LATEST NEWS

मुख्यमंत्री योगी ने कहा- कल्याण मंडपम का उद्घाटन नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में एक नई शुरुआत

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब गरीबों और आर्थिक दृष्टि से निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों के कार्यक्रम भी फाइव स्टार सुविधाओं से युक्त होंगे और कल्याण मंडपम इसका माध्यम बनेगा। गोरखपुर के पहले कल्याण मंडपम का उद्घाटन हो रहा है और अगले कुछ महीनों में सात नए कल्याण मंडपम भी बनकर तैयार हो जाएंगे। इनमें से पांच कल्याण मंडपम के लिए धनराशि उन्होंने अपनी विधायक निधि से दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारियों और सफाई कर्मचारियों के लिए कल्याण मंडपम की बुकिंग मात्र 11 हजार रुपये में करने के निर्देश नगर निगम को दिए गए हैं। सीएम योगी गुरुवार को करीब 103 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात देने के लिए खोराबार टाउनशिप में नगर निगम की तरफ से आयोजित लोकार्पण-शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नगर के नवसृजित वार्ड खोराबार में 4.71 करोड़ रुपये की लागत से बने शहर के पहले कल्याण मंडपम का लोकार्पण करने के साथ ही 4.55 करोड़ रुपये की लागत से बने गैस आधारित पशु शवदाह गृह, महादेवपुरम से रामगढ़ताल में फेज 2 (पम्पिंग स्टेशन) तक 2.46 करोड़ रुपये से नाला निर्माण कार्य, एकला बांध से पशु शवदाह गृह (कारकस प्लांट) तक 0.68 करोड़ रुपये से सड़क निर्माण, महेवा स्थित कान्हा गोशाला में 0.97 करोड़ रुपये से शेड निर्माण का लोकार्पण किया। कुल 26.31 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण करने के अलावा उन्होंने 76.40 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण मंडपम का उद्घाटन नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में एक नई शुरुआत है। किसी भी मांगलिक या सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए यह बहुत अच्छा है। जिनके पास साधन हैं, वे होटलों या बड़े लॉन में कार्यक्रम कर सकते हैं, लेकिन जिनके पास पैसा नहीं है, जो गरीब हैं, वे कहां जाएंगे। इसे लेकर नगर निगम और विकास प्राधिकरण से कहा था कि कल्याण मंडपम के रूप में ऐसा स्थान हो, जहां गरीब, निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों के वैवाहिक आयोजन, मांगलिक कार्यक्रम सुविधापूर्ण तरीके से हो सकें। इस कल्याण मंडपम में सभागार, डॉरमेट्री, 6 रूम, किचन और लॉन भी है। सीएम योगी ने कहा कि कल्याण मंडपम गरीबों, निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए स्थायी संपदा है, जहां फाइव स्टार सुविधाएं हैं। आज गोरखपुर नगर निगम और नगर निकायों को विकास की अन्य अनेक योजनाओं की सौगात मिल रही है। इसमें एक महत्वपूर्ण परियोजना पशु शवदाह गृह की है। इससे जानवरों के शव के अंतिम संस्कार की समस्या का समाधान होगा और लोगों को बदबू से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में गोरखपुर की पहचान को सुरक्षित रखते हुए घंटाघर का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। घंटाघर के बगल में स्थित शहीद बंधु सिंह पार्क में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण युद्धस्तर पर हो रहा है। पार्कों के विकास, सड़कों के चौड़ीकरण और जलनिकासी की परियोजनाओं पर कार्य हो रहे हैं। गोड़धोइया नाला परियोजना के पूर्ण होते ही शहर को जलभराव की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। देसी विधि से राप्ती नदी में गिरने वाले लिक्विड वेस्ट, दूषित जल का शोधन किया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल खेती में होगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से विकास यात्रा में सहभागी बनने और स्वच्छता के प्रति आग्रही बनने की अपील की। इसके लिए ‘स्वच्छता कॉमिक’ का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 40 वर्ष में गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश ने गंदगी के कारण होने वाली मौतों को देखा है। गंदगी, कूड़ा, तालाबों को पाटने और नालियों के चोक होने के परिणामस्वरूप इंसेफेलाइटिस से बड़े पैमाने पर मौतें होती थीं। लोगों के स्वच्छता के प्रति आग्रही बनने, स्वच्छ भारत मिशन और डबल इंजन सरकार के प्रयासों के परिणाम से आज इंसेफेलाइटिस पूरी तरह समाप्त है। सभी लोगों को स्वच्छता को प्राथमिकता देनी होगी। सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि हम लोग आज जहां खड़े हैं, वहां खोराबार की मेडिसिटी/टाउनशिप परियोजना में हर आय वर्ग के लोगों के लिए आवास का सपना साकार हो रहा है। यहां ईडब्लूएस, एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी के मकान बन रहे हैं, प्लॉट भी उपलब्ध करवाए गए हैं। एक आवास, जिसमें दो बेडरूम, एक डाइनिंग हाल, किचन, टॉयलेट-बाथरूम हैं, उसकी 28 लाख रुपये लागत आ रही है। ऐसे ही एलआईजी के मकान की लागत भी लगभग 16 लाख के आसपास पड़ रही है। ईडब्ल्यूएस के मकान की कीमत भी उसी प्रकार कम होती जाएगी। कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मंच से उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाईकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया। उन्होंने एक दिवंगत सफाईकर्मी के पिता को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भी सौंपा। मंच पर आने से पूर्व मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम का फीता काटकर लोकार्पण और निरीक्षण किया। उन्होंने कल्याण मंडपम की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कार्यक्रम के बाद नगर निगम की दस गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

भारतीय रेलवे श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके घर लौटने में सहायता करने के लिए प्रतिदिन 330 ट्रेनें चला रहा है: अश्विनी वैष्णव

भोपाल केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सीईओ और सीआरबी श्री सतीश कुमार के साथ आज रेल भवन के वॉर रूम में प्रयागराज रेलवे स्टेशनों की भीड़ प्रबंधन स्थिति की समीक्षा की। मंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी दिशाओं में तीर्थयात्रियों के लिए ट्रेनें उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रयागराज डिवीजन को यात्रियों की भीड़ को कम करने और होल्डिंग क्षेत्रों में यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का निर्देश दिया गया है। महाकुंभ रेलवे सूचना बुलेटिन के अनुसार, 12 फरवरी 2025 शाम 6:00 बजे तक यात्रियों की सुविधा के लिए 225 ट्रेनें चलाई जा चुकी थीं, जिनमें 12.46 लाख से ज़्यादा यात्री यात्रा कर चुके थे। मंगलवार, 11 फरवरी 2025 को 343 ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें 14.69 लाख से ज़्यादा यात्री यात्रा कर चुके थे। भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेनों से जुड़ी जानकारी लगातार विभिन्न माध्यमों से दी जा रही है- जिसमें विशेष बुलेटिन, महाकुंभ क्षेत्र के होल्डिंग ज़ोन, रेलवे स्टेशन, सोशल मीडिया और अन्य मीडिया आउटलेट शामिल हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास चार होल्डिंग एरिया (प्रत्येक की क्षमता 5,000 है) पूरी तरह से चालू हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, माघी पूर्णिमा के अवसर पर आज खुसरोबाग में 100,000 यात्रियों की क्षमता वाला एक नया होल्डिंग एरिया चालू हो गया है, जिसमें ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक चीजों की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि प्रतीक्षारत यात्री अपनी ट्रेन में चढ़ने तक आराम से रह सकें। सभी यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें तथा किसी भी असत्यापित रिपोर्ट और भ्रामक जानकारी से बचें।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट: बैठक में निवेश को बढ़ावा देने, औद्योगिक विकास को गति देने पर हुई चर्चा

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिसमें शहर के प्रमुख उद्योगपति, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक में निवेश को बढ़ावा देने, औद्योगिक विकास को गति देने और इंदौर को निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में इंदौर कलेक्टर, एमपीआईडीसीए के अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट, जिला अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में उद्योगपतियों ने विभिन्न सुझाव दिए, जिसमें निवेश की प्रक्रियाओं को सरल बनाने, औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और निवेशकों को अधिक प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया। कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि सरकार निवेशकों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।  इंदौर को देश का प्रमुख औद्योगिक हब बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इंदौर कलेक्टर ने भी प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस दौरान एमपीआईडीसीए के अधिकारियों ने निवेशकों के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और उनसे इस पहल का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। महिलाओं के  रोजगार पर दिया जोर बैठक में यह भी तय किया गया कि निवेशकों की सुविधा के लिए एक समर्पित हेल्पडेस्क बनाई जाएगी, जहां वे अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। इसके साथ ही उद्योगपतियों ने प्रशासन का ध्यान महिलाओं की तरफ आकर्षित करवाते हुए कहा कि हम लोग इन्वेस्टमेंट पर तो फोकस कर रहे हैं, लेकिन महिलाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था करना चाहिए । इंदौर में उद्योगों के विस्तार और रोजगार सृजन को लेकर उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि इंदौर में पहले से ही मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो चुका है, लेकिन प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी औद्योगिक विकास के लिए ठोस प्रयासों की जरूरत है। प्रमुख उद्योगपतियों ने सुझाव दिया कि महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मल्टी-मॉडल इंडस्ट्रियल हब और महिला केंद्रित कॉरिडोर बनाए जाएं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकें। इसके साथ ही, स्टार्टअप और आईटी कंपनियों के लिए विशेष ज़ोन विकसित करने की भी मांग उठाई गई।   उद्योगपतियों ने सरकार से तेजी से भूमि आवंटन करने की अपील की पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार को लेकर भी उद्योगपतियों ने सरकार से तेजी से भूमि आवंटन करने की अपील की। उनका कहना है कि कई कंपनियां विस्तार करना चाहती हैं, लेकिन जमीन की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके अलावा, निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार से इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी में सुधार की मांग की गई, जिसमें सब्सिडी और टैक्स से जुड़े प्रावधानों में राहत देने की बात कही गई। होटल और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी सुझाव दिया कि मध्य प्रदेश में पर्यटन उत्सवों की तारीखें पहले से तय की जाएं, ताकि देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कही ये बात महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए कानूनी और वित्तीय परामर्शदाताओं को इंदौर में स्थापित करने की जरूरत है, ताकि निवेश प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके। इंदौर में औद्योगिक विकास को लेकर उद्योगपतियों ने कई अहम सुझाव दिए हैं, जिनमें महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत बदलाव की मांग शामिल है।

मोदी के अमेरिका दौरे से लौटने के बाद ही नए सीएम का नाम तय होगा, निर्वाचित विधायकों में से ही होगा नया सीएम

नई दिल्ली हाल ही में संपन्न दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम के लिए अब भाजपा आलाकमान के फैसले का इंतजार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से लौटने के बाद ही नए सीएम का नाम तय होगा। सूत्रों के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री निर्वाचित विधायकों में से होगा और इस बारे में निर्णय विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा, जो पीएम मोदी के लौटने के बाद होगी। सूत्रों ने यह भी बताया कि नई भाजपा सरकार के प्रमुख एजेंडे में यमुना की सफाई भी शामिल है। पार्टी ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है और नदी को निर्मल करने का अपना वादा पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना दिल्ली में लागू की जाएगी, जिससे वंचित नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सकेगी। यह योजना आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में दिल्ली में लागू नहीं की गई थी। नड्डा ने यह भी संकेत दिया कि मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद पहली कैबिनेट बैठक में कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए जाएंगे। एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा यह है कि दिल्ली में नई भाजपा सरकार में कोई उपमुख्यमंत्री नहीं होगा। भाजपा ने 5 फरवरी को हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों में 70 में से 48 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि आप को केवल 22 सीटें मिलीं। चुनाव परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए गए थे। दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 26 फरवरी को समाप्त हो रहा है और नई सरकार को उससे पहले कार्यभार संभालना होगा।

प्रदेश की विभिन्न कृषि उपज मण्डी समितियों में होंगे विकास कार्य: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर किसानों एवं व्यापारियों के लिए कृषि उपज मण्डी समितियों में अधिकाधिक सुविधाएं विकसित करने के क्रम में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने 24 करोड़ रुपये से अधिक राशि के विकास कार्यों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कृषि उपज मण्डी समिति लालसोट, भवानीमण्डी, देवली एवं कोटपूतली में आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए 7 करोड़ 27 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। साथ ही, कृषि उपज मण्डी समिति लूणकरणसर, श्रीकरणपुर, बीकानेर (अनाज), पूगल रोड (अनाज), बीकानेर, खाजूवाला, श्रीमाधोपुर, नोखा, श्रीडूंगरगढ़ एवं पदमपुर में सम्पर्क सड़कों के निर्माण कार्य के लिए 16 करोड़ 73 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। श्री शर्मा द्वारा उक्त कार्यों पर स्वीकृत लगभग 24 करोड़ रुपये की राशि से कृषि उपज मण्डी समितियों का आधारभूत ढांचा सुदृढ़ होगा, जिससे व्यापारियों एवं किसानों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिलेंगी। वहीं सम्पर्क सड़कों के निर्माण से किसानों एवं आमजन की मण्डी समिति तक पहुंच सुगम होगी। साथ ही, किसानों को कृषि जिन्सों के विक्रय करने में समय एवं ईंधन की बचत भी होगी।

रेत माफिया मनमाने तरीके से चला रहे धंधा, आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे हैं जिम्मेदार अधिकारी

सीहोर जिले में रेत माफिया मनमाने तरीके से धंधा चला रहे हैं और खनिज विभाग के अधिकारी अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे हैं. जिले में जितने भी रेत नाके बनाए गए हैं, वहां डंपरों से रेत की कटिंग होती है. लेकिन खनिज विभाग के कोई भी कर्मचारी इन नाकों पर नहीं होता है. रेत ठेकेदार अपने कर्मचारी बैठा रखे हैं और जो रेत की कटाई होती है उसे अवैध तरीके से ठेकेदार के कर्मचारी बेच रहे हैं. फिर भी खनिज विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है. इतना ही नहीं इन नाकों पर अवैध वसूली भी की जा रही है. बुधनी के गडरिया नाले पर जो नाका बना हुआ है. वहां पर डंपरों से रेत की कटिंग की जाती है. उसे अवैध तरीके से भोपाल में बेची जा रही है. लेकिन जिले के खनिज अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं. वहीं नर्मदा नदी में अवैध तरीके से 20 से 25 पनडुब्बिया चल रही है. इनसे रेत निकली जा रही है. जैसे सातदेव, सीलकंठ, तीगाली, अंबा, डीमावार ,बाबरी और नाव से भी बड़ी मात्रा में रेत निकल जा रही है. फिर भी खनिज विभाग के इंस्पेक्टर और अधिकारी मौन बैठे हैं. रेत ठेकेदार ने अवैध तरीके से जहाजपुरा में रेत का अवैध स्टॉक कर रखा है. वहां पर नदी में पोकलेन और जेसीबी मशीन चल रही है. हद तो तब हो गई, जब नर्मदा नदी से रेत निकालकर बेची जा रही है और रॉयल्टी दूसरे जिलों की काटी जा रही है. लेकिन जिम्मदार तो आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे हैं. जितनी भी रॉयल्टी काटी जाती है उसका पूरा पेमेंट ऑनलाइन होना चाहिए. लेकिन रेत ठेकेदार पूरा पेमेंट कैश में लेते हैं. शासन की ओर से 250 रुपये घन मीटर रॉयल्टी है. लेकिन 900 रुपये घन मीटर में रॉयल्टी दी जा रही है. इस तरह राजस्व और सरकार को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है. जब कि पिछले साल जो टेंडर हुआ था. उससे कम दाम में इस साल टेंडर हुआ है. इस पूरे मामले पर कलेक्टर बालागुरु.के ने बताया कि टीम बना दी गई है. लगातार टीम काम कर रही है. सभी बिंदुओं को लेकर जिला खनिज अधिकारी से चर्चा करके नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी. जहां अनियमित पाई गई वहां पर भी हम कार्रवाई करेंगे.

बांके बिहारी मंदिर में 200 रुपये के नोटों से बनी ड्रेस चढ़ाई, राजस्थान के भक्त ने की डोनेशन

वृंदावन उत्तर प्रदेश एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थान है, जो भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का केंद्र माना जाता है। यहां कई मंदिर और स्थान हैं जो भक्ति और आध्यात्मिकता से भरपूर हैं। हाल ही में, वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जहां भगवान बांके बिहारी को 200 रुपये के नोटों से बने कपड़े पहनाए गए थे। क्या था मामला? माघ पूर्णिमा के मौके पर राजस्थान के एक भक्त ने भगवान बांके बिहारी जी को 200 रुपये के नोटों से बने कपड़े समर्पित किए थे। इस मौके पर भगवान की चोली, धोती और मुकुट सभी नोटों से बनाए गए थे। यह पहली बार था जब भगवान बांके बिहारी को इस तरह के कपड़े पहने हुए देखा गया। इससे पहले भक्त केवल भगवान को नोटों की माला अर्पित करते थे, लेकिन अब यह एक नई और खास परंपरा बन गई है। कपड़ों का इतिहास राजस्थान के भक्त ने पहले सांवरिया सेठ को नोटों से बने कपड़े पहने हुए देखा था और प्रेरित होकर उन्होंने भगवान बांके बिहारी के लिए भी इसी तरह के कपड़े तैयार किए। इस काम में उन्होंने कारीगरों की मदद ली और भगवान के कपड़े बनाए। वृंदावन में और भी दर्शनीय स्थान प्रेम मंदिर: सफेद संगमरमर से बना यह मंदिर अपनी लाइटिंग और सुंदर झांकियों के लिए प्रसिद्ध है। इस्कॉन मंदिर: यहां भजन-कीर्तन होते हैं और यह स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ है। निधिवन: माना जाता है कि यहां श्रीकृष्ण और राधा गोपियों के साथ रास रचाते हैं। रंगजी मंदिर: दक्षिण भारतीय शैली में बना यह मंदिर आकर्षक है और यहां रथ यात्रा आयोजित होती है। सेवा कुंज: यहां रात में श्रीकृष्ण के प्रकट होने की मान्यता है। गोविंद देव जी मंदिर: यह मंदिर अकबर के समय में बना और वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। केसी घाट: यमुना नदी के किनारे स्थित यह स्थान बहुत पवित्र माना जाता है। पागल बाबा मंदिर: इसकी अनोखी वास्तुकला और झांकियां आकर्षक हैं। जयपुर मंदिर: यह 19वीं शताब्दी में बना और इसकी नक्काशी और संगमरमर की मूर्तियां बहुत सुंदर हैं। अगर आप वृंदावन जाएं, तो बांके बिहारी मंदिर के अलावा इन स्थानों का भी दर्शन करें। यहां हर जगह भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की झलक मिलती है और हर एक स्थान में भक्ति की विशेष ऊर्जा महसूस होती है।  

बर्ड फ्लू के मामलों में फिर से बढ़ोतरी के कारण अंडों की कीमतों में तेजी से हुआ इजाफा

वाशिंगटन अमेरिका में बर्ड फ्लू के मामलों में फिर से बढ़ोतरी के कारण अंडों की कीमतों में तेजी से इजाफा हुआ है। हाल ही में जारी मासिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 में एक दर्जन ‘ग्रेड ए’ अंडों की औसत कीमत 4.95 डॉलर तक पहुंच गई। यह कीमत दो साल पहले के रिकॉर्ड 4.82 डॉलर से भी अधिक है। 2015 के बाद सबसे बड़ी वृद्धि अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, अंडों की कीमतों में यह वृद्धि 2015 में हुए बर्ड फ्लू के प्रकोप के बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। पिछले कुछ महीनों में बर्ड फ्लू के मामलों में फिर से इजाफा हुआ है, जिससे पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियों की संख्या में कमी आई है, जिसका सीधा असर अंडों की आपूर्ति पर पड़ा है। महंगाई से जूझ रहे अमेरिकी नागरिक अंडों की बढ़ती कीमतों ने आम नागरिकों के बजट पर दबाव डाला है। एक ओर जहां खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि हो रही है, वहीं अंडे जैसे रोज़मर्रा के भोजन की कीमत में इतनी बढ़ोतरी ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। आखिर क्या है कारण? बर्ड फ्लू के प्रकोप के चलते मुर्गियों की बड़ी संख्या में मौत हो चुकी है, जिससे अंडों की उपलब्धता पर असर पड़ा है। पोल्ट्री फार्मों की उत्पादन क्षमता में कमी आने से अंडों की आपूर्ति पर संकट बढ़ गया है, जिसके कारण कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है।

सी. एस. चैलेंजर कप: राजस्थान लेखा सेवा महिला टीम ने जीती बैडमिंटन ट्रॉफी

जयपुर राजस्थान लेखा सेवा महिला टीम ने सी. एस. चैलेंजर कप बैडमिंटन ट्रॉफी पर तीसरी बार कब्जा कर लिया है। एसएमएस स्टेडियम में खेले गए फाइनल में राजस्थान लेखा सेवा महिला अधिकारी टीम ने चिकित्सा सेवा की डॉक्टर्स टीम को 2-0 से हराया। लेखा सेवा ने लगातार तीसरे साल यह ट्रॉफी जीती। फाइनल मैच में राजस्थान लेखा सेवा की लेखाधिकारी (परिवहन) सुश्री सुनिता सैनी व लेखाधिकारी (कोषाधिकारी) जयपुर(शहर) सुश्री  महिमा और एसएमएस हॉस्पिटल की डॉ. अक्षी एवं डॉ. भारती के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। विजेताओं को मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने  ट्रॉफी प्रदान की। फाइनल मैच में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, कार्मिक सचिव श्री  के. के. पाठक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्रीमती मालिनी अग्रवाल, संभागीय आयुक्त श्रीमती पूनम, जयपुर जिला कलेक्टर श्री जितेंद्र सोनी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे ।

सर्वाधिक विश्वसनीय शासकीय चिकित्सा संस्थान ने ओपन हार्ट सर्जरी के क्षेत्र में नया अध्याय कोरोनरी बाईपास सर्जरी का जोड़ा

रायपुर पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के हार्ट सर्जरी विभाग में राज्य की जनता के लिए बहुप्रतीक्षित कोरोनरी बाईपास सर्जरी सुविधा की शुरुआत हो गई है। इसी के साथ स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में प्रदेश के सर्वाधिक विश्वसनीय शासकीय चिकित्सा संस्थान ने ओपन हार्ट सर्जरी के क्षेत्र में नया अध्याय कोरोनरी बाईपास सर्जरी का जोड़ा है। प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त किरण कौशल के अथक प्रयासों की बदौलत एवं अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर के कुशल प्रबंधन से हार्ट सर्जन डॉ. कृष्णकांत साहू एवं टीम के दृढ़ प्रयासों ने 72 साल के मरीज की प्रथम क्रिटिकल कोरोनरी बाईपास सर्जरी (सीएबीजी) में सफलता दिलाई है। हार्ट सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू के नेतृत्व में हुए इस सफल ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति बेहतर है और वह डिस्चार्ज लेकर घर जाने को तैयार है। ऑपरेशन करने वाले हार्ट सर्जन डॉ. कृष्णकांत साहू बताते हैं कि दुर्ग जिले के रहने वाले इस 72 वर्षीय मरीज जो कि रिटायर्ड शासकीय कर्मचारी है, को आज से डेढ़ महीने पहले छाती में तेज दर्द हुआ था, जिसके कारण उनको स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज की ईसीजी देखकर हार्ट अटैक का पता चल गया था। उसके बाद मरीज की एंजियोग्राफी की गई, जिससे पता चला कि मरीज के हृदय की मुख्य नस (लेफ्ट मेन कोरोनरी आर्टरी) में 65 प्रतिशत ब्लॉकेज एवं साथ ही साथ अन्य तीनों नसों में 90 से 95 प्रतिशत ब्लॉकेज था। हार्ट की नसों में ब्लॉकेज इतना ज्यादा था कि वहां के डॉक्टरों ने एंजियोप्लास्टी करने से मना कर दिया एवं वहां से कोरोनरी बाईपास सर्जरी के लिए बड़े संस्थान में रेफर कर दिया। इकोकार्डियोग्राफी करने से पता चला कि हार्ट बहुत ही ज्यादा कमजोर हो गया था। मात्र 35 से 40 प्रतिशत ही कार्य कर रहा था। इसको मेडिकल भाषा में लेफ्ट मेन (65 प्रतिशत) विद ट्रिपल कोरोनरी आर्टरी डिजीज विद सीवियर लेफ्ट वेंट्रिकुलर डिस्फंक्शन कहा जाता है। चूंकि इस मरीज के रिश्तेदार एवं स्वयं मरीज ने अंबेडकर अस्पताल के हार्ट सर्जरी विभाग की कई सफल सर्जरी के बारे में काफी सुना था, इसलिए उन्होंने अन्य संस्थान न जाकर अंबेडकर अस्पताल के हार्ट सर्जरी विभाग को चुना। मरीज एवं उसके रिश्तेदार एंजियोग्राफी की सीडी लेकर डॉ. कृष्णकांत साहू से मिले तो उन्होंने बताया कि कुछ दिनों बाद यहां पर बाईपास सर्जरी की सुविधा प्रारंभ होने की संभावना है, जिसके लिए अस्पताल प्रबंधन एवं विभाग के उच्च अधिकारी सतत सक्रिय हैं। आपकी बीमारी में बाईपास शीघ्र करना अत्यंत आवश्यक है। मरीज के रिश्तेदार अंबेडकर अस्पताल के हार्ट सर्जरी विभाग में ही बाईपास कराना चाह रहे थे, इसलिए उन्होंने लगभग डेढ़ महीने तक इंतजार भी किया। यह ऑपरेशन सामान्य कोरोनरी बाईपास सर्जरी से ज्यादा क्रिटिकल इसलिए था क्योंकि मरीज के हार्ट की तीनों नसों के ब्लॉकेज के साथ-साथ मुख्य नस में भी ब्लॉकेज था एवं हार्ट मात्र 35 प्रतिशत ही कार्य कर रहा था एवं मरीज को क्रॉनिक किडनी डिजीज की बीमारी भी थी, जिसमें मरीज का क्रिएटिनिन लेवल 1.5 एम.जी. था। कई बार ऐसे मरीजों को अचानक किडनी फेल हो जाने के चांस बढ़ जाते हैं और डायलिसिस की नौबत आ जाती है। इस मरीज में बाईपास में आर्टेरियल ग्राफ्ट (लेफ्ट इंटरनल मेमेरी आर्टरी) एवं सैफेनस वेन का प्रयोग किया गया क्योंकि आर्टेरियल ग्राफ्ट की लाइफ ज्यादा होती है। ऑपरेशन के दौरान मरीज की एलएडी (लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग आर्टरी) इंट्रामस्कुलर थी, जिसको सर्जरी के दौरान ग्राफ्टिंग करना बहुत ही जटिल होता है। जाने बाईपास सर्जरी और ओपन हार्ट सर्जरी को ओपन हार्ट सर्जरी के लिए छाती को खोलकर विशेष मशीन, जिसको हार्ट लंग मशीन कहा जाता है, की सहायता से हार्ट और फेफड़ों के कार्य को बंद किया जाता है। फिर हृदय के चेंबर को खोलकर या तो वॉल्व बदला जाता है, या फिर रिपेयर किया जाता है, या फिर दो चेंबर के बीच छेद को बंद किया जाता है। बाईपास सर्जरी में छाती को खोला जाता है, परंतु हार्ट के चेंबर को नहीं खोला जाता। यह तब किया जाता है जब हार्ट के मांसपेशियों को सप्लाई करने वाली नस, जिसको कोरोनरी आर्टरी कहा जाता है, में ब्लॉकेज होता है। इसको कोरोनरी आर्टरी डिजीज कहा जाता है। इस ऑपरेशन में छाती के अंदर से (इंटरनल मेमरी आर्टरी), हाथ से रेडियल आर्टरी एवं पैरों से सैफेनस वेन (saphenous) को निकाल कर हार्ट की नस (कोरोनरी आर्टरी) जहां पर ब्लॉकेज है, उससे (ब्लॉकेज का बाईपास) जोड़ दिया जाता है, जिससे हार्ट की नसों में पुनः रक्त प्रवाह प्रारंभ हो जाता है। यह बाईपास सर्जरी हार्ट लंग मशीन की सहायता से होती है तो उसको ऑन पंप सीएबीजी कहा जाता है और बिना हार्ट लंग मशीन की सहायता से होती है तो उसे ऑफ पंप बीटिंग हार्ट सर्जरी कहा जाता है। बीटिंग हार्ट सर्जरी या ऑन पंप सीएबीजी मरीज के हार्ट की स्थिति पर निर्भर करता है एवं दोनों के ही परिणाम अच्छे होते हैं। मरीज के स्वास्थ्य में दिनों दिन सुधार हो रहा है। मरीज अपना सामान्य दिनचर्या जैसे खाना-खाना, चलना, बाथरूम जाना इत्यादि प्रारंभ कर चुका है। 

नवाचार और विकास की संभावनाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में मध्यप्रदेश ने बनाई पहचान

भोपाल मध्यप्रदेश की उपजाऊ भूमि केवल भरपूर फसल ही नहीं, बल्कि नवाचार, सतत विकास और वैश्विक निवेश के नए द्वार भी खोल रही है। सरकार के इस रूपांतरणकारी प्रयास में दुनिया भर के निवेशकों को शामिल होने का आमंत्रण दिया जा रहा है। प्रदेश ने अपनी समृद्ध कृषि परंपरा और उन्नत कृषि तकनीकों के बल पर खुद को देश की “फ़ूड बास्केट” के रूप में स्थापित किया है। राज्य को अब तक सात कृषि कर्मण पुरस्कार मिल चुके हैं, जो इसकी कृषि क्षेत्र में मजबूती को दर्शाते हैं। मध्यप्रदेश में ‘श्वेत क्रांति’ का विस्तार मध्यप्रदेश में ‘श्वेत क्रांति’ तेजी से अपने पैर पसार रही है। राज्य में 2012 से 2023 के बीच दूध उत्पादन में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। इस विस्तार को डेयरी इन्वेस्टमेंट एक्सेलेरेटर जैसी योजनाओं से मजबूती मिली है, जो निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर डेयरी उद्योग के विकास को प्रोत्साहित कर रही है। मध्यप्रदेश दूध उत्पादन और उपलब्धता में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता (591 ग्राम प्रति दिन) में मध्यप्रदेश छठवें स्थान पर है। राष्ट्रीय सीएजीआर 6.18% की तुलना में मध्यप्रदेश की वृद्धि दर 8.60% है। देश के कुल दूध उत्पादन में मध्यप्रदेश का योगदान वर्ष 2023 में 8.73% था। खाद्य और डेयरी प्रोसेसिंग में MSMEs को बढ़ावा राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को खाद्य और डेयरी प्रोसेसिंग में आगे बढ़ाने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है, जिनमें औद्योगिक विकास सब्सिडी, पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन के लिए वित्तीय सहायता और बिजली शुल्क में छूट शामिल है । पीएमएफएमई योजना से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को लाभ प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम (PMFME) योजना के तहत क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे इस क्षेत्र में नए निवेश को बढ़ावा मिल रहा है। बड़े निवेशकों के लिए आकर्षक सुविधाएं राज्य सरकार 50 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाले बड़े उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दे रही है। इसमें निर्यात इकाइयों को लाभ, हरित औद्योगिकीकरण (ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन) को बढ़ावा और कोल्ड चेन और वेयरहाउस जैसे खाद्य प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार के इन प्रयासों से राज्य का खाद्य और डेयरी उद्योग नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है, बल्कि पूरे देश के डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है। मध्यप्रदेश में निवेश की बयार: ‘सीड टू शेल्फ’ में वैश्विक निवेशकों का स्वागत मध्यप्रदेश खाद्य प्र-संस्करण और कृषि क्षेत्र में निवेश के लिए एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। राज्य अपने समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, रणनीतिक नीतियों और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता के कारण ‘भारत की खाद्य टोकरी’ की उपाधि का वास्तविक हकदार बना है। अब, यह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के जरिए वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए तैयार है। खाद्य प्र-संस्करण में निवेश का हब बना मध्यप्रदेश राज्य सरकार की निवेश नीति को उद्योग जगत के सकारात्मक रुझान से बल मिल रहा है। पेप्सी -को, कोका कोला और अमूल जैसी शीर्ष वैश्विक कंपनियां पहले ही राज्य में निवेश कर चुकी हैं, जिससे यह क्षेत्र निवेशकों के लिए और भी आकर्षक बन गया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025: “सीड टू शेल्फ” सत्र पर फोकस 25 फरवरी 2025 को ‘इंवेस्ट मध्यप्रदेश – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025’ के तहत “सीड टू शेल्फ” थीम पर एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस सत्र का उद्देश्य कृषि, खाद्य प्र-संस्करण और बागवानी क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना होगा। इस सत्र में अधिकारी, उद्योग जगत के दिग्गज और निवेशक एक मंच पर आएंगे, जिससे नई साझेदारियों और व्यापारिक अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा। यह पहल मध्यप्रदेश को कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  

पहले चरण की कार्यवाही संपन्न, ओम बिरला ने सदन में कामकाज पर खुशी जताई, 10 मार्च को अगली बैठक

नई दिल्ली लोकसभा में बजट सत्र के पहले चरण की कार्यवाही गुरुवार को संपन्न हो गई और अब सदन की अगली बैठक 10 मार्च को होगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में कामकाज पर खुशी जताते हुए कहा कि कार्य उत्पादकता लगभग 112 प्रतिशत रही। अदाणी समूह से संबंधित एक खबर को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के शोर-शराबे के कारण बृहस्पतिवार को सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होने पर सदन में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच वक्फ संशोधन विधेयक संबंधी संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश की गई और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर विधेयक, 2025 प्रस्तुत किया। बजट पर सामान्य चर्चा 16 घंटे 13 मिनट चली वक्फ विधेयक संबंधी समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने रिपोर्ट पेश की और इस पर विरोध दर्ज कराते हुए विपक्ष के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बजट सत्र के पहले चरण की कार्यवाही संपन्न होने की घोषणा की। बिरला ने कहा, ‘‘बजट सत्र के प्रथम चरण का आखिरी दिन है। मुझे खुशी है कि अच्छे वातावरण में चर्चा हुई। सदस्यों का पूरा सहयोग मिला।” उन्होंने बताया कि संसद की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में लगभग 17 घंटे 23 मिनट चर्चा हुई जिसमें 173 सदस्यों ने भाग लिया। बिरला ने बताया कि केंद्रीय बजट पर सामान्य चर्चा 16 घंटे 13 मिनट चली, जिसमें 170 सदस्यों ने सहभागिता निभाई। उन्होंने कहा, ‘‘आशा है कि आगे भी इसी तरह से सदस्यों का सहयोग मिलता रहेगा।” बिरला ने कार्यवाही आगामी 10 मार्च को प्रात: 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले आज सुबह सदन की बैठक शुरू हुई तो कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने अदाणी समूह से संबंधित एक खबर को लेकर हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही आरंभ होने के लगभग पांच मिनट बाद अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। नारेबाजी के बीच ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया और जलशक्ति मंत्रालय से संबंधित कुछ पूरक प्रश्न पूछे गए। बिरला ने विपक्षी सदस्यों से नारेबाजी बंद करने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘आप प्रश्नकाल के दौरान नियोजित तरीके से गतिरोध करते हैं, यह अच्छी परंपरा नहीं है। आप (कांग्रेस) ने इतने साल शासन किया है….आप सदन में व्यवधान पैदा करना करते हैं।” बिरला का कहना था, ‘‘मैंने कहा है कि दोपहर 12 बजे विषय को रखने देंगे, लेकिन आप चर्चा नहीं चाहते। आप महत्वपूर्ण विषयों को सदन में नहीं लाना चाहते हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘प्रश्नकाल में सरकार की जवाबदेही तय होती है। यह सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। आप सदस्यों का अधिकार छीनना चाहते हैं।” सत्र का दूसरा चरण 10 मार्च को शुरू होगा हंगामा नहीं थमने पर बिरला ने सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न करीब 11 बजकर पांच मिनट पर अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। विपक्षी सदस्यों ने जिस खबर को लेकर हंगामा किया, उसमें दावा किया गया है कि सरकार ने गुजरात में अदाणी समूह के नवीकरणीय ऊर्जा पार्क के लिए मार्ग प्रशस्त करने के मकसद से पाकिस्तान सीमा पर राष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल में ढील दी है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने इस कारोबारी समूह को फायदा पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला है। अदाणी समूह की ओर से इस आरोप पर फिलहाल प्रतिक्रिया नहीं आई है। बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से हुई और अगले दिन एक फरवरी को आम बजट पेश किया गया। सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट और बतौर वित्त मंत्री लगातार अपना आठवां बजट पेश किया। सत्र का दूसरा चरण 10 मार्च को शुरू होगा और इसके 4 अप्रैल तक जारी रहने की संभावना है। बजट सत्र में कुल 27 बैठकें प्रस्तावित हैं।  

महामंडलेश्वर के पद से इस्तीफा नहीं दे रहीं ममता कुलकर्णी, ‘वो महामंडलेश्वर थीं, हैं और रहेंगी’: डॉ. लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी

मुंबई बॉलीवुड एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी जब से इंडिया आई हैं, तब से लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। एक्ट्रेस ने हाल ही में ऐलान किया था कि वो किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर के पद से इस्तीफा दे रही हैं, लेकिन अब महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने उनके इस फैसले को लेकर कुछ और ही बताया है। त्रिपाठी ने खुलासा किया है कि वो किसी पद से इस्तीफा नहीं दे रही हैं। मीडिया से बात करते हुए महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने ममता कुलकर्णी के इस्तीफे वाली बात को पूरी तरह से नकार दिया और कहा कि वो महामंडलेश्वर थीं, हैं और रहेंगी। उन्होंने कहा कि महामंडलेश्वर यमाई ममतानंद गिरि के नाम से ही ममता जी को जाना जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि गुरु पर बात आई तो ममता ने आहत होकर इस्तीफा दिया था लेकिन उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ममता जी को सजाकर, संवारकर रखना मेरा दायित्व है। पद की गरिमा रखने वालों को ही महामंडलेश्वर बनाया जाएगा।   ममता ने किया था ऐलान आपको बता दें ममता कुलकर्णी ने हाल ही में महाकुंभ में अपना पिंड दान किया था और इसके बाद उन्हें किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनाया गया था। लेकिन इस पर खूब विवाद हुआ। इसके कुछ दिनों बाद ममता ने ऐलान किया है कि वो इस पद से इस्तीफा दे रही हैं। अपने इस्तीफे का ऐलान करते हुए ममता ने कहा था कि ‘मैं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा दे रही हूं। मैं बचपन से ही साध्वी रही हूं और आगे भी रहूंगी…।    

निराश्रित पशुधन के खुले में विचरण की समस्या के समाधान के लिए शासन सचिव पशुपालन ने लिखा जिला कलेक्टर्स को पत्र

जयपुर शासन सचिव पशुपालन, गोपालन और मत्स्य डॉ. समित शर्मा ने कहा है कि राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर खुले में विचरण कर रहे निराश्रित पशुधन के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। अनेक बार इससे व्यक्तियों को चोट लगती है अथवा मृत्यु भी हो जाती है। कई बार पशु भी घायल होते हैं या उनकी मौत हो जाती है। यह एक गंभीर समस्या है। इस समस्या को दूर करने के लिए ऐसे पशुधन को सुरक्षित स्थानों में नियमानुसार स्थानांतरित करना बहुत आवश्यक है। इससे सड़कों पर सुरक्षा बढ़ने के साथ साथ राजमार्गो और सड़कों पर आवागमन में भी सुविधा होगी। डॉ शर्मा ने इस संबंध में राज्य के समस्त जिला कलक्टर को पत्र लिखकर संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर इस समस्या के निदान के लिए कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। डॉ शर्मा ने बताया कि इन निराश्रित अथवा बेसहारा पशुधन की समस्या के समाधान के लिए स्वायत्त शासन विभाग, पंचायती राज विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पशुपालन एवं गोपालन विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस/ यातायात विभाग, स्थानीय प्रबुद्ध समाज एवं स्वयंसेवी संगठनों आदि की भूमिका सुनिश्चित की गई है। जिला कलक्टर्स को पत्र में जिला स्तर पर संबंधित विभागों और संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर कार्य करवाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि जिले में आवश्यकतानुसार विशेष पशुधन संरक्षण अभियान चलाकर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए निराश्रित पशुधन को यथासंभव पुनर्वासित करवाएं, संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक आयोजित करवाकर विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए उनके बीच आ रही परेशानियों को दूर करें और जिले के पशु प्रेमी, गौ प्रेमी, भामाशाहों, दानदाताओं, सीएसआर आदि के माध्यम से निराश्रित पशुओं के रेडियम बेल्ट अथवा कॉलर लगवाए जाने हेतु प्ररित करें। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों और संस्थाओं को राष्ट्रीय पर्व पर राज्य, जिला और उपखण्ड स्तर पर सम्मानित भी करना चाहिए। डॉ शर्मा ने कहा कि सभी विभाग नियमानुसार अपनी अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए निराश्रित पशुओं के रेडियम कॉलर अथवा बेल्ट लगाएं और उन्हें नजदीक के किसी सुरक्षित स्थान या आश्रय स्थल में स्थानांतरित कर समस्या के समाधान में अपना सहयोग दें जिससे आम जन को इस समस्या से निजात मिल सके और आमजन और पशुधन की हानि को रोका जा सके।     शासन सचिव ने बताया कि इन निराश्रित पशुओं को नजदीक के राजकीय सहायता प्राप्त गौशालाओं, कांजी हाउस, नंदी शालाओं तथा अन्य किसी आश्रय स्थल पर स्थानांतरित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राजकीय सहायता प्राप्त गौशालाओं द्वारा उसकी कुल क्षमता का कम से कम 10 प्रतिशत निराश्रित पशुधन आवश्यक रूप से स्वीकार करना होगा। अगर किसी गौशाला द्वारा ऐसा करने से मना किया जाता है तो इसकी लिखित सूचना संबंधित संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग को देनी होगी। गौशाला के एक बार मना करने पर एक माह का, दूसरी बार मना करने पर दो माह का और तीसरी बार मना करने पर उस गौशाला को आगामी एक वर्ष तक सहायता राशि से वंचित रखने की कार्यवाही की जाएगी। डॉ शर्मा ने बताया कि गौशाला में स्थानांतरित निराश्रित गौवंश के भरण पोषण के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर बड़े और छोटे गौवंश के लिए नियमानुसार सहायता राशि देय होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि इन गौशालाओं में निराश्रित गौवंश के लिए अलग से रजिस्टर का संधारण किया जाए और रोगग्रस्त तथा दुर्घटनाग्रस्त गौवंश को तत्काल सुविधा एवं समुचित दवाइयां और फीड सप्लीमेंट आदि उपलब्ध करवाया जाए।  डॉ शर्मा ने सभी जिला कलेक्टर्स से आग्रह किया है कि सभी संबंधित विभागों में आपसी समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें जिससे दुर्घटनाओं को रोका जा सके और यातायात सुचारू रूप से निर्बाधित चल सके।

वक्फ संसोधन बिल पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने आपत्ति जताते हुए कहा- जितना हक हिंदुओं का, उतना मुसलमानों का भी

नई दिल्ली वक्फ संसोधन बिल पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट संसद में पेश की, लेकिन इस पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कड़ी आपत्ति जताई है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा कि भारत में अपनी जायदाद पर सिखों और हिंदुओं का जितना हक है, उतना ही हक मुस्लिमों का भी है। वक्फ पर मौजूदा कानून भारतीय संविधान के तहत ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा कि वक्फ पर मौजूदा कानून भारतीय संविधान के तहत आता है और यह धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के अंतर्गत है। उन्होंने बताया कि सिख अपनी जायदाद अपने तरीके से चलाते हैं और हिंदू भी स्वतंत्र हैं, इस पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन उनका कहना था कि नए बिल के मुताबिक वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुसलमानों को शामिल किया जाएगा और इस बोर्ड में सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी का मुसलमान होना जरूरी नहीं रहेगा, जिसे बोर्ड ने गलत बताया। हुकूमत से लड़ाई खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा कि यह कहना बेकार है कि एक दिन पूरा देश वक्फ के तहत आ जाएगा, यह सरकार की ओर से फैलाया जा रहा भ्रम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई हिंदू-मुसलमान की नहीं है, बल्कि यह उनकी अपनी संपत्ति और अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि संविधान में हमें धार्मिक मामलों को चलाने का हक दिया गया है और वे अपनी इस लड़ाई में न्यायप्रिय हिंदुओं से भी समर्थन की उम्मीद करते हैं। इस तरह, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ से जुड़े नए बिल के खिलाफ अपनी स्थिति स्पष्ट की और इसे संविधान के तहत दिए गए अधिकारों का उल्लंघन बताया।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet