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जन्मदिन (29 दिसंबर) पर विशेष: बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार थे राजेश खन्ना

मुंबई हिंदी फिल्म जगत में अपने अभिनय से लोगों को दीवाना बनाने वाले अभिनेता तो कई हुए और दर्शकों ने उन्हें स्टार कलाकार माना पर सत्तर के दशक में राजेश खन्ना पहले ऐसे अभिनेता के तौर पर अवतरित हुए जिन्हें दर्शको ने ‘सुपर स्टार’ की उपाधि दी। पंजाब के अमृतसर में 29 दिसंबर 1942 को जन्में जतिन खन्ना उर्फ राजेश खन्ना का बचपन के दिनों से ही रूझान फिल्मों की और था और वह अभिनेता बनना चाहते थे हांलाकि उनके पिता इस बात के सत खिलाफ थे।राजेश खन्ना अपने करियर के शुरूआती दौर में रंगमंच से जुड़े और बाद में यूनाईटेड प्रोड्यूसर ऐसोसियिशेन द्वारा आयोजित ऑल इंडिया टैलेंट कान्टेस्ट में उन्होंने भाग लिया। जिसमें वह प्रथम चुने गये।राजेश खन्ना ने अपने सिने करियर की शुरूआत 1966 में चेतन आंनद की फिल्म ‘आखिरी खत’ से की । वर्ष 1966 से 1969 तक राजेश खन्ना फिल्म इंडस्ट्री मे अपनी जगह बनाने के लिये संघर्ष करते रहे। राजेश खन्ना के अभिनय का सितारा निर्माता-निर्देशक शक्ति सामंत की क्लासिकल फिल्म ‘अराधना’ से चमका। बेहतरीन गीत-संगीत और अभिनय से सजी इस फिल्म की गोल्डन जुबली कामयाबी ने राजेश खन्ना को ‘स्टार’ के रूप में स्थापित कर दिया। फिल्म ‘अराधना’ की सफलता के बाद अभिनेता राजेश खन्ना शक्ति सामंत के प्रिय अभिनेता बन गये। बाद में उन्होंने राजेश खन्ना को कई फिल्मों में काम करने का मौका दिया। इनमें ‘कटी पतंग’, ‘अमर प्रेम’, ‘अनुराग’, , ‘अजनबी’, ‘अनुरोध’ और ‘आवाज’ आदि शामिल है । फिल्म अराधना की सफलता के बाद राजेश खन्ना की छवि रोमांटिक हीरो के रूप में बन गयी। इस फिल्म के बाद निर्माता निर्देशकों ने अधिकतर फिल्मों में उनकी रूमानी छवि को भुनाया। निर्माताओं ने उन्हें एक कहानी के नायक के तौर पर पेश किया। जो प्रेम प्रसंग पर आधारित फिल्में होती थी। सत्तर के दशक में राजेश खन्ना लोकप्रियता के शिखर पर जा पहुंचे और उन्हें हिंदी फिल्म जगत के पहले सुपरस्टार होने का गौरव प्राप्त हुआ। यूं तो उनके अभिनय के कायल सभी थे लेकिन खासतौर पर टीनएज लड़कियों के बीच उनका क्रेज कुछ ज्यादा ही दिखाई दिया। एक बार का वाकया है जब राजेश खन्ना बीमार पड़े तो दिल्ली के कॉलेज की कुछ लड़कियों ने उनके पोस्टर पर बर्फ की थैली रखी जिससे उनका बुखार जल्द उतर जाये।इतना ही नहीं लड़कियां उनकी इस कदर दीवानी थी कि उन्हें अपने खून से प्रेम पत्र लिखा करती थी और उससे ही अपनी मांग भर लिया करती थी। सत्तर के दशक में राजेश खन्ना पर यह आरोप लगने लगे कि वह केवल रूमानी भूमिका ही निभा सकते है। राजेश खन्ना को इस छवि से बाहर निकालने में निर्माता -निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी ने मदद की और उन्हें लेकर 1972 में फिल्म ‘बावर्ची’ जैसी हास्य से भरपूर फिल्म का निर्माण किया और सबको आश्चर्यचकित कर दिया । 1972 में ही प्रदर्शित फिल्म ‘आनंद’ में राजेश खन्ना के अभिनय का नया रंग देखने को मिला। ऋषिकेश मुखर्जी निदेर्शित इस फिल्म में राजेश खन्ना बिल्कुल नये अंदाज में देखे गये। फिल्म के एक दृश्य में राजेश खन्ना का बोला गया यह संवाद ‘बाबूमोशाय ..हम सब रंगमंच की कठपुतलियां है जिसकी डोर ऊपर वाले की उंगलियों से बंधी हुई है कौन कब किसकी डोर जाये ये कोई नही बता सकता उन दिनों सिने दर्शको के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था और आज भी सिने दर्शक उसे नहीं भूल पाये। 1969 से 1976 के बीच कामयाबी के सुनहरे दौर में राजेश खन्ना ने जिन फिल्मों में काम किया उनमें अधिकांश फिल्में हिट साबित हुयी लेकिन अमिताभ बच्चन के आगमन के बाद परदे पर रोमांस का जादू जगाने वाले इस अभिनेता से दर्शकों ने मुंह मोड़ लिया और उनकी फिल्में असफल होने लगी। अभिनय मे आयी एकरूपता से बचने और स्वंय को चरित्र अभिनेता के रूप मे भी स्थापित करने के लिये और दर्शकों का प्यार फिर से पाने के लिये राजेश खन्ना ने अस्सी के दशक से खुद को विभिन्न भूमिकाओं में पेश किया। इसमें 1980 मे प्रदर्शित फिल्म ‘रेडरोज’ खास तौर पर उल्लेखनीय है। इस फिल्म में राजेश खन्ना ने नेगेटिव किरदार निभाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। 1985 में प्रदर्शित फिल्म ‘अलग अलग’ के जरिये राजेश खन्ना ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रख दिया। राजेश खन्ना के सिने करियर में उनकी जोड़ी अभिनेत्री मुमताज और शर्मिला टैगोर के साथ काफी पसंद की गयी। राजेश खन्ना को उनके सिने कैरियर में तीन बार फिल्म फेयर पुरस्कार से समानित किया गया। फिल्मों में अनेक भूमिकाएं निभाने के बाद राजेश खन्ना ने समाज सेवा के लिए राजनीति में भी कदम रखा और वर्ष 1991 में कांग्रेस के टिकट पर नयी दिल्ली की लोकसभा सीट से चुने गए । राजेश खन्ना अपने चार दशक लंबे सिने करियर में लगभग 125 फिल्मों में काम किया। अपने रोमांस के जादू से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले किंग ऑफ रोमांस 18 जुलाई 2012 को इस दुनिया को अलविदा कह गये।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की ‘मन की बात’ में बस्तर ओलंपिक आयोजन की प्रशंसा

बस्तर ओलंपिक एक ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का हो रहा संगम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से जताया आभार कहा – बस्तर ओलंपिक का आयोजन यह सिद्ध करता है कि शांति, विकास और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात की 117वीं कड़ी में देश को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित बस्तर ओलंपिक-2024 की प्रशंसा की। श्री मोदी ने कहा पहली बार हुए बस्तर ओलंपिक से बस्तर में नई क्रांति जन्म ले रही है। मेरे लिए यह बहुत ही खुशी की बात है कि बस्तर ओलंपिक का सपना साकार हुआ है। यह ओलंपिक उस क्षेत्र में हो रहा है जो जगह कभी माओवादी हिंसा का गवाह रहा है। श्री मोदी ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का शुभंकर है वनभैंसा और पहाड़ी मैना – इसमें बस्तर की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखती है। इस बस्तर खेल महाकुंभ का मूलमंत्र है, ‘करसाय ता बस्तर, बरसाय ता बस्तर’ यानी खेलेगा बस्तर, जीतेगा बस्तर।   प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक-2024 की सराहना करते हुए कहा कि पहली ही बार में बस्तर ओलंपिक में बस्तर संभाग के 7 जिलो के एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं युवाओं के संकल्प की गौरव गाथा है। एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और बॉलीवॉल हर खेल में हमारे युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में बस्तर ओलंपिक के प्रतिभागियों के उत्साह का भी जिक्र किया। उन्होंने बस्तर की कारी कश्यप का जिक्र करते हुए कहा कि एक छोटे से गांव से आने वाली कारी जी ने तीरंदाजी में रजत पदक जीता है, वे कहती हैं बस्तर ओलंपिक ने हमें खेल का मैदान नहीं जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि सुकमा की पायल कवासी जी की बात भी कम प्रेरणादायक नही है, जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाली पायल जी कहती हैं कि अनुशासन और कड़ी मेहनत से जीवन में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर के दोरनापाल में रहने वाले पुनेम सन्ना की कहानी को नए भारत की प्रेरक कथा बताते हुए कहा कि एक समय नक्सलियों के प्रभाव में आए पुनेम जी आज व्हीलचेयर पर दौड़कर मेडल जीत रहे हैं, उनका साहस और हौसला हर किसी के लिए प्रेरणा है। कोंडागांव के तीरंदाज रंजू सोरी जी को बस्तर यूथ आइकॉन चुना गया है, उनका मानना है बस्तर ओलंपिक दूरदराज के युवाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर दे रहा है। बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं यह ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का संगम हो रहा है, जहां हमारे युवा अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं और एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने आह्वान किया कि ऐसे खेल आयोजन को प्रोत्साहित करें और स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दें। खेल से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि यह खेल भावना के विकास के द्वारा समाज को जोड़ने का भी एक सशक्त एवं प्रभावकारी माध्यम है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर ओलंपिक की प्रशंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार बस्तर में बदलाव और यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली लाने दृढ़संकल्पित है। बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक लोगों का प्रतिभागी होना ओलंपिक की सफलता को दर्शाता है। बस्तर में अब बंदूक की आवाज नहीं, खेलों का शोर सुनाई देता है, हंसते-खेलते लोगों के चेहरे दिखाई देते हैं। निश्चित ही प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के इस प्रोत्साहन और विश्वास से हमारी सरकार को बस्तर की प्रगति के लिए कार्य करने की नई ऊर्जा मिलेगी, साथ ही बस्तरवासियों का मनोबल बढ़ेगा। लोगों के उत्साह ,ऊर्जा और सहभागिता ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। यह आयोजन भविष्य में भी खेल और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र के विकास की संभावनाओं को और मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन यह सिद्ध करता है कि शांति, विकास और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है।

कुंभ में निमंत्रण नहीं दिया जाता है, कुंभ में लोग अपने आप आस्था से आते हैं: अखिलेश यादव

प्रयागराज समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाकुंभ को लेकर दिए जा रहे निमंत्रण पर बयान दिया है. प्रेस कॉन्फ्रेस में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा, “कुंभ में निमंत्रण नहीं दिया जाता है. कुंभ में लोग अपने आप आस्था से आते हैं. मैं किसी के बारे में कुछ कहना नहीं चाहता. हमने अपने धर्म में सीखा और पढ़ा है कि ऐसे आयोजनों में लोग खुद आते हैं. जो करोड़ो लोग आएंगे क्या उन्हें निमंत्रण दिया जाता है? ये सरकार अलग है.” अखिलेश यादव ने कहा कि कुम्भ सही से हो हम सहायता देने के लिये तैयार हैं. मैंने भी हकीकत चेक कराई है, PDA पत्रकार ने कुंभ की हकीकत चेक की और सब उजागर हुआ है. वहीं VHP के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा, मैं तो कहता हूँ कि ये जो रोज खुदाई चल रही है. CM हाउस में भी करें वहाँ शिव मंदिर है, CM के घर में भी खुदाई हो शिवलिंग मिलेगा. अवैध निर्माण राज्यपाल के हाउस में भी हो रहा है. जर्मनी में बैलेट से डाले जाते हैं वोट-अखिलेश यादव वहीं सपा सांसद अखिलेश यादव ने जर्मनी के संसद सदस्य राहुल कंबोज को लेकर उन्होंने कहा कि उनसे लगातार बात हो रही थी. मुझे खुशी है कि हमलोग आज लखनऊ में मिल रहे हैं. आज की पीढी को सबसे ज्यादा पढ़ाई की जरूरत है. वो भी अपने परिवार को खुशहाल बनाना चाहता है. सपा मुखिया ने कहा कि जर्मनी जैसा देश जहां अभी भी बैलट से वोट डाले जाते हैं और हर स्तर पर बैलेट से चुनाव होते हैं. हमें भी अपने वोटिंग प्रक्रिया पर वो भरोसा वापस पैदा करना होगा. हम लोग अपनी संस्थाओं पर भरोसा खो रहे हैं, हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में जनता बदलाव लाने का काम करेगी. अखिलेश यादव ने कहा कि वहां की सु्प्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर आप ईवीएम की मांग करेंगे वोटिंग के लिए तो वो असंवैधानिक होगा. जब जर्मनी जैसा देश ये मान रहा है तो ये एक लंबी बहस है. हम भले हार जाएं लेकिन हमें भरोसा होना चाहिए कि हम हारे हैं. हम हारने के बाद भरोसा नहीं कर पा रहे हैं और जीतने वाला जीतने के बाद भरोसा नहीं कर रहा है. अंतिम चरण पर हैं महाकुंभ की तैयारियां बता दें कि प्रयागराज में अगले साल 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ को लेकर तैयारियां लगभग अंतिम चरण पर हैं. महाकुंभ की तैयारियों को लेकर यूपी सरकार ने युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं. खुद सीएम योगी महाकुंभ की तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

सड़क दुर्घटनाएं रोकने हेतु चलाया जा रहा है, विशेष अभियान

  अभियान के द्वितीय दिवस की कार्यवाही अनूपपुर शराब के नशे में वाहन चलाने वाले 03 वाहन चालकों पर हुई कार्यवाही   कल अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस द्वारा ट्रक क्रमांक MP 18H6015  एवं हाइवा क्रमांक MP18 Z0846  के  चालक  शराब के नशे में वाहन चलाते पाया गए, जिनके विरूद्ध  प्रकरण तैयार कर वाहन जप्त किये गए। कोतमा पुलिस द्वारा एक मोटर साइकिल चालक को शराब के नशे में वाहन चलाते पाया गया, जिसके विरुद्ध प्रकरण तैयार  कर वाहन जप्त किया गया। फुनगा के पास हाईवे रोड पर स्थित डिवाइडर के दोनों ओर लगवाए गए ट्रैफिक कोन हाईवे पर ग्राम फुनगा  के पास स्थित डिवाइडर से रात्रि में अदृश्यता के कारण टकराने से एक्सीडेंट घटित होते है, जिस पर अंकुश लगाने हेतु ट्रैफिक पुलिस द्वारा डिवाइडर के दोनों ओर ट्रैफिक कोन रखवाए गए हैं, जिससे रात्रि के समय वाहन डिवाइडर से ना टकराएं। ट्रैफिक मिरर लगवाए जाने के लिए अंधे मोड़ किए गए चिन्हित आज अभियान के तहत यातायात प्रभारी ज्योति दुबे एवं ट्रैफिक स्टाफ द्वारा अमरकंटक रोड, जैतहरी रोड एवं चचाई रोड का भ्रमण किया जाकर ऐसे 15 अंधे मोड़ जहां पर मोड़  के कारण आने जाने वाहन आपस में दिखाई ना देने से टकराने  की घटनाएं घटित होती हैं, चिन्हित किए गए ।इन स्थानों पर अभियान के दौरान ही मिरर लगाए जाने की कार्यवाही की जाएगी।

