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चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर पाक क्रिकेट टीम माली हालत के लिए हेड कोच समेत सपोर्ट स्टाफ पर गाज गिरने वाली है

नई दिल्ली पाकिस्तान की क्रिकेट टीम के खेल में गिरावट काफी समय में चली आ रही है। पिछले तीन आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम नॉकआउट स्टेज से बाहर हो गई है। ताजा मामला चैंपियंस ट्रॉफी 2024 का है, जिसकी मेजबानी खुद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पास थी। पाकिस्तान की टीम इस आईसीसी टूर्नामेंट के शुरू होने के 128 घंटे बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गई। ऐसे में किसी ना किसी पर इस हार का ठीकरा फूटना ही था। यही कारण है कि अब रिपोर्ट्स आ रही हैं कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम की इस माली हालत के लिए हेड कोच समेत सपोर्ट स्टाफ पर गाज गिरने वाली है। पीसीबी के शीर्ष अधिकारी अंतरिम मुख्य कोच आकिब जावेद और कोचिंग स्टाफ के अन्य सदस्यों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए तैयार हैं। चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप ए में पाकिस्तान के साथ इंडिया, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड की टीम थी। पाकिस्तान को न्यूजीलैंड और भारत से हार मिली थी। इसके बाद न्यूजीलैंड ने बांग्लादेश को हरा दिया तो फिर पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों के टॉप 4 में पहुंचने के सारे रास्ते बंद हो गए। पाकिस्तान को भारत से मिली हार के बाद टीम के पूर्व क्रिकेटरों ने मौजूदा टीम की जमकर आलोचना की थी। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, चैंपियंस ट्रॉफी के बाद आकिब जावेद को अंतरिम मुख्य कोच के पद से मुक्त कर दिया जाएगा। पीटीआई से बातचीत में सूत्र ने कहा, “जाहिर है, चैंपियंस ट्रॉफी में टीम के प्रदर्शन को लेकर आलोचना हो रही है। बोर्ड ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि टीम के पास अलग-अलग मुख्य कोच (लाल और सफेद गेंद वाली टीमों के लिए) होंगे या नहीं, लेकिन एक बात तय है: चैंपियंस ट्रॉफी में खराब प्रदर्शन के बाद अब मौजूदा सपोर्ट स्टाफ में बदलाव किया जाएगा, लेकिन जिस तरह से बोर्ड पिछले साल से कोच और चयनकर्ता बदल रहा है, इन पदों के लिए अन्य उम्मीदवारों को ढूंढना एक चुनौती होगी।” कोच के लिए पूर्व खिलाड़ियों की तलाश में पीसीबी पीसीबी अब मुख्य कोच की नौकरी के लिए पूर्व खिलाड़ियों की तलाश कर रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने गैरी कर्स्टन के इस्तीफे के बाद आकिब जावेद को व्हाइट-बॉल टीम के लिए अंतरिम मुख्य कोच नियुक्त किया था। यहां तक कि जेसन गिलेस्पी के रेड-बॉल कोच के पद से इस्तीफा देने के बाद आकिब को ही टेस्ट टीम की कमान दी गई थी। हालांकि, आकिब की कोचिंग में टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है। सूत्र ने कहा, “कर्स्टन और गिलेस्पी के इस्तीफे के बाद पीसीबी को विदेशी कोचों के लिए कोई विकल्प नहीं मिलेगा, इसलिए संभवत: पीसीबी इस पद के लिए पूर्व खिलाड़ियों पर विचार करेगा।”

मंत्रियों के कहने पर किसी भ्रष्ट निजी सहायकों और विशेष कार्य अधिकारी की नियुक्तियों को मंजूरी नहीं देंगे: फडणवीस

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि वह मंत्रियों के कहने पर किसी भ्रष्ट निजी सहायकों (पीएस) और विशेष कार्य अधिकारी की नियुक्तियों को मंजूरी नहीं देंगे। कृषि मंत्री और अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे के बयान पर पलटवार करते हुए फडणवीस ने कहा कि चाहे कोई नाराज हो, लेकिन जिन अफसरों पर भ्रष्टाचार या गलत कामों के आरोप हैं, उन्हें वह अपनी मंजूरी नहीं देंगे। फडणवीस का साफ संदेश गौरतलब है कि माणिकराव कोकाटे ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अब मंत्रियों के पीए और ओएसडी की नियुक्ति भी मुख्यमंत्री तय कर रहे हैं, जिससे उनके पास खुद के फैसले लेने की गुंजाइश नहीं बची है। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। इसके जवाब में फडणवीस ने कहा, “राज्य में मंत्रियों के पीए और विशेष कार्य अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार मुख्यमंत्री के पास होता है। कोकाटे साहब को शायद यह जानकारी नहीं है कि यह कोई नई परंपरा नहीं है। मैंने कैबिनेट बैठक में स्पष्ट किया था कि मंत्री अपने सुझाव भेज सकते हैं, लेकिन अगर उन पर गलत कामों का ठप्पा लगा है, तो मैं मंजूरी नहीं दूंगा।” सीएम फडणवीस ने बताया कि मंत्रियों की ओर से कुल 125 नाम भेजे गए थे, जिनमें से 109 को हरी झंडी दी गई, लेकिन जिन पर संदेह था, उन्हें मंजूरी नहीं दी गई। उन्होंने साफ कहा, “मैंने बाकी नामों को क्लीयर नहीं किया क्योंकि उन पर आरोप हैं और कुछ मामलों में जांच भी चल रही है। चाहे कोई नाराज हो या खुश, मैं ऐसे नामों को पास नहीं करूंगा।” साहित्य सम्मेलन पर भी बोले फडणवीस इस बीच, महाराष्ट्र विधान परिषद की उपाध्यक्ष और शिंदे गुट की शिवसेना नेता नीलम गोऱ्हे द्वारा उद्धव ठाकरे पर की गई टिप्पणी और फिर संजय राऊत के पलटवार से राजनीति गरमा गई। इस पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ऐसे राजनीतिक बयानों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, “साहित्य सम्मेलन में भी नफरत झलक रही है। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर उद्धव ठाकरे तक पर कटाक्ष किए गए। लेकिन क्या ऐसे मंच का इस्तेमाल राजनीति के लिए करना सही है?” फडणवीस ने यह भी कहा कि साहित्य मंचों पर सभी को संयम बरतना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर राजनीतिक नेता साहित्य सम्मेलनों में जाते हैं, तो उन्हें अपनी राजनीतिक बयानबाजी पर भी रोक लगानी चाहिए। इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए राहत की घोषणा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार की किसान संमान निधि योजना के तहत अब राज्य सरकार अपनी तरफ से 6,000 रुपये की जगह 9,000 रुपये देगी। इससे किसानों को कुल 15,000 रुपये सालाना मिलेंगे, जिससे उनकी आर्थिक मदद हो सकेगी।

