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हॉस्टल में फांसी लगाकर आईआईटी छात्र ने किया सुसाइड, जांच में जुटी पुलिस

इंदौर आईआईटी इंदौर के एक छात्र ने हॉस्टल में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। स्टूडेंट का शव फंदे से लटकता हुआ मिला। मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। मृतक रोहित तेलंगाना का रहने वाला था और इंदौर आईआईटी में बीटेक फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रहा था। आज कैंपस के हॉस्टल में जब दोस्त उसे बुलाने पहुंचे तो उसने काफी देर तक दरवाजा नहीं खोला। जिसके बाद प्रबंधन ने सिमरोल थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा। अंदर जाकर देखा तो छात्र का शव पंखे से लटकता हुआ पाया गया। युवक ने नाक से खून भी निकल रहा था। हालांकि छात्र ने आत्महत्या क्यों की इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। घटनास्थल से सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। परिजनों को सूचित कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री यादव ने जनभावनाओं का आदर करते हुए पीथमपुर में फिलहाल यूनियन कार्बाइड का कचरा नहीं जलाने का फैसला किया

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनभावनाओं का आदर करते हुए पीथमपुर में फिलहाल यूनियन कार्बाइड का कचरा नहीं जलाने का फैसला किया है। राजधानी भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र में जमा रासायनिक कचरे को जलाने के लिए पीथमपुर ले जाने पर जनता की ओर से काफी विरोध हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार की देर रात को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई और साथ ही ऐलान किया कि सरकार जनता का अहित किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले पर सरकार के रुख की ताजा अपडेट दी। उन्होंने लिखा, “हमारी सरकार ने पीथमपुर घटना के बारे में संज्ञान लिया है। हमारी सरकार जनकल्याणकारी, जनहितैषी तथा जन भावनाओं का आदर करती है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में यूनियन कार्बाइड के कचरे का परिवहन पीथमपुर में किया गया है। “जनभावनाओं का आदर करते हुए माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष समस्त परिस्थितियों एवं व्यावहारिक कठिनाइयों के बारे में अवगत कराया जाएगा। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा एवं राजेंद्र शुक्ला, कैबिनेट के साथी कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, धार विधायक नीना विक्रम वर्मा, मुख्य सचिव सहित उच्च अधिकारियों के साथ अति आवश्यक बैठक ली।” उन्होंने आगे कहा, “मैं जनता से अपील करता हूं कि किसी भी अफवाह या भ्रम की खबरों पर विश्वास नहीं करे। मैं और मेरी सरकार आपके साथ है।” उल्लेखनीय है कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र परिक्षेत्र में बीते 40 साल से रासायनिक कचरा जमा था, जिसे न्यायालय के निर्देश पर पीथमपुर ले जाया गया है। इस कचरे को रामकी इंडस्ट्रीज में जलाया जाना है। सरकार की ओर से की गई इस कोशिश का इंदौर सहित पीथमपुर और अन्य स्थानों पर विरोध शुरू हो गया है। पीथमपुर में तो दो युवकों ने आत्मदाह करने तक की कोशिश की। इंदौर तथा आसपास के इलाकों में बढ़ते विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों से भी संवाद किया है। सभी को न्यायालय के आदेश के बारे में बताया गया। साथ ही किसी भी तरह का नुकसान न होने का भी दावा किया गया है। मुख्यमंत्री निवास पर शुक्रवार की रात को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यूनियन कार्बाइड के कचरे के परिवहन एवं पीथमपुर के निकट डंप एवं निष्पादन किए जाने के संबंध में वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ ही विधिवेत्ताओं से विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और हाईकोर्ट के आदेश के परिपालन में यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर पहुंचाने का परिपालन किया गया है। हमने न्यायालय की याचिकाओं और आदेशों के तारतम्य में सुरक्षा मापदंडों का परिपालन करते हुए केवल परिवहन किया है। न्यायालय को 6 जनवरी तक इसकी रिपोर्ट अपेक्षित थी। सुरक्षा के मापदंडों पर किसी प्रकार से कोई खतरा या कोई डर का भाव जनता के बीच आया तो राज्य सरकार यह प्रयास करेगी कि न्यायालय के समक्ष यह विषय प्रस्तुत हो। इसके बाद न्यायालय जैसा आदेश देगा, हम उसका पालन करने के लिए तत्पर रहेंगे। तब तक हम आगे नहीं बढ़ेंगे।  

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री ने मार्चपास्ट की ली सलामी, राजस्थान-जयपुर में वनरक्षक प्रशिक्षण सत्र की पास आउट परेड

जयपुर। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने शुक्रवार को राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण संस्थान अजमेर जिले के किशनगढ़ में वानिकी सैटेलाइट प्रशिक्षण संस्थान सिलोरा एवं जेटीआई द्वारा आयोजित 119वें वनरक्षक आधारभूत प्रशिक्षण सत्र की पास आउट परेड में भाग लिया। इसके साथ ही उन्होंने 120वें वनरक्षक आधारभूत प्रशिक्षण सत्र का विधिवत उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले वनरक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने परेड और मार्च पास्ट की सलामी ली। कार्यक्रम में अजमेर के मुख्य वन संरक्षक शारदा प्रताप सिंह, वन संरक्षक सुगनाराम जाट, प्रशिक्षु वनरक्षक, उनके परिजन, वन विभाग के अधिकारी, और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वनरक्षकों का उत्साह और समर्पण सराहनीय केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि वनरक्षकों के उत्साह और समर्पण को देखकर मुझे अत्यंत गर्व महसूस हो रहा है। ये युवा न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रहरी है। बल्कि सतत विकास और हरित भारत की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता के प्रतीक भी हैं। उन्होंने वन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल इन युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगा। बल्कि हमारे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगा। केंद्रीय मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि वनरक्षक केवल वन और पर्यावरण की रक्षा नहीं करते, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान देते हैं। उनकी मेहनत और समर्पण हमारे देश को हरित और समृद्ध भारत बनाने में सहायक होंगे।

कंगना रणौत पहुंची दतिया स्थित विख्यात शक्ति पीठ पीतांबरा पीठ, वनखंडेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक

दतिया बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना राणावत ने शनिवार को दतिया स्थित विख्यात शक्ति पीठ पीतांबरा पीठ पर पहुंचकर मां बगलामुखी देवी के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने पीठ परिसर में स्थित वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक भी किया। कंगना राणावत ने पूजा-अर्चना कर मां बगलामुखी और महादेव से आशीर्वाद लिया। मंदिर में दर्शन के दौरान कई पुजारियों ने उनके साथ सेल्फी ली, वहीं कुछ ने तस्वीरें खिंचवाईं। इस दौरान मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों ने कंगना का स्वागत किया। इससे पहले बाॅलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत ने अपने जन्मदिन पर भी शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर और बगलामुखी माता मंदिर पहुंचीं थी। तब उन्होंने मां के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके साथ ही ज्वालामुखी मंदिर के पुजारी अभिनव शर्मा ने उन्हें गर्भ गृह में विधिवत पूजा अर्चना करवाई।

जिला शिक्षा अधिकारी का सघन निरीक्षण आगामी बोर्ड परीक्षा की समीक्षा एवं दिए कड़े निर्देश

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी मनेंद्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर के जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने आगामी बोर्ड परीक्षा 2025 की तैयारी की सिलसिले में जिले के विभिन्न विद्यालयों शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनेंद्रगढ़, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय  बेलबहरा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोगापानी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लालपुर का सघन निरीक्षण किया तथा प्राचार्य एवं समस्त स्टाफ की बैठक ली तथा छमाही परीक्षा के रिजल्ट की समीक्षा की तथा 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा परीक्षा तैयारी के संबंध में कड़े  निर्देश दिए । सभी विषय  शिक्षकों से अलग-अलग चर्चा की साथ ही उन्होंने अन्य विभागीय कार्य परीक्षा पे चर्चा, अपार आईडी, नशा मुक्ति विद्यालय, छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की उपस्थिति, व छात्रवृत्ति संबंधी कार्यों की समीक्षा की उक्त समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी के साथ डॉ विनोद पांडेय प्राचार्य शासकीय स्कूल पिपरिया उपस्थित रहे।

बैढ़न कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत हिर्वाह गनियारी रेलवे क्रॉसिंग के बगल में नदी में अवैध खनन का कारोबार जोरों पर

