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विजेंद्र गुप्ता ने पदभार संभालते ही कहा था कि अब सदन को अखाड़ा नहीं बनने दूंगा, नियम से यहां काम होगा

नई दिल्ली लगातार रोहिणी विधानसभा सीट से तीसरी बार जीत दर्ज करने वाले विधायक विजेंद्र गुप्ता को दिल्ली विधानसभा का स्पीकर चुना गया। उन्होंने पदभार संभालते ही कहा था कि अब सदन को अखाड़ा नहीं बनने दूंगा, नियम से यहां काम होगा। ऐसे में दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया तो विजेंद्र गुप्ता ने सदन में हंगामा कर रहे ‘आप’ विधायकों को पहले तो चेतावनी दी, फिर विधायकों को बाहर निकालने के लिए मार्शलों का सहारा लिया। सदन की कार्यवाही में हंगामा मचाने के आरोप में आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को तीन दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया। वहीं, दिल्ली विधानसभा का यह विशेष सत्र तीन दिनों के लिए बढ़ा भी दिया गया है। यानी विपक्षी विधायक अब सोमवार तक सदन की कार्यवाही मे सम्मलित नहीं हो पाएंगे। वैसे मंगलवार को आम आदमी पार्टी के एक विधायक अमानतुल्लाह खान विधानसभा में उपस्थित नहीं थे, इसलिए उन्हें निलंबित नहीं किया गया। 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की लहर के बीच भी विजेंद्र गुप्ता रोहिणी से चुनकर आए। उन्होंने 2015 से 2020 के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई। फिर पिछले अगस्त के महीने से भी वह कुछ समय के लिए नेता प्रतिपक्ष रहे। वह दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 1997 में एक पार्षद के तौर पर उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था। जबकि 2013 में नई दिल्ली सीट से वह अरविंद केजरीवाल के खिलाफ पहला विधानसभा चुनाव लड़े और हार गए थे। वह इससे पहले डीडीए के मेंबर भी रहे और एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं। जून 2015 का वह दिन जब दिल्ली विधानसभा का सत्र चल रहा था और नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता को सरकार का विरोध करने के लिए मार्शल द्वारा घसीट कर सदन से बाहर निकाला गया था। उस दिन वह सरकार से चौथे दिल्ली वित्त आयोग की रिपोर्ट पेश करने की मांग कर रहे थे। इसके बाद अक्टूबर 2016 में वह सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एक मेज पर चढ़ गए। वह नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट सदन में पेश करने पर जोर दे रहे थे और उन्हें एक बार फिर जबरन सदन से बाहर निकाला गया था। यानी दिल्ली की नई सीएम रेखा गुप्ता ने जिस बात का अंदेशा सोमवार को लगाया था। वह काम विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को करके अपना बदला ले लिया। रेखा गुप्ता ने सोमवार को ही बोल दिया था कि ‘आप’ विधायकों का अब अपना व्यवहार सदन में सही रखना होगा। ऐसे में मंगलवार को जब उपराज्यपाल के अभिभाषण के बीच में ही आम आदमी पार्टी के विधायक हंगामा करने लगे तो विजेंद्र गुप्ता ने उन्हें समझाने की खूब कोशिश की और शांत रहने की अपील करते रहे। लेकिन, जब इस पर भी ‘आप’ विधायक नहीं माने तो विजेंद्र गुप्ता ने मार्शल बुलवाकर ‘आप’ विधायकों को सदन से बाहर निकलवा दिया। इसके बाद ‘आप’ के जो बचे विधायक थे वह सीएम रेखा गुप्ता के द्वारा सीएजी की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखते समय हंगामा करने लगे तो एक बार फिर विजेंद्र गुप्ता ने ‘आप’ के बचे विधायकों को मार्शल के सहारे बाहर का रास्ता दिखा दिया और उनको तीन दिन के लिए सदन की कार्यवाही से सस्पेंड कर दिया। इस तरह मंगलवार को दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आखिरकार अपना बदला ले ही लिया। राष्ट्रीय राजधानी में करीब 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी की सत्ता में वापसी हुई है, जिसमें से 12 साल तक राष्ट्रीय राजधानी की सत्ता में आम आदमी पार्टी का कब्जा रहा है। सदन में उस समय विपक्ष इतना मजबूत नहीं था। 2015 में तो भाजपा के केवल तीन विधायक थे, जिसमें से विजेंद्र गुप्ता एक थे और वह नेता प्रतिपक्ष भी थे। लेकिन, तब आदमी पार्टी की सरकार के द्वारा हर सत्र से इसी तरह भाजपा नेताओं को मार्शल के द्वारा बाहर भेजा जाता था। वहीं, 2020 के चुनाव में भी आम आदमी पार्टी के 62 और भाजपा के आठ विधायक थे। यह क्रम तब भी नहीं रूका और बार-बार सदन चलते समय मार्शल के द्वारा भाजपा नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया जाता रहा। याद कीजिए, जब दिल्ली विधानसभा का सत्र चल रहा था और तारीख थी 30 नवंबर 2015, इस दिन ‘आप’ विधायक अलका लांबा पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में भाजपा विधायक ओपी शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। फिर इसको लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। स्पीकर राम निवास गोयल ने तब विजेंद्र गुप्ता से कहा था कि वह सदन से बाहर जाएं, लेकिन, उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद मार्शलों ने उन्हें जबरदस्ती उठाकर बाहर निकाल दिया। यानी जिनको कभी मार्शल उठाकर सदन से बाहर फेंकते रहे, अब वही असेंबली के स्पीकर बनकर वापस आए हैं। बीते 10 साल में तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान कई ऐसे मौके आए, जब बीजेपी नेता को असेंबली से बाहर किया गया। विजेंद्र गुप्ता जब सोमवार को दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष बने तो उस समय सीएम रेखा गुप्ता ने उन्हें बधाई देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के सामने ही पिछले सदन के दौरान हुए अपमान की भी याद दिलाई थी। मतलब साफ है कि भाजपा इस बार ‘आप’ के नेताओं के सदन में जारी अराजक रवैये को सहने के मूड में बिल्कुल नहीं नजर आ रही है।

स्मार्टफोन, वॉट्सएप या फेसबुक नहीं, पोटैशियम की कमी से नहीं आ रही नींद

आज की जेनेरेशन को रात में देर तक जागने की आदत है। मगर इसका खामियाजा यह होता है कि उन्हें दिनभर सुस्ती, थकान, और कमजोरी महसूस होती रहती है। आपके आसपास भी किसी को ऐसा हो रहा है, तो इसके लिए वॉट्सएप, फेसबुक या स्मार्टफोन को दोष देने से पहले पोटाशियम का स्तर जरूर चेक करवा लें। अक्सर शरीर में पोटाशियम की कमी से इस तरह की समस्याएं होने लगती हैं। शरीर में पोटैशियम की कमी को हाइपोक्लेमिया कहा जाता है। स्वस्थ रहने और बीमारियों से बचने के लिए हर किसी के शरीर को रोजाना 47000 मिलीग्राम पोटैशियम की जरूरत होती है। क्योंकि पोटैशियम दिल, दिमाग और मांसपेशियों की कार्यप्रणाली को सुचारू ढ़ग से चलाने में मदद करता है। शरीर में पोटैशियम की कमी से हाइपोकैलीमिया और मानसिक रोग होने का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। आज हम आपको इसकी कमी के कुछ संकेत बता रहे हैं, जिनकी कमी से होने वाली समस्याओं को आप आसानी से पहचान सकते हैं। पोटैशियम की कमी के लक्षण अनिद्रा की समस्या अगर आपके शरीर में भी पोटैशियम की कमी है तो आपको नींद न आने की समस्या हो सकती है। ऐसे में अनिद्रा की समस्या होने पर डॉक्टर से चेकअप करवाएं। तनाव अधिक तनाव या डिप्रैशन का होना भी पोटैशियम की कमी का संकेत होता है। इतना ही नहीं, पोटैशियम की कमी से होने वाला तनाव मानसिक समस्याओं का कारण भी बन सकता है। मूड स्विंग जब शरीर में इसकी मात्रा कम होने लगती है तो ये दिमाग के काम करने की क्षमता को भी प्रभावित करता है। इससे आपको मूड स्विंग यानि विचारों में अजीब बदलाव होने लगते हैं। अपने मानसिक स्वा स्य् म  के लिए आज से ही अपनाएं ये चीजें हमेशा रहती है थकान लगातार थकान बनी रहना शरीर में पोटैशियम की कमी का एक बड़ा लक्षण थकान भी होता है। इसकी कमी के कारण आप थोड़ा करने के बाद या चलने के बाद थक जाते हैं। दरअसल, शरीर में मौजूद कोशिका को काम करने के लिए पोटैशियम और खनिज लवणों की जरूरत होती है लेकिन इसकी पूर्ति न हो पाने पर शरीर में थकान होने लगती है। एसिड बढ़ना पोटैशियम की कमी से शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे शरीर में सुस्ती, थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होना पोटैशियम दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके साथ ही ये शरीर में सोडियम की मात्रा को कम बनाए रखने के साथ-साथ ब्लड प्रैशर को भी कंट्रोल करता है। ऐसे में इसकी कमी होने पर ब्लड प्रैशर का बढ़ना या कम होने जैसी प्रॉब्लम हो सकती है। त्वचा में बदलाव इसकी कमी का असर त्वचा पर दिखाई देती है। इसलिए पोटैशियम की कमी होने पर त्वचा रूखी और खुश्क हो जाती है और आपको पसीना भी अधिक आने लगता है। उल्टी और दस्त शरीर में पोटैशियम की कमी होने पर उल्टी और दस्त की समस्या भी हो सकती है। क्योंकि इसकी कमी होने पर पाचन तंत्र में गड़बड़ी हो जाती है, जिससे उल्टी और दस्त होने लगते हैं। इनमें मिलता है पोटैशियम पोटैशियम की कमी को पूरा करने के लिए आप सब्जियों जैसे पालक, ब्रोकली, आलू, गाजर आदि का सेवन करें। इसके अलावा बींस, कद्दू के बीज, साबुत अनाज, डेयरी उत्पाद, मांस, मछली में भी पोटैशियम की भरपूर मात्रा होती है। केला, संतरा, एप्रिकॉट, अवोकेडो और स्ट्राबेरी जैसे फूट्स भी शरीर में पौटेशियम की कमी को पूरा करते हैं।  

मोदी ने विकसित भारत वर्ष-2047 की कल्पना की, केंद्र सरकार हरसंभव मदद करेगी: मंत्री मनोहर लाल

भोपाल केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि मध्य प्रदेश में नियोजित शहरी विकास के लिए केंद्र सरकार प्रदेश को हरसंभव मदद करेगी। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रही दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने नगरीय प्रशासन द्वारा आयोजित अनलॉकिंग लेंड वेल्यू विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत वर्ष-2047 की कल्पना की है। इस लक्ष्य को हासिल करने में शहरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मध्य प्रदेश में नियोजित शहरी विकास के लिए केंद्र सरकार प्रदेश को हरसंभव मदद करेगी। केंद्रीय शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मध्य प्रदेश में शहरों के नियोजित विकास को लेकर जो तीन पॉलिसी जारी की गई हैं, यह प्रदेश सरकार की ओर से उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। मध्य प्रदेश में शहरों के विकास की बहुत संभावनाएं हैं। शहरों के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार को सघन आबादी वाले शहरों पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने भोपाल, इंदौर मेट्रो लाइन की चर्चा करते हुए कहा कि मेट्रो लाइन का विस्तार इस तरह से किया जाए कि इसका फायदा समाज के प्रत्येक वर्ग को मिल सके। उन्होंने मेट्रोपॉलिटन सिटी के विकास में एक विस्तृत योजना तैयार करने पर भी जोर देते हुए बढ़ती शहरी आबादी का आकलन सही रूप में किए जाने की बात कही। शहरी क्षेत्र के परिवहन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के जरिए पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण और कार्बन क्रेडिट का फायदा देने वाली प्रोत्साहन नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता बताई। इस मौके पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश में नगरीय निकायों में आय के स्रोत बढ़ाए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में जारी की गई इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी से शहरों का समग्र रूप से विकास हो सकेगा। आवास से जुड़ी नई नीतियों में डेवलपर्स और बिल्डर्स को कई रियायत दी गई हैं। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश के शहरों को हरा-भरा बनाया जाएगा। कॉलोनी में ग्रीन एरिया को जगह देने वाले बिल्डर्स और डेवलपर्स को राज्य सरकार की ओर से रियायत दी जाएगी।

महाकुंभ में आस्था की डुबकी के बाद प्रार्थना करती नजर आईं राशा

मुंबई, अभिनेत्री रवीना टंडन की बेटी और अभिनेत्री राशा थडानी हाल ही में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ पहुंचीं, जहां उन्होंने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। राशा ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह नदी में खड़े होकर प्रार्थना करती नजर आईं। राशा ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर प्रशंसकों को संगम की एक झलक दिखाई जहां एक तस्वीर में अभिनेत्री संगम में डुबकी लगाने के बाद खड़े होकर प्रार्थना करती नजर आईं। उन्होंने तस्वीर के साथ गायक संदीप गोस्वामी के गाने “ओम नम: शिवाय ओम नम: शिवाय” की “गंगा धराए शिव, गंगा धराए” लाइन को भी जोड़ा। राशा और उनकी मां रवीना सोमवार को ‘गंगा आरती’ में शामिल हुईं, जहां उनके साथ अभिनेत्री कैटरीना कैफ भी नजर आई थीं। मां-बेटी की यह जोड़ी परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती के साथ ‘गंगा आरती’ में शामिल हुई। स्वामी चिदानंद के आश्रम परमार्थ निकेतन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें लिखा, “रवीना टंडन, कैटरीना कैफ, बीना कौशल, राशा थडानी, अभिषेक बनर्जी और साध्वी भगवती की उपस्थिति में अराल घाट पर गंगा आरती में शामिल हुए।” रवीना सोमवार को राशा के साथ प्रयागराज पहुंचीं। अभिनेत्री ने बताया कि वह काशी में महाशिवरात्रि मनाएंगी। यह पहली बार नहीं है, जब राशा और रवीना आध्यात्मिक यात्रा पर निकली हैं। वह अक्सर धार्मिक स्थलों पर जाती हैं। इससे पहले राशा अपनी मां रवीना के साथ द्वारका पहुंचीं थीं, जहां उन्होंने नागेश्वर महादेव मंदिर के साथ ही द्वारका जगत मंदिर पहुंचकर ठाकुरजी के दर्शन किए थे। रवीना हाल ही में शिरडी में साईं बाबा मंदिर दर्शन करने भी पहुंची थीं। इस दौरान अभिनेत्री ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात भी की थी। उन्होंने बताया था कि वह साईं बाबा को मानती हैं और बचपन से मंदिर दर्शन के लिए आती रही हैं। अभिनेत्री ने बताया था कि उन्हें साईं बाबा में अपने दिवंगत पिता की झलक दिखती है। साईं मंदिर से पहले अभिनेत्री बेटी राशा के साथ आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग पहुंची थी, जहां उन्होंने महादेव का आशीर्वाद लिया था। राशा ने इस साल फिल्म ‘आजाद’ से डेब्यू किया, जिसमें उनके साथ अजय देवगन, डायना पेंटी और अमन देवगन मुख्य भूमिका में हैं।  

नगरों के समग्र विकास के लिये नगरीय निकायों में अपनायी जायेंगी बेस्ट प्रेक्टिस

भोपाल प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय कुमार शुक्ला ने आज भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में नगरीय प्रशासन के विशेष सत्र में कहा कि मध्यप्रदेश में देश की उन सभी बेस्ट प्रेक्टिस को अपनाया जायेगा, जिससे मध्यप्रदेश में नागरिकों को बेहतर से बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नगरीय निकायों के आय के स्रोत बढ़ाने के भी प्रयास किये जा रहे हैं। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि नगरीय निकायों में ई-नगरपालिका प्रोजेक्ट को लागू किया जा रहा है। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि नगरीय निकायों के सामने अपशिष्ट प्रबंधन एक चुनौती है। इसके लिये जन-भागीदारी को प्रोत्साहित किया जायेगा। सत्र में 2 विषयों सिटीज ऑफ टुमारो और ग्रीन क्लीन लिवबल सिटी पर विषय-विशेषज्ञों ने विचार व्यक्त किये। सिटीज ऑफ टुमारो विषय पर चेयरमेन सन बिल्डर्स एवं प्रेसीडेंट इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर इण्डिया श्री एन.के. पटेल ने कहा कि शहरों के विस्तार के लिये भूमि को रिजर्व में रखना जरूरी है। गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड श्री राहुल देहिया, को-फाउण्डर एमडी सिग्नेचर ग्लोबल ग्रुप श्री रवि अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत के लिये नियोजित टाउनशिप होना जरूरी है। टाउनशिप में सभी वर्गों के लोगों को जगह मिले, यह सुनिश्चित हो और वहाँ सभी आवश्यक सुविधाएँ हों। इस व्यवस्था से शहरी क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट पर दबाव कम होगा। निदेशक कॉमर्शियल रियल एस्टेट हीरानंदानी ग्रुप श्री मनीष गुप्ता ने प्रदेश में हाल ही में जारी इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी का स्वागत किया। डीएलएफ के सीनियर एक्जीक्यूटिव श्री राजीव सिंह ने उत्कृष्ट शहरी नियोजन को महत्वपूर्ण बताया। क्रेडाई एमपी चेप्टर के अध्यक्ष श्री मनोज सिंह मीक ने राजा भोज द्वारा बसाये गये भोपाल और यहाँ के बड़े तालाब की विशेषताओं की जानकारी दी। वर्ल्ड बैंक के कंट्री हेड श्री अगस्तो तानो कामो ने आने वाले समय में शहरों के नागरिकों को बुनियादी सुविधा देने के काम को चुनौतीपूर्ण माना। उन्होंने कहा कि इसके लिये अभी से ही सभी एजेंसियाँ मिलकर काम करें। बोस्टन ग्रुप के श्री आशीष गर्ग, आईआईएफसीएल के श्री पलाश श्रीवास्तव और अशोक बिल्डकान के श्री सतीश डी. प्रकाश ने भी विचार रखे। ग्रीन क्लीन लिवबल सिटीज विषय पर चर्चा दूसरे सत्र में “हरे-भरे शहर” विषय पर विशेषज्ञों ने विचार रखे। विशेषज्ञों का मानना था कि नगरीय निकाय शहरों को हरा-भरा रखने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिये नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करें। इसी तरह अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छ जल व्यवस्था में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना चाहिये। इस संबंध में नगरीय प्रशासन आयुक्त श्री सी.बी. चक्रवर्ती एम., प्रो. वी. श्रीनिवास चेरी, श्री आनंद अय्यर, श्री आला अयोध्या, श्रीमती समिथा आर. और डॉ. के.वी. जार्ज ने भी अपने विचार रखे।  

ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य होगा : मनु श्रीवास्तव

भोपाल राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत आगामी वर्ष-2030 तक 5 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष हरित हाइड्रोजन के उत्पादन का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में निवेशकों के साथ राउंड टेबल चर्चा के दौरान अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने कहा कि ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में होगा। उन्होंने निवेशकों के साथ राउंड टेबल के दौरान राज्य शासन द्वारा उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं जैसे भूमि, प्रदेश में पर्याप्त बिजली, अनुकूल एवं भौगोलिक संरचना से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य में प्रचुर नवकरणीय ऊर्जा संसाधन, सहायक नीतिगत ढाँचा हरित हाइड्रोजन परियोजना के लिये अनुकूल माहौल तैयार करता है। चर्चा के दौरान निवेशकों द्वारा पूछे गये सवालों एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। ऊर्जा के वैकल्पिक माध्यमों में से ग्रीन हाइड्रोजन के अलावा अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश शासन की अक्षय ऊर्जा नीति 2022 का उद्देश्य अक्षय ऊर्जा उपकरण निर्माण के लिए अनुकूल पारिस्थितिकीय क्षेत्र बनकर और अक्षय ऊर्जा को बड़े पैमाने पर अपनाने की सुविधा प्रदान करके राज्य को अक्षय ऊर्जा केन्द्र के रूप में स्थापित करना है। इसमें भूमि अधिग्रहण लागत पर 50 प्रतिशत छूट और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए नामित निजी भूमि खरीदी पर स्टॉम्प शुल्क पर 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति राशि प्रोत्साहन स्वरूप शासन द्वारा प्रदान की जाती है। अपर मुख्य सचिव श्री श्रीवास्तव ने बताया कि सीईओ गोलमेज सम्मेलन में प्राप्त सिफारिशें एवं सुझाव मध्यप्रदेश की भविष्य की ऊर्जा नीति एवं रणनीतियों को बनाने में नया स्वरूप प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। राज्य की हरित हाइड्रोजन क्षमता को साकार करने और भारत के सतत ऊर्जा लक्ष्यों में योगदान देने में उद्योगपतियों, अधिकारियों एवं वित्तीय हितधारकों का सहयोग आवश्यक है। ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री अमनवीर सिंह बैंस ने कहा कि मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा निवेश के लिये तेजी से एक अनुकूल राज्य के रूप में उभर रहा है। पिछले 10 वर्षों में राज्य की अक्षय ऊर्जा क्षमता में 11 गुना वृद्धि हुई है, जो इसकी कुल स्थापित बिजली क्षमता का कुल 24 प्रतिशत है।  

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- देश की सामरिक सुरक्षा दो तरह के खतरों का सामना करती

नई दिल्ली भौगोलिक दृष्टि से भारत तीन तरफ से समुद्र से घिरा हुआ है और इसकी तटरेखा बहुत बड़ी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि देश की सामरिक सुरक्षा दो तरह के खतरों का सामना करती है। पहला युद्ध है, जिसका सामना सशस्त्र बलों को करना पड़ता है और दूसरा समुद्री डकैती, आतंकवाद, घुसपैठ, तस्करी और अवैध मछली पकड़ने की चुनौतियां हैं। इनके लिए समुद्री सेनाएं, खास तौर पर भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) हमेशा सतर्क रहती हैं। गौरतलब है कि आईसीजी ने कुल 37,000 करोड़ रुपये कीमत के मादक पदार्थ भी जब्त किए। रक्षा मंत्री का कहना है कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए आईसीजी सक्रिय रूप से काम कर रहा है और सामरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 25 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें आईसीजी अलंकरण समारोह में शामिल हुए। इस दौरान भारतीय तटरक्षक बल के कर्मियों को वीरता, विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए गए। वर्ष 2022, 2023 और 2024 के लिए कुल 32 पदक दिए गए। इनमें छह राष्ट्रपति तटरक्षक पदक (विशिष्ट सेवा), 11 तटरक्षक पदक (वीरता) और 15 तटरक्षक पदक (सराहनीय सेवा) शामिल हैं। यहां पुरस्कार विजेताओं और उनके परिवारों ने राजनाथ सिंह से बातचीत की। पिछले एक साल में आईसीजी ने समुद्री सुरक्षा, संरक्षा और मानवीय कार्यों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इनमें 14 नावों और 115 समुद्री लुटेरों को पकड़ना शामिल है। साथ ही लगभग 37,000 करोड़ रुपये कीमत के मादक पदार्थ जब्त किए गए। इसके अलावा, आईसीजी ने विभिन्न बचाव कार्यों के माध्यम से 169 लोगों की जान बचाई और 29 गंभीर रूप से घायल लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की। रक्षा मंत्री ने इन उपलब्धियों को केवल आंकड़े नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति आईसीजी के साहस और समर्पण की कहानी बताया। उन्होंने कहा कि समुद्री सीमाओं पर सतर्क रहकर आईसीजी न केवल अवैध घुसपैठ को रोकता है, बल्कि भारत की संप्रभुता और आंतरिक सुरक्षा को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने में भी मदद करता है। नवीनतम तकनीकी प्रगति के कारण अपरंपरागत खतरों के उभरने पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने समुद्री बलों, विशेष रूप से आईसीजी से पारंपरिक खतरों के अलावा साइबर हमलों, डेटा उल्लंघन, सिग्नल जामिंग, रडार व्यवधान और जीपीएस स्पूफिंग जैसी चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री ने जवानों को बधाई देते हुए कहा कि ये पदक सिर्फ एक स्मृति चिन्ह नहीं हैं, बल्कि ये तिरंगे के सम्मान को बनाए रखने के लिए बहादुरी, दृढ़ता और अटूट संकल्प का प्रतीक हैं। उन्होंने तटीय सुरक्षा, संगठनात्मक दक्षता, मादक पदार्थों की जब्ती, बचाव अभियान और अंतरराष्ट्रीय अभ्यास सुनिश्चित करने में जवानों के प्रयासों की सराहना की। राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षित और समृद्ध भारत का सपना तभी साकार हो सकता है जब देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो और सेनाएं सशक्त हों। उन्होंने आईसीजी की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारतीय तटरक्षक बल को 9,676.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले बजट से 26.50 प्रतिशत अधिक है। यह आईसीजी के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, आईसीजी को मजबूत बनाने के लिए 14 फास्ट पेट्रोल वेसल, छह एयर कुशन वाहन, 22 इंटरसेप्टर बोट्स, छह नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल और 18 नेक्स्ट जेनरेशन फास्ट पेट्रोल वेसल की खरीद को मंजूरी दी गई है।” रक्षा मंत्री ने डिजिटल कोस्ट गार्ड परियोजना की आधारशिला रखने की सराहना करते हुए आईसीजी की तकनीकी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास आईसीजी को पारंपरिक और अपारंपरिक खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निरंतर मजबूत करेंगे। उन्होंने इस उद्देश्य को प्राप्त करने में सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। समारोह से पहले रक्षा मंत्री ने औपचारिक सलामी गारद का निरीक्षण किया, जो इस अवसर की गंभीरता और महत्व को दर्शाता है।

सीएम योगी ने कहा- राज्यपाल के खिलाफ विपक्ष का व्यवहार किसी भी आदर्श लोकतंत्र को स्वीकार नहीं होगा

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन मंगलवार को विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने संबोधन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन पर किए जा रहे दुष्प्रचार और राज्यपाल के अभिभाषण पर किए गए व्यवहार पर विपक्ष को आइना दिखाया। सीएम योगी ने कहा कि राज्यपाल के खिलाफ विपक्ष का व्यवहार किसी भी आदर्श लोकतंत्र को स्वीकार नहीं होगा। सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को पढ़ते हुए कहा कि महाकुंभ में सभी को अपनी दृष्टि के अनुरूप चीजें देखने को मिली है। महाकुंभ दुनिया में अब तक हुए सभी आयोजनों के रिकॉर्ड को तोड़ रहा है। प्रयागराज महाकुंभ ने प्रदेश में नए पंच तीर्थ को जोड़ा है, जिसके माध्यम से श्रद्धालु अयोध्या, काशी, गोरखपुर, मथुरा दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद है और अपने संवैधानिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने के लिए ही वर्ष की शुरुआत में पहले सत्र में उनके द्वारा दोनों सदनों को एक साथ संबोधित किया जाता है। लोकतंत्र संवाद पर आधारित होता है, यह आवश्यक नहीं कि सभी लोग एक-दूसरे से सहमत हों, लेकिन मर्यादा और शालीनता का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद के प्रति जिस प्रकार की अशोभनीय भाषा और नारेबाजी का प्रयोग किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हमें जो लोकतांत्रिक व्यवस्था दी है, उसका सम्मान करना सभी दलों का कर्तव्य है। समाजवादी पार्टी का यह आचरण लोकतंत्र और संविधान, दोनों के विरुद्ध है। एक आदर्श लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री योगी ने विधान परिषद में विपक्ष के रवैये पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब पूरा विश्व प्रयागराज के महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता का साक्षी बन रहा है, तब विपक्ष सिर्फ आलोचना में व्यस्त है। यह कोई साधारण आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, आस्था और संस्कृति का वह महोत्सव है, जिसने देश की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि अब तक 64 करोड़ श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन में शामिल हो चुके हैं, जो विश्व के किसी भी धार्मिक आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या से कहीं अधिक है। उत्तर प्रदेश आज एक नए युग की ओर बढ़ रहा है, जहां अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, गोरखपुर और प्रयागराज तीर्थाटन के नए केंद्र बन चुके हैं। प्रयागराज महाकुंभ ने इन धार्मिक स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में जोड़ दिया है। सीएम योगी ने कहा कि महान कार्यों के प्रति समाज का रवैया तीन चरणों से गुजरता है- उपहास, विरोध और अंततः स्वीकृति। यही हाल राम मंदिर निर्माण और महाकुंभ आयोजन के दौरान भी देखने को मिला। पहले विपक्ष ने तंज कसे, फिर विरोध किया, लेकिन अंततः वे भी इसी आस्था में समर्पित हो गए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं संगम में स्नान कर आए और नेता प्रतिपक्ष ने खुद को पहले सनातनी बताया, बाद में समाजवादी। यह उनकी स्वीकृति का प्रमाण है। सीएम योगी ने महाकुंभ की तुलना दुनिया के अन्य धार्मिक आयोजनों से करते हुए कहा कि मक्का में हज के दौरान 1.4 करोड़, वेटिकन सिटी में सालभर में 80 लाख, जबकि अयोध्या धाम में मात्र 52 दिनों में 16 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। इसी तरह, काशी, मथुरा-वृंदावन और अन्य तीर्थों में भी करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे, जिससे यह साबित हुआ कि भारत की सनातन परंपरा केवल धार्मिक मान्यताओं तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व संस्कृति की आधारशिला है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग हर बार महाकुंभ को बदनाम करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस आयोजन ने हर नकारात्मक प्रचार को ध्वस्त कर दिया। वामपंथी और समाजवादी महाकुंभ को बदनाम करने में जुटे रहे, लेकिन करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर उनकी नकारात्मकता को नकार दिया। सनातन संस्कृति की ताकत दुनिया ने देखी। करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर सनातन विरोधियों को करारा जवाब दिया। यह वही नया उत्तर प्रदेश है, जिसने आध्यात्मिक पर्यटन को एक नई दिशा दी है और अब पूरी दुनिया सनातन संस्कृति की इस अद्भुत शक्ति का लोहा मान रही है। मुख्यमंत्री योगी ने गंगाजल की शुद्धता पर सवाल उठाने वालों को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में वैज्ञानिक डॉ. अजय शुक्ला की लैब और उत्तर प्रदेश व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, गंगाजल स्नान योग्य ही नहीं, बल्कि अल्कलाइन वाटर जितना शुद्ध भी है। वैज्ञानिक परीक्षणों से यह साबित हुआ है कि गंगाजल में स्वयं को शुद्ध बनाए रखने की प्राकृतिक क्षमता है, जो इसे अन्य नदियों से अलग बनाती है। 17 जनवरी को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में संगम क्षेत्र में क्लोरोफॉर्म की मात्रा निर्धारित मानकों के भीतर पाई गई। संगम तट पर इसकी मात्रा 780 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर थी, जबकि वाराणसी की ओर जाने वाले घाटों पर यह 280 तक थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, जल की शुद्धता के तीन प्रमुख मानक- बीओडी (बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड), सीओडी (केमिकल ऑक्सीजन डिमांड) और फीकल कॉलीफॉर्म-संगम क्षेत्र में पूरी तरह संतुलित पाए गए।  

मुंबई में मंत्रालय भवन से कूदा युवक, जाली पर गिरा, सुरक्षाकर्मियों ने किया रेस्क्यू

मुंबई मुंबई में एक व्यक्ति द्वारा मंत्रालय भवन से नीचे छलांग लगाने का मामला सामने आया है। हालांकि गनीमत रही कि वह नीचे कूदकर मंत्रालय की सुरक्षा जाली पर जाकर गिरा और उसकी जान बच गई। घटना के बाद, सुरक्षाकर्मियों ने युवक को तुरंत कस्टडी में ले लिया। पुलिस ने युवक से पूछताछ और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, युवक ने मंत्रालय भवन की ऊपरी मंजिल से कूदने का प्रयास किया, लेकिन वह सुरक्षा जाली पर गिरकर बच गया। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक ने ऐसा कदम क्यों उठाया और उसके पीछे क्या कारण था। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है और युवक से पूछताछ की जा रही है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक सुरक्षा जाली पर गिरा हुआ है और सुरक्षाकर्मी उसे रेस्क्यू करने में जुटे हुए हैं।

महाशिवरात्रि: आध्यात्मिक जागरण और आत्मशुद्धि का महापर्व: उपमुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए भगवान शिव से सभी के सुख, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की है। उन्होंने कहा कि यह पर्व आत्मचिंतन, भक्ति और आत्मशुद्धि का प्रतीक है, जो हमें जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शिव आराधना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि संयम, समर्पण और आत्म-अनुशासन का संदेश देती है। महाशिवरात्रि की यह रात्रि हमें सिखाती है कि अज्ञान और अंधकार को भगवान शिव की भक्ति और सत्य के मार्ग से दूर किया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इस अवसर पर शिव साधना के साथ समाज कल्याण, सेवा और परोपकार का संकल्प लें। भगवान शिव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और प्रदेश को सुख, शांति व समृद्धि प्रदान करें।  

व्यापार-व्यवसाय में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यापार-व्यवसाय में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। दुग्ध क्षेत्र, पर्यटन, एमएसएमई सहित हर क्षेत्र में सहकारिता का अलग ही महत्व है। सहकारिता के बिना कुछ भी संभव नहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस के दूसरे दिन थीमेटिक सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से आश्वासन दिया कि जिस क्षेत्र में भी इन्वेस्टर काम करना चाहते हैं, म.प्र. सरकार उनका पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में 19 एमओयू होना क्रांतिकारी पहल है। यह सहकारिता और अर्थव्यवस्था को नया आयाम देने के लिये उपयोगी साबित होंगे। सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट-पार्टनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल की घोषणा कर सहकारिता क्षेत्र में सीपीपीपी के तहत कुल राशि 2305 करोड़ रूपये की राशि में 19 एमओयू किये गये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश का सीपीपीपी मॉडल देश की सहकारिता को बदलने का काम करेगा। बिना सहकार के रोजमर्रा की जिंदगी नहीं जी सकते। सहकारिता क्षेत्र में बड़े-बड़े उद्योगपतियों को भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र का नेटवर्क बहुत बड़ा है। हर व्यक्ति तक पहुंच बनाने के लिए सहकारिता बड़ा माध्यम है।   प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के सपने को पूरा करने के लिये सहकारिता को मूल बनाया तो उस ध्येय तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सहकार से ही समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। मंत्री श्री सारंग ने सहकारिता विभाग में निवेश विंग की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निवेश विंग डे-टू-डे काम करेगी। वो स्वयं इसकी मॉनीटरिंग करेंगे। उन्होंने जुड रहे निवेशकों का धन्यवाद दिया और नये इन्वेस्टर से जुडने का आग्रह किया कि सभी देश और प्रदेश की इकॉनॉमी ग्रोथ में अपना योगदान दें। केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सिद्धार्थ ने कहा कि सहकारिता हमारा संस्कार है। पुराने समय से ही सहकारिता का अपना अलग महत्व है। उन्होंने बताया कि एक लाख पैक्स देशभर में है और 30 करोड़ की आबादी सहकारिता से जुड़ी हुई हैं। इस अमृतकाल में यही वह क्षेत्र है जो बहुत ज्यादा आगे बढ़ सकता है। सहकारिता में पैक्स को कम्प्यूटराईजेशन का काम चल रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं विश्वास करें अगले दो वर्ष में यह समृद्धि के नये कीर्तिमान रचेगी। म.प्र. का नया सीपीपीपी मॉडल को भारत सरकार की ओर से पूरा सहयोग कर आगे बढ़ाया जायेगा। अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने कहा कि जीआईएस में पहली बार सहकारिता क्षेत्र को जोड़ा गया है। हर क्षेत्र में सहकारिता की समितियां है। उन्होंने बातया कि मध्यप्रदेश में एक करोड़ 9 लाख सदस्य है और 16 हजार आउटलेट का नेटवर्क है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि म.प्र. में पैक्स हर जरूरत पूरी करेगी। यह किसानों के लिये भी लाभदायक होगा। कार्यक्रम में बुलढाणा अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री राधेश्याम चांडक, रिलायंस के श्री कुमार अभिषेक, प्रतिभा सिन्टेक्स के श्री श्रेयसकर चौधरी, एग्रीविस्टा के श्री राजीव सिंह, वैधनाथ के श्री अनिरूद्ध गौर, भारतीय बीज के श्री जे.पी. सिंह, मेजेस्टिक बासमती के श्री विज्ञान लोधा, आरएम ग्रुप के श्री अनिमेष जैन, मशरूम वर्ल्ड के श्री समीर सागर, वी विन के श्री अभिषेक गुप्ता, न्यूट्रेलिस कृषि उत्पादक सहकारी समिति के श्री प्रदीप द्विवेदी, सावीर बॉयोटेक के श्री संदीप सुदन आदि ने अपने विचार साझा किये।

नानी के जन्मदिन पर ‘द पैराडाइज़’ मेकर्स का खास तोहफा

मुंबई, नेचुरल स्टार नानी के जन्मदिन के मौके पर फिल्म द पैराडाइज़ की टीम ने एक स्पेशल पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्हें विश करते हुए फिल्म से जुड़ा एक खास मैसेज भी शेयर किया है। द पैराडाइज़ इस साल की सबसे ज्यादा चर्चित फिल्मों में से एक है, जिसमें नेचुरल स्टार नानी धमाल मचाने वाले हैं। अपनी जबरदस्त परफॉर्मेंस और बैक-टू-बैक हिट्स के चलते, नानी ने साउथ सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। इस बार वह निर्देशक श्रीकांत ओडेला के साथ आ रहे हैं, जिससे फैंस की एक्साइटमेंट और भी बढ़ गई है। ऐसे में, आज नानी के जन्मदिन के मौके पर द पैराडाइज़ की टीम ने एक स्पेशल पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्हें विश करते हुए फिल्म से जुड़ा एक खास मैसेज भी शेयर किया है।फिल्म के मेकर्स ने एक जबरदस्त पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, हैप्पी बर्थडे, नेचुरल स्टार @नेमइजनानी#दपैराडाइज का ‘रा स्टेटमेंट’ आ रहा है तीन मार्च 2025 को!तैयार रहिए एक वाइल्ड राइड के लिए! पोस्टर में मेकर्स ने एक खास मैसेज दिया, जिसमें बताया गया कि “द पैराडाइज़” से जुड़ा “रॉ स्टेटमेंट” जल्दी ही शेयर किया जाएगा। ये अनाउंसमेंट सुनते ही फैंस का एक्साइटमेंट और बढ़ गया है। श्रीकांत ओडेला के निर्देशन में बन रही फिल्म द पैराडाइज़ को एसएलभीसिनेमास प्रोड्यूस कर रहा है, और ये नानी और श्रीकांत की दूसरी फिल्म है। फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर कंपोज कर रहे हैं।  

आतिशी ने बताया- पुरानी एक्साइज पॉलिसी में शराब के ठेकेदारों द्वारा गलत तरीके से मुनाफा कमाया जा रहा था, की जाये जांच

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को सीएजी (कैग) की ऑडिट रिपोर्ट को लेकर चर्चा हुई, जिसमें दिल्ली सरकार की पुरानी एक्साइज पॉलिसी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2017 से 2021 तक की पुरानी एक्साइज पॉलिसी में भ्रष्टाचार और ब्लैक मार्केटिंग के कई मामले सामने आए हैं। आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने इस रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी की सफलता का दावा करते हुए भाजपा और अन्य संबंधित एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए। आतिशी ने बताया कि पुरानी एक्साइज पॉलिसी में शराब के ठेकेदारों द्वारा गलत तरीके से मुनाफा कमाया जा रहा था। रिपोर्ट के चैप्टर 5 में यह साफ तौर पर कहा गया कि शराब के ठेकेदार 28 प्रतिशत से ज्यादा भ्रष्टाचार कर रहे थे और शराब की वास्तविक मात्रा को कम दिखाकर ज्यादा मुनाफा कमा रहे थे। आतिशी ने आगे कहा कि इसके अलावा, पेज 59 में यह भी उजागर हुआ कि पुरानी पॉलिसी के तहत शराब की स्मगलिंग हो रही थी और दिल्ली सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था। आतिशी ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार ने बार-बार इस मुद्दे को उठाया था और पुरानी पॉलिसी में भ्रष्टाचार को उजागर किया था। उन्होंने बताया कि शराब की कीमतों को प्रभावित किया जाता था और विभिन्न राज्य सरकारों के बीच शराब का अवैध कारोबार हो रहा था, जिससे दिल्ली सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा था। इसके बाद, आतिशी ने दिल्ली सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी की सराहना करते हुए कहा कि यह अधिक पारदर्शिता और भ्रष्टाचार की रोकथाम के उपायों के साथ आई थी। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पंजाब में इस पॉलिसी के लागू होने के बाद राज्य के राजस्व में 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, दिल्ली में इस पॉलिसी का सही तरीके से कार्यान्वयन नहीं हो पाया, जिसके कारण दिल्ली सरकार को लगभग 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। आतिशी ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में नई पॉलिसी का ठीक से कार्यान्वयन रोकने के पीछे भाजपा और उसके समर्थित अधिकारियों का हाथ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल, सीबीआई और ईडी ने जानबूझकर इस पॉलिसी को लागू होने से रोका, जिससे 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। आतिशी ने इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि यह पॉलिसी अगर ठीक से लागू होती तो दिल्ली सरकार के खजाने में 8,900 करोड़ रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती थी। अब, सीएजी रिपोर्ट के आधार पर इस मामले की जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

उद्योगों के विकास से ही बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल दो दिवसीय ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के दूसरे दिन सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम तथा स्टार्ट-अप समिट सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी का अभिवादन करते हुए संबोधन में कहा कि यह दो दिवसीय समिट सकारात्मक भावना और योजनाबद्ध तरीके से आयोजित की गई है। संभागवार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर हमने प्रदेश में एक सकारात्मक औद्योगिक वातावरण तैयार करने का प्रयास किया है। जिससे व्यापक संवाद हुआ है, और इसके उत्साहजनक परिणाम एमएसएमई क्षेत्र में देखने को मिले है। उन्होंने कहा कि उद्योग और निवेश को प्रोत्साहित किए बिना आर्थिक आधार मजबूत नहीं हो सकता। उद्योगों के विकास से ही रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और प्रदेश समृद्ध होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र बहुत विस्तृत है और इससे नई संभावनाओं के द्वार खुले है। उन्होंने प्रदेश के मंत्री श्री चैतन्य काश्यप की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में लागू की गई नई एमएसएमई नीति में सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को समाहित किया गया है, जिससे यह क्षेत्र और अधिक सशक्त बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि समिट के अंत में जब आंकड़े आएंगे तब तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि एमएसएमई सेक्टर को अभूतपूर्व उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी कमिटमेंट कर रही है और जिस पारदर्शिता के साथ नीतियों को लागू कर रही है, वह प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने एमएसएमई विभाग की सराहना की और कहा कि सरकार की नीतियां स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है। हमारी सरकार और उद्यमी मिलकर सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे।     सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उद्योग जगत के सभी साथियों का अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने उद्यमियों के प्री-प्रोडक्शन से पोस्ट-प्रोडक्शन तक की हर प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नई 18 नीतियां लागू की हैं। भूमि आवंटन प्रक्रिया को भी सरल किया गया है ताकि उद्यमियों को सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से और निश्चित समय में मिले। मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि सरकार उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के दो मुख्य लक्ष्यों पर कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि नई नीतियों की आवश्यकता हुई तो सरकार उद्यमियों के साथ पूरी पारदर्शिता से काम कर उसे भी लागू करेगी। उन्होंने समिट से प्रदेश के सुनहरे भविष्य की कल्पना करते हुए कहा कि नवाचारों और निवेश से लाखों रोजगार सृजित होंगे, इससे देश विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर होगा। सत्र के आरंभ अवसर पर एमएसएमई सचिव श्रीमती प्रियंका दास द्वारा एमएसएमई और स्टार्ट-अप इको सिस्टम के संदर्भ में विस्तार से जानकारी दी। एमएसएमई मंत्रालय भारत सरकार की अपर विकास आयुक्त सुश्री अश्विनी लाल ने बताया कि एमएसएमई सेक्टर के माध्यम से ग्रामीण, शहरी और हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स के जरिए युवाओं को आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए तैयार किया जा रहा है। उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने की मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों की सराहना एसएवी, दुबई की फाउंडर सुश्री पूर्वी मुनोट ने कहा कि एमपी सरकार ने उद्योगों और युवाओं के लिए सकारात्मक परिवेश तैयार किया है। राज्य एआई, ग्रीन एनर्जी और लॉजिस्टिक सप्लाई चेन के माध्यम से ग्लोबल हब बन रहा है।     इन एंड ब्रेडस्ट्रीट, मुंबई के एमडी व सीईओ श्री अविनाश गुप्ता ने कहा कि नवाचारों से भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। एशियाई विकास बैंक की डिप्टी कंट्री डायरेक्टर सुश्री आरती मेहरा ने कृषि, ऑर्गेनिक फार्मिंग और उद्यमियों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की प्रशंसा की।     नेशनल एमएसएमई बोर्ड के चेयरमैन श्री सुनील ने एमपी सरकार की 18 नई नीतियों को सराहा और कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में सहायक होंगी।     सत्र के अंत में स्टार्ट-अप और इको सिस्टम पर आधारित शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें मध्यप्रदेश सरकार की उपलब्धियों और आसान नीतियों को दर्शाया गया। सत्र में अन्य उद्योगपति एवं विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महाकुंभ अपने चरम पर, अद्भुत संयोग का साक्षी बनने उमड़े करोड़ों लोग

प्रयागराज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महाकुंभ अपने चरम पर पहुंच चुका है। 144 साल बाद बने इस अद्भुत संयोग का साक्षी बनने के लिए करोड़ों श्रद्धालु संगम तट पर उमड़ पड़े हैं। मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में रोज सवा करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगाकर शांति और मोक्ष की कामना कर रहे हैं। यही नहीं, 10 दिनों से लगातार बढ़ रहे आस्था के इस महाज्वार को देखते हुए स्वास्थ्य और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। महाकुंभ में अब तक 64 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान के सहभागी बन चुके हैं। इसे देखते हुए महाशिवरात्रि पर यह आंकड़ा 66 करोड़ के पार हो जाने की संभावना है। सनातन धर्मावलंबी जितनी बड़ी संख्या में यहां पहुंचे हैं, उतने पूरी दुनिया में आज तक कहीं दूसरी जगह एक साथ एकत्र नहीं देखे गए। गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा सात बार दो करोड़ के पार जा चुका है। पिछले 10 दिनों से हर दिन सवा करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान कर रहे हैं, जिससे महाकुंभ क्षेत्र के साथ-साथ पूरे देश में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। यहां लोगों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महाकुंभ में पवित्र स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सात बार दो करोड़ के पार जा चुकी है। महाकुंभ में पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में देश के कोने-कोने से लोग पहुंचे। यही नहीं, विभिन्न देशों से प्रयागराज आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं की भी इनमें अच्छी खासी तादाद रही है। बात सिर्फ प्रमुख स्नान की हो तो करीब 17 करोड़ से अधिक श्रद्धालु इस दौरान संगम तट पर पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाई। हर अमृत स्नान पर महाकुंभ नगर में जनसैलाब उमड़ा। प्रत्येक अमृत स्नान के मौके पर ढाई करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य किया। यही नहीं, महाकुंभ में ऐसा 12 बार हो चुका है जब गंगा स्नान करने वाले डेढ़ करोड़ लोगों की यहां संगम की रेत पर सहभागिता रही। महाकुंभ के इस दिव्य और भव्य आयोजन में महाशिवरात्रि के अंतिम महत्वपूर्ण स्नान को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत स्वास्थ्य और सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले टॉप के अधिकारियों को पूरे मेला क्षेत्र में 24 घंटे मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है, जिससे श्रद्धालु निर्बाध रूप से पवित्र स्नान और धार्मिक अनुष्ठान कर सकें।

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