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बावड़िया चौराहे से आशिमा मॉल तक बनने वाले आरओबी का निर्माण जल्द शुरू होगा: राज्य मंत्री श्रीमती गौर

भोपाल बावड़िया चौराहे से आशिमा मॉल तक नया आरओबी (रेलवे ओव्हर ब्रिज) का निर्माण जल्द शुरू होगा। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने बुधवार को निवास कार्यालय पर आरओबी निर्माण से जुड़े विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आरओबी निर्माण के लिये भू-अर्जन की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाये। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने इस आरओबी निर्माण से नर्मदापुरम रोड पर यातायात बेहतर होगा। इस क्षेत्र से गुजरने वाले यात्रियों को सुगमता होगी। उन्होंने कहा कि भोपाल विकास प्राधिकरण, नगर निगम, टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग और लोक निर्माण विभाग सहित निर्माण कार्यों से जुड़े सभी संबंधित अधिकारियों की संयुक्त बैठक कर आरओबी निर्माण की जिम्मेदारी से अवगत कराये जाये। बैठक में एडीएम श्री सिद्धात जैन, एसडीएम श्री रवि शंकर राय और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। आरओबी के संबंध दी गई जानकारी में बताया गया कि 733 मीटर लंबे आरओबी और 310 मीटर के एप्रोच रोड का निर्माण होगा। आरओबी के निर्माण हो जाने से नर्मदापुरम रोड पर ट्रैफिक का दबाब कम होगा और यातायात सुगम होगा।  

सुप्रीम कोर्ट ने ‘डेड बॉडी के साथ यौन संबंध बनाना ‘बलात्कार’ अपराध की दलील खारिज की

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि दंड कानून नेक्रोफीलिया को अपराध नहीं मानते, इसलिए वह हाईकोर्ट के आंशिक बरी करने के आदेश में हस्तक्षेप नहीं कर सकता, जिसमें आरोपी ने मृतक की हत्या करने के बाद उसके शव के साथ यौन संबंध बनाए थे। जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की खंडपीठ कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोपी को मृत शरीर के साथ यौन संबंध बनाने के लिए बलात्कार के आरोपों से बरी कर दिया गया, लेकिन हत्या के अपराध के तहत दोषसिद्धि बरकरार रखी। यहां राज्य सरकार ने वर्तमान एसएलपी दायर की।  हाई कोर्ट ने शख्स को रेप के आरोप से बरी कर दिया था, लेकिन हत्या की सजा कायम रही। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) में नेक्रोफिलिया (Necrophilia) यानी शव के साथ कामुकता को अपराध नहीं माना गया है। कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की बेंच कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस मामले में कर्नाटक सरकार की ओर से अडिशनल एडवोकेट जनरल अमन पंवार ने तर्क दिया कि IPC की धारा 375(c) में ‘शरीर’ शब्द को मृत शरीर भी शामिल माना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि रेप की परिभाषा के तहत प्रावधान में कहा गया है कि यदि कोई महिला सहमति नहीं दे सकती है तो इसे बलात्कार माना जाएगा। इसी तर्क के आधार पर मृत शरीर भी सहमति नहीं दे सकता, इसलिए यह अपराध बलात्कार की श्रेणी में आना चाहिए। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि नेक्रोफिलिया भारतीय दंड संहिता के तहत कोई अपराध नहीं है, इसलिए वह हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने को इच्छुक नहीं है। कर्नाटक हाई कोर्ट ने क्या कहा था? कर्नाटक हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि मृत शरीर के साथ यौन संबंध को बलात्कार नहीं माना जा सकता, क्योंकि IPC की धारा 375 और 377 केवल जीवित मनुष्यों पर लागू होती है। धारा 375 और 377 का गहराई से अध्ययन करने पर यह स्पष्ट होता है कि मृत शरीर को ‘व्यक्ति’ या ‘मानव’ नहीं माना जा सकता। इसलिए, इन धाराओं के तहत कोई अपराध नहीं बनता और आरोपी को IPC की धारा 376 के तहत सजा नहीं दी जा सकती। हाई कोर्ट ने यह भी स्वीकार किया कि नेक्रोफिलिया एक गंभीर समस्या है और संसद को इसे अपराध घोषित करने के लिए कानून बनाना चाहिए। एक मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने भी दिसंबर में कहा था कि किसी मृत महिला या बच्ची के साथ यौन अपराध किया जाता है तो उसे IPC की धारा 375 (बलात्कार) या POCSO अधिनियम के तहत अपराध नहीं माना जा सकता। कानून में बदलाव की दरकार अस्पतालों और मुर्दाघरों में युवतियों के शवों के साथ यौन संबंध की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन भारत में ऐसे मामलों के लिए कोई विशेष कानून नहीं है। नेक्रोफिलिया एक मनो-यौन विकार (psychosexual disorder) है। यह सही समय है कि केंद्र सरकार मृत व्यक्ति, विशेषकर महिलाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए IPC की धारा 377 में संशोधन करे और नेक्रोफिलिया को अपराध घोषित करे, जैसा कि यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका में किया गया है। यह मामला भारतीय दंड संहिता में संशोधन की आवश्यकता को उजागर करता है ताकि मृत व्यक्ति की गरिमा और अधिकारों की रक्षा की जा सके।

सभी सेक्टर को एक साथ जोड़ने का माध्यम सहकारिता : सहकारिता मंत्री श्री सारंग

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि किसी भी देश के उन्नयन, विकास और जनता के कल्याण के लिये अर्थ-व्यवस्था की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि जहाँ व्यक्ति है, वहाँ अर्थ है और जहाँ अर्थ है वहाँ अर्थ-व्यवस्था। विकसित भारत निर्माण की परिकल्पना के लिये अर्थ-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये संकल्प के साथ प्लानिंग करनी होगी। सभी अर्थ-व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिये लक्ष्य के साथ अपने-अपने प्रकल्प पर काम कर रहे हैं। सभी सेक्टर को एक साथ जोड़ने का माध्यम सहकारिता है। मंत्री श्री सारंग गुरूवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में राज्य ऋण संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मध्यप्रदेश की हर पंचायत पर स्थापित होगा पैक्स मंत्री श्री सारंग ने कहा कि ऋण देना और समय पर वापस लेना अर्थ-व्यवस्था का महत्वपूर्ण आयाम है। उन्होंने कहा कि एक जैसे सेक्टर के लोग लगातार संवाद करें। समन्वय और परिस्थिति को जांचते हर तीन माह में एक-दूसरे की अपेक्षाओं पर काम करने से और अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारिता का महत्वपूर्ण स्तम्भ संस्कार है। पारदर्शिता और कम्प्यूटराइजेशन के साथ अर्थ-व्यवस्था और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिये सुधार आवश्यक है। सहकारिता आन्‍दोलन को मजबूत करने के लिये मध्यप्रदेश की हर पंचायत पर पैक्स स्थापित किये जायेंगे। अर्थ-व्यवस्था के निर्माण और विकास के लिये मध्यप्रदेश दृढ़ संकल्पित मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आकांक्षी ब्लॉक में सहकारी आन्‍दोलन के माध्यम से नये रोजगार के अवसर सृजित कर उनके सामाजिक आर्थिक विकास के लिये काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवाचार विंग के माध्यम से नित नये आयाम के द्वार खोले जा रहे हैं। प्रदेश में समितियों का फेडरेशन बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि कॉर्पोरेट कल्चर को अपना कर बौद्धिक कुशलता और रोजमर्रा की कार्यप्रणाली पर काम किया जा रहा है। अर्थ-व्यवस्था के निर्माण और विकास के लिये मध्यप्रदेश दृढ़ संकल्पित है। देश को तीसरे नंबर की इकॉनोमी वाला बनाने के लिये मध्यप्रदेश जिम्मेदारी के साथ काम कर रहा है। मंत्री श्री सारंग ने राज्य फोकस पेपर 2025-26 पुस्तिका और सफल नवाचार की कहानियों पर आधारित “नैब-पहलें” का विमोचन किया। संगोष्ठी में सहकारी संस्थाओं को नाबार्ड की योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृति-पत्र वितरण और राज्य में सराहनीय प्रदर्शन करने वाले हितग्राहियों का विशेष सम्मान किया गया। संगोष्ठी को आरबीआई की क्षेत्रीय निदेशक सुश्री रेखा चन्दनवेली, एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक श्री चन्द्रशेखर शर्मा और नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक सुश्री सी. सरस्वती ने भी विचार व्यक्त किये। इस मौके पर सहकारिता आयुक्त श्री मनोज पुष्प, एस.एल.बी.सी. के डीजीएम श्री प्रमोद मिश्रा उपस्थित थे। संगोष्ठी में राज्य फोकस पेपर 2025-26 पर प्रस्तुतिकरण दिया गया।  

भोपाल मंडल को इंटर डिविजनल टिकट चेकिंग शील्ड सहित 6 दक्षता शील्ड मिली

भोपाल पश्चिम मध्य रेलवे के 69वें रेल सप्ताह समारोह के अंतर्गत महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय महोदया द्वारा विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार आवंटित किये गये| इस अवसर पर जबलपुर में आयोजित भव्य समारोह में रेल कर्मचारियों एवं  भोपाल, जबलपुर और कोटा मंडल के विभिन्न विभागों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए भोपाल मंडल को कुल 6 दक्षता शील्ड प्राप्त हुई हैं, जो मंडल की उत्कृष्ट सेवाओं और प्रयासों को दर्शाती हैं। भोपाल मंडल के चार कर्मचारियों को व्यक्तिगत पुरुस्कार महाप्रबंधक महोदया द्वारा प्रदान किये गए । साथ ही भोपाल मंडल को इंटर डिविजनल टिकट चेकिंग ,विद्युत, इंजीनियरिंग, संरक्षा, राजभाषा और सर्वश्रेष्ठ अनुरक्षित रनिंग रूम शील्ड प्रदान की गई। इन प्रतिष्ठित शील्डस को भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी एवं मंडल के शाखाधिकारियों  ने महाप्रबंधक से प्राप्त किया। इस उपलब्धि पर भोपाल मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हर्षोल्लास है। भोपाल मंडल ने इन विभागों में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रेलवे सेवा को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाया है। रेल प्रशासन ने सभी पुरस्कृत विभागों को बधाई दी और भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।

राज्य सरकार प्रदेश में नए जिले, उपखंड, तहसील, उप तहसील और गांवों का गठन/पुनर्गठन कर सकती है: संसदीय कार्य मंत्री

जयपुर संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने गुरुवार को विधान सभा में कहा कि प्रदेश के जिलों, क्षेत्रों, डिवीजन आदि के निर्माण, समाप्ति अथवा परिवर्तन करने की शक्ति राज्य सरकार के पास है। राज्य सरकार प्रदेश में नए जिले, उपखंड, तहसील, उप तहसील और गांवों का गठन/पुनर्गठन कर सकती है। श्री पटेल ने शून्यकाल में विधान सभा सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि राजस्थान भू—राजस्व अधिनियम 1956 के सेक्शन 15 और 16 के अनुसार जिले बनाने या समाप्त करने का राज्य सरकार को पूर्ण अधिकार है। उन्होंने कहा कि पूर्व में बनी परमेश चंद्र कमेटी के आधार पर व इसके अनुरूप ही वर्तमान कमेटी का निर्धारण किया गया है। इसमें किसी प्रकार का कोई राजनैतिक प्रभाव नहीं रहा।  वर्तमान में जिलों को समाप्त करने का निर्णय पूर्ण बारीकी व गहन अध्ययन के बाद ही किया गया है। इसमें भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, प्रशासनिक व्यवस्था, पिछड़ापन तथा बुनियादी सुविधाओं जैसे आधारभूत मापदंडों के आधार पर ही नवीन जिलों में से 9 जिलों को समाप्त किया गया है। श्री पटेल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के आमजन के हितार्थ सदैव आवश्यक कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और दूरगामी सोच के साथ ही जिलों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रीवा में पेसमेकर क्लीनिक का उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया शुभारंभ

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में प्रारंभ की जा रही पेसमेकर क्लीनिक हृदय रोगियों के लिए वरदान होगी। जटिल ऑपरेशन के उपरांत लगाए जाने वाले पेसमेकर की जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इस क्लीनिक में मरीजों को नि:शुल्क जांच की सुविधा मिलेगी। यह स्पेशल क्लीनिक हर माह के प्रथम गुरुवार को संचालित होगा, जिसमें प्रातः 9 बजे से दोपहर एक बजे तक मरीज अपनी जांच करा सकेंगे। भविष्य में इस सुविधा के विस्तार के भी कार्य होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में पेसमेकर क्लीनिक का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विंध्य क्षेत्र में असाध्य रोगों के उपचार का केन्द्र बन गया है। यहाँ कुशल चिकित्सकों द्वारा मरीजों का कुशलता पूर्वक उपचार किया जा रहा है और उन्हें जटिल आपरेशन व अन्य उपचार के लिए बाहर जाने से मुक्ति मिल गई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा को मेडिकल हब बनाने तथा चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लगातार प्रयास जारी हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एमआरआई मशीन के लिए बनाए जा रहे स्थल का निरीक्षण किया तथा कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. सुनील अग्रवाल, अधीक्षक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष कार्डियोलॉजी विभाग डॉ. व्हीडी त्रिपाठी, डॉ. एस.के. त्रिपाठी सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।

ज्योतिर्लिंग के साथ द्वारका एवं शिर्डी यात्रा के लिए रवाना होगी आई.आर.सी.टी.सी. की भारत गौरव पर्यटक ट्रैन

भोपाल मध्यप्रदेश के तीर्थयात्रियों के लिए एक विशेष अवसर—आईआरसीटीसी द्वारा संचालित भारत गौरव पर्यटक ट्रेन, जो 25 मार्च 2025 को रीवा से रवाना होगी। इस ट्रेन के माध्यम से यात्री ज्योतिर्लिंगों और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकेंगे। यह विशेष ट्रेन रीवा, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, इटारसी, रानी कमलापति, शुजालपुर, इंदौर, देवास, उज्जैन और रतलाम जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जहाँ से यात्री इसमें सवार हो सकते हैं। 10 रातों/11 दिनों की इस यात्रा में द्वारका, सोमनाथ, त्र्यंबकेश्वर, शिरडी, भीमाशंकर और घृष्णेश्वर जैसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों का भ्रमण शामिल होगा। आईआरसीटीसी द्वारा इस यात्रा के लिए विशेष रूप से एलएचबी कोच वाली भारत गौरव ट्रेन चलाई जा रही है, जिसमें यात्रियों के लिए सुविधाजनक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड एवं ऑफ-बोर्ड भोजन, सड़क परिवहन, दर्शनीय स्थलों की यात्रा, आवास, टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा और ऑन-बोर्ड सुरक्षा जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यात्रा में शामिल होने के इच्छुक यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट (www.irctctourism.com) पर जाकर बुकिंग कर सकते हैं। यह यात्रा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए एक अनुकूल विकल्प हो सकती है, जो एक ही यात्रा में कई महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के दर्शन करना चाहते हैं।

ईमानदारी की मिसाल: खोया मोबाइल यात्री को लौटाया

भोपाल ग्वालियर से भोपाल आ रहे यात्री श्री नितेश मंगरिया का कीमती एंड्रॉयड मोबाइल फोन ट्रेन संख्या 12648 कोंगु सुपरफास्ट एक्सप्रेस से उतरते समय प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर गिर गया, जिसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। फोन को वाणिज्य बुकिंग क्लर्क श्रीमती अंकिता पटेल ने देखा और ईमानदारी दिखाते हुए इसे उप स्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) श्री अशोक नागर के सुपुर्द कर दिया। कुछ समय बाद जब यात्री के परिजनों का फोन उसी मोबाइल पर आया, तो श्री अशोक नागर ने उन्हें मोबाइल सुरक्षित होने की जानकारी दी। बाद में जब श्री नितेश मंगरिया भोपाल स्टेशन पर पहुंचे, तो उन्होंने रेलवे प्रशासन और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। रेल प्रशासन यात्रियों से अपील करता है कि वे यात्रा के दौरान अपने सामान का विशेष ध्यान रखें और किसी भी असुविधा की स्थिति में रेलवे हेल्पलाइन 139 पर संपर्क करें।

मंत्री सुश्री भूरिया से मिली सोलो महिला साइक्लिस्ट आशा मालवीय

भोपाल महिला-बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया से गुरुवार को भोपाल में उनके निवास पर राष्ट्रीय खिलाड़ी और सोलो साइक्लिस्ट जिला राजगढ़ की कु. आशा मालवीय ने सौजन्य भेंट की। कु. आशा ने बताया कि वे सम्पूर्ण भारत में 26 हजार किलोमीटर की यात्रा करने वाली एकल महिला साइक्लिस्ट हैं। उनका उद्देश्य महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण है। उन्होंने बताया कि कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती पर उन्होंने कन्याकुमारी-कारगिल-सियाचिन-दिल्ली यात्रा कर शहीदों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। कु. आशा ने बताया कि वे दुनिया के सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित मोटरेबल रोड से होकर भोपाल पहुँची हैं। अब तक उन्होंने इस यात्रा में 17 हजार 200 किलोमीटर की दूरी तय कर ली है। पिछले 2 वर्षों में कु. आशा मालवीय ने लगभग 43 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा की है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कु. आशा को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि महिलाएँ हर क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम करने में कामयाब हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कु. आशा के हौसले ने उन्हें इस मुकाम पर पहुँचाया है और वे अन्य बच्चियों के लिये एक प्रेरणा हैं।  

नगरीय क्षेत्रों में सेप्टिक टेंकों की सफाई का कार्य मशीनीकृत, प्रदेश में प्रकाशित हुई उपयोगिता जल सेप्टेज प्रबंधन नीति

भोपाल मध्यप्रदेश कम लागत पर सीवेट ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लिये इंसेप्शन एण्ड डायवर्सन आधारित सीवरेज उपचार प्रणाली के लिये मॉडल रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल और दिशा-निर्देश तैयार करने वाला पहला राज्‍य है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के नगरीय निकायों के लिये उपयोगिता जल और सेप्टेज प्रबंधन नीति प्रकाशित की है। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में सीवर और सेप्टिक टेंकों की सफाई का कार्य मशीनीकृत तरीके से सुनिश्चित किया जा रहा है। शत-प्रतिशत कचरा संग्रहण व्यवस्था का संचालन नगरीय क्षेत्रों में करीब 7100 से अधिक मोटराइज्ड वाहनों से 100 प्रतिशत कचरा संग्रहण व्यवस्था का संचालन किया जा रहा है। जिनमें सूखे, गीले, घरेलू, हानिकारक एवं सेनेटरी अपशिष्ट को अलग-अलग रखने के कंपार्टमेंट बनाये गये हैं। जिनमें जीपीएस और पीए सिस्टम से वाहनों की निगरानी एवं स्वच्छता विषयों व संदेशों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। गीले कचरे के प्र-संस्करण और निष्पादन के लिये होम अथवा स्पॉट कम्पोस्टिंग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में 850 से अधिक थोक अपशिष्ट उत्पादकों द्वारा स्पॉट कंपोस्टिंग की जा रही है। प्रदेश में फीकल स्लज के निष्पादन को प्राथमिकता के साथ शामिल करते हुए 368 नगरीय निकायों में 399 एफएसटीपी और 20 निकायों में 55 एसटीपी संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में 401 नगरीय निकायों में 368 केन्द्रिकृत इकाइयों से कम्पोस्टिंग का कार्य कर रहे हैं। सूखे कचरे के प्र-संस्करण के लिये 401 नगरीय निकायों में 360 मटेरियल रिकवरी फेसलिटी इकाइयों का निर्माण किया गया है। राज्य के जिन नगर निगम क्षेत्रों में मेकेनिकल ट्रांसफर स्टेशन और प्र-संस्करण इकाइयों का निर्माण किया गया है, वहीं दूसरी ओर छोटे नगरीय निकायों में भी कंपोस्ट और प्र-संस्कृत अपशिष्ट के विक्रय से आय प्राप्त की जा रही है। निकायों में लीगेसी वेस्ट को वैज्ञानिक तरीके से समाप्त करने की दिशा में लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसी दृष्टिकोण से 108 नगरीय निकायों के लीगेसी वेस्ट का उपचार किया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के पहले चरण में 50 नगरीय निकायों ने अपने लीगेसी वेस्ट पूरी तरह से निप्टान कर लिया है। प्रदेश में 5 एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्लस्टर्स के तहत 60 नगरीय निकायों को कवर किया गया है। इसके अलावा 316 नगरीय निकायों में स्टेंड अलोन परियोजना के क्रियान्वयन के लिये कार्यवाही की जा रही है।

वन्य-जीवों और घरेलू जानवरों में संक्रामक रोग की मॉनीटरिंग एवं टीकाकरण के लिये सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मड़ई में एक दिवसीय कार्यशाला

भोपाल वन विभाग, वाइल्ड-लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट और पशुपालन, डेयरी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में वन्य-जीवों और घरेलू जानवरों के बीच संक्रामक रोग फैलने के जोखिम को कम करने के लिये सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मड़ई में संक्रामक बीमारियों की मॉनीटरिंग और टीकाकरण के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में वन्य-जीव-पशुधन इंटरफेस पर रोग निगरानी और टीकाकरण प्रयासों को मजबूत करने के लिये वन अधिकारी-कर्मचारियों, पशु चिकित्सकों, पैरावेटरिनेरियन और पशुधन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और गौ-सेवकों को एक साथ लाया गया है। सहयोगी कार्यशालाएँ रोग निगरानी, पशुधन टीकाकरण, वन्य-जीव और पशुधन के दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रबंधन के लिये एक समन्वित अंतर्विभागीय ढाँचा स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यशाला में क्षेत्र संचालक श्रीमती राखी नंदा, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएँ छिंदवाड़ा श्री एन.के. मौर्य, पशु चिकित्सक श्री गुरुदत्त शर्मा, वाइल्ड-लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के चिकित्सक श्री प्रशांत देशमुख, श्री हिमांशु जोशी और श्री विनय पाण्डे, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के समस्त सहायक संचालक, परिक्षेत्र अधिकारी, जिला नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, बैतूल के पशु चिकित्सक, पैरावेटरिनेरियल और पशुधन स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।  

स्कूटी खरीदने के लिए सभी जिलों को राशि भेजी गई है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा प्रावीण्य सूची के बच्चों को स्कूटी का वितरण किया जा चुका है। अब बच्चे अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार पेट्रोल या इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीद सकते हैं। इसके लिए सभी जिलों को राशि पहुंचा दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आधुनिक समय में बच्चों के बौद्धिक विकास में लैपटॉप सहायक है, जल्द ही कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए राशि अंतरित की जाएगी। विद्यार्थियों को जो अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन के बल पर उपलब्धि अर्जित कर रहे हैं उन्हें प्रोत्साहित करना राज्य शासन का दायित्व है। उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों से जो विद्यार्थी प्रावीण्य सूची में आ रहे हैं उन्हें राज्य सरकार द्वारा स्कूटी और लैपटॉप प्रदान किए जा रहे हैं।  

पाकिस्तानियों का जत्था भी त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहे, 68 पाकिस्तानी हिंदू ने संगम में लगाई डुबकी

प्रयागराज संगमनगरी में आयोजित महाकुंभ में देश-विदेश से करोड़ों लोग संगम तट पर डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में पाकिस्तानियों का जत्था भी त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहा है। इस बीच 68 पाकिस्तानी हिंदू संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंच चुके हैं। ये सभी लोग आज यानि गुरुवार को संगम स्नान करेंगे। इन पाकिस्तानी हिंदुओं का भारत में तीन दिनों का कार्यक्रम है।   प्रयागराज की धरती पर पहुंचते ही सभी पाकिस्तानी हिंदुओं ने ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए। साथ ही मोदी सरकार की व्यवस्था की भी जमकर तारीफ की। पाक हिंदुओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर कुंभ को लेकर कई तरह की खबरें आ रही थीं, जिसमें यहां की व्यवस्था खराब दिखाई जा रही थी। ऐसा हमें यहां कुछ नहीं मिला। भारत सरकार और प्रशासन की तरफ से बेहतरीन सहयोग मिल रहा है। सरकार और प्रशासन का सहयोग और व्यवस्था काबिले तारीफ है। इन पाकिस्तानी हिंदुओं ने वीजा के लिए भारत सरकार का धन्यवाद किया। पाकिस्तान से आए इस हिंदू जत्थे ने उन लोगों को भी बड़ा संदेश दिया जो लोग प्रयागराज महाकुंभ की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा कर रहे थे। पाकिस्तान से आया यह 68 हिंदुओं का दल सिंध प्रांत से है। इनमें डॉक्टर, इंजीनियर, बिजनेसमैन शामिल हैं। इस दल में पुरुष और महिलाएं दोनों हैं।  

कवि प्रदीप के देशभक्ति गीत नव ऊर्जा का संचार करने वाले हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के रत्न, कवि एवं गीतकार प्रदीप की जयंती पर उनका स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कवि प्रदीप के देशभक्ति गीत नव ऊर्जा का संचार करने वाले हैं। उनकी कृतियों का हर शब्द राष्ट्र सेवा की प्रेरणा और समर्पण को जीवंत कर आज भी सर्वस्व न्यौछावर करने की प्रेरणा देता है।  

प्रेमानंद महाराज तड़के 2 बजे राधा केलि कुंज आश्रम तक पद यात्रा करते थे, ये दर्शन अब अनिश्चित काल के लिए बंद

लखनऊ वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज रोज तड़के अपने भक्तों को दर्शन देते थे। प्रेमानंद महाराज तड़के 2 बजे राधा केलि कुंज आश्रम तक पद यात्रा करते थे। इस दौरान रातभर से जमा भक्तों की भीड़ को उनके दर्शन मिलते थे। लेकिन ये दर्शन अब अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिए गए हैं। तड़के अब प्रेमानंद महाराज के दर्शन नहीं होंगे। आश्रम ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि उनके स्वास्थ्य और बढ़ती भीड़ के कारण ये बंद किया गया है। प्रेमानंद महाराज आश्रम श्री हित राधा केलि कुंज तक पद यात्रा के दौरान भक्तों को दर्शन देते थे। आश्रम ने कहा कि पूज्य महाराज जी के स्वास्थ व बढ़ती हुई भीड़ को देखते हुए, पूज्य महाराज जी, जो पद यात्रा करते हुए रात्रि 02:00 बजे से श्री हित राधा केलि कुंज जाते थे, जिसमें सब दर्शन पाते थे, वो अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाता है। गौरतलब हो कि रोज आश्रम सत्संग के लिए जाते हुए प्रेमानंद महाराज के दर्शन को उनके भक्तों की भीड़ पूरे रास्ते पर उमड़ती थी। इसके बाद वहां से सुबह सभी भक्त उनके सत्संग में शामिल होने जाते। बढ़ती भीड़ के कारण आश्रम की ओर से अब दर्शन बंद किए गए हैं। साथ ही इस फैसले के पीछे प्रेमानंद महाराज का स्वास्थ्य भी कारण बताया है। दरअसल, प्रेमानंद महाराज जी की दोनों किडनियां खराब हैं और उनका रोज डायलिसिस होता है। उनका स्वास्थ्य इसी कारण खराब रहता है।

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