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संध्या थिएटर भगदड़ मामले अल्लू अर्जुन को कोर्ट से बड़ी राहत, मिली जमानत

हैदराबाद ‘पुष्पा 2’ के दिग्गज एक्टर अल्लू अर्जुन को शुक्रवार को हैदराबाद की नामपल्ली अदालत ने जमानत दे दी। एक्टर को संध्या थिएटर भगदड़ से जुड़े मामले में जमानत मिली। यह घटना 4 दिसंबर को हुई, जब अल्लू अर्जुन संध्या थिएटर में ‘पुष्पा 2’ के प्रीमियर में शामिल हुए। एक्टर की एक झलक पाने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई और जब उन्होंने अपनी कार से फैंस की तरफ हाथ हिलाया। इसके बाद ही अराजकता फैल गई। इससे रेवती नाम की महिला की दुखद मौत हो गई और उसका बच्चा घायल हो गया। घटना के सिलसिले में अल्लू अर्जुन को 13 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने 50,000 के मुचलके पर उन्हें चार हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी और रिहा कर दिया। रेवती के परिवार की शिकायत के आधार पर चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन में अल्लू अर्जुन, उनकी सुरक्षा टीम और थिएटर प्रबंधन के खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। बच्चे के लिए दिए गए 2 करोड़ 24 दिसंबर को, घायल बच्चे के पिता भास्कर ने बताया कि उनके बेटे ने 20 दिनों की देखभाल के बाद रिएक्शन देना शुरू कर दिया है। उन्होंने सपोर्ट के लिए अल्लू अर्जुन और तेलंगाना सरकार का आभार भी जताया। अगले दिन, 25 दिसंबर को फिल्ममेकर और अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद ने घायल बच्चे श्री तेज और उसके परिवार के लिए 2 करोड़ के वित्तीय सहायता पैकेज की घोषणा की। वेकेशन पर जाएंगे अल्लू अर्जुन रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संध्या थिएटर भगदड़ मामले में पुलिस अधिकारी से जांच कराने को कहा और मामले पर आवश्यक कार्रवाई की भी बात कही गई थी। बता दें कि इस घटना से परेशान अल्लू अर्जुन एक वेकेशन की भी प्लानिंग कर रहे हैं और खबरें हैं कि ये मामला सुलझते ही वो लॉन्ग वेकेशन पर जाएंगे।

एप्पल सितंबर 2025 में आईफोन 17 सीरीज़ का लॉन्च करेगा

नई दिल्ली Apple पहले से ही साल के सबसे बड़े iPhone लॉन्च की तैयारी कर रहा है, जो सितंबर 2025 में होने वाला है। इस बार आईफोन 17 सीरीज़ में चार मॉडल शामिल होने की अफवाह है: आईफोन 17, आईफोन 17 एयर, आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स, जो इनोवेटिव डिज़ाइन, बेहतर फीचर्स और एक नया मिड-टियर मॉडल पेश करेंगे, जो स्टैंडर्ड और प्रो वेरिएंट्स के बीच की खाई को पाट सकता है। एप्पल सभी चार मॉडलों में महत्वपूर्ण डिज़ाइन अपग्रेड्स लाने की योजना बना रहा है। आईफोन 17 प्रो और प्रो मैक्स में मजबूत एल्युमिनियम और ग्लास का संयोजन हो सकता है, जबकि आईफोन 17 एयर और स्टैंडर्ड आईफोन 17 के अधिक मिनिमलिस्टिक लुक में आने की संभावना है। एक प्रमुख आकर्षण है स्टैंडर्ड मॉडल पर होरिजेंटल कैमरा लेआउट, जो एप्पल के लिए पहली बार होगा। वहीं, आईफोन 17 एयर अपने सिंगल, सेंट्रली-प्लेस्ड कैमरा के साथ अलग और स्टाइलिश लुक प्रदान कर सकता है। डिस्प्ले में भी सुधार की उम्मीद है, जिसमें सभी मॉडलों में प्रोमोशन टेक्नोलॉजी के जरिए 120Hz रिफ्रेश रेट दिया जाएगा, जिससे पिक्चर और भी स्मूथ हो जाएगी। आईफोन 17 सीरीज़ के अंदर नेक्स्ट जेनरेशन A19 चिप होने की संभावना है, जो 3nm प्रोसेस पर आधारित होगा और सुपरफास्ट परफॉर्मेंस और दक्षता का वादा करता है। प्रो मॉडलों में 12GB रैम होने की अफवाह है, जबकि आईफोन 17 एयर और स्टैंडर्ड मॉडल में 8GB रैम शामिल हो सकता है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए, प्रो मैक्स में तीन 48MP लेंस के साथ एक ट्रिपल-कैमरा सेटअप हो सकता है, जबकि आईफोन 17 एयर में सिंगल 48MP रियर कैमरा हो सकता है। पूरी सीरीज़ में, एप्पल फ्रंट कैमरा के रेजोल्यूशन को 24MP तक दोगुना कर सकता है, जिससे सेल्फी और वीडियो की गुणवत्ता बेहतर होगी। आईफोन 17 एयर एप्पल का अब तक का सबसे पतला स्मार्टफोन बनने की तैयारी में है, जिसकी मोटाई केवल 6.25mm होगी। इसे एक मिड-टियर विकल्प के रूप में पोजिशन किया जा रहा है, जो ‘प्लस’ मॉडल की जगह ले सकता है। इसकी 6.6-इंच डिस्प्ले और मिनिमलिस्ट डिज़ाइन उन उपयोगकर्ताओं को आकर्षित कर सकता है, जो किफायती कीमत में अत्याधुनिक फीचर्स की तलाश में हैं। एप्पल संभवतः सितंबर 2025 में अपने फॉल इवेंट के दौरान आईफोन 17 सीरीज़ का अनवील करेगा। कीमतें कितनी हो सकती हैं ? आईफोन 17 एयर: एक बजट-अनुकूल मिड-रेंज विकल्प स्टैंडर्ड आईफोन 17: 79,900 रुपए से शुरू प्रो मॉडल्स: 1,19,900 रुपए से शुरू

