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कनाडा, ग्रीनलैंड और पनामा की बात छेड़ पुतिन की मदद कर रहे हैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप? क्यों है खतरे की घंटी

वाशिंगटन अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही पदभार संभालेंगे। इससे पहले वह अपने बयानों को लेकर सुर्खियां बटोर रहे हैं। बीते कुछ दिनों से उन्होंने एक ऐसी बहस छेड़ दी है जो रूस के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। हाल ही में ट्रंप ने कई बार ग्रीनलैंड, कनाडा और पनामा नहर को अमेरिका में शामिल करने की बात की है। उनकी इस टिप्पणी को लेकर विवाद भी हुए हैं। हालांकि रूस को इन बयानों से फायदा पहुंच सकता है। मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि ट्रंप के इन बयानों को रूस में व्लादिमीर पुतिन को एक तोहफे के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में एक टेलीविजन शो के दौरान होस्ट व्लादिमीर सोलोविओव ने बताया कि ट्रंप की योजनाओं और रूस की महत्वाकांक्षाओं के बीच काफी समानांतर रेखाएं हैं। सोलोविओव ने कहा, “ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका अपनी सीमाओं का विस्तार करेगा। अगर ट्रंप ग्रीनलैंड, पनामा और कनाडा ले सकते हैं तो रूस फिनलैंड, बाल्टिक और अलास्का को वापस क्यों नहीं ले सकता?” रूसी टीवी पर विशेषज्ञों ने तर्क दिया कि क्षेत्रीय विस्तार के लिए ट्रंप को दृष्टिकोण पुतिन के से मेल खाता है। रूस से जुड़े सूत्र ट्रंप के इन बयानों को रूस की बढ़ती क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं के समर्थन में देख रहे हैं। रूसी टीवी चैनलों पर ट्रंप की इन टिप्पणियों का जोरदार ढंग से स्वागत किया गया है। रूसी चैनल के मुताबिक ट्रंप का यह बयान पुतिन की मदद कर रहा है। इस तरह के बयान रूस के 2014 के क्रीमिया पर कब्जे को वैध बनाने में मदद कर रहे हैं। यहां तक ​​कि यह रूस के यूक्रेन पर नियंत्रण के विस्तार करने के विचार से भी मेल खाते हैं। ट्रंप ने पहले भी पुतिन के क्रीमिया पर आक्रमण और कब्जा करने के कदम की तारीफ की है। उन्होंने इसे प्रतिभाशाली और समझदारी वाला कदम कहा था। रूस के द वीकली न्यूज के होस्ट दिमित्री किसेलेव ने बीते दिनों एक शो के दौरान कहा, “ट्रंप मजाक नहीं कर रहे हैं। वह अमेरिका की क्षेत्रीय महत्वकांक्षाओं का विस्तार करने के लिए दृढ़ हैं। यह दुनिया भर में जमीन पर कब्जा करने को सामान्य बनाने के संकेत देता है।” रूस के अंदरूनी सूत्रों ने यह तर्क भी दिया है कि 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर जंग छेड़ने पर ट्रंप ने कभी भी नैतिक विरोध नहीं जताया हैं। उन्होंने सिर्फ युद्ध की लागत और अवधि पर सवाल उठाए हैं।

घरेलू बेंचमार्क सूचकांक को उच्च अनिश्चितता और मूल्यांकन के बीच नए साल में सावधानी से प्रवेश करने के साथ सपाट बंद

मुंबई घरेलू बेंचमार्क सूचकांक मंगलवार को उच्च अनिश्चितता और मूल्यांकन के बीच नए साल में सावधानी से प्रवेश करने के साथ सपाट बंद हुए। 2024 का अंतिम दिन मामूली नुकसान के साथ समाप्त हुआ, हालांकि दिन के निचले स्तर से रिकवरी हुई। नुकसान मुख्य रूप से आईटी और रियलिटी शेयरों में हुआ, जबकि अन्य क्षेत्रों में बढ़त देखी गई। सेंसेक्स 109.12 अंक या 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,139.01 पर बंद हुआ और निफ्टी 13.25 अंक या 0.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,658 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 65.75 अंक या 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50,887 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 36.30 अंक या 0.06 प्रतिशत की गिरावट के बाद 57,153.45 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 123.35 अंक या 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,763.30 पर बंद हुआ। जानकारों का कहना है कि तीसरी तिमाही के नतीजे और आम बजट को ध्यान में रखते हुए बाजार बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर, 2,321 शेयर हरे और 1,648 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि 110 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेक्टोरल फ्रंट पर आईटी, फाइनेंशियल सर्विस और रियलिटी टॉप लूजर्स रहे। जबकि, पीएसई, ऑयल एंड गैस, ऑटो, पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इंफ्रा और कमोडिटीज सेक्टर टॉप गेनर्स रहे। सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, जोमैटो, टीसीएस, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और हिंदुस्तान यूनिलीवर टॉप लूजर्स रहे। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, अल्ट्रा टेक सीमेंट, टाटा स्टील, एसबीआई, टाटा मोटर्स और एलएंडटी टॉप गेनर्स रहे। एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक दे के अनुसार, “कमजोर शुरुआत के बाद निफ्टी ने दिन के दौरान तेजी से सुधार किया। हालांकि, तकनीकी सेटअप में कोई बदलाव नहीं हुआ क्योंकि सूचकांक किसी भी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज को तोड़ने में विफल रहा। इसके बावजूद, पूरे सत्र के दौरान सेटिंमेंट में सुधार हुआ।” रुपया 0.12 रुपये की गिरावट के साथ 85.68 पर कारोबार कर रहा था, क्योंकि डॉलर इंडेक्स की हाल की 7 प्रतिशत की तेजी ने घरेलू मुद्रा पर दबाव डालना जारी रखा है। एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा, “रुपये के लिए तत्काल सीमा 85.55 और 85.80 के बीच होने की उम्मीद है क्योंकि बाजार नए ग्लोबल ट्रिगर्स का इंतजार कर रहे हैं।” विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 30 दिसंबर को 1,893.16 करोड़ रुपये की इक्विटी बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने उसी दिन 2,173.86 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदे।

‘आप’ सरकार ने फायदे की बजाय और उनका नुकसान ही किया, कटोरा ही हाथ में आया: एआईएमआईएम प्रमुख

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले इमाम, पंडित और ग्रंथियों के वेतन के मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है। एक तरफ जहां आम आदमी पार्टी (आप) ने पुजारियों और ग्रंथियों को चौथी बार सरकार बनने पर हर महीने 18 हजार रुपए सम्मान राशि देने का वादा किया तो दूसरी तरफ पिछले कई दिनों से वक्फ बोर्ड के करीब 250 इमाम 17 महीनों से लंबित अपने वेतन को लेकर अरविंद केजरीवाल के घर का चक्कर काट रहे हैं। इस बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन (एआईएमआईएम) के प्रमुख साजिद रशिदी ने कहा है कि ‘आप’ सरकार ने फायदे की बजाय और उनका नुकसान ही किया और अब कटोरा लेकर घूमने को मजबूर कर दिया है। साजिद रशिदी ने न्यूज 24 से बातचीत में विस्तार से बताया कि किस तरह शुरुआत में उन्हें फायदा दिखाया गया, लेकिन बाद में यह उनके लिए नुकसानदायक साबित हुआ। रशिदी ने कहा, ‘जब से केजरीवाल सरकार आई है एक बार फिर छह महीने लगातार वेतन नहीं मिला। जब भी मिली है 5-6 महीने रुककर मिली है, जबकि पैसों की कमी नहीं है इनके पास।’ रशिदी ने कहा कि मुसलमानों और पादरियों को छूने से केजरीवाल बच रहे हैं, क्योंकि इनकी राजनीति कमजोर होगी। तीन दिन केजरीवाल से मुलाकात का प्रयास कर चुके रशिदी ने कहा, ‘ईसाइयों को ना देकर और हमसें ना मिलकर वह यह दिखाना चाहते हैं कि देखो मुसलमानों को हम इस हद तक ले जा सकते हैं कि उनके इमामों को घर पर खड़ा रखकर जलील कर सकते हैं। वह यह दिखाना और बताना चाहते हैं।’ राशिदी का आरोप है कि दिल्ली के सभी इमामों को वेतन देने का ऐलान करने के बहाने वक्फ बोर्ड के स्थायी इमामों के साथ ठगी की गई। रशिदी ने कहा, ‘केजरीवाल जी ने 2020 में एक शिगूफा छोड़ा, दिल्ली के सभी इमामों को वेतन देने का ऐलान किया। जो हम परमानेंट लोग हैं, मैं भी 96 से इमाम हूं, उससे पहले से भी लोग हैं, लेकिन इन्होंने कहा कि प्राइवेट मस्जिदों के इमामों को भी वेतन देंगे। अमानतुल्लाह जब चेयरमैन थे, 37 करोड़ का ग्रांट मंजूर कर दिया गया। हमने साथ दिया यह सोचकर कि किसी का फायदा हो जाए। लेकिन इनके (निजी) के बहाने हम परमानेंट को भी खराब कर दिया। दो तीन बार वेतन दिया। 100 करोड़ का बजट दिया, उसका क्या हुआ वह तो चेयरमैन, सरकार जानें। उसके बाद उन्हें भी वेतन नहीं मिला। हम जो वक्फ बोर्ड के राजस्व से वेतन पाते थे, ग्रांट पर कर दिया। यानी हमें पक्के से कच्चा कर दिया। यह कमाल केजरीवाल जी ने किया। आप हमें 10 हजार ही देते, कमजोर तो ना करते।’ रशिदी ने कहा कि यह ग्रंथियों, पुजारियों या इमामों का सम्मान नहीं गुगली है। उन्होंने कहा कि एक इमाम के पास सैकड़ों-हजारों लोग नमाज पढ़ते हैं। लेकिन लोगों को जब पता चलेगा कि इमाम को पैसा नहीं मिला तो उन पर असर तो होगा। उन्होंने कहा कि ग्रंथियों को सरकार की मदद की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि गुरुद्वारे सक्षम हैं, लेकिन पुजारी झांसे में आ सकते हैं। पुजारियों को पैसे का वादा करके शिगूफा छोड़ा गया है ताकि उनके अनुयायी प्रभावित हों। देंगे या नहीं देंगे यह तो चुनाव बाद होगा, जैसे अभी महिलाओं से रजिस्ट्रेशन करा लिया और इनके विभाग ने कह दिया कि ऐसी कोई स्कीम ही नहीं है।