संजय सिंह ने दावा किया है कि बीजेपी ने मेरी ही पत्नी का नाम वोटर्स लिस्ट से कटवाने का आवेदन दिया

नई दिल्ली आम आमदी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगा दिया है। उन्होंने दावा किया है कि बीजेपी ने नई दिल्ली विधानसभा सीट से उन्ही की पत्नी का नाम वोटर्स लिस्ट से कटवाने का आवेदन दिया है। उनका दावा है कि ऐसा एक नहीं बल्कि दो-दो बार किया गया है। संजय सिंह ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, पिछले दिनों मैंने राज्यसभा में पूर्वांचली भाई बहनों के वोट काटे जाने का मुद्दा उठाया था। मैंने उन लोगों के नाम पर पढ़कर भी सुनाए थे। इससे बीजेपी इतनी बौखला गई कि उसने सोचा कि पहले संजय सिंह को ही सबक सिखाते हैं। उन्होंने कहा, नई दिल्ली विधानसभा सीट से मेरी पत्नी का वोट कटवाने के लिए आवेदन दिया गया है और ऐसा एक नहीं बल्कि दो बार हुआ है। यानी दो बार आवेदन दिए गए हैं।

संभल: मंदिर और शिवलिंग होने के दावे किए जा रहे, अब अखिलेश ने कहा-सीएम आवास के नीचे भी शिवलिंग, खुदाई कराएं

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों मंदिर खोजने और खुदाई का मामला छाया हुआ है। संभल के बाद से शहर-शहर नए मंदिर मिल रहे हैं और जगह-जगह मंदिर और शिवलिंग होने के दावे किए जा रहे हैं। इन दावों के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक दावा कर दिया है। अखिलेश यादव ने रविवार को दावा किया कि लखनऊ में सीएम योगी जिस मुख्यमंत्री आवास में रहते हैं उसके नीचे भी शिवलिंग है। अखिलेश ने उसकी भी खुदाई की मांग कर दी। अखिलेश यादव सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के नीचे शिवलिंग है। यह हमारी जानकारी है। इसकी भी खुदाई होनी चाहिए। अखिलेश यादव के इस दावे के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अखिलेश इससे पहले भी संभल में हो रही खुदाई को लेकर निशाना साध चुके हैं। अब मुख्यमंत्री आवास की खुदाई कराने की मांग के पीछे की उनकी रणनीति और मंशा को सीधे संभल में चल रही खुदाई से जोड़ा जा रहा है। संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के बाद से प्रशासन मुस्लिम इलाकों में लगातार बिजली चोरी और मंदिर के जीर्णोद्वार कराने में जुटा है। यहां पर कई पुराने कुओं को दोबारा खुदाई कर नया जीवन दिया जा रहा है। जमीन के अंदर चली गईं बावड़ियों पर भी खुदाई चल रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि मैं जब नए घर में जा रहा था तो पीआईएल हुआ थी। भाजपा और कांग्रेस दोनों के पीआईएल करने वालों को मैं जानता हूं। अखिलेश यादव ने अवैध अतिक्रमण बुलडोजर एक्शन को लेकर राजभवन के बाहर हुए कंस्ट्रक्शन का मामला उठाया। पूछा कि उसका नक्शा क्या पास है? वहां बुलडोज़र कब जाएगा? अखिलेश यादव पिछले कुछ दिनों से प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ की तैयारियों को लेकर चल रही अव्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। एक्स पर इसे लेकर कई वीडियो पोस्ट किए हैं। इसे लेकर अखिलेश ने कहा कि अगर हमारे कार्यकर्ताओं पर मुकदमे लगे तो कुम्भ मेले में अव्यवस्था की पूरी पोल खोल देंगे। वहीं सीएम योगी का दिल्ली जाकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित साह समेत तमाम लोगों को कुंभ का न्योता देने पर भी अखिलेश ने सवाल खड़ा किया। अखिलेश ने कहा कि कुंभ मे आने का किसी को आमंत्रण नहीं दिया जाता है। लोग स्वयं कुंभ मे आते है। अखिलेश ने कहा कि सरकार ने गंगा एक्सप्रेस वे कुंभ से पहले शुरू होने की बात कही थी, लेकिन कहां यह चालू हुआ। अखिलेश ने एक बार फिर ईवीएम पर सवाल उठाया और कहा कि यहां ईवीएम के कारण हारने वाले को हार का और जीतने वाले को जीत का विश्वास नहीं होता है। इसलिए हम मांग करते हैं कि बैलेट से ही चुनाव कराया जाए।

औढेरा से मालाचुआ शाहपुर प्रधानमंत्री सड़क चढ रही भ्रष्टाचार की भेंट

उमरिया उमरिया बिरसिंहपुर पाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत औढेरा से शाहपुर मार्ग पर बंन रही सड़क की गुणवत्ता को लेकर गांव वालों ने कई बार जनपद से लेकर जिला तक शिकायत पहुंचा लेकिन अभी तक नहीं हुई कोई कार्रवाई ग्रामीणों ने ठेकेदार व इंजीनियर को सड़क खोद कर दिखाया गुणवत्ता की तस्वीर बिरसिंहपुर पाली ब्लांक के ग्राम औढेरा से शाहपुर के बीच 12 किलोमीटर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत घटिया सड़क निर्माण को लेकर लोगों ने मोर्चा खोल दिया है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही सड़क निर्माण में ठेकेदार द्वारा भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है ग्रामीणों का आरोप है कि यह सड़क में कम डामर डाला गया एवं बेलन नहीं चलाया जा रहा है जिससे कम समय में ही सड़क खराब हो जाती है न हीं ठेकेदार द्वारा सड़क की गुणवत्ता में सुधार न करने से परेशान नागरिक ने इसकी शिकायत जिला पंचायत जनपद सदस्य सेभी की जब जिला पंचायत सदस्य हेमनाथ बैगा निर्माण अधीन सड़क को देखा तो वह वहां की गुणवत्ता हीन काम देखकर खुद दंग रह गए और सड़क का काम गुणवत्ता हीन तो बनी ही लेकिन सड़क पर दोनों साईड में मिट्टी भराई कार्य भी बिना लीज के व कृषि कार्य हेतु ट्रेक्टर से वो भी विना नम्बर की गाड़ी से कराया गया जो नियम के विरुद्ध है

गरियाबंद में एक बड़ा हादसा टला, पैरावट में लगी आग, दमकल की तत्परता से पाया काबू

 गरियाबंद जिले के नगर पंचायत कोपरा पैरी नगर में रविवार को एक बड़ा हादसा होने से टल गया. किराना व्यवसायी महेश साहू के घर के बाड़ी में रखे पैरावट में अचानक आग लग गई. आग की लपटें इतनी तेज थी कि आसपास के घरों तक पहुंचने का खतरा था. हालांकि, समाजसेवी की सूझबूझ और पुलिस-दमकल विभाग की तत्परता से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया. घटना की जानकारी सबसे पहले समाजसेवी गोरेलाल सिन्हा ने गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक राखेचा को दी. सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित थाना, फायर ब्रिगेड और अन्य बचाव दलों को मौके पर भेजा. दमकल की त्वरित कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दो दमकल वाहन तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का काम शुरू किया. फायर ब्रिगेड की टीम ने पूरी मेहनत और तत्परता के साथ स्थिति को नियंत्रित किया. नगरवासियों ने पुलिस अधीक्षक और दमकल कर्मियों की सराहना की, जिनकी तत्परता से बड़ा हादसा टल गया. नगर पंचायत की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल घटना के दौरान नगर पंचायत कोपरा के सीएमओ से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल बंद था. बाद में पता चला कि वे नगर से बाहर थे और किसी को जानकारी दिए बिना चले गए थे. नगर में ऐसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए किसी स्थायी या अस्थायी व्यवस्था का न होना बड़ी समस्या बन गया. नाराज नगरवासी नगरवासियों ने सीएमओ की गैरजिम्मेदारी पर नाराजगी व्यक्त की. उनका कहना है कि नगर पंचायत में आपातकालीन स्थितियों के लिए कोई तैयारी नहीं है. यह घटना नगर पंचायत की व्यवस्थाओं की पोल खोलती है. यह घटना पुलिस और फायर ब्रिगेड की सक्रियता और जनता की सूझबूझ का उदाहरण है, लेकिन नगर पंचायत की लापरवाही भविष्य में बड़े हादसों को न्योता दे सकती है. नगरवासियों ने इस ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की मांग की है.

अंतर्राष्ट्रीय कबड्‌डी स्टार पद्मश्री अजय ठाकुर ने अंतर्राष्ट्रीय कबड्‌डी से लिया संन्यास, मेलबोर्न में की घोषणा

नालागढ़ नालागढ़ के दभोटा गांव के अंतर्राष्ट्रीय कबड्‌डी स्टार पद्मश्री अजय ठाकुर ने अंतर्राष्ट्रीय कबड्‌डी से संन्यास ले लिया है। ऑस्ट्रेलिया के मेलबोर्न में कबड्‌डी प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने संन्यास की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह अब काफी कबड्‌डी खेल चुके हैं। देश में अब काफी युवा प्लेयर आ गए हैं जो उनसे काफी अच्छी कबड्‌डी खेलते हैं। उन्हें आगे आने का मौका मिलेगा। वैसे भी उनकी शरीर में कई इंजरी हैं जिसके चलते वह अपना खेल आगे जारी नहीं रख पाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रेडर के रूप में कमाया काफी नाम अजय ठाकुर ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रेडर के रूप में काफी नाम कमाया है। वह इंडिया के कप्तान भी रहे। हिमाचल सरकार ने अर्जुन अवार्ड तथा भारत सरकार ने पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया है। हिमाचल सरकार ने उन्हें पुलिस में डीएसपी पद भी दिया है। वर्तमान में वह ऊना में डीएसपी पद पर कार्यरत हैं। सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट अजय ठाकुर मेलबार्न में ऑस्ट्रेलिया सरकार की ओर से आयोजित कबड्‌डी प्रतियोगिता में भाग लेने गए थे। यहां वह कप्तान के रूप में खेल रहे थे। शनिवार को मैच खेलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर यह पोस्ट डाली है। अजय ठाकुर ने दभोटा में कोहिनूर स्पोर्ट्स कबड्‌डी अकादमी खोली है जिसमें युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देते हैं।

स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर गर्व जताया, खेल-कूद को बढ़ावा देने वाले अभियानों का उल्लेख किया: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर गर्व जताया। उन्होंने कई सरकारी योजनाओं और खेल-कूद को बढ़ावा देने वाले अभियानों का उल्लेख किया। अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा, “इस सर्दी के मौसम में पूरे देश में खेल और फिटनेस से जुड़ी कई गतिविधियां हो रही हैं। मुझे खुशी है कि लोग अपनी दिनचर्या में फिटनेस को शामिल कर रहे हैं।” उन्होंने देश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह की चर्चा करते हुए कश्मीर में स्कीइंग और गुजरात में पतंगबाजी जैसे उदाहरण दिए। साथ ही, ‘संडे ऑन साइकिल’ और ‘साइकिलिंग ट्यूजडे’ जैसे अभियानों की तारीफ की, जो साइकिलिंग को फिटनेस का हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में एक नई क्रांति बताया। यह इलाका पहले माओवाद से प्रभावित था, लेकिन अब खेलों के माध्यम से एक नई ऊर्जा पा रहा है। उन्होंने कहा, “बस्तर ओलंपिक के जरिए बस्तर में एक नई क्रांति जन्म ले रही है। यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि यह सपना साकार हुआ। बस्तर ओलंपिक का शुभंकर ‘जंगली भैंसा’ और ‘पहाड़ी मैना’ बस्तर की समृद्ध संस्कृति को दर्शाते हैं। इस महाकुंभ का मंत्र है ‘करसे ता बस्तर, बरसे ता बस्तर,’ यानी बस्तर खेलेगा, बस्तर जीतेगा।” पीएम मोदी ने बताया कि इस आयोजन में सात जिलों से 1.65 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया। उन्होंने इसे युवाओं के संकल्प और सफलता की प्रेरक कहानी बताया। बस्तर ओलंपिक में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल जैसे खेल शामिल थे, जिनमें युवाओं ने अपना हुनर दिखाया। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के प्रेरणादायक प्रतिभागियों की कहानियां भी साझा की। जैसे – तीरंदाजी में सिल्वर मेडल विजेता करी कश्यप, जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल विजेता पायल कवासी, और सुकमा के व्हीलचेयर रेसर पूनम सन्ना, जिन्होंने नक्सल प्रभाव से बाहर निकलकर मेडल जीते। इसके अलावा कोडागांव की तीरंदाज रंजू सोरी को ‘बस्तर यूथ आइकन’ के रूप में चुना गया। पीएम मोदी ने कहा, “बस्तर ओलंपिक सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है। यह विकास और खेलों का संगम है, जहां हमारे युवा अपना टैलेंट निखार रहे हैं और नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि अपने क्षेत्र में ऐसे खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करें। ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ का संदेश दें और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दें।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की दो प्रमुख उपलब्धियों पर जोर दिया, जो पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही हैं। उन्होंने कहा, “ये दोनों उपलब्धियां स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिली हैं। पहली है मलेरिया के खिलाफ हमारी लड़ाई, जो इंसानियत के लिए 4000 साल से एक बड़ी चुनौती रही है। आजादी के समय मलेरिया हमारे लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक था। यह उन बीमारियों में तीसरे स्थान पर था जो एक महीने से पांच साल तक के बच्चों की जान लेती थी। लेकिन आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारत ने इस चुनौती को सामूहिक रूप से और मजबूती से हराया है।” विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “2015 से 2023 के बीच भारत में मलेरिया के मामलों और मौतों में 80% की कमी आई है। यह बड़ी उपलब्धि सबके योगदान का नतीजा है। देश के हर कोने से लोगों ने इसमें भाग लिया।” उन्होंने बताया कि कैसे असम के जोरहाट में चाय बागान के मजदूरों ने तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर मलेरिया से लड़ाई लड़ी। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सड़क नाटक और रेडियो संदेशों के माध्यम से मच्छरों के पनपने से बचने की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कैंसर के इलाज में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने मेडिकल जर्नल द लांसेट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, “भारत में कैंसर का समय पर इलाज शुरू होने की संभावना काफी बढ़ गई है। आयुष्मान भारत योजना की मदद से 90% कैंसर मरीज समय पर इलाज शुरू कर पा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि पहले गरीब मरीज आर्थिक कठिनाइयों के कारण कैंसर की जांच और इलाज कराने से बचते थे। लेकिन अब आयुष्मान भारत योजना उनके लिए सहारा बन गई है, जिसने कैंसर के इलाज में वित्तीय बाधाओं को कम किया है और लोगों को समय पर इलाज के लिए प्रोत्साहित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कैंसर से लड़ने का केवल एक मंत्र है – जागरूकता, कार्रवाई, और विश्वास। जागरूकता का मतलब है कैंसर और उसके लक्षणों को समझना। कार्रवाई का मतलब है समय पर जांच और इलाज, और विश्वास का मतलब है यह भरोसा कि मरीजों के लिए हर संभव मदद उपलब्ध है।”  

