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HMPV Alert: इंदौर में नहीं है टेस्टिंग की सुविधा, कोरोना काल में रहचुका है सबसे ज्यादा हॉट स्पॉट

इंदौर ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के मरीज कई राज्यों में सामने आ चुके हैं, लेकिन प्रदेश में कोरोना के हॉट स्पॉट बने इंदौर में इस वायरस के जांच की सुविधा नहीं है। पीरक्षण के लिए इंदौर में किसी भी शासकीय और निजी प्रयोगशाला में आवश्यक किट भी उपलब्ध नहीं है। इसे लेकर शहर में अभी कोई सतर्कता भी नहीं बरती जा रही है। शासकीय विभाग अभी सरकार के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि वायरस को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। यह पहले से प्रचलित है। हमें जागरूक रहकर सावधानियां बरतनी चाहिए। सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण यह आमतौर पर सर्दी, खांसी और बुखार जैसे हल्के श्वसन लक्षणों का कारण बनता है। यह आम सर्दी के समान है, लेकिन यह कभी-कभी निमोनिया या अस्थमा जैसी अधिक गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है। विशेष उपचार के बिना ही ठीक हो जाते हैं ज्यादातर अधिकांश लोग विशेष उपचार के बिना ही ठीक हो जाते हैं। बता दें कि वायरस की पुष्टि कोरोना की तरह आरटीपीसीआर से ही की जाएगी, लेकिन इसकी जांच के लिए अलग किट आती है। निजी प्रयोगशाला ने भेजे किट के लिए आर्डर डॉ. विनीता कोठारी ने बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने प्रयोगशालाओं को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। कोरोना की तरह वायरस की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर परीक्षण किए जाएंगे, लेकिन किट उपलब्ध नहीं हैं। हमने किट का आर्डर दे दिया है। इसके बाद इंदौर में ही परीक्षण हो जाएगा। हालांकि कुछ निजी प्रयोगशालाओं ने एचएमपीवी का परीक्षण करने का दावा किया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक वे इसके सैंपल मुंबई या दिल्ली भेज रहे हैं। एचएमपीवी के सामान्य लक्षण नाक बहना या बंद होना गला खराब होना सांस लेने में समस्या खांसी और बुखार बच्चों की देखभाल करें माता-पिता शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण गुप्ता ने बताया कि एचएमपीवी मुख्य रूप से कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले शिशुओं को प्रभावित करता है। इसके कोई भी लक्षण दिखने पर विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए। घबराने की बात नहीं है, लेकिन रोकथाम हमेशा इलाज से बेहतर होती है।

दिग्गज नेताओं के जिलों में भाजपा जिलाध्यक्ष का चुनाव गुटबाजी के चलते उलझा

भोपाल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल सहित भाजपा के दिग्गज नेताओं के जिलों में भाजपा जिलाध्यक्ष का चुनाव गुटबाजी के चलते उलझा गया है। इनमें एक राय नहीं बनने से जिलाध्यक्षों की सूची मंगलवार को भी जारी नहीं हो सकी। इस बीच केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद को दिल्ली बुलाकर समन्वय का प्रयास किया। जिन जिलाध्यक्षों के नामों पर सहमति नहीं बन पाई है, उनको लेकर दिल्ली में नए सिरे से विचार विमर्श किया गया। सागर, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नरसिंहपुर, रीवा, सतना सहित करीब 15 जिलों में जिलाध्यक्षों के नामों पर दिग्गज नेताओं की आपस में सहमत नहीं है। ऐसे में अब केंद्रीय नेतृत्व जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर अंतिम निर्णय लेगा। बेटे के विवाह का आमंत्रण देने पहुंचे थे केंद्रीय मंत्री शिवराज इस बीच, बीते 24 घंटों में केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भोपाल में मंत्री प्रहलाद पटेल से मुलाकात हुई है। शिवराज ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती से भी उनके घर पहुंचकर भेंट की। शिवराज सोमवार को अपने पुत्र के विवाह का आमंत्रण देने भोपाल आए थे। वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंगलवार को भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग के घर पहुंचे और सारंग के पिता व भाजपा के संस्थापक सदस्य स्वर्गीय कैलाश नारायण सारंग को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। इन नेताओं के बीच लंबी राजनीतिक चर्चा भी हुई है। इन नेताओं की मुलाकात को भाजपा जिलाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। सागर, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर में फंसा पेंच सागर में पूर्व मंत्री व विधायक भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और विधायक शैलेंद्र जैन अपने-अपने चहेतों को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए लाबिंग कर रहे हैं। इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का दबाव है। भोपाल में मंत्री, सांसद और विधायक अपने-अपने चहेतों को जिलाध्यक्ष बनाने की जुगत में हैं। ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और जयभान सिंह पवैया अपने-अपने चहेते को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए प्रयासरत है। विदिशा और जबलपुर में भी यही स्थिति है। ऐसे अन्य जिलों भी जहां राजनीतिक दबाव अधिक है। दो जनवरी से चल रहा है मंथन, फिर भी जिलाध्यक्ष नहीं चुने गए दो जनवरी से लगातार जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी प्रदेश के 60 संगठनात्मक जिलों में से 35 से 40 जिलों के अध्यक्षों के नामों पांच जनवरी को घोषित करने वाली थी, लेकिन छह जनवरी को पुन: सूची पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विष्णुदत्त शर्मा, हितानंद ने दो घंटे तक मंथन किया था और पार्टी पदाधिकारियों द्वारा मंगलवार तक सूची जारी करने की बात कही जा रही थी। इन पांच दिनों में प्रदेश नेतृत्व ने बैठक कर सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बैठाते हुए सूची तैयार की, लेकिन कुछ नामों पर सहमति नहीं बनने से यह जारी नहीं हो सकी। जेपीसी समिति की बैठक में हिस्सा लेंगे विष्णुदत्त शर्मा एक देश-एक चुनाव के क्रियान्वयन की दिशा में गठित संयुक्त संसदीय समिति की बैठक बुधवार को दिल्ली में होगी। इस बैठक में मध्य प्रदेश के खजुराहो से सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा हिस्सा लेंगे। मध्य प्रदेश से केवल विष्णुदत्त को इस समिति में जगह मिली है। इस समिति का उद्देश्य एक देश, एक चुनाव की अवधारणा को लागू करने की दिशा में ठोस सिफारिशें देना है। यह समिति 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा के सदस्यों से मिलकर बनी है।