भारतीय टीम अंतिम टेस्ट में हारी तो डब्ल्यूटीसी से बाहर होगी

मुम्बई ऑस्ट्रेलिया ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बॉक्सिंग डे टेस्ट में मिली 184 रनों की बढ़ी जीत के साथ ही आगामी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्लयूटीसी) फाइनल के लिए अपनी दावेदारी और पक्की कर ली है। वहीं अब अगर ऑस्ट्रेलिया अगर 3 जनवरी से सिडनी में शुरू होने वाले अंतिम टेस्ट को ड्रा करा लेता है या जीत हासिल कर लेता है तो भारतीय टीम डब्ल्यूटीसी से बाहर हो जाएगी। ऑस्ट्रेलिया ने इस चक्र में अपनी 10वीं जीत के साथ फाइनल खेलने की अपनी संभावनाओं को बढ़ाया है। उसका अंक प्रतिशत पीसीटी 58.89 से बढ़कर 61.45 पहुंच गया हैं। अब तक केवल एक टीम दक्षिण अफ्रीका फाइनल में पहुंची है। वहीं चौथे टेस्ट में हार से भारत की डब्लयूटीसी फाइनल की संभावनाओं को करारा झटका लगा है। इस हार के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद भारत का पीसीटी 55.89 से घटकर 52.77 हो गया। इस चक्र में भारत की ये सातवीं हार है। इससे पहले अपनी धरती पहले घर पर न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली टेस्ट सीरीज में हार और अब ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में दूसरी हार से भारत मुश्किल में आ गया था। वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम से बॉक्सिंग डे टेस्ट हारकर भारतीय टीम के सीधे प्रवेश की संभावनएं समाप्त हो गयी हैं और उसे अब अन्य टीमों के परिणामों पर भी निर्भर रहना होगा। सिडनी में अगर भारतीय टीम  जीत दर्ज करती है तो उसका पीसीटी 55.26 हो जाएगा, जिससे उसकी उम्मीदें बनी रहेंगी। इसके साथ ही भारतीय टीम को दुआ करनी होगी कि श्रीलंका 1-0 से ऑस्ट्रेलिया को हरा दे।  

10 साल के एक लड़के की उस समय मौत हो गई, जब वह अपने घर में लगे झूले पर स्टंट कर रहा था, फंसी थी टाई

वडोदरा गुजरात के वडोदरा में दिल को झकझोरने वाला मामला सामने आया है। जिसमें जरा सी लापरवाही के चलते एक बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि इस अजीबोगरीब घटना में 10 साल के एक लड़के की उस समय मौत हो गई, जब वह अपने घर में लगे झूले पर स्टंट कर रहा था। इस दौरान उसकी नेकटाई झूले के लूप में फंस गई और इससे उसका गला दब गया और मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यह घटना रविवार रात वडोदरा के नवापुरा इलाके में हुई। मृतक की पहचान रचित पटेल के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि जब लड़का झूले पर स्टंट कर रहा था, तब उसकी मां पड़ोसी के घर एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गई थी। जबकि उसका पिता दूसरे कमरे में था। हालांकि, इस दौरान मृतक बच्चे ने जो नेकटाई पहनी हुई थी, वह झूले के लूप में उलझ गई, जिससे वह दुर्घटनावश लटक गया और अंततः उसकी मौत हो गई। नवापुरा पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर एमएस अंसारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘परिवार ने बताया कि लड़का झूले पर स्टंट करने का आदी था। हालांकि, उसने नेकटाई पहनी हुई थी, जो झूले के लूप में उलझ गई और इससे वह लटक गया। उसके पिता ने उसे बेहोशी की हालत में पाया और तुरंl नीचे उतारा। माता-पिता उसे मंजलपुर के एक अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।’ गुजरात के वडोदरा में दिल को झकझोरने वाला मामला सामने आया है। जिसमें जरा सी लापरवाही के चलते एक बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि इस अजीबोगरीब घटना में 10 साल के एक लड़के की उस समय मौत हो गई, जब वह अपने घर में लगे झूले पर स्टंट कर रहा था। इस दौरान उसकी नेकटाई झूले के लूप में फंस गई और इससे उसका गला दब गया और मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यह घटना रविवार रात वडोदरा के नवापुरा इलाके में हुई। मृतक की पहचान रचित पटेल के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि जब लड़का झूले पर स्टंट कर रहा था, तब उसकी मां पड़ोसी के घर एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गई थी। जबकि उसका पिता दूसरे कमरे में था। हालांकि, इस दौरान मृतक बच्चे ने जो नेकटाई पहनी हुई थी, वह झूले के लूप में उलझ गई, जिससे वह दुर्घटनावश लटक गया और अंततः उसकी मौत हो गई। नवापुरा पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर एमएस अंसारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘परिवार ने बताया कि लड़का झूले पर स्टंट करने का आदी था। हालांकि, उसने नेकटाई पहनी हुई थी, जो झूले के लूप में उलझ गई और इससे वह लटक गया। उसके पिता ने उसे बेहोशी की हालत में पाया और तुरंl नीचे उतारा। माता-पिता उसे मंजलपुर के एक अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।’ अंसारी ने कहा कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और फिर उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया। घटना के बाद से परिवार सदमे में है। माता-पिता को अपनी भूल पर पछतावा है। बच्चे को बेहाशी की हालत में देखकर पिता अस्पताल लेकर पहुंचते लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। छोटी सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है उसका अंदाजा इस घटना से लगाया जा सकता है।

गलत जानकारी देने पर हुआ निलंबित, छत्तीसगढ़-महासमुंद में पंचायत सचिव ले रहा शिक्षिका पत्नी के नाम से महतारी वंदन योजना की राशि

महासमुंद। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में फर्जीवाड़ा का एक और गंभीर मामला सामने आया है. मामले में ग्राम पंचायत घोडारी के सचिव रमाकांत गोस्वामी को निलंबित कर दिया गया है. सचिव गलत जानकारी देकर अपनी पत्नी के नाम से योजना का लाभ उठा रहा था. सचिव रमाकांत और उनकी पत्नी नीलम गोस्वामी दोनों ही सरकारी नौकरी में होने के बावजूद गलत तरीके से 420 और धोखाधड़ी कर महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये ले रहे थे. मामले में सचिव, शिक्षिका और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ भी एफआईआर हो सकती है. यह पूरा मामला महासमुंद जिले का है. क्या है मामला जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत सचिव रमाकांत गोस्वामी ने अपनी शिक्षिका पत्नी नीलम गोस्वामी, जो कि ग्राम केशवा में पदस्थ है. उनके नाम पर गलत जानकारी देकर महतारी वंदन योजना का लाभ उठाया. जिला पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सचिव ने योजना के तहत फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर अपनी पत्नी के बैंक खाते में राशि जमा करवाई.जारी आदेश में कहा गया है कि किसी भी शासकीय सेवक द्वारा गलत  जानकारी देकर अनुचित लाभ प्राप्त करना शासकीय नियमों का उल्लंघन है. रमाकांत गोस्वामी द्वारा इस फर्जीवाड़े की सूचना किसी को न देना उनकी संलिप्तता को स्पष्ट करता है. फर्जीवाड़े के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रमाकांत गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला पंचायत महासमुंद में रहेगा. इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा. टीचर पर भी होगी कार्रवाई – कलेक्टर मामले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह का कहना है कि महतारी वंदन में गड़बड़ी का मामला जिस तरह से सामने आ रहा था. उसको देखते हुए हमने आज ही टीएल में कहा था और जैसे ही पता चला तो हमने तत्काल सचिव को निलंबित किया है और शिक्षा विभाग को आदेशित किया है कि टीचर पर भी कार्रवाई करें. साथ ही आवश्यकता अनुसार इनपर एफआईआर कार्रवाई करेंगे. सन्नी लियोन के नाम पर हुआ था फर्जीवाड़ा सबसे पहले छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में एक साइबर कैफे वाले ने सनी लियोन के नाम से फॉर्म भर कर गलत तरीके से महतारी वंदन योजना का लाभ लिया. जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले की प्रदेश भर से लेकर देश भर में चर्चा रही.

अगर ऑकलैंड में एएसबी टेनिस क्लासिक में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पायीं तो खेल से संन्यास ले लेंगी: नाओमी ओसाका

ऑकलैंड जापानी की महिला टेनिस स्टार नाओमी ओसाका ने कहा कि अगर ऑकलैंड में एएसबी टेनिस क्लासिक में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पायीं तो खेल से संन्यास ले लेंगी। ओसाक अक्टूबर में चाइना ओपन में पीठ में आये खिंचाव के बाद से ही टेनिस कोर्ट से दूर हैं। अब वह वापसी करते हुए अपना पहला मुकाबला ऑकलैंड में खेलेंगी। इस टूर्नामेंट में ओसाका का पहला मुकाबला इस्राइल की लिना ग्लूश्को से होगा। ओसाका ने कहा कि इस साल उन्होंने अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए लगभग 15 महीने के ब्रेक के बाद अपना पेशेवर करियर फिर से शुरू किया था और वह सत्र के अंत में 58वें स्थान पर रहीं। ओसाका ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि मैं ऐसी खिलाड़ी हूं जो उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं रहने पर खेलती रहूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं टूर पर मौजूद सभी खिलाड़ियों का बहुत सम्मान करती हूं पर मैं अभी अपने जीवन में जिस जगह पर हूं, उसे देखते हुए अगर मैं एक एक तय स्थानसे ऊपर नहीं पहुंचती तो मैं आगे नहीं खेलना चाहूंगी।’’ ओसाका ने कहा, ‘‘अगर मैं उस रैंकिंग पर नहीं पहुंचती हूं जहां मुझे लगता है कि मुझे होना चाहिए तो मैं उसकी जगह पर अपनी बेटी के साथ समय बिताना अधिक पसंद करूंगी। ’’ ओसाका का इस जीत हार का एकल रिकॉर्ड 22-17 रहा है।  

2024 के आखिरी दिन कहा है कि नया वर्ष बहुत कुछ तय करने वाला होगा, AI पर भी किया अलर्ट: सुंदर पिचाई

