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खाटूश्यामजी मेले से पहले बस में लगी आग से टला बड़ा हादसा, 50 यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

सीकर विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी लक्खी मेले से पहले राजस्थान में सीकर-जयपुर नेशनल हाईव पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अचानक एक राजस्थान रोड़वेज बस में आग लग गई। गनीमत रही की सवारियों से भरी बस के खिड़कियां और दरवाजे खुले थे जिसके चलते आग का गोला बनी एक्सप्रेस श्रेणी की बस में सवार लोगों ने कूदकर जान बचा ली। कहा जा रहा है कि अगर यही बस एसी या वोल्वो श्रेणी की होती तो बस के खिड़कियां और दरवाजा पैक होते और ऐसी स्थिति में खाटूश्यामजी आते भक्तों के साथ बड़ा हादसा हो सकता था। आग की भेंट चढ़ी खाटूश्यामजी से जाती रोड़वेज बस दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर जयपुर सीकर मार्ग पर सीकर जिले के रींगस थाना क्षेत्र के सरगोठ गांव के पास एक रोड़वेज बस भयंकर आग की भेंट चढ़ गई। तकरीबन 50 से अधिक सवारियों से भरी हुई बस जयुपर से खाटूश्यामजी आ रही थी कि अज्ञात कारणों के चलते बस में आग लगनी शुरू हो गई। बस में आग लगने का आभास होते देखकर चालक पुष्पेदसिंह ने जयपुर सीकर मार्ग पर स्थित एक होटल के पास रोका। आग लगातार बढ़ती देखकर सवारियों में अफरा तफरी का माहौल बन आया। किसी ने बस के दरवाजे से उतरकर तो किसी ने बस की खिड़कियों से उतरकर जान बचाई। आग लगने से बस कबाड़ में हो गई तब्दील आग की सूचना पर रींगस नगर पालिका की दमकल मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी से पानी की बौछारे होती रही। बड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर कबाड़ में तब्दील हो चुकी थी। क्यों लगी सवारियों में भरी बस में आग रींगस थानाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि जयपुर डिपो की रोडवेज बस में आग लगने की सूचना मिली। जिस पर पालिका की दमकल गाड़ी को रवाना करने के साथ पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। बस में करीब 50 यात्री सवार थे जो सकुशल है। प्रांरभिक जानकारी में सामने आया कि जयपुर आगार की रोडवेज बस खाटूश्याम जी जा रही थी जो सरगोठ गांव के समीप पहुंचने पर आग की भेंट चढ़ गई। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। कहा जा रहा है कि चालक पुष्पेद्रसिंह की सूझबूझ से समय रहते आगजनी का पता लगा और सवारियों को सकुशल बस से उतार दिया गया। अन्यथा बड़ा हादसा घटित हो सकता था।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025: दो संस्थाओं ने एक हजार करोड़ का निवेश रखा प्रस्ताव

भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में इन्वेस्टिंग इन ह्यूमन केपीटल-कौशल विकास विषय पर केंद्रित सत्र में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने की रणनीतियों पर गहन मंथन हुआ। कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन सबसे महत्वपूर्ण कारक है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रगति के साथ ही प्रदेश के युवाओं को नवीनतम तकनीकों में दक्ष बनाना सरकार की प्राथमिकता है, जिससे वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सकें। मंत्री टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार “शासन कम, सुशासन अधिक” की नीति के साथ काम कर रही है, जिसमें केवल सरकारी स्तर पर पहल न होकर निजी क्षेत्र की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रणाली विकसित हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश ने कौशल विकास को औद्योगिक नीति का अभिन्न अंग बनाया है, जिससे प्रदेश के युवाओं को आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा सके। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आपकी भागीदारी अभिनंदनीय है। शिक्षा में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। तकनीकी शिक्षा में निवेश कर सरकार के सहभागी बनें। आप कैम्पस चयन की तरह ही संस्थाओं का चयन कर उनमें सेंटर खोलें, ताकि स्किल्ड युवा मिल सकें। प्रदेश में हम परम्परागत कोर्स को बदलकर इण्डस्ट्री की मांग अनुसार कोर्स सम्मिलित करते जा रहे हैं। मंत्री परमार ने तकनीकी एवं उच्च शिक्षा में निवेश करने का भी आह्वान निवेशकों से किया। 1000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सत्र में मध्यप्रदेश के शिक्षा और कौशल विकास परिदृश्य में दो महत्वपूर्ण निवेश की घोषणाएँ की गई हैं, जो प्रदेश को शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक नई ऊँचाई पर ले जाएंगी। पहली निवेश योजना जागरण सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा प्रस्तुत की गई है, जिसका प्रतिनिधित्व संस्था के अध्यक्ष हरि मोहन गुप्ता कर रहे हैं। श्रियुसबरी स्कूल, यूके की संस्थान भोपाल में पूरी तरह से आवासीय अंतरराष्ट्रीय विद्यालय की स्थापना करने जा रहा है। 500 करोड़ रु. के इस निवेश से अगस्त 2025 से विद्यालय का संचालन शुरू होगा, जो 11 से 18 वर्ष की आयु के छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करेगा और 500 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करेगा। डॉ. भरत अग्रवाल, अध्यक्ष, विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी द्वारा दूसरी निवेश योजना प्रस्तावित की गई है। विश्वकर्मा समूह अगले 3 से 5 वर्षों में 500 करोड़ रु. का निवेश कर मध्यप्रदेश में एक स्व-वित्तपोषित निजी विश्वविद्यालय की स्थापना करेगा। इस विश्वविद्यालय में 25,000 छात्रों को शिक्षा प्रदान करने की योजना है, जिससे 2,000 से अधिक रोजगार उत्पन्न होंगे और शोध एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। एक हजार करोड़ रूपये के दोनों निवेश मध्यप्रदेश को शिक्षा और कौशल विकास का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। इससे प्रदेश के युवाओं को उज्जवल भविष्य की दिशा में सशक्त किया जाएगा। प्रदेश में कौशल विकास को गति देने के लिए नई भागीदारी सत्र के दौरान प्रदेश सरकार और औद्योगिक संस्थानों के बीच महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। निजी औद्योगिक समूह ट्राइडेंट ग्रुप ने एसएसआर ग्लोबल कौशल पार्क में एफआईएएटी योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण सामग्री, तकनीकी शिक्षण प्रणाली और प्रशिक्षण के प्रभावी संचालन में सहयोग प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस भागीदारी के तहत ट्राइडेंट ग्रुप द्वारा 100 युवाओं के प्रशिक्षण और नियोजन के लिए निवेश किया गया है। कौशल विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए आठ प्रमुख औद्योगिक और शैक्षणिक संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। सत्र में प्रमुख संस्थाओं ने प्रदेश के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई। प्रदेश सरकार ने जीआईजेड और श्नाइडर, जीआईजेड और सीमेंस, साइंटेक टेक्नोलॉजीज, अपना टाइम टेक प्राइवेट लिमिटेड, मार्तंडक सोलर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, उन्नति फाउंडेशन और वन वर्ल्ड अलायंस जापान के साथ ही समझौते किये गये। पैनल चर्चा में औद्योगिक विशेषज्ञों ने रखे विचार सत्र के दौरान आयोजित पैनल चर्चा में कौशल विकास के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं और उद्योगों की आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस चर्चा का संचालन एलएंडटी कौशल विकास मिशन के प्रमुख के. रामकृष्णन ने किया। चर्चा में सिंगापुर के आईटीई शिक्षा सेवा के मुख्य परिचालन अधिकारी लिम बून टियॉन्ग, ईवाई के वरिष्ठ भागीदार गौरव तनेजा, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मानव संसाधन प्रमुख वैभव गोयल, इंडो-जर्मन ग्रीन कौशल परियोजना के प्रमुख मोहम्मद बदरान, श्नाइडर इलेक्ट्रिक की नवाचार टीम की प्रमुख मेरी कैस्टेला और एक्सेंचर के प्रबंध निदेशक नवीन गुप्ता ने अपने विचार रखे। पैनल में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सरकार और उद्योग जगत को मिलकर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने चाहिए। चर्चा में कौशल विकास को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप रूपांतरित करने और नवीनतम तकनीकों को प्रशिक्षण में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रदेश सरकार की नीतियों से निवेशकों का भरोसा मजबूत सत्र में उपस्थित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए एक फवरेट डेस्टिनेशन बन रहा है। जागरण सोशल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष हरि मोहन गुप्ता और विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी पुणे के अध्यक्ष भरत अग्रवाल ने कहा कि सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता से प्रदेश में निवेश की असीम संभावनाएं बनी हैं। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव रघुराज एम. राजेंद्रन ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगों के साथ साझेदारी को मजबूत कर रही है और इस दिशा में नए निवेशकों को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह समिट केवल निवेशकों को आकर्षित करने का मंच नहीं है, बल्कि यह उद्योगों की आवश्यकताओं को समझकर प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने की नीति-निर्माण का भी अवसर प्रदान कर रहा है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक कौशल विकास को मिलेगा नया आधार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के इस महत्वपूर्ण सत्र ने प्रदेश में औद्योगिक कौशल विकास … Read more

