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4 जनवरी शनिवार का राशिफल, जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि- मेष राशि वालों को अपनी अपनी भावनाओं को कंट्रोल में रखना चाहिए। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। व्यापार के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। बच्चों का साथ मिलेगा। धन की स्थिति अच्छी होगी। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। वृषभ राशि- वृषभ राशि के लोग आज नेगेटिव विचारों से बचें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। कारोबार के लिए पिता से धन मिल सकता है। कुटुंबों में वृद्धि होगी। ऊर्जा का स्तर बढ़ा रहेगा। अपनों का साथ होगा। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों भरा रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में वृद्धि के साथ स्थान परिवर्तन की संभावना है। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। लेकिन धैर्य की कमी रह सकती है। रोजी-रोजगार में तरक्की करेंगे। धनार्जन के अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। हालांकि कार्यस्थल पर काम के बोझ के कारण आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन परेशान भी हो सकता है। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। कारोबार को लेकर सतर्क रहना चाहिए। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा। परिवार में कोई धार्मिक कार्यक्रम हो सकता है। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के मार्ग खुलेंगे। आय में वृद्धि होगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज आर्थिक स्थिरता प्राप्त हो सकती है। परिवार का साथ मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के अवसर बन सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। जीवनसाथी के साथ अनबन से बचें। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। आर्थिक मामलों को लेकर मन परेशान भी हो सकता है। धर्म-कर्म में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। व्यापारियों के लिए दिन सामान्य रहेगा। परिवार के बुजुर्ग सदस्य की सेहत पर नजर रखें। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि के कुछ जातकों को आज विदेश जाने का मौका मिल सकता है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। उच्चाधिकारियों का साथ मिलेगा। प्रमोशन व आय में वृद्धि के संकेत हैं। कारोबार के लिए पिता से धन भी मिल सकता है। इससे आय में भी वृद्धि होगी। धनु राशि- धनु राशि वालों को आज नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। लेकिन कार्यस्थल पर पॉलिटिक्स का शिकार भी हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकते हैं। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। जीवनसाथी के साथ व स्वास्थ्य पर नजर रखें। धन का आवक बढ़ेगा। मकर राशि- मकर राशि के जातकों को आज मिश्रित परिणाम मिलेंगे। जहां धन का आगमन होगा, वहीं धन खर्च की अधिकता भी रहेगा। कला या संगीत में रुचि बढ़ सकती है। कारोबार में बदलाव के योग बन रहे हैं। किसी मित्र का सहयोग आर्थिक लाभ करा सकता है। काम को लेकर भागदौड़ ज्यादा रहेगी। कुंभ राशि- आज कुंभ राशि वालों को अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करना चाहिए। बाहरी खान पान से बचना चाहिए। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत रंग लाएगी। आर्थिक लाभ के अवसर मिलेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। सेहत का ध्यान रखें। मन प्रसन्न रहेगा। मीन राशि- मीन राशि के जातक आज किसी अज्ञात भय से परेशान हो सकते हैं। परिवार का साथ मिलेगा। कारोबार में वृद्धि हो सकती है। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी के संकेत हैं, लेकिन कुछ विघ्न-बाधा आ सकती है। माता-पिता की सेहत पर नजर रखें।

चीन में एचएमपीवी के प्रकोप के बाद इस वायरस के प्रसार को रोकने और निगरानी बढ़ाने की शीघ्र जरूरत, केंद्र सरकार हुई सतर्क