न्यूयॉर्क पूरी दुनिया में 2025 के आगमन की तैयारी है और लोग जश्न मनाने की प्लानिंग में हैं। इस बीच दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कर्मचारियों को चेतावनी दी है। सुंदर पिचाई ने 2024 के आखिरी दिन कहा है कि नया वर्ष बहुत कुछ तय करने वाला होगा। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तेजी से उभार हो रहा है। ऐसे दौर में हम सभी को उसकी जरूरत समझनी होगी औऱ खुद को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें एक कंपनी के तौर पर तेजी से विकास करना होगा। पिचाई ने कहा कि बहुत कुछ दांव पर है और उसे समझते हुए हमें एक कंपनी के तौर पर तेजी से खुद को आगे बढ़ाना होगा और एआई के हिसाब से खुद को ढालना और तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि 2024 में ऐसे कई मौके रहे हैं, जब तकनीक का प्रभाव पड़ा है। 2025 में हमें बिना थके प्रयास करना होगा। इस तकनीक के फायदे समझने होंगे और उसके अनुसार ही यूजर की समस्याओं का समाधान करना होगा। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य फोकस अगले साल Gemini ऐप होगा। हम उसके माध्यम से लोगों को सही जानकारी देंगे और जेनरेटिव एआई के उनके अनुभव को बेहतर करेंगे। पिचाई ने कहा कि Gemini को लेकर हमें प्लान करना होगा और उस पर फोकस करना होगा। पिचाई ने कर्मचारियों से साफ कहा कि एआई इंडस्ट्री में कैसे हम अपने Gemini ऐप को स्थापित कर सकें, यही हमारी प्राथमिकता में इस साल रहना चाहिए। पिचाई ने कहा कि Gemini ऐप के साथ हमने बीते कुछ महीनों में अच्छे प्रयोग किए हैं। लेकिन हमें 2025 में और फोकस करना होगा ताकि इंडस्ट्री में गैप को खत्म करें और खुद को लीडर के तौर पर स्थापित कर सकें। उन्होंने कहा कि Gemini को विस्तार देना औऱ उसे इंडस्ट्री में स्थापित करना 2025 में गूगल की शीर्ष प्राथमिकता में होगा। पिचाई ने एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखते हुए कहा कि हमें 2025 में 500 मिलियन यूजर्स तक के टारगेट को हासिल करना है। उन्होंने कहा कि 2025 में Gemini के उपभोक्ताओं में इजाफा करना ही हमारी मुख्य प्राथमिकता में होगा। दरअसल चैटजीपीटी समेत ऐसे कई एआई टूल हैं, जिनसे गूगल को चुनौती मिल रही है। ऐसे में वह भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जोर दे रहा है।

यात्रियों को तत्काल टिकट बुकिंग में परेशानियों का सामना करना पड़ा, जब IRCTC की सेवाएं ठप हुई, ऐसा हुआ तीसरी बार

नई दिल्ली नए साल पर घर जाने के लिए तत्काल टिकट बुक कर रहे लाखों यात्रियों को तब निराशा हाथ लगी, जब इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) की सेवाएं ठप हो गईं। इस महीने यह तीसरी बार हुआ है, जब IRCTC की सेवाएं ठप हो गईं और यात्रियों को तत्काल टिकट बुकिंग में परेशानियों का सामना करना पड़ा। पेमेंट्स से लेकर ट्रेन्स के चुनाव तक में यूजर्स को ऐप और वेबसाइट दोनों पर कई दिक्कतें आईं। दिसंबर महीने में ही इससे पहले दो बार IRCTC की सेवाएं ठप हो चुकी हैं। इस बार भी यूजर्स को लंबे वक्त तक डाउनटाइम मेसेद दिखता रहा। कई यूजर्स ने इसे लेकर नाराजगी जताई और सोशल मीडिया पर रेल मंत्री को टैग करते हुए इसकी शिकायत की। इससे पहले 9 दिसंबर को भी ठीक ऐसा ही मेसेज करीब एक घंटे तक वेबसाइट पर दिख रहा था और दूसरा मामला बीते 26 दिसंबर को सामने आया था, जब यात्रियों को परेशान होना पड़ा था। IRCTC की ओर से नहीं आई कोई प्रतिक्रिया प्लेटफॉर्म पर दिख रहे डाउनटाइम मेसेज में लिखा है कि ‘सभी साइट के लिए बुकिंग और कैंसिलेशन सेवा अगले एक घंटे के लिए उपलब्ध नहीं है। आप कैंसिलेशन या TRD फाइल करने के लिए 139 पर कस्टम केयर को कॉल कर सकते हैं।’ यूजर्स को यह मेसेज दिखता रहा और वे सेवाएं ऐक्सेस नहीं कर सके। इसके अलावा कई यूजर्स को मेंटिनेंस मेसेज दिखाया गया कि साइट पर काम चल रहा है, इसलिए सेवाएं कुछ देर के लिए बंद हैं। फिलहाल इसपर IRCTC की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है और सेवाएं डाउन होने की कोई वजह सामने नहीं आई है। इन वजहों से डाउन हो सकती हैं सेवाएं वैसे तो वेबसाइट के सर्वर में खराबी, सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी या नेटवर्क कनेक्शन में दिक्कत होने से वेबसाइट डाउन होती है, लेकिन कई बार त्योहारों या छुट्टियों के मौसम में जब ट्रेन टिकट बुक करने वालों की संख्या बहुत ज्यादा होती है, तब भी वेबसाइट ज्यादा लोड के चलते डाउन हो सकती है। बाकी वेबसाइट को अपडेट करने या सुधार करने के लिए समय-समय पर मेंटेनेंस किया जाता है, जिसके दौरान वेबसाइट कुछ समय के लिए डाउन रह सकती है। कई यूजर्स को डर है कि बार-बार सेवाएं प्रभावित और डाउन होने के लिए कोई साइबर अटैक तो जिम्मेदार नहीं है। फिलहाल आप कुछ वक्त इंतजार कर सकते हैं या फिर IRCTC हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं।

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर मार्क ने साथ ही कहा- अगर वह चयनकर्ता होते तो रोहित को संन्यास लेने को कह देते

मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर मार्क वॉ ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा को संन्यास की सलाह दी है। मार्क ने साथ ही कहा कि अगर वह चयनकर्ता होते तो रोहित को संन्यास लेने को कह देते। रोहित टी20 विश्व कप के बाद से ही फार्म में नहीं हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी वह रन नहीं बना पाये थे। इससे वह आलोचकों के साथ ही पूर्व क्रिकेटरों के भी निशाने पर हैं। मार्क के इस बयान का कुछ लोगों ने समर्थन किया है। वहीं कुछ ने कहा कि उन्हें पहले अपनी टीक के मिचेल मार्श का रिकार्ड देखना चाहिये।मार्श भी इस सीरीज में विफल रहे हैं। वॉ ने कहा, अगर मैं अभी चयनकर्ता होता तो कहता कि मेलबर्न में जब रनों की जरुरत थी तो वह दूसरी पारी में केवल 9 रन ही बना पाये। ऐसे में सिडनी में आपको नहीं लिया जा सकता। मैं कहता, रोहित आपकी सेवा के हम आभारी हैं। आप एक बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं पर हम अब जसप्रीत बुमराह को कप्तान बनाने जा रहे हैं और यह आपके करियर का अंत होगा। रोहित के लिएए यह सीरीज किसी खराब सपने से कम नहीं रही है। उन्होंने 5 पारियों में 31 रन बनाए हैं, जबकि कप्तान के तौर पर भी वह बहुत सफल नहीं रहे हैं। वहीं भारत ने पहला टेस्ट बुमराह की कप्तानी में शानदार तरीके से जीता था। रोहित ने एडिलेड टेस्ट में कप्तानी संभाली थी जिसमें टीम को करारी  हार का सामना करना पड़ा था। वहीं तीसरा मैच भारतीय टीम बड़ी मुश्किल से बचा पायी जबकि चौथे टेस्ट में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा।  

बांग्लादेश में कट्टरपंथी दौर में राष्ट्रपति और सेना प्रमुख के पद होंगे खत्म, संविधान की हो सकती है विदाई

ढाका पूरी दुनिया में नए साल 2025 के स्वागत की तैयारियां हो रही हैं, लेकिन भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में अलग ही माहौल है। खबरों के मुताबिक आज यानी 31 दिसंबर को बांग्लादेश में उस संविधान को ही खत्म करने का ऐलान हो सकता है, जो 1972 में शेख मुजीबर रहमान के दौर में बना था। इसके अलावा राष्ट्रपति और सेना प्रमुख जैसे पदों का भी खात्मा हो सकता है। वहीं जुलाई में शेख हसीना के खिलाफ हुए आंदोलन को क्रांति का दर्जा दिया जा सकता है। यह ईरानी क्रांति जैसा होगा, जिसके बाद शेख हसीना ने पद से इस्तीफा दे दिया था और वह भारत आ गई थीं। खबर है कि शेख हसीना सरकार के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने वाले छात्र संगठन की ओर से नए रिपब्लिक का ऐलान किया जा सकता है। स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन की ओर से नए रिपब्लिक की घोषणा किए जाने की तैयारी है। अब तक यह जानकारी नहीं मिली है कि बांग्लादेश को इस्लामिक देश घोषित किया जाएगा या फिर सेकुलर गणराज्य बनाया जाएगा। फिलहाल अस्थिरता का आलम है और राष्ट्रपति एवं आर्मी चीफ जैसे पदों को समाप्त करने से यह और बढ़ सकती है। इससे भारत जैसे पड़ोसी मुल्कों के लिए भी चिंता बढ़ जाएगी। भारत के लिए एक चुनौती तो यही है कि यदि बांग्लादेश में किसी से बात की जाए तो वह कौन होगा। वहां फिलहाल कोई चुनी हुई सरकार नहीं है और अंतरिम सरकार के मुखिया नोबेल विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस हैं। उन्होंने अपने कार्य़काल के दौरान कट्टरपंथियों का खूब साथ दिया है, जिसे लेकर भारत समेत कई मुल्क चिंतित हैं। अमेरिका तक ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है। छात्र नेता हसनत अब्दुल्ला ने बांग्लादेश के मौजूदा संविधान को लेकर कहा कि वह तो मुजीबवादी कानून है। उसे हम समाप्त करेंगे और दफन करेंगे। यही नहीं अब्दुल्ला ने भारत के खिलाफ भी अपनी नफरत को उजागर कर दिया। हसनत ने कहा कि 1972 के उस संविधान के चलते भारत को बांग्लादेश में दखल देने का मौका मिला। अब्दुल्ला ने कहा कि हम 31 दिसंबर की दोपहर को ढाका के सेंट्रल शहीद मीनार में ऐलान करेंगे और बताएंगे कि भविष्य का बांग्लादेश कैसा होगा। माना जा रहा है कि बांग्लादेश में इस तरह कट्टरपंथी विचारधारा के विस्तार लेने के पीछे पाकिस्तान है। यही नहीं छात्र आंदोलन के नाम पर तख्तापलट करने वाले नेता लगातार पाकिस्तान के दूतावास के संपर्क में हैं। यही नहीं हाल ही में इस्लामिक देशों के संगठन डी-8 की मीटिंग में मोहम्मद यूनुस और शहबाज शरीफ की मुलाकात हुई थी। इस मीटिंग में दोनों के बीच संबंधों को लेकर बात हुई। इसके अलावा बांग्लादेश ने पाकिस्तान से कारोबार में भी इजाफा किया है। अब बांग्लादेश के चटगांव बंदरगाह तक पाकिस्तान का माल सीधे पहुंच रहा है और उनकी फिजिकल चेकिंग के नियम को भी खत्म कर दिया गया है।

मैकडोनाल्ड ने ऑलराउंडर मिशेल मार्श के लिए किसी भी फिटनेस चिंता को खारिज कर दिया

मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने भारत के खिलाफ चल रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी श्रृंखला में सीमित ओवरों के बावजूद ऑलराउंडर मिशेल मार्श के लिए किसी भी फिटनेस चिंता को खारिज कर दिया। मैकडोनाल्ड ने मार्श के सीमित समय को फिटनेस समस्या के बजाय मैच की स्थिति से जोड़ा। मैकडोनाल्ड ने एमसीजी में यादगार जीत के बाद कहा, “नहीं, कोई चिंता की बात नहीं है। और मुझे लगता है कि लोग शायद इसे बहुत अधिक पढ़ रहे हैं। हमने उन्हें उतनी बार गेंद के साथ नहीं बुलाया जितना हमने सोचा था। उन्होंने आज फिर से गेंदबाजी की। उनकी गति 120 (किमी प्रति घंटे) के उच्च स्तर पर है। वहां कोई चोट की चिंता नहीं है।“ उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस कोण से इस तरह की बात करना थोड़ा अनुचित है। हमें किसी कारण से कुछ समय के लिए उनकी आवश्यकता नहीं पड़ी, इसलिए यह एक सामरिक कार्यान्वयन है, न कि एक शरीर। मुझे लगता है कि हमने श्रृंखला में जितने ओवर गेंदबाजी की है, वह शायद हमारे लिए फायदेमंद साबित होगी।” फ्रंटलाइन पेसर मिशेल स्टार्क की फिटनेस संदिग्ध होने के कारण, सिडनी टेस्ट के लिए उस स्थान को भरने के लिए पेसर झाई रिचर्डसन और सीन एबॉट ऑस्ट्रेलिया की टीम में हैं। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस और मैकडोनाल्ड को श्रृंखला के अंतिम मैच के लिए स्टार्क की उपलब्धता पर भरोसा था। मैकडोनाल्ड ने कहा, “पूरी श्रृंखला में, यह अपेक्षाकृत हल्का रहा है, इसलिए मुझे उम्मीद है कि दोनों (अंतिम टेस्ट में) दबाव बनाने में सक्षम होने के लिए अच्छी स्थिति में होंगे। तो क्या इसका मतलब है कि आपको पांचवें गेंदबाज की आवश्यकता है? मुझे लगता है कि आपको अभी भी पांचवें गेंदबाज की आवश्यकता है। लेकिन क्या आप पांचवें गेंदबाज पर बहुत अधिक मांग करने जा रहे हैं, संभवतः नहीं।” इस सीरीज में उनके सीमित योगदान के कारण मार्श की बल्लेबाजी में संघर्ष और बढ़ गया है। पिछले सीजन में ऑस्ट्रेलिया के सबसे बेहतरीन टेस्ट बल्लेबाज रहे एलन बॉर्डर मेडलिस्ट ने पाकिस्तान, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ छह में से चार जीत में अर्धशतक जड़े थे, लेकिन वे अब 10.42 की औसत से सिर्फ 73 रन ही बना पाए हैं। खास बात यह है कि इनमें से 47 रन पर्थ में दूसरी पारी में आए, जब मैच पहले ही हाथ से निकल चुका था। इसकी तुलना में, चौथे टेस्ट के लिए बाहर किए गए नाथन मैकस्वीनी ने 14.40 की औसत से 72 रन बनाए। एक कठिन सीरीज और आत्म-संदेह के इतिहास के बावजूद, कोच मैकडोनाल्ड ने मार्श की मौजूदा मानसिकता पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, “क्या वह बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगे? इसमें कोई संदेह नहीं है। चार टेस्ट मैचों में, वह उस स्तर पर प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं, जैसा वह चाहते थे और हम चाहते थे, लेकिन हां , वह आगे बढ़ रहे हैं। हमने अभी-अभी एक टेस्ट मैच जीता है। वह काफी अच्छे मूड में है।” ऑस्ट्रेलिया ने रिचर्डसन को नए साल की पूर्व संध्या पर एडिलेड में पर्थ स्कॉर्चर्स के लिए बीबीएल मैच खेलने के लिए रिलीज़ किया। वह बुधवार को टीम में शामिल होंगे और चोटों के इतिहास के बावजूद, कोच मैकडोनाल्ड ने ज़रूरत पड़ने पर खेलने के लिए उनके तैयार होने पर भरोसा जताया। “बहुत आश्वस्त। वह किसी कारण से यहां है। इसलिए अगर हमें भरोसा नहीं होता, तो वह यहां नहीं होता। उसने हमारे साथ नेट्स में एक बहुत ही कठिन सप्ताह बिताया है। सभी संकेत हैं कि अगर उसे बुलाया जाता है तो वह 40 से ज़्यादा ओवर गेंदबाजी करने में सक्षम होगा।” उन्होंने कहा, “सीन एबॉट भी वहां है। हमें लगता है कि, (एससीजी) उसका घरेलू मैदान है, इसलिए अगर उसे बुलाया जाता है तो वह भी उपयोगी साबित होगा। यह हमारे फ्रंटलाइन के तेज गेंदबाजों का आकलन करने और फिर वहां से निर्णय लेने के बारे में होगा।”  

आख‍िरकार अलग हो गए अरबपत‍ि एक्टर ब्रैड पिट- एंजेलिना जोली

लंदन हॉलीवुड स्टार्स एंजेलिना जोली और ब्रैड पिट का आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया है। उनके बीच 8 साल तक कानूनी लड़ाई चली। पावर कपल ने सोमवार, 30 दिसंबर को अपने तलाक के कागजात को अंतिम रूप दे दिया। Angelina Jolie के वकील जेम्स साइमन ने बताया कि ‘ओरिजिनल सिन’ की एक्ट्रेस इस मुकाम पर पहुंचकर राहत महसूस कर रही हैं। जेम्स साइमन ने कहा, ‘सच कहूं तो एंजेलिना थक चुकी हैं।’ एंजेलिना ने दी थी तलाक की अर्जी वो कहते हैं, ‘8 साल से भी ज्यादा समय पहले, एंजेलिना ने मिस्टर ब्रैड पिट से तलाक के लिए अर्जी दी थी। उन्होंने और बच्चों ने ब्रैड पिट के साथ शेयर की गई सारी संपत्ति छोड़ दी और तब से वह अपने परिवार के साथ शांति की खोज कर रही हैं और हील कर रही हैं।’ एक विवाद अभी भी बाकी तलाक के समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है, लेकिन पूर्व पावर कपल फ्रांस में शैटो मिरावल वाइनयार्ड को लेकर कानूनी विवाद में उलझा हुआ है। ब्रैड ने एंजेलिना पर आरोप लगाया है कि उन्होंने वाइनरी में अपनी हिस्सेदारी बिना उनकी सहमति के स्टोली ग्रुप को बेच दी है। डेली मेल ने बताया कि दोनों ने मामले को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने या मामले को जूरी ट्रायल में ले जाने की इच्छा व्यक्त की है। किसी के पास है पावर और विशेषाधिकार! एक सूत्र ने बताया कि एंजेलिना जोली ‘अंधकारमय समय के बाद रोशनी में आने की पूरी कोशिश कर रही हैं। वह सार्वजनिक रूप से या निजी तौर पर उनके बारे में बुरा नहीं बोलती। बच्चे यह देखकर बड़े हुए हैं कि कुछ लोगों के पास इतनी पावर और विशेषाधिकार हैं कि उनकी आवाज का कोई महत्व नहीं है। उनका दर्द कोई मायने नहीं रखता।’ ब्रैड पिट ने किया था बुरा बर्ताव एंजेलिना ने साल 2016 में तलाक की अर्जी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि यूरोप से लौटते समय प्राइवेट जेट फ्लाइट में ब्रैड पिट ने उनके और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया। साल 2019 में जज ने एंजेलिना को तलाकशुदा और सिंगल घोषित कर दिया था, लेकिन संपत्तियों और बच्चों की कस्टडी का मामला अभी भी लंबित था।  

कोर्ट ने कहा- जीजा और साली का रिश्ता अनैतिक है, अगर महिला वयस्क है तो इस रिश्ते को बलात्कार नहीं माना जा सकता

इलाहाबाद पत्नी की बहन यानी साली के साथ बलात्कार के एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी पति को राहत दी है। अदालत का कहना है कि भले ही जीजा और साली के बीच रिश्ता अनैतिक है, लेकिन अगर महिला वयस्क है तो इस रिश्ते को बलात्कार नहीं माना जा सकता है। आरोपी को जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया गया था और अब अदालत ने जमानत दे दी है। जस्टिस समीर जैन की बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, आवेदक के वकील ने अदालत को बताया कि इस मामले में मुवक्किल के खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने बेंच को जानकारी दी है कि जीजा और साली के बीच अवैध संबंध बने थे और जब इसकी जानकारी सूचनादाता को लगी, तब उन्होंने FIR दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट को बताया गया था कि कथित पीड़िता बालिग है और उसने CrPC की धारा 161 के तहत दिए बयान में आरोपों से इनकार किया था। बाद में CrPC की धारा 164 के तहत बयान बदला था और अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन किया था। इधर, जमानत का विरोध कर रहे AGA इस तथ्य से इनकार नहीं कर सके कि कथित पीड़िता बालिग है और रिकॉर्ड से यह पता नहीं चलता है कि उसने सहमति नहीं दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी के खिलाफ लगे आरोप, दोनों पक्षों की दलीलें और इस तथ्य को भी विचार में लिया कि कथित पीड़िता ने पहले आरोपों से इनकार किया था और बाद में बयान बदला था। साथ ही कहा था कि उसने आवेदक और शादीशुदा शख्स के साथ संबंध बनाए थे। ऐसे में कोर्ट का कहना है कि रिश्ता अनैतिक है, लेकिन कथित पीड़िता के बालिग होने के चलते इसे बलात्कार नहीं माना जा सकता है। कोर्ट ने इस बात पर भी विचार किया कि आवेदक और पीड़िता के बीच अवैध संबंध बने थे। आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा और उसे जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया गया था। इन तथ्यों को ध्यान में रखकर कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी।

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