सेक्स सीडी कांड : भूपेश बघेल सहित सभी आरोपी कोर्ट में पेश, अगली सुनवाई 4 मार्च को

रायपुर  छत्तीसगढ़ के चर्चित कथित सेक्स सीडी कांड मामले की सुनवाई आज रायपुर कोर्ट में हुई. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कोर्ट पहुंचे और हाजिरी देने के बाद बघेल विधानसभा के लिए रवाना हुए. वहीं कांग्रेस सरकार में मीडिया सलाहकार रहे विनोद वर्मा कोर्ट, कैलाश मुरारका समेत अन्य आरोपी कोर्ट में पेश हुए. इस मामले की अगली सुनवाई अब 4 मार्च को होगी. बता दें कि कोर्ट ने सीडी कांड मामले में सभी आरोपियों को समन जारी किया था. न्यायाधीश भूपेश कुमार बसंत के रायपुर कोर्ट में हाजरी देने के बाद भूपेश बघेल विधानसभा के लिए रवाना हो गए. वहीं विनोद वर्मा, कैलाश मुरारका समेत अन्य आरोपी कोर्ट में मौजूद रहे. बता दें कि इस केस के एक आरोपी रिंकू खनूजा की मौत हो चुकी है. बचाव पक्ष के वकील फैसल रिजवी ने बताया, कैलाश मुरारका सहित अन्य को कोर्ट में पेश किया गया. मामले में अब 4 मार्च को बहस होगी. CBI ने बताया है कि 2017 बॉम्बे के मानस नाम ने CD को जारी किया है. उससे पैसे का लेन-देन हुआ है. बता दें कि पिछले करीब 7 साल से सीडी कांड की सुनवाई रुकी थी. सीबीआई ने राज्य में 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद केस दिल्ली ट्रांसफर के लिए अर्जी लगाई थी, क्योंकि उसमें तत्कालीन सरकार के प्रभावशाली लोगों के नाम भी थे. सीबीआई की अर्जी दिल्ली की कोर्ट में विचाराधीन रही. इस वजह से फैसला ही नहीं हुआ कि केस की सुनवाई कहां होगी. पिछले माह दिल्ली की कोर्ट ने फैसला किया है कि केस ट्रांसफर नहीं होगा. यानी अब रायपुर की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में केस की सुनवाई होगी. उसके बाद केस डायरी दिल्ली से रायपुर कोर्ट भेजी थी. कोर्ट ने सभी आरोपियों को समन जारी किया था. इस मामले में आज सुनवाई हुई. जानिए क्या है सीडी कांड मामला चर्चित अश्लील सीडी कांड की शुरूआत 27 अक्टूबर, 2017 को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बंगले से हुई थी. दरअसल भूपेश बघेल ने 27 अक्टूबर की सुबह 6 बजे एक प्रेस कांफ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने मीडिया को एक सीडी बांटी थी. इस सीडी में एक आपत्तिजनक वीडियो था, जिसे लेकर भूपेश ने दावा किया था कि महिला के साथ बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिखने वाला व्यक्ति मंत्री राजेश मूणत है. इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ, लेकिन सीडी के सामने आने के बाद मंत्री राजेश मूणत ने इसका खंडन करते हुए सीडी को फर्जी बताया और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की थी. कथित सीडी के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गाजियाबाद से वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व सीएम भूपेश बघेल के मीडिया सलाहकार विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया था. इस मामले में पुलिस ने दावा किया था कि उनके निवास से इस अश्लील सीडी के वीडियो क्लिप की 500 सीडी और 2 लाख नगद जब्त किया था. यह कार्रवाई प्रकाश बजाज नामक एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर की गई थी.

MWC 2025 में Realme दिखाएगी नया Ultra, स्मार्टफोन में DSLR जैसा कैमरा

नई दिल्ली Realme की स्मार्टफोन मार्केट में अलग इमेज है। सस्ते स्मार्टफोन से लेकर प्रीमियम डिवाइस तक में Realme की अलग पहचान है। हाल ही में Realme ने साफ कर दिया है कि वह बारसेलोना में होने जा रहे MWC 2025 में मौजूद रहेगी। इसके साथ ब्रांड ने टीजर जारी करते हुए बताया कि कंपनी इवेंट में अल्ट्रा फ्लैगशिप स्मार्टफोन भी ला सकती है। इस फोन का पूरा फोकस फोटोग्राफी पर होने वाला है। फोन में कटिंग-एज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि ब्रांड की तरफ से क्लियर नहीं किया गया है कि फोन का शोकेस होगा या इसे पूरी तरह लॉन्च किया जाएगा। फ्लैगशिप फोन्स जैसे शानदार हो सकते हैं फीचर्स टीजर इमेज बताती है कि फोन में बड़ा सर्कुलर मॉड्यूल हो सकता है। फोन में अल्ट्रा लार्ज सेंसर और ऑप्टिकल टेलीफोटो लेंस का इस्तेमाल किया जा सकता है। रियलमी ने कहा कि अल्ट्रा फोन में मिलने वाले कैमरा सेंसर मौजूदा फ्लैगशिप स्मार्टफोन से काफी बड़े होने वाले हैं। ब्रांड की तरफ से जूम की तुलना करते हुए भी शॉट्स (फोटो सैंपल) शेयर किए गए हैं। कंपनी के इन फोन्स के कैमरा सेंसर iPhone 16 Pro Max और Samsung Galaxy S25 Ultra जैसे हो सकते हैं। क्योंकि दोनों ही फोन्स में 1-इंच सेंसर और 10X ऑप्टिकल जूम मिलता है। टीजर वीडियो में सामने आया लुक टीजर वीडियो में फोन का लुक नजर आया है। साथ ही कंपनी दावा करती है कि इसमें DSLR-Level की फोटोग्राफी मिलने वाली है। लैंस अटेचमेंट सिस्टम को भी दुरुस्त किया जा सकता है। रियलमी अल्ट्रा फोन में इंटरचेंज लैंस फंक्शन भी मिल सकता है। स्मार्टफोन फोटोग्राफी में रियलमी का ये कदम सबको हैरान करने वाला है। क्योंकि फोन में बिल्कुल DSLR की तरह लैंस में बदलाव करने का ऑप्शन दिया जाता है। अभी तक साफ नहीं है कि ये डिवाइस कमर्शियल मॉडल होगा या इसे सभी के लिए रोल आउट किया जा सकता है। Realme के नए फोन्स का हो रहा इंतजार Realme Ultra फ्लैगशिप को 3-6 मार्च के बीच MWC 2025 में अनवील किया जा सकता है। अगर ये मार्केट में आता है तो इसका सीधा मुकाबला अन्य ब्रांड के फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स से होने वाला है। इसमें Samsung Galaxy S25 Ultra, Xiaomi 15 Ultra, Vivo X200 Ultra, Oppo Find X8 Ultra का नाम शामिल है। Realme 14 Pro सीरीज के ग्लोबल लॉन्च का इंतजार किया जा रहा है। भारत में भी 14 Pro सीरीज के नए फोन्स की एंट्री हो सकती है। Realme 14 Pro और 14 Pro+ की कीमत $440 और $590 हो सकती है।

अन्नदाताओं के खाते में हमने एक लाख करोड़ रुपए भेजे : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के भागलपुर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी की। इसके तहत देश भर के 9.8 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 22,000 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। इनमें छत्तीसगढ़ के 25 लाख 95 हजार 832 किसान शामिल हैं। इन किसानों खाते में 599 करोड़ 38 लाख रुपए की सम्मान निधि भेजी गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी पीएम किसान सम्मान निधि कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले किसानों को बधाई दी और उन्हें सम्मानित भी किया।     मुख्यमत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाताओं का सम्मान माँ अन्नपूर्णा के सम्मान की तरह है। चौदह महीनों के अंतराल में हमने किसान भाइयों के खाते में करीब एक लाख करोड़ रुपए भेजा है। अन्नदाताओं को अच्छा मूल्य मिलने से उनके जीवन खुशहाली आयी है। किसान आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। किसानों की समृद्धि से ही मजबूत ग्रामीण विकास का आधार तैयार हुआ है और शहरी अर्थव्यवस्था भी इससे बेहतर हुई है। अन्नदाताओं के श्रम से मिली शक्ति और उत्साह से ही हम छत्तीसगढ़ को संवार रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़-विकसित भारत बनाने में किसानों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में अब तक 9712 करोड़ 58 लाख रुपए की सम्मान निधि प्रदेश के किसानों को दी जा चुकी है। वर्ष 2023-24 की तुलना में 2 लाख 75 हजार से अधिक किसान भाइयों को इस योजना का लाभ मिला है। इस योजना का लाभ हमारे 2 लाख 34 हजार वन पट्टा धारी किसानों और 32 हजार 500 विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को भी मिल रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति के किसान भाइयों को योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए कृषि भूमि की अनिवार्यता को शिथिल किया गया।         मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों को मोदी जी ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की गारंटी दी थी। हमारी सरकार ने यह वायदा निभाया है। साथ ही किसानों को दो साल का बकाया बोनस देने की गारंटी भी दी गई थी। शपथ ग्रहण के एक पखवाड़े के भीतर ही हमने 13 लाख किसानों के खाते में बोनस की 3716 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी थी। पिछली बार हमने 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की। किसानों को दिये गये धान के मूल्य के साथ बोनस राशि शामिल कर लें तो पिछले खरीफ सीजन में किसान भाइयों के खाते में 49 हजार करोड़ रुपए भेजे गए। इस खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की रिकार्ड खरीदी हमने की। इस सीजन में विभिन्न योजनाओं से मिलने वाली राशि मिला लें तो लगभग 52 हजार करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में हमने भेजी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। इसके लिए उनका जोर उद्यानिकी फसलों, फसल विविधीकरण तथा पशुपालन पर भी है। हम उद्यानिकी तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने विशेष कार्य कर रहे हैं। साथ ही पशुपालन को प्रोत्साहन देते हुए दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी के साथ हमने एमओयू भी किया है। इससे दुग्ध क्रांति की दिशा में प्रदेश अग्रसर हो गया है। हमारी सरकार लगातार किसानों की आकांक्षाओं को पूरा कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 5 लाख 62 हजार भूमिहीन किसानों के खाते में दस-दस हजार रुपए की राशि भी हमने दी है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वनोषधि बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय कुलपति गिरिश चंदेल, कृषि उत्पादन आयुक्त सुश्री शहला निगार, कृषि विभाग के संचालक डॉ सारांश मित्तर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।    

मध्यप्रदेश को इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम, प्रमुख सड़क परियोजनाओं पर व्यापक चर्चा

भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 के पहले दिन “सड़क अवसंरचना में तेजी: निवेश, नवाचार और संभावनाएं” थीमैटिक सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी, विदेशी निवेश संभावनाओं, सतत एवं स्मार्ट अवसंरचना विकास, बहु-मोडल कनेक्टिविटी और प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में निवेश के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। सत्र में एमपीआरडीसी के प्रबंध निदेशक भरत यादव, सेवानिवृत्त महानिदेशक, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय आई.के. पांडेय, क्षेत्रीय अधिकारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एस.के. सिंह, मुख्य परिचालन अधिकारी क्यूब हाईवेज डॉ. राजू, प्रबंध निदेशक पाथ इंडिया नितिन अग्रवाल, कार्यकारी उपाध्यक्ष एसबीआई कैप्स मुकुल मोदी सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। मध्यप्रदेश में सड़क अवसंरचना क्षेत्र में निवेश और विकास की संभावनाओं पर गहन विमर्श हुआ। सत्र की शुरुआत में एमपीआरडीसी के प्रबंध निदेशक यादव ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें मध्यप्रदेश के सड़क नेटवर्क, निवेश अवसरों और नवाचारों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश तेजी से भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश 47 राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा हुआ है और 3.5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क इसे देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से जोड़ता है। इसके अलावा, राज्य में 6 वाणिज्यिक हवाई अड्डे, 26 एयर-प्स और एक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा हैं, जो वैश्विक कनेक्टिविटी को और अधिक सशक्त बना रहे हैं। राज्य सरकार बहु-मोडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा दे रही है, जिससे औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियां सुगम हो रही हैं। थीमैटिक सत्र में राज्य में चल रही और आगामी प्रमुख सड़क परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इनमें अटल प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, नर्मदा प्रगति पथ, मालवा-निमाड़ विकास पथ, बुंदेलखंड विकास पथ और मध्य भारत विकास पथ जैसी परियोजनाएँ शामिल हैं। इनका उद्देश्य प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देना और निवेशकों के लिए लॉजिस्टिक्स एवं परिवहन सुविधाओं को सुगम बनाना है। सत्र में यह भी बताया गया कि राज्य में 75 हजार करोड़ रूपये की सड़क परियोजनाएँ वर्तमान में निर्माणाधीन हैं, 50 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाएँ डीपीआर चरण में हैं और 1.3 लाख करोड़ रूपये की सड़क परियोजनाएँ पाइपलाइन में हैं। इसके अलावा, मध्यप्रदेश सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को सफलतापूर्वक लागू करते हुए अब तक 137 से अधिक सड़क परियोजनाएँ पूरी की हैं। इससे निवेशकों का भरोसा और अधिक बढ़ा है। प्रदेश सरकार ने निवेशकों को पारदर्शिता, सुरक्षा और लाभदायक अवसरों का आश्वासन दिया है। निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ई-टेंडरिंग, डिजिटल भुगतान सुविधा, समय से पहले परियोजनाओं को पूरा करने पर बोनस और विभिन्न सरकारी सहयोगी योजनाओं का लाभ दे रही है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे तेज़ी से विकसित होते राज्यों में से एक है और इंफ्रास्ट्रक्चर लीडर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश उनकी विकास यात्रा का एक सशक्त भागीदार बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। सत्र में एक पैनल चर्चा भी हुई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस चर्चा में आई.के. पांडेय (सेवानिवृत्त महानिदेशक, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय), एस.के. सिंह (क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई), डॉ. राजू (मुख्य परिचालन अधिकारी, क्यूब हाईवेज), नितिन अग्रवाल (प्रबंध निदेशक, पाथ इंडिया) और मुकुल मोदी (कार्यकारी उपाध्यक्ष, एसबीआई कैप्स) ने भाग लिया। इस पैनल चर्चा में सड़क अवसंरचना के तेज़ी से विकास के लिए निवेश के अवसरों, नवीन तकनीकों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल, टिकाऊ सड़क निर्माण तकनीकों और बुनियादी ढांचे के विकास में वित्तीय संस्थानों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। सड़क अवसंरचना में ऐतिहासिक निवेश, एक लाख करोड़ रूपये के एमओयू पर हस्ताक्षर सत्र से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की उपस्थिति में राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बीच एक लाख करोड़ रूपये के ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के विकास के लिए एक लाख करोड़ रूपये के निवेश को सुनिश्चित करेगा, जिससे लगभग 4010 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं का निर्माण एवं विकास किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस अवसर पर भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया को त्वरित एवं सुगम बनाने का संकल्प लिया, जिससे निवेशकों को बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट्स को कार्यान्वित करने में सुविधा होगी।  

SATTE 2025: पर्यटन स्थलों को प्रमोट करने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने बनाया विशेष स्टॉल

दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित हुआ साउथ एशिया ट्रेवल एंड टूरिज्म एक्सपो 2025 रायपुर, दक्षिण एशिया के सबसे बड़े ट्रैवल एक्सपो SATTE ( साउथ एशिया ट्रेवल एंड टूरिज्म एक्सपो) 2025 में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। 19 से 21 फरवरी 2025 तक आयोजित इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को प्रमोट करने के लिए एक विशेष स्टॉल लगाया गया, जिसने देशभर के टूर ऑपरेटर्स, निवेशकों और पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया। एक्सपो के दौरान छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने विभिन्न राज्यों से आए पर्यटन विभाग के अधिकारियों और टूर ऑपरेटर्स से मुलाकात की। श्री आचार्य ने एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से चित्रकोट जलप्रपात, बारनवापारा अभयारण्य, बस्तर की गुफाएं, सिरपुर, मैनपाट सहित राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास और निवेश के अवसरों पर भी प्रकाश डाला।  विवेक आचार्य ने कहा, “छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की पर्यटन नीतियां इसे एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरने में मदद कर रही हैं।” उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पर्यटकों और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने हेतु कई नई योजनाओं पर कार्य कर रही है। SATTE 2025 में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का स्टॉल एक्सपो के आकर्षण का केंद्र बना रहा, जहां बड़ी संख्या में टूर एंड ट्रैवल एजेंसियों, उद्योग विशेषज्ञों और पर्यटन प्रेमियों ने भाग लिया। एक्सपो में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और संभावनाओं को लेकर उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जिससे यह साफ है कि राज्य जल्द ही देश के शीर्ष पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा। विभिन्न राज्यों के टूर ऑपरेटरