LATEST NEWS

गाजा में बीते 14 महीने से जारी जंग, साल के पहले दिन इजरायली हमलों में 9 लोगों की मौत

देइर अल-बलाह इजरायल और गाजा में बीते 14 महीने से जारी जंग का फिलहाल कोई अंत होता नजर नहीं आ रहा है। नया साल शुरू होने की खुशी में एक तरफ जहां पूरी दुनिया जश्न मना रही है, वहीं दूसरी तरफ गाजा के लोगों के लिए नया साल कोई राहत लेकर नहीं आया है। गाजा के अधिकारियों ने बुधवार को बताया है कि ताजा इजरायली हमलों में कम से कम नौ फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है। इनमें से ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। बुधवार को इजरायल ने उत्तरी गाजा के जबालिया इलाके पर एक घर पर हमला किया। जंग के बीच गाजा का यह इलाका सबसे अलग-थलग पद चुका है और बुरी तरह से नष्ट हो चुका है। जबालिया इलाके में इजरायल बीते अक्टूबर की शुरुआत से ही एक बड़ा अभियान चला रहा है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस हमले में एक महिला और चार बच्चों सहित सात लोग मारे गए और कम से कम एक दर्जन से ज्यादा लोग लोग घायल हुए हैं। वहीं गाजा के अल-अक्सा शहीद अस्पताल ने बताया कि बुधवार को मध्य गाजा में बुरेज शरणार्थी शिविर में एक और हमले में एक महिला और एक बच्चे की मौत हो गई है। 45 हजार फिलिस्तीनियों की हो चुकी है मौत गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला कर दिया था जिसमें 1,200 से ज्यादा लोग मारे गए थे। हमास ने लगभग 250 लोगों को बंदी भी बना लिया था। उसके बाद से इजरायल ने गाजा में हमास के लड़ाकों को निशाना बनाकर हमले किए हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक जंग की शुरुआत से इजराइल के हमलों में 45,000 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है। हैं। मंत्रालय का कहना है कि मरने वालों में आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं। हमास को दोषी ठहराता है इजरायल वहीं इजराइली सेना का कहना है कि वह सिर्फ हमास के आतंकियों को निशाना बनाती है। इजरायल नागरिकों की मौतों के लिए हमास को दोषी ठहराती है। इजरायल ने कहा है कि हमास घनी आबादी वाले क्षेत्रों से हमले करता है जिसकी वजह से लोगों की मौत हो रही है। इजरायली सेना ने कहा है कि उसने अब तक हमास के 17,000 आतंकियों को मार गिराया है।

26/11 हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को जल्द लाया जायेगा भारत, प्रत्यर्पण के लिए अमेरिका तैयार

मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में 26/11 आतंकी हमले में शआमिल रहा पाकिस्तान मूल का कनाडाई बिजनेसमैन तहव्वुर राणा को जल्द ही भारत को सौंपा जा सकता है। इसके लिए डिप्लोमैटिक चैनल्स पर काम शुरू हो गया है। अमेरिका की एक कोर्ट तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को जायज बता चुकी है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण को लेकर बातचीत चल रही है।  रिपोर्ट के अनुसार, तहव्वुर राणा को राजनयिक माध्यमों से भारत लाने की प्रक्रिया चल रही है। अगस्त 2024 में, नौवें सर्किट के लिए अमेरिकी अपील न्यायालय ने फैसला सुनाया कि तहव्वुर राणा दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत को प्रत्यर्पित किया जा सकता है। अमेरिकी पैनल ने दी प्रत्यर्पण को लेकर जानकारी पैनल ने जिला न्यायालय द्वारा तहव्वुर हुसैन राणा की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज करने के निर्णय की पुष्टि की, जिसमें मुम्बई में आतंकवादी हमलों में कथित भागीदारी के लिए राणा को भारत को प्रत्यर्पित करने योग्य घोषित करने के मजिस्ट्रेट न्यायाधीश के निर्णय को चुनौती दी गई थी। पैनल ने यह भी माना कि भारत ने मजिस्ट्रेट जज के इस निष्कर्ष के समर्थन में पर्याप्त सक्षम साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं कि राणा ने आरोपित अपराध किए हैं। मुंबई पुलिस ने 26/11 हमलों के सिलसिले में 405 पन्नों की चार्जशीट में राणा का नाम शामिल किया है। राणा पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा का ऑपरेटिव होने का आरोप है। प्रत्यर्पण को लेकर क्या हैं पेच? अदालत ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण संधि में Non Bis is Idem एक अपवाद है, जो कि तब लगा होता है, जब आरोपी को उसी अपराध के लिए पहले दोषी ठहराया जा चुका हो, या बरी किया जा चुका है। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि राणा के खिलाफ भारत में लगाए गए आरोप अमेरिकी अदालतों में उनके खिलाफ चलाए गए मामलों से अलग हैं, इसीलिए नॉन बिस, इन आइडम अपवाद लागू नहीं होता है। बता दें कि 26 नवंबर 2011 को मुंबई में हुई हमलों के लगभग एक साल बाद FBI ने शिकागो में राणा को गिरफ्तार किया था। राणा और उसके साथी कोलमैन हेडली ने मिलकर मुंबई हमलों के लिए जगहों की रेकी की थी, और पाकिस्तान के आतंकवादियों को अंजाम देने के लिए एक खाका तैयार किया गया है। तहव्वुर राणा के खिलाफ सबूत अमेरिकी अदालत ने राणा के प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका खारिज कर दी, जिसमें भारत द्वारा उसके खिलाफ पर्याप्त सबूतों का हवाला दिया गया। उसका नाम 26/11 हमलों के लिए मुंबई पुलिस की चार्जशीट में शामिल है। उस पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय सदस्य होने का आरोप है। राणा ने कथित तौर पर मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली की मुंबई में संभावित ठिकानों की टोह लेने में मदद की थी। आरोपपत्र में हेडली के साथ मिलकर इन हमलों की योजना बनाने में उसकी संलिप्तता का विवरण दिया गया है। गैर-बिस इन आइडेम क्लॉज नहीं होंगे लागू अदालत ने कहा कि भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि में गैर-बिस इन आइडेम क्लॉज यहां लागू नहीं होता है। यह क्लॉज उस स्थिति में प्रत्यर्पण को रोकता है जब किसी व्यक्ति पर उसी अपराध के लिए कहीं और मुकदमा चलाया गया हो। हालांकि, राणा के खिलाफ भारत और अमेरिका में आरोप अलग-अलग हैं, इसलिए यह अपवाद अप्रासंगिक है। मुंबई हमलों के एक साल बाद शिकागो से गिरफ्तार हुआ राणा मुंबई आतंकी हमलों के करीब एक साल बाद FBI ने राणा को शिकागो में गिरफ्तार किया था। अमेरिका में आरोपों से बरी होने के बावजूद, भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध के कारण वह हिरासत में है। 26/11 की पूरी प्लानिंग तहव्वुर राणा और डेविड कोलमैन हेडली ने मिलकर मुंबई को निशाना बनाने वाले पाकिस्तानी आतंकवादियों के लिए एक योजना बनाई। उनके ब्लूप्रिंट में हमलों के लिए प्रमुख स्थानों की पहचान की गई थी। वर्तमान में, राणा लॉस एंजिल्स की जेल में बंद है और भारत में उसके प्रत्यर्पण के संबंध में आगे की कार्यवाही का इंतजार कर रहा है।

यूनिटी मॉल परियोजना के लिए केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को दी 200 करोड़ रूपए की स्वीकृति

राष्ट्रीय एकता को मिलेगी मजबूती और विभिन्न राज्यों के बीच बढ़ेगा आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदानप्रदान : मुख्यमंत्री यूनिटी मॉल से स्थानीय उत्पादों और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा     रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राज्य में ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) मॉडल को प्रोत्साहित करने एवं स्थानीय उत्पादों के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए यूनिटी मॉल की स्थापना की जा रही है।  यूनिटी मॉल की स्थापना से स्थानीय हस्तशिल्पियों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मॉल में उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय होने से हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य के छोटे उद्यमियों, शिल्पकारों एवं बुनकरों को लाभ मिलेगा। यह स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन एवं विक्रय के लिए ‘‘वन स्टॉप मार्केट प्लेस’’ के रूप में कार्य करेगा।     मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यूनिटी मॉल राज्य के गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं, और नारी शक्ति के विकास के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा। साथ ही यह मेक इन इंडिया और राष्ट्रीय एकता को भी प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश वासियों के विकास के साथ राष्ट्रीय एकीकरण एवं मेक इन इण्डिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपनी प्राथमिकता मानती है। राज्य में स्थापित किये जाने वाले यूनिटी मॉल में अन्य सभी राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानीय उत्पादों का भी प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलेगी और विभिन्न राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।            मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि हस्तशिल्पियों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय स्तर पर नवीन रोजगार सृजन करने स्वस्थ इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के इस रिफॉर्म के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है। राज्य में यूनिटी मॉल की स्थापना के लिए केंद्र सरकार ने 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिसमें से 100 करोड़ रुपये राज्य को कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) के तहत अग्रिम रूप में प्रदान किए गए हैं।     वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि यूनिटी मॉल में स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों के साथ-साथ फूडकोर्ट्स में स्थानीय व्यंजनों को भी विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जायेगा। यूनिटी मॉल के माध्यम से प्रत्येक जिले के विशेष उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की योजना है। यूनिटी मॉल की स्थापना का दायित्व रायपुर विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है। यूनिटी मॉल से न केवल राज्य के स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास छत्तीसगढ़ में एक सशक्त और स्थायी इकोसिस्टम का निर्माण करेेगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और शहरी बाजारों तक उत्पादों की पहुंच में मददगार होगा।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के सम्मान और स्मारक का बनाए जाने का चर्चित वकील अश्विनी उपाध्याय ने विरोध किया

नई दिल्ली पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार और स्मारक को लेकर राजनीति तेज है। इस बीच दिल्ली के एक वरिष्ठ वकील ने मनमोहन सिंह के प्रस्तावित स्मारक का विरोध किया है। कई चर्चित केसों की पैरवी करने वाले अश्विनी उपाध्याय ने मनमोहन सिंह की सरकार में हुए घोटालों और कुछ अन्य फैसलों का जिक्र करते हुए स्मारक बनाए जाने का विरोध किया है। केंद्र सरकार ऐलान कर चुकी है कि उचित स्थान का चुनाव करके मनमोहन सिंह का स्मारक बनाया जाएगा। समान शिक्षा, समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण नियंत्रण, जनसंख्या नियंत्रण जैसे मुद्दों पर अक्सर हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ने वाले अश्विनी उपाध्याय ने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें वह कई दलीलों के साथ मनमोहन सिंह के सम्मान और स्मारक पर सवाल उठाते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘सम्मान किसका होना चाहिए और समाधि स्थल किसका बनना चाहिए, क्या उस व्यक्ति का सम्मान होना चाहिए जिसके 10 साल के शासन में 10 लाख लाख करोड़ का घोटाला हो गया। 70 हजार करोड़ का कॉमनवेल्थ घोटाला, एक लाख 76 हजार करोड़ का टूजी घोटाला, अगर आप पूरा देखें 2004 से लगभग 10 लाख करोड़ का घोटाला होगा। और भी बहुत सारे घोटाले।’ उपाध्याय ने नेशनल माइनॉरिटी एजुकेशन ऐक्ट का जिक्र करते हुए भी मनमोहन सिंह के सम्मान और स्मारक का विरोध किया है। उन्होंने कहा, ‘क्या उस व्यक्ति का सम्मान होना चाहिए और समाधि स्थल बनना चाहिए, जिसने संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए 2004 में एक नेशनल माइनॉरिटी एजुकेशन ऐक्ट बनाया और भारत में समुदाय विशेष को फायदा देने के लिए स्कूल-कॉलेजों को उनको माइनॉरिटी स्टेटस देना शुरू कर दिया।’ वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि पहली बार भारत में माइनॉरिटी अफेयर मिनिस्ट्री 2006 में बनी है उसके पहले तक केवल सोशल जस्टिस मिनिस्ट्री हुआ करती थी जिसको कहते थे सामाजिक न्याय मंत्रालय। सभी गरीबों का कल्याण उसी के जरिए होता था। लेकिन 2006 में पहली बार रहमान खान साहब को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया गया और ये काम किया गया था केवल तुष्टिकरण के लिए। क्या वो व्यक्ति सम्मान का अधिकारी है जिसने 2010 में विदेशी फंडिंग कराने के लिए एफसीआरए कानून बनाया जो, ये जो एफसीआरए कानून 2010 में बनाया गया था केवल और केवल भारत विरोधी माओवादियों, नक्सलियों, जिहादी मिशनरियों को फंडिंग कराने के लिए बनाया गया था। उसके बाद यहां एनजीओस की भरमार हो गई। उपाध्याय ने आगे कहा, ‘क्या उस व्यक्ति को सम्मान मिलना चाहिए जिसने 2012 में राइट टू एजुकेशन ऐक्ट को बदल के मदरसों को इसके दायरे से बाहर कर दिया। जब राइट टु एजुकेशन ऐक्ट बना था तो मदरसे भी इसके दायरे में थे। लेकिन 2012 में इस कानून में संशोधन किया गया। नतीजा ये है कि मदरसे में कौन पढ़ा रहा है, मदरसे में क्या पढ़ाया जा रहा है, ये सरकारी अधिकारी जा के ऑडिट नहीं कर सकते और यह किसके कहने पर किया गया था, जमीयत उलेमा हिंद और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कहने पर, प्रधानमंत्री कौन मनमोहन सिंह, क्या उनका सम्मान होना चाहिए।’

घरेलू विवाद के कारण इस घटना को अंजाम दिया, नए साल का जश्न मनाया फिर मां और बहनों को मार डाला, गिरफ्तार

लखनऊ लखनऊ में मां और बहनों को मारने वाले को युवक को पुलिस गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि नए साल का जश्न मनाया फिर दिल दहलाने वाली वारदात कर डाली। उसने घरेलू विवाद के कारण इस घटना को अंजाम दिया। लखनऊ में बुधवार की सुबह नए साल के पहले दिन एक होटल में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर दी गई। युवक आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। लोगों ने बताया कि आगरा से आए परिवार ने नया साल मनाया। शाम को घूमने टहलने गए थे। इसके बाद युवक ने दिल दहलाने वाली वारदात कर डाली। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ से पता चला कि उसने घरेलू विवाद के कारण इस घटना को अंजाम दिया। अरशद ने कबूला पिता ने भी की मदद लोगों की मानें तो परिवार 30 दिसंबर को आया था। पड़ोसियों की मानें तो अरशद फेरी का काम करता था। अरशद काफी गुस्सा करने वाला है। उसका अक्सर किसी न किसी झगड़ा हो जाता था। अरशद ने पुलिस की पूछताछ में हत्या की बात कबूल की है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी अरशद ने अपनी चार बहनों और माता की हत्या करने की घटना को कबूल करते हुए बताया कि मोहल्ले वाले इनके परिवार को परेशान कर रहे थे। इसको डर था कि अगर इसे कुछ हो गया तो इनकी मां और बहन का क्या होगा, इसलिए इसने उनको मार देने का फैसला किया। अरशद परिवार को पहले अजमेर लेकर गया फ़िर लखनऊ लाकर सभी को होटल में रुकवाया, रात्रि में नशीला पदार्थ दिया और कुछ के मुंह में कपड़ा डालकर दुपट्टे से गला दबा दिया और कुछ की कलाई ब्लेड से काट दी। इस काम में पिता ने मदद की। इसके बाद पिता को रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया और स्वयं थाने पहुंचकर घटना की सूचना दी। अभियुक्त की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त आला कत्ल ब्लेड व दुपट्टा बरामद कर लिया गया है। आरोपी से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। प्रत्येक तथ्य के संबंध में साक्ष्य संकलन कर सत्यापित किया जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच शुरू पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) (मध्य लखनऊ) रवीना त्यागी ने कहा कि घटना नाका क्षेत्र में स्थित होटल शरनजीत में हुई। त्यागी ने बताया आरोपी की पहचान अरशद (24) के रूप में हुई जिसने अपने ही परिवार के पांच सदस्यों की कथित तौर पर हत्या कर दी। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटनास्थल से ही पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान आलिया (नौ), अलशिया (19), अक्सा (16), रहमीन (18), सभी अरशद की बहनें और अस्मा (आरोपी युवक की मां) के रूप में हुई है। त्यागी ने बताया कि 24 वर्षीय अरशद आगरा का रहने वाला है और प्रारंभिक पूछताछ से पता चला कि उसने घरेलू विवाद के कारण इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक टीम को साक्ष्य एकत्रित करने के लिए घटनास्थल पर भेजा गया है और इस मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई है।

नोवाक जोकोविच अब उन्होंने नए कोच एंडी मर्रे के साथ मिलकर नए खिलाड़ियों से भिड़ने की रणनीति बनाई

ब्रिस्बेन विश्व के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी नोवाक जोकोविच वर्ष 2024 में पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक के रूप में एकमात्र खिताब जीत पाए थे लेकिन अब उन्होंने नए कोच एंडी मर्रे के साथ मिलकर यानिक सिनर और कार्लोस अल्कराज़ जैसे युवा खिलाड़ियों से मुकाबला करने के लिए नई रणनीति तैयार की है। वर्तमान में विश्व के नंबर एक खिलाड़ी 23 वर्षीय सिनर ने बीते साल ऑस्ट्रेलियाई और अमेरिकी ओपन तथा 21 वर्षीय अल्कराज ने विंबलडन और फ्रेंच ओपन में पुरुष एकल के खिताब जीते थे। ब्रिस्बेन इंटरनेशनल में अपने पहले दौर का मैच जीतने के बाद 37 वर्षीय जोकोविच ने कहा कि उन्होंने 12 जनवरी से शुरू होने वाले ऑस्ट्रेलियाई ओपन से पहले मर्रे के साथ मिलकर अपने युवा प्रतिद्वंदियों के वीडियो देखकर उनके खेल का आकलन किया है। अपने 100वें एटीपी खिताब की कवायद में लगे जोकोविच ने ऑस्ट्रेलिया के वाइल्ड कार्ड से प्रवेश पाने वाले रिंकी हिजिकाटा को 6-3, 6-3 से हराने के बाद कहा कि वह मर्रे साथ मिलकर अपने खेल में छोटे-छोटे बदलाव करेंगे। जोकोविच ने कहा, ‘‘मैं अपने खेल में आमूलचूल बदलाव करने के बारे में नहीं सोच रहा हूं। मैं जियोवानी (फ्रांस का 21 वर्षीय स्टार जियोवानी एमपेत्शी पेरीकार्ड) की तरह नहीं बनने जा रहा हूं, जो पहले दो सर्विस करके नेट पर आ जाए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं निश्चित रूप से सुधार करना चाह रहा हूं, भले ही यह मामूली हो। मैं शारीरिक और मानसिक रूप से भी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हूं। चाहे इसके लिए कुछ भी करना पड़े, चाहे युवाओं के साथ कितने भी घंटे खेलना पड़े।’’  

बेंगलुरु के बाद दिल्ली में वीडियो बना पुनीत खुराना का सुसाइड, पत्नी से था परेशान, चल रहा था तलाक का केस

नई दिल्ली बेंगलुरु के बाद दिल्ली में भी अतुल सुभाष जैसा मामले सामने आया है। राजधानी के मॉडल टाउन के कल्याण विहार में स्थित घर में एक युवक ने 54 मिनट का वीडियो बनाकर अपनी जीवन लीला खत्म कर ली है। मृतक का नाम पुनीत खुराना है। जिसने फांसी के फंदे पर लटककर जान दे दी। परिवार का कहना है कि वह अपनी पत्नी मनिका पाहवा से परेशान था। दोनों के बीच तलाक का केस चल रहा था। बताया जा रहा है कि मृतक रेस्टोरेंट कारोबारी था। रेस्टोरेंट कारोबारी था पुनीत पुलिस ने युवक का फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हालांकि पुलिस को मौके पर से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। आजतक के अनुसार, 39 साल के पुनीत खुराना ने अपने घर में आत्महत्या कर ली। वह रेस्टोरेंट कारोबारी था। मृतक का पत्नी से विवाद चल रहा था। दोनों के बीच तलाक का केस चल रहा था। परिवार का कहना है पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर उनके बेटे ने यह कदम उठाया है। आठ साल पहले हुई थी शादी दोनों की आठ साल पहले शादी हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा था। दो साल पहले पुनीत को छोड़कर पत्नी मायके चली गई थी। इसके बाद दोनों ने आपसी सहमति से तलाक का केस दाखिल किया। दोनों के बीच हुई बातचीत का भी एक ऑडियो वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि पत्नी से चल रहे विवाद को लेकर मृतक तनाव में था। इसी बीच उसने मंगलवार दोपहर में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने जब्त किया फोन परिवार वाले उसे अस्पताल लेकर गए जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि मौत से पहले उसने वीडियो बनाया है। परिजनों के आरोप को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच आरंभ कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित करते हुए खुदकुशी करने वाले युवक के फोन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। 2016 में युवक की डेरावाला नगर में रहने वाली मनिका से शादी हुई थी।

एम.पी.ऑनलाइन से भी कर सकेंगे नए बिजली कनेक्शन का आवेदन : ऊर्जा मंत्री

एम.पी.ऑनलाइन से भी कर सकेंगे नए बिजली कनेक्शन का आवेदन : ऊर्जा मंत्री जनवरी माह के अंतिम सप्ताह से मिलने लगेगी सुविधा भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कंपनी कार्यक्षेत्र के 16 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं को नए वर्ष में यह सौगात दी है कि वे अब एम.पी. ऑनलाइन से भी ऑनलाइन आवेदन कर नया बिजली कनेक्शन ले सकेंगे। इसके लिए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने एम.पी.ऑनलाइन से अनुबंध किया है। बिजली उपभोक्ताओं को यह सुविधा जनवरी के अंतिम सप्ताह से मिलना शुरू हो जाएगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल एवं निदेषक (वाणिज्य) सुधीर कुमार श्रीवास्तव की उपस्थिति में मुख्य महाप्रबंधक (वाणिज्य) श्रीमती स्वाति सिंह एवं एम.पी.ऑनलाइन के बिजनेस हेड संदीप राजपाल द्वारा कंपनी मुख्यालय में अनुबंध हस्ताक्षरित किया गया। इसके अनुसार अब एम.पी.ऑनलाइन के माध्यम से भी आवेदन करने पर नया बिजली कनेक्शन मिलने के साथ ही गैर कृषि उपभोक्ताओं का ईकेवाईसी,  पीएम-सीएम किसान सम्मान निधि लाभार्थी का सत्यापन तथा पूर्व से विद्यमान कनेक्शन में भार वृद्धि, नाम परिवर्तन इत्यादि की सुविधा भी इसके माध्यम से मिलने लगेगी।  

रील के नाम पर फिर तमाशा, एक शख्स को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए देखा जा सकता है, फाड़ दी ट्रेन की सीट

नई दिल्ली सोशल मीडिया पर फेम कमाने और वायरल होने के चक्कर में कई यूजर किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं। ताजा मामला भारतीय रेल से जुड़ा है, जहां एक शख्स को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, अब तक साफ नहीं है कि शख्स कौन है। साथ ही रेलवे की तरफ से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट एक वीडियो में नजर आ रहा है कि एक युवक खुले आम ट्रेन की सीटों को फाड़ रहा। मामला ट्रेन के सामान्य कोच का लग रहा है। यह साफ नहीं है कि घटना किस ट्रेन की है और न ही स्थान को लेकर जानकारी स्पष्ट हो सकी है। सोशल मीडिया यूजर इस युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही यूजर्स युवक को ‘गद्दार’ करार दे रहे हैं। पहले भी हुई ट्रेन में तोड़फोड़ रेलवे यात्री का ट्रेन को नुकसान पहुंचाने का यह पहला मामला नहीं है। हाल ही में एक और वीडियो सामने आया था, जहां गेट नहीं खोले जाने से भड़के एक युवक ने अंत्योदय एक्सप्रेस के दरवाजे का पत्थर मार कांच तोड़ दिया था। घटना उत्तर प्रदेश के बस्ती रेलवे स्टेशन की बताई जा रही थी। साथ ही कुछ लोग खिड़की की ग्रिल तोड़कर बोगी में प्रवेश की कोशिश कर रहे थे। क्या वजह जानकार भीड़ को बड़ी वजह मान रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे अधिकारियों का कहना है, ‘ट्रेन में क्षमता से ज्यादा भीड़ हैं, तो अंदर मौजूद यात्री और लोगों को चढ़ने से रोकने के लिए कोच को बंद कर लेते हैं। इसके चलते बस्ती रेलवे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को नाराज कर दिया था।’

अमेरिकी न्यायालय ने फैसला सुनाया कि 26/11 मुंबई हमले में शामिल तहव्वुर राणा को जल्द जाएगा भारत को सौपा जायेगा

नई दिल्ली 26/11 मुम्बई आतंकी हमलों में शामिल पाकिस्तान मूल के कनाडाई व्यापारी तहव्वुर राणा को जल्द ही भारत सैंपा जा सकता है। राणा को भारत लाने की प्रक्रिया राजनयिक चैनलों के माध्यम से चल रही है। आपको बता दें कि अगस्त 2024 में अमेरिकी न्यायालय ने फैसला सुनाया कि राणा को दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत को प्रत्यर्पित किया जा सकता है। इसके बाद से दोनों देशों के बीच बैक चैनल बातचीत जारी है। अदालत ने तब राणा की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने मुम्बई आतंकी हमलों में अपनी संलिप्तता के लिए भारत को प्रत्यर्पित करने का विरोध किया था। अदालत ने यह माना कि भारत ने राणा के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण प्रस्तुत किए थे, जिससे यह साबित होता है कि प्रत्यर्पण आदेश सही था। राणा का नाम मुम्बई पुलिस ने 26/11 हमलों के संबंध में अपनी चार्जशीट में शामिल किया था। उस पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक सक्रिय सदस्य के रूप में काम करने के आरोप हैं। चार्जशीट में यह भी कहा गया कि राणा ने मुम्बई हमलों के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली की मदद की थी, जिसने हमलों के लिए मुम्बई में जगहों की रेकी की थी। अदालत ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण संधि में Non-Bis in Idem अपवाद है। यह तब लागू होता है जब आरोपी को उसी अपराध के लिए पहले ही दोषी ठहराया या बरी किया जा चुका हो। हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि राणा के खिलाफ भारत में लगाए गए आरोप अमेरिकी अदालतों में उनके खिलाफ चलाए गए मामलों से अलग हैं, इसीलिए नॉन-बिस इन आइडम अपवाद लागू नहीं होता। 26/11 मुम्बई आतंकी हमलों के लगभग एक साल बाद एफबीआई ने शिकागो में राणा को गिरफ्तार किया था। राणा और उसके साथी डेविड कोलमैन हेडली ने मिलकर मुम्बई हमलों के लिए जगहों की रेकी की थी और पाकिस्तान के आतंकवादियों को हमले को अंजाम देने के लिए एक खाका तैयार किया था।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बाबा विश्वनाथ का किया अभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की प्रार्थना की

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ महादेव के दर्शन किये। उन्होंने सपरिवार विधि-विधान से बाबा विश्वनाथ का पूजन एवं अभिषेक किया और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री सौरभ श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।  

विधानसभा अध्यक्ष के निरीक्षण का असर, राजस्थान-अजमेर के अस्पताल में अब इमरजेंसी वार्ड में ही होगी सोनोग्राफी

जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष श्वासुदेव देवनानी द्वारा रविवार को अजमेर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के औचक निरीक्षण का असर अब सामने आ रहा है। देवनानी की नाराजगी और कार्रवाई के निर्देशों के बाद अस्पताल प्रशासन ने अब इमरजेंसी वार्ड में ही सोनोग्राफी कराने का निर्णय लिया है। इससे परेशानी में अस्पताल आने वाले मरीजों को राहत मिलेगी। गौरतलब है कि विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने गत रविवार को जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण में अस्पताल के सोनोग्राफी कक्ष पर ताला लटका देखकर विधानसभा अध्यक्ष ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने सोनोग्राफी कक्ष का ताला खुलवाकर मरीजों को राहत दिलवाई थी। उन्होंने अस्पताल को निर्देश दिए थे कि आमजन को राहत प्रदान करने के लिए एक सोनोग्राफी मशीन इमरजेंसी वार्ड में लगाकर प्रशिक्षित स्टॉफ लगाया जाए। उन्होंने अन्य व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश भी दिए थे। देवनानी के निर्देश और उनकी नाराजगी के बाद अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक सोनोग्राफी मशीन इमरजेंसी वार्ड में ही लगाने का निर्णय किया है। यह सोनोग्राफी मशीन लगने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को बहुत राहत मिलेगी।

यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर में नष्ट होगा, भोपाल से ले जाने के लिए बनेगा ग्रीन कॉरिडोर