नई दिल्ली पड़ोसी देश चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के फैलने की खबरों के बीच भारत सरकार भी अलर्ट हो गई है। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) ने श्वसन और मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों पर नजर रखना शुरू कर दिया है। विभाग अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के संपर्क में भी है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र ने कहा कि हम स्थिति पर बारीकी से नजर रखेंगे। जानकारी की जांच करेंगे और इसके आधार पर अपडेट करेंगे। निगरानी और रोकथाम की जरूरत डॉ. डैंग्स लैब के सीईओ डॉ. अर्जुन डैंग ने बताया कि चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के प्रकोप के बाद इस वायरस के प्रसार को रोकने और निगरानी बढ़ाने की शीघ्र जरूरत है। अधिक घनत्व वाली आबादी में यह वायरस अधिक घातक हो सकता है। उन्होंने कहा कि डॉ. डैंग्स लैब में हमने फ्लू सीजन के दौरान एचएमपीवी को छोटे बच्चों, वृद्धों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में नियमित रिपोर्ट किया। मगर चीन में इसका फैलना वायरस के निगरानी और शुरुआती जांच की जरूरत को उजागर करता है। ऐसे होते हैं एचएमपीवी के लक्षण डॉ. डांग के मुताबिक एचएमपीवी के लक्षण अन्य श्वास संबंधी वायरसों जैसे होते हैं। अगर इसके प्रसार पर तुरंत काबू नहीं पाया गया तो यह स्वास्थ्य सेवा पर अधिक दबाव डाल सकता है। डॉ. अर्जुन डांग के अनुसार इस वायरस के लक्षणों में बुखार आना, खांसी, नाक बंद होना, सांस लेने में तकलीफ और घबराहट होती हैं। गंभीर मामलों में ब्रोंकियोलाइटिस या निमोनिया भी हो सकता है। हालांकि यह खतरा बच्चों और बुजुर्गों में अधिक होता है। अभी कोई इलाज नहीं डॉ. अर्जुन डांग ने कहा कि एचएमपीवी के लिए कोई विशिष्ट एंटीवायरल इलाज नहीं है। रोकथाम ही इसका सबसे प्राथमिक इलाज है। उन्होंने कहा कि अभी इस वायरल का पॉलीमरेज चेन रिएक्शन (पीसीआर) परीक्षण ही निदान का मानक है। गंभीर मामलों में बुखार को नियंत्रित करके और ऑक्सीजन थेरपी से इलाज किया जाता है। इस तरह कर सकते अपना बचाव कुछ अच्छी आदतों को अपनाकर वायरस के जोखिम को कम किया जा सकता है। डॉ. अर्जुन डांग का कहना है कि बार-बार हाथ धो कर, खांसते और छींकते समय मुंह ढंकना, संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर काफी हद तक जोखिम से बचा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी अधिकारियों को जनजागरूकता अभियान भी चलाना चाहिए।

‘हमने चीन के होटन प्रान्त में दो नए काउंटी बनाने से संबंधित घोषणा देखी है, बढ़ी टेंशन, भारत-चीन फिर आमने-सामने

नई दिल्ली भारत ने शुक्रवार को कहा कि उसने होटन प्रान्त में दो नए काउंटी बनाने पर चीन के समक्ष गंभीर विरोध दर्ज कराया है। भारत का कहना है कि इन क्षेत्रों के कुछ हिस्से भारतीय केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में आते हैं। नई दिल्ली ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नए काउंटी बनाने से न तो क्षेत्र पर अपनी संप्रभुता के संबंध में भारत की दीर्घकालिक और सुसंगत स्थिति पर कोई असर पड़ेगा और न ही चीन के अवैध और जबरन कब्जे को वैधता मिलेगी। अवैध कब्जा स्वीकार नहीं: विदेश मंत्रालय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने क्षेत्र में भारतीय क्षेत्र पर अवैध चीनी कब्जे को कभी स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा, ‘हमने चीन के होटन प्रान्त में दो नए काउंटी बनाने से संबंधित घोषणा देखी है। इन तथाकथित काउंटी के अधिकार क्षेत्र के कुछ हिस्से भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में आते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हमने इस क्षेत्र में भारतीय क्षेत्र पर अवैध चीनी कब्जे को कभी स्वीकार नहीं किया है।’ जायसवाल ने कहा, ‘नए देशों के निर्माण से न तो इस क्षेत्र पर हमारी संप्रभुता के बारे में भारत की दीर्घकालिक और सुसंगत स्थिति पर कोई असर पड़ेगा और न ही चीन के अवैध और जबरन कब्जे को वैधता मिलेगी।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमने कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से चीनी पक्ष के समक्ष गंभीर विरोध दर्ज कराया है।’ बांध बनाने के फैसले पर भी जताई चिंता इसके अलावा भारत ने चीन की ओर से ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाए जाने के फैसले पर भी चिंता जताई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में शुक्रवार को कहा कि नई दिल्ली ने तिब्बत में यारलुंग जांगबो नदी पर पनबिजली बांध बनाने की चीन की योजना के बारे में बीजिंग को अपनी चिंताएं बताई हैं। गौरतलब है कि यह नदी भारत में भी बहती है। हालांकि, इस पर चीनी अधिकारियों का कहना है कि तिब्बत में पनबिजली परियोजनाओं से पर्यावरण या नीचे की ओर पानी की आपूर्ति पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन भारत और बांग्लादेश ने बांध को लेकर अपनी चिंताएं जताई हैं। बता दें कि यारलुंग जांगबो तिब्बत से निकलकर भारत के अरुणाचल प्रदेश और असम राज्यों में बहती हुई ब्रह्मपुत्र नदी बन जाती है और अंत में बांग्लादेश में मिल जाती है। निगरानी जारी रखेंगे: भारत ब्रह्मपुत्र पर विशाल बांध बनाने की चीन की योजना पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम अपने हितों की रक्षा के लिए निगरानी जारी रखेंगे और आवश्यक कदम उठाएंगे। मंत्रालय ने कहा कि चीनी पक्ष से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया कि ब्रह्मपुत्र के निचले इलाकों के राज्यों के हितों को नुकसान न पहुंचे। क्या है चीन का प्लान? बता दें कि चीन ने हाल ही में ब्रह्मपुत्र पर बांध को बनाने का एलान किया है। ये बांध तिब्बत में यारलुंग जंग्बो के निचले हिस्से में बनाया जाना है। हिमालयी क्षेत्र में जहां ब्रह्मपुत्र नदी अरुणाचल में प्रवेश करती है, वहां एक बड़ा और शार्प यू-टर्न लेती है। इसी जगह पर एक विशाल घाटी मौजूद है। बांध का निर्माण यहीं किया जाना है। इसके निर्माण में 137 बिलियन डॉलर खर्च होने की उम्मीद है। चीन में पहले से ही थ्री गोरजेस बांध मौजूद है, जो वर्तमान में दुनिया में सबसे बड़ा है, लेकिन अगर ब्रह्मपुत्र पर बनने वाला बांध चीन के प्लान मुताबिक तैयार हो गया तो यह थ्री गोरजेस से भी बड़ा होगा। इसका मतलब ये हुआ कि दुनिया का सबसे बड़ा बांध चीन फिर से बनाने वाला है। शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग वहीं, विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश की यूनूस सरकार की ओर से वहां की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण के मामले में कहा है कि इस समय इस मुद्दे पर कहने के लिए कुछ भी नहीं है। इससे जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘एक सप्ताह पहले मैंने पुष्टि की थी कि हमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के संबंध में बांग्लादेश के अधिकारियों से एक पत्र प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, इस समय मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है।’

मेला क्षेत्र के शिविरों को मिलेंगी सभी सुविधाएं, शौचालय से लेकर पीने योग्य पानी की आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं भी सम्मिलित

महाकुंभ नगर महाकुंभ 2025 को भव्य और दिव्य बनाने में जुटी योगी सरकार मेला क्षेत्र में लगने वाले शिविरों को भी तमाम तरह की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इसमें शौचालय से लेकर पीने योग्य पानी की आपूर्ति और बिजली आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं भी सम्मिलित हैं। सुविधा पर्ची के माध्यम से सभी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं, इसको लेकर योगी सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सत्यापन की व्यवस्था की है। इसे और मजबूती देने के लिए मेला प्राधिकरण की ओर से सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया गया है कि वे पूरे मेला के दौरान तीन बार सभी संस्थाओं का सत्यापन करेंगे, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें वे सभी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं, जिसकी उन्हें आवश्यकता है। तीनों सत्यापन अलग-अलग समय में किए जाएंगे। प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट को दिए गए निर्देशों में कहा गया है कि भूमि और सुविधा आवंटन सॉफ्टवेयर में जितनी संस्थाओं को भूमि और सुविधाओं का आवंटन हुआ है, उनका समय सारणी के अंतराल पर कम से कम तीन बार सत्यापन कर अपडेट किया जाए। पहला सत्यापन 12 जनवरी से 4 फरवरी के मध्य किया जाना निर्धारित है, जबकि दूसरा 5 फरवरी से 12 फरवरी के मध्य और तीसरा सत्यापन 13 फरवरी से 26 फरवरी के मध्य किया जाएगा। इसमें संस्था का नाम, औसतन कल्पवासियों की संख्या, संस्था द्वारा किए गए भंडारों तथा भंडारों में प्रतिभागियों की संख्या, संस्था द्वारा किए गए प्रवचनों की संख्या, संस्था में अनुमानित आगंतुकों की संख्या और संस्था द्वारा कितनी अवधि के लिए शिविर लगाया गया, जैसे विवरण का सत्यापन किया जाएगा। इस तरह 45 दिन चलने वाले मेला के दौरान पारदर्शी तरीके से सत्यापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इस सत्यापन का उद्देश्य यही है कि जिन संस्थाओं को भूमि एवं सुविधाएं आवंटित की गई हैं, उनके द्वारा दिए प्रस्ताव के क्रम में गतिविधियां हो रही हैं कि नहीं, इससे उनका सत्यापन हो जाएगा तथा उन संस्थाओं का अपडेट भी सॉफ्टवेयर पर फीड हो जाएगा। यही नहीं, संस्थाओं को सुविधाओं एवं अन्य के संबंध में डाटा ड्रिवेन सिस्टम किए जाने में भी आसानी होगी। इसके अलावा सुविधा पर्ची में क्षेत्रफल एवं सुविधा का उपयोग दिए गए व्यवस्थानुसार हो रहा है अथवा नहीं, अनुबंधित आपूर्तिकर्ताओं द्वारा कार्य पूर्ण किया गया है या नहीं, यह भी पता चल सकेगा, जिससे भुगतान की प्रक्रिया नियमानुसार पूर्ण की जा सकेगी।

