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आज 06 फरवरी को सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य, जानिए क्या कहती है आपकी राशि?

मेष राशि- आज का दिन उथल-पुथल से भरपूर दिन रहेगा। अपनी लव लाइफ की हकीकत का सामना करने के लिए तैयार रहें। काम का माहौल प्रोडक्टिव रहेगा साथ ही आर्थिक खुशहाली भी रहेगी। आपका स्वास्थ्य भी पॉजिटिव है। वृषभ राशि- आज का दिन शानदार रहने वाला है। व्यावसायिक सफलता के साथ सुखी प्रेम जीवन की एक्सपेक्टेशन आप कर सकते हैं। सभी सौंपे गए कार्यों को पूरा करने का प्रयास करें। मिथुन राशि- अच्छे स्वास्थ्य और धन की समृद्धि से भी दिन यादगार रहेगा। व्यावसायिक काम आपको व्यस्त रखेंगे। आपका स्वास्थ्य और धन दोनों अच्छे लेवल पर दिख रहा है। लेकिन आपको खर्च पर कंट्रोल रखने की जरूरत है। कर्क राशि- आज का दिन आपके लिए शुभ रहने वाला है। प्रेम जीवन में मनमुटाव को दूर करें और साथ में ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। एक बेहद बिजी पेशेवर कार्यक्रम के लिए तैयार रहें। सिंह राशि- आज के दिन बॉस के साथ न उलझें। अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि भी आती है। दिन थोड़ा स्ट्रेसफुल साबित हो सकता है। प्यार में आज आपको उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कन्या राशि- आपका आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इसलिए आज आपको खर्चों से बचना चाहिए। आज व्यावसायिक सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। तुला राशि- आज का दिन बदलावों से भरपूर रहेगा। रोमांटिक मुद्दों को थोड़ी सी समझदारी और रोमांस के साथ संभालें। पेशेवर मुद्दों का आज ही सोल्यूशन निकालें। अपनी मेंटल हेल्थ पर फोकस करें। वृश्चिक राशि- आज आप अपनी लव लाइफ में खुश रहेंगे। आज नए प्यार के कनेक्शन को अपनाने के लिए तैयार रहें। अशांत समय में भी शांत रहने की कोशिश करें। बहुत ज्यादा बाहर का खाना न खाएं। धनु राशि- आज अपनी योग्यता साबित करने के लिए जिम्मेदारियां सावधानी से निभाने की जरूरत है। बेहद जरूरी डीसीजन आज टाल दें। आज पैसों से जुड़ी कोई बड़ी समस्या नहीं रहेगी। मकर राशि- आज पैसे कमाने में कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। नया कनेक्शन, अतिरिक्त प्रोफेशनल जिम्मेदारियां, पैसों से भरी जेब और अच्छा स्वास्थ्य दिन के मुख्य आकर्षण रहेंगे। कुंभ राशि- आज का दिन थोड़ी बहुत चुनौतीयां लेकर आएगा। काम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाएं। लव के मामले में थोड़ा रोमांस दिखाएं। छोटी-मोटी आधिकारिक चुनौतियाँ भी आपको मजबूत बनाएंगी। मीन राशि- आज का दिन पॉजिटिव रहेगा। अपनी योग्यता साबित करने के लिए कार्यस्थल पर अधिक मौकों की तलाश करें। पैसा आपके पक्ष में है और स्वास्थ्य संबंधी कोई बड़ी समस्या भी आपको परेशान नहीं कर सकेगी।

प्रयागराज में 12 मीटर लंबी यह बस 42 यात्रियों को बैठा सकती है और 600 किमी तक चल सकती है, गंगा पथ पर दौड़ी ये स्पेशल बस

प्रयागराज प्रयागराज में हाईड्रोजन फ्यूल से चलने वाली बस का ट्रायल फाफामऊ से नागवासुकी के बीच सफल रहा। 12 मीटर लंबी यह बस 42 यात्रियों को बैठा सकती है और 600 किमी तक चल सकती है। एनटीपीसी द्वारा लाई गई इस बस को अशोक लीलैंड ने तैयार किया है। यह केवल स्वच्छ जल वाष्प उत्सर्जित करती है जिससे प्रदूषण नहीं होता। महाकुंभ के बाद इसके नियमित संचालन की योजना है। ट्रायल में यह बस फाफामऊ से नागवासुकि के बीच में पर्यावरण संरक्षण व भारत की आधुनिक परिवहन व्यवस्था का खाका खींचती नजर आई। 12 मीटर लंबी बस में एक साथ 42 लोग बैठ सकते हैं। इस बस को एनटीपीसी की ओर से यहां लाया गया है। इसे अशोक लीलैंड कंपनी ने तैयार किया है। प्रयागराज में इसके नियमित संचालन की अब संभावना भी तलाशी जा रही है। सेक्टर 10 में विशेष साज-सज्जा के साथ यह बस अब गंगा पथ के किनारे लोगों को देखने के लिए रखी गई है। यहां तैनात कर्मचारी आगंतुकों को बस की तकनीक, विशेषता व संचालन की बारीकी समझा रहे हैं।

राजस्थान में तीन अलग-अलग सड़क हादसों में पांच लोगों की मौत, जबकि 25 अन्य लोग घायल

जयपुर राजस्थान के दौसा और जयपुर जिले में तीन अलग-अलग सड़क हादसों में एक स्कूली छात्रा सहित पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 25 अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया की दौसा के बालाहेड़ी थानाक्षेत्र में बुधवार को एक ट्रक ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे वाहन पर सवार दो सगे भाई-बहन की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग घायल हो गये। थानाधिकारी भगवान सहाय ने बताया कि पाटोली गांव के पास एक ट्रक ने मंडावर की ओर जा रहे बाइक पर सवार चार लोगों को टक्कर मार दी, जिससे बाइक पर सवार दो सगे-भाई बहन की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान पूजा बैरवा (18) और उसके भाई रोशन बैरवा (16) के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि वहीं बाइक सवार पिता महेश बैरवा और एक अन्य बच्ची को उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिये गये। अधिकारी ने बताया कि पीपलखेड़ा गांव के पास बुधवार सुबह महाकुंभ से हनुमानगढ़ जा रही एक स्लीपर बस पलट गई। उन्होंने बताया हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई जबकि 14 अन्य लोग घायल हो गये। अधिकारी ने बताया मृतकों की पहचान सुंदर देवी जाट (50) और भंवरी देवी शर्मा (65) के रूप में हुई है और 14 घायलों में से चार गंभीर रूप से घायलों को उपचार के लिये जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल भेजा गया है। एक अन्य हादसे में जयपुर-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर एक स्कूल बस पुलिया से नीचे गिर गई, जिससे बस में सवार 12वीं कक्षा की एक छात्रा की मौत हो गई, जबकि नौ बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने बताया घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक, चौमू थाना क्षेत्र स्थित वीर हनुमान मार्ग पुलिया के पास स्कूल बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पुलिस ने बताया कि हादसे में 12वीं कक्षा की छात्रा कोमल देवड़ा (18) की मौत हो गई और घायलों को उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।  

प्रयागराज के बाद अगला पड़ाव बनती है बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी, गंगा तट पर सजेगा मिनी कुंभ

वाराणसी संगम तट पर महाकुंभ में उमड़े अखाड़ों के नागा साधुओं का वसंत पंचमी के स्नान के बाद अगला पड़ाव बनती है बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी। प्राय: वसंत पंचमी की बाद त्रिवेणी तट से उनके शिविर खुलना आरंभ हो जाते हैं और फिर उनका समूह चल देता है भगवान भूतनाथ की नगरी काशी की ओर। यहां गंगा तट पर सजता है मिनी कुंभ। इस पार के घाटों से लेकर उस पार रेती तक और विभिन्न मठाें, आश्रमों, धर्मशालाओं में नागा साधुओं का डेरा पड़ जाता है, सज जाती है तंबुओं की नगरी, हर ओर दिखता है भगवा, भूत-भभूत, जटा-जूट का रेला, अद्भुत लगता है अध्यात्म का मेला। फिर तो होली पर्व तक हजारों नागाओं की छावनी बनी रहती है काशी। गंगा मैया के तट से लेकर बाबा विश्वनाथ के दरबार तक नागा संतों का क्रम निरंतर बना रहता है। अनेक अद्भुत विधियों से साधना करते नागाओं के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में देश-विदेश के श्रद्धालु यहां उमड़ते हैं। काशी में होने वाले इस मिनी कुंभ की तैयारियों में प्रशासन व मठ-मंदिर जुट गए हैं।   चार शैव अखाड़ों के मुख्यालय व सभी 13 अखाड़ों की शाखाएं हैं काशी में आदि शंकराचार्य द्वारा धर्म रक्षा के लिए स्थापित किए गए नागा साधुओं के सबसे बड़े अखाड़ों शामिल श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े सहित चार प्रमुख शैव सन्यासी अखाड़ों का मुख्यालय काशी में ही है। इनमें हनुमान घाट पर श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा, दशाश्वमेध घाट पर श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा, हनुमान चैक कपिलधारा में श्री पंच अटल अखाड़ा, शिवाला घाट पर महानिरंजनी अखाड़ा के मुख्यालय हैं। इनके अतिरिक्त राजघाट पर श्रीअग्नि अखाड़ा, कपिलधारा पर आनंद अखाड़ा, पद्मश्री सिनेमा के पास कुरुक्षेत्र पोखरा पर वैष्णव संप्रदाय के बड़ा उदासीन अखाड़ा, निर्मल अखाड़ा निर्मोही अखाड़ा, अनी अखाड़ा आदि सभी 13 अखाड़ों की शाखाएं हैं। इन मुख्यालयों व शाखाओं में हजारों संन्यासी रहते हैं।   आठ फरवरी को होगा जूना अखाड़े का नगर प्रवेश, 12 को शोभायात्रा हनुमान घाट स्थित श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के पुजारी संतोष मिश्र ने बताया कि जूना अखाड़ा के साथ ही अग्नि और आवाहन अखाड़ों के नागा सन्यासी महाकुंभ में वसंत पंचमी पर संगम स्नान के बाद काशी की ओर प्रस्थान करेंगे। इनके साथ ही या बाद में अटल और निरंजनी अखाड़ों के संन्यासी भी आ जाते हैं। वाहनों, घोड़ों के माध्यम से तथा पैदल चलकर काशी सभी सन्यासी काशी पहुंचते हैं। आठ फरवरी को रमता पंच के नेतृत्व में बाजे-गाजे व हाथी-घोड़ों, रथों तथा पैदल सन्यासियों की भव्य शोभायात्रा में पूरे लाव-लश्कर व अस्त्र-शस्त्रों के साथ उनका नगर प्रवेश होगा। स्थानीय साधू-संत व अखाड़े के अधिकारी-कर्मचारी, प्रशासन के लोग तथा काशीवासी मोहन सराय के पास उनकी अगवानी करेंगे। अधिकांश संन्यासी बैजनत्था स्थित जपेश्वर मठ पर रुक जाते हैं। फिर 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा पर जपेश्वर मठ से उनकी शोभायात्रा निकलेगी और सभी अपने-अपने लाव-लश्कर अस्त्र-शस्त्र के साथ हनुमान घाट पहुंचेंगे। काशी नगर प्रवेश के बाद सभी संन्यासियों के जत्थे अपने-अपने आश्रमों-मठों के साथ गंगा तट के दोनों ओर पड़े तंबुओं, छावनियों में अपना डेरा जमाएंगे। फिर होली तक यह जमावड़ा काशी में बना रहेगा।

पहली बार एक ही दिन में 11,560 यात्रियों और 87 विमानों का आवागमन हुआ, प्रयागराज एयरपोर्ट ने बनाया नया कीर्तिमान

महाकुंभ नगर। कुंभ 2019 में ही शुरू हुआ प्रयागराज सिविल एयरपोर्ट पर महाकुंभ का प्रभाव देखिए, प्रयागराज एयरपोर्ट नित नए कीर्तिमान बना रहा है और स्वयं उसे तोड़ भी रहा है। एयरपोर्ट पर 10 हजार से अधिक विमानों के आवागमन का कीर्तिमान मात्र तीन दिनों में ही टूट गया। चार फरवरी को पहली बार एक ही दिन में 11,560 यात्रियों और 87 विमानों का आवागमन हुआ। इसमें 179 विशिष्ट यात्रियों को लेकर 15 चार्टर भी आए-गए। इसी तिथि पर पहली बार दिल्ली के लिए दस और मुंबई के लिए आठ विमानों का संचालन हुआ और अपने आप में यह भी एक नया कीर्तिमान है। 10 जनवरी को 106 साल के विमान सेवा इतिहास में पहली बार प्रयागराज से रात में यात्री विमान उड़ा, जबकि 15 जनवरी को 93 वर्ष बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ान (लारेन पावेल विमान से भूटान गई) प्रयागराज में रवाना हुई। अब कीर्तिमान की सीढ़ी पर चार फरवरी का दिन भी अंकित हुआ। इस दिन समय सारिणी के अनुसार 36 विमान आए, 36 विमान रवाना हुए। यह भी पहली बार हुआ है कि 72 विमानों का आवागमन समय सारिणी के अनुसार हुआ हे। जबकि नान शेड्यूल में सात चार्टर विमान आए और 12 ने उड़ान भरी। संयुक्त रूप से कुल 6006 यात्री आए और 5554 ने यहां से उड़ान भरी। प्रयागराज एयरपोर्ट से इन विमानों का संचालन इंडिगो, एलाइंस एयर, अकासा एयर, स्पाइसजेट, एयर इंडिया ने किया। एयरपोर्ट के नए टर्मिनल से विमानों का संचालन शुरू हो जाने से अब लगातार विमानों की संख्या बढ़ाई जा रही है। कब क्या बना कीर्तिमान 14 जनवरी : 43 विमान व 5,250 यात्री 28 जनवरी : 62 विमान व 8,378 यात्री 31 जनवरी : 62 विमान व 6,862 यात्री एक फरवरी : 87 विमान व 10,599 यात्री चार फरवरी : 87 विमानों व 11,560 यात्री चार्टर विमानों का कीर्तिमान 18 जनवरी : 15 चार्टर व 119 विशिष्ट यात्री 31 जनवरी : 19 चार्टर व 101 विशिष्ट यात्री एक फरवरी : 23 चार्टर व 153 विशिष्ट यात्री चार फरवरी : 15 चार्टर व 179 विशिष्ट यात्री तीन दिनों में बाहर भेजी गईं 189 विशेष ट्रेन रेलवे ने वसंत पंचमी के लिए दो से चार फरवरी तक 189 ट्रेनों को प्रयागराज से बाहर भेजा। यह ट्रेनें वापसी की राह आसान करने के लिए चलाई गईं। सिर्फ चार फरवरी को शाम छह बजे तक कुल 37 विशेष ट्रेनें यहां से भेजी गईं। तीन दिनों में प्रयागराज जंक्शन से 95, प्रयागराज छिवकी से 20, नैनी से दो, सूबेदारगंज से 15, प्रयाग से 25, फाफामऊ से चार, रामबाग से 11 व झूंसी से 17 ट्रेनों का परिचालन किया गया।

अनुमति नहीं मिलने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने महापौर प्रत्याशी प्रमोद नायक के समर्थन में निकाली ट्रैक्टर रैली

बिलासपुर नगरीय निकाय चुनाव में मतदान से पहले प्रदेश का सियासी पारा हाई है. न्यायधानी बिलासपुर में जिला प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज ट्रैक्टर रैली निकाली. नगर निगम बिलासपुर के कांग्रेस महापौर प्रत्याशी प्रमोद नायक के समर्थन में यह रैली निकली गई. जिसमें विधायक अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की रैली को अनुमति नहीं मिलने पर कांग्रेस नेताओं ने पूर्व मंत्री और बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल के इशारे पर जिला प्रशासन के काम करने का आरोप लगाया है. इसके साथ ही एडीएम, एसडीएम और एएसपी को तत्काल हटाने की मांग की है. बता दें कि आज सकरी से सिरगिट्टी तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ट्रैक्टर रैली प्रस्तावित था. हालांकि जिला प्रशासन ने इस अनुमति को देने से मना कर दिया था.

महाकाल के दर पर पहुंचकर शिवराज सिंह ने परिवार संग लगाई हाजिरी, भोलेनाथ को कुणाल की शादी का दिया निमंत्रण

उज्जैन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचे। जहां उन्होंने परिवार संग महाकालेश्वर मंदिर में हाजिरी लगाई। शिवराज सिंह ने भोलेनाथ को छोटे बेटे कुणाल की शादी का निमंत्रण दिया। गर्भगृह में की पूजा अर्चना मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला हवाई पट्टी से सीधे महाकाल मंदिर पहुंचा। उन्होंने सपरिवार महाकालेश्वर मंदिर पहुंच कर गर्भ गृह में पूजा अर्चना की। इसके बाद नंदी हॉल में बैठकर ध्यान लगाया। प्रशांत पुजारी और यश पुजारी ने पूजा सम्पन्न करवाई। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से प्रशासक प्रथम कौशिक की ओर से शिवराज सिंह चौहान का सम्मान किया गया। 14 फरवरी को है कुणाल सिंह की शादी शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे कुणाल सिंह की शादी 14 फरवरी वेलेंटाइन-डे पर भोपाल में होगी। कुणाल सिंह चौहान की करीब 8 माह पहले सगाई हुई थी। भोपाल के जाने माने डॉक्टर इंद्रमल जैन की पोती रिद्धि जैन से कुणाल का रिश्ता हुआ है। रिद्धि के पिता का नाम संदीप जैन है। कुणाल और रिद्धि साथ में पढ़े हैं।

कोल्हापुर में एक मेले का आयोजन हुआ, मेले में दूध से बनी मिठाई ‘खीर’ को ‘प्रसाद’ के रूप में बांटा गया, 250 लाेग पड़े बीमार

मुंबई महाराष्ट्र के कोल्हापुर में प्रसाद खाने से 250 लाेग बीमार पड़ गए. मेले में बंटी खीर खाने के बाद सभी फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए. करीब 50 लाेगों को सुबह से हो रही दस्त, मतली और बुखार की शिकायत होने लगी. अब तक 255 लोगों के बीमार होने की जानकारी सामने आई है. वहीं 50 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और सभी की हालत सामान्य बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में शिवनकवाड़ी गांव में एक मेले का आयोजन किया गया था. मेले में दूध से बनी मिठाई ‘खीर’ को ‘प्रसाद’ के रूप में बांटा गया था. प्रसाद खाने के बाद सभी लोगों को बुधवार सुबह से ही दस्त, मतली और बुखार की शिकायत होने लगी. मामले को लेकर कुरुंदवाड़ पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में शिरोल के अस्पताल में लगभग 50 लोगों का इलाज चल रहा है और सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है. एक अधिकारी ने दावा करते हुए बताया कि, अधिकांश बीमार लोगों ने मेले में ‘खीर’ खाई थी. हालांकि वहां खाने-पीने के स्टॉल भी थे. फिलहाल अस्पताल में 50 से अधिक लोगों का इलाज चल रहा है. जबकि अन्य को छुट्टी दे दी गई है. अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है. जांच के लिए मेले से खाद्य पदार्थों के नमूने फोरेंसिक प्रयोगशाला में भेजे गए हैं. प्रसाद में विषाक्तता थी या नहीं, इसका पता रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा. वहीं, इस धटना से आसपास के लोग दहशत में आ गए हैं.

अनियंत्रित होकर पलटा ट्रैक्टर, 3 युवकों की मौत, इलाके में शोक की लहर

धमतरी छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. जहां एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गई. इस दुर्घटना में ट्रैक्टर पर सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई हैई, जबकि एक घायल है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है. यह घटना कुरुद थाना क्षेत्र के कॉलेज मोड़ के पास घटी है. घटना से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है. जानकारी के अनुसार, घटना कुरुद थाना क्षेत्र के चर्रा गांव की है. चार नाबालिग लड़के ट्रैक्टर के इंजन पर सवार होकर तेज रफ्तार से कृषि महाविद्यालय की ओर जा रहे थे. इसी दौरान उन्होंने ट्रैक्टर को कट मारने की कोशिश की, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया. हादसा इतना भयावह था कि तीन लड़कों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं एक लड़का घायल है, जिसका इलाज जिला अस्पताल में जारी है. हादसे के बाद सवाल यह उठ रहा है कि आखिर नाबालिगों को ट्रैक्टर चलाने की अनुमति कैसे मिली? ट्रैक्टर की चाबी उन्हें किसने दी? क्या वाहन मालिक ने लापरवाही बरती?

भारत को साल के अंत तक रूस से एस-400 वायु रक्षा प्रणाली के चौथे स्क्वॉड्रन को प्राप्त होगा

नई दिल्ली भारत इस साल के अंत तक रूसी निर्मित एस-400 वायु रक्षा प्रणाली के चौथे स्क्वॉड्रन को प्राप्त करने वाला है. सूत्रों ने पुष्टि की है कि पांचवां स्क्वॉड्रन 2026 में आने की उम्मीद है. भारत ने पहले ही एस-400 प्रणाली के तीन स्क्वॉड्रन प्राप्त कर लिए हैं. उन्हें विभिन्न स्थानों पर तैनात किया है. भारत ने 2018 में रूस के साथ एस-400 प्रणाली के पांच स्क्वॉड्रन के लिए लगभग ₹35,000 करोड़ के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे. यह उन्नत वायु रक्षा प्रणाली भारत के रणनीतिक स्थानों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. एस-400 की तैनाती के प्रमुख क्षेत्रों में होगी सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए एक स्क्वॉड्रन को तैनात किया गया है. पठानकोट क्षेत्र में एक अन्य स्क्वॉड्रन को तैनात किया गया है ताकि जम्मू-कश्मीर और पंजाब की रक्षा को मजबूत किया जा सके. भारत की पश्चिमी सीमा पर एक स्क्वॉड्रन को तैनात किया गया है ताकि राजस्थान और गुजरात में महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. भारत के पास S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम मौजूद होने की वजह से चीन या पाकिस्तान सीमा पार से नापाक हरकत नहीं कर पाएंगे. इस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम के बचे हुए यूनिट्स आने के बाद देश की सुरक्षा अभेद्य हो जाएगी. एस-400 मिसाइल सिस्टम के ऑपरेटर्स की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है. हथियार नहीं महाबली है यह अभेद्य रक्षा कवच एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम हथियार नहीं महाबली है. इसके सामने किसी की भी साजिश नहीं चलती. यह आसमान से घात लगाकर आते हमलावर को पलभर में राख में बदल देता है. एस-400 मिसाइल सिस्टम को दुनिया की सबसे सक्षम मिसाइल प्रणाली माना जाता है. पाकिस्तान और चीन भारत के लिए हमेशा से चुनौती रहे हैं. भारत का इन देशों से युद्ध भी हो चुका है. शक्ति का संतुलन बनाए रखने के लिए ऐसी मिसाइल प्रणाली की देश को जरूरत थी. भारत को एस-400 सिस्टम मिलने से भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा होगा. 35 हजार करोड़ रुपए में हुई थी पांच यूनिट की डील भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ ऐसे पांच सिस्टम खरीदने का करार  किया था जिसकी लागत 5 अरब डॉलर यानी 35,000 करोड़ रुपये है. चीन हो या पाकिस्तान S-400 मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम के बल पर भारत न्यूक्लियर मिसाइलों को अपनी जमीन तक पहुंचने से पहले ही हवा में ही ध्वस्त कर देगा. S-400 से भारत चीन-पाकिस्तान की सीमा के अंदर भी नजर रख सकेगा. जंग में भारत S-400 सिस्टम से दुश्मन के लड़ाकू विमानों को उड़ने से पहले निशाना बना लेगा. चाहे चीन के जे-20 फाइटर प्लेन हो या फिर पाकिस्तान के अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान. यह मिसाइल सिस्टम इन सभी विमानों को नष्ट करने की ताकत रखता है.  रूस ने साल 2020-2024 तक भारत को एक-एक कर ये मिसाइल सिस्टम देने की बात कही थी.   एक बार में 72 मिसाइल दाग सकता है ये सिस्टम S-400 एक बार में एक साथ 72 मिसाइल छोड़ सकती है. इसके सबसे खास बात ये है कि इस एयर डिफेंस सिस्टम को कहीं मूव करना बहुत आसान है क्योंकि इसे 8X8 के ट्रक पर माउंट किया जा सकता है. S-400 को नाटो द्वारा SA-21 Growler लॉन्ग रेंज डिफेंस मिसाइल सिस्टम भी कहा जाता है. माइनस 50 डिग्री से लेकर माइनस 70 डिग्री तक तापमान में काम करने में सक्षम इस मिसाइल को नष्ट कर पाना दुश्मन के लिए बहुत मुश्किल है. क्योंकि इसकी कोई फिक्स पोजिशन नहीं होती. इसलिए इसे आसानी से डिटेक्ट नहीं कर सकते.   S-400 मिसाइल सिस्टम में चार तरह की मिसाइलें होती हैं जिनकी रेंज 40, 100, 200, और 400 किलोमीटर तक होती है.  यह सिस्टम 100 से लेकर 40 हजार फीट तक उड़ने वाले हर टारगेट को पहचान कर नष्ट कर सकता है.  एस-400 मिसाइल सिस्टम (S-400 Air Defence Missile System) का रडार बहुत अत्याधुनिक और ताकतवर है. 600 km की रेंज में 300 टारगेट ट्रैक करने की ताकत इसका रडार 600 किलोमीटर तक की रेंज में करीब 300 टारगेट ट्रैक कर सकता है. यह सिस्टम मिसाइल, एयरक्राफ्ट या फिर ड्रोन से हुए किसी भी तरह के हवाई हमले से निपटने में सक्षम है. शीतयुद्ध के दौरान रूस और अमेरिका में हथियार बनाने की होड़ मची हुई थी. जब रूस अमेरिका जैसी मिसाइल नहीं बना सका तो उसने ऐसे सिस्टम पर काम करना शुरू किया जो इन मिसाइलों को टारगेट पर पहुंचने पर पहले ही खत्म कर दे.  

मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल लाए धन-धान्य थीम पर आधारित वाटरशेड यात्रा का शुभारंभ किया

नई दिल्ली/ भोपाल केंद्रीय ग्रामीण विकास व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल लाए धन-धान्य थीम पर आधारित वाटरशेड यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जल हमारे जीवन का आधार है, जल है तो जीवन है। हम माटी से पैदा हुए और माटी में ही मिलते हैं। माटी हमारा अस्तित्व है, हमारा आधार है इसलिए मैं आह्वान करता हूँ, अपने लिए और अपनों के लिए पानी और मिट्टी बचाएं।   क्या है वॉटरशेड यात्रा?     वॉटरशेड यात्रा अभियान के तहत 805 परियोजनाओं में लगभग 60 से 90 दिनों तक वाटरशेड यात्रा वैन चलेगी।     ये यात्रा 26 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 6 हजार 673 ग्राम पंचायतों के 13 हजार 587 गांवों तक जाएगी।     एक हजार 509 ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी और 1 हजार 640 प्रभात फेरियां भी आयोजित की जाएंगी।     दो हजार 43 स्थानों पर भूमिपूजन और 1 हजार 999 कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा।     एक हजार 196 स्थानों पर श्रमदान और 557 स्थानों पर बागवानी वृक्षारोपण किया जाएगा।   कृषि मंत्री ने और क्या कहा? केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की विजनरी सोच के कारण भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग मिट्टी और जल संरक्षण के लिए पीएम कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत वॉटरशेड विकास घटक की योजना को क्रियान्वित कर रहा है। इस वॉटरशेड के अंतर्गत चेक डेम, बोरी बंधान, मेढ़ बंधान, खेत तालाब जैसी कई संरचनाएं बनाई जाएंगी। ये संरचनाएं पानी भी बचाएंगे और माटी के क्षरण को भी रोकेंगे, सतही जल भी बहकर नहीं जायेगा और भूजल स्तर भी बढ़ेगा। भरा हुआ सतही जल आसपास के बड़े इलाके में भूजल स्तर बढ़ा देगा। माटी में नमी बनेगी, माटी की जल धारण क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जरूरी है कि हम इस योजना के साथ जुड़ें, ये काम अकेले सरकार नहीं कर सकती है, सरकार के साथ समाज का सहयोग भी बेहद जरूरी है। हर गांव, किसानों, पंचायतों, जनप्रतिनिधि, माता, बहनों, NGO, सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को जोड़ना है। इसके लिए हमने वॉटरशेड यात्रा निकालने का संकल्प लिया है। चौहान ने कहा कि ये महज यात्रा नहीं बल्कि धरती को बचाने की यात्रा है।   यात्रा के दौरान क्या-क्या होगा? केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि इस विशेष अभियान को जनता का आंदोलन बनाएं, जन-जन इसमें जुड़ जाए। हम जनता के सहयोग से जल संरचनाएं बनायें, माटी के संरक्षण की योजनाएँ बनाएं। इस वाटरशेड यात्रा के दौरान पानी और माटी बचाने के लिए जनजागरण अभियान चलेगा और वॉटरशेड के अंतर्गत पूर्ण किये गए कामों का लोकार्पण भी होगा और नए कामों का भूमिपूजन भी होगा। इसके साथ ही वॉटरशेड महोत्सव भी मनाया जाएगा। इतना ही नहीं वॉटरशेड पंचायत उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी करेगी। ये वॉटरशेड यात्रा देशभर में जलसंचयन और भूमि संरक्षण को बढ़ावा देगी। ये यात्रा पानी और माटी बचाने के लिए ग्रामीण जनता को एक मंच भी प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के शुभारंभ अवसर पर मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि आगामी 2 वर्षों के लिए जनभागीदारी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया जा रहा है अगर जनभागीदारी से हम बेहतर जल संरचना बनाते हैं, भूमि के क्षरण को रोकते हैं तो श्रेष्ठ काम करने वाली परियोजनाओं को अतिरिक्त 20 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए 70 करोड़ 80 लाख रुपये का प्रावधान भी किया गया है। हर साल 177 परियोजनाएं इससे लाभान्वित होंगी।   कुएं भी सूख गए, नदियों की धार खत्म हो गई केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जल और मिट्टी दोनों ठीक दशा में न रहें, तो हमारी जिंदगी की दशा क्या होगी..? हमारी आने वाली पीढ़ियों का क्या होगा..? हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूरदर्शी हैं, वो आने वाले 50 साल, 100 साल की सोचते हैं, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के बारे में सोचते हैं। बिगड़ते हुए पर्यावरण के कारण भूजल का स्तर क्या रह गया है..? कई जगह पानी हजार से डेढ़ हजार फीट के नीचे चला गया है। कुछ सालो पहले नदियां बहती थी, कुएं में ऊपर तक पानी रहता था। आज कुएं भी सूख गए हैं और नदियों की धार भी खत्म हो गई। आने वाले कल में हमारी पीढ़ियाँ कैसे जीवित रहेंगी, इस बारे में हम सभी को सोचना पड़ेगा। पानी आज विश्व का सबसे बड़ा मुद्दा है। हमें पानी बचाना है, भूजल स्तर को ठीक करना है। उन्होंने कहा कि घाटों का क्षरण हो रहा है, कई जगह जमीन बंजर हो रही है, उपजाऊ माटी बह रही है। ऐसा होता रहा तो क्या कृषि की उपज होती रहेगी..? हमें पानी भी बचाना है, माटी भी बचाना है और हमारी आने वाली पीढ़ियों को भी बचाना है।

राज्य के परिवहन घोटाले में लोकायुक्त पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, उमा भारती ने कहा, यह जांच एजेंसियों की परीक्षा की घड़ी

भोपाल मध्य प्रदेश के परिवहन घोटाले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने बुधवार को कहा कि यह समय जांच एजेंसियों के लिए परीक्षा की घड़ी है। देखना यह है कि बात यहीं खत्म हो जाती है या महा-अपराधियों को पकड़ा जाता है। राज्य के सैकड़ों करोड़ के परिवहन घोटाले में लोकायुक्त पुलिस ने तीन आरोपियों, पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके दो सहयोगियों चेतन गौर तथा शरद जायसवाल को गिरफ्तार किया। तीनों को 17 फरवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “चेक पोस्ट घोटाले के आरोपी पकड़े गए हैं। अगर जांच में कहीं यह साबित होता है कि इन्होंने अकेले ही यह घोटाला किया है, तो फिर गहराई में जाने पर यह घोटाला एक गंभीर मसला हो सकता है।” पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा है कि घोटाले की जांच कर रही एजेंसियां जांच में लगी हैं, उनकी दक्षता एवं निष्पक्षता पर लोगों को विश्वास है। अब उन जांच एजेंसियों के लिए यह परीक्षा की घड़ी है कि वे यह बात कहीं खत्म कर देते हैं या गहराई में जाकर “असली महा-अपराधियों” को पकड़कर, प्रमाण जुटाकर उन्हें कठोरतम दंड दिलाते हैं। ज्ञात हो कि राज्य के परिवहन घोटाले की लोकायुक्त, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग द्वारा जांच की जा रही है। जांच के दौरान एजेंसियों को एक कार से 52 किलोग्राम सोना और 10 करोड़ रुपये नकद मिले। इसके अलावा ढाई क्विंटल चांदी सौरभ शर्मा के कार्यालय से मिली थी। उसके बाद सौरभ शर्मा की गिरफ्तारी हुई, लोकायुक्त की रिमांड पर रहा, मगर लोकायुक्त के हाथ खाली रहे। यह मामला सियासी गलियारों में भी तूल पकड़ रहा है।

हमारी सरकार हमेशा संवाद स्थापित करने वाली और किसान, खेत, खेती और खलिहान के विकास के ल‍िए प्रत‍िबद्ध है: मंत्री सारंग

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने भारतीय किसान संघ के प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारी सरकार हमेशा संवाद स्थापित करने वाली सरकार है और किसान, खेत, खेती और खलिहान के विकास के ल‍िए प्रत‍िबद्ध है। सारंग ने बताया कि भारतीय किसान संघ किसानों के उत्थान और उन्नति के लिए काम कर रहा है। हमारी सरकार इस दिशा में उनके साथ पूरी तरह से संवाद करेगी। उन्होंने कहा कि किसान संघ का उद्देश्य किसानों का भला करना है और यही हमारी सरकार का भी लक्ष्य है। किसान संघ को एक जिम्मेदार संगठन बताते हुए सारंग ने कहा कि यह संगठन खेती को फायदे का धंधा बनाने के लिए काम कर रहा है, जो हमारी सरकार का भी उद्देश्य है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा किसान संघ के प्रदर्शन पर दिए गए बयान पर विश्वास सारंग ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई बड़ा संगठन किसी वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है और उसका कल्याण करता है, तो कांग्रेस को इससे समस्या होती है। सारंग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा नकारात्मक राजनीति करती है और किसान संघ के बारे में इस तरह की बयानबाजी कर रही है, जो किसानों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बिना किसी कार्य के श्रेय लेने की आदत हो चुकी है। कांग्रेस को अच्‍छे काम की तारीफ करनी चाह‍िए, लेकिन यह पार्टी ऐसा बिल्कुल नहीं करती। हम अब तक जो-जो वादे किए थे, उसे पूरा किया है, और आगे भी वादे करेंगे, उसे हर कीमत पर पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हर बात झूठी साबित हो रही है। हमारी सरकार जनता के कल्याण और योजनाओं को मूर्त रूप देने वाली सरकार है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में ‘कमल’ खिलेगा। दिल्ली में इस बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। दिल्ली की जनता ने बदलाव का मन बना लिया है।

कोतमा कन्या छात्रावास में अधीक्षक ने 28 आदिवासी छात्राओं को लोहे के पाइप से पीटा, पुलिस ने किया अरेस्ट

अनूपपुर मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा स्थित शासकीय कन्या छात्रावास में 28 आदिवासी छात्राओं को लोहे के पाइप से पीटने पर अधीक्षक को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। अधीक्षक ने छात्राओं को इसलिए बुरी तरह से पीटा, क्योंकि उसे शोरगुल बर्दाश्त नहीं हुआ। यह है पूरी घटना घटना गत रविवार रात करीब 10 बजे की है। कक्षा सात की कुछ बालिकाएं शोर मचा रहीं थी। इस दौरान पहुंची छात्रावास अधीक्षक प्रभा मरावी ने लोहे के पाइप के टुकड़े से 28 छात्राओं की पिटाई कर दी थी। पीड़ित छात्राओं ने सोमवार को प्राचार्य अजय सिंह चौहान के लिए घटना की जानकारी दी। अभिभावकों को भी मामले की जानकारी मिली तो बच्चियों को लेकर थाने पहुंच गए। थाने पहुंचीं पीड़ित छात्राओं ने पुलिस को बताया कि अधीक्षक आए दिन दुर्व्यवहार और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करती थीं। बिना बात पिटाई कर देती थीं। किसी को बताने पर छात्रावास से निकाल देने की धमकी देती थीं। कोतमा थाना प्रभारी कोतमा सुंदरेश मरावी के मुताबिक, अधीक्षक प्रभा मरावी की पिटाई से जख्मी 10 छात्राओं का अस्पताल में मेडिकल कराया गया है। इसके बाद अधीक्षक के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया गया

कृषकों के भुगतान को आसान बनाने के लिये ई-अनुज्ञा प्रणाली लागू

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के कल्याण एवं समस्याओं के निराकरण के लिये प्रतिबद्ध है। किसानों की उपज का भुगतान आसान बनाने के लिये प्रदेश में ई-अनुज्ञा प्रणाली लागू की गई है। कृषकों को इस प्रणाली से जोड़कर प्रत्येक भुगतान की एंट्री ई-अनुज्ञा पोर्टल पर हो रही है। व्यापारियों द्वारा इस प्रणाली का इस्तेमाल कर क्रय की गई कृषि उपज के परिवहन के लिये गेट पास बनाये जा रहे हैं। रिकॉर्ड संधारण में इस प्रणाली से बहुत लाभ हुआ है। ई-मंडी योजना, ई-अनुज्ञा प्रणाली का विस्तारित रूप है। मंडियों में इस योजना के लागू होने से मैनुअली संधारित रिकॉर्ड धीर-धीरे समाप्त हो रहा है। ई-मंडी योजना मंडी प्रांगण के अंदर कृषकों को प्रवेश से लेकर नीलामी, तौल और भुगतान की प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉनिकली कैप्चर करने की प्रक्रिया है। योजना को स्कॉच आर्डर ऑफ मेरिट वर्ष 2023 प्रदान किया गया है।  

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