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30 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार, पुलिस पर चार बार फायर कर हुआ था फरार

चित्तौड़गढ़ मादक पदार्थों की तस्करी और पुलिस पर फायरिंग समेत 10 गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित 30 हजार रुपये के इनामी बदमाश उदयलाल गुर्जर को सदर चित्तौड़गढ़ थाना पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। उदयलाल गुर्जर पर तीन मामले मादक पदार्थों की तस्करी के, चार मामले पुलिस पर फायरिंग के तथा अन्य संगीन अपराधों के कुल 10 मामले दर्ज हैं। वह जिले के टॉप-10 वांछित अपराधियों की सूची में शामिल था। उसकी गिरफ्तारी पर उदयपुर रेंज आईजी ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उदयलाल लंबे समय से मारवाड़ के तस्करों के संपर्क में रहकर मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था। पुलिस पर फायरिंग कर हुआ था फरार पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि बिजयपुर थाना समेत कोतवाली निम्बाहेड़ा, कनेरा, मंगलवाड़ और बस्सी में उदयलाल के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी और पुलिस पर हमले के मामले दर्ज हैं। अप्रैल 2022 में तस्करी के दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग कर फरार हो गया था। इसके बाद भी उस पर छह और मामले दर्ज हुए, जिनमें मादक पदार्थों की तस्करी, जानलेवा हमला, अवैध हथियार और धमकी देने के आरोप शामिल हैं। भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त उदयलाल कनेरा, मंगलवाड़ और बिजयपुर थाने में दर्ज तीन मामलों में भारी मात्रा में अवैध डोडा चूरा, अफीम और वाहनों की जब्ती के मामलों में भी वांछित था। पहले उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया गया। विशेष टीम ने दबोचा वांछित अपराधी उदयलाल की गिरफ्तारी के लिए सदर थाना प्रभारी निरंजन प्रताप, डीएसटी प्रभारी मुंशी मोहम्मद और साइबर सेल की टीम का गठन किया गया था। टीम ने बिजयपुर थाना क्षेत्र के पेमाखेड़ा निवासी उदयलाल पुत्र रतनलाल गुर्जर को एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में डीएसटी के सुरेंद्र पाल की विशेष भूमिका रही।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में श्रमिकों को ले जा रहे वाहन में जोरदार धमाका, 11 की मौत और कई जख्मी

 बलूचिस्तान पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर धमाका हुआ है. कोयला खनिकों को ले जा रहे वाहन को निशाना बनाकर बम विस्फोट किया गया जिसमें कम से कम 11 लोग मारे गए हैं. इससे पहले भी इस क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. यह धमाका बलूचिस्तान प्रांत के हरनई में हुआ. कोयला खदान श्रमिकों को ले जा रहे एक पिकअप वाहन पर विस्फोटक उपकरण से हमला किया गया. हमले में तुरंत ही 11 लोगों की मौत हो गई और 6 लोग घायल हुए हैं जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया है. रिमोट से किया था ब्लास्ट एक अधिकारी बताया कि यह ब्लास्ट रिमोट से संचालित डिवाइस से किया गया था.किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. क्षेत्र के डिप्टी कमिश्नर हजरत वली आगा ने कहा कि जब बम धमाका हुआ, तब ट्रक में 17 खनन श्रमिक सवार थे. स्थानीय अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर है. खनिज समृद्ध बलूचिस्तान ईरान और अफगानिस्तान की सीमा पर स्थित है. यहां अलगाववादी जातीय बलूच समूहों द्वारा दशकों से विद्रोह किया जा रहा है. इस क्षेत्र में इस्लामी आतंकवादी भी सक्रिय हैं.  

आवासीय गृह में शिक्षक की प्रताड़ना से परेशान होकर भागे बच्चे

 धमतरी एकलव्य आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह कुकरेल में शिक्षक की प्रताड़ना से तंग आकर छह आदिवासी व कमार बच्चों ने स्कूल परिसर का बाउंड्रीवाल कूदकर कर भाग निकले। सभी बच्चे देर शाम पास के गांव में मिले। सरपंच व ग्रामीणों ने सभी बच्चों को गांव में सुरक्षित रखा था। घटना की जानकारी होने पर मौके में जिला शिक्षा अधिकारी भी पहुंचे और समझाईश के बाद स्कूल प्रबंधन को बच्चों को सौंप दिया गया है। इधर डीईओ ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम गठित किया है। आखिर आदिवासी व कमार बच्चों को शिक्षक किस तरह प्रताड़ित कर रहे हैं, इसकी जांच करके कार्रवाई की जाएगी। यह है पूरा घटनाक्रम     एकलव्य आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह कुकरेल के छह बच्चे 13 फरवरी को खेलकूद के दौरान दीवार कूदकर स्कूल से भाग निकले।     इन स्कूली बच्चों को मथुराडीह के सरपंच परमेश्वर देवांगन और ग्रामीणों ने सकुशल स्कूल प्रबंधन को सौंपा।     एकलव्य आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह कुकरेल में अध्ययनरत छात्र खेलकूद के दौरान बुधवार को स्कूल के बाउंड्रीवाल कूदकर भाग गए थे।     स्कूल से पैदल चलते हुए बच्चे ग्राम मथुराडीह पहुंचे। यहां गांव के सरपंच परमेश्वर देवांगन ने इतने बच्चों को ग्रुप में देखकर जानकारी ली।     तब बच्चों ने अपनी समस्या ग्रामीणों के समक्ष रखी। इसे बाद सरपंच ने बच्चों को अपने साथ लेकर आदिवासी समाज भवन में लाए।     यहां उन्हें भोजन कराया। सरपंच ने इस घटना की जानकारी मीडिया और अधिकारियों को दी।  सरपंच देवांगन ने बताया कि छह बच्चे शाम छह बजे के आसपास मथुराडीह पहुंचे। डरे और सहमे बच्चों से बात किया तो पता चला बच्चे एकलव्य आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह में पढ़ाई करते हैं।     बच्चों का आरोप था कि स्कूल के किसी शिक्षक की प्रताड़ना से परेशान होकर स्कूल से भागे हैं। इन्हें सुरक्षित रख कर स्कूल प्रबंधन और जिला शिक्षा अधिकारी को जानकारी दिए।     इस पर विद्यालय के प्राचार्य नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि शाम को साढ़े चार से साढ़े पांच बजे खेलकूद के दौरान छह बच्चे स्कूल से गायब हुए थे।     इसमें कक्षा सातवीं के पांच और नौवीं के एक स्कूली बच्चे अटेंडेंस के समय नहीं थे। इसके बाद स्कूल के शिक्षकों को इन्हें ढूंढने भेजा गया।     ग्राम मथुराडीह में बच्चों की मिलने की सूचना मिलते ही यहां पहुंचकर सरपंच और ग्रामीणों से बच्चों को अपने कब्जे में लिए। ग्रामीणों ने सकुशल छह बच्चों को स्कूल प्रबंधन को सौंपा। जिला शिक्षा अधिकारी ने बच्चों से की पूछताछ घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी टीआर जगदल्ले ने प्राचार्य और ग्रामीणों से चर्चा किया। उनका पक्ष जाना। इसके बाद बंद कमरे में छह बच्चों से उन्होंने बातचीत कर उनकी समस्या सुनी। बच्चों से बातचीत करने के बाद बताया कि स्कूल के किसी शिक्षक की प्रताड़ना से परेशान होकर बच्चे स्कूल से भागे हैं। उन्हें सुझाव दिया गया कि किसी से डरने की जरूरत नहीं है। कोई भी शिक्षक नहीं डांटेगा। इस घटना की जांच के लिए एक समिति गठित कर स्कूल भेजने की बात कही है।  

घर में सुख-समृद्धि के लिए करें विजया एकादशी का व्रत

एकादशी का व्रत माह में दो बार रखा जाता है. इस दिन श्रीहरि विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है. कहते है यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सबसे उत्तम होता है. इस दिन पूजा और व्रत का पालन करने से व्यक्ति को जीवन की तमाम परेशानियों से छुटकारा मिलता है. वहीं फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी के दिन विधि-विधान से पूजा करने वालों को शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. विजया एकादशी कब हैं? हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की एकादशी तिथि की शुरुआत 23 फरवरी को दोपहर 1 बजकर 55 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 24 फरवरी को दोपहर 1 बजकर 44 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, इस बार विजया एकादशी का व्रत सोमवार 24 फरवरी को रखा जाएगा. विजया एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, विजया एकादशी के दिन का मुहूर्त- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 11 मिनट से 06 बजकर 01 मिनट तक विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से 03 बजकर 15 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 15 मिनट से 06 बजकर 40 मिनट तक निशिता मुहूर्त रात्रि 12 बजकर 09 मिनट से 12 बजकर 59 मिनट तक विजया एकादशी पारण का समय एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि पर किया जाता है. यानी विजया एकादशी व्रत का पारण 25 फरवरी को सुबह 6 बजकर 50 मिनट से लेकर 9 बजकर 8 मिनट तक रहेगा. इस दौरान व्रत करने वाले लोग पारण कर सकते हैं. विजया एकादशी की पूजा विधि विजया एकादशी की पूजा के दिन पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद श्रीहरि का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें. इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है. पूजा स्थल की सफाई करें. उसके बाद मंदिर में चौकी सजाकर उसपर पीला कपड़ा बिछाया जाता है और भगवान विष्णु की मूर्ति या प्रतिमा स्थापित करें. इसके बाद भगवान विष्णु को फूल, दीप. चंदन, फल, तुलसी के पत्ते और भोग में मिठाई अर्पित करें. भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप और आरती कर पूजा का संपन्न करें.

RBI ने मुंबई के न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर रोक लगा दी

नई दिल्ली रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने मुंबई के न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर रोक लगा दी है। बैंक के ग्राहक अपना पैसा भी नहीं निकाल सकते। यही नहीं, केंद्रीय बैंक ने इस बैंक पर नए लोन देने, पैसा जमा करने, एफडी आदि पर भी रोक लगा दी है। रिजर्व बैंक का कहना है कि बैंक की स्थिति सुधरने तक ये प्रतिबंध लागू रहेंगे। रिजर्व बैंक के इस आदेश के बाद शुक्रवार को बैंकों की ब्रांच के बाहर ग्राहकों की भीड़ जमा हो गई। रिजर्व बैंक को इस बैंक में कुछ गड़बड़ियों के बारे में पता चला है। इसके बाद ही केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया। मार्च 2024 के आखिर तक इस बैंक में कुल 2436 करोड़ रुपये जमा थे। जिन लोगों का पैसा इस बैंक में जमा है, उन्हें डिपॉजिट इंश्योरेंस स्कीम के तहत 5 लाख रुपये तक का बीमा मिलेगा। मतलब, अगर बैंक डूब भी जाता है तो भी आपको 5 लाख रुपये तक वापस मिल जाएंगे। इन चीजों पर लगाई रोक RBI ने घोषणा की है कि 13 फरवरी 2025 से न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक कोई भी नया लोन नहीं देगा। पुराने लोन को भी रिन्यू नहीं करेगा। नए निवेश या नई जमा राशि भी स्वीकार नहीं करेगा। किसी भी तरह का पेमेंट भी नहीं कर पाएगा। यहां तक कि अपनी कोई भी संपत्ति भी नहीं बेच पाएगा। यह पाबंदी 13 फरवरी 2025 से शुरू होकर अगले छह महीने तक लागू रहेगी। क्यों लगाई रिजर्व बैंक ने पाबंदी? रिजर्व बैंक को पता चला है कि इस बैंक की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। बैंक के पास पर्याप्त पैसा है या नहीं, इसको लेकर आरबीआई सवाल उठा रहा है। इसलिए लोगों को अपने सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट या किसी भी दूसरे खाते से पैसे निकालने से रोका गया है। रिजर्व बैंक ने कहा है कि ये पाबंदियां ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए लगाई गई हैं। ग्राहक हुए परेशान रिजर्व बैंक की पाबंदी की यह खबर शुक्रवार को आग की तरह फैल गई। इस बैंक के ग्राहक अपनी-अपनी ब्रांच पहुंच गए। इसमें ज्यादातर लोग बैंक से अपना पैसा निकालना चाहते हैं। लेकिन रिजर्व बैंक के बैन के कारण वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे कई फोटो और वीडियो सामने आ रहे हैं जिसमें बैंकों के बाहर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। बैंक का दरवाजा बंद है जिस कारण वे इसमें जा नहीं पा रहे हैं।

राजस्थान में पहली बार हो रहे आईफा अवॉर्ड्स से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अपूर्वा मखीजा को किया बाहर

जयपुर राजस्थान में पहली बार हो रहे आईफा अवॉर्ड्स से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अपूर्वा मखीजा को बाहर कर दिया गया है। इंडियाज गॉट लेटेंट शो में पेरेंट्स पर की गई उनकी अभद्र टिप्पणी को लेकर विवाद गहराने के बाद यह फैसला लिया गया। अपूर्वा मखीजा 20 फरवरी को उदयपुर में आईफा से जुड़े प्री-इवेंट ट्रेजर हंट की शूटिंग करने वाली थीं, लेकिन राजपूत करणी सेना ने इसका विरोध करते हुए चेतावनी दी थी कि “अश्लीलता फैलाने वालों को जूते मारेंगे और डबोक एयरपोर्ट पर उतरने ही नहीं देंगे।” करणी सेना के संभाग प्रमुख डॉ. परमवीर सिंह दुलावत ने कहा, “धर्म, संस्कृति और संस्कारविहीन लोगों को मेवाड़ की धरती पर नहीं आने देंगे। यदि प्रशासन नहीं रुका, तो परिणाम गंभीर होंगे।” विवाद बढ़ने के बाद आईफा आयोजकों ने अपूर्वा को आधिकारिक प्रचारकों की सूची से हटा दिया। अब वह इस इवेंट से पूरी तरह बाहर हैं। हालांकि, ट्रेजर हंट इवेंट राजस्थान के उदयपुर, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, भरतपुर, कोटा और जयपुर में जारी रहेगा। इसमें अली फजल, अभिषेक बनर्जी, अपारशक्ति खुराना, जयदीप अहलावत जैसे सितारे हिस्सा लेंगे। आईफा अवॉर्ड्स का आयोजन 8-9 मार्च को जयपुर में होगा। इस दौरान शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित, शाहिद कपूर, कृति सेनन, नोरा फतेही जैसे सितारे परफॉर्म करेंगे, और राजस्थान टूरिज्म पॉलिसी भी लॉन्च की जाएगी। इस मामले में कोटा के वकीलों ने समय रैना, रणवीर अलाहबादिया, आशीष चंचलानी और अपूर्वा मखीजा के खिलाफ नयापुरा थाने में अश्लीलता फैलाने का परिवाद दर्ज कराया है। वकीलों का आरोप है कि इस तरह की सामग्री से समाज में नैतिक पतन हो रहा है। अब देखना होगा कि यह विवाद यहीं रुकता है या और तूल पकड़ता है।

जिला चिकित्सालय सिवनी में शनिवार को साइकिल रैली का आयोजन किया जाएगा

 सिवनी स्वच्छ भारत मिशन के कायाकल्प प्रोग्राम के अन्तर्गत कार्बन फुट प्रिंट को कम करने के उद्देश्य से आमजन की जनभागीदारी एवं जनजागरूकता हेतु जिला चिकित्सालय सिवनी में शनिवार को साइकिल रैली का आयोजन किया जाएगा। रैली सुबह 7 बजे जिला चिकित्सालय परिसर से बाहुबली चौक होते हुए गांधी भवन, कचहरी चौक एवं फुटबॉल स्टेडियम ग्राउंड पहुंचेगी। यहां पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। सभी अधिकारी-कर्मचारी अपनी व्यवस्था बनाते हुए साइकिल लेकर आएंगे। सिविल सर्जन ने बताया कि ‘हर शनिवार-ईंधन रहित वाहन दिवस’ थीम पर समस्त अधिकारी-कर्मचारी पैदल या फिर साइकिल से आएंगे। दूरस्थ निवासरत अत्यंत आवश्यकता होने पर वाहन का इस्तेमाल करेंगे। अस्पताल में गुटखा खाने पर 26 लोगों पर कार्रवाई जिला स्तरीय निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण दल ने जिला चिकित्सालय में धूम्रपान एवं तंबाकू उत्पाद का सेवन करने वाले 26 व्यक्तियों के ऊपर रु 2,330 रुपए की चालानी कार्रवाई की। लोगों को तम्बाकू उत्पादन के सेवन से होने वाली बीमारियों एवं दुष्प्रभाव के बारे में समझाइस दी गई। जिला स्तरीय निरीक्षण एवं पर्यवेक्षक दल में जिला नोडल अधिकारी शांति डहरवाल, दल के सदस्य बीईई आई के अडकऩे, कुसुम चंद्रवंशी, पुलिसकर्मी राजू भलावी, रूपेश हिंगवे सहित अन्य मौजूद रहे।

पनीर और चिकन की सब्जी खाने से 20 लोग फूड प्वाइजनिंग का हुए शिकार

कोण्डागांव जिले के हंगवा गांव में एक छट्टी कार्यक्रम के दौरान कल फूड प्वाइजनिंग का मामला सामने आया था, जिसमें अब एक छात्रावासी बच्ची की मौत का मामला भी जुड़ गया है। दरअसल पनीर और चिकन की सब्जी खाने से 20 लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गये थे ।एक बच्ची की जिला अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद मौत हो गई, जबकि 14 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया गया और 5 पीड़ितों का हंगवा गांव में ही शिविर लगाकर इलाज किया गया। यह है पूरा मामला     जानकारी के अनुसार, हंगवा गांव निवासी तुला कोर्राम के घर सोमवार को छट्टी कार्यक्रम आयोजित किया गया था।     इस अवसर पर विशेष भोज का आयोजन किया गया, जिसमें कोण्डागांव से 20 किलो पनीर और 6 किलो चिकन पकाकर परोसा गया था।     स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चिकन खाने के बाद कई लोगों की तबीयत मंगलवार रात से बिगड़ने लगी, जिसके बाद 14 पीड़ितों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।     इधर, जिला अस्पताल में उपचार कर हायर सेंटर शिफ्टिंग के दौरान जयंती कोर्राम (09) पिता स्व. वारामासी निवासी राकसमेटा की मौत हो गई।     स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जयंती कोर्राम के चाचा तुला कोर्राम ने कन्या आश्रम शाला हंगवा से उसे व उसकी बहन पूजा कोर्राम और भूमिका कोर्राम को छुट्टी दिलाकर छट्टी कार्यक्रम के लिए घर ले गए थे। अगले दिन आश्रम में छोड़ने के बाद उसकी तबीयत खराब हुई थी, जहां से उसे जिला अस्पताल भेजा गया था। घटना की जानकारी लगते ही स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर आयोजित किया, जहां 5 बीमारों का इलाज किया गया।     इधर, कोण्डागांव जिला अस्पताल में फूड प्वाइजनिंग से पीड़ित अंतू कोर्राम (38), राजबती (11), सारिका कोर्राम (8), हर्षिला कोर्राम (2), सुमति कोर्राम (34), पूजा कोर्राम (11), असमन कोर्राम (43), सुनाई कोर्राम (40), आशिका कोर्राम (5), तुलेश्वरी मांडवी (16), दीपिका कोर्राम (12), पांचू कोर्राम (16), अनिल कोर्राम (25), सविता मांडवी (16) का उपचार जारी है।     जिला अस्पताल में अंतू कोर्राम की हालत ज्यादा खराब बताई जा रही है।इस घटना के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।     विभाग खाद्य पदार्थों की नियमित जांच और निगरानी के दावे करता है, लेकिन एक बच्ची की मौत और 19 लोगों के बीमार होने के बाद प्रशासन की लापरवाही उजागर होते जान पड़ रही है।  

तीन दिन राहत के बाद शहर फिर जाम की चपेट में, नैनी में पांच किलोमीटर लंबा जाम

प्रयागराज तीन दिन राहत के बाद शुक्रवार को शहर फिर जाम की चपेट में आ गया। शहर के बालसन, एएन झा मार्ग सहित नया यमुना ब्रिज से लेकर सेंट्रल जेल नैनी तक लंबा जाम लगा हुआ है। दोपहर 12 बजे मिर्जापुर रोड पर पांच किलोमीटर लंबा जाम रहा। वाहन रेंगते नजर आए। डेढ़ किलोमीटर लंबा नया यमुना ब्रिज पार करने में दो घंटे से अधिक समय लग जा रहा है। माघी पूर्णिमा बीतने के बाद उम्मीद थी कि भीड़ का दबाव कम होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लगातार भीड़ बढ़ने के बाद शहर फिर जाम की चपेट में आग गया है। सिविल लाइंस से मेला क्षेत्र जाने वाले मार्ग पर कई जगह जाम की स्थिति बनी है। इसी तरह झूंसी, नैनी और फाफामऊ इलाके में कई किलोमीटर जाम लगा हुआ है। स्थिति यह है कि पार्किंग में वाहन खड़ा करने का स्थान भी कम बचा है। कई घंटे तक वाहनों के रेंगने के चलते उसमें बैठे श्रद्धालुओं की हालत खस्ता हो गई है। महाकुंभ में जाम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अख्तियार है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह स्वयं सड़क पर उतरें और व्यवस्था को संभालें। कहा कि प्रयागराज महाकुंभ नगर, प्रयागराज जनपद, अयोध्या वाराणसी और आसपास के सभी जिलों में कहीं भी सड़क पर जाम ना लगे। हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करें। जहां जाम होगा वहां के अधिकारियों के जवाबदेही तय होगी। दूसरे प्रदेशों बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र से प्रयागराज पहुंचकर श्रद्धालु जाम में घंटों फंस जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के रीवां से आए विक्रम प्रसाद ने बताया कि वह सुबह छह ही नैनी स्टेशन पर पहुंच गए थे, लेकिन दोपहर 12 बजे तक संगम नहीं पहुंच पाए हैं। जितना देर रीवां से प्रयागराज आने में लगा उससे ज्यादा समय नैनी से संगम पहुंचने में लग रहा है।

थोक महंगाई जनवरी में घटी, खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी से मिली राहत

नई दिल्ली जनवरी में थोक मुद्रास्फीति घटीजनवरी 2025 में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति घटकर 2.31 प्रतिशत पर आ गई. यह दिसंबर 2024 में 2.37 प्रतिशत थी, जबकि जनवरी 2024 में मात्र 0.33 प्रतिशत दर्ज की गई थी. मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं, विशेष रूप से सब्जियों की कीमतों में गिरावट ने इस कमी में योगदान दिया. खाद्य मुद्रास्फीति में राहत जनवरी में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 5.88 प्रतिशत पर आ गई, जबकि दिसंबर 2024 में यह 8.47 प्रतिशत थी. खासकर सब्जियों की मुद्रास्फीति में तेज गिरावट दर्ज की गई, जो दिसंबर 2024 में 28.65 प्रतिशत थी और जनवरी में घटकर 8.35 प्रतिशत रह गई. यह दर्शाता है कि सब्जियों की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे आम जनता को राहत मिली है. आलू और प्याज की कीमतों में वृद्धि जारी हालांकि, आलू और प्याज की कीमतों में अब भी तेजी बनी हुई है. आलू की मुद्रास्फीति 74.28 प्रतिशत के उच्च स्तर पर बनी रही, जो यह दर्शाता है कि इस आवश्यक वस्तु की कीमतें अभी भी महंगाई का दबाव झेल रही हैं. वहीं, प्याज की मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 28.33 प्रतिशत हो गई, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ा. ईंधन एवं बिजली क्षेत्र में गिरावट ईंधन और बिजली श्रेणी में भी राहत देखने को मिली. इस क्षेत्र में मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 2.78 प्रतिशत रह गई, जबकि दिसंबर में यह 3.79 प्रतिशत थी. इससे ऊर्जा लागत में थोड़ी नरमी आने की संभावना है, जो उद्योगों और आम जनता के लिए राहत भरी खबर हो सकती है. विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी हालांकि खाद्य वस्तुओं और ईंधन की मुद्रास्फीति में कमी आई, लेकिन विनिर्मित वस्तुओं की मुद्रास्फीति में मामूली वृद्धि देखी गई. दिसंबर 2024 में यह 2.14 प्रतिशत थी, जो जनवरी 2025 में बढ़कर 2.51 प्रतिशत हो गई. इससे पता चलता है कि उत्पादन लागत में कुछ बढ़ोतरी हुई है, जो संभावित रूप से उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकती है. खुदरा मुद्रास्फीति भी हुई कम खुदरा मुद्रास्फीति के हालिया आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 4.31 प्रतिशत हो गई. यह पिछले पांच महीनों का सबसे निचला स्तर है, जिससे यह संकेत मिलता है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता आ रही है. आलू की मुद्रास्फीति 74.28 प्रतिशत पर उच्च स्तर पर बनी रही, तथा प्याज की मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 28.33 प्रतिशत हो गई। ईंधन और बिजली श्रेणी में जनवरी में 2.78 प्रतिशत की अपस्फीति देखी गई, जबकि दिसंबर में 3.79 प्रतिशत की अपस्फीति थी। विनिर्मित वस्तुओं में मुद्रास्फीति दिसंबर 2024 में 2.14 प्रतिशत की तुलना में 2.51 प्रतिशत रही। बुधवार को जारी खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों से पता चला कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी के कारण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 4.31 प्रतिशत रह गई जो पांच महीने का निम्नतम स्तर है।

कोर्ट ने हजारों अतिथि शिक्षकों को आवेदन के समय अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड करने की अनिवार्यता से राहत दी

जबलपुर  मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने माध्यमिक शिक्षक और प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने अतिथि शिक्षकों को बिना अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड किए आवेदन करने की अनुमति दी है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिली है. खास बात ये है कि सिवनी निवासी सुनीता कटरे, कृष्णकांत शर्मा और अन्य याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता धीरज तिवारी और ईशान सोनी ने न्यायालय में तर्क भी दिया था. जानें क्या था मामला? बता दें, वर्ष 2018 और 2023 की उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती और प्राथमिक शिक्षक भर्ती में दस्तावेज सत्यापन (काउंसलिंग) के समय 200 दिवस और तीन सत्रों का अतिथि शिक्षक अनुभव प्रमाण पत्र मांगा जाता था. लेकिन इस बार माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिए, ईएसबी (कर्मचारी चयन मंडल) के पोर्टल पर आवेदन के समय ही अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड करने की अनिवार्यता कर दी गई थी. याचिका में क्या तर्क दिया गया? 1. रूल बुक की धारा 12(6) के अनुसार, उम्मीदवारों को शैक्षणिक योग्यता और पात्रता से जुड़े दस्तावेज दस्तावेज़ सत्यापन और काउंसलिंग के समय अपलोड करने की अनुमति है. 2. मध्य प्रदेश स्कूल एजुकेशन सर्विसेज (टीचिंग कैडर) सर्विस कंडीशन एंड रिक्रूटमेंट रूल्स, 2018 में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अतिथि शिक्षक अनुभव प्रमाण पत्र आवेदन के समय ही अपलोड किया जाना चाहिए. 3. 2023 की भर्ती प्रक्रिया में, आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 01 जून 2023 थी, लेकिन अतिथि शिक्षक अनुभव प्रमाण पत्र 31 मार्च 2024 तक अपलोड करने की छूट दी गई थी. उच्च माध्यमिक/माध्यमिक/प्रार्थमिक शिक्षक की काउंसलिंग निर्देशिका एक समान होनी चाहिए पूर्व की भर्ती में भी ऐसा ही था लेकिन इस बार अनुभव प्रमाण पत्र आवेदन के समय ही मांगा गया, जो संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन है. 4. ईएसबी पोर्टल पर लागू किया गया नया नियम मनमाना और भेदभावपूर्ण है, जिससे योग्य उम्मीदवार आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं. 5. भर्ती अधिसूचना में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है कि अतिथि शिक्षक अनुभव प्रमाण पत्र केवल आवेदन के समय ही अपलोड किया जाना चाहिए, बल्कि दस्तावेज़ सत्यापन के समय इसे जमा करने की अनुमति दी जानी चाहिए. न्यायालय का फैसला माननीय उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति द्वारिकाधीश बंसल की एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए भर्ती प्रक्रिया को याचिका के अधीन कर दिया। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि अतिथि शिक्षकों को बिना अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड किए केवल “YES” विकल्प चुनकर आवेदन करने की अनुमति होगी। इस फैसले का लाभ किन्हें मिलेगा? वे सभी अतिथि शिक्षक जो 200 दिवस और तीन सत्रों की न्यूनतम अनुभव शर्त को पूरा कर रहे हैं, लेकिन उनका प्रमाण पत्र दस्तावेज़ सत्यापन के समय ही उपलब्ध होगा. वे अभ्यर्थी जो इस नई अनिवार्यता के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे थे, अब वे बिना प्रमाण पत्र अपलोड किए आवेदन कर सकेंगे. भर्ती प्रक्रिया अधिक न्यायसंगत होगी और योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा. अब क्या होगा आगे? ईएसबी पोर्टल में बदलाव: अब पोर्टल पर अभ्यर्थी बिना अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड किए “YES” विकल्प चुनकर आवेदन कर सकेंगे. भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी: न्यायालय ने भर्ती को याचिका के अधीन किया है, जिसका मतलब है कि भर्ती प्रक्रिया न्यायालय के फैसले के अनुसार आगे बढ़ेगी. अंतिम निर्णय दस्तावेज़ सत्यापन के समय अतिथि शिक्षकों को दस्तावेज़ सत्यापन के समय ही अपना अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, जैसा कि पूर्व की भर्तियों में होता आया है. यह फैसला सिवनी निवासी सुनीता कटरे, कृष्णकांत शर्मा और अन्य याचिकाकर्ताओं सहित हजारों अतिथि शिक्षकों के लिए राहत भरी है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, निफ्टी भी लुढ़का

मुंबई भारत के घरेलू बेंचमार्क सूचकांक हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स कारोबार के अंत में 199.76 अंक या 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,939.21 पर बंद हुआ और निफ्टी 102.15 अंक या 0.44 प्रतिशत फिसलने के बाद 22,929.25 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 260.40 अंक या 0.53 प्रतिशत की गिरावट के बाद 49,099.45 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स पर भारी दबाव रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,227.05 अंक या 2.41 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के बाद 49,654.15 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 566.65 अंक या 3.55 प्रतिशत गिरने के बाद 15,407.20 पर बंद हुआ। कैपिटल माइंड रिसर्च के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट, कृष्णा अप्पाला ने कहा, “पिछले हफ्ते भारतीय इक्विटी बाजारों में सभी सूचकांकों में भारी गिरावट देखी गई है। 5 फरवरी, 2025 से निफ्टी 50 इंडेक्स में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो अब सितंबर 2024 से अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से लगभग 13 प्रतिशत नीचे है। व्यापक बाजार में भी काफी दबाव देखा गया है।” उन्होंने आगे कहा कि स्मॉलकैप इंडेक्स ने मंदी के दौर में प्रवेश किया है, जो दिसंबर 2024 के अपने शिखर से 20 प्रतिशत से ज़्यादा नीचे कारोबार कर रहा है। ये गिरावट अमेरिकी टैरिफ नीतियों और धीमी होती कॉर्पोरेट आय को लेकर चिंताओं से उपजी है, जिसके कारण व्यापक रूप से बिकवाली हुई है। खासकर स्मॉल-कैप शेयरों में भारी बिकवाली हुई। एलकेपी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक दे ने कहा, “निफ्टी पर मंदी का दौर जारी है, कुछ दिनों तक इस स्तर से ऊपर रहने के बाद यह 23,000 से नीचे बंद हुआ। सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है, भले ही सूचकांक अपने निचले स्तर से 155 अंक नीचे बंद होने में कामयाब रहा, क्योंकि यह क्रिटिकल शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार करना जारी रखता है। 22,800 से निर्णायक गिरावट बाजार में और अधिक घबराहट पैदा कर सकती है। उच्च स्तर पर, 23,100 तत्काल प्रतिरोध प्रतीत होता है, जिसके ऊपर बाजार को कुछ राहत मिल सकती है।” बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 681 शेयर हरे निशान और 3,320 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि 82 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स पैक में सन फार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, टाटा स्टील, एमएंडएम, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, जोमैटो और एसबीआई टॉप लूजर्स रहे। वहीं, नेस्ले इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस और आईटीसी टॉप गेनर्स रहे। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 13 फरवरी को लगातार सातवें दिन इक्विटी बेचना जारी रखा, जिसमें 2,789.91 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची गई, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने उसी दिन 2,934.50 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।

ममता कुलकर्णी के किन्नर अखाड़े पर एक जानलेवा हमला, घायल शिष्यों को महाकुंभ के केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया

प्रयागराज हाल ही में ममता कुलकर्णी के किन्नर अखाड़े पर एक जानलेवा हमला हुआ है। इस हमले में महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरि और उनके छह शिष्य घायल हो गए हैं। हमले के बाद घायल शिष्यों को महाकुंभ के केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि किन्नर अखाड़े में आंतरिक गुटबाजी के कारण यह घटना हुई है, लेकिन हमलावरों की गिरफ्तारी के बाद इस हमले के असली कारण का पता चल पाएगा। ममता कुलकर्णी फिर से बनीं महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी, जो पहले किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर थीं, कुछ समय पहले इस पद से इस्तीफा दे चुकी थीं। लेकिन हाल ही में यह खबर आई कि उनका इस्तीफा रिजेक्ट कर दिया गया है और वे फिर से महामंडलेश्वर बन गई हैं। ममता ने इस्तीफा देने के पीछे की वजह का खुलासा किया था, लेकिन उनके पद छोड़ने और फिर से संभालने के बीच अखाड़े में विवाद बढ़ने लगा है। इस बीच, ममता के फिर से महामंडलेश्वर बनने पर विवाद और भी तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। महाकुंभ में हमला, कैसे हुआ? महाकुंभ के सेक्टर-9 में किन्नर अखाड़े में स्थित शिविर में महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरि भक्तों को आशीर्वाद दे रही थीं, तभी कुछ लोग हथियार लेकर शिविर में घुस आए। इन हमलावरों ने गाली-गलौज करना शुरू किया और महामंडलेश्वर पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में महामंडलेश्वर की शिष्याएं राधिका और वैष्णवी भी घायल हो गईं। हमले के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की जांच जारी पुलिस अधिकारी शंभू सिंह ने बताया कि फिलहाल घटना की लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर इस हमले की सच्चाई सामने लाने का दावा कर रही है। ममता कुलकर्णी के किन्नर अखाड़े पर महाकुंभ में हमला हुआ, जिसमें महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरि और उनके 6 शिष्य घायल हो गए हैं। पुलिस ने हमले की जांच शुरू कर दी है और इसके पीछे की असल वजह जानने की कोशिश कर रही है।” क्या ममता का इस्तीफा और हमला आपस में जुड़े हैं? ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर के पद से इस्तीफा देना और फिर से उसे संभालना, उसके बाद किन्नर अखाड़े पर हमला होना, क्या यह एक संयोग है या इसके पीछे कोई साजिश है? फिलहाल, पुलिस इस मामले को हर एंगल से देख रही है। जल्दी ही जांच पूरी होने के बाद इस हमले और अखाड़े में बढ़ रही गुटबाजी के कारण का पता चल सकता है।    

झोपड़ी में लगी आग, जिंदा जला साल का मासूम

पाली पाली जिले में झोपड़ी में आग लगने से एक 4 साल के मासूम की जिंदा जलकर मौत हो गई। जबकि 2 साल की बहन भी आग की चपेट में आने से करीब 70 प्रतिशत जल गई। बालिका को देसूरी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति गंभीर होने पर उसे पाली और पाली से जोधपुर रेफर कर दिया गया। यह घटना गुरुवार शाम देसूरी में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने कुछ दूरी पर धुआं उठते देखा तो हादसे की आशंका के चलते वहां पहुंचे तो देखा कि एक झोपड़ी में आग लगी हुई थी।

भारत को दिया चीन सीमा विवाद मध्यस्थता कराने ट्रंप ने दिया ऑफर, भारत ने ठुकराया, कहा हम सक्षम हैं

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को दुनिया का एक बड़ा प्लेयर बताया है। इसके साथ ही उन्होंने भारत और चीन के बीच सीमा विवाद मध्यस्थता का भी ऑफर दे दिया, जिसे भारत ने बिना कोई वक्त गंवाए खारिज कर दिया। भारत ने यह फैसला इसलिए लिया ताकि किसी तरह भ्रम न उपजे। भारत ने साफ कहा कि सीमा विवाद द्विपक्षीय मसला है और हम सभी चीजों को अपने स्तर पर निपटाने में सक्षम हैं। पीएम मोदी के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा था, ‘मैं भारत की तरफ देखता हूं। कुछ सीमा विवाद भी हैं, जो सामान्य हैं। उन पर बात होनी चाहिए और पहल जारी रहनी चाहिए। यदि हम कोई मदद कर सकते हैं तो मुझे अच्छा लगेगा। मैं इसके लिए तैयार हूं क्योंकि मेरा मानना है कि विवादों का निपटारा होना चाहिए।’ उन्होंने चीन के साथ अमेरिका के अच्छे रिश्तों की भी बात की। उन्होंने कहा कि अमेरिका तो चीन के साथ अच्छे रिश्तों का हिमायती है। दुनिया का एक बड़ा प्लेयर चीन भी है। उन्होंने कहा कि हम चीन के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं। कोरोना काल तक हमारे शी जिनपिंग के साथ अच्छे संबंध थे। फिर बात थोड़ी बिगड़ गई। चीन दुनिया का एक बड़ा महत्वपूर्ण प्लेयर है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप के ऑफर को भारत ने तत्काल खारिज कर दिया है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, ‘हमारे पड़ोसियों के साथ जो भी मसले हैं। उनसे निपटने के लिए हमने हमेशा से द्विपक्षीय वार्ता का रास्ता ही अपनाया है। हमें किसी तीसरे पक्ष की आवश्यकता नहीं है।’ डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को रोकने के लिए भी हम मध्यस्थता करेंगे। हमारी ओर से हर मामले में अहम भूमिका अदा की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यूक्रेन और रूस के बीच विवाद खत्म हो जाना चाहिए। दोनों के बीच जंग बहुत ज्यादा हो चुकी। उन्होंने कहा कि अब हमें अपने प्रयासों को बेकार नहीं होने देना है। हम अब हल निकालने के बेहद करीब हैं।’ उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी शक्तियों को हल निकालने के लिए आगे बढ़ना होगा। ट्रंप ने कहा कि यह जंग बहुत समय से चल रही है। अब अमेरिका, भारत, चीन और रूस जैसी ताकतों को साथ आना होगा। यदि ये 4 देश साथ आए तो दुनिया की बहुत सी समस्याओं का हल हो सकेगा। ‘भारत तेल और गैस खरीदे तो हमारा व्यापार घाटा कम होगा’ उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि भारत की ओर से अमेरिकी तेल और गैस की खरीद की जाए। हमने उस डील की ओर कदम बढ़ाए हैं। इससे वॉशिंगटन का व्यापार घाटा भी कम हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की ओर से अमेरिका के कई उत्पादों पर टैक्स लगाया गया है। यह चिंता की बात है। ऐसी स्थिति में भारत के साथ कारोबार करना मुश्किल हो रहा है।

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