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देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट का रनवे सुधार 15 फरवरी से 31 मार्च तक रात 12 से सुबह 6 बजे तक चलेगा

इंदौर मध्यप्रदेश में इंदौर शहर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर 15 फरवरी से रनवे की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। पुरानी डामर को निकालकर नई डामर चढ़ाने समेत कई काम होंगे। काम करीब 1 साल तक चलेगा। शुरुआती डेढ़ माह रात में 6 घंटे तो 1 अप्रेल से रात में 8 घंटे एयरपोर्ट बंद रहेगा। मेंटेनेंस अवधि में फ्लाइट का संचालन नहीं हो सकेगा। विंटर शेड्यूल में हुआ बदलाव एयरपोर्ट का रनवे सुधार 15 फरवरी से 31 मार्च तक रात 12 से सुबह 6 बजे तक चलेगा। 1 अप्रेल से यह समय रात 10 से सुबह 6 बजे हो जाएगा। रात 12 से सुबह 6 बजे तक की फ्लाइट का समय विंटर शेड्यूल में बदला जा चुका है। मेंटनेंस जनवरी से शुरू होना था, लेकिन काम में देरी हुई। इसे समायोजित करने के लिए 1 अप्रेल से मेंटनेंस का काम रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक होगा। ऐसे में कई फ्लाइट का समय बदला जाएगा। एयरपोर्ट प्रबंधन ने सभी एयरलाइंस को इसकी जानकारी दे दी है। शारजाह, मुंबई फ्लाइट का समय बदलेगा रात 10.30 बजे से रात 12 के बीच इंडिगो की मुंबई फ्लाइट इंदौर आती है तो एयर इंडिया की शारजाह फ्लाइट रवाना होती है। इन दोनों फ्लाइट का समय 1 अप्रेल से बदल जाएगा। इसके पहले 12 बजे से सुबह 6 बजे तक की करीब 7 फ्लाइट का समय बदला गया था। 2754 मीटर लंबे रनवे की मरम्मत के लिए 25 करोड़ रुपए का टेंडर एयरपोर्ट प्रबंधन ने जारी किया था।

सिंहस्थ 2028 को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर, उज्जैन में पहली बार मराठाकालीन इमारत को हेरिटेज होटल में बदला