गाजा में कहीं भी नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आदेशों के अधीन है: संयुक्त राष्ट्र के मानवीय संगठन

संयुक्त राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र के मानवीय संगठनों ने कहा है कि गाजा में कहीं भी नागरिक सुरक्षित नहीं हैं और गाजा पट्टी का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इजरायल के निकासी आदेशों के अधीन है। फिलीस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के महाआयुक्त फिलिप लाजारिनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “यहां कोई मानवीय क्षेत्र तो दूर, ‘सुरक्षित क्षेत्र’ भी नहीं है।” रिपोर्ट के अनुसार, लाजारिनी ने भ्रामक निकासी आदेशों और नागरिकों की हत्या को रोकने की अपील की, साथ ही चेतावनी दी कि बिना युद्धविराम के हर दिन और अधिक त्रासदी लेकर आ रहा है। मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) ने कहा कि इजरायली सेना ने इजरायल में रॉकेट फायर का हवाला देते हुए गाजा के भीतर बड़े क्षेत्रों को खाली करने का आदेश दिया। कार्यालय ने कहा कि प्रारंभिक विश्लेषण से पता चलता है कि नए आदेश उत्तरी गाजा और देइर अल बलाह प्रांतों में लगभग 3 वर्ग किमी को कवर करते हैं। अल मवासी क्षेत्र में हमलों की सूचना मिली है, जहां लोगों को स्थानांतरित करने और शरण लेने का आदेश दिया गया था। ओसीएचए ने कहा, “गाजा पट्टी का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इजरायली निकासी आदेशों के अधीन है, जिन्हें वापस नहीं लिया गया है। कार्यालय ने चेतावनी दी कि गाजा में जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के लिए मानवीय संगठनों की क्षमता और कम होती जा रही है। मानवतावादियों ने कहा कि पिछले महीने मानवीय गतिविधियों पर सबसे सख्त प्रतिबंध लगाए गए थे। इनमें आपूर्ति एकत्र करने के लिए सीमा क्षेत्रों तक पहुंच को ब्लॉक करना, माल और सेवाएँ पहुंचाने के प्रयासों को नकारना या गाजा में जरुरतों का आकलन करना शामिल है। कुल मिलाकर, गाजा में कहीं भी सहायता कार्यकर्ताओं को ले जाने के संयुक्त राष्ट्र के 39 प्रतिशत प्रयासों को इजरायली अधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया, जबकि अन्य 18 प्रतिशत को बाधित किया गया या हस्तक्षेप किया गया।  

नई दिल्ली हमेशा हिंद महासागर द्वीपसमूह के साथ खड़ा है, जब उसे चुनौतीपूर्ण समय में मदद की जरुरत होती है: एस. जयशंकर

