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मैदान पर हादसा: सईम अयूब फील्डिंग कर रहे थे, तभी गंभीर चोट लगी, स्ट्रेचर के सहारे गए बाहर

केपटाउन पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच केपटाउन में टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच खेला जा रहा है. इस मुकाबले में पाक खिलाड़ी सईम अयूब के साथ एक दिक्कत हो गई. उनको गंभीर चोट लगी है. यह चोट इतनी गंभीर है कि उन्हें मैदान से बाहर जाने के लिए साथी खिलाड़ियों का सहारा लेना पड़ा. इसके बाद मेडिकल टीम उन्हें लेकर गई. अयूब के कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की गई हैं. दक्षिण अफ्रीका की टीम केपटाउन टेस्ट में पहले बैटिंग कर रही है. उसने 72 रनों के स्कोर पर 3 विकेट गंवा दिए थे. इस पारी के दौरान सईम अयूब फील्डिंग कर रहे थे. वे 7वें ओवर में गेंद के पीछे भागे. अयूब बाउंड्री के करीब ही पहुंचे थे कि उनकी एड़ी मुड़ गई. वे दर्द की वजह से तुरंत नीचे गिर गए और पैर पकड़कर कराहने लगे. यह देख उनके साथ खिलाड़ी बाबर आजम और आमिर भी पहुंच गए. अयूब को सहारा देकर किया गया बाहर – अयूब को एड़ी में लगी चोट इतनी भयानक थी कि वे चल भी नहीं पा रहे थे. उन्हें सहारा देकर मैदान से बाहर किया गया. इससे पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम के फिजियो उन्हें देखने पहुंचे थे. उन्होंने स्थिति को देखते हुए मेडिकल टीम के अन्य सदस्यों को बुलाया. इसके बाद स्ट्रेचर के सहारे बाहर किया गया. पहले टेस्ट में पाकिस्तान को हार का करना पड़ा था सामना – पाकिस्तान के लिए टेस्ट सीरीज की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी. उसने दक्षिण अफ्रीका ने सेंचुरियन टेस्ट मैच में 2 विकेट से हरा दिया था. सईम अयूब इस मुकाबले की पहली पारी में महज 14 रन बनाकर आउट हो गए थे. वहीं दूसरी पारी में 27 रन बनाकर पवेलियन लौटे थे. उन्होंने दूसरी पारी के दौरान 6 चौके लगाए थे. अब टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच खेला जा रहा है. यह मुकाबला केपटाउन में आयोजित हो रहा है.

ट्रेलर का ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ दर्दनाक हादसा, छह लोगों की मौत, सीएम ने जताया दुख

उदयपुर राजस्थान के उदयपुर में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में छह लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि यह हादसा ट्रेलर का ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ है। इस हादसे का सीएम भजनलाल शर्मा ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। उदयपुर सड़क हादसे पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दुख जताया है। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “उदयपुर में गोगुंदा-पिंडवाड़ा हाइवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में हुई जनहानि का समाचार अत्यंत दुःखद है। संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति व घायलों को शीघ्रातिशीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।” दरअसल, उदयपुर के गोगुंदा-पिंडवाड़ा हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रेलर और टेंपो की बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार छह लोगों की मौत हो गई।हालांकि, इस घटना के बाद ट्रेलर चालक ट्रेलर को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंची बेकरिया थाना पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साथ ही घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, अजमेर-भीलवाड़ा हाईवे पर शुक्रवार सुबह कोहरे के कारण कई वाहनों की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में घायल चार लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह अजमेर-भीलवाड़ा हाईवे पर स्थित कोठारी नदी की पुलिया पर घने कोहरे के कारण एक के बाद एक कई वाहन आपस में टकरा गए। हादसे के बाद भीलवाड़ा-अजमेर हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सड़क हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आपस में टकराई गाड़ियों को रास्ते से हटवाया। साथ ही उन्होंने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। भीलवाड़ा के मेयर राकेश पाठक ने बताया कि शुक्रवार सुबह घने कोहरे की वजह से कोठारी नदी की पुलिया पर सड़क हादसा हुआ। मैं दमकल कर्मियों का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने हादसे की जानकारी तुरंत मिलने के बाद ही राहत अभियान चलाया और घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। सभी घायलों की हालत ठीक है।  

बालोद में पति ने कुल्हाड़ी से वार कर पत्नी को उतरा मौत के घाट , आरोपी फरार

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक सनकी पति ने अपनी पत्नी के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया. घटना के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया. घटना आज सुबह करीब 5 बजे की है. आसपास के लोगों ने घर पर बेहोश पड़ी लहुलुहान महिला को जैसे ही देखा, उन्होंने महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. पूरा मामला गुरुर थाना क्षेत्र के कंवर चौकी के अंतर्गत सांगली गांव का है. जानकारी के मुताबिक, आरोपी पति का नाम केवल साहू है. वहीं मृतिका का नाम ईश्वरी साहू बताया जा रहा है. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर मृतिका के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच में जुट गई है. पुलिस आरोपी पति की तलाश में जुट गई है. इस घटना के पीछे के कारणों का पता फिलहाल नहीं चल सका है. पुलिस की जांच के बाद ही इस हत्या के कारणों का पता चल सकेगा.

