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वन विहार का प्रवेश द्वार क्रमांक-एक 17 से 20 फरवरी तक बंद रहेगा

भोपाल भोपाल बोट क्लब में 24वीं अखिल भारतीय वॉटर स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप 2024-25 प्रतियोगिता 17 से 20 फरवरी तक आयोजित की जायेगी। इस दौरान वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के भोपाल बोट क्लब स्थित प्रवेश द्वार क्रमांक-1 में दो पहिया, चार पहिया और 6 पहिया वाहनों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। गेट क्रमांक-1 से पैदल पर्यटकों को ही प्रवेश दिया जायेगा। संचालक वन विहार ने बताया कि उक्त अवधि में पर्यटकों के वन विहार में भ्रमण के लिये सैर-सपाटा पार्क स्थित प्रवेश द्वार क्रमांक-2 खुला रहेगा। इस द्वार से दो पहिया, 4 पहिया और 6 पहिया वाहनों को प्रवेश दिया जायेगा। पर्यटक प्रवेश द्वार क्रमांक-2 से ही वन विहार में आना-जाना कर सकेंगे।  

रायपुर : राज्यपालडेका से पूर्व सांसद सुश्री पाण्डेय ने की सौजन्य भेंट

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने सौजन्य भेंट की।

मोहन यादव ने कहा- भोपाल में निवेश के महाकुंभ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शहरी विकास के क्षेत्र पर विशेष फोकस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि झीलों की नगरी भोपाल में निवेश के महाकुंभ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शहरी विकास के क्षेत्र पर विशेष फोकस किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी, मजबूत बुनियादी ढांचा, निर्बाध विकास के चलते मध्यप्रदेश भारत के शहरी परिवर्तन में अग्रणी राज्य है, जो रणनीतिक निवेश, सतत विकास और अत्याधुनिक डिजिटल गवर्नेंस का संयोजन कर रहा है। प्रदेश में 72 हजार करोड़ रुपए की चल रही शहरी परियोजनाओं और 88 हजार करोड़ रुपए की आगे आने वाली परियोजनाओं के साथ राज्य तेजी से अपने बुनियादी ढांचे, आवास और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स का विस्तार कर रहा है। सात स्मार्ट सिटी, विश्व स्तरीय कनेक्टिविटी और प्रगतिशील शहरी नीतियों के साथ मध्यप्रदेश निवेशकों और डेवलपर्स के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने की स्थिति में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने के लिये प्रदेश में शहरी विकास की योजनाओं में अधिक से अधिक निवेश को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन योजनाओं के जरिये रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्वच्छ भारत मिशन स्वच्छ भारत मिशन और स्मार्ट सिटी रैंकिंग में अग्रणी राज्य के रूप में मध्यप्रदेश भविष्य के लिए तैयार निवेश-अनुकूल शहर बन रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ और डिजिटल रूप से उन्नत प्रदेश के शहरों को अपनी अलग पहचान मिलेगी। प्रदेश में चाहे किफायती आवास हो, ग्रीनफील्ड शहर का विस्तार हो या मल्टीमॉडल परिवहन समाधान, मध्यप्रदेश दूरदर्शी शहरी विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने को तैयार है। प्रदेश में 7 स्मार्ट सिटी शहरी विकास में मध्यप्रदेश निवेशकों को आकर्षित कर रहा है, इसकी बड़ी वजह है 40 लाख से अधिक आबादी वाले शहर, 7 स्मार्ट सिटी और 72 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं, साथ ही पाइपलाइन में 88 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं। प्रदेश में 8.32 लाख घरों का निर्माण पूरा हुआ है, वहीं 50 हजार करोड़ रुपए से 10 लाख नए आवासों की योजना प्रस्तावित है। शहरी विकास के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 80 प्रतिशत पाइप जलापूर्ति का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है, जिसे वर्ष 2027 तक 100 प्रतिशत पूरा किया जाएगा। प्रदेश में 6000 किलोमीटर शहरी सड़कें गतिशीलता और बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ाती हैं। प्रदेश में वर्ष 2030 तक 100 प्रतिशत सीवर कवरेज कर लिया जाएगा। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला मध्यप्रदेश स्वच्छ भारत सर्वेक्षण 2023 में शीर्ष 2 राज्यों में रहा है। इंदौर ने लगातार सातवीं बार देश के सबसे स्वच्छ शहर होने का गौरव प्राप्त किया है। भोपाल देश की सबसे स्वच्छ राजधानी और सर्वेक्षण में पांचवें स्थान पर रहा है। मध्यप्रदेश शहरी विकास क्षेत्र में निवेशकों के लिए अद्वितीय अवसर प्रदान करता है। इसका प्रमुख कारण सभी के लिए आवास में 50 हजार करोड़ रुपए, आवश्यक सुविधाओं में 17,230 करोड़ रुपए, रियल एस्टेट के विकास में 32,400 करोड़ रुपए के निवेश पाइपलाइन में है। आकर्षक एमपी री-डेंसिफिकेशन पॉलिसी प्रदेश में एमपी री-डेंसिफिकेशन पॉलिसी 2022 और एमपी पुनर्विकास नीति 2022 आधुनिक बुनियादी ढांचे और पुनर्विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गयी है। एमपी टीडीआर नियम, 2018 भूमि उपयोग को अनुकूलित करता है और टिकाऊ शहरी विकास का समर्थन करता है। ईवी पॉलिसी 2025 बुनियादी ढांचा प्रोत्साहन के साथ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहित करता है। ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी 2019 ट्रांजिट हब के आसपास उच्च घनत्व वाले शहरी क्षेत्रों का विकास करता है। भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचा प्रदेश में निर्बाध परिवहन नेटवर्क है। इससे निवेशकों को हर तरह की सुविधा मिलेगी। प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर सड़क नेटवर्क, 46 राष्ट्रीय राजमार्ग, 20 प्रमुख रेलवे जंक्शन और 6 क्रियाशील हवाई अड्डे हैं। उन्नत व्यापार और कनेक्टिविटी के लिए इंदौर और जबलपुर में आगामी मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क भी प्रस्तावित है। प्रदेश में ग्लोबल इंवेस्टर समिट, रिमोट सेंसिंग और एआई-आधारित गवर्नेंस के साथ एकीकृत नगर पालिका बुनियादी ढांचा उपलब्ध है।

मध्यप्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विश्व बैंक और पीएचएफआई करेंगे रणनीतिक सहयोग

भोपाल मध्यप्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में सुधार के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश की प्रबंध संचालक डॉ. सलोनी सिडाना से विश्व बैंक और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएचएफ़आई) के प्रतिनिधियों ने एनएचएम कार्यालय भोपाल में सौजन्य भेंट की और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और नवाचारों पर विचार-विमर्श किया।बैठक में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन और नवाचार आधारित नीतियों के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। इसके तहत स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण, नीति निर्धारण, स्वास्थ्य अमले की क्षमतावृद्धि और डिजिटल हेल्थ इनिशिएटिव्स पर सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया। स्वास्थ्य तंत्र को अधिक प्रभावी, सशक्त और समान बनाने के साथ-साथ प्रदेश के नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए विश्व बैंक और पीएचएफ़आई की टीम रणनीतिक सहयोग प्रदान करेंगी। बैठक में विश्व बैंक से डॉ. अमिथ बी. नागराज (सीनियर हेल्थ स्पेशलिस्ट) और डॉ. जिज्ञासा शर्मा (हेल्थ इकोनॉमिस्ट) तथा पीएचएफआई से प्रो. हिमांशु नेगांधी (डायरेक्टर, एकेडमिक्स), प्रो. अनुप करन (हेल्थ इकोनॉमिस्ट), प्रो. राजेश नायर (डायरेक्टर, प्रोजेक्ट्स), डॉ. सुहैब हुसैन (हेल्थ इकोनॉमिस्ट) और डॉ. नव्या मिश्रा (साइंटिस्ट) उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से वर्ल्ड बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने “गेटिंग हेल्थ रिफॉर्म राइट” फ्रेमवर्क के तहत मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुधार के लिए एक समग्र और साक्ष्य-आधारित अध्ययन कर सुझाव देने के लिए पूर्व में चर्चा की थी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) और मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों में सुधार लाने की आवश्यकता पर जोर दिया था। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रतिनिधि मंडल से कहा था कि मानकों में सुधार के लिए ऐसी रणनीतियां बनाई जानी चाहिए जो शॉर्ट टर्म में त्वरित प्रभाव दें साथ ही दीर्घकालिक समाधान भी प्रदान करें। इसी दिशा में एनएचएम, विश्व बैंक एवं पीएचएफआई रणनीतिक साझेदारी करेंगे।  

“ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति” से मध्य प्रदेश में निवेश और नवाचार का नया युग होगा प्रारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लागू “मध्य प्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2025” बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करने और राज्य को एक डिजिटल एवं तकनीकी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल इंडिया विजन को गति देने में यह नीति मील का पत्थर साबित होगी। भोपाल में होने वाली दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस नीति को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का सबसे बड़ा मंच बनने जा रही है। इस समिट में प्रधानमंत्री मोदी स्वयं उपस्थित रहेंगे, जिससे मध्यप्रदेश का निवेश परिदृश्य और भी मजबूत होगा। दुनिया भर के निवेशकों, उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं के समक्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस नीति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेंगे, जिससे जीसीसी के क्षेत्र में राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके। समिट से ऐतिहासिक निवेश प्रस्तावों की उम्मीद है, जिससे राज्य का आर्थिक परिदृश्य बदल जाएगा। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) वे केन्द्र हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपने मुख्यालय से अलग अन्य देशों में स्थापित करती हैं। इनका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर अपने ऑपरेशंस को सुचारू रूप से चलाना और अत्याधुनिक तकनीकों का लाभ उठाना होता है। इन केंद्रों में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स, वित्तीय सेवाएं, अनुसंधान एवं विकास (R&D), सप्लाई चेन मैनेजमेंट और ग्राहक सहायता जैसी सेवाएं दी जाती हैं। वर्तमान में भारत दुनिया का सबसे बड़ा जीसीसी हब बन चुका है, जहां 1600 से अधिक जीसीसी कार्यरत हैं। मध्य प्रदेश इस सेक्टर में अपनी भागीदारी को तेजी से बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह नीति विशेष रूप से आईटी, वित्त, इंजीनियरिंग और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने पर केंद्रित है, जिससे राज्य का औद्योगिक परिदृश्य पूरी तरह बदल जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से मध्यप्रदेश देश के उभरते हुए निवेश केंद्रों में शामिल हो चुका है। उनके नेतृत्व में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (MPSeDC) को इस नीति के कार्यान्वयन की नोडल एजेंसी बनाया है, जो कंपनियों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। राज्य में जीसीसी को तेजी से स्थापित करने के लिए एक विशेष नीति क्रियान्वयन इकाई (Policy Implementation Unit – PIU) बनाई जा रही है, जो प्रोत्साहनों के आवंटन, परियोजनाओं की स्वीकृति और अनुपालन निगरानी का कार्य करेगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निवेशकों को समय पर सभी सुविधाएं मिलें और वे राज्य में अपने प्रोजेक्ट्स को शीघ्र शुरू कर सकें। मध्यप्रदेश में जीसीसी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। पिछले तीन वर्षों में राज्य के आईटी/आईटीईएस निर्यात में तीन गुना वृद्धि हुई है और वार्षिक वृद्धि दर 43 प्रतिशत है। इंदौर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहर तेजी से आईटी और ईएसडीएम (ESDM) हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। राज्य में तीन सौ से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, जहां से हर साल 50 हजार से अधिक टेक्नोलॉजी ग्रेजुएट निकलते हैं। निवेशकों के लिए किफायती बिजनेस ऑपरेशन, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी पार्क, विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZs) और सरल नियामकीय प्रक्रियाएं इस नीति को और अधिक प्रभावी बना रही हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में मध्यप्रदेश चौथे स्थान पर है, जो यह साबित करता है कि राज्य में निवेशकों के लिए एक अनुकूल माहौल मौजूद है। मध्यप्रदेश की GCC नीति 2025 एक परिवर्तनकारी पहल है, जो भारत को 2030 तक 110 बिलियन डॉलर के जीसीसी बाजार के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोत्साहनों पर केंद्रित यह नीति राज्य को वैश्विक कंपनियों के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन बनाएगी, जहां वे अपने जीसीसी ऑपरेशंस को स्थापित और विस्तारित कर सकेंगी। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 इस पहल को अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रस्तुत करने का सबसे बड़ा मंच होगी, जहां से मध्यप्रदेश को ऐतिहासिक निवेश प्रस्तावों की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति इस आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बनाएगी। इस नीति के क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश नवाचार, टेक्नोलॉजी और रोजगार सृजन के नए युग में प्रवेश करेगा, जिससे राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।  

प्रयागराज महाकुंभ में डुबकी लगाएंगे राहुल और प्रियंका गांधी, कार्यक्रम तय

प्रयागराज महाकुंभ में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, वायनाड सांसद प्रियंका गांधी 16 फरवरी को डुबकी लगाएंगे. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक उनके आने का प्रोग्राम करीब-करीब फाइनल हो चुका है. अब उनके प्रवास को लेकर तैयारियां की जा रही है. बता दें कि महाकुंभ में अब तक 50 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं. बुधवार को ही छत्तीसगढ़ के पूरे मंत्रिमंडल, सांसद और विधायकों ने त्रिवेणी में डुबकी लगाई थी. राष्ट्रपति-पीएम मोदी लगा चुके हैं डुबकी बता दें कि अब तक महाकुंभ में 45 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं. इनमें देश-दुनिया के दिग्गज भी शामिल हैं. अब तक कुंभ में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ (मंत्रिमंडल समेत) डुबकी लगा चुके हैं. इसके अलावा 73 देशों के प्रतिनिधिमंडल, भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, मंत्रिमंडल, सांसद, विधायक, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी, मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव, उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी, मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, श्रीपद नाइक, बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी और राज्य सभा सांसद सुधा मूर्ति भी संगम स्नान कर चुके हैं. इन हस्तियों ने भी किया स्नान वहीं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे, कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, हेमा मालिनी, पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद, बॉलीवुड एक्ट्रेस भाग्यश्री, अनुपम खेर, मिलिंद सोमण, निधिश्री, ओलम्पिक मेडलिस्ट साइना नेहवाल, कवि कुमार विश्वास, क्रिकेटर सुरेश रैना, अन्तर्राष्ट्रीय रेसलर खली, कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा, बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा गुप्ता समेत कई बड़ी हस्तियां महाकुंभ में डुबकी लगा चुकी हैं.

उप राष्ट्रपति धनखड़ को राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी विदाई

भोपाल उप राष्ट्रपति जगदीप धनकड़ को राज्यपाल मंगुभाई पटेल औरमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार की रात्रि पुराने एयरपोर्ट पर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को प्रतीक चिन्ह भेंटकर दिल्ली के लिए विदाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उप राष्ट्रपति के भोपाल आगमन पर आभार माना। इस मौके पर हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा, मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।  

जनवरी 2025 की विभागीय परीक्षा का कार्यक्रम जारी, 3 से 10 मार्च तक होंगे परीक्षाएं

रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग द्वारा जनवरी 2025 की विभागीय परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है. यह परीक्षा उन अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आयोजित की जाएगी, जिनके लिए विभागीय परीक्षा अनिवार्य रूप से निर्धारित है. परीक्षा 3 मार्च 2025 से 10 मार्च 2025 तक रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर (बस्तर) और अंबिकापुर (सरगुजा) में आयोजित की जाएगी. संभागीय आयुक्तों द्वारा परीक्षा के स्थान तय किए जाएंगे.

अटक सकता है आपका FASTag पेमेंट, 17 फरवरी से पहले कर ले ये काम

नई दिल्ली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से FASTag बैलेंस वैलिडेशन नियम लागू किए जा रहे हैं। नए FASTag नियम 17 फरवरी 2025 से लागू हो रहे हैं। इसमें यूजर को अपने FASTag स्टेटस के बारे में ज्यादा एक्टिव रहने की जरूरत है। ऐसा न होने पर FASTag पेमेंट अटक सकता है। क्या हैं FASTag के नए नियम NPCI ने 28 जनवरी, 2025 को नियम जारी किया है, जिसके मुताबिक, 17 फरवरी 2025 से अगर टोल प्लाजा पर टैग रीड करने से पहले 60 मिनट से ज्यादा समय तक टैग को ब्लैकलिस्ट रहा है। या फिर टैग रीड करने के कम से कम 10 मिनट तक ब्लैकलिस्ट रहा है, तो पेमेंट नहीं होगा। यह नया नियम यूजर्स को अपने FASTag स्टेट्स में सुधार के लिए 70 मिनट की विंडो देता है। FASTag नियम में बदलाव से यूजर्स पर क्या होगा असर? FASTag नियमों में बदलाव का सीधा असर यूजर पर पड़ेगा। अब आप टोल बूथ पर ब्लैकलिस्टेड FASTag को अंतिम समय रिचार्ज करना आपको नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आपका फास्टैग टोल के पास पहुंचने पर पहले से ही ब्लैकलिस्टेड है, तो तुरंत रिचार्ज करने से पेमेंट नहीं होगा। ऐसे समझ सकते हैं. अगर आपका FASTag आपके टोल पर पहुंचने से पहले ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, और टैग पढ़ने के बाद भी ब्लैकलिस्टेड है, तो पेमेंट नहीं होगा। और आपसे दोगुना टोल वसूला जाएगा।     अगर आपका फास्टैग ब्लैकलिस्ट है। लेकिन आप टैग को रीड होने से 60 मिनट के अंदर या फिर रीड होने के 10 मिनट में रिचार्ज करते हैं, तो आपका पेमेंट रिसीव कर दिया जाएगा और आपसे नार्मल चार्ज लिया जाएगा।     अगर आपका फास्टैग ब्लैकलिस्ट है और आप टोल क्रॉस कर जाते हैं, तो आपसे डबल चार्ज लिया जाएगा। लेकिन अगर आप टैग रीड होने के बाद 10 मिनट     में रिचार्ज कर लेते हैं, तो आप पेनल्टी रिफंड के लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं। आपको कोई एक्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाएगा।     इसका मतलब है कि आपको अपने फास्टैग बैलेंस में मेनटेन रखना चाहिए। साथ ही केवाई से जुड़े मुद्दों को हल कर लेना चाहिए। आखिरी वक्त रिचार्ज नहीं करना चाहिए। कैसे ब्लैकलिस्ट स्टेटस को करें चेक     परिवहन विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।     “Check E-Challan Status” या इसी तरह के ऑप्शन को सेलेक्ट करें।     अपना व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।     इस तरह से पता लग सकेगा कि आपका वाहन ब्लैकलिस्टेड है या नहीं. कैसे FASTag करें अनब्लॉक     सबसे पहले फास्टैग रिचार्ज करें। इसके बाद न्यूनतम बैलेंस करें।     फिर पेमेंट वेरिफाईकरें।     इसके बाद फास्टैग का स्टेट्स मालूम हो जाएगा।     थोड़ी देर में फास्टैग एक्टिवेट हो जाएगा।

कल 52 जिलों में होगी परीक्षा, 342 सेंटर में आएंगे 1 लाख 18 हजार उम्‍मीदवार, एमपीपीएससी ने की सभी तैयारियां

इंदौर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 को लेकर तैयारी पूरी कर ली है। 16 फरवरी रविवार को आयोग ने 52 जिलों में परीक्षा आयोजित की है, जिसमें 1 लाख 18 हजार अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। 342 केंद्रों में दो सत्र में पेपर रखे गए हैं। अकेले इंदौर जिले में 72 सरकारी-निजी कॉलेज व स्कूलों को केंद्र बनाया है। आयोग ने परीक्षा से जुड़ी व्यवस्था के लिए बेहतर संचालन को लेकर सेवानिवृत आईएएस-आईएफएस, पूर्व न्यायाधीश सहित 22 आर्ब्जवर बनाया है। अधिकारियों के मुताबिक केंद्रों पर निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी बनाए हैं। 1 लाख 18 हजार आवेदन प्राप्त 31 दिसंबर 2024 को आयोग ने परीक्षा को लेकर विज्ञापन निकाला। 18 विभागों में रिक्त 158 पद रखे हैं। परीक्षा के माध्यम से 10 एसडीएम, 22 उप पुलिस अधीक्षक, 10 अतिरिक्त सहायक विकास आयुक्त, 65 बाल विकास परियोजना अधिकारी, 14 वित्त विभाग, 7 सहकारी निरीक्षक सहित पदों पर भर्ती की जाएंगी। आयोग ने सीटों का विभाजन कर दिया है। 38 अनारक्षित, 24 एससी, 48 एसटी, 35 ओबीसी और 13 ईडब्ल्यूएस के लिए सीटें आरक्षित हैं। 17 जनवरी तक आयोग को 1 लाख 18 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, हरदा, सीहोर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सतना, सागर सहित 52 जिलों में परीक्षा केंद्र रखे गए है। 16 फरवरी को दो सत्रों में परीक्षा आयोजित होगी। पहला प्रश्न पत्र सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच सामान्य अध्ययन और दूसरा प्रश्न पत्र दोपहर 2.15 से 4.15 बजे के बीच सामान्य अभिरुचि परीक्षण का रखा है। न्यायालय के आदेश पर पंजीयन आयोग ने 17 जनवरी को पंजीयन की लिंक बंद कर दी। इसके बाद कुछ अभ्यर्थी आवेदन से वंचित रह गए। उसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण की। अभ्यर्थियों के पक्ष में न्यायालय ने आदेश दिया। फिर आयोग को पंजीयन के लिए दो दिन लिंक खोली। बावजूद इसके अभी कई अभ्यर्थी जो फार्म नहीं भर पाए हैं। इन्होंने आयोग में भी अधिकारियों से गुहार लगाई है। उनका कहना है कि आवेदन के लिए सिर्फ 17 दिन दिए गए थे। जबकि पहले महीनेभर का समय दिया जाता था। कम हुए हैं आवेदक पिछले साल से राज्य सेवा में कम पद निकाले जा रहे हैं। इस वजह से अभ्यर्थियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। 2024 में 110 पद भर्तियां निकाली थी, जिसमें 1 लाख 84 हजार आवेदन आए थे। ओएसडी रवींद्र पंचभाई ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट आने तक पद बढ़ाएं जा सकते है। इसके लिए अभ्यर्थियों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए।

अमृतसर के गुरु राम दास एयरपोर्ट पर डिपोर्ट किए गए 119 भारतीय प्रवासियों को लेकर दो फ्लाइट आज और कल होगी लैंड

नई दिल्ली अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 119 भारतीय प्रवासियों को लेकर दो फ्लाइट 15 और 16 फरवरी को अमृतसर के गुरु राम दास इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों फ्लाइट सुबह 10:05 बजे लैंड करेंगी। इन डिपोर्ट प्रवासियों में सबसे अधिक लोग पंजाब के हैं। जानकारी के मुताबिक, इनमें पंजाब के 67, हरियाणा के 33, गुजरात के 8, उत्तर प्रदेश के 3, महाराष्ट्र के 2, गोवा के 2, राजस्थान के 2 और हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर के एक-एक लोग हैं। अमेरिका ने घुसने की कोशिश करते पकड़ाए डिपोर्ट किए जा रहे लोगों ने मेक्सिको और दूसरे रास्तों से अमेरिका में अवैध रूप से घुसने की कोशिश की। अधिकारियों के मुताबिक, इन लोगों ने अमेरिका में घुसने के बाद कथित तौर पर अपने पासपोर्ट फाड़ दिए। डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिका में अवैध रूप से घुसने की कोशिश करते लोगों को पकड़ने के बाद डिपोर्ट किया जा रहा है। डिपोर्ट प्रवासियों को लेकर भारत आने वाली ये दूसरी फ्लाइट होगी। इसके पहले 5 फरवरी को पंजाब के अमृतसर में विभिन्न राज्यों से अमेरिका गए 104 अवैध प्रवासियों को लेकर यूएस मिलिट्री एयरक्राफ्ट लैंड हुआ था। इसमें 33 लोग हरियाणा, गुजरात के 33, पंजाब के 30, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के 3-3 और चंडीगढ़ के 2 लोग शामिल थे। बांध दिए गए थे हाथ-पैर डिपोर्ट किए गए कुछ लोगों ने दावा किया था कि पूरी यात्रा के दौरान उनके हाथ-पैर हथकड़ियों और बेड़ियों से बांध दिए गए थे और अमृतसर लैंड करने के बाद ही उन्हें खोला गया। इसके बाद पूरे देश में काफी बवाल मचा था। विपक्ष ने पीएम मोदी से अमेरिका के सामने इस मुद्दे को उठाने की मांग की थी। इसके बाद भारत ने भी अमेरिका ने डिपोर्ट भारतीयों के साथ हो रहे व्यवहार पर चिंता जताई थी। पंजाब और हरियाणा में संदिग्ध ट्रैवल एजेंट्स के खिलाफ पुलिस ने जांच भी शुरू कर दी थी।

जलप्रदाय परियोजना से 6300 घरों में नल कनेक्शन, लागत 69.86 करोड़ रूपये

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के अंतर्गत संचालित मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा छतरपुर जिले में पर्यटन नगरी खजुराहो और राजनगर में जलप्रदाय परियोजना का कार्य किया गया है। एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से क्रियान्वित खजुराहो जलप्रदाय योजना की लागत 69 करोड़ 86 लाख रूपये है। परियोजना लागत में 10 वर्षों का संचालन और संधारण भी शामिल है। परियोजना से 6300 घरों में नल कनेक्शन खजुराहो जलप्रदाय योजना में खजुराहो के लगभग 4200 एवं राजनगर के 2100 घरों के नल कनेक्शन से जोड़ा गया है। इस परियोजना से 30 हजार से अधिक आबादी को साफ पानी मिल रहा है। परियोजना के लिये कुटनी डेम पर इंटैक वैल स्थापित किया गया है। पानी को शुद्ध करने केलिये 10 एमएलडी क्षमता का वॉटर ट्रीटमेंट लगाया गया है। परियोजना में जल संग्रहण के लिये खजुराहो में 5 ओवरहेड टेंक और राजगर में 2 ओवरहेड टेंक बनाये गये हैं। राजनगर में एक ग्राउंड लेवल स्टोरेज रिजर्वायर भी बनाया गया है। परियोजना के पूरा होने से इन दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को नल से साफ पानी मिल रहा है। परियोजना से पहले नागरिकों को पानी प्राप्त करने में जो परेशानियां हुआ करती थीं, उनसे अब छुटकारा मिल गया है।  

दिव्यांगजनों को सार्वजनिक स्थानों में उनकी सुविधानुसार किस तरह का सुगम्य वातावरण होना चाहिए

भोपाल दिव्यांगजनों को सार्वजनिक स्थानों, शासकीय कार्यालयों, मॉल और सिनोमाघरों में उनकी सुविधानुसार किस तरह का सुगम्य वातावरण होना चाहिए। इस निर्णय में उनकी सलाह महत्वपूर्ण होगी। इसके लिये प्रदेश के प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर्स के सहयोग से दिव्यांगजन की “सुगम्य यात्रा” का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक जिले में चुनिंदा दिव्यांगजन को शासन व्यवस्था के अनुसार वाहन उपलब्ध कराकर सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं आयुक्त नि:शक्तजन श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि सरकार के सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को सुगम्य वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में “सुगम्य यात्रा” निकाली जाएगी। इसमें दिव्यांगजन को सरकारी भवनों, कलेक्ट्रेट, तहसील, नगर पालिका, नगर निगम सहित अन्य शासकीय कार्यालयों, सिनेमा घरों, आम पर्यटन स्थलों, पुस्तकालयों, बाजारों सहित अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांगजन उपलब्ध साधन सुविधाओं की जमीन हकीकत को देखेंगे। इन स्थानों के भ्रमण के बाद दिव्यांगजनों द्वारा दी गई सलाह, सूचनाओं का संकलन किया जायेगा, जिनका उपयोग भारत सरकार द्वारा भविष्य में बनाई जाने वाली शहरी विकास नीतियों, डिजाइनिंग एवं विकासात्मक रणनीतियों में शामिल किया जायेगा, जो भविष्य में इस वर्ग के लिये अनुकूल वातावरण निर्माण में सहायक होगी। यात्रा के फोटो “यस टू एक्सेस” एप पर अपलोड कर सकेंगे। प्रमुख सचिव ने बताया कि यह सुगम्य यात्राएं प्रत्येक जिले में 2-4 दिन तक आयोजित की जायेगी। यात्राओं पर होने वाले व्यय सीआरएस फंड या एजीपी सब स्कीम से करने के अधिकार कलेक्टर्स को दिये गये हैं।  

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 17 फरवरी से शिवनवरात्र उत्सव की शुरुआत, इस बार शिवनवरात्र नौ की बजाय दस दिन के होंगे

उज्जैन  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 17 फरवरी से शिवनवरात्र उत्सव की शुरुआत होगी। इस बार शिवनवरात्र नौ की बजाय दस दिन के होंगे। मंदिर की पूजन परंपरा में शिवनवरात्र के नौ दिन भगवान महाकाल का तिथि अनुसार शृंगार होता है। ऐसे में तिथि वृद्धि के कारण बढ़ी हुई तिथि पर भगवान का किस रूप में शृंगार करें, इसके लिए शुक्रवार को पुजारी पुरोहित की बैठक होगी। बारह ज्योतिर्लिंग में महाकाल एक मात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग है, जहां की पूजन परंपरा अनूठी है। प्रतिदिन तड़के 4 बजे होने वाली मंगला आरती में भगवान को भस्मी स्नान कराया जाता है। शिवनवरात्र के रूप में शिव पार्वती विवाह का उत्सव नौ दिन मनाने की परंपरा भी यहीं है। शिवनवरात्र के नौ दिनों में भगवान महाकाल का अलग-अलग रूपों में तिथि अनुसार शृंगार भी इसी अद्भुत परंपरा का हिस्सा है। इसी विशिष्ट पूजन परंपरा के कारण शिवनवरात्र में तिथि वृद्धि होने के कारण बढ़ी हुई तिथि पर भगवान का शृंगार करने को लेकर असमंजस की स्थित निर्मित हो रही है। शुक्रवार को पुजारी बैठक कर इस पर निर्णय लेंगे कि किस दिन भगवान का किस रूप में शृंगार किया जाए। ग्वालियर के पंचांग की मान्यता, यह हो सकता है पं.महेश पुजारी ने बताया महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा में तिथि का निर्धारण ग्वालियर के पंचांग अनुसार किया जाता है। ऐसी के अनुसार तय होगा कि नवरात्र में कौन सी तिथि बढ़ी है। उसी के अनुसार मुखारविंद का निर्धारण होगा। ऐसा भी किया जा सकता है कि पहले दिन भगवान को नवीन वस्त्र व आभूषण धारण कराकर जो चंदन शृंगार किया जाता है, उसी शृंगार को शुरुआती दो दिन निरंतर रखते हुए अगले दिन से निर्धारित क्रम अनुसार अन्य मुखारविंद का शृंगार किया जाए। मंदिर के सभी प्रमुख सोलह पुजारी बैठक कर इसका निर्णय लेंगे। किस दिन किन रूपों में होता है शृंगार मंदिर की परंपरा अनुसार फाल्गुन कृष्ण पंचमी पर शिवनवरात्र के पहले दिन भगवान को महाकाल को हल्दी लगाकर दूल्हा बनाया जाता है। इसके बाद नवीन वस्त्र व सोने चांदी के आभूषण धारण कराकर चंदन शृंगार किया जाता है। षष्ठी पर शेषनाग, सप्तमी पर घटाटोप, अष्टमी पर छबीना, नवमी पर होलकर, दशमी पर मनमहेश, एकादशी पर उमा महेश, द्वादशी पर शिव तांडव, महाशिवरात्रि के दिन (सुबह से रात तक कोई मुखारविंद धारण नहीं कराया जाता) सतत जलधारा तथा चतुर्दशी पर सप्तधान शृंगार होगा। चंद्र दर्शन की दूज पर पंच मुखारविंद दर्शन महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा अनुसार महाशिवरात्रि के तीन दिन बाद फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया जिसे चंद्र दर्शन की दूज कहा जाता है, इस दिन भगवान का पंच मुखारविंद शृंगार किया जाता है। अर्थात इस दिन भगवान महाकाल भक्तों को एक साथ पांच रूपों में दर्शन देते हैं। शिवनवरात्र के नौ दिन, जो भक्त भगवान के दर्शन नहीं कर पाते हैं, वे दूज के दिन भगवान के एक साथ पांच रूपों के दर्शन कर सकते हैं।

आज सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षा होगी शुरू, दिल्ली मेट्रो ने की बड़ी घोषणा, छात्रों को मिलेगी मदद

नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा आज से 4 अप्रैल, 2025 तक संचालित होंगी। इसको देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के लिए सुगम और बिना किसी परेशानी की यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं। डीएमआरसी के मुताबिक लगभग 3.30 लाख छात्र और हजारों स्कूल कर्मचारी इस दरम्यान मेट्रो से यात्रा करेंगे। डीएमआरसी ने सीआईएसएफ के साथ मिलकर परीक्षा के दिनों में बढ़ती भीड़ को प्रबंधित करने के लिए मेट्रो स्टेशनों पर विशेष सुविधा उपाय लागू करने जा रही है। मेट्रो स्टेशनों पर बोर्ड के परीक्षार्थियों के किए गए उपाय • मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा जांच के दौरान सीबीएसई प्रवेश पत्र ले जाने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। • टिकट ऑफिस मशीन (टीओएम) और कस्टमर केयर (सीसी) सेंटर पर टिकट खरीदते समय अपने प्रवेश पत्र दिखाने वाले छात्रों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। • डीएमआरसी स्टाफ ने स्कूलों का दौरा किया, प्रिंसिपलों के साथ बातचीत की और उन्हें निकटतम मेट्रो स्टेशनों और छात्रों के लिए उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी। • डीएमआरसी ने स्कूलों से छात्रों को उनकी यात्रा की योजना बनाने में सहायता के लिए आसान टिकट बुकिंग के लिए क्यूआर कोड के साथ निकटतम मेट्रो स्टेशन का विवरण प्रदान करने वाले पोस्टर लगाने का अनुरोध किया है। • मेट्रो स्टेशनों पर विशेष केंद्रीकृत घोषणाएं की जाएंगी। • सुगम यात्रा के लिए परीक्षा केंद्रों के निकटतम मेट्रो स्टेशनों की एक विस्तृत सूची डीएमआरसी वेबसाइट और आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन पर भी अपलोड की गई है। डीएमआरसी ऐप पर अधिक जानकारी मिल सकेगी डीएमआरसी ने बताया कि छात्रों से अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने का आग्रह किया गया है और सभी उम्मीदवारों को उनकी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं भी देता है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी डीएमआरसी की आधिकारिक वेबसाइट (www.delhimetrorail.com) और डीएमआरसी मोमेंटम दिल्ली सारथी 2.0 मोबाइल ऐप पर जा सकते हैं।

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