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योगी सरकार ने की गजब व्यवस्था,1296 रुपये में हेलीकॉप्टर से देख सकेंगे महाकुंभ, यहां से बुक करें टिकट

 प्रयागराज महाकुंभ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गुड न्यूज है. अब वे हेलीकॉप्टर के माध्यम से प्रयागराज एयरपोर्ट से सीधे त्रिवेणी संगम पहुंच सकते हैं. दरअसल, महाकुंभ में उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड और फ्लाई ओला की तरफ से हेलीकाप्टर सेवा शुरू की गई है. हेलीकॉप्टर सेवा लेने के बाद अब आपको संगम तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल नहीं चलना पड़ेगा. ये हेलीकॉप्टर प्रयागराज एयरपोर्ट से उड़ान भरेगा और सीधे त्रिवेणी संगम के करीब बोट क्लब पर बने हेलीपैड पर आपको उतारेगा. इस दौरान आप आसमान से महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता को देख भी पाएंगे. हेलीपैड से उतरने के बाद आपको बोट क्लब से बोट उपलब्ध करवाई जाएगी, जो आपको सीधे संगम तक ले जाएगी. संगम में डुबकी लगाने के बाद आपको वही बोट हेलीपैड पर वापस ले जाएगी और हेलीकॉप्टर से वापस प्रयागराज एयरपोर्ट छोड़ देगी. कितना होगा खर्च? जानकारी के मुताबिक, इस पूरे पैकेज की लगता 35 हजार रुपये प्रति व्यक्ति है. इसके माध्यम से श्रद्धालु बिना चले संगम स्नान कर सकते हैं. खासकर, वृद्ध, दिव्यांगों के लिए संगम पहुंचने का ये अच्छा और सुलभ तरीका है. फिलहाल, अच्छी संख्या में लोग हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं और संगम तक पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. इस बाबत Fly Ola ग्रुप के सीईओ आर.एस सहगल ने बताया- राइड्स लगातार जारी हैं. बिना होटल बुकिंग करे आप 4-5 घंटे में स्नान कर वापस अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच सकते हैं. 35 हजार रुपये में पूरी जिम्मेदार हमारी है. आपको बता दें कि महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू हुआ था. प्रयागराज कुंभ मेले में छह शाही स्नान होंगे. महाकुंभ मेला का पहला शाही स्नान 13 जनवरी हुआ. दूसरा शाही स्नान 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति पर हुआ, तीसरा स्नान 29 जनवरी 2025 को मौनी अमावस्या पर हुआ, चौथा शाही स्नान 2 फरवरी 2025 को बसंत पंचमी पर हुआ, अब पांचवां शाही स्नान 12 फरवरी 2025 को माघ पूर्णिमा पर होगा और आखिरी शाही स्नान 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि पर होगा.  

413 दिनों का सूखा हुआ खत्म, वनडे में जीती टीम इंडिया, 68 गेंद रहते हारी इंग्लैंड

नागपुर टी20 सीरीज को अपने नाम करने के बाद भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज की भी धमाकेदार शुरू की है। नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम पर खेले गए वनडे सीरीज के पहले मैच को भारत ने 4 विकेट से अपने नाम किया। विस्फोटक शुरुआत के बाद भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड को सिर्फ 249 रनों पर समेट दिया। जवाब में रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल जल्दी आउट हो गए, इसके बाद भी टीम इंडिया ने मुकाबले को 39 ओवर में ही अपने नाम कर लिया। भारत को वनडे में 413 दिन बाद जीत मिली है। 2024 में टीम एक भी वनडे नहीं जीत पाई थी। साल्ट और डकेट ने की विस्फोटक शुरुआत इंग्लैंड को फिल साल्ट और बेन डकेट ने तेज शुरुआत दिलाई। वनडे में डेब्यू कर रहे राणा के पहले ही ओवर में साल्ट ने दो चौके मारे और फिर छठे ओवर में इस तेज गेंदबाज पर तीन छक्कों और दो चौकों से 26 रन बटोरे। इंग्लैंड की टीम हालांकि जब मजबूत स्थिति में पहुंचती दिख रही थी तब दोनों सलामी बल्लेबाजों के बीच गलतफहमी के कारण श्रेयस अय्यर के सटीक थ्रो पर विकेटकीपर केएल राहुल ने साल्ट को रन आउट कर दिया। उन्होंने 26 गेंद पर 43 रन बनाए। 10वें ओवर में यशस्वी जायसवाल ने राणा की गेंद पर मिडविकेट से पीछे की ओर 21 मीटर दौड़ते हुए डकेट (32) का शानदार कैच लपका। राणा ने दो गेंद बाद हैरी ब्रूक (0) को भी राहुल के हाथों कैच करा दिया। दो रनों के भीतर ये तीनों विकेट गिरे। 19 रन बनाने वाले जो रूट को आउट कर रविंद्र जडेजा ने इंग्लैंड को सबसे बड़ा झटका दिया। इसके बाद बटलर ने बेथेल के साथ 59 रन की साझेदारी की। अर्धशतक बनाने के बाद वह अक्षर की गेंद को हवा में खेलकर हार्दिक पंड्या को कैच दे बैठे। उन्होंने 67 गेंद की अपनी 52 रनों की पारी में चार चौके मारे। 21 साल के बेथेल ने एक छोर संभाले रखा और अर्धशतक पूरा किया। जडेजा ने हालांकि उन्हें पगबाधा करके इंग्लैंड की मजबूत स्कोर तक पहुंचने की उम्मीदों को तोड़ दिया। 51 रन बनाने वाले बेथेल ने 64 गेंद का सामना करते हुए तीन चौके और एक छक्का मारा। भारत के लिए तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने 53 रन जबकि अनुभवी रविंद्र जडेजा 26 रन देकर तीन-तीन विकेट चटकाकर। मेहमान टीम की 47.4 ओवर में सिमट गई। अय्यर, गिल और अक्षर ने ठोकी फिफ्टी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल की नई जोड़ी कोई कमाल नहीं कर पाई। 22 गेंद पर 15 रन बनाकर यशस्वी आर्चर का शिकार बने। रोहित का खराब फॉर्म जारी रहा और वह सिर्फ 2 रन बना सके। साकिब महमूद को उनका विकेट मिला। छठे ओवर में रोहित आउट हुए तो भारत का स्कोर 19 रन था। इसके बाद श्रेयस अय्यर ने मैच का रुख ही बदल दिया। आते ही उन्होंने अटैक किया और पावरप्ले खत्म होने तक भारत का स्कोर 71 रन पहुंच गया था। 30 गेंदों पर अय्यर ने वनडे में अपनी 19वीं फिफ्टी पूरी की। 36 गेंद पर 59 रन बनाकर वह बेथेल का शिकार बने। गिल और अय्यर के बीच 64 गेंदों पर 94 रनों की साझेदारी हुई। इसके बाद टीम मैनेजमेंट ने अक्षर पटेल को बैटिंग के लिए भेजा। अक्षर ने गिल का साथ निभाया। दोनों ने अपनी फिफ्टी पूरी की और टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया। आदिल रशीद की गेंद पर बोल्ड होने से पहले अक्षर ने 47 गेंद पर 52 रनों की पारी खेली। इंग्लैंड ने अंत में वापसी की कोशिश की। केएल राहुल सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हुए। गिल शतक से चूक गए औऱ 87 रनों की पारी खेलकर साकिब की गेंद पर आउट हुए। हालांकि इन तीन विकेटों का कोई खास असर नहीं हुआ और 39वें ओवर की चौथी गेंद पर भारत ने मैच जीत लिया। हार्दिक 9 और जडेजा 12 रन बनाकर नाबाद रहे।

प्रयागराज के महाकुंभ में एक बार फिर लगी आ , सेक्टर-18 के शंकराचार्य मार्ग पर लगी , दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर

प्रयागराज प्रयागराज के महाकुंभ में एक बार फिर आग लग गई है. यह आग सेक्टर-18 के शंकराचार्य मार्ग पर लगी है. दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची. फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है. आग लगने की यह इस तरह की तीसरी घटना बताई जा रही है. फायर ब्रिगेड आग बुझाने में मुस्तैदी से जुटा हुआ था. अभी आग लगने की वजह पता नहीं चल पाई है. आग में जाल एवं माल की किसी तरह की हानि नहीं हुई है. कहा जा रहा है कि आग पर काबू पा लिया गया है. इससे पहले 30 जनवरी को महाकुंभ के सेक्टर-22 में भी कई पंडालों में आग लग गई थी. इस आग में 15 टेंट जलकर खाक हो गए थे.  बता दें कि इससे पहले भी आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. महाकुंभ मेले के सेक्टर 2 में दो कारों में आग लगने के बाद हड़कंप मच गया था. हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था और समय रहते फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पा लिया था. वहीं, 19 जनवरी को महाकुंभ मेले के सेक्टर 19 में एक और आगजनी की घटना हुई थी, जब एक शिविर में रखे घास-फूस में आग लग गई थी. इस घटना में करीब 18 शिविर जलकर खाक हो गए थे. हालांकि, फायर ब्रिगेडकर्मियों ने तत्परता से आग पर काबू पा लिया था और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई थी.  

ट्रंप को PM नेतन्याहू ने क्यों गिफ्ट किया गोल्डन पेजर? जानें क्या है बड़ा कारण

न्यूयॉर्क  इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने ट्रंप को एक बेहद खास गिफ्ट दिया. व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें ‘गोल्डन पेजर’ गिफ्ट किया है. इजरायली प्रधानमंत्री के कार्यालय की ओर से भी इस बात की पुष्टि की गई कि नेतन्याहू ने डोनाल्ड ट्रंप को गोल्डन पेजर गिफ्ट के रूप में दिया है. दरअसल, यह तोहफा लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल के ऑपरेशन का प्रतीक है, जिसमें पेजर ब्लास्ट के जरिए हिजबुल्लाह के कई आतंकवादियों को मार गिराया गया था. लेबनान में कैसे हुए थे पेजर ब्लास्ट? लेबनान और सीरिया के सीमावर्ती इलाकों में पिछले साल सितंबर में कई पेजरों में ब्लास्ट हुए थे. लेबनान की राजधानी बेरूत और दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में खासकर पूर्वी बेका घाटी में पेजर में एक के बाद एक सीरियल ब्लास्ट हुए थे. इसके बाद लेबनान में वॉकी-टॉकी के अलावा सोलर पैनल और हैंड हेल्ड रेडियो में भी ब्लास्ट हुए थे. इतना ही नहीं लेबनान के बेरूत समेत कई प्रमुख शहरों में घरों के सोलर सिस्टम और सोलर पैनलों में भी कई धमाके हुए थे. हिजबुल्लाह की ओर से संवाद करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पेजरों में हुए हमलों के कारण करीब  3000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे और लगभग 40 आतंकवादियों की मौत हुई थी. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बात की पुष्टि की थी कि उन्होंने ही सितंबर में लेबनान स्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह के खुफिया ठिकानों पर पेजर हमले को मंजूरी दी थी. पेजर का ही इस्तेमाल क्यों करते थे हिजबुल्लाह के लड़ाके दरअसल, हमास के ऊपर इजरायल के हमले के बाद हिजबुल्लाह के टॉप कमांडरों ने अपने लड़ाकों को एक-दूसरे से बात करने के लिए मोबाइल या इंटरनेट की जगह पेजर का इस्तेमाल करने का आदेश दिए थे.  पेजर की लोकेशन ट्रैक नहीं हो सकती है. कैसे काम करता है पेजर? पेजर रेडियो फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करता है। जब किसी को मैसेज भेजना होता है तो पेजर नेटवर्क उस मैसेज को सेंड करता है, जिसे पेजर डिवाइस रिसीव करता है। जब कोई संदेश आता है तो यह बीप या बाइब्रेट करता है। इसीलिए इसे बीपर और ब्लीपर भी कहा जाता है। इसमें किसी भी तरह के इंटरनेट और कॉलिंग की भी जरूरत नहीं पड़ती है। यह पहाड़ी इलाकों या दूर दराज के क्षेत्रों में ज्यादा फायदेमंद होते हैं। तीन तरीके के होते हैं पेजर मोबाइल फोन के नेटवर्क वीक होने वाली जगहों पर भी पेजर काफी भरोसेमंद डिवाइस था। पेजर भी कोई एक तरह का नहीं होता है बल्कि यह भी तीन तरह का होता है। इसमें पहले आता है वन वे पेजर। वनवे पेजर में केवल मैसेज को रिसीव किया जा सकता है। दूसरे नंबर पर टू वे पेजर आता है। इसमें मैसेज रिसीव करने के साथ-साथ सेंड भी कर सकते हैं। फिर आखिरी वॉयस पेजर का नाम शामिल है। इसमें वॉयस मैसेज को रिकॉर्ड किए जाते हैं।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तैयार होने के साथ भारतीय रेलवे लंबी दूरी की यात्रा में क्रांति लाने के लिए तैयार

  जबलपुर  वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तैयार होने के साथ भारतीय रेलवे लंबी दूरी की यात्रा में क्रांति लाने के लिए तैयार है, जो देश के सबसे तेजी से बढ़ते बेड़े का एक अत्याधुनिक संस्करण है। विश्वस्तरीय, हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन का सपना अब हकीकत बन चुका है क्योंकि पहली 16-डिब्बों वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने 15 जनवरी 2025 को मुंबई-अहमदाबाद खंड में पांच सौ चालीस किलोमीटर की दूरी के लिए अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) के कठोर परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई ने पिछले साल 17 दिसंबर को भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट का निर्माण पूरा किया। एक पखवाड़े के भीतर ट्रेन को कोटा डिवीजन में लाया गया और पिछले महीने के पहले सप्ताह में लगातार तीन दिन तक 30 से 40 किलोमीटर की छोटी दूरी के लिए सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया, जहां इसने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की उच्च गति से आरामदायक यात्रा का अनुभव हासिल किया।    यह उपलब्धि रेलवे के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण छलांग है, जो यात्रियों के लिए एक बेरोकटोक और शानदार यात्रा के अनुभव का वादा करती है। आराम, गति और अत्याधुनिक तकनीक पर ध्यान केन्द्रित करने के साथ, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें आने वाले दिनों में लोगों को रात भर की यात्राओं की नई परिभाषा देने के लिए तैयार हैं। उत्पादन बढ़ाना: प्रगति की ओर    प्रोटोटाइप के सफल परीक्षण के बाद, अप्रैल से दिसम्बर 2025 के बीच नौ और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट का उत्पादन निर्धारित है। ये ट्रेनें लंबी दूरी के यात्रियों के लिए दक्षता और सुविधा के मामले में नए मानक स्थापित करेंगी।    इस स्लीपर ट्रेन को पहली बार उपलब्ध कराने के लिए, भारतीय रेलवे ने 17 दिसम्बर 2024 को 24 डिब्बों की वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट के 50 रेक के लिए प्रोपल्शन इलेक्ट्रिक्स का एक बड़ा ऑर्डर दिया है। यह ऑर्डर दो प्रमुख भारतीय निर्माताओं को दिया गया है, जो 2 साल की समय सीमा में तैयार होने की संभावना है। * मेसर्स मेधा 33 रेकों के लिए प्रोपल्शन प्रणाली की आपूर्ति करेगी। * मेसर्स अलस्टॉम 17 रेकों के लिए प्रोपल्शन प्रणाली की आपूर्ति करेगा। भविष्य की ओर देखते हुए, 24 डिब्बों वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का पूरे पैमाने पर उत्पादन 2026-27 में शुरू होगा, जिससे रेलवे प्रौद्योगिकी में भारत की आत्मनिर्भरता और मजबूत होगी। गति और विलासिता के साथ रेल यात्रा में एक नया अध्याय    इन वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को स्वचालित दरवाजों, बेहद आरामदायक बर्थ, ऑन बोर्ड वाईफ़ाई और विमान जैसी सुविधाओं के साथ डिज़ाइन किया गया है। भारत में यात्री पहले से ही मध्यम और छोटी दूरी पर देश भर में चलने वाली 136 वंदे भारत ट्रेनों के माध्यम से रिक्लाइनिंग सीटों और विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव का आनंद ले रहे हैं। वंदे भारत स्लीपर के साथ, यात्री विश्वस्तरीय सुविधाओं और उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से लैस एक शांत, सुगम और अधिक आरामदायक यात्रा की उम्मीद कर सकते हैं। मेक इन इंडिया पहल के तहत डिज़ाइन और निर्मित, यह ट्रेन भारत की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और रेल यात्रा में बदलाव लाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।     जैसे-जैसे भारतीय रेलवे इस परिवर्तनकारी परियोजना के साथ आगे बढ़ रहा है, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट आधुनिक, कुशल और यात्री-अनुकूल परिवहन की राष्ट्र की कल्पना का प्रमाण है। ट्रेन की विशेषताएं * ट्रेन में 16 डिब्बे हैं जिन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है: एसी प्रथम श्रेणी, एसी 2-टियर और एसी 3-टियर। * ट्रेन की कुल क्षमता 1,128 यात्रियों की है ट्रेन में क्रैश बफ़र्स, विरूपण ट्यूब और अग्नि अवरोधक दीवार है। * ट्रेन में स्वचालित दरवाजे, गद्देदार बर्थ और ऑनबोर्ड वाईफाई है।        भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के परिचालन से पहले, अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ट्रायल रन का विश्लेषण करने के बाद अंतिम प्रमाणपत्र जारी करेगा। रेलवे सुरक्षा आयुक्त ट्रेन की अधिकतम गति का मूल्यांकन करेंगे।

सुश्री संगीता ने अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 तक के निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की सापेक्ष प्रगति की समीक्षा

रायपुर आबकारी विभाग की सचिव सह आयुक्त सुश्री आर. संगीता ने आज नवा रायपुर में विभागीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन, उड़नदस्ता दल, एवं विभिन्न जिलों के आबकारी अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में विभागीय गतिविधियों की समीक्षा एवं राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु कार्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। सुश्री संगीता ने अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 तक के निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की सापेक्ष प्रगति की समीक्षा की और आगामी महीनों के लिए जिलेवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। आबकारी सचिव सुश्री संगीता ने  स्थानीय चुनावों के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने हेतु उन्होंने अवैध मदिरा एवं मादक पदार्थों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी थाना एवं जांच चौकियों में सतर्कता बढ़ाने और विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया। आबकारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री नहीं हो। उन्होंने ग्राहक सुविधा एवं शिकायत समाधान पर विशेष ध्यान देने के लिए “मनपसंद” मोबाइल ऐप और टोल-फ्री नंबर 14405 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान करने के निर्देश दिए। आबकारी कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण एवं वित्तीय अनुशासन आबकारी सचिव ने फील्ड में कार्यरत आबकारी आरक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और इसके लिए जिला स्तर पर समन्वय कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, मदिरा दुकानों में निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री न हो और मदिरा में किसी भी प्रकार की मिलावट न हो, इसे कड़ाई से सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया। सचिव ने कहा कि मदिरा दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान किया जाए तथा बिक्री से प्राप्त राशि को बैंक में नियमानुसार जमा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस कार्य में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित कैश कलेक्शन / बैंक एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। बैठक में पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति एवं न्यायालय में लंबित मामलों के त्वरित निराकरण हेतु भी आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक श्री श्याम लाल धावड़े, विशेष सचिव (आबकारी) श्री देवेंद्र सिंह भारद्वाज सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

महापौर प्रत्याशी मिनल चौबे ने अपने चुनाव प्रचार की शुरूआत रायपुर उत्तर विधानसभा अंतर्गत कालीमाता वॉर्ड शक्तिनगर से की

रायपुर  भारतीय जनता पार्टी की महापौर प्रत्याशी मिनल चौबे ने गुरुवार अपने चुनाव प्रचार की शुरूआत रायपुर उत्तर विधानसभा अंतर्गत  कालीमाता वॉर्ड शक्तिनगर से की। वे लगातार  चुनाव प्रचार करने विभिन्न वार्डों का दौरा कर रही हैं इस दौरान उनके साथ प्रत्येक वॉर्ड  के पार्षद प्रत्याशी भी जनता से लगातार आशीर्वाद मांग रहे हैं नगर निगम चुनाव में भाजपा महापौर प्रत्याशी सहित सभी पार्षद प्रत्याशियों को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है भाजपा की योजनाओं को लेकर भाजपा कार्यकर्ता भी लगातार जनता के बीच पहुंचकर जनता से समर्थन जुटा रहे हैं , आज उत्तर विधानसभा में रैली के दौरान उनके साथ विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी प्रत्याशी मीनल चौबे के लिए जनता से मतदान की अपील की । रायपुर निगम में भाजपा का महापौर बनने से बहेगी विकास की त्रिवेणी:- मीनल चौबे भाजपा प्रत्याशी मीनल चौबे ने आज अपने चुनाव प्रचार के दौरान कई स्थानों पर  जनता से संवाद भी स्थापित किया उन्होंने  कहा कि आप सभी से मिल रहे स्नेह और आशीर्वाद ही मेरे ऊर्जा का स्त्रोत है । समय कम होने के कारण दुगना परिश्रम है परन्तु जनता से मिल रहे अपार स्नेह और वरिष्ठ जनों से मिल रहे आशीर्वाद से अलग ही ऊर्जा प्राप्त होती है । उन्होंने कहा मै जनता के अपार स्नेह की ऋणी हूं और यह संकल्प लेती हूं कि  रायपुर नगर निगम को सर्वश्रेष्ठ नगर निगम बना कर जन समस्यायों का निवारण को प्राथमिकता में रखूंगी ।  उन्होंने कहा केंद्र में भाजपा सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के साथ रायपुर नगर निगम में भाजपा महापौर का चयन होने से रायपुर नगर निगम में विकास की त्रिवेणी बहेगी और निश्चित तौर पर तीनों जगह भाजपा की सत्ता होने से नगर निगम के विकास को गुणात्मक गति मिलेगी । नगर निगम रायपुर को कांग्रेस ने दलाली का अड्डा बना दिया :- पुरंदर मिश्रा रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक पुरंदर मिश्रा ने महापौर प्रत्याशी मिनल चौबे और रायपुर उत्तर विधानसभा के 7 वार्डों के प्रत्याशियों के लिए उत्तर की जनता से मतदान स्वरूप आशीर्वाद मांगा इस दौरान उन्होंने कहा कि रायपुर उत्तर की जनता ने मुझे अपने अपरिमित स्नेह सहयोग और आशीर्वाद प्रदान कर विधायक बनाया है भाजपा के मजबूत कार्यकर्ताओं और रायपुर उत्तर की श्रेष्ठकर जनता के बल पर हमने विधानसभा चुनाव में 20 हजार से अधिक मतों की बड़ी जीत हासिल की उसके पश्चात लोकसभा चुनाव में  हमने भाजपा को बड़ी लीड दिलवाई थी। आप सभी के सहयोग और प्रेम के बल से मै आश्वस्त हूं कि रायपुर नगर निगम चुनाव में महापौर के रूप में मीनल चौबे और सभी वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों को बड़ी मतांतर से जीत दिलवाएंगे । उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कांग्रेस के नेताओं ने नगर निगम को दलाली का अड्डा बना दिया है जनता की सुविधाओं के हर काम के लिए घुस की धनराशि तय है और निगम के सारे ठेकों में गुणवत्ता आधार नहीं है अपितु आप किस कांग्रेस नेता के करीबी हो यह आधार रह गया है । भाजपा प्रत्याशी मीनल चौबे ने  आज 7 वार्डों में जनसंपर्क रैली निकालकर जनता से आशीर्वाद मांगा शक्ति नगर से शुरू हुई चुनाव प्रचार रैली में मिनल चौबे के साथ भाजपा के वार्ड पार्षद प्रत्याशी साधना साहू के साथ प्रचार रैली वॉर्ड के मुख्य चौक चौराहों और मोहल्लों से होते हुए आगे बढ़ी इस दौरान जगह जगह महापौर प्रत्याशी मिनल चौबे सहित भाजपा पार्षद प्रत्याशियों का स्थानीय जनता ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया अनेक स्थानों पर रैली का भव्य स्वागत किया गया जहां प्रत्याशियों को स्थानीय नागरिकों ने पुष्पमाला पहना कर स्वागत किया शक्ति नगर से होते हुए वे शंकर नगर वॉर्ड में भाजपा प्रत्याशी राजेश गुप्ता के साथ वार्ड में जनसंपर्क रैली करते हुए , गुरुगोविंद सिंग वॉर्ड में कैलाश बेहरा , पं.रविशंकर शुक्ल वॉर्ड ज्ञानचंद चौधरी , हवलदार अब्दुल हमिद वॉर्ड में ज्ञानचंद चौधरी , इंदिरा गांधी वॉर्ड में अवतार बागल और मौलाना अब्दुल रऊफ वॉर्ड में घनश्याम रक्सेल के साथ क्षेत्र में रैली की शक्ल में जनसंपर्क करते हुए भाजपा की महापौर प्रत्याशी मिनल चौबे और पार्षद प्रत्याशी के लिए जन आशीर्वाद मांगा ।इस दौरान मिनल चौबे और भाजपा पार्षद प्रत्याशियों ने स्थानीय गणमान्य नागरिकों से भेंट भी की श्रीमती चौबे के  जनसंपर्क रैली में आज उनके साथ चुनाव प्रचार में बड़ी संख्या में भाजपा , महिला मोर्चा और युवा मोर्चा कार्यकर्ता उपस्थित थे ।

मोहन सरकार आयुष्मान योजना में गड़बड़ियों को रोकने के लिए नई एसओपी बनाने जा रही, गड़बड़ियां रोकने तत्कालिक बदलाव होंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत कई अस्पतालों ने फर्जीवाड़े किए हैं. लगातार गड़बड़ियों की शिकायतें आने के बाद अब मोहन यादव सरकार ने शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है. मरीजों के फर्जी बिल लगाकर सरकारी खजाने को चपत लगा रहे भोपाल के 200 समेत प्रदेश के एक हजार अस्पताल जांच के दायरे में हैं. सरकार आयुष्मान योजना में गड़बड़ियों को रोकने के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानि एसओपी बनाने जा रही है. गड़बड़ियां रोकने के लिए कुछ तत्कालिक बदलाव भी किए गए हैं. डायलिसिस का क्लैम पाने के लिए नई गाइडलाइन आयुष्मान योजना के मध्यप्रदेश के सीईओ डॉ. योगेश भरसट ने बताया “सरकार आयुष्मान योजना की गड़बड़ियों को रोकने के लिए नई एसओपी तैयार कर रही है. अभी लोग शिकायत कर रहे थे कि डायलिसस के मामले में अस्पताल संचालक फर्जी बिल बनाकर सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं. ऐसे में हमने इसमें बदलाव किया है. डायलिसिस मरीजों के लिए एक जरूरी बदलाव राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) ने किया है. इसके तहत आयुष्मान से जुड़े अस्पतालों को डार्यालिसस पर क्लैम तभी मिलेगा, जब डॉक्टर या अस्पताल अधीक्षक मरीज के साथ फोटो टीएसएम पोर्टल पर अपलोड करेगा. यदि टीएसएम पोर्टल पर फोटो अपलोड नहीं हुए तो क्लैम रिजेक्ट कर दिया जाएगा.” शिकायत सही मिली तो इंपैनल्ड अस्पताल होंगे बाहर आयुष्मान योजना के तहत भोपाल जिले के 200 और प्रदेश के 1000 से अधिक इम्पैनल्ड अस्पतालों की नए सिरे से जांच की जा रही है. इनमें फर्जी बिलिंग और इलाज में अनियमितता की शिकायत मिल रही थी. यही शिकायतें गली-मोहल्लों में संचालित आरोग्य अस्पतालों के खिलाफ भी मिल रही थीं. अब सरकार शिकायत मिलने वाले इंपैनल्ड अस्पतालों की जांच करेगा. यदि शिकायत सही पाई जाती है तो अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. ऐसे अस्पतालों को आयुष्मान योजना की सूची से बाहर किया जाएगा. प्रदेश के एक हजार अस्पतालों की होगी स्क्रीनिंग मध्यप्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत इंपैनल्ड एक हजार अस्पतालों की स्क्रीनिंग की जाएगी. इसमें उनकी मूलभूत सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों के बारे में जानकारी ली जाएगी. यदि ऐसे अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं, तो उनके खिलाफ मान्यता रद्द करने समेत अन्य कार्रवाई होगी. गुणवत्तापूर्ण इलाज नहीं मिलने और जरूरी संसाधन नहीं होने पर ऐसे अस्पतालों को डीलिस्ट किया जाएगा. अस्पतालों के क्लैम सेटलमेंट, मरीजों की शिकायतों और इलाज की गुणवत्ता पर आधारित नए मानक तय किए जाएंगे. अस्पतालों की रैंकिंग बनाई जाएगी, जिससे अच्छे अस्पतालों को फायदा मिलेगा और खराब अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई होगी.

आचार्य जी के उपदेश प्रकाश स्तंभ की तरह: पथ को आलोकित कर देती है सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने हमें सिखाया कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। अगर हम अपनी संस्कृति को खो देते हैं तो विश्व के समक्ष हमारी कोई पहचान नहीं रह जाती। आचार्य जी ने संप्रदायवाद, भाषावाद, जातिवाद आदि संकीर्णताओं से ऊपर उठकर मानवता एवं विश्व बंधुत्व का संदेश हम सभी को दिया है। केन्द्रीय गृहमंत्री शाह आज डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में आचार्य विद्यासागर जी महाराज की समाधि स्मारक के भूमिपूजन और विनयांजलि समारोह को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जैन आचार्यो और मुनियों ने संपूर्ण देश को एकसूत्र में बांधने का कार्य किया है। जैन संतों और मुनियों ने उत्तर प्रदेश के हस्तिनापुर से लेकर कर्नाटक के श्रवणबेलगोला तक और बिहार के राजगीर से गुजरात के गिरनार तक हर जगह पैदल भ्रमण कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हुए त्याग और तपश्चर्या से सन्मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी ने एक कल्पवृक्ष की भांति जीवन जिया। उनके तप और त्याग से प्रत्येक क्षण देशवासियों को नई प्रेरणा मिली।  उन्होंने कहा कि आज इस स्थान पर सभी लोगों ने मिलकर आचार्य जी की भव्य समाधि का निर्माण करने का निर्णय लिया है, इसके लिए  सभी साधुवाद के पात्र हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज भौतिक देह से भले ही हमारे बीच उपस्थित नहीं है, लेकिन उनके उपदेश हमें प्रकाश स्तंभ की तरह युगों युगों तक हमेशा सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे। आचार्य जी ने धर्म की रक्षा और राष्ट्र की मजबूती के लिए मीलों पैदल सफर तय किया। आहार-विहार का ऐसा संयम रखा जिसे सोचकर ही हम सब चकित रह जाते हैं। आचार्य जी ने करोड़ों लोगों को अपने जीवन से प्रेरणा दी। वे एक राष्ट्र संत थे और स्वदेशी के प्रति उनका गहरा अनुराग था। वे हमेशा कहते थे कि हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने पूज्य समता सागर जी महाराज और देशभर से आए सभी जैन मुनियों को प्रणाम करते हुए कहा कि  संतों का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहे, ऐसी मेरी कामना है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल, जैन समाज के अशोक पाटनी, महोत्सव के अध्यक्ष विनोद बड़जात्या, श्रीकांत प्रभात जैन, विनोद जैन, मनीष जैन एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित समाज के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान समय में, जब संपूर्ण विश्व आपसी भौतिक प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान समय में, जब संपूर्ण विश्व आपसी भौतिक प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है, ऐसे में भगवान बुद्ध के शांति और करुणा के संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। मानवता के उत्थान और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए बुद्ध के दिखाए रास्ते का अनुसरण करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी बुद्ध के संदेशों का व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है, जिसके कारण यहाँ सभी धर्मों के लोग आपसी सौहार्द, भाईचारे और समरसता के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय आज डोंगरगढ़ के प्रसिद्ध प्रज्ञागिरी तीर्थ स्थल में आयोजित 32वें अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस आयोजन में देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षु, विद्वान एवं अनुयायी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ धार्मिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। प्रदेश के प्राचीन बौद्ध स्थलों में सिरपुर का विशेष महत्व है, जहाँ बौद्ध धर्म की ऐतिहासिक विरासत आज भी संरक्षित है। इसी प्रकार, उत्तरी छत्तीसगढ़ के मैनपाट क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं, और यह क्षेत्र अब एक प्रमुख बौद्ध पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें पर्यटन भी एक महत्वपूर्ण घटक है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता इसे पर्यटन के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनाती है। प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए सतत प्रयासरत है। इस दिशा में, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजना के तहत भी इस क्षेत्र को शामिल किया गया है, जिससे यहाँ पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में देश-विदेश से पधारे बौद्ध भिक्षुओं, विद्वानों एवं अनुयायियों का हृदय से स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय एवं प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष विनोद खाण्डेकर ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति के सचिव शैलेन्द्र डोंगरे, कोषाध्यक्ष सुरेश कुमार सहारे एवं बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म के अनुयायी उपस्थित रहे।

भोपाल मंडल को इंटर डिविजनल टिकट चेकिंग शील्ड सहित 6 दक्षता शील्ड मिली

भोपाल  पश्चिम मध्य रेलवे के 69वें रेल सप्ताह समारोह के अंतर्गत महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय महोदया द्वारा विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार आवंटित किये गये| इस अवसर पर जबलपुर में आयोजित भव्य समारोह में रेल कर्मचारियों एवं  भोपाल, जबलपुर और कोटा मंडल के विभिन्न विभागों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए भोपाल मंडल को कुल 6 दक्षता शील्ड प्राप्त हुई हैं, जो मंडल की उत्कृष्ट सेवाओं और प्रयासों को दर्शाती हैं। भोपाल मंडल के चार कर्मचारियों को व्यक्तिगत पुरुस्कार महाप्रबंधक महोदया द्वारा प्रदान किये गए । साथ ही भोपाल मंडल को इंटर डिविजनल टिकट चेकिंग ,विद्युत, इंजीनियरिंग, संरक्षा, राजभाषा और सर्वश्रेष्ठ अनुरक्षित रनिंग रूम शील्ड प्रदान की गई। इन प्रतिष्ठित शील्डस को भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी एवं मंडल के शाखाधिकारियों  ने महाप्रबंधक से प्राप्त किया। इस उपलब्धि पर भोपाल मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हर्षोल्लास है। भोपाल मंडल ने इन विभागों में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रेलवे सेवा को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाया है। रेल प्रशासन ने सभी पुरस्कृत विभागों को बधाई दी और भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।

ज्योतिर्लिंग के साथ द्वारका एवं शिर्डी यात्रा के लिए रवाना होगी आई.आर.सी.टी.सी. की भारत गौरव पर्यटक ट्रैन

ज्योतिर्लिंग के साथ द्वारका एवं शिर्डी यात्रा के लिए रवाना होगी आई.आर.सी.टी.सी. की भारत गौरव पर्यटक ट्रैन भोपाल मंडल के रानी कमलापति एवं इटारसी से होकर गुजरेगी भोपाल मध्यप्रदेश के तीर्थयात्रियों के लिए एक विशेष अवसर—आईआरसीटीसी द्वारा संचालित भारत गौरव पर्यटक ट्रेन, जो 25 मार्च 2025 को रीवा से रवाना होगी। इस ट्रेन के माध्यम से यात्री ज्योतिर्लिंगों और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकेंगे। यह विशेष ट्रेन रीवा, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, इटारसी, रानी कमलापति, शुजालपुर, इंदौर, देवास, उज्जैन और रतलाम जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जहाँ से यात्री इसमें सवार हो सकते हैं। 10 रातों/11 दिनों की इस यात्रा में द्वारका, सोमनाथ, त्र्यंबकेश्वर, शिरडी, भीमाशंकर और घृष्णेश्वर जैसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों का भ्रमण शामिल होगा। आईआरसीटीसी द्वारा इस यात्रा के लिए विशेष रूप से एलएचबी कोच वाली भारत गौरव ट्रेन चलाई जा रही है, जिसमें यात्रियों के लिए सुविधाजनक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड एवं ऑफ-बोर्ड भोजन, सड़क परिवहन, दर्शनीय स्थलों की यात्रा, आवास, टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा और ऑन-बोर्ड सुरक्षा जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यात्रा में शामिल होने के इच्छुक यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट (www.irctctourism.com) पर जाकर बुकिंग कर सकते हैं। यह यात्रा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए एक अनुकूल विकल्प हो सकती है, जो एक ही यात्रा में कई महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के दर्शन करना चाहते हैं।

आचार्य जी ने भारतीय भाषाओं के संवर्धन, देश के गौरव का विश्वभर में प्रसार और देश की पहचान ‘इंडिया’ की बजाय ‘भारत’ से होने पर जोर दिया:अमित शाह

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आचार्य विद्यासागर जी महाराज के ‘प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव’ और 1008 सिद्धचक्र विधान विश्व शांति महायज्ञ में शामिल हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आचार्य विद्यासागर जी महाराज एक युग पुरुष थे, उन्होंने एक नए विचार और नए युग का प्रवर्तन किया आचार्य विद्यासागर जी के शरीर का कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण धर्म, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित रहा आचार्य जी ने भारतीय भाषाओं के संवर्धन, देश के गौरव का विश्वभर में प्रसार और देश की पहचान ‘इंडिया’ की बजाय ‘भारत’ से होने पर जोर दिया जी-20 सम्मेलन के निमंत्रण पत्र पर ‘प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत’ लिख कर, मोदी जी ने विद्यासागर जी के विचारों को जमीन पर उतारने का काम किया आचार्य विद्यासागर जी अपने कर्मों से भारत, भारतीय संस्कृति, भारतीय भाषाओं और भारत की पहचान के प्रतिबिंब बने आचार्य विद्यासागर जी का संदेश, प्रवचन व लेखन जैन समुदाय के साथ-साथ पूरे राष्ट्र के लिए अनमोल धरोहर मोदी जी के नेतृत्व में भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘अहिंसा परमो धर्म:’ के सिद्धांतों का प्रचार कर रहा है जिस देश में अनेक भाषाएँ, लिपियाँ, बोलियाँ, व्याकरण और गाथाएँ हों, वह देश सांस्कृतिक रूप से उतना ही समृद्ध होता है रायपुर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया और 1008 सिद्धचक्र विधान विश्व शांति महायज्ञ में शामिल हुए। इस दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आचार्य विद्यासागर जी की स्मृति में ₹100 का स्मारक सिक्का, डाक विभाग का ₹5 का विशेष लिफाफा, 108 चरण चिन्हों व चित्र का लोकार्पण और प्रस्तावित समाधि स्मारक ‘विद्यायतन’ का शिलान्यास किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूज्य मुनि समता सागर जी महाराज सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज एक युग पुरुष थे, जिन्होंने एक नए विचार और नए युग का प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जन्मे आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महामुनिराज अपने कर्मों से भारत, भारतीय संस्कृति, भारतीय भाषाएँ और भारत की पहचान के ज्योतिर्धर बने। शाह ने कहा कि शायद ही यह सम्मान किसी ऐसे धार्मिक संत को मिला होगा, जिन्होंने धर्म के साथ-साथ देश की पहचान की व्याख्या विश्व भर में की हो। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी के शरीर का कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण धर्म, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित रहा। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्हें कई बार आचार्य विद्यासागर जी का सान्निध्य मिला और हर बार आचार्य जी ने भारतीय भाषाओं के संवर्धन, देश के गौरव का विश्वभर में प्रसार और देश की पहचान ‘इंडिया’ की बजाय ‘भारत’ से होने पर जोर दिया। अमित शाह ने कहा कि जी-20 सम्मेलन के निमंत्रण पत्र पर ‘प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत’ लिख कर, मोदी जी ने विद्यासागर जी के विचारों को जमीन पर उतारने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आचार्य जी के विचार को जरा भी राजनीति किए बगैर जमीन पर उतारा और उनके संदेश का अनुकरण करने का काम किया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आचार्य जी ने जीवन के अंतिम क्षण तक तपस्या का मार्ग नहीं छोड़ा। शाह ने कहा कि आचार्य जी ने न केवल जैन धर्म के अनुयायियों को बल्कि जैनेत्तर अनुयायियों को भी अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा से मोक्ष का मार्ग बताने का काम किया। अमित शाह ने कहा कि यह बोलने वाले बहुत लोग मिलते हैं कि धर्म, राष्ट्र और समाज के लिए जीवन का हर क्षण समर्पित होना चाहिए। लेकिन पूरा जीवन इसी तरह जीने वाले लोग कभी-कभार ही दिखते हैं और आचार्य जी का जीवन ऐसा ही रहा। उन्होंने कहा कि आचार्य जी ने ‘अहिंसा परमो धर्म:’ के सिद्धांत की समय अनुकूल व्याख्या कर पूरे विश्व में इसे स्थापित करने का काम किया। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने जैन धर्म के सिद्धांत के अनुरूप इस बात का ख़याल रखा कि उनके शिष्य भी उन्हीं सिद्धांतों पर जीवन व्यतीत करें। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘अहिंसा परमो धर्म:’ के सिद्धांतों का प्रचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस अवसर के लिए स्मारक सिक्का और विशेष लिफाफा की स्वीकृति देने के लिए वह मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि आचार्य जी को दी गई यह कार्यांजलि संत परंपरा का सम्मान है। उन्होंने कहा कि आचार्य जी का प्रस्तावित समाधि स्मारक ‘विद्यायतन’ युगों-युगों तक आचार्य जी के सिद्धांतों, संदेशों और उपदेशों के प्रचार का स्थान बनकर रहेगा। शाह ने कहा कि जिस संत ने अपना पूरा जीवन विद्या की उपासना में बिताया, उनकी समाधि का नाम ‘विद्यायतन’ के अलावा कुछ और नहीं हो सकता। अमित शाह ने कहा कि इस अवसर पर मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में निः शुल्क कन्या विद्यालय का भी शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में कौशल विकास और रोजगार दोनों सम्मिलित होंगे और अध्यापन कार्य मातृभाषा में होगा। उन्होंने कहा कि आचार्य जी के 108 चरण चिह्नों का भी लोकार्पण हुआ है, जो त्याग, तपस्या और संयम के जीवन का संदेश देंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत की संत परंपरा बहुत समृद्ध है। उन्होंने कहा कि देश को जब जिस भूमिका की ज़रूरत पड़ी, संत परंपरा ने उस भूमिका का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि संतों ने ज्ञान का सृजन किया, देश को एकता के सूत्र में बाँधा और जब गुलामी का कालखंड था, तब संतों ने भक्ति के माध्यम से राष्ट्र चेतना की लौ जलाए रखी। उन्होंने कहा कि देश का शासन और देश जब आज़ादी के बाद पाश्चात्य विचारों से प्रभावित होकर चलने लगा, तब विद्यासागर जी महाराज एकमात्र आचार्य थे जिन्होंने भारत, भारतीयता और भारतीय संस्कृति से खुद को जोड़े रखा।अमित शाह ने कहा कि जैन मुनियों ने पूरे देश को एक करने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हस्तिनापुर से लेकर कर्नाटक के श्रवणबेलगोला तक, बिहार … Read more

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आयोजित ‘एकात्म धाम‘ मंडपम् में शंकर गाथा की प्रस्तुति से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

भोपाल सनातन संस्कृति की दिव्य अनुभूति के महापर्व “प्रयागराज महाकुम्भ ” में आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा अद्वैत वेदान्त दर्शन के लोकव्यापीकरण एवं सार्वभौमिक एकात्मता की संकल्पना के उद्देश्य से “एकात्म धाम शिविर” सेक्टर-18, हरिश्चन्द्र मार्ग, महाकुम्भ क्षेत्र, झूंसी, प्रयागराज में गुरुवार को हजारों दर्शकों की उपस्थिति में आदि शंकराचार्य के जीवन पर केंद्रित दो दिवसीय नृत्य नाटिका के प्रथम दिन ‘शंकर गाथा‘ की प्रस्तुति हुई तो पूरा सभागार मंत्रमुग्ध हो उठा, गाथा के सूत्रधार की भूमिका महाभारत के श्रीकृष्ण के रूप में लोकप्रिय अभिनेता नितेश भारद्वाज ने निभाई। वहीं इसका निर्देशन विश्व प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी ने किया।    दैनिक दिनचर्या में साधना से ‘दिव्य रूपांतरण‘ विषय पर जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित सत्र में चिन्मय मिशन चेन्नई के स्वामी मित्रानन्द सरस्वती, नेशनल कैपिसिटी बिल्डिंग कमीशन (NPCSCB) से आर.बाला सुब्रमण्यम ,03 बार के ग्रेमी अवार्ड विजेता पद्मरिकी केज (Ricky Kej, UNHCR Goodwill Ambassador), ऐश्वर्या हेगड़े (नेशनल एजुकेशन फाउंडेशन की न्यासी सचिव) एवं प्राच्यम के सह-संस्थापक प्रवीण चतुर्वेदी ने अपने विचार व्यक्त किये। स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा, “शंकर भगवत्पाद का अद्वैत सिद्धांत समाधान मूलक है। विश्व में जो अशांति व्याप्त है, उसका समाधान यदि कहीं से निकलेगा तो वह अद्वैत वेदांत से होगा। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास के प्रयास प्रशंसनीय हैं। आने वाला युग और शताब्दियाँ आदि शंकराचार्य के विचारों का अनुसरण करेंगी।” स्वामी मित्रानंद सरस्वती ने कहा, “हमारे हर छोटे से छोटे कार्य को प्रार्थना में बदला जा सकता है। जब हम अपने कार्यों को भगवान को समर्पित करके करते हैं, तो वह कर्म योग बन जाता है। ऐसा कार्य कर्मों से प्रभावित नहीं होता।” अपने कार्य के प्रति अद्वितीय जुनून होना चाहिए : ग्रेमी अवार्ड विजेता पद्मरिकी केज संगीतकार पद्मरिकी केज ने कहा, “संगीत और प्रकृति एक ही हैं। अपने कार्य के प्रति अद्वितीय जुनून होना चाहिए। सभी पर्यावरणीय और सामाजिक समस्याओं में सबसे बड़ी समस्या यह सोच है कि कोई और दुनिया को बदलेगा। हम खुद को बदलने के लिए तैयार नहीं होते।” प्रवीण चतुर्वेदी ने कहा, “जीवन में दो साधनाएँ आवश्यक हैं—आंतरिक साधना, जो आत्म साक्षात्कार की ओर ले जाती है, और बाहरी साधना, जो संसार में रहकर कर्मों को कुशल बनाती है। ज्ञान और परंपरा की अविरल धारा को आगे बढ़ाना हमारा कर्तव्य है। तभी जीवन में पवित्र परिवर्तन आएगा।”*महाभारत के कृष्ण जब ‘शंकरगाथा‘ को लेकर मंच पर उतरे तो तालियों से गूंज उठा सभागार सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘शंकर गाथा’ में आदि शंकराचार्य विरचित निर्वाण षट्कम – मनोबुद्ध्यहंकार चित्तानि नाहम्, नर्मदाष्टकम् – त्वदीय पाद पंकजम् नमामि देवी नर्मदे, कृष्णाष्टकम् – भजे व्रजैक मंडनम् सहित भज गोविन्दम् आदि पर आधारित विभिन्न नृत्य विधाओं की प्रस्तुतियाँ देशभर से आए कलाकारों द्वारा दी गईं। प्रस्तुति में मणिपुरी, ओडिशी, भरतनाट्यम् के समवेत कलाकारों ने सांस्कृतिक एकता का अद्भुत चित्र प्रस्तुत किया।  

औचक निरीक्षण के संबंध में वीडियों कॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक

भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये औचक निरीक्षण की नवीन पहल प्रारंभ की गई हैं। इसके तहत हर माह की 5 और 20 तारीख़ को सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडम तरीके से चयनित दलों, जिलों, निर्माण कार्यों और सामग्री के सैंपल लेने के स्थानों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसी क्रम में हाल ही में लोक निर्माण विभाग के सातों परिक्षेत्रों के एक-एक जिले में मुख्य अभियंताओं की टीमों द्वारा निरीक्षण किया गया। प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की गई। बैठक में निरीक्षण किए गए सात जिलों के 35 निर्माण कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसे सॉफ्टवेयर पर अपलोड कर पोर्टल पर प्रदर्शित किया गया। बैठक में प्रबंध संचालक भवन विकास निगम पंकज जैन, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग केपीएस राणा, प्रमुख अभियंता एस.आर. बघेल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं समस्त मुख्य अभियंता उपस्थित रहे। प्रबंध संचालक यादव ने सड़क, भवन और पुल निर्माण कार्यों के निरीक्षण के लिए अलग-अलग चेकलिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण रिपोर्ट के लिए एक मानक फॉर्मेट तय करने का सुझाव दिया, जिससे निर्माण कार्यों की कमियों और सकारात्मक बिंदुओं को स्पष्ट रूप से दर्शाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिये कि निरीक्षण के दौरान लिए गए नमूनों की लैब रिपोर्ट आने के बाद सभी दलों को फाइनल निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। समीक्षा बैठक में सिंगपुर-धरमपुर रोड से मझपुरा रोड के निर्माण कार्य में गुणवत्ता में गंभीर कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करते हुए उपयंत्री को निलंबित करने एवं कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने का निर्णय लिया गया। ठेकेदार मेसर्स माँ शारदा कंस्ट्रक्शन एण्ड सप्लायर पन्ना को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिये गये। प्रबंध संचालक यादव ने पन्ना जिले में वन स्टॉप सेंटर भवन कार्य में पाई गई कमी के आधार पर उपयंत्री को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया। भोपाल जिले में भोपाल-देवास मार्ग में कि.मी. 20, 23,24 एवं 25 में कुछ स्थानो पर सरफेस में क्रेक एवं रफनेस पाई गई। मार्ग में डिवाईडर में पेंटिंग एवं साईन बोर्ड तथा शोल्डर मापदण्ड अनुसार नही पाये गये। इसके लिये ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों को 7 दिवस में सुधार कार्य करने के लिये निर्देशित किया गया। ग्वालियर जिले में सड़क कार्य पटेल का पुरा से गुरी बंजारों का पूरा मार्ग में निरीक्षण में ठेकेदार के द्वारा सी.आर.एम. एवं डब्ल्यू.एम. का कार्य मानक स्तर का नहीं किये जाने के एवं कार्य में विलंब के कारण ठेकेदार मेसर्स कामतानाथ कंस्ट्रक्शन कंपनी मुरैना को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिये गये। प्रबंध संचालक यादव ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वाले ठेकेदारों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। एमडी यादव ने कहा कि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के नेतृत्व में विभाग निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।  

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