बहुत जल्द हो सकती है Samsung Galaxy Z Fold 7 की एंट्री

नई दिल्ली Samsung Galaxy Z Fold फैन्स के लिए खुशखबरी है। क्योंकि Samsung Galaxy Z Fold 7 की बहुत जल्द एंट्री हो सकती है। जुलाई 2025 में Samsung का ये नया स्मार्टफोन दस्तक दे सकता है। फोन में काफी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अब इस फोन की लीक्स में भी ऐसी ही जानकारी मिल गई है। इसमें कहा गया है कि फोन के डिजाइन को स्लिम किया जा सकता है। पिछले वेरिएंट के लॉन्च होने के बाद बहुत सारे यूजर्स ने इसके बारे में नाराजगी जाहिर की थी। यही वजह है कि इस बार सैमसंग ऐसी सभी चीजों का ध्यान रखने वाला है। ऑनलीक्स के हवाले से एंड्रॉयड हेडलाइन्स ने बताया, Samsung Galaxy Z Fold 7 की थिकनेस अनफोल्ड करने के बाद 4.5mm तक हो सकता है, वहीं फोल्ड होने के बाद ये 9.5mm तक हो सकता है। कैमरा डिजाइन में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसके कैमरा मॉड्यूल में थोड़ा उभार देखने को मिल सकता है। Galaxy Z Fold 6 से ये 1.1mm थिनर हो सकता है। हालांकि अभी भी ये फोन उतना स्लिम नहीं है जितना इसे होना चाहिए। क्योंकि Oppo Find N5 अभी भी 4.2mm स्लिम है और Honor Magic V3 4.4mm स्लिम है। डिस्प्ले में क्या हो सकता है बदलाव? Samsung Galaxy Z Fold 7 में 8.2 इंच इनर डिस्प्ले और आउटर डिस्प्ले 6.5 इंच का हो सकता है। दोनों ही जगहों पर फोन का डिस्प्ले साइज में बड़ा देखने को मिलेगा। Oppo Find N5 का टाइटल 8.12 इंच है। Samsung Galaxy Z Fold 7 खा डायमेंशन 158.4 x 143.1 x 4.5mm हो सकता है। इसका मतलब है कि फ्रंट डिस्प्ले भी बड़ा हो सकता है। सैमसंग की तरफ से आउटर डिस्प्ले को बड़ा करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पहला फोल्ड साल 2019 में आया था और तभी से सैमसंग के साथ ऐसा देखने को मिल रहा है। फोन में Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर का इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी स्पीड को लेकर आपको ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं होगी। यही चिप Samsung Galaxy S25 सीरीज में भी देखने को मिली थी। संभव है कि सैमसंग में 7-कोर वर्जन देखने को मिलेगा, यही Oppo ने Find N5 में इस्तेमाल किया था। Samsung कुछ जगहों पर अभी भी Exynox 2500 का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन आगे ऐसा देखने को नहीं मिल सकता है। क्योंकि कंपनी ने Qualcomm के साथ हाथ मिलाया है और इसी वजह से Snapdragon 8 Elite देखने को मिल सकता है। फोन का कैमरा भी 200 मेगापिक्सल प्राइमरी सेंसर के साथ आ सकता है। यानी कैमरा में काफी सुधार किया जा सकता है। जबकि बैटरी की बात करें तो ये 4,400 mAh कैपेसिटी के साथ आ सकती है। हालांकि अभी कंपनी की ऑफिशियल घोषणा का इंतजार करना चाहिए।

प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में अधिकारियों, कर्मचारियों और अतिथि विद्वानों की उपस्थिति सार्थक एप से दर्ज करना अनिवार्य

 भोपाल  प्रदेश के सरकारी कालेजों में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी और अतिथि विद्वानों की सार्थक एप से उपस्थिति पिछले साल जुलाई से ही अनिवार्य की गई है। इसके बावजूद उपस्थिति आनलाइन दर्ज नहीं हो रही है। हालांकि उच्च शिक्षा विभाग आनलाइन उपस्थिति के लिए लगातार कवायद कर रहा है। 60 फीसद उपस्थिति अभी भी सिर्फ 60 फीसद उपस्थिति एप के माध्यम से लगाई जा रही है। इसे देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने फिर से सभी क्षेत्रीय संचालकों को पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि एक मार्च से सबकी उपस्थिति सार्थक एप से ही मान्य की जाएगी। वेतन का भुगतान रोक दिया जाएगा इसमें गैरहाजिर होने पर वेतन का भुगतान रोक दिया जाएगा। साथ ही कार्रवाई भी की जाएगी। आदेशित में यह भी कहा गया है कि कालेजों के सभी अधिकारी/कर्मचारी/अतिथि विद्वान/आउटसोर्स एवं अन्य सभी की एक सूची बनाएं। सूची के अनुसार अधिकारी व कर्मचारी के लिए लागिन उनका ट्रेजरी एम्प्लाय कोड ही होना चाहिए। वहीं अतिथि विद्वानों के लिए लागिन आइडी उनका मोबाइल नंबर ही होना चाहिए। प्रदेश के सभी अतिरिक्त संचालकों को इस कार्य को पूर्ण करने के लिए 28 फरवरी तक का समय दिया गया है। एक मार्च से सभी की उपस्थिति सार्थक एप के माध्यम से की जाएगी।

