडकर की विरासत को खत्म करने की हर संभव कोशिश की है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के लोकसभा में दिए भाषण का वीडियो भी शेयर किया है। पीएम मोदी ने लिखा, ‘संसद में गृहमंत्री अमित शाह जी ने डॉक्टर आंबेडकर को अपमानित करने और एससी एसटी समुदायों की अनदेखी करने के कांग्रेस के काले इतिहास का खुलासा किया। यह साफ है कि उनकी तरफ से पेश किए गए तथ्यों से वो स्तब्ध हो गए हैं। यही वजह है कि वो अब नौटंकी पर उतर आए हैं। दुखद है, लेकिन लोग सच जानते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हम जो भी हैं उसकी वजह डॉक्टर बाबासाहब आंबेडकर हैं। हमारी सरकार ने बीते एक दशक में डॉक्टर बाबासाहब आंबेडकर के सपनों को पूरा करने के लिए बगैर थके मेहनत की है। कोई भी सेक्टर ले लें, फिर चाहे वह 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना हो, एससी एसटी एक्ट को मजबूत करना हो। हमारी सरकार ने स्वच्छ भारत, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, उज्जवला योजना और कई कार्यक्रम शुरू किए। इन सभी ने गरीब और हाशिए पर मौजूद लोगों के जीवन को छुआ है।’ कांग्रेस के ‘पाप’ पीएम मोदी ने डॉक्टर आंबेडकर के खिलाफ कांग्रेस को ‘पाप’ याद दिलाए हैं। उन्होंने कहा, ‘उन्हें चुनाव में एक नहीं दो बार हराया गया। पंडित नेहरू उनके खिलाफ प्रचार कर रहे थे और उनकी हार को प्रतिष्ठा का मुद्दा बना रहे थे। उन्हें भारत रत्न देने से इनकार कर दिया। उनकी तस्वीर को संसद में सम्मानीय जगह लगाने से इनकार कर दिया।’ उन्होंने कहा, ‘अगर कांग्रेस और उसके सड़े हुए तंत्र को लगता है कि उनका झूठ कई सालों के गलत काम और खासतौर से डॉक्टर आंबेडकर के किए अपमान को छिपा सकता है, तो वो बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं।’ उन्होंने लिखा, ‘भारत के लोगों ने कई बार देखा है कि कैसे एक वंशवाद से चलने वाले एक पार्टी ने डॉक्टर आंबेडकर की विरासत को खत्म करने और एससी एसटी समुदायों का अपमान करने का हरसंभव प्रयास किया।’ विपक्ष का प्रदर्शन संसद में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल शाह के भाषण को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार पर आंबेडकर के अपमान के आरोप लगाए जा रहे हैं। इधर, भारतीय जनता पार्टी ने गृहमंत्री के भाषण का पूरा वीडियो शेयर किया और कांग्रेस पर एडिटेड क्लिप पोस्ट करने के आरोप लगाए हैं।

अमित शाह ने कहा- कांग्रेस अंबेडकर विरोधी है, तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “जब लोकसभा और राज्यसभा में पक्ष और विपक्ष होते हैं तो दलों, वक्ताओं का नजरिया अलग-अलग होता है। लेकिन एक बात समान होती है कि बात तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। कल से कांग्रेस ने जिस प्रकार तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर रखने का प्रयास किया है वो निंदनीय है। मैं इसकी निंदा करता हूं। कांग्रेस बीआर अंबेडकर विरोधी है, यह आरक्षण और संविधान के खिलाफ है। कांग्रेस ने वीर सावरकर का भी अपमान किया। आपातकाल लगाकर उन्होंने सभी संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “…जब संसद में चर्चा चल रही थी, तो यह साबित हो गया कि कांग्रेस ने किस तरह बाबा साहेब अंबेडकर का विरोध किया। किस तरह कांग्रेस ने बाबा साहेब की मृत्यु के बाद भी उनका मजाक उड़ाने की कोशिश की… जहां तक ​​भारत रत्न देने की बात है, कांग्रेस के नेताओं ने कई बार खुद को भारत रत्न दिया है। नेहरू जी ने 1955 में खुद को भारत रत्न दिया, इंदिरा गांधी ने 1971 में खुद को भारत रत्न दिया और बाबा साहेब को 1990 में भारत रत्न मिला, जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में नहीं थी और भारतीय जनता पार्टी द्वारा समर्थित सरकार थी… अंबेडकर के प्रति नेहरू की नफरत जगजाहिर है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “…एक सर्वदलीय मंत्रिमंडल पहली देश की कैबिनेट बनी जिसमें बाबा साहेब अंबेडकर भी सदस्य थे, नेहरू जी प्रधानमंत्री थे। नेहरू जी की किताब ‘सेलेक्टेड वर्क्स ऑफ जवाहरलाल नेहरू’ में एक और उल्लेख आता है। नेहरू जी के आश्वासन के बावजूद भीम राव अंबेडकर को कोई महत्वपूर्ण विभाग नहीं दिया गया… एक ओर कांग्रेस पार्टी है। जब तक कांग्रेस सत्ता में रही बाबा साहेब अंबेडकर का कोई स्मारक नहीं बना। जहां-जहां विपक्ष की सरकारें आती गईं, स्मारक बनते गए। भाजपा की सरकारों ने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बाबा साहेब के जीवन से संबंधित पंचतीर्थ का विकास किया, मध्य प्रदेश में महू, लंदन में डॉ॰ भीमराव रामजी आंबेडकर स्मारक, नागपुर में दीक्षाभूमि, दिल्ली में राष्ट्रीय स्मारक और महाराष्ट्र के मुंबई में चैत्रभूमि का विकास करने का काम भाजपा की सरकारों ने किया। 19 नवंबर 2015 को पीएम मोदी ने अंबेडकर जी के सम्मान में 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में घोषित किया