तत्काल डिग्री सेवा से तीन दिन में डीएवीवी के विद्यार्थियों को मिलेगी डिग्री, लगेंगे एक हजार रुपये

इंदौर विद्यार्थियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने बरसों पुरानी डिग्री जारी करने की व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। अब तीन दिन के भीतर विद्यार्थियों को डिग्री मिल सकेंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहली मर्तबा तत्काल डिग्री सेवा शुरू की है। इसके लिए विद्यार्थियों को एक हजार रुपये शुल्क देना होगा। अधिकारियों के मुताबिक आवेदन करने के बाद कार्यालयीन दिवस में डिग्री बनाकर देंगे। दरअसल कुछ सालों से यूपीएससी-पीएससी की भर्ती परीक्षाओं में डिग्री अनिवार्य की गई है। जल्द डिग्री बनाने के लिए लगाते थे गुहार परीक्षा की अधिसूचना के बाद विद्यार्थी डिग्री के लिए आवेदन करते हैं। जल्द डिग्री बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से गुहार लगाते थे। कई बार आवेदक उच्च अधिकारियों और नेताओं तक की सिफारिश लगवाते हैं। विद्यार्थियों को इन सभी कठिनाइयों से राहत दिलाने के लिए तीन महीने पहले विश्वविद्यालय ने तत्काल डिग्री देने का प्रस्ताव बनाया। कार्यपरिषद से मंजूरी मिलने के बाद डिग्री से जुड़ी नई व्यवस्था लागू की गई। अधिकारियों के मुताबिक तत्काल डिग्री सेवा शुरू करने से विद्यार्थियों को किसी की सिफारिश की जरूरत नहीं होगी। साथ ही विश्वविद्यालय का राजस्व भी बढ़ेगा। 2017 के बाद बढ़ाया शुल्क तत्काल डिग्री सेवा के अलावा सामान्य डिग्री व्यवस्था में भी विश्वविद्यालय ने परिवर्तन किया है। इसके तहत 200 रुपये शुल्क बढ़ाया गया है। अभी तक अंग्रेजी और हिंदी में डिग्री प्राप्त करने पर विद्यार्थियों को 300 रुपये देने होते थे, जो अब बढ़कर 500 रुपये जमा करने होंगे। विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव डॉ. विष्णु मिश्रा का कहना है कि 2017 के बाद विश्वविद्यालय ने डिग्री का शुल्क बढ़ाया है। सात वर्षों से 300 रुपये प्रति डिग्री शुल्क वसूला जा रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में प्राथमिकता, लाड़ली बहनों को केंद्र-राज्य दोनों से मिलेंगे लाखों रुपये

भोपाल। प्रदेश में लाड़ली बहना को प्रधानमंत्री आवास योजना में प्राथमिकता मिलेगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में इसे शामिल करके प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे वित्त विभाग ने स्वीकृति दे दी है। इसमें यह भी प्रविधान किया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र व्यक्ति के पास आवास बनाने के लिए भूखंड है तो उसे अनुदान दिया जाएगा। योजना पर अंतिम निर्णय कैबिनेट की अगली बैठक में हो सकता है। विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की वे हितग्राही जिनके पास स्वयं के आवास नहीं हैं, उनके लिए योजना लागू करने की घोषणा की थी। भाजपा ने संकल्प पत्र में भी इसे शामिल किया है। एक के स्थान पर डेढ़ लाख रुपये की सहायता चूंकि, बहुत सी लाड़ली बहनें प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता में भी आती हैं, इसलिए इस संकल्प को केंद्र सरकार की योजना के साथ क्रियान्वित करने के साथ ही अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम में सरकार एक लाख रुपये के स्थान पर डेढ़ लाख रुपये की सहायता देना प्रस्तावित किया है। इतनी ही राशि केंद्र सरकार भी देगी। शहरी क्षेत्र में इनको प्राथमिकता शहरी क्षेत्र के वे परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के पात्र होंगे, जिनके पास कहीं स्वयं का पक्का आवास नहीं है। प्रधानमंत्री स्वनिधि, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के हितग्राहियों के साथ सफाई कर्मचारी, श्रमिक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

सात विदेशी कारों के साथ 14 किलो सोना मिला, सागर में पूर्व विधायक के यहां 150 करोड़ की टैक्स चोरी का संदेह

सागर/भोपाल सागर में बीड़ी व कंस्ट्रक्शन कारोबारी राजेश केसरवानी, पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता हरवंश सिंह राठौर व राकेश छाबड़ा के यहां आयकर विभाग की छापेमारी में लगभग 150 करोड़ रुपये की आयकर चोरी का संदेह है। उधर छापे में 14 किलो सोना मिलने की बात भी सामने आ रही है। विभाग तीनों जगह से लिए गए दस्तावेजों की जांच कर रहा है। इसके बाद पूरी स्थिति साफ होगी। बता दें, तीनों जगह आयकर की टीम ने रविवार सुबह छापा मारा था। दो दिन तक टीम तलाशी में लगी रही। सात विदेशी कारें भी मिलीं आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया के राजेश केसरवानी के यहां लगभग 140 करोड़ रुपये टैक्स चोरी के दस्तावेज मिले हैं। इसके अतिरिक्त सात विदेशी कारें मिली हैं। बताया जा रहा है कि इन गाड़ियों का उपयोग केसरवानी परिवार कर रहा था, पर किसी और के नाम से। संपत्ति का असली मालिक कौन छापे में बेनामी संपत्ति के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच आयकर विभाग कर रहा है। इसके बाद जिनके नाम संपत्ति मिलेगी, उनसे पूछताछ कर पता किया जाएगा कि संपत्ति का असली मालिक कौन है? बता दें, हरवंश सिंह राठौर सागर जिले की बंडा विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। वह सागर से भाजपा जिला अध्यक्ष की दौड़ में भी हैं। रविवार को पड़ा था छापा गौरतलब है कि बंडा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर, पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी, एक प्रापर्टी डीलर राकेश छावड़ा के घर पर रविवार की सुबह अचानक से आयकर विभाग की टीमों ने दबिश दी थी। सौ से अधिक अधिकारियों की टीम ने तीनों स्थानों पर एक साथ छापा मारा था। सर्वे की कार्रवाई पूरी हुई मंगलवार को सुबह 11.30 बजे दो स्थानों पर सर्वे पूरा हुआ। वहीं शाम तक पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी के यहां भी सर्वे की कार्रवाई पूरी हुई। गौरतलब है कि सदर क्षेत्र में पूर्व विधायक राठौर का बंगला है। वहीं पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी व एक अन्य कारोबारी राकेश छावड़ा का निवास परकोटा पर वन वे पर है। तीन से से खड़ी थी आयकर विभाग की गाड़‍ियां पूर्व पार्षद के घर के सामने ही तीन दिन से आयकर विभाग के अधिकारियों की आधा दर्जन से गाड़ियां खड़ी थीं। इससे आवागमन में दिक्कत हो रही थी। केशरवानी के निवास के बाहर सुरक्षाबल तैनात था। वहीं घर के बार आधी सड़क तक वाहन रखे होने से बार-बार जाम की स्थिति बन रही थी। केशरवानी बीड़ी कारोबार के साथ साहूकारी का भी धंधा भी करते हैं।

Hare Matar Kabab Recipe: सर्दियों का मजा दोगुना करें हरे मटर के तीखे कबाब के साथ, जानें इसे बनाने की पूरी रेसिपी

hare matar kabab recipe jane ise banane ki aasan recipe Hare Matar Kabab Recipe: सर्दी में कुछ खास और सेहतमंद खाने की तलाश में हैं तो हरे मटर के तीखे कबाब आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकते हैं। यह कबाब स्वाद में तो लाजवाब होते ही हैं, साथ ही आपकी सेहत का भी ध्यान रखते हैं। तो इस सर्दी आप भी स्वादिष्ट और पौष्टिक कबाबों को घर पर बनाकर स्वाद का आनंद ले सकते हैं। Hare Matar Kabab Recipe: सर्दियों की ठंडी हवाएं दस्तक देने के साथ ही गरमागरम और मसालेदार खाने की चाहत बढ़ा देता है। ऐसे में हरे मटर के तीखे कबाब (Hare Matar Kabab Recipe) न केवल आपके स्वाद को बढ़ाते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं। अगर आप इस सर्दी कुछ अलग और मजेदार ट्राई करना चाहते हैं, तो ये रेसिपी आपके लिए परफेक्ट है। आइए जानते हैं, इसे बनाने की शानदार रेसिपी। हरे मटर कबाब बनाने की विधि हरे मटर कबाब के फायदे हरे मटर के कबाब न केवल स्वाद में बेहतरीन होते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी बेहद फायदेमंद होते हैं। आइए जानते हैं इन कबाबों के कुछ प्रमुख लाभ

राजकीय सम्मान के साथ दफनाने की प्रक्रिया शुरू, जिमी कार्टर का पार्थिव शरीर यूएस कैपिटल पहुंचा

वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर का पार्थिव शरीर देश की राजधानी वॉशिंगटन पहुंच चुका है। जिमी कार्टर के पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ यूएस कैपिटल में दफनाया जाएगा। पूर्व राष्ट्रपति को दफनाने की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो जाएगी। जिमी कार्टर का 100 वर्ष की आयु में बीती 29 दिसंबर को निधन हो गया था। उसके बाद उनका पार्थिव शरीर अटलांटा स्थित कार्टर प्रेसिडेंशियल सेंटर में रखा हुआ था। पूरे राजकीय सम्मान के साथ पार्थिव देह को वॉशिंगटन लाया गया मंगलवार सुबह पूर्व राष्ट्रपति की पार्थिव देह को विशेष विमान से डोबिन्स एयर रिजर्व बेस से मैरीलैंड में ज्वाइंट बेस एंड्रयूज बेस लाया गया। इसके बाद विशेष काफिले से पार्थिव देह को राजधानी वॉशिंगटन लाया गया। अब यूएस कैपिटल में पूर्व राष्ट्रपति की पार्थिव देह को दफनाया जाएगा। यहां विभिन्न सांसद पूर्व राष्ट्रपति के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वॉशिंगटन पहुंचने पर पूर्व राष्ट्रपति के सम्मान में तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद सैन्य बैंड बजाया गया। जॉर्जिया की राजधानी अटलांटा से पार्थिव  देह को रवाना करते समय भी पूर्व राष्ट्रपति को ऐसे ही श्रद्धांजलि दी गई। ट्रंप ने पनामा नहर मुद्दे पर बात की, तो लोगों ने उठाए सवाल वॉशिंगटन से जब ताबूत को विशेष काफिले के साथ यूएस कैपिटल लाया गया, तो उसके साथ कुछ सांसद और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीश भी शामिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति को दफनाने की प्रक्रिया गुरुवार तक चलेगी। राष्ट्रपति जो बाइडन भी पूर्व राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि देंगे। जब जिमी कार्टर के पार्थिव शरीर को जॉर्जिया से वॉशिंगटन लाया जा रहा था तो नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्लोरिडा में एक समाचार सम्मेलन के दौरान पनामा नहर का नियंत्रण अपने देश को सौंपने के लिए दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति कार्टर की आलोचना की। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस समय कार्टर की आलोचना करना उचित था, तो ट्रम्प ने जवाब दिया कि ‘मैं उन्हें एक इंसान के तौर पर पसंद करता था। लेकिन मैं उनकी नीतियों से असहमत था।’

‘आपने ट्विटर खरीदकर बहुत बड़ा जुआ खेला’, एलन मस्क को TED प्रमुख क्रिस एंडरसन ने लिखा पत्र

वाशिंगटन। सोशल मीडिया एक्स के मालिक और दिग्गज अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क को लेकर टेड के प्रमुख क्रिस एंडरसन ने एक पत्र लिखा है। ये पत्र उनकी तरफ से सोशल साइट एक्स पर भी एक पोस्ट में साझा किया गया। जिसमें लिखा, मैं एक ऐसे व्यक्ति की प्रशंसा कर रहा हूं, जो अभी मुझे चिंतित कर रहा है। क्रिस एंडरसन ने साथ ही ये भी बताया है कि उनका यह पत्र रचनात्मक भावना से पेश किया गया है। पत्र की शुरुआत में क्रिस एंडरसन ने लिखा, प्रिय एलन, आज सुबह मेरे मन में एक विचार आया। प्रौद्योगिकी और उद्यमिता में आपकी सभी उपलब्धियों के अलावा, आप इस सदी के सबसे प्रभावशाली लेखक बन गए हैं। आपके पास एक शक्तिशाली मंच पर 200 मिलियन से अधिक फॉलोवर हैं, जिसे आप स्वयं नियंत्रित करते हैं। आपके लिखे गए शब्द केवल उन फॉलोवर्स से आगे बढ़कर एक्स के लगभग हर यूजर तक पहुंचते हैं और यह व्यापक मीडिया कवरेज की सौजन्यता से कहीं आगे। इसने रूपर्ट मर्डोक को भी अप्रांसंगिक बना दिया है। ‘इतिहास में किसी के पास इतनी शक्ति नहीं थी’ क्रिस एंडरसन ने आगे लिखा- यह रोमांचक लग रहा होगा। आपने ट्विटर खरीदकर बहुत बड़ा जुआ खेला और ऐसा लगता है कि यह इतना सफल रहा कि आप इसका इस्तेमाल दुनिया को बड़े पैमाने पर प्रभावित करने के लिए कर सकते हैं, जिसमें सरकारें बदलना भी शामिल है। आप मानते हैं कि एक्स मुख्य धारा के अधिकांश मीडिया की जगह ले सकता है। यह नागरिक पत्रकारिता के लिए नया मंच है और आप नागरिक नंबर 1 हैं। आपको संपादकों और तथ्य-जांचकर्ताओं की परेशानी की जरूरत नहीं है। आपकी तरफ से पोस्ट की गई हर एक चीज को लाखों लाइक और रीपोस्ट मिलते हैं। आप एक पल में वैश्विक बातचीत को बदल सकते हैं। इतिहास में किसी के पास इतनी शक्ति नहीं थी। पत्रकारिता की मुझे बहुत परवाह है- क्रिस एंडरसन इसलिए यहां बहुत कुछ दांव पर लगा है और जैसा कि होता है, पत्रकारिता एक ऐसी चीज है जिसकी मुझे बहुत परवाह है। मैंने एक पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया क्योंकि मेरा मानना था कि लोकतंत्र के स्वस्थ कामकाज के लिए अच्छी पत्रकारिता जरूरी है। आज मैं चिंतित हूं – वास्तव में बहुत चिंतित हूं – कि वैश्विक बातचीत पर आपके विजयी कब्जे में, पत्रकारिता के कुछ मूल सिद्धांत भुला दिए जा रहे हैं। उनके बिना, मुझे लगता है कि एक्स को नागरिक पत्रकारिता का सम्मानित घर बनाने के आपके प्रयास विफल हो जाएंगे। कई पत्रकारिता सिद्धांत हैं जो मायने रखते हैं – ग्रोक उन्हें बहुत अच्छी तरह से संक्षेप में बता सकते हैं। लेकिन एक बात मुझे खास तौर पर परेशान कर रही है। यह निष्पक्षता सिद्धांत है। यह सिद्धांत कहता है कि किसी व्यक्ति या संस्था के बारे में बेहद आलोचनात्मक दावे प्रकाशित करने से पहले, आपको उनसे कहानी का उनका पक्ष जानना चाहिए। आखिरकार, हो सकता है कि आप एक या दो महत्वपूर्ण तथ्य भूल गए हों, जो लोगों के आकलन के तरीके को बदल सकते हैं। हो सकता है कि आपके स्रोत उस व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रेरित थे। हो सकता है कि जो हुआ उसके लिए कोई वैकल्पिक व्याख्या हो। ‘आप जो पोस्ट करते हैं, उसे सोच-समझकर लिखे’ तो, उदाहरण के लिए, जब आप करोड़ों लोगों से कहते हैं कि मानवता के खिलाफ जघन्य अपराधों के लिए किसी को फांसी या जेल में डाल दिया जाना चाहिए, तो हो सकता है कि आपको पहले यह पता लगाना चाहिए कि जो लोग उन लोगों को अच्छी तरह से जानते हैं, वे उनके बारे में क्या कहेंगे। आपकी कुछ हालिया पोस्ट सचमुच किसी की जान ले सकती हैं। क्या आप वाकई ऐसा जोखिम उठाना चाहते हैं? यह कैसे संभव है कि आप ठीक उसी समय ऐसा कर सकते हैं जब आप लोगों से एक्स को और अधिक सकारात्मक, और अधिक सुंदर बनाने का आह्वान कर रहे हैं? आप कहते हैं कि आप एक्स पर बिना किसी पछतावे के यूजर-सेकंड को अधिकतम करना चाहते हैं। ऐसा करने का सबसे सरल तरीका, एलन, बस यह है कि आप जो पोस्ट करते हैं, उसे सोच-समझकर संपादित करें। मुझे लगता है कि आपकी नजर में आप जिन मुद्दों की वकालत कर रहे हैं, वे अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण हैं और अत्यधिक प्रयासों के योग्य हैं। लेकिन जिस तरह से आप उन्हें प्रस्तुत कर रहे हैं, वह नागरिक पत्रकारिता नहीं है। यह भद्दा और क्रूर भी है, और इसलिए यह उतना प्रभावी नहीं है जितना हो सकता था। आप अपने सबसे वफादार फॉलोवर्स की जय-जयकार सुन रहे हैं, लेकिन इस तथ्य को भूल रहे हैं कि आप खुद को उन लोगों के बीच हंसी का पात्र बना रहे हैं जिन्हें आप वास्तव में अपने पक्ष में चाहते हैं। लंबे समय में यह एक्स, आपके अन्य व्यवसायों और वास्तव में मानवता के लिए आपके दीर्घकालिक सपनों को नुकसान पहुंचाने वाला है। ‘आपसे निष्पक्षता के सिद्धांत को अपनाने का आग्रह है’ मुझे पुराने एलन की याद आती है। आप मजेदार, दिलचस्प, व्यावहारिक और प्रेरक हो सकते हैं। आपने जो बनाया है, उसके लिए आपने अविश्वसनीय रूप से कड़ी लड़ाई लड़ी है। और आपको लग सकता है कि आप इसके साथ जो चाहें करने के हकदार हैं। लेकिन मैं यह भी जानता हूं कि आप सत्ता की अंगूठी को बहुत कसकर पकड़ने के खतरे को समझते हैं, कैसे यह किसी के निर्णय को विकृत कर सकता है और उन्हें बदसूरत बना सकता है। मुझे उम्मीद है कि आप उस अंगूठी को थोड़ा ढीला कर सकते हैं। मानवता के प्रति आपके प्रेम के लिए, मैं वास्तव में आपसे निष्पक्षता के सिद्धांत को अपनाने और एक्स का बेहतर चेहरा दिखाने का आग्रह करता हूं। सुनने के लिए धन्यवाद। क्रिस “”With a certain amount of trepidation, I’m posting this open letter to @elonmusk, someone I have admired, but who, right now, is causing me concern. I know I’m not alone in thinking these thoughts. Please like or repost if you’re willing… And Elon, if you’re listening, please…””” — Chris Anderson (@TEDchris) January 7, 2025  

Bijapur Attack: 4 साल पहले की प्लानिंग, बिछाया था 70 किलो IED, ले ली जवानो की जान

जगदलपुर बीजापुर जिला मुख्यालय से 55 किमी दूर कुटरू-बेदरे मार्ग पर अंबेली गांव के पास चार वर्ष पहले बिछाए गए 70 किलो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के डेटोनेटर को ट्रिगर कर नक्सलियों ने सोमवार की दोपहर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) जवानों के स्कॉर्पियो एसयूवी वाहन को उड़ाया था। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि जहां विस्फोट हुआ वहां सीमेंट की एक फीट मोटाई की सड़क फट गई और वहां दस फीट गहरा और 25 फीट व्यास का गड्ढा बन गया। विस्फोट के बाद जवानों के शरीर के अंग व स्कार्पियो एसयूवी वाहन के कलपुर्जे 500 मीटर के दायरे में बिखर गए। क्या होता है ट्रिगर आईईडी, कैसे बिछाया था कुटरु से बेदरे तक की सड़क लगभग दस वर्ष पहले डामरीकरण हुआ था। कुछ वर्ष बाद पुल और सड़क का हिस्सा बारिश में बह गया। 2020 में मरम्मत की गई तो नक्सलियों ने सड़क के मध्य जोड़ वाले हिस्से में ट्रिगर आईईडी बिछा दिया। नक्सिलयों ने फॉक्स होल तकनीक से सुरंग खोदकर 70 किलो से अधिक वजनी ट्रिगर आईईडी बिछाया, ताकि जवानों को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाया जा सके। सालों बाद अब उनके मंसूबे कामयाब भी रहे। ट्रिगर आईईडी वह होता है, जिसमें आईईडी को किसी बैटरी, रिमोट कंट्रोल, इंफ्रारेड, मैग्नेटिक या ट्रिप वायर की सहायता से ट्रिगर किया जा सके। अब मौका देखकर इस आईईडी काे ट्रिप वायर तकनीक से ट्रिगर कर विस्फोट कर दिया। पेड़ के नीचे दबाया स्वीच, 300 मीटर दूर से विस्फोट नक्सलियों ने सड़क के नीचे बिछे आईईडी को ट्रिगर करने पास ही एक पेड़ की जड़ के पास डेटोनेटर को जोड़ता हुआ स्वीच जमीन के नीचे दबाकर ऊपर से मिट्टी और पत्थर डाल दिया था, ताकि बम निरोधक दस्ता इसका पता ना लगा सके। निशानी के लिए पेड़ की छाल को छील दिया गया था, ताकि वक्त आने पर इसमें विस्फोट किया जा सके। सोमवार को जब सुरक्षा बल के जवान बेदरे से निकले, तो नक्सलियों ने विस्फोट की तैयारी कर ली। पेड़ के नीचे दबे स्वीच को तार से जोड़कर वहां से लगभग 300 मीटर दूर जंगल तक एक पेड़ के नीचे तक ले जाया गया। वहीं से निशाना साधकर जवानों के कारकेड के 11 वें नबंर की गाड़ी को विस्फोट से उड़ाया गया। इस विस्फोट से 200 मीटर पीछे चल रही वाहन का कांच भी टूट गया। 1990 के दशक में पहला विस्फोट नक्सलियों के आईईडी के प्रयोग की योजना बनाने का पहला साक्ष्य 1986 के दशक में तत्कालीन आंध्र प्रदेश के वारंगल जिले के नचिनापल्ली गांव में गोलीबारी के दौरान पुलिस को मिले एक नोटबुक में था। इसमें बताया गया था कि नक्सली बारूदी सुरंग बिछाने और आइईडी का प्रयोग की तकनीक सीख रहे हैं। इसके बाद 1990 के दशक में अविभाजित बस्तर जिले के कोंटा क्षेत्र में नक्सलियों ने पहली बारूदी सुरंग विस्फोट कर पुलिस के वाहन को निशाना बनाया था। इसके दो वर्ष बाद 1992 में उत्तर बस्तर के बड़े डोंगर में चुनाव वाहन को उड़ाने के बाद से नक्सलियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट को अपना प्रमुख हथियार बना लिया, क्योंकि इससे बिना किसी खतरे के अधिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से पिछले 24 वर्ष में अब तक 1197 बारुदी सुरंग विस्फोट की ऐसी घटनाओं में 1313 सुरक्षा बल के जवान व आम नागरिक मारे जा चुके हैं।

4 की मौत और 3 घायल, अजमेर दरगाह से लौट रहे इंदौर के परिवार की कार टैंकर से भिड़ी

अजमेर/उज्जैन। उज्जैन जिले के नागदा में आज सुबह 5:30 बजे एक भयानक हादसा हो गया। जहां अजमेर से जियारत कर लौट रहे इंदौर के परिवार का जावरा नागदा रोड पर स्थित गांव बेड़ावन्या के पास एक्सीडेंट हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि इनोवा के परखच्चे उड़ गए। ड्राइविंग सीट पर फंसे शव को निकालने के लिए कार काटनी पड़ी। हादसे में कार सवार 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 घायल हैं। सभी मृतक इंदौर के रहने वाले थे। कार में सवार ऐजाज को कोई चोट नहीं लगी है। ऐजाज ने बताया- हम आठ लोग इंदौर से 23 अक्टूबर को अजमेर के लिए निकले थे। शुक्रवार सुबह लौटते वक्त एक पेट्रोल टैंकर और एक ट्रक हमारी गाड़ी के पीछे थे। कुछ देर बाद टैंकर ने हमारी कार को ओवरटेक किया। इसी दौरान गाड़ी टैंकर से जा भिड़ी। हादसे में इनकी गई जान 1. इमरान पुत्र इज्जत नूर, 40 साल, निवासी कड़ाव घाट, इंदौर 2. आसिफ पुत्र अहमद मंसूरी, 35 साल, निवासी पिंजारा बाखल, इंदौर 3. अब्दुल मन्नान पुत्र अब्दुल गफ्फार, निवासी झलारिया, इंदौर 4. समीर पुत्र हाजी हफीज खान, निवासी झलारिया, इंदौर ये हुए घायल 1. जुबैर पुत्र जाकिर, 30 साल, इंदौर 2. समीर पुत्र रशीद, 25 साल, निवासी सांवेर, इंदौर 3. ओसामा पुत्र सिद्दीक, 25 साल, निवासी सांवेर, इंदौर

स्कूली बच्चों से 4 की मौत, झारखंड-रामगढ़ में ट्रक ने ऑटो रिक्शा को रौंदा

रांची। बुधवार को झारखंड के रामगढ़ में दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक स्कूली रिक्शा और ट्रक की टक्कर में 3 बच्चों समेत चार की मौत हो गई। इस दुर्घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि मामला बुधवार की सुबह का है। यहां के गोला पुलिस थाना क्षेत्र में ऑटोरिक्शा और ट्रक की टक्कर में तीन बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना को लेकर जानकारी देते हुए रामगढ़ के एसपी अजय कुमार ने बताया कि स्कूल के छात्र ऑटोरिक्शा से स्कूला जा रहे थे। इस दौरान एक ट्रक ने सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी खतरनाक थी कि ऑटोरिक्शा में बैठे तीन स्कूली बच्चों समेत ड्राइवर की भी मौत हो गई। मामला रामगढ़ के गोला थाना क्षेत्र का है। यहां के गुडविल स्कूल के बच्चे रिक्शे से जा रहे थे। ऑटोरिक्शा तिरला मोड़ पर पहुंचने के बाद हादसा हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में तीन बच्चों समेत ड्राइवर की मौत हो गई। इसके साथ ही दर्जनभर बच्चे घायल भी हुए हैं। कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

BSF इंस्पेक्टर से ठगी मामले की जाँच पड़ताल तेज, चार बैंक खातों में ट्रांसफर हुई थी रकम

ग्वालियर बीएसएफ टेकनपुर के इंस्पेक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी गई 71.25 लाख की रकम कर्नाटक, औरंगाबाद और गुड़गांव के चार बैंक खातों में पहुंची है। जांच में पता चला है कि जिन बैंक खातों में ठगी के रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है, उनमें से दो खाते बंधन बैंक, एक खाता बैंक ऑफ सिंगापुर, एक बैंक ऑफ बड़ौदा का है। जैसे ही इस बात का पता चला साइबर टीम ने इन खातों की पड़ताल करना शुरू कर दी है। ठगों ने बीएसएफ टेकनपुर में पदस्थ इंस्पेक्टर अबसार अहमद को मुंबई साइबर और क्राइम ब्रांच के नकली अफसर बनकर ठगी था। एसपी ऑफिस पहुंचकर सुनाई थी आपबीती इंस्पेक्टर अबसार अहमद निवासी मऊ जिला, उत्तर प्रदेश ने ग्वालियर के एसपी ऑफिस पहुंचकर आपबीती सुनाई थी। उन्होंने बताया था कि दो दिसंबर 2024 को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया था। सामने वाले ने खुद को पुलिस अफसर बताते हुए कहा कि आपके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तारी वारंट है। इसके अलावा कई और आरोप लगाते हुए पूरे परिवार को गिरफ्तार करने की बात कही। बचने के लिए रुपये जमा कराने के लिए कहा था। इस दौरान तकरीबन 34 ट्रांजेक्शन हुए, जिसमें 71.25 लाख रुपये बीएसएफ इंस्पेक्टर ने वीडियो कॉल करने वाले ठगों के खाते में जमा करा दिए थे। कियोस्क सेंटर संचालक से आठ हजार की ठगी ठगी के एक अन्य मामले में ग्वालियर के कैलारस कस्बे में मंगलवार की दोपहर एक कियोस्क सेंटर संचालक ठगी का शिकार हो गया। हुआ यूं, कि लक्ष्मण पुत्र जगन्नाथ धाकड़ की एमएस रोड स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के पास स्थित कृष्णा कंप्यूटर नाम से कियोस्क सेंटर है। मंगलवार की दोपहर एक युवक आया, जिसने एक मोबाइल नंबर देते हुए, लक्ष्मण से कहा, कि मैं आपको आठ हजार रुपये नगद दे रहा हूं, इस नंबर पर आठ हजार रुपये ट्रांसफर कर दीजिए, इसके बदले में जो फीस लगती है वह भी दे दूंगा। बकौल लक्ष्मण धाकड़, उसने बताए गए नंबर पर आठ हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए, इसके बाद वह युवक बिना आठ हजार रुपये की नगदी दिए वहां से भाग गया। कैलारस पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ ठगी की धाराओं में केस दर्ज किया है।

ताजा पोस्ट से भड़की सरकार और बढ़ा तनाव, कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बनाने पर तुले ट्रंप

वाशिंगटन। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाथ धोकर कनाडा के पीछे पड़ गए हैं। ट्रंप, कनाडा को आर्थिक ताकत के बल पर अमेरिका का हिस्सा बनाने की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं। अब एक ताजा सोशल मीडिया पोस्ट में कनाडा और अमेरिका का साझा नक्शा पोस्ट किया और उसे संयुक्त राज्य अमेरिका लिखा। ट्रंप के इस पोस्ट पर कई कनाडाई नेताओं ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। गौरतलब है कि ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित अपने आवास में मीडिया से बात करते हुए कनाडा को अमेरिका में मिलाने और उसे अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की इच्छा व्यक्त की थी। कनाडा के पीएम ने जताई नाराजगी अब कनाडा और अमेरिका का साझा नक्शा पोस्ट कर उसे संयुक्त राज्य अमेरिका बताने वाली ट्रंप की पोस्ट पर कनाडा के नेताओं ने नाराजगी जताई। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ट्रंप के बयान पर कहा कि कनाडा के अमेरिका का हिस्सा बनने की कोई संभावना नहीं है। कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जॉली ने कहा कि ट्रंप का बयान ‘कनाडा को एक मजबूत देश बनाने वाली चीजों के बारे में समझ की कमी को दिखाती है। हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत है। हमारे लोग मजबूत हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हम खतरों के सामने कभी पीछे नहीं हटेंगे।’ ट्रंप के बयानों से बढ़ा तनाव उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने पनामा नहर और ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए सैन्य बल के इस्तेमाल की संभावना से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने दोनों पर अमेरिका के नियंत्रण को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। ट्रंप ने कहा कि पनामा नहर हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण है। हमें राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों के लिए ग्रीनलैंड की भी जरूरत है।’ गौरतलब है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है, जो लंबे समय से अमेरिका का सहयोगी और नाटो का संस्थापक सदस्य है। ट्रम्प ने डेनमार्क पर टैरिफ लगाने का भी प्रस्ताव दिया है कि अगर डेनमार्क, ग्रीनलैंड को खरीदने के उनके प्रस्ताव को अस्वीकार करता है तो वे डेनमार्क पर टैरिफ लगा सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर पनामा और डेनमार्क ने दी प्रतिक्रिया पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-आचा ने ट्रम्प की धमकी को दृढ़ता से खारिज करते हुए कहा, ‘नहर पनामा के नियंत्रण में है, और यह हमारे ही नियंत्रण में रहेगी।’ वहीं डेनमार्क ने भी दृढ़ता से कहा कि ग्रीनलैंड ‘बिक्री के लिए नहीं है।’ डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने मंगलवार रात कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि जब हम करीबी सहयोगी और साझेदार हैं, तो वित्तीय मुद्दों पर एक दूसरे पर टकराना अच्छी बात नहीं है।’

सेना और एनडीआरएफ ने निकाला एक शव, असम की कोयला खदान धसने से आठ श्रमिक दबे

दिशपुर/नई दिल्ली। असम के पास दीमा हसाओ जिले में सोमवार को कोयला खदान में पानी भरने के बाद नौ श्रमिक फंस गए थे। बुधवार सुबह सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान के दौरान खदान से एक शव बरामद किया। खदान में अभी भी आठ श्रमिक फंसे हुए हैं। इसके बाद सेना, असम राइफल्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो के तीन किलो क्षेत्र में कोयला खदान में सोमवार को 300 फीट गहरे खदान में अचानक पानी भर गया था। इस खदान में नौ श्रमिक फंस गए थे। इसके बाद भारतीय सेना और स्थानीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने त्वरित और प्रभावी तरीके से बचाव अभियान की शुरुआत की। मंगलवार शाम को बचाव अभियान को रोक दिया गया था। बुधवार सुबह इसे फिर से शुरू किया गया। इसके बाद बचाव टीमों ने खदान से एक शव बरामद किया। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि 21 पैरा गोताखोरों ने खदान से एक शव बरामद किया है। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। वहीं एनडीआरएफ के कमांडेंट एन तिवारी ने बताया कि श्रमिकों को निकालने के लिए 24 घंटे काम चल रहा है। जल्द ही हम श्रमिकों तक पहुंच जाएंगे। अभी सेना की टीम यहां काम कर रही है। जल्द ही नौसैनिक भी यहां पहुंच जाएंगे। वहीं खदान में काम करने वाले एक श्रमिक ने बताया कि मेरा भाई खदान में फंसा है। खदान में अचानक लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि पानी भर रहा है। 30-35 लोग बाहर आ गए और 15-16 लोग फंस गए। एक युवक गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज मामले में असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच के लिए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(1) के साथ धारा 3(5)/105 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह एक अवैध खदान लगती है। मामले के संबंध में पुनीश नुनिसा नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। मैंने माननीय केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डर से भी बात की। उनसे उमरंगसू में बचाव अभियान के लिए सहायता मांगी है। उन्होंने तुरंत कोल इंडिया मुख्यालय को निर्देश जारी किए हैं। इस मिशन में असम सरकार को पूर्ण सहयोग देने के लिए मैं उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। वाटरिंग पंप मंगाया जा रहा खदान में भरे पानी को निकालने के लिए डी वाटरिंग पंप मंगाया गया है। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि बचाव अभियान जोरों पर है। सेना और एनडीआरएफ के गोताखोर खदान में उतर चुके हैं। नौसेना के जवान मौके पर हैं और उनके बाद गोता लगाने की अंतिम तैयारियां कर रहे हैं। इस बीच एसडीआरएफ के डी-वाटरिंग पंप उमरंगशु से घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। ओएनजीसी के डी-वाटरिंग पंप को कुंभीग्राम में एमआई-17 हेलीकॉप्टर पर लोड किया गया है।     21 Para divers have just recovered a lifeless body from the bottom of the well. Our thoughts and prayers are with the grieving family.     — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 8, 2025

भोपाल को यूनेस्को की साहित्य नगरी के रूप में मिलेगी वैश्विक पहचान : राज्य मंत्री लोधी

भोपाल बनेगा विश्व का साहित्यिक और सांस्कृतिक केंद्र : महापौर श्रीमती राय भोपाल की साहित्यिक विरासत को दुनिया के सामने लाने का प्रयास : प्रमुख सचिव श्री शुक्ला महापौर ने भोपाल को साहित्य के क्षेत्र में नामित किए जाने के लिए यूनेस्को को भेजे जाने वाले एप्लीकेशन और डिक्लेरेशन पर किए हस्ताक्षर भोपाल पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा है कि समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और नैसर्गिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध भोपाल को यूनेस्को में विश्व की साहित्य नगरी के रूप में पहचान दिलाई जाएगी। भोपाल को साहित्य सृजन, संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में वैश्विक पहचान मिलेगी। राज्य मंत्री श्री लोधी, मुल्ला रमूजी संस्कृति भवन में यूनेस्को की क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में भोपाल को साहित्य के क्षेत्र में नामित करने के प्रस्ताव पर हितधारक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि इससे भोपाल के साहित्य और साहित्यकारों को वैश्विक मंच मिलेगा। साथ ही भोपाल के शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को गति मिलेगी। महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय ने भोपाल को साहित्य के क्षेत्र में नामित किए जाने के लिए एप्लीकेशन और डिक्लेरेशन पर हस्ताक्षर किए। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि यूनेस्को द्वारा भोपाल को साहित्य नगरी घोषित किए जाने के हर संभव प्रयास किए जायेंगे। इस उपलब्धि से भोपाल शहर का गौरव बढ़ेगा। आने वाले समय में भोपाल विश्व का साहित्यिक और सांस्कृतिक केंद्र बनेगा। प्रमुख सचिव संस्कृति, पर्यटन और प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि यूनेस्को की क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में भोपाल को साहित्य के क्षेत्र में नामित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे भोपाल की साहित्यिक विरासत दुनिया के सामने आयेगी। यूनेस्को ने साहित्य के क्षेत्र में 39 देशों के 53 शहरों को क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में शामिल किया है। पिछले वर्ष केरल के कोझिकोड शहर को यूनेस्को ने साहित्य के क्षेत्र में शामिल किया था। भोपाल को देश का दूसरा शहर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्वालियर को यूनेस्को द्वारा म्यूजिक सिटी का दर्जा दिए जाने के बाद से ग्वालियर में युवाओं में संगीत के प्रति रुझान बढ़ा है। इसी तरह भोपाल को साहित्य नगरी का दर्जा मिलने के साथ ही युवा भी साहित्य सृजन और पठन के प्रति आकर्षित होंगें। भोपाल को यूनेस्को की क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में शामिल किए जाने के डोजियर को मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा तैयार किया गया है। इसे संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार को भेजा जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय द्वारा अनुमोदित होने पर डोजियर यूनेस्को को मूल्यांकन के लिए प्रेषित किया जाएगा। संगोष्ठी में हितधारकों को यूनेस्को के क्रिएटिव सिटी नेटवर्क की जानकारी देते हुए बताया गया कि यूनेस्को द्वारा शहरों को 7 श्रेणियों में मान्यता दी जाती है। इसमें शिल्प और लोक कला, रचना, फिल्म, पाक कला, साहित्य, संगीत और मीडिया आर्ट शामिल है। महाराजा भोज के द्वारा 1010 ईसवी में साहित्य सृजन से शुरू हुई स्वर्णिम विरासत भोपाल को साहित्य सृजन और संरक्षण के क्षेत्र में विशेष बनाती हैं। हिंदी के साथ साथ उर्दू, सिंधी, पंजाबी आदि भाषाओं में साहित्यकारों द्वारा भोपाल में साहित्य सृजन किया गया है। भोपाल में संस्कृति विभाग द्वारा 150 से ज्यादा सांस्कृतिक और साहित्यिक आयोजन और भारत भवन द्वारा 20 से अधिक वार्षिक आयोजन किए जाते हैं। भोपाल में 70 से अधिक लाइब्रेरी और रीडिंग सेंटर्स है। इसके साथ ही समुदायों और संस्थाओं के सहयोग से विभिन्न साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन भोपाल में किया जाता है। संगोष्ठी में प्रेजेंटेशन से हितधारकों को भोपाल को साहित्य नगरी का दर्जा दिलाने के लिए शहर में हो रहे साहित्यिक कार्यक्रम और गतिविधियों, संकलन, एग्जिबिशन और आयोजन की जानकारी के साथ अगले 4 वर्षों में साहित्य के प्रचार-प्रसार और संवर्धन के लिए किए जाने वाले प्रयासों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर संचालक संस्कृति श्री एन.पी. नामदेव, अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड सुश्री बिदिशा मुखर्जी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद के अन्तर्गत उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी, आदिवासी लाके कला एवं बोली विकास अकादमी, साहित्य अकादमी, कालिदास संस्कृत अकादमी, सिंधी साहित्य अकादमी, मराठी साहित्य अकादमी, भोजपुरी साहित्य अकादमी, पंजाबी साहित्य अकादमी आदि के निदेशक और प्रतिनिधि, साहित्यकार और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहें।  

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