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40 साल बाद भोपाल को मिलेगी जहरीले कचरे से आजादी, सरकार को मिली सभी अनुमति

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को 337 मीट्रिक टन अत्यंत जहरीले कचरे से आजादी मिलेगी। भोपाल गैस त्रासदी का जहरीला कचरा मामले में सरकार को सभी अनुमति मिली है। गुप्त तरीके से किसी भी वक्त कचरा हटाने की कार्रवाई हो सकती है। 250 किलोमीटर लंबाई का भोपाल से पीथमपुर तक ग्रीन कॉरिडोर बनेगा। 40 साल बाद पीथमपुर में वैज्ञानिक पद्धति से निष्पादन होगा। रामकी एनवायरो में वैज्ञानिकों के निगरानी में निष्पादन होगा। कचरे को जलाकर निष्पादित किया जाएगा। 12 ट्रैकों में साइंटिफिक क्लोजर के साथ भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में कचरा ले जाया जाएगा। 300 से ज्यादा पुलिस बल तैनात रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 6 जनवरी तक हटाने के निर्देश दिए थे। गैस राहत त्रासदी मंत्रालय ने भोपाल और इंदौर कमिश्नर को निर्देश दिया है। सभी आवश्यक तैयारी रखने का निर्देश दिए है। किसी भी वक्त जानलेवा जहरीला कचरा हटाया जा सकता है। निर्देश भोपाल गैस त्रासदी राहत मंत्रालय का है।

मध्यप्रदेश में 2024 रहा जल क्रांति की बुनियाद रखने वाला वर्ष

भोपाल वर्ष 2024 को मध्यप्रदेश में जल क्रांति की बुनियाद रखने वाले वर्ष के रूप में याद किया जाएगा। साल की शुरुआत से जो प्रयास चल रहे थे उन्हें अंततः प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों एक ठोस बुनियाद मिली। दशकों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना की शुरुआत की नींव पड़ी और साल के आखिर आते-आते देश की पहली नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना केन-बेतवा की आधारशिला भी प्रधानमंत्री ने रखी। यह दोनों परियोजनाएं न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश में जल राशि के समान वितरण और न्यायपूर्वक उपयोग की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होंगी। अन्य देशों के लिए भी यह उदाहरण होगा। वर्ष 2024 मध्यप्रदेश के लिए अभूतपूर्व गतिविधियों और उपलब्धियों भरा वर्ष रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने एक वर्ष पूरा किया। कई ठोस निर्णय लिए गए जो भविष्य में परिवर्तनकारी साबित होंगे। उत्साहजनक औद्योगिक निवेश वर्ष 2024 एक प्रकार से निवेश के लिए भी फलदाई रहा। सरकार की नीतियों और निर्णयों से प्रभावित होकर निवेशकों ने क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलनों के माध्यम से भरपूर निवेश किया। मध्यप्रदेश के औद्योगिक निवेश परिदृश्य में सकारात्मक और उत्साहजनक परिवर्तन हुआ। पहली बार प्रदेश के विभिन्न भौगोलिक भागों में औद्योगिक निवेश पहुंचाने की पहल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलनों का आयोजन इस दृष्टि और दर्शन के साथ किया गया कि औद्योगिक निवेश किसी एक भूभाग में न होकर उनका सामान वितरण हो। इससे औद्योगिक निवेश का फायदा समान रूप से सभी लोगों को एक समान रूप से हो सके। इसके पीछे सोच समझ यह रही कि प्रदेश के हर क्षेत्र की अपनी विशेषताएं हैं। निवेश की अपनी संभावनाएं हैं। इनका दोहन भी रणनीतिक तरीके से होना चाहिए। इससे औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय रूप से रोजगार का सृजन भी बड़े पैमाने पर होगा। आने वाले वर्षों में इसके सुपरिणाम दिखाई देंगे। प्रदेश में 6 रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव के माध्यम से तीन लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले। इनसे रोजगार निर्माण का परिदृश्य सकारात्मक रूप से बदलेगा। निवेश आकर्षित करने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यूके और जर्मनी यात्रा में 78 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। मुम्बई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड़-शो में एक लाख करोड़ और भोपाल में आयोजित खनन कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इस प्रकार 2024 औद्योगिक निवेश के लिए उत्साहजनक रहा, जो प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के बड़े अवसर उपलब्ध करवायेगा। नवाचारों से मिली नई पहचान साल के आखिर आते तक मध्यप्रदेश के कई क्षेत्रों को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली। प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक पहचान मिली और पर्यटन क्षेत्र को सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों वाले प्रदेश के रूप में मान्यता मिली। सूचना प्रौद्योगिकी का रचनात्मक उपयोग करते हुए नागरिक सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना और उन्हें सरल करने के प्रयासों की श्रृंखला में साइबर तहसील का संचालन वर्ष-2024 के लिए अत्यंत सफल और प्रशंसनीय प्रयास साबित हुआ। इससे मानवीय हस्तक्षेप के कारण होने वाली गलतियों की संभावनाएं समाप्त हो गई। इसी साल मध्यप्रदेश में एक क्रांतिकारी पहल करते हुए जिला इकाइयों के पुनर्गठन के लिए विशेष परिसीमन आयोग का गठन किया। आयोग ने काम करना शुरू कर दिया। भविष्य में इसकी सिफारिशों के आधार पर जिलों और संभाग की सीमाओं का पुनर्गठन होगा। इससे प्रशासनिक स्तर पर आने वाली बहुत सारी बाधाएं दूर हो जाएंगी। मध्यप्रदेश में राजस्व संग्रहण में भी वर्ष-2024 में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर राजस्व संग्रहण के प्रयासों को सफलता मिली। इसका सीधा संबंध कर चुकाने वाले समुदाय, व्यापारिक समूहों और राज्य सरकार के बीच आपसी विश्वास का मजबूत होना है। स्व-प्रेरणा से राजस्व अदा करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। राजस्व महाअभियान 1, 2 और 3 चलाकर राज्य सरकार ने कई लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण और राजस्व अभिलेखों को दुरुस्त किया। शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम यह रहा कि सभी जिलों में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ हो गया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कई अभूतपूर्व कदम सरकार ने उठाए। पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ हुआ। इससे दूरस्थ क्षेत्र के गंभीर रूप से बीमार या दुर्घटनाग्रस्त लोगों को एयरलिफ्ट कर समय पर उपचार देने की संवेदनशील पहल रही है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में ही कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए चिकित्सा शिक्षा और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का आपस में विलय कर दिया गया। किसानों के हित में श्रीअन्न के उत्पादन को बढ़ावा देने रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना का लागू होना एक विशेष उल्लेखनीय पहल रही। किसानों को प्रति क्विंटल एक हजार रूपये की विशेष प्रोत्साहन राशि देने का भी दूरदृष्टि भरा निर्णय रहा। साल की शुरुआत में ही इंदौर की हुकुमचंद मिल के 4800 श्रमिक परिवारों को 224 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान कराकर सरकार ने संवेदनशील और गरीब हितैषी होने का परिचय दे दिया था। अब ग्वालियर सहित अन्य शहरों में बंद पड़ी मिलों के संबंध में भी इंदौर की तर्ज पर काम होगा। जनजातीय परिवारों के हित में ऐतिहासिक पहल करते हुए शिवपुरी जिले में देश की सबसे पहली प्रधानमंत्री जन मन कॉलोनी सहरिया परिवारों के लिए बनी।

सक्सेना बोले – हर व्यक्ति जन्म से मृत्यु तक सभी आवश्यकता को पूरा करने निभाता है ग्राहक की भूमिका

रायपुर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के रायपुर इकाई ने पिछले दिनों राष्ट्रीय ग्राहक दिवस के अवसर पर वृंदावन हाल आज के युग में ग्राहकों के अधिकार एवं कर्तव्य विषय पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता पूर्व राष्ट्रीय सह सचिव विवेक सक्सेना ने ग्राहक संगठन की आवश्यकता एवं कार्य पद्धति की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि हर व्यक्ति जन्म से मृत्यु तक उसकी सभी आवश्यकता को पूरा करने के लिए ग्राहक की भूमिका में होता है। आज वह बाजार से प्रभावित होकर बिना आवश्यकता के भी खरीदी करने लगा है। जागरूकता के अभाव में वह शोषण का शिकार हैं । ग्राहक और दुकानदार के बीच आपसी संबंधों को भी बनाए रखना जरूरी है। आज आवश्यकता ग्राहकों के प्रशिक्षण की है, इसके लिए हर क्षेत्र में कार्यकर्ता टीमों की आवश्यकता है। ग्राहक पंचायत इस दिशा में भी सक्रिय है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष श्री डी पी तिवारी ने उपभोक्ता अधिनियम 1986 में हुए संशोधन की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा उपभोक्ता संरक्षण हेतु कानूनों और नियमों का निर्माण किया गया है। ग्राहकों के संरक्षण के लिए सरकार ने व्यवस्था बनाई हुई है, हमें उसका उपयोग करना चाहिए। हर ग्राहक को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना चाहिए। महानगर अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने कहा कि आम उपभोक्ताओं ने चिकित्सा क्षेत्र में हो रही लूट पर चर्चा करते हुए इस बात पर ध्यान आकर्षित किया कि अस्पताल में उनके परिसर में स्थापित दुकान से ही दवाई खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है। इन दुकानों पर एमआरपी पर किसी तरह का कोई डिस्काउंट ग्राहक को नहीं मिलता है जबकि बाहर वही दवाएं कम रेट पर मिल जाती है। इस समस्या को यथोचित मंच पर उठाने का कार्य ग्राहक पंचायत करेगी। इस अवसर पर ग्राहक पंचायत के केंद्रीय सदस्य रविकांत जायसवाल, आयोग के सदस्य अनिल अग्निहोत्री, किशोर न्याय बोर्ड सदस्य नीतू पांडे, प्रांत उपाध्यक्ष डॉ शोभा पंडित, सचिव निर्भय शर्मा, प्रशिक्षण प्रमुख अमित वर्मा,महिला प्रमुख मीना तिवारी, विधि प्रमुख प्रिया अग्रवाल, भगवती साहा, अश्विन प्रभाकर,कीर्ती अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

OnePlus ने नवीनतम टैबलेट, वनप्लस पैड किया लॉन्च

नई दिल्ली स्मार्टफोन और कंज्यूमर गुड्स की दुनिया में अग्रणी वनप्लस ने आधिकारिक तौर पर अपना नवीनतम टैबलेट, वनप्लस पैड, लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे सबसे पहले अपने घरेलू बाजार चीन में पेश किया है। यह डिवाइस वनप्लस ऐस 5 सीरीज के साथ लॉन्च किया गया है। वनप्लस पैड को ओप्पो पैड 3 के रीब्रांडेड वर्जन के रूप में पेश किया गया है। यह शानदार फीचर्स से लैस है, जिसमें एक बड़ी बैटरी और स्लीक डिस्प्ले शामिल है। कीमत और वेरिएंट्स वनप्लस पैड चार स्टोरेज वेरिएंट्स में उपलब्ध है: 8GB + 128GB: 2099 युआन (लगभग ₹24,000) 8GB + 256GB: 2399 युआन (लगभग ₹28,000) 12GB + 256GB: 2699 युआन (लगभग ₹31,000) 12GB + 512GB: 3099 युआन (लगभग ₹36,000) वनप्लस पैड के दमदार स्पेसिफिकेशन्स डिस्प्ले 11.61-इंच का 2.8K रेजोल्यूशन वाला IPS LCD पैनल 144Hz का रिफ्रेश रेट, जो विजुअल्स को स्मूथ बनाता है 700 निट्स की पीक ब्राइटनेस परफॉर्मेंस 4nm टेक्नोलॉजी के साथ मीडियाटेक डाइमेंसिटी 8350 चिपसेट एंड्रॉयड 15 ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है कैमरा 8-मेगापिक्सल का रियर कैमरा बेसिक फोटोग्राफी के लिए 8-मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा, सेल्फी और वीडियो कॉल्स के लिए बैटरी और चार्जिंग 9520mAh की विशाल बैटरी, जो एक पावर बैंक के बराबर है 67W सुपरवूक फास्ट चार्जिंग सपोर्ट वन प्लस के पैड हमेशा ट्रेंड में रहते हैं आपके लिए ये डिवाइस काफी अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है। इसमें कई शानदार फीचर्स मिलते हैं। इसमें दमदार कैमरा दिया जाता है। साथ ही अच्छा प्रोसेसर भी मिल रहा है। वन प्लस पैड डिजाइन के लिहाज भी पॉजिटिव साउंड करता है। भारतीय मार्केट में वन प्लस पैड को काफी लोग पसंद करते हैं। बैटरी बैकअप भी पैड में काफी अच्छा मिलता है। वन प्लस पैड की सबसे बड़ी खासियत होती है कि इसमें डिस्प्ले अच्छा दिया जाता है। इस पैड के बैक पैनल को भी काफी सोच समझकर डिजाइन किया गया है।

अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जिला मुख्यालय के लगभग सभी होटल बुक, दर्शन का समय बढ़ाया

अयोध्या नए साल के आगमन के साथ ही भगवान श्रीरामलला की जन्मभूमि अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जिला मुख्यालय के लगभग सभी होटल बुक हो गए हैं। इस बीच, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के दर्शन का समय बढ़ा दिया है और अपेक्षित भीड़ को प्रबंधित करने के लिए व्यापक व्यवस्था लागू की है। इस साल 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। कुछ होटलों और लॉज में अब भी कमरे उपलब्ध अयोध्या जिला मुख्यालय में लगभग सभी होटलों के कमरे बुक हो चुके हैं। अयोध्या में एक स्थानीय होटल के मालिक अंकित मिश्रा ने कहा, “हम इस नए साल में श्रद्धालुओं का स्वागत करने को लेकर उत्सुक हैं। हमारे सभी कमरे 15 जनवरी तक के लिए पहले से बुक हो चुके हैं।” शनिवार सुबह जब जांच की गयी, तो एक ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म ने दिखाया कि कुछ होटलों और लॉज में अब भी कमरे उपलब्ध हैं, हालांकि कुछ होटल मांग में वृद्धि के कारण प्रति रात एक कमरे का 10,000 रुपये से अधिक शुल्क ले रहे हैं। इस साल की शुरुआत में हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद से अयोध्या में धार्मिक पर्यटन में वृद्धि देखी गई है, जबकि चैत्र (मार्च-अप्रैल) में हिंदू नववर्ष का पारंपरिक महत्व है। सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजकरण नैयर ने कहा, “राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, लता चौक, गुप्तार घाट, सूरजकुंड और अन्य लोकप्रिय स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।” मंदिर ट्रस्ट ने भी खासकर 30 दिसंबर से जनवरी के पहले दो हफ्तों के बीच बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए व्यापक तैयारी की है। ट्रस्ट के एक व्यक्ति ने कहा, “सभी भक्तों के लिए एक सहज अनुभव सुनिश्चित करने के लिए दर्शन का समय बढ़ाया गया है और विशेष व्यवस्था की गई है।”

सरकार ने नए साल से पहले कर्मचारियों का तीन गुना बढ़ाया यात्रा भत्ता

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने नववर्ष के पहले ही लाखों कर्मचारियों को तोहफा दिया है। सरकार ने कर्मचारियों के मासिक भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसे लेकर वित्त विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि कर्मचारियों के मासिक भत्ते में बढ़ोतरी से उनका कामकाज और बेहतर हो सकेगा। विभिन्न सरकारी कर्मचारियों के यात्रा भत्ते की मासिक दरों में तीन गुने से ज्यादा बढ़ोतरी की है। जानकारी के अनुसार संशोधित भत्ते के लिए राजस्व निरीक्षकों, विक्रय अमीन, सहायक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (ग्राम सेवक), सहायक विस्तार अधिकारी, पशु चिकित्सा के क्षेत्र सहायक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के हैंड पंप तकनीशियनों को शामिल किया गया है। इन्हें वर्तमान दर 350 रुपये प्रति माह को संशोधित कर 1,200 रुपये प्रति माह भत्ता दिया जाएगा। जानिए कितना हो जाएगा भत्ता इसके साथ ही जिला और तहसील स्तर के राजस्व विभाग के भृत्य एवं जमादार, वन विभाग और राजस्व विभाग के चेन मैन, न्यायिक एवं वाणिज्यिककर विभाग के प्रोसेस सर्वर और ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत पटवारियों की वर्तमान दर 300 रुपये प्रति माह में संशोधन कर 1,000 रुपये प्रति माह यात्रा भत्ता दिया जाएगा। यह संशोधन कर्मचारियों के कामकाज को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या, पानी में उबालें ये चीजे, 15 दिन में घटेगी चर्बी