छत्तीसगढ़ के सरगुजा और अंबिकापुर में कोल्ड वेव

रायपुर उत्तर से आने वाली शुष्क हवाओं से गुरुवार को ठंड ने अपना असर दिखाया। हालांकि शुक्रवार से एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ ठंड के लिए दीवार बन जाएगा। इससे ठंड कम होगी। शुक्रवार और शनिवार को न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा। वहीं, उत्तरी छत्तीसगढ़ शीतलहर की चपेट में है। गुरुवार को बलरामपुर प्रदेश का सबसे ठंडा रहा। यहां का तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से 3.3 डिग्री कम है। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट के अनुसार जनवरी में ठंड के तेवर तीखे बने रहने की संभावना है, हालांकि विक्षोभ सक्रिय होंगे लेकिन तापमान में ज्यादा वृद्धि नहीं होगी। आगामी दो दिनों में विक्षोभ के असर से उत्तरी छत्तीसगढ़ में बादल छाए रहने की संभावना है। चार से सात जनवरी तक तापमान लगातार बढ़ने की संभावना     प्रदेश में न्यूनतम तापमान में चार से सात जनवरी तक लगातार वृद्धि हो सकती है।     न्यूनतम तापमान में 6 डिग्री के आसपास वृद्धि की संभावना है। प्रदेश में 22 दिसंबर से ठंड गायब होने लगी थी।     अब एक जनवरी से फिर पारा तेजी से गिराना शुरू हुआ था, दो दिन की ठंड में ही दिन का पारा बढ़ा है, पारा आठ डिग्री तक गिर गया है।     प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री बीजापुर में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री बलरामपुर में दर्ज किया गया।     शुक्रवार को रायपुर में आसमान साफ रहने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 29 डिग्री और 12 डिग्री के आसपास रहेगा। चक्रवात हुआ सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के रूप में चक्रवाती परिसंचरण ईरान के मध्य भागों पर समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किमी ऊपर बना हुआ है, तथा ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक गर्त बना हुआ है, जिसकी धुरी समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर है, जिसके कारण फिर से तापमान बदल गया है। इस साल पड़ी सबसे ज्यादा ठंड पिछले 10 सालों में रायपुर में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी। हालांकि इसके बाद दिसंबर का तीसरा व चौथा सप्ताह गर्म बीता। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण ऐसा हुआ। ये स्थिति न केवल रायपुर, बल्कि दूसरे इलाकों में भी रही। शुक्रवार को फिर से न्यूनतम तापमान वृद्धि की संभावना है।

साक्षी सुराना बस्तर की पहली महिला पायलट बानी, बोलीं- सफलता की गारंटी है कुछ अलग करने का जुनून

दंतेवाड़ा दक्षिण बस्तर की व्यवसायिक नगरी गीदम की साक्षी सुराना बस्तर की पहली महिला पायलट बन गई हैं। साक्षी ने विंग्स एविएशन बेगमपेट हैदराबाद में पायलट का दो वर्ष का प्रशिक्षण लिया है। दो सौ घंटे के उड़ान लक्ष्य का प्रमाणपत्र प्राप्त कर विमान उड़ाने की पात्रता हासिल कर ली है। बता दें कि गीदम वही शहर है, जहां 2003 में नक्सलियों ने हमला किया था। लंबे समय तक यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित रहा था। पिता जवाहर और मां जयंती सुराना सहित पूरा परिवार बेटी की सफलता से अभिभूत तो गीदम गौरवांवित है। इस छोटे से कस्बे से इसके पहले भारतीय प्रशासनिक सेवा और वन सेवा में युवा चयनित हो चुके हैं। साक्षी ने पायलट बनकर इतिहास रच दिया है। जवाहर सुराना बताते हैं कि साक्षी ने कॉमर्स में स्नातक और बीबीए की पढ़ाई पूरी करके प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की सोच रही थीं। इसी दौरान कोरोना महामारी ने देश-दुनिया को चारदीवारों में कैद कर दिया। यहीं से साक्षी की सोच बदल गई। अलग करने का जुनून ही सफलता की गारंटी साक्षी बताती है कि कमरे में बंद रहने के दौरान परिवार के सदस्यों से चर्चा में पायलट बनने की इच्छा घरवालों के सामने व्यक्त की तो सभी ने सहमति दे दी। मोबाइल में पायलट बनने के लिए की जाने वाली पढ़ाई और तैयारी की जानकारी लेकर आगे बढ़ने की ठान ली थी। लॉकडाउन खत्म होने के बाद उन्होंने पायलट के प्रशिक्षण के लिए चयन परीक्षा दी। चयन होने के बाद हैदराबाद के प्रशिक्षण केंद्र में कोर्स पूरा किया। प्रशिक्षण के अनुभव को साझा करते हुए साक्षी बताती हैं कि कुछ अलग करने का जुनून ही सफलता की गारंटी होती है। इसी साल से भरने लगेंगी उड़ान साक्षी ने 200 घंटे की उड़ान का प्रमाणपत्र हासिल करने के साथ ही DGCA से लाइसेंस भी प्राप्त कर लिया है। उन्होंने एयर इंडिया में पायलट की पोस्ट के लिए अप्लाई किया है। यदि सब कुछ ठीक रहा, तो इसी साल से वह उड़ान भरने लगेगी। कांग्रेसी नेता और व्यावसायी जवाहर सुराना की बेटी साक्षी राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनके बाबा स्वर्गीय रतनलाल सुराना भी कांग्रेस के कद्दावर नेता थे। वहीं, उनकी दादी पांची देवी सुराना गीदम नगर पंचायत की अध्यक्ष के पद पर रह चुकी हैं।

