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गरिमामय पूर्ण तरीके से मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस समारोह

  कलेक्टर ने ली आयोजन तैयारी संबंधी बैठक, अधिकारियों को दिए निर्देश   अनूपपुर  26 जनवरी गणतंत्र दिवस के आयोजन के संबंध में बैठक कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में गणतंत्र दिवस का आयोजन गरिमामय रूप से सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पुख्ता करने तथा आयोजन संबंधी जिन विभागों को जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें निर्धारित समय में तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय वशिष्ठ शर्मा, अपर कलेक्टर श्री दिलीप कुमार पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री इसरार मंसूरी, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अनूपपुर श्री सुधाकर सिंह बघेल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जैतहरी श्रीमती अंजली द्विवेदी सहित सर्व संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।    बैठक में कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के संबंध में निर्देश दिए। कलेक्टर ने ध्वजारोहण के दौरान एवं पश्चात् ध्वज संहिता का गंभीरता से पालन करने तथा जिले के सभी कार्यालयों में 26 जनवरी को प्रातः 8 बजे तक ध्वजारोहण समारोह आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय कार्यक्रम शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि. अनूपपुर के प्रांगण में प्रातः 9 बजे से प्रारंभ होगा। इसके पूर्व स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा प्रभात फेरी निकाली जाएगी। कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता की योजनाओं एवं कार्यक्रमों को दृष्टिगत रखते हुए आकर्षक तथा जनजागरूकता संदेशयुक्त विभागीय झांकियां तैयार कर गणतंत्र दिवस समारोह में प्रस्तुत की जांए। समारोह में मुख्य अतिथि द्वारा शांति के प्रतीक के रूप में गुब्बारे छोड़े जाएंगे। समारोह में विशेष सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल, होमगार्ड, एनसीसी स्काउट तथा अन्य टुकड़ियों के साथ परेड का आयोजन होगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को पुरुस्कृत किया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए साफ-सफाई, पेयजल, पुलिस एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी की व्यवस्था, बैरीकेटिंग, मंच व्यवस्था आदि के संबंध में निर्देश दिए गए।       26 जनवरी की संध्या पर आयोजित होगा भारत पर्व  गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2025 के अवसर पर सांध्यकालीन लोकतंत्र का लोक उत्सव भारत पर्व जिला मुख्यालय पर आयोजित किया जाएगा। भारत पर्व कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए।          शासकीय कार्यालयों में होगी रोशनी की व्यवस्था गणतंत्र दिवस के एक दिवस पूर्व से ही समस्त शासकीय कार्यालयों में रोशनी की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये गए हैं।

IED Expert महेश सहित कुल 03 हार्डकोर माओवादियों के शव पालीगुड़ा-गुंडराजगुड़ेम मुठभेड़ में बरामद

सुकमा पालीगुड़ा-गुंडराजगुड़ेम मुठभेड़ के बाद सर्चिंग में तीन नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं. इनमें दक्षिण बस्तर डिवीजन एवं पीएलजीए बटालियन क्रमांक 1 का IED एक्सपर्ट महेश के साथ माडवी नवीन उर्फ कोसा एसीएम पश्चिम बस्तर, अलवम भीमा एसीएम जोनागुडा के रूप में पहचान हुई है. माओवादी महेश वर्ष 2023 में बेदरे तथा वर्ष 2024 में जगरगुण्ड़ा क्षेत्र में हुये घटनाओं में भी मास्टर माइंड रहा है. महेश के साथ अन्य दोनों नक्सलियों पर कुल मिलाकर 18 लाख रुपए का इनाम था. नक्सलियों के शव के साथ घटनास्थल से 2 बीजीएल लांचर, एक 12 बोर रायफल सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, नक्सल साहित्य एवं अन्य दैनिक उपयोगी सामान बरामद किया गया है. पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण ने बताया कि नक्सल विरोधी सर्च अभियान में 8 जनवरी को जिला सुकमा डीआरजी, एसटीएफ एवं 203, 204, 206 208 CoBRA तथा 241, 131 CRPF की संयुक्त पार्टी शीर्ष माओवादियों की उपस्थिति की आसूचना पर पालीगुड़ा-गुंडराजगुडेम क्षेत्र में रवाना हुई थी. अभियान के दौरान 9 जनवरी को सुबह 8 बजे ग्राम पालीगुड़ा- गुंडराजगुडेम के मध्य जंगल पहाड़ में सुरक्षा बलों एवं माओवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई, जो रूक-रूक कर चलती रही. मुठभेड़ समाप्ति उपरांत सभी टीमों द्वारा सर्च करने पर तीन पुरुष हार्डकोर माओवादियों का शव हथियार सामग्री सहित बरामद हुआ. इनमें से पश्चिम बस्तर बीजापुर क्षेत्र निवासी कोरसा महेश पर 8 लाख रुपए, पश्चिम बस्तर बीजापुर निवासी माडवी नवीन उर्फ कोसा एसीएम पर 5 लाख और जोनागुड़ा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा निवासी अवलम भीमा एसीएम पर भी पांच लाख रुपए का ईनाम था. मारे गए हार्डकोर माओवादी डिप्टी कमाण्डर पूर्व में PLGA बटालियन नंबर 01 का सक्रिय सदस्य कोरसा महेश आईईडी एक्सपर्ट था, जो जिले के महत्वपूर्ण कई घटनाओं में शामिल था. इनमें 17 दिसंबर 2023 में जगरगुण्डा थाना क्षेत्रान्तर्गत कैम्प बेदरे के नजदीक सीआरपीएफ के सब इंस्पेक्टर सुधाकर रेड्डी की हत्या की घटना में शामिल था. इसके अलावा 23 जून 2024 को थाना जगरगुण्डा क्षेत्रान्तर्गत सिलगेर-टेकलगुड़ेम के मध्य तिमापुरम के पास सीआरपीएफ के ट्रक वाहन को आईईडी ब्लास्ट 02 सीआपीएफ के जवान की मृत्यु. 3 नवंबर 2024 को जगरगुण्डा के साप्तहिक बाजार में 2 पुलिसकर्मी पर जान लेवा हमला कर हथियार लूटने की घटना. और 28 दिसंबर 2024 को थाना पोलमपल्ली क्षेत्रान्तर्गत गोरगुण्डा एवं पोलमपल्ली के पास सुरक्षाबलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने आईईडी प्लांट करने में मास्टर माइंड था. पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी. द्वारा बताया गया कि वर्ष 2024 में नक्सल विरोधी अभियान में प्राप्त बढ़त को आगे बरकरार रखते हुए वर्ष 2025 में भी प्रतिबंधित और गैर कानूनी सीपीआई माओवादी संगठन के विरूद्ध अभियान जारी है. बीते छह दिनों में आठ हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए गए. इसके साथ सुरक्षा बल द्वारा मजबूत मनोबल एवं स्पष्ट लक्ष्य के साथ बस्तर क्षेत्र की शांति, सुरक्षा व विकास हेतु समर्पित होकर कार्य किया जा रहा है.