बाबा गुरू घासीदास के मनखे-मनखे एक समान का संदेश आज भी प्रासंगिक: मुख्यमंत्री साय

सामुदायिक भवन का किया लोकार्पण और समाज को रियायती दर पर जमीन देने की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बाबा गुरुघासीदास जी एक महान संत थे। उन्होंने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया। आज उनका यह संदेश मानव को एक दूसरे से जोड़ने का काम कर रहा है। श्री साय आज सतनामी कल्याण समिति कोरबा के द्वारा तीन दिवसीय गुरु घासीदास जयंती समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर लगभग 90 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया और सतनामी समाज को रियायती दर पर जमीन आबंटन करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को गुरु पर्व की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार बाबा गुरु घासीदास के आशीर्वाद से हम सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाएंगे। उन्होंने समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने, एकजुट रहने और छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए विकास की राह में आगे बढ़ने की बात कही। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, समाज के अध्यक्ष यू आर महिलांगे सहित अन्य समाज के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आज बाबा गुरुघासी दास की जयंती में जगह-जगह कार्यक्रम में शामिल होने का पुण्य अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सबको साथ लेकर आगे चलते हैं। उनका नारा “सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास“ है जिसे छत्तीसगढ़ की सरकार ने भी अपनाया है और इसी दिशा में सभी समाज को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास की तपोभूमि गिरौदपुरी से लेकर अन्य स्थानों को विकसित करने का कार्य पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में किया गया। उन्होंने कहा कि एक साल के कार्यकाल में जो भी वादा था उसे पूरा किया गया है। पीएम आवास का निर्माण, 3100 में धान खरीदी, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान, 5500 प्रति मानक बोरा तेंदूपत्ता की पारिश्रमिक, 70 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने एक हजार रुपये और पीएससी में गड़बड़ी की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने दिल्ली में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए ट्राइबल हॉस्टल जानकारी देते हुए कहा कि समाज को शिक्षा के क्षेत्र में और आगे बढ़ना होगा। हमारी नई शिक्षा नीति, उद्योग नीति गरीबों, युवाओं, अनुसूचित जाति, जनजाति, अग्निवीरो, दिव्यांगजनो के लिए फायदेमंद है। समाज उद्यम के क्षेत्र में भी आगे बढ़े और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं।  खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम मंत्री श्री दयालदास बघेल ने सामाजिक बन्धुओं से बाबा गुरु घासीदास जी ने संदेशों को अपनाने का आव्हान किया। उन्होंने समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर उद्योग-धंधे की ओर आगे बढ़ने की अपील की। उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने सभी लोगों को गुरू पर्व की बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य का विकास किया जा रहा है। यहाँ डोम निर्माण के लिए भी राशि जारी की गई है। आने वाले दिनों में भव्य डोम नजर आएगा। चांदी का मुकुट पहनाकर किया अभिनन्दन समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय और अन्य अतिथियों ने आरती और जैतखाम की पूजा कर ध्वजारोहण में शामिल हुए। सतनामी समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का गर्मजोशी से गजमाला पहनाकर स्वागत और चाँदी का मुकुट पहनाकर अभिनन्दन किया। बाबा गुरु घासीदास के तैलचित्र सहित गुलाब के फूल भेंट किए गए। मुख्यमंत्री श्री साय ने सालिक निर्मल दिवाकर के पुस्तक ‘‘माँ की चाहत‘‘ का विमोचन भी किया।

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