सिंगरौली जिले के बैढ़न कोतवाली थाना क्षेत्र के रेलवे क्रॉसिंग मुक्तिधाम के बगल के नदी में खुलेआम अवैध मुरूम मिट्टी की खनन चल रहा है। रेलवे क्रॉसिंग के बगल में नदी के सीने को छल्ली कर रहे है अवैध खनन माफिया द्वारा बेखौफ तरीके से अपना कारोबार संचालित किया जा रहा है। ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही और उनकी तेज रफ्तार ने स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। अवैध खनन पर प्रशासन द्वारा गनियारी,बलियारी,जमुना के क्षेत्र में आखिर कार्रवाई क्यों नहीं ? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध खनन करने वाले माफिया बेखौफ होकर प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं। ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट और उनकी तेज रफ्तार से ऐसा लगता है जैसे अधिकारियों को इस गतिविधि की कोई जानकारी ही नहीं है। या फिर जानबूझकर इस मुद्दे पर आंखें मूंदी जा रही हैं। यह अवैध गतिविधि जिला मुख्यालय और कोतवाली थाना क्षेत्र के इतने नजदीक हो रही है कि इसे नजरअंदाज करना लगभग असंभव है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या प्रशासन की मिलीभगत के बिना इस तरह का बड़ा खेल संभव है…? नाबालिग बच्चों के हाथों ट्रैक्टर की कमान बड़े हादसे को आमंत्रण स्थानीय लोगों के मुताबिक, अवैध खनन में इस्तेमाल किए जाने वाले जीसीबी व ट्रैक्टर अक्सर नाबालिग बच्चों द्वारा चलाए जाते हैं। इन ट्रैक्टरों की तेज रफ्तार और लापरवाही बड़े सड़क हादसों को न्योता दे रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन ट्रैक्टरों के कारण कई बार सड़क पर हादसे होते-होते बच चुके हैं। मौजूदा स्थिति पर स्थानीय प्रशासन की चुप्पी चिंता का विषय है। इस अवैध गतिविधि के चलते क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिकारियों के पास शिकायतें पहुंचने के बावजूद इस मामले पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में स्थानीय जनता का विश्वास प्रशासन से उठता हुआ नजर आ रहा है। अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि यह क्षेत्र की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गया है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि इस अवैध गतिविधि पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जिसे की सिंगरौली के गनियारी क्षेत्र में चल रहा अवैध मुरूम खनन और प्रशासन की उदासीनता पर कई सवाल खड़े कर राहें है क्या जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध कारोबार के पीछे छिपे खेल को उजागर करेंगे, या फिर जनता को प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ेगा? यह समय की मांग है कि इन सवालों का जवाब दिया जाए और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

राज्य सरकार एवं विधानसभा के पत्रों को प्राथमिकता से करें डिस्पोजल, राजस्थान-प्रमुख सचिव ने सहकारिता विभाग में कार्य संस्कृति सुधार के दिये टिप्स

जयपुर। प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता मंजू राजपाल ने कहा कि वर्ष 2025 में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक संकल्प लेना चाहिये कि वे विभाग में राज्य सरकार, लोकायुक्त, विधानसभा आदि के स्तर से प्राप्त पत्रों, प्रश्नों एवं निर्देशों के संबंध में त्वरित कार्यवाही करेंगे और इनके निस्तारण में लगने वाले समय को न्यूनतम स्तर तक लायेंगे और सहकारिता विभाग को एक उदाहरण के रूप में पेश करेंगे। राजपाल ने शुक्रवार को नेहरू सहकार भवन स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुये कहा कि सभी फंक्शनल अधिकारी अनुभाग में प्राप्त पी.यू.सी. के निस्तारण के लिये साप्ताहिक कार्य योजना बनाकर काम करें और उनका दैनिक मॉनिटरिंग भी करें ताकि उनका समयबद्ध तरीके से डिस्पोजल हो सके। उन्होंने कहा कि इसके लिये अपने कार्मिकों के बीच कार्य विभाजन को परिभाषित करें और उनके मध्य रोटेशन ऑफ ड्यूटीज भी करते रहें ताकि किसी विशिष्ट अवधि में कार्मिक की अनुपस्थिति से अनुभाग का कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, लोकायुक्त कार्यालय एवं विधान सभा से प्राप्त पत्रों, प्रश्नों, निर्देशों के संबंध में संबंधित संस्थाओं और कार्यालयों से सामंजस्य स्थापित करते हुये टाइम बाउण्ड तरीके से निस्तारण किया जावे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण में सारगर्भित कार्यालय टीप अंकित की जावे तथा उससे संबंधित विषयों और पत्रों को सही ढंग से फ्लेग किया जावे। ऐसा करने से उच्च स्तर पर त्वरित निर्णय संभव हो सकेंगे। रजिस्ट्रार ने कहा कि सहकारिता विभाग राज्य की कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में एक महत्वपूर्ण विभाग है और विभाग सहकारी संस्थाओं के सहयोग से लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के कार्य निष्पादन प्रदर्शन में सुधार का सीधा प्रभाव योजनाओं के क्रियान्वयन पर पडता है। इसलिये यह हमारी सबकी जिम्मेदारी है कि हम सभी एक टीम के रूप में कार्य करें और गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य कर आमजन को अधिक से अधिक राहत दें।

प्रधानमंत्री प्रवासी भारतीय दिवस के लिए 8 जनवरी को ओडिशा जाएंगे

भुवनेश्वर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। 8 से 10 जनवरी तक आयोजित होने वाले सम्मेलन का समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। पहली बार आयोजन की जिम्मा संभाल रही ओडिशा सरकार ने 50 देशों से 3,500 प्रवासीओं आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है । राज्य सरकार के अनुमान के अनुसार, तीन दिवसीय सम्मेलन में कुल उपस्थिति लगभग 7,500 होगी, जिसमें स्थानीय भागीदारी भी शामिल है। गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में दैनिक पंजीकरण की संख्या 150 से अधिक हो गई है, जबकि एक सप्ताह पहले यह संख्या केवल 40-50 अनुरोध प्रति दिन थी। क्या है पूरा कार्यक्रम? इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू शामिल होंगी। सम्मेलन की शुरुआत 8 जनवरी को युवा प्रवासी भारतीय दिवस के साथ होगी। इसके अगले दिन, 9 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 18वें प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन करेंगे। सम्मेलन का समापन 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार समारोह के साथ होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस आयोजन को सुशोभित करेंगी और समापन भाषण देंगी। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय से 2003 में आरंभ हुआ यह सम्मेलन को नई दिल्ली, मुंबई, कोच्चि, हैदराबाद, जयपुर, चेन्नई, वाराणसी, बेंगलुरु और इंदौर जैसे शहरों में आयोजन किया जा चुका है। 2021 में कोविड महामारी के दौरान एक वर्चुअल मोड का सम्मेलन भी हुआ था। ग्रैंड वेलकम की है तैयारी भुवनेश्वर पहली बार 2025 के प्रवासी भारतीय दिवस संस्करण की मेज़बानी कर रहा है। शहर की नगर पालिका और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने सम्मेलन के साथ-साथ कई सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इनमें रात का फ्ली मार्केट, आदिवासी मेला, खाद्य महोत्सव, राजरानी संगीत फेस्टिवल, मुक्तेश्वर नृत्य महोत्सव और एकाम्र महोत्सव जैसे प्रमुख आयोजन शामिल हैं। इस विशाल समारोह के आयोजन के लिए राज्य सरकार ने नवंबर महीने में 125 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था। भुवनेश्वर में खास तैयारियां निमंत्रित विशेष अतिथियों के लिए मुंबई से 5 डबल डेकर बसें और 10 प्रीमियम बसें मंगवाई गई हैं। इन बसों के माध्यम से अतिथियों को ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा, जिनमें कलिंग युद्ध स्थली, पुरी जगन्नाथ मंदिर, ब्लू फ्लैग समुद्री तट और कोणार्क के विख्यात सूर्य मंदिर सहित कुल 31 प्रमुख स्थल शामिल हैं। इन स्थलों पर जाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) की ओडिशा शाखा के चेयरमैन गगन सारंगी ने बताया कि राज्य के अधिकांश टूर और ट्रैवल पार्टनर्स ने सम्मेलन के दौरान कैब और वेकेशन स्टे की बुकिंग में वृद्धि की पुष्टि की है। पूर्वोदय मिशन का हिस्सा भुवनेश्वर में आयोजित हो रहा यह 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन भारत सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘पूर्वोदय मिशन’ के साथ पूरी तरह संरेखित है। इन योजनाओं का उद्देश्य भारत के पूर्वी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और उनकी निवेश क्षमता को उजागर करना है। ओडिशा की 482 किमी लंबी तटरेखा दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के सामने एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है।

सौरव गांगुली की बेटी सना सड़क दुर्घटना में बाल-बाल बचीं, कोलकाता में एक बार फिर बस ड्राइवर की लापरवाही सामने आई

कोलकाता कोलकाता में एक बार फिर बस ड्राइवर की लापरवाही सामने आई। पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली की बेटी सना गांगुली एक सड़क दुर्घटना में बाल-बाल बच गईं। एक लग्जरी बस ने सना की कार को टक्कर मार दी। सूत्रों के मुताबिक, सौरव गांगुली की बेटी सना गांगुली ड्राइवर की सीट के बगल में बैठी थीं। उस समय डायमंड हार्बर रोड पर बेहाला चौराहे के पास दो बसें रेस लगा रही थीं और सना की कार से टकरा गईं। यह घटना बीती रात लगभग 10.30 बजे की है। सूत्रों के अनुसार, बस ने ड्राइवर की सीट के दरवाजे को टक्कर मारी। टक्कर की वजह से सना की कार असंतुलित हो गई, लेकिन ड्राइवर की सूझबूझ के कारण सना की कार बच गई। हालांकि, कार क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन सना को चोट नहीं आई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बस अमता जा रही थी। परिवार ने बेहाला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के बाद कोलकाता पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी बस ड्राइवर को गिरफ्तार कर वाहन को भी जब्त कर लिया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि बस ड्राइवर की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ है। पुलिस बस चालक को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।  

राष्ट्रीय सुरक्षा माह के तहत अभिनव पहल, राजस्थान-जयपुर परवाह अभियान की सड़क सुरक्षा जागरुकता में अहम भूमिका

जयपुर। यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने, सड़क हादसों में कमी लाने एवं  जन-जन को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरुक करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में जिला प्रशासन द्वारा जयपुर परवाह (केयर) अभियान का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (जयपुर प्रथम) श्री राजेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत संचालित जयपुर परवाह (केयर) अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत संचालित जयपुर परवाह (केयर) अभियान को जन-जन का अभियान बनाने के लिए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में विभिन्न जन जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत स्कूली एवं कॉलेज के विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी प्रदान की जा रही है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जयपुर जिला प्रशासन द्वारा अभिनव पहल करते हुए गुरुवार को जयपुर परवाह (केयर) अभियान का आगाज किया गया। जिला स्तरीय युवा महोत्सव में जयपुर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा ने जयपुर परवाह के पोस्टर का विमोचन किया। इस दौरान जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती कुंतल विश्नोई, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (जयपुर प्रथम) श्री राजेन्द्र सिंह शेखावत सहित अन्य संबंधित विभागों के कार्मिक मौजूद रहे।

पति ने पत्नी की हथौड़े से सिर पर वार कर हत्या कर दी, फिल्म दृश्यम स्टाइल में छिपाई थी लाश, पुलिस ने किया गिरफ्तार

रायपुर शादीशुदा युवक के साथ एक 25 वर्षीय युवती को प्रेम होता है… दोनो भागकर 7 जन्मों तक जीने-मरने की कसमें खाते है… लेकिन मामूली से विवाद के बाद पति ने अपनी पत्नी के सिर पर हथौड़े से वार कर उसको दर्दनाक मौत दे दी. पति ने अपनी पत्नी की लाश को छिपाने के लिए अजय देवगन की फिल्म दृश्यम का फार्मूला अपनाया और लाश को मलबे में दबाकर फरार हो गया. लेकिन अब आरोपी पति पुलिस गिरफ्त में है. सीएसपी राजेश देवांगन ने बताया कि हत्या के बाद मृतका की लाश निर्माणाधीन बिल्डिंग में दबा दी गई थी, इसके बाद से पति की तलाश जारी थी, जिसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है. बता दें कि पचपेढी नाका कलर्स मॉल के पास निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में पिथौरा निवासी 25 वर्षीय सुनीता ध्रुव की हत्या करके फरार मृतका के ही पति रामेश्वर दीवान (45 वर्ष) को पुलिस ने दो महीने बाद गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी से पूछताछ में पता चला कि दोनों ने प्रेम विवाह किया था. पिथौरा से आकर कॉम्प्लेक्स में मजदूरी करते हुए लेबर क्वॉर्टर में रहते थे. दिवाली से पहले मजदूरी के रुपए को लेकर दिवाली की रात 31 अक्टूबर को दोनों के बीच विवाद हुआ तो रामेश्वर ने सुनीता के सिर पर हथौड़ा मारकर हत्या कर दी. इसके बाद शव को मलबे में दबाकर फरार हो गया. साथ काम करने वाले मजदूर भी नहीं जानते थे दोनों को राजेन्द्रनगर पुलिस के मुताबिक कॉम्प्लेक्स के मैनेजर विजय तिवारी की सूचना पर 9 नवंबर को शव बरामद किया गया. मृतका की पहचान करने में ही पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. दिवाली के बाद मजदूर कॉम्प्लेक्स में काम करने लौटे, तब शव देखा गया लेकिन मृतका को कोई पहचानता नहीं था. इसके बाद पिथौरा में सुनीता ध्रुव के परिवार वाले मिले. तब पता चला कि सुनीता ने शादीशुदा रामेश्वर दीवान के साथ प्रेम प्रसंग में पड़कर शादी की थी. बेलर पिथौरा निवासी रामेश्वर शादीशुदा व बाल बच्चेदार था. वह सुनीता को भगाकर रायपुर ले आया और दोनों यहीं मजदूरी कर रहे थे.

विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने पहली लिस्ट में 29 उम्मीदवारों के नाम का किया ऐलान, केजरीवाल के सामने होंगे प्रवेश वर्मा

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की पहली लिस्ट जारी हो गई है. बीजेपी ने इस लिस्ट में 29 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है. केजरीवाल के खिलाफ प्रवेश वर्मा को टिकट दिया गया है. वहीं, सीएम आतिशी के खिलाफ रमेश बिधूड़ी को चुनावी मैदान में उतारा गया है. आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले कैलाश गहलोत को भी पार्टी ने बिजवासन सीट से टिकट दिया है. बिजवासन से कैलाश गहलोत को टिकट बीजेपी ने आदर्श नगर सीट से राजकुमार भाटिया, बादली से दीपक चौधरी, रिठाला से कुलवंत राणा, नांगलोई जाट से मनोज शौकीन, मंगोलपुरी सीट से राजकुमार चौहान, रोहिणी से विजेंद्र गुप्ता, शालीमार बाग से रेखा गुप्ता, मॉडल टाउन से अशोक गोयल, करोल बाग से दुष्यंत कुमार गौतम, पटेल नगर से राजकुमार आनंद, राजौरी गार्डन से सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, जनकपुरी से आशीष सूद, बिजवासन सीट से कैलाश गहलोत को टिकट दिया है. कालकाजी से रमेश बिधूड़ी, पटपड़गंज से रवींद्र सिंह नेगी पर भरोसा इसके साथ ही नई दिल्ली से प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, जंगपुरा से सरदार तरविंदर सिंह, मालवीय नगर से सतीश उपाध्याय, आरके पुरम सीट से अनिल शर्मा, महरौली से गजेंद्र यादव, छतरपुर से करतार सिंह तंवर, अंबेडकर नगर से खुशीराम चुनार, कालकाजी से रमेश बिधूड़ी, बदरपुर में नारायण दत्त शर्मा, पटपड़गंज से रवींद्र सिंह नेगी, विश्वास नगर से ओम प्रकाश वर्मा, कृष्णा नगर से अनिल गोयल, गांधीनगर से अरविंदर सिंह लवली, सीमापुरी से कुमारी रिंकू, रोहतास नगर से जितेंद्र महाजन और घोंडा से अजय महावर को चुनावी मैदान में उतारा गया है. इसके अलावा जनकपुरी विधानसभा सीट से आशीष सूद, बिजवासन से कैलाश गहलोत, नई दिल्ली से प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, जंगपुरा से सरदार तरविंदर सिंह मारवाह, मालवीय नगर से सतीश उपाध्याय, आरके पुरम से अनिल शर्मा, महरौली से गजेंद्र यादव, छतरपुर से करतार सिंह तंवर, अंबेडकर नगर (एससी) से खुशीराम चुनार, कालकाजी से रमेश बिधूड़ी, बदरपुर से नारायण दत्त शर्मा, पटपड़गंज से रविंद्र सिंह नेगी, विश्वास नगर से ओम प्रकाश शर्मा, कृष्णा नगर से अनिल गोयल, गांधीनगर से सरदार अरविंद सिंह लवली, सीमापुरी (एससी) से कुमारी रिंकू, रोहतास नगर से जितेंदर महाजन और गोहाना से अजय महावर को उम्मीदवार बनाया गया है। बता दें कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट पहले ही जारी कर दी है।

पानीपुरी बेचने वाले कुछ विक्रेताओं को जीएसटी विभाग से नोटिस मिलने का दावा किया गया, सोशल मीडिया पर खबर वायरल

नई दिल्ली हाल ही में सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाली खबर वायरल हो रही है, जिसमें पानीपुरी बेचने वाले कुछ विक्रेताओं को जीएसटी विभाग से नोटिस मिलने का दावा किया गया है। कारण? ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म जैसे RazorPay और PhonePe के जरिए उनके लेन-देन 40 लाख रुपये से अधिक हो गए हैं। यह खबर जितनी हैरान करने वाली है, उससे ज्यादा मजेदार प्रतिक्रियाओं के कारण सुर्खियां बटोर रही है। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने इस मुद्दे को हल्के-फुल्के अंदाज में लिया। एक यूजर ने लिखा, “अब समय आ गया है कि वह अपने ब्रांड का नाम ‘PP Waterballs’ रखकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रखें।” वहीं, एक और ने मजाक करते हुए कहा, “पानीपुरी का लंदन में निर्यात करने का बेहतरीन मौका है।” सड़क विक्रेता और जीएसटी आमतौर पर, भारत में छोटे सड़क विक्रेता जीएसटी या आयकर के दायरे में नहीं आते क्योंकि उनकी आय सीमित होती है। जीएसटी पंजीकरण केवल उन कारोबारियों के लिए जरूरी है जिनका वार्षिक टर्नओवर 40 लाख रुपये से अधिक हो। इसी तरह, आयकर उन्हीं पर लागू होता है जिनकी आय 2.5 लाख रुपये सालाना से ज्यादा हो। डिजिटल लेन-देन से बढ़ा प्रभाव आजकल ग्राहक ऑनलाइन भुगतान करना ज्यादा पसंद करते हैं, जिससे इन विक्रेताओं की कुल लेन-देन राशि बढ़ रही है। यह बदलाव छोटे व्यवसायों को टैक्स के दायरे में ला सकता है। नकद लेन-देन की तुलना में ऑनलाइन लेन-देन ट्रैक करना आसान होता है, जिससे ये विक्रेता कर अधिकारियों की नजर में आ रहे हैं। सोशल मीडिया का मजाकिया पक्ष इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। एक यूजर ने लिखा, “अब पानीपुरी से GST वसूलने का वक्त आ गया है!” जबकि दूसरे ने कहा, “शायद करियर बदलने का सही समय है।” हालांकि, मजाक और हल्के-फुल्के अंदाज के बीच यह मामला गंभीर सवाल उठाता है कि डिजिटल भुगतान का बढ़ता चलन छोटे विक्रेताओं के लिए टैक्स नियमों को कैसे बदल सकता है।  

5 जनवरी से , ‘राइडर्स इन द वाइल्ड 3.0 की शुरूआत

–  भोजपुर में 7 दिवसीय बाइक राइड का 11 जनवरी को होगा समापन। –  ‘ऑफ बीट डेस्टिनेशन’ का बाइकर्स करेंगे भ्रमण। भोपाल मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन्य-प्राणी, प्राकृतिक स्थल, कला-संस्कृति धरोहर के व्यापाक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से बाइकिंग इवेन्ट ‘राइडर्स इन द वाइल्ड- 2025 (तृतीय संस्करण)’ 05 जनवरी को शुरू किया जा रहा है। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी एवं पर्यटन एवं संस्कृति विभाग प्रमुख सचिव एवं मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री शिवशेखर शुक्ला द्वारा द्वारा सात दिवसीय कार्यक्रम की शुरूआत एमपीटी के होटल ‘विंड एंड वेव्स’ से की जाएगी। इस अवसर पर देश व प्रदेश के लगभग 25 सुपर बाइकर्स अपनी सुपर बाइक साथ मध्य प्रदेश की राइड पर निकलेंगे। बाइकर्स, भोपाल, राजगढ़, झालाबढ़, गांधी सागर, चंदेरी, खजुराहो, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, परसिली, जबलपुर और भेड़ाघाट आदि पर्यटन स्थल पर जाएंगे और मध्य प्रदेश की सुंदरता को करीब से जानेंगे। कार्यक्रम का समापन 11 जनवरी को रायसेन जिले के भोजपुर में स्थित शिव मंदिर पर किया जाएगा।    

लम्बित प्रश्नों पर जीरो पेंडेन्सी के साथ आदर्श बनाये, राजस्थान-विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्य सचिव सहित अधिकारियों की बुलाई उच्च बैठक

जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा आमजन की समस्या के समाधान का सशक्त प्लेटफार्म है। विधायकों द्वारा जन समस्याओं के संबंध में उठाये गये मुद्दों के निराकरण विधानसभा के पवित्र सदन में होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारीगण समस्याओं के निराकरण करने में सहयोगी बने और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन समय सीमा में करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मिशन रूप में कार्य करने से ही राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों का परिणाम धरातल पर दिखाई दे सकेगा। श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा से संबंधित प्रश्नों के जवाब के मामले में उल्लेखनीय सुधार हुए है, लेकिन अभी और अधिक बेहतर किये जाने की आवश्यकता है। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी शुक्रवार को यहां विधानसभा में लम्बित प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेख प्रस्तावों, आश्वासनों एवं याचिकाओं के संबंध में राज्य सरकार के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अधिकारियों को दिये सख्‍त निर्देश, जवाब समय सीमा में भेजे- श्री देवनानी ने कहा कि प्रश्नों के जवाब लम्बे समय तक विधानसभा को प्राप्त नहीं होना चिन्ता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को सख्‍त निर्देश दिये कि विधानसभा के प्रश्नों के जवाब समय सीमा में भेजा जाना सुनिश्चित करें। यह महत्वपूर्ण कार्य है। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के तीसरे सत्र से पहले 20 जनवरी तक सभी प्रश्नों के जवाब  विधानसभा को आवश्यक रूप से भेजे। श्री देवनानी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, स्वायत्त शासन विभाग, शिक्षा विभाग, ऊर्जा विभाग, नगरीय विकास विभाग और गृह विभाग का नाम प्रमुखता से लेकर कहा कि इन विभागों में विधानसभा के प्रकरण अधिक संख्या में लम्बित है। श्री देवनानी ने कहा कि इन विभागों को प्राथमिकता से गम्भीर होकर विधानसभा के मामलों का निस्तारण समय सीमा में करना होगा। श्री देवनानी अधिक प्रश्नों के बकाया जवाबों वाले विभागों के अधिकारियों से रूबरू हुए और उनसे प्रश्नों के जवाब नहीं आने के कारणों की जानकारी ली। श्री देवनानी ने कहा की विधानसभा की समितियों की कार्यवाही को भी प्रशासनिक अधिकारी गंभीरता से लें ताकि ऑडिट पैराओ पर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध समय पर कार्रवाई हो सके। प्रश्नों के मामले में दुबारा ना बुलानी पडे बैठक- श्री देवनानी ने कहा कि अधिकारी विधानसभा से संबंधित मामलों में इस तरह की मॉनिटरिंग करें की लम्बित प्रश्नों के मामले में भविष्य में अन्य बैठक बुलाने की आवश्यकता ही ना हो। जनहित के मामलों का निस्तारण विधानसभा में समय सीमा में कराया जाना सशक्त लोकतंत्र के लिये आवश्यक है। कैम्प लगाये और निस्तारण करें- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा से संबंधित प्रश्नों के मामले में विभाग के अधिकारियों के साथ कैम्प लगाकर युद्ध स्तर पर कार्य निस्तारण की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि यह गभीर मामले है इन्हें समय से निर्णित किया जाना आवश्यक है। विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि यदि इन मामलों में कोई समस्या है तो बताये और उसके साथ ही समस्या के निराकरण के मार्ग भी सुझाये, ताकि परिणामदायक कार्य हो सके। विधानसभा के प्रति संवेदनशील बने- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि अधिकारीगण विधानसभा के प्रति संवेदनशील बने। सदन में 200 विधायकगण बैठते हैं। राज्य सरकार भी यहां राज्य कार्यों को सम्‍पादित करती है। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण विधानसभा को गम्भीरता से ले। अधिनस्थ अधिकारियों की कार्य व्यवस्था को प्रभावी बनाये और परिणाम देने वाला परिश्रम करें। यह विधानसभा है यहां परिणाम धरातल पर आने चाहिए- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा का सदन आमजन का सदन होता है। आमजन विधायकों को निर्वाचित कर विधानसभा में भेजते है। जन समस्याओं का निराकरण आवश्यक रूप से प्रभावी तरीके से किया जाना आवश्यक है, ताकि धरातल पर परिणाम दिखाई दे सके। देवनानी ने कहा कि तीस दिन विधानसभा चलती है। एक विभाग के लिये पांच दिन का ही समय आता है। विधानसभा से अधिक महत्वपूर्ण कोई कार्य नहीं हो सकता है। विधानसभा में बैठकों के दौरान वरिष्ठ अधिकारीगण दीर्घा में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जनता को यथा समय जवाब मिलने पर सन्तुष्टि होती है। प्रदेश के अधिकारीगण अनुभवी है। उनके अनुभवों का लाभ राज्य को होना चाहिए। श्री देवनानी ने कहा कि राजस्थान के लोग धैर्यवान है। उनकी कठिनाईयों का निराकरण करना हम सभी का प्रथम दायित्व है। बोर्ड निगमों के प्रतिवेदन नहीं आने पर जिम्मेदारी तय करें- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा में राज्य के निगमों, बोर्ड आदि के प्रतिवेदन समय पर नहीं आते है। यह ठीक नहीं है। इसे गम्भीरता से ले और जिम्मेदारी तय करें।विभागों में बने प्रकोष्ठों को सुदृढ करें- श्री देवनानी ने अधिकारियों से पूछा कि प्रश्नों के जवाब भेजने में क्या कठिनाई है? क्यों प्रश्नों के जवाब लम्बित रहते है। किस स्तर पर विधानसभा के कार्यों को गम्भीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे पीडा है कि प्रश्नों के जवाब निर्धारित समय सीमा में नहीं आ रहे है। श्री देवनानी ने कहा कि प्रत्येक विभाग में विधानसभा प्रकोष्ठ संचालित होने के बावजूद भी प्रश्नों के जवाब नहीं आना दु:खद है। राज्य सरकार और विधानसभा का उद्देश्य एक ही है- श्री देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार और विधानसभा के कार्यों का उद्देश्य एक ही है। विधायकों द्वारा पूछे जा रहे प्रश्नों के जवाब तय समय सीमा में आये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और विधानसभा के अधिकारीगण प्रश्नों के जवाब में आ रही कठिनाइयों को मिलकर दूर करें और समय पर प्रश्नों के जवाब भेजे जाना सुनिश्चित करें। लोकतंत्र के प्रति लोगों के विश्वास को बनाये रखें- श्री देवनानी ने कहा कि लोकतंत्र में जन महत्वपूर्ण होता है। जनता का लोकतंत्र के प्रति विश्वास को बनाये रखने में हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आप और हम सभी मिलकर लोकतंत्र के लिए प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रहे है। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा के सदन संचालन से संबंधित किसी भी कार्य में ढिलाई बरतने वाले अधिकारी व कर्मचारी पर सख्त कार्यवाही होगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि प्रश्नों के सन्दर्भ में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अनेक बार समीक्षा की जा रही है। राज्य सरकार उनके इस कदम में पूरी तरह से सहभागी … Read more

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