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में मुस्लिम छात्राएं बुर्का पहनकर पहुंची, उठे सवाल

हरिद्वार सनातन नगरी हरिद्वार के उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में बुर्का और हिजाब पहने हुए मुस्लिम छात्राओं के प्रवेश ने एक बार फिर से विवाद खड़ा कर दिया है। इसकी भी चर्चा हो रही है कि क्या उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में भी इस्लामीकरण की बयार बहने लगी है और वह भी सनातन तीर्थ स्थली में ? जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें मुस्लिम छात्राएं, हिजाब और बुर्का पहने हुए परिसर में दिखाई दे रही हैं। संस्कृत विश्वविद्यालय में कई मुस्लिम छात्राएं अध्ययनरत हैं। पहले ये सामान्य छात्राओं की तरह ही परिधान में विद्यालय आती थीं किंतु अचानक कुछ दिनों से ये सभी छात्राएं या तो बुर्के में या फिर हिजाब पहने हुए कॉलेज में आने लगी हैं और क्लासरूम में भी बुर्का और हिजाब पहनकर बैठती हैं। ऐसा क्यों हुआ? छिड़ी बहस “पाञ्चजन्य” ने इस बारे में विश्वविद्यालय प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए कुलपति से वार्ता की और उक्त वीडियो के बारे में जानकारी साझा की। इस पर कुलपति डा. दिनेश चंद्र शास्त्री ने बताया कि ये विषय उनके संज्ञान में आया है। इस बारे में कुलसचिव और संबंधित एचओडी से बैठक कर एक महिला चेंजिंग रूम बनाने का निर्णय लिया गया है ताकि छात्राएं बुर्का आदि बदलकर अपने क्लास रूम में जाएं। बहरहाल ये छात्राएं यहां इतिहास और अन्य विषय तो पढ़ने आ रही हैं, लेकिन क्या वे साथ ही साथ वे इस्लामिक संस्कृति को भी इस संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रवेश कराने में सफल हो गई है ? ये बात हरिद्वार में चर्चा का विषय बन गई है। उल्लेखनीय ये भी है कि गंगा नगरी हरिद्वार के आसपास डेमोग्राफी चेंज की घटना भी सामने आई है, जिसको लेकर सोशल मीडिया और अन्य मीडिया में लगातार खबरें चल रही हैं। सुप्रीम कोर्ट का निर्देश बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा हिजाब और बुर्के पर प्रतिबंध के फैसले पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश दिया कि क्लास में बुर्का अथवा हिजाब पहन कर बैठने की इजाजत नहीं दी जा सकती। विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों की भी अनुमति नहीं दी जाएगी।

दल से भटके हाथी ने गांव में जमकर मचाया उत्पात, घरों में की तोड़फोड़, धान भी किया चट

रायगढ़ जिले के होर्रोगुडा और लिबरा गांव में गजराज का आतंक देखने को मिला है. दल से भटके हाथी ने गांव में घुसकर जमकर उत्पात मचाया है. जहां होर्रोगुडा गांव में दो घर में तोड़फोड़ करने के बाद छातासराई गांव में भी 4 घर में नुकसान पहुंचाया है. ग्रामीणों में हाथी के आतंक से ग्रामीणों ने डर में रात गुजारी है. वहीं घरों को तोड़ने के बाद हाथी लिबरा गांव के धान मंडी में भी पहुंचा. जहां गजराज ने धान के बोरों को भी चट कर दिया, साथ ही मंडी में बड़ा नुकसान पहुंचाया है. घटना लैलूंगा रेंज के धरमजयगढ़ वनमंडल की है. पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है.

आरंग क्षेत्र में चूना पत्थर खदान के अपशिष्ट से महानदी को पाटने की तैयारी

आरंग आरंग क्षेत्र में अपार खनिज संपदा है. यहां रेत, मुरूम और पत्थर जैसे बहुउपयोगी खदान है. लेकिन इस समय इन खनिज संपदाओं का लगातार दोहन पर्यावरण के लिए हानिकारक हो गया है. छत्तीसगढ़ की जीवनदायनी महानदी में NGT के नियमों की धज्जियां उड़ाते अवैध रेत उत्खनन के बाद अब आरंग क्षेत्र के चूना पत्थर खदान भी इसी तरह चल रहे है. ग्राम पंचायत निसदा के अंतर्गत संचालित हो रहे 15 चूना पत्थर खदान में पिछले 2 साल से पर्यावरण विभाग की बिना स्वीकृति के खदान संचालित होने की शिकायत पर्यावरण प्रेमी ग्रामीणों द्वारा की गई है. ग्रामीणों द्वारा 05 माह पूर्व इसकी शिकायत रायपुर कलेक्टर, खनिज विभाग सहित संबंधित विभागों में की गई थी लेकिन खनिज विभाग द्वारा खदान संचालकों पर जुर्माना लगाकर सिर्फ खानापूर्ति की कार्रवाई की गई. आपको बता दे कि ग्राम निसदा में महानदी पर बैराज बना हुआ है, जिससे महासमुंद जिले और आरंग रायपुर जिले में जल आपूर्ति होती है. इसके अलावा निसदा में बड़ी संख्या में चूना पत्थर खदान और पॉलिश कारखाना है. ग्रामीणों ने बताया कि निसदा में 15 चूना पत्थर खदान है लेकिन पिछले 02 साल से बिना पर्यावरण स्वीकृति के खदान अवैध रूप से संचालित हो रहे है. खदानों के अपशिष्टों को महानदी के तट पर भंडारण किया जा रहा है. रोजाना सैकड़ों वाहन कटिंग पत्थर से महानदी को पाट रहे है जिससे ग्राम निसदा में महानदी की चौड़ाई सिमट गई है. ग्रामीणों ने कहना है कि पहले गांव में बने बैराज के सभी गेट आसानी देखा जा सकता था लेकिन लगातार चूना पत्थर खदान के मलबे से महानदी के तट को पाटने के कारण अब सिर्फ एक तरफ का गेट ही दिखाई देता है. ग्रामीणों को आशंका है कि भविष्य में इसको गंभीरता से नहीं लिया गया तो गांव में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो जाएगी. सभी जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत लेकिन नहीं हो रही सुनवाई गांव के पर्यावरण प्रेमी और शिकायतकर्ता ओमप्रकाश सेन ने बताया है ग्रामीणों ने महानदी की स्थिति और चूना पत्थर खदान के अवैध संचालन को लेकर तमाम जिम्मेदारों के अलावा  रायपुर संभाग आयुक्त, कलेक्टर, खनिज विभाग के संचालक सहित लगभग सभी जिम्मेदार अधिकारियों से लिखित में शिकायत की गई है. लेकिन अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है. जिम्मेदार अधिकारियों के रवैए से ग्रामीणों में खासी नाराजगी है. उनकी शिकायत है कि पत्थर खदान के लिए स्वीकृत क्षेत्र से 05 गुना अधिक की जमीन पर अवैध खुदाई हो रही है जिससे गांव में पेड़ो की अंधाधुंध कटाई हुई है.जानवरों के लिए चारागाह की जमीन भी नहीं है जिससे भविष्य में संकट उत्पन्न हो सकती है.  

वित्त मंत्री ने रायगढ़ में अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक

रायपुर, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि अधोसंरचना विकास को लेकर जो भी प्रोजेक्ट बनाए जा रहे हैं उनका प्रस्ताव भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार करें। सड़क, पुल पुलिया, स्वास्थ्य सुविधाएं, स्कूल कॉलेज तथा अन्य दूसरे विभागों से जुड़े के कामों की रूपरेखा आने वाले 20 सालों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए बनाए जाएं। ये प्रोजेक्ट ऐसे हों जो लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आएं। वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने शनिवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय काम काज की गहन समीक्षा की।        वित्त मंत्री ओपी चौधरी विभागीय अधिकारियों से उनके विभाग अंतर्गत चल रहे कार्यों और आगे की कार्ययोजना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, सेतु, पीएमजीएसवाय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जल संसाधन, नगर निगम, केलो परियोजना, ग्रामीण यांत्रिकी विभागों के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को प्रारंभ करने और गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ इन विभागों में आगे के प्रस्तावित कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक कार्यों का प्रस्ताव तैयार कर विभाग प्रमुखों को भेजें। जिससे इन्हें बजट में शामिल किया जा सके। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि होनी चाहिए। जितने भी निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं अधिकारी इनका नियमित निरीक्षण करें। क्वालिटी मॉनिटरिंग पर सभी का फोकस होना चाहिए। समय-सीमा में काम पूरा हो इसका ध्यान रखें।  बैठक में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव, डीएफओ स्टाइलो मंडावी, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

5 तस्कर चढ़े उड़नदस्ता टीम के हत्थे, छत्तीसगढ़-बलरामपुर में तेंदुए-भालू के खाल और हाथी दांत की तस्करी

बलरामपुर. बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में तेंदुआ और भालू के खाल और मांस की अवैध बिक्री करने वाले दो आरोपियों को उड़ानदस्ता टीम ने गिरफ्तार किया है. इसके अलावा वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में हाथी दांत की बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है. जानकारी के अनुसार, बलरामपुर वन मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से वन्य प्राणियों के खाल और हाथी दांत की तस्करी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं. इसके बाद सरगुजा उड़नदस्ता टीम ने क्षेत्र में दबिश दी और वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो हाथी दांत की बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे थे. वहीं रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में भी उड़नदस्ता टीम ने तेंदुआ और भालू के चमड़े और मांस की अवैध बिक्री में लिप्त दो आरोपियों को पल्सर और स्कूटी वाहनों के साथ पकड़ा. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल कुमार (रहवासी बभनी, जिला सोनभद्र, उत्तर प्रदेश) और रामबचन (रहवासी पुरानीडीह, रामानुजगंज) के रूप में हुई है. उड़नदस्ता टीम ने आरोपी तस्कर अनिल कुमार से पल्सर वाहन क्रमांक UP 64 AD 0806 और रामबचन से स्कूटी क्रमांक CG 30 E 1027 को जब्त कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

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