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भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली लगातार लोकप्रिय हो रही है, 8% बढ़कर 16.73 अरब के नए स्तर पर पहुंचा

नई दिल्ली भारत में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है। दिसंबर 2024 में UPI ने लेन-देन की संख्या और वैल्यू दोनों में नया रिकॉर्ड बनाया जिससे यह साबित होता है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली लगातार लोकप्रिय हो रही है। UPI लेन-देन में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिसंबर 2024 में UPI के जरिए लेन-देन की संख्या 16.73 बिलियन (1.67 अरब) तक पहुंच गई जो अप्रैल 2016 में इसकी शुरुआत के बाद से सबसे ज्यादा है। इस दौरान UPI का लेन-देन वैल्यू भी 8 प्रतिशत बढ़कर 23.25 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच गया जबकि नवंबर 2024 में यह वैल्यू 21.55 ट्रिलियन रुपये थी। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान UPI ट्रांजेक्शन की कुल संख्या 172 बिलियन (17.2 अरब) तक पहुंची जो 2023 के 118 बिलियन की तुलना में 46 प्रतिशत अधिक है। दिसंबर 2024 में दैनिक लेन-देन में बढ़ोतरी नवंबर की तुलना में दिसंबर 2024 में दैनिक लेन-देन की संख्या भी बढ़कर 540 मिलियन (54 करोड़) हो गई जो नवंबर में 516 मिलियन (51.6 करोड़) थी। इसके साथ ही दिसंबर में दैनिक लेन-देन की वैल्यू भी 74,990 करोड़ रुपये हो गई जो नवंबर के 71,840 करोड़ रुपये से अधिक है। दिसंबर 2023 से तुलना करने पर दिसंबर 2024 में UPI के लेन-देन की संख्या में 39 प्रतिशत और वैल्यू में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। यह UPI की बढ़ती लोकप्रियता और उपयोगकर्ता आधार का संकेत है। फास्टैग ट्रांजेक्शन में भी बढ़ोतरी दिसंबर 2024 में न केवल UPI ट्रांजेक्शन में बढ़ोतरी हुई बल्कि फास्टैग ट्रांजेक्शन में भी सुधार देखा गया। फास्टैग ट्रांजेक्शन की संख्या 6 प्रतिशत बढ़कर 382 मिलियन (38.2 करोड़) हो गई जबकि नवंबर में यह संख्या 359 मिलियन (35.9 करोड़) थी। इसके अलावा फास्टैग ट्रांजेक्शन का वैल्यू भी 9 प्रतिशत बढ़कर 6,642 करोड़ रुपये हो गया। अगर दिसंबर 2023 से तुलना करें तो फास्टैग ट्रांजेक्शन की संख्या में 10 प्रतिशत और वैल्यू में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आधार-बेस्ड लेन-देन में भी मामूली बढ़ोतरी इसके अलावा आधार-बेस्ड लेन-देन में भी मामूली 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नवंबर में जहां यह संख्या 92 मिलियन (9.2 करोड़) थी, वहीं दिसंबर में यह बढ़कर 93 मिलियन (9.3 करोड़) हो गई। UPI की शुरुआत और विस्तार यूपीआई की शुरुआत 2016 में भारत में की गई थी और अब यह देशभर में व्यापक रूप से इस्तेमाल हो रही है। वहीं UPI की सफलता ने इसे अन्य देशों में भी प्रवेश दिलवाया है। भारत के अलावा UPI अब फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, श्रीलंका, मॉरीशस, भूटान और नेपाल में भी स्वीकार किया जा रहा है। बता दें कि UPI की बढ़ती लोकप्रियता और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में इसकी बढ़ती उपस्थिति यह साबित करती है कि भारत डिजिटल ट्रांजेक्शन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दिसंबर 2024 के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में और भी अधिक लोग UPI का उपयोग करेंगे जिससे डिजिटल भुगतान प्रणाली का विस्तार होगा और यह पूरी दुनिया में भारतीय तकनीकी सफलता का प्रतीक बनेगा।

अब तक खरीदी गई 28 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान, समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 23 जनवरी तक

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 4 लाख 35 हजार 390 किसानों से 28 लाख 48 हजार 823 मीट्रिक टन धान की खरीदी उपार्जन केन्द्रों में हो चुकी है। धान की खरीदी के लिये 1393 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। धान का उपार्जन 23 जनवरी 2025 तक किया जायेगा। धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रूपये और धान ग्रेड-ए का 2320 रूपये है। जिला बालाघाट में 3 लाख 74 हजार 547, सतना 3 लाख 4 हजार 228, कटनी 2 लाख 80 हजार 206, रीवा 2 लाख 66 हजार 730, जबलपुर 2 लाख 32 हजार 728, सिवनी 1 लाख 75 हजार 162, मण्डला 1 लाख 42 हजार 839, शहडोल 1 लाख 33 हजार 562, मैहर 1 लाख 11 हजार 74, नर्मदापुरम् 1 लाख 4 हजार 867, सिंगरौली 1 लाख 3 हजार 768, पन्ना 84 हजार 448, उमरिया 84 हजार 76, सीधी 82 हजार 767, मऊगंज 69 हजार 684, अनूपपुर 64 हजार 363, नरसिंहपुर 55 हजार 867, दमोह 53 हजार 820, डिंडोरी 32 हजार 614, बैतूल 26 हजार 727, रायसेन 25 हजार 190, सीहोर 19 हजार 893, सागर 10 हजार 217, छिन्दवाड़ा 6 हजार 929, विदिशा 801, भिंड 713, हरदा 543, शिवपुरी 332, अलीराजपुर 51 और झाबुआ जिले में 17 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।  

राशन कार्ड नवीनीकरण के समय-सीमा में 28 फरवरी 2025 तक की वृद्धि

     मोहला   छ.ग. शासन के निर्देशानुसार खाद्य विभाग के द्वारा राशनकार्डों के नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है। सामान्य श्रेणी एपीएल, प्राथमिकता, और अन्त्योदय अन्न योजना के परिवार के राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए समय सीमा 28 फरवरी 2025 तक बढ़ाई गई है।            वर्तमान में प्रचलित प्रत्येक राशन कार्डधारक को नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। जन सुविधा को ध्यान में रखते हुये शासन द्वारा खाद्य विभाग के मोबाइल एप्प द्वारा घर बैठे आवेदन करने की सुविधा प्रदान की गई है एवं एप चलाने में असमर्थ हितग्राही अपने संबंधित उचित मूल्य दुकान में जाकर नवीनीकरण के लिये आवेदन कर सकते है। राशन कार्ड नवीनीकरण करने के लिये ई-केवायसी कराना अनिवार्य है। हितग्राही किसी भी शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक के माध्यम से ई-केवायसी के साथ-साथ राशन कार्ड का नवीनीकरण भी करा सकते है। जिले में शेष बचे हुये 1062 हितग्राहियों को नजदीकी के शासकीय उचित मूल्य दुकान में अपने राशन कार्ड के सभी सदस्यों का ई-केवायसी के साथ-साथ राशनकार्ड नवीनीकरण कराने की 28 फरवरी 2025 तक मोहलत दी गई है।            राशन कार्ड नवीनीकरण के लिये राशन कार्ड धारक और राशन कार्ड में जुड़े सदस्यों का ई-केवायसी होना अनिवार्य है। ई-केवायसी नहीं होने की स्थिति में अपने आधार कार्ड के जरिये उचित मूल्य दुकान के विक्रेता/संचालक से ई-केवायसी करा लेवें जिससे राशनकार्ड का नवीनीकरण किया जा सकेे ताकि राशन कार्डधारी हितग्राहियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभ से वंचित न होना पडे। 

आईएमडी ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट, शीतलहर की चपेट में उत्तर भारत के कई राज्य

नई दिल्ली दिल्ली एनसीआर समेत देश के तमाम राज्य शीतलहर की चपेट में है। उत्तर भारत के कई राज्यों में कोहरे और ठंड को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली में हवाओं की वजह से तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण 6 जनवरी तक तेज हवाओं और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तामपान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार दिल्ली में गुरुवार को लगातार चौथे दिन भीषण ठंड की स्थिति बनी रही। पश्चिम दिल्ली में कोहरे और ठंड को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब के तरनतारन, गुरदासपुर, जालंधर, अमृतसर में भी अत्यधिक ठंड की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, हरियाणा के कुछ इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। गाजियाबाद में भी हालात वैसे ही हैं। शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं दिन में अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस पहुंचने का अनुमान है। दिन में दाेपहर बाद हल्की धूप खिलने का अनुमान है। आज हवा की गति 10 किमी प्रति घंटा से चल रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में पछुआ ने ठंड बढ़ाई है। इस वजह से यहां पारा 4 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। कानपुर शहर में पारा 5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी गलन पड़ रही है। लखनऊ में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले 24 घंटे में प्रदेश का अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस का इजाफा दर्ज किया जा सकता है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, अयोध्याश समेत कई जिलों में आज के लिए कड़ाके की ठंड पड़ने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। उधर, उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों और कस्बों में भी सर्दी ने लोगों को परेशान कर दिया है। आज से यूपी में मौसम शुष्क रहने का संकेत जारी किया है। विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में ठंड और कोहरे का प्रकोप जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने ये भी अनुमान जताया है कि 6 जनवरी को सहारनपुर, मुजफ्फरनगर सहित आसपास के कुछ जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। जौनपुर में गलन व ठिठुरन भरी ठंड लगातार जारी है। सड़कें खेत खलिहान कोहरे की चादरों में ढक गए है। कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। न्यूनतम तापमान सुबह 8 बजे तक 8 डिग्री मापी गयी है। विजिबिलिटी बहुत कम है।  

समझौता राशि जमा नहीं करने वाले बिजली उपभोक्ताओं पर होगी कार्यवाही

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में सतर्कता एवं अन्य जॉंच दलों द्वारा विद्युत चोरी एवं अनधिकृत विद्युत उपयोग करने के मामलों में दर्ज विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 एवं 138 के समस्त ऐसे प्रकरणों जिनमें विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा शत-प्रतिशत क्षतिपूर्ति राशि मय समझौता राशि के जमा नहीं की जा रही है, उन प्रकरणों को विशेष न्यायालय में दर्ज कराये जाने की कार्यवाही की जाएगी। इससे संबंधित विशेष न्यायालयों में दर्ज करने पर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत संबंधित व्यक्ति / उपभोक्ता के विरूद्ध नियमानुसार न्यायालयीन कार्यवाही की जा सकेगी। कंपनी ने ऐसे सभी उपभोक्ताओं, जिनके विरूद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 एवं 138 के अंतर्गत अनधिकृत विद्युत उपयोग अथवा विद्युत चोरी के मामले दर्ज हैं, से अपील की है कि वे जल्द से जल्द नियमानुसार निर्धारित समयावधि में शत-प्रतिशत क्षतिपूर्ति राशि मय समझौता राशि कंपनी के खाते में जमा करायें और होने वाली कार्यवाही से बचें।  

मुख्यमंत्री ने डोंगला में स्थापित वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला के ऑटोमेशन का वर्चुअल किया शुभारंभ

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय विज्ञान और परंपरा के गहरे संबंध हैं। भारत ने हमेशा अपने नेतृत्व से विज्ञान और नवाचार को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच ने भारतीय विज्ञान और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री ने ‘जय जवान, जय किसान’ का आह्वान कर भारत को एक नई ऊर्जा दी। इस नारे ने न केवल भारत की रक्षा और कृषि को मजबूत किया, बल्कि राष्ट्र को आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित भी किया। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने इस कड़ी में ‘जय विज्ञान’ को जोड़ा, जो भारत की वैज्ञानिक सोच और उपलब्धियों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस श्रृंखला में ‘जय अनुसंधान’ जोड़ते हुए विज्ञान और नवाचार को एक नई दिशा दी है। कोविड-19 महामारी के दौरान मात्र एक वर्ष में स्वदेशी वैक्सीन का निर्माण करना इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। यह उपलब्धि भारत के वैज्ञानिक सामर्थ्य और नेतृत्व की कुशलता को प्रदर्शित करती है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी के समय में हुए परमाणु परीक्षण (पोखरण) और प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में हुई वैज्ञानिक प्रगति, दोनों ही यह दिखाते हैं कि भारत ने हर चुनौती को अवसर में बदलकर दुनिया के सामने अपनी योग्यता और क्षमता को सिद्ध किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवींद्र भवन में 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस को बाल प्रतिभाओं के विकास का बेहतरीन मंच बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन जिले के डोंगला में स्थापित वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला में हुए नवीनीकरण कार्य एवं नए उपकरणों के साथ ऑटोमेशन कार्य का वर्चुअल शुभारंभ किया। उन्होंने वीर भारत न्यास के रिसर्च जर्नल ‘युगयुगीन भारत का पुरोवाक्’ का विमोचन किया, साथ ही वीर भारत न्यास द्वारा बनाई गई महादेव फिल्म सीरीज का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जितेन्द्र सिंह का वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया। वीडियो संदेश में केन्द्रीय मंत्री श्री सिंह ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में आए बच्चों को श्रेष्ठतम प्रदर्शन करने की प्रेरणा देकर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। विज्ञान और संस्कृति का यह समन्वय भारत को एक बार फिर से वैश्विक मंच पर सबसे आगे लाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने बच्चों और शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत का भविष्य आप सबके हाथों में है। विज्ञान, संस्कृति और परंपरा का संतुलन ही हमारे विकास का आधार है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में 6 खाड़ी देशों और भारत के विभिन्न राज्यों से आये 700 बच्चों और शिक्षकों की भागीदारी ने इसे विशेष और ऐतिहासिक बना दिया है। यह आयोजन नई पीढ़ी को विज्ञान और नवाचार के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डोंगला वेधशाला के ऑटोमेशन के शुभारंभ पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल छात्रों और शोधकर्ताओं के लिये खगोलीय रहस्यों को बेहतर तरीके से समझने में सहायक होगी। उन्होंने बताया कि भारत का खगोल विज्ञान प्राचीन काल से उन्नत थे। उन्होंने कहा कि नवग्रह की पूजा, ज्योतिष और खगोलीय घटनाओं का अध्ययन हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रीनविच समय की अवधारणा को पुन: परिभाषित करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने समय और खगोलीय पिण्डों की परिक्रमा का अध्ययन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किया था, जिसे आज के परिप्रेक्ष्य में पुन: परिभाषित करने की आवश्यकता है। रात के बारह बजे दिन की शुरूआत किसी भी दृष्टिकोण से वैज्ञानिक नहीं लगती। उन्होंने बाल वैज्ञानिकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि हर हाथ को काम, हर खेत को पानी के साथ अब हर युवा को अनुसंधान के अवसर देने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी कोशिश है कि हम भारत के प्राचीन इतिहास और ज्ञान को न केवल संरक्षित करें, बल्कि इसे आधुनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करें। विज्ञान और संस्कृति की जुगलबंदी ने भारत को हजारों वर्षों से समृद्ध बनाए रखा। इसे पुनर्परिभाषित करने का समय आ गया है। मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार और वीर भारत न्यास के सचिव डॉ. श्रीराम तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में पहली बार राज्य की प्राचीन भारतीय विरासत, साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, कृषि, जल संरक्षण और उद्योग-व्यापार के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान और संस्कृति को एक साथ जोड़ने के प्रयासों को नई ऊंचाई दी है। इसी क्रम में वीर भारत न्यास द्वारा दो महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। पुरोवाक् रिसर्च जर्नल भारतीय सभ्यता, संस्कृति और इतिहास के विभिन्न आयामों पर केंद्रित होगा। इसका पहला अंक भारत की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और समाज वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।

मंत्रालय में सेवानिवृत्त हुए शासकीय सेवकों को विदाई दी

भोपाल सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क, मंत्रालय परिसर, भोपाल में मप्र अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) की ओर से भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले की 194वीं जयंती के अवसर पर म.प्र. मंत्रालयीन सेवा से वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुए सभी वर्गों के लगभग 84 शासकीय सेवकों के विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आईएएस श्री जे.एन. कंसोटिया, महानिदेशक आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल, अध्यक्ष अजाक्स मंत्रालय श्री घनश्याम भकोरिया समेत बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।  

मनसुख मांडविया ने बताया- मोदी सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल में 17.19 करोड़ नौकरियां हुईं पैदा

नई दिल्ली केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, देश में रोजगार 2014-15 में 47.15 करोड़ से 36 प्रतिशत बढ़कर 2023-24 में 64.33 करोड़ हो गया है, जो कि एनडीए कार्यकाल के दौरान रोजगार सृजन में सुधार को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यूपीए के कार्यकाल के दौरान भारत में रोजगार में लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और 2.9 करोड़ अतिरिक्त नौकरियां पैदा हुईं। वहीं, मोदी सरकार के तहत, 2014-24 के बीच 10 वर्षों में 17.19 करोड़ नौकरियां सृजित हुईं। केंद्रीय मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार का सृजन हुआ। उन्होंने बताया कि 2014 से 2023 के बीच कृषि क्षेत्र में रोजगार में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई, वहीं यूपीए के कार्यकाल में 2004 से 2014 के बीच कृषि क्षेत्र में 16 प्रतिशत की गिरावट आई। 2014 से 2023 के बीच मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि यूपीए के कार्यकाल में 2004 से 2014 के बीच इस क्षेत्र में केवल 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 2014-2023 के बीच सर्विस सेक्टर में रोजगार में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि यूपीए के कार्यकाल में 2004 से 2014 के बीच इस क्षेत्र में यह वृद्धि 25 प्रतिशत रही थी। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि बेरोजगारी दर 2017-18 में 6 प्रतिशत से घटकर 2023-24 में 3.2 प्रतिशत हो गई है, जबकि रोजगार दर (डब्ल्यूपीआर) 2017-18 में 46.8 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 58.2 प्रतिशत हो गई है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, “श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) 2017-18 में 49.8 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 60.1 प्रतिशत हो गई है।” इसके अलावा, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से अक्टूबर में 13.41 लाख सदस्य जुड़े हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीते साल अक्टूबर में ईपीएफओ से करीब 7.50 लाख नए सदस्य जुड़े हैं, जिनमें से 58.49 प्रतिशत 18-25 आयु वर्ग के थे। युवा आयु वर्ग की कुल संख्या 5.43 लाख है।  

बिहान योजना से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ी अंजू सिंह की प्रेरणादायक कहानी

एमसीबी छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन में बदलाव लाने की दिशा में बिहान योजना ने अहम भूमिका निभाई है। इस योजना के माध्यम से लाखों महिलाएं आज आत्मनिर्भर बन रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है मनेंद्रगढ़ विकासखंड के चनवारीडांड की रहने वाली सुश्री अंजू सिंह की है जिन्होंने संघर्ष और मेहनत से खुद को ‘लखपति दीदी’  के रूप में स्थापित किया। आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों से परेशान थी अंजू अंजू सिंह का जीवन आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बोझ के साथ शुरू हुआ। उनके परिवार के पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था। गरीबी और कठिनाइयों के बीच उन्होंने अपने सपनों को साकार करने का हौसला बनाए रखा। इसी दौरान उन्हें राज्य सरकार की छत्तीसगढ़ ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान  योजना’ के बारे में जानकारी मिली। अंजू ने इस योजना से जुड़ने का निर्णय लिया, जो उनके जीवन में बदलाव लाने वाला सबसे बड़ा कदम साबित हुआ। अंजू सिंह को बिहान योजना से मिली नई उम्मीद बिहान योजना के तहत अंजू सिंह ने मुर्गीपालन का व्यवसाय शुरू किया। छोटे से कमरे से शुरू हुआ उनका व्यापार मेहनत और लगन के बलबूते धीरे-धीरे बढ़ने लगा। बिहान योजना के सहयोग और अपने दृढ़ संकल्प के चलते अंजू की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। आज अंजू सिंह की सालाना बचत एक लाख रुपये तक पहुंच गई है। इस सफलता ने न केवल उनके जीवन को बदल दिया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी जबरदस्त बढ़ोतरी की है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को व्यक्त किया आभार अंजू सिंह ने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और श्री मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता देने के लिए हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर हर महिला अपने जीवन को बेहतर बना सकती है। अंजू अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा अंजू सिंह की कहानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति और मेहनत का साथ मिले, तो हर बाधा को पार किया जा सकता है। आज अंजू सिंह सिर्फ ‘लखपति दीदी’ नहीं बल्कि उन हजारों महिलाओं के लिए एक मार्गदर्शक हैं, जो अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखती हैं। बिहान योजना ने यह साबित कर दिया है कि जब महिलाओं को अवसर और सही मार्गदर्शन मिले, तो वे अपने जीवन में अभूतपूर्व बदलाव ला सकती हैं। अगर काम में लगाव हो तो हर चुनौती को मेहनत और धैर्य के साथ जीता जा सकता है। यह कहानी प्रदेश की हर महिला के लिए प्रेरणादायक है।

कार्यपालन यंत्री को प्रत्येक दिन आपात स्थिति को छोड़ कर मुख्यालय में न रहकर फील्ड में निरीक्षण कार्य करना होगा

भोपाल   अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण श्री नीरज मंडलोई द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं निरीक्षण प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिये दिशा-निर्देश जारी किये हैं। जारी आदेश में मुख्य अभियंता और अधीक्षण यंत्री स्तर के अधिकारियों को प्रत्येक माह में कम से कम 8 दिन और कार्यपालन यंत्री स्तर के अधिकारियों को 12 दिन आवश्यक रूप से फील्ड में दौरे करना होगा। कार्यपालन यंत्री को प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार के दिन आपात स्थिति को छोड़ कर मुख्यालय में न रहकर फील्ड में निरीक्षण कार्य करना होगा। निरीक्षण प्रतिवेदन वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित करना अनिवार्य किया गया है। निरीक्षण प्रक्रिया के संबंध में निर्देश मुख्य अभियंताओं के दल द्वारा सात परिक्षेत्रों के एक एक जिले के कार्यों का प्रत्येक माह के द्वितीय एवं चर्तुथ गुरुवार को सॉफ्टवेयर के माध्यम से रेण्डम आधार पर प्रगतिरत परफॉर्मेंस गारंटी के कार्यों की दो-दो सड़के (कम से कम एक आर.डी.सी अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग हो) तथा एक भवन (लो.नि.वि/बी.डी.सी) को सम्मिलित करते हुए चिन्हित कर निरीक्षण करवाया जाये, जिसमें गोपनीयता का ध्यान रखा जाये। प्रत्येक माह के द्वितीय एवं चर्तुथ बुधवार को निरीक्षण के लिये कार्यों एवं अधिकारियों की सूची जारी की जायेगी। निरीक्षण दल में 2 मुख्य अभियंताओं को रखा जायेगा एवं अधिकारियों को उनके कार्यक्षेत्र से भिन्न कार्यों में निरीक्षण के लिये भेजा जाये। निरीक्षण के दौरान एकत्रित नमूनों का परीक्षण एक सप्ताह में पूर्ण कर इसकी रिपोर्ट भी ऑनलाइन दर्ज कराने की व्यवस्था की जाए। निरीक्षण करने वाले दल के साथ चलित लैब की व्यवस्था परिक्षेत्रीय मुख्य अभियंता के द्वारा की जायेगी। निरीक्षण स्थलों एवं लिए गए नमूना स्थलों की जियो टैग्ड फोटो खींचकर रिपोर्ट के साथ पृथक से अपलोड की जाए। निरीक्षण दल द्वारा प्रत्येक माह के द्वितीय एवं चर्तुथ शुक्रवार को प्रमुख अभियंता को रिपोर्ट सौंपी जायेगी एवं उसी दिन 4 बजे वीडियोकांफ्रेंस के माध्यम से समीक्षा कर आवश्यक निर्देश जारी किये जायें। निरीक्षण रिपोर्ट एक निश्चित प्रारूप में ऑनलाइन प्राप्त की जानी चाहिए जिससे प्रमुख अभियंता, प्रबंध संचालक, अपर मुख्य सचिव को भेजी जाएं  

‘सुशासन सप्ताह- 2024’ के अवसर पर सबसे अधिक लोक शिकायतों का निस्तारण कर पहला स्थान प्राप्त किया, योगी सरकार ने रचा इतिहास

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ‘सुशासन सप्ताह- 2024’ के अवसर पर पूरे देश में सबसे अधिक लोक शिकायतों का निस्तारण कर पहला स्थान प्राप्त किया है। दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश ने ब्लॉक और मुख्यालय स्तर पर वर्कशॉप के आयोजन में भी पूरे देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। वहीं, दूसरे पायदान पर मध्य प्रदेश है। यह उपलब्धि योगी सरकार की प्रशासनिक क्षमता और जनसेवा के प्रति कटिबद्धता को दर्शाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर पूरे देश में 19 से 24 दिसंबर के बीच ‘सुशासन सप्ताह’ मनाया जाता है। ‘सुशासन सप्ताह’ की वर्ष 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, ”उत्तर प्रदेश ने पूरे देश में सबसे अधिक कुल 6,08,617 लोक शिकायतों का निस्तारण कर पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, महाराष्ट्र ने 2,33,892 लोक शिकायतों का निस्तारण कर पूरे देश में दूसरा और राजस्थान ने 2,13,415 लोक शिकायतों का निस्तारण कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।” वहीं, पूरे देश में ‘सुशासन सप्ताह’ के दौरान ज्यादा से ज्यादा लोक शिकायतों के निस्तारण के लिए ब्लॉक, तहसील, जनपद और मुख्यालय स्तर पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश ने सबसे अधिक 16,997 वर्कशॉप का आयोजन कर देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इन वर्कशॉप का उद्देश्य लोक शिकायतों को निस्तारण और जन जागरूकता बढ़ाने के साथ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाना है। इन कार्यक्रमों ने जनता और प्रशासन के बीच एक मजबूत संवाद स्थापित किया।वहीं, मध्य प्रदेश ने पूरे देश में 13,128 वर्कशॉप का आयोजन कर दूसरा, जबकि राजस्थान ने 5,810 वर्कशॉप का आयोजन कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी नीति और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रयासों ने उत्तर प्रदेश का नाम पूरे देश में रोशन किया है। योगी सरकार ने ‘सुशासन सप्ताह’ के माध्यम से देश को ‘जन सेवा ही प्रथम प्राथमिकता’ का संदेश दिया है। जनता की शिकायतों का निस्तारण और जन जागरूकता के लिए कार्यशालाओं का आयोजन, इसका उत्कृष्ट उदाहरण है।  

नौगढ़ प्रीमियर लीग का हुआ आगाज: पहले दिन सिंगरौली स्पोर्ट्स एंड फिटनेस सेंटर पहुंची क्वार्टर फाइनल

सिंगरौली नौगढ़ के मधुवन बाग स्टेडियम में स्व. रामलला बैस स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंट के 25 वें सत्र का शुभारंभ हुआ जिसका पहला मुकाबला सिंगरौली स्पोर्ट्स और शासन फाइटर के बीच खेला गया जिसमे पहले बल्लेबाजी करते हुए शासन फाइटर ने निर्धारित 10 ओवर में 95 रन बनाए जिसके जवाब में सिंगरौली स्पोर्ट्स ने 6वें ओवर में लक्ष्य प्राप्त किया जिसमें मैंन ऑफ द मैच पंकज बैस रहे । दूसरा मुकाबला सेक्टर ए दूधिचुआ और नेमना बिजपुर के बीच खेला गया जिसमे सेक्टर ए दूधिचुआ ने 10 ओवर में 145 रन बनाए जिसमें जवाब में नेमना बिजपुर सिर्फ 107रन ही बना सकी और सेक्टर ए दूधिचुआ 38 रन से विजेता हुई जिसमें मैंन ऑफ द मैच नानू रहे। दोनों मैच के विजेताओं के बीच तीसरा मुकाबला खेला गया जिसमे पहले बल्लेबाजी करते हुए सेक्टर ए दूधिचुआ ने 10 ओवर में 137 रन बनाए जिसे रोमांचक दौर में सिंगरौली स्पोर्ट्स एंड फिटनेस सेंटर ने 10वें ओवर में प्राप्त कर विजेता हुई और क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, तीसरे मैच के मैंन ऑफ द मैच चन्द्र प्रताप रहे। शुभारंभ कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमित द्विवेदी,वार्ड पार्षद रामगोपाल पाल, एएसपी शिव कुमार वर्मा, जनरल मैनेजर मेडिकल कॉलेज राजेश सिंह,सिंगरौली स्पोर्ट्स एंड फिटनेस सेंटर के प्रबंधक कुलदीप बैस,भाजपा नेता मान प्रसाद पाल इत्यादि उपस्थित रहे। आयोजन कमेटी के कमेंटेटर आनंद बैस,प्रेम मिश्रा,विनय तिवारी एवं अजय सोनी ने सहयोग किया वही स्कोरर की भूमिका शुभम द्विवेदी और निर्णायक की भूमिका में अखिलेश बैस,गायत्री बैस,शंकरदयाल बैस सहित प्रमुख आयोजनकर्ता संजय बैस,आशीष शुक्ला,विपिन मिश्रा, इतजोगी बैस,अखिलेश सिंह बैस,शंकर बैस,रामसागर बैस,राजेंद्र बैस,रामलला बैस,प्रीतम बैस,लवकुश नापित,अजीत नापित सहित एनसीसी कमेटी के सभी सदस्य एवं ग्रामवासियों की सक्रिय भागीदारी रही।

विभिन्न विद्यालयों में आयोजित किये गए ऊर्जा संरक्षण जागरूकता शिविर

भोपाल ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेन्स इंदौर के अंतर्गत आने वाले टी.एल.एम. उपसंभागो द्वारा विभिन्न शासकीय विद्यालयों में ऊर्जा संरक्षण सप्ताह में जागरूकता अभियान चलाया गया। इसमें विद्यार्थियों को ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक, सजग और सचेत रहने के लिये सरल भाषा में आवश्यक जानकारियां दी गई एवं विद्यालयों में ऊर्जा संरक्षण संबंधित स्टीकर, पम्पलेट भी वितरित किए गए। एमपी ट्रांसको इंदौर की अधीक्षण अभियंता श्रीमति नीलम खन्ना की पहल और मार्गदर्शन में यह जागरूकता अभियान इंदौर, मंदसौर, राजगढ, छैगांव, जुलवानिया, निमरानी, सुवासरा आदि स्थानों मेंआयोजित किये गये। शिविरों में विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षकों एवं समस्त विद्यार्थियों ने उत्साह और उत्सुकतापूर्वक ऊर्जा संरक्षण के महत्व, विद्युत बचाने के तरीके और ऊर्जा संरक्षण के प्रति सभी को प्रेरित करने की आवश्यकता को समझा। विद्यार्थियों ने बारीकी से स्टार रेटिंग वाले फ्रिज, वाशिंग मशीन, पंखे, कूलर आदि के उपयोग से बिजली बचत की प्रक्रिया समझी और ‘‘बिजली का बचत ही बिजली का उत्पादन है‘‘ के स्लोगन को समझते हुये बिजली बचत की शपथ ली।  

वय वंदन योजनाः बुजुर्गाे को मिल रही विशेष स्वास्थ्य सहायता, विशेष शिविर का आयोजन कर बनाए जा रहे कार्ड

जिले में अब तक 2000 से अधिक वय वंदन कार्ड बनाए गए रायपुर, देश में 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत विशेष स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जा रही है। आयुष्मान वय वंदन कार्ड के माध्यम से बुजुर्गाे को यह स्वास्थ्य सेवा दी जा रही है जिसके तहत उन्हें 5 लाख रूपए की चिकित्सा सहायता प्राप्त होगी। बुजुर्गाे ने इस योजना को वरदान बताया है और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का आभार जताया है। बुजुर्ग श्री झाडूराम कश्यप ने बताया कि उनकी उम्र 77 वर्ष हो गई है और यह योजना हम जैसे बुजुर्गाे के लिए वरदान है। उम्र के इस पड़ाव पर हमें अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ता है। सरकार की इस संवेदनशील पहल से उन जैसे लाखों बुजुर्गाे को राहत मिल रही है। 5 लाख की स्वास्थ्य सहायता मिलने से अब उनकी अस्पताल के खर्चाे की चिंता समाप्त हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया। बिलासपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद तिवारी ने बताया कि इस नई योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक के सभी नागरिकों का वय वंदन कार्ड बनाया जा रहा है जिससे उन्हें 5 लाख रूपए तक के इलाज की सुविधा मिलेगी। जिन वरिष्ठ नागरिकों का नाम पहले से आयुष्मान कार्ड में दर्ज है उन्हें इस योजना के तहत दोबारा पंजीकरण कराना होगा। पंजीयन के लिए नागरिकों को अपना आधार कार्ड प्रस्तुत करना होगा जिससे उनकी आयु का सत्यापन किया जा सके। पंजीयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदन कार्ड जारी किया जाएगा जिससे पंजीकृत स्वास्थ्य केन्द्रों में उन्हें 5 लाख रूपए तक की स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि जिले में वय वंदन कार्ड बनाने का कार्य तेजी से जारी है। सामुदायिक केन्द्रों, च्वाईस सेंटर और विशेष शिविर के साथ ही स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर वय वंदन कार्ड बना रहे हैं। जिले में अब तक 2000 से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं। डॉ. तिवारी ने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए वरिष्ठ नागरिक अपना आधार कार्ड लेकर नजदीकी लोक सेवा केन्द्र (च्वाईस सेंटर), सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र या प्राथमिक केन्द्र में जाकर भी निःशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं। योजना के विषय में अधिक जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 104 पर संपर्क किया जा सकता है। 

सरस्वती बाई की जल जीवन मिशन ने बदली जिंदगी

विष्णुदेव साय की पहल से ग्रामीणों को मिला स्वच्छ जल का उपहार एमसीबी मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर  जिले के ग्राम पंचायत पाराडोल के हर घर तक जल जीवन मिशन के तहत नल से जल को पहुंचाने का सपना साकार हो चुका है। जल जीवन मिशन के तहत इस बस्ती के लोगों को अब स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की सुविधा मिल रही है। इस ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल से ग्रामीणों के जीवन में व्यापक बदलाव आया है, और इसकी एक मिसाल ग्राम पंचायत पाराडोल की निवासी श्रीमती सरस्वती बाई की प्रेरणादायक कहानी है। सरस्वती बाई एक सामान्य ग्रामीण महिला हैं, जिनका जीवन कभी पानी के लिए संघर्ष में बीतता था। अपने परिवार के लिए पानी लाने उन्हें लंबी दूरी तय कर खेतों के रास्ते  कुएं तक जाना पड़ता था। यह प्रक्रिया न केवल उनके कीमती समय को बर्बाद करता था, बल्कि उनके परिवार के स्वास्थ्य जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू हुए जल जीवन मिशन से सरस्वती और उनके परिवार की जिंदगी बदल गई है। सरस्वती का जीवन और उनके परिवार में आया बदलाव अब सरस्वती  के घर में नल से स्वच्छ और सुरक्षित पानी आता है। इस बदलाव ने न केवल उनके समय की बचत की है, बल्कि उनके परिवार के स्वास्थ्य में भी बड़ा सुधार किया है। सरस्वती बताती हैं कि अब वह समय, जो पानी लाने में व्यर्थ होता था, अब वह नहीं होता है अब कुछ समय अपने परिवार के साथ बिताती हैं और खेती के अलावा अन्य कामों में भी ध्यान लगाती हैं। ग्राम पंचायत पाराडोल में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुल 127 घरों में से 118 घरों में नल कनेक्शन लगकर पूर्ण हो चुका हैं। इसके साथ ही शासन ने इन कनेक्शनों का सत्यापन भी सुनिश्चित किया है, जिससे अब निजी स्रोतों पर निर्भरता पूरी तरह समाप्त हो गई है। सरस्वती ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का किया आभार सरस्वती ने जल जीवन मिशन की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को आभार व्यक्त किया हैं। उनका कहना है कि इस योजना से ग्रामीण महिलाओं के जीवन को न केवल आसान बनाया है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी दिया है। जल जीवन मिशन योजना से हो रहा व्यापक प्रभाव जल जीवन मिशन योजना केवल पानी की आपूर्ति तक सीमित नहीं है। बल्कि यह ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सुधार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है। सरस्वती बाई की कहानी इस मिशन की अनगिनत सफलता की कहानियों में से एक है, जो यह साबित करती है कि जब सरकार और जनता मिलकर काम करते हैं, तो हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। जल जीवन मिशन ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही दिशा में किए गए प्रयासों से समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।

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