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सोशल मीडिया पर वायरल हो रही IAS बने लड़के की प्रेरणादायक कहानी

राजस्थान राजस्थान के एक छोटे से गांव से उठकर IAS बने एक लड़के की प्रेरणादायक कहानी इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसे यह भी पता नहीं था कि IAS क्या होता है, आज अपनी मेहनत और संघर्ष से IAS अधिकारी बन गया है। यह कहानी लोगों को अपनी मंजिल पाने के लिए प्रेरित कर रही है। तुम कहीं के कलेक्टर हो क्या? यह कहानी एक ऐसे लड़के की है, जिसका नाम हेमंत है। बचपन में उनकी मां मनरेगा में काम करती थीं और रोजाना केवल 60-70 रुपए ही कमाती थीं, जबकि सरकार द्वारा तय मजदूरी 200 रुपए थी। एक दिन हेमंत की मां घर आईं और बेटे के सामने रोते हुए अपनी दुखभरी कहानी सुनाई। मां ने बताया कि उन्होंने पानी लगाने का काम जानबूझकर कर लिया था, जिससे 20 रुपए ज्यादा मिलते, लेकिन फिर भी उन्हें कम ही पैसे मिले। इस पर हेमंत ने ऑफिस जाकर उस कर्मचारी से सवाल किया कि क्यों उनकी मां को कम पैसे दिए जा रहे हैं। कर्मचारी ने ताना मारते हुए कहा, “तू कहीं का कलेक्टर है क्या? यह ताना हेमंत के दिल को चुभ गया। हेमंत को यह बात बहुत बुरी लगी और उन्होंने ठान लिया कि वे IAS अधिकारी बनेंगे। हालांकि, उस समय उन्हें यह भी नहीं पता था कि IAS होता क्या है। एक दिन कॉलेज में रैगिंग के दौरान जब सीनियर ने पूछा कि वे क्या बनना चाहते हैं, तो हेमंत ने बिना सोचे-समझे कह दिया कि IAS बनना है। तब उन्हें यह भी नहीं पता था कि IAS के लिए क्या करना पड़ता है। इसके बाद हेमंत ने अपने भाई से पूछा और IAS के बारे में जानकारी ली। उनके भाई ने उन्हें यूट्यूब पर वीडियो भेजे और समझाया। हेमंत के पास पढ़ाई के लिए पैसे नहीं थे। उनकी मां मजदूर थीं और परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। दोस्तों और सीनियर की मदद से उन्होंने कॉलेज में दाखिला लिया, लेकिन खर्चों के कारण स्थिति बहुत कठिन हो गई। फिर भी, हेमंत ने हार नहीं मानी और दिल्ली में अपनी पढ़ाई जारी रखी। उनके दोस्त जोगेंद्र सियाग ने उन्हें आश्रय दिया और निशांत सिंह ने बिना पैसे लिए उन्हें सोशियोलॉजी का एडमिशन दिया। हेमंत ने अपनी कठिनाईयों के बावजूद कड़ी मेहनत की और यूपीएससी के दूसरे प्रयास में 884 रैंक प्राप्त की। इस तरह उनका और उनके परिवार का सपना पूरा हुआ। हेमंत की यह कहानी यह साबित करती है कि अगर कोई ठान ले, तो कोई भी सपना बड़ा नहीं होता। उन्होंने अपने संघर्ष और मेहनत से यह साबित किया कि सच्ची लगन से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।

गृह निर्माण सहकारी समितियों के बायलॉज में संशोधन का मामला उठा सदन में, मूणत बोले – बिना पैसे लिए नहीं मिलता एनओसी

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन गृह निर्माण सहकारी समितियों के बायलॉज में संशोधन का मामला उठा. भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कहा कि सहकारी सोसायटी आज भी एनओसी के लिए भटक रही हैं. बिना पैसे लिए एनओसी नहीं दिया जाता. मंत्री केदार कश्यप आश्वस्त किया कि किसी भी तरह की शिकायत एनओसी को लेकर नहीं आएगी. भाजपा विधायक राजेश मूणत के सवाल पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पिछले सत्र में हमने कमेटी का गठन किए जाने की बात कही थी. सरकार ने कमेटी का गठन कर दिया है. कमेटी की दो बैठक हो चुकी है. कमेटी से जो आदर्श प्रारूप सामने आएगा, उसके तहत काम किया जाएगा. जल्द से जल्द हम प्रक्रिया ऑनलाइन करने जा रहे हैं. कहीं से कोई शिकायत नहीं आएगी. राजेश मूणत ने कहा कि मैं इस शहर में चालीस से ज़्यादा सोसाइटियों का नाम गिना सकता हूं, जहां यदि आम आदमी को जाना होता है, तो बगैर पैसे के एनओसी नहीं दी जाती है. जब राज्य से साय सरकार है, और हर काम सांय-सांय चल रहा है तो क्या इसे भी सांय-सांय किया जाएगा.

लॉजिस्टिक्स-कनेक्टिंग एमपी टू द वर्ल्ड सेशन में विशेषज्ञों ने किए विचार व्यक्त

भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के दूसरे दिन ‘लॉजिस्टिक्स: कनेक्टिंग एमपी टू द वर्ल्ड’ सत्र में मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर विशेषज्ञों और अधिकारियों ने औद्योगिक कॉरिडोर, डिजिटल एकीकरण, निवेश अवसरों और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर अपने विचार साझा किए। मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स (एलईएडीएस) इंडेक्स में ‘फास्ट मूवर’ के रूप में उभरते हुए इस क्षेत्र में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। नियमों को सरल बनाने, एमएसएमई को बढ़ावा देने और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने से प्रदेश एक लॉजिस्टिक पॉवर हाउस बनाने की ओर अग्रसर है। ऊर्जा दक्षता, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और अत्याधुनिक तकनीकों के समावेश से मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नई संभावनाएं सृजित कर रहा है। लॉजिस्टिक्स पॉवर हाउस में बदलता मध्यप्रदेश सेशन की शुरुआत में एनवीडी विभाग के सचिव, जॉन किंग्सले ने प्रदेश में लॉजिस्टिक्स सेक्टर के मौजूदा परिदृश्य और नए निवेश अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश मजबूत परिवहन नेटवर्क, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स ईकोसिस्टम के व्यापक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स का पावर हाउस बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य स्थित होने की वजह से रोड रेल और एयर कनेक्टिविटी आसान हो गई है। सीईओ एनआईसीडीसी एवं चेयरमैन एनएलडीएसएल, राजत कुमार सैनी ने लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में औद्योगिक कॉरिडोर और डिजिटल टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन की भूमिका पर विशेष संबोधन दिया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स की लागत को प्रभावी बनाने और परिवहन सुविधाओं को डिजिटल माध्यमों से अधिक सशक्त करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। डब्ल्यूएआईपीए के डिप्टी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, दुष्यंत ठाकोर ने वैश्विक निवेश परिदृश्य और मध्यप्रदेश के लॉजिस्टिक्स उद्योग में निवेश अवसरों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का रणनीतिक भौगोलिक स्थान और विकसित लॉजिस्टिक्स नेटवर्क इसे वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है। द चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ लॉजिस्टिक्स एंड ट्रांसपोर्ट इंडिया के सेक्रेटरी जनरल, संजीव गर्ग ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नवाचार और आपूर्ति शृंखला की दक्षता बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लॉजिस्टिक्स हब बनने की प्रबल संभावनाएं हैं, जिससे विभिन्न उद्योगों को सुगम और लागत प्रभावी परिवहन सुविधाएं मिल सकेंगी। डीपी वर्ल्ड के वाइस प्रेसिडेंट-ऑपरेशंस, रेल एंड इनलैंड टर्मिनल्स, महेंद्र बिरहाडे ने और वेयरहाउसिंग सेक्टर में अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग और मल्टी-मॉडल परिवहन की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्कों और वेयरहाउसिंग सुविधाओं का विस्तार वैश्विक मानकों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। फ्लिपकार्ट ग्रुप के रीजनल डायरेक्टर – वेस्ट एवं साउथ, महेश पंजवानी ने ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स के विकास और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के प्रभाव पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे उद्योगों को निर्बाध आपूर्ति शृंखला सुनिश्चित हो सके। हर्ष ट्रांसपोर्ट प्रा. लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर, डिप्पी वांकानी ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निजी निवेश की संभावनाओं और सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए अनुकूल नीतियों पर काम कर रहा है।  

लव मैरिज करने से नाराज दुल्हन के पिता ने बधाई पूजन के दौरान दूल्हा-दुल्हन और दूल्हे के परिवार पर हमला कर दिया

पन्ना  पन्ना जिले में एक नए जोड़े की शादी खुशियों की जगह अस्पताल के बिस्तर पर खत्म हुई। दूल्हा लवलेश कोंदर और दुल्हन रोशनी कोंदर की शादी के बाद बधाई की रस्म चल रही थी। इसी दौरान दुल्हन के परिवार वालों ने हमला कर दिया। इस हमले में दूल्हा-दुल्हन समेत दूल्हे के माता-पिता, चाचा और अन्य रिश्तेदार घायल हो गए। यह हमला प्रेम विवाह से दुल्हन के पिता की नाराजगी के कारण हुआ। सभी घायलों को अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल लोगों को पन्ना जिला अस्पताल रेफर किया गया। अजयगढ़ थाना में घटी घटना पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र के विश्रामगंज गांव में यह घटना घटी। लवलेश और रोशनी ने प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद घर पर बधाई की रस्म चल रही थी। दुल्हन के हाथों के निशान दरवाजे पर लगवाए जा रहे थे। मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था थी। अचानक, दुल्हन के पिता, भाई और कुछ अन्य रिश्तेदार वहां पहुंचे और उन्होंने लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। दुल्हन रोशनी ने बताया कि मेरी उम्र 19 साल है। मेरे माता-पिता ने मुझे घर से निकाल दिया था। मैंने लवलेश से शादी की। आज मेरे पिता और भाई ने मेरे सास-ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों पर हमला किया। मुझे और मेरे पति को भी पीटा। अब वे हमें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। रोशनी की बातों से साफ है कि परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी करना उनके लिए कितना खतरनाक साबित हुआ। पुलिस ने बताया कि यह मामला प्रेम विवाह के कारण हुई दुश्मनी का है। गांव वालों ने भी बताया कि दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवार वालों को बुरी तरह पीटा। वे अभी भी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस घटना से गांव में दहशत का माहौल है। झिन्ना मंदिर में की शादी पुलिस के अनुसार, लवलेश और रोशनी दोनों एक ही जाति के हैं। इसके बावजूद रोशनी के पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसलिए दोनों ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर झिन्ना मंदिर में शादी कर ली। 23 फरवरी को बधाई की रस्म के दौरान रोशनी के पिता सियाराम कोंदर, उनके भाई और अन्य लोगों ने दूल्हे लवलेश पर हमला कर दिया। जब दूल्हे के परिवार वाले बीच-बचाव करने आए तो उन पर भी हमला किया गया। इस हमले में दूल्हे की मां, जीजा, चाचा और अन्य रिश्तेदार घायल हो गए। सामुदायिक केंद्र में कराया गया भर्ती घटना के बाद 108 एम्बुलेंस से सभी घायलों को अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से तीन गंभीर रूप से घायलों को पन्ना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।  

ट्रैफिक जाम की वजह 3 साल के बीमार बच्चे की मौत

राजस्थान राजस्थान के कोटा जिले में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहां एक 3 साल के बीमार बच्चे की मौत सिर्फ ट्रैफिक जाम की वजह से हो गई। बच्चा सर्दी-जुकाम से पीड़ित था, और उसे अस्पताल ले जाते समय उसके माता-पिता ने पुलिस से जाम खुलवाने की गुहार लगाई, लेकिन लगभग 3 घंटे तक जाम में फंसे रहने के कारण समय पर इलाज न मिलने से बच्चे ने बीच रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना कोटा जिले के रामगंजमंडी से कोटा जाने वाले नेशनल हाईवे-52 पर स्थित दरा नाल के पास की है। यह इलाका ट्रैफिक जाम के लिए बदनाम है, जहां आए दिन भारी जाम लगता है। दरा नाल के सिंगल लेन पर जाम लगने से लोग घंटों फंसे रहते हैं। सोमवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब एक बीमार बच्चे को अस्पताल लेकर जा रहे उसके माता-पिता भारी ट्रैफिक जाम में फंस गए। परिवार ने बार-बार पुलिस से जाम खोलने की मदद मांगी, लेकिन करीब तीन घंटे तक जाम में फंसे रहने के कारण बच्चे की स्थिति गंभीर हो गई और उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मृतक बच्चे के पिता पप्पू लाल ने बताया कि उनका बेटा हरिओम सर्दी और बुखार से पीड़ित था। उन्होंने पहले उसे चेचट सरकारी अस्पताल में दिखाया था, लेकिन उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे कोटा रेफर कर दिया गया था। जब वे कोटा के लिए रवाना हुए, तो दरा नाल के पास ट्रैफिक जाम में फंस गए और समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाए, जिससे बच्चे की जान चली गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है, क्योंकि उनका कहना है कि पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। लोगों का आरोप है कि पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन उन्होंने जाम में फंसी एंबुलेंस या अन्य वाहनों को प्राथमिकता नहीं दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जाम जल्दी खुलवाया जाता, तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद पुलिस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। पुलिस का कहना है कि दरा नाल पर भारी ट्रैफिक जाम के दौरान पुलिस का जाप्ता तैनात किया गया था, और एंबुलेंस को प्राथमिकता के साथ जाम से बाहर निकाला जाता है। पुलिस ने बताया कि जाम के कारण हुई इस मौत की जांच की जा रही है और मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।  

माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी के भोपाल आगमन पर पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत

भोपाल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का मंगलवार को भोपाल आगमन पर आत्मीय स्वागत किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री शाह शाम 4 बजे विशेष विमान से के राजकीय विमानतल पर पहुंचे। राजकीय विमानतल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधयों ने उनका पुष्प-गुच्छ भेंट कर हार्दिक अभिनंदन किया। डीजीपी कैलाश मकवाना, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस आयुक्त हरिनारायण चारी मिश्रा ने भी उनका स्वागत किया।  

बिलासपुर एम्स में निकली कई पदों पर भर्ती, बिना एग्जाम सिलेक्शन, 3 मार्च तक करें अप्लाई

बिलासपुर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका है।एम्स बिलासपुर ने प्रोजेक्ट टेक्नीशियन III / प्रोजेक्ट स्टाफ नर्स II और डेटा एंट्री ऑपरेटर के विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन की प्रक्रिया जारी है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों को एम्स की आधिकारिक वेबसाइट aiimsbilaspur.edu.in पर जाकर 3 मार्च तक आवेदन कर सकते है। एम्स बिलासपुर की तरफ से जारी की गई भर्ती में प्रोजेक्ट टेक्नीशियन III / प्रोजेक्ट स्टाफ नर्स II के 02 पद और डेटा एंट्री ऑपरेटर का 01 पद भरा जाएगा। यह भर्ती अभियान उम्मीदवारों की योग्यता और संबंधित क्षेत्र में अनुभव के आधार पर किया जाएगा। पदों का विवरण     प्रोजेक्ट टेक्नीशियन III/प्रोजेक्ट स्टाफ नर्स II- 02 पद     डेटा एंट्री ऑपरेटर- 01 पद आयु सीमा: प्रोजेक्ट टेक्नीशियन III / प्रोजेक्ट स्टाफ नर्स II पदों के लिए उम्मीदवारों की आयु सीमा 18 से 30 वर्ष तक निर्धारित की गई है। वहीं, डेटा एंट्री ऑपरेटर पद के लिए आयु सीमा 18 से 28 वर्ष तक रखी गई है। योग्यता और अनुभव: अलग अलग पदों के लिए अलग अलग योग्यता निर्धारित की गई है।     प्रोजेक्ट टेक्नीशियन III / प्रोजेक्ट स्टाफ नर्स II: साइंस में 12वीं पास।संबंधित क्षेत्र में डिप्लोमा (एमएलटी/डीएमएलटी) या जनरल नर्सिंग और मिडवाइफरी (GNM) का कोर्स ।संबंधित क्षेत्र में 5 साल का अनुभव या 3 वर्षीय GNM कोर्स ।     डेटा एंट्री ऑपरेटर: साइंस में 12वीं पास । DOEACC ‘A’ लेवल का सर्टिफिकेट । सरकारी, ऑटोनॉमस, पीएसयू या किसी मान्यता प्राप्त संगठन में 2 साल का अनुभव । चयन प्रक्रिया : चयनित उम्मीदवारों का चयन इंटरव्यू के माध्यम से किया जाएगा। शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों को चयन समिति द्वारा ईमेल के माध्यम से और आधिकारिक वेबसाइट पर सूचना दी जाएगी। उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया के लिए तय तिथि और स्थान की जानकारी दी जाएगी। सैलरी: प्रोजेक्ट टेक्नीशियन III / प्रोजेक्ट स्टाफ नर्स II को 20,000 रुपये + HRA (स्वीकृत दर के अनुसार) और डेटा एंट्री ऑपरेटर को 18,000 रुपये। कैसे करें आवेदन     सबसे पहले AIIMS बिलासपुर की आधिकारिक वेबसाइट     http://aiimsbilaspur.edu.in पर जाएं।     वेबसाइट के होम पेज पर दिए गए भर्ती सेक्शन पर क्लिक करें।     संबंधित पदों के लिए आवेदन लिंक पर क्लिक करें और अपनी जानकारी भरें।     आवेदन पत्र को सही ढंग से भरने के बाद उसे सबमिट करें।

इंदौर में लगा गंजों का मेला… बाल उगाने की गारंटी देने वाले से तेल लगवाने जुटे हजारों

इंदौर बाल झड़ने की समस्या और गंजेपन से जूझ रहे हजारों लोग इंदौर में एक साथ इकट्ठे हुए तो हर कोई हैरान रह गया. पता चला कि बिना बाल वालों की भीड़ ‘जादुई तेल’ के लिए लगी हुई. यह तेल दिल्ली से लगाने के लिए सलमान भाई आए हैं. दावा किया गया कि तेल से बाल उग आते हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही सलमान भाई मौके से भाग निकले. इंदौर के डाकाचाइया इलाके में जादुई तेल लगवाने आए जवान, अधेड़ और बूढ़े लोगों को इतनी बड़ी संख्या में देख हर कोई अचंभित रह गया. दिल्ली से सलमान भाई के आने की खबर सुनकर सुबह 6 बजे से ही तेल लगवाने के लिए हजारों बिना बाल वाले लोग लाइन लगाकर खड़े हुए थे.  मौके पर इतनी भीड़ हो गई थी कि पुलिस को व्यवस्था संभालने के लिए तैनात करना पड़ा. दरअसल, खुद को दिल्ली निवासी बताने वाला सलमान भाई नाम का शख्स एक खास तेल और दवा लगाकर गंजेपन को दूर करने का दावा करता है. बालों की कमी से परेशान लोग सुबह से लेकर रात तक इस तेल को लगवाने के लिए मशक्कत करते हुए नजर आए. एक साथ इतनी बड़ी संख्या में गंजे लोगों को देखकर स्थानीय लोग हंसी नहीं रोक पाए, क्योंकि यह दृश्य कुछ खास था. इंदौर के अलग-अलग हिस्सों से आए लोग इस तेल का इस्तेमाल करने के लिए घंटों लंबी लाइन में खड़े रहे. हालांकि, यह पूरी घटना इंदौर में एक मजेदार दृश्य पैदा कर गई, जहां लोग अपनी परेशानी से जादुई तरीके से निजात पाने के लिए इंतजार कर रहे थे. इस मेला ने इलाके में अनोखा माहौल बना दिया. हंसी-मजाक के बीच लोग अपने बाल वापस पाने की उम्मीद में दिन-भर अपनी अपनी बारी का इंतजार करते रहे. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ. हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद सलमान मौके से निकला. लेकिन कुछ लोगों ने सलमान के सहयोगी रईस अहमद को पकड़ लिया. दावा किया जा रहा है कि यूपी के मेरठ में भी इसी सलमान ने 20 रुपये की दवा और 300 रुपये का तेल देकर तमाम लोगों से बाल उगाने का वादा किया. अब इंदौर के लोगों से भी वादा करके गया है कि वह दोबारा आएगा और तेल लगाकर जाएगा. ‘आजतक’ इस तरह के किसी भ्रामक उत्पाद का समर्थन नहीं करता है. पाठकों को सलाह है कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी ऐसे उत्पाद का इस्तेमाल न करें.  

मध्‍य रात्रि 2.30 बजे खुलेंगे महाकाल मंदिर के पट, 44 घंटे तक भगवान महाकाल भक्तों को देंगे दर्शन

उज्जैन  महाशिवरात्रि पर्व के तहत विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के पट मंगलवार-बुधवार की दरिमयानी रात 2.30 बजे खोले जाएंगे। इसके बाद से भक्तों को लगातार 44 घंटे भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। इस दौरान गर्भगृह में भगवान के अभिषेक-पूजन का क्रम सतत जारी रहेगा। नौ मार्च को शयन आरती के बाद रात 11 बजे मंदिर के पट पुन: बंद होंगे।  मंगलवार रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती होगी। बुधवार सुबह 7.30 बजे बालभोग (दद्योदक) तथा सुबह 10.30 बजे भोग आरती होगी। दोपहर 12 बजे तहसील की ओर से शासकीय पूजन होगा। शाम चार बजे होलकर व सिंधिया स्टेट की ओर से पूजा की जाएगी। शाम 7.30 बजे संध्या आरती में भगवान को गर्म मीठे दूध का भोग लगाया जाएगा। शाम सात बजे से कोटितीर्थ कुंड के समीप स्थित भगवान श्री कोटेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि की महापूजा शुरू होगी। पुजारी कोटेश्वर महादेव का अभिषेक-पूजन कर सप्त धान अर्पित करेंगे। उसके बाद पुष्प मुकुट सजाकर आरती की जाएगी। इसके बाद रात 11 बजे से गर्भगृह में महानिशा काल में महाकाल की महापूजा शुरू होगी, जो अगले दिन नौ मार्च को सुबह छह बजे तक चलेगी। इस दौरान भगवान महाकाल पंचामृत, फलों के रस, गुलाब जल, भांग आदि से अभिषेक-पूजन किया जाएगा। भगवान को सप्तधान अर्पित उनके शीश सवामन फल व फूलों से बना पुष्प मुकुट सजाया जाएगा। सोने-चांदी के आभूषणों से भगवान का शृंगार होगा। भगवान पर चांदी का सिक्का व बिल्व पत्र न्योछावर किया जाएगा। भगवान को फलों का भोग लगाकर आरती की जाएगी। सेहरा दर्शन के उपरांत साल में एक बार दिन में दोपहर 12 बजे होने वाली भस्म आरती होगी। भस्म आरती के बाद भोग आरती होगी और शिवनवरात्र का पारणा होगा। रात 10.30 बजे शयन आरती के बाद रात 11 बजे मंदिर के पट बंद होंगे। इसके साथ ही महाशिवरात्रि पर्व संपन्न होगा। 44 घंटे में कब-कब आरती पूजा होगी     मंगलवार-बुधवार की मध्य रात्रि 2.30 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती होगी।     बुधवार सुबह 7.30 से 8.15 बजे तक दद्योदक (बालभोग) आरती होगी।     सुबह 10.30 से 11.15 बजे तक भोग आरती होगी।     दोपहर 12 बजे तहसील की ओर से भगवान महाकाल की शासकीय पूजा होगी।     शाम 4 बजे से होलकर व सिंधिया राजवंश की ओर से पूजा अर्चना की जाएगी।     शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक कोटेश्वर महादेव का पूजन व सेहरा श्रृंगार होगा।     रात 11 बजे से गर्भगृह में महाकाल की महापूजा होगी, जो सारी रात चलेगी।     गुरुवार सुबह 6 बजे से 10 बजे तक सेहरा दर्शन होंगे।     दोपहर 12 बजे साल में एक बार दिन में भस्म आरती होगी।     दोपहर 2 बजे बालभोग व भोग आरती होगी।     रात 11 बजे शयन आरती के बाद पट बंद होंगे। ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर के पट 24 घंटे खुले रहेंगे खंडवा। प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थ ओंकारेश्वर में भी पर्व को लेकर तैयारी जारी है। महाशिवरात्रि पर एक लाख से अधिक भक्तों के आने का अनुमान है। मंदिर ट्रस्ट के व्यवस्थापक पं. आशीष दीक्षित के अनुसार आठ मार्च को तड़के तीन बजे मंदिर के पट भगवान के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। इसके बाद लगातार 24 घंटे भक्त दर्शन कर सकेंगे। रोशनी से जगमगाया पशुपतिनाथ मंदिर, सुबह चार बजे से होंगे दर्शन मंदसौर। महाशिवरात्रि पर्व के तहत मंदिर आकर्षक रोशनी से जगमगमा रहा है। पर्व पर भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर के पट सुबह चार बजे से ही खुल जाएंगे और दर्शन प्रारंभ हो जाएंगे। जो अगले 33 घंटे तक खुले ही रहेंगे। इस दौरान भक्त लगातार दर्शन कर सकेंगे। सीसीटीवी कैमरों से भी पूरी व्यवस्था और सुरक्षा पर नजर रखी जएगी। दिनभर में 50 हजार से अधिक भक्त दर्शन करने के लिए पहुंचने का अनुमान है।

प्रवासी भारतीयों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागिता के लिए किया आमंत्रित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले राज्यों में है शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश से लगाव, मध्यप्रदेश की सामूहिक शक्ति का प्रतीक प्रवासी भारतीयों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागिता के लिए किया आमंत्रित सेक्टर वाइज समिट का होगा आयोजन, शुरुआत कृषि से भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश तेज गति से आगे बढ़ता हुआ राज्य है। विकास के सभी क्षेत्रों में निवेश की नई संभावनाएँ उभरकर सामने आई हैं। प्रदेश के प्रत्येक भू-भाग में विकास और निवेश संभावनाओं को तलाशने के लिये रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया। भोपाल में हो रही जीआईएस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, का 8वाँ संस्करण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास के विभिन्न क्षेत्रों में नई संभावनाओं से प्रवासी भारतीय परिचित हो रहे हैं। प्रदेश में सभी क्षेत्रों – आईटी, फार्मा, बॉयोटेक समेत विभिन्न सेक्टर्स में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 18 नई नीतियाँ लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि अब सेक्टर-वाइज समिट का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत कृषि क्षेत्र से होगी। निवेशकों के लिए सरलीकृत प्रक्रिया और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों और निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि सभी क्षेत्र निवेश के लिए खुले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवासी भारतीयों के प्रति अपने गहरे जुड़ाव को व्यक्त करते हुए कहा कि जब लंदन में मध्यप्रदेश के निवासी मेयर बनते हैं, तो यहाँ भी खुशी से आतिशबाजी की जाती हैं। जब जिम्बाब्वे में मध्यप्रदेश का रहने वाले या यहां की जड़ों से जुड़ा हुआ व्यक्ति मुख्यमंत्री के पद को सुशोभित करते हैं, तो यहाँ भी खुशियाँ मनाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि यह आंतरिक लगाव और मध्यप्रदेश की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है, जो दुनिया के किसी भी कोने में अपने लोगों की सफलता पर गर्व महसूस करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में “प्रवासी मध्यप्रदेश समिट” में मध्यप्रदेश के प्रवासी नागरिकों, फ्रेंड्स ऑफ़ एमपी, इंडिया कनेक्ट के सदस्यों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में रोजगार के नये अवसरों के सृजन में प्रदेश के प्रवासी भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से अपील करते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश में निवेश कर यहाँ के विकास में भागीदार बनें। उन्होंने आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी और प्रदेश को एक वैश्विक निवेश गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बाबा महाकाल की भस्म आरती जीवन को सार्थक करने का सिखाती है सिद्धांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल की भस्म आरती का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा महाकाल की भस्म आरती में पंचामृत से शरीर को निर्मल किया जाता है इसके बाद विधिवत पूजा कर अंत में भस्म से शरीर को ढंका जाता है। भस्म आरती जीवन को सार्थक करने का लघु सिद्धांत भी सिखाती है। उन्होंने महाकाल की भस्म आरती का महत्व समझाते हुए कहा कि भस्म आरती जन्म से मृत्यु तक के दर्शन का लघु रूप है। यह हर क्षण स्मरण कराती है कि जीवन में सर्वश्रेष्ठ कार्य करते जायें और समय पर हर कार्य पूरा करें। उन्होंने कहा कि उज्जैन आध्यात्मिक नगरी के साथ ही समय (काल) की नगरी भी है। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ की चर्चा करते हुए कहा कि यह आध्यात्मिक कुंभ है और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सांसारिक और आर्थिक महाकुंभ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल भस्म आरती के दुर्लभ दर्शन की वीआर (वर्चुअल रियलिटी) हेडसेट सेवा भी लॉन्च की। (वीआर) वीथि संकुल में उपलब्ध रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय के सदुपयोग और कर्म पर बल देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में यही उपदेश दिया है कि सभी को अपने कर्मों के माध्यम से समाज के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो प्रवासी भारतीय सफलता की ऊंचाइयों पर पहुँचे हैं, उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश करना चाहिए। इससे वे न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि हजारों लोगों के जीवन में सुधार लाने का पुण्य भी अर्जित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फ्रेंड्स ऑफ एमपी (यूके चैप्टर) के आबिद फारूकी और टीम के द्वारा मध्यप्रदेश के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए पर्यटन प्रमोशन फ्रेम का अनावरण किया। मध्यप्रदेश सरकार करेगी पूर्ण सहयोग प्रमुख सचिव, प्रवासी भारतीय विभाग संदीप यादव ने कहा कि नीति-निर्माण से विषयों पर केंद्र सरकार निर्णय लेती है, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार स्थानीय स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक, सुविध शाह ने विदेश व्यापार से जुड़े विभिन्न प्रावधानों और मध्यप्रदेश में व्यापारिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। प्रवासी भारतीयों और उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश की प्रगति को सराहा फ्रेंड्स ऑफ एमपी (यूएई चैप्टर) के अध्यक्ष जितेंद्र वैद्य ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सशक्त और विकासपरक सोच के कारण मध्यप्रदेश आज हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हांगकांग के लीडिंग इन्वेस्टर और इंडिया कनेक्ट के ग्लोबल प्रेसिडेंट संजय नागरकर ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति की सराहना की। नागरकर ने कहा कि मध्यप्रदेश ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में लगातार प्रगति कर रहा है और लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से यहाँ असीम संभावनाएँ हैं। उन्होंने बताया कि “इंडिया कनेक्ट” ग्रुप ने निकट भविष्य में 65 हजार करोड़ रुपये के निवेश का संकल्प लिया है। हाल ही में 6 हजार 500 करोड़ रुपये के निवेश का एमओयू भी साइन किया गया है। उन्होंने बताया कि इंडिया कनेक्ट समूह अब बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के साथ बॉयो केमिस्ट्री में एमओयू करने जा रहा है और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी कार्य करेगा। बंकिंघमशायर (लंदन) की मेयर सुप्रेरणा भारद्वाज, फ्रेंड्स ऑफ एमपी (बॉस्टन चैप्टर) के अध्यक्ष रोहित दीक्षित, कार्यक्रम में फ़िजी के हाई कमिश्नर जगन्नाथ साई, जिम्बाब्वे के राज मोदी, फ्रेंड्स ऑफ एमपी चैप्टर के कई सदस्य और मध्यप्रदेश से जुड़े प्रवासी भारतीयों ने समिट में सहभागिता की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर केंद्रित लघु फ़िल्मों का प्रदर्शन किया गया।

ज्यादा धर्म का प्रचार कर सकेगी महाकाल की नगरी, आने वाले दिनों में यहां 3300 हेक्टेयर जमीन पर धार्मिक सिटी बनेगी :मंत्री शेखावत

भोपाल  मध्यप्रदेश, खासकर महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए बड़ी खुशखबरी है। आने वाले दिनों में यहां 3300 हेक्टेयर जमीन पर धार्मिक सिटी बनेगी। इस सिटी में साधु-संतों, महंतों, महामंडलेश्वरों, शंकराचार्य को स्थायी जगह मिलेगी। ये सभी गुरुजन यहां आश्रम बनाएंगे। वे इन जगहों पर अन्न क्षेत्र चला सकेंगे, धर्मशाला बना सकेंगे, स्कूल-कॉलेज-अस्पताल बना सकेंगे। खास बात यह है कि इस योजना में आम जनता भी शामिल होकर व्यवस्था में हाथ बंटा सकेगी। यानी कुल मिलाकर महाकाल की नगरी और ज्यादा धर्म का प्रचार के साथ-साथ नर सेवा कर सकेगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में की। सीएम यादव ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 के दूसरे दिन यानी 25 फरवरी को फिल्म एंड टूरिज्म सेशन को संबोधित कर रहे थे. इस सेशन में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और विख्यात अभिनेता पंकज त्रिपाठी भी मौजूद थे। सेशन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद ही हमने टूरिज्म सेक्टर को सबसे पहले विकसित करने की कोशिश की। इसके मद्देनजर हमने एविएशन पॉलिसी में बदलाव किया है। टूरिज्म को बढ़ाने के लिए हमारी खुद की विमान सेवा भी है। उन्होंने कहा कि विमानों की संख्या बढ़ने पर हम कंपनियों को इंसेंटिव देंगे। आज सिंगरौली, जबलपुर, रीवा की एयर कनेक्टिविटी जबरदस्त हो गई है। हमने एयर एंबुलेंस भी शुरू की। जहां-जहां हवाई पट्टी है वहां विमान से और जहां हेलीपैड है वहां हैलीकॉप्टर से मरीजों को पहुंचाया जाता है। आजकल टूरिज्म में हेल्थ टूरिज्म भी आ रहा है। इसके लिए हम कई तरह के प्रयोग कर रहे हैं। 10 मार्च को 9वें टाइगर रिजर्व का लोकार्पण     सीएम यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई हार्टपेशेंट ईश्वर के दर्शन करने उज्जैन आ रहा है और वह आयुष्मान कार्ड धारी है, तो हम कोशिश करेंगे कि उसके हार्ट का ऑपरेशन वहीं हो जाए।     हम उसके रहने-खाने की व्यवस्था करेंगे और ऑपरेशन करवाकर वापस भिजवा देंगे। राजधानी भोपाल एक ऐसा शहर है, जहां दिन में इंसान तो रात में टाइगर घूमते हैं।     इन दिनों टाइगर ने भी सह अस्तित्व की भावना अपनाकर जीवनशैली बदल ली है। आमतौर पर एक टाइगर को जीने के लिए 45 से 50 किलोमीटर की जरूरत होती है।     जबकि, बाघिन को 10-15 किमी इलाके की जरूरत होती है। लेकिन, अब इनकी संख्या इतनी बढ़ गई है कि बाघ बाघिन के इलाके में ही जीवन पूरा कर रहा है।     पूरे देश में सबसे ज्यादा टाइगर हमारे पास हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा लेपर्ड भी हमारे पास हैं। हमारे पास पहले 7 टाइगर रिजर्व थे।     इसी साल हमने रातापानी में 8वां टाइगर रिजर्व घोषित किया। इसे डॉ विष्णु वाकणकर का नाम दिया। माधव नेशनल पार्क हमारा 9वां टाइगर रिजर्व है। 10 मार्च को उसका लोकार्पण होगा। केंद्रीय मंत्री से कही ये बात     सीएम यादव ने मजेदार अंदाज में केंद्रीय मंत्री शेखावत से कहा कि मंत्री जी आपके जोधपुर में शायद फर्नीचर अच्छा बनाते हैं।     लेकिन, मजेदार बात है कि जोधपुर में लकड़ी नहीं है और फर्नीचर सबसे अच्छा बनता है। हमारे यहां लकड़ी बहुत है, लेकिन फर्नीचर नहीं बना पाते।     इसलिए आपका और हमारा एमओयू कर लेते हैं। जब आप जल शक्ति मंत्री थे तो आपने केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध नदी के बड़े प्रोजेक्ट पर फोकस किया। क्या होगा उज्जैन में     सीएम यादव ने कहा कि साल 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ होने वाला है। जब कुंभ राशि वृश्चिक राशि में प्रवेश करती है तो कुंभ हो जाता है। हर 12 साल में एक बार ऐसी स्थिति बनती है।     उन्होंने कहा कि उज्जैन में लगभग 3300 हेक्टेयर जमीन में धार्मिक सिटी बसाने की योजना है। उसमें बड़े पैमाने पर साधु-संतों, महंतों, महामंडलेश्वरों, शंकराचार्य को स्थायी रूप से जगह दी जाएगी।     वे आश्रम में अन्न क्षेत्र चला सकते हैं, धर्मशाला बना सकते हैं, स्कूल-कॉलेज और अस्पताल बना सकते हैं। केवल साधु संत ही नहीं आम लोग भी इस तरह की व्यवस्था में मदद कर सकते हैं। पंकज त्रिपाठी ने की एमपी की तारीफ     विख्यात फिल्म अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने कहा कि मध्यप्रदेश विलक्षण है, यहा अपार संभावनाएं हैं।     राज्य में जितनी खूबसूरती है, उतनी कहीं और नहीं। यहां आकर वापस जाने का मन नहीं करता।     यहां आकर मन को शांति मिलती है। उन्होंने मध्यप्रदेश में फिल्म शूटिंग के दौरान अनुभवों को सांझा करते हुए यहां की प्रकृति के बारे में बताया।  

प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का रकबा 5 साल में 27 लाख से बढ़कर होगा 32 लाख हैक्टेयर

खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएँ : केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान निवेश प्रोत्साहन के लिये मध्यप्रदेश में सिंगल विण्डो प्रणाली लागू : उद्यानिकी मंत्री कुशवाह प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का रकबा 5 साल में 27 लाख से बढ़कर होगा 32 लाख हैक्टेयर प्रदेश में 8 फूड पार्क, 5 एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर, 2 मेगा फूड पार्क और 2 मसाला पार्क उपलब्ध भोपाल कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग द्वारा इनवेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में आयोजित सीड टू सेल्फ इन लांचिंग इन्वेस्टमेंट अपार्चुनिटी इन एमपी एग्री फूड एण्ड डेयरी सेक्टर पर आयोजित सत्र में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। मध्यप्रदेश निवेश के लिये आवश्यक अधोसंरचना के साथ एक लाख हैक्टेयर का लैण्ड बैंक रखने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलों के अंतर्गत टमाटर, मटर, प्याज, लहसुन, मिर्च, गेहूँ और चावल उत्पादन में देश अग्रणी है। उन्होंने कहा कि कृषि-उद्यानिकी उत्पादन की प्रचुर मात्रा में उत्पादन से किसान को फसल का भरपूर दाम नहीं मिल पाता है। इसलिये आवश्यक है कि प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाये। इससे फसलों का वैल्यू एडीशन होगा। किसान और उत्पादक इकाई, दोनों लाभान्वित होंगे। इसी तरह भारत पूरी दुनिया में फूड प्रोसेसिंग के लिये वर्ल्ड लीडर बन सकता है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिये बीज और पौध की नवीन किस्म विकसित करवा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के कृषि उत्पादन को विदेशों में बेहतर मांग मिल सके, इसके लिये भारत सरकार द्वारा चावल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी शून्य कर दी है। साथ ही ऑइल पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दी है। इसका लाभ देश की फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को मिलेगा। उन्होंने सभी निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये भरपूर सहयोग का आश्वासन भी दिया। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने “इनवेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 में आये सभी निवेशकों ओर विषय-विशेषज्ञों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, अपनी समृद्ध कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण क्षमताओं के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। प्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों ने देश में अलग पहचान बनायी है। प्रदेश के 27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। इसे आगामी 5 वर्षों में बढ़ाकर 32 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 400 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 500 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है। देश के कुल जैविक उत्पादन में मध्यप्रदेश की भागीदारी 40 प्रतिशत है। प्रदेश का रियावन लहसुन और सुंदरजा आम विश्व बाजार में अपनी अलग पहचान रखता है। हमारी सरकार ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशेष निवेश योजनाओं को लागू करते हुए ‘एक जिला-एक उत्पाद’ पहल के तहत 52 जिलों की विशिष्ट फसलें चिन्हित की हैं। राज्य सरकार द्वारा बनायी गयी नवीन निवेश नीतियों को निवेशकों के अनुकूल बनाया गया है। साथ ही इन नीतियों के निर्धारण के लिये निवेशकों के सुझाव भी राज्य सरकार द्वारा खुले मन से आमंत्रित किये गये हैं। निवेश प्रोत्साहन के लिये सिंगल विण्डो प्रणाली रखी गयी है, जिसमें भूमि का आवंटन एवं सभी प्रकार की अनुमतियां कम से कम समय में मिल सकेंगी। किसानों की आय, रोजगार, निवेश तथा निर्यात में वृद्धि राज्य सरकार का संकल्प है। कृषि उत्पादन आयुक्त मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि फसल को खेत से बाजार तक पहुंचाने और उसे वाजिब दाम उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा करने की आवश्यकता है। उन्होंने मध्यप्रदेश में कृषि, पशुपालन एवं उद्यानिकी के महत्व और उनके निर्यात संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में राज्य के कृषि, खाद्य प्र-संस्करण एवं डेयरी क्षेत्रों में निवेश के नए अवसरों पर व्यापक चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने किसानों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नवाचार, तकनीकी प्रगति एवं सरकारी नीतियों के महत्व पर रोशनी डाली। प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण अनुपम राजन ने कहा कि प्रदेश में निवेश का बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। राज्य की सशक्त अधोसंरचना के अंतर्गत 8 फूड पार्क, 2 मेगा फूड पार्क, 5 कृषि प्र-संस्करण क्लस्टर एवं एक लॉजिस्टिक पार्क निवेशकों को उत्कृष्ट अवसर प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही, सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से भूमि आवंटन एवं सभी प्रकार की अनुमतियाँ शीघ्र उपलब्ध कराई जा रही हैं। मिनी योजनाओं से लेकर उन्नत फ्रोजन लॉजिस्टिक अधोसंरचना तक के अनेक कदम उठाये जा रहे हैं, जिससे किसानों की आय, रोजगार एवं निर्यात में वृद्धि सुनिश्चित होगी। उद्यानिकी के समग्र विकास एवं वैश्विक स्तर पर वृद्धि करने के लिये भारत सरकार के सहयोग से विशेष फसल आधारित क्लस्टर का चयन किया गया है। जैसे निमाड़ में मिर्च, गुना-राजगढ़ में धनिया, बुंदेलखण्ड में अदरक, बघेलखण्ड में हल्दी, बुरहानपुर में केला, मटर, जबलपुर, देवास और इंदौर में आलू के क्लस्टर चयनित किये गये हैं। इसके लिये केन्द्र सरकार द्वारा 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें प्रदेश सरकार आनुपातिक राशि का निवेश करेगी। उन्होंने बताया कि छोटे उद्यमियों द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना अंतर्गत 930 करोड़ रुपये की इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। केन्द्रीय सचिव कृषि सुब्रत गुप्ता ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। हमारे घरों में फूड प्रोसेसिंग का लगातार उपयोग होता है। बदलते परिवेश में रेडी-टू-फूड और रेडी-टू-ईट फूड की मांग लगातार बढ़ रही है। इससे भारत दुनिया में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर सकता है। केन्द्र सरकार द्वारा फूड प्रोसेसिंग को प्रोत्साहित करने के लिये 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नये उद्यमी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्रीमती प्रीति मैथिल ने मध्यप्रदेश में उद्यानिकी और खाद्य प्र-संस्करण के संबंध में उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वह सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं, जिनकी आवश्यकता नई फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिये होती है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश मसाला फसलों के उत्पादन में देश में प्रथम, फल उत्पादन में द्वितीय और दुग्ध उत्पादन में तृतीय स्थान पर है। प्रदेश में 11 एग्रो क्लाइमेटिक जोन हैं। परिवहन के लिये 700 रेलवे स्टेशन, 60 फ्लाइट्स तथा 9 इनलैण्ड पोर्ट स्थित हैं। मध्यप्रदेश में कृषि विपणन के लिये कृषि उपज मण्डियों की सुदृढ़ श्रंखला … Read more

चैंपियन विदर्भ के खिलाफ फाइनल मुकाबला खेलेंगे, केरल का लक्ष्य विदर्भ के खिलाफ पहला खिताब जीतना

नागपुर केरल की नजरें अपने पहले रणजी ट्रॉफी खिताब पर टिकी हैं, जब वे दो बार के चैंपियन विदर्भ के खिलाफ फाइनल मुकाबला खेलेंगे, जो बुधवार से जामथा के वीसीए स्टेडियम में खेला जाएगा। केरल का यह सीजन शानदार रहा है, वे अपने इतिहास में दूसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचे हैं, इससे पहले उन्होंने 2018-19 सीजन में यह उपलब्धि हासिल की थी। हालांकि, तब से वे कभी भी इस चरण से आगे नहीं बढ़ पाए हैं। लेकिन, मुख्य कोच अमय खुरसिया के मार्गदर्शन में, टीम ने लंबे समय से चली आ रही इस बाधा को तोड़ दिया और गुजरात के खिलाफ पहली पारी में दो रन की मामूली बढ़त लेने के बाद अपने पहले रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। फाइनल तक पहुंचने के दौरान, केरल ने अपने सभी चार ग्रुप-स्टेज मैच ड्रॉ किए, जिसमें मध्य प्रदेश, हरियाणा, बंगाल और कर्नाटक का सामना करना पड़ा और नॉकआउट चरण में आगे बढ़ गया। सचिन बेबी की अगुआई वाली टीम ने जम्मू-कश्मीर के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच ड्रॉ किया और पहली पारी में बढ़त के साथ अपने दूसरे सेमीफाइनल में पहुंच गई। सेमीफाइनल में नाटकीय जीत के साथ उन्होंने पहली बार फाइनल में जगह बनाई। केरल के फाइनल में पहुंचने की दौड़ में उनके 38 वर्षीय अनुभवी जलज सक्सेना और सलमान निजार का अहम प्रदर्शन रहा। सक्सेना ने सीजन की शुरुआत में 6000 रन और 400 विकेट का दुर्लभ रणजी डबल पूरा किया, जबकि निजार 86.71 की औसत से 607 रन बनाकर उनके सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। तेज गेंदबाज एमडी निधीश एक मजबूत ताकत बन गए हैं और उन्होंने क्वार्टर फाइनल में दस विकेट भी लिए। दूसरी ओर, विदर्भ का यह चौथा रणजी ट्रॉफी फाइनल होगा और लगातार दूसरा। अक्षय वाडकर की अगुआई वाली टीम, जो इस साल अजेय रही है, पिछले साल के फाइनल की भरपाई करना चाहेगी, जहां वे मुंबई से हार गए थे। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने 42 बार की चैंपियन मुंबई को 80 रनों से हराकर फाइनल में जगह बनाई। विदर्भ ने अपने सात ग्रुप स्टेज मैचों में से पांच जीते हैं और दो ड्रॉ रहे हैं। क्वार्टर फाइनल में, उन्होंने तमिलनाडु को पारी और 88 रनों से हराया, इसके बाद सेमीफाइनल में मुंबई पर जीत दर्ज की। विदर्भ की टीम का पूरा दारोमदार बल्लेबाज यश राठौड़ पर रहेगा, जिन्होंने इस साल 9 मैचों में 58 की औसत से 933 रन बनाए हैं और गेंदबाज हर्ष दुबे ने इस सीजन में 66 विकेट लिए हैं। उनके कप्तान ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से टीम की अगुआई की और 674 रनों के साथ टीम के लिए दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। हालांकि, विदर्भ ने रणजी ट्रॉफी के फाइनल के लिए अपनी 17 सदस्यीय टीम को बरकरार रखा है, जबकि केरल ने अभी तक अपनी टीम की घोषणा नहीं की है। विदर्भ: अक्षय वाडकर (कप्तान और विकेटकीपर), अथर्व तायदे, अमन मोखड़े, यश राठौड़, हर्ष दुबे, अक्षय कर्णेवार, यश कदम, अक्षय वखारे, आदित्य ठाकरे, दर्शन नालकंडे, नचिकेत भूते, सिद्धेश वाथ (विकेटकीपर), यश ठाकुर, दानिश मालेवार, पार्थ रेखाडे, करुण नायर, ध्रुव शौरी। केरल: अभी घोषणा होना बाकी है  

ऊर्जा मंत्री ने संगम के पवित्र जल को लोगों के घरों तक पहुंचाने की बीड़ा उठाया

ग्वालियर  ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु कुंभ स्नान कर पुण्य अर्जित कर चुके हैं और बहुत से श्रद्धालु ऐसे है, जो किसी कारणवश इस महाकुंभ में श्रद्धा की डुबकी लगाने से वंचित हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने खासतौर पर बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए अनूठी पहल की है। ऊर्जा मंत्री ने संगम के पवित्र जल को लोगों के घरों तक पहुंचाने की बीड़ा उठाया है। उन्होंने पवित्र जल को टैंकर के जरिए मंगाया गया है। गंगा की पवित्र त्रिवेणी का पवित्र जल घर-घर पहुंचाया जाएगा। त्रिवेणी का पवित्र जल प्रयागराज से विधिवत पूजा अर्चना के बाद ग्वालियर के लिए रवाना किया गया है। तोमर ने बताया कि वह खुद और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता इस पवित्र गंगाजल को ढाई सौ मिलीलीटर मात्रा में लोगों को उनके घरों तक पहुंचाएंगे। ट्रेनों में महाकुंभ के अंतिम स्नान की भीड़, यात्रियों से खचाखच भरे कोच     इस बीच, ग्वालियर से ही खबर है कि महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए अब ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। सोमवार को भी स्टेशन पर कुंभ जाने वाले यात्रियों का जमावड़ा नजर आया।     रेलवे ने दो स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर इन यात्रियों को रवाना किया। ट्रेन के हर कोच यात्रियों की भीड़ से खचाखच भरे हुए थे। इस दौरान आरपीएफ के जवानों ने होल्डिंग एरिया बनाकर लाइन में यात्रियों को प्लेटफार्म पर प्रवेश दिया।     इसके अलावा कई यात्री ग्वालियर से झांसी के लिए रवाना हुए, क्योंकि झांसी से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें प्रयागराज के लिए जा रही हैं। महाकुंभ के अंतिम शाही स्नान में केवल दो दिन शेष हैं। महाशिवरात्रि के स्नान के साथ ही कुंभ का समापन हो जाएगा।     ट्रेनों के स्लीपर से लेकर एसी कोच तक फुल नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है। ग्वालियर से झांसी जाने वाली कई ट्रेनों में तो यात्रियों की खासी भीड़ देखने को मिली। स्लीपर और जनरल कोच में यात्री खचाखच भरे हुए थे।     भीड़ के चलते लोगों को टॉयलेट में खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ा, क्योंकि ग्वालियर से रेलवे ने सिर्फ दो स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है। झेलम एक्सप्रेस रही रद, आज पुणे से नहीं आएगी महाकुंभ की विशेष ट्रेनों के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन खासा प्रभावित हो रहा है। सोमवार को जम्मू से पुणे जाने वाली झेलम एक्सप्रेस को रेलवे ने रद कर दिया। वहीं मंगलवार को पुणे से जम्मूतवी जाने वाली झेलम एक्सप्रेस भी रद रहेगी। उधर बुंदेलखंड एक्सप्रेस भी घंटों की देरी से चल रही है। जिस ट्रेन को रात में ग्वालियर से प्रयागराज होते हुए बनारस के लिए रवाना होना है, वह ट्रेन अगले दिन सुबह जा पा रही है।

यूक्रेन को लेकर ट्रंप और मैक्रों के मतभेद साफ नजर आए, इस पर मैक्रों ने डोनाल्ड ट्रंप को बीच में ही रोक दिया

फ्रांस फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने वाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस दौरान उनकी कई मसलों पर बात हुई तो कुछ मामलों में साफ तौर पर असहमति भी दिखी। खासतौर पर यूक्रेन को लेकर ट्रंप और मैक्रों के मतभेद साफ नजर आए। डोनाल्ड ट्रंप ने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को सैन्य सहायता दी थी और अब वे उसके बदले में पैसा वापस ले रहे हैं। इस पर मैक्रों ने डोनाल्ड ट्रंप को बीच में ही रोक दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं आपको करेक्ट करता हूं। यूरोप ने यूक्रेन को पैसा दिया था और अब वह उसे ही वापस ले रहा है।’ मैक्रों के बीच में टोकने और करेक्ट करने के दौरान डोनाल्ड ट्रंप चुप रहे और हामी भरते हे। उनके चेहरे के हावभाव देखने लायक थे और इसी के चलते वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मैक्रों ने इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप की बांह पकड़ ली। उन्होंने कहा, ‘स्पष्ट रूप से कहें तो हमने कुल खर्च का 60 फीसदी हिस्सा लगाया। यह लोन, गारंटी के तौर पर था। यूरोप में हमारे पास 230 अरब डॉलर की रूस की एसेट्स हैं, जिन्हें फ्रीज किया गया है। लेकिन यह लोन के एवज में नहीं है। यह रूसी संपत्ति है और हमसे उसका कोई ताल्लुक नहीं है। इसलिए फ्रीज है।’ मैक्रों ने कहा कि यह रूस की जिम्मेदारी है कि वह यूक्रेन को मिली मदद की रकम वापस करे। हमारी जब अंत में रूस से बात होगी तो हम कहेंगे कि वह लोन की रकम वापस करें। रूस को यह रकम लौटानी ही होगी। ट्रंप ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि यदि आप ऐसा कहते हैं तो सही है। लेकिन मेरी चिंता यह है कि उन देशों को उनका पैसा तो वापस मिल रहा है, लेकिन हमें अपनी पूंजी नहीं मिल रही। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन फिलहाल यूक्रेन के साथ कुछ मिनरल्स को लेकर रेवेन्यू शेयरिंग अग्रीमेंट कर रहा है। इसके तहत यूक्रेन की कोशिश है कि बाइडेन प्रशासन के दौर में यूक्रेन को दी गई मदद का कुछ हिस्सा रिकवर किया जा सके। यह रकम अमेरिकी प्रशासन ने रूस के खिलाफ जंग में हथियार खरीदने के लिए दी थी। ट्रंप का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि यूक्रेन के साथ मिनरल्स को लेकर एक समझौता हो सकेगा। इसके तहत 180 अरब डॉलर की मदद जो अमेरिका ने की थी, उसका कुछ हिस्सा रिकवर हो सकेगा। ऐसा लगता है कि हम उस डील के बेहद करीब पहुंच गए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका के साथ हम अग्रीमेंट के करीब हैं।

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