मध्य प्रदेश 2047 तक भारत की जीडीपी में अपना योगदान मौजूदा 4.6% से बढ़ाकर 6.0% करने के लिए अच्छी स्थिति में

भोपाल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था संभावित रूप से अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को 2047-48 तक 2.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (248.6 लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ा सकती है, जो मौजूदा 164.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर (13.6 लाख करोड़ रुपये) से 8.6% की सीएजीआर से बढ़ सकती है। “एन विज़निंग मध्यप्रदेश इकोनॉमी@2047” शीर्षक वाली रिपोर्ट, आर्थिक विकास के लिए एक दृष्टिकोण, प्रमुख क्षेत्रों की पहचान, नीतिगत हस्तक्षेप और निवेश के अवसरों की रूपरेखा तैयार करती है जो राज्य के परिवर्तन को आगे बढ़ाएंगे। रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए, सीआईआई के महानिदेशक,चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने और विकास को गति देने के लिए समर्पित एक सक्रिय राज्य सरकार के साथ, मध्य प्रदेश 2047-48 तक भारत की जीडीपी में अपना योगदान मौजूदा 4.6% से बढ़ाकर 6.0% करने के लिए अच्छी स्थिति में है। रिपोर्ट व्यापक डेटा विश्लेषण और हितधारक परामर्श पर आधारित है, जिसमें उद्योग के नेताओं, नीति निर्माताओं और अकादमिक विशेषज्ञों के इनपुट शामिल हैं। यह मध्य प्रदेश की पूर्ण आर्थिक क्षमता को उजागर करने, सतत विकास, रोजगार सृजन और बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित करने के लिए एक ब्लूप्रिंट के रूप में कार्य करता है। इसके अलावा, रिपोर्ट इस बात पर ज़ोर देती है कि मध्य प्रदेश (एमपी) को अपने महत्वाकांक्षी विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विनिर्माण और औद्योगिक विस्तार को केंद्र में रखना होगा। जबकि कृषि क्षेत्र वर्तमान में मप्र की अर्थव्यवस्था में 43% योगदान देता है, दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने के लिए विनिर्माण की हिस्सेदारी 2047 तक 7.2% से बढ़कर 22.2% होनी चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए, रिपोर्ट क्षैतिज (क्रॉस-सेक्टोरल) और ऊर्ध्वाधर (सेक्टर-विशिष्ट) दृष्टिकोणों में वर्गीकृत रणनीतिक हस्तक्षेपों की रूपरेखा तैयार करती है। क्षैतिज हस्तक्षेप इस प्रकार हैं: सबसे पहले, राज्य सरकार को परिवहन बुनियादी ढांचे को बढ़ाकर, अधिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करके, एयर कार्गो हब का विस्तार करके और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार करके बुनियादी ढांचे के विकास को आगे बढ़ाना जारी रखना चाहिए। इसके अतिरिक्त, राज्य को क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक पार्क और स्मार्ट सिटी बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को एकीकृत करने के लिए पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक पार्क बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए। दूसरे, विशेष रूप से कपड़ा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे रोजगार लोचदार क्षेत्रों के लिए कुशल कार्यबल की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके लिए, राज्य सरकार को और अधिक कौशल पार्क स्थापित करने चाहिए और कौशल अंतराल को दूर करने के लिए कौशल विकास में उद्योग की भागीदारी को प्रोत्साहित करना चाहिए। तीसरा व्यवसाय करने में आसानी में सुधार से संबंधित है जो व्यवसाय के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। निर्बाध अनुमोदन और मंजूरी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम (एसडब्ल्यूएस) की दक्षता बढ़ाने से महत्वपूर्ण लाभ मिल सकते हैं। भूमि अधिग्रहण और पंजीकरण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना, निरीक्षणों को एकीकृत करना और समय पर मंजूरी प्रदान करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। चौथा एमएसएमई को बढ़ाने से संबंधित है। यह सर्वविदित है कि एमपी एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए एक संपन्न पारिस्थितिकी तंत्र का दावा करता है और जहां तक ​​छोटे पैमाने के उद्यमों की संख्या का सवाल है, दस शीर्ष राज्यों में से सातवें स्थान पर है। आगे का कार्य रियायती ऋण व्यवस्था के माध्यम से ऋण तक पहुंच में सुधार, प्रदर्शनियों और व्यापार मेलों में भाग लेकर बाजार पहुंच में सुधार के लिए समर्थन, एमएसएमई को बढ़ाने के लिए निर्यात सहायता की सुविधा, कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करना, डिजिटलीकरण और तकनीकी उन्नयन की सुविधा जैसे उपायों के माध्यम से एमएसएमई को बढ़ाना है। उपरोक्त के अलावा, चार गेम-चेंजिंग हस्तक्षेप हैं जो राज्य को वैश्विक मानचित्र पर लाएंगे। इनमें निर्यात को बढ़ावा देने, गहन तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने, हरित संक्रमण को सुविधाजनक बनाने और संस्थागत तंत्र को मजबूत करने से संबंधित उपाय शामिल हैं। बाद को आर्थिक सुधारों के व्यापक स्पेक्ट्रम को संबोधित करने के लिए एक आर्थिक सलाहकार परिषद बनाकर लागू किया जा सकता है। क्षैतिज हस्तक्षेपों के अलावा, रिपोर्ट ऊर्ध्वाधर हस्तक्षेपों को भी कवर करती है जिसमें कृषि व्यवसाय और खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्युटिकल, चिकित्सा उपकरण और स्वास्थ्य देखभाल, पेट्रोकेमिकल्स और प्राकृतिक गैस, पर्यटन, आईटी और आईटीईएस, रक्षा और एयरोस्पेस, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उच्च प्रभाव और उभरते क्षेत्रों के लिए क्षेत्र विशिष्ट रणनीतियां शामिल हैं। बनर्जी के अनुसार, राज्य की अर्थव्यवस्था एक मोड़ पर है और औद्योगिक क्षमताओं को विकसित करने के लिए संरचनात्मक सुधार को आगे बढ़ाना राज्य में निवेशक आकर्षण में सुधार की कुंजी होगी। मध्यप्रदेश ने तकनीकी नवाचार, उन्नत कृषि पद्धतियों और व्यापक फसल विविधीकरण के आधार पर कृषि उत्कृष्टता के निर्माण के लिए नई कसौटी तैयार की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कृषि में देखी गई सफल रणनीतियों के आधार पर, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में पहल की आवश्यकता है जो राज्य को प्रगति की दिशा में नए रास्ते खोलने में मदद करेगी।  

‘सनातन’ संगम के आखिरी 2 दिन…श्रद्धालु ने पार किया अब 63 करोड़ का आंकड़ा

प्रयागराज महाकुंभ में 63 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं। इतनी भीड़ आने के बाद भी शहर की हवा गुणवत्ता के अनुरूप रही। मेला प्रशासन का दावा है कि इस दौरान प्रयागराज की हवा चंडीगढ़ से अच्छी रही। इतनी संख्या में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ और हजारों वाहनों की आवाजाही के बावजूद वायु गुणवत्ता खराब नहीं हुई है। लगातार 42 दिन से शहर वायु की गुणवत्ता को लेकर ग्रीन जोन में बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पर्यावरण कंसल्टेंट शहीक शिराज के अनुसार महाकुंभ ग्रीन जोन में है। उन्होंने बताया कि 100 के भीतर एयर क्वालिटी इंडेक्स अच्छा माना जाता है। सिर्फ मौनी अमावस्या के दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स 106 रहा। अन्य दिनों में यह 100 से काफी नीचे रहा। इस तरह से सिर्फ मौनी अमावस्या के दिन ही वायु की गुणवत्ता कुछ खराब थी। उन्होंने बताया, 13 जनवरी पौष पूर्णिमा को महाकुंभ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 67 था। 14 जनवरी मकर संक्रांति को 67, 29 जनवरी मौनी अमावस्या को 106, 03 फरवरी बसंत पंचमी को 65 और 12 फरवरी माघी पूर्णिमा को 52 रहा है। महाकुंभ के आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर सोमवार को संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए भक्ति की लहरें फिर उफनाने लगी हैं। चाहे लाल मार्ग हो या काली मार्ग या फिर त्रिवेणी मार्ग, हर तरफ से आस्था का जन सैलाब संगम में मिलने के लिए उमड़ता रहा। मेला प्रशासन ने रात आठ बजे तक 1.30 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का दावा किया। सोमवार की देर शाम तक रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों से संगम जाने वाले रास्तों पर लंबी कतारें लगी रहीं। निजी वाहनों का रेला उमड़ने से आउटर की पार्किंग में वाहनों को खड़ा करने की जगह तक नहीं बची। मेला प्रशासन ने मंगलवार की शाम तक तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान लगाया है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भीड़ के मद्देनजर मेला प्रशासन ने चुस्त-दुरुस्त इंतजाम किए हैं। पार्किंग के अलावा खाली स्थानों और पटरियों पर बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने डेरा जमा लिया है। देर शाम तक मेला प्रशासन की ओर से तैयारियां परखी जाती रहीं। करीब 12 किमी क्षेत्रफल में फैले संगम के 42 घाटों पर स्नानार्थी ही नजर आ रहे हैं। कोई दंड-कमंडल लेकर तो कोई सिर पर गठरी और कंधे पर झोला-बोरा लिए संगम की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। मेले में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मेला क्षेत्र के इंट्री प्वाइंटों, संगम व पांटून पुलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस, पैरामिलिट्री के अलावा होमगाड्स, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस और यूपी एसटीएफ के जवान तैनात कर दिए गए हैं। शहर में 10वें दिन जाम से राहत पर वाराणसी, मिर्जापुर मार्ग पर वाहनों की कतार महाकुंभ के दौरान लगने वाले रोजाना भीषण जाम से शहरवासियों को सोमवार को थोड़ी राहत मिली। आखरी बार ऐसी स्थिति माघी पूर्णिमा स्नान के अगले दिन थी। यानी 10वें दिन श्रद्धालुओं के साथ-साथ शहरी को जाम से छुटकारा मिला है। जबकि, बाहरी नंबर की गाड़ियों को भी प्रवेश दिया गया। वहीं, वाराणसी, मिर्जापुर मार्ग पर वाहन रुक-रुककर चलते रहे। मेले में भीड़ कम होने पर कई जगह बैरिकेडिंग भी हटा दी गई हैं। इससे सुबह नौ बजे से ही शहर की सड़काें पर रोजाना के मुकाबले गाड़ियों का कम लोड दिखा। बालसन, सिविल लाइंस, सोहबतियाबाग, तेलियरगंज, फाफामऊ, लेप्रोसी, जानसेनगंज, सीएमपी, अलोपी बाग समेत अन्य जगहों पर जाम की स्थिति सामान्य रही। आवश्यक उपयोग के वस्तुओं के वाहनों की खुली नो-इंट्री शहर में आने वाले आवश्यक उपयोग के वस्तुओं के वाहनों के लिए 11 बजे से नो-इंट्री हटाई गई है। यातायात प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि सिर्फ उन्हीं वाहनों को छूट दी गई है, जिसमें आवश्यक उपयोग के वस्तुएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए पहले जैसे ही व्यवस्था बनी रहेगी। वाहनों का लोड कम होने पर शहर में प्रवेश दिया जाएगा।     प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर सुबह-शाम जाम लगा रहा। शाम करीब चार बजे से जैन मंदिर से अंदावा तक वाहनों की कतार लगी रही।     चित्रकूट-प्रयागराज मार्ग पर भी पहले के मुकाबले जाम से राहत मिली है। सिर्फ बसों को शंकरगढ़ पार्किंग में रोका गया।     प्रतापगढ़-प्रयागराज मार्ग पर जाम से श्रद्धालुओं को मलाक हरहर के रास्ते स्टील ब्रिज की ओर से जाने दिया गया।     मिर्जापुर-प्रयागराज मार्ग पर दोपहर दो बजे से गाड़ियों की कतार लग गई। यह कतार भीरपुर से ऊंचडीह बस अड्डे तक था।     प्रयागराज-लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर जाम से राहत थी। मलाका स्टील ब्रिज और फाफामऊ की ओर से गाड़ियां गुजरीं     कानुपर मार्ग पर वाहन सुलेमसराय नेहरू पार्क तक आए। यहां कुछ गाड़ियां रोकी गईं।  

छत्तीसगढ़ के सभी 33 जेलों में महाकुंभ से लाए गए गंगाजल से कैदियों ने किया स्नान

रायपुर जेल में कैद बंदी कभी सपने में नहीं सोच सकता कि उसे प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान करने का अवसर मिलेगा, लेकिन छत्तीसगढ़ के सभी 33 जेलों में कैद बंदियों के लिए यह हकीकत साबित हो रहा है. इन कैदियों को उनकी इच्छानुसार प्रयागराज महाकुंभ से लाए गए गंगाजल से सामूहिक स्नान कराया जा रहा है. छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने प्रयागराज महाकुंभ से कैदियों के लिए गंगाजल लाए हैं. इस गंगाजल से न केवल रायपुर सेंट्रल जेल के बल्कि राज्य के अन्य 4 सेंट्रल जेल, 20 जिला जेल और 8 सब-जेल के कैदी भी स्नान कर रहे हैं. इस स्नान के माध्यम से कैदियों ने मानसिक और आत्मिक शांति की प्राप्ति की आशा जताई. इस आयोजन को लेकर महानिदेशक (जेल) हिमांशु गुप्ता ने विशेष व्यवस्था की है. उन्होंने कहा कि आज प्रातःकाल छत्तीसगढ़ की सभी 33 जेलों में इच्छुक बंदियों को महाकुंभ संगम स्थल के पवित्र जल से स्नान किया है. इस कार्यक्रम में बंदियों एवं जेल स्टाफ ने हर्षोउल्लास से भाग लिया गया है. यह कैदियों के बीच धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है.

2 लाख करोड़ रूपये से अधिक के निवेश संबंधी हुए एमओयू

भोपाल रिन्युएवल एनर्जी से कुल बिजली खपत की आवश्यकता की 50 फीसदी को पूरा करने के लिये हम संकल्पबद्ध हैं। इस लक्ष्य को हम शीघ्र प्राप्त करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में प्रयास जारी हैं। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने जीआईएस-2025 के फीडर सोलेराइजेशन समिट को संबोधित करते हुए यह बात कही। मध्यप्रदेश के भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में सोमवार को माननीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला ने एक सोलर वैन को सौर ऊर्जा के प्रचार-प्रसार के लिये रवाना किया। यह सोलर वैन पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम कुसुम योजना के तहत जन-जागरूकता अभियान का हिस्सा है। ऊर्जा मंत्री शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश में रिन्युएवल एनर्जी के क्षेत्र में असीम संभावनाएँ हैं। उन्होंने निवेशकों से कहा कि प्रदेश में निवेश के लिये अनुकूल वातावरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेश के अनुकूल औद्योगिक नीतियों को लागू किया है। मंत्री शुक्ला ने कहा कि निवेशकों के लिये प्रदेश के दरवाजे हमेशा खुले हैं। निवेशक निश्चिंत होकर मध्यप्रदेश में निवेश करें। समिट की शुरूआत में मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर अमनवीर सिंह ने पीएम कुसुम योजना पर प्रेजेंटेशन दिया। .बैंकर्स सेशन में पीएम कुसुम योजना में बैंकर्स की भूमिका पर बैंक अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। निवेशकों द्वारा कुसुम योजना के संबंध में पूछे गये सवालों के समाधान कारक उत्तर भी सेशन में दिये गये। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने कुसुम योजना से जुड़े विभिन्न पक्षों की जानकारी पर निवेशकों द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्तर दिया। बैंकर्स ने कुसुम योजना में बैंक द्वारा ऋण देने की प्रक्रिया को समझाया। बैंक से ऋण पर ब्याज की दर और ऋण भुगतान की प्रक्रिया से भी बैंकर्स ने अवगत कराया। फीडर सोलेराइजेशन समिट में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला की उपस्थिति में कृषि भूमि पर कृषकों द्वारा सोलर प्लांट लगाकर विद्युत उत्पादन से प्राप्त विद्युत को ऊर्जा विकास निगम द्वारा क्रय करने के पॉवर पर्चेज एग्रीमेंट भी हस्ताक्षरित किये गये। रिन्यूएवल एनर्जी के क्षेत्र में इन्होंने किया निवेश रिन्यूएवल एनर्जी के क्षेत्र में 2 लाख करोड़ रूपये से अधिक के एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। निवेश करने वाले संस्थानों में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने जैव ईंधन में 60 हजार करोड़, अवादा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने पंप हाइड्रो स्टोरेज में 50 हजार करोड़, टोरेंट पावर लिमिटेड ने पंप हाइड्रो स्टोरेज 26 हजसा 500 करोड़, ओपीजी पॉवर जनरेशन प्राइवेट लिमिटेड ने छोटा मॉड्यूलर रिएक्टर 13 हजार 400 करोड़, एमकेसी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने सौर ऊर्जा में 10 हजार करोड़, हेक्साट्रॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने सौर ऊर्जा में 10 हजार करोड़, ढाकरा एनर्जी पीएसपी प्राइवेट लिमिटेड ने सौर ऊर्जा में 10 हजार करोड़, सिद्धार्थ इंफ्राटेक एंड सर्विसेज (आई) प्राइवेट लिमिटेड ने पंप हाइड्रो स्टोरेज 8 हजार 600 करोड़, आस्था ग्रीन एनर्जी वेंचर्स इंडिया ने पंप हाइड्रो स्टोरेज 8 हजार 200 करोड़, 2 पावर प्राइवेट लिमिटेड ने सौर, पवन, ऊर्जा भंडारण 5 हजार 500 करोड़, मेसर्स फोर स्क्वायर ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने सौर, पवन, ऊर्जा भंडारण में 5 हजार करोड़, ऋत्विक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने पंप हाइड्रो स्टोरेज में 4 हजार करोड़, एनटीपीसी लिमिटेड ने पंप हाइड्रो स्टोरेज में 4 हजार करोड़, टेक डेटा लिमिटेड ने ग्रीन हाइड्रोजन में 3 हजार करोड़, सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने सौर और ऊर्जा भंडारण में 2 हजार 500 करोड़, तीर्थ गोपिकॉन लिमिटेड ने सोलर सेल मॉड्यूल में 1 हजार 500 करोड़, मेसर्स आकांक्षा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने सौर ऊर्जा 1000 करोड़, मेसर्स पुरुषोत्तम प्रोफाइल प्राइवेट लिमिटेड ने सौर ऊर्जा 1000 करोड़, एटवियन आर-सौर ऊर्जा ने सोलर सेल मॉड्यूल में 600 करोड़, श्रीटेक डेटा लिमिटेड ने सौर ऊर्जा में 600 करोड़, लखन आनंद ग्रुप खंडवा ने सौर ऊर्जा में 500 करोड़, विंध्य रिन्यूएबल एसेट्स प्राइवेट लिमिटेड ने सौर और पवन में 250 करोड़, बायोमीथेन गज़टेक प्राइवेट लिमिटेड ने जैव ईंधन में 110 करोड़ और मेसर्स आर्पी ओवरसीज ने जैव ईंधन में 50 करोड़ रूपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किये। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा, प्रधानमंत्री कुसुम ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना के घटक अ के तहत अब तक सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए  सौर ऊर्जा जनरेटर (एसपीजी) को लगभग 1000Mw के लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) प्रदान किया गया है एवं इसके अंतर्गत स्थापित बिजली संयंत्र से उत्पादित बिजली की बिक्री के लिए सौर ऊर्जा जनरेटर (एसपीजी) और मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के बीच अबतक लगभग 500Mw के विद्युत क्रय अनुबंध (पीपीए) निष्पादित किया गया जिसमें एसपीजी द्वारा लगभग 1750 करोड़ का निवेश सुनिश्चित हुआ है।  

दागदार राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों पर कार्रवाई के सवाल पर सीएम साय बोले- बख्शे नहीं जाएंगे कोई भी अपराधी

रायपुर  विधानसभा में दागदार राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर जांच और कार्रवाई का मामला उठा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मैं विश्वास दिलाता हूं कि कोई भी अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे. सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने सवाल किया कि राज्य प्रशासनिक सेवा के कितने अधिकारियों के खिलाफ किन-किन मामलों में और कब एसीबी और ईओडब्ल्यू में अपराध दर्ज है? विभागीय जाँच किन-किन के खिलाफ हो रहा है? कौशिक ने कुछ अधिकारियों का नाम लेते हुए कहा कि उन पर कार्रवाई सवाल लगाने के बाद हुआ है इसी से गंभीरता समझी जा सकती है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवाब देते हुए कहा कि हमने सुशासन और अभिशरण विभाग का गठन किया गया है. मैं विश्वास दिलाता हूं कि कोई भी अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे. सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है.

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने किया दावा- कोहली से बेहतर खिलाड़ी मैंने वनडे क्रिकेट में नहीं देखा

नई दिल्ली पाकिस्तान के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी 2025 मैच में भारत के लिए विराट कोहली सबसे बड़े हीरो रहे। उन्होंने दमदार शतक जड़कर एक दबाव भरे मैच में टीम इंडिया को जीत दिलाई। विराट के बल्ले से 51वां वनडे इंटरनेशनल शतक निकला। इस पारी को देखकर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग भी हैरान रह गए और उन्होंने विराट की जमकर तारीफ की। रिकी पोंटिंग ने यहां तक कह दिया है कि इस फॉर्मेट में उनसे बेहतर कोई भी खिलाड़ी नहीं है। आईसीसी रिव्यू में रिकी पोंटिंग ने महत्वपूर्ण क्षणों में आगे आकर खेलने की कोहली की क्षमता और इस दौरान ढेर सारे रिकॉर्ड तोड़ने की उनकी सराहना की। आईसीसी हॉल ऑफ फेम हासिल कर चुके पोंटिंग ने कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि बड़े मैच बड़े नामों के बराबर होते हैं। आपको उन बड़े मौकों पर अपने बड़े नामों को खड़ा करने की जरूरत होती है और भारत के लिए पाकिस्तान के खिलाफ मैच से बड़ा कोई मैच नहीं हो सकता। आपकी प्रतिष्ठा अंतरराष्ट्रीय मंच पर सबसे बड़ी प्रतियोगिताओं में आपके प्रदर्शन से बनती है। इसलिए मेरे लिए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि ऐसा हुआ है।” विराट को लेकर ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने कहा, “हां, जैसा कि आप कहते हैं, 2022 और अब, वह उस टीम के खिलाफ खड़ा हुआ जिसके खिलाफ खेलने के लिए वह शायद खुद को सबसे अधिक तैयार करेगा और कल रात से बड़ा कोई पल नहीं था, जब पाकिस्तान ने मुश्किल विकेट पर पहले बल्लेबाजी की थी। उस तरह की मैच जीतने वाली पारी खेलने के लिए शीर्ष क्रम में किसी की जरूरत थी और एक बार फिर कोहली ने इस काम को पूरा किया।” मैच को लेकर पोंटिंग बोले, “आप दोनों टीमों का स्कोरकार्ड देखें, एक में विराट ने शतक बनाया और दूसरे में कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने शुरुआत हासिल की, लेकिन बड़ा स्कोर नहीं बनाया। मैंने हमेशा कहा है कि खेल के किसी भी प्रारूप में, अर्धशतक से आप या आपकी टीम को कुछ नहीं मिलता। आपको बड़े स्कोर बनाने होते हैं। इस मैच में पाकिस्तान के लिए व्यक्तिगत बड़े स्कोर भी नहीं थे और ना ही बड़ी साझेदारियां थीं।” इस मैच के दौरान विराट कोहली ने सबसे तेज वनडे में 14000 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी तोड़ा और इंटरनेशनल क्रिकेट में रनों के मामले में रिकी पोंटिंग को भी पीछे छोड़ा। इस पर पोंटिंग ने कहा, “वह स्पष्ट रूप से लंबे समय से चैंपियन खिलाड़ी रहे हैं और विशेष रूप से सफेद गेंद के प्रारूपों में, जहां वह अविश्वसनीय रूप से अच्छे 50 ओवर के खिलाड़ी रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि मैंने विराट कोहली से बेहतर इस फॉर्मेट में कोई खिलाड़ी कभी देखा है। अब जब वह मुझसे आगे निकल गए हैं और उनसे केवल दो ही बल्लेबाज आगे हैं तो मुझे यकीन है कि वह खेल में सर्वकालिक अग्रणी रन स्कोरर के रूप में याद किए जाने का खुद को सर्वश्रेष्ठ मौका देना चाहेंगे।”

जयपुर से खाटू श्याम जी जा रही रोडवेज बस की बस में भीषण आग, लोगों ने कूदकर बचाई जान

सीकर राजस्थान के सीकर जिले से एक बड़ी घटना सामने आई है। जहां जयपुर से खाटू श्याम जी जा रही जयपुर डीपो की रोडवेज बस में अज्ञात कारणों से आग लग गई। बस में कुल 50 यात्री सवार थे, जिन्होंने अपनी जान बचाने के लिए समय रहते बस से कूदकर भाग निकाला। 50 यात्रियों ने कूदकर बचाई जान मिली जानकारी के मुताबिक, घटना रींगस थाना क्षेत्र की है। यहां के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 52 पर सरगोठ के पास आते ही बस चालक को आग लगने का आभास हुआ और उन्होंने बस को सड़क किनारे स्थित एक होटल के पास खड़ा कर दिया। जैसे ही आग बढ़ी, यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही रींगस नगर पालिका की दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। क्या कहती है पुलिस? थानाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि बस में सवार सभी 50 यात्री सुरक्षित हैं। आगजनी के बाद चालक की सूझबूझ से हादसा बड़ा नहीं हुआ। अगर समय रहते आग की जानकारी नहीं मिलती, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ऐसे कई हादसे हो चुके हैं। एक दिन पहले ही बिहार के मुजफ्फरपुर में सड़क किनारे खड़ी दो यात्री बसों में अचानक आग लग गई। आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और दोनों बसें जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। हालांकि, इस घटना में कई यात्री घायल नहीं हुआ।  

रीवा में खड़े ट्रेलर से टकराई महाकुंभ से लौट रहे यात्रियों की कार, तीन की मौत और पांच घायल

रीवा नेशनल हाइवे 30 में लगातार महाकुंभ यात्री सड़क दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं. एक बार फिर हाईवे में भीषण हादसा हुआ. जिसमें घटना स्थल पर ही 3 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई. जबकी 7 तीर्थयात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. ये तीर्थयात्री महाकुंभ प्रयागराज से लौट रहे थे. घायलों का संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में उपचार किया जा रहा है. घटना NH 30 थाना मनगवा क्षेत्र की है. महाकुंभ प्रयागराज से लौट रहा एक गामा तूफान वाहन गंगेव के पास मढ़ी में सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई. टक्कर इतनी तेज थी कि तूफान के परखच्चे उड़ गए. भीषण हादसे में 3 तीर्थयात्रियों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई जबकि 7 तीर्थयात्री घायल हो गए. सूचना मिलते ही मनगवां थाना प्रभारी टीम के साथ मौके पर पहुंची. सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगेव भेजा. हालत गंभीर होने के कारण 7 घायलों को संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल रीवा के लिए रेफर किया गया. थाना प्रभारी वर्षा सोनकर ने बताया कि पुलिस और राजस्व विभाग राहत बचाव कार्य में लगा रहा. घायलों को हॉस्पिटल ले जाने के साथ ही अवरुद्ध सड़क को तत्काल खुलवाया. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गामा गाड़ी तेज रफ्तार में थी और अनियंत्रित होकर खड़े ट्रक में घुस गई. सभी तीर्थयात्री प्रयागराज से गंगा स्नान करके वापस सीहोर जा रहे थे. वाहन चालक नीद में था जिसके कारण बड़ी दुर्घटना हो गई. घायलों का हॉस्पिटल में उपचार किया जा रहा है. इनकी हालत नाजुक है. बीते दिन भी महाकुंभ के तीर्थयात्री दुर्घटना ग्रस्त हुए थे. जिसमें 3 की मौत घटनास्थल पर हो गई थी. 10 घायल थे, जिसमें 2 की उपचार की दौरान मौत हो गई.    

छात्रों ने 150 प्रोफेसर्स को बनाया बंधक, होलकर साइंस कॉलेज में बवाल

इंदौर इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में सोमवार को छात्र नेताओं ने बड़ा हंगामा किया। उन्होंने प्रिंसिपल समेत 150 से अधिक प्रोफेसर्स को 30 मिनट तक बंधक बना लिया। सभी को हॉल में बंद कर बाहर से लकड़ी अड़ा दी, ताकि कोई बाहर न आ सके। इतना ही नहीं, उन्होंने मेन स्विच ऑफ कर पूरे परिसर की बिजली भी बंद कर दी।   दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब छात्र नेताओं ने कॉलेज परिसर में एक निजी कोचिंग द्वारा प्रायोजित होली मिलन समारोह के पोस्टर लगाए। प्रिंसिपल डॉ. अनामिका जैन ने बिना अनुमति के पोस्टर लगाए जाने की वजह से उन्हें हटवा दिया। इससे नाराज छात्र नेताओं ने प्रोफेसर्स को यशवंत हॉल में बंद कर दिया और गेट के बाहर नारेबाजी करने लगे। एक कर्मचारी किसी तरह हॉल की खिड़की से बाहर निकला और गेट खोलकर सभी को बाहर निकाला। इसके बाद प्रिंसिपल डॉ. अनामिका जैन ने कलेक्टर से मुलाकात की और पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से इस आयोजन को मंजूरी नहीं दी गई थी। बिना अनुमति लगे पोस्टर हटवाने पर छात्र नेताओं ने बवाल खड़ा कर दिया। इस आयोजन को किसी “शर्मा कोचिंग” द्वारा स्पॉन्सर किया गया था।   प्राचार्य कक्ष में भी हुआ हंगामा कुछ दिन पहले कुछ छात्र नेता और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने 7 मार्च को कॉलेज मैदान में होली सेलिब्रेशन की अनुमति मांगी थी। हालांकि, सोमवार को पूरे परिसर में शर्मा कोचिंग के सहयोग से इस आयोजन के पोस्टर लगा दिए गए थे। कॉलेज प्रशासन ने इन्हें हटवाया, तो छात्र नेताओं ने विरोध शुरू कर दिया। प्रिंसिपल डॉ. अनामिका जैन उस समय फैकल्टी की मीटिंग के लिए यशवंत हॉल में थीं। छात्र नेता वहां भी पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख प्रिंसिपल ने हॉल के दरवाजे अंदर से बंद करवा दिए, लेकिन गुस्साए छात्र नेताओं ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने प्राचार्य कक्ष में भी जमकर हंगामा किया।   छात्र नेताओं का दावा- मिली थी अनुमति   एबीवीपी से जुड़े छात्र नेता रितेश पटेल ने मीडिया से कहा कि उन्होंने होली मिलन समारोह के लिए कॉलेज प्रशासन से अनुमति ली थी। अनुमति मिलने के बाद ही उन्होंने पोस्टर लगाए थे। जब प्रिंसिपल ने पोस्टर हटवा दिए और इसका कारण पूछा गया, तो वह कोई जवाब देने के बजाय सीधे मीटिंग में चली गईं। इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। कॉलेज प्रबंधन ने इस मामले में कलेक्टर से शिकायत कर दी है और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।

जीआईएस : एमपी में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करेंगे बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल  में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन का सत्र जारी है। बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने भी मध्य प्रदेश में निवेश करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मुझे एमपी से प्यार मैं, यहां इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करूंगा। मध्य प्रदेश के भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में टूरिज्म सेक्टर पर केंद्रित सत्र आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण सत्र में बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भाग लिया। इस समिट के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों और निवेशकों की उपस्थिति में मध्य प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीतियों पर चर्चा की गई। पंकज त्रिपाठी ने कहा कि 2007 में मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। इसमें दिखाया था कि एक महिला एमपी घूमने आती है। मैं गाइड बनकर उसे भीमबेटका, सांची, भोजपुर, ग्वालियर घुमाता हूं। उस वक्त मैंने एमपी की खूबसूरती देखी। मुझे तभी से प्यार हो गया था। मैं सौभाग्यशाली हूं कि पैदा हुआ बिहार में, कर्मभूमि मुंबई है और एमपी से जुड़ाव है। मैं राजनीति से नहीं जुड़ा तो यहां इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करूंगा।

सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को कोर्ट से मिली राहत, आजम खान को बड़ी राहत

हरदोई धोखाधड़ी के केस में हरदोई जेल में बंद आजम खान के बेटे और सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान मंगलवार को करीब 17 महीने बाद रिहा हो गए। कोर्ट से उनकी जमानत मंजूर होने के बाद सोमवार को रिहाई का परवाना जेल प्रशासन के लिए भेज दिया गया था। दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में कोर्ट द्वारा अक्तूबर 2023 में सात साल की सजा सुनाए जाने के बाद से सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए रामपुर जिला जेल भेज दिया था। उनके साथ ही उनके पिता आजम खान और मां तजीन फात्मा को भी जेल भेज दिया गया था। सुरक्षा कारणों से आजम खान को सीतापुर, अब्दुल्ला आजम को हरदोई जेल शिफ्ट किया गया था। तब से आजम और अब्दुल्ला जेल में ही हैं। हालांकि, तजीन फात्मा जमानत पर रिहा हैं। अब अब्दुल्ला भी सलाखों से बाहर आ गए हैं। अब्दुल्ला के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि अदालत ने चंद रोज पहले जमानत मंजूर कर दी थी लेकिन,जमानतियों का सत्यापन आदि की औपचारिताएं पूरी होने के बाद सोमवार को रिहाई परवाना जारी हो गया। आज उनकी रिहाई हो गई है। उनकी रिहाई की सूचना से समर्थकों में खुशी की लहर है। बिना न्यायालय की अनुमति के अब्दुल्ला आजम देश नहीं छोड़ेंगे हरदोई जेल में बंद सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम भले ही मंगलवार को सलाखों से बाहर आ जा गए लेकिन, जिन शर्तों पर उनकी जमानत अर्जी अदालत ने मंजूर की है, उनके अनुसार वह जमानत अवधि में देश नहीं छोड़ सकेंगे। मालूम हो कि पूर्व में शत्रु संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के आरोप से घिरे सपा नेता आजम खान व अब्दुल्ला आजम को रामपुर पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी। जिस पर यह मामला शासन तक पहुंचा था। जिसके बाद इस मामले में शासन ने दोबारा विवेचना के आदेश दिए गए थे। एसपी ने इस मामले की विवेचना अपराध शाखा के इंस्पेक्टर नवाब सिंह को सौंपी थी। नवाब सिंह इस वक्त रामपुर में शहर कोतवाल हैं। इस मामले में बीते मंगलवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की जमानत अर्जी मंजूर की थी। लेकिन, कोर्ट ने अपने आदेश में चार शर्तें भी लगाई हैं। कोर्ट ने कहा है कि बिना न्यायालय की अनुमति के अब्दुल्ला आजम देश नहीं छोड़ेंगे, प्रत्येक तिथि पर न्यायालय में हाजिर होंगे और गवाहों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे एवं विचारण में पूरा सहयोग करेंगे।

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