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शर्मा दंपति की 200 करोड़ की प्रोपर्टी होगी अटैच, खरीदने-बेचने पर रोक

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में राजेश शर्मा और राधिका शर्मा की संपत्ति अटैच करने के बाद आईटी ने बिक्री पर भी रोक लगाने के लिए रजिस्ट्रार को पत्र लिखा है। दो दर्जन से अधिक बेनामी संपत्ति की दूसरे नाम पर रजिस्ट्री नहीं होगी। इनकम टैक्स छापे के बाद राजेश शर्मा और उसकी पत्नी राधिका शर्मा की संपत्ति को आईटी ने पिछले दिनों अटैच किया था। शर्मा दंपति की संपत्ति को दूसरे के नाम पर रजिस्ट्री ना होने के लिए आयकर ने पंजीयन विभाग के आईजी को भी जानकारी भेजी है। शर्मा के ठिकानों से आईटी ने छापेमारी के दौरान 375 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए हैं। बता दें कि आयकर विभाग ने पूर्व मुख्य सचिव से जुड़े कारोबारी त्रिशूल कंस्ट्रक्शन के मालिक राजेश शर्मा की 375 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति अटैच की। आयकर विभाग के बेनामी संपत्ति विंग ने कार्रवाई की थी। शर्मा की पत्नी और अन्य कर्मचारी इनके बारे में जानकारी नहीं दे पाए थे। शर्मा ने कर्मचारियों और पत्नी के नाम ये प्रॉपर्टी खरीदी थी। क्रेशर पर काम करने वाले समेत घर के कर्मचारी के नाम भी संपत्ति मिली। घर के प्यून के नाम पर ही महज 10 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली था। 18 दिसम्बर को रियल एस्टेट कारोबारी पर कार्रवाई की गईं थी। त्रिशूल, ईशान और क्वालिटी बिल्डर पर कार्रवाई की गई थी। राजेश शर्मा पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बेस का करीबी है।

‘पाताल लोक’ सीजन 2 का टीजर रिलीज

मुंबई जयदीप अहलावत की मच अवेटेड सीरीज ‘पाताल लोक 2’ का टीजर आ गया है। जयदीप अहलावत ने एक बार फिर हाथीराम चौधरी के रोल में दमदार वापसी की है। हालांकि, टीजर में दूसरे सीजन की झलक नहीं दिखाई गई है, पर जयदीप जिस तरह से लिफ्ट में एक खूंखार कहानी बताते नजर आ रहे हैं, उससे हिंट मिलता है कि दूसरा सीजन तगड़ा होने वाला है। पाताल लोक सीजन 2 के टीजर की शुरुआत हाथीराम बने जयदीप अहलावत से होती है। वह एक लिफ्ट में हैं और अचानक ही वह रुक जाती है। फिर वह बोलते हैं, ‘एक कहानी सुनाऊं क्या? एक गांव में एक आदमी रहता था। उसे कीड़ों से बड़ी नफरत थी। कहता था कि इन सारी बुराइयों की जड़ ये कीड़े हैं। फिर एक दिन उस आदमी के घर के कोने से एक कीड़ा निकला और उसने उस आदमी को काट लिया।’ ‘एक कीड़ा मार दिया तो खेल खत्म? ऐसा थोड़ी ना होता है पाताल लोक में’ वह आगे कहानी सुनाते हैं, ‘लेकिन हिम्मत करके उस आदमी ने उस कीड़े को मार दिया। बस फिर क्या, बंदा रातोंरात हीरो बन गया पूरे गांव ने उसे सिर-आंखों पर बिठा लिया। सब खुश और अगली कई रातें बड़े चैन से मुस्कुराते हुए सोया। फिर एक सुनसान रात में उसके बिस्तर के नीचे कुछ मिला। एक कीड़ा था और फिर 10, हजार, लाख करोड़…अनगिनत कीड़े। उसे क्या लगा था? एक कीड़ा मार दिया तो खेल खत्म? ऐसा थोड़ी ना होता है पाताल लोक में।’ यहां देखिए ‘पाताल लोक सीजन 2’ का ट्रेलर इस कहानी के जरिए जयदीप अहलावत का किरदार एक तरह से चेतावनी देता है कि खेल अभी खत्म नहीं हुआ है और काफी ट्विस्ट और सस्पेंस देखने को मिलेगा। टीजर देख यूजर्स भी कमेंट कर रहे हैं। एक ने लिखा है, ‘नए सीजन का बेसब्री से इंतजार है। एकदम खूंखार हाथीराम। पहला सीजन पसंद आया था।’ एक और कमेंट है, ‘सालों का इंतजार पूरा हुआ। हाथीराम इज बैक।’ 17 जनवरी को प्राइम वीडियो पर रिलीज ‘पाताल लोक’ का दूसरा सीजन 17 जनवरी को ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर रिलीज होगा। इसमें गुल पनाग, तिलोत्तमा शोम और इश्वाक सिंह हैं।