कैसे इंस्टॉल करें अपने पीसी में फ्री एंटीवॉयरस

कंप्यूटर के लिए एंटीवॉयरस उसी तरह से काम करते हैं जैसे हमारे लिए सर्दी जुकाम से बचने के लिए दवाई। अगर आप बाजार में मौजूद महंगे एंटीवॉयरस नहीं खरीद सकते हें तो कई फ्री एंटीवॉयरस भी मौजूद है जिसे आप अपने कंप्यूटर या फिर लैपटॉप में डाउनलोड कर सकते हैं, अब इन्हें डाउनलोड कैसे करें इसके बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं क्योंकि एंटीवॉयरस को इंस्टॉल करना बेहद आसान है। नीचे दी गई स्टेप को फॉलों करके आप आसानी से अपने कंप्यूटर में एंटीवॉयरस इंस्टॉल कर सकते हैं। सबसे पहले जिस एंटीवॉयस को आप अपने कंप्यूटर में इंस्टॉल करना चाहते हैं उसे अपने कंप्यूटर पर डाउनलोड कर लें। जहां पर एंटीवॉयरस इंस्टॉल किया हैं उस ऑइकॉन पर राइट यानी कंप्यूटर माउस की बाईं तरफ क्लिक करें क्लिक करते ही रन का ऑप्शन दिखेगा जिसमें क्लिक कर दें रन पर क्लिक करते ही एंटीवायरस कंप्यूटर में इंस्टॉल होने लगेगा। इंस्टॉल होने से पहले एंटीवायरस में कस्टम और मैन्यूअल का ऑप्शन आएगा मतलब आप जिन चीजों को इंस्टॉल करना चाहते हैं उसे खुद सलेक्ट करेंगे या फिर एंटीवायरस खुद ही जरूरी अपडेट इंस्टॉल कर दे। एंटीवॉयरस इंस्टॉल हो जाने के बाद आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर एंटीवॉयरस का आइकॉन आ जाएगा जिस पर क्लिक कर दें आईकॉन पर क्लिक करते ही एंटी वॉयरस का कंट्रोल पैनल ओपेन हो जाएगा ध्यान रहे अब आपको एंटीवॉयरस एक्टीवेट करना होगा जिसके लिए इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत पड़ेगी। एक बार एंटीवॉयरस अपडेट हो जाने के बाद आपका कंप्यूटर सेफ हो जाएगा। पहली बार एंटीवॉयरस अपडेट करने पर हो सकता है थोड़ा समय लगे इसलिए थोड़ा सब्र करें एंटी वॉयरस अपडेट होने के बाद कंट्रोल पैनल में रेड की जगह ग्रीन कलर दिखनें लगेगा।  

बस की छत पर सवारी बैठाकर परिवहन करने वाले मंदाकिनी बस के चालक पर हुई कार्यवाही

  अनूपपुर  समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर जिसमें एक बस चालक बस की छत पर सवारियां बिठाकर परिवहन करते हुए लोगों की  जान जोखिम में डालकर बस का वेंकट नगर से जैतहरी होते हुए अनूपपुर के लिए परिवहन कर रहा था। इस खबर पर संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर द्वारा तत्काल  यातायात प्रभारी को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया ।जिसके पालन में आज ट्रैफिक पुलिस द्वारा उक्त बस चालक पर कार्यवाही करते हुए ₹5000 का जुर्माना लगाया गया।मंदाकिनी बस क्रमांक MP-65ZB-4257 के चालक का  5000 का चालान ( खतरनाक तरीके से वाहन चलाना, ड्राइवर बिना वर्दी एवं नेम प्लेट के पाया जाना  एवं वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स ना होने पर ) काटा गया । अन्य बसों की भी की गई चेकिंग  अभियान के दौरान यात्रियों के जोखिम  रहित  सुगम परिवहन  के लिए आज दिनांक को विशेष अभियान चलाकर अनूपपुर जिला मुख्यालय से अन्य स्थानों को जाने एवं अन्य स्थानों से अनूपपुर आने वाले यात्री वाहन बस की चेकिंग की गई । इस दौरान कुल 29 बसों को  चेक किया गया। बसों के आवश्यक दस्तावेज  रजिस्ट्रेशन, बीमा, फिटनेस, परमिट, सहित  वाहन चालक एवं परिचालक के लाइसेंस की जांच की गई साथ ही सुरक्षा उपकरणों जैसे फर्स्ट एड बॉक्स, फायरफाइटर आदि की जांच की गई।  उक्त कार्यवाही के द्वारा बस चालकों को बस चलाने के दौरान रखे जाने वाली सावधानि के बारे में भी समझाइए दी गई साथ ही क्षमता से अधिक सवारी परिवहन न करने की हिदायत दी गई जिससे यात्रियों के परिवहन को व्यवस्थित एवं जोखिम रहित किया जा सके।  

मुख्यमंत्री साय ने ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव 2.0 को किया संबोधित

रायपुर, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हम फौलादी इच्छाशक्ति के साथ काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2030 तक 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को पाने में छत्तीसगढ़ की सबसे अहम भूमिका होगी। इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक उद्यमी को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का ब्रांड एंबेसडर बनना होगा। प्रदेश के स्टील उद्योग को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए हरसम्भव सहयोग हमारी सरकार प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव 2.0 को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा है। हम विकसित छत्तीसगढ़ की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं केंद्रीय राज्य मंत्री था तब स्टील इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों से अक्सर मुलाकात होती रही है। साय ने कहा कि 17 राज्यों से आए 1500 प्रतिनिधि यहां दो दिन स्टील उद्योग की चुनौतियों व नये अवसर पर मंथन करेंगे। मुझे विश्वास है कि यहां हुई चर्चा स्टील सेक्टर के साथ ही छत्तीसगढ़ और देश की तरक्की को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया स्टील कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन प्रदेश में स्टील उद्योग को तो प्रोत्साहित करेगा ही, एमएसएमई के लिए भी लाभकारी होगा। देशभर के उद्योग जगत के लोग छत्तीसगढ़ की इस विकास यात्रा में भागीदार होना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ में अवसर के कई द्वार अभी और खुलेंगे। जल्द ही हम लिथियम जैसी ऊर्जा खनिज के सबसे बड़े केंद्र बनेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्टील उद्योग के लिए काफी अवसर हैं। हमारे पास स्टील इंडस्ट्री के लिए जरुरी खनिज जैसे लोहा ओर और कोयला के साथ ही बिजली पर्याप्त मात्रा में है। हम स्टील उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर हैं। हमें गर्व है कि हमारा प्रदेश देश की इकोनॉमी का पावर हाउस है। छत्तीसगढ़ ने अब ग्रीन स्टील की ओर भी कदम बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि स्टील उद्योग में कई नवाचार हो रहे हैं। उत्पादन बढ़ाने के लिए आप लोग नई और एडवांस टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहे हैं, इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं। आर्थिक विकास को गति देने के साथ हमें जलवायु परिवर्तन की चुनौती का भी समाधान करना होगा। ऐसे में अब पर्यावरण अनुकूल विकास के स्थायी उपाय करने होंगे। उन्होंने नई औद्योगिक नीति के जरिए 5 लाख नये रोजगार सृजन के लक्ष्य की बात दोहराई और कहा कि यह आप सभी के सहयोग से ही पूरा होगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और नई औद्योगिक नीति पर भी सरकार के विजन को साझा किया। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 एक ऐसा नवाचारी प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए राज्य में उद्योग, व्यवसाय और स्टार्टअप को एक पोर्टल पर तमाम सुविधाएं मिल रही हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल औद्योगिक नीति तैयार की है और इससे प्रदेश में निवेश आकर्षित हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वनाच्छादित प्रदेश है और यहां खनिज सम्पदा के विपुल भंडार मौजूद है। प्रदेश के विकास को गति देने की सभी संभावनाएं यहां मौजूद है। देवांगन ने स्टील उद्योग को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा लिए गए निर्णयों की जानकारी भी दी। उन्होंने कॉनक्लेव में मौजूद सभी उद्योगपतियों से आग्रह करते हुए कहा कि हमारी इस औद्योगिक नीति को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, जिससे लोग इसका लाभ लें और प्रदेश की तरक्की में साझेदार बने। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का सबसे तेजी से विकसित होता हुआ राज्य बन रहा है। प्रदेश में स्टील उद्योग के लिए अनुकूल अवस्थाएं मौजूद हैं। प्रदेश में पहले से ही अनेक उद्योग स्थापित हैं अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम विकास के साथ ही पर्यावरण का भी ध्यान रखें। सीएसआर की सहायता से लोगों के जीवन को भी बेहतर बनाने का प्रयास करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव 2.0 के चेयरमैन रमेश अग्रवाल, छत्तीसगढ़ स्टील री रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी, भिलाई स्टील प्लांट के सीईओ अजॉय कुमार चक्रवर्ती सहित सीएसआरए के पदाधिकारीगण और स्टील उद्योग से जुड़े उद्योगपति उपस्थित थे।  

खरीदी केंद्र से संग्रहण केंद्र के लिए भेजे गए धान के बोरे ढाबे पर मिले

गरियाबंद खरीदी केंद्र से संग्रहण केंद्र के लिए भेजे गए धान के बोरे कोयबा के एक ढाबे में मिले. यही नहीं 165 लीटर डीजल भी बरामद किया गया. खाद्य निरीक्षक की छापेमारी में खुली इस कलई के पीछे ट्रांसपोर्टरों की जिम्मेदार अधिकारियों से सेटिंग है, जिसमें धान परिवहन के दरमियान मात्रा में आई कमी की भरपाई खरीदी केंद्रों से कराने का रिवाज बन गया है. दरअसल, खरीदी केंद्र से धान भर कर संग्रहण केंद्र के लिए निकले ट्रक अक्सर कोयबा में नेशनल हाइवे से लगे एक ढाबे में अक्सर रुका करते थे. जहां ढाबा संचालक के साथ मिल सरकारी धान व ट्रक के डीजल की हेरा-फेरी की जाती थी. सूचना के आधार पर सहायक खाद्य अधिकारी कुसुम लता ने ढाबे में छापेमारी की. मौके पर मौजूद धान लोडेड ट्रक का चालक अफसर को देख कर गाड़ी लेकर भाग निकला. वहीं जब टीम ने ढाबे की तलाशी ली तो 15 बोरा धान के साथ 165 लीटर डीजल भी मिला. ढाबा संचालक जप्त समान के कोई वैधानिक दस्तावेज नहीं दिखा पाया. अफसर ने पंचनामा कर अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन आला अफसरों को भेज दिया है. जप्त किए गए धान अमलीपदर और गोहरापदर (मैनपुर) खरीदी केंद्र से लोड किया गया था. बारदाना में लगे मोहर के आधार पर पहचान के बाद अब परिवहन में जुटे ट्रक व चालक के नाम पर कार्रवाई की तैयारी है. मैनपुर एएफओ कुसुम लता ने कहा कि पंचनामा कर प्रतिवेदन जिला अधिकारी को भेजा जा रहा है. निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. दागी ट्रांसपोर्टर को मिल रहा पूरा समर्थन परिवहन के लिए टेंडर किसी का भी लगे पर कुंडेल में नवापारा के स्थानीय एक ट्रांसपोर्टर को जिम्मा दिया जाता है. पहले धान भरे ट्रक के गायब करने के मामले में ट्रांसपोर्टर पर कार्रवाई भी हो चुकी है. लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते ट्रांसपोर्टर अब भी संग्रहण केंद्र में जमा हुआ है. छोटी-मोटी हेराफेरी की ताकत चालकों को वहीं से मिलती है. बता दे कि संग्रहण केंद्र से दुरस्त देवभोग अमलीपदर थाना क्षेत्र से अब तक 10 ट्रक धान गायब हो चुके हैं. कुछ में आरोपी पकड़े गए, लेकिन मामला अब भी नहीं सुलझ पाया है. गलती किसी और की, सजा कोई और भुगते एक ट्रक में 5 से 10 बोरा धान गायब करना एक तरह से रिवाज बन गया है. दरअसल, खरीदी केंद्र से जितना भी वजन भेजा जाए उसको संग्रहण केंद्र में दोबारा वजन कराया जाता है. मात्रा में अंतर की भरपाई संग्रहण केंद्र वाले खरीदी केंद्र से कराते है. रास्ते में गायब हो रहे बोरे इस बात का प्रमाण है कि गड़बड़ी वाहन व ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोग करते हैं, पर हर्जाना खरीदी केंद्र से किया जाता है. खरीदी केंद्र प्रभारियों ने खरीदी केंद्र से धरम काटा किए गए पर्ची को मान्य करने की जायज मांग कर चुके हैं पर इस मांग को क्यों नहीं माना जाता, समझ से परे है.

लगातार काम करने से होती हैं ये शारीरिक समस्याएं, ऐसे बचें इनसे

भारत की 121 करोड़ से ज्यादा आबादी में 65 फीसदी लोगों की उम्र 35 साल या इससे कम है। देश के युवा अलग-अलग क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर युवा प्राइवेट कंपनियों में जॉब करते हैं। कामयाबी हासिल करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करते हैं। पर हममे से कई लोग मेहनत के आगे अपनी हेल्थ को भूल जाते हैं। ऑफिस वर्क हो या फील्ड वर्क, लगातार काम करने और काम का प्रेशर लेने के चलते, कम उम्र में ही कुछ शारीरिक समस्याएं शुरू हो जाती हैं। आप अगर इन्हें नजरअंदाज करते हैं तो ये आगे चलकर बड़ी बीमारी का रूप ले सकती हैं। हमने कुछ फिजियोथैरेपिस्ट से ऑफिस जाने वाले लोगों से जुड़ी शारीरिक समस्याओं और उनके रोकथाम को लेकर बातचीत की। शायद आपको भी इनमें से कुछ हेल्थ प्रॉब्लम शुरू हुई हों या कई दिनों से आप परेशान हों। हम आपको बता रहे हैं कि कैसे खुद पर थोड़ा ध्यान देकर आप हेल्थ प्रॉब्लम्स को दूर रख सकते हैं या फिजियोथैरेपिस्ट की सलाह लेकर उन्हे जड़ से खत्म कर सकते हैं.. मेदांता हॉस्पिटल गुड़गांव के फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. आलोक मोहन कहते हैं, हमारे पास बैकपेन की समस्या लेकर ऐसे पेशेंट आते हैं, जो ऑफिस में ज्यादातर बैठकर काम करते हैं। पॉश्चर इमबैलेंस यानी ठीक ढंग से न बैठने की वजह से यह समस्या आती है। ग्वालियर के डॉ. गौरव त्रिपाठी के मुताबिक, ऑफिस गोइंग लोगों में स्पॉन्डलाइटिस और लंबर स्पॉन्डलाइटिस जैसी समस्याएं आम हैं। बचाव के उपाय डॉ. आलोक बताते हैं कि अगर आपको इन समस्याओं से बचना है तो ऑफिस में बैठने का सही तरीका काफी जरूरी है। लगातार सीट पर नहीं बैठना चाहिए। बीच में सीट पर बैठे-बैठे आप अपनी बॉडी को स्ट्रैच कर सकते हैं। इसके लिए एक्सरसाइज चार्ट देखिए। डॉ. गौरव बताते हैं कि सर्वाइकल या लंबर स्पॉन्डलाइटिस बढ़ जाने पर मशीन से एक्सराइज या अलग-अलग थैरेपी लेनी होगी। डॉ. आलोक बताते हैं कि फील्ड पर रहने वाले या लगातार बाइक चलाने वाले लोगों को कंधे में दर्द, अपर बैक पेन जैसी समस्याएं हो जाती हैं। डॉ. गौरव के मुताबिक, ज्यादा देर तक बैठकर काम करने से भी घुटने में दर्द हो सकता है। डॉ. गौरव ने कहा, सर्वाइकल बढ़ने पर सिर दर्द, चिड़चिड़ापन, उल्टी और चक्कर शुरू हो जाते हैं। चिड़चिड़ेपन से बीपी प्रॉब्लम भी हो सकती है। ऑफिस जाने से पहले घर पर:- -सिंगल नी टू चेस्ट स्ट्रेच-पीठ के बल लेटें और पैरों को सीधा रखें। -एक घुटने को पकड़कर छाती तक लाएं। -20 सेकेंड तक होल्ड करें। -रिलैक्स होकर दूसरे पैर के साथ भी ऐसा करें। -दोनों पैरों से 5 दफा रिपीट करें। स्टैंडिंग स्ट्रेच:- -पैर सीधे करके खड़े हो जाइए। -घुटने के पीछे से पैर को पकड़िए। -जितना हो सके पैर को ऊपर उठाइए। 20 सेकेंड तक होल्ड कीजिए। -रिलैक्स होकर दूसरे पैर के साथ ऐसा कीजिए। दोनों साइड से 5 बार ऐसा कीजिए। हिप रोलिंग:- पहले सीधे लेटें और अपने दोनों पैरों को थोड़ा ऊपर उठाएं। अपने हाथों को बांधकर छाती पर रखें। फिर अपने सिर को दाएं घुमाएं और मुड़े हुए पैरों को बाएं। फिर धीमे-धीमे पैरों को सीधे करके रिलैक्स हों। फिर पैर को वापस मोड़कर सिर सेंटर पर करें। फिर सिर को बाएं और मुड़े हुए पैरों को दाएं घुमाकर यह प्रक्रिया दोहराएं। साइड बेंडिंग:- सीधे खड़े हों। पैरों के बीच थोड़ा गैप रखें और हाथों को सीधे पैरों के सहारे नीचे। फिर अपने सिर को दाईं तरफ झुकाते हुए बायां हाथ सिर के सहारे दाईं तरफ ले जाएं और दायां हाथ सीधे रखें। फिर सीधे होने के बाद सिर को बाईं तरफ और दायां हाथ बाईं तरफ ले जाएं।  

अनूपपुर में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक का हार्ट अटैक आने से आकस्मिक निधन

अनूपपुर थाना कोतमा जिला अनूपपुर में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक रवि करण दुबे उम्र 56 वर्ष अपने ड्यूटी के प्रति लगन मेहनत एवं ईमानदारी के साथ करते थे,  ड्यूटी के दौरान अचानक हृदय गति रुकने से इलाज के दौरान कोतमा सामुदायिक केंद्र में निधन हो गया है , श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर, एवं एसडीओपी महोदय, थाना प्रभारी कोतमा व समस्त अनूपपुर पुलिस परिवार गहरा शोक व्यक्त किया।

कृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मामले पर न्यायालय का बड़ा संकेत, अब दोनों की सुनवाई एक ही अदालत में हो सकेगी

नई दिल्ली कृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह के बीच चल रहे भूमि विवाद को लेकर एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान संकेत दिया है कि सभी संबंधित याचिकाओं की सुनवाई अब किसी एक अदालत में हो सकती है। इससे विवाद के समाधान में एक नया मोड़ आ सकता है, जो दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हो सकता है। उच्चतम न्यायालय का रुख कृष्ण जन्मस्थान-शाही ईदगाह भूमि विवाद को लेकर उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। पीठ ने पूछा कि मथुरा की विभिन्न सिविल अदालतों से संबंधित लगभग 18 मुकदमों को एक साथ एकीकृत करके सुनवाई उच्च न्यायालय के पास क्यों न की जाए, जबकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस संबंध में पहले ही फैसला सुनाया था। उच्चतम न्यायालय ने यह भी कहा कि मुकदमों का एकीकरण पक्षकारों के लिए अधिक सुविधाजनक हो सकता है, क्योंकि इससे अलग-अलग अदालतों में लंबी और जटिल प्रक्रियाओं से बचा जा सकता है। मुस्लिम पक्ष की आपत्ति मुस्लिम पक्ष के वकील ने हालांकि इस एकीकरण पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ये मुकदमे समान प्रकृति के नहीं हैं और यदि उन्हें एक साथ सुना जाता है, तो यह जटिलताओं का कारण बन सकता है। हालांकि, उच्चतम न्यायालय की पीठ ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि इससे किसी प्रकार की जटिलता नहीं आएगी, और यह पक्षकारों के लिए सुविधाजनक होगा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 26 मई 2023 को इस मामले में मथुरा की विभिन्न सिविल अदालतों से कृष्ण जन्मस्थान-शाही ईदगाह भूमि विवाद से संबंधित मुकदमों को अपने पास स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। इसके बाद 1 अगस्त 2024 को उच्च न्यायालय ने एक और महत्वपूर्ण आदेश देते हुए मस्जिद प्रबंधन समिति की चुनौती को खारिज कर दिया था और मामले की सुनवाई जारी रखने का निर्देश दिया था। जानें 16 जनवरी से पहले की स्थिति 16 जनवरी 2024 को उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 14 दिसंबर 2023 के आदेश पर रोक लगाते हुए शाही ईदगाह मस्जिद का सर्वेक्षण करने का निर्देश अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। इस फैसले से मामले की आगे की सुनवाई में भी नए पहलू जुड़ सकते हैं, जो विवाद को सुलझाने में सहायक हो सकते हैं। अगली सुनवाई की तारीख उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 1 अप्रैल 2025 की तारीख निर्धारित की है, जब दोनों पक्षों के वकील अपने तर्क पेश करेंगे। यह तारीख इस मामले के भविष्य के लिए अहम हो सकती है, क्योंकि इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और विवाद का समाधान निकलने की संभावना है।  

जब आने वाला हो नन्हा मेहमान, इन बातों का रखें खास ध्यान

गर्भावस्था का पता चलने के बाद अक्सर महिलाएं कुछ बातों की जानकारी नहीं होने की वजह से ऐसे कदम उठा लेती हैं, जो आगे चलकर डिलिवरी के दौरान मुश्किल पैदा कर सकते हैं। कुछ एहतियात बरतकर इन कठिनाइयों से बचा जा सकता है। प्रेग्नेंसी एक ऐसा वक्त होता है, जो हर महिला के लिए बहुत खुशियां लेकर आता है, लेकिन स्वास्थ्य के लिए यह थोड़ा क्रिटिकल टाइम होता है। अब आप पर एक और जान की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ बातों का खास ध्यान रखकर इस दौरान आने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है। एकदम न बढ़ाएं डाइट:- अक्सर प्रेग्नेंसी की खबर मिलते ही घरवाले महिला की अधिक केयर करने लगते हैं। ऐसा करना ठीक है, लेकिन कुछ बातों को ध्यान रखने की जरूरत होती है। प्रेग्नेंसी के शुरुआती तीन महीनों में महिलाओं को जी-मचलाना, उल्टी, बदहजमी और गैस जैसी शिकायतें आम होती हैं। इसलिए इन महीनों के दौरान खाने की मात्रा को बढ़ाने की जरूरत नहीं होती। इसके स्थान पर डाइट में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल वाले हल्के खाने को शामिल करना चाहिए। नाश्ते को न करें दरकिनार:- प्रेग्नेंसी के शुरुआती दौर में अक्सर महिलाएं ऑफिस या घर के कामकाज में सामान्य तौर पर लगी रहती हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन प्रेग्नेंसी का पता चलने के बाद नाश्ते को बिल्कुल अवॉइड नहीं करना चाहिए। पोषक तत्वों से भरपूर नाश्ता लेने के बाद यदि महिलाओं को दिन के आहार में थोड़ा कम पोषण मिले, तो यह होने वाले बच्चे की सेहत पर ज्यादा असर नहीं डालता। इसके साथ ही सुबह के समय थोड़ा-बहुत खाने से दिनभर गैस और एसिडिटी की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। लालच पर नियंत्रण रखें:- महिलाओं में चटपटा खाने की आदत पुरुषों के मुकाबले ज्यादा होती है। यह आदत प्रेग्नेंसी के दौरान और अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में महिलाएं चुपचाप चाट, पानीपुरी, भेल जैसी चीजें खाने की कोशिश करती हैं। ये चीजें आने वाले नन्हे मेहमान की सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादा मसालेदार और चटपटी चीजों का सेवन करने से महिलाओं को कई तरह की परेशानी हो सकती है। कभी न भूलें एक्सरसाइज करना:- प्रेग्नेंट महिलाओं को अपने खानपान के साथ ही फिजिकल फिटनेस की तरफ भी विशेष ध्यान देना चाहिए। एक बार प्रेग्नेंसी का पता चल जाने के बाद नियमित एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी होता है। इससे बॉडी आने वाले मेहमान को संभालने के लिए तैयार हो जाती है। एक्सरसाइज के साथ हल्का योग और प्राणायाम भी लाभकारी होगा। दिन में कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए।  

अब दिल्ली और श्रीनगर के बीच डायरेक्ट ट्रेन सेवा का सपना फिलहाल अधूरा रहेगा, नहीं मिलेगी डारेक्ट ट्रेन

नई दिल्ली देशभर में दिल्ली और श्रीनगर के बीच एक नई ट्रेन सेवा के शुरू होने की उम्मीदें बहुत थीं। इसे लेकर भारतीय रेलवे ने हाल ही में एक बड़ा अपडेट दिया है, जो उन सभी यात्रियों के लिए बुरी खबर है, जो बिना रुके दिल्ली से श्रीनगर या जम्मू तक यात्रा करने का सपना देख रहे थे। भारतीय रेलवे ने घोषणा की है कि श्रीनगर जाने वाली ट्रेनों को जम्मू के कटरा रेलवे स्टेशन पर रुकना पड़ेगा, और वहां सुरक्षा कारणों से यात्रियों को दूसरी ट्रेन में चढ़ने के लिए ट्रांसफर होना होगा। इसका मतलब यह है कि अब दिल्ली और श्रीनगर के बीच डायरेक्ट ट्रेन सेवा का सपना फिलहाल अधूरा रहेगा। 26 जनवरी को PM Modi करेंगे उद्घाटन इस नई ट्रेन सेवा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर करेंगे। यह उद्घाटन एक बहुत बड़े रेल प्रोजेक्ट के अंतर्गत हो रहा है, जो लगभग तीन दशकों से लंबित था। इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली और श्रीनगर के बीच एक रेल कनेक्टिविटी स्थापित की जाएगी, जिसे लेकर लोगों में भारी उत्साह था। कटरा स्टेशन पर होगा अनिवार्य ट्रांसशिपमेंट रेलवे अधिकारियों ने बताया है कि श्रीनगर और कटरा के बीच चलने वाली सभी ट्रेनों को कटरा रेलवे स्टेशन पर रुकना होगा। यहां पर यात्रियों को ट्रेन बदलने के लिए उतरना होगा। कटरा स्टेशन पर स्थित प्लेटफॉर्म-1 को कश्मीर जाने वाली ट्रेनों के लिए समर्पित किया जाएगा। यह सुरक्षा कारणों से किया गया है, ताकि यात्रियों का ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा प्रक्रिया सही तरीके से की जा सके। कटरा स्टेशन पर यात्रियों को अपने सामान को फिर से स्कैन कराना होगा और फिर दूसरी ट्रेन में चढ़ने के लिए उन्हें प्लेटफॉर्म पर जाना होगा। इस ट्रांसफर प्रक्रिया के कारण यात्रियों को अतिरिक्त समय लग सकता है। कटरा स्टेशन पर रुकने से यात्रा में समय का इजाफा होगा, लेकिन यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए आवश्यक है। वंदे भारत और मेल एक्सप्रेस ट्रेनें उत्तर रेलवे ने पहले ही इस ट्रेन सेवा का टाइम टेबल 31 दिसंबर 2024 को जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि कटरा और श्रीनगर के बीच हर रोज़ एक वंदे भारत और दो मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चलेंगी। इन ट्रेनों की शुरुआत 2024 के अंत से होने की उम्मीद है। वंदे भारत ट्रेन, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी, कटरा से सुबह 8:10 बजे रवाना होगी और 11:20 बजे श्रीनगर पहुंचेगी। दूसरी तरफ, मेल एक्सप्रेस ट्रेनें कटरा से सुबह 9:50 बजे और दोपहर 3 बजे रवाना होंगी, जो क्रमशः 1:10 बजे और 6:20 बजे श्रीनगर पहुंचेंगी। श्रीनगर से कटरा के लिए मेल एक्सप्रेस ट्रेनें सुबह 8:45 बजे और दोपहर 3:05 बजे रवाना होंगी। इस प्रकार, रेलवे ने दोपहर और शाम के समय भी ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित किया है। क्या होगा कटरा स्टेशन पर? कटरा स्टेशन पर हर ट्रेन के आने के बाद, सभी यात्रियों को उतरकर स्टेशन के बाहर जाना होगा। यहां पर उन्हें फिर से अपनी सामान की जांच करवानी होगी और फिर आगे की यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन का इंतजार करना होगा। कटरा का प्लेटफॉर्म-1 पूरी तरह से कश्मीर जाने वाली ट्रेनों के लिए समर्पित रहेगा। इस प्रक्रिया से यात्रियों को अपने सामान की दोबारा जांच करनी होगी, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी यात्री बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा जारी रखें। यात्री यात्रा में अतिरिक्त समय का सामना करेंगे कटरा स्टेशन पर ट्रांसशिपमेंट प्रक्रिया के कारण यात्रियों को यात्रा में अतिरिक्त समय का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, यह कदम सुरक्षा के लिहाज से लिया गया है, और रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। यात्रियों को कटरा में अपने सामान की फिर से जांच करवानी होगी और फिर अपनी यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन में बैठना होगा। कश्मीर जाने का सपना देखने वाले दिल्लीवासियों के लिए यह एक बड़ा झटका हो सकता है, क्योंकि अब उन्हें सीधे श्रीनगर पहुंचने के लिए कटरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन बदलनी पड़ेगी। हालांकि, यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। अब यात्रियों को अपनी यात्रा के दौरान अधिक समय देना होगा, लेकिन रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरे यात्रा अनुभव को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए जरूरी है।  

कल रखा जाएगा साल का पहला शनि प्रदोष व्रत

हिंदू धर्म में हर महीने कोई न कोई व्रत पड़ता है जिसका अपना महत्व होता है. इन्हीं में शामिल है प्रदोष व्रत. हिंदू धर्म में इस व्रत को बेहद विशेष माना गया है. ये व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को और महीने में दो बार पड़ता है. हिंदू धर्म शास्त्रों में ये दिन भगवान शिव को समर्पित किया गया है. मान्यताओं के अनुसार, जो भी प्रदोष व्रत करता है भगवान शिव उसकी सारी मनोकामना पूरी करते हैं. व्रत करने वाले के जीवन में सुख-समृद्धि का वास रहता है.जब प्रदोष व्रत शनिवार को पड़ता है, तो उसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है. इस साल भी पहला प्रदोष व्रत शनिवार को पड़ रहा है. इसलिए इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाएगा. इसलिए इस दिन पूजा करने से भगवान शिव के साथ-साथ शनिदेव की कृपा भी मिलती है. शनि प्रदोष व्रत तिथि और पूजा मुहूर्त हिन्दू पंचांग के अनुसार इस साल शनि प्रदोष व्रत की तिथि की शुरुआत 11 जनवरी को सुबह 8 बजकर 21 मिनट पर होगी. वहीं इस तिथि का समापन 12 जनवरी को सुबह 6 बजकर 33 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, शनि प्रदोष का व्रत 11 जनवरी को रखा जाएगा. इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम के समय 5 बजकर 43 पर शुरू होगा. पूजा का ये शुभ मुहूर्त रात 8 बजकर 26 मिनट तक रहेगा. शनि प्रदोष व्रत की पूजा विधि     शनि प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी स्नान करके शिव जी की पूजा और व्रत का संकल्प लेना चाहिए.     इसके बाद मंदिर की साफ सफाई करनी चाहिए.     पूजा की शुरुआत गंगाजल अभिषेक से करनी चाहिए.     इसके बाद शिवलिंग पर अक्षत, बेलपत्र, भांग, धतूरा, फूल, चंदन आदि अर्पित करना चाहिए.     धूप और दीप जलाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए.     शनि प्रदोष व्रत की कथा भी सुननी चाहिए.     पूजा के समापन के समय कपूर या घी के दीपक से भगवान शिव की आरती करनी चाहिए.     अंत में भगवान शिव से आशीर्वाद मांगना चाहिए. शनि प्रदोष व्रत का महत्व शिव पुराणों में शनि प्रदोष व्रत का महत्व और महिमा का वर्णन मिलता है. इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन के तमाम कष्ट दूर हो जाते हैं. साथ ही आरोग्य प्राप्त होता है. मान्यताओं के अनुसार, शनि प्रदोष का व्रत और पूजन करने से 100 गायों को दान करने के बराबर का पुण्य प्राप्त होता है.इस दिन व्रत और पूजन से सौभाग्य मिलता है. संतान प्राप्ति के लिए भी शनि प्रदोष व्रत किया जाता है.

अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की बिगड़ी तबीयत, एम्स में कराया भर्ती, सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की

नई दिल्ली अंडरवर्ल्ड डॉन और गैंगस्टर छोटा राजन को हाल ही में स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, छोटा राजन दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं और उन्हें कई गंभीर अपराधों के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। एम्स में भर्ती होने के बाद, अस्पताल के वार्ड में उनकी सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। 2015 में गिरफ्तार हुआ था छोटा राजन छोटा राजन को अक्टूबर 2015 में इंडोनेशिया से गिरफ्तार कर भारत लाया गया था। 25 अक्टूबर 2015 को बाली एयरपोर्ट से उसे गिरफ्तार किया गया था, और फिर उसे भारत भेज दिया गया। तब से वह तिहाड़ जेल में बंद है। उम्रकैद की सजा और जमानत बीते साल मई में, एक विशेष अदालत ने छोटा राजन को एक होटल व्यवसायी की हत्या के आरोप में दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, बंबई हाई कोर्ट ने उसकी उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया और उसे जमानत पर रिहा कर दिया। इसके बावजूद, छोटा राजन अन्य कई अपराधों के मामलों में अभी भी जेल में हैं। आरोपमुक्त होने के मामले छोटा राजन को एक अन्य मामले में भी आरोपमुक्त किया गया था। मुंबई की एक सत्र अदालत ने 1999 में दाऊद इब्राहीम के गैंग के सदस्य अनिल शर्मा की हत्या के मामले में छोटा राजन को निर्दोष करार दिया। अनिल शर्मा को दो सितंबर 1999 को अंधेरी इलाके में गोली मारी गई थी, लेकिन इस मामले में कोई ठोस सबूत नहीं मिलने पर राजन को आरोपमुक्त कर दिया गया था। इस तरह के कई मामलों में छोटा राजन की स्थिति पर अदालतों द्वारा अलग-अलग फैसले आए हैं, लेकिन वह अभी भी कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल हैं।  

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- मैं भी मनुष्य हूं, देवता नहीं हूं, मुझसे भी गलतियां होती हैं, राजनीति में अच्छे लोग लगातार आना चाहिए

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पॉडकास्ट इंटरव्यू में कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि “मैं भी मनुष्य हूं, देवता नहीं हूं। मुझसे भी गलतियां होती हैं।” उन्होंने राजनीति में आने के उद्देश्य पर बात करते हुए कहा कि राजनीति में एंबीशन नहीं, बल्कि मिशन होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि राजनीति में अच्छे लोग लगातार आना चाहिए। जब पीएम मोदी से पूछा गया कि पहले और दूसरे टर्म में क्या अंतर है, तो उन्होंने कहा कि पहले टर्म में लोग मुझे समझने की कोशिश करते थे, और मैं भी दिल्ली को समझने की कोशिश कर रहा था। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने युवाओं को राजनीति में आने के लिए यह संदेश दिया कि अगर वह राजनीति में आना चाहते हैं तो उनके पास एक मिशन होना चाहिए। जीनोम सीक्वेंसिंग डेटा जारी किया प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को 10 हजार नागरिकों का जीनोम सीक्वेंसिंग डेटा भी जारी किया। यह जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान के क्षेत्र में एक अहम कदम है और भविष्य में इसका बड़ा असर होगा। पीएम मोदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से बताया कि इस परियोजना में 20 से ज्यादा रिसर्च इंस्टीट्यूशन ने अहम योगदान दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस कदम को जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह शोध के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि यह डेटा अब “इंडिया बायोलॉजिकल डेटा सेंटर” में उपलब्ध है। पीएम मोदी ने कहा, “इस परियोजना की शुरुआत पांच साल पहले जीनोम इंडिया परियोजना के रूप में हुई थी और कोविड की चुनौतियों के बावजूद हमारे वैज्ञानिकों ने इसको पूरा किया।” इस डेटा से देश के असाधारण आनुवंशिक परिदृश्य का अध्ययन किया जा सकेगा और इससे भविष्य में कई महत्वपूर्ण शोध होंगे।

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