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खो खो खिलाड़ियों का भव्य स्वागत होगा भारत आगमन पर

नई दिल्ली. खो खो वर्ल्ड कप में भाग लेने के लिए दिल्ली पधारने वाले अंतरराष्ट्रीय खो खो खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया जाएगा। ज्यादातर टीमें 10 और 11 जनवरी को नई दिल्ली पहुंच जाएंगी। वर्ल्ड कप आयोजन समिति के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने बताया कि एयरपोर्ट पहुंचने पर खो खो फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के पदाधिकारी, खो खो फैंस और जीएमआर के वरिष्ठ अधिकारी खिलाड़ियोंं का फूलों के गुलदस्ते और माथे पर तिलक लगाकर भारतीय परम्परा के अनुरूप स्वागत करेंगे। जीएमआर खो खो वर्ल्ड कप का आधिकारिक स्पांसर है। जीएमआर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए एक स्पेशल वेलकम डेस्क स्थापित किया जायेगा तथा उन्हें लाउन्ज सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे दिल्ली पहुंचने पर जीऍमआर की टीम अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों की भारतीय शैली से मेहमाननवाजी करेगी। जीएमआर खिलाड़ियों की सीमलेस इमीग्रेशन प्रक्रिया तथा एयरपोर्ट ट्रान्सफर में भी सहभागिता करेगी ताकि खिलाड़ियों को रत्ती भर की परेशानी न झेलनी पड़े। जीएमआर द्वारा एयरपोर्ट पर खो खो वर्ल्ड कप के ‘लोगो और होर्डिंग’ इन्दिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगा कर खो खो वर्ल्ड कप की ब्रांडिंग की जा रही है जिससे वर्ल्ड कप का सन्देश विश्व भर में पहुंच रहा है जिससे भारतीय खेल को ग्लोबल स्तर तक ले जाने में मदद मिलेगी। सुधांशु मित्तल ने बताया कि एयरपोर्ट से होटल पहुंचने पर मेहमान खिलाड़ियों का वर्ल्ड कप ट्रॉफी के आकार के वेलकम केक से स्वागत किया जायेगा और परम्परागत भारतीय और विदेशी धुनों से मनोरंजन किया जायेगा।  

यूपी में बृहस्पतिवार को थमी बर्फीली हवाओं की रफ्तार, कई इलाकों में धूप खिलने से राहत

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पिछले दो-तीन दिनों से चल रही तेज रफ्तार पछुआ हवाएं बृहस्पतिवार से मद्धिम हुईं। कई इलाकों में सुबह हुई गुनगुनी धूप और पछुआ थमने के असर से फौरी तौर पर गलन से थोड़ी राहत हुई। हालांकि तराई समेत अन्य कुछ जगहों पर बृहस्पतिवार को सुबह घना कोहरा छाया रहा। प्रयागराज समेत कुछ जिलों में दृश्यता शून्य तक जा पहुंची। राजधानी लखनऊ में बृहस्पतिवार को सुबह से ही हल्की धूप खिली और गलन से तात्कालिक तौर पर राहत मिली। यहां रात के पारे में 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह लखनऊ में  हल्के से मध्यम कोहरा छाने के आसार है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि प्रदेश में  शुक्रवार तक रात के पारे में हल्की गिरावट आएगी।  शनिवार से पश्चिमी विक्षोभ के असर से रात का पारा फिर से चढ़ेगा। कुल मिलाकर इस हफ्ते तापमान में उतार चढ़ाव जारी रहेगा। यहां है घना कोहरा छाने की संभावना प्रतापगढ़, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर संभल, बदायूं एवं आसपास इलाकों में घना कोहरा छाने की संभावना है।  

पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में कुत्ता घुसने से मचा हड़कंप, बाघ को गंभीर बीमारी का खतरा

पन्ना पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में पालतु कुत्ते के घुसने का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र संचालक अंजना सुचिता तिर्की ने की जांच बैठा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व के अंदर पालतू कुत्ते के घुस जाने का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसे संज्ञान में लेते हुए इस घटना की जांच एडी को सौंपी गई है। बताया कि यह बेहद गंभीर विषय है और कुत्तों से बाघ को गंभीर बीमारी हो सकती है। इसकी जांच की जा रही है। जांच में जो भी कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा को लेकर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। वीडियो में बाघ और कुत्तों का आमना-सामना होता दिखाई दे रहा है, जिसमें यहां कुत्तों ने बाघ को देखा तो भौकने लगे। जंगल के राजा को ये रास नहीं आया तो सैलानियों कि जिप्सियों के बीच से निकाल कर उन्हें खदेड़ दिया, जिसका सैलानियों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। केनाइन डिस्टेंपर घातक बीमारी का खतरा यहां पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन की यह घोर लापरवाही सामने आई है। क्योंकि कुत्तों को बाघ काट ले या कुत्ते द्वारा बाघ को काटने से बाघों को केनाइन डिस्टेंपर नामक घातक बीमारी हो सकती है, जिससे बाघ की मौत भी हो सकती है। इस बीमारी के चलते पन्ना टाइगर रिज़र्व में पूर्व में एक बाघ की मौत भी हो चुकी है। इससे बचाने के लिए पार्क प्रबंधन द्वारा आसपास के गावं में कुत्तों का टीकाकरण भी कराया जाता है, ताकि बाघों को कोई नुकसान न पहुंच सके।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में खून जांच के लिए नई व्यवस्था शुरू, नहीं लगाना होगा लैब का चक्कर

रायपुर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीज के परिजनों को खून की जांच के लिए पैथोलॉजी लैब का चक्कर नहीं लगाना होगा. अब वार्ड में भर्ती सभी मरीजों के पैथोलॉजिकल जांच के लिए उनका ब्लड सैंपल वार्ड में एकत्रित कर वार्ड बॉय द्वारा पैथोलैब तक पहुंचाया जाएगा और जांच पश्चात् ब्लड रिपोर्ट एकत्रित करके उसे संबंधित वार्ड में ऑन ड्यूटी नर्स को दिया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है. इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में भर्ती अंतः रोगी मरीजों के लिए प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है. अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर मेडिसिन मेल वार्ड क्र. 8 एवं 9 तथा मेडिसिन फीमेल वार्ड क्रं. 10 एवं 11 में भर्ती मरीजों के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है. धीरे-धीरे सभी वार्डों में सैंपल कलेक्शन सिस्टम की यह व्यवस्था लागू हो जाने के बाद मरीजों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी और उनके अटेंडर को भी जांच के लिए ब्लड सैंपल को लेकर पैथोलॉजी लैब तक नहीं जाना पड़ेगा. रिपोर्ट भी उनको समय पर मिल जाएगा. विदित हो कि 1340 बेड के अम्बेडकर अस्पताल में रोजाना 950 से भी अधिक मरीज भर्ती रहते हैं. वहीं प्रतिदिन लगभग 260 नये मरीज अंतः रोगी विभाग (आईपीडी) में भर्ती होते है. यहाँ विभिन्न विभागों के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में आने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन लगभग दो से ढाई हजार रहती है. ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए सप्ताह के सातों दिन चौबीस घंटे खून जांच एवं रेडियोलॉजी जांच की व्यवस्था रहती है.

सिंधिया ने शिवपुरी को कई सौगातें की प्रदान, माधव नेशनल टाइगर रिजर्व में टाइगर सफारी वाहन को दिखाई हरी झंडी

शिवपुरी गुना-संसदीय क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे के तहत केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवपुरी पहुंचे। केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिले को कई सौगातें प्रदान की हैं। सिंधिया ने माधव नेशनल टाइगर रिजर्व में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाए दो गए टाइगर सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बता दें कि इन दोनों वाहनों की खरीद सिंधिया के सांसद निधि से 24 लाख रुपये की लागत से हुई है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखकर ऐतिहासिक जॉर्ज कैसल कोठी का 25 लाख रुपये की लागत से किए गए नवीनीकरण का लोकार्पण एवं कैंटीन का उद्घाटन भी किया। सिंधिया ने चलाई जिप्सी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ड्राइविंग का लुत्फ उठाते हुए नजर आए। टाइगर सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर नेशनल टाइगर रिजर्व को एक अनुपम सौगात दी गई। साथ ही सिंधिया ने जिप्सी को खुद चला कर अधिकारियों एवं स्थानीय नेताओं को सफारी करवाई। यह नजारा देखने लायक था।बता दें कि माधव नेशनल टाइगर रिजर्व को सफारी की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा की शुरुआत भी की। इससे पर्यटकों को बुकिंग करने में सुविधा मिलेगी। माधव नेशनल पार्क को दिलाया टाइगर रिजर्व का दर्जा गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया के अथक प्रयासों एवं मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव के सहयोग की बदौलत ही माधव राष्ट्रीय उद्यान को ‘टाइगर रिजर्व’ का दर्जा प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि क्षेत्रीय पर्यटन, रोजगार सृजन और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। 27 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघों की दहाड़ फिर से गूंजी है। कार्यक्रम के दौरान सिंधिया ने कहा कि यह वो स्थान है, जो मेरे पूज्य पिताजी, स्वर्गीय माधव महाराज एवं मेरे पूर्वज माधव महाराज प्रथम के दिल के बहुत करीब था। उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व बनने से अब संसाधनों की कमी नहीं होगी। साथ ही पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी एवं क्षेत्रीय रोजगार बढ़ेगा। इस उद्यान से केवल शिवपुरी एवं मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व पटल पर प्राकृतिक एवं वन्य समृद्धि का डंका बजेगा।

राजस्थान में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित दूसरे चिंतन शिविर में शामिल होंगी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया

भोपाल महिला-बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया राजस्थान में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित दूसरे चिंतन शिविर में शामिल होंगी। उदयपुर में 10 से 12 जनवरी के बीच इस चिंतन शिविर में सभी राज्यों की महिला एवं बाल विकास मंत्री मौजूद रहेंगी। मंत्री सुश्री भूरिया शिविर में झाबुआ जिले में किए गये नवाचार कुपोषण मुक्त अभियान के तहत ‘मोरी आई’ कान्सेज के संबंध में जानकारी साझा करेंगी। झाबुआ जिले में लागू इस नवाचार के सुखद और सकारात्मक परिणाम मिले है। केन्द्रीय महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने झाबुआ में शुरू किए गये नवाचार की सराहना की थी। राजस्थान के उदयपुर में हो रहे चिंतन शिविर में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्रियों के साथ-साथ राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं। ये अधिकारी आंगनबाड़ी केंद्रों, पोषण आहार तथा महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर और राज्यों की जरूरत के अनुसार रोडमैप तैयार करेंगे।  

मुख्यमंत्री नि:शक्तजन विवाह योजना में राशि स्वीकृत करने के अधिकार अब जिला कलेक्टर को

भोपाल मुख्यमंत्री नि:शक्तजन विवाह योजना के तहत हितग्राहियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य शासन ने 2 लाख रूपये तक की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत करने के अधिकार जिला कलेक्टर को प्रदान कर दिये है। प्रमुख सचिव, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण सशक्तिकरण श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि दिव्यांगों को विवाह करने के लिये विभाग द्वारा मुख्यमंत्री नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना में विवाह करने वाले दम्पती में अगर एक व्यक्ति दिव्यांग होता है तो राज्य सरकार दो लाख रूपये तथा दम्पत्ति में दोनों दिव्यांग होते है तो एक लाख रूपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है। इस योजना में हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि आसानी से प्राप्त हो सके। इस उद्देश्य से राशि स्वीकृति के अधिकार जिला स्तर पर अब कलेक्टर को दिये गये है। कलेक्टर निराश्रित निधि की मूल राशि या ब्याज की राशि से प्रोत्साहन राशि स्वीकृत कर सकेंगे।  

इस बार लाडली बहना योजना से 1 लाख 63 हजार महिलाओं का हटेगा नाम, नहीं मिलेगी 1250 रुपए की किस्त

भोपाल मध्यप्रदेश की बहुचर्चित मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के हितग्राहियों के लिए यह खबर जरूरी है। लाडली बहना योजना से प्रदेश के एक लाख 63 हजार महिलाओं का नाम कट जाएगा। इस बार ऐसी लाडली बहनों को 1250 रुपए की किस्त नहीं मिलेगी। महिला और बाल विकास विभाग ने इन्हें अपात्र घोषित कर दिया है। दरअसल इन सभी महिलाओं की उम्र 60 साल से अधिक हो गई है, लिहाजा महिला और बाल विकास विभाग ने इन्हें लाडली बहना योजना से अपात्र घोषित किया है। जनवरी 2025 में 1.26 करोड़ महिलाओं को ही 1250 रुपए की किस्त मिल सकेगी। बीते 11 दिसंबर 2024 को 1.28 करोड़ महिलाओं के खाते में 1572 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए थे। जनवरी 2025 में 20 वीं किस्त जारी होगी। 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती के दिन आयोजित दो अलग-अलग कार्यक्रमों के दौरान खाते में ट्रांसफर होगी राशि।

भीषण ठंड से राजस्थान वासियों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन कुछ जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की आशंका, अलर्ट जारी

जयपुर पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण ठंड से राजस्थान वासियों को थोड़ी राहत मिली है। यहां कई क्षेत्रों के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। अगले कुछ दिनों में कई जगह आने वाले दिनों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। छह जिलों में इसे लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। बुधवार को फतेहपुर में 1.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, जो गुरुवार को बढ़कर 3.3 डिग्री सेल्सियस हो गया, जिससे लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, बाड़मेर में राज्य का सबसे अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि फतेहपुर में सबसे कम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अब मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और अजमेर में हल्कीअ बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही 11 जनवरी को सीकर, चूरू, झुंझुनू और अलवर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है। वहीं मौसम में थोड़े बदलाव के बावजूद जयपुर, धौलपुर, बाड़मेर और जैसलमेर सहित कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। जयपुर, अजमेर और बीकानेर जैसे शहरों में आसमान साफ रहा और धूप खिली रही, जिससे ठंड से कुछ समय के लिए राहत मिली। हालांकि, 12 जनवरी से घना कोहरा छाने की उम्मीद है, जिससे मौसम की स्थिति और जटिल हो जाएगी। राजस्थाौन में सुबह और शाम मौसम बेहद ठंडा रहता है। सीकर के फतेहपुर में सबसे कम 1.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि सिरोही के माउंट आबू में 1.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। इसके साथ ही छह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो जैसलमेर, बाड़मेर, जयपुर और अजमेर सहित कई शहरों में दिन के अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हुई। बाड़मेर में दिन का सबसे अधिक तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, इसके बाद जैसलमेर में 27 डिग्री सेल्सियस, बीकानेर में 25.6 डिग्री सेल्सियस, चित्तौड़गढ़ में 25.2 डिग्री सेल्सियस, जालौर में 25.7 डिग्री सेल्सियस, अजमेर में 23.4 डिग्री सेल्सियस, पिलानी में 23.9 डिग्री सेल्सियस, उदयपुर में 23.4 डिग्री सेल्सियस, जोधपुर में 24.5 डिग्री सेल्सियस, गंगानगर में 23.9 डिग्री सेल्सियस और चूरू में 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 10 से 12 जनवरी तक बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में बारिश और आंधी-तूफान आएगा, जिससे ठंड बढ़ जाएगी।  

शीतकाल में मकर संक्रांति पर्व से पहले तिल की गजक व लड्डू से बाजार महकने लगे, बाजार में बिक रही 15 से अधिक प्रकार की गजक

जबलपुर शीतकाल में मकर संक्रांति पर्व से पहले तिल की गजक व लड्डू से बाजार महकने लगे हैं। गजक, लड्डू, काजू पट्टी, काजू रोल, तिल की वर्फी के साथ विभिन्न प्रकार की गजक रोजाना तैयार की जा रही है। एक दुकान पर पचास से साठ किलो माल रोज तैयार हो रहा है। सर्दी के चलते बाजारों में गजक व तिल के मिष्ठानों की दुकानें सज चुकी हैं, जिनसे लोग जमकर खरीद कर रहे हैं। हालांकि बीते कुछ वर्षों के दौरान तिल, गुड़ की मिठाईयां, गजक महंगी हुई है। इसके बावजूद गजक और तिल-गुड़ के लड्डुओं की महक लोगों को पूर्ववत दुकानों की ओर आकर्षित कर रही है। इस मकर संक्रांति पर बाजार में 15 से अधिक तरह की गजक लोगों के लिए उपलब्ध हैं। सादा गजक, तिल के लड्डू की डिमांड-मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ से बनी मिठाई का विशेष महत्व होता है।   सादा गजक और तिल के लड्डू की डिमांड सबसे ज्यादा यही वजह है कि बाजारों में बड़ी तादाद में गुड़ और तिल से बनी मिठाई लोगों के लिए उपलब्ध है। मकर संक्रांति पर पूजा में इस्तेमाल के अलावा लोग इसका उपयोग दान-पुण्य में भी करते हैं। इस बार सबसे ज्यादा सादा गजक और तिल के लड्डू की डिमांड है। गजक व्यवसायी बताते हैं कि सर्दी ज्यादा पड़ने के कारण इस साल बाजार में रौनक अच्छी है। इस मकर संक्रांति पर अच्छी ग्राहकी की उम्मीद है। शुक्ला नगर निवासी वृद्धा चंद्रकला देवी कहती हैं, ‘एक समय था जब पौष शुरू होते ही बाजार से सफेद व काला तिल खरीदकर ले आते थे। तिल को धोकर उसे सुखाया जाता था फिर उसे चुना जाता था।’ ‘इसके बाद कड़ाही में सेंककर उसमें गुड़ की चाशनी मिलाकर लड्डू बनाए जाते थे। भगवान को भोग लगाकर पूरे माह लड्डू खाते थे, खासकर संक्रांति के दिन विशेष रूप से डिब्बा भरकर लड्डू बनते थे।’ ‘अब इतनी मेहनत करने की हमारी उम्र नहीं रही और वर्तमान पीढ़ी की बहूओं को लड्डू बनाने में कोई रुचि नहीं रह गई है। इसलिए बाजार से लड्डू खरीदकर लाते हैं और पूजन की परंपरा निभाते हैं।’ मकर संक्रांति पर तिल का है विशेष महत्व मकर संक्रांति पर तिल खाने और दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन लोग स्नान इत्यादि करने के बाद काले और सफेद तिल से बनीं वस्तुओं का दान करते हैं।

आखिर संतों के आश्रमों को अखाड़ा क्यों कहा जाने लगा, इस बारे में जानकार मानते हैं कि यहां अखाड़ा का भाव अखंड से है

प्रयागराज अखाड़ा शब्द सुनते ही हमारे जेहन में पहलवानों और उनके मल्ल युद्ध करने की तस्वीरें उभरने लगती हैं। लेकिन आध्यात्मिक क्षेत्र में अखाड़े संतों के होते हैं। निर्मोही अखाड़ा, जूना अखाड़ा, शंभू पंच दशनाम अखाड़ा समेत संतों के कई अखाड़े हैं, जो चर्चा में रहते हैं। फिलहाल सभी अखाड़ों के संत महाकुंभ 2025 में पहुंचे हुए हैं और उनके अस्थायी आश्रम ही बन गए हैं। करोड़ों की संख्या में महाकुंभ पहुंचने वाले लोग भी अलग-अलग अखाड़ों में जाकर संतों का आशीर्वाद लेना नहीं भूलते। लेकिन यह सवाल भी बनता है कि आखिर संतों के आश्रमों को अखाड़ा क्यों कहा जाने लगा। इस बारे में जानकार मानते हैं कि यहां अखाड़ा का भाव अखंड से है। दरअसल अखण्ड शब्द ही अपभ्रंश होते-होते अखाड़ा बन गया। यहां अखंड से आध्यात्मिक भाव यह है कि जिसका विभाजन न हो सकता हो। आदि गुरु शंकराचार्य ने सनातन धर्म की रक्षा हेतु साधुओं के संघों को मिलाने का प्रयास किया था। उसी प्रयास के तहत सनातन धर्म की रक्षा एवं मजबूती बनाए रखने एवं विभिन्न परम्पराओं व विश्वासों का अभ्यास करने वालों को एकजुट करने तथा धार्मिक परम्पराओं को अक्षुण्ण रखने के लिए विभिन्न अखाड़ों की स्थापना हुई। अखाड़ों से सम्बन्धित साधु-सन्तों की विशेषता यह होती है कि इनके सदस्य शास्त्र और शस्त्र दोनों में पारंगत होते हैं। अखाड़ा सामाजिक-व्यवस्था, एकता, संस्कृति तथा नैतिकता का प्रतीक है। समाज में आध्यात्मिक मूल्यों की स्थापना करना ही अखाड़ों का मुख्य उद्देश्य है। अखाड़ा मठों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सामाजिक जीवन में नैतिक मूल्यों की स्थापना करना है। इसीलिए धर्म गुरुओं के चयन के समय यह ध्यान रखा जाता है कि उनका जीवन सदाचार, संयम, परोपकार, कर्मठता, दूरदर्शिता तथा धर्ममय हो। भारतीय संस्कृति एवं एकता इन अखाड़ों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। अलग-अलग संगठनों में विभक्त होते हुए भी अखाडे़ एकता के प्रतीक हैं। नागा संन्यासी अखाड़ा मठों का एक विशिष्ट प्रकार है। प्रत्येक नागा संन्यासी किसी न किसी अखाड़े से सम्बन्धित रहते हैं। ये संन्यासी जहाँ एक ओर शास्त्र पारंगत होते हैं वहीं दूसरी ओर शस्त्र चलाने का भी इन्हें अनुभव होता है। वर्तमान में अखाड़ों को उनके इष्ट-देव के आधार पर निम्नलिखित तीन श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। तीन प्रकार के होते हैं अखाड़े- शैव अखाड़े: इस श्रेणी के इष्ट भगवान शिव हैं। ये शिव के विभिन्न स्वरूपों की आराधना अपनी-अपनी मान्यताओं के आधार पर करते हैं। वैष्णव अखाड़े: इनके इष्ट भगवान विष्णु हैं। ये विष्णु के विभिन्न स्वरूपों की आराधना अपनी-अपनी मान्यताओं के आधार पर करते हैं। उदासीन अखाड़ा: सिक्ख सम्प्रदाय के आदि गुरु श्री नानकदेव के पुत्र श्री चंद्रदेव जी को उदासीन मत का प्रवर्तक माना जाता है। इस पन्थ के अनुयाई मुख्यतः प्रणव अथवा ‘ॐ’ की उपासना करते हैं।

टीम स्मृति मंधाना की कप्तानी में आयरलैंड के खिलाफ आज शुरू हो रही वनडे श्रृंखला में इस लय को कायम रखना चाहेगी भारत

राजकोट वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद आत्मविश्वास से ओतप्रोत भारतीय टीम स्मृति मंधाना की कप्तानी में आयरलैंड के खिलाफ आज शुरू हो रही पहली महिला द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला में इस लय को कायम रखना चाहेगी। भारत ने वेस्टइंडीज को वनडे श्रृंखला में 3.0 से और टी20 में 2.1 से हराया। मंधाना ने दोनों प्रारूपों में सर्वाधिक रन बनाये जिसमें वनडे श्रृंखला में 148 और टी20 में 193 रन शामिल है। मंधाना उसी फॉर्म को आयरलैंड के खिलाफ श्रृंखला में जारी रखना चाहेंगी। नियमित कप्तान हरमनप्रीत कौर की गैर मौजूदगी में वह कप्तानी की भी जिम्मेदारी संभालेंगी। हरमनप्रीत और तेज गेंदबाज रेणुका सिंह को आराम दिया गया है। हरमनप्रीत और रेणुका की गैर मौजूदगी में हरलीन देयोल, प्रतीका रावल और जेमिमा रौड्रिग्स पर रन बनाने की जिम्मेदारी होगी। देयोल ने वनडे श्रृंखला में 160 रन बनाये जबकि रावल ने 134 और जेमिमा ने 112 रन का योगदान दिया। गेंदबाजी में रेणुका की कमी खलेगी जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ दस विकेट लिये थे। अब नई गेंदबाज टिटास साधू और साइमा ठाकोर पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। वनडे में तीन और टी20 में 13 विकेट ले चुकी साधू पर शुरूआती विकेट लेने की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी रफ्तार और स्विंग से प्रभावित किया है। वहीं साइमा ने अब तक आठ वनडे में सात विकेट लिये हैं। आफ स्पिनर और उपकप्तान दीप्ति शर्मा की भूमिका भी अहम होगी जिसने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में 31 रन देकर छह विकेट लिये। उनका साथ देने के लिये प्रिया मिश्रा और तनुजा कंवर होंगी। हरफनमौला राघवी बिष्ट और सयाली सतघारे को भी टीम में जगह दी गई है जो इस मौके को भुनाना चाहेंगी। दूसरी ओर गैरी लुईस की कप्तानी वाली आयरलैंड टीम के लिये भारत की चुनौती कठिन होगी। आयरलैंड टीम ने अब तक 12 वनडे में एक भी बार भारत को नहीं हराया है। आखिरी बार दोनों टीमों का सामना 2023 टी20 विश्व कप में हुआ था जब भारत ने पांच रन से जीत दर्ज की थी। टीमें : भारत : स्मृति मंधाना (कप्तान), दीप्ति शर्मा, प्रतीका रावल, हरलीन देयोल, जेमिमा रौड्रिग्स, उमा छेत्री, रिचा घोष, तेजल हसंबिस, राघवी बिष्ट, मिन्नू मनी, प्रिया मिश्रा, तनुजा कंवर, टिटास साधू, साइमा ठाकोर, सयाली सतघारे। आयरलैंड : गैबी लुईस (कप्तान), एवा केनिंग, क्रिस्टिना रीली, अलाना डालजेल, लौरा डेलानी, जॉर्जिना डेंपसे, सारा फोर्ब्स, अर्लेने केली, जोआना लोगरान, एमी मागिरे, लीह पॉल, ओर्ला प्रेंडेरगास्ट, उना रेमंड होए, फ्रेया सार्जंट, रेबेका स्टोकेल।  

आज वानिकी सम्मेलन एवं आईएफएस मीट का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में पं. खुशीलाल आयुर्वेद महाविद्यालय सभागृह नेहरू नगर भोपाल में 10 जनवरी को प्रात: 11 बजे वानिकी सम्मेलन एवं आईएफएस मीट का शुभारंभ होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार करेंगे1 कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री असीम श्रीवास्तव और आईएफएस अधिकारी उपस्थित रहेंगे।  

मौसम विभाग ने बताया है कि अगले दो दिनों तक घने से बहुत घना कोहरा जारी रहने वाला है, इस दिन होगी बारिश

लखनऊ यूपी समेत उत्तर भारत में सर्दी का सितम जारी है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले दो दिनों तक घने से बहुत घना कोहरा जारी रहने वाला है। साथ ही, तेज हवाओं की जवह से उत्तर पश्चिम भारत में 10-12 जनवरी के बीच वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर देखा जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में 11 जनवरी को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो अंडमान और निकोबार द्वीप में भारी से बहुत भारी बरसात हुई। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोल्ड से लेकर गंभीर कोल्ड डे की स्थिति रही। पंजाब में शीतलहर चली। पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मेघालय में बहुत घना कोहरा रहा, जिससे विजिबिलिटी कम होकर 50 मीटर से भी कम हो गई। मौसम विभाग ने बताया है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 11 और 12 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश होगी। साथ ही, उत्तर पश्चिम भारत और मध्य भारत में 10-12 जनवरी के बीच बरसात होने जा रही है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश में 11 जनवरी को बारिश होगी। आंधी तूफान का भी अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, दक्षिणी हरियाणा और राजस्थान में 11 जनवरी को ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर भारत के तापमान की बात करें तो जम्मू कश्मीर, लद्दाख में इस समय शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे मिनिमम टेम्प्रेचर चल रहा है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा में एक से चार डिग्री के बीच चल रहा है। वहीं, उत्तर पश्चिम भारत और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान 5-10 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले चार दिनों में उत्तर पश्चिम भारत का न्यूनतम तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस बढ़ने वाला है। हालांकि, उसके बाद फिर से दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। मध्य भारत में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी और फिर दो डिग्री तक तापमान कम हो जाएगा। पूर्वी भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। महाराष्ट्र और गुजरात में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने वाली है। यूपी में घने कोहरे का अलर्ट यूपी के लिए मौसम विभाग का अलर्ट है कि दस जनवरी तक सुबह और शाम के समय घना कोहरा देखने को मिलेगा। साथ ही, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में 10 जनवरी तक घना कोहरा रहेगा। राजस्थान में 12 जनवरी तक बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।

साय मंत्रिमंडल का विस्तार 15 जनवरी तक, छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं, प्रदेश में तीन नए मंत्री शपथ ले सकते

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार 15 जनवरी तक हो सकता है। चर्चा है कि कैबिनेट विस्तार की घोषणा 12 या 13 जनवरी को हो सकती है। इसके बाद शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। हरियाणा की तर्ज पर 90 सीट वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो प्रदेश में तीन नए मंत्री शपथ ले सकते हैं। मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद प्रदेश भाजपा का समीकरण भी बदलेगा। चर्चा है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव भी मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में भाजपा संगठन में भी बदलाव देखन को मिल सकता है। मीडिया से चर्चा करते हुए विष्णु देव साय ने कहा कि बहुत जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। रायपुर पहुंचे भाजपा प्रभारी ने कहा- जल्द होगा विस्तार वहीं रायपुर पहुंचे भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन से मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण की तैयारी को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि जब भी तैयारी होगी, इसकी सूचना आपको पहले होगी और जल्द होगी। 10 जनवरी तक होना है भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव प्रदेश भाजपा ने मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्षों की नियुक्ति कर ली है। अब 10 जनवरी तक प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त होना है। राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि अगर प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव को मंत्री बनाया गया तो उनकी जगह भाजपा को नया अध्यक्ष मिलेगा। महाराष्ट्र भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावडे को छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश अध्यक्ष बनने की दौड़ में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता हैं। इसमें विधायक धरमलाल कौशिक, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, दुर्ग के पूर्व सांसद विजय बघेल का नाम चर्चा में है। इसके अलावा पूर्व मंत्री विक्रम उसेंडी और पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा के नाम की भी चर्चा है। पार्टी नेताओं के अनुसार सिंहदेव यदि मंत्री बनाए जाते हैं तो उन्हें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ना होगा। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज को साय सरकार ने राज्य मंत्री का दर्जा दिया है। यह दर्जा उन्हें शिष्टाचार के लिए प्रदान किया गया है। इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश भी जारी किया है। ये प्रमुख मंत्री पद के दावेदार अमर अग्रवाल: बिलासपुर विधानसभा से विधायक हैं। सामान्य वर्ग से आने वाले अग्रवाल पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सरकार में मंत्री रह चुके हैं। विभाग को संभालने का उनके पास बखूबी अनुभव है। किरण सिंह देव: जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हैं। इनके कार्यकाल में लोकसभा चुनाव में पार्टी को प्रदेश की 11 में से 10 सीटों पर जीत मिली है। बस्तर से बड़ा चेहरा हैं इसलिए उन्हें मौका मिल सकता है। गजेंद्र यादव: दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव की पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से है। वह छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत संघ चालक रहे बिसराराम यादव के बेटे हैं। रायपुर में कई दावेदार: रायपुर में पूर्व मंत्री राजेश मूणत, पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा और विधायक गुरु खुशवंत साहेब का नाम भी मंत्री पद के लिए चर्चा में है।

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