 उज्जैन  सिंहस्थ 2028 को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। महाकाल लोक फेस-2 के साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों के ठहरने की बेहतरीन सुविधाओं के तहत उज्जैन में पहली बार एक मराठाकालीन इमारत को हेरिटेज होटल में बदला गया है। महाकाल मंदिर से मात्र 500 फीट की दूरी पर स्थित ‘महाराजवाड़ा THE HERITAGE’ 18 करोड़ की लागत से एमपीटी (MP Tourism) द्वारा तैयार किया गया है। सीएम मोहन यादव 15 फरवरी को इसका लोकार्पण करेंगे। खास बात यह है कि यह AI संचालित होटल होगा, जहां श्रद्धालु आध्यात्मिक माहौल में लग्जरी सुविधाओं का अनुभव कर सकेंगे। 18 करोड़ की लागत से बना होटल मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से इस ऐतिहासिक इमारत को एक लग्जरी हेरिटेज होटल में बदल दिया है। पहले यह इमारत एक स्कूल के रूप में उपयोग की जाती थी, लेकिन अब इसे सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। होटल में कुल 19 कमरे हैं, जिनमें 9 स्वीट, 6 डीलक्स और 2 सुपर डीलक्स रूम शामिल हैं। खासतौर पर “महाराजा” और “महारानी” नामक दो विशेष सूट पूरी तरह से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा संचालित होंगे। इन कमरों में रोशनी, पर्दे, नल और गीजर वॉइस कंट्रोल से संचालित किए जा सकेंगे, जिससे मेहमानों को एक अनूठा डिजिटल अनुभव मिलेगा। रूफटॉप कैफे से मिलेगा महाकाल मंदिर के दिव्य शिखर का दृश्य इस भव्य होटल के परिसर का कुल क्षेत्रफल 5000 वर्ग फीट है और इसमें तीन रेस्टोरेंट के साथ एक शानदार रूफटॉप कैफे भी बनाया गया है। यह रूफटॉप कैफे पूरी तरह एयर-कंडीशनर और कांच से कवर होगा, जिससे यहां बैठकर श्रद्धालु महाकाल मंदिर के दिव्य शिखर के दर्शन कर सकेंगे। होटल में पारंपरिक मालवा व्यंजन भी परोसे जाएंगे, जिससे पर्यटक और श्रद्धालु उज्जैन के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्वाद का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा, रिसेप्शन लॉबी, वीआईपी लाउंज, लाइब्रेरी, पंचकर्म सुविधा, स्टेज और आध्यात्मिक पुस्तकों की दुकानें भी होंगी। सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष रूप से तैयार महाकाल लोक और भस्म आरती के दर्शन को आसान बनाने के उद्देश्य से यह होटल विशेष रूप से वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया गया है। सिंहस्थ 2028 के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह होटल एक प्रमुख आकर्षण होगा। यहां एक रात ठहरने का किराया 50,000 रुपये तक हो सकता है, जो इसकी लग्जरी सुविधाओं और भव्यता को दर्शाता है। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि यह होटल सिर्फ एक लक्जरी होटल नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करने वाला केंद्र होगा। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में इस तरह की और भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिससे आने वाले श्रद्धालु भव्य और दिव्य अनुभव प्राप्त कर सकें। आयरन वेस्ट से बनाईं पांच कलाकृतियां होटल से महाकाल लोक और महाकाल मंदिर का पूरा नजारा देखा जा सकेगा। यहां रुककर सुबह 4 बजे भस्म आरती में पहुंचना भी आसान होगा। रूफ टॉप से शिखर दर्शन के साथ होटल के राइट हैंड तरफ के कमरे से भी शिखर दर्शन हो सकेंगे। परिसर में आयरन वेस्ट से पांच कलाकृतियों का निर्माण भी किया गया है, जिसमें दो त्रिशूल, एक हाथी और दो अन्य मूर्तियां बनाई गई हैं। होटल में लोहे के भव्य गेट लगाए गए हैं। पहले से लगे मराठाकालीन दो भव्य दरवाजों को भी वैसा ही रखते हुए उन्हें पेंट कर सुंदर बना दिया है।

देश में पहली बार 21 राज्यों में भगवा, 92 करोड़ लोगों पर एनडीए का सीधा शासन… मैप में भारत की सियासी तस्वीर

नईदिल्ली लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी रिकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, लेकिन इस बार बीजेपी अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफल नहीं हुई। लेकिन इस जीत के बाद कांग्रेस के साथ विपक्ष ने माना की अब मोदी लहर खत्म हो रही है लेकिन तीसरे कार्याकल के बाद हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम देखकर इस बात को नकारा नहीं जा सकता की मोदी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने 8 राज्यों- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव लड़ा। इसमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल, ओडिशा, हरियाणा और महाराष्ट्र में भाजपा या गठबंधन की सरकार बनी है। 21 राज्यों में NDA की सरकार दिल्ली: दिल्ली चुनाव में भाजपा ने 26 साल बाद सत्ता में वापसी की है। पार्टी ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज करी है और अब सीएम के नाम का ऐलान करने की तैयारी शुरू हो गई है। हरियाणा: हरियाणा विधानसभा चुनाव में 90 सीटों में से भाजपा ने 48 सीटों पर दर्ज की थी। हरियाणा में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनी है। नायब सिंह सैनी हरियाणा के 19वें मुख्यमंत्री हैं। उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। वे 2017 में पहली बार और 2022 में दूसरी बार यूपी के सीएम बने थे। अब अगला विधानसभा चुनाव 2027 में है। उत्तराखंड: उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में 70 सीटों में से भाजपा को 47 सीटों पर जीत मिली। पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री हैं। अगला विधानसभा चुनाव 2027 में है। बिहार: बिहार में NDA सरकार है और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं। ओडिशा: 2024 में ओडिशा की 147 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 78 सीटों पर जीत दर्ज की। ओडिशा के वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी हैं। राजस्थान: राजस्थान में भाजपा ने 200 सीटों में से 115 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भजनलाल शर्मा राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। गुजरात: गुजरात में 182 सीटों में से 156 पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। भूपेंद्र पटेल मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में 288 सीटों में भाजपा को 132 सीटों पर जीत मिली। देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री हैं। शिंदे और अजित पवार को डिप्टी सीएम है। गोवा: 40 विधानसभा सीटों वाले गोवा में भाजपा को 26 सीटे मिली और प्रमोद सावंत NDA के मुख्यमंत्री हैं। मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को 230 में से 163 सीटों पर जीत मिली थी। मोहन यादव वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 90 विधानसभा सीटों में 54 सीटों पर जीत दर्ज की। मौजूदा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हैं। आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश में NDA की सरकार है और चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री हैं। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार है। मेघालय, सिक्किम और नगालैंड में एनडीए गठबंधन की सरकारें हैं। 3 साल में 21 राज्यों में चुनाव 2026 में पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल में चुनाव होंगे। 2027 में गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनाव है। 2 2028 में नगालैंड, त्रिपुरा, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, छत्तीसगढ़ और राजस्थान शामिल हैं। मध्य और पश्चिमी भारत में एनडीए का दबदबा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के साथ-साथ महाराष्ट्र और गुजरात में भी बीजेपी की सरकार है. 2022 में गुजरात और 2023 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी ने जीत हासिल की थी. महाराष्ट्र में नवंबर 2024 में बीजेपी नीत एनडीए ने जीत हासिल की थी. इसी तरह उत्तर भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में एनडीए का कब्जा है. झारखंड और पश्चिम बंगाल में इंडिया की सरकार है. दक्षिण भारत की 5 में से 4 राज्यों में इंडिया की सरकार है. केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में इंडिया तो आंध्र में एनडीए की सरकार है. 140 करोड़ आबादी, 92 पर NDA का शासन देश की आबादी अभी 140 करोड़ के आसपास है. दिल्ली में जीत के बाद एनडीए का शासन 92 करोड़ लोगों पर हो गया है. 10 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले उत्तर प्रदेश (24 करोड़), महाराष्ट्र (12 करोड़) और बिहार (12 करोड़) में एनडीए का ही शासन है. 10 करोड़ या उससे ज्यादा की आबादी वाले किसी भी राज्य में इंडिया की सरकार नहीं है. 5 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले 7 में से 4 राज्यों में एनडीए की सरकार है. वहीं तीन राज्यों में इंडिया की सरकार है. 5 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले पश्चिम बंगाल (9 करोड़), तमिलनाडु (7 करोड़) और कर्नाटक (6 करोड़) में इंडिया गठबंधन की सरकार है. इसी तरह आंध्र प्रदेश (5 करोड़), गुजरात (6 करोड़), मध्य प्रदेश (8 करोड़) और राजस्थान (8 करोड़) में एनडीए की सरकार है. वहीं 1-5 करोड़ आबादी वाले राज्यों की बात की जाए तो 10 राज्यों में से 6 में एनडीए और 4 में इंडिया की सरकार है. असम (3.5 करोड़), छत्तीसगढ़ (3 करोड़), दिल्ली (1.87 करोड़), हरियाणा (2.8 करोड़) जैसे राज्यों में एनडीए की सरकार है. मेघालय में 33 लाख के आसपास आबादी है. यहां किसी भी गठबंधन की सरकार नहीं है. पहली बार 21 राज्यों में एनडीए की सरकार साल 2018 के मध्य में बीजेपी सत्ता के शीर्ष पर थी. उस वक्त पार्टी के पास 20 राज्यों की सरकार थी. इनमें पूर्वोंत्तर के सभी 7 राज्यों के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र की सरकार शामिल थी. इसके बाद बीजेपी का परफॉर्मेंस लगातार गिरता ही रहा. 7 साल बाद अब बीजेपी ने अपने 20 राज्यों वाला रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. भगवा लहर में AAP के दिग्गज धराशायी भगवा लहर में आप के राष्ट्रीय संयोजक व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री सौरभ भारद्वाज, पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन सहित पार्टी के कई बड़े नेता चुनाव हार गए। मुख्यमंत्री आतिशी को भी कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा, लेकिन वह लगभग 3,500 मतों से चुनाव जीतने में सफल रहीं। कांग्रेस को फायदा, मत फीसद बढ़ा कांग्रेस के प्रदर्शन में सुधार हुआ है। उसका मत प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन लगातार तीसरे चुनाव में भी उसका खाता नहीं खुल सका। AAP के वोटरों में BJP ने ऐसे लगाई सेंध वर्ष 2014 व वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सातों सीटें … Read more

अब देश में तिथि मतांतर से दो दिन नहीं मनेंगे त्योहार, ‘एक देश-एक पंचांग’ पर मंथन, देश-विदेश के विद्वान होंगे शामिल

 उज्जैन  तिथि को लेकर मतांतर के कारण पर्व-त्योहार अलग-अलग दिन मनाए जाने की स्थितियां सामने आने के कारण ‘एक देश-एक पंचांग’ की बात फिर उभरी है। इस संदर्भ में अगुवाई करने के लिए धार्मिक नगरी उज्जैन में तैयारी हो रही है। काल गणना की नगरी उज्जैन में विक्रम उत्सव के अंतर्गत 29 मार्च से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वान, ज्योतिष व अंक गणित के जानकार, हस्त रेखा विशेषज्ञ, वेदाचार्य और पंचांग निर्माता शामिल होंगे। ये सभी ‘एक देश-एक पंचांग’ पर विचार करेंगे। इसके उपरांत सूर्य व चंद्र की गति की गणना से अखंड पंचांग की रचना होगी। भारतीय सनातन धर्म परंपरा में तिथि, वार और तीज-त्योहार का विशेष महत्व है। पंचांग की गणना के आधार पर इसका निर्धारण होता है। इसी के आधार पर हिंदू धर्मावलंबी व्रत, उपवास रखने के साथ तीज-त्योहार मनाते हैं। पंचांग की गणना में मतांतर से सनातन धर्म के कई प्रमुख पर्व-त्योहार दो दिन मनाए जा रहे हैं। इस विषमता को समाप्त करने के लिए ‘एक देश-एक पंचांग’ की अवधारणा पर चर्चा की जा रही है। 29 और 30 मार्च को होगा ज्योतिष सम्मेलन विक्रम उत्सव के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें विद्वान पंचांग के पांच अंग वार, तिथि, नक्षत्र, योग, करण व मध्योदय के आधार पर विभिन्न पक्षों पर मंथन कर ‘एक देश-एक पंचांग’ की अवधारणा को मूर्त रूप प्रदान करेंगे। विक्रम संवत बने राष्ट्रीय संवत विक्रम विश्वविद्यालय के पुराविद डॉ.रमण सोलंकी के अनुसार ज्योतिष सम्मेलन में विक्रम संवत को राष्ट्रीय संवत की मान्यता और देश का एकमात्र संवत विक्रम संवत हो इस पर शोधपरक व तथ्यात्मक चर्चा होगी। पाकिस्तान व नेपाल से भी आएंगे विद्वान ज्योतिष सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा पाकिस्तान व नेपाल से भी पंचांग निर्माता व ज्योतिष शास्त्र के जानकार शामिल होंगे। पाकिस्तान व नेपाल के साथ गुजरात, राजस्थान, हरियाणा तथा विदर्भ के अनेक विद्वानों ने आने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। पहले भी हो चुका मंथन ज्योतिष सम्मेलनों में ‘एक देश-एक पंचांग’ पर पूर्व में भी मंथन हो चुका है। उज्जैन में वर्ष 2019, 2021, 2023 में भी ज्योतिष सम्मेलनों पर इस तरह की चर्चा हुई थी। हालांकि सभी विद्वान एकमत नहीं हो पाए थे। काशी में भी विद्वानों में इस बात पर मंथन हो चुका है। आशा है कि इस बार उज्जैन में इसे तय कर लिया जाएगा। शासन स्तर पर पहली बार इस तरह का वृहद ज्योतिष सम्मेलन होने जा रहा है। ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन     सनातन धर्म परंपरा के सभी तीज-त्योहार पूरे देश में एक साथ एक दिन मनाए जाएं। विक्रम संवत भारत का राष्ट्रीय संवत हो। इस मंशा से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की परिकल्पना के अनुसार विक्रम उत्सव के अंतर्गत उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसमें विद्वान उक्त दोनों महत्वपूर्ण विषयों के निर्धारण को लेकर मंथन करेंगे। – डॉ. श्रीराम तिवारी, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार व महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक  

सूर्य की किरणों से बिजली बनाने से पर्यावरण सुधार के साथ ही बिल में भी आई कमी, पश्चिम म.प्र. अव्वल

इंदौर सूरज की किरणों से बिजली तैयार कर पर्यावरण सुधार के साथ ही बिजली बिल में कमी करने को लेकर पश्चिम मध्य प्रदेश में अच्छा काम हुआ है. इस 12 फरवरी की स्थिति में वेस्ट एमपी यानी मालवा- निमाड़ में 25 हजार 250 स्थानों पर रूफ टॉप सोलर नेट मीटर यानी सौर ऊर्जा से बिजली तैयार की जा रही है. वेस्ट एमपी में सबसे ज्यादा सौर ऊर्जा से बिजली इंदौर शहर में 13 हजार 800 स्थानों पर तैयार हो रही है. PM सूर्य घर योजना लागू होने के बाद फरवरी 2024 से फरवरी 2025 के दूसरे सप्ताह तक पश्चिम मध्य प्रदेश में बारह हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं ने सौर ऊर्जा उत्पादन किया है. उच्चदाब और निम्न दाब के उपभोक्ताओं द्वारा अब कुल 25 हजार 250 स्थानों पर सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा है. इन स्थानों में घर, बहुमंजिला इमारत, औद्योगिक परिसर, शासकीय कार्यालय की छतें, नगर निगम के कचरा ट्रांसफर स्टेशन की छतें, दुकानों की छतें, शासकीय कार्यालयों के पास की खाली जमीन इत्यादि स्थान, परिसर शामिल हैं. पीएम सूर्य घर योजना लागू होने के बाद पश्चिम मध्यप्रदेश में रूफ टॉप सोलर की कुल उत्पादन क्षमता 220 मेगावॉट से ज्यादा हो गई है. बिजली बिल में बचत, मेरी छत-मेरी बिजली की भावना के साथ ही पर्यावरण सुधार के लिए समर्पण को लेकर वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक उत्साह बना हुआ है. प्रतिदिन रूफ टॉप सोलर के लिए आवेदन बिजली कार्यालय और कंपनी के पोर्टल पर पहुंच रहे हैं. उच्चदाब और निम्न दाब के उपभोक्ताओं द्वारा अब कुल 25250 स्थानों पर सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा है। इन स्थानों में घर, बहुमंजिला इमारत, औद्योगिक परिसर, शासकीय कार्यालय की छतें, नगर निगम के कचरा ट्रांसफर स्टेशन की छतें, दुकानों की छतें, शासकीय कार्यालयों के पास की खाली जमीन इत्यादि स्थान, परिसर शामिल हैं। पीएम सूर्यघर योजना लागू होने के बाद पश्चिम मध्य प्रदेश में रूफ टॉप सोलर की कुल उत्पादन क्षमता 220 मेगावॉट से ज्यादा हो गई हैं। बिजली बिल में बचत, मेरी छत-मेरी बिजली की भावना के साथ ही पर्यावरण सुधार के लिए समर्पण को लेकर वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक उत्साह बना हुआ हैं। प्रतिदिन रूफ टॉप सोलर के लिए आवेदन बिजली कार्यालय, कंपनी के पोर्टल पर पहुंच रहे हैं। कहां कितने स्थानों पर सोलर संयंत्र इंदौर शहर सीमा      13800 उज्जैन जिला              2525 देवास जिला              1525 रतलाम जिला            1060 खरगोन जिला            1050 नीमच जिला               680 मंदसौर जिला             670 बड़वानी जिला            650  

अगर किसी की पत्नी गैर मर्द से प्यार करती है तो यह व्यभिचार नहीं है : हाई कोर्ट

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी की पत्नी गैर मर्द से प्यार करती है तो यह व्यभिचार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि इसे तब तक व्यभिचार नहीं कहा जा सकता जब तक कि वह किसी और मर्द के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाती है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने कहा कि व्यभिचार तभी होता है जब शारीरिक संबंध होते हैं। पति ने कोर्ट में दावा किया था कि उसकी पत्नी किसी और से प्यार करत है। ऐसे में वह मेंटिनेंस की हकदार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 (5) और सीआरपीसी की धारा 125 (4) में कहा गया है कि अगर पत्नी पर व्यभिचार के आरोप सही साबित होते हैं तब ही उसे गुजारे भत्ते से वंचित किया जा सकता है। कोर्ट ने फैसले में कहा, व्यभिचार साबित करने के लिए शारीरिक संबंधों को सबित करना जरूरी है। अगर पत्नी किसी से प्यार करती है और शारीरिक संबंध नहीं रखती है तो इसे व्यभिचार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है। बता दें कि फैमिली कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि पति को हर महीने 4 हजार रुपये का गुजारा भत्ता देना होगा। पति वॉर्ड बॉय की तौर पर का करता था और महीने में 8 हजार उसकी इनकम है। पति ने हाई कोर्ट में याचिका फाइल की और दावा किया कि उसकी पत्नी किसी और से प्यार करती थी। कोरक्ट ने कहा कि सेक्शन 24 के तहत आदेश के बाद पत्नी को पहले से ही 4 हजार का गुजारा भत्ता मिल रहा था। कोर्ट ने यह भी कहा कि अस्पताल से दिया गया सैलरी सर्टिफिकेट वेरिफाइ नहीं किया गया है। कोर्ट ने कहा, सैलरी सर्टिफिकेट पर इसे जारी करने का स्थान और तारीख ही नहीं दी गई है। ऐसे में कोर्ट के लिए यह निर्णय करना मुश्किल है कि यह सर्टिफिकेट सही है या फर्जी है। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया था कि वह एक सक्षम व्यक्ति नहीं है। कोर्ट ने कहा कि कम इनकम इस बात का आधार नहीं हो सकता कि वह मेंटिनेंस नहीं देगा। अगर पति को पता था कि वह उसकी रोजाना की जरूरत भी नहीं पूरी कर सकता तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार है। उसे पत्नी की जिम्मेदारी उठाने के लिए कमाना चाहिए था। पति ने यह भी दावा किया था कि उसकी पत्नी ब्यूटी पार्लर चलाती है। कोर्ट ने कहा कि पति को 4 हजार रुपये का मासिक गुजारा भत्ता देना ही होगा।

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