भोपाल  यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में रखा 40 साल से रखा 337 मिट्रिक टन कचरे का का निपटान पीथमपुर में किया जाएगा। इसके लिए भोपाल से पीथमपुर तक 250 किमी तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। कचरे को 12 कंटेनरों से पशिष्ट की पैकिंग, लोडिंग और परिवहन सीपीसीबी द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ किया जाएगा। कंटेनर्स के साथ पुलिस सुरक्षा बल, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा क्विक रिस्पॉस टीम रहेगी। यह कंटेनर लीक प्रूफ फायर रेजिस्टेंट हैं। प्रति कंटेनर में दो प्रशिक्षित ड्राइवर नियुक्त हैं। इन कंटेनरों का मूवमेंट जीपीएस से मॉनिटर किया जाएगा। ग्रीन कॉरिडोर भोपाल, सीहोर, देवास, इंदौर से धार होते हुए पीथमपुर के बीच बनेगा।   यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के जहरीले कचरे को भरने का काम रविवार को शुरू हुआ। इसको कंटेनरों में पैक करने के लिए दो सौ से ज्यादा मजदूरों की ड्यूटी लगाई गई। इनकी तीस-तीस मिनट की शिफ्ट लगाई गई,जिससे उनको किसी प्रकार का नुकसान ना हो यह सुनिश्चित किया जा सके। मजदूरों को पीपीई किट दी गई और उनका बल्ड प्रेशर नापने की मशीन भी रखी गई। 2015 में किया 10 मीट्रिक टन कचरे का निपटान सीपीसीबी की कॉनिटरिंग में सभी निर्धारित पैरामीटर अनुसार सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए 10 मीट्रिक टन अपशिष्ट विनिष्टिकरण का ट्रॉयल रन-2015 में किया गया। शेष बचे 337 मीट्रिक टन रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों का निष्पादन सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर पारित आदेशों के अनुक्रम में तथा उच्च न्यायालय द्वारा गठित ओवर साइट कमेटी/टास्क फोर्स कमेटी के निर्णय 19 जून 2023 के अनुक्रम में किया जा रहा है।     पीथमपुर में रासायनिक कचरे के निपटान के बनाया प्लांट मध्य प्रदेश में औद्योगिक इकाईयों में निकलने वाले रासायनिक तथा अन्य अपशिष्ट निष्पादन के लिए धार जिले के पीथमपुर में प्लांट लगाया गया है। यहां पर भस्मीकरण से अपशिष्ट पदार्थाें का निपटान किया जाता है। यह प्लांट प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित उद्योगों द्वारा जनित खतरनाक एवं रासायनिक अपशिष्ट के सुरक्षित निष्पादन के लिए स्थापित किया गया है। यह प्लांट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशो निर्देेशानुसार संंचालित हैं। देश में पीथमपुर जैसे 42 संयंत्र क्रियाशील हैं, जिसमें ऐसे रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों का उपचार उपरांत निपटान किया जाता है। पीथमपुर में स्थापित यह कॉमन हैज़र्डस वेस्ट ट्रीटमेंट, स्टोरेज और डिस्पोज़ल फैसिलिटी (CHW-TSDF) एक अत्याधुनिक सुविधा है, जिसमें ख़तरनाक कचरे को सटीकता और सुरक्षा के साथ निष्पादन करने हेतु डिज़ाइन किया गया है। मजदूरों की सुरक्षा का ख्याल रखा जा रहा है काफिले के साथ पुलिस की गाड़ियां और एम्बुलेंस रहेगी जिससे आपात स्थिति में काफिले के साथ मौजूद स्टाफ को ज़रूरत पड़ने पर त्वरित मेडिकल सहायता उपलब्ध हो सकेगी. सभी केमिकल को विशेष तरह के बैग्स में भरा जा रहा है, जिसमें लीकेज नहीं होता. कचरा हटाने के लिए जो मजदूर लगाए गए हैं, उन सब का हेल्थ चेकअप किया गया है। एक मजदूर को सिर्फ 30 मिनट काम करना होगा, जिसके बाद दोबारा काम शुरू करने से पहले उसे आराम करने का समय दिया जाएगा. एक ट्रक में 30 टन कचरा डाला जाएगा. हर मजदूर को सुरक्षा किट और मास्क के साथ ही फैक्ट्री में प्रवेश दिया जा रहा है। पीथमपुर में रासायनिक कचरे के निपटान के बनाया प्लांट  मध्य प्रदेश में औद्योगिक इकाईयों में निकलने वाले रासायनिक तथा अन्य अपशिष्ट निष्पादन के लिए धार जिले के पीथमपुर में प्लांट लगाया गया है। यहां पर भस्मीकरण से अपशिष्ट पदार्थाें का निपटान किया जाता है। यह प्लांट प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित उद्योगों द्वारा जनित खतरनाक एवं रासायनिक अपशिष्ट के सुरक्षित निष्पादन के लिए स्थापित किया गया है। यह प्लांट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशो निर्देेशानुसार संंचालित हैं। देश में पीथमपुर जैसे 42 संयंत्र क्रियाशील हैं, जिसमें ऐसे रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों का उपचार उपरांत निपटान किया जाता है। पीथमपुर में स्थापित यह कॉमन हैज़र्डस वेस्ट ट्रीटमेंट, स्टोरेज और डिस्पोज़ल फैसिलिटी (CHW-TSDF) एक अत्याधुनिक सुविधा है, जिसमें ख़तरनाक कचरे को सटीकता और सुरक्षा के साथ निष्पादन करने हेतु डिज़ाइन किया गया है।   

घुसपैठ कर भारत आई प्रधान बनी बांग्लादेशी महिला? TMC नेता पर लगे फर्जी दस्तावेजों से नागरिकता हासिल करने के आरोप