बताया जाए कि आखिर कितने जजों के परिजनों को वरिष्ठ वकील बनाया गया है, दलील पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, मांग ली लिस्ट

नई दिल्ली जजों के रिश्तेदारों को ही अदालतों में सीनियर वकील का दर्जा दिया जाता है। ऐसा दावा करने वाला एक वकील को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। अदालत ने गुरुवार को कहा कि ऐसा कहने से पहले यह भी तो बताया जाए कि आखिर कितने जजों के परिजनों को वरिष्ठ वकील बनाया गया है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन ने एडवोकेट मैथ्यूज जे. नेंदुमपारा और अन्य की अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। यह अर्जी दिल्ली हाई कोर्ट में 70 वकीलों को सीनियर एडवोकेट का दर्जा दिए जाने के खिलाफ दायर की गई थी। इस अर्जी में कहा गया है कि इन लोगों को दर्जा देने वाले फैसले को खारिज किया जाए। इसके अलावा जजों के परिजनों को ही सीनियर एडवोकेट का दर्जा दिए जाने का भी आरोप लगाया गया। इस पर बेंच ने कहा, ‘आखिर आप ऐसे कितने जजों के नाम बता सकते हैं, जिनके परिजनों को सीनियर एडवोकेट का दर्जा दिया गया है।’ इस पर याची वकील ने कहा कि मैंने अपने दावे के समर्थन में एक चार्ट पेश किया है। हालांकि अदालत ने वकील के दावों पर असहमति जताई और कहा कि यदि याचिका से इन चीजों को वापस नहीं हटाया गया तो फिर ऐक्शन भी लिया जाएगा। बेंच ने कहा, ‘हम आपको यह छूट देते हैं कि याचिका में संशोधन कर लें। यदि आप ऐसा नहीं कर सके तो फिर हम ऐक्शन भी ले सकते हैं।’ इस पर वकील ने कहा कि बार एसोसिएशन तो जजों से डरती है। इस पर भी बेंच ने सख्त ऐतराज जताया है। जस्टिस गवई ने वकील की दलील पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, ‘यह कानून के अनुसार चलने वाली अदालत है। मुंबई का आजाद मैदान नहीं है, जहां आप कुछ भी भाषण दे सकते हैं। आप यहां कानूनी आधार पर दलीलें दें, भाषण न करें।’ इसके साथ ही अदालत ने वकील को टाइम दिया कि वह अपनी याचिका में संशोधन कर लें। यही नहीं बेंच ने कहा कि इस अर्जी में याची के तौर पर साइन करने वाले एक वकील तो अदालत की अवमानना के दोषी भी हैं। दरअसल दिल्ली हाई कोर्ट में 70 वकीलों को सीनियर एडवोकेट बनाए जाने का फैसला शुरुआत से ही विवादों में है। यहां तक कि परमानेंट कमेटी के एक मेंबर ने तो यह कहते हुए इस्तीफा ही दे दिया कि उनकी सलाह के बिना ही फाइनल लिस्ट तैयार कर दी गई। इसके अलावा फाइनल लिस्ट के साथ छेड़छाड़ के आरोप भी लग रहे हैं।

राज्य सरकार चला रही बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं को पकड़ने का विशेष अभियान, संदिग्धों के दस्तावेजों की होगी जांच

रायपुर प्रदेश में बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं की पहचान और उन्हें पकड़ने के लिए राज्य सरकार विशेष अभियान चलाएगी। इसमें संदिग्धों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, पैन कार्ड आदि दस्तावेजों की जांच की जाएगी। विगत पांच वर्षों में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से बने आधार व राशन कार्डों और अन्य दस्तावेजों को भी अभियान के दौरान जांच के दायरे में लाया जाएगा। राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर अनुशंसा के आधार पर बने आधार कार्डों की जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। फर्जीवाड़े में शामिल जनप्रतिनिधियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। इसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। बताया जाता है कि दूसरे राज्यों के बड़ी संख्या में लोग बिना दस्तावेजों के निवासरत हैं और काम कर रहे हैं। गृह विभाग को दुर्ग जिले में ही 1500 बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं के होने की जानकारी मिली है। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में सैकड़ों श्रमिक ठेके पर काम कर रहे हैं, जिनके पास कोई नागरिक संबंधित दस्तावेज नहीं है। ठेका श्रमिकों के दस्तावेजों की जांच जल्द ही शुरू की जाएगी। प्रदेश में बिना किसी पहचान पत्र के रहने वालों की धरपकड़ के लिए गृह विभाग जल्द ही एसओपी (स्टैंडिंग ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी करने की तैयारी कर रहा है। बांग्लादेश सीमा के पास के निकले विगत माह भिलाई-तीन थाने की पुलिस ने हथखोज इंडस्ट्रियल एरिया नई बस्ती में रहवासियों की पहचान के लिए अभियान चलाया था। दो-तीन वर्षों में बसने वाले लोगों के स्थायी पता की जांच की गई थी। इस दौरान 33 लोग मिले, जो पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश सीमा के पास के रहने वाले थे। पुलिस ने सभी को चेतावनी देकर छोड़ दिया था। राजनांदगांव जिले के मोहला-मानुपर में भी पुलिस ने संदिग्धों को पकड़ा था, जो आठ माह से अवैध रूप से निवासरत थे। 58 लोगों की पुलिस को तलाश कोंडागांव जिले में बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं के संदेह में विगत माह 40 से अधिक संदिग्धों को पकड़ कर कोर्ट में पेश किया था। यहां से केंद्रीय जेल भेजा गया था। गृह विभाग के पास ऐसे 58 लोगों की भी सूची है, जो पश्चिम बंगाल से बस्तर आए हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। डेढ़ हजार संदिग्धों को पकड़ा ऐसे संदिग्धों की जांच की जा रही है, जो कि बिना किसी दस्तावेज और पहचान के ही अलग-अलग जगहों पर रह रहे हैं। अब तक करीब डेढ़ हजार ऐसे संदिग्ध मिल चुके हैं। – विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री व गृहमंत्री, छत्तीसगढ़

शाही जामा मस्जिद सर्वे रिपोर्ट यूपी कोर्ट को सौंपी गई, 60 तस्वीरों से खुलेगा राज़!

संभल संभल की शाही जामा मस्जिद के अंदर की एडवोकेट कमीशन रिपोर्ट बंद लिफाफे में कोर्ट में पेश कर दी गई है। इस सर्वे रिपोर्ट की इनसाइड डिटेल सामने आई है। बताया जा रहा है कि जामा मस्जिद में मंदिर होने के प्रमाण मिले हैं। मस्जिद के अंदर दो वट वृक्ष हैं। अमूमन हिंदू धर्म के मंदिरों में ही वट वृक्ष की पूजा होती है। इतना ही नहीं मस्जिद में कुंआ भी है, जो आधा अंदर है और आधा बाहर है। बाहर वाले हिस्से को ढक दिया गया है। मस्जिद के अंदर कमल के फूल भी उकेरे हुए मिले हैं। बता दें कि संभल की जामा मस्जिद के अंदर हुए सर्वे की एडवोकेट कमीशन की रिपोर्ट सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह की कोर्ट में पेश की गई है। एडवोकेट कमिश्नर रमेश राघव ने यह रिपोर्ट कोर्ट में पेश की है। सूत्रों के मुताबिक, इस सर्वे रिपोर्ट में शाही जामा मस्जिद में मंदिर होने के काफी सबूत मिले हैं। जामा मस्जिद के सर्वे के पहले दिन यानि 19 नवंबर, 2024 को करीब डेढ़ घंटे की वीडियोग्राफी हुई थी, जबकि दूसरे दिन करीब तीन घंटे की वीडियोग्राफी हुई। इस दौरान करीब 1200 फोटो लिए गए. सारी चीजों का अवलोकन करने पर मस्जिद के अंदर 50 से अधिक फूल के निशान/ कलाकृतियां मिलीं। वहीं, गुंबद के हिस्से को प्लेन कर दिया गया है। पुराने ढांचे को बदलने के भी सबूत मिले हैं, साथ ही उस जगह नए कंस्ट्रशन के सबूत मिले हैं। मंदिर के शेप वाले स्ट्रक्चर पर प्लास्टर लगाकर पेंट कर दिया गया है। मस्जिद में अंदर जहां बड़ा गुंबद है, उस पर झूमर को तार से बांधकर एक चेन से लटकाया गया है। ऐसी चेन का इस्तेमाल मंदिर के घंटों में किया जाता है। सूत्रों के अनुसार, विवादित स्थल में वैसे प्रतीक भी मिले हैं, जो उस दौर के मंदिरों और देवालयों में बने होते थे। मंदिर के दरवाजों, झरोखों और अलंकृत दीवारों पर प्लास्टर लगाकर पेंट कर दिया गया है, जिससे पुराना निर्माण ढक गया है। गौरतलब हो कि संभल में अदालत के आदेश पर 19 नवंबर को कोट गर्वी इलाके में मुगलकालीन शाही जामा मस्जिद का सर्वे किए जाने के बाद से ही तनाव है। दरअसल कोर्ट में दायर याचिका में दावा किया गया कि जिस जगह यह मस्जिद बनी है, वहां पहले हरिहर नाथ मंदिर था। 24 नवंबर को जब मस्जिद के दूसरे सर्वे के लिए टीम आई तो हिंसा भडक़ उठी थी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। हिंसा मामले में पुलिस का एक्शन जारी है। 50 फूल, बरगद के पेड़, कुआं भी मौजूद सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट में मस्जिद के अंदर हिंदू धर्म से जुड़े 50 से ज्यादा फूल के निशान/कलाकृतियां मिलीं हैं. मस्जिद के अंदर दो बरगद के पेड़ हैं. अमूमन हिंदू धर्म के मंदिरों में ही बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है. इतना ही नहीं मस्जिद में कुआं भी है, जो आधा अंदर है और आधा बाहर है. बाहर वाले हिस्से को ढंक दिया गया है. पुराने ढांचे को बदला गया, रिपोर्ट में दावा इतना ही नहीं सर्वे रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पुराने ढांचे को बदला गया है. गुम्मद के हिस्से को प्लेन कर दिया गया है. साथ ही उस जगह नए कंस्ट्रशन के सबूत मिले हैं. मंदिर के शेप वाले स्ट्रक्चर पर प्लास्टर लगाकर पेंट कर दिया गया है. मस्जिद के अंदर जहां बड़ा गुम्मद है उस पर झूमर को तार से बांधकर एक जंजीर से लटकाया गया है. ऐसी जंजीर का इस्तेमाल मंदिर के घंटों को लटकाने में किया जाता है. मंदिरों के दरवाजों पर प्लास्टर लगाकर किया गया पेंट सूत्रों के अनुसार, विवादित स्थल में वैसे प्रतीक भी मिले हैं जो उस दौर के मंदिरों और देवालयों में बने होते थे. मंदिर के दरवाजों, झरोखों और अलंकृत दीवारों पर प्लास्टर लगाकर पेंट कर दिया गया है, जिससे पुराना निर्माण छिप गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके शिलालेख के साथ छेड़छाड़ हुई है. ऐसा लगता है पुरानी लिखावट को मिटाकर नया शिलालेख बढ़ाने की कोशिश की गई है. जामा मस्जिद के पूर्व के हिस्से में गेट के कुछ हटाकर वहां नया निर्माण कराया गया. नमाज पढ़ने वाली मुख्य स्थान पर परिक्रमा जैसे स्ट्रक्चर मिले हैं. बताया जा रहा है जिसे बदलकर अब कोठरी में तब्दील कर दिया गया है. जामा मस्जिद के मुख्य गेट को तोड़कर अंदर तक रेलिंग लगाए जाने का भी जिक्र है. मुख्य गेट पर फूल की आकृति है और ऐसे ही कई फूल भीतर भी बने हैं. कई कलाकृतियों को हटाकर उन पर पेंट करने की कोशिश की गई है, कुछ आले (ताखे) भी मिले हैं जिन्हें बंद किया गया है. संभल में सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा बता दें कि संभल की शाही जामा मस्जिद को लेकर दावा किया गया है कि प्राचीन काल में ये हरिहर मंदिर था. इसको लेकर 19 नवंबर 2024 को सिविल कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. उसी दिन सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह ने मस्जिद के अंदर सर्वे करने का आदेश जारी कर दिया था. अदालत ने रमेश सिंह राघव को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया. उसी दिन शाम को करीब चार बजे सर्वे के लिए टीम मस्जिद पहुंच गई और करीब दो घंटे के सर्वे किया. हालांकि उस दिन सर्वे का काम पूरा नहीं हुआ. इसके बाद सर्वे की टीम 24 नवंबर को जामा मस्जिद पहुंची. दोपहर में मस्जिद के अंदर सर्वे हो रहा था, इसी दौरान भारी संख्या में लोग जमा हो गए. भीड़ ने पुलिस की टीम पर पत्थर फेंके, जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल हो गया. इस दौरान हुई हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई. मंदिर के ये निशान मस्जिद के अंदर दो वट वृक्ष के साथ कुंआ 50 से अधिक फूल के निशान, कलाकृतियां पुराने ढांचे को बदलने के भी मिले सबूत मंदिर की शेप वाले स्ट्रक्चर पर किया प्लास्टर

एसकेएम ने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया, हुई रद्द, 4 जनवरी को बुलाई महापंचायत

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बीच किसानों के मुद्दों पर होने वाली बैठक रद्द कर दी गई है। एसकेएम ने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। यह बैठक सुप्रीम कोर्ट के द्वारा नियुक्त समिति के अध्यक्ष और पूर्व न्यायाधीश नवाब सिंह की अगुवाई में आयोजित की जाने वाली थी। इसका उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सुलझाना था। एसकेएम ने एक बयान जारी कर कहा कि वह 3 जनवरी को होने वाली बैठक में भाग नहीं ले पाएंगे। किसान संगठन का कहना है कि समिति का ध्यान मुख्य रूप से हाईवे ब्लॉक को हटाने पर है, जबकि किसानों के मूल मुद्दों पर चर्चा नहीं हो रही है। समिति को शंभू बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों से संपर्क साधने और उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग से अपने ट्रैक्टर और तंबू हटाने के लिए मनाने का कार्य सौंपा गया है, ताकि पंजाब और हरियाणा के लिए रास्ते खोले जा सकें। आपको बता दें कि सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने इस समिति का गठन किया था, जिसका नेतृत्व पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश नवाब सिंह कर रहे हैं। फरवरी 2024 से किसान संगठनों की विभिन्न शाखाओं के किसान दिल्ली जाने के रास्ते में शंभू और अन्य बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल की भूख हड़ताल 37वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। उनकी तबीयत भी बिगड़ चुकी है। दल्लेवाल ने कहा है कि वह तब तक अपना उपवास नहीं तोड़ेंगे जब तक सरकार 24 फसलों के लिए कानूनी गारंटी नहीं देती। किसानों ने शनिवार को विरोध स्थल पर ‘किसान महापंचायत’ का आह्वान किया है। एसकेएम के नेता काका सिंह कोटरा ने कहा, “4 जनवरी को हम एक बड़ी किसान महापंचायत आयोजित करेंगे, जिसमें विभिन्न राज्यों से किसान भाग लेंगे।” किसान नेता अभिमन्यु कोहड़ ने कहा कि दल्लेवाल भी महापंचायत में संबोधन कर सकते हैं।

सीएम सिंह ने कहा, ‘मैंने जो भी कहा वो माफी थी, जिसके जरिए मैंने पीड़ितों के प्रति दुख जाहिर किया था, आतंकवादियों से नहीं

इम्फाल मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने साफ कर दिया है कि उन्होंने सिर्फ पीड़ितों से माफी मांगी है, ‘किसी और से नहीं।’ दरअसल, माफी मांगने पर कांग्रेस समक्ष कुछ विपक्षी दलों ने सीएम पर निशाना साधा था। शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय सचिव अजय कुमार भल्ला ने राज्यपाल के तौर पर शपथ ली। सीएम सिंह कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। सीएम सिंह ने कहा, ‘मैंने जो भी कहा वो माफी थी, जिसके जरिए मैंने पीड़ितों के प्रति दुख जाहिर किया था। वो लोग जो भुगत रहे हैं और वो लोग, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया।’ उन्होंने कहा, ‘मैं मानवीयता के चलते उनसे माफी मांग रहा था। मैं उन लोगों से माफी मांग रहा था, किसी और से नहीं। मैं क्यों आतंकवादियों से सॉरी बोलूंगा? नहीं, मैं माफी उन मासूमों से मांग रहा था, जिन लोगों ने अपने करीबियों को खो दिया और विस्थापित हो गए।’ मई 2023 से जारी राज्य में हिंसा को लेकर सीएम सिंह ने 2024 के आखिरी दिन हालात पर दुख जाहिर किया था और माफी मांगी थी। तब कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने माफी को लेकर घेरा था और कहा था कि यह काफी नहीं है। मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हुई हिंसा में 250 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। शपथ: मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. कृष्णकुमार ने भल्ला को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। भल्ला ने मणिपुर राइफल्स के जवानों द्वारा दी गई सलामी गारद का निरीक्षण किया। सबसे लंबे समय तक केंद्रीय गृह सचिव रहने वाले भल्ला ने पिछले वर्ष अगस्त में अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा किया था। वह असम-मेघालय कैडर के 1984 बैच के सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पिछले महीने भल्ला को मणिपुर का राज्यपाल नियुक्त किया था।

समझौता राशि जमा नहीं करने वाले बिजली उपभोक्ताओं पर होगी कार्यवाही

समझौता राशि जमा नहीं करने वाले बिजली उपभोक्ताओं पर होगी कार्यवाही धारा 135 एवं 138 के प्रकरणों को विशेष न्यायालयों में कराया जाएगा दर्ज भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में सतर्कता एवं अन्य जॉंच दलों द्वारा विद्युत चोरी एवं अनधिकृत विद्युत उपयोग करने के मामलों में दर्ज विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 एवं 138 के समस्त ऐसे प्रकरणों जिनमें विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा शत-प्रतिशत क्षतिपूर्ति राशि मय समझौता राशि के जमा नहीं की जा रही है, उन प्रकरणों को विशेष न्यायालय में दर्ज कराये जाने की कार्यवाही की जाएगी। इससे संबंधित विशेष न्यायालयों में दर्ज करने पर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत संबंधित व्यक्ति / उपभोक्ता के विरूद्ध नियमानुसार न्यायालयीन कार्यवाही की जा सकेगी। कंपनी ने ऐसे सभी उपभोक्ताओं, जिनके विरूद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 एवं 138 के अंतर्गत अनधिकृत विद्युत उपयोग अथवा विद्युत चोरी के मामले दर्ज हैं, से अपील की है कि वे जल्द से जल्द नियमानुसार निर्धारित समयावधि में शत-प्रतिशत क्षतिपूर्ति राशि मय समझौता राशि कंपनी के खाते में जमा करायें और होने वाली कार्यवाही से बचें।  

प्रदेश में 6 माह का विशेष अभियान चलाकर 792 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 6 माह का विशेष अभियान चलाकर 792 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की अधिसूचना संबंधित कलेक्टर्स द्वारा जारी कर दी गई है। इसमें बैतूल जिले के 91, डिंडौरी के 86, मंडला के 75, खरगौन के 65, बड़वानी के 64, खंडवा के 51, सीहोर के 49, छिंदवाड़ा के 48, बालाघाट के 46, हरदा के 42, बुरहानपुर के 37, सिवनी के 28, नर्मदापुरम के 24, भोपाल के 14, धार के 13, देवास के 12, सिंगरौली के 11, नरसिंहपुर के 10, रायसेन के 7, टीकमगढ़ एवं जबलपुर के 5-5, सागर के 4, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, कटनी और गुना के 1-1 गांव शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कुल 827 वन ग्राम बचे थे। इनमें से 792 को राजस्व ग्राम में परिवर्तित किया जा चुका है। शेष 35 वन ग्रामों के वीरान/विस्थापित होने अथवा डूब क्षेत्र में होने से परिवर्तन करने की आवश्यकता नहीं रही। इस प्रकार विस्थापित होने वाले गांव को छोड़कर प्रदेश के सभी वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित कर दिया गया है। इन 792 ग्रामों के राजस्व नक्शा बनाने का कार्य राजस्व विभाग द्वारा शुरू कर दिया है। भू-अभिलेख और नक्शा पूरे हो जाने से अब ग्रामवासियों को बड़ी सहूलियत होगी। अब यह सुविधाएं मिल सकेंगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन ग्राम के राजस्व ग्राम में परिवर्तित हो जाने से ग्रामवासियों को अनेक सुविधाएं और विकास की सौगातें मिल सकेंगी। बँटवारा और नामांतरण होने के साथ फसलों की गिरदावरी भी हो सकेगी। प्राकृतिक आपदा पर फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा, आँगनवाड़ी एवं विद्यालय भवन स्वीकृत हो सकेंगे और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। बिजली, पानी, सड़क और तालाबों आदि सुविधाओं का निर्माण भी हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम सभा के माध्यम से वनवासियों के कल्याण के लिये कार्य का अवसर भी मिलेगा।  

सुप्रीम कोर्ट ने 23 साल पुराने केस में राम रहीम सिंह को नोटिश थामकर माँगा जवाब, बड़ी मुश्किलें, क्या है मामला

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने 23 साल पुराने हत्या के एक मामले में बरी किए जाने के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर याचिका पर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार ने नोटिस जारी कर 2002 के मर्डर मामले में बरी किए गए चार अन्य लोगों से भी जवाब मांगा है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरे के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में पिछले साल 28 मई 2024 को गुरमीत सिंह और चार अन्य को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली खंडपीठ ने कहा कि चूंकि इस मामले की सुनवाई पहले से ही जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की अगुवाई वाली पीठ कर रही है, इसलिए इस मामले को अब आगे की कार्यवाही के लिए उनकी पीठ के सामने लिस्ट किया जाएगा। क्या है मामला? 10 जुलाई 2002 को हरियाणा के कुरूक्षेत्र की खानपुर कॉलोनी में रणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की वजह उस गुमनाम चिट्ठी से जुड़ी है, जिसमें सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में गुरमीत राम रहीम द्वारा महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों को उजागर किया गया था। शक था कि डेरा के तत्कालीन प्रबंधक रंजीत सिंह ने उस चिट्ठी का प्रचार प्रसार करवाया था। उस चिट्ठी में यह भी बताया गया था कि डेरा में कैसे महिला अनुयायियों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा था। इस चिट्ठी के सार्वजनिक होने के बाद बड़े पैमाने पर लोगों में आक्रोश पैदा हुआ था।

भारतीय नौसेना के दो अधिकारी के पैराशूट उतरने के दौरान आपस में उलझ गए, रामकृष्ण बीच पर गिरे, बाल-बाल बचे

विशाखापट्टनम भारतीय नौसेना के दो अधिकारी ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन के रिहर्सल के दौरान एक हादसे का शिकार हो गए। उनके पैराशूट उतरने के दौरान आपस में उलझ गए, जिससे वे विशाखापट्टनम के रामकृष्ण बीच के पानी में आ गिरे। गनीमत रही कि दोनों अधिकारी सुरक्षित बच गए। हादसा उस वक्त हुआ जब पूर्वी नौसेना कमान के ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन की तैयारी चल रही थी। वीडियो में देखा गया कि दोनों अधिकारी पैराशूट लिए आसमान में उड़ रहे थे। उनमें से एक के पास राष्ट्रीय ध्वज था। लेकिन उतरने के दौरान उनके पैराशूट आपस में ही उलझ गए और वे समुद्र में गिर गए। रेस्क्यू ऑपरेशन नौसेना की एक बोट पास में ही मौजूद थी, जिसने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के समय रिहर्सल देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। मुख्य कार्यक्रम कल भारतीय नौसेना का ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन कल (4 जनवरी) को विशाखापट्टनम के रमा कृष्णा बीच पर आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू होंगे, जबकि मेजबानी पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल राजेश पेंढरकर करेंगे। कार्यक्रम की मुख्य झलकियां इस डेमोंस्ट्रेशन में नौसेना की अत्याधुनिक क्षमताओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें युद्धपोत, पनडुब्बियां, विमान, नौसेना का बैंड और मरीन कमांडो (मार्कोस) द्वारा आकर्षक प्रदर्शन शामिल होगा। यह आयोजन आंध्र प्रदेश के लोगों और भारतीय नौसेना के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाता है। नौसेना ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए नौसेना की तैयारी और प्रतिबद्धता का परिचायक है।

ED की कार्रवाई पर पूर्व मंत्री डहरिया बोले- लखमा जैसे ईमानदार कही नहीं मिलेंगे, डिप्टी सीएम साव ने कहा- सभी पर समान रूप से जांच करती है एजेंसी

रायपुर विधायक देवेंद्र यादव के बाद कवासी लखमा की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है. ED की कार्रवाई पर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, ED चाहती तो कार्रवाई पहले भी कर सकती है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले बस्तर के मजबूत कड़ी को तोड़ने की कोशिश है. लखमा जैसे ईमानदार आदमी कही नहीं मिलेंगे. आदिवासी आदमी है, वो निर्दोष साबित होंगे. इस मामले में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एक केंद्रीय जांच एजेंसी है. चाहे वह छोटा आदमी हो या बड़ा आदमी हो, एजेंसी समान रूप से जांच करती है. डहरिया ने कहा, विधानसभा में लखमा जी अच्छा बोलते हैं. प्रदेश के आदिवासी और गरीब तबके की आवाज उठाते हैं. कांग्रेस के नेताओं को टारगेट किया जा रहा है. ये कांग्रेस पार्टी को तोड़ने की साजिश है. गिरफ्तारी के बाद पार्टी की रणनीति पर डहरिया ने कहा, बिना जांच के कोई एजेंसी किसी को दोषी नहीं बता सकती. यदि ऐसा होता है तो पार्टी के वरिष्ठ नेता तय करेंगे आगे क्या करना है. जांच में सहयोग करें लखमा : अरुण साव कांग्रेस के बयान पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एक केंद्रीय जांच एजेंसी है. जो जानकारी है वो जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए. चाहे वह छोटा आदमी हो या बड़ा आदमी हो, एजेंसी समान रूप से जांच करती है. जांच के जो तथ्य है, उसे स्पष्ट रूप से बताना चाहिए. लखमा के बयान पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कवासी लखमा को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है तो जांच में सहयोग करें. अगर आप निर्दोष हैं तो उस तरह की बात कीजिए. ईडी सभी बातों पर विचार करेगी. केंद्रीय जांच एजेंसी की प्रक्रिया पर रखें भरोसा डिप्टी सीएम साव ने भूपेश बघेल के बयान पर कहा कि छत्तीसगढ़ का एक-एक व्यक्ति इस बात को जानता है कि प्रदेश में शराब घोटाला हो रहा था. कैसे शराब दुकानों में दो-दो काउंटर बने थे. नकली होलोग्राम का उपयोग किया गया था. कांग्रेस सरकार में एक आर्गनाइज क्रिमिनल सिंडिकेट बनाकर शराब घोटाले को अंजाम दिया गया. ये छत्तीसगढ़ के आम लोग जानते हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में ये जांच कांग्रेस सरकार के रहते हुए शुरू हुई थी. जांच एक सतत प्रकिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी की प्रकिया पर सभी को भरोसा करना चाहिए. जो तथ्य हैं वह ईडी को बताना चाहिए. शराब घोटाला : कवासी और उनके बेटे के घर से ईडी को मिला है सबूत बता दें कि छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के साथ उनके बेटे कवासी हरीश और तत्कालीन ओएसडी जयंत देवांगन से ईडी ने पूछताछ शुरू कर दी है. 28 दिसंबर को कवासी लखमा के साथ-साथ उनके पुत्र के निवास में छापा मारा था, जिसमें ईडी ने नकद लेन-देन के सबूत मिलने की जानकारी दी थी, जिसके साथ ही संपत्ति की जानकारी देने आज तक का समय दिया था.

मैं भी कोई शीशमहल बनवा सकता था, लेकिन उनका सपना गरीबों को पक्का घर देना है, पीएम ने कसा केजरीवाल पर तंज

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी को 4500 करोड़ रुपए का तोहफा दिया है। 1675 गरीबों को फ्लैट, डीयू के दो नए कैंपस, सावरकर कॉलेज समेत कई बड़ी सौगात देते हुए पीएम मोदी ने अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना उन पर बड़ा हमला किया। पीएम ने कहा कि वह भी अपने लिए कोई ‘शीशमहल’ बनवा सकते थे, लेकिन उनका सपना गरीबों को पक्का घर देना है। अरविंद केजरीवाल बतौर मुख्यमंत्री जिस बंगले में रहते थे, भाजपा उसे शीशमहल कहती है। पीएम मोदी ने अशोक विहार के रामलीला मैदान में परियोजनाओं के उद्घाटन और लोकार्पण के बाद जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना उन पर बड़ा हमला किया। पीएम ने कहा, ‘देश जानता है कि मोदी ने कभी अपने लिए घर नहीं बनाया। लेकिन बीते 10 सालों में 4 करोड़ से अधिक गरीबों के घर का सपना पूरा किया है। मैं भी कोई शीशमहल बना सकता था। लेकिन मेरे लिए तो मेरे देशवासियों को पक्का घर मिले, यही एक सपना था।’ पीएम मोदी ने यह भी वादा किया कि दिल्ली में सभी झुग्गीवासियों को पक्का मकान दिया जाएगा। मोदी ने कहा, ‘मैं आप सबको भी कहता हूं आप जब भी लोगों के बीच जाएं। लोगों को मिलें और अभी भी जो लोग झुग्गी झोपड़ी में रहते हैं मेरी तरफ से उनको वादा करके आना, मेरे लिए तो आप ही मोदी हैं। उनको वादा करके आना आज नहीं तो कल उनके लिए पक्का घर बनेगा, उनको पक्का घर मिलेगा।’ पीएम मोदी ने आम आदमी पार्टी को ‘आपदा’ करार देते हुए कहा कि अन्ना हजारे जी को सामने करके कुछ कट्टर बेईमान लोगों ने दिल्ली को आपदा में धकेल दिया। पीएम ने आप सरकार पर घोटालों का आरोप लगाते हुए कहा कि अब दिल्ली के कोने-कोने से आवाज निकल रही है। पीएम ने कहा,’दिल्लीवालों ने आपदा के खिलाफ जंग छेड़ दी है। दिल्ली का वोटर दिल्ली को आप-दा से मुक्त करने की ठान चुका है। दिल्ली का हर नागरिक कह रहा है, दिल्ली का हर बच्चा कह रहा है, दिल्ली के हर गली से आवाज आ रही है आपदा को नहीं सहेंगे, बदलकर रहेंगे।’

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