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द एड्रेस कॉलोनी प्रवेश मार्ग का विधि सम्मत हल निकाले : मंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि गोविंदपुरा क्षेत्र में आने वाली द एड्रेस कॉलोनी प्रवेश मार्ग का विवाद विधिनुसार हल किया जाये। इस संबंध में उन्होंने बुधवार को मंगालय में एसडीएस कोलार, टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग, नगर निगम और रहवासियों के साथ संयुक्त बैठक ली। मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि 13 जनवरी को सभी पक्ष अपने दस्तावेज के साथ एसडीएम कोलार कार्यालय में उपस्थित होंगे। एसडीएम सभी पक्ष की सुनवाई कर सर्वमान्य और विधि सम्मत हल निकालेगें। मंत्री श्रीमती गौर ने निर्देश दिये है कि नगर निवेशक, नगर निगम तथा टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग के अधिकारी संयुक्त रूप से स्थल भ्रमण भी करें। श्रीमती गौर ने स्पष्ट किया की प्रकरण के निराकरण में सभी पक्षों के हितों का ध्यान रखा जाये।  

मालदीव के रक्षा मंत्री ने की राजनाथ सिंह से बात, बुरे वक्त में याद आया भारत, पटरी पर लौट रहे रिश्ते

मालदीव भारत और मालदीव के रिश्ते एक बार फिर से पटरी पर लौट गए हैं। मोहम्मद मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गई थी, लेकिन आर्थिक झटका लगने से शुरू हुए बुरे वक्त के बाद मालदीव बैकफुट पर आ गया। अब मालदीव सरकार के मंत्री भारत के चक्कर लगा रहे हैं। विदेश मंत्री हालिया दौरे के बाद अब मालदीव के रक्षा मंत्री मोहम्मद घासन मौमून भी भारत पहुंचे हैं, जिसके बाद उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। राजनाथ सिंह ने मालदीव के अपने समकक्ष के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में मालदीव के साथ संबंधों को गहरा करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की हाल की भारत यात्रा पर विचार करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, “मुझे अक्टूबर 2024 में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान आपके साथ हमारी संक्षिप्त मुलाकात याद है।” रक्षा मंत्री ने दोनों देशों के बीच स्थायी आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, भाषाई और जातीय संबंधों पर जोर दिया, और संबंधों को घनिष्ठ, सौहार्दपूर्ण और बहुआयामी बताया। राजनाथ सिंह ने कहा कि मालदीव भारत की पड़ोसी प्रथम नीति के तहत एक विशेष स्थान रखता है, जो क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक रणनीतिक ढांचा है। उन्होंने कहा, “मालदीव ने भारत की पड़ोसी प्रथम नीति के तहत एक विशेष स्थान प्राप्त किया, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि लाना है।” हिंद महासागर में सुरक्षा बनाए रखने में दोनों देशों की साझा भूमिका पर प्रकाश डालते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, “दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा और संरक्षा बनाए रखने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं, इस प्रकार वे क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास में योगदान करते हैं।” मालदीव के साथ भारत का मजबूत रक्षा सहयोग दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की बातचीत का एक और केंद्र बिंदु था। सिंह ने भारत द्वारा प्रस्तावित क्षमता निर्माण के अवसरों का भी जिक्र किया, जिसमें प्रशिक्षण कार्यक्रम, संयुक्त अभ्यास, कार्यशालाएं और रक्षा उपकरणों की आपूर्ति शामिल है। उन्होंने इस गति को बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “भारत परियोजनाओं, उपकरणों और प्रशिक्षण के माध्यम से मालदीव और मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल को उनके क्षमता निर्माण प्रयासों में समर्थन देना जारी रखेगा। एक विश्वसनीय भागीदार और एक करीबी दोस्त के रूप में, आश्वासन देता हूं कि भारत मालदीव की विकास आवश्यकताओं और उसके लोगों के कल्याण के लिए समर्थन करना जारी रखेगा।” मालदीव के विदेश मंत्री ने भी की थी भारत की यात्रा बता दें कि रक्षा मंत्री मोहम्मद घासन मौमून की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब कुछ दिन पहले, मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला खलील ने भारत की यात्रा की थी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ व्यापक वार्ता की थी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तीन जनवरी को हुई बैठक में कहा था कि भारत की पड़ोस पहले नीति का मालदीव एक शानदार उदाहरण है और उन्होंने हिंद महासागर में स्थित इस द्वीप देश को नयी दिल्ली के सहयोग का वादा किया। उन्होंने कहा था, ”विभिन्न क्षेत्रों में हमारी भागीदारी बढ़ी है और भारत हमेशा मालदीव के साथ खड़ा रहा है। हमारे लिए, आपके साथ सहयोग हमारी पड़ोस पहले नीति का शानदार उदाहरण है।” मालदीव, हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के प्रमुख समुद्री पड़ोसियों में से एक है और मालदीव में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान रक्षा सहित समग्र द्विपक्षीय संबंधों में वृद्धि देखी गई।

दृष्टिबाधित बच्चों के लिए उपलब्ध कराया गया ’एनी डिवाइस’

नेत्रहीन बच्चों के भविष्य की बेहतरी के लिए प्रशासन का एक और उत्कृष्ट प्रयास ब्रेल लिपि का उन्नत स्वरूप है ’’एनी डिवाइस’’ रायपुर, वर्तमान समय में दिव्यांग छात्र छात्राओं को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नये-नये तकनीक और उपकरणों का शिक्षा के क्षेत्र में समावेश किया जा रहा है। ताकि दिव्यांग बच्चों के शैक्षणिक विकास को एक नया दिशा दिया जा सके। और हम सभी जानते है कि ब्रेल लिपि के माध्यम से दृष्टिबाधित व्यक्ति पढ़ने लिखने में सामर्थ्य हासिल कर सकते है दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के गीदम विकासखंड अन्तर्गत जावंगा में स्थित आवासीय विद्यालय ’’सक्षम’’ का संचालन किया जा रहा है। यह छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा संस्थान हैं जहां दिव्यांग बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां वर्तमान में विभिन्न दिव्यांग श्रेणी के 94 बालिकाओं, एवं 90 बालक अध्ययनरत है इनमें 16 बालिकाएं एवं 12 बालक दृष्टिबाधित श्रेणी में है। इस संस्थान में बच्चों को सर्वांगीण शिक्षा के साथ-साथ आत्मविश्वास बढ़ाने के सभी उपाय किए जा रहे हैं। यहां बच्चे अपने दैनिक कार्यों को आसानी से पूरा कर लेते हैं। ये बच्चे दूसरे बच्चों की तरह सामान्य स्कूलों में सुबह की पाली में जाते हैं। दोपहर को इनकी विशेष प्रशिक्षण की कक्षाएं होती हैं जहां इनकी जरूरतों के अनुरूप इन्हें चीजें सिखायी जाती हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन के प्रयास अनुरूप दंतेवाड़ा जिले में नेत्रहीन बच्चों के लिए शिक्षा और तकनीक का जो समावेश हो रहा है, वह एक सराहनीय पहल है। इस क्रम में जिला प्रशासन द्वारा सक्षम स्कूल में दृष्टिबाधित बच्चों को एक विशेष उपकरण ’’एनी डिवाइस’’ प्रदान किया गया है। दृष्टिबाधित बच्चों के लिए एक क्रांतिकारी उपकरण यह एक स्मार्ट लर्निंग टूल है, जो ब्रेल लिपि सीखने और पढ़ने में बच्चों की मदद करता है। एनी डिवाइस खासतौर पर उन बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है जो देखने में असमर्थ हैं। यह डिवाइस टच और ऑडियो फीचर्स के माध्यम से बच्चों को ब्रेल अक्षरों को पहचानने और लिखने में सहायता करता है। कैसे काम करता है एनी डिवाइस? बच्चे अपनी उंगलियों से डिवाइस पर ब्रेल अक्षरों को छूते हैं। डिवाइस तुरंत ऑडियो में अक्षर का नाम और उसकी ध्वनि सुनाता है। इसमें इंटरएक्टिव गेम्स और क्विज भी होते हैं, जो बच्चों को सीखने में मजेदार अनुभव प्रदान करते हैं। बच्चों को होने वाले फायदे ’’एनी डिवाइस“ से बच्चे ब्रेल लिपि आसानी से सीख सकते है। इसके साथ ही यह डिवाइस बच्चों को आत्मनिर्भर बनने में मदद करता है, जिससे वे अपनी पढ़ाई में दूसरों पर कम निर्भर रहते हैं। सीखने का यह नया तरीका बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करता है। जिला प्रशासन का यह प्रयास दृष्टिबाधित बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 2013 में सक्षम विद्यालय की स्थापना से लेकर अब ब्रेल लिपि के उन्नयन और “एनी डिवाइस” के उपयोग तक, यह प्रयास नेत्रहीन बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। इस संबंध में बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षक श्री अमित यादव ने बताया कि 2015 से ब्रेल लिपि बच्चों को पढ़ा रहे है लेकिन अब जिला प्रशासन के सहयोग से हमें एक नया डिवाइस मिला है पहले ब्रेल मशीन में एक साथ लिख सकते थे लेकिन अब एनी डिवाइस के माध्यम से बच्चे और अच्छे से पढ़ाई कर सकते है और अन्य प्रकार की सुविधा मिलेगी, जिससे बच्चों और अच्छे से पढ़ पाएगें। ब्रेल लिपि पहले से ही नेत्रहीन बच्चों के लिए पढ़ने-लिखने का एक अनूठा साधन है। अब इस नई तकनीक, “एनी डिवाइस,” के माध्यम से बच्चों को न केवल पढ़ाई बल्कि गेम, गाने और अन्य डिजिटल सुविधाओं का भी अनुभव हो रहा है। यह ’’डिवाइस वॉइस असिस्टेंस’’ जैसी तकनीक से लैस है, जो बच्चों को आत्मनिर्भर और आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने में मदद करती है। दंतेवाड़ा प्रशासन का यह कदम समाज के उन वर्गों के लिए प्रेरणा है, जिन्हें विशेष ध्यान और सहयोग की आवश्यकता है। यह शिक्षा में समावेशिता और तकनीकी विकास का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।

HMPV को लेकर आवश्यक सुझाव एवं दिशा निर्देश तैयार किए जाने हेतु तकनीकी समिति का गठन

डॉ.एस.के. पामभोई की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय टीम देगी HMPV को लेकर अपना अभिमत रायपुर, भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के संबंध में सभी राज्यों को जागरूकता हेतु निर्देशित किया गया है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) संक्रमण के संबंध में वर्तमान / अद्यतन स्थिति पर सतत् निगरानी बनाए रखने हेतु एक तकनीकी समिति का गठन किया गया है। HMPV के संक्रमण के रोकथाम, बचाव, जागरूकता एवं आगामी कार्ययोजना के संबंध में आवश्यक सुझाव एवं दिशा निर्देश तैयार किए जाने हेतु इस तकनीकी समिति का गठन किया गया है। इस समिति में संचालक, महामारी नियंत्रण डॉ.एस.के. पामभोई अध्यक्ष के रूप में हैं। इनके साथ सदस्य के रूप में उपसंचालक डॉ. खेमराज सोनवानी, उपसंचालक डॉ. धर्मेन्द्र गहवई, राज्य सलाहकार आईएसडीपी आकांक्षा राणा तथा राज्य सलाहकार आईएसडीपी चयनिका नाग शामिल हैं। यह तकनीकी समिति राज्य में HMPV के संबंध में समय-समय पर अपना प्रतिवेदन अभिमत स्वास्थ्य विभाग को प्रस्तुत करेगी।

‘अधिकाधिक काम हो ऑनलाइन, पारदर्शिता हो प्राथमिकता’, राजस्थान-आवासन आयुक्त ने ली समीक्षा बैठक

जयपुर। आवासन आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने मंगलवार को वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अधिक से अधिक काम ऑनलाइन कर कार्य में पारदर्शिता लायी जाए। उन्होंने अधिकारियों को मण्डल की कार्यप्रणाली को अधिकाधिक ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की आज के समय में ऑनलाइन सेवाएँ उपलब्ध करवाना अति आवश्यक है इनके आभाव में कार्यों में तेजी एवं पारदर्शिता लाना कठिन है। इस बैठक में भूमि बैंक, महत्वपूर्ण न्यायालयीन मामले, जलापूर्ति, सीवर लाइन, सड़कें, स्ट्रीट लाइट, डीएलपी कार्य, वृक्षारोपण अभियान और आगामी “बुधवार नीलामी उत्सव” में अधिशेष संपत्तियों को शामिल करने की तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर समीक्षा व गहन चिंतन किया गया। डॉ शर्मा ने कहा की निर्माण स्थल पर बचाव और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए । निर्माण स्थल पर निर्माण कार्य शुरू होने से पहले वहाँ बोर्ड लगाया जाए, बैरिकेडिंग कर रिफ्लेक्टर लगाये जाए जिस से की वहाँ किसी प्रकार का कोई हादसा ना हो। इसमें किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को भूमि बैंक को मजबूत करने के लिए उपलब्ध भूमि संसाधनों की पहचान और दस्तावेज़ीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियंता फील्ड में जाकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अविलंभ जमीनों के प्रस्ताव तैयार करें। पारदर्शिता बनाए रखने और अतिक्रमण को रोकने के लिए आवासन आयुक्त ने क्षेत्र में मंडल की सभी जमीनों पर बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए। आवासन आयुक्त ने परियोजनाओं में जलापूर्ति एवं सीवर लाइन की कार्य प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा की किसी भी योजना के निर्माण कार्य के आरंभ होने से पहले ही सीवर लाइन तथा जलापूर्ति संबंधी प्लानिंग की जाए। इसके साथ ही उन्होंने हस्तांतरण की जा चुकी परियोजनाओं में भी नियमानुसार रखरखाव के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की जलापूर्ति और सीवर लाइन में कोताही पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। डॉ. शर्मा ने बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए समय पर कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और टीमों को किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को दूर करने के निर्देश दिये। आयुक्त ने परियोजनाओं में सड़क निर्माण एवं रखरखाव के साथ-साथ स्ट्रीट लाइटों को लगाने एवं मरम्मत का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक सुरक्षा एवं सुविधा बढ़ाने के लिए उचित रोशनी सुनिश्चित करने के लिए कहा। बैठक में डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के तहत कार्यों की स्थिति की समीक्षा भी की गई। डॉ. शर्मा ने टीमों को लंबित मरम्मत को तुरंत ठीक करने और भविष्य में शिकायतों से बचने के लिए गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के निर्देश दिए । साथ ही, आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के तहत होने वाले कार्यों को डीएलपी नियमानुसार ही करवाया जाना सुनिश्चित किया जाए एवं किसी भी परिस्थिति में ऐसे कार्यों के लिए पुन: वित्तीय स्वीकृति नहीं जारी की जाए। ऐसा पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में आवासन आयुक्त ने राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट एएमयू से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान के एमओयू को धरातल पर लाने के लिए समस्त अभियंता एवं अधिकारी अपने -अपने जिले के जिला कलक्टर से समन्वय कर निवेशकों के साथ सम्पर्क स्थापित करें और भूमि के चिह्निकरण, भू आवंटन आदि प्रकरणों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। आवासन आयुक्त ने चल रहे न्यायालयीन मामलों की स्थिति की समीक्षा की, अधिकारियों को समय पर कानूनी जवाब प्रस्तुत करने और विकास कार्यों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण विवादों को हल करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होनें राज्य सरकार की मंशानुसार चल रहे पौधरोपण के कार्यो की समीक्षा भी की। डॉ शर्मा ने कहा कि पौधों को रोपने के साथ ही उनका संरक्षण और संवर्द्धन भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में उन्होनें अपने क्षेत्रों में हुए पौधारोपण के बाद उनके संरक्षण पर ध्यान देने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी प्रदान किये। बैठक में आगामी “बुधवार नीलामी उत्सव” में अधिशेष आवासों को शामिल करने पर चर्चा की गई। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को अधिशेष घरों की सफल नीलामी सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। ताकि आमजन के लिए आवास प्राप्त करना सुलभ व किफायती बने। इस बैठक में मुख्य सम्पदा प्रबंधक श्री प्रवीण अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री अमित अग्रवाल, मुख्य अभियंता मुख्यालय श्री तेजवीर मीना, मुख्य नगर नियोजक श्री अनिल माथुर, वित्तीय सलाहकार श्री रोहताश यादव सहित समस्त अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।

सौम्या चौरसिया को मिली जमानत, पर जेल से नहीं आ पाएंगी बाहर

रायपुर लंबे समय से जेल में कैद सौम्या चौरसिया के लिए राहत भरी खबर आई है. आय से अधिक संपत्ति मामले में नियत समयावधि में चार्जशीट दाखिल न होने पर एसीबी/ईओडब्लू स्पेशल कोर्ट ने सौम्या चौरसिया को जमानत दे दी है. लेकिन सौम्या चौरसिया अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगी क्योंकि उनके विरुद्ध कोल लेव्ही का केस चल रहा है. एसीबी/ईओडब्लू कोर्ट में न्यायाधीश निधि शर्मा तिवारी के समक्ष सौम्या चौरसिया के अधिवक्ता फैजल रिज़वी ने 7 जनवरी को ज़मानत आवेदन पेश किया था. अधिवक्ता के आवेदन में बताया कि नियत समयावधि साठ दिन हो चुके हैं और चालान पेश नहीं हुआ है इसलिए ज़मानत दी जाए. इस आवेदन के बाद एसीबी/ईओडब्लू की ओर से आवेदन देकर बहस के लिए आज का समय मांगा गया. एसीबी की ओर से श्लोक श्रीवास्तव और मिथिलेश वर्मा ने यह तर्क दिया कि एसीबी के प्रकरण में चार्जशीट दाखिल करने की मियाद 60 दिन बल्कि 90 दिन है. इस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिज़वी ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत के साथ यह तर्क किया कि चार्जशीट दाखिल करने की अवधि 60 दिन है. बचाव पक्ष की ओर से बीएनएसएस 187(3) का उल्लेख करते हुए न्यायालय से अनुरोध किया कि इसमें भी साठ दिवस की अवधि निर्धारित है. लेकिन जेल में रहेंगी सौम्या रायपुर की विशेष अदालत (एसीबी/ईओडब्लू) ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिज़वी के तर्कों से सहमत होते हुए सौम्या चौरसिया को ज़मानत दे दी. ईडी के कोल लेव्ही स्कैम में सौम्या चौरसिया को सुप्रीम कोर्ट से पूर्व में ज़मानत मिल चुकी है, आय से अधिक संपत्ति मामले में भी उन्हें रायपुर अदालत से ही ज़मानत मिल गई है. लेकिन सौम्या चौरसिया अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगी क्योंकि उनके विरुद्ध एसीबी/इओडब्लू ने कोल लेव्ही केस में केस दर्ज कर रखा है, और इस प्रकरण में उन्हें ज़मानत नहीं मिल सकी है. मामले की जानकारी देते हुए ACB/EOW के वकील सौरभ पांडे ने बताया कि 60 दिन की समयावधि में चालान पेश नहीं करने पर जमानत का लाभ देते हुए कोर्ट ने सौम्या चौरसिया को जमानत दी है, लेकिन वो अभी जेल में ही रहेगी.

किसान अपनायें सुरक्षा के उपाय, राजस्थान-पाला पड़ने से फसलों में नुकसान की संभावना

जयपुर। शीतलहर व पाले से फसलों को नुकसान होने की संभावना रहती है। पाले के कारण पौधों की कोशिकाओं में उपस्थित जल जमने से कोशिका भित्ति फट जाती है, जिससे पौधों की पत्तियां, कोंपलें, फूल एवं फल क्षतिग्रस्त हो जाते है। उन्होंने बताया कि रबी की फसलों में फूल व बालियाँ बनने के समय पाला पड़ने पर सर्वाधिक नुकसान की संभावना रहती है। इस समय किसानों को सतर्क रहकर फसलों की सुरक्षा के उपाय अपनाने चाहिए। फसलों को पाले से बचाने हेतु गंधक के तेजाब का 0.1 प्रतिशत अर्थात एक हजार लीटर पानी में एक लीटर सान्द्र गंधक का तेजाब का घोल तैयार कर फसलों पर छिड़काव करें अथवा घुलनशील गंधक के 0.2 प्रतिशत घोल का छिड़काव भी कर सकते हैं। नकदी सब्जी वाली फसलों में भूमि के तापमान को कम होने से बचाने के लिए टाट, पॉलिथिन अथवा भूसे से ढ़क देना चाहिए। पाले के दिनों में फसलों में सिंचाई करने से भी पाले का असर कम होता है। पाले के स्थाई समाधान के लिए खेती की उत्तर-पश्चिम दिशा में मेड़ों पर घने ऊंचे वृक्ष लगायें। उल्लेखनीय है कि जब आसमान साफ हो, हवा न चल रही है और तापमान काफी कम हो जाये तब पाला पडने की संभावना बढ़ जाती है। दिन के समय दोपहर से पहले ठण्डी हवा चल रही हो व हवा का तापमान अत्यन्त कम होने लग जाये और दोपहर बाद अचानक हवा चलना बंद हो जाये तब पाला पड़ने की आंशका बढ़ जाती है।

फर्जी एडवाइजरी सेंटर पर पुलिस की रेड, चार सेंटर में कुल 120 लोग काम करते हुए मिले, पुलिस ने किया अरेस्ट, पूछतांछ जारी

उज्जैन उज्जैन पुलिस ने शहर में चल रहे चार फर्जी एडवाइजरी सेंटर पर बुधवार को छापा मारा। पुलिस ने यहां काम करने वाले 120 युवक-युवतियों को हिरासत में ले लिया है। इसके साथ ही सेंटर्स से कम्प्यूटर और अन्य डाक्यूमेंट भी बरामद किए गए हैं। पुलिस को शिकायत मिली थी कि शहर में फर्जी एडवाइजरी सेंटर चल रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने आज इनमें छापा मारा। छापे के दौरान चार सेंटर में कुल 120 लोग काम करते हुए मिले। अब पुलिस इनसे पूछताछ कर पता लगा रही है कि वे कैसे इन सेंटर्स में क्या-क्या और कैसे काम करते थे।   जीवाजीगंज पुलिस ने ऋणमुक्तेश्वर पुलिया से मेथिलिनडायआक्सी (एमडी) की तस्करी करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से पुलिस ने 49 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मंगलवार को जीवाजीगंज पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ऋणमुक्तेश्वर पुलिया से अमजद पुत्र अजगर खान उम्र 40 वर्ष निवासी पिपलोन, सुलतान उर्फ भैजी पुत्र मुबारिक हुसैन उम्र 26 वर्ष निवासी जांसापुरा, शादाब उर्फ पेंटर पुत्र सालार अहमद उम्र 26 वर्ष निवासी बेगमपुरा को गिरफ्तार किया है। एनडीपीएस एक्ट की धारा लगाई आरोपितों के कब्जे से 49 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की है। पुलिस ने सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत केस दर्ज किया है। आरोपित सुल्तान के खिलाफ एक दर्जन मामले दर्ज हैं। इनमें मध्यप्रदेश गोवंश प्रतिशेध अधिनियम, मारपीट, आर्म्स एक्ट तथा एनडीपीएस एक्ट की धाराएं शामिल हैं। पहले से दर्ज हैं केस इसके अलावा शादाब के खिलाफ चार तथा अमजद के खिलाफ दो केस दर्ज हैं। मंदसौर से लेकर आते थे एमडी ड्रग्स पुलिस ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपित मंदसौर से ड्रग्स लेकर आए थे। मंदसौर के ही रहने वाले दो अन्य आरोपितों के नाम भी सामने आएं हैं। दोनों कई दिनों से आरोपितों को एमडी ड्रग्स सप्लाय कर रहे थे। आरोपितों की तलाश में मंदसौर भी दबिश दी जा रही है। अन्य आरोपितों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।

अंगूर खाओगे, तो ये रोग होंगे दूर

अंगूर स्वादिष्ट होने के साथ-साथ अनेक पौष्टिक गुणों से युक्त होते हैं। इनमें विटामिन, पोटेशियम, कैल्शियम, फास्फोरस, कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोज पर्याप्त मात्रा में होता है, जो शरीर में खून की वृद्धि करता है व कमजोरी दूर करता है। एनर्जी:- अंगूर में मौजूद शर्करा रक्त में आसानी से अवशोषित हो जाती है और थकान दूर कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। सफाई:- अंगूर शरीर में मौजूद विषैले तत्वों को आसानी से शरीर से बाहर निकाल देता है। अंगूर रक्त की क्षारीयता को संतुलित करता है। किसी कारणवश शरीर में अम्लता बढ़ जाए तो वह हानिकारक साबित होती है। ऐसा होने पर 20 से 30 ग्राम अंगूर खाएं। मिर्गी:- अंगूर को रोजाना खाने से कैंसर, एपेंडिक्स, बच्चों में कमजोरी, मिर्गी, रक्त संबंधी विकार, आमाशय में घाव और कमजोरी में लाभ मिलता है। पाचन:- यदि किसी ने धतूरा खा लिया हो तो उसे दूध में अंगूर का सिरका मिलाकर दें। यह टायफॉइड, मानसिक परेशानी और पाचन की गड़बड़ी में भी लाभकारी होता है।  

‘दवाओं और गहनों की गुणवत्ता जांच व साइबर क्राइम रोकने की ठोस योजना बनाएं’, राजस्थान-खाद्य-नागरिक आपूर्ति मंत्री ने ली बैठक

जयपुर। खाद्य,नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री श्री सुमित गोदारा ने कहा कि आगामी समय में शादियों के सीजन को ध्यान में रखते हुए ज्वेलरी की गुणवत्ता की जांच के लिए अभियान शुरू करें। गोदारा ने मंगलवार को सचिवालय में राज्य उपभोक्ता संरक्षण परिषद की बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश के लोग अपनी आय को ज्वेलरी खरीदने में ज्यादा धन ख़र्च करते हैं।वो किसी भी प्रकार से ठगी के शिकार नहीं हो इसके लिए उन्हें जागरूक करना आवश्यक है। साथ ही, निर्देश दिए कि दुकानदार द्वारा उपभोक्ता को दिये गए बिल पर हॉल मार्क की जानकारी अवश्य लिखी होनी चाहिये। सर्राफा बाजार में हॉल मार्क सेंटर की जानकारी क्यू आर कोड के माध्यम से दी जाए। अभी तक राज्य में कुल 20 जिलों में हॉलमार्क सेंटर स्थापित किये जा चुके हैं। गोदारा ने उपभोक्ताओं के अधिकारों के संवर्धन व संरक्षण के लिए एवं उपभोक्ताओं को त्वरित राहत प्रदान करने के लिए इनका समयबद्ध रूप से निस्तारण करने के निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। दुकानदारों द्वारा दिये जाने वाले बिल पर उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर अंकित किये जाए, सभी को यह जानकारी होनी चाहिये कि यदि आप उत्पाद से संतुष्ट नहीं है तो निर्धारित हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। मानव जीवन से जुड़ी दवाइयों की विश्वसनियता बनाये रखने के लिए एवं पनीर, दूध एवं मावा की रेंडमली जांच करने के निर्देश दिए। बीमा क्लेम व रियल एस्टेट के प्रकरणों का निस्तारण भी शीघ्रता से किया जाए। उन्होंने बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए वीसी के माध्यम सुनवाई की व्यवस्था शुरू करने के बारे में कहा कि यह बुजुर्गों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। समय—समय पर उपभोक्ताओं की जागरूकता के लिए संभाग स्तर पर कार्यशालाएं एवं ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जागरूकता के लिए ग्राम स्तर पर रात्रि चोपाल आयोजित करने के साथ ही वीडियो ऑडियो का प्रदर्शन करने के निर्देश दिए। जागरूकता का प्रचार जमीनी स्तर पर करने के लिए रोडमैप बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग में होने वाली ठगी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे सावधान रहने की आवश्यकता है। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचित करें। राज्य में कुल 36 साइबर स्टेशन क्रियाशील हैं, कुल 1930 साइबर कमांडो तैयार किये जा रहे है। इस पर पूरा फोकस है। ठगी होने के 4 घंटे के भीतर ही यदि शिकायत दर्ज हो जाती है तो पैसा रिकवर होने की संभावना अधिक रहती है। प्रमुख शासन सचिव श्री सुबीर कुमार ने कहा कि विश्व उपभोक्ता दिवस पर 15 फ़रवरी से 15 मार्च तक उपभोक्ता माह के रूप में मनाया जाएगा। प्रारंभ में उन्होंने बैठक की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उपभोक्ता संरक्षण परिषद से संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

यश के जन्मदिन पर फिल्म टॉक्सिक-ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स का ‘बर्थडे पीक’ रिलीज़

मुंबई,  रॉकिंग स्टार यश के जन्मदिन पर उनकी आने वाली फिल्म टॉक्सिक – ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स से मजेदार ‘बर्थडे पीक’ रिलीज़ किया गया है। रॉकिंग स्टार यश आज 39 वर्ष के हो गए। उनके जन्मदिन पर उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक – ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स से ‘बर्थडे पीक’ वीडियो रिलीज किया गया है। बर्थडे पीक में, यश सफेद सूट, फेडोरा और हाथ में सिगार लिए बेहद शान के साथ एंट्री करते हैं। जैसे ही यश अपना जलवा बिखेरते हैं, हर नजर उन पर टिक जाती है। यश और टॉक्सिक की दुनिया बनाने के बारे में निर्देशक गीतू मोहनदास ने कहा,टॉक्सिक- ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ एक ऐसी कहानी है, जो परंपराओं को तोड़ती है और हमारे भीतर की हलचल को जगाने का वादा करती है। आज, जब हम अपनी फिल्म की पहली झलक पेश कर रहे हैं, हम यश का भी जश्न मना रहे हैं। एक ऐसा इंसान जिसे देश उसके विज़न और स्वैग के लिए सराहता है। मैंने उनकी प्रतिभा को करीब से देखा है। वेंकट .के. नारायण और यश द्वारा केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत संयुक्त रूप से निर्मित, टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स का निर्देशन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित फिल्म निर्माता गीतू मोहनदास ने किया है।  

रूल्स फॉर कॅरियर ग्रोथ

कॅरियर में आगे बढ़ने के लिए यूं तो सभी मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ लोग ही ऐसे होते हैं, जो वास्तव में आगे बढ़ पाते हैं। दरअसल, वे लोग आगे बढ़ने के लिए दूसरों से हटकर कुछ नया करने का प्रयास करते हैं, इसीलिए वे आगे बढ़ पाते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ नियमों के बारे में जो आपको आगे ले जा सकते हैं। इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के इस दौर में प्रतिस्पर्धा भी एक नया रूप ले रही है। शायद ही कोई ऐसा सेक्टर हो, जहां दूसरों से आगे निकलने के लिए कड़ी चुनौती का सामना न करना पड़ रहा हो। हालांकि आगे निकलने की इस दौड़ में सक्सेस सभी को नहीं मिल पाती। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ बातें जो आपको दूसरों से आगे कर सक्सेस दिला सकती हैं। काम में रहें अव्वल:- आप को जो भी जिम्मेदारी दी जाती है आप उसे पूरी ईमानदारी व मेहनत के साथ निभाएं। आप जिस प्रोसेस में काम करते हैं, उसकी आपको पूरी-पूरी जानकारी होनी चाहिए। आगे बढ़ने के लिए भी जरूरी है कि आप अपने काम में पूरी तरह से पारंगत हों। साथ ही अगर कोई नई चीज सीखने का मौका मिलता है, तो उससे पीछे न हटें। यह चीज आपको दूसरों से आगे ले जा सकती है। अवसर की तलाश:- यदि आपको कोई एक्स्ट्रा असाइनमेंट मिलता है, तो इसे एक अवसर की तरह लें। इस तरह के मौकों को खोना नहीं चाहिए, क्योंकि ये आपको एक अच्छा एक्सपोजर दिला सकते हैं। इस तरह के असाइनमेंट को लेने से आपकी लीडरशिप, मैनेजमेंट व इंटरपर्सनल स्किल भी डेवलॅप होगी। आप मैनेजमेंट की नजरों में भी आएंगे। समस्याएं हल करें:- किसी भी कंपनी में समस्याएं खोजना आसान है। लेकिन इसके विपरीत आप किसी भी समस्या का समाधान खोजने वाले बनें। इसके लिए आप सबसे पहले परिस्थिति का विश्लेषण करें और इसके बाद समस्या का समाधान करने की पहल करें। इन समस्याओं को संबंधित पक्ष के साथ बातचीत कर आसानी के साथ सुलझाया जा सकता है। परिवर्तन को रहें तैयार:- कंपनी में कई काम और डिपार्टमेंट होते हैं। ऐसे में कंपनी की जरूरत के हिसाब से अगर आपको किसी दूसरे डिपार्टमेंट में शिफ्ट किया जाता है, तो आपको भी उसके अनुरूप अपने वर्क स्टाइल में परिवर्तन लाना चाहिए। कंपनी की जरूरत जानें:- जब आप किसी कंपनी को ज्वाइन करें, तो कुछ समय यह जानने में लगाएं कि कंपनी का लक्ष्य क्या है? यदि कंपनी किसी समस्या से जूझ रही है और आप समस्या के हल के बारे में बता सकते हैं, तो मान लें कि आप ने सफलता हुए। नेटवर्किग गु्रप से जुड़ें:- आजकल लगभग सभी कंपनियां ट्रेनिंग व कॅरियर प्रोग्राम्स संचालित करती हैं। अपने कॅरियर ग्रॉफ को आगे ले जाने के लिए इनमें जरूर हिस्सा लें। इससे मैनेजमेंट को भी मालूम होगा कि आप कुछ अलग करने की चाहत रखते हैं। इस तरह मैनेजमेंट आपके स्किल्स देखते हुए महत्वपूर्ण असाइनमेंट का हिस्सा भी बना सकता है। यह सब चीजें ही आपके कॅरियर ग्रॉफ को आगे ले जाती हैं।  

राष्ट्रीय सौर दिनदर्शिका कैलेंडर का लोकार्पण, राजस्थान-राज्यपाल पहुंचे राष्ट्रीय दिनदर्शिका प्रसार मंच के कार्यक्रम में

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने छत्रपति संभाजी नगर में मंगलवार को राष्ट्रीय दिनदर्शिका प्रसार मंच द्वारा प्रसारित राष्ट्रीय सौर दिनदर्शिका कैलेंडर का लोकार्पण किया। राज्यपाल ने इस दौरान भारतीय कालगणना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हिन्दू समय चक्र सूर्य सिद्धांत से जुड़ा है। समय का मापन प्रारम्भ एक सूर्योदय से और अहोरात्र का मापन का समापन अपर सूर्योदय से होता है। उन्होंने भारतीय समय गणना को पूर्णतः वैज्ञानिक बताया। लायंस क्लब में पैथोलॉजी लैब का उद्घाटन— मंगलवार को ही राज्यपाल श्री बागडे ने छत्रपति शिवाजी नगर लायंस क्लब में पैथोलॉजी लैब का उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान नर सेवा को नारायण सेवा बताते हुए जरूरतमंदों के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

प्रग​ति के दिए निर्देश, राजस्थान- पशुपालन सचिव डॉ. समित शर्मा ने ली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक

जयपुर। शासन सचिव पशुपालन विभाग डॉ समित शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सभी जिलों के पशु चिकित्सा अधिकारियों ने अपने अपने जिले का प्रगति विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मोबाइल वेटरिनरी यूनिट का संचालन नवीन कार्ययोजना के अनुसार डुअल और हाइब्रिड मोड में सुनिश्चित करें। नई कार्ययोजना के अनुसार प्रत्येक एमवीयू के माध्यम से हेल्पलाइन नंबर पर प्राप्त कॉल के अनुसार पशु चिकित्सा सेवा प्रदान करने के साथ—साथ प्रतिदिन पूर्व निर्धारित कैलेण्डर के अनुसार निर्धारित राजस्व ग्राम में प्रतिदिन एक घंटे का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया जाना निर्धारित किया गया है साथ ही एमवीयू स्टाफ के साथ विभागीय पशु चिकित्सक/ पशुधन सहायक की सेवाएं भी लेते हुए कार्य करना निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि एमवीयू द्वारा चिकित्सा के बाद पशुपालक को उपचार की पर्ची आवश्यक रूप से उपलब्ध कराई जाए साथ ही एक प्रति पर पशुपालक के हस्ताक्षर भी लिए जाए। संचालनकर्ता फर्मों को नियमानुसार भुगतान भी समय पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिलेवार प्रति एमवीयू दर्ज केसेज की संख्या में काफी भिन्नता देखी जा रही है अतः उपलब्ध वाहनों के पुनःस्थापन के लिए समीक्षा की आवश्यकता है। मंगला पशु बीमा का अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 21 लाख पशुओं का बीमा कराना है इस दृष्टि से हमारी प्रगति बहुत धीमी है। अतः इसका ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार कर अधिक से अधिक पशुपालकों को इससे जोड़कर इस काम में तेजी लाना है। डॉ शर्मा ने राष्ट्रीयकृत एवं विभागीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि विभागीय कृत्रिम गर्भाधान में करौली जिले ने लक्ष्य से अधिक सफलता प्राप्त कर ली है जबकि टोंक जिला इसमें सबसे पीछे है। उन्होंने सभी जिलों को समयबद्ध तरीके से लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए। राज्य में एवियन इन्फ्लूएंजा तथा अन्य बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए उन्होंने पशुपालन विभाग के निदेशक और उनकी टीम की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और कहा कि विभाग के डॉक्टर्स ने उत्कृष्ट काम किया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर दवाइयों की एक्सपायरी नहीं होनी चाहिए और दवाइयों का समुचित तथा समय पर उपयोग होना चाहिए। डॉ. शर्मा ने विभाग के महत्वपूर्ण कार्यो के प्रभावी निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए जिला एवं संभाग स्तर पर इनकी प्रगति की मॉनिटरिंग किए जाने के लिए 18 मुख्य निष्पादन संकेतक तय किए गए हैं। इन सभी कार्यों की महत्ता के आधार पर अलग अलग भारित अंक देते हुए कुल 100 अंक निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि दिसम्बर 2024 के केपीआई के अनुसार चुरू, झुंझुनू और अलवर क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे  जबकि डूंगरपुर आखिरी स्थान पर रहा। डॉ. शर्मा ने बताया वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 500 नवीन पशु चिकित्सा उपकेंद्र खोले गए जबकि 103 पशु चिकित्सा उपकेंद्रों को पशु चिकित्सालय में 51 पशु चिकित्सालय को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में तथा 25 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय को बहुद्देशीय पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया गया है। उन्होंने बताया कि नवीन पशु चिकित्सा उपकेंद्रों के भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटन हेतु जिला कलक्टरों को पत्र भी लिखा जा चुका है। डॉ शर्मा ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि 14 जनवरी से 30 जनवरी तक मनाए जाने वाले पशु कल्याण पखवाड़े के दौरान विभिन्न स्तरों पर पशु चिकित्सा शिविर, पशु कल्याण गोष्ठी, पशु कल्याण जन जागृति रैली आदि का आयोजन कर जीव जंतुओं के कल्याण के प्रति जन साधारण में जागृति तथा पशु क्रूरता निवारण के लिए वातावरण निर्माण का कार्य किया जाए। उन्होंने एक बार पुनः पशुपालन विभाग को ऊंचाई की ओर ले जाने में सभी से अपना योगदान देने का आग्रह किया। इस राज्य स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक में पशुपालन निदेशक तथा आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ आनंद सेजरा, विभाग के वित्तीय सलाहकार श्री मनोज शांडिल्य सहित विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राज्य के सभी जिलों के संयुक्त निदेशक तथा वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

6 जनवरी को आईईडी ब्लास्ट में सुदर्शन वेट्टी हुए थे शहीद, छत्तीसगढ़-बीजापुर में पिता को दो माह के मासूम ने दी अंतिम विदाई

बीजापुर. जिले के कुटरू इलाके में नक्सलियों ने कायराना हरकत को अंजाम देते हुए आईईडी विस्फोट किया था जिसमें आठ जवान बलिदान हुए थे। इस हादसे में एक ड्राइवर की भी मौत हो गई थी। यह घटना उस समय हुई जब डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के जवान एक ऑपरेशन से लौट रहे थे। इस भीषण हमले में मौके पर ही सभी जवान बलिदान हो गए जिनमें वाहन चालक भी शामिल था। घटना इतनी भयावह थी कि शहीद जवानों के शव क्षत-विक्षत हालत में मिले। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और संकल्प लिया कि नक्सलवाद का जड़ से खात्मा किया जाएगा। उन्होंने 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का लक्ष्य दोहराया। दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में शहीद हुए सभी जवानों को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सलामी के साथ उनकी शहादत को नमन किया गया और यह सुनिश्चित करने की प्रतिज्ञा ली गई कि उनकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। इस दौरान मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला सामने आया, जहां शहीद जवान सुदर्शन वेट्टी के अंतिम संस्कार में उनके दो महीने के मासूम बेटे ने पिता को अंतिम विदाई दी। इस दौरान मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं। हर कोई गमगीन था।

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