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वृहद नृत्‍य मैराथन रिले से बनेगा विश्व रिकॉर्ड, खजुराहो बाल नृत्य महोत्सव, प्रणाम, सृजन और नाद जैसे नवाचार

51वां खजुराहो नृत्य समारोह 20 से 26 फरवरी तक श्रेष्ठ कलाकारों की प्रस्तुतियां, भारतीय संस्कृति और कलाओं से परिचित करातीं अनुषांगिक गतिविधियां होंगी आकर्षण वृहद नृत्‍य मैराथन रिले से बनेगा विश्व रिकॉर्ड खजुराहो बाल नृत्य महोत्सव, प्रणाम, सृजन और नाद जैसे नवाचार स्काई डाइविंग, हॉट एयर बैलून, कैम्पिंग, विलेज टूर जैसी रोमांचक पर्यटन गतिविधियां होंगी विशेष आकर्षण पद्मभूषण, पद्मश्री, एसएनए अवॉर्डी प्राप्त नृत्य कलाकारों के साथ युवाओं को प्रदर्शन के अवसर भोपाल संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा है कि यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट खजुराहो के एक हजार वर्ष प्राचीन मंदिरों की दिव्य आभा में 51वां खजुराहो नृत्य समारोह 20 से 26 फरवरी, 2025 तक आयोजित किया जायेगा। खजुराहो स्थित कंदरिया महादेव मंदिर एवं देवी जगदंबा मंदिर प्रांगण के मध्य में आयोजित होने वाले इस अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समागम की भव्यता वर्ष अपने उत्कर्ष पर होगी। समारोह में इस वर्ष कई नए आयाम तथा अनुषांगिक गतिविधियां शामिल की गई हैं। सभी प्रमुख भारतीय शास्‍त्रीय नृत्‍यों कथक, भरतनाट्यम, कुचीपुड़ी, ओडिसी आदि के साथ शास्‍त्रीय नृत्‍य मैराथन (रिले) प्रस्‍तुति की जा रही है, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकार्ड में दर्ज करने का प्रयास किया जाएगा। राज्य मंत्री लोधी ने कहा कि खजुराहो नृत्‍य समारोह के मंच को बहुत ही सम्‍मान और आदर के साथ देखा जाता है। यहां प्रस्‍तुति देना किसी भी नृत्‍य कलाकार के लिए गर्व की बात होती है। इसे ध्‍यान में रखते हुए 51वें खजुराहो नृत्‍य समारोह में होने वाली गतिविधियों को विस्‍तार एवं व्‍यापकता देने का प्रयास किया गया है। कला प्रेमी नृत्‍य के साथ ही अन्‍य कला माध्‍यमों का भी आनंद ले सकें। राज्य मंत्री लोधी जनजातीय संग्रहालय में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। प्रमुख सचिव, संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव 51वें खजुराहो नृत्‍य समारोह का शुभारम्‍भ करेंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य रूपंकर कला पुरस्कार अलंकरण समारोह भी आयोजित किया जाएगा। समारोह में नृत्‍य प्रस्‍तुतियां प्रतिदि‍न सायं 6:30 बजे से प्रारम्‍भ होंगी। अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह का आयोजन मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के लिए उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी, भोपाल द्वारा भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण, मध्‍यप्रदेश पर्यटन एवं छतरपुर जिला प्रशासन के सहयोग से किया जाता है। इस अवसर पर संचालक संस्कृति एन.पी.नामदेव, निदेशक, उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी डॉ. धर्मेंद्र पारे उपस्थित रहे। वृहद शास्‍त्रीय नृत्‍य मैराथन (रिले) से बनेगा विश्व रिकॉर्ड  सबसे लंबे वृहद शास्‍त्रीय नृत्‍य मैराथन (रिले) प्रस्तुति में निरन्‍तर 24 घंटे से भी अधिक नृत्‍य प्रस्‍तुतियां होंगी। यह गतिविधि आदिवर्त संग्रहालय, खजुराहो में होगी। गति‍विधि का शुभारम्‍भ 19 फरवरी, 2025 को दोपहर 2:00 बजे होगा जो निरन्‍तर 20 फरवरी, 2025 को सायं 5:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसका नृत्‍य निर्देशन/संयोजन कथक नृत्‍यांगना तथा फिल्‍म अभिनेत्री श्रीमती प्राची शाह, मुम्‍बई एवं संगीत निर्देशन/संयोजन कौशिक बसु, मुम्‍बई द्वारा किया जाएगा। प्रारंभिक रूप से 5-5 कलाकारों के 25 ग्रुप तैयार किये जायेंगे, जिसमें लगभग 125 कलाकार भाग लेंगे। विभागीय संगीत महाविद्यालय/विश्‍वविद्यालय एवं नृत्‍य के वरिष्‍ठ कलागुरुओं के साधनारत शिष्‍यों को प्रस्‍तुति के लिए अमांत्रित किया गया है। खजुराहो बाल नृत्य महोत्सव खजुराहो नृत्य समारोह जैसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन से स्‍थानीय युवाओं को जोड़ने के लिए मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग ने पहली बार ”खजुराहो बाल नृत्‍य महोत्‍सव” का आयोजन किया जाएगा। इसमें मध्‍यप्रदेश के मूल निवासी 10 से 16 साल के युवा कलाकार एक पृथक मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे। आयोजन का उद्देश्य भारतीय शास्‍त्रीय नृत्‍य परम्‍परा को संरक्षित करना और युवा पीढ़ी को भारतीय शास्‍त्रीय नृत्‍यों के प्रति अभिरूचि को प्रोत्‍साहित करना है। ये प्रस्‍तुतियां खजुराहो नृत्‍य समारोह परिसर में स्थित पृथक मंच पर सायं 5 से 6 बजे तक होंगी। इस महोत्‍सव के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसमें 310 नृत्‍य कलाकारों के आवेदन प्राप्‍त हुए थे। वरिष्‍ठ नृत्‍य गुरुओं की चयन समिति द्वारा 15 नृत्‍य कलाकारों को चयनित किया गया है। प्रणाम : वरिष्‍ठ भरतनाट्यम नृत्‍यांगना पद्मविभूषण डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम के जीवन एवं कला अवदान पर प्रदर्शनी एवं व्‍याख्‍यान 51वें खजुराहो नृत्य समारोह में इस वर्ष एक नई अनुषांगिक गतिविधि “प्रणाम” को जोड़ा गया है। इस गतिविधि के अंतर्गत सुविख्यात नृत्यांगना और पद्मविभूषण डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम के जीवन और कला अवदान को अभिव्यक्त करते आयोजन होंगे। डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम के जीवन और कला अवदान पर प्रदर्शनी, व्याख्यान एवं संवाद सह प्रदर्शन भी शामिल होंगे। इसमें उनकी प्रस्‍तुति के फोटो, किताबें, उनके द्वारा डिजाइन नृत्‍य परिधान एवं उन्‍हें प्राप्‍त अवार्ड शामिल होंगे। जैसा कि विदित है डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम भरतनाट्यम नृत्य की सुप्रसिद्ध कलाकार हैं। वह एक रिसर्च स्कॉलर, कोरियोग्राफर, म्यूजिक कंपोजर, गायिका, शिक्षिका, इंडोलॉजिस्ट और लेखिका भी हैं। वह भारत के साथ-साथ विदेशों में भी प्रसिद्ध हैं। जापान, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे देशों द्वारा उनके सम्मान में कई फिल्में और वृत्तचित्र बनाए गए हैं। हाल ही में वर्ष 2024 के पद्म विभूषण पुरस्कार के लिए उनके नाम की घोषणा हुई है। वे खजुराहो नृत्य समारोह में पूर्व में प्रस्तुति दे चुकी हैं। व्‍याख्‍यान एवं संवाद हेतु डॉ. जयराजगोपालन, सुअनुराधा विक्रांत, सुमहती कन्‍नन, अरविंद कुमारस्‍वामी, पियाल भट्टाचार्य, डॉ. राजवासुदेवन, अर्जुन भारद्वाज एवं डॉ. सच्चिदानंद जोशी पधारेंगे। पद्म पुरस्कार प्राप्त और एसएनए अवॉर्डी कलाकार देंगे नृत्य प्रस्तुतियां खजुराहो नृत्य समारोह में प्रारंभ से ही नृत्य जगत के सुप्रसिद्ध कलाकारों ने प्रस्तुतियां दी हैं। इस वर्ष भी यह परम्परा जारी रखते हुए पद्म पुरस्‍कार एवं संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड प्राप्‍त नृत्‍य कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। इन नामों में कुचिपुड़ी की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना पद्मभूषण विदुषी राधा—राजा रेड्डी, मणिपुरी नृत्य कलाकार पद्मदर्शना झवेरी, छाऊ नृत्य कलाकार पद्मशशधर आचार्य, ओडिसी नृत्य कलाकार प्रवत कुमार स्वाइन, मोहिनीअट्टम नृत्य कलाकार पद्मविदुषी भारती शिवाजी, कथक नृत्य कलाकार पद्मविदुषी शोभना नारायण, सत्रीय नृत्य कलाकार पद्मगुरु जतिन गोस्वामी शामिल हैं। वहीं एसएनए अवॉर्डी में मोहिनीअट्टम नृत्य कलाकार सुपल्लवी कृष्णनन, भरतनाट्यम नृत्य कलाकार डॉ.संध्या पुरेचा, कुचिपुड़ी नृत्य कलाकार सुदीपिका रेड्डी, कथकली नृत्य कलाकार सदानम के.हरिकुमार, कथक नृत्य कलाकार सुअदिति मंगलदास, मणिपुरी नृत्य कलाकार गुरु कलावती देवी—बिम्बावती देवी का नाम शामिल है। साथ ही फिल्म अभिनेत्री और भरतनाट्यम की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना सुमीनाक्षी शेषाद्रि की एकल नृत्य प्रस्तुति भी होगी। नाद : भारतीय लोक एवं शास्त्रीय संगीत में उपयोगी वाद्यों की प्रदर्शनी भारतीय लोक एवं नृत्य — संगीत में विभिन्न प्रकार के वाद्यों का प्रयोग किया जाता … Read more

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संभाग स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिये स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग को समन्वित प्रयास करना होगा। ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य कार्यकर्ताएँ व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन करें तथा प्रतिमाह उन्हें चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाय। उप मुख्यमंत्री ने कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में स्वास्थ्य सूचकांक, एएनसी पंजीयन व संस्थागत प्रसव सहित स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर में सुधार की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला पूरी संवेदनशीलता के साथ घर-घर जाकर गर्भवती माताओं का शत-प्रतिशत पंजीयन करते हुए उन्हें प्रतिमाह व तिमाही में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएँ दें तथा उनकी जांच कराये ताकि वह महिलाएँ हाई रिस्क में न जा पाये। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क में यदि गर्भवती महिला पहुंचती है तो उसको समय समय पर उपचार दिया जाय। तदुपरांत उसका संस्थागत प्रसव कराकर सुरक्षित किया जाय। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के अनेक कार्य संचालित हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अस्पताल भवनों के निर्माण के साथ ही पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टर्स व पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के कार्य प्राथमिकता से किये जा रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि मैदानी अमला पूरी निष्ठा से कार्य करें तथा जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी गंभीरता से मानीटरिंग करें व क्षेत्र का नियमित भ्रमण करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रतिमाह की 9 एवं 25 तारीख को दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की मानीटरिंग की जाएं ताकि इसका अधिक से अधिक आउटपुट निकले। उप मुख्यमंत्री ने अपेक्षा की कि गर्भवती महिलाओं के परिजनों को भी उसके स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिये जागरूक किया जाएं जिससे जच्चा व बच्चा स्वस्थ्य रहे। उप मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से अपेक्षा की कि वह क्षेत्र का भ्रमण कर स्वास्थ्य सुविधाओं की सतत मॉनिटरिंग करें।कमियों को दूर करने के लिये प्रयास करें। उन्होंने रीवा संभाग का व्हाट्सअप ग्रुप बनाकर स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति की नियमित जानकारी शेयर करने के भी निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री ने अपेक्षा की कि रीवा संभाग में समन्वित प्रयासों से शिशु मृत्यु दर व मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में सफलता मिलेगी और इसकी लिये प्रतिमाह रिव्यू बैठक की जायेगी। कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद, कलेक्टर सतना डॉ. सतीश कुमार एस, कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव, कलेक्टर मैहर सुरानी बाटड़, सीईओ जिला पंचायत रीवा एवं सीधी उपस्थित रहे। कलेक्टर सिंगरौली वीसी के माध्यम से बैठक में जुड़े। इस दौरान स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के रीवा संभाग के जिलों के अधिकारी उपस्थित रहे।  

फैसिलिटेशन काउंसिल में प्रकरणों में पारदर्शिता के साथ त्वरित निराकरण में मध्यप्रदेश लगातार तीसरे वर्ष सर्वश्रेष्ठ

भोपाल भारत सरकार के वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी द्वारा मध्यप्रदेश के उद्योग संचालनालय एवं एमएसएमई विभाग को मध्यप्रदेश में फैसिलिटेशन काउंसिल के विभिन्न प्रकरणों के पारदर्शिता व त्वरित निराकरण संबंधी उत्कृष्ट कार्यों के लिए गत दिवस दिल्ली में सम्मानित किया गया है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश ने पूर्व में वर्ष 2022, वर्ष 2023 के बाद 2024 में यह पुरस्कार लगातार तीसरी बार प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि सूक्ष्म लघु और मध्यम उधम अधिनियम 2006 एवं मध्य प्रदेश फैसिलिटेशन काउंसिल नियम 2017 अंतर्गत बायर एवं सप्लायर के मध्य विलंबित भुगतानों के लिए गठित की है।  

नए वित्त वर्ष के लिए योजना प्रस्तावों पर दिये समुचित निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें। सभी छात्रावासों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। बच्चों को पढ़ने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाये। छात्रावास में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थी सिर्फ़ अपनी पढ़ाई पर ही अधिकाधिक ध्यान केंद्रित करें, ऐसा समय प्रबंधन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की संचालित योजनाओं की वर्तमान प्रगति और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए तैयार योजना प्रस्तावों एवं आवंटन की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अजा वर्ग के लिए सभी कल्याण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, जिससे समाज के वंचित वर्गों को अधिकतम लाभ मिल सके। डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू में विधि संकाय प्रारंभ करें मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 24 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट में महू स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय में विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए गये हैं। विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए सभी तैयारियां समय रहते कर ली जायें। प्रमुख सचिव ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू (इंदौर) को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6 करोड़ 40 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की गई है। बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कॉश्यप, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण डॉ. ई. रमेश कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर विशेष ध्यान प्रमुख सचिव अजा कल्याण डॉ. कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान के लिए छात्रावासों का संचालन, छात्रवृत्ति योजनाओं का क्रियान्वयन, शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं, अनुदान कार्यक्रम और स्वरोजगार योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अत्याचार निवारण अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन भी विभाग की विशेष प्राथमिकता में है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- ड्रोन निर्माण और प्रौद्योगिकी का प्रमुख हब बनाने के लिए कार्य योजना तैयार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को ड्रोन निर्माण और प्रौद्योगिकी का प्रमुख हब बनाने के लिए समग्र कार्य योजना तैयार की गई है। राज्य सरकार ने ड्रोन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिये मध्यप्रदेश ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति-2025 को स्वीकृति दे दी है। इसमें ड्रोन के सुरक्षित और कुशलतम उपयोग के माध्यम से नवाचार, आर्थिक समृद्धि और रोजगार को बढ़ावा देने वाले विषयों एवं तथ्यों को शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश में ड्रोन टेक्नोलॉजी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही ड्रोन डेटा रिपॉजिटरी भी बनाई जायेगी। प्रधानमंत्री गति शक्ति पहल से प्रेरित होकर ड्रोन नीति सरकार के ड्रोन डेटा और इमेजरी के लिए एक केन्द्रीकृत प्लेटफ़ॉर्म होगा। ड्रोन डेटा रिपॉजिटरी विभिन्न विभागों के मध्य परस्पर डेटा साझा करने और सहयोग को बढ़ावा देगी। यह नीति जीआईएस आधारित योजना और विश्लेषणात्मक उपकरणों का उपयोग करके बेहतर निगरानी तंत्र विकसित करेगी। यह रिपॉजिटरी तत्काल अद्यतन निगरानी सुविधा प्रदान करेगी, जिससे संसाधनों का त्रुटिरहित आवंटन होगा और अधोसंरचनात्मक विकास में सहयोग मिलेगा। इससे बेहतर समन्वय, निर्णय-प्रक्रिया में मदद मिलने के साथ लागत-समय का सदुपयोग होगा और परियोजनाओं की समीक्षा में सुधार भी होगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि डेटा प्रबंधन सुरक्षित रूप से किया जाए और सहयोगी भागीदारों के साथ रिपॉजिटरी की प्रबंधन व्यवस्था पुख्ता रखी जाए। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य की एजेंसियों द्वारा एकत्र किए गए सभी ड्रोन डेटा को राष्ट्रीय भौगोलिक नीति-2022 या उसके बाद के किसी संशोधन या नीति के अनुसार डेटा सुरक्षा कानूनों और विनियमों के अंतर्गत संग्रहित किया जाए। संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा के लिए सुरक्षित डेटा भंडारण और प्रसारण प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया जायेगा। भविष्य में ड्रोन का उपयोग तेज़ी से बढ़ेगा। यह बिना पायलट वाला यंत्र है जो विभिन्न क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। यह कई प्रकार से अभिनव समाधान प्रस्तुत करता है और मानव श्रम की बचत करता है। इस तकनीकी से समय पर डेटा संधारित हो जाता है। सटीक और दक्षता के साथ कठिन स्थानों से डेटा संग्रह हो जाता है। आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग से कई क्षेत्रों के लिए यह अमूल्य उपकरण साबित हो रहा है। कृषि क्षेत्र में उपयोग ड्रोन से फसल की सेहत की निगरानी, रोगों का पता लगाने और फसल की पैदावार का मूल्यांकन करने में सहायता मिल रही है। ड्रोन उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव सटीकता से कर सकते हैं, जिससे अपशिष्ट और नकारात्मक पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा। वे उन क्षेत्रों की पहचान कर सकते हैं जिन्हें अधिक या कम पानी की आवश्यकता है। सिंचाई के तरीकों का बेहतर उपयोग करने में ड्रोन मदद करता है। आपदा प्रबंधन में उपयोग ड्रोन, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में थर्मल इमेजिंग और हाई-रिजोल्यूशन कैमरों का उपयोग कर प्रभावित लोगों का पता लगा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों की विस्तृत तस्वीरें देख बचाव के प्रयासों में मदद कर रहे हैं। पुनर्निर्माण के प्रयासों और बीमा दावों की प्रामाणिकता में मदद मिल रही है। आपातकालीन स्थितियों में ड्रोन चिकित्सा आपूर्ति और खाद्य सामग्री को दुर्गम इलाको में पहुंचा रहे हैं। निरीक्षण में उपयोग ड्रोन पुलों, भवनों और अन्य बुनियादी ढांचे का निरीक्षण कर रहे हैं, जिसमें रखरखाव और सुरक्षा मूल्यांकन शामिल हैं। ड्रोन से निर्माण की प्रगति के बारे में वास्तविक समय में अपडेट प्राप्त किया जा रहा है। ड्रोन वन्य जीवों की सुरक्षा की निगरानी कर रहे हैं और उन्हें परेशान किए बिना उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। जंगलों की सेहत की निगरानी, अवैध लकड़ी कटाई का पता लगाने और जंगल की आग के प्रभाव का मूल्यांकन भी ड्रोन से किया जा रहा है। ड्रोन स्कूलों की स्थापना मध्यप्रदेश ड्रोन प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने और संचालन के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने के लिए नई ड्रोन नीति के अंतर्गत ड्रोन स्कूल स्थापित करेगा। इसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से निवेश किया जाएगा। इसका उद्देश्य ड्रोन प्रौद्योगिकी में व्यापक प्रशिक्षण और शिक्षा प्रदान करना है, जिससे विद्यार्थी और पेशेवर दोनों उद्योग की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अच्छी तरह से तैयार हों। पॉलिटेक्निक, आईटीआई और इंजीनियरिंग कॉलेजों को ड्रोन/पार्ट्स डिजाइन, ड्रोन इमेज एनालिटिक्स, एआई टूल्स आदि के लिए विशिष्ट पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उद्योग के साझेदारों के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इससे युवाओं को ड्रोन उद्योग में रोजगार पाने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान किया जा सकेगा। विशेष रूप से ड्रोन निर्माण, मरम्मत, असेंबलिंग और डेटा प्रोसेसिंग में रोजगार प्रदान करने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। पॉलिसी से लाभ आगामी 5 वर्षों में लगभग 370 करोड़ रूपये का निवेश अपेक्षित है। लगभग 8,000 (2,200 प्रत्यक्ष एवं 6,600 अप्रत्यक्ष) रोजगार सृजित होंगे। इस क्षेत्र में प्रति करोड़ वित्तीय प्रोत्साहन के आधार पर लगभग 25-30 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। नीति के प्रमुख स्तंभ ड्रोन इको सिस्टम, कौशल विकास, सेक्टर प्रमोशन और वित्तीय प्रोत्साहन ड्रोन नीति के प्रमुख स्तंभ हैं। इनसे तकनीकी संस्थानों में ड्रोन संबंधी पाठयक्रमों को बढ़ावा मिलेगा। ड्रोन इको सिस्टम एआई और नवीनतम प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन मिलेगा। वित्तीय प्रोत्साहन ड्रोन नीति की घोषणा के बाद डीएसडीएम/डीईएस इकाइयों द्वारा किए गए नए निवेश के लिये 40 प्रतिशत पूंजी निवेश (अधिकतम 30 करोड़ रूपये तक) की सब्सिडी और लीज रेंटल पर 3 वर्ष तक 25 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति या प्रतिवर्ष 5 लाख रूपये तक, जो भी कम हो मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा पहचाने गये क्षेत्रों में आर एंड डी परियोजना शुरू करने के लिये 2 करोड़ रूपये तक का अनुदान मिलेगा। प्रतिभाओं के कौशल उन्नयन के लिये प्रमुख क्षेत्रों में इंटर्न को मुख्यमंत्री “सीखो कमाओ योजना” में 6 महिने तक के लिये 8 हजार रूपये प्रतिमाह दिये जायेंगे। प्रदर्शनियों/कार्यक्रमों में भाग लेने के लिये किए गए खर्च पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जायेगी। यह सब्सिडी घरेलू कार्यक्रमों के लिये एक लाख रूपये और अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिये 2 लाख रूपये तक होगी। भूमि पर निष्पादित पट्टे पर 100 प्रतिशत स्टॉम्प शुल्क और पंजीकरण शुलक की प्रतिपूर्ति की जायेगी। परीक्षण, अंशांकन और प्रमाणन के लिये पॉलिसी अवधि के दौरान 20 लाख रूपये की कैपिंग के साथ प्रति वर्ष 5 लाख रूपये तक की सहायता मिलेगी। घरेलू पेटेंट के लिए प्रति पेटेंट 5 लाख रूपए और अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट के लिए 10 लाख रूपए … Read more

महिला प्रीमियर लीग 2025 की शुरुआत होगी आज से, जिसमें पांच टीमें खिताब के लिए जंग लड़ेंगी

नई दिल्ली आगामी टूर्नामेंट में कुल पांच टीमें भाग लेंगी। सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ 2-2 मैच खेलेंगी। इस तरह एक टीम कुल आठ मुकाबले खेलेगी। 14 फरवरी से 11 मार्च तक लीग स्टेज के 20 मुकाबले खेले जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि इस बार किसी भी दिन डबल हेडर नहीं होगा यानी एक भी दिन दो मैच नहीं खेले जाएंगे। महिला प्रीमियर लीग 2025 की शुरुआत में अब 24 घंटे से भी कम समय शेष है। शुक्रवार को इस टूर्नामेंट के तीसरे संस्करण का आगाज होगा, जिसमें पांच टीमें खिताब के लिए जंग लड़ेंगी। एक महीने तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में  कुल 22 मुकाबले खेले जाएंगे। इस दौरान खेल, प्रतिभा और प्रतिस्पर्धा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। आगामी टूर्नामेंट में कुल पांच टीमें भाग लेंगी। सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ 2-2 मैच खेलेंगी। इस तरह एक टीम कुल आठ मुकाबले खेलेगी। 14 फरवरी से 11 मार्च तक लीग स्टेज के 20 मुकाबले खेले जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि इस बार किसी भी दिन डबल हेडर नहीं होगा यानी एक भी दिन दो मैच नहीं खेले जाएंगे। महिला प्रीमियर लीग का पहला मुकाबला गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात जाएंट्स के बीच मुकाबले से होगा। यह मुकाबला वडोदरा के में कोतांबी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। इससे पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन करेगा।   दिल्ली कैपिटल्स: मेग लैनिंग (कप्तान), एलिस कैप्सी, सारा ब्राइस, एनाबेल सदरलैंड, मिन्नू मणि, शैफाली वर्मा, अरुंधति रेड्डी, एन चरानी, शिखा पांडे, जेमिमा रोड्रिग्स, नंदिनी कश्यप, स्नेहा दीप्ति, जेस जोनासेन, निकी प्रसाद, तानिया भाटिया, मार्चिजैन कैप, राधा यादव, तितास साधु। गुजरात टाइटंस: एश्ले गार्डनर (कप्तान), हरलीन देओल। प्रकाशिका नाइक, बेथ मूनी, काशवी गौतम, प्रिया मिश्रा, भारती फुलमाली, लौरा वोल्वार्ड्ट, सयाली साचरे, डेनिएल गिब्सन, मन्नत कश्यप, शबनम शकील, दयालन हेमलता, मेघना सिंह, सिमरन शेख, डींड्रा डॉटिन, फोएबे लिचफील्ड, तनुजा कंवर। मुंबई इंडियंस: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), अक्षिता माहेश्वरी, पूजा वस्त्राकर, अमनदीप कौर, हेले मैथ्यूज, सैका इशाक, अमनजोत कौर, जिन्तिमनी कलिता, सजीवन सजना, अमेलिया केर, कीर्तना बालाकृष्णन, संस्कृति गुप्ता, क्लो ट्रायॉन, नादिन डी क्लार्क, शबनीम इस्माइल, जी कमलिनी, नताली साइवर-ब्रंट, यास्तिका भाटिया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: स्मृति मंधाना (कप्तान), आशा शोभना जॉय, जोशिता वीजे, ऋचा घोष, डैनी व्याट, कनिका आहूजा, सब्बीनेनी मेघना, एकता बिष्ट, केट क्रॉस, श्रेयंका पाटिल, एलिसे पेरी, प्रेमा रावत, जॉर्जिया वेयरहैम, राघवी बिस्ट, सोफी डिवाइन, जाग्रवी पवार, रेणुका सिंह, सोफी मोलिनेक्स। यूपी वारियर्स: दीप्ति शर्मा (कप्तान), अलाना किंग, गौहर सुल्ताना, साइमा ठाकोर, एलिसा हीली, ग्रेस हैरिस, श्वेता सहरावत, अंजलि सरवानी, किरण नवगिरे, सोफी एक्लेस्टोन। अरुशी गोयल, क्रांति गौड़, ताहलिया मैकग्राथ, चमारी अथापथु, पूनम खेमनार, उमा छेत्री, राजेश्वरी गायकवाड़, वृंदा दिनेश। महिला प्रीमियर लीग 2025 का पूरा कार्यक्रम तारीख     मैच     स्थान 14 फरवरी     गुजरात जाएंट्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू     वडोदरा 15 फरवरी     मुंबई इंडियंस बनाम दिल्ली कैपिटल्स     वडोदरा 16 फरवरी     गुजरात जाएंट्स बनाम यूपी वॉरियर्स     वडोदरा 17 फरवरी     दिल्ली कैपिटल्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू     वडोदरा 18 फरवरी     गुजरात जाएंट्स बनाम मुंबई इंडियंस     वडोदरा 19 फरवरी     यूपी वॉरियर्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स     वडोदरा 21 फरवरी     रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम मुंबई इंडियंस     बंगलुरू 22 फरवरी     दिल्ली कैपिटल्स बनाम यूपी वॉरियर्स     बंगलुरू 24 फरवरी     रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम यूपी वॉरियर्स     बंगलुरू 25 फरवरी     दिल्ली कैपिटल्स बनाम गुजरात जाएंट्स     बंगलुरू 26 फरवरी     मुंबई इंडियंस बनाम यूपी वॉरियर्स     बंगलुरू 27 फरवरी     रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम गुजरात जाएंट्स     बंगलुरू 28 फरवरी     दिल्ली कैपिटल्स बनाम मुंबई इंडियंस     बंगलुरू 1 मार्च     रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम दिल्ली कैपिटल्स     बंगलुरू 3 मार्च     यूपी वॉरियर्स बनाम गुजरात जाएंट्स     लखनऊ 6 मार्च     यूपी वॉरियर्स बनाम मुंबई इंडियंस     लखनऊ 7 मार्च     गुजरात जाएंट्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स     लखनऊ 8 मार्च     यूपी वॉरियर्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू     लखनऊ 10 मार्च     मुंबई इंडियंस बनाम गुजरात जाएंट्स     मुंबई 11 मार्च     मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू     मुंबई 13 मार्च     एलिमिनेटर     मुंबई 15 मार्च     फाइनल     मुंबई नोट: सभी मुकाबले शाम 7:30 बजे से खेले जाएंगे।  

ओबीसी महासभा ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

चंदेरा ओबीसी महासभा जिला इकाई टीकमगढ़ द्वारा आज जातिगत जनगणना, पिछड़ा वर्ग को 27% आरक्षण दिए जाने सहित अन्य 5 सूत्रीय मांगों को लेकर  ज्ञापन सौंपा। 1.पिछड़ा वर्ग के संवैधानिक अधिकारों को 9 वीं अनुसूची में शामिल किया जाए। 2. पिछड़ा वर्ग द्वारा मंदिरों को दान की गई भूमि वापिस लौटाई जाए। 3. मध्य प्रदेश के सभी विभागों और कार्यालयों में पिछड़ा वर्ग के 50% अधिकारी रखे जाएं। 4. मध्य प्रदेश के सभी शासकीय कन्या विद्यालयों व प्राइवेट स्कूलों के सामने सीसीटीवी कैमरा लगवाएं जाएं। 5. मध्य प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को अधिक से अधिक राशि का आवंटन किया जाए जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का विकास हो सके। इस आशय को लेकर महासभा के युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष पुनीत सागर, युवा मोर्चा के कार्यकारी जिलाध्यक्ष देवीदयाल चौरसिया उर्फ़ दिनेश ने क्रान्तिकारी साथियों के साथ तहसील कार्यालय जतारा पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी शैलेंद्र सिंह को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।

हिंदुस्तान पावर के सीएसआर विभाग द्वारा ग्राम गुंवारी सड़क निर्माण का किया गया भूमि पूजन

अनुपपुर सामाजिक विकास और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में हिंदुस्तान पावर के सीएसआर विभाग ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में, ग्राम गुंवारी को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण कार्य का आज भूमि पूजन संपन्न हुआ। यह सड़क 1.50 किलोमीटर लंबी और 3.75 मीटर चौड़ी होगी, जो ग्राम टकहोली तिराहा से ग्राम गुंवारी तक आवागमन सुनिश्चित करेगी। इस शुभ अवसर पर ग्राम के जन प्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की, जिनमें ग्राम गुंवारी अमगंवा के सरपंच गणेश सिंह गोंड, जनपद सदस्य चंद्र प्रकाश जायसवाल, ग्राम उपसरपंच जीवन लाल केवट, पूर्व उपसरपंच लेखराम सिंह राठौर, एवं अन्य स्थानीय नागरिकों ने आयोजन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और नारियल फोड़कर विधिवत् भूमि पूजन किया और कार्य आरंभ कराया। उपस्थित ग्रामीणों ने हिंदुस्तान पावर द्वारा कराए जा रहे इस निर्माण कार्य के लिए प्रसन्नता जाहिर करते हुए अपना आभार व्यक्त किया । इस कार्यक्रम में हिंदुस्तान पावर के  अधिकारियो में एचआर और प्रशासन प्रमुख आर. के. खटाना, सीएसआर प्रमुख सत्यम सलील, भू-अर्जन विभाग प्रमुख विजय सोनी, एवं जनसंपर्क अधिकारी गौरव पाठक—ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर एचआर और प्रशासन प्रमुख आर. के. खटाना ने कहा, “हिंदुस्तान पावर सदैव सामाजिक विकास को प्राथमिकता देती है। यह सड़क न केवल ग्रामीणों की आवागमन संबंधी जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी।” ग्राम सरपंच गणेश सिंह गोंड ने कहा, “इस सड़क के नवीनीकरण की क्षेत्र को लंबे समय से प्रमुख आवश्यकता थी, जिसके लिए स्थानीय लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता था, निश्चित रूप से इसके निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और स्थानीय विकास को गति मिलेगी। हम हिंदुस्तान पावर का  इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, और उम्मीद जताते हैं कि आगे भी कंपनी इस तरह के विकास के कार्यों में अपना योगदान देती रहेंगी। भूतपूर्व उपसरपंच लेखराम सिंह राठौर कहते है कि कंपनी के अधिकारीगण हमेशा ही जनप्रतिनिधियों द्वारा स्थानीय जननिस्तार की मांगो को सकारात्मक रूप से लेते हैं, यह सड़क नवीनीकरण का कार्य हाल का ही उदाहरण है। हिंदुस्तान पावर के वरिष्ठ अधिकारी श्री आर के खटाना ने ग्रामीणजनों को आश्वासन दिया कि कंपनी सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता की दिशा में आगे भी शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना एवं अन्य सामाजिक आवश्यकताओं के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए रुद्रसागर पर नया पुल बना, भक्तों को अब खास रास्ता मिलेगा

उज्जैन महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए रुद्रसागर पर नया पुल बन गया है जिसका भक्तों को अब खास रास्ता मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 फरवरी को उज्जैन का दौरा करेंगे। इस दौरान वह महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए रुद्रसागर पर बनाए गए पैदल पुल का लोकार्पण करेंगे। यह पुल उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 25 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शाम 7 बजे पुल पर मौजूद रहकर इसे जनता के लिए खोलेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री नगर निगम द्वारा दशहरा मैदान पर बनाए गए राजाभाऊ महाकाल स्टेडियम का भी लोकार्पण करेंगे जिसकी लागत 4 करोड़ 43 लाख रुपये है। वहीं मोती नगर में श्रीकृष्ण आश्रय सभा मंडप का लोकार्पण भी करेंगे जिसकी लागत 4 करोड़ 33 लाख रुपये है। इसके अलावा त्रिवेणी शनि मंदिर के पास बने हाल का भी उद्घाटन किया जाएगा। लोकार्पण के बाद शुरू हो जाएगी आवाजाही मुख्यमंत्री के लोकार्पण के बाद रुद्रसागर पर बने पैदल पुल से आवाजाही शुरू हो जाएगी। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है और उद्घाटन के बाद श्रद्धालु आसानी से इस पुल का उपयोग कर सकेंगे। महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए नौवां रास्ता तैयार इस नए पुल के बनने से महाकाल मंदिर तक पहुंचने का नौवां रास्ता तैयार हो गया है। श्रद्धालु अब शक्ति पथ पर पिनाकी द्वार से आगे माधवगंज स्कूल के सामने से रुद्रसागर पर बने पुल से होकर महाकाल महालोक में मानसरोवर भवन के सामने पहुंच सकेंगे और सीधे महाकाल मंदिर में प्रवेश कर पाएंगे। यह पुल 200 मीटर लंबा और छह मीटर चौड़ा है। पुल के मध्य में 19 मीटर चौड़ी जगह है जहां श्रद्धालु कुछ समय रुक कर रुद्रसागर और आसपास की खूबसूरती का आनंद ले सकेंगे। इसी जगह से महाकाल मंदिर के शिखर के दर्शन भी किए जा सकेंगे। यह नया पुल श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता साबित होगा और महाकाल मंदिर तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करेगा।  

पश्चिम म.प्र. में सूर्य किरणों से बिजली अब 25250 स्थानों पर

पश्चिम म.प्र. में सूर्य किरणों से बिजली अब 25250 स्थानों पर सबसे ज्यादा रूफ टॉप सोलर इंदौर शहर में 13800 स्थानों पर लगे भोपाल सूरज की किरणों से बिजली तैयार कर पर्यावरण सुधार के साथ ही बिजली बिल में कमी करने को लेकर पश्चिम म.प्र. में अच्छा कार्य हुआ है। इस 12 फरवरी की स्थिति में पश्चिम म.प्र. यानि मालवा- निमाड़ में 25 हजार 250 स्थानों पर रूफ टॉप सोलर नेट मीटर यानि सौर ऊर्जा से बिजली तैयार की जा रही है। पश्चिम म.प्र. में सबसे ज्यादा सौर ऊर्जा से बिजली इंदौर शहर में 13 हजार 800 स्थानों पर तैयार हो रही है। पीएम सूर्य घर योजना लागू होने के बाद फरवरी 2024 से फरवरी 2025 के दूसरे सप्ताह तक पश्चिम म.प्र. में बारह हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं ने सौर ऊर्जा उत्पादन प्रारंभ किया है। उच्चदाब और निम्न दाब के उपभोक्ताओं द्वारा अब कुल 25 हजार 250 स्थानों पर सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा है। इन स्थानों में घर, बहुमंजिला इमारत, औद्योगिक परिसर, शासकीय कार्यालय की छतें, नगर निगम के कचरा ट्रांसफर स्टेशन की छतें, दुकानों की छतें, शासकीय कार्यालयों के पास की खाली जमीन इत्यादि स्थान, परिसर शामिल हैं। पीएम सूर्य घर योजना लागू होने के बाद पश्चिम मध्यप्रदेश में रूफ टॉप सोलर की कुल उत्पादन क्षमता 220 मेगावॉट से ज्यादा हो गई है। बिजली बिल में बचत, मेरी छत-मेरी बिजली की भावना के साथ ही पर्यावरण सुधार के लिए समर्पण को लेकर वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक उत्साह बना हुआ है। प्रतिदिन रूफ टॉप सोलर के लिए आवेदन बिजली कार्यालय और कंपनी के पोर्टल पर पहुंच रहे हैं। कहां कितने सोलर संयंत्र इंदौर शहर सीमा में 13800, उज्जैन जिले में 2525, देवास जिले में 1015, रतलाम जिले में 1060, खरगोन जिले में 1050, नीमच जिले में 680, मंदसौर जिले में 670 और बड़वानी जिले में 650 सोलर संयंत्र हैं।  

यशोदा जयंती18 फरवरी को मनाई जाएगी , जानें मुहूर्त, महत्व और पूजन विधि

 हिंदू धर्म में एक से बढ़कर एक महत्वपूर्ण त्यौहार मनाए जाते हैं, जिनमें होली, दिवाली, यशोदा जयंती, रविदास जयंती, दुर्गा पूजा, छठ पूजा, गणेश उत्सव, रक्षाबंधन सहित कई अन्य पर्व शामिल हैं। इसके लिए लोगों में अलग-अलग प्रकार का उत्साह देखने को मिलता है। कुछ त्यौहार ऐसे होते हैं, जिन्हें रीजनल स्तर पर मनाया जाता है, तो कुछ त्यौहार ऐसे हैं, जो पूरे देश भर में मानते हैं। इसे मानने की परंपरा और विधि भले ही अलग हो सकती है, लेकिन लोग काफी ज्यादा उत्साहित होते हैं। हर साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर यशोदा जयंती मनाई जाती है, जो भगवान श्रीकृष्ण की माता यशोदा को समर्पित है। मुहूर्त पंचांग के अनुसार, इस वर्ष फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि 18 फरवरी को सुबह 4:53 बजे से शुरू होगी और इसका समापन अगले दिन यानी 19 फरवरी को सुबह 7:32 बजे होगा। उदय तिथि के अनुसार, यशोदा जयंती 18 फरवरी को मनाई जाएगी। महत्व यशोदा जयंती का महत्व माता और संतान के बीच प्रेम का प्रतीक माना जाता है, जो माताओं के लिए विशेष है। इस दिन माता यशोदा और भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। यह पर्व विशेष रूप से मथुरा और वृंदावन में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। मंदिरों को फूलों से सजाया जाता है और भक्त सुबह से ही लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना में लीन हो जाते हैं। इस त्यौहार का संबंध श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ा हुआ है, जिसमें माखन चोरी से परेशान होकर गांववाले बार-बार नंद बाबा और माता यशोदा से शिकायत करने आते थे। पूजन विधि     इस दिन सुबह उठकर स्नान कर लें।     साफ और धुले हुए वस्त्र धारण करें।     एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता यशोदा और बाल गोपाल की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।     अब गंगाजल से मूर्ति का अभिषेक करें।     आप चाहें तो पंचामृत से स्नान कराएं।     पूजा के आरंभ में दीपक जलाएं।     इसके बाद धूप, फूल, माखन-मिश्री, फल और मिठाई का भोग अर्पित करें।     फिर यशोदा माता की कथा सुनें।     हाथ जोड़कर श्रद्धा पूर्वक प्रार्थना करें।     अंत में आरती उतारकर पूजा संपन्न करें। करें दान यशोदा जयंती के दिन दान-पुण्य करने का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को भोजन कराने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के कष्टों का निवारण होता है। ऐसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।  

सीएम शर्मा ने कहा- कार्यालय में विलम्ब से आने वाले एवं बिना अनुमति अनुपस्थित कर्मचारियों पर होगी कठोर कार्रवाई

जयपुर प्रदेश के राजकीय कार्यालयों में विलम्ब से आने वाले एवं बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देश ​हैं कि सरकारी कार्यालय में आने वाले आमजन के कार्य जल्द से जल्द ​हों, उन्हें इसमें कोई असुविधा न हो, इसके लिए सरकारी कार्मिक निर्धारित समय पर अपनी सीट पर बैठें, समस्याओं का समाधान करें, आमजन को सरकारी योजनाओं के लाभ, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दें। इस निर्देश की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने विभिन्न टीमों का गठन किया है जो निरन्तर कार्यालयों में जाकर फीडबैक ले रही है। विभाग की  शासन सचिव श्रीमती उर्मिला राजोरिया ने बताया कि उप शासन सचिव श्री महेन्द्र परेवा के नेतृत्व में विभागीय दल द्वारा गुरूवार को हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय के विभिन्न राजकीय कार्यालयों एवं विभागों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 92 उपस्थिति पंजिकाओं को जब्त किया गया। इनमें 21.42 प्रतिशत राजपत्रित और 13.45 प्रतिशत अराजपत्रित कार्मिक अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए कार्मिकों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस राज्य स्तरीय निरीक्षण दल में अनुभागाधिकारी श्री महेन्द्र कुमार सरावता, सहायक अनुभागाधिकारी श्री चेना राम भदाला और दयाराम गुर्जर शामिल रहे।

रायपुर : राज्यपाल डेका ने महाकुंभ के अवसर पर त्रिवेणी संगम में किया स्नान

रायपुर श्रद्धा और आस्था के प्रतीक ‘महाकुंभ‘ के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान कर प्रदेश एवं समस्त देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि सनातन के इस महापर्व के अवसर पर डुबकी लगाना परम सौभाग्य की बात है। ऐसे पुण्य क्षणों का लाभ लेना अत्यंत सुखद एवं मन को शांति प्रदान करने वाला होता है। इस अवसर पर राज्यपाल के परिजन भी उपस्थित थे।

इंदौर-उज्जैन के मध्य बनेगी नई रोड, 29 गांवों से होकर गुजरेगी… सिंहस्थ से पहले होगी तैयार

इंदौर सिंहस्थ 2028 के लिए अहम एमआर 4(MR-4 Road) सड़क का ‘रास्ता’ निकाला जा रहा है। इसमें भागीरथपुरा के 100 से अधिक मकान बाधक हैं। सभी मकान मालिक हैं और सालों से रह रहे हैं। उन्होंने जमीन के बदले जमीन या मुआवजे की मांग की है। इस पर शासन अब निगम की पॉलिसी में बदलाव करने पर मंथन कर रहा है। जिसका पूरा मकान लिया जा रहा है उन्हें प्लॉट या बड़ा फ्लैट दिया जा सकता है। सरवटे बस स्टैंड से एमआर 4 शुरू होता है जो कि भागीरथपुरा(Bhagirathpura) होते हुए एमआर 10 स्थित कुमेड़ी के आइएसबीटी पर खत्म होता है। लवकुश चौराहा से उज्जैन रोड को मिल जाएगा। सिंहस्थ के लिए ये सड़क महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 9 साल पहले सड़क निर्माण आइडीए ने किया था, जिसके बाद बाधाओं को देखते हुए नगर निगम को सौंप दिया। वर्तमान में सड़क भागीरथपुरा में जाकर बॉटलनेक हो गई क्योंकि 100 के करीब मकान है, जिसमें 150 परिवार रहते हैं। ढाई साल पहले नगर निगम ने सभी को नोटिस दिए थे, लेकिन रहवासियों ने मोर्चा खोल दिया। उनका कहना था कि 1936 से बसे हैं और उनके पास रजिस्ट्री हैं। हम मकान देने के लिए तैयार है, लेकिन जमीन के बदले जमीन दी जाए, हमारे सिर पर छत नहीं होगी तो टीडीआर का क्या करेंगे। इसे लेकर कई मोर्चों पर बात रखी गई। निराकरण नहीं होने के चलते अहम सड़क अटक गई। तीन बेडरूम का फ्लैट या प्लॉट पिछले दिनों एमआर सड़कों को लेकर नगरीय प्रशासन व आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक ली थी। इसमें महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुद्दा उठाया। इस पर शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है जिसमें सड़क या अन्य निर्माण में पूरा मकान बाधक होने पर अन्य जगह उपलब्ध कराई जाने की बात है। तीन बेडरूम का लैट दिया जाएगा या शासन से जमीन लेकर प्लॉट पट्टे पर दिया जाएगा। शासन स्तर से पॉलिसी बनाई जा रही है। रास्ता निकालना है बेहद जरूरी गौरतलब है कि वर्तमान में भागीरथपुरा(Bhagirathpura) में 12 फीट चौड़ी सड़क रह गई है जो रेलवे की जमीन है। पिछले सिंहस्थ के पहले रेलवे से कुछ समय के लिए ली गई थी जो अब वापस मांगी जा रही है। ऐसे में रेलवे अपनी जमीन पर कब्जा कर लेगा तो रास्ता बंद हो जाएगा। इसको लेकर रेलवे कई बार लिख चुका है। पीएम आवास के फ्लैट नहीं मंजूर क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने भी महापौर से संपर्क कर रहवासियों का पक्ष रखा। कहना था कि पीएम आवास के सिंगल बेडरूम के लैट रहवासियों को मंजूर नहीं है। उनकी जमीन लेकर हम टीडीआर पॉलिसी के सर्टिफिकेट देंगे, वह भी गलत है। नियम में बदलाव किया जाना चाहिए। 2 बस स्टैंड-3 रेलवे स्टेशन से कनेक्शन यह इंदौर की एक मात्र सड़क है जो दो बस स्टैंड व तीन रेलवे स्टेशन को जोड़ती है। इसके पूरा होने से सरवटे व आइएसबीटी बस स्टैंड का सीधा कनेक्शन होगा तो रेलवे में मुय स्टेशन, नेहरू पार्क रेलवे स्टेशन व लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन कनेक्ट हो जाएगा। एमआर 4 के लिए भागीरथपुरा(Bhagirathpura) के बाधक मकानों को हटाया जाएगा। सड़क में बाधक बन रहे निर्माण को हटाने के एवज में दिए जाने वाले मुआवजे को लेकर निगम की पॉलिसी में बदलाव को लेकर शासन स्तर पर विचार चल रहा है। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर-उज्जैन के बीच बनेगी नई रोड,सिंहस्थ से पहले होगी तैयार सिंहस्थ 2028 के लिए प्रदेश सरकार ने इंदौर के हातोद क्षेत्र से उज्जैन के सिंहस्थ बायपास तक नई सड़क बनाने की घोषणा की है, जो वर्तमान इंदौर-उज्जैन सड़क का वैकल्पिक मार्ग होगी। 1370 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क 48 किमी लंबी होगी और 29 गांवों से गुजरेगी। इसमें 20 गांव इंदौर जिले और नौ गांव उज्जैन जिले के लाभांवित होंगे। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। पितृ पर्वत के पास से नई सड़क बनाई जाएगी इंदौर के हातोद क्षेत्र में पितृ पर्वत के पास से उज्जैन में सिंहस्थ बायपास तक नई सड़क बनाई जाएगी। चार लेन ग्रीन फील्ड सड़क बनाने के लिए 350 हेक्टेयर से अधिक जमीन की आवश्यकता होगी। डीपीआर और लेआउट तैयार होने के बाद सरकार की अधिसूचना के जारी होने पर जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने इंदौर-उज्जैन के बीच बनने वाली नई सड़क की डीपीआर का काम शुरू कर दिया है। सड़क की डीपीआर का काम जारी इस सड़क में 70 प्रतिशत हिस्सा इंदौर और 30 प्रतिशत हिस्सा उज्जैन जिले में आ रहा है। एमपीआरडीसी के अधिकारियों का कहना है कि सड़क की डीपीआर का कार्य जारी है। इसके साथ ही अन्य काम भी किए जा रहे हैं। अगले माह डीपीआर तैयार हो जाएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के दिए निर्देश

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर में गुरूवार की सुबह शिवाय गुप्ता नामक बालक का अपहरण हो गया था। वह अपनी माता के साथ स्कूल जा रहा था। उन्होंने कहा‍कि अपहृत बालक सकुशल मिल गया है और उसकी माता-पिता से बात भी करा दी गई है। बच्चे को जल्द से जल्द माता-पिता के पास ले जाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज सुबह घटना होते ही ग्वालियर पुलिस ने बेहद तत्परतापूर्वक कार्रवाई की। सर्चिंग अभियान चलाया और पुलिस की मुस्तैदी से बच्चा मिल गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर पुलिस की तत्परता की सराहना की और ऐसी घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार कानून व्यवस्था के लिए जानी जाती है। मध्यप्रदेश की धरती पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।  

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