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि मालदीव भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति की एक ‘मजबूत अभिव्यक्ति’ बना हुआ है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली हमेशा हिंद महासागर द्वीपसमूह के साथ खड़ा है, खासकर जब उसे चुनौतीपूर्ण समय में मदद की जरुरत होती है। विदेश मंत्री जयशंकर ने यह बात शुक्रवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला खलील के साथ बैठक के दौरान कही। जयशंकर ने कहा, “हमने विभिन्न क्षेत्रों में अपने संबंधों को बढ़ाया है और मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि भारत हमेशा मालदीव के साथ खड़ा है। आप हमारी ‘पड़ोसी पहले’ नीति की मजबूत अभिव्यक्ति हैं।” इस दौरान दोनों पक्षों ने भारत सरकार की मदद से मालदीव में चरण-III के अंतर्गत सामुदायिक विकास परियोजनाओं के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। दोनों मंत्रियों ने अक्टूबर 2024 में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की राजकीय यात्रा के दौरान हुई सहमतियों पर प्रगति का जायजा लिया। इसके अलावा उन मुद्दों पर चर्चा की जिन पर और अधिक ध्यान देने की जरुरत है। खलील ने भारत की ओर से मालदीव को जरूरत के समय में दी गई आपातकालीन वित्तीय सहायता की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2025 मालदीव-भारत संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष है क्योंकि दोनों देश औपचारिक राजनयिक संबंधों की स्थापना के 60 वर्ष पूरे हो रहे हैं। मालदीव के विदेश मंत्री ने कहा, “हमारी साझेदारी सदियों पुरानी है। हमारी साझेदारी आपसी समझ, सम्मान और साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। दशकों के विश्वास और मित्रता के साथ, यह आगे भी फलती-फूलती रहेगी… भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति के लाभार्थी के रूप में, मालदीव की सरकार भारत द्वारा दिए गए महत्व को समझती है। हमारे पास ऐसे कई उदाहरण हैं जहां भारत सरकार ने जरूरत के समय तत्काल मदद पहुंचाई है।”

महाकुंभ में RSS की महा पाठशाला: 10 जनवरी से 10 फरवरी तक चलने वाले इस ज्ञान महाकुंभ में कई विषयों पर मंथन किया जाएगा

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 144 साल बाद लग रहे महाकुंभ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला भी लगेगी। शिक्षा पर केंद्रित इस ज्ञान महाकुंभ में भारत का एक नाम, सनातन शिक्षा, हिंदुत्व, इतिहास से हुए खिलवाड़ समेत कई विषयों पर मंथन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित विश्व संवाद केंद्र में आयोजित संघ के शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ अतुल कोठारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बताया कि यह महामंथन एक माह तक चलेगा। उन्होंने बताया कि 10 जनवरी से 10 फरवरी तक चलने वाले इस ज्ञान महाकुंभ में कई विषयों पर मंथन किया जाएगा। साथ ही एक प्रस्ताव पारित कर राष्ट्र और सरकार को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का निर्माण उसकी शिक्षा पर निर्भर होता है। राष्ट्र निर्माण के लिए सनातन के सबसे बड़े आस्था के स्थल पर ज्ञान महाकुंभ का आयोजन होगा। भारतीय शिक्षा की पुनर्स्थापना का प्रयास किया जाएगा। विश्व गुरु भारत के लिए भारतीय शिक्षा की बेहद जरूरत हैं। बड़ा विषय यह भी है कि भारत को भारत के ही नाम से पुकारा जाए। सनातन की बात हो और आक्रांताओं का पढ़ाया गया, इतिहास का सच लोगों तक न सिर्फ लाया जाए बल्कि इसमें सुधार भी किया जाए। डॉ अतुल ने आगे कहा कि विश्व की शिक्षा का या मार्गदर्शन का केंद्र ही सनातन धर्म रहा है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज मेला क्षेत्र के सेक्टर 8 में ज्ञान महाकुंभ का आयोजन कराया जा रहा है। देश भर से हजारों शिक्षक, शिक्षा विद, विचारक, समाज सेवी, छात्र छात्राएं मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय समेत कई राष्ट्रीय नेता मौजूद रहेंगे।

पाक विदेश मंत्री इशाक डार ने नई दिल्ली के साथ बेहतर रिश्ते बनाने की इच्छा जाहिर की, पाकिस्तान ने गाया ‘दोस्ती का तराना’

इस्लामाबाद आर्थिक संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान को अब भारत से दोस्ती की जरुरत महसूस हो रही है। पाकिस्तानी उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने नई दिल्ली के साथ बेहतर रिश्ते बनाने की इच्छा जाहिर की। खबर के मुताबिक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के साथ व्यापारिक संबंधों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए ‘दो लोगों की जरूरत होती है’। उन्होंने भारत से संबंधों को बेहतर बनाने के लिए माहौल बनाने की अपील की। 2022 में आई विनाशकारी बाढ़, उच्च मुद्रास्फीति और राजनीतिक अस्थिरता के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बेहद खराब स्थिति में है। खस्ता आर्थिक हालात के कारण आबादी की खाद्य और ऊर्जा जरुरतों को पूरा करने से संबंधित कई संकट पैदा हो गए हैं। पाकिस्तान की सारी उम्मीदें अब सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कर्ज पर ही टिकी हैं जिसके लिए उसे कभी अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) या फिर सऊदी अरब और चीन जैसे दोस्तों की तरफ देखना पड़ता है। ऐसे में भारत के साथ व्यापार में रुकावट के कारण उसके खुशहाली के रास्ते की एक बड़ी बाधा है। रिपोर्ट के मुताबिक डार ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातचीत के जरिए पाकिस्तान की कूटनीतिक स्थिति में सुधार और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए सरकारी कोशिशों के बारे में जानकारी दी। इनमें सबसे हालिया कोशिश 2025-2026 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के गैर-स्थायी सदस्य के रूप में पाकिस्तान के दो साल के कार्यकाल की शुरुआत थी। डार ने कहा कि पाकिस्तान को परमाणु शक्ति से आर्थिक शक्ति में बदलने और अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा को फिर से हासिल करने की कोशिशें जारी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने अपने पहले 10 महीनों के दौरान पाकिस्तान के कूटनीतिक प्रभाव को बढ़ाने का प्रयास किया, जिसके कारण ‘अलग-थलग पड़े पाकिस्तान’ की छवि को खत्म करने में मदद मिली।

साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी, अब तक 93.44 लाख मीट्रिक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है. वहीं धान खरीदी व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है. राज्य में 14 नवम्बर 2024 से शुरू हुआ धान खरीदी का सिलसिला 31 जनवरी तक चलेगा. प्रदेश में अब तक लगभग 93.44 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है, जिसके एवज में 18.69 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 21 हजार 040 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है. धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी तक चलेगी. प्रदेश के समस्त पंजीकृत कृषकों को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान विक्रय हेतु टोकन की सुविधा ऑनलाइन एप ‘टोकन तुंहर हाथ’ एवं उपार्जन केन्द्रों में 25 जनवरी 2025 तक के लिए उपलब्ध कराया गया है. किसान सुविधा अनुसार तिथी का चयन कर नियमानुसार धान विक्रय कर सकते है. धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी तेजी से हो रहा है. धान उठाव के लिए लगभग 62.72 लाख मीट्रिक टन धान के लिए डीओ और टीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध अब तक 36.38 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है. खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.78 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है. इसमें 1.59 लाख नए किसान शामिल है. इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है. खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 2 जनवरी 2025 को 62494 किसानों से 2.90 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है. इसके लिए 81 हजार 926 टोकन जारी किए गए थे. आगामी दिवस के लिए 83 हजार 303 टोकन जारी किए गए हैं.

कांग्रेस ने CM आतिशी के खिलाफ अलका लांबा को उतारा, कालकाजी विधानसभा सीट का मुकाबला हुआ दिलचस्प

नई दिल्ली दिल्ली की राजनीति में कालकाजी विधानसभा सीट का मुकाबला इस बार बेहद दिलचस्प होने वाला है। कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) की मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ अपने कद्दावर नेता अलका लांबा को मैदान में उतारने का ऐलान किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस ने कहा, केंद्रीय चुनाव समिति ने आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में 51-कालकाजी निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में अलका लांबा के नाम पर मोहर लगाई है।

