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भोपाल में बनेगा आचार्यश्री विद्यासागर स्माकर और शोध संस्थान यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्मृति दिवस कार्यक्रम में की

भोपाल भोपाल में जैन संत आचार्यश्री विद्यासागर जी की स्मृति में एक स्मारक स्थल का निर्माण किया जाएगा, यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विधानसभा में आयोजित स्मृति दिवस कार्यक्रम में की। मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज और अन्य संसघ जैन संतों के सान्निध्य में आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज का प्रथम स्मृति दिवस मनाया गया। सीएम बोले- आचार्यश्री साक्षात देवता थे अपने संबोधन में सीएम डॉ. यादव ने आचार्य श्री का पुण्य स्मरण करते कहा कि इसी विधानसभा में उनके अलौकिक स्वरुप के दर्शन किये तो ऐसा लगा था कि साक्षात देवता हमारे बीच पधारे थे। ये कहना गलत होगा कि आचार्यश्री हमारे बीच नहीं हैं, वे हमारे ही बीच हैं बस उन्हें स्मरण करने की देर है। आचार्यश्री ने सच्चे अर्थों में मानव सेवा के साथ प्रकृति सेवा की। उनके सामने तप, संयम, त्याग, सेवा ये शब्द छोटे पड़ जाते हैं। आचार्यश्री भले ही कर्नाटक में जन्मे लेकिन आज हर कोई उन्हें अपना मानता है। आचार्यश्री ने गौसंरक्षण के लिए चलाया था अभियान सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आचार्यश्री ने गौपालन, गौसंरक्षण और गौसंवर्धन पर भी जोर दिया। उन्होंने गौमांस निर्यात का विरोध करने कई वर्षों पर पहले अभियान शुरू कर दिया था। आज जैन समाज की ओर से पूरे देश में कई गौशालाएं संचासलित की जा रही है। क्योंकि गोमाता के माध्यम से पूरी प्रकृति बदल सकती है। गोमाता के भीतर वह भाव है जो अपने बच्चों का ख्याल रखती है और मनुष्य के बच्चों का भी ख्याल रखती है।   भोपाल में बनेगा स्मारक स्थल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन के अंत में एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आचार्यश्री की स्मृति में भोपाल में भी एक स्मारक स्थल बनाया जाएगा जहां उनसे जुड़ी स्मृतियां संजोई जाएंगी। स्थान चयन बाद में किया जाएगा। सीएम डॉ. यादव की इस घोषणा का जैन समाज के हजारों लोगों ने काफी देर तक तालियां बजाकर जोरदार स्वागत किया।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुनिश्री के किये पादप्रक्षालन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत में मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज के पादप्रक्षालन (चरण पखारकर) उनका आशीर्वाद लिया। साथ ही आचार्यश्री के जीवन पर आधारित 25 पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इस कार्यक्रम में भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष मनोज जैन बांगा समेत कई जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मौजूद रहे। संयम, ज्ञान, सेवा, समर्पण, न्याय का आदर्श हैं विद्यासागर जी महाराज जिस तरह दृश्य बदलते हैं, उसी तरह महा पुरुष शरीर बदलते हैं। विद्यासागर जी महाराज ने अपने जीवन आदर्शों से वह आदर्श प्रस्तुत किए, जिससे वे जीते जी देवता की तरह पूजे गए, पूजे जाते रहेंगे। वे सिर्फ आंखों से ओझल हुए हैं, लेकिन वे, उनके आदर्श, उनके बताए गए सद्मार्ग हमेशा हमारे साथ रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गुरुवार को जैन मुनि विद्यासागर जी महाराज की पहली समाधि स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में यह बात कहीं। उन्होंने कहा कि मुनि विद्यासागर जी महाराज ने अपने जीवनकाल में उन सभी आदर्शों और नियमों का पालन किया, जो एक सफल जीवन के लिए आवश्यक है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने किया आगाह, धिक सोडियम वाले नमक का उपयोग करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक

नई दिल्ली अधिक सोडियम वाले नमक का उपयोग करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे लेकर चेताया है। इससे पहले भी संगठन ने गाइडलाइन जारी करके बताया था कि एक दिन में औसतन पांच ग्राम नमक ही खाना चाहिए। सोडियम युक्त नमक के लिए डब्ल्यूएचओ ने नई गाइडलाइन जारी की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का यह सुझाव भारतीयों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डब्ल्यूएचओ ने लोगों से कम सोडियम वाले नमक को खाने की अपील की है। गाइडलाइन में खाने में सामान्य टेबल साल्ट की जगह पर पोटेशियम युक्त कम सोडियम वाले नमक के उपयोग की बात कही गई है। यह सिर्फ वयस्कों और स्वस्थ व्यक्तियों के लिए कहा गया है। वहीं, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किडनी से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों को सामान्य नमक खाने की सलाह दी गई है। नमक का इस्तेमाल न ज्यादा करना चाहिए और न ही कम करना चाहिए, इसका संतुलित इस्तेमाल करना चाहिए। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक एक दिन में व्यक्ति को मात्र पांच ग्राम नमक खाना चाहिए, वहीं दो ग्राम प्रतिदिन सोडियम की खपत सही होती है। लेकिन भारत में लोग औसतन 10 ग्राम तक नमक को हर दिन खाते हैं। नमक का इस्तेमाल अधिक करने से कई सारी शारीरिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी डब्ल्यूएचओ की इस सिफारिश की तारीफ की है। उनका कहना है कि कम सोडियम युक्त नमक खाना भारतीय लोगों के लिए काफी उपयोगी है क्योंकि भारतीय स्वाद के मामले में समझौता करने से अमूमन बचते हैं और इस चक्कर में अधिक नमक का सेवन करते हैं। बता दें कि अधिक नमक खाना कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है। इससे ब्लड प्रेशर में बढ़ोतरी, हार्ट अटैक, दिल से जुड़ी कई अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अधिक नमक खाना किडनी, लिवर और खून पर भी असर डालता है। पेट और त्वचा की समस्या, डिहाइड्रेशन और हड्डियों के कमजोर होने की समस्याएं भी होने लगती हैं। 27 जनवरी 2025 को जारी किए गए दिशानिर्देश के मुताबिक लो सोडियम सॉल्ट सब्सटिट्यूट (एलएसएसएस) नियमित नमक का अच्छा विकल्प है। इनमें सामान्य नमक की तुलना में कम सोडियम होता है और अक्सर इसमें पोटेशियम क्लोराइड भी होता है ताकि सामान्य नमक जैसा स्वाद प्राप्त हो सके।  

मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा बीते 10 साल के दौरान मोबाइल फोन के कॉल दरों में 94 फीसदी तक की गिरावट आई

नई दिल्ली  संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार कहा कि दूरंसचार कंपनियों ने 5 जी सेवाओं के लिए 4.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है और इस निवेश की भरपाई के लिए दूरसंचार टैरिफ में 10 प्रतिशत की वृद्धि किये जाने के बावजूद भारत पूरी दुनिया में अब भी सबसे किफायती टेलीकॉम सेवाएं दे रहा है। श्री सिंधिया ने प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला के एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि वर्ष 2014 में एक मिनट कॉल की कीमत औसतन 50 पैसे थी, जबकि 2025 में यह 94 प्रतिशत कम होकर तीन पैसे प्रति मिनट है। इसी तरह से वर्ष 2014 में एक जीबी डेटा की कीमत 270 रुपये थी, जबकि 2025 में यह 93 प्रतिशत कम होेकर 9.70 रुपये प्रति जीबी है। ग्राहकों की संख्या भी बढ़ी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि साल 2014 से मोबाइल फोन कॉल दरों में 94 फीसदी की कमी आई है। सिंधिया ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए कहा कि देश में पहले 90 करोड़ मोबाइल फोन उपभोक्ता थे जो अब बढ़कर 116 करोड़ हो गए हैं। इंटरनेट की पहुंच बढ़ी और दर घटी उन्होंने कहा, ‘‘…इंटरनेट पहुंच की बात करें तो 2014 में 25 करोड़ उपभोक्ता थे और आज यह संख्या 97 करोड़ है।’’ मंत्री ने कहा कि जब उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ती है तो आवश्यक है कि शुल्क दरों की निगरानी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि साल 2014 में जहां एक मिनट की कॉल की दर 50 पैसे थी, वहीं आज यह घट कर तीन पैसे रह गई है। इस प्रकार दर में 94 फीसदी की गिरावट आई है। सिंधिया ने कहा कि कि 2014 में डेटा यानी इंटरनेट 270 रुपये प्रति जीबी थी जो अब घटकर 9.70 रुपये प्रति जीबी हो गई है जो ‘टैरिफ’ में 93 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। दुनिया में सबसे किफायती देश उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में इंटरनेट और कॉल दरों के मामले में सबसे किफायती देश है। उन्होंने कहा कि ‘टैरिफ’ में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, ऐसा देश में 5जी सेवा के लिए किए गए निवेश के कारण हुआ है। उन्होंने सदन को बताया कि काफी तेज गति से 5जी सेवा शुरू की गयी है और इसमें करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। शुल्क वृद्धि सही उन्होंने शुल्क दरों में वृद्धि को सही ठहराते हुए कहा कि निवेश पर ‘रिटर्न’ मिलना चाहिए। श्री सुरजेवाला ने कहा था कि दूरसंचार कंपनियों ने टैरिफ में वृद्धि करके 38 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बोझ उपभोक्ताओं पर डाला है। श्री सिंधिया ने कहा कि पिछले 10 वर्षाें में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचार क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। टेलीकॉम कंपनियां रिकार्ड 22 महीने में देश के 98 प्रतिशत जिलों और 82 प्रतिशत आबादी को 5 जी के दायरे में लायी है। इसके लिए कंपनियों ने 4.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। मंत्री ने कहा कि कंपनियों को अपने निवेश पर रिटर्न भी चाहिए होता है। इसके लिए टैरिफ में 10 प्रतिशत की बढोतरी की गयी है। इससे उपभोक्ताओं पर बड़ा बोझ नहीं पड़ेगा। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 2590 ऐसे गांवों की पहचान की गयी है जहां दूरसंचार सेवाएं पहुंचायी जा रही है। इसके लिए 15 राज्यों में 1716 टावर लगाये जा रहे हैं। 901 गांवों में टावर लगाये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी कुछ क्षेत्रों में टावर लगाये जा रहे हैं लेकिन राज्य सरकार का पूरा सहयोग नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार टावर लगाने के लिए भूमि भी उपलब्ध कराने में देरी कर रही है। इसके साथ ही दूरस्थ और पहाड़ी एवं जंगली क्षेत्रों में टावर लगाना कठिन होता है।

शेख मुजीबुर रहमान के आवास पर अब चला बुलडोजर, एक दिन पहले ही यहां तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी

ढाका बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के आवास पर अब बुलडोजर चल गया है। एक दिन पहले ही यहां तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी। खबरें हैं कि मौके पर एक फिलिस्तीनी झंडा भी देखा गया है। खास बात है कि सोशल मीडिया पर पहले ही ‘बुलडोजर जुलूस’ की अपील की जा रही थी। यह सब उस दौरान हुआ, जब शेख हसीना लोगों को संबोधित करने की तैयारी कर रही थीं। गुस्साई भीड़ ने शेख मुजीबुर रहमान के धानमंडी इलाके में स्मारक और आवास पर जमकर तोड़फोड़ की थी। साथ ही आवास में आग लगा दी गई थी। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, अब गुरुवार सुबह शेख के आवास पर बुलडोजर चला दिया गया है। साथ ही मौके पर एक युवक को फिलिस्तीन का झंडा भी लहराते हुए देखा गया है। भीड़ शेख रहमान की बनाई आवामी लीग पर बैन की मांग कर रही है। तोड़फोड़ और आगजनी पीटीआई भाषा के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि राजधानी के धानमंडी इलाके में स्थित घर के सामने हजारों लोग शाम से ही एकत्र हो गए थे। इस घर को पहले एक स्मारक संग्रहालय में बदल दिया गया था। सोशल मीडिया पर “बुलडोजर जुलूस” का आह्वान किया गया था, क्योंकि हसीना स्थानीय समयानुसार रात नौ बजे अपना संबोधन देने वाली थीं। हसीना का संबोधन आवामी लीग की अब भंग हो चुकी छात्र शाखा छात्र लीग द्वारा आयोजित किया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देशवासियों से वर्तमान शासन के खिलाफ संगठित प्रतिरोध करने का आह्वान किया। हसीना ने स्पष्ट रूप से नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘उनके पास अभी भी इतनी ताकत नहीं है कि वे राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और उस स्वतंत्रता को बुलडोजर से नष्ट कर सकें, जिसे हमने लाखों शहीदों के जीवन की कीमत पर अर्जित किया है।’ उन्होंने कहा, ‘वे इमारत को ध्वस्त कर सकते हैं, लेकिन इतिहास को नहीं… लेकिन उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि इतिहास अपना बदला लेता है।’

HC से IPS जीपी सिंह को राहत, अब केंद्रीय एजेंसी की जांच को निरस्त करने का आदेश दिया

 बिलासपुर. हाईकोर्ट ने आईपीएस जीपी सिंह के खिलाफ केंद्रीय एजेंसी की उस प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) को निरस्त करने का आदेश दिया है, जिसमें उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इसके साथ ही हाईकोर्ट चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रवींद्र अगवाल की डिवीजन बेंच ने पहले जारी किए गए दोनों नोटिस को भी रद्द कर दिया है।बता दें कि नई दिल्ली की हेड इन्वेस्टिगेटिंग यूनिट ने जीपी सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आईपीएस जीपी सिंह पर राजद्रोह और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया, तब उन पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने अपनी पत्नी मनप्रीत कौर के नाम पर संपत्ति बनाई है। इसी मामले में एसीबी के अलावा नई दिल्ली की हेड इन्वेस्टिगेटिंग यूनिट ने धनशोधन अधिनियम के तहत आईपीएस जीपी सिंह के खिलाफ ईसीआईआर दर्ज किया था, जिसके बाद उन्हें नोटिस जारी कर उनकी पत्नी मनप्रीत कौर के नाम पर अर्जित की गई संपत्ति का ब्यौरा मांगा था। जीपी सिंह ने राज्य सरकार की तरफ से दर्ज आपराधिक प्रकरणों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया था। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने आय से अधिक संपत्ति सहित अन्य सभी मामलों को खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली द्वारा दर्ज ईसीआईआर को निरस्त करने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी।

छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सल संगठन कमजोर, नक्सल कमांडर और पत्नी ने किया सरेंडर, 5-5 लाख का था इनाम

मोहला मानपुर मोहला मानपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल संगठन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और नक्सलियों के कमजोर होने की खबरें लगातार आ रही हैं। मोहला मानपुर जिला पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। यहां माड़ डिविजन के प्रेस टीम के कमांडर पवन तुलावी और उसकी पत्नी पायके ओयाम ने आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। कमांडर पवन तुलावी और उसकी पत्नी पायके ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पवन तुलावी, जो अबूझमाड़ के नक्सलियों के प्रेस टीम का कमांडर था, मानपुर ब्लॉक के बस्तर सीमावर्ती ग्राम दोरदे का निवासी है। वहीं उसकी पत्नी पायके ओयाम बीजापुर के भैरमगढ़ की निवासी थी और केंद्रीय कमेटी सदस्य सोनू उर्फ भूपति की सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थी। यह सरेंडर नक्सलियों के खिलाफ पुलिस की सफलता और कड़ी कार्रवाई का प्रतीक है, जिससे प्रदेश में नक्सलियों के सफाए की उम्मीद जताई जा रही है।  

शरणार्थियों ने भारत की नागरिकता मिलने के बाद पहली बार दिल्ली चुनाव में वोट डाला, तो तो छलके आंसू

नई दिल्ली लोकतंत्र के महापर्व में पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों ने भी बुधवार को दिल्ली में वोट की आहुति दी। उनकी उंगली पर जैसे ही भारतीय होने की स्याही लगी तो चेहरे खिलने के साथ ही आंसू छलक उठे। इन शरणार्थियों ने भारत की नागरिकता मिलने के बाद पहली बार दिल्ली चुनाव में वोट डाला है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के हैदराबाद शहर से वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश के महाकुम्भ में मार्च में वह दिल्ली आए थे। किसी कारण वह महाकुम्भ में नहीं पहुंच सके। इस दौरान उन्होंने तय कर लिया था कि जो यातनाएं पाकिस्तान में सही थी वह अब नहीं सहेंगे और दोबारा नहीं लौटेंगे। उन्होंने भारत सरकार को उस समय अपना वीजा अवधि आगे बढ़ाने की मांग करते हुए पत्र लिखे। भारत में ठहरने के लिए जंतर-मंतर पर कई दिनों तक प्रदर्शन भी किया। इसके बाद मजनू का टीला में वर्ष 2013-2014 से हिंदू शरणार्थी यहां रह रहे हैं। दो सौ लोग मतदाता हैं हिंदू शरणार्थी धर्मबीर बागड़ी ने कहा कि हम बहुत समय से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे थे। चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र में मजनू का टीला कैंप में 1009 लोग रह रहे हैं। इनमें से 200 लोगों को अब तक नागरिकता मिल गई है। बुधवार को मतदान का अधिकार मिलने के बाद हमें उम्मीद है कि सभी शरणार्थियों को नागरिकता मिल जाएगी। जल्द ही केंद्र सरकार से मिलकर आभार व्यक्त करेंगे। रामचंद्र बोले- भारत मां ने हमें अपना लिया हिंदू शरणार्थी रामचंद्र ने कहा, गर्व है कि भारत मां ने हमें अपना लिया है। कई शरणार्थियों ने बुधवार को मजनू का टीला के एक सरकारी स्कूल में स्थित मतदान केंद्र में जाकर वोट डाले। पाकिस्तान में न ही सरकार और न ही कोर्ट हिंदुओं के अधिकारों के लिए कोई कदम उठाता है। वहां हमारी बात तक नहीं सुनी जाती थी। वर्ष 1947 से 2013 तक हमारी पिछली पीढ़ियों ने जो यातनाएं झेली, वह अब हम कभी नहीं झेलेंगे। मतदान के अधिकार से हमें सबसे ज्यादा खुशी है। समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी नैनावंती ने बताया कि कैंप में बीते 11 वर्षों से सभी परिवार काफी संघर्षपूर्ण जीवन जी रहे थे। बीते वर्ष एक विभाग से कैंप को तोड़ने को लेकर कार्रवाई के लिए पत्र भी प्राप्त हुआ था। हालांकि, यह मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है। हमें उम्मीद है कि अब हमारे मुद्दों और समस्याओं का उचित समाधान होगा। बदलाव महसूस हुआ फरीदाबाद से मजनू का टीला के मतदान केंद्र पर मैंना वोट डालने पहुंची। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह अनुभव बिल्कुल नया था। जब मैं मतदान केंद्र में गई तो मुझे नहीं पता था कि वोट कैसे देना है या कौन सी पार्टी किसका प्रतिनिधित्व करती है, लेकिन जब बटन दबाया तो मुझे बदलाव महसूस हुआ कि आखिरकार अब मुझे आवाज मिली। हिंदू शरणार्थी रेशमा ने कहा कि मेरी उम्र 50 साल है। मैंने जीवन में पहली बार मतदान किया है। मैंने केवल एक उम्मीदवार को चुनने के लिए, बल्कि अपने परिवार के भविष्य के लिए मताधिकार का इस्तेमाल किया।

निश्चित रूप से दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी, 10 वर्षों तक आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता के साथ धोखा किया : CM विष्णुदेव

रायपुर  दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है. मतदान के बाद एक्जिट पोल के रुझान सामने आने लगे. जिसमें सत्ता परिवर्तन के संकेत देखने को मिल रहे हैं. इस बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली चुनाव में भाजपा की जीत का दावा किया है. उन्होंने निश्चित ही दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने की बात कही है. CM ने दिल्ली चुनाव में भाजपा की जीत का किया दावा दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दिल्ली के चुनाव के एग्जिट पोल को देखते हुए देश की जनता का विश्वास भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ है. उन्होंने कहा कि इस बार निश्चित रूप से दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी, क्योंकि 10 वर्षों तक आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता के साथ धोखा किया है.

एमपी में निजी स्कूलों के लिए बदले फीस के नियम, फीस बढ़ाने के लिए जिला समिति की अनुमति लेनी होगी

 भोपाल  मध्यप्रदेश में निजी स्कूलों में बस किराया और ट्यूशन फीस को लेकर बड़ा अपडेट है। अब निजी स्कूल अलग से बस फीस नहीं ले पाएंगे और इसे भी वार्षिक का ही भाग माना जाएगा। मध्यप्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम-2024 सदन से पारित होने के बाद राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने मुहर लगा दी है। नए नियम के तहक बिना अनुमति अब 10% से अधिक फीस नहीं बढ़ेगी। ₹25000 से ज्यादा सालाना फीस लेने वाले स्कूलों को फीस बढ़ाने के लिए जिला समिति की अनुमति लेनी होगी। इसी फीस में बस का शुल्क भी शामिल होगा। नई कानून पर राज्यपाल ने मुहर लगाई है। मध्यप्रदेश के 18000 स्कूल इसके दायरे में आएंगे। इस नए नियम से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी। फीस नियंत्रण पर अभिभावकों को राहत यह विधेयक निजी स्कूलों की फीस नीति को नियमित करने और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न सिर्फ अभिभावकों के आर्थिक बोझ को कम करेगा, बल्कि शिक्षा में समानता और सभी बच्चों को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करेगा। सरकार के इस प्रयास से शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव की उम्मीद है, जो छात्रों और अभिभावकों के हित में साबित हो सकते हैं। यह विधेयक निजी स्कूलों की फीस नीति को नियमित करने और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश में 16 हजार स्कूल ऐसे आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में करीब 34,652 निजी स्कूल हैं। इनमें से लगभग 16 हजार ऐसे स्कूल हैं, जिनकी किसी भी कक्षा में वार्षिक फीस 25 हजार रुपये या इससे कम है। मध्य प्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम-2017 के तहत वर्ष 2020 में नियम बनाए गए हैं। इसके अनुसार सरकार को यह अधिकार दिया गया कि वह निजी स्कूलों की फीस और अन्य विषयों पर निर्णय लेकर फीस विनियमन कर सकेगी। नए प्रवाधानों में क्या नए प्रावधानों के अनुसार 10 प्रतिशत वार्षिक फीस बिना अनुमति के बढ़ाई जा सकती है लेकिन इससे अधिक वृद्धि के लिए जिला समिति की अनुमति लेना जरूरी होगा। स्कूल 25 हजार रुपये तक फीस लेने वाले स्कूलों को शिक्षकों के वेतन सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए वित्तीय प्रबंधन में परेशानी होती है। आपको बता दें कि यदि दस प्रतिशत वृद्धि करते हैं तो अभिभावकों पर अधिक भार नहीं पड़ता है, इसलिए नई उपधारा प्रस्तावित की गई है कि 25 हजार रुपये वार्षिक फीस लेने वाले स्कूल अधिनियम के दायरे से बाहर रहेंगे। साथ ही परिवहन फीस स्कूलों की वार्षिक फीस का भाग होगा। अभी स्कूल इसे वार्षिक फीस से अलग लेते हैं और इसमें वृद्धि भी अधिक होती है। इससे वार्षिक फीस नियंत्रित रहेगी। समिति के अध्यक्ष होंगे शिक्षा मंत्री नए नियमों के अनुसार फीस बढ़ाने पर आपत्ति की अपील सुनने मंत्री की अध्यक्षता में समिति अधिनियम में यह संशोधन भी प्रस्तावित किया गया है कि वार्षिक फीस में 15 प्रतिशत से अधिक वृद्धि के आदेश के विरुद्ध अपील सुनने के लिए राज्य स्तरीय समिति होगी। इसके अध्यक्ष स्कूल शिक्षा मंत्री रहेंगे। समिति को यह अधिकार रहेगा कि वह विभागीय समिति द्वारा किसी स्कूल पर लगाए गए अर्थदंड को घटा या बढ़ा सकेगी। अलग से बस फीस नहीं ले पाएंगे प्राइवेट स्कूल मध्यप्रदेश सरकार ने  मध्य प्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम-2024 में संशोधन के लिए प्रस्तुत विधेयक पेश किया। इसमें ये प्रावधान किया गया है कि प्राइवेट स्कूलों के द्वारा बस फीस अलग से वसूली नहीं जा सकेगी और बस फीस को स्कूल की वार्षिक फीस का ही हिस्सा माना जाएगा। मध्य प्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम-2024 सदन से पारित होने के बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल के पास अनुमति के लिए भेजा जाएगा और वहां से मंजूरी मिलते ही प्रभावी हो जाएगा।

राजधानी रायपुर से एक बड़ी खुशखबरी आई, पं. जेएनएम मेडिकल कॉलेज को M.Ch. सर्जिकल ऑन्कोलॉजी कोर्स को मिलीं 3 सीटें

रायपुर  राजधानी रायपुर से एक बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य द्वारा संचालित पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल (पं. जेएनएम) मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत क्षेत्रीय कैंसर संस्थान के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग को M.Ch. सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के सुपर-स्पेशलाइजेशन कोर्स की तीन सीटें मिली हैं। ऐसा करने वाला मध्य भारत का पहला मेडिकल इंस्टीट्यूट इसके साथ ही, पं. जेएनएम मेडिकल कॉलेज मध्य भारत का पहला सरकारी मेडिकल संस्थान बन गया है जहाँ यह विशेष कोर्स शुरू किया जा रहा है। यह मध्य भारत के लोगों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से एक पत्र मिला है। इस पत्र में लिखा है, ‘केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को निर्देश दिया है कि वह मेडिकल कॉलेज रायपुर के क्षेत्रीय कैंसर संस्थान के अंतर्गत M.Ch. सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के सुपर-स्पेशलाइजेशन कोर्स की तीन सीटों के लिए अनुमति पत्र (LoP) जारी करे।’ इसी सत्र से शुरू होगा कोर्स यह महत्वपूर्ण कोर्स इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू हो जाएगा। यह ध्यान देने योग्य है कि कैंसर विभाग में पहले से ही स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम M.D. (रेडियोथेरेपी) की 6 मान्यता प्राप्त सीटें चल रही हैं। अब M.Ch. कोर्स के जुड़ने से कैंसर के इलाज में और भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। पिछले साल किया था आवेदन NMC सेल के अध्यक्ष डॉ. अरविंद नेरल ने बताया कि इस सुपर-स्पेशलाइजेशन कोर्स को शुरू करने के लिए पिछले साल की शुरुआत में आवेदन किया गया था। कुछ कमियों का हवाला देते हुए NMC ने LoP जारी नहीं किया था। कॉलेज ने कमियों को दूर करते हुए दो बार पूर्ण समीक्षा की अपील की। पिछले हफ्ते सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. आशुतोष गुप्ता को NMC के निर्देशानुसार अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत रूप से NMC नई दिल्ली भेजा गया था। कैंसर रोगियों को मिलेगी सुविधाएं डॉ. गुप्ता ने कहा कि यह मध्य भारत का पहला सरकारी मेडिकल संस्थान है जहां यह विशेष कोर्स शुरू किया जा रहा है। इस कोर्स के शुरू होने से सर्जरी की आवश्यकता वाले कैंसर रोगियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। राज्य को सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में सुपर-स्पेशलिस्ट मिलेंगे। मेडिकल स्नातकोत्तर छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए नए अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। यह कोर्स युवा डॉक्टरों के लिए एक सुनहरा अवसर है।

प्रियदर्शनी राजे ने कहा कि, ‘आज महिलाएं अपने पति के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही

 शिवपुरी ‘पहले मुझे कुछ महिलाओं के चेहरों पर डर और दुख दिखाई देता था, लेकिन आज मैं देख रही हूं कि, महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से छोटे-बड़े काम कर आत्मनिर्भर हो रही हैं, उससे महिलाओं की स्थिति सुधरी है। आज कई महिलाएं अपने घर का पूरा खर्च खुद ही चला रही है।’ ये बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शनी राजे ने शिवपुरी जिले के बदरवास में चल रहे मध्य प्रदेश राज्य आजीविका मिशन कार्यक्रम में महिलाओं से संवाद के दौरान कही। कार्यक्रम में  शामिल हुईं प्रियदर्शनी राजे ने कहा कि, ‘आज महिलाएं अपने पति के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं।’ प्रियदर्शनी ने महिलाओं से कहा कि ‘आप सभी के पास मोबाइल है, लेकिन आप लोग इसका इस्तेमाल कम से कम करें और अपना ध्यान काम पर रखे। आप सभी को हमेशा अपने लक्ष्य की तरफ चलना चाहिए। साथ ही कुछ समय खुद के और परिवार के लिए भी निकालना चाहिए।’ आखिर में उन्होंने महिलाओं से कहा- अगली बार जब वो यहां आएगी तो आप उन्हें कुछ नया करके दिखाना, इससे सिर्फ बदरवास ही नहीं, बल्कि शिवपुरी का नाम देशभर में विख्यात होता है। 800 रुपए देकर खरीदी बदरवास की जैकेट बदरवास भ्रमण के दौरान प्रियदर्शनी राजे ने खुद के लिए एक जैकेट 800 रुपए देकर खरीदी और फिर जैकेट बनाने वाली महिलाओं से बात करते हुए सवाल किया कि, ये जैकेट वो कैसे बनाती हैं और इनमें कैसे बटन लगता है। चूंकि बदरवास की जैकेट पूरे देश भर में प्रसिद्ध है और गत दौरे पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी यहां से एक जैकेट खरीदी थी। इसलिए प्रियदर्शनी राजे ने भी यहां से जैकेट खरीदने की इच्छा व्यक्त करते हुए खरीदारी की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के साथ एक ग्रुप फोटो भी खिंचवाया। पत्रिका के सवालों के दिए जवाब बदरवास में आजीविका मिशन के कार्यक्रम के दौरान पत्रिका प्रतिनिधि से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि, उन्हें कार्यक्रम में शामिल होकर काफी अच्छा लगा। उन्होंने संदेश दिया है कि जो भी अच्छे काम बदरवास और अन्य जगह हो रहे हैं, उनका हर जगह प्रचार-प्रसार होना चाहिए। ये आप सभी का काम है। ऐसे प्रचार जरूर करें। एक सवाल के जबाब में उन्होने कहा कि, यहां से उन्होने जैकेट के साथ अन्य सामान की खरीदारी करने में भी काफी अच्छा लगा। हर व्यक्ति को शॉपिंग करने में मजा आता है। हमें भी काफी आनंद आया। विजय राजे के साथ कार्यक्रम में ये लोग भी रहे शामिल कार्यक्रम में प्रियदर्शनी राजे के साथ कोलारस विधायक महेंद्र सिंह यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव, जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा अमित यादव, भाजपा मंडल अध्यक्ष कल्याण सिंह यादव, नगर पालिक उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह यादव, सांसद प्रतिनिधि उधम सिंह धाकड़, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रविंद्र शिवहरे और पूर्व जिला पंचायत सदस्य बंटी रघुवंशी आदि मौजूद रहे।

पुलिस मुख्यालय में तैनात तीन पुलिसकर्मियों पर 76 लाख रुपए के फर्जी मेडिकल बिल भुगतान का आरोप लगाया

भोपाल पुलिस मुख्यालय में तैनात तीन पुलिसकर्मियों पर 76 लाख रुपए के फर्जी मेडिकल बिल भुगतान का आरोप लगा है। ये तीनों में एक सूबेदार, एक सब-इंस्पेक्टर और एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर है। सभी लेखा शाखा में काम करते थे। इन्होंने वित्तीय वर्ष 2022, 2023 और 2024 में खुद को और अपने परिवार के सदस्यों को बीमार बताकर यह धोखाधड़ी की। संचालक ट्रेजरी की ओर से भेजे गए एक पत्र के बाद इस घोटाले का खुलासा हुआ, जिसमें इनके खातों में असामान्य रूप से उच्च भुगतान की ओर इशारा किया गया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। ऐसे हुआ खुलासा यह मामला तब सामने आया जब संचालक ट्रेजरी ने पुलिस मुख्यालय को एक पत्र भेजा। इस पत्र में बताया गया कि तीन पुलिसकर्मियों के खातों में मेडिकल बिल के मद में काफी ज्यादा रकम ट्रांसफर हुई है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय की लेखा शाखा ने आंतरिक जांच शुरू की। जांच के दौरान पाया गया कि सूबेदार नीरज कुमार, सब-इंस्पेक्टर हरिहर सोनी और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर हर्ष वानखेड़े ने फर्जी मेडिकल बिल बनाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया है। अलग-अलग बीमारियों के नाम पर मेडिकल बिल लगाए तीनों आरोपियों ने खुद को और अपने परिवार के सदस्यों को अलग-अलग बीमारियां बताकर मेडिकल बिल जमा किए थे। यह बिल असामान्य रूप से ज्यादा थे, जिससे शक पैदा हुआ। जांच में पता चला कि इन्होंने ‘प्रो-लॉन्ग सर्टिफिकेट’ का भी गलत इस्तेमाल किया। यह सर्टिफिकेट गंभीर बीमारियों के लिए सिविल सर्जन द्वारा जारी किया जाता है। लेकिन जांच दल ने जब सिविल सर्जन से पुष्टि की, तो पता चला कि उन्होंने इन तीनों को केवल दो ही सर्टिफिकेट जारी किए थे। इससे यह संदेह और गहरा हो गया कि बाकी सभी सर्टिफिकेट फर्जी हैं। एडीजी अनिल कुमार ने बताया कि संचालक ट्रेजरी से पत्र मिलने के बाद गोपनीय जांच शुरू की गई थी। जांच शुरू होने से पहले ही तीनों आरोपियों को लेखा शाखा से हटा दिया गया था। जांच में आरोप सही पाए जाने पर 8 जनवरी को तीनों को निलंबित कर दिया गया। तीनों के खिलाफ जहांगीराबाद थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 318, 319, 336, 338 और 340 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में 14 साल तक की सजा का प्रावधान है। वानखेड़े ने किए 35 लाख गबन जांच में यह भी पता चला है कि तीनों आरोपियों ने अलग-अलग रकम का गबन किया है। हर्ष वानखेड़े के खाते में लगभग 35 लाख रुपए, हरिहर सोनी के खाते में लगभग 24 लाख रुपए और नीरज कुमार के खाते में लगभग 17 लाख रुपए का भुगतान हुआ है। यह कुल मिलाकर लगभग 76 लाख रुपए होता है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया है। एसीपी जहांगीराबाद सुरभि मीणा ने बताया कि लेखा शाखा की रिपोर्ट के आधार पर तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घोटाले में और लोग भी शामिल हैं। इस मामले में सिविल सर्जन से भी पूछताछ की जा सकती है।

सुकमा विस्फोटक के साथ एक इनामी सहित दो नक्सलियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

सुकमा  केरलापाल थाना क्षेत्रान्तर्गत 1 इनामी नक्सली सहित 2 नक्सलियों को विस्फोटक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार नक्सली पर 1 लाख रुपए का इनाम घोषित है। जिले में चलाया जा रहे नक्सली उन्मूलन अभियान के तहत थाना केरलापाल से जिलाबल एवं कैंप परिया से छत्तीसगढ़ सुरक्षा बल की संयुक्त पार्टी एरिया डोमिनेशन, नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए ग्राम सिरसेट्टी, गड़गड़पारा व आसपास क्षेत्र की ओर रवाना हुए थे। पुलिस ने घेराबंदी कर नक्सलियों को पकड़ा सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि फोर्स एंटी नक्सल ऑपरेशन के लिए सिरसेट्टी में गई। जवान जब सर्च ऑपरेशन के दौरान सिरसेट्टी और गड़गड़पारा इलाके में पहुंचे तो उनको दो लोग संदिग्ध हालत में मिले। छत्तीसगढ़ पुलिस बल और केरलापाल थाना पुलिस की टीम ने ललकारा। पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे। फोर्स ने दोनों को दौड़ाकर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान दोनों के पास से बम मिला। पकड़े गये नक्सलियो से 1 नग टिफिन आईईडी बम वजनी 3 किग्रा., 2 नग डेटोनेटर, 10 मीटर कोर्डेक्स वायर बरामद किया गया। बम प्लांट करने की थी साजिश  पुलिस की पूछताछ में दोनों माओवादियों ने ये स्वीकार किया कि वो नक्सली संगठन से जुड़े हुए हैं। गश्त पर निकली पुलिस पार्टी को निशाना बनाने के लिए बम लगाने की उनकी योजना थी। पकड़े गए दोनों नक्सलियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पूरे बस्तर में माओवादियों के खात्मे के लिए एंटी नक्सल ऑपरेशन जोर शोर से चलाया जा रहा है। फोर्स के बढ़ते दबाव के चलते बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर भी कर रहे हैं।  

भ्रष्टाचार में लिप्त कार्मिकों के अभियोजन स्वीकृति प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे : चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस नीति है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति के लंबित पुराने प्रकरणों का निस्तारण प्राथमिकता से किया जाएगा। साथ ही इन प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण भी सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2022 से 31 दिसम्बर 2024 के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा राज्य सरकार व संबंधित विभागाध्यक्ष को 1 हजार 592 अभियोजन स्वीकृति प्रस्तााव भिजवाए गए। इनमें से 1 हजार 189 अभियोजन स्वीकृति प्रस्ताअवों में निर्णय प्राप्त‍ हुए तथा 403 अभियोजन स्वीकृति प्रस्तांव प्रक्रियाधीन हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गुरुवार को विधानसभा में प्रश्नकाल में इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मंत्री की ओर से जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 403 अभियोजन स्वीकृति प्रस्ताीव प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि भ्रष्ट कार्मिकों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अभियोजन स्वीकृति के लंबित प्रकरणों की मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मुख्य सचिव स्तर पर इस प्रक्रिया को और अधिक सशक्त किया जाएगा, जिससे प्रक्रियाधीन प्रस्तावों पर समयबद्ध रुप से त्वरित कार्यवाही सनिश्चित हो सकेगी। इससे पहले विधायक श्री कालीचरण सराफ के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में श्री सिंह ने बताया कि एसीबी द्वारा जांच उपरांत दोषी पाए गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध प्रेषित अभियोजन स्वीकृति प्रस्तातव संबंधित विभागाध्यक्षों और राज्यब सरकार के स्तर पर परिक्षणाधीन होते है। संबंधित विभागाध्यक्षों और राज्यत सरकार द्वारा एसीबी के अनुसंधान अधिकारी को अभियोजन स्वीकृति के संबंध में विचार विमर्श हेतु बुलाया जाता है। उन्होंने बताया कि एसीबी के अनुसंधान से संतुष्ट नहीं होने एवं अन्य कुछ विषयों पर सहमत नहीं होने पर अभियोजन स्वीकृति में विलम्ब होता है। इसके अतिरिक्त आरोपी अधिकारी और कर्मचारी द्वारा अपनी अभियोजन स्वीकृति पर माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया जाता है, अभियोजन स्वीकृति प्रस्ताव विभागीय स्तटर पर परीक्षण एवं प्रक्रिया में लगने वाले समय के कारण लंबित रहते हैं। श्री सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अभियोजन स्वीकृति के लम्बित प्रकरणों के शीघ्र निस्ताारण हेतु संबंधित विभागाध्यक्षों को समय-समय पर आवश्यसक दिशा निर्देश जारी किये जाते हैं, जिससे प्रकरणो में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने 7 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स को स्कूटी खरीदने राशि भेजी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा प्रावीण्य सूची के बच्चों को स्कूटी का वितरण किया जा चुका है। अब बच्चे अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार पेट्रोल या इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीद सकते हैं। इसके लिए सभी जिलों को राशि पहुंचा दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आधुनिक समय में बच्चों के बौद्धिक विकास में लैपटॉप सहायक है, जल्द ही कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए राशि अंतरित की जाएगी। विद्यार्थियों को जो अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन के बल पर उपलब्धि अर्जित कर रहे हैं उन्हें प्रोत्साहित करना राज्य शासन का दायित्व है। उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों से जो विद्यार्थी प्रावीण्य सूची में आ रहे हैं उन्हें राज्य सरकार द्वारा स्कूटी और लैपटॉप प्रदान किए जा रहे हैं।  

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