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दिल्ली नई सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था में करेगी बदलाव, प्राथमिक स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा होगा मजबूत

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता परिवर्तन होने के बाद केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत दिल्ली में स्वास्थ्य की दो बड़ी योजनाएं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन योजना (पीएम-एबीएचआइएम) को दिल्ली में लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा मजबूत उम्मीद है कि दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद नई सरकार इन दोनों योजनाओं को यहां लागू करेगी। इससे गरीबों व 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ तो मिलेगा ही, साथ ही दिल्ली में अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी बनाए जाएंगे। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। असल में मार्च 2020 में कोरोना की वैश्विक महामारी फैलने के बाद स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे की कमी सामने आई थी। 2,406 करोड़ रुपये की लागत इसके मद्देनजर केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में पीएम-एबीएचआइएम योजना शुरू की थी। इसका मकसद स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना था। इसके तहत केंद्र सरकार ने दिल्ली में भी 2,406 करोड़ रुपये की लागत से 1,139 शहरी स्वास्थ्य व वेलनेस सेंटर, 11 जिला एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य लैब व दस क्रिटिकल केयर ब्लाक बनाने की योजना को स्वीकृति दी थी। बाद में केंद्र सरकार ने वेलनेस सेंटरों का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर कर दिया। योजना को लागू नहीं होने दिया था AAP सरकार पीएम-एबीएचआइएम योजना बड़ा हिस्सा प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर खर्च करना था। यही वजह है कि 1,139 शहरी स्वास्थ्य व वेलनेस सेंटरों के विकास पर 2,058.75 करोड़ रुपये खर्च करना था। जिसमें से 1,232.25 करोड़ केंद्र सरकार को और 823.5 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार को खर्च करना था, लेकिन तब आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ओर से इस योजना को स्वीकृति नहीं दिए जाने से यह दिल्ली में लागू नहीं हो सकी। केजरीवाल का मोहल्ला क्लीनिक पर जोर आप सरकार का जोर मोहल्ला क्लीनिक शुरू करने पर था। आप सरकार ने एक हजार मोहल्ला क्लीनिक शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन दस वर्ष में करीब 545 मोहल्ला क्लीनिक ही बने। इसमें कई मोहल्ला क्लीनिक अभी कई बंद पड़े हैं। साथ ही मोहल्ला क्लीनिकों में भ्रष्टाचार का मामला भी सामने आया था। इस वजह से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सरकार से पीएम-एबीएचआइएम योजना को लागू करने की सिफारिश भी की थी। अब यदि यह योजना लागू होती है तो इसके तहत दिल्ली में 1,139 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जा सकते हैं।

कृत्रिम गर्भाधान के क्षेत्र में राजस्थान को देश में पहले स्थान पर लाना हमारी प्राथमिकता: पशुपालन मंत्री

जयपुर पशुपालन, गोपालन और डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने बुधवार को राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के सभागार में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत 13 जिलों में तरल नत्रजन भंडारण हेतु 3000 लीटर के साइलो का वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि तरल नत्रजन पशु नस्ल सुधार के लिए किए जाने वाले कृत्रिम गर्भाधान में काम आता है। तरल नत्रजन की भण्डारण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए राज्य के 16 जिलों में 3- 3 हजार लीटर क्षमता के वर्टिकल साइलो पूर्व में  स्थापित हो चुके हैं। इस तरह अब राज्य के 29 जिलों में वर्टिकल साइलो की स्थापना हो जाने से तरल नत्रजन भंडारण की कुल क्षमता 93 हजार लीटर हो गई है। जयपुर और उदयपुर के साइलो की क्षमता 6-6 हजार लीटर की है।  वर्चुअल लोकार्पण के बाद श्री कुमावत ने वीसी से जुड़े जिलों के पशु चिकित्सा अधिकारियों से बात की और साइलो की कार्यप्रणाली को समझा। उन्होंने जिलों के अधिकारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि सरकार पशुपालकों और पशुओं के हित के लिए उनकी सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं जिलों में पहुंचा दी गईं हैं। अब राजस्थान को इस क्षेत्र में पहले नंबर पर लाना विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के ऊपर निर्भर करता है। इस अवसर पर पशुपालन मंत्री ने जयपुर जिले के मैत्री कार्यकर्ताओं को ए आई किट का वितरण भी किया। उन्होंने मैत्री कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे पूरी निष्ठा और मेहनत से काम करें और कृत्रिम गर्भाधान में राजस्थान को देश में पहला स्थान दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संवेदनशील मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार पशुओं के कल्याण के प्रति समर्पित होकर काम कर रही है। श्री कुमावत ने कहा कि आज अधिकतर जिलों में तरल नत्रजन की भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वर्टिकल साइलो की स्थापना हो चुकी है। बाकी बचे जिलों में भी हम जल्द ही यह व्यवस्था सुनिश्चित कर देंगे। उन्होंने कहा कि इन जिलों में साइलो की स्थापना होने से समय, ऊर्जा, मानव श्रम और पैसे इन सबकी बचत तो होगी ही साथ ही अवश्यकतानुसार तरल नाइट्रोजन की सही समय पर गुणवत्तापूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी जिससे कृत्रिम गर्भाधान के काम में गति आएगी। उन्होंने कहा कि पहले एक जिले से दूसरे जिले तक नाइट्रोजन की आपूर्ति में जार भी खराब होते थे अब उस समस्या से भी विभाग को निजात मिलेगी। श्री कुमावत ने बताया कि आज ही के दिन जैसलमेर में कृत्रिम गर्भाधान कवरेज को बढ़ाने के उद्देश्य से मिशन उत्कर्ष जैसलमेर की शुरुआत भी की गई है। विस्तृत भौगोलिक परिस्थितियों और मानव श्रम की कमी के कारण जिले में योजनाओं की क्रियान्विति में समस्या आती है इसीलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जैसलमेर जिले का चयन किया है और जिले में कृत्रिम गर्भाधान के लिए 484. 85 लाख रुपये के विशेष बजट के साथ मिशन उत्कर्ष जैसलमेर परियोजना लागू की गई है। इस अवसर पर शासन सचिव पशुपालन, गोपालन और मत्स्य डॉ. समित शर्मा ने कहा कि आज दौसा, टोंक, बाड़मेर, सवाईमाधोपुर, बारां, जैसलमेर, जालोर, प्रतापगढ़, राजसमंद, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, श्रीगंगानगर और चुरू जिलों में 218 लाख रुपये के नवीन वर्टिकल साइलो का लोकार्पण किया गया। 5 अन्य जिलों धौलपुर, सिरोही, झालावाड़, बून्दी और कुचामनसिटी में 3 हजार लीटर की क्षमता वाले साइलो की स्थापना आने वाले दिनों में भारत सरकार से बजट प्राप्त होने पर कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आर एल डी बी ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत 73.25 लाख की लागत से 629 मैत्री कार्यकर्ताओं तथा 1687 विभागीय संस्थाओं को ए आई किट उपलब्ध कराया है। डॉ शर्मा ने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान कार्य की गुणवत्ता में ए आई किट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस किट में ए आई गन, सीजर, एप्रेन, फॉरसेप, डीप- स्टिक, थर्मामीटर सहित कृत्रिम गर्भाधन में काम आने वाली सामग्री होती है। राज्य में पहली बार इस किट में इलेक्ट्रिक कैटल तथा क्रायोजार बैग को भी शामिल किया गया है। भविष्य में चरणबद्ध रूप से प्रदेश में 5000 अतिरिक्त ए आई किट उपलब्ध कराए जाएंगे जिस पर 150 लाख रुपये की लागत आएगी। डॉ शर्मा ने कहा कि मिशन उत्कर्ष जैसलमेर परियोजना के अंतर्गत 50 मैत्री कार्यकर्ता को भी कार्य आधारित मानदेय पर चयनित किया गया है। इस अवसर पर राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा पशुपालन निदेशक डॉ. आनंद सेजरा, पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ सुरेशचंद मीना सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद थे।

संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लें: श्री विष्णुदत्त शर्मा

भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा बुधवार को संत रविदास जयंती के अवसर पर राजनगर में संत रविदास मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सामाजिक समरसता का अभियान चला रही है, संत रविदास जी ने यह काम शताब्दियों पहले किया था। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से देश और समाज को एक सूत्र में बांधने का काम किया। आज उनकी जयंती पर हम सभी उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लें। समाज को जगाने वाले बिरले संत थे रविदास जी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि आज संत रविदास जयंती के अवसर पर मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है, इसलिए आज का दिन हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इस शुभ अवसर पर सभी को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस तरह सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का नारा दिया है, संत रविदास जी ने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से यह करके दिखाया था कि किस तरह हर समाज को साथ लेकर चला जा सकता है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज को जगाने और दिशा देने का काम किया। हमारे देश पर जब आततायियों ने हमले किए, जब हमारे धर्म और संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया गया, तब संत रविदास जी ने संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट रख उस आक्रमण को विफल कर दिया। आज हम लोगों के लिए यह कल्पना करना मुश्किल है कि अगर उस समय संत रविदास जी नहीं हुए होते, तो क्या होता? उन्होंने सामाजिक समरसता के लिए अपना पूरा जीवन खपा दिया, वे समरसता के अखंड पुरोधा थे। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में संतों को सम्मान दे रही भाजपा सरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार संत रविदास जी जैसे उन संतों को सम्मान देने का काम कर रही है, जिन्होंने अपना जीवन देश और समाज की भलाई के लिये लगा दिया। सरकार उन संतों के संदेश को समाज तक पहुंचाने के प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सागर में 100 करोड़ की लागत से संत रविदास जी का भव्य स्मारक बनाया जा रहा है। आज नगर परिषद अध्यक्ष जी ने यहां संत रविदास जी के नाम पर पॉर्क के निर्माण की घोषणा की है। आपका सांसद होने के नाते मैं भी 24 घंटे आपके साथ हूं। प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक स्वागत करें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने छतरपुर जिले के गढ़ा ग्राम स्थित बागेश्वर धाम पहुंचकर पीठाधीश्वर श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने बागेश्वर धाम के दर्शन करने के साथ पीठाधीश्वर के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के बागेश्वर धाम आगमन को लेकर तैयारी को लेकर चर्चा की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आगमन को लेकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया एवं अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री जी एक बार फिर खजुराहो आ रहे हैं और उनके साथ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी भी आ रही हैं। हम सब उनका स्वागत करेंगे तथा खजुराहो और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर प्रयास करेंगे। हम सभी को प्रधानमंत्री जी एवं राष्ट्रपति जी का ऐतिहासिक स्वागत करना है। बुंदेलखंड से सूखे का कलंक मिटाने वाले प्रधानमंत्री जी का ऐतिहासिक अगुवानी करें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने बागेश्वर धाम, ग्राम गढ़ा में संत रविदास जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में ग्राम पंचायत भवन का भूमि-पूजन कर दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल वितरित किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक सूखे का कलंक झेलने वाले बुंदेलखंड को हरा-भरा बनाने के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात देने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी  फिर खजुराहो और बागेश्वर धाम आ रहे हैं। बुंदेलखंड से सूखे का कलंक मिटाने वाले प्रधानमंत्री जी का क्षेत्र की जनता ऐतिहासिक स्वागत करें। प्रधानमंत्री जी ने समूचे बुंदेलखंड का दिशा और दशा बदलने वाली सौगात दी है। केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री जा आभार जताने के लिए अभूतपूर्व स्वागत किया जाए। इस अवसर पर प्रदेश शासन के मंत्री श्री दिलीप अहिरवार, पूर्व मंत्री व विधायक श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष श्री चंद्रभान सिंह गौतम, विधायक श्री अरविंद पटैरिया, छतरपुर नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योति सुरेन्द्र चौरसिया, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री जीतू वर्मा सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल पहल: यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप बना लोकप्रिय विकल्प

भोपाल भोपाल मंडल में अनारक्षित टिकट बुकिंग को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप तेजी से यात्रियों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह ऐप यात्रियों को समय बचाने और टिकट खरीदने के लिए लाइन में लगने की परेशानी से राहत प्रदान करता है। जनवरी 2025 में, भोपाल मंडल के 2,03,551 यात्रियों ने इस ऐप के माध्यम से अपने अनारक्षित टिकट बुक किए, जिससे रेलवे को ₹43,43,155/- का राजस्व प्राप्त हुआ। यह सफलता भोपाल मंडल द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियानों और डिजिटल तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहन देने का परिणाम है। यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के लाभ समय की बचत: लंबी कतारों से बचने का आसान समाधान। पेपरलेस और कैशलेस यात्रा: पर्यावरण संरक्षण में योगदान। ऑफलाइन टिकट दिखाने की सुविधा: नेटवर्क न होने पर भी टिकट मान्य। तेजी से टिकट बुकिंग: कुछ ही मिनटों में बुकिंग। 3% बोनस: रेलवे आर-वॉलेट रिचार्ज पर अतिरिक्त लाभ। भोपाल मंडल में ऐप की उपलब्धता और उद्देश्य भोपाल मंडल के सभी स्टेशनों पर यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप का उपयोग संभव है। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देना, कतारों से मुक्ति प्रदान करना, और यात्रियों को तनावमुक्त यात्रा अनुभव देना है। ऐप का उपयोग कैसे करें गूगल प्ले स्टोर, एप्पल स्टोर या विंडोज स्टोर से “UTS” ऐप डाउनलोड करें। साइन अप करके मोबाइल नंबर पंजीकृत करें। आर-वॉलेट का उपयोग करके टिकट बुक करें। आर-वॉलेट को डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, यूपीआई या यूटीएस काउंटर के माध्यम से रिचार्ज करें। ऐप पर उपलब्ध सुविधाएं अनारक्षित टिकट बुकिंग। सीजन टिकट जारी और नवीनीकरण। पेपर और पेपरलेस टिकट दोनों विकल्प। बुक किए गए टिकट का विवरण। आर-वॉलेट बैलेंस और रिफंड की सुविधा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप का अधिकाधिक उपयोग करें और इसके माध्यम से डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठाएं। यह ऐप न केवल टिकट खरीदने को आसान बनाता है, बल्कि यात्रियों के समय और ऊर्जा की भी बचत करता है।

मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए बनेंगे 10 लाख आवास: डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संत शिरोमणि गुरू रविदास जी की जयंती पर बुधवार को भोपाल के हिंदी भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार वंचित वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सबको आगे बढ़ने का मौका मिले, सबकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो, गरीबों की गरीबी दूर हो, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को सम्मान मिले, किसानों का मान बढ़ें और सभी लोग बराबरी से रहें, राज्य सरकार इस उद्देश्य से हर वर्ग के लिए योजनाएं और कार्यक्रम संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में दी गई लोकतांत्रिक व्यवस्था के आधार पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जीवन की कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए प्रधानमंत्री बनें। उनसे यह प्रेरणा मिलती है कि गरीब से गरीब परिवार के बच्चे भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बन सकते हैं। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने समाज को शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और समानता का अधिकार दिया। जन-जन को इन सब अधिकारों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मारिका और रविदास चालीसा का विमोचन भी किया। समारोह को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने भी संबोधित किया। प्रधानमंत्री जी “सबका साथ-सबका विकास“ की अवधारणा के साथ हर वर्ग का जीवन बेहतर बना रहे – डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी “सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास एवं सबका प्रयास“ की अवधारणा के साथ समाज के हर वर्ग के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं। राज्य सरकार उनके मार्गदर्शन में इस दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश ही नहीं देश में सभी को यह अनुभूति है कि मध्यप्रदेश प्रगति पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसमें प्रदेश के सामान्यजन की मेहनत का महत्वपूर्ण योगदान है। सागर में संत शिरोमणि रविदास जी का भव्य स्मारक आकार ले रहा है। उज्जैन स्थित संत रविदास जी का गुरूद्वारा संत शिरोमणि गुरू रविदास जी के उज्जैन आगमन की स्मृति को अब भी जीवंत करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की मंशा के अनुसार पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य सरकार जल्द ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए 10 लाख आवासों का निर्माण आरंभ करने जा रही है। गाँवों में भी पुनः सर्वे कराकर गरीब के अपने पक्के घर का सपना साकार किया जाएगा। “मन चंगा तो कठौती में गंगा“ का संदेश हर व्यक्ति के भीतर भगवान विद्यमान होने का प्रतीक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “मन चंगा तो कठौती में गंगा“ का संदेश देने वाले संत रविदास का जीवन इस बात का प्रतीक था कि व्यक्ति के भीतर ही भगवान विद्यमान हैं और भक्ति-साधना से व्यक्ति का उद्धार हो सकता है। उनका मानना था कि भगवान के दरबार में कोई ऊंच-नीच नहीं है। संत रविदास ने देश-धर्म पर स्वाभिमान और प्रभु भक्ति के साथ कर्म को सर्वाधिक महत्व दिया। उन्होंने परिश्रम के आधार पर जीवन संचालित करने और समाज की बेहतरी के लिए योगदान देने का संदेश दिया। संत रविदास ने बताया कि व्यक्ति के सत्कर्म, सद्भावना, परस्पर विश्वास और प्रेम का भाव ही जीवन में सर्वोपरि है। उनके इन उदात्त विचारों के परिणामस्वरूप ही उन्हें समाज में संत शिरोमणि की उपाधि से विभूषित किया गया। संत रविदास जी ने समाज में समानता व आत्मनिर्भरता संदेश दिया- श्री भगवानदास सबनानी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने संबोधित करते हुए कहा कि संत रविदास जी ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ का मूल मंत्र हमें दिया। संत रविदास जी शिष्य मीराबाई से लेकर मेवाड़ के महाराणा तक रहे। उन्होंने समाज को पल-पल मार्गदर्शन दिया और हमारी संस्कृति और राष्ट्र भक्ति को हमेशा ऊपर रखकर हम सबको प्रेरित कर मिसाल पेश की। श्री सबनानी ने कहा कि संत रविदास जी के विचार केवल भक्ति तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि समाज में समानता और श्रम की प्रतिष्ठा के साथ-साथ आत्मनिर्भरता का भी संदेश देते थे। आज संत रविदास जी की जयंती हैं और हम संकल्प लेकर उनके बताए गए मार्गों पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय, जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति एवं नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी सहित संत रविदास समाज के समाज के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में समाज बंधु उपस्थित थे।

उज्जैन सहित राज्य के जिन स्थानों पर संत रविदास जी के चरण पड़ें, उन्हें तीर्थ के रूप में किया जाएगा विकसित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संत शिरोमणि गुरू रविदास जी ने “जात-पात पूछे न कोई-हरि को भजे सो हरि को होई” जैसे उदात्त विचारों से समाज को छुआछूत, सामाजिक असमानता, आडम्बर और अंधविश्वास के विरूद्ध जागरूक किया। उन्होंने परतंत्रता और विदेशी आक्रांताओं के आतंक से प्रभावित वातावरण में भक्ति, समानता और सद्भाव के साथ अपनी यात्रा आरंभ की। काशी में माँ गंगा के घाट से आरंभ यात्रा में राजवंश के व्यक्ति भी उनके शिष्य बनें। मीरा बाई द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में जीवन व्यतीत करना संत रविदास जी की प्रेरणा से ही संभव हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत रविदास जी की भावनाओं और विचारों को जन-जन तक ले जाने के उद्देश्य से उनके विचारों को शालेय पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास जी की जयंती पर प्रदेशवासियों को मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं देते हुए उक्त विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्री राम और भगवान श्रीकृष्ण, संत रविदास जी की भक्ति के आधार थे। उन्होंने राम नाम के जाप का संदेश देते हुए बताया कि भगवान व्यक्ति के भीतर है और भक्ति के लिए किसी आडम्बर की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, संत रविदास जी के दर्शन के आधार पर भारत को विश्व में आदर्श देश के रूप में स्थापित कर रहे हैं। राज्य सरकार भी इस दिशा में कार्यरत है। सागर में संत रविदास जी को समर्पित‍धाम का निर्माण जारी है। उज्जैन सहित राज्य के जिन स्थानों पर संत रविदास जी के चरण पड़ें हैं, उन्हें तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा।  

यूसीसी पर सवालिया निशान खड़े, हाईकोर्ट ने शादी, तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप पर सरकार से मांगा जबाब

नैनीताल आजाद भारत में पहली बार किसी राज्य में (उत्तराखंड) समान नागरिक संहिता लागू हुई, लेकिन इस पर कई सवालिया निशान खड़े हो गए। इसके चलते वकीलों ने यूसीसी के कुछ प्रावधानों को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती दी। अब नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने यूसीसी में शादी, तलाक और लिव इन रिलेशनशिप के प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका पर उत्तराखंड सरकार से 6 हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि राज्य में लागू समान नागरिक संहिता मुसलमानों, पारसियों आदि की विवाह प्रणाली की अनदेखी करती है। लिव-इन, शादी और तलाक के प्रावधानों पर उठे सवाल समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड 2024 को जनहित याचिका (पीआईएल) के जरिए चुनौती दी गई है। इसमें दावा किया गया है कि लिव इन रिलेशनशिप, शादी और तलाक से संबंधित प्रावधान नागरिकों के मूल अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। आपको बता दें कि प्रैक्टिस कर रहे एक वकील ने यूसीसी के कुछ हिस्सों को चुनौती दी है। लाइव लॉ की बेवसाइट के अनुसार इनमें पार्ट-1 में दिए गए शादी और तलाक के प्रावधान और पार्ट-3 में दिए गए लिव इन रिलेशनशिप से जुड़े खंडों के साथ-साथ समान नागरिक संहिता नियम उत्तराखंड 2025 शामिल है। शादी के लिए साथी चुनने की स्वतंत्रता छिनने की दलील याचिका में कहा गया है कि यूसीसी उत्तारखंड 2024 ने महिलाओं से जुड़े असमानता वाले व्यक्तिगत नागरिक मामलों से जुड़ी चिंताओं पर अंकुश लगाया है। जबकि इसमें कई ऐसे प्रावधान और नियम हैं, जो राज्य में नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन करते हैं। इसमें निजता का अधिकार, जीवन जीने का अधिकार और बड़े अर्थों में विवाह में अपने साथी को चुनने में निर्णय लेने की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के छिनने की बात है। शादी और तलाक से जुड़े रीति-रिवाजों को नजरअंदाज किया याचिका में कहा गया है कि ये प्रावधान मुस्लिम समुदाय के लिए भेदभावपूर्ण हैं। याचिका में दावा किया गया है कि ये प्रावधान मुस्लिमों की शादी और तलाक से जुड़े रीति-रिवाजों को नजरअंदाज करते हैं। दलीलों में इन लोगों पर हिन्दू मैरिज एक्ट के प्रावधानों को थोपते का भी आरोप लगाया गया है। लाइव लॉ बेवसाइट के अनुसार इसके लिए हिन्दू मैरिज एक्ट के सेक्शन 3(1) (जी) में लिखी बात का हवाला दिया गया है। शादी के प्रतिबंधित रिश्तों का दिया हवाला हिन्दू मैरिज एक्ट के सेक्शन 3(1) (जी) में शादी करने के लिए कुछ प्रतिबंधित रिश्तों के बारे में बताया गया है। इन्हीं प्रावधानों को मुस्लिम और पारसी समुदाय के लिए भी लागू किया गया है। याचिका में इसका उदाहरण रखते हुए दलील दी गई है कि इस बात को नजरअंदाज कर दिया गया है कि पारसी और मुस्लिम समुदाय में इन रिश्तों में शादी करना प्रतिबंधित नहीं है। इन रिश्तों में एक आदमी और उसके पिता की बहन की बेटी, एक आदमी और उसके पिता के भाई की बेटी, एक आदमी और उसके मामा की बेटी तथा एक आदमी और उसकी मामा की बेटी के जैसे रिश्ते शामिल हैं। LGBTQ समुदाय और रिलेशनशिप से जुड़े अधिकार लिव-इन रिलेशनशिप पर सेक्शन 4(बी) में कहा गया है कि केवल एक पुरुष और महिला जो “विवाह की प्रकृति” में रिश्ते के माध्यम से एक ही घर में रिलेशनशिप में रहते हैं। उनका रिश्ता निषिद्ध(बैन) संबंधों की डिग्री के तहत न आए। ऐसे रिश्तों को लिव-इन रिलेशनशिप में होना बताया गया है। याचिका में दावा किया गया है कि यदि प्रावधान के शब्दों के मायने निकाले जाएं तो यह केवल “जैविक पुरुष या महिला” से संबंधित होगा। ऐसा होने पर LGBTQ समुदाय से जुड़े व्यक्ति अगर अपने लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण के लिए जाएंगे तो वो इस अधिकार से बाहर हो जाएंगे। ऐसा LGBTQ समुदाय के साथ अनुचित व्यवहार होगा।

सोना पहुंचा शिखर पर, बनाया रिकॉर्ड… 87,200 पहुंचा गोल्ड, 90 हजार तक जा सकता है भाव

इंदौर इंदौर में सोने के भाव ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 24 कैरेट सोना 87,200 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया है। पिछले सात महीनों में सोने के भाव में करीब 16,300 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। अमेरिका में राष्ट्रपति के बदलाव से बढ़े भू-राजनीतिक तनाव, फेडरल रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती और चीन की सोना खरीद नीति प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी और बढ़ती महंगाई ने भी सोने की कीमतों को सपोर्ट दिया है। शेयर बाजार में अस्थिरता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं। वर्तमान में 22 कैरेट सोना 79,900 रुपए, 20 कैरेट 72,650 रुपए और 18 कैरेट 65,400 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई है, जो 700 रुपए घटकर 95,000 रुपए प्रति किलो पर आ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोना 90,000 रुपए और चांदी 1.10 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है। सोना 11 फरवरी को ऑल टाइम हाई पर आ गया है। आगे क्या रुख रहेगा, क्या सोना एक लाख रुपए क्रॉस करेगा, चांदी की कीमतें कहां तक जाएंगी, जुलाई से अब तक सोना-चांदी का क्या ट्रेंड रहा है। 1 जनवरी से अब तक सोना 9,206 महंगा हुआ इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 76,162 रुपए से 9,206 रुपए बढ़कर 85,368 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी का भाव भी 86,017 रुपए प्रति किलो से 8,923 रुपए बढ़कर 94,940 रुपए पर पहुंच गया है। सराफा बाजार में सोने और चांदी में लगातार तेजी का दौर जारी है। पिछले 7 महीनों के आंकड़ों की बात करें तो सोना 16,300 रुपए और चांदी 14000 हजार तक महंगा हो चुका है। विशेषज्ञों की मानें तो आगे भी इनमें लगातार तेजी जारी रहने की संभावना बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेबाक रवैये से सोना तो चमका ही चमका साथ में चांदी भी अच्छी चमक उठी। सोने ने ट्रंप के चुनाव जीतने से आज तक के सफर को बहुत शानदार तरीके से निभाया और अपने निवेशकों को लगभग 8.5 फीसदी तक का रिटर्न मात्र 3 महीने में दे दिया।। फेडरल रिजर्व बैंक ने की ब्याज दरों में कटौती अगस्त से फरवरी के दौरान फेडरल रिजर्व बैंक ने तीन बार में 1 प्रतिशत ब्याज दर में कटौती की है। डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव जीतते ही उनका अप्रत्याशित नीतियां एवं टैरिफ नीति के कारण सोने में बीते माह जबरदस्त तेजी देखी गई। उठापटक का खेल लगातार जारी आगे भी ट्रंप का अस्पष्ट व्यवहार और अप्रत्याशित नीतियों के कारण सोने-चांदी में उठापटक जारी रहेगी। इसलिए निवेशकों के लिए नीचे दरों पर खरीदने की यानी बाय एंड डिप्स की रणनीति कारगर सिद्ध होगी और साथ ही साथ ऊंचे दरों पर मुनाफावसूली भी करते रहना चाहिए। वर्ष 2025 में सोना 75 हजार से 88 हजार रुपए के बीच रहने की उम्मीद है। वहीं, चांदी 85 हजार से लेकर 1 लाख 5 हजार रुपए के बीच रह सकते हैं। भोपाल में सोने-चांदी के भाव 11 फरवरी को भोपाल में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। www.bullions.co.in के अनुसार, 22 कैरेट सोने का भाव 78,220 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जो पिछले दिन 77,880 रुपये था। 24 कैरेट सोना 85,340 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया, जो पिछले दिन 84,960 रुपये था। चांदी की कीमत 95,670 रुपये प्रति किलो रही, जो पिछले दिन 95,580 रुपये थी। इंदौर में क्या है सोना-चांदी का भाव मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी सोना 87 हजार रुपए पार कर गया है। यहां चांदी 95,700 रुपए किलो पर मिल रही है। हमेशा खरीदें हॉलमार्क वाला सोना सोने की खरीदारी करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। हमेशा हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की सरकारी गारंटी है। भारत में BIS हॉलमार्क का निर्धारण करता है। हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग-अलग होते हैं। इसलिए सोना खरीदते समय हॉलमार्क की जांच जरूर करें। ऐसा न करने पर मिलावटी सोना मिलने का खतरा रहता है। इंटरनेशनल मार्केट में हो रहा उतार-चढ़ाव सोने की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव है। अमेरिका के फेडरल रिजर्व के नियमों में बदलाव के बाद से सोने-चांदी के दामों में उछाल आया है। भारतीय बजट के बाद से यह उतार-चढ़ाव और भी बढ़ गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस साल के अंत तक सोना 95,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है।

मायावती ने दी जानकारी, आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्त समेत दो बड़े नेताओं को बसपा से निकाला

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने भतीजे और उत्तराधिकारी आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्त समेत दो बड़े नेताओं को बसपा से निकाल दिया है। बहनजी के नाम से मशहूर मायावती के द्वारा बसपा के दो वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से निष्सासित करने से अन्य नेताओं में हड़कंप मच गया है। बसपा प्रमख ने इन नेताओं पर कार्रवाई क्यों की, इसको लेकर मायावती ने खुद अपने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी दी है। सोशल मीडिया एक्स पर मायावती ने लिखा, बीएसपी की ओर से ख़ासकर दक्षिणी राज्यों आदि के प्रभारी रहे डा अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद व श्री नितिन सिंह, ज़िला मेरठ को, चेतावनी के बावजूद भी गुटबाजी आदि की पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पार्टी के हित में तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है। बसपा प्रमुख इस कार्रवाई के बाद पार्टी नेताओं में हड़कंप मच गया है। बतादें कि पिछले कुछ साल बसपा के लिए अच्छे नहीं रहे हैं। 12 में बसपा चुनाव हारने के बाद से ही सत्ता में वापसी के ख्वाब देख रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा को कुछ राहत मिली थी, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा को फिर झटक गया। इसके अलावा बसपा ने दूसरे राज्यों में दांव आजमाया लेकिन वहां भी कुछ खास कमाल नहीं कर पाई। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी बसपा ने अपने उम्मीदवारों को उतारा था, लेकिन एक भी प्रत्याशी को जीत नहीं मिली। लगभग सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। बसपा कार्यकर्ताओं की उदासीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों को चलते बसपा सुप्रीमो को ये फैसला लेना पड़ा।

असम सीएम ने पाकिस्तान के प्रतिष्ठान से जोड़ने वाली रिपोर्ट्स पर की टिप्पणी, पाक कनेक्शन की होनी चाहिए जांच

नई दिल्ली असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ को पाकिस्तान के प्रतिष्ठान से जोड़ने वाली रिपोर्ट्स पर टिप्पणी दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में गंभीर सवाल उठते हैं, जिन्हें बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जा सकता। मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गोगोई की पत्नी पर लगे कुछ आरोपों का जिक्र किया। कहा कि पाकिस्तान दूतावास में भारतीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और ब्रेनवॉश करने के आरोप की गहन जांच होनी चाहिए। हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, “आईएसआई से संबंध, युवा व्यक्तियों को ब्रेनवॉश करने और कट्टरपंथी बनाने के लिए पाकिस्तान दूतावास में ले जाने और पिछले 12 वर्षों से भारतीय नागरिकता लेने से इनकार करने के आरोपों के बारे में गंभीर सवालों के जवाब दिए जाने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, धर्मांतरण कार्टेल में भागीदारी और राष्ट्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने के लिए जॉर्ज सोरोस सहित बाहरी स्रोतों से धन प्राप्त करना गंभीर चिंता का विषय है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है।” उन्होंने आगे लिखा, “किसी बिंदु पर, जवाबदेही आवश्यक होगी। केवल जिम्मेदारी से बचना या दूसरों पर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करना आसान बचने का रास्ता नहीं होगा। राष्ट्र पारदर्शिता और सच्चाई का हकदार है।” सीएम सरमा की यह टिप्पणी उस समय आई है जब हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में गौरव गोगोई और उनकी पत्नी के पाकिस्तानी प्रतिष्ठान से संभावित संबंधों और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने की गतिविधियों के बारे में चिंता जताई गई थी। इन रिपोर्ट्स ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है और अब सीएम सरमा ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।

इजरायली बंधकों को वापस नहीं किया गया, तो हमास के साथ युद्धविराम किया जायेगा समाप्त: इजरायल पीएम

यरूशलेम इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अगर शनिवार तक गाजा में पकड़े गए इजरायली बंधकों को वापस नहीं किया गया, तो हमास के साथ युद्धविराम खत्म कर दिया जाएगा और इजरायल गाजा में फिर से “भीषण लड़ाई” शुरू करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, एक वीडियो बयान में बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि दोपहर में हुई चार घंटे की बैठक में उनके कैबिनेट मंत्रियों ने इस फैसले को मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा, “अगर हमास शनिवार दोपहर तक हमारे बंधकों को वापस नहीं करता है, तो युद्ध विराम समाप्त हो जाएगा और आईडीएफ (इज़राइल रक्षा बल) हमास के निर्णायक रूप से पराजित होने तक लड़ाई फिर से शुरू करेगा।” प्रधानमंत्री ने कहा कि इजरायल के सभी कैबिनेट मंत्रियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा अधिग्रहण योजना और उनके युद्ध विराम अल्टीमेटम का स्वागत किया। नेतन्याहू की यह टिप्पणी हमास की घोषणा के एक दिन बाद आई है कि शनिवार को बंधकों को सौंपे जाने का कार्यक्रम अगली सूचना तक स्थगित कर दिया जाएगा। सोमवार को हमास की सशस्त्र शाखा, अल-क़सम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू ओबैदा ने एक बयान में कहा कि पिछले तीन हफ्तों के दौरान उनके नेतृत्व ने युद्ध विराम समझौते की शर्तों का पालन करने में इजरायल की विफलताओं पर नज़र रखी थी। ओबेदा ने कहा, अगली सूचना तक बंधकों को सौंपने को स्थगित कर दिया जाएगा। जब तक इजरायल समझौते का पालन सुनिश्चित नहीं करता है और मुआवजा नहीं दे देता है। उन्होंने कहा “हम समझौते की शर्तों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।” इसके जवाब में इजरायली रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने सोमवार को एक बयान में कहा कि हमास की घोषणा “गाजा युद्ध विराम और बंधक रिहाई समझौते का पूर्ण उल्लंघन है”। काट्ज़ ने कहा कि उन्होंने आईडीएफ को “गाजा में किसी भी संभावित परिदृश्य के लिए पूरी तैयारी रहने और एन्क्लेव के पास समुदायों की रक्षा करने” का आदेश दिया है। इजरायली सेना ने मंगलवार को घोषणा की थी कि अगर इजरायली बंधकों को शनिवार तक वापस नहीं किया गया तो इजरायली कैबिनेट ने हमास के साथ युद्ध विराम रद्द करने का फैसला किया, इसके बाद वह गाजा पट्टी के पास सेनाओं की संख्‍या बढ़ाई जाएगी और रिजर्व सैनिकों को बुलाया जाएगा।

भारत में अमेरिकी परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी में निवेश को लेकर पीएम मोदी ने जेडी वेंस की चर्चा

वाशिंगटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पेरिस में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत में अमेरिकी परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी में निवेश को लेकर चर्चा की। पेरिस के बाद पीएम मोदी वाशिंगटन के लिए रवाना होंगे। बैठक में वेंस की भारतीय मूल की पत्नी उषा वेंस और उनके तीन बच्चों में से दो भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने उपराष्ट्रपति के बेटे विवेक को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके परिवार को उपहार भी दिए। यह मुलाकात पेरिस में एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर इस बैठक के बारे में पोस्ट करते हुए इसे शानदार बताया और बताया कि उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत की। उपराष्ट्रपति वेंस ने भी एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठकर कॉफी पी और दोनों देशों के हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा की। खासतौर पर यह बातचीत इस बारे में थी कि अमेरिका किस तरह स्वच्छ और विश्वसनीय परमाणु ऊर्जा तकनीक के जरिए भारत को अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने में मदद कर सकता है। भारत ने हाल ही में अपने वार्षिक बजट में 2047 तक परमाणु ऊर्जा उत्पादन को 100 गीगावाट तक बढ़ाने की योजना का ऐलान किया है। इसके लिए सरकार परमाणु ऊर्जा अधिनियम और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। यह कानून लंबे समय से विदेशी निवेशकों के लिए एक बाधा बना हुआ है, क्योंकि यह परमाणु दुर्घटनाओं की स्थिति में कंपनियों की जवाबदेही तय करता है। फ्रांस दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी वाशिंगटन डी.सी. के लिए रवाना होंगे, जहां वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात करेंगे। यह बैठक राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी की पहली व्यक्तिगत मुलाकात होगी। पीएम मोदी पहले विदेशी नेताओं में से एक हैं, जिनका ट्रंप ने अपने नए कार्यकाल के शुरुआती दिनों में स्वागत किया है। दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध हैं और इस वार्ता में व्यापार और ऊर्जा को लेकर मुख्य रूप से चर्चा होने की उम्मीद है। बैठक के बाद दोनों देशों की सरकारें एक संयुक्त बयान जारी करेंगी, जिसमें चर्चा किए गए मुद्दों का विवरण होगा।

लोकसभा में कल पेश होगा न्यू इनकम टैक्स बिल, बिल में कई बड़े बदलाव किये जाएगा

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित न्यू इनकम टैक्स बिल को लोकसभा में कल (गुरुवार) को पेश किए किया जा सकता है. पेश करने के बाद बिल को लोकसभा की सेलेक्ट कमिटी के पास विस्तृत चर्चा के लिए भेजा जाएगा. नए इनकम टैक्स बिल में कई बड़े बदलाव किया जाएगा. टैक्स से जुड़ी चीजों को आसान बनाने पुराने और प्रचलन से बाहर हो चुके शब्दावलियों को हटाया जाएगा. इसके अलावा इस बिल में कई अपराधों के लिए सजा कम करने का प्रावधान भी शामिल किया जा सकता है. निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को अपने बजट भाषण के दौरान न्यू इनकम टैक्स बिल लाने की बात कही थी. अब इस नए इनकम टैक्स बिल की ड्राफ्ट कॉपी सामने आ गई है. बिल की यह कॉपी 622 पेजों की है. पिछले हफ्ते शुक्रवार को न्यू इनकम टैक्स बिल को मोदी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई थी. नए बिल के आने से टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा आसान गुरुवार को वित्तमंत्री निर्माला सीतारमण नया इनकम टैक्स बिल को पेश करेंगी. इस बिल के कानून बनने से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना और भी आसान हो जाएगा यह बिल मौजूदा आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा. वित्त मंत्री सीतारमण ने सबसे पहले जुलाई 2024 के बजट में आयकर अधिनियम, 1961 की व्यापक समीक्षा की घोषणा की थी. गौरतलब है कि सीबीडीटी ने समीक्षा की निगरानी करने और अधिनियम को संक्षिप्त, स्पष्ट और समझने में आसान बनाने के लिए एक आंतरिक समिति का गठन किया था.   सेलेक्ट कमिटी के पास भेजा जाएगा बिल इस बिल को लेकर वित्त मंत्री सीतारमण ने 8 फरवरी को कहा था, “नए इनकम टैक्स बिल के प्रस्ताव के बारे में मुझे उम्मीद है कि इसे अगले हफ्ते लोकसभा में पेश किया जाएगा और चर्चा के लिए इसे जेपीसी में भेजा जाएगा. जेपीसी द्वारा इस पर अपनी सिफारिशें दिए जाने के बाद यह बिल फिर से कैबिनेट के पास जाएगा. मंत्रीमंडल की की मंजूरी के बाद इसे फिर से संसद में पेश किया जाएगा. मुझे अभी भी तीन अहम चरणों से गुजरना है.” न्यू इनकम टैक्स बिल 2025 या नया प्रत्यक्ष कर कोड भारत की कर प्रणाली में सुधार के लिए एक बड़े प्रयास का हिस्सा है. इस बिल का उद्देश्य मौजूदा कर ढांचे को और अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए उसमें सुधार करना है.   सरल और आसान शब्दों में होगा बिल नया आयकर विधेयक में कोई नया टैक्स लगाने का प्रावधान नहीं किया जाएगा. इसमें सिर्फ टैक्स स्ट्रक्चर को तर्कसंगत और आसान बनाया जाएगा. इस बिल में मौजूदा कानून में कई नए सुधारों का प्रावधान होगा. कई अपराधों के लिए सजा कम करने तक का प्रावधान भी हो सकता है. इसके अलावा नए बिल में टैक्स को लेकर भाषा सरल होगी ताकि आम करदाता भी समझ सके. न्यू इनकम टैक्स बिल का मकसद मुकदमेबाजी को कम करना होगा. आयकर सिस्टम में पारदर्शिता लाना भी बिल का मकसद है. पुराने और प्रचलन से बाहर हो चुके शब्दावलियों को भी हटाया जाएगा. कुल मिलाकर यह बिल सरल और आसान शब्दों में होगा. देखें क्या-क्या होगा आसान नए आयकर बिल में कोई नया टैक्स लगाने का प्रावधान नहीं होगा. मुकदमेबाजी को कम करना नए बिल का उद्देश्य होगा. नए बिल का मकसद कर प्रणाली में पारदर्शिता लाना है. पुराने और प्रचलन से बाहर हो चुके शब्दावलियों को हटाया जाएगा. कर से जुड़ी भाषा आसान और सरल होगी. कई अपराधों के लिए सजा कम करने का प्रावधान भी हो सकता है. इक्विटी के लिए शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस की अवधि में कोई बदलाव नहीं होगा. सेक्शन 101 (b) के तहत 12 महीने तक की अवधि को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस माना जाएगा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स की दर में कोई बदलाव नहीं. शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स 20 फीसदी बना रहेगा. 1 अप्रैल 2026 से नए बिल को लागू करने का प्रस्ताव. फाइनांशियल ईयर के पूरे 12 महीने को अब टैक्स ईयर कहा जाएगा. एसेसमेंट ईयर जैसी कोई चीज नहीं होगी. ऐसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. नया इनकम टैक्स बिल कुल 600 पेजों का होगा. इसमें कुल 23 चैप्टर होंगे, जिसमें कुल 16 शेड्यूल होंगे. कुल 536 क्लॉज होंगे, पहले 298 सेक्शन होते थे.  

आरक्षक भर्ती के लिए रोजगार कार्यालय का लाइव पंजीकरण कार्ड होना अनिवार्य शर्त नहीं : सुप्रीम कोर्ट

 जबलपुर  सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को उचित तरह से निरूपित किया है, जिसके जरिए व्यवस्था दी गई थी कि पुलिस आरक्षक भर्ती के लिए रोजगार कार्यालय का लाइव पंजीकरण आवश्यक नहीं है। हाई कोर्ट के आदेश के विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य शासन की विशेष अनुमति याचिका निरस्त कर दी। मामले की सुनवाई के दौरान आरक्षक पद पर चयनित उम्मीदवारों की ओर से दलील दी गई कि याचिकाकर्ताओं के आवेदन के समय रोजगार कार्यालय का लाइव पंजीकरण कार्ड नहीं होने के कारण उनकी उम्मीदवारी निरस्त कर दी गई थी। लाइव पंजीयन कार्ड हाई कोर्ट ने उनके हक में आदेश पारित करते हुए कहा था कि पुलिस आरक्षक पद के लिए उम्मीदवार की पात्रता, योग्यता या फिटनेस तय करने में रोजगार कार्यालय का लाइव पंजीकरण कार्ड होना अनिवार्य शर्त नहीं है। एमपी सरकार को निराशा हाथ लगी सार्वजनिक रोजगार के लिए विचार किया जाना संविधान के अनुच्छेद-16 के अंतर्गत मौलिक अधिकार है और इसे अनावश्यक शर्तें लगाकर सीमित नहीं किया जा सकता, लिहाजा, आवेदकों को नौकरी दी जाए। इस आदेश के विरुद्ध मप्र शासन ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर दी थी, लेकिन उसे निराशा हाथ लगी। नायब तहसीलदार ने सीमा लांघकर दिया स्टे, कार्रवाई से कराएं अवगत हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने नायब तहसीलदार द्वारा स्टे आर्डर जारी किए जाने को चुनौती के प्रकरण में कलेक्टर जबलपुर से शपथ पत्र पर जवाब मांग लिया है। इस सिलसिले में कलेक्टर के अलावा नायब तहसीलदार शहपुरा सहित अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं। हाई कोर्ट ने सवाल किया है कि एक जमीन पर दावा सिविल वाद कोर्ट में लंबित होने के बावजूद अनावेदक के हक में स्टे आर्डर कैसे जारी कर दिया गया। चूंकि मामला बेहद गंभीर है। अत: कलेक्टर हर हाल में चार सप्ताह में हलफनामा देकर जवाब सुनिश्चित करें। यह नियम-कायदे की हद लांघने का प्रकरण है। यदि कलेक्टर ने समय पर जवाब नहीं दिया तो वे कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे। यदि नायब तहसीलदार ने पद का दुरुपयोग करते हुए स्टे आर्डर जारी किया है तो उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई, यह भी कोर्ट को अवगत कराना होगा। जवाब न पेश करने पर कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने तैयार रहना होगा। याचिकाकर्ता रोहन लाल मेहरा की ओर से अधिवक्ता सचिन जैन ने पक्ष रखा कि याचिकाकर्ता व मदन लाल, लखन लाल के बीच गांव की एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसे लेकर सिविल कोर्ट में दावा पेश किया। साथ ही स्टे आर्डर की अंतरिम राहत चाही थी, जिसे सिविल कोर्ट ने निरस्त कर दिया था।

जिनका सनातन से कोई लेना देना नहीं, वो महाकुंभ में डुबकी नहीं लगायेंगे : उषा ठाकुर

इंदौर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कुंभ में स्नान नहीं करने पर पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी ने अपने पिता का सरनेम छुपा लिया. खान होकर गांधी लिखते हैं. इसलिए राहुल गांधी प्रयागराज महाकुंभ में स्नान नहीं करने गए. ये तो खान हैं, जहां उन्हें जाना है वो तो वहींं जाएंगे.’ वहीं समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए उषा ठाकुर ने कहा कि झूठे लोगों को सब झूठ लगता है. दरअसल, अखिलेश यादव ने 144 साल बाद महाकुंभ को लेकर कहा था बीजेपी ने झूठा प्रचार किया है. उषा ठाकुर ने कहा कि अखिलेश यादव वामपंथी विचार धारा से ग्रस्त हैं. इसलिए बेतुकी बातें करते रहते हैं. हिंदू समाज इन्हें समझ चुका है आने वाले समय में जनता मुंह तोड़ जवाब देगी. इसके अलावा पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए इंडिया गॉट लैटेंट के वीडियो को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि रणवीर अल्लाहबादिया ने अक्षम अपराध किया है. उन्हें कठोरतम दंड मिलना चाहिए. ये लोग वामपंथी घृणित विचारधार के हैं. टुकड़े-टुकड़े गैंग के उत्तराधिकारी हैं रणवीर. देशद्रोह, सनातन द्रोह और संस्कृति द्रोह का काम रणवीर अल्लाहबादिया ने किया है. इस जैसे दुष्टों को सजा जरूर मिलना चाहिए. वहीं इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी अखिलेश और राहुल गांधी के महाकुंभ ना जाने को लेकर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ‘वे स्नान करने क्यों नहीं गए ,ये तो वही तय करें. भगवान इनको सद्बुद्धि दें. मां गंगा सबके पाप हरती हैं. अवसर मिलेगा तो कुछ छींटे हम डाल देंगे.’

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