अवैध ब्लास्टिंग में जॉच कर कार्यवाही करने का दिया ADM ओर SDM ने आश्वासन

अवैध ब्लास्टिंग में जॉच कर कार्यवाही करने का दिया ADM ओर SDM ने आश्वासन जिले में किसके शय से चल रहा अवैध ब्लास्टिंग का कारोबार जिम्मेदार अधिकारियों ने भी साधी चुप्पी    डिंडोरी  जिले में लगातार ब्लास्टिंग के मामले सामने आ रहे है।जबकि इनकी जानकारी मीडिया के माध्यम से लगातार खबरें भी प्रकाशित हो रही है।फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों ने अनदेखा अनसुना करते हुए नजर आ रहे है।सवाल यह है कि जानकारी लेने पर भी जिम्मेदार अपना पल्ला झाड़ते नजर आ रहे है।जिले में अवैध ब्लास्टिंग अवैध उत्खनन जोर शोर से संचालित हो रही है ।फिर भी  कोई कार्यवाही न होना संदेह जनक है।आखिर क्यों चुप्पी साधी है कोई भी कार्यवाही न होने से हो रहे हौसले बुलंद जैसे कि प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय अंतर्गत पाकर ग्राम में काफी समय से    मा भगवती इस्टन क्रेसर  एवम जिले के नजदीक सड़क निर्माण कार्य करने वाली कम्पनी  किसलपुरी में स्थिति क्रेशर  में बगैर अनुमति के अवैध रूप से विस्फोटिंग सामग्री का प्रयोग कर  ब्लास्टिंग किया जा रहा है।     वही इतनी बड़ी हिमाकत किस की शह पर की जा रही हैं । यह अहम सवाल है वही यह बताया जाता हैं कि उक्त क्रेसर के संचालक प्रदीप पटेल द्वारा अवैध रूप से ब्लास्टिंग का कार्य कराया जा रहा है। क्रेसर में अवैध रूप से ब्लास्टिंग कर पत्त्थर निकाल ना भी गलत माना जाता है , वही नियम को ताक में रख क्रेसर संचालन किया जा रहा है , जिस पर जांच कर  कार्यवाही का विषय है । सवाल यह भी है कि बेख़ौफ़ तरीके से प्रशासन को चुनोतियाँ देने की हिम्मत एक क्रेसर संचालक विचार करने का विषय है जो कि भारी मात्रा में बारूदों का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है, यह अहम सवाल है । वही देखा जाए तो पुलिस प्रशासन के महकमे भी चप्पे चप्पे में छाई हुई है , बावजूद कब ओर कहा से निकल कर भारी मात्रा में बारूद लाकर विस्फोट किया जा रहा है , यह एक बड़ा सवाल है ।  उक्त मामले में उच्च अधिकारियों से बात करने पर अधिकारियों ने जॉच पर दोषी पाए जाने पर उचित कार्यवाही करने की बात कही गई। इनका कहना 1 उक्त मामले में  चर्चा की गई तो जाँच पर दोषी पाए जाने पर कार्यवाही की बात कही गई। ऐ . डी . एम .  रमेश सिंह 2  उक्त मामले में जॉच कर कार्यवाही का आश्वाशन दिया गया। एस डी एम राम बाबू देवांगन

गर्भवती नाबालिग रेप पीड़िता का होगा अबॉर्शन: छत्तीसगढ़ ​​​​​​हाईकोर्ट

बिलसपुर  बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न की शिकार एक नाबालिग को गर्भ गिराने की अनुमति दे दी है. दरअसल, हाईकोर्ट ने जबरन यौन संबंध से गर्भवती हुई नाबालिग की गर्भपात की अनुमति मांगने वाले याचिका को स्वीकार किया है. कोर्ट ने कहा बलात्कार पीड़िता को गर्भपात की अनुमति दी जा सकती है. यह उसके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर चोट है. क्योंकि उसे बलात्कारी के बच्चे को जन्म देने बाध्य नहीं किया जा सकता है. जबरन यौन संबंध में हुई गर्भवती सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला निवासी नाबालिग जबरन यौन संबंध बनाए जाने से गर्भवती हो गई. उसने अपने अभिभावक के माध्यम से गर्भ को समाप्त करने अनुमति दिए जाने के लिए हाईकोर्ट में 30 दिसंबर को याचिका पेश की. उसकी याचिका पर विशेष कोर्ट लगाकर सुनवाई की गई. जस्टिस विभु दत्त गुरू ने रायगढ़ कलेक्टर को मेडिकल बोर्ड का गठन कर पीड़िता की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था. हाईकोर्ट के निर्देश पर मेडिकल बोर्ड का गठन कर पीड़िता की जांच की गई. बलात्कार पीड़िता को मिलनी चाहिए आजादी जांच रिपोर्ट में पीड़िता के 24 सप्ताह 6 दिन का गर्भ होने एवं भ्रूण के स्वस्थ होने की रिपोर्ट दी गई. इसके साथ गर्भ समाप्त करने अनुमति दी गई. रिपोर्ट आने के बाद जस्टिस गुरू ने पीड़िता को आज सरकारी अस्पताल में भर्ती होने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों द्बारा आईसीयू भर्ती कर गर्भपात करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने इस मामले पर सनुवाई करते हुए आगे कहा कि बलात्कार की पीड़िता को इतनी आजादी और अधिकार मिलना ही चाहिए. यह तय करता है कि उसे गर्भावस्था जारी रखनी चाहिए या नहीं. इस मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ब होने के कारण गर्भपात के बाद भ्रूण को डीएनए टेस्ट के लिए सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है. जरूरी है कोर्ट की अनुमति आपको बता दें कि कानून के मुताबिक, 20 सप्ताह से अधिक के गर्भ को समाप्त करने के लिए कोर्ट की अनुमति आवश्यक है. बिना कोर्ट से अनुमति लिए गर्भपात नहीं किया जा सकता. 

नए साल में PM मोदी का झुग्गीवासियों को दिया शानदार तोहफा, 1675 लोगों को सौंपी उनके सपनों की चाबी

नई दिल्ली ‘जहां झुग्गी-वहां मकान’ वाले वादे को पूरा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुआई वाली केंद्र सरकार ने दिल्ली में 1600 से अधिक गरीबों को शानदार फ्लैट बनाकर दिया है। दिल्ली के अशोक विहार फेज-II में 1675 ईडब्ल्यूएस फ्लैट लाभार्थियों को दिए गए हैं। शानदार इमारत और लिफ्ट समेत तमाम आधुनिक सुविधाओं से लैस फ्लैट्स को देखकर वे लोग चौंक गए जिनके नाम इन्हें आवंटित किया गया है। दिल्ली के अशोक विहार में स्वाभिमान अपार्टमेंट में बनाए गए इन फ्लैट्स को देखने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे। उन्होंने फ्लैट्स और अपार्टमेंट में जाकर सुविधाओं का जायजा लिया। उत्तर पश्चिम दिल्ली के अशोक विहार में ‘स्वाभिमान अपार्टमेंट’ नाम से यह आवासीय परियोजना बनाई गई है। केंद्र सरकार ने एक फ्लैट के निर्माण पर 25 लाख रुपये खर्च किए हैं, पात्र लाभार्थी कुल राशि का सात प्रतिशत से कम भुगतान करेंगे, जिसमें मामूली योगदान के रूप में 1.42 लाख रुपये और रखरखाव के पांच साल के लिए 30,000 रुपये शामिल हैं। फ्लैट लाभार्थियों के साथ पीएम मोदी डीडीए अधिकारियों ने कहा कि 400 वर्ग फुट क्षेत्र के 1,675 ईडब्ल्यूएस फ्लैट को जहां झुगी वहीं मकान योजना के तहत झुग्गी वासियों का पुर्नविकास किया गया है। इनकी कुल लागत 421.81 करोड़ रुपये है। प्रत्येक फ्लैट में दो कमरे, एक रसोईघर, एक बाथरूम, एक शौचालय और एक बालकनी शामिल है। फ्लैटों का निर्माण नवीनतम MIVAN तकनीक का उपयोग करके किया गया है। जहां इमारतों के सभी घटक कंक्रीट से बने हैं। प्रत्येक टावर आठवीं मंजिल पर लिफ्ट और एक खुले मनोरंजन स्थान से सुसज्जित है। इन फ्लैटों में सामुदायिक हॉल, चार दुकानें, आंगनवाड़ी कक्षाएं, डॉक्टर क्लिनिक और बच्चों के डेकेयर सेंटर जैसी सुविधाएं भी हैं। बेसमेंट पार्किंग 11 हजार से अधिक वर्ग मीटर के क्षेत्र में उपलब्ध है और सतही पार्किंग के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के साथ, परियोजना स्थल के अंदर 9,200 वर्ग मीटर का हरित स्थान भी प्रदान किया गया है। अधिकारियों के अनुसार इस अपार्टमेंट में ट्रिपल जल आपूर्ति प्रणाली है। पीने योग्य पानी, दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। गैर-पीने योग्य पानी की आवश्यकताओं को उपचारित भूमिगत जल और एसटीपी से उपचारित जल से पूरा किया जाएगा। निवासियों की सुरक्षा के लिए साइट के चारों ओर एक चारदीवारी भी बनाई गई है।

MP के नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए 15 जनवरी डेडलाइन

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 15 जनवरी 2025 तक की समय सीमा तय कर दी है।यह कदम सरकार की तरफ से नर्सिंग कॉलेजों के प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए उठाया गया है, ताकि छात्रों को बेहतर और समय पर शिक्षा मिल सके। इस दौरान 190 नर्सिंग कॉलेजों में एडमिशन की तैयारी की जा रही है। हाईकोर्ट का आदेश और सरकार की तैयारी उप मुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री, राजेंद्र शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि इस समय सीमा के भीतर नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया को पूरा किया जाए। सरकार का उद्देश्य यह है कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित किया जाए और वे समय पर अपने पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकें। राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि शुरुआती जांच में 169 कॉलेजों को प्रवेश के लिए फिट पाया गया था। इसके बाद 15 जनवरी 2025 को कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी, और कोर्ट के आदेश के आधार पर नए कॉलेजों में भी प्रवेश प्रक्रिया को शुरू किया जा सकता है। कॉलेजों में प्रवेश के लिए तैयारियां गुरुवार को उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नर्सिंग कॉलेजों के प्रवेश के संबंध में बैठक की और अधिकारियों को इस प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सभी पात्र नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया को 15 जनवरी तक पूरा किया जाना चाहिए। ऑनलाइन काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया 31 दिसंबर 2024 से शुरू हो चुकी है, जो 14 जनवरी 2025 तक चलेगी। काउंसलिंग की प्रक्रिया सभी सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेजों के लिए ऑनलाइन होगी। यह कदम न केवल प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए है, बल्कि छात्रों को भी आसानी से अपनी पसंद के कॉलेज में एडमिशन लेने का मौका मिलेगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएनएम, बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया को तय समय सीमा में पूरी किया जाएगा। इसके साथ ही, नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सभी संबंधित कागजी प्रक्रियाएं भी समय पर पूरी की जाएंगी। विद्यार्थियों का भविष्य सरकार की प्राथमिकता: राजेंद्र शुक्ल उप मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसी कारण से सभी विभागों को समय सीमा में काम पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को नर्सिंग में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिले, इसके लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। सीबीआई का दखल और कार्रवाई गौरतलब है कि नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता से संबंधित एक फर्जीवाड़े में सीबीआई ने एक इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया था, जिससे नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार और सीबीआई दोनों सक्रिय हो गए हैं। इस घटनाक्रम के बाद राज्य सरकार ने और भी सख्त कदम उठाए हैं ताकि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न हो। मध्यप्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल की समीक्षा गुरुवार को हुई बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (नर्सिंग एवं पैरामेडिकल) के संचालक मनोज सरियाम, रजिस्ट्रार मध्यप्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल के के. रावत और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे। बैठक में काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा की गई और यह सुनिश्चित किया गया कि सभी आवश्यक कार्य समय पर पूरे हों। राज्य सरकार की यह पहल प्रदेश के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत का संदेश लेकर आई है, क्योंकि समय पर प्रवेश और शिक्षा सुनिश्चित होने से न केवल छात्रों का भविष्य सुदृढ़ होगा, बल्कि राज्य में नर्सिंग की शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

जीवन में सफलता पाने मुखिया में होनी चाहिए ये खूबियां

बात जब सफलता की होती है तो लोग अकसर मेहनत के जरिए लक्ष्य हासिल करने वाले युवाओं के बारे में जिक्र करते हैं। लेकिन सक्सेस मंत्रा में आज बात सफलता का रास्ता ढूंढने वाले युवाओं की नहीं बल्कि घर के मुखिया के गुणों के बारे में की जाएगी। जी हां, किसी भी घर का मुखिया उस घर का आईना होता है। जिसे देखकर कोई भी घर में रहने वाले सदस्यों के बारे में काफी हद तक सही अंदाजा लगा सकता है। चाणक्य नीति में भी घर के मुखिया के बारे में कई जरूरी बातें बताई गई हैं। चाणक्य नीति के अनुसार घर के मुखिया में ये गुण मौजूद होने पर वह घर काफी तरक्की करता है। उस घर में रहने वाले हर सदस्य को सफलता मिलती है। तो आइए जानते हैं घर के मुखिया में कौन से गुण मौजूद होने चाहिए। बेहतर फैसले लेने की क्षमता- घर का मुखिया ऐसा होना चाहिए, जो घर से जुड़े सभी फैसले खुद लेने की क्षमता रखता हो। उसके फैसले ऐसे होने चाहिए जो ना सिर्फ बेहतर हों बल्कि उनसे घर के किसी सदस्य को तकलीफ या नुकसान भी न पहुंचें। बेकार खर्चों पर लगाए रोक- घर के मुखिया का दिमाग तेज होने के साथ दूरदर्शी भी होना चाहिए। उसे इच्छा और जरूरत में फर्क करना आना चाहिए। घर के मुखिया को इस बात का खासतौर पर ख्याल रखना चाहिए कि वह परिवार के सदस्यों की जरुरत पर पैसा खर्च करते हुए फिजूल खर्च करने से बचें। उसे इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि पैसों का सही इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। भेदभाव करने से बचें- परिवार का हर सदस्य अपनी हर समस्या का हल खोजने के लिए घर के मुखिया के पास ही आता है। ऐसे में घर के मुखिया के पास ही सबकी परेशानियों का हल निकालने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में घर के मुखिया को घर के किसी सदस्य के साथ भेदभाव किए बिना एकतरफा निर्णय नहीं लेना चाहिए। और किसी के साथ भी भेदभाव नहीं करना चाहिए. मुखिया को एक ही क़ानून बनाना चाहिए और वही कानून सभी पर लागू होना चाहिए. सतर्क रहें- घर के मुखिया को हर समय सतर्क रहते हुए आसानी से किसी की भी बात पर भरोसा नहीं कर लेना चाहिए। घर के किसी भी सदस्य के बीच विवाद होने पर उसे दोनों पक्षों का निर्णय ध्यान से सुनना चाहिए। जिसके बाद ही उसे किसी भी तरह का कोई फैसला देना चाहिए। ध्यान रखें आपका एक गलत निर्णय किसी की लाइफ खराब कर सकता है। अनुशासन का पालन- व्यक्ति के जीवन में अनुशासन मौजूद होने से वो किसी भी काम को सफलतापूर्वक कर सकता है। ऐसे व्यक्ति की लाइफ में सफलता पाने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती है। यही वजह है कि जिस घर का मुखिया अनुशासन प्रिय होता है, वहां रहने वाले सदस्य हमेशा तरक्की हासिल करते हैं।

सौरभ शर्मा पर रेड के बाद RTO में बड़ा फेरबदल, परिवहन आयुक्त समेत 3 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर

भोपाल  मध्य प्रदेश में करोड़ों की संपत्ति के ज़ब्ती के बाद परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। यह कार्रवाई पूर्व RTO कांस्टेबल सौरभ शर्मा से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के बाद हुई है। इसमें परिवहन आयुक्त डी.पी. गुप्ता भी शामिल हैं। भोपाल में हुई छापेमारी के बाद राज्य के परिवहन विभाग पर सवाल उठ रहे थे। इसके चलते 1994 बैच के IPS अधिकारी डी.पी. गुप्ता को ADG पुलिस मुख्यालय (PHQ) नियुक्त किया गया है। गुप्ता फरवरी 2024 में परिवहन आयुक्त बने थे। उनकी जगह 1988 बैच के IPS अधिकारी विवेक शर्मा को नया परिवहन आयुक्त बनाया गया है। विवेक शर्मा पहले PHQ प्लानिंग में ADG थे। इसके अलावा ADG योगेश चौधरी को PHQ प्लानिंग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह तबादले सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की अधिसूचना के बाद हुए हैं। करोड़ों की सपत्ति मिलने के बाद उठने लगे थे सवाल पूर्व RTO कांस्टेबल सौरभ शर्मा और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर ED, आयकर विभाग और लोकायुक्त की SEP ने छापेमारी की थी। इन छापेमारियों में करोड़ों की संपत्ति बरामद हुई है। इसके बाद परिवहन विभाग पर सवाल उठने लगे थे। इन छापेमारियों के बाद ही यह तबादले हुए हैं। इससे साफ़ है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। लावारिस गाड़ी में मिला था 52 किलो सोना लोकायुक्त ने पिछले हफ्ते छापेमारी में सौरभ शर्मा के पास से 7.98 करोड़ रुपये की चल संपत्ति बरामद की थी। इसमें 2.87 करोड़ रुपये नकद और 235 किलो चांदी शामिल थी। साथ ही कई रियल एस्टेट निवेश दस्तावेज और एक नकदी गिनने की मशीन भी ज़ब्त की गई। इसके बाद आयकर विभाग ने एक और छापेमारी में भोपाल में एक छोड़ी हुई SUV से 40 करोड़ रुपये के 52 किलो सोने के बिस्कुट और 11 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद की। यह SUV शर्मा के करीबी सहयोगी चेतन सिंह गौड़ के नाम पर रजिस्टर्ड थी। हालांकि आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन अधिकारियों को शक है कि यह बरामदगी शर्मा से जुड़ी है। ईडी ने भी दर्ज किया है मामला लोकायुक्त की FIR के बाद ED ने शर्मा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। पिछले शुक्रवार को भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में छापेमारी की गई। ED ने कई जगहों से वित्तीय दस्तावेज, संपत्ति और लैपटॉप व कंप्यूटर से इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किया है। सौरभ शर्मा 2015 में अनुकंपा के आधार पर परिवहन विभाग में कांस्टेबल के पद पर नियुक्त हुए थे। उनके पिता सरकारी डॉक्टर थे, जिनकी मृत्यु के बाद उन्हें यह नौकरी मिली थी। शर्मा ने 2023 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। मां, पत्नी और साले के नाम पर करोड़ों की संपत्ति अधिकारियों का आरोप है कि शर्मा ने भ्रष्ट तरीकों से संपत्ति अर्जित की। उन्होंने अपनी माँ, पत्नी, साली और करीबी सहयोगी चेतन गौड़ और शरद जयसवाल के नाम पर एक स्कूल और एक होटल भी बनाया। शर्मा के घर और दफ्तर से जब्त किए गए दस्तावेजों से करोड़ों रुपये के लेनदेन का पता चलता है। इससे पता चलता है कि उनके पास बड़ी मात्रा में नकदी आ रही थी। हालांकि, हो सकता है कि शर्मा को बड़ी मात्रा में नकदी के समय के साथ खराब होने की चिंता रही हो, जिसके कारण उन्होंने कीमती धातुओं को तरजीह दी। आने वाले समय में होगा बड़ा खुलासा इस पूरे मामले से मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। एक साधारण कांस्टेबल इतनी बड़ी संपत्ति कैसे बना सकता है, यह जांच का विषय है। आने वाले समय में इस मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है। सरकार की इस कार्रवाई से यह संदेश ज़रूर जाएगा कि भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व है. इस दिन जगत के पालनहर भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्ण की पूजा की जाती है. आइए जानते हैं साल 2025 में पहली जन्माष्टमी का व्रत कब रखा जाएगा. मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का दिन भगवान कृ्ष्ण को समर्पित है. यह दिन श्री कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. मासिक जन्माष्टमी का व्रत हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन व्रत और पूजन करने से व्यक्ति के घर में सुख-समृद्धि आती है. इसके आलावा इस दिन जीवन में सकारात्मकता आती है. मासिक कृष्ण जन्माष्टमी कब है? हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार साल की पहली यानी माघ माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 21 जनवरी को रात 12 बजकर 39 मिनट होगी. वहीं तिथि का समापन अगले दिन 22 जनवरी रात 3 बजकर 18 मिनट पर होगी. जिसके अनुसार मासिक जन्माष्टमी का व्रत 21 जनवरी को रखा जाएगा. मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त पौराणिक कथाओं के अनुसार श्री कृष्ण का जन्म रात्रि में 12 बजे हुआ था. पंचांग के अनुसार मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त रात्रि 12 बजकर 6 मिनट से लेकर 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा. ऐसे में भक्तों को पूजा करने के लिए कुल 53 मिनट का समय मिलेगा. श्रीकृष्ण पूजा मंत्र     ॐ कृष्णाय नमः     हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे । हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।     ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः     ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात     ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे। सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि।।     ॐ नमो भगवते श्री गोविन्दाय मासिक कृष्ण जन्माष्टी का महत्व धार्मिक मान्याता के अनुसार, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसके अलावा मान्यता है कि इस दिन कान्हा की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती है और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि भी आती है.

धर्मेंद्र प्रधान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुनाव के लिए प्रभारी नियुक्त

भोपाल  केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश के चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। वे मध्य प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन करेंगे। 15 जनवरी तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का चयन कर लिया जाएगा। इसको लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं प्रदेश प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह और सह प्रभारी सतीश उपाध्याय की भूमिका भी नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन में महत्वपूर्ण होगी। पांच जनवरी तक जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश से राज्य सभा सदस्य रहे हैं। अब वे ओडिशा की संबलपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। मध्य प्रदेश से राज्य सभा रहने के कारण उनका प्रदेश से जुड़ाव रहा है । जिला अध्यक्ष के लिए पांच-पांच नामों का पैनल तैयार भाजपा संगठन चुनाव के तहत नए जिला अध्यक्षों के नामों के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। गुरुवार को दिनभर चली बैठकों में प्रदेश के चुनाव अधिकारियों के साथ अलग-अलग जिलों के जिला चुनाव अधिकारी और पर्यवेक्षकों से साथ वन-टू-वन चर्चा की गई। नामों का पैनल फाइनल कर केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष दिल्ली भेजा जाएगा प्रत्येक जिले के लिए प्रस्तावित पांच नामों का पैनल तैयार किया गया है। इनमें दो नामों के अलावा एससी, एसटी और महिला का एक-एक नाम शामिल हैं। कुल पांच नामों का पैनल तैयार किया गया है। शुक्रवार को इन नामों का पैनल फाइनल कर केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष दिल्ली भेजा जाएगा। दिल्ली से नामों पर अंतिम निर्णय के बाद पांच जनवरी को जिला अध्यक्षों की घोषणा की जा सकती है। दिनभर चली बैठक गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में दिनभर चली बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व संगठन पर्व की केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद एवं प्रदेश चुनाव अधिकारी विवेक नारायण शेजवलकर ने जिला अध्यक्ष के नामों पर विचार विमर्श कर फाइनल पैनल तैयार किया। बताया जा रहा है कि 15 मौजूदा युवा जिला अध्यक्षों को रिपीट किया जा सकता है। हालांकि पार्टी यह भी सुनिश्चित करेगी कि इन जिला अध्यक्षों का कार्यकाल निर्विवाद रहा हो। चार साल से अधिक समय से जिला अध्यक्ष रहने वाले रिपीट नहीं किए जाएंगे। पार्टी ने इस बार जिला अध्यक्ष के महिलाओं को भी प्राथमिकता में रखा है। पैनल में महिला नेत्रियों का नाम शामिल है।

यूका का 337 मीट्रिक टन कचरा पीथमपुर पहुंचा…अब नष्ट करने पर खर्च होंगे 126 करोड़ रुपये

इंदौर भोपाल से लाया गया यूनियन कार्बाइड का 337 टन कचरा गुरुवार सुबह 4.15 बजे पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में 12 कंटेनर में पहुंचा। सभी कंटेनरों को सेक्टर दो स्थित रि-सस्टेनेब्लिटी कंपनी (पूर्व में रामकी कंपनी) के परिसर में रखा गया है। कंटेनर से वेस्ट को निकालकर परिसर में बने शेड में सुरक्षित रखा जाएगा, इस प्रक्रिया में तीन से चार दिन लगेंगे। इसके पश्चात 10 दिन तक कंपनी के इंसीनरेटर प्लांट में अलग-अलग मात्रा में वेस्ट को रखकर ट्रायल रन किया जाएगा और उसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। 2015 में भी यहां नष्ट किया गया था कचरा गौरतलब है कि वर्ष 2015 में जब इस इंसीनरेटर प्लांट में यूका का कचरे को नष्ट किया गया था, तब 90 किलो कचरा प्रति घंटे संयत्र में डालकर नष्ट किया गया। कंपनी के विशेषज्ञ, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम की निगरानी में इंसीनरेटर प्लांट में अलग-अलग मात्रा में इस कचरे को नष्ट करने की प्रक्रिया को शुरू की जाएगी। प्राप्त आंकड़ों का आकलन करने के बाद तय होगा कि इंसीनरेटर प्लांट में कितनी मात्रा में कचरा प्रति घंटे डालकर नष्ट किया जाए। शासन द्वारा यूनियन कार्बाइड के कचरे को नष्ट करने पर 126 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उधर, भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यूनियन कार्बाइड गैस लीक को 40 साल बीत चुके, अब कचरे में कोई हानिकारक तत्व नहीं। पीथमपुर में विज्ञानियों की देखरेख में कचरे का निष्पादन किया जाएगा। इन मात्राओं में होगी तीन-तीन दिन जांच     135 किलोग्राम प्रतिघंटा की दर से     180 किलोग्राम प्रतिघंटा की दर से     270 किलोग्राम प्रतिघंटा की दर से आज पीथमपुर बंद का आह्वान पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने के विरोध में गुरुवार को विभिन्न संगठनों के बैनर तले स्थानीय लोगों ने रैली निकाली। बड़ी संख्या में लोग महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर एकत्रित हुए। एक समूह ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। शुक्रवार को पीथमपुर बंद का भी आह्वान किया गया है। वैज्ञानिक तरीके से कचरा जलाने पर खतरा नहीं : डॉ. शाह मध्य प्रदेश के गैस त्रासदी राहत, पुनर्वास विभाग तथा जन जातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह का कहना है कि 40 साल से यूनियन कार्बाइड का कचरा खत्म होने का इंतजार कर रहा था। एक साल में हमने बजट की व्यवस्था की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वैज्ञानिक तरीके से दिल्ली, भोपाल के एक्सपर्ट की देखरेख में जहरीला कचरा खत्म किया जा रहा है। वैज्ञानिक तरीके से कचरा जलने से कोई खतरा नहीं है। वर्ष 2014-15 में भी कचरा जलाकर देखा गया है। उसकी रिपोर्ट और केंद्र सरकार के मापदंड अनुरूप यह काम हो रहा है। मेरे मन में भी कई भ्रांतियां थीं, समाधान हो गया : कैलाश विजयवर्गीय मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि यूनियन कार्बाइड के कचरे के निस्तारण को लेकर मेरे मन में भी कई भ्रांतियां थीं। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा अधिकारियों ने मेरी शंकाओं का समाधान कर दिया है। अगर जनता के मन में भी किसी तरह की शंका है तो उसका समाधान होना चाहिए। इस मामले में हाई कोर्ट में चल रही याचिका में जनता का पक्ष रखेंगे। कचरे का निपटारण पीथमपुर में हो ऐसा कोर्ट ने नहीं कहा : जीतू वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि हाई कोर्ट ने कहा है कि कचरे का निपटान किया जाए। यह नहीं कहा है कि पीथमपुर में ही हो। ऐसे में शहर व प्रदेश हित में इस संबंध में निर्णय लिया जाए।

चिमनी से निकलने वाले धुएं में मौजूद गैसों की होगी सतत मॉनीटरिंग, परिसर के सामने डिस्प्ले होगी एयर क्वालिटी की जानकारी

इंदौर यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के कचरे को नष्ट करते समय पीथमपुर के कचरा भस्मक संयत्र के आसपास वायु गुणवत्ता यंत्रों से हवा की निगरानी की जाएगी। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा रि-सस्टेनेब्लिटी कंपनी के परिसर के चारों और चार यंत्र लगाए गए हैं। इसके माध्यम से वायु में धूल कण के साथ, गैस व अन्य तत्वों की जांच की जाएगी। इसके अलावा कंपनी द्वारा परिसर में पहले ही एक वायु गुणवत्ता मापने के लिए कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन परिसर में लगा है। इसके आंकड़े 24 घंटे कंपनी मुख्य गेट पर डिस्पले होते हैं। धुएं से निकलने वाली गैसों की मॉनीटरिंग इंसीनरेटर के चिमनी से निकलने वाले धुएं से निकलने वाले गैसों की भी सतत मॉनीटरिंग होगी। ऐसे में कंपनी के परिसर के सामने रोड से गुजरने वालों को भी वायु गुणवत्ता की रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी। भोपाल में भी लगाए थे तीन यदि परिणाम निर्धारित मानक सीमा में नहीं आते हैं तो प्रक्रिया में बदलाव किया जाएगा। गौरतलब है कि भोपाल में जब यूनियन कार्बाइड का कचरे को एकत्र कर लोड करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी तो वहां के परिसर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तीन एयर क्वालिटी मीटर इंस्ट्रूमेंट लगाए थे। यूनियन कार्बाइड के कचरे को इंसीनरेटर में डालने से पहले उसमें मौजूद हानिकारक तत्वों पर नियंत्रण के लिए अन्य रसायन मिलाए जाएंगे।     कचरे में मौजूद हेवी मेटल पर नियंत्रण के लिए मिलाएंगे : सोडियम सल्फाइड     वोलाटाइल आर्गेनिक कम्पाउंड (वीओसी) नियंत्रण के लिए: एक्टीवेटेड कार्बन     पीएच नियंत्रण के लिए : लाइम विशेष लैंडफिल में रखा जाएगी कचरे की राख पीथमपुर में रि-सस्टेनेब्लिटी कंपनी परिसर के जिस परिसर में यूका का कचरे को नष्ट किया जाएगा, जलाने के बाद बचने वाली राख को उसी परिसर में बनी लैंडफिल में डाला जाएगा। परिसर में यूका के कचरे के लिए एक विशेष लैंडफिल बनाई गई है। इस सेल में डबल लेयर हाई डेंसिटी पालीथीन में रखा जाएगा। इस तरह वर्षों तक यह अवशेष सुरक्षित तरीके से लैंडफील में रहेगा। चार सुरक्षित लैंडफिल सेल गौरतलब है कि कंपनी के संयत्र में औद्योगिक व अन्य तरह के कचरों को नष्ट करने के बाद बचने वाली राख (अवशेष) को जमीन में रखने के लिए चार सुरक्षित लैंडफिल सेल बनाकर रखी है। परिसर में पठारी हिस्से के ऊपर हिस्से पर यह लैंडफिल बनाई गई है। कंपनी के संयत्र में मप्र के अन्य शहरों के अलावा छत्तीसगढ़ राज्य से कचरा नष्ट करने के लिए आता है।       कुल मात्रा : 337 टन     अवशेष मिट्टी के साथ : 162 टन     रिएक्टर अवशेष : 29 टन     अर्ध प्रक्रिया अवशेष : 54 टन     नेपथलान : 92 टन  

स्वामी विवेकानंद के जन्म-दिवस 12 जनवरी को युवा दिवस के रूप में मनाया जायेगा

 भोपाल  मध्य प्रदेश में भावी पीढ़ी यानी युवाओं को सशक्त बनाने के लिए स्वामी विवेकानंद जयंती (12 जनवरी) को स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन (मिशन युवा शक्ति) की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत 15 से 29 वर्ष के युवाओं को चिह्नित कर सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। शिक्षा के साथ युवाओं के कौशल विकास पर फोकस कर मिशन चलाया जाएगा। युवा शक्ति मिशन युवा पीढ़ी को उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्यमिता और खेल के क्षेत्र में कौशल प्रदान करेगा। इससे उन्हें बदलते हुए रोजगार बाजार के लिए तैयार किया जा सकेगा। रवींद्र भवन में सीएम करेंगे शुरुआत इसके साथ ही उनमें सक्षम नेतृत्व के गुण विकसित होंगे। मिशन की शुरुआत रवींद्र भवन भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। सरकार का मानना है कि युवा शक्ति मिशन युवाओं के सशक्तीकरण की मजबूत नींव सिद्ध होगा। सामुदायिक सेवा की भावनाएं विकसित होंगी मिशन से युवाओं में शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक सेवा की भावनाएं विकसित होंगी। साथ ही वह आधुनिक तकनीक के कुशल प्रयोग में सक्षम बनेंगे। ‘युवा शक्ति मिशन’ के सफल क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कौशल विकास के पाठ्यक्रम युवाओं को सहजता से उपलब्ध हो सकें और वह उन्हें आसानी से समझ सकें, इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफार्म लांच किए हैं। इसका लाभ यह भी है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को इसकी सुविधाएं समान रूप से सुलभ होंगी। मिशन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी मिशन की सफलता के लिए सरकार ने सोशल मीडिया के माध्यमों का भी प्रभावी उपयोग करने की रणनीति बनाई है, जिससे युवाओं को मिशन से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जा सके। इससे युवाओं में मिशन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

Stock Market में जोरदार गिरावट, सेंसेक्स 500 से ज्यादा अंक लुढ़का; IT और Banking स्टॉक्स पर दबाव

मुंबई सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है. बाजार की शुरुआत ही लाल निशान के साथ हुई. उसके बाद बाजार के दोनों प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी जूझते हुए नजर आए. जबकि बैंक निफ्टी में भी आज भारी गिरावट देखी जी रही है. सबसे ज्यादा बुरा हाल आईटी, फार्मा, हेल्थ और फाइनेंस सेक्टर का है. जिनमें सबसे ज्यादा गिरावट बनी हुई है. सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट जारी दरअसल, मिलेजुले वैश्विक संकेतों और वॉल स्ट्रीट पर रात भर गिरावट के बीच भारतीय बाजार में कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन गिरावट बनी हुई है. शुक्रवार सुबह 10 बजे, बीएसई सेंसेक्स 480 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,463 पर आ गया. इसके कुछ देर बाद इसमें 500 अंक से ज्यादा की गिरावट देकने को मिली. इसके साथ ही निफ्टी 50 में भी इस दौरान 123 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली और ये गिरकर 4,065.40 अंक पर आ गया. इन शेयरों में दिख रही सबसे ज्यादा गिरावट बाजार की ओपनिंग के साथ ही सेंसेक्स के 30 में से आधे से ज्यादा स्टॉक्स में गिरावट देखने को मिली. सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में टीसीएस 0.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ अग्रणी रहा. जबकि इसके बाद आईटीसी, इंफोसिस, एशियन पेंट और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली. वहीं जिन शेयरों में आज तेजी देखी जा रही है उनमें एचसीएलटेक में 1.04 प्रतिशत सबसे ज्यादा तेजी वाला शेयर रहा. इसके बाद एसबीआई, अदानी पोर्ट्स एंड एसईजेड, मारुति सुजुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा रहे. निफ्टी 50 के शेयरों का हाल अगर बात करें निफ्टी 50 के शेयरों की तो इसके 50 में से 27 शेयरों में आज तेजी देखने को मिल रही है. इसमें ओएनजीसी (3.14 फीसदी) की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा तेजी वाला शेयर रहा.  जबकि इसके बाद एसबीआई, एचसीएलटेक, इंडसइंड बैंक और एसआई लाइफ का स्थान रहा. वहीं जबकि हीरो मोटोको में आज 2.07 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इसके बाद टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और सिप्ला में भी जबरदस्त गिरावट देखी गई.

मुख्यमंत्री ने संस्था के विकास हेतु 50 लाख रुपए देने की घोषणा की

रायपुर कोई भी देश तभी मजबूत रह सकता है जब उसकी बुनियाद मजबूत हो। हमारे देश की बुनियाद हमारी सनातन परंपराओं में है। सनातन परंपरा हमें वसुधैव कुटुम्बकं की सीख देती है और देशभक्ति का पाठ पढ़ाती है। अपने देश और राज्य की तरक्की के लिए बहुत जरूरी है कि हम अपनी युवा पीढ़ी को भी सनातन परंपरा के वही संस्कार प्रदान करें जो हमें अपने शिक्षकों और अभिभावकों से मिले हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर के समीप ग्राम कंगोली में वेदमाता गायत्री महाविद्यालय के भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गायत्री मंत्र हमारी सनातन परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण मंत्र है। यह मंत्र हमें सन्मार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करता है। विद्या भारती संस्थान में विद्यार्थियों को श्रेष्ठ शिक्षा के साथ-साथ देशभक्ति के संस्कार भी दिए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री साय ने  कहा कि मानव जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व है और इसी ध्येय के साथ प्रदेश सरकार शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास पर भी जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम जैसी उच्च स्तरीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान उपलब्ध हैं। इसके अलावा राज्य में 341 पीएम स्कूल स्थापित किए गए हैं जहां गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही प्रदेश के विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं और अनुकूल वातावरण प्रदान करने नालंदा परिसर भी बड़े शहरों में स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति और दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी के लिए बनाए गए यूथ हॉस्टल के संबंध में भी जानकारी दी। कार्यक्रम को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री साय ने विद्याभारती संस्था के विकास के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। इस अवसर पर लोकसभा क्षेत्र कांकेर के सांसद भोजराज नाग ने विद्याभारती संस्था के प्रदेश में स्थित विभिन्न संस्थाओं के विकास के लिए सांसद निधि से हर वर्ष एक करोड़ रूपए दिए जाने तथा जगदलपुर विधायक किरणदेव सिंह ने जगदलपुर स्थित संस्था के विकास के लिए 10 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदाय करने की घोषणा की। कार्यक्रम में संस्था प्रमुख राजबहादुर सिंह राणा, संस्थान के महामंत्री नरेन्द्र तनेजा एवं रामदत्त चक्रधर ने संस्था के उद्देश्यों और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री साय ने सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित यज्ञ में सम्मिलित होकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधानपूर्वक आहुति दी और बस्तर सहित प्रदेशवासियों की प्रगति व खुशहाली के लिए कामना की। उन्होंने प्रांगण में सागौन के पौधे रोपे। इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विद्यालय के आचार्यगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे।

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