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के रशीदाबाद की ग्राम पंचायत की मुखिया लवली खातून की नागिरकता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. मालदा जिले में टीएमसी के नेतृत्व वाली रशीदाबाद ग्राम पंचायत की मुखिया लवली खातून को लेकर कहा जा रहा है कि वो बांग्लादेशी अप्रवासी हैं. इतना ही नहीं उनपर आरोप है कि वो बिना पासपोर्ट के अवैध रूप से भारत में घुसी थीं. मीडिया रिपोर्ट्स में लवली खातून का असली नाम नासिया शेख बताया जा रहा है. ऐसे में स्थानीय चुनाव में हिस्सेदारी और पंचायत प्रमुख बनने के बारे में सवाल उठना लाजमी हो गए हैं. इस संबंध में कलकत्ता हाई कोर्ट ने SDO से रिपोर्ट भी तलब कर ली है. चुनाव जीतने के बाद TMC में हुई शामिल चंचल की रहने वाली रेहाना सुल्ताना ने 2024 में कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी. रेहाना ने 2022 में ग्राम पंचायत चुनाव लड़ा था लेकिन वो लवली खातून से चुनाव हार गईं थीं. सुल्ताना के वकील अमलान भादुड़ी ने कहा,’याचिका दाखिल करने वाली रेहाना सुल्ताना ने टीएमसी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था लेकिन लवली खातून से हार गईं, जिन्होंने कांग्रेस और वाम गठबंधन की उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. खातून के चुनाव जीतने के बाद एक या दो महीने के भीतर वह टीएमसी में शामिल हो गईं.’ भारत में रहकर बनवाए फर्जी दस्तावेज मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि लवली खातून का असली नाम नासिया शेख है और वह कथित तौर पर बांग्लादेशी अप्रवासी है, जो बिना पासपोर्ट के अवैध रूप से भारत में घुसी थी. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि 2015 में खातून के नाम पर आधार कार्ड जारी किया गया था और 2018 में जन्म प्रमाण पत्र, लेकिन सभी फर्जी दस्तावेजों की बुनियाद पर ये डॉक्यूमेंट्स बने हैं. याचिकाकर्ता का दावा है कि यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि खातून ने अपना नाम और आधिकारिक रिकॉर्ड बदलने सहित अपनी पहचान बदल दी है. लवली खातून से हारी थीं रेहाना सुल्ताना के वकील अमलान भादुड़ी ने कहा कि याचिका दायर करने वाली रेहाना सुल्ताना ने टीएमसी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह लवली खातून से हार गई थीं, जिन्होंने कांग्रेस और वाम गठबंधन की उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। खातून के चुनाव जीतने के एक या दो महीने के भीतर ही वह टीएमसी में शामिल हो गई थीं। लवली खातून पर क्या हैं आरोप? इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में वकी भादुड़ी ने कहा कि लवली खातून का असली नाम नासिया शेख है और वह कथित तौर पर एक बांग्लादेशी अप्रवासी है, जो बिना पासपोर्ट के अवैध रूप से भारत में घुसी थी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि 2015 में खातून के नाम पर आधार कार्ड जारी किया था, और 2018 में जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया। बांग्लादेश से आया चालाक घुसपैठिया भादुड़ी ने कहा है कि लवली खातून ने चुनाव के लिए अपनी पात्रता साबित करने के लिए अपने आधार कार्ड, वोटर कार्ड और यहां तक ​​कि ओबीसी स्टेटस जैसे फर्जी दस्तावेज भी बनवाए हैं। हमें स्थानीय लोगों से यह भी पता चला कि खातून एक पड़ोसी गांव में गई थी। एक व्यक्ति से अपने पिता का नाम बताने के लिए कहा था। हर कोई जानता है कि उसके पिता का नाम शेख मुस्तफा नहीं बल्कि जमील बिस्वास है, यहां तक ​​कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में भी शेख मुस्तफा के परिवार में लवली का कोई जिक्र नहीं है। वकील ने आगे सवाल उठाया कि खातून कैसे चुनाव लड़ सकती हैं, जबकि वह भारतीय नागरिक नहीं हैं। इस बीच लवली खातून ने द एक्सप्रेस द्वारा किए गए कॉल का जवाब नहीं दिया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के लिए जाली दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनाने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ‘पड़ोसी गांव में किसी को बनाया पिता’ रेहाना के वकील भादुड़ी ने कहा,’हम स्थानीय पुलिस स्टेशन और स्थानीय प्रशासन के पास गए थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए हम 2024 में कलकत्ता उच्च न्यायालय चले गए.’ उन्होंने कहा कि लवली खातून ने चुनाव के लिए अपनी पात्रता साबित करने के लिए अपने आधार कार्ड, वोटर कार्ड और यहां तक ​​कि ओबीसी स्थिति जैसे दस्तावेजों में भी हेराफेरी की है. हमें स्थानीय लोगों से यह भी पता चला कि खातून एक पड़ोसी गांव में गई थी और एक व्यक्ति से अपने पिता का नाम बताने के लिए कहा था. सभी जानते हैं कि उनके पिता का नाम शेख मुस्तफा नहीं बल्कि जमील बिस्वास है, यहां तक कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NRC) में भी शेख मुस्तफा के परिवार में लवली का कोई जिक्र नहीं है.’ यह ऐसे समय में हुआ है जब बांग्लादेश के नागरिकों के लिए जाली दस्तावेजों के साथ पासपोर्ट बनाने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध रूप से देश में घुस आए थे.

वैशाली ने महिला विश्व ब्लिट्ज में कांस्य पदक जीता

न्यूयॉर्क भारत की आर वैशाली ने विश्व ब्लिट्ज शतरंज चैम्पियनशिप के महिला वर्ग में कांस्य पदक जीता और इस तरह से यहां रैपिड स्पर्धा में कोनेरू हम्पी के खिताब जीतने के बाद देश के खिलाड़ियों ने वर्ष 2024 के अंत में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। वैशाली ने क्वार्टर फाइनल में चीन की झू जिनर को 2.5-1.5 से हराया लेकिन सेमीफाइनल में वह चीन की एक अन्य प्रतिद्वंद्वी जू वेनजुन से 0.5-2.5 से हार गईं। इस प्रतियोगिता में पूरी तरह से चीन के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। चीन की जू वेनजुन ने हमवतन लेई टिंगजी को 3.5-2.5 से हराकर विश्व खिताब जीता। पांच बार के विश्व चैंपियन और अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) के उपाध्यक्ष विश्वनाथन आनंद ने वैशाली को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी और कहा कि यह वर्ष को समाप्त करने का एक शानदार तरीका है। आनंद ने एक्स पर लिखा, ‘‘कांस्य पदक जीतने पर वैशाली को बधाई। उसने वास्तव में शानदार प्रदर्शन किया। हमारे वाका शतरंज सलाहकार (वेस्टब्रिज आनंद शतरंज अकादमी) ने हमें गौरवान्वित किया है। यह वर्ष 2024 का समापन करने का शानदार तरीका था।’’ ओपन’ वर्ग में दुनिया के नंबर एक मैग्नस कार्लसन और रूस के इयान नेपोम्नियाचची ने ब्लिट्ज़ खिताब साझा किया, क्योंकि सडन-डेथ की तीन बाजियों के बाद भी कोई स्पष्ट विजेता नहीं बन पाया। यह पहला अवसर है जबकि खिताब दो खिलाड़ियों में बांटा गया।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet