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सीएम मोहन यादव का दिल्ली में हुआ एक और घर, नए बंगले में जल्द करेंगे गृह प्रवेश

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का राजधानी दिल्ली के लुटियंस में एक घर होगा। सीएम को 14 अशोक रोड पर एक कोठी अलॉट हो गई है। इस बंगले में वर्षों से पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी रह रही थीं। हाल ही उन्होंने यह घर खाली किया था। अब यह कोठी मध्यप्रदेश के सीएम के नाम अलॉट हो गई है। बीते दिनों मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने इसका निरीक्षण भी किया है। इस दौरान उनके साथ मध्यप्रदेश के अधिकारियों की टीम भी मौजूद थी। सूत्रों का कहना है कि, सीएम ने दिल्ली में यह आवास इसलिए लिया है कि उनके प्रवास से जुड़ी गोपनीयता बनी रहे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने घर को अपनी जरूरत के हिसाब से तैयार करने के निर्देश भी दिए। हालांकि, इस बंगले को पूरा तैयार होने में करीब तीन से चार माह लगेंगे। इसके बाद सीएम शुभ मुहूर्त देखकर दिल्ली के नए घर में प्रवेश करेंगे। अभी सीएम अपने दिल्ली प्रवास के दौरान चाणक्यपुरी स्थित न्यू मध्यप्रदेश भवन में ठहरते हैं। हालांकि, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी दिल्ली में बंगला अलॉट नहीं करवाया था। वे मध्यप्रदेश भवन में ही आकर ठहरते थे और यहीं अधिकारियों की बैठक लेते थे। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान को सफदरजंग रोड पर बंगला अलॉट हुआ है। जबकि, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए कभी भी मध्यप्रदेश भवन का उपयोग ठहरने के लिए नहीं किया था। वे दिल्ली प्रवास के दौरान राजदूत मार्ग स्थित अपने घर पर ठहरते थे। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए दिल्ली में लोधी स्टेट में सरकारी आवास अलॉट करवाया था। सूत्रों का कहना है कि, कुछ महीनों पहले मध्यप्रदेश के सीएम दिल्ली प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा से मिलने तीन मूर्ति मार्ग स्थित आवास पर पहुंचे थे। इस दौरान सीएम यादव ने असम के सीएम से बंगला अलॉट होने की प्रक्रिया की जानकारी ली थी। इसके बाद सीएम के कार्यालय ने दिल्ली में मध्यप्रदेश के सीएम को बंगला अलॉट करने के संदर्भ में फाइल चलाई थी। सूत्रों का कहना है कि, अलॉट हुए 14 अशोक रोड के बंगले में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के 27 कुत्ते उनकी देखभाल करने वाले के साथ हैं। वहीं, बंगले में मरम्मत ओर रंगरोगन सहित कई काम होने हैं। इसलिए इसे तैयार होने में थोड़ा समय लग सकता है। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने ऑफिस कार्य के साथ रात्रि विश्राम भी कर सकें, ऐसी कुछ व्यवस्था भी बंगले में की जा रही हैं। इसके अलावा उनका परिवार भी रह सके इसके लिए भी तमाम सुविधाएं बंगले में जुटाई जा रही हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जेड प्लस की सुरक्षा प्राप्त है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टिकोण से यह बंगला उपयुक्त है। इस कोठी के आसपास ही सभी मंत्रालय और संसद भवन मौजूद हैं। एयरपोर्ट भी इस घर से 13 किमी की दूरी पर है। जबकि न्यू मध्यप्रदेश भवन भी 6 किमी दूर है।   दिल्ली के अलावा भोपाल-उज्जैन में भी है सीएम आवास मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव का राजधानी भोपाल के अलावा उज्जैन में भी सीएम हाउस तैयार किया गया है। उज्जैन में कोठी रोड स्थित विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति के बंगले को भी सीएम हाउस बनाया गया है। सीएम यहां से प्रशासनिक कार्यों को निपटा सके इसलिए इसे तैयार किया गया है। इसके अलावा उज्जैन के अब्दालपुर और फ्री गंज क्षेत्र में भी सीएम का घर है।  

जशपुर में खड़िया समाज के 15वे महासम्मेलन में शामिल होंगे मुख्यमंत्री साय

रायपुर आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां वे खड़िया समाज के 15वें महासम्मेलन में शामिल होंगे। यह महासम्मेलन जशपुर जिले के कोनपारा गांव में आयोजित किया गया है, जिसमें खड़िया समाज के विभिन्न प्रतिनिधि, समाज के नेता और अन्य गणमान्य व्यक्ति भाग लेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह 11:30 बजे रायपुर से जशपुर के लिए रवाना होंगे और दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक महासम्मेलन में शामिल होंगे, जिसमें वे समाज के लोगों से संवाद करेंगे। खड़िया समाज छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है, और यह समाज जशपुर जिले में काफी सक्रिय है। इस समाज का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है, साथ ही खड़िया समुदाय अपनी मेहनत और संघर्ष के लिए जाना जाता है। जशपुर जिले में खड़िया समाज की जनसंख्या काफी अधिक है और यह समाज क्षेत्रीय विकास में अहम भूमिका निभाता है। इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य खड़िया समाज की सामाजिक और आर्थिक उन्नति के लिए विचार-विमर्श करना है। समाज के विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी, और नई योजनाओं पर चर्चा होगी, ताकि खड़िया समाज के लोगों की जीवनस्तर में सुधार हो सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस अवसर पर खड़िया समाज की समस्याओं और उनके समाधान पर भी चर्चा करेंगे और सरकार द्वारा आदिवासी समाज के लिए की जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देंगे। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री खड़िया समाज के प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों और विकास योजनाओं के बारे में जागरूक करेंगे। यह महासम्मेलन खड़िया समाज के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि यह समाज के सामूहिक विकास की दिशा में नए कदम उठाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री द्वारा इस महासम्मेलन में भाग लेने से खड़िया समाज के लोग अपनी समस्याओं को सामने लाने और समाधान के लिए संवाद स्थापित करने में सक्षम होंगे। इस महासम्मेलन के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आदिवासी समाज के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी जाहिर करेंगे, साथ ही खड़िया समाज के लिए जारी विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के लाभों को लेकर मार्गदर्शन देंगे। इस प्रकार, यह महासम्मेलन जशपुर जिले के खड़िया समाज के लिए एक ऐतिहासिक और सकारात्मक कदम साबित हो सकता है।

महाराष्ट्र कांग्रेस को मिला नया अध्यक्ष, हर्षवर्धन सपकाल को सौंपी गई जिम्मेदारी

मुंबई   महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए नाना पटोले ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. महाराष्ट्र कांग्रेस को अब नाना पटोले की जगह नया अध्यक्ष भी मिल गया है. हर्षवर्धन सपकाल महाराष्ट्र कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं. हर्षवर्धन सपकाल के नाम के ऐलान के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रहे कयासों का दौर थम गया है. हर्षवर्धन को महाराष्ट्र कांग्रेस की कमान सौंपा जाना कांग्रेस पार्टी के प्रदेश की सियासत में ‘स्ट्रैटेजी शिफ्ट’ की तरह देखा जा रहा है. हर्षवर्धन सपकाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के दांव के पीछे क्या है? 4 पॉइंट में समझा जा सकता है. 1- मराठा दांव हर्षवर्धन सपकाल मराठा समुदाय से आते हैं. मराठा समुदाय की आबादी सूबे में अनुमानों के मुताबिक करीब 28 फीसदी है. करीब 52 फीसदी ओबीसी आबादी के बाद सूबे का यह दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला वर्ग सियासी वर्चस्व के लिहाज से सबसे आगे है. मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र, केवल दो रीजन ही देखें तो मराठा प्रभाव वाले इन इलाकों में ही विधानसभा की कुल 288 में से 116 सीटें हैं. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस महाराष्ट्र की 48 में से 13 सीटों पर जीत के साथ सूबे की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तो इसके पीछे मराठा समुदाय की भूमिका अहम मानी गई थी. विधानसभा चुनाव में विपक्ष की हार के बाद भी मराठा समुदाय के वोट बंटने को कारण बताया गया. अब कांग्रेस ने हर्षवर्धन सपकाल को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है तो इसे मराठा वोटबैंक पर पकड़ मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. 2- गठबंधन पर निर्भरता कम करना महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष मराठा समाज से बनाए जाने के दांव को मराठा वोट के लिए गठबंधन कम करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है. महाराष्ट्र में मराठा वोट के लिए कांग्रेस लंबे समय से शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर ही निर्भर रही है. गठबंधन में उद्धव ठाकरे की शिवसेना के आ जाने के बाद कांग्रेस मराठा वोट को लेकर और अधिक निश्चिंत हो गई थी. लोकसभा चुनाव में इसके अच्छे नतीजे भी देखने को मिले लेकिन विधानसभा चुनाव में परिणाम उलट रहे. इसके बाद उद्धव ठाकरे की पार्टी ने निकाय चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया तो शरद पवार भी कांग्रेस की आलोचना करते नजर आए, खासकर दिल्ली चुनाव लड़ने के फैसले की. विधानसभा चुनाव में खराब नतीजों के लिए भी ठीकरा कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर ही फोड़ा गया. अब कांग्रेस की कोशिश भविष्य की प्रेशर पॉलिटिक्स के लिहाज से खुद को तैयार करने की है.    3- ओबीसी से आगे का प्लान मराठा वोटबैंक को साधने की जिम्मेदारी एमवीए में एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (यूबीटी) जैसे दल उठाते रहे और कांग्रेस ओबीसी को फोकस कर चलती रही है. पार्टी के पिछले प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले भी ओबीसी समुदाय से ही आते हैं जिसकी महाराष्ट्र की कुल आबादी में भागीदारी करीब 52 फीसदी होने के अनुमान हैं. ओबीसी वोटबैंक पर बीजेपी की पकड़ मजबूत मानी जाती है, खासकर 2014 में नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय राजनीति में उभार के बाद से. अब कांग्रेस नेतृत्व को भी यह समझ आ गया है कि महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी से मोर्चा लेना है तो बस ओबीसी वोटबैंक के सहारे रहने की बजाय वोट बेस का विस्तार करना ही होगा. नए प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल मराठा समुदाय से आते हैं और आदिवासी समाज में भी मजबूत पकड़ रखते हैं. 4- अनुशासित कैडर कार्ड महाराष्ट्र में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे नाना पटोले ने सियासी सफर की शुरुआत कांग्रेस से ही की थी. 2009 के आम चुनाव में वह पार्टी से बगावत कर बतौर निर्दलीय ही गोंदिया भंडारा सीट से प्रफुल्ल पटेल के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर गए. बाद में बीजेपी के टिकट पर नाना ने 2014 के चुनाव में प्रफुल्ल पटेल को पटखनी भी दी. 2018 में वह बीजेपी में छोड़ अपनी पुरानी पार्टी में लौट आए और कांग्रेस ने भी उन्हें उद्धव ठाकरे सरकार के समय विधानसभा अध्यक्ष से लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तक की जिम्मेदारी सौंप दी. अब कांग्रेस ने हर्ष सपकाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर कार्यकर्ताओं को भी एक संदेश दिया है. कौन हैं हर्षवर्धन सपकाल हर्षवर्धन सपकाल महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से आते हैं 25 साल से अधिक समय से सियासत में सक्रिय हैं. 1999 में सबसे युवा जिला परिषद अध्यक्ष रहे हर्षवर्धन 2014 में बुलढाणा सीट से विधानसभा भी पहुंचे थे. वह कांग्रेस के पंचायती राज प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के साथ ही गुजरात, पंजाब और मध्य प्रदेश के सह प्रभारी भी रह चुके हैं. जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन की ओर से 1996 में 21वीं सदी में वैश्विक मैत्री अभियान के तहत आयोजित अंतरराष्ट्रीय युवा सम्मेलन में भारतीय युवाओं के डेलिगेशन का नेतृत्व करने वाले हर्षवर्धन संत गाडगे बाबा ग्राम स्वच्छता अभियान से भी जुड़े रहे हैं.  

आरसीबी की कप्तानी रजत पाटीदार करने वाले हैं, डुप्लेसिस ने कहा कि आप छक्के मारते रहना

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी के कप्तान पिछले तीन सीजन फाफ डुप्लेसिस थे, लेकिन इस बार टीम की कप्तानी रजत पाटीदार करने वाले हैं। आरसीबी ने अपने पूर्व कप्तान को ना तो रिटेन किया और ना ही ऑक्शन में खरीदा। ऐसे में उनके पास रजत पाटीदार के रूप में एक अच्छा विकल्प था। इसी पर उन्होंने भरोसा जताया। अब नए कप्तान बनने पर फाफ डुप्लेसिस ने रजत पाटीदार को बधाई दी और एक खास रिक्वेस्ट भी उनसे की। डुप्लेसिस ने कहा कि आप छक्के मारते रहना। फाफ डुप्लेसिस ने आरसीबी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में कहा, “मुझे आपको आरसीबी का नया कप्तान बनने और आधिकारिक तौर पर आपको कमान सौंपने पर बधाई देते हुए बहुत खुशी हो रही है। किसी भी आईपीएल टीम की कप्तानी करना बहुत सम्मान की बात है, लेकिन आरसीबी की कप्तानी करना वाकई खास है, क्योंकि इसका वाकई बहुत बड़ा फैन बेस है और आप देखेंगे कि ओनर आपका हर तरह से समर्थन करने के लिए मौजूद रहेंगे। साथ ही, कोचिंग स्टाफ अपने अनुभव के साथ आपका मार्गदर्शन करने के लिए मौजूद है, ताकि आप अपने पैरों पर खड़े हो सकें और अच्छा समय बिता सकें।” डुप्लेसिस ने आगे उनसे एक रिक्वेस्ट करते हुए कहा, “और अंत में, मुझे लगता है कि आपके पास एक बेहतरीन नेतृत्व समूह है, जो हर तरह से आपका समर्थन करने के लिए आपके साथ रहेगा, इसलिए सुनिश्चित करें कि आप उन पर निर्भर रहें, क्योंकि मुश्किल समय में वे आपकी मदद करेंगे, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात, गेंद को छक्के के लिए मारते रहना। मुझे लगता है कि यही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। आपके कप्तानी के भविष्य के लिए शुभकामनाएं। मुझे लगता है कि आप बहुत अच्छा काम करेंगे।” रजत पाटीदार को विराट कोहली का समर्थन भी मिला है। विराट ने कहा है कि वह हर तरह से रजत पाटीदार के साथ हैं और पूरी टीम का सपोर्ट उनको मिलेगा।

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए भारत मां के वीर सपूतों को कोटिश नमन एवं श्रद्धांजलि : CM यादव

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। डॉ यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मां भारती के गौरव और सम्मान की रक्षा करने वाले देश के जवानों ने अपनी वीरता और साहस से सदैव इस माटी को गौरवान्वित किया है। मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित अपने वीर जवानों के बलिदान का यह राष्ट्र अनंतकाल तक ऋणी रहेगा।     देश के लिए बलिदान होने वाले;     कभी मरते नहीं, अमर हो जाते हैं!     पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।     मां भारती के गौरव और सम्मान की रक्षा करने वाले देश के जवानों ने अपनी वीरता और साहस से सदैव इस माटी को गौरवान्वित किया है। मातृभूमि की… pic.twitter.com/C3eU1M30K0 — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 14, 2025 बता दें कि 14 फरवरी का दिन इतिहास में जम्मू कश्मीर की एक दुखद घटना के साथ दर्ज है। घटना भले छह साल पुरानी है, लेकिन उसके जख्म आज तक हरे हैं, जब आतंकवादियों ने इस दिन को देश के सुरक्षाकर्मियों पर कायराना हमले के लिए चुना। राज्य के पुलवामा जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिससे कम से कम 39 जवान शहीद हो गये और कई गंभीर रूप से घायल हुए। यह दिन इतिहास में एक और वजह से भी दर्ज है।

भारत को प्रमुख वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने के लिए सरकार के कदम, 3295.76 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाओं को दी मंजूरी

नईदिल्ली पर्यटन मंत्रालय देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों और उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर कई प्रचार गतिविधियां चलाता है। इनमें मीडिया अभियान, सोशल मीडिया प्रचार, वेबिनार, प्रचार कार्यक्रमों में भागीदारी और उन्हें समर्थित करना, वेबसाइट द्वारा सूचना का प्रसार और लोगों को इससे जोड़ना शामिल है। पर्यटक स्थलों को विकसित करने के लिए धन आवंटन हेतु राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) के अंतर्गत सरकार ने हाल ही में 3295.76 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। दरअसल भारत को प्रमुख वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने, अमृत काल में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटन बुनियादी ढांचा विकसित करने और घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय सैलानियों के बेहतर पर्यटन अनुभव के लिए पर्यटन मंत्रालय बहुत सी महत्वपूर्ण पहल की है। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में इन सरकार की इन पहलों का बारे में जानकारी दी है। भारत को प्रमुख वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने के लिए सरकार के कदम अतुल्य भारत कंटेंट हब किया लॉन्च-पर्यटन मंत्रालय ने पुनर्गठित अतुल्य भारत डिजिटल पोर्टल पर अतुल्य भारत कंटेंट हब लॉन्च किया है। इस व्यापक डिजिटल संग्रह में भारतीय पर्यटन से संबंधित गुणवत्तापूर्ण आकर्षक चित्रों, फिल्मों, लघु पठनीय सामग्री और समाचार पत्रों का समृद्ध संग्रह शामिल है। यह संग्रह टूर ऑपरेटरों, पत्रकारों, छात्रों, शोधकर्ताओं, फिल्म निर्माताओं, लेखकों, उत्कृष्ट पर्यटन स्थलों की सैर के लिए प्रेरित करने वाले लोगों, पर्यटन संबंधी सामग्री निर्माणकर्ताओं, अधिकारियों और राजदूतों सहित विभिन्न हितधारकों के लिए उपयोगी है। पर्यटन ढांचागत सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता पर्यटन मंत्रालय ‘स्वदेश दर्शन, तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद) योजना और ‘पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सहायता’ योजनाओं द्वारा देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पर्यटन ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों/केंद्रीय एजेंसियों को वित्तीय सहायता देता है। स्वदेश दर्शन द्वितीय चरण के रूप में विकसित किया मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन योजना को पुनर्गठित कर स्वदेश दर्शन द्वितीय चरण के रूप में विकसित किया है। इसका उद्देश्य स्थान विशेष को सम्मुन्नत करने के केंद्रित दृष्टिकोण के साथ संधारणीय और महत्वपूर्ण गंतव्य स्थलों को बढावा देना है। 3295.76 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाओं को मंजूरी पर्यटक स्थलों को विकसित करने के लिए धन आवंटन हेतु राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) के अंतर्गत सरकार ने हाल ही में 3295.76 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। पर्यटन मंत्रालय मेलों/उत्सवों और पर्यटन संबंधी कार्यक्रमों के आयोजन के लिए राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। सीबीएसपी कार्यक्रम का आयोजित मंत्रालय गुणवत्तापूर्ण बेहतर सेवा मानकों के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण और उन्नयन हेतु पर्यटन सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण (सीबीएसपी) कार्यक्रम आयोजित करता रहता है। पर्यटकों की सुगमता के लिए देश भर के पर्यटन स्थलों पर स्थानीय, प्रशिक्षित पेशेवरों के समूह उपलब्ध कराने हेतु पर्यटन मंत्रालय ने अतुल्य भारत पर्यटक सुविधाकर्ता (आईआईटीएफ) प्रमाणन कार्यक्रम- आरंभ किया है। यह अखिल भारतीय ऑनलाइन शिक्षण कार्यक्रम है। पर्यटक सुविधाएं विकसित करने की परियोजनाएं स्वीकृत पर्यटकों के बेहतर सुविधा के लिए रेल और पर्यटन मंत्रालय के लागत साझाकरण के आधार पर 22 रेलवे स्टेशनों पर पर्यटक सुविधाएं विकसित करने की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। पर्यटन स्थलों, प्रसिद्ध स्थानों और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों तक सड़क संपर्क में सुधार के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ मिलकर काम करता है। वह महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों और अल्प ज्ञात या संभावित उच्च क्षमता के नए पर्यटन स्थलों तक हवाई संपर्क बेहतर बनाने के लिए नागर विमानन मंत्रालय के साथ भी तालमेल रखता है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर कई प्रचार गतिविधियां यही नहीं, मंत्रालय देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों और उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर कई प्रचार गतिविधियां चलाता है। इनमें मीडिया अभियान, सोशल मीडिया प्रचार, वेबिनार, प्रचार कार्यक्रमों में भागीदारी और उन्हें समर्थित करना, वेबसाइट द्वारा सूचना का प्रसार और लोगों को इससे जोड़ना शामिल है। इसके अतिरिक्त विदेशों में स्थित भारतीय मिशन भी देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों के बारे में वैश्विक यात्रियों को आकर्षित करने की कई प्रचार गतिविधियां चलाते हैं।  

न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज बेन सियर्स चैंपियंस ट्रॉफी से पहले टीम से बाहर, लगा झटका

नई दिल्ली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से पहले न्यूजीलैंड की टीम पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका के खिलाफ त्रिकोणीय वनडे सीरीज खेल रही है। इसी सीरीज के दौरान न्यूजीलैंड को एक बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज बेन सियर्स टीम से बाहर हो गए हैं। वनडे ट्राई सीरीज ही नहीं, बल्कि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से भी यह कीवी तेज गेंदबाज बाहर हो गया है। चोट के कारण उनको टीम से बाहर किया गया है, लेकिन न्यूजीलैंड के लिए अच्छी खबर यह है कि उनके रिप्लेसमेंट को भी जल्द ही खोज लिया गया है। प्रीमियर पेसर बेन सियर्स की जगह अब जैकब डफी न्यूजीलैंड के लिए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 खेलने वाले हैं। ऐसे में टीम में एक बदलाव देखने को मिला है। इसके अलावा अभी ट्राई सीरीज के दौरान फील्डिंग करते हुए चोटिल होने वाले बल्लेबाज रचिन रविंद्र भी अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं। उनके माथे पर आकर गेंद लगी थी और मैदान पर ही उनके माथे से खून टपकने लगा था। बाद में न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने जानकारी दी थी कि उनको कुछ टांके लगे हैं और वे जल्द मैदान पर लौटेंगे। हालांकि, वे ट्राई सीरीज के फाइनल से भी बाहर हैं। बोर्ड ने जानकारी देते हुए बताया है कि तेज गेंदबाज बेन सियर्स हैमस्ट्रिंग में चोट के कारण पाकिस्तान में होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। सियर्स को बुधवार को कराची में ट्रेनिंग के दौरान चोट लगी थी। स्कैन के नतीजों में मामूली चोट का पता चला है, जिसके कारण सियर्स दो सप्ताह तक मैदान से बाहर रहेंगे। 27 वर्षीय सियर्स के लिए यह सबसे बड़ा झटका है, जो हाल ही में घुटने की चोट से उबरकर लौटे हैं। न्यूजीलैंड की टीम में सियर्स की जगह रिजर्व खिलाड़ी जैकब डफी ने ले ली है। न्यूजीलैंड की टीम मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, टॉम लैथम, डेरिल मिचेल, विल ओराउरकी, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रविंद्र, नाथन स्मिथ, केन विलियमसन, विल यंग और जैकब डफी

ओडिशा से गांजा लाकर यूपी और उत्तराखंड खपाने की थी तैयारी, पुलिस ने दो अंतर्राज्यीय गांजा तस्करों को किया गिरफ्तार

जगदलपुर गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस का एक्शन जारी है. जिले में दो अंतर्राज्यीय गांजा तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से लाखों का गांजा बरामद किया गया है. ओडिशा से गांजा लाकर यूपी और उत्तराखंड भेजा जा रहा था. मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है. जानकारी के अनुसार, दो आरोपी आज तीन बैग के साथ लालबाग़ आमागुड़ा चौक पर यात्री बस का इंतजार कर रहे थे. पुलिस ने मौके पर आरोपियों को घेराबंदी कर धर दबोचा. पूछताछ में आरोपियों ने उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश का निवासी होना बताया. आरोपियों के पास रखे बैग की तलाशी करने पर गांजा मिला. दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह गांजा ओडिशा से लेकर आए, जिसे उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड भेजने की तैयारी थी. पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपियों से 78 किलो गांजा बरामद किया है. जिसकी कीमत करीब 7.8 लाख रुपये आंकी गई है. तस्करी मामले में आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है.

गढ़ाकोटा में वर्तमान उपाध्यक्ष के त्यागपत्र को स्वीकार करते हुए नए उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए कलेक्टर ने 21 फरवरी की तारीख तय की

सागर पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के गृहनगर गढ़ाकोटा में नगर पालिका अध्यक्ष के बाद अब उपाध्यक्ष को भी बदला जाएगा। वर्तमान उपाध्यक्ष के त्यागपत्र को स्वीकार करते हुए नए उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए कलेक्टर संदीप जीआर ने 21 फरवरी की तारीख तय की है। 21 फरवरी को नगर पालिका के सभी पार्षदों का सम्मेलन आहुत किया गया है, जिसके बाद की प्रशासनिक कार्रवाई के लिए कलेक्टर ने रहली एसडीएम गोविंद कुमार दुबे को अधिकृत किया है। संभवत: प्रदेश में यह पहला मामला है, जबकि अध्यक्ष के बाद उपाध्यक्ष ने समय पूरा होने के पहले ही अपने पद से त्यागपत्र दिया हो।  प्रशासनिक जानकारी के अनुसार गढ़ाकोटा नगर पालिका के उपाध्यक्ष हरिनारायण पटेल ने 28 जनवरी को पद से त्यागपत्र दिया था। कलेक्टर ने 5 फरवरी को उनका त्यागपत्र स्वीकार करते हुए पद को रिक्त घोषित किया था। इसके बाद 7 फरवरी को राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित हुई, जिसके बाद कलेक्टर ने गुरुवार 13 फरवरी को सम्मेलन की तारीख तय करते हुए एसडीएम रहली को कार्रवाई कराने नियुक्त किया है। – नवंबर में अध्यक्ष बदले थे तीन माह पहले नवंबर 2024 में गढ़ाकोटा नगर पालिका अध्यक्ष दीपा दिनेश लहरिया ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद अध्यक्ष पद के निर्वाचन में सर्वसम्मति से संगीता मनोज तिवारी को अध्यक्ष चुना गया। इस बदलाव को लेकर जब लोगों ने सवाल किए तो पता चला कि शुरूआत में ही यह तय हुआ था कि पहले ढाई साल दीपा लहरिया अध्यक्ष रहेंगीं और इसके बाद उन्हें पद से त्यागपत्र देना होगा। – 21 को उपाध्यक्ष का निर्वाचन गढ़ाकोटा नगर पालिका परिषद के वर्तमान उपाध्यक्ष ने त्यागपत्र दे दिया है। नए उपाध्यक्ष को चुनने के लिए निर्वाचन की प्रक्रिया 21 फरवरी को होगी। गोविंद कुमार दुबे, एसडीएम, रहली

कंगना रनौत ने मनाली में अपना रेस्ट्रॉन्ट खोला है, खुद को कहा बेवकूफ, बोलीं- मैं स्टॉक्स नहीं खरीदती

मंडी कंगना रनौत ने मनाली में अपना रेस्ट्रॉन्ट खोला है, जिसका नाम द माउंटेन स्टोरी है। 14 फरवरी को इसका उद्घाटन हो चुका है। कंगना ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि वह स्टॉक्स या रेंटल से पैसे नहीं कमातीं। उन्हें लोगों से कनेक्ट रहना पसंद है। यही वजह है कि रेस्ट्रॉन्ट खोला। कंगना ने कहा कि वह बेवकूफ बनकर रहना चाहती हैं। नहीं खरीदती हूं स्टॉक्स कंगना मीडिया से बातचीत में अपने रेस्ट्रॉन्ट के बारे में बोलीं, ‘यह मेरे लिए भी गिफ्ट है, लोगों से जुड़ने का एक और जरिया। मैं राइटर हूं, फिल्म बनाती हूं, मैं अभिनेत्री भी हूं। यह भी मेरा खुद को एक्सप्रेस करने का तरीका है। अगर हम एक-दूसरे के साथ जुड़ते नहीं तो जीवन में क्या ही रखा है।’ कंगना आगे बोलती हैं, ‘मैं उनमें से नहीं हूं कि स्टॉक्स खरीद लिए या कोई रेंटल इनकम। मुझे पसंद ही नहीं। मुझे लगता है कि मैं ज्यादा से ज्यादा लोगों से घुलना-मिलना चाहती हूं। मेरी लाइफ के फंडाज कुछ ज्यादा ही बेवकूफ टाइप हैं, तो मैं वेसी ही हूं। बेवकूफ बनके रहना पसंद है मुझे।’ रेस्ट्रॉन्ट पुराना सपना रेस्ट्रॉन्ट खोलने का सपना कंगना ने काफी पहले से देख रखा था। इस बात का जिक्र वह एक राउंड टेबल के दौरान कर चुकी हैं। जब कंगना ने अपना रेस्ट्रॉन्ट खोलने की खबर इंस्टाग्राम पर डाली तो पुराना वीडियो भी शेयर किया था। इसमें वह बता रही थीं कि दुनियाभर का खाना खाया है और अच्छी कुक हैं। वह एक छोटा और सा कैफेटेरिया खोलना चाहती हैं। वहां मौजूद दीपिका ने कहा था कि वह उनकी पहली क्लाइंट होंगी। कंगना ने नया रेस्ट्रॉन्ट खोलने वाले पोस्ट में दीपिका को टैग किया था।

कनाडा में वर्क परमिट एक्सपायर होने क्या करें भारतीय छात्र

कनाडा कनाडा में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या चार लाख से ज्यादा है। भारतीयों के बीच कनाडा पढ़ाई के लिए इसलिए पॉपुलर है, क्योंकि यहां पर कोर्स खत्म होने के बाद छात्रों को वर्क परमिट भी दिया जाता है। इसे पोस्ट-ग्रेजुएट वर्क परमिट (PGWP) के तौर पर जाना जाता है, जो आठ महीने से लेकर तीन साल तक वैलिड रहता है। PGWP का एक बड़ा फायदा ये होता है कि छात्र नौकरी तो कर ही पाते हैं, साथ ही उनके लिए परमानेंट रेजिडेंसी (PR) का भी रास्ता खुल जाता है। हालांकि, कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं, जिनका PGWP एक्सपायर होने वाला होता है और उन्हें समझ नहीं आ रहा होता है कि वे अब क्या करें। वैसे तो कनाडा में वर्क परमिट समाप्त होने पर देश छोड़कर जाना पड़ता है। यही बात PGWP पर नौकरी करने वाले छात्रों पर भी लागू होती है। मगर कुछ ऐसे रास्ते भी हैं, जिनके जरिए वे कनाडा में रह सकते हैं। कनाडा में पढ़ने जाने वाले छात्र अक्सर ही उन रास्तों के बारे में जानना चाहते हैं, जिनके जरिए वे PGWP एक्सपायर होने के बाद भी देश में रह पाएं। PGWP एक्सपायर होने वाला है, फिर छात्रों के पास क्या ऑप्शन हैं? इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स ने उन रास्तों के बारे में बताया है, जिनके जरिए PGWP एक्सपायर होने का इंतजार कर रहे छात्रों को काफी मदद मिल सकती है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि PGWP एक्सपायर होने के बाद कानूनी तौर पर कनाडा में रहने के लिए छात्रों को फिर से स्टडी परमिट के लिए आवेदन करना चाहिए, ताकि वे किसी दूसरी फील्ड की पढ़ाई कर सकें। स्टडी परमिट के जरिए छात्र कनाडा में वैध तौर पर रह पाएंगे और अतिरिक्त क्वालिफिकेशन भी हासिल कर पाएंगे। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर कोई छात्र ऐसा करता है, तो उसकी अच्छी नौकरी मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी। छात्रों को ‘लेबर मार्केट इंपैक्ट असेसमेंट’ (LMIA) वाली जॉब हासिल करनी चाहिए। LMIA एक ऐसा डॉक्यूमेंट होता है, जो ये साबित करता है कि कंपनी के पास नौकरी के लिए एक भी कनाडाई नागरिक या परमानेंट रेजिडेंट नहीं है, जिस वजह से वह अब विदेशी नागरिक को जॉब दे रहा है। LMIA जॉब ऑफर होने आपको आसानी से वर्क परमिट मिलेगा और आपके लिए PR के रास्ते खुल जाएंगे।

पुलवामा हमले की बरसी: पीएम मोदी- अमित शाह ने कहा- भारत नहीं बरतेगा नरमी, दी आतंकियों को चेतावनी

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलवामा हमले की बरसी पर वीरगति को प्राप्त हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा “साल 2019 में आज के ही दिन पुलवामा में हुए कायराना आतंकी हमले में वीरगति को प्राप्त हुए जवानों को कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.” उनके इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर भी हजारों लोगों ने शहीदों को नमन किया और उनकी कुर्बानी को याद किया. 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुआ आतंकी हमला भारत के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है. ये भयावह घटना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में हुई, जब CRPF का काफिला श्रीनगर की ओर जा रहा था. इसी दौरान विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी काफिले की बसों के करीब आ गई. सैनिकों ने कई बार चेतावनी दी, लेकिन वह वाहन नहीं रुका और अचानक एक बस से टकरा गया. इसके बाद जोरदार धमाका हुआ जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया और 40 बहादुर जवान शहीद हो गए. साल 2019 में आज के ही दिन पुलवामा में हुए कायराना आतंकी हमले में वीरगति को प्राप्त हुए जवानों को कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन: अमित शाह गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में ये भी कहा कि आतंकवाद पूरी मानव जाति का सबसे बड़ा दुश्मन है और इसके खिलाफ पूरी दुनिया एकजुट हो चुकी है. उन्होंने ये साफ किया कि मोदी सरकार आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और इस खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि “चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो या एयर स्ट्राइक मोदी सरकार आतंकवादियों के खिलाफ कठोर अभियान चला रही है और देश की सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर तक जाने को तैयार है.” यह बयान दर्शाता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा. पीएम मोदी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा हमले की बरसी पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने ट्वीट कर लिखा “2019 में पुलवामा में हमने जिन वीर जवानों को खोया उन्हें श्रद्धांजलि. आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट समर्पण भावना को कभी नहीं भूलेंगी.”

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज शहर में, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, आज शादी में शामिल होंगे सीएम

भोपाल . राजधानी में शुक्रवार को उपराष्ट्रपति सहित 50 से ज्यादा वीवीआइ का आगमन होगा। इसको लेकर एयरपोर्ट से लेकर सीएम हाउस, राजभवन, नए शहर के रास्ते डायवर्ट(Routes Diverted) रहेंगे। दरअसल भोपाल में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे कुणाल सिंह की शादी है। इसी में शामिल होने के लिए वीवीआईपी मेहमान यहां पहुंचे हैं। उपराष्ट्रपति विशेष विमान से शाम 6.30 बजे ओल्ड एयरपोर्ट लैंड करेंगे। यहां से सागर ग्रीन कोलार रोड, और वाना ग्रीन गार्डन नीलबड़ में विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होगे। इन मार्गों से जाएंगे उपराष्ट्रपति ओल्ड एयरपोर्ट से स्टेट हेंगर तिराहा, लालघाटी, वीआइपी रोड, रेतघाट, पॉलिटेक्निक चौराहा, स्मार्ट रोड, भदभदा चौराहा, सूरज नगर तिराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, केरवा डैम रोड, संस्कार वैली स्कूल रोड, जागरण लेक यूनिवर्सिटी तिराहा से होकर सागर ग्रीन पहुचेंगें। सागर ग्रीन सिटी से इसी मार्ग से साक्षी ढाबा तिराहा-सूरज नगर तिराहा होकर राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी पहुचेंगें। कार्यक्रम के बाद सूरज नगर तिराहा से साक्षी ढाबा, बरखेड़ी होकर डीपीएस तिराहे से कार्यक्रम स्थल वाना ग्रीन गार्डन पहुचेंगें। इस दौरान उपराष्ट्रपति के मार्ग के आस-पास का यातायात कुछ समय के लिए बदला(Routes Diverted) रहेगा। आमजन इन रास्तों से करें आना-जाना ● सीहोर-बिलकिसगंज की ओर से आने वाले चार पहिया वाहन चालक, जिनको वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होना है वे खजूरी रोड बैरागढ़ से भोपाल आ-जा सकेंगे। ● विवाह स्थल पर जाने वाले वाहनों को अलग से पार्किंग दी गई है। पार्किंग से लौटते समय विला बोंग स्कूल, गोरेगांव से सूरज नगर होकर भोपाल की ओर आ सकेंगे। वापसी में साक्षी ढाबा वाला मार्ग प्रतिबंधित रहेगा। ● उपराष्ट्रपति के विशेष प्लेन ओल्ड एयर पोर्ट लैंड होने पर गांधीनगर, एयरपोर्ट की ओर से आने वाला ट्रैफिक गांधीनगर, करोद, बायपास होकर आना-जाना होगा ● पॅालिटेक्निक चौराहा से वीआइपी रोड आने वाले वाहन मोती मस्जिद, सदर मंजिल, कलेक्टे्रट, लालघाटी ओवर ब्रिज से आ जा सकेंगे। ● उपराष्ट्रपति के विषेष प्लेन ओल्ड एयर पोर्ट लैंड होने पर गांधीनगर, एयरपोर्ट की ओर से आने वाला यातायात गांधीनगर, आशाराम तिराहा से करोंद, बायपास होकर आना-जाना कर सकेंगे। ● पॅालिटेक्निक चौराहा से वीआईपी रोड आने वाले वाहन मोती मस्जिद, लालघाटी ओवरब्रिज से आ जा सकेंगे। ● रोशनपुरा, डिपो चौराहे से पॉलिटेक्निक चौराहे की ओर आने वाला यातायात गांधी पार्क, पुराना पुलिस कंट्रोल रूम तिराहा, तलैया थाना तिराहा, भारत टॉकीज चैराहा, हमीदिया रोड होकर आ-जा सकेगा। ● बाणगंगा, पुराना मछली घर, खटलापुरा मार्ग यातायात के लिए खुला रहेगा। कुछ समय के लिए रोका जा सकता है। ● डिपो चौराहा, भदभदा चौराहा होकर साक्षी ढाबा, नीलबड़, रातीबड़ जाने वाले मार्ग पर व्हीव्हीआईपी, व्हीआईपी का शाम 6 बजे के बाद लगातार आना-जाना होगा। ऐसे में सामान्य वाहन आ-जा सकेंगे। भारी वाहन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। जरूरत पडऩे पर इस मार्ग पर सामान्य यातायात रोका जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने 27% OBC आरक्षण पर जल्द सुनवाई के लिए राज्य के एडवोकेट जनरल को दिए ये निर्देश, SC-ST वर्ग को मिलना चाहिए निर्धारित कोटा

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27% आरक्षण देने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में शीघ्र सुनवाई की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य के एडवोकेट जनरल को इस संबंध में जल्द से जल्द आवेदन प्रस्तुत करने को कहा है। सरकार का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही इसे तुरंत लागू करना है, ताकि OBC वर्ग को इसका लाभ मिल सके। इस फैसले से प्रदेश में आरक्षण नीति को मजबूती मिलेगी और समाज के पिछड़े वर्गों को अधिक अवसर उपलब्ध कराए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस मामले को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार अपने वादे के अनुरूप सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह फैसला बीते गुरुवार, 13 फरवरी 2025 को विधि विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में हुई बैठक के बाद लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि, हमारी सरकार बनने के पहले से ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने को लेकर कोर्ट में लगी अलग-अलग याचिका में केस चल रहा है। इसी को लेकर संबंधित विभागों के अफसरों के साथ बैठक की है। आज एडवोकेट जनरल से कहा है सुप्रीम कोर्ट में जल्दी से जल्दी सुनवाई के लिए आवेदन लगाएं। सरकार का मत साफ- 27% आरक्षण लागू हो सीएम यादव ने बताया कि उन्होंने एडवोकेट जनरल से कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में जल्द से जल्द सुनवाई के लिए आवेदन लगाएं। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का मंतव्य स्पष्ट है कि 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करना है। इसलिए हमने तय किया है कि सुप्रीम कोर्ट को सरकार का मंतव्य जल्द से जल्द बताया जाए और इसके बाद न्यायालय जो भी फैसला करेगा, उसे लागू किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि एससी और एसटी को भी जो आरक्षण निर्धारित है, वह संबंधित वर्ग के लोगों को प्रदेश में मिलना चाहिए। हाईकोर्ट के फैसले और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बन रही है। इसलिए सरकार ने इस मामले में स्पष्ट राय तय करने का फैसला किया है। आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका खारिज मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 28 जनवरी को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के राज्य शासन के निर्णय को चुनौती दी गई थी। बता दें, 4 अगस्त 2023 को हाई कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश के तहत राज्य सरकार को 87:13 का फॉर्मूला लागू करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद प्रदेश की सभी भर्तियां ठप हो गई थीं। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने की। यह याचिका सागर की यूथ फॉर इक्वालिटी संस्था की ओर से दायर की गई थी। अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर के मुताबिक इस फैसले के बाद प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण पर अब नए सिरे से काम करना होगा। साथ ही प्रदेश में भर्ती से जुड़े 13% होल्ड पदों को अब अनहोल्ड भी किया जाएगा। 2021 में ओबीसी को 27% आरक्षण मिला था दरअसल, 26 अगस्त 2021 को प्रदेश के तत्कालीन महाधिवक्ता के अभिमत के चलते सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 सितंबर 2021 को एक परिपत्र जारी कर ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण की अनुमति प्रदान की थी। इस परिपत्र में तीन विषयों को छोड़कर शेष में 27 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया था। इनमें नीट पीजी प्रवेश परीक्षा 2019-20, पीएससी द्वारा मेडिकल ऑफिसर भर्ती 2020 और हाईस्कूल शिक्षक भर्ती में 5 विषय शामिल थे। जानकार बोले- याचिका रद्द यानी 27% आरक्षण के आदेश से स्टे हटा इससे पहले, ओबीसी के विशेष अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर का कहना था कि उक्त याचिका के निरस्त होने से प्रदेश में कुछ मामलों को छोड़कर शेष में ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि अब यह सरकार पर है कि उक्त फैसले के बाद आगे क्या रुख अपनाती है। हाईकोर्ट ने सुनवाई में साफ कर दिया है कि प्रदेश में होल्ड पदों की सभी भर्तियों को फिर से अनहोल्ड यानी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। जो कोर्ट के पूर्व में जारी फैसले के चलते होल्ड पर कर दी गई थीं। 4 अगस्त 2023 को हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश के तहत राज्य सरकार को 87 /13 का फॉर्मूला लागू करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद प्रदेश की सभी भर्तियां रोक दी गई थीं। सरकार ने यह फॉर्मूला महाधिवक्ता के अभिमत के आधार पर तैयार किया था, जिसके तहत 87 प्रतिशत सीटें अनारक्षित और 13 प्रतिशत सीटें ओबीसी के लिए रखी गई थीं। इससे 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का लाभ लाखों ओबीसी अभ्यर्थियों को नहीं मिल रहा था। अब सरकार को नए सिरे से अपना जवाब हाईकोर्ट में पेश करने कहा गया है। वहीं, इस मामले में शासकीय अधिवक्ता अभी कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं मामले आशिति दुबे ने मेडिकल से जुड़े मामले में ओबीसी आरक्षण को पहली बार चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2019 को ओबीसी के लिए बढ़े हुए 13 प्रतिशत आरक्षण पर रोक लगाई थी। इसी अंतरिम आदेश के तहत बाद में कई अन्य नियुक्तियों में भी रोक लगाई गई थी। यह याचिका 2 िसतंबर 2024 को हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर हो गई। इसी तरह राज्य शासन ने ओबीसी आरक्षण से जुड़ी करीब 70 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करा ली हैं, जिन पर फैसला आना बाकी है।

माता-पिता होने के नाते, साधना और मैं सगाई के शुभ अवसर पर आनंद और गर्व से भर गए

भोपाल केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे कुणाल सिंह चौहान की गुरुवार को सगाई सेरेमनी हुई है। इसे लेकर शिवराज सिंह चौहान ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर आने वाली बहु को लेकर भी पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि- रिद्धि हमारे घर में बहू बनकर नहीं, बल्कि बेटी के रूप में आ रही है।  शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, ‘घर में सौभाग्य का उदय हुआ है, कुणाल और रिद्धि की सगाई सानंद संपन्न हुई है। हमारे घर रिद्धि बहू बनकर नहीं, बेटी के रूप में आ रही है।’ शिवराज ने अपने बेटे कुणाल का बचपन याद करते हुए लिखा- ‘माता-पिता होने के नाते, साधना और मैं इस शुभ अवसर पर आनंद और गर्व से भर गए हैं। कुणाल की बचपन की यादें आज एक-एक कर सामने आ रही हैं। शांत, सौम्य, सुशील, शिष्ट, शालीन और सुंदर होने के साथ-साथ कुणाल बचपन में बेहद चुलबुले भी थे।’ कुणाल और रिद्धि एक-दूजे के लिए बने शिवराज ने आगे लिखा- ‘कुणाल और रिद्धि सच में एक-दूसरे के लिए बने हैं। हमारी अनंत शुभकामनाएं हैं कि वो दोनों एक उद्देश्यपूर्ण जीवन जियें, न सिर्फ अपने लिए, बल्कि औरों के लिए भी। यही सीख हमने हमेशा दी है और हमें विश्वास है कि, कुणाल और रिद्धि इसी राह पर चलते रहेंगे। हमारी बेटी रिद्धि का हमारे परिवार में हार्दिक स्वागत है। ढेर सारा प्यार, आशीर्वाद और शुभकामनाएं।’ 14 फरवरी को शादी के बंधन में बंधेंगे रिद्धी और कुणाल आपको बता दें कि, आज यानी 14 फरवरी को कुणाल और रिद्धि शादी के बंधन में बंध जाएंगे। भोपाल के जाने माने डॉक्टर इंद्रमल जैन की पोती रिद्धि जैन से कुणाल की शादी हो रही है। रिद्धि के पिता का नाम संदीप जैन है। बता दें कि कुणाल और रिद्धि एक साथ पढ़े हैं।

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