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रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और जीवन स्तर में सुधार, हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हर गरीब को रोजगार देने के साथ उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण का ध्यान रखते हुए जीवन स्तर में सुधार लाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिशा-निर्देश अनुसार इस लक्ष्य को समय-सीमा में प्राप्त करने के लिए युवा शक्ति, गरीब कल्याण, नारी सशक्तिकरण और किसान कल्याण पर केन्द्रित गतिविधियों का संचालन विभिन्न विभागों के समन्वय से करने के उद्देश्य से मिशन मोड में कार्य किया जाएं। नगरीय और ग्राम स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर सृजित करने के लिए स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुसार गतिविधियां संचालित हों। रेडीमेड गारमेंट जैसे अधिक रोजगार देने में सक्षम उद्योगों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाए। उद्योगों की आवश्यकतानुसार युवाओं के कौशल उन्नयन और प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती और गौपालन को प्रोत्साहित करने से परिवारों की आय बढ़ने के साथ पोषक सामग्री भी स्वत: उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में शासकीय एवं निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंथन शिविर के प्रथम सत्र में सहभागिता कर संबोधित कर रहे थे। प्रदेश में युवा शक्ति, गरीब कल्याण, नारी सशक्तिकरण और किसान कल्याण पर केन्द्रित मिशनों के क्रियान्वयन के लिए शासन स्तर पर हुए विचार-विमर्श के प्रेजेंटेशन और उन पर मंत्रीगण तथा अधिकारियों के मार्गदर्शन और सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से गुरूवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंथन शिविर आयोजित किया गया। मंथन शिविर में नई दिल्ली में हुए चौथे राष्ट्रीय मुख्य सचिवों के सम्मलेन के निष्कर्षों पर प्रेजेंटेशन दिये गये। साथ ही नवकरणीय ऊर्जा, हरित अर्थव्यवस्था में अवसर, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, विकसित भारत के लिए सीमांत (फ्रंटियर) तकनीक, टियर 2 एवं टियर 3 शहरों में सेवा क्षेत्र के लिए अनुकूल माहौल बनाने, एम.एस.एम.ई और अनौपचारिक क्षेत्र में रोजगार, आर्थिक विकास केन्द्रों के रूप में शहरों के विकास, टियर 2 और टियर 3 शहरों पर केन्द्रित मैन्युफैक्चरिंग, ग्रामीण क्षेत्र में गैर कृषि गतिविधियों और सेवाओं के विस्तार तथा निवेश के लिए आर्थिक सुधार पर प्रेजेंटेशन और विचार-विमर्श भी मंथन शिविर का भाग हैं। युवाओं को समाज हित में सामाजिक पहल का हिस्सा बनाना आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में आरंभ हुए मंथन शिविर के प्रथम-सत्र में स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन पर प्रेजेंटेशन हुए। प्रत्येक व्यक्ति की आय और शिक्षा के स्तर को बढ़ाना एवं प्रत्येक युवा को समाज के हित में सामाजिक पहल का हिस्सा बनाना मिशन का लक्ष्य है। मिशन के लक्ष्य समूह में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 15 से 29 वर्ष के युवा शामिल हैं। साथ ही महिलाओं, दिव्यांग युवा, किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मिशन, संवाद-सामर्थ्य-समृद्धि के ध्येय वाक्य के साथ संचालित होगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उद्यमिता/रोजगार के लिए क्षमता-संवर्धन और सामाजिक पहल मिशन के प्रमुख स्तंभ होंगे। गरीब कल्याण के लिए लागू होगी त्रिस्तरीय रणनीति गरीब कल्याण मिशन के प्रेजेंटेशन में बताया गया कि बहुआयामी गरीबी इंडेक्स आधारित गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के लिए 12 विशिष्ट सूचकांकों में सुधार का लक्ष्य रखा गया है। समाज के सभी कमजोर वर्गों विशेषकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण पर फोकस होगा। लक्ष्य प्राप्ति के लिए चिन्हित योजनाओं में सेचुरेशन, आजीविका संवर्धन और संगठनात्मक ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर आधारित त्रिस्तरीय रणनीति क्रियान्वित की जाएगी। सशक्त नारी : सशक्त प्रदेश “सशक्त नारी : सशक्त प्रदेश” के ध्येय वाक्य के साथ नारी सशक्तिकरण पर हुए प्रेजेंटेशन में बताया गया कि महिला केन्द्रित विकास पर फोकस करते हुए महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक विकास और सुरक्षा उपलब्ध काराना मिशन का उद्देश्य होगा। महिलाओं व बालिकाओं तक विभिन्न सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना, महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन एवं समाज में उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एकीकृत प्रयास होंगे। समाज में महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति सकारात्मक व्यवहार के लिए पुरूष संवेदनशीलता बढ़ाना और जागरूकता फैलाना भी मिशन के उद्देश्य होंगे।  

स्वामित्व योजना में 46 जिलों के हितग्राहियों को मिलेंगे भू-स्वामित्व अभिलेख: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पार्वती-कालीसिंध-चम्बल और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार माना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आठ दिन में दो बड़ी परियोजनाओं की सौगात प्रदेश को दी है। यह सौभाग्य है कि नदी जोड़ो परियोजनाओं को क्रियान्वित करने में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन रहा है। प्रदेश में नदियों को परस्पर जोड़ने की संभावना पर भी कार्य किया जाना आवश्यक है। इससे प्रदेश के सूखे से प्रभावित क्षेत्र लाभान्वित होंगे। ऐसी परियोजनाओं के क्रियान्वयन क्षेत्र के निवासियों को परियोजनाओं के लाभों से अवगत कराने और उनसे परस्पर संवाद बनाए रखने में जन-प्रतिनिधि सक्रिय रहें और यह सुनिश्चित करें कि निजी हित या विकास विरोधी मानसिकता के कारण परियोजनाओं के क्रियान्वयन में विलंब न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रि-परिषद के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा केन बेतवा लिंक परियोजना के शुभारंभ और देश की पहली नदी जोड़ो परियोजनाओं के मध्यप्रदेश में क्रियान्वयन के लिए मंत्रि-परिषद के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनन्दन किया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी का अटल ग्राम सेवा सदनों के भूमि-पूजन के लिए माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना में हितग्राहियों को भू-स्वामित्व अभिलेख वितरण सम्मेलन 46 जिलों में किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इन कार्यक्रमों से वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ेंगे। इसमें सभी मंत्रि-परिषद सदस्य व जन-प्रतिनिधि भी सम्मेलनों में शामिल हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि उन्नति योजना पर चर्चा करते हुए प्रदेश के किसानों को मोटे अनाजों के उत्पादन के लिए प्रेरित करने की भी अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अटल ग्राम सेवा सदनों के भूमि-पूजन के लिए भी प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार व्यक्त किया। जनकल्याण अभियान में स्वीकृत हुए 4 लाख 80 हजार आवेदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान में अब तक प्रस्तावित 30 हजार 697 शिविरों में से 8 हजार 549 शिविर आयोजित हो चुके हैं। इन‍शिविरों में 6 लाख 81 हजार आवेदन प्राप्त हुए। इसमें से 70 प्रतिशत अर्थात 4 लाख 80 हजार आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना में सर्वाधिक एक लाख 98 हजार 297 आवेदन प्राप्त हुए। खसरा-खतौनी की प्रतिलिपियां प्राप्त करने, निर्माण श्रमिकों के पंजीयन, वृद्धावस्था पेंशन और पीएम किसान संबंधी आवेदन भी बड़ी संख्या में प्राप्त हुए हैं। सर्वाधिक 94 हजार 672 आवेदन उज्जैन में प्राप्त हुए। इसी प्रकार सिवनी में 44 हजार 516, ग्वालियर में 26 हजार 609, खंडवा में 21 हजार 55 और बालाघाट में 20 हजार 189 आवेदन प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मंत्रि-परिषद सदस्यों को प्रभार के जिलों में जनकल्याण शिविरों में भाग लेने तथा जिला स्तर पर मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि शिविरों और अभियान का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।  

विजय हजारे ट्रॉफी: शाहरुख खान के नाबाद शतक से यूपी को 114 रन से हराया, बेकार गया रिंकू सिंह का अर्धशतक

नई दिल्ली विजय हजारे ट्रॉफी के तीसरे चरण के मुकाबले में यूपी और तमिलनाडु के बीच मुकाबला खेला गया। इस मैच में यूपी को 114 रन से करारी शिकस्त मिली। तमिलनाडु के लिए शाहरुख खान ने नाबाद शतकीय पारी खेली। वहीं, यूपी की तरफ से कप्तान रिंकू सिंह ने अर्धशतक जड़ा था। शाहरुख खान को उनकी शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। यूपी के कप्तान रिंकू सिंह ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बारिश की वजह से मैच 47-47 ओवर का खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए तमिलनाडु ने शाहरुख खान कने नाबाद 132 रन की बदौलत 5 विकेट पर 284 रन बनाए। मध्यक्रम के बल्लेबाज शाहरुख खान ने गजब की बल्लेबाजी की। अपनी पारी में 7 छक्के और 13 चौके जड़े। इस दौरान उन्होंने 85 गेंदों का सामना किया।   छठे विकेट के लिए हुई 216 रन की साझेदारी शाहरुख खान का साथ सांतवें नंबर पर बैटिंग करने आए मो. अली ने दिया और उन्होंने 75 गेंद पर नाबाद 76 रन की पारी खेल दी। एक समय तमिलनाडु के 5 विकेट 68 रन पर ही गिर गए थे, लेकिन इसके बाद शाहरुख और अली ने मिलकर छठे विकेट के लिए नाबाद 216 रन की साझेदारी की। यूपी के लिए यश दयाल ने सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए। रिंकू का अर्धशतक गया बेकार लक्ष्य का पीछा करते हुए यूपी के लिए रिंकू सिंह ने कप्तानी पारी खेलते हुए 43 गेंद पर 2 छक्के और 6 चौकों की मदद से 55 रन बनाए। रिंकू के अलावा प्रियम गर्ग ने 48 रन बनाए, जबकि नितीश राणा ने 17 रन की पारी खेली। यूपी की पूरी टीम 32.5 ओवर में 170 रन बनाकर सिमट गई। तमिलनाडु के लिए संदीप वॉरियर, विजय शंकर और वरुण चक्रवर्ती ने 2-2 विकेट झटके।

हथकड़ी वाला फोटो वायरल, छत्तीसगढ़-बालोद के गुंडरदेही मंडल अध्यक्ष के खिलाफ दबी जुबान शिकायत