पेट पर जमी चर्बी गंदगी का रूप है। यह मोटापा बढ़ाती है और मोटापा कई सारी बीमारियों को जन्म देता है। इसके कारण चेहरे का निखार चला जाता है और बेजान लगने लगता है। डॉक्टर मोटापे को डायबिटीज, हार्ट डिजीज और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों की जड़ मानते हैं। जिम-डाइटिंग के बिना वेट लॉस कैसे करें? लोगों को लगता है कि वेट लॉस करने के लिए जिम जाना या डाइटिंग करना बहुत जरूरी है। लेकिन अगर आप शारीरिक गतिविधि को बढ़ाकर गलत खानपान को छोड़कर सही घरेलू उपाय आजमाएं तो आसानी से वजन कम किया जा सकता है। डॉक्टर निशांत गुप्ता ने वेट लॉस का एक घरेलू नुस्खा बताया है, जो 15 दिन में असर दिखा देगा। यह आपके पेट की चर्बी कम करने के साथ चेहरे का निखार लाने में भी मदद करेगा। वेट लॉस के लिए काढ़ा एक चम्मच कटा हुआ अदरक 2 टुकड़े दालचीनी 2 इलायची आधा चम्मच सौंफ आधा चम्मच अजवाइन आधा चम्मच जीरा ऐसे बनाएं ड्रिंक 2 गिलास पानी लेकर सारी चीजें डाल दें। अब इसे 5 मिनट तक अच्छी तरह उबलने दें। इसके बाद इसे हल्का ठंडा होने दें और छान लें। फिर इसमें आधा नींबू का रस डालकर पी लें। 15 दिन में घट जाएगा वजन डॉक्टर के मुताबिक वेट लॉस की इस ड्रिंक को लगातार 15 दिन सेवन करना है। इससे पेट की सारी गंदगी निकल जाएगी और मोटापा कम हो जाएगा। इस उपाय से चेहरे पर निखार आने लगेगा। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

चालू वित्त वर्ष के दौरान 10 दिसंबर तक 88 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई: केंद्र सरकार

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान 10 दिसंबर तक 88 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई है। इस अवधि में केंद्र सरकार द्वारा चार चरणों में 24 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी पूरी की गई। राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (एनएमईटी) ने 609.54 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत के साथ 120 खनिज अन्वेषण और खरीद परियोजनाओं को मंजूरी दी है। खान मंत्रालय ने बताया कि “एमएमडीआर अधिनियम, 1957 की दूसरी अनुसूची में संशोधन 12 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की रॉयल्टी दर को सही बनाने के लिए किया गया था।” पिछले सप्ताह, मंत्रालय ने भारत के अपतटीय क्षेत्रों में 13 खनिज ब्लॉकों को प्रदर्शित करने के लिए एक वेबिनार आयोजित किया, जिन्हें देश के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन) के भीतर विशाल समुद्री खनिज संपदा का दोहन करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल के तहत ई-नीलामी के लिए रखा जा रहा है। नीलाम किए जा रहे 13 अपतटीय खनिज ब्लॉकों में केरल तट से 3 कंस्ट्रक्शन सैंड ब्लॉक और गुजरात तट से 3 लाइम मड ब्लॉक शामिल हैं। ग्रेट निकोबार द्वीप समूह से 7 अन्य पॉलीमेटेलिक और नोड्यूल्स और क्रस्ट ब्लॉक भी प्रस्तावित पहली किश्त का हिस्सा हैं। खान मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ई-नीलामी मंच के एमएसटीसी द्वारा वॉकथ्रू ने प्रतिभागियों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और बोली जमा करने के चरणों को शोकेस किया। मंत्रालय ने कहा कि 7,500 किलोमीटर से अधिक समुद्र तट और 2.3 मिलियन वर्ग किलोमीटर में फैले ईईजेड के साथ, भारत हिंद महासागर में खनिज अन्वेषण के लिए अद्वितीय अवसर प्रदान करता है, जो आर्थिक विकास और स्थिरता लक्ष्यों का समर्थन करता है। चीन, जापान, नॉर्वे, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, पापुआ न्यू गिनी, नामीबिया अपतटीय खनन करने वाले प्रमुख देशों में से हैं। अपतटीय क्षेत्रों में प्रादेशिक जल, महाद्वीपीय शेल्फ, विशेष आर्थिक क्षेत्र और देश के अन्य समुद्री क्षेत्र शामिल हैं।मंत्रालय को भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ), 2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रथम स्थान (स्वर्ण) से भी सम्मानित किया गया।  

आबकारी विभाग भी नए वर्ष के जश्न में आयोजित पार्टियों में बगैर अनुमति के शराब पार्टी करने को लेकर अभी से अलर्ट

इंदौर वर्ष 2024 की विदाई के साथ नए वर्ष का जश्न मनाने के लिए कई स्थानों पर पार्टियां आयोजित होंगी। इसकी तैयारी शहर में शुरू हो चुकी है। वहीं आबकारी विभाग भी नए वर्ष के जश्न में आयोजित पार्टियों में बगैर अनुमति के शराब पार्टी करने को लेकर अभी से अलर्ट हो गया है। विभाग की अलग-अलग टीमें 31 दिसंबर को होटल, रेस्टोरेंट, रिसोर्ट और फार्म हाउस की निगरानी करेंगी। बगैर लाइसेंस के शराब पिलाने पर कार्रवाई की जाएगी। 31 दिसंबर की रात को शहर में शराब पार्टियों के लिए बुकिंग शुरू हो चुकी है। लाइसेंस लेकर ही पार्टी करें आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब पार्टी करने के लिए लाइसेंस लेना होगा। बगैर लाइसेंस के शराब पार्टियां आयोजित नहीं हो सकेंगी। सहायक आबकारी आयुक्त मनीष खरे ने बताया कि नए साल की पार्टियों के स्थान को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों चिह्नित किया जा रहा है। वहीं आयोजकों को निर्देशित किया जा रहा है कि आकस्मिक लाइसेंस लेकर ही शराब पार्टी आयोजित करें। पब व रेस्टारेंट रात 12 बजे तक बंद हो जाएं विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने एसीपी अमित सिंह को 31 दिसंबर को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें मांग की गई है कि 31 दिसंबर को शहर की कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाएं। बजरंग दल इंदौर विभाग संयोजक प्रवीण दरेकर, सह संयोजक अविनाश कौशल ने बताया कि हमने मांग की है कि नशा करके वाहन चलाने वालों के वाहन जब्त किए जाएं। नशे में मिलने पर 24 घंटे बाद दें जमानत सार्वजनिक स्थानों पर आतिशबाजी न की जाए। होटल पब, रेस्टारेंट को आवश्यक रूप से रात 12 बजे बंद कराया जाए। नाबालिक अगर कोई होटल पर वह रोड पर नशे में पाया जाए तो कार्रवाई कर 24 घंटे के बाद ही जमानत दी जाए। बड़े आयोजनों की अनुमति नहीं दी जाए। बता दें नए वर्ष के आयोजन को लेकर शहर भर में तैयारियां जोरों से की जा रही हैं। वहीं प्रशासन भी इस आयोजन को शांतिपूर्वक कराने को लेकर अपनी योजना बना रहा है। इस पर कुछ नियम बनाए गए हैं ताकि कोई परेशानी नहीं हो सके।

सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और कौशल विकास संचालनालय के बीच महत्वपूर्ण समझौता, उज्जैन में बनेगी टेक्नोलॉजी लैब

उज्जैन उज्जैन आईटीआई में मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब स्थापित की जाएगी। मध्य प्रदेश में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा देने के लिए सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और कौशल विकास संचालनालय के बीच महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इसके तहत उज्जैन स्थित शासकीय संभागीय आईटीआई में स्थापित की जाने वाली एक अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब डिजाइन, सीएनसी प्रोग्रामिंग, 3डी प्रिंटिंग और डिजिटल टेक्नोलॉजीज के माध्यम से कौशल विकास को नई दिशा देगी। यह पहल प्रदेश के युवाओं को वैश्विक मानकों पर आधारित तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने का प्रयास है। सीएडी तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब को सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज के सीएसआर से बनाया जाएगा। यह लैब औद्योगिक डिजिटलीकरण और उन्नत तकनीकों का केंद्र बनेगी। इसमें छात्रों को डिज़ाइन और माडलिंग कौशल विकसित करने के लिए सीएडी तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। लैब में एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, 3डी प्रिंटिंग की अत्याधुनिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो छात्रों को उत्पाद निर्माण की नई प्रक्रियाओं से परिचित कराएगा। इसके अलावा, डिजिटल कौशल और इंडस्ट्री 4.0 के अनुरूप आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर, छात्रों को भविष्य के उद्योगों की जरूरतों के लिए तैयार किया जाएगा। चार प्रमुख इंडस्ट्री क्लस्टर के अंतर्गत 40 आईटीआई में दिया जाएगा प्रशिक्षण कौशल विकास संचालनालय और सीमेंस लिमिटेड के बीच इंडो-जर्मन इनिशिएटिव फार टेक्निकल एजुकेशन (इग्निट) प्रोग्राम के दूसरे चरण के तहत द्विपक्षीय समझौता (एमओयू) भी हुआ। इस अवसर पर कौशल विकास संचालनालय के संचालक गिरीश शर्मा और सीमेंस लिमिटेड के धर्मवीर सिंह ने इस समझौते का आदान-प्रदान किया। इग्निट प्रोग्राम, जर्मन ड्यूल वीईटी (दोहरे व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण) माडल पर आधारित है। इस प्रोग्राम के तहत प्रदेश के चार प्रमुख इंडस्ट्री क्लस्टर- ग्वालियर/शिवपुरी, जबलपुर/कटनी, सागर/दमोह और रीवा/सतना के अंतर्गत 40 शासकीय आईटीआई का चयन किया गया है। इन संस्थानों में 10 प्रमुख ट्रेडों जैसे इलेक्ट्रीशियन, इलेक्ट्रानिक मैकेनिक, फिटर, टर्नर, और वेल्डर के छात्रों को उद्योग आधारित इन-प्लांट प्रशिक्षण दिया जाएगा।

गुना: बोरवेल के गड्ढे में गिरा बच्चा, प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन के जारी

गुना गुना के राघौगढ़ स्थित पिपलिया ग्राम में एक बच्चा बोरवेल के गड्ढे में गिर गया है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। यह घटना करीब 5-6 बजे के बीच की है। घटनास्थल पर 108 एंबुलेंस सहित प्रशासन की पूरी टीम मौके पर पहुंच चुकी है। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए दो जेसीबी, स्वास्थ्य, पुलिस, एमपीईबी और जनरेटर सहित सभी आवश्यक संसाधन जुटाए गए हैं। रेस्क्यू टीम लगातार काम कर रही है, और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही बच्चा सुरक्षित निकाला जाएगा।   कलेक्टर डॉ. सत्येंद्र सिंह ने बताया कि फूलसिंह के खेत में बने बोरवेल में बच्चा गिरा है। प्रशासन और स्थानीय टीम बच्चा बचाने के लिए सभी उपायों का उपयोग कर रही है। भोपाल से एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया है, जो जल्द ही घटनास्थल पर पहुंचेगी।

2025 में बदलने वाली है सूरत, मेरठ को नमो भारत-वंदे भारत और सड़कों के नेटवर्क की मिलेगी सौगात

मेरठ दिल्ली-एनसीआर का हृदय स्थल बनकर उभर रहा मेरठ समृद्धि और भव्यता की नींव रख चुका है। देरी से ही सही, लेकिन उपलब्धियों का गुलदस्ता सजाते हुए सुहाने सफर पर निकल चुका है। गति से प्रगति के ध्येय वाक्य से देश की पहली रीजनल रैपिड रेल शुरू कर चुके राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने इस साल मेरठ की सीमा तक (मेरठ साउथ -भूड़बराल स्टेशन से) भी नमो भारत ट्रेन के संचालन का शुभारंभ 18 अगस्त से कर दिया। आधुनिक हो रहे रेलवे के लिए क्रांति बनकर आई वंदेभारत ट्रेन 31 अगस्त से मेरठ-लखनऊ के बीच यात्रियों के लिए उपलब्ध करा दी गई। दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन से मेरठ होते हुए देहरादून तक मुजफ्फरनगर, सहारनपुर के रास्ते देहरादून तक 29 मई से वंदे भारत एक्सप्रेस भी शुरू हुई। मेरठ-नजीबाबाद और मेरठ-बागपत हाईवे पूरी तरह से शुरू हुआ तो वहीं गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज तक सफर का वास्तविक कार्य होते हुए दिखा। सभी हाईवे को जोड़ने वाला कनेक्टर यानी आउटर रिंग रोड भी लगभग तैयार हो गया। वहीं, देहरादून बाईपास पर परतापुर से सिवाया टोल प्लाजा तक एलिवेटेड रोड की स्वीकृति मिलने की खुशखबर भी मिली। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण भी नए साल में तैयार हो जाएगा। इस तरह से नया साल उन्नति के पथ पर सुहाने सफर के लिए स्वागत कर रहा है। मेरठ साउथ तक पहुंची देश की पहली रीजनल रैपिड रेल रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम आरआरटीएस परियोजना का पहला कारिडोर दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तैयार हो रहा है। इस साल यह सुखद रहा कि मेरठ साउथ यानी भूड़बराल स्टेशन से इस परियोजना पर संचालित ट्रेन नमो भारत की सेवा 18 अगस्त से शुरू हो गई। मेरठ के भूड़बराल स्टेशन से साहिबाबाद तक यात्रा का शुभारंभ हो गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम एनसीआरटीसी के आंकड़ों के अनुसार अब तक 50 लाख लोग यात्रा कर चुके हैं। इनमें सबसे अधिक यात्रा गाजियाबाद और मेरठ साउथ स्टेशन से की गई। नए साल में जून में मोदीपुरम तक नमो भारत और मेरठ मेट्रो सेवा शुरू हो जाएगी। इससे मेरठ मेट्रो जहां शहर के अंदर यात्रा कराएगी, वहीं नमो भारत दिल्ली पहुंचाएगी। लखनऊ के साथ अयोध्या, बनारस पहुंचाएगी वंदेभारत वंदेभारत ट्रेन की शुरुआत मेरठ से लखनऊ के बीच 31 अगस्त से सेवा शुरू की गई थी। इसने जहां लखनऊ तक यात्रा सुहाना किया वहीं अब इस ट्रेन का विस्तार अयोध्या और बनारस तक करने की घोषणा भी साल के अंत तक हो गई। बड़ी संख्या में लोग अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर दर्शन करने जाते हैं, ऐसे लोगों को सहूलियत मिल जाएगी। वहीं काशी विश्वनाथ का दर्शन करने व पूर्वांचल के लोगों को भी सुविधा मिल जाएगी। उम्मीद है कि नए साल के शुरुआती एक-दो महीने में ही ट्रेन का संचालन प्रारंभ हो जाएगा। क्योंकि इसकी संभावित समय सारिणी भी सार्वजनिक हो चुकी है। प्रयाग के तट पहुंचाएगा गंगा एक्सप्रेसवे, कम करेगा पूरब की दूरी महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे नए साल में शुरू हो जाएगा। प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता का प्रोजेक्ट पश्चिम से पूरब की दूरी कम करेगा। दोनों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक यात्रा का सेतु की तरह काम करेगा। उम्मीद है कि जून तक इस पर यात्रा प्रारंभ हो जाएगी। इसका निर्माण प्रदेश सरकार की ओर से किया जा रहा है। यह मेरठ से प्रयागराज के बीच बनाया जा रहा है। एलिवेटेड रोड बनते ही देहरादून हाईवे पर बढ़ेगी गति एनएच-58 यानी दिल्ली-देहरादून हाईवे का बाईपास सबसे व्यस्त रहता है। इसके आसपास कालेज, मंडप, होटल व व्यावसायिक गतिविधि बढ़ने से वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। इसलिए हाल ही में जनप्रतिनिधियों ने मांग रखी थी कि परतापुर में जहां से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज बनाया गया है, वहीं से एक एलिवेटेड रोड बाईपास पर बनाया जाए। यह एलिवेटेड रोड मोदीपुरम से आगे सिवाया टोल प्लाजा के पास उतारा जाए। इस मांग को केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्वीकृति प्रदान कर दी थी। उम्मीद है कि नए साल में इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। इससे इस हाईवे पर जाम कम हो जाएगा और वाहनों की गति बढ़ेगी। जोड़े जा रहे हाईवे, बाहर से निकल जाएंगे वाहन शहर में छह हाईवे हैं। इनमें से चार हाईवे और एक राज्य मार्ग को जोड़ने के लिए कनेक्टर यानी आउटर रिंग रोड बनाई जा रही है। इसका अधिकांश कार्य पूर्ण होने वाला है। यह दिल्ली-देहरादून हाईवे, मेरठ-नजीबाबाद हाईवे, किला रोड, मेरठ-गढ़ हाईवे, मेरठ-हापुड़-बुलंदशहर हाईवे को आपस में जोड़ रहा है। बिजौली-जाहिदपुर, सिवाया और परतापुर सफर के बड़े केंद्र मेरठ-हापुड़-बुलंशहर हाईवे पर जाहिदपुर से बिजौली तक तीन नए मार्गों को जोड़ा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे, आउटर रिंग रोड और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण यहीं पर जोड़ रहा है। परतापुर में दिल्ली रोड, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, देहरादून बाईपास व नमो भारत का भूड़बराल स्टेशन है। वहीं सिवाया से मोदीपुरम के बीच में एनएच-58, आउटर रिंग रोड, नमो भारत ट्रेन का मोदीपुरम डिपो स्टेशन, प्रस्तावित बस अड्डा व प्रस्तावित ट्रांसपोर्टनगर होने से प्रमुख परिवहन केंद्र बन जाएगा। उम्मीदें 2025 गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा होगा। प्रयागराज तक सफर होगा सुहाना। दिल्ली-दून हाईवे के बाईपास पर एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य शुरू होगा। दिल्ली-दून हाईवे से मवाना रोड, किला रोड, गढ़ रोड, हापुड़ रोड को जोड़ने वाले कनेक्टर का निर्माण कार्य पूर्ण होगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा होगा। इससे मेरठ के आधे हिस्से को जाम से निजात मिलेगी। दिल्ली पहुंचना आसान होगा। जून तक तय लक्ष्य के अनुसार नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो का संचालन मोदीपुरम तक शुरू हो जाएगा।  

साल की वो बड़ी घटनाएं, कुछ घटनाएं ऐसी रही, जिन्होंने पूरी दुनिया को झकझोर दिया, सवाल और विवाद पैदा किए

नई दिल्ली 2024 का साल भारत के लिए कई दर्दनाक, चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटनाओं से भरा रहा। यह साल न केवल राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना, बल्कि इसने कई संवेदनशील मुद्दों को भी सामने लाया। कुछ घटनाएं ऐसी रही, जिन्होंने पूरी दुनिया को झकझोर दिया और देश में बड़े पैमाने पर आक्रोश, सवाल और विवाद पैदा किए। आइए जानते हैं कुछ ऐसी प्रमुख घटनाओं के बारे में जिन्होंने इस साल भारतीय समाज को प्रभावित किया। 1. कोलकाता रेप कांड 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। यहां पर एक महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार किया गया और उसके बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना ने ना केवल पश्चिम बंगाल, बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस घटना के बाद राज्यभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। लोग सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग करने लगे, ताकि इस तरह के अपराधों पर काबू पाया जा सके। राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगे। यह घटना उस समय सामने आई, जब देशभर में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर चर्चा हो रही थी, जिससे इसे और भी संवेदनशील बना दिया। 2. वायनाड भूस्खलन 30 जुलाई को केरल के वायनाड जिले में एक भीषण भूस्खलन हुआ, जिसने कई किलोमीटर के इलाके को तबाह कर दिया। इस त्रासदी में 231 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जबकि अन्य रिपोर्टों में मरने वालों की संख्या 420 से अधिक बताई गई। यह घटना मानसून के दौरान आई, और इसका असर इतना बड़ा था कि कई गांव पूरी तरह से बर्बाद हो गए। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बचाव कार्य भी मुश्किल हो गया। इस दुर्घटना में लगभग 1200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और केरल सरकार ने पीड़ितों के लिए राहत उपायों की घोषणा की। यह घटना जलवायु परिवर्तन के असर को भी उजागर करती है, जिससे पर्यावरणीय संकट और बढ़ते हैं। 3. कर्नाटक का हैरान करने वाला मर्डर 2024 का एक और चौंकाने वाला मामला कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सामने आया। यहां एक युवक ने अपनी प्रेमिका महालक्ष्मी की हत्या कर उसके शरीर के 59 टुकड़े किए और उन्हें फ्रिज में रख दिया। आरोपी ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि उसने यह हत्या इसलिए की, क्योंकि वह अपनी प्रेमिका के व्यवहार से परेशान था। यह एक ऐसा अपराध था, जिसने न केवल कर्नाटक बल्कि पूरे देश को हैरान कर दिया। इस घटना के बाद महिला सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर नए सिरे से बहस छिड़ी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले की जांच शुरू की, लेकिन इस घटना ने रिश्तों और मानसिक तनाव से जुड़ी समस्याओं को सामने लाया।   4. तिरुपति लड्डू विवाद 18 सितंबर को तिरुपति मंदिर के प्रसाद लड्डू में जानवरों की चर्बी मिलाए जाने का विवाद सामने आया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि मंदिर के प्रसाद में चर्बी का उपयोग किया जा रहा है। इस आरोप ने तिरुपति मंदिर प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया और मंदिर के प्रसाद के पवित्रता को लेकर सवाल उठने लगे। यह विवाद तब बढ़ा जब अन्य धार्मिक नेताओं और भक्तों ने इस आरोप को चुनौती दी। इस मुद्दे ने एक बड़ा धार्मिक और राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया, जो पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया। 5. रियासी आतंकी हमला 9 जून को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के पौनी इलाके में आतंकवादियों ने एक बस पर हमला किया। बस शिव खोरी से कटरा जा रही थी, तभी आतंकवादियों ने उस पर गोलीबारी की। इसके बाद बस खाई में गिर गई, जिससे 9 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस हमले ने कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति को लेकर सवाल उठाए और पूरे राज्य में आतंकवादियों द्वारा किए जा रहे हमलों के खिलाफ आक्रोश पैदा किया। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के हमलों की बढ़ती संख्या ने सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक सतर्क कर दिया। 6. हाथरस भगदड़ कांड उत्तर प्रदेश के हाथरस में 2 जुलाई को एक धार्मिक सत्संग के बाद भगदड़ मच गई, जिसमें 123 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब हजारों लोग एकत्रित हुए थे और पुलिस एवं प्रशासन की ओर से कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी। भगदड़ मचने से लोग दबकर मारे गए, और इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं के खिलाफ सवाल खड़े कर दिए। धार्मिक आयोजनों में भारी भीड़ के दौरान सुरक्षा इंतजामों की कमी ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया। घटना के बाद आयोजक को गिरफ्तार किया गया और कई बड़े सवाल प्रशासन की कार्यशैली पर उठे। 7. इतिहास का सबसे गर्म साल 2024 को अब तक का सबसे गर्म साल माना गया है। जलवायु परिवर्तन के कारण वैश्विक तापमान में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है, और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। देश में जुलाई और अगस्त के महीने में भीषण गर्मी पाई गई, जिसने लोगों के जीवन को कठिन बना दिया। तापमान की वृद्धि के कारण जल संकट और सूखा जैसी समस्याएं सामने आईं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यदि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को रोकने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

अब नजदीकी रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करने की सूचना सेबी को अलग से देने की जरूरत नहीं

मुंबई शेयरों की ऑनरशिप पैटर्न को लेकर सेबी ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। दरअसल अब नजदीकी रिश्तेदारों में शेयर ट्रांसफर को ऑनरशिप चेंज या मैनेजमेंट कंट्रोलिंग अथॉरिटी नहीं माना जाएगा। नजदीकी रिश्तेदार जिसमें भाई-बहन, माता-पिता या पत्नी और संतान आते हैं। इन्हें ट्रांसफर करने पर इसे ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। दरअसल इन नजदीकी रिश्तेदारों को विरासत या शेयर ट्रांसफर करने की सूचना सेबी को अलग से देने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही मैनेजमेंट चेंज या ऑनरशिप ट्रांसफर होने के कारण सेबी को अलग से सूचना देने की अब जरूरत नहीं होगी। शेयर ट्रांसफर को लेकर सेबी द्वारा गाइडलाइन जारी की गई दरअसल बिचौलिया फर्मों को शेयर ट्रांसफर को लेकर सेबी द्वारा गाइडलाइन जारी की गई थी, लेकिन इस गाइडलाइन में असमंजस की स्थिति देखने को मिली थी। सवाल उठ रहा था कि क्या नजदीकी रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करना भी ऑनरशिप चेंज माना जाएगा। लेकिन अब सेबी की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है, कि नजदीकी रिश्तेदारों को जिनमें पत्नी, माता-पिता, संतान और भाई-बहन शामिल है, को ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। लेकिन उनके सिवा रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करना ओनरशिप चेंज माना जाएगा। इसके साथ ही अब शेयर ट्रांसफर करने की सूचना इन्वेस्टर एडवाइजर, रिसर्च एनालिस्ट या इनसे जुड़ी सेवा देने वाली कंपनियों को सेबी को देना होगी। सभी तरह के फर्म के लिए लागू किया गया दरअसल सेबी को जानकारी देने वाली इन कंपनियों को मध्यस्थ या बिचौलिया फर्म की श्रेणी में रखा जाएगा। दरअसल निवेशकों के हित की रक्षा के लिए सेबी द्वारा यह गाइडलाइन स्पष्ट की गई है। एक्सपर्ट्स की माने तो इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और रिसर्च एनालिसिस तो फर्म कंपनी के साथ संबंधों का कानूनी स्वरूप भी अब तय हो चुका है। आसान भाषा में समझा जाए तो, अगर पिता की मौत हो जाती है और उसका पुत्र मैनेजमेंट संभालता है, तो इसे ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। यह प्रोपराइटरी पार्टनरशिप और कॉर्पोरेट सभी तरह के फर्म के लिए लागू किया गया है।

नए साल में नया फॉर्मूला लेकर चलेगी मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार, होगी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी!

भोपाल मोहन सरकार नए साल में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी में है। मंत्रालय से लेकर जिलों तक बदलाव होंगे। विकसित मध्य प्रदेश के लक्ष्य को इसका आधार बनाया जाएगा। सरकार के स्तर पर खाका तैयार हो रहा है। बीते साल में पिछड़ने वाले अधिकारियों से नए फार्मूले के आधार पर निपटा जाएगा। मध्य प्रदेश का विजन डॉक्यूमेंट तैयार हो रहा है।  सरकार इसमें उद्योग, कृषि-वनोत्पाद, अद्योसंरचनाएं एवं नगरीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवाएं, सुशासन एवं नागरिक सेवाएं और वित्तीय नियोजन एवं संवर्धन जैसे 8 कार्य समूह तय किए हैं। माना जा रहा है कि इन समूहों में पहले से कुछ काबिल अफसर हैं लेकिन कुछ का परफार्मेंस बिल्कुल भी ठीक नहीं है। यहां बदली जा सकती है प्रशासनिक जमावट -प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग व राज्य निर्वाचन आयोग में आयुक्त की पदस्थापना। जिलों में विवादित हो चुके कलेक्टरों पर गाज गिरनी तय है, उनको भी वापस बुलाया जाना है जो 3 साल पूरे कर चुके हैं। -ऐसे जिले जहां पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने सदन में गंभीर मुद्दे उठाए और शासन-प्रशासन को किरकिरी झेलनी पड़ी, वहां कलेक्टरों पर गाज गिरनी तय। -राजस्व महाभियान में खराब परफार्मेंस वाले कमिश्नर- कलेक्टर भी निशाने पर होंगे। खाद संकट के दौरान जिलों में बेहतर वितरण व्यवस्था नहीं बना पाने, किसानों को नहीं समझा पाने वाले कुछ कलेक्टर भी राडार पर बताए जा रहे हैं। -ऐसे जिले जहां से सीएम हेल्पलाइन व अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का ग्राफ कम करने के लिए बगैर वैधानिक निराकरण के बंद करने की दोबारा शिकायतें मिल रही हैं, उन संबंधित अधिकारियों को भी बदला जा सकता है।

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