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मुख्यमंत्री शर्मा ने कांग्रेस के हंगामे के बीच राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का दिया जवाब, विपक्ष को कठघरे में किया खड़ा

जयपुर राजस्थान विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया अध्याय लिखा गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस के हंगामे के बीच राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का जवाब दिया और विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया। खासतौर पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के न बोलने को लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर “षड्यंत्र” का आरोप लगाते हुए इसे पार्टी की अंदरूनी कलह करार दिया। हंगामे के बीच विपक्षी विधायक नारे फोन टैपिंग बंद करो, मुख्यमंत्री इस्तीफा दो के नारे लगाते रहे। कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष पर तंज मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर वंचित वर्ग से आने वाले नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका, जिससे साफ जाहिर होता है कि पार्टी के भीतर गहरी खींचतान चल रही है। सत्ता पक्ष के इस आरोप से एक ओर जहां कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर सवाल उठते हैं, वहीं दूसरी ओर यह भी स्पष्ट होता है कि भाजपा इस मुद्दे को एक बड़े चुनावी नैरेटिव के रूप में देख रही है। राज्य की योजनाओं पर आरोप-प्रत्यारोप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार और धीमी गति का आरोप लगाया। यह बयान स्पष्ट करता है कि भाजपा आने वाले समय में कांग्रेस शासन की नाकामियों को जोर-शोर से उठाकर खुद को मजबूत स्थिति में लाने की रणनीति अपना रही है। चार साल बाद कांग्रेस के विधायक सदन में नहीं दिखेंगे? मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह दावा कि “चार साल बाद कांग्रेस विधायक सदन में नजर नहीं आएंगे”, यह दिखाता है कि भाजपा अपने चुनावी भविष्य को लेकर बेहद आत्मविश्वास से भरी हुई है। हालांकि, यह दावा करना जल्दबाजी होगी कि कांग्रेस पूरी तरह हाशिए पर चली जाएगी, लेकिन विधानसभा में मौजूदा गतिरोध और कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को देखते हुए भाजपा के लिए यह अवसर जरूर है कि वह अपनी राजनीतिक जमीन को और मजबूत करे। उपचुनाव के नतीजों पर सियासी वार मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर तंज कसते हुए कहा कि “मोरिया किसका बोला?” यानी उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस की हार की ओर इशारा करते हैं। इससे साफ है कि भाजपा राजस्थान में उपचुनाव के परिणामों को कांग्रेस के खिलाफ बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल करने जा रही है। विपक्ष की रणनीति और भाजपा की आक्रामकता मुख्यमंत्री का यह बयान कि “डोटासरा के चक्कर में आ गए जूली”, यह दर्शाता है कि भाजपा विपक्षी एकता को तोड़ने और कांग्रेस में अंतर्विरोध को उजागर करने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, कांग्रेस के लिए यह जरूरी होगा कि वह अपनी गुटबाजी को खत्म कर एक संगठित विपक्ष की भूमिका निभाए, वरना भाजपा अपने राजनीतिक एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ाने में कामयाब हो जाएगी।

स्वनिर्मित नवीन तकनीक पर आधारित ऑटोकट ऑफ ट्रांसफार्मर बने वरदान

भोपाल मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत स्‍माल ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग यूनिट (एसटीआरयू) में स्वनिर्मित नवीन तकनीकी का उपयोग कर बनाए गए ऑटो कटऑफ वितरण ट्रांसफार्मर कंपनी के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इन ऑटो कटऑफ ट्रांसफार्मर्स से एक ओर जहां बिजली चोरी पर अंकुश लगा है वहीं दूसरी ओर विद्युत उपभोक्‍ताओं को बिना रूकावट के निर्बाध और गुणवत्‍तापूर्ण बिजली मिल रही है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया कि कंपनी द्वारा इनहाउस बनाये गये इन ऑटो कटऑफ ट्रांसफार्मर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें उन्नत तकनीक का उपयोग किया गया है। इससे संबंधित क्षेत्र में स्‍वीकृत क्षमता से अधिक विद्युत भार का उपयोग होने पर ट्रांसफार्मर स्वमेव ट्रिप हो जाता है। इससे संबंधित क्षेत्र में अनधिकृत विद्युत का उपयोग रूका है। साथ ही क्षमता से अधिक लोड होने के कारण ट्रांसफार्मर के जलने या खराब होने की समस्‍या से भी निजात मिली है। साथ ही कटऑफ होने से उपकरणों के जलने या फिर डेमैज होने की गुंजाइश नहीं रहती है। कंपनी द्वारा सीहोर जिले में स्वनिर्मित नवीन तकनीकी पर आधारित 150 से भी अधिक ऑटो कटऑफ वितरण ट्रांसफार्मर्स प्रतिस्थापित किये गए हैं, जिनकी कार्यक्षमता बेहतर और गुणवत्‍तापूर्ण है। इन ट्रांसफार्मरों के परिणामों को देखते हुए कंपनी द्वारा आगामी वर्ष में स्‍माल ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग यूनिट (एसटीआरयू) भोपाल के अंतर्गत 2 हजार 240 ऑटो कट ऑफ वितरण ट्रांसफार्मर निर्माण करने के लिए फण्ड उपलब्ध कराया गया है। स्वनिर्मित नवीन तकनीकी पर आधारित ट्रांसफार्मर्स के स्‍थापित होने से मैदानी क्षेत्रों में अब न केवल ट्रांसफार्मर की असफलता दर में कमी आएगी वरन् विद्युत चोरी बाहुल्‍य क्षेत्रों की पहचान कर विद्युत के अवैध उपयोग पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

छत्तीसगढ़ में महिला से गैंगरेप, 5 आरोपी गिरफ्तार

सूरजपुर छत्तीसगढ़ के विश्रामपुर क्षेत्र में एक महिला के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है. यह घटना बुधवार रात की है, जब पीड़िता का पति काम के सिलसिले में घर से बाहर था. इसी दौरान गांव के 4-5 लोग घर में घुसे और वारदात को अंजाम दिया. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपी उत्तरप्रदेश से आकर रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक बस्ती में रहकर मजदूरी कर रहे थे. जानकारी के मुताबिक, 35 वर्षीय पीड़िता अपने पति के साथ तीन वर्षों से एक किराए के मकान में रह रही थी और मेहनत-मजदूरी कर गुजारा कर रही थी. घटना के समय उसका पति चार दिन पहले कोरिया जिले में अपने गांव घरेलू काम से गया हुआ था. पीड़िता ने बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे मोहम्मद गुलाम कादिर और अफसर अली उर्फ ठुठूवा नाम के दो व्यक्ति उसके घर पहुंचे और उसके पति के बारे में पूछताछ करने लगे. आधी रात के आसपास जब पीड़िता घर के बाहर बैठकर गुड़ाखू घस रही थी, तभी कादिर और ठुठूवा तीन अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचे और जबरन उसे धक्का देकर घर के भीतर ले गए. इसके बाद पांचों आरोपियों ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता ने अपनी बहन को इस घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 70(1) और 331(8) के तहत मामला दर्ज गिरफ्तार किया. उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं सभी आरोपी विश्रामपुर थाना प्रभारी अलरिक लकड़ा के नेतृत्व में पुलिस नेगुलाम कादिर और ठुठूवा को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान उन्होंने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म करने की बात कबूल की. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पांचों आरोपियों गुलाम कादिर (40), अफसर अली उर्फ ठुठूवा (34), मोहम्मद इस्लाम (55), आजाद ललन (25) और मोहम्मद रमजान (50) को गिरफ्तार किया. ये सभी आरोपी मूल रूप से उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं और विश्रामपुर में मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे. न्यायालय में पेश करने के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है.

मुझे प्रसन्नता है कि मप्र. पुलिस अपनी सभी चुनौतियों से जूझकर सफलता के नए आयाम तय कर रही है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुलिस की सेवा जीवन भर जवान रखने वाली सेवा है। पुलिस के सामने सदैव चुनौतियां रहती हैं, मुझे प्रसन्नता है कि म.प्र. पुलिस अपनी सभी चुनौतियों से जूझकर सफलता के नए आयाम तय कर रही है। बड़ी बात है कि हमारी पुलिस 24 घंटे सेवा में तत्पर रहकर प्रदेश और समाज की सुरक्षा में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि हमें आंतरिक एकात्मकता को और अधिक उभारने की जरूरत है। इस संदर्भ में सर्विस मीट बेहद लाभकारी और प्रासंगिक है। इस तरह के सेवा समागम से अधिकारियों को एक दूसरे के अनुभव सुनने, साझा करने और उन पर अमल करने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में भारतीय पुलिस सेवा समागम (आईपीएस मीट) का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस महानिदेशक से कहा कि वे कार्य प्रदर्शन के आधार पर प्रदेश के थानों की जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर ग्रेडेशन करें और अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को पुरस्कृत भी करें। इससे जनता के बीच प्रदेश और पुलिस की साख बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारी पुलिस सबकी आशा का केंद्र बनती जा रही है। हम सभी को जीवन के अच्छे गुणों का विकास कर पुलिस को उनके काम में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हम जिस अपराध मुक्त, भय मुक्त और सकारात्मक माहौल में जी रहे हैं। यह सब पुलिस की सेवा समर्पण अनुशासन और उनकी कर्मठता से ही संभव है। सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण के प्रति बेहद संवेदनशील होकर कार्य कर रही है। आईपीएस सर्विस मीट सिर्फ एक समागम न होकर एक प्रशिक्षण कार्यशाला के रूप में ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने हमें सेवा का अवसर दिया है, तो इसे ईश्वर का आशीष मानकर हमें अपनी क्षमताओं का शत-प्रतिशत उपयोग समाज की भलाई, सेवा, सुरक्षा और समाज को एक सुसंस्कृत समाज बनाने की दिशा में करना चाहिए, यही कर्म साधना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब सारी सीमाएं बंद हो जाती हैं, तभी कोई व्यक्ति पुलिस के पास जाता है। इस संदर्भ में पुलिस उम्मीद की अंतिम किरण होती है। पुलिस को जनता की यह विश्वास बहाली हमेशा बनाए रखना चाहिए। एक दूसरे से संवाद, समागम, शिक्षण-प्रशिक्षण के जरिए अपनी योग्यताओं को और बेहतर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सर्विस मीट सिर्फ मीट ना होकर, आपकी सोच का मीत मिलने की जगह बननी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस बल के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश के थानों में अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारी व कर्मचारी को भी पुरस्कृत करने की परंपरा प्रारंभ की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें पुलिस की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को समाज में सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिस बल को सर्व-संसाधनयुक्त कर अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। टीकमगढ़ जिले के बम्होरीकलां थाने को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ थानों की सूची में चिन्हित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ और थाना प्रभारी बम्होरीकलां सुश्री रश्मि जैन को इसके लिए सम्मानित किया। जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तत्पर : डीजीपी श्री मकवाना पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तत्पर है। हमने नये आपराधिक कानून का बेहतरीन क्रियान्वयन किया है। इस मामले में मध्यप्रदेश पुलिस को केंद्रीय गृहमंत्री और केंद्रीय गृह सचिव से भी सराहना मिली है। हम पुलिस बल के आधुनिकीकरण और उनके प्रशिक्षण पर विशेष जोर दे रहे हैं। हमारी पुलिस ने अतीत में बेहतरीन काम किए हैं। पुलिस ने समाज के साथ साझा प्रयासों से प्रदेश से डकैत समस्या का उन्मूलन किया है। नक्सल समस्या के उन्मूलन के तरफ भी हम तेजी से बढ़ रहे हैं। हमारी चुनौतियां बढ़ रही हैं, साइबर क्राइम, साइबर फ्रॉड, नशा मुक्ति और यातायात सुरक्षा हमारे लिए बड़ी चुनौतियां हैं। इस दिशा में हम तेजी से कार्य कर रहे हैं। बीते माहों में हमने पूरे प्रदेश में साइबर सुरक्षा और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अभियान चलाया। अब तक 10 लाख से अधिक स्टूडेंट और इतने ही नागरिकों को साइबर सुरक्षा के लिए जागरूक किया है। इस काम में हमें अभूतपूर्व सफलता मिली है। आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रवि कुमार गुप्ता ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि सबके कल्याण की चिंता करने वाले मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज हमारे बीच है। हमारी पुलिस प्रदेश के हर व्यक्ति की सुरक्षा में तत्पर है। हम अपनी जिम्मेदारियां से कभी पीछे नहीं हटते। उन्होंने समिट में आकर पुलिस का उत्साहवर्धन करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार ज्ञपित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी आईपीएस ऑफीसर्स के साथ समूह छायाचित्र खिंचवाकर सबका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उपस्थित थे।  

बिलासपुर में सड़क हादसों में पिछले 2023 की अपेक्षा 2024 में ज्यादा लोगों ने गंवाई जान

बिलासपुर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में साल 2024 में सड़क दुर्घटना के 1156 मामलें पहुंचे हैं। इनमें से 343 की मौत हो गई है। वहीं, साल 2023 में सड़क दुर्घटनाओं से 226 मौतें हुई हैं। साफ है कि सड़क दुर्घटना के मामले बढ़े हैं और इससे होने वाले मौत के आकड़ों में भी इजाफा हुआ है। साल 2023 के मुकाबले 2024 में 117 मौतें ज्यादा हुई हैं। जिला प्रशासन और यातायात पुलिस की तमाम कोशिश के बाद भी दो-पहिया वाहन चालक हेलमेट पहनने को लेकर अब तक जागरूक नहीं हुए हैं। इसी वजह से ज्यादातर दो पहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के ही वाहन का चलाते हैं। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज सड़क हादसे होने का एक कारण जिले की सड़कों चकाचक होना भी है। इन सड़कों पर दो पहिया के साथ चार पहिया वाहनों की रफ्तार तेज रहती है परिणाम स्वरूप दुर्घटना के मामले बढ़े हैं। इसी तरह शराब सेवन कर लापरवाही पूर्वक कार और दो-पहिया वाहन चलाना भी सड़क दुर्घटना की एक बड़ी वजह है। … तो कम हो सकते हैं सड़क हादसे सिम्स के चिकित्सकों का कहना है कि जब भी सड़क दुर्घटना के मामले आते हैं, चिकित्सक इलाज करने के साथ ही होश में रहने की दशा में मरीज से दुर्घटना से संबंधित जानकारी लेते हैं। आहतों को पहुंचाने वाले स्वजन से भी दुर्घटना की जानकारी ली जाती है। इससे ही दुर्घटना के संबंध में जानकारी मिलती है। इसी आधार पर चिकित्सकों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में वाहन चलाते समय की गई लापरवाही ही जानलेवा साबित हो रहा है। यदि वाहन चलाते समय लापरवाही के प्रति लोग जागरूक रहें, तो सड़क दुर्घटना के मामलों को कम किया जा सकता है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. लखन सिंह का कहना है कि सड़क दुर्घटना रोकने के लिए जागरूक होने की अवश्यकता है। साथ ही वाहन चलाने के लिए बनाए गए नियमों का पालन करना जरूरी है, तभी सड़क दुर्घटनाओं के मामलों को रोका जा सकता है। ये हैं सड़क दुर्घटना के मुख्य कारण     बिना हेलमेट पहने दो-पहिया वाहन चलाना।     तेज रफ्तार से दो व चार-पहिया वाहन चलाना।     शराब सेवन कर दो व चार-पहिया वाहन चलाना।     हाईवे और व्यस्तम सड़क में बाइक स्टंट करना।     तीन सवारी दो-पहिया वाहन चलाना।     कार चलाते समय अचानक झपकी आ जाना। हेलमेट जागरूकता का भी नहीं हो रहा असर यातायात पुलिस बीच-बीच में दो-पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करती है। साथ ही बिना हेलमेट वालों पर चालानी कार्रवाई की जाती है, लेकिन इसके बाद भी लोग हेलमेट पहनकर वाहन चलाना पसंद नहीं करते है, परिणाम स्वरूप सड़क दुर्घटना के समय सिर पर गंभीर चोटें आती हैं। 20 से 50 साल आयु वर्ग वाले होते हैं ज्यादा शिकार साल 2024 में सड़क दुर्घटना से हुई 343 मौतों में आहतों की आयु पर ध्यान देने पर यह बात सामने आई है कि सबसे ज्यादा 20 से 50 साल आयु वर्ग वाले सड़क दुर्घटना के शिकार हुए हैं। इस आयु वर्ग वाले ही तेज, लापरवाही पूर्वक और ज्यादातर मामलों में शराब सेवन कर वाहन चलाते हैं और ये ही इस लापरवाही की वजह से सड़क दुर्घटना की चपेट में आते हैं। 343 मौतों में 250 मौत 20 से 50 साल आयु वर्ग वालों की हुई है।  

मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। निवेशकों को अधिक प्रभावी अवसर देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य के प्रमुख 6 सेक्टर्स पर केंद्रित समिट के आयोजन की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह पहली बार होगा जब हर सेक्टर के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और निवेशक एक मंच पर आकर विशेषज्ञ चर्चाओं, अवसरों और नीतिगत सुधारों पर संवाद करेंगे। इससे निवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाया जा सकेगा। देश का आकर्षक डेस्टिनेशन बनता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की अद्वितीय भौगोलिक स्थिति, समृद्ध प्राकृतिक संसाधन, विकसित बुनियादी ढांचा और उद्योग-अनुकूल नीतियां इसे निवेश के लिए देश का सबसे आकर्षक डेस्टिनेशन बनाती हैं। शहरी विकास, पर्यटन, माइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी और एमएसएमई, ये सभी क्षेत्र अपनी असीमित संभावनाओं और अनुकूल वातावरण से निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश न केवल देश का पहला डायमंड प्रोड्यूसिंग स्टेट है, बल्कि ग्रीन एनर्जी हब, विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र और उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। इन विभागीय समिट से सरकार निवेशकों को नीतिगत प्रोत्साहन, संसाधनों की उपलब्धता और औद्योगिक ईको सिस्टम की मजबूती से अवगत कराएगी। इससे जीआईएस में होने वाली चर्चाएं वास्तविक निवेश प्रस्तावों में तब्दील हो सकेंगी। शहरी विकास समिट मध्यप्रदेश का शहरी बुनियादी ढांचा तेजी से सुदृढ़ हो रहा है। राज्य की स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और लॉजिस्टिक्स हब इसे एक आदर्श रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश डेस्टिनेशन बना रहे हैं। जीआईएस में शहरी विकास समिट के माध्यम से स्मार्ट और सतत् शहरों के निर्माण पर केंद्रित चर्चा होगी, जिससे नवाचार और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन समिट मध्यप्रदेश को ‘भारत का दिल’ कहा जाता है और इसके धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौन्दर्य से पूर्ण पर्यटन क्षेत्र पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। खजुराहो, उज्जैन, साँची, पचमढ़ी, कान्हा और बांधवगढ़ जैसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर उपलब्ध कराने के लिये तैयार हैं। पर्यटन समिट में हॉस्पिटैलिटी, थीम-बेस्ड डेस्टिनेशन और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश को बढ़ावा देने के लिए गहन चर्चा होगी। माइनिंग समिट मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। यह देश में डायमंड, लाइमस्टोन, बॉक्साइट, कोयला, मैंगनीज और तांबे का प्रमुख उत्पादक है। पन्ना स्थित एशिया की एकमात्र डायमंड माइंस और विशाल कोयला भंडार राज्य को माइनिंग इंडस्ट्री के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन बनाते हैं। जीआईएस में माइनिंग समिट से खनन आधारित उद्योगों, मूल्यवर्धित प्र-संस्करण और नीतिगत प्रोत्साहनों पर चर्चा होगी। रिन्यूएबल एनर्जी समिट मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी हब बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। रीवा सोलर प्लांट, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और ग्रीन हाइड्रोजन में हो रहे विकास इसे नवकरणीय ऊर्जा निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। जीआईएस में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी समिट में सौर, पवन और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के लिए ठोस रणनीतियां प्रस्तुत की जाएंगी। आईटी एंड टेक्नोलॉजी समिट मध्यप्रदेश अब टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन का केंद्र बन रहा है। इंदौर आईटी हब, डेटा सेंटर पॉलिसी, स्टार्ट-अप ईको सिस्टम और उभरते एआई और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्रों में तेजी से निवेश आ रहा है। जीआईएस में आईटी समिट के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी पार्क और नई टेक्नोलॉजीज पर निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। एमएसएमई समिट मध्यप्रदेश का एमएसएमई सेक्टर राज्य की आर्थिक रीढ़ है, जहां लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कार्यरत हैं। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना, नए क्लस्टर और निर्यात प्रोत्साहन नीतियां इसे निवेश के लिए एक डेस्टिनेशन बना रही हैं। एमएसएमई समिट में उद्योगों को वित्तीय सहयोग, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और नए बाजारों तक पहुंच को लेकर चर्चा होगी। प्रवासी समिट मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीयों को प्रदेश के उद्योग, स्टार्ट-अप, पर्यटन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। यह समिट न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीय समिट का उद्देश्य विश्वभर में बसे मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को एक मंच पर लाना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ ही मध्यप्रदेश के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने परियोजना के संबंध में दोनों राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज योजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड रीचार्ज परियोजना है। इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना का अवरोध अब दूर हो गया है तथा हम शीघ्र ही महाराष्ट्र सरकार के साथ चर्चा कर करार करने की ओर बढ़ रहे हैं। जल्द ही केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भोपाल आमंत्रित कर करार की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज एवं कन्हान उप कछार परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए हम तेजी से प्रयास कर रहे हैं। ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के जरिए हम महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केन्द्र सरकार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन और कन्हान उप कछार में मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित कन्हान (जामघाट) बहुउद्देशीय परियोजना में मध्यप्रदेश के जल हितों का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए महाराष्ट्र राज्य से सतत संवाद कर दोनों परियोजनाओं के‍क्रियान्वयन में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा। इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्यप्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा। इस परियोजना में प्रस्तावित बांध एवं नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हेक्टेयर भूमि उपयोग में लाई जाएगी। परियोजना के अंतर्गत कोई गांव प्रभावित नहीं होगा अत: इसमें पुनर्वास की भी आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपने विकास की यात्रा में सभी सेक्टर्स में लगातार काम कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उनकी भावना के अनुसार हम मध्यप्रदेश की नदियों का आसपास के राज्यों से सुखद और दोनों राज्यों के हितों के बंटवारे के क्रम को लगातार बनाए हुए हैं। हमारे राज्य के किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले, पीने के पानी के साथ-साथ औद्योगीकरण के लिए भी पर्याप्त पानी दिया जा सके और राज्यों के बीच में भी हमारा सुखद और सौहार्द्र बना रहे, इस निमित्त से हम वर्षों से लंबित जल बंटवारे के मसलों को हल करते हुए इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में आज हम महाराष्ट्र के साथ नदी जल बंटवारे के मसले के निराकरण के लिए प्राथमिक चरण की चर्चा के लिए आगे बढ़े हैं। महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री की भी यही भावना है। वे भी चाहते हैं कि मध्यप्रदेश के साथ ताप्ती और कन्हान नदी की जो नदी जल परियोजनाएं वर्षों से लंबित थीं, उनके निराकरण के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के मार्गदर्शन और उनके परामर्श से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के पूरा होने पर मध्यप्रदेश के 1 लाख 23 हजार 82 हेक्टेयर भू-क्षेत्र और महाराष्ट्र के 2 लाख 34 हजार 706 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से म.प्र. के बुरहानपुर एवं खण्डवा जिले की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा की कुल चार तहसीलें लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी प्रकार कन्हान उपकछार में जल उपयोगिता के लिए मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित छिंदवाड़ा कॉम्पलेक्स बहुउद्देशीय परियोजना के माध्यम से महाराष्ट्र के नागपुर शहर को भी पानी मिलेगा और हमारे छिंदवाड़ा जिले के कृषि क्षेत्र में भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। साथ ही बल्कि नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दोनों राज्यों के अधिकारी आपस में संवाद करेंगे और इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेंगे। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट और विधायक श्रीमती चिटनीस ने निमाड़ क्षेत्र की जीवन रेखा बदलने वाली ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना।

जीवन को आनंद उत्‍सव की तरह जीयें, आनंद संस्थान में हुआ खाद्य अधिकारी-कर्मचारियों का प्रशिक्षण

भोपाल मदद के भाव हमारी प्राचीन संस्कृति का हिस्सा हैं। जीवन को आनंद उत्सव की तरह जीयें और कार्य स्थल पर सकारात्मक सोच रखें। खाद्य आयुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने यह बात आनंद संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आनंदम सहयोगी कार्यशाला के समापन सत्र में कही। कार्यशाला में विभिन्न जिलों के अधिकारी-कर्मचारियों ने सहभागिता की। विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी खाद्य विभाग श्रीमती सुकृति सिंह एवं आनंद संस्थान के निदेशक श्री प्रवीण कुमार गंगराड़े ने आनंद संस्थान की अवधारणा और संस्थान की अलग-अलग गतिविधियों के बारे में बताया। तीन दिवसीय कार्यशाला को मास्टर ट्रेनर्स ने स्वयं के जीवन में बदलाव परिवर्तन के अनुभव साझा किए। जीवन का लेखा जोखा, रिश्ते, फ्रीडम गिलास जैसी विधियों और प्रेरक वीडियो फिल्म के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। अल्प विराम कार्यक्रम शांत समय मौन की शक्ति का अनुभव प्रतिभागियों ने स्वयं किया। कार्यक्रम समन्वयक श्री प्रदीप मेहतो ने जीवन को बहती हुई नदी और निदेशक श्री सत्यप्रकाश आर्य ने आनंद को परिभाषित करते जीवन मूल्यों पर विस्तार से बताया।

समन्वित प्रयासों व आमजनों में जागरूकता से कैंसर का होगा निदान: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कैंसर की समय पर पहचान समुचित उपचार के लिये महत्वपूर्ण है। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा कैंसर उपचार के लिये महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं। शासकीय अस्पतालों के साथ ही निजी चिकित्सालय में इस बीमारी के विरूद्ध लड़ाई में सहभागी बन रहे हैं। सभी के समन्वित प्रयासों व आमजनों में जागरूकता से ही कैंसर मुक्त देश का मार्ग प्रशस्त होगा। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा में विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में वॉकाथन रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। नेशनल हास्पिटल रीवा के संयोजन में आयोजित रैली कलेक्ट्रेट परिसर में आरंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई अटल पार्क में समाप्त हुई। रैली में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, चिकित्सक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।  

मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कम्पनी 60 किलोमीटर की लाइन डाल रही, अब नहीं होगी बिजली कटौती

 जबलपुर बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसलिए आरआरडीएसएस योजना के तहत पहले चरण में 60 किलोमीटर की विद्युत लाइन को इंटर कनेक्ट किया जा रहा है। ऐसे में यदि एक जगह से आपूर्ति बाधित हुई, तो दूसरी जगह से तत्काल शुरू हो जाएगी। इससे औद्योगिक क्षेत्र के उपभोक्ता और कृषि उपभोक्ताओं को फायदा होगा। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के संचारण एवं संधारण वृत्त द्वारा यह 60 किलोमीटर की यह लाइन डालने का कम किया जा रहा है। यह लाइनें दो विद्युत लाइनों को जोड़ेंगी। पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर, चार फीडर ओएंडएम के अंतर्गत आने वाले मुरई सब स्टेशन का काम पूरा हो चुका है। यहां 33/11 केवी का सब स्टेशन तैयार किया गया। इस सब स्टेशन से चार फीडर निकाले गए हैं। वहीं पांच एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर यहां लगाया गया है। औद्योगिक क्षेत्र को भी होगा फायदा लाइनों के इंटरकनेक्ट होने से सबसे ज्यादा फायदा औद्योगिक क्षेत्र हरगढ़ को होगा। यहां पहले एक ही लाइन और फीडर से सप्लाई की जा रही है। लाइनों के इंटरनेक्ट होने के बाद यहां बिजली की समस्या से निजात मिलेगी। इतना ही नहीं बिजली कम्पनी यहां आवश्यकतानुसार लोड बढ़ा और घटा भी सकेगी। वहीं लोड को ट्रांसफर भी किया जा सकेगा। हरगढ़ और रमखरिया की लाइनों को इंटरकनेक्ट किया जाएगा। इसके साथ ही ओएंडएम के अंतर्गत पाटन से ग्राम रौसरा, किसरोद से शहपुरा, कटंगी से पोला, रौसरा से बोरिया, बेलखेड़ा वन से बेलखेड़ा टू को जोड़ा जाएगा। वहीं शहर में कई जगहों पर रिंगमेन सिस्टम है। जहां यह सिस्टम नहीं है, वहां भी लाइनों का इंटरकनेक्ट किया जाएगा। आरआरडीएसएस योजना के तहत 60 किलोमीटर की विद्युत लाइन का इंटरकनेक्ट किया जा रहा है। इससे डबल सप्लाई का ऑप्शन मिल जाएगा। यदि एक फीडर बंद होता है, तो उसी लाइन के जरिए दूसरे फीडर से विद्युत सप्लाई की जा सकेगी। जल्द ही काम पूरा हो जाएगा।  

शेख हसीना ने यूनुस सरकार पर की गई सख्त टिप्पणी बांग्लादेश को रास नहीं आई, चिढ़ गया बांग्लादेश, भारत से की ये शिकायत

ढाका अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की यूनुस सरकार पर की गई सख्त टिप्पणी बांग्लादेश को रास नहीं आई है। ढाका ने नई दिल्ली से कहा है कि वह अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश में रहते हुए ‘झूठी और मनगढ़ंत’ टिप्पणियां करने से रोके। अगस्त में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद हसीना को अपनी सत्ता छोड़नी पड़ी थी और वह भारत आ गई थीं। हसीना ने बुधवार को एक ऑनलाइन संबोधन में उन्होंने अपने समर्थकों से बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया और उस पर असंवैधानिक तरीके से सत्ता हथियाने का आरोप लगाया। हसीना के संबोधन से पहले ही हजारों प्रदर्शनकारियों ने उनके पिता और बांग्लादेश के संस्थापक नेता मुजीबुर रहमान के घर को ध्वस्त कर दिया और आग लगा दी। हसीना के भाषण के बाद भी हिंसा जारी रही। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने ढाका में भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त को एक विरोध पत्र सौंपा, जिसमें उनकी टिप्पणियों पर ‘गहरी चिंता, निराशा और गंभीर आपत्ति’ व्यक्त की गई। मंत्रालय ने कहा, “मंत्रालय ने भारत से अनुरोध किया है कि वह आपसी सम्मान और समझ की भावना से उन्हें इस तरह के झूठे, मनगढ़ंत और भड़काऊ बयान देने से रोकने के लिए तुरंत उचित कदम उठाए।” भारत ने शेख मुजीब के घर को जलाए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रहमान के घर को नष्ट करने की निंदा करते हुए इसे ‘बर्बरतापूर्ण कृत्य’ बताया। उन्होंने कहा, “वे सभी लोग जो स्वतंत्रता संग्राम को महत्व देते हैं, जिसने बांग्ला पहचान और गौरव को पोषित किया, वे बांग्लादेश की राष्ट्रीय चेतना के लिए इस निवास के महत्व से अवगत हैं।” यह वही घर था, जहां रहमान ने 1971 में पाकिस्तान से बांग्लादेश की स्वतंत्रता की घोषणा की थी और 1975 में इसी घर के भीतर उनकी और उनके परिवार के अधिकांश सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। हसीना ने इस इमारत को अपने पिता की विरासत को समर्पित एक संग्रहालय में बदल दिया।  

वित्तीय वर्ष 2024-25 में EPFO ने कुल 5.08 करोड़ क्लेम सेटल किए हैं, EPFO का ऐतिहासिक कदम: मंत्री मनसुख मंडाविया

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जब उसने 5 करोड़ से ज्यादा प्रॉविडेंट फंड (PF) क्लेम का सेटलमेंट किया। यह न सिर्फ एक रिकॉर्ड है, बल्कि यह संगठन द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों का भी नतीजा है। श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस ऐतिहासिक माइलस्टोन की जानकारी दी और बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में EPFO ने कुल 5.08 करोड़ क्लेम सेटल किए हैं, जिनका कुल मूल्य 2,05,932.49 करोड़ रुपये है। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में काफी अधिक है, जब केवल 4.45 करोड़ क्लेम सेटल किए गए थे और उनका मूल्य 1,82,838.28 करोड़ रुपये था। सुधारात्मक कदमों का असर मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस सफलता को EPFO द्वारा किए गए कई महत्वपूर्ण सुधारों से जोड़ा है। इन सुधारों में मुख्य रूप से ऑटो-सेटलमेंट क्लेम की सीमा और कैटेगरी में वृद्धि, मेंबर प्रोफाइल में बदलाव का सरलीकरण, प्रॉविडेंट फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और केवाईसी अनुपालन अनुपात में सुधार शामिल हैं। इन कदमों ने EPFO की कार्यकुशलता को बढ़ाया और क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया को तेज किया। जानिए क्या है ऑटो-सेटलमेंट प्रक्रिया मंत्री ने बताया कि ऑटो-सेटलमेंट मैकेनिज्म के कारण अब क्लेम के लिए आवेदन करने के तीन दिनों के भीतर उसे प्रोसेस कर लिया जाता है। इस सुधार के कारण, 2024-25 में ऑटो-सेटलमेंट की संख्या दोगुनी होकर 1.87 करोड़ हो गई है, जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा सिर्फ 89.52 लाख था। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि कैसे तकनीकी सुधारों ने कामकाजी प्रक्रिया को गति दी है और मामलों की संख्या को अधिक प्रभावी ढंग से निपटाया जा रहा है।   केवल 8% मामलों में ही नियोक्ता की मंजूरी इसी तरह, प्रॉविडेंट फंड ट्रांसफर क्लेम की प्रक्रिया में भी बड़े सुधार किए गए हैं। पहले ट्रांसफर क्लेम के लिए सदस्य और नियोक्ता दोनों से मंजूरी की आवश्यकता होती थी, लेकिन अब केवल 8% मामलों में ही नियोक्ता की मंजूरी की आवश्यकता पड़ती है। 48% ट्रांसफर क्लेम अब बिना किसी नियोक्ता के हस्तक्षेप के सीधे सदस्य द्वारा सबमिट किए जा रहे हैं, जबकि 44% ट्रांसफर रीक्वेस्ट अब पूरी तरह से ऑटोमैटिक हो रही हैं। मेंबर प्रोफाइल करेक्शन मंत्री ने मेंबर प्रोफाइल सुधार प्रक्रिया का भी उल्लेख किया, जिसके तहत अब 97.18% मामलों में प्रोफाइल सुधार केवल सदस्य की स्वीकृति से हो रहा है। केवल 1% मामलों में नियोक्ता की मंजूरी की आवश्यकता है। यह सुधार सेटलमेंट प्रक्रिया को और अधिक तेज और पारदर्शी बना रहा है, और इससे शिकायतों में भी कमी आई है। EPFO का बढ़ता विश्वास मंत्री ने कहा कि इन सुधारों ने न सिर्फ क्लेम प्रोसेस को तेज किया है, बल्कि EPFO में सदस्य का विश्वास भी बढ़ाया है। अब सदस्यों को लगता है कि उनका पैसा सुरक्षित हाथों में है और उनकी शिकायतों का समाधान जल्दी और प्रभावी ढंग से किया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया EPFO की विश्वसनीयता और कार्यकुशलता को दिखाती है। EPFO की बढ़ती कार्यकुशलता इन सभी सुधारों का नतीजा यह हुआ कि EPFO ने एक रिकॉर्ड समय में क्लेम सेटलमेंट की संख्या और कार्यकुशलता को बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 5.08 करोड़ क्लेम का सेटलमेंट EPFO की नई दिशा और आधुनिक प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल का परिणाम है। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था कि EPFO ने इस तरह के एक बड़े पैमाने पर क्लेम सेटलमेंट किए हों। 

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में सेमीकंडक्टर-मैन्यूफैक्चरिंग रहेगा निवेशकों का प्रमुख आकर्षण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में सेमीकंडक्टर एक महत्वपूर्ण सेक्टर रहेगा। इसकी महत्वता को देखते हुए राज्य मंत्रि-परिषद ने “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025” को मंजूरी दी है। इस नीति के लागू होने से सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावनाएं बढ़ गई हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने वाले निवेशकों के बीच इस सेक्टर को लेकर उत्साह और रुचि देखी जा रही है, जिससे राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस पॉलिसी से राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंड्क्टर विनिर्माण केन्द्र के रूप में विकसित एक स्थायी ईको-सिस्टम स्थापित किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विजन भारत को सेमीकंडक्टर डिज़ाइन निर्माण और तकनीकी विकास के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिये प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री का मानना है कि भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र एक क्रांति की कगार पर है। उनका लक्ष्य है कि इलेक्ट्रॉनिक और सेमीकंडक्टर्स का शत-प्रतिशत निर्माण भारत में ही किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि सेमीकंडक्टर पॉलिसी से प्रधानमंत्री श्री मोदी के लक्ष्य की प्राप्ति में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यह पालिसी राज्य को सेमीकंडक्टर विनिर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जो घरेलू और विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में मदद करेगी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में नेतृत्व करने के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सेमीकंडक्टर पॉलिसी के अंतर्गत निवेशकों के लिए पूंजी निवेश अनुदान (कुल निवेश का 25% अथवा भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई सब्सिडी का 50 प्रतिशत, जो भी कम हो) दिया जाएगा। राज्य सरकार गैर-सरकारी अनुमोदित परियोजनाओं के लिए कंपनियों को 40 प्रतिशत (अधिकतम 150 करोड़ रुपए) तक पूंजी निवेश अनुदान देगी। यह अनुदान ब्याज 6 प्रतिशत अथवा लागू ब्याज दर (जो भी कम हो) इकाई स्थापना के बाद 5 वर्षों तक (अधिकतम 10 करोड़ रुपए) दिया जाएगा। सेमीकंडक्टर पॉलिसी के अंतर्गत कंपनियों को रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, पहले 10 वर्षों के लिए 2 रुपए प्रति यूनिट बिजली टैरिफ सब्सिडी भी दी जाएगी। इससे संचालन लागत कम होगी और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। पॉलिसी में 400 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं के लिए इन्फ्रास्ट्रक्टर के लिए सहयोग, कर में छूट और कुछ अतिरिक्त वित्तीय सहायताएं भी दी जाएंगीं। पांच वर्षों में 2700 करोड़ रुपए का निवेश और 14,400 रोजगार सेमीकंडक्टर पॉलिसी से प्रदेश में अगले पांच वर्षों में 2700 करोड़ रुपए का निवेश आने की आशा है। इससे 3,782 करोड़ रुपए निर्यात और 1,702 करोड़ रुपए स्टेट जीएसटी राजस्व से प्राप्त होंगे। साथ ही बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होगा। पॉलिसी में पीपीपी मोड को बढ़ावा मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025 में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे सरकारी निकायों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग बढ़ेगा, साथ ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इसके फलस्वरूप वैश्विक विशेषज्ञता और तकनीक को मध्यप्रदेश में लाया जा सकेगा। निवेशकों को अनुसंधान और विकास के लिए प्रोत्साहन फंड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सेमी कंडक्टर पॉलिसी में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों को अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) और तकनीकी नवाचार में निवेश के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। सेमीकंडक्टर तकनीक में अनुसंधान के लिए विशेष फंड के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार पॉलिसी में नई परियोजनाओं के लिए अनुमोदन प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए सरलीकृत नियामक तंत्र का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार, प्रावधान प्रक्रिया में विलंब को न्यूनतम करने और कंपनियों को इकाई स्थापना एवं विस्तार में सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।  

सभी पात्र मेधावी विद्यार्थियों को जल्द ही मिलेंगे लैपटॉप : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी पात्र मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी देने का निर्णय लिया है। शासकीय विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाले बच्चों को उनकी पसंद के अनुसार इलेक्ट्रिक या पेट्रोल वाली स्कूटी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि टेंडर निकालकर स्कूटी दी जाएगी, यह पूर्णत: निराधार है। जो पात्र हैं उन्हें स्कूटी अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही हमारी सरकार पात्र मेधावी विद्यार्थियों को भी जल्द ही लैपटॉप भी वितरित करेगी। उन्होंने कहा है कि मेधावी छात्र-छात्राएं स्कूटी और लैपटॉप मिलने के बाद अपना भविष्य बनाने और उच्च शिक्षा पाने के लिए और अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। उन्होंने सभी बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना कर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदक विजेता खिलाड़ियों को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में मध्यप्रदेश के युवाओं ने शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण समेत कुल 5 पदकों पर कब्जा जमाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से पूरा प्रदेश गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने स्वर्णिम जीत के लिए सभी खिलाड़ियों को बधाई दी है। उल्लेखनीय है कि सुश्री दिव्या पवार ने बॉक्सिंग के 54 किग्रा महिला इवेंट में स्वर्ण पदक जीता है। शुक्रवार को ताइक्वांडो के Kyorugi (54 किग्रा) इवेंट में श्री हरमन सिंह गिल ने रजत पदक अपने नाम किया। बॉक्सिंग में प्रतिभाशाली मुक्केबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए तीन कांस्य पदक जीते। सुश्री मलिका मोर ने बॉक्सिंग के 50 किग्रा महिला इवेंट में एवं श्री हिमांशु श्रीवास ने 57 किग्रा पुरुष इवेंट में कांस्य पदक पर कब्जा जमाया है। इसी तरह मध्यप्रदेश बॉक्सिंग अकादमी की प्रतिभाशाली खिलाड़ी सुश्री माही लामा ने 57 किग्रा. महिला बॉक्सिंग इवेंट में दमदार प्रदर्शन कर कांस्य पदक अर्जित किया।  

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