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सत्ताधारी पार्टी ने अपने संगठन का विस्तार करते हुए 9 मंडलों को 17 मंडलों में विघटन किया है इसके बाद सभी मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है लेकिन नए मंडलों के अध्यक्षों के दावेदारों और नियुक्ति के बाद से कई जगहों पर दबी जुबान विरोध की बातें सामने आ रही है। दावेदारी की बात करें तो बालोद जिले के गुरूर मंडल में एक दावेदार शशिकांत जगदले ने वहीं के अपने अन्य दावेदार आनंद शर्मा के खिलाफ संगठन में शिकायत की थी इसके बाद से वहां की नियुक्ति को फिलहाल रोक दिया गया है वहीं अन्य 16 मंडलों में जो नियुक्ति हुई उसमें भी कुछ आपराधिक किस्म के लोगों को मंडल अध्यक्ष बनाया गया है जिसके बाद से अब प्रदेश स्तर तक शिकायतों का दौर शुरू हो चुका है वहीं गुण्डरदेही के नए अध्यक्ष का हथकड़ी लगा फोटो भी सोशल मीडिया में फैलने लगा है वहीं गुण्डरदेही विधानसभा के देवरी मंडल अध्यक्ष के खिलाफ भी शिकायतों का दौर शुरू हो चुका है। गुण्डरदेही अध्यक्ष का फोटो वायरल गुंडरदही मंडल में जिस नए अध्यक्ष की नियुक्ति की गई है उसका नाम है युवराज मारकंडे अब उनके अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद से पार्टी के लोगों में ही उनका हथकड़ी पहने हुए फोटो वायरल हो रहा है साथ ही उनके खिलाफ दर्ज मामले भी चर्चा में हैं आपको बता दें कि युवराज मारकंडे के खिलाफ गुंडरदेही थाने में तीन मामले दर्ज हैं जिसकी जानकारी भी अब सोशल मीडिया में सामने आने लगी है जिसमें से एक मामला गाली गलौज का है दूसरा मामला शांति भंग करने का और तीसरा एक संघीय अपराध होने के अंडे से पर इसके बाद से प्रदेश स्तर पर नए मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति के संदर्भ में शिकायत होने लगी है। कहीं पद रिक्त तो कहीं विरोध शशिकांत जगदाले के शिकायत के बाद से यहां पर अध्यक्ष के पद को रिक्त कर दिया गया है और नियुक्ति को लेकर अभी तक किसी तरह की बातें सामने नहीं आ रही है वही गुंडारेही के मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं आखिर कैसे इस तरह आपराधिक मामले दर्ज होने के बाद भी यह नियुक्तियां की गई है और प्रदेश स्तर पर इसकी शिकायत होनी शुरू हो चुकी है सोशल मीडिया में भी मंडल अध्यक्ष के फोटो वायरल हो रहे हैं यूं कह सकते हैं कि कई जगहों पर नियुक्ति के बाद विरोध और विवाद भी होने लगे हैं। इस मामले में मंडल अध्यक्ष युवराज मारकंडे एवं जिलाध्यक्ष पवन साहू से फोन में संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

सरकार धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 2000 रुपये प्रोत्साहन राशि देगी, एमपी कैबिनेट बैठक में लगी मुहर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरकार धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 2000 रुपये प्रोत्साहन राशि देगी। विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने धान उत्पादक किसानों को बोनस देने का संकल्प लिया था। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कैबिनेट बैठक में हुए निर्णयों के बारे में जानकारी देते हुए कहा, किसान हित में यह बड़ा कदम उठाया गया है। केन- बेतवा, पार्वती, कालीसिंध और चंबल परियोजनाओं से जुड़ी 19 अन्य सिंचाई परियोजनाओं को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है।   कैबिनेट में यह भी फैसला हुआ है कि मध्य प्रदेश में लोग ऑनलाइन जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बना सकेंगे। भारत के महा रजिस्ट्रार कार्यालय ने इसके लिए प्रारूप नियम तैयार किया है। इसी के आधार पर मध्य प्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम 2024 तैयार किया गया है। इसके अनुसार जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के डिजिटल रजिस्ट्रीकरण और इलेक्ट्रॉनिक का उपबंध किया गया है। इसमें गलत जानकारी देने पर कार्रवाई होगी। क्षिप्रा किनारे बनेगा 29 किमी लंबा घाट कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया कि 2028 में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे 29 किलोमीटर लंबा घाट बनाया जाएगा। यह क्षिप्रा नदी के दायीं किनारे पर शनि मंदिर से नागदा बाय पास तक बनेगा। इसकी लागत 771 करोड रुपये आएगी।   मध्य प्रदेश कैबिनेट के अन्य अहम फैसले प्रदेश में 100 प्रतिशत कृषि क्षेत्र को संचित बनाए जाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। केन बेतवा, पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना की 19 में से 16 योजनाओं को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। जनजाति क्षेत्र के समेकित विकास के लिए धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत प्रदेश के 52 जिलों के आदिवासियों को लाभान्वित किया जाएगा। सभी पंचायत में अटल ग्रामीण सेवा सदन बनाए जाएंगे, जहां ग्रामीणों को सभी शासकीय योजनाओं की जानकारी मिलेगी। पॉलिटेक्निक यूनानी चित्र सहित शिक्षण संस्थानों में इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थियों किसी से बस्ती को महंगाई सूचकांक से जोड़ने का निर्णय भी बैठक में लिया गया है। इससे पहले प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि हर पंचायत में पैक्स, सभी को रोजगार और सुव्यवस्थित सहकारी आंदोलन ही हमारा लक्ष्य है। सहकारिता को आगे बढ़ाने के लिए इसका विस्तार पंचायत स्तर पर करना होगा। सहकारिता के हर एक मूल भाव को आत्मसात करते हुए देश को समृद्ध बनाना ही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आमूलचूल परिवर्तन हुए हैं। समृद्ध राष्ट्र के लिए समाज को जोड़ने की जरूरत है और समाज को जोड़ने का केवल एक ही प्रकल्प है सहकारिता। समाज का निर्माण सहकारिता के माध्यम से ही होता है। सभी की भागीदारी के साथ लक्ष्य को साधने का नाम ही सहकारिता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा- देश को आजादी दिलाने में जनजातीय समाज के वीर सपूतों का अमूल्य योगदान

रायपुर हमारा देश और समाज हमेशा प्रगतिशील सोच के साथ आगे बढ़ेे, समाज की नई पीढ़ी शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की करे, उद्यमशीलता की तरफ बढ़े, इसके लिए समाज को निरंतर जागरूक होकर युवाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हमेशा इसी एकजुटता पर बल देते हैं। हम सब एकजुट रहेंगे और माँ भारती की सेवा करने संकल्पित रहेंगे तो हमारा प्रदेश और देश मजबूत होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के विकासखण्ड बगीचा के ग्राम घुघरी में आयोजित छत्तीसगढ़ स्तरीय नागवशी समाज के महासम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनजातीय समाज के भगवान बिरसा मुंडा, गुण्डाधुर, रानी दुर्गावती, वीर नारायण जैसे वीर सपूतों ने अपनी वीरता से देश को आजादी दिलाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज की इन महान विभूतियों के गौरव को लोगों तक पहुंचाने एवं उनका मान बढ़ाने के लिए जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्नों में गुम इन शहीदों के योगदान को सामने लाने के लिए  नवा रायपुर में जनजातीय योद्धाओं को समर्पित स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। इसमें छत्तीसगढ़ के आदिवासी जन नायकों द्वारा लड़े गए 13 महान संग्रामों का वर्णन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर घुघरी में सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख, खड़ा नाला में पुल निर्माण, ढ़ोड़की में व्यपवर्तन योजना के जीर्णाेद्धार एवं बगीचा में एक करोड़ रुपये की लागत से मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने नागवंशी समाज की बहु प्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए घुघरी में उनकी देवभूमि को संरक्षित करने हेतु सामुदायिक वनाधिकार पट्टा प्रदान किया गया। इसके साथ ही मात्रात्मक त्रुटि के कारण वंचित रह गए 40 बच्चों को मुख्यमंत्री ने जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने नागवंशी समाज के आराध्य भगवान महादेव-पार्वती एवं नाग देव की पूजा कर प्रदेश की जनता के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि उनके द्वारा ही जनजातीय कल्याण और उत्थान के लिए सर्वप्रथम आदिमजाति कल्याण विभाग का निर्माण किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातीय लोगों के उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के कल्याण हेतु बिजली, पानी, राशन वितरण, आवास, स्वास्थ्य, आयुष्मान कार्ड निर्माण आदि का कार्य किया जा रहा है। सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार द्वारा प्रदेश के विकास को दुगुनी गति प्रदान की गई है। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए हमारे जनजातीय समाज के मुख्यमंत्री द्वारा निरन्तर कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव, जनप्रतिनिधि कृष्ण कुमार राय, नागवंशी समाज के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे।

पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर हमारी सरकार लगातार लोगों की सुख-समृद्धि के लिए काम कर रही है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी से किसानों में समृद्धि आई है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर महीने 70 लाख माताओं-बहनों को एक हजार रुपए प्रति महीने की किश्त हम दे रहे हैं।    देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए हम लोग मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना आरंभ करने जा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से भी यात्रियों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के ग्राम टिमरलगा में आयोजित पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव  को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने   ग्राम टिमरलगा में पर्वतदान एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि    जब भी बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं, आसपास का पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर हो जाता है।छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यह वो धरती है जहां भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकतम समय बिताया। छत्तीसगढ़ की पावन धरती में शिवरीनारायण में माँ शबरी ने प्रभु श्रीराम को जूठे बेर खिलाये थे।     हमारी छत्तीसगढ़ की भूमि बहुत पवित्र भूमि है। हमारे यहां वाल्मीकि जी का आश्रम तुरतुरिया में है।वाल्मीकि आश्रम ही वह भूमि है जहां लव और कुश ने अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को पकड़ा था। छत्तीसगढ़ के कण कण में भगवान श्रीराम की स्मृतियां बसी हुई हैं। प्रभु श्रीराम की स्मृतियों को सहेजने के लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  हम प्रदेश की पांच शक्तिपीठों को जोड़ने के लिए भी हम कार्य कर रहे हैं। हम लोगों ने त्रिवेणी संगम की नगरी राजिम में भी कुंभ मेले का पुनः आयोजन शुरू किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ग्राम टिमरलगा के माध्यमिक स्कूल का हाईस्कूल में उन्नयन, मां नाथल दाई को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने सौंदर्यीकरण, ग्राम टिमरलगा के उपस्वास्थ्य केंद्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन की घोषणा की। इस अवसर पर रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, श्रीमती केरा बाई मनहर,शमशेर सिंह, श्रीमती पुष्पा देवी सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

President मुर्मू ने 17 बच्चों को दिए बाल पुरस्कार, पीएम मोदी ने बच्चों से की मुलाकात

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को 17 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। पुरस्कार कला, संस्कृति और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण साहस और उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिए जाते हैं। यह पुरस्कार सात श्रेणियों में दिए जाते हैं- कला और संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा, खेल और पर्यावरण। इस बार 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए सात लड़कों और 10 लड़कियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार के तहत बच्चों को एक पदक, प्रमाण पत्र और उद्धरण पुस्तिका प्रदान की गई। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मानित बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को खूब सारी बातें कीं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी लिया हिस्सा इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में वीर बाल दिवस मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। यह एक राष्ट्रव्यापी उत्सव है, जिसमें बच्चों को भारत के भविष्य की नींव के रूप में सम्मानित किया जाता है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं को सशक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आज युवाओं को राष्ट्र के विकास से जुड़े हर क्षेत्र में अवसर मिल रहे हैं। हम हर क्षेत्र में नए बदलाव और चुनौतियां देख सकते हैं, इसलिए हमें अपने युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने की जरूरत है। ‘तीन साल पहले हमारी सरकार ने शुरुआत की थी’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज हम तीसरे वीर बाल दिवस के आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं। तीन साल पहले हमारी सरकार ने वीर साहिबजादों के बलिदान की अमर स्मृति में वीर बाल दिवस मनाने की शुरूआत की थी। अब ये दिन करोड़ों देशवासियों के लिए, पूरे देश के लिए राष्ट्रीय प्रेरणा का पर्व बना है। इस दिन ने भारत के कितने ही बच्चों और युवाओं को अदम्य साहस से भरने का काम किया है।’ बच्चों को दिया सफलता का मंत्र प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ’26 दिसंबर का वो दिन, जब छोटी सी उम्र में हमारे साहिबजादों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह की आयु कम थी, लेकिन उनका हौसला आसमान से भी ऊंचा था। साहिबजादों ने मुगल सल्तनत के हर लालच को ठुकराया, हर अत्याचार को सहा। जब उन्हें दीवार में चुनवाने का आदेश दिया गया, तो साहिबजादों ने उसे पूरी वीरता से स्वीकार किया… साहिबजादों ने प्राण देना स्वीकार किया, लेकिन आस्था के पथ से विचलित नहीं हुए… वीर बाल दिवस का ये दिन हमें सिखात है कि चाहे कितनी भी विकट स्थितियां आएं, देश और देशहित से बड़ा कुछ नहीं होता। देश के लिए किया गया हर काम वीरता है।’  

प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति

मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 लागू किये जाने की स्वीकृति क्षिप्रा नदी के तट पर घाट निर्माण की स्वीकृति 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल नदी लिंक परियोजना का हुआ प्रशासकीय अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक गुरूवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 लागू किये जाने की स्वीकृति दी है। महा-रजिस्ट्रार कार्यालय, भारत सरकार से प्राप्त प्रारूप नियम के अनुरूप मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 1999 की विभिन्न धाराओं में संशोधन किया गया है। मध्यप्रदेश जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2024 के मुख्य बिंदुओं में जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र के डिजिटल रजिस्ट्रीकरण और इलेक्ट्रॉनिक परिदान का उपबंध, रजिस्ट्रीकृत जन्म और मृत्यु का राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय डाटाबेस तैयार करना, दत्तक ग्रहण किये गये, अनाथ, परित्यक्त, सरोगेट बच्चे और एकल माता-पिता या अविवाहित माता से बच्चे के रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाया जाना आदि शामिल है। जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ की तारीख को या उसके पश्चात् जन्म लेने वाले किसी व्यक्ति के जन्म की तारीख और स्थान को प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाण-पत्र उपयोगी है। किसी आपदा या महामारी में मृत्यु के त्वरित रजिस्ट्रीकरण और प्रमाण पत्र जारी करने के लिये विशेष “उप-रजिस्ट्रार” की नियुक्ति का उपबंध किया गया है। किसी जन्म या मृत्यु के 30 दिन के पश्चात् किंतु एक वर्ष के भीतर विलंबित सूचना की दशा में नोटरी या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी के समक्ष किसी शपथ-पत्र के स्थान पर स्व-अनुप्रमाणित दस्तावेज को प्रस्तुत करने का उपबंध किया गया है। किसी जन्म या मृत्यु के एक वर्ष के पश्चात् रजिस्ट्रार को विलंबित सूचना की दशा में आदेश करने वाले प्राधिकारी प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के स्थान पर जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्राधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट का उपबंध किया गया है। लोकहित में जन शिकायत निवारण के लिए रजिस्ट्रार/जिला रजिस्ट्रार द्वारा की गई कार्यवाही से व्यथित होने पर अपील का प्रावधान है और उपबंधित शास्तियों में वृद्धि की गई हैं। प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के कृषकों की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रदेश में स्थापित 11 के.वी. फीडर्स को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत (सोलराईजेशन) किये जाने की स्वीकृति दी गई। इसके क्रियान्वयन से किसान को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध होगी, जिससे उनकी जीवन शैली व्यवस्थित हो सकेगी। सौर संयंत्र से 33/11 किलोवॉट विद्युत वितरण उप केन्द्रों पर स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मर पर ओवर-लोडिंग और परिणामतः लो-वोल्टेज एवं पावर कट की समस्या कम होगी। साथ ही विद्युत उप केन्द्रों के उन्नयन पर आने वाले वित्तीय भार को बचाया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि कृषकों की सिंचाई आवश्यकताओं की प्रतिपूर्ति, उनके करीब सौर ऊर्जा का उत्पादन एवं आय के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, (MNRE) द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम- कुसुम) योजना लागू की गयी है। योजना के अंतर्गत सोलर संयंत्र स्थापना के लिए 1.05 करोड़ रूपये प्रति मेगावाट केन्द्रीय सहायता राशि दी जानी प्रावधानित है। प्रदेश में कुसुम-सी के अंतर्गत पृथक कृषि फीडर्स पर स्थापित कृषि पंप को विद्युत प्रदाय करने के लिए सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत (सोलराईजेशन) किया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्षिप्रा नदी के तट पर शनि मंदिर से नागदा बायपास तक 29.215 कि.मी. लंबाई के घाट-निर्माण कार्य के लिये 778 करोड़ 91 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद द्वारा संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल नदी लिंक परियोजना के अंतर्गत परियोजना समूह की लागत 28,798 करोड़ 02 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 4 लाख 72 हजार 970 हेक्टेयर का प्रशासकीय अनुमोदन प्रदान किया गया। स्वीकृति परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में मालवा एवं चम्बल क्षेत्र के 10 जिले गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, इन्दौर, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ में कुल 4.73 लाख हेक्टेयर नवीन सिंचित क्षेत्र और चम्बल की दाईं मुख्य नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर के 1205 ग्रामों में 3.62 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। जनजातीय क्षेत्रों में धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान प्रारंभ करने की सैधान्तिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, आयुष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशु पालन एवं डेयरी, पर्यटन एवं जनजातीय कार्य विभाग की चिन्हित योजना अंर्तगत शत-प्रतिशत सेचुरेशन के लिए नवीन योजना धरती आबा- जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) प्रारंभ करने की सैधान्तिक स्वीकृति प्रदान की गई है। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय और स्वशासी आयुर्वेद/यूनानी/होम्योपैथी के 9 महाविद्यालयों में स्नातक प्रशिक्षु (इंटर्नशिप) एवं स्नातकोत्तर अध्येताओं की शिष्यवृत्ति एवं गृह चिकित्सकों के समेकित वेतन की वृद्धि को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जोड़े जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।  

घायलों का हाल जानने एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचे मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष, राजस्थान-जयपुर टैंकर हादसे में अब तक 15 की मौत

जयपुर। भांकरोटा अग्निकांड में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आज एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान दो और घायलों यूसुफ और नरेश बाबू की मौत हो गई। अब तक इस हादसे में 15 लोगों की जान जा चुकी है। घायलों का इलाज एसएमएस अस्पताल में जारी है, जहां चिकित्सा विभाग के सभी डॉक्टर कैजुअल्टी रोकने के लिए सतर्क हैं। गौरतलब है कि 20 दिसंबर को भांकरोटा में एलपीजी टैंकर फटने के बाद यह दर्दनाक हादसा हुआ था। हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी ने इसकी जांच के लिए संयुक्त जांच कमेटी का गठन किया है। झुलसे हुए कई मरीजों का एसएमएस अस्पताल में इलाज जारी है। प्रशासन और चिकित्सा विभाग द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राजस्थान मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष घायलों के हालचाल जानने के लिए आज एसएमएस अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रशासन से उपचार की स्थिति और घायलों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। आयोग अध्यक्ष ने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उन्हें उचित मदद का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि इस भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों को प्रभावित किया है। आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन से घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। कल आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए थे कि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए और हादसे के कारणों की गहन जांच की जाए।

यमुनानगर जिले में बाइक सवार युवकों ने गोलियां मारना शुरू कर दी, दौड़ाकर गोलियां मारी, दो की मौत

नई दिल्ली हरियाणा का यमुनानगर जिला आज 50 राउंड फायरिंग से थर्रा गया। जिम में गए तीन युवक जब एक्सरसाइज के बाद वापस लौट रहे थे और अपनी बुलेरो कार में बैठने जा रहे थे तो उन पर हमला हुआ। बाइक सवार युवकों ने उन्हें घेर कर गोलियां मारना शुरू कर दिया और जान बचाने के लिए भागे तो दौड़ाकर गोलियां मारी गईं। दूर से ही पूरी घटना को देखने वाले कुछ लोगों का दावा है कि 50 से ज्यादा गोलियां चली थीं। इस घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें दिखता है कि युवक हमलावरों से बचने के लिए भाग रहे थे, लेकिन जान बचाना ही मुश्किल हो गया। दो युवकों की तो मौके ही मौत हो गई, जबकि तीसरे की हालत गंभीर बनी हुई है और वह अस्पताल में एडमिट है। यह घटना शहर के लखा सिंह खेड़ी इलाके में सुबह करीब सवा 8 बजे हुई। जानकारी मिलते ही एसपी समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने शुरुआती जांच की। मौके की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है, लेकिन हमलावरों की पहचान करना एक चैलेंज है। फायरिंग करते दिख रहे तीनों हमलावरों ने अपने चेहरे ढक रखे थे। अब तक किसी गैंगस्टर या ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, उससे साफ है कि व्यक्तिगत दुश्मनी, प्रॉपर्टी के विवाद या फिर ऐसे ही किसी मामले में यह कांड हुआ है। अब तक इस हत्या के मकसद की भी जानकारी नहीं मिली है। बीते सप्ताह ही पंचकूला में गोलीकांड हुआ था और अब यमुनानगर में ऐसा होने से कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वीडियो में दिखता है कि तीनों युवक जिम से बाहर निकलकर एक गाड़ी में बैठकर अपने घर को लौट रहे थे। लेकिन इसी बीच बाइक पर आए बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और बिना मौका दिए गोलियां बरसाने लगे। बचने के लिए युवक इधर-उधर भागे और एक ने तो बगल के अस्पताल में भी घुसने की कोशिश की, लेकिन उससे पहले ही गोलियां लगने से वह गिर पड़ा। इस बीच बदमाश 2 युवकों की हत्या कर फरार हो गए, वहीं घायल युवक की हालत भी गंभीर बनी हुई है। दिनदहाड़े ऐसी फायरिंग से लोग खौफ में हैं। हालांकि सर्दी अधिक होने और हल्की धुंध के चलते लोग बाहर कम निकलने थे। बदमाश काफी देर तक जिम के बाहर खून की होली खेलते रहे। पुलिस सूत्रों ने कहा कि मौके पर खाली पड़े गोलियों के खोल और बिखरे हुए खून के निशान देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता था कि कैसे बदमाशों ने दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया है। जो सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। उसमें देखा जा सकता है कि, बदमाश युवकों पर कई-कई गोलियां दाग रहे हैं। युवक बच न पायें इसके चलते बदमाशों ने लौट-लौटकर युवकों को गोलियां मारीं। जबकि युवक पहले से ही जमीन पर खून से लथपथ पड़े हुए थे। यही नहीं मरे पड़े एक शख्स को तो हमलावरों ने पलटाकर भी देखा कि कहीं वह जिंदा तो नहीं बच गया है।

साहिबजादों का बलिदान हमें मातृभूमि और धर्म की रक्षा के लिए सदा प्रेरित करता रहेगा: भगवानदास सबनानी

भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र स्थित जवाहर चौक गुरुद्वारा तात्या टोपे नगर में वीर बाल दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी ने वीर बालकों बाबा जोरावर सिंह जी एवं बाबा फतह सिंह जी के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर श्री सबनानी ने कहा कि साहिबजादो का बलिदान दिवस हमें हमेशा ही मातृभूमि और धर्म के प्रति अपने कर्तव्यों और त्याग की भावना का स्मरण करता रहेगा, गुरु गोविंद सिंह जी के वीर बालकों ने धर्म की रक्षा के लिए अल्प आयु में ही अपना बलिदान दे दिया, सिख पंथ में धर्म की रक्षा के लिए बलिदान देने की परंपरा सदियों पुरानी है मातृभूमि की रक्षा और धर्म की सुरक्षा के लिए ही सिख धर्म अपनी एक अलग ही पहचान रखता है। वीर बालक दिवस हमें अपने बच्चों को सिख पंथ के मूल्यों और सिद्धांतों के बारे में शिक्षित करने का अवसर प्रदान करता है, हमें अपने बच्चों को गुरु गोविंद सिंह जी के चार  साहिबजादो शाहादत की कहानी सुनाई चाहिए और उन्हें धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रेरित करना चाहिए। सिख पंथ के हमारे गुरुओं ने देश और धर्म की रक्षा के लिए जो बलिदान दिए हैं उसे भूल पाना संभव नहीं है यह देश हमेशा उन्हें याद रखेंगा। इस अवसर पर मंजीत सिंघ जी, जोगेंदर सिंघ जी, बी. एस. सालवेदी जी, जिला कार्यालय प्रभारी राजू अनेजा, मंडल अध्यक्ष श्री सोनू पालीवाल, पार्षद श्रीमती आरती अनेजा, पार्षद श्रीमती बृजुला सचान, राकेश जैन सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

‘भारत को विकास की नई राह देने वाले व्यक्तित्व थे अटल जी’, राजस्थान-राज्यपाल बागडे हुए अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शती समारोह में शामिल

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए उनके दिए आदर्श अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने बचपन से ही कठोर परिश्रम, कड़ी मेहनत और अपने आत्मविश्वास से भारत को विकास की नई राह प्रदान की। प्रधानमंत्री रहते सुशासन के साथ उन्होंने भारतीय राजनीति में शुचिता के आदर्श मूल्यों की स्थापना की। उन्होंने स्व. वाजपेयी द्वारा देश में स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के किए कार्यों, कावेरी विवाद हल करने और सूचना संचार प्रौद्योगिकी के लिए किए कार्यों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अच्छा कार्य किसी विरोधी दल के नेता ने भी किया है तो उसकी वह खुलकर सराहना करते थे। उनका समग्र व्यक्तित्व प्रेरणास्पद रहा है। बागडे बुधवार को अटल सामुदायिक केन्द्र, शांति नगर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शती समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्व. वाजपेयी के प्रधानमंत्री काल में देश में निरंतर विकास के कार्य हुए। भारत परमाणु परीक्षण कर महाशक्ति बना और विभिन्न क्षेत्रों में विकास से वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में उनके भाग लेने, जनसंघ से उनके राजनीति में प्रवेश, देश में संसदीय लोकतंत्र के लिए किए कार्य, उनके प्रखर वक्ता आदि विभिन्न रूपों में किए राष्ट्र विकास के कार्यों की चर्चा करते हुए उनके स्थापित आदर्शों से सीख लेने का आह्वान किया। राज्यपाल ने स्व. वाजपेयी के कवि हृदय की चर्चा करते हुए कहा कि जो बात वह सीधे नहीं कह सकते थे, कविता में कह दिया करते थे। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी सदन में बहुत शालीनता से पर मजबूती से अपनी बात तर्क के साथ रखते थे। आरंभ में सिविल लाइंस क्षेत्र के विधायक और पत्रकार डॉ. गोपाल शर्मा ने राज्यपाल का अभिनंदन किया और स्व. वाजपेयी की स्मृति में स्थापित प्रतिमा के संदर्भ में उन्हें जानकारी दी।

प्रत्येक ग्राम पंचायत में खुलेंगे अटल ज्ञान केन्द्र, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल ने अटल जन्म शताब्दी दिवस कार्यक्रम में की घोषणा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सुशासन दिवस के अवसर पर प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत पर अटल ज्ञान केन्द्र शुरू करने की घोषणा की है। शर्मा ने कहा कि युवाओं को जागरूक करने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षण सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केन्द्र की स्थापना की जाएगी। इन केन्द्रों के लिए स्थानीय युवक-युवती का अटल प्रेरक के रूप में चयन किया जायेगा। इससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। अटल ज्ञान केन्द्रों पर खुलेंगी लाइब्रेरी— उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के स्व-अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा आमजन में पढ़ने की प्रवृति को प्रोत्साहित करने के लिए अटल ज्ञान केन्द्रों पर लाइब्रेरी एवं ई-लाइब्रेरी की सुविधाएं विकसित की जाएगी। इसके साथ ही इन केन्द्रों पर कैरियर काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। आमजन को सुगमता से मिल सकेगा योजनाओं का लाभ— श्री शर्मा ने कहा कि पात्र व्यक्तियों एवं परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए अटल प्रेरक कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि ई-मित्र की तर्ज पर इन केन्द्रों पर भी कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन के अतिरिक्त जाति, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र, मूल निवास एवं राशन कार्ड इत्यादि जन-सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण स्तर पर आमजन के कार्य सुलभ एवं सुगम रूप से सम्पादित हो सकेंगे। उन्होेंने कहा कि राज्य सरकार इन केन्द्रों के विकास पर लगभग 500 करोड़ रुपये का व्यय करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न श्री वाजपेयी की स्मृति में राज्य सरकार ने 26 दिसम्बर को प्रत्येक पंचायत समिति मुख्यालय पर अटल जन सेवा शिविर आयोजित करने का निर्णय भी किया है। साथ ही, हमारी सरकार ने ई-गवर्नेंस अवार्ड का नाम बदलकर अटल ई-गवर्नेंस अवार्ड और राजकीय विद्यालयों के कंप्यूटर कक्ष का नामकरण अटल कंप्यूटर कक्ष करने का निर्णय भी किया है।

5.47 लाख लोगों ने अब तक लिया लाभ, राजस्थान-मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविर में मौके पर जांच और उपचार

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेशभर में राज्य सरकार की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर शुरू किए गए मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आमजन भरपूर लाभ ले रहे हैं। चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में 15 दिसम्बर से आयोजित किए जा रहे इन शिविरों में मात्र 5 आयोजन दिवस में अब तक 5 लाख 47 हजार से अधिक लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं परामर्श लिया है। अभियान के तहत प्रथम चरण में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर विशेष स्वास्थ्य जांच व उपचार के सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि अब तक 1402 शिविर आयोजित किए गए हैं। इनमें 2 लाख 21 हजार से अधिक व्यक्तियों की डायबिटीज और ब्लड प्रेशर स्क्रीनिंग, 1 लाख 23 हजार से अधिक व्यक्तियों की ओरल, 54 हजार की ब्रेस्ट एवं 25 हजार से अधिक की सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की गई है। स्क्रीनिंग में 3 हजार से अधिक व्यक्तियों में कैंसर रोग की संभावना पाई गई है। इसी प्रकार करीब 63 हजार की ईएनटी जांच की गई एवं 20 हजार से अधिक महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। करीब 39 हजार व्यक्तियों की टीबी जांच की गई, जिनमें से 529 टीबी पॉजिटिव पाए गए। शिविर में लगभग 4 लाख 42 ​हजार रोगियों को नि:शुल्क दवा योजना से लाभान्वित किया गया। 3 लाख 20 हजार का एलोपैथी से उपचार— श्रीमती राठौड़ ने बताया कि शिविरों के दौरान 3 लाख 20 हजार लोगों को एलोपैथी पद्धति से एवं 83 हजार से अधिक को आयुष पद्धति से उपचारित किया गया। करीब 10 हजार को टेलीकंसलटेशन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श दिया गया। साथ ही, 850 रोगियों को एम्बुलेंस के माध्यम से उच्च चिकित्सा संस्थानों में उपचार हेतु भेजा गया। करीब 11 हजार लोगों को उपचार के लिए रेफरल शिविर हेतु रेफर किया गया। शिविर में अब तक 50 हजार लोगों की आभा आईडी बनाई गई। इसी प्रकार मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से 966 सैम्पल जांच हेतु लिए गए और 100 फूड लाइसेंस जारी किए गए। 31 जनवरी तक 3463 शिविर आयोजित होंगे— निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने बताया कि आयोजित किए जा रहे शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के आमजन को सामान्य बीमारियों की जांच-उपचार सेवाओं सहित कैंसर, टीबी जैसे घातक रोगों की हैल्थ स्क्रीनिंग, काउंसलिंग व आवश्यकतानुसार रेफरल सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत 31 जनवरी 2025 तक प्रदेशभर में कुल 3463 शिविर आयोजित करना निर्धारित है, जिनमें पीएचसी, सीएचसी स्तर पर कुल 3061 शिविर, 352 पंचायत समिति मुख्यालय पर और शेष 50 शिविर जिला चिकित्सालयों में रेफरल शिविर के रूप में आयोजित किए जाएंगे। 37 प्रकार की जांचें उपलब्ध— अतिरिक्त निदेशक अस्पताल प्रशासन डॉ. सुशील परमार ने बताया कि आरोग्य शिविरों में 37 प्रकार की स्वास्थ्य जांचों और जिला चिकित्सालय स्तर पर उपलब्ध दवाइयां, आवश्यक सर्जरी वाले रोगियों के लिए एम्बूलेंस के माध्यम से रेफर सेवाएं, दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड बनाने के साथ ही टेलीकंसलटेंसी के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा उपचार-परामर्श इत्यादि सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। स्वास्थ्य से संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की जा रही है। साथ ही, आमजन को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने की दृष्टि से मौके पर ही मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है तथा रजिस्टेशन एवं लाइसेंस आदि कार्य किए जा रहे हैं।

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