कोरबा में मंत्री देवांगन के प्रतिनिधि के साथ दबंगों ने की मारपीट

कोरबा छत्तीसगढ़ में दबंगों के हौसले इतने बुलंद है कि उन्होंने विधायक प्रतिनिधि को भी नहीं छोड़ा. ताजा मामला कोरबा के दादर गांव से सामने आया है. दबंगों ने बीजेपी विधायक और मंत्री लखनलाल के प्रतिनिधि राजेंद्र पटेल के साथ मारपीट की है. मामला मानिकपुर पुलिस चौकी का है. बताया जा रहा है कि जमीन विवाद को लेकर हंगामा शुरू हुआ था. इसी बीच दबंग ने मंत्री लखनलाल देवांगन के विधायक प्रतिनिधि राजेंद्र पटेल को सरेआम तमाचा जड़ दिया. इस पूरे घटना का वीडियो भी सामने आया है. जानकारी के अनुसार, मानिकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के दादर गांव में दबंगों ने सरेआम विधायक प्रतिनिधि राजेंद्र पटेल से साथ मारपीट की. एक दबंग ने गाली-गलौच करते हुए राजेंद्र को झन्नाटेदार थप्पड़ मार दिया. वहीं  एक महिला ने लकड़ी से राजेंद्र को मारा. घटना के बाद पीड़ित विधायक प्रतिनिधि ने मानिकपुर चौकी पुलिस से शिकायत कर कार्रक मांग की है. मंत्री लखनलाल देवांगन से भी मामले की शिकायत की गई है.

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा- शिक्षा और स्वास्थ्य का स्तर ऊंचा उठाकर ही देश को तरक्की के पथ पर आगे बढ़ाया जा सकता है

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि शिक्षा और स्वास्थ्य का स्तर ऊंचा उठाकर ही देश को तरक्की के पथ पर आगे बढ़ाया जा सकता है। खेल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि हार-जीत खेल का हिस्सा है, खेलों में सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के आत्मविश्वास और कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी और एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के तत्वावधान में पश्चिम क्षेत्र इंटर यूनिवर्सिटी (महिला) शतरंज टूर्नामेंट (2024-2025) का सैम यूनिवर्सिटी परिसर भोपाल में माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया। टूर्नामेंट में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के 60 विश्वविद्यालयों की 255 महिला खिलाड़ी सहभागिता करेंगी। सैम समूह के अध्यक्ष डॉ. हरप्रीत सिंह सलूजा, कुलपति डॉ. एन.के. तिवारी सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। डॉ. तिवारी ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी।  

36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में पुलिस ने निकली जागरूकता रैली

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में नए साल के साथ 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ हुआ. पुलिस ने इस अवसर पर जागरूकता रैली और विशेष अभियान का आयोजन किया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसपी आईपीएस भावना गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश्वर शर्मा और एडिशनल एसपी ओम चंदेल थे. पुलिस कंट्रोल आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसपी भावना गुप्ता ने ग्रीन फ्लैग दिखाकर यातायात जागरूकता रथ और जागरूकता रैली को रवाना किया. जागरूकता रथ ने पूरे जिले में सड़क सुरक्षा का संदेश दिया. इसके साथ जिले के ऑटो चालक संघ ने यातायात जागरूकता पोस्टर्स अपनी ऑटो में चस्पा किए. चालकों को जागरूकता फैंपलेट्स वितरित किए गए. 50 से अधिक युवाओं ने हेलमेट पहनकर बाइक रैली में भाग लिया. युवाओं और ऑटोचालकों ने यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लिया. रैली पुलिस कंट्रोल रूम से शुरू होकर संजय चौक, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ज्योतिपुर चौक होते हुए कंट्रोल रूम में समाप्त हुई. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशानुसार, 1 से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत कई जागरूकता कार्यक्रम और विशेष अभियान चलाए जाएंगे. इसके अलावा अभियानों के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर, तेज गति और गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों की जांच, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा. इस अवसर पर एसपी भावना गुप्ता ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और इन नियमों का पालन करके दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है. कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ हुआ. कार्यक्रम को सफल बनाने में डीएसपी दीपक मिश्रा, थाना प्रभारी गौरेला निरीक्षक नवीन बोरकर, थाना प्रभारी पेंड्रा उप निरीक्षक गंगा प्रसाद बंजारे, यातायात शाखा से प्रधान आरक्षक सुशांत वर्मा, आरक्षक उदय, सनी कोशले, और अन्य गौरेला थाना एवं ट्रैफिक स्टाफ की अहम भूमिका रही.

पारंपरिक खेती छोड़ परिमल ने शुरू की गेंदे के फूलों की खेती, बंपर उत्पादन से दुगुनी हुई कमाई

सफल बागवानी करने उद्यानिकी विभाग से मिली मदद अम्बिकापुर  अम्बिकापुर के चठिरमा निवासी परिमल व्यापारी गेंदे के फूलों की खेती कर रहे हैं। पारंपरिक खेती की तुलना में बागवानी या फूलों की खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। उन्नत किसान के रूप में परिमल का जीवन इन फूलों की ही तरह महकने लगा है। परिमल बताते हैं कि वो तीन वर्षों से गेंदे की खेती कर रहें हैं। शुरुआती दो वर्ष में जानकारी के अभाव में उनकी आमदनी कम होती थी, तब उन्होंने उद्यानिकी विभाग से सम्पर्क किया। विभाग के द्वारा उन्हें वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत 1280 पौधे  एवं 6400 रुपए की अनुदान सहायता राशि प्राप्त हुई। इसके बाद विभाग की मदद एवं सलाह से उत्पादन में वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि उन्हें ड्रिप पद्धति से खेती की जानकारी दी गई, समय-समय पर दवा के छिड़काव सहित अन्य उपायों के बारे में भी बताया गया। बंपर उत्पादन से हुई दुगुनी कमाई- परिमल बताते हैं कि गेंदे की खेती से महज तीन माह में ही  आमदनी मिलनी शुरू हो जाती है। वे एक वर्ष में 2 सीजन में खेती करते हैं, उन्होंने अपने 0.400 एकड़ रकबे में  गेंदा लगाया है। पहले प्रति सीजन मात्र 15 से 20 हजार तक होने वाली कमाई अब विभागीय सहायता के कारण 45 से 50 हजार तक हो जा रही है। तीज-त्यौहारों के समय तो मांग बढ़ने से आमदनी और बढ़ जाती है। लागत में कमी के साथ पानी की भी होती है बचत- इससे पहले वे पारम्परिक खेती करते थे, जिसमें लागत अधिक था। वहीं पानी की खपत भी अधिक थी, बेमौसम बारिश एवं अन्य आपदाओं के कारण नुकसान का डर बना रहता था। फूलों की खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर हम उद्यानिकी विभाग से भी सम्पर्क कर लेते हैं।

सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने करोंद स्थित निर्माणाधीन सरदार पटेल सीएम राइज स्कूल का किया निरीक्षण

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को करोंद स्थित निर्माणाधीन सरदार पटेल सीएम राइज स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्य में तेजी लाई जाए और निर्माण में पायी गई कमियों को शीघ्र दूर किया जाए। मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सहन नहीं की जायेगी और इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री को जवाब नहीं दे सके अधिकारी मंत्री श्री सारंग ने स्कूल के डिज़ाइन और क्लॉस-रूम के स्पेस को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों की संख्या के अनुसार पर्याप्त स्थान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्कूल के मुख्य भवन में बने कॉरिडोर का भी निरीक्षण किया। कॉरिडोर की चौड़ाई बच्चों की संख्या के लिहाज से कम होने पर उन्होंने निर्देश दिये कि कॉरिडोर के पास बनी असेंबली एरिया को बंद करने के बजाय खुला रखा जाए, ताकि विद्यार्थियों को पर्याप्त स्थान मिल सके। फायर सेफ्टी और सुरक्षा पर जोर मंत्री श्री सारंग ने स्कूल निर्माण में फायर सेफ्टी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और तय मानकानुसार फायर सेफ्टी की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए इसे शीघ्र पूरा किया जाए। 30 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण कार्य सरदार पटेल सीएम राइज स्कूल का निर्माण लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह स्कूल अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा, जिससे विद्यार्थियों को एक समृद्ध और सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। विद्यालय परिसर में 34 क्लॉस-रूम, लाइब्रेरी, कॉन्फ्रेस रूम, किचन स्टोर सहित डायनिंग हॉल, 5 लेब, स्टॉफ रूम सहित विभिन्न सुविधाएँ विद्यार्थिंयों के लिये उपलब्ध होंगी। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार अहिरवार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीडीए श्री प्रदीप जैन, अधीक्षण यंत्री बीडीए श्री यतीश जैन, नगर निगम आयुक्त श्रीमती टीना यादव और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।  

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