भोपाल में NCERT परिसर में आयोजित राष्ट्रीय कला उत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में NCERT परिसर में आयोजित राष्ट्रीय कला उत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में इस कला उत्सव की शुरुआत की थी। इसके माध्यम से स्कूली छात्रों की कला को पहचानने और प्रतिभा को निखारने का अवसर मिला। साथ ही भारत जिसकी विशेषता अनेकता में एकता की है। वहां सांस्कृतिक रुप से समृद्ध विभिन्न विरासतों को देखने समझने का मौका मिलता है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। 64 कला 14 विद्याओं में निष्णात थे श्रीकृष्ण उन्होंने कहा कि कंस वध के बाद श्रीकृष्ण शिक्षा प्राप्त करने इसी मध्यप्रदेश के सांदीपनी आश्रम आए और गुरुकुल पद्धति के माध्यम से शिक्षा गृहण की. श्रीकृष्ण 64 कला और 14 विद्याओं में निष्णात थे। इसीलिए कहा गया कि श्रीकृष्ण वंदे जगतगुरुं यानि शिष्य रहते भी उन्हें गुरु का दर्जा दिया गया। श्रीकृष्ण बांसुरी वादन करते थे तो सुदर्शन चक्र भी योग के माध्यम से धारण किया। उन्होंने विराट स्वरुप के दर्शन भी कराए। श्रीकृष्ण ने एक ही जीवन में कई स्वरुपों के दर्शन कराएं। इनकी कथाओं को भारत की अलग अलग नृत्य विधाओं में प्रदर्शित किया जाता है। कहां राजा भोज कहां गंगू तेली की सुनाई कहानी उन्होंने बताया कि सिंधुराज ने अपने दत्तक पुत्र मुंज को राजपाट सौंपा जिनका एक युद्ध में प्राणांत हुआ। उनके बाद राजा भोज ने राजपाट संभाला लेकिन वे युद्ध की बजाय अन्य कलाओं में रुचि रखते थे। इसके बाद राजा भोज को एक नाटक के माध्यम से राजा मुंज के युद्ध में हार और अपमान का दृश्य दिखाया गया। तब राजा भोज का खून खौल उठा और उन्होंने एक साथ राजा गांगेय और राजा तैलव की सेना को हराया। तभी से ये कहावत चली कि कहा राजा भोज और कहां गांगेय तैलव जो बाद में अपभ्रंश होकर कहां राजा भोज और कहां गंगू तेली में बदल गई।  

सीएम योगी गोरखपुर दौरे पर, इस दौरान नये साल के पहले जनता दर्शन में दिया न्याय का भरोसा

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को कड़ाके की ठंड के बावजूद नए साल के पहले जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर पहुंचे और लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं एवं संतुष्टिपरक समाधान का भरोसा दिया। दरअसल, सीएम योगी गोरखपुर दौरे पर है। आज दौरे के दूसरे दिन हमेशा की तरह सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद जनता दर्शन किया। जनता दर्शन में योगी ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।  जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी खुद लोगों के पास गए और सबकी समस्या सुनीं। उन्होंने सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए द्दढ़ संकल्पित है। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होगी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि हर पीड़ित की समस्या पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।  मुख्यमंत्री योगी के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामलों को उन्होंने पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। यदि कोई किसी की भूमि पर जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसे कानून सम्मत सबक सिखाया जाए।  

जिले का नरहरा जल प्रपात बना आकर्षण का केन्द्र

धमतरी घने जंगल में चट्टानों के बीच से गिरता दुधिया रंग का पानी यह खूबसूरत नजारा है, धमतरी जिले में मौजूद नरहरा धाम का। इसे ऋषि मारकंडे की तपोभूमि के तौर पर भी जाना जाता है. नगरी विकासखण्ड के ग्राम झूरातराई-कोटरवाही के समीप स्थित नरहराधाम प्राकृतिक जलप्रपात को पर्यटन के दृष्टिकोण से उभारा गया है। इसकी खासियत यह है कि नरहरा धाम को पर्यटन क्षेत्र के तौर पर विकसित करने के साथ-साथ इसमें ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है, जिससे उन्हें निश्चित आय और रोजगार मुहैया हो।    नरहरा धाम को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर उसका प्रबंधन एवं नियंत्रण का प्राधिकार ग्राम समिति अथवा ग्रामसभा ग्राम कोटरवाही एवं झूरातराई के ग्रामीणों को दिया गया। यहां पहुंचने के लिए पहुंच मार्ग तैयार किया गया है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के द्वारा सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण किया गया है। पर्यटन क्षेत्र में सामुदायिक शौचालय, स्वच्छता, वाहन पार्किंग, टुरिस्ट गाइड आदि का संचालन स्थानीय ग्रामीण महिलाओं और पुरूषों का समूह द्वारा की जा रही है। धमतरी जिला मुख्यालय से तकरीबन 35 किलोमीटर दूर यह नरहरा धाम कुकरेल से बिरझुली जाने वाली पक्की सड़क के बाद कोटरवाही से 5 किलोमीटर है। जलप्रपात का स्वरूप पूरी तरह से प्राकृतिक है और आसपास का पूरा पानी बहकर आगे बढ़ने के दौरान नरहरा धाम में जलप्रपात का स्वरूप लेता है। चट्टानों के ऊपर से पानी का बहाव साफ जाहिर करता है कि पानी के तेज बहाव में चट्टानों को काटकर क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य दिया है यह पानी आगे बढ़कर महानदी में जाकर मिलता है।  नरहरा धाम पर्यटन के दृष्टि से ऐतिहासिक स्थल होने के साथ-साथ धार्मिक आस्था का केंद्र भी है। यहां कभी ऋषि मारकंडे तप किया करते थे और यह जगह उनका तपस्थली हुआ करता था। इसी जगह पर माता नारेश्वरी देवी का मंदिर भी स्थापित किया गया है। रोजाना यहां सैकड़ों लोग पिकनिक मनाने पहुंचते है।

भजनलाल शर्मा की पहल पर वर्षाजल सहेजने की परम्परा को पुनर्जीवित करने के लिए शुरू किया गया

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर वर्षाजल सहेजने की परम्परा को पुनर्जीवित करने के लिए शुरू किया गया “कर्मभूमि से मातृभूमि“ अभियान प्रदेश में भूजल स्तर की गिरावट को रोकने में महती भूमिका निभायेगा जिसके तहत राज्य सरकार भामाशाहों और प्रवासी राजस्थानियों को साथ लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में रिचार्ज शाफ्ट संरचनाओं का निर्माण करेगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह अभियान जल संचयन में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अनूठी संकल्पना “कैच द रेन” से प्रेरित है। गत अक्टूबर में सूरत में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने ’जन्मभूमि से कर्मभूमि-जल संचय- जनभागीदारी- जनआंदोलन’ कार्यक्रम की रूपरेखा रखी थी। शुरुआती स्तर पर इस अभियान के तहत सिरोही, पाली, जोधपुर, भीलवाड़ा, झुंझुनूं और जयपुर जिलों में कार्य प्रारम्भ किए गए हैं। अन्य प्रदेशों को अपनी कर्मभूमि बना चुके प्रवासी राजस्थानी व्यवसायी, उद्यमी एवं अन्य अग्रणी लोगों को जोड़कर भावनात्मक रूप से प्रेरित करते हुए राजस्थान में अपने गांव में जल संरक्षण गतिविधियों में शामिल होकर वर्षा जल संचयन और जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्थानीय भामाशाहों के अलावा प्रवासी राजस्थानी क्राउड फंडिंग के माध्यम से और कॉरपोरेट्स सीएसआर फंडिंग के माध्यम से इस अभियान के तहत रिचार्ज शाफ्ट संरचनाओं के निर्माण में सहयोग दिया जा सकता हैं। उल्लेखनीय है कि भूजल पर अत्यधिक निर्भरता के कारण 216 पंचायत समितियां यानी प्रदेश का 72 प्रतिशत भाग अतिदोहित श्रेणी में आ गया है, जिसमें भूजल की गुणवत्ता भी खराब हुई है। इस अभियान से भूजल स्तर में गिरावट रोकने के साथ-साथ घरेलू उपयोग तथा कृषि कार्यों के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। अभियान में पर्यावरण अनुकूल रिचार्ज शाफ्ट संरचनाओं से व्यर्थ बह जाने वाले वर्षा जल और भाप बन कर उड़ जाने वाले सतही जल की एक-एक बूंद के संचय, संग्रहण एवं पुर्नभरण पर बल दिया जाएगा।  

ओडिशा के राज्यपाल बने डॉ. हरि बाबू कंभमपति

भुवनेश्वर डॉ. हरि बाबू कंभमपति ने शुक्रवार को राजभवन में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान ओडिशा के राज्यपाल के पद की शपथ ली। उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह ने डा़ कंभमपति को पद की शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन माझी, उनके मंत्रिपरिषद के सदस्य, विपक्ष के नेता नवीन पटनायक, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल, राज्य के मुख्य सचिव मनोज आहूजा, पुलिस महानिदेशक योगेश बहादुर खुरानी और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। डॉ. कंभमपति गुरुवार को भुवनेश्वर पहुंचे और अपने परिवार के साथ पुरी का दौरा कर श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों की पूजा की और पुरी राजभवन में रात्रि विश्राम किया। उन्होंने ओडिशा के 27वें राज्यपाल के रूप में शपथ लेने के बाद राजभवन में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। उन्होंने आंध्र विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बी.टेक, इलेक्ट्रिकल और कंट्रोल सिस्टम में एम.ई. और नियंत्रण प्रणाली में पीएच.डी. किया है। डॉ. कंभमपति ने 24 वर्षों तक आंध्र विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में काम किया। डॉ. कंभमपति का राजनीतिक करियर उनके छात्र वर्षों के दौरान शुरू हुआ जब उन्होंने आंध्र राज्य के निर्माण के समर्थन में जय आंध्र आंदोलन में एक छात्र नेता के रूप में भाग लिया। उन्होंने टेनेटी विश्वनाथम, गौथु लचन्ना और वेंकैया नायडू जैसे उल्लेखनीय नेताओं के साथ काम किया। उन्होंने 1972 से 1973 तक आंध्र विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्र संघ के सचिव के रूप में भी कार्य किया। डा़ कंभमपति 1974 से 1975 तक आपातकाल के विरोध में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में लोक संघर्ष समिति के आंदोलन में शामिल हुए। उन्हें आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम (एमआईएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया और विशाखापत्तनम सेंट्रल जेल और मुशीराबाद जेल में छह महीने के लिए कैद किया गया। वह 1977 में जनता पार्टी की आंध्र प्रदेश राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य बने और 1978 में आंध्र प्रदेश राज्य जनता युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। 1990 के दशक की शुरुआत में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन किया एवं आंध्र प्रदेश राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य (1991-1993) और राज्य इकाई के महासचिव (1993-2003) के रूप में कार्य किया। 1999 में डॉ. कंभमपति विशाखापत्तनम-I विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए और 2003 में आंध्र प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता बने। मार्च 2014 में उन्हें अध्यक्ष के रूप में चुना गया। भाजपा राज्य इकाई और भाजपा उम्मीदवार के रूप में विशाखापत्तनम लोकसभा क्षेत्र से 2014 का आम चुनाव जीता। डॉ कंभमपति को 19 जुलाई 2021 को मिजोरम का राज्यपाल नियुक्त किया गया। बाद में 26 दिसंबर 2024 को उन्हें ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया।  

सक्ती जिले में मंत्री राजवाड़े ने ली समीक्षा बैठक

रायपुर, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सक्ती जिले के कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में सभी विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिले में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन करते हुए आमजन को ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को विभिन्न ग्राम पंचायतों में जाकर स्व-सहायता समूह को स्वच्छ भारत मिशन सहित अन्य कार्यों के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए है।      समीक्षा बैठक में सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधायक डॉक्टर खिलावन साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती विद्या सिदार, जिला पंचायत सदस्य श्री टिकेश्वर गबेल, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।      मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने समीक्षा बैठक में सक्ती जिले में अब तक किये गए पौधरोपण के कार्यों की जानकारी लेते हुए रोपित किये गए पौधों की देख रेख करने के निर्देश दिए। मंत्री ने समीक्षा बैठक में जिले के विभिन्न ग्रामों में मनरेगा अंतर्गत कौन-कौन से कार्य चल रहे है तथा कितने लोगों को मनरेगा अंतर्गत कार्य उपलब्ध कराया गया है की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। श्रीमती राजवाड़े ने जिले के किसानों को धान के बदले अन्य फसल लेने के लिए कृषि विभाग के मैदानी अमलांे द्वारा जमीनी स्तर पर जागरुक करते हुए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य अधिकारी से धान खरीदी कार्याे की जानकारी ली। जिले में बारदानो की उपलब्धता, धान उठाव की स्थिति, संग्रहण केन्द्रों की भण्डारण क्षमता, छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत जारी किये गए राशनकार्ड की संख्या सहित अन्य कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी लेते हुए सुव्यवस्थित रूप से धान खरीदी कार्य कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में विभिन्न निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण करने के निर्देश दिए।      मंत्री ने समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, गर्भवती महिलाओ की संख्या, शिशुवती माताओं की संख्या, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, पोषण पुनर्वास केंद्र, नोनी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृधि योजना सहित अन्य विभिन्न विभागीय योजनाओं व कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। मंत्री ने सक्ती जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका भर्ती प्रक्रिया के वर्तमान स्थिति की जानकारी ली तथा उक्त भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और उचित ढंग से नियमानुसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने महतारी वंदन योजना के लक्ष्य और उसके विरुद्ध किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। मंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी को जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों की व्यवस्थाए अच्छी रखने तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले बच्चों को नैतिक शिक्षा देने कहा।      मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के योजनाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी जरूरतमंद को मिले।

46,000 KM/h की स्पीड से गुजरेंगे 2 विशाल एस्ट्रॉयड, नासा ने आज दो एस्ट्रॉयड के धरती के पास से गुजरने का अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली नासा ने आज दो एस्ट्रॉयड के धरती के पास से गुजरने का अलर्ट जारी किया है। ये दोनों एस्ट्रॉयड तेज़ गति से धरती की ओर बढ़ रहे हैं और आज रात इनका धरती के पास से गुजरना तय है। हालांकि इनसे धरती को कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन अगर ये सोलर तूफान के संपर्क में आते हैं, तो उनकी टक्कर से तबाही मच सकती है। इन एस्ट्रॉयड्स के धरती के पास से गुजरने के दौरान कंपन (भूकंप) जैसा महसूस हो सकता है। अगर टक्कर होती है, तो भूकंप, तूफान और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी घटनाएं हो सकती हैं, साथ ही इलेक्ट्रिक और इंटरनेशनल शटडाउन भी हो सकते हैं। इन एस्ट्रॉयड्स का धरती से टकराना तो बेहद असंभव है, लेकिन वैज्ञानिक इन पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी संभावित खतरे से निपटा जा सके। एस्ट्रॉयड की जानकारी 2024 YF7: इसका आकार एक बड़े हवाई जहाज के बराबर है (78 फीट)। यह 3 जनवरी को धरती के पास से करीब 2:53 बजे गुजरा और इसकी स्पीड 30,367 मील प्रति घंटे थी। इसकी धरती से दूरी 20,80,000 मील थी।  2024 YR9: इस एस्ट्रॉयड का आकार 76 फीट है और इसकी गति 46,338 मील प्रति घंटे रहेगी। इसकी धरती से दूरी भी 20,80,000 मील होगी। एस्ट्रॉयड से मिलने वाली जानकारी एस्ट्रॉयड्स सौर मंडल के अतीत के बारे में अहम जानकारी देते हैं। ये आकाशीय दुनिया को समझने में वैज्ञानिकों की मदद करते हैं और हमें सौर मंडल के बनने की प्रक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण सुराग देते हैं। इनकी निगरानी करना जरूरी है ताकि हम संभावित खतरों से निपटने के लिए तैयार रह सकें।

चंगेज़ खान जैसे धुर्तों ने भारतीय सनातन संस्कृति की धरोहर को तोड़कर मस्जिदों को बनाया है: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

रामपुर रामपुर में एक निजी कार्यक्रम में प्रवचन करने पहुंचे बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने हिन्दुत्व को जगाने की बात की। अपने पूरे प्रवचन के दौरान उन्होंने हिंदुत्व जनजागरण और हिन्दुओं की तरक्की को लेकर प्रवचन दिए, उन्होंने कहा देश मे केवल एआई नहीं एचआई भी होना चाहिए जिसमें एच आई का मतलब उन्होंने हिन्दुत्व इंटेलिजेंस बताया। प्रवचन के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए भी हिंदुत्व को लेकर कई बड़े बयान दिए। भारत हिंदू राष्ट्र के लिए हमारी कोशिशें, हमारा प्रयत्न है भारत हिंदू राष्ट्र बने, हिंदू राष्ट्र का मतलब किसी मजहब के खिलाफ नहीं हिंदू राष्ट्र का मतलब सबको लेकर चलना जैसे दुबई में सभी कल्चर संस्कृति रहती हैं। वैसे भी भारत में सबको रहने का अधिकार है यह भारत किसी का नहीं सबका है। सबके दादा परदादाओं ने आज़ादी के लिए युद्ध लड़े हैं। अपने प्राणों की आहुतियां दी हैं। हिंदुत्व का मतलब यह है जीवन जीने की सही विचार धारा। हिंदुत्व का मतलब अहिंसावादी जीवन है। ‘हिंदुत्व का मतलब भारत को विश्व गुरु बनाने की पहल’ संभल पर दिए बयान को लेकर हो रही चर्चाओं पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि संभल वाले बयान में हमने कुछ गलत नहीं दिया हैं। वहां के कलेक्टर महोदय, वहां के एसपी महोदय, वहां के कार्यकर्ता, पुलिस अधिकारी, पदाधिकारी, धन्यवाद के पात्र हैं। सदियों से बंद पड़े हनुमान मंदिर शिव मंदिर को खोद निकाला। सनातन का युग स्वर्णं युग है। हमारे देश में आक्रांताओं ने बाबर ने ब्रिटिश के समय में मुगलों ने चंगेज़ खान जैसे धुर्तों ने भारतीय सनातन संस्कृति की धरोहर को तोड़कर मस्जिदों को बनाया है। अब वहां पुनः मंदिर स्थापित हो रहे हैं। इसलिए मुसलमानों से हम यही कहेंगे और सभी मजहब के लोगों से कि आप बिल्कुल टेंशन ना लें आपके मजहब के खिलाफ सनातन संस्कृति के लोग नहीं हो सकते। जहां जहां मंदिर थे बस वहां वहां मंदिर बनेंगे बस इतना होना है। ‘हमारे मंदिर की जांच करवा लें हमें कोई दिक्कत नहीं’ धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा कि अब हमारे बयान के बाद ओबीसी के पेट में दर्द हो रहा है तो उनकी मूर्खता है। बल्कि उन्हें उदार दिल दिखाते हुए कहना चाहिए कि गुरुजी जितने सनातन धर्म के मंदिर हैं। हमारी तरफ से स्वागत है और हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करना देश की आचार्य श्रद्धा को न मानना है। देश के संविधान का मजाक उड़ाना है। हम तो कहते हैं हमारे मंदिर की जांच करवा लें हमें कोई दिक्कत नहीं है। भैया हिंदुओ को तो दिक्कत नहीं होगी। कितने भी मंदिरों की जांच हो जाए? उन्हें क्यों दिक्कत है इसका मतलब खोट है। उन्हें पता है के अंदर शिव जी बैठे हुए हैं।

कृषि मंत्री ने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका 2025 का किया विमोचन

रायपुर, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने आज यहां नया रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका 2025 का विमोचन किया। कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि दर्शिका में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अनुसंधान एवं विस्तार कार्यों के साथ ही नवीनतम कृषि प्रौद्योगिकी तथा किसानों के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारियों को शामिल किया गया है। यह कृषि दर्शिका किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कृषि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में इसी प्रकार निरंतर प्रयासरत रहे। मंत्री श्री नेताम ने कृषि दर्शिका के प्रकाशन हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं उनके सहयोगियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कृषि मंत्री को विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका 2025 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका में छत्तीसगढ़ राज्य की सामान्य जानकारी, कृषि क्षेत्रफल, प्रमुख कृषि फसलों, उनकी उत्पादन तकनीक, कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अनुसंधान एवं विस्तार कार्य योजनाओं, गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी शामिल किया गया है। दर्शिका में विभिन्न खरीफ एवं रबी फसलों जिनमें अनाज, दलहन, तिलहन, लघु धान्य फसलें, चारा फसलें, औषधीय एवं सुगंधित फसलें तथा फल, फूल एवं सब्जी वाली फसलों की उन्नत कृषि कार्यमाला प्रकाशित की जाती है। इसके साथ ही कृषि विश्वविद्यालय की विगत वर्ष की गतिविधियों एवं उपलब्धियों, विश्वविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न फसलों की उन्नत किस्मों तथा विश्वविद्यालय द्वारा विकसित एवं प्रसारित कृषक उपयोगी प्रौद्योगिकी की जानकारी भी प्रकाशित की जाती है। विभिन्न फसलों के प्रमुख कीट एवं प्रमुख रोग तथा उनका प्रबंधन भी शामिल किया जाता है। इसके साथ ही केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए संचालित विकास एवं कल्याण योजनाओं, उनके तहत दी जाने वाली सुविधाओं एवं अनुदान के संबंध में जानकारी दी जाती है। कृषि दर्शिका में कृषि विश्वविद्यालय, कृषि तथा संबंधित विभागों एवं किसानों के लिए उपयोगी अन्य संपर्क सूत्रों की जानकारी भी प्रकाशित की गई है। विमोचन समारोह में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेश विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टुटेजा, डॉ. नीता खरे, डॉ. ज्योति भट्ट, डॉ. दीप्ति झा एवं संजय नैयर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश खनन के क्षेत्र में अधिक राजस्व प्राप्त कर नई ऊँचाइयाँ छू रहा

विशेष लेख नवाचारों से मध्यप्रदेश बनेगा माइनिंग केपिटल भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नवाचारों से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार माइनिंग में नवाचार कर रही है। प्रदेश में सबसे पहले क्रिटिकल मिनरल के 2 ब्लॉक्स को नीलामी में रखा गया है। सबसे अधिक खनिज ब्लॉक्स की नीलामी कर मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर आ गया है। प्रदेश की समृद्ध खनिज सम्पदा और नई खनन नीतियों से राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। खनिज संसाधनों के उपयोग से न केवल राजस्व में बढ़ोत्तरी होगी, बल्कि रोजगार के नये अवसर भी पैदा होंगे। प्रदेश में कोयला, चूना पत्थर, डोलोमाइट और बॉक्साइट जैसे खनिजों का विशाल भण्डार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश खनन के क्षेत्र में अधिक राजस्व प्राप्त कर नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2023-24 के मुकाबले खनिज राजस्व संग्रह में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई, प्रदेश में पहली बार खनिज राजस्व संग्रह 5 अंकों में पहुंच गया। जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस अवधि में 4 हजार 958 करोड़ 98 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। जबकि वर्ष 2024-25 में यह प्राप्ति 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त किया गया है। मध्यप्रदेश खनिज ब्लॉक्स की नीलामी में सर्वप्रथम मध्यप्रदेश मुख्य खनिज ब्लॉकों की सर्वाधिक संख्या में नीलामी करने में देश में प्रथम स्थान पर है। भारत सरकार द्वारा वर्तमान में स्ट्रैटेजिक एवं क्रिटिकल मिनरल पर देश की आत्म-निर्भरता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे इन खनिजों की आयात पर निर्भरता कम हो सके। प्रदेश द्वारा इस खनिज समूह के अंतर्गत अभी तक ग्रेफाइट के 8 खनिज ब्लॉक, रॉक-फॉस्फेट खनिज के 6 ब्लॉक सफलतापूर्वक नीलाम किये गये हैं। मुख्य खनिज के 20 ब्लॉकों की नीलामी के लिये विभाग द्वारा 9 अगस्त, 2024 को निविदा आमंत्रण सूचना-पत्र (NIT) जारी की गयी है, जिसकी कार्यवाही प्रचलन में है। इसके अतिरिक्त महत्वपूर्ण खनिज गोल्ड के 4 ब्लॉक, मैग्नीज खनिज के 16 ब्लॉक एवं कॉपर का एक ब्लॉक अभी तक सफलतापूर्वक नीलाम किये गये हैं। भारत सरकार द्वारा जनवरी-2024 में एक्सप्लोरेशन नीति प्रभावशील की गयी। इस नीति के तहत मध्यप्रदेश राज्य द्वारा क्रिटिकल मिनरल के 2 ब्लॉक नीलामी में रखे गये हैं। मध्यप्रदेश केंद्र सरकार की इस नीति का क्रियान्वयन करने वाला पहला राज्य बन गया है। खनिज अन्वेषण के क्षेत्र में भी प्रदेश प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में स्ट्रेटेजिक एवं क्रिटिकल मिनरल, मुख्यत: रॉक-फास्फेट, ग्रेफाइट, ग्लूकोनाइट, प्लेटिनम एवं दुर्लभ धातु (आरईई) के लिये कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 11 क्षेत्रों पर अन्वेषण कार्य किया गया। प्रदेश में जिला खनिज विभाग के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य, जिसमें पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, स्वच्छता, कौशल विकास और वृद्ध, विकलांग कल्याण के लिये 16 हजार 452 परियोजनाएँ स्वीकृत की गयी हैं, जिनकी लागत 4406 करोड़ रुपये है। इनमें से 7 हजार 583 परियोजना लागत 1810 करोड़ रुपये का कार्य पूर्ण हो गया है। अवैध खनन को रोकने के लिये ई-चेकगेट की स्थापना प्रदेश में खनिज के अवैध परिवहन रोकने के लिये एआई आधारित 41 ई-चेकगेट स्थापित किए जा रहे हैं। ई-चेकगेट पर वेरीफोकल कैमरा, आरएफआईडी रीडर और ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रीडर की सहायता से खनिज परिवहन में संलग्न वाहन की जाँच की जा सकेगी। परियोजना में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में खनिज परिवहन के लिये महत्वपूर्ण 4 स्थानों पर ई-चेकगेट स्थापित कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। अवैध परिवहन की निगरानी के लिये राज्य स्तर पर भोपाल में कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर तथा जिला भोपाल एवं रायसेन में जिला कमाण्ड सेंटर स्थापित किया गया है। इस वर्ष तक सभी 41 ई-चेकगेट की स्थापना किये जाने का लक्ष्य है। अवैध खनन की रोकथाम के लिये उपग्रह और ड्रोन आधारित परियोजना प्रारंभ की गयी है। इस परियोजना के माध्यम से 7 हजार खदानों को जियो टैग देकर खदान क्षेत्र का सीमांकन किया गया है। यह परियोजना पूर्ण रूप से लागू होने पर अवैध खनन को चिन्हित कर प्रभावी कार्यवाही हो सकेगी। परियोजना के लागू होने पर स्वीकृत खदान के अंदर 3-डी इमेजिंग तथा वॉल्यूमेट्रिक एनालिसिस कर उत्खनित खनिज की मात्रा का सटीक आँकलन किया जा सकेगा। माइनिंग में नवाचारों से प्रदेश की आर्थिक प्रगति सुनिश्चित होगी, साथ ही इससे मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर खनिज उत्पादक राज्य के रूप में नई पहचान मिलेगी। निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन मध्यप्रदेश सरकार निजी क्षेत्र को प्रदेश के प्रचुर खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिये प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में हाल ही में भोपाल में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव में कई बड़ी कम्पनियों ने माइनिंग सेक्टर में निवेश की इच्छा जताई है। कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने खनिज क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये कई सुधार किये हैं। इनमें पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया, पर्यावरण-अनुकूल खनन और स्थानीय समुदायों को मुनाफे में भागीदारी देने जैसे कदम शामिल हैं। प्रदेश में है देश का एकमात्र हीरा भण्डार प्रदेश के पन्ना जिले में देश का एकमात्र हीरे का भण्डार है। हीरा खदान से प्रतिवर्ष एक लाख कैरेट हीरे का उत्पादन होता है। मलाजखण्ड कॉपर खदान भारत की सबसे बड़ी ताम्बा खदान है। इस खदान से प्रतिदिन 5 से 10 हजार ताम्बा निकाला जाता है। भारत के कुल ताम्बा भण्डार का 70 प्रतिशत ताम्बा मध्यप्रदेश में है। राज्य में स्थित सासन कोयला खदान भी अपने विशाल खनन उपकरणों के लिये प्रसिद्ध है। मध्यप्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। प्रदेश में लाइम-स्टोन, डायमण्ड और पाइरोफ्लाइट जैसे खनिज संसाधन हैं। मध्यप्रदेश के जिलों में खनिज के भण्डार हैं, जिसमें सतना, रीवा और सीधी में लाइम-स्टोन, बॉक्साइट, ग्रेफाइट, गोल्ड और ग्रेनाइट, सिंगरौली में कोयला, गोल्ड और आयरन, शहडोल, अनूपपुर और उमरिया में कोयला, कोल बेड, मिथेन और बॉक्साइट, छतरपुर, सागर और पन्ना में डायमण्ड, रॉक फास्फेट, आयरन, ग्रेनाइट, लाइम, डायस्पोर और पाइरोफ्लाइट, जबलपुर और कटनी में बॉक्साइट, डोलोमाइट, आयरन, लाइम-स्टोन, मैग्नीज, गोल्ड और मार्बल, नीमच और धार में लाइम-स्टोन, बैतूल में कोयला, ग्रेफाइट, ग्रेनाइट, लीड और जिंक, छिंदवाड़ा में कोयला, मैग्नीज और डोलोमाइट, बालाघाट में कॉपर, मैग्नीज, डोलोमाइट, लाइम-स्टोन और बॉक्साइट, मण्डला और डिण्डोरी में डोलोमाइट और बॉक्साइट, ग्वालियर और शिवपुरी में आयरन, फ्लेग-स्टोन और क्वार्ट्ज, झाबुआ और अलीराजपुर में रॉक फस्फेट, डोलोमाइट, लाइम-स्टोन, मैग्नीज और ग्रेफाइट … Read more

नवा रायपुर बन रहा आईटी हब, अब तक 260 से अधिक युवाओं को मिला रोजगार

रायपुर राज्य सरकार नवा रायपुर को आईटी हब के रूप में विकसित कर रही है। आने वाले दिनों में यहां आईटी के क्षेत्र में 10,000 नए रोजगार उपलब्ध होने की संभावना है। वर्तमान में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज और टेली परफॉर्मेंस जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों ने सेवाएं शुरू की हैं, जिनसे अब तक 260 से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज ने 180 और टेली परफॉर्मेंस ने 80 पदों पर भर्ती की है। टेली परफॉर्मेंस ने 100 और कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बनाई है। सीएसएम टेक्नोलाजीज ने 200 प्रोफेशनल्स की भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। सरकार की योजना नवा रायपुर के आईटी हब बनने की प्रक्रिया में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रायपुर और नवा रायपुर के बीच आईटी पेशेवरों के लिए मुफ्त बस सेवा की तथा स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज के कर्मचारियों के लिए आवासीय समाधान भी उपलब्ध कराने की योजना है। साथ ही सीबीडी सेक्टर 21 में अत्याधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जा रहा है। आईटी व आईटी-इनबेल्ड सर्विसेस का हो रहा विकास राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल का नतीजा है कि छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर क्षेत्र में आईटी और आईटी- इनेबल्ड सर्विसेस का विकास हो रहा है। राज्य सरकार की योजनाओं और संस्थाओं की पहल से नवा रायपुर युवाओं के लिए रोजगार और विकास का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि नवा रायपुर में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज और टेली परफॉर्मेंस जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों ने सेवाएं शुरू की हैं, जिनमें युवाओं को रोजगार प्राप्त हो रहा है।

राजधानी में मां-बेटी की हत्या से फैली सनसनी, जांच में जुटी पुलिस

रायपुर राजधानी से लगे रावांभाठा और धनेली में पिछले दो दिनों में मां और बेटी की लाश मिली है। बुधवार को जहां रायपुर-बिलासपुर रोड किनारे नाली में 14 साल की किशोरी की लाश मिली थी, वहीं गुरुवार को उसकी मां हमीदा बेगम धनेली स्थित घर में मृत पाई गई। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। मां-बेटी की एक ही जगह पर हत्या कर दोनों के शव को अलग-अलग फेंका गया है। हत्याकांड में किसी करीबी के हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर पहुंची पुलिस और एफएसएल की टीम ने घंटों जांच की। फिलहाल पुलिस के हाथ कोई सबूत नहीं लगा है। दरअसल, किशोरी की लाश की शिनाख्त होने पर पुलिस छानबीन में जुटी हुई थी। तभी आसपास लोग यह बताने के लिए उसके घर पहुंचे, तो दरवाजा बाहर से बंद था। ताक-झांक करने पर हमीदा बेगम अंदर औंधे मुंह पड़ी दिखाई दी। तब लोगों ने पुलिस को खबर दी। पुलिस को मां-बेटी की हत्या किए जाने के सबूत मिले हैं। इन्हें किसने मारा और हत्या के क्या कारण थे, इसकी जांच में चल रही है। खमतराई और धरसींवा पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए आसपास के दस से अधिक लोगों से पूछताछ की। इस दौरान लोगों में कई तरह की चर्चाए होती रही। दीवार, जमीन पर मिले खून के छींटे पुलिस के अनुसार, रायपुर-बिलासपुर हाईवे से लगी धनेली बस्ती में सड़क किनारे पीएम आवास में 14 साल की किशोरी और उसकी मां रहती थी। यहां बिजली का कनेक्शन भी नहीं मिला। किशोरी पड़ोसियों के घर जाकर मोबाइल फोन चार्ज किया करती थी। महिला के पति की कुछ साल पहले ही मौत हो चुकी है। जहां महिला की लाश मिली, पुलिस ने कमरे के भीतर किसी को जाने नहीं दिया। जमीन और दीवार पर खून के छींटे मिले हैं। जांच टीम के अधिकारियों ने बताया कि धारदार हथियार या भारी चीज से वारकर महिला को मारा गया होगा। बेटी की हत्या कैसे की गई इसकी जांच चल रही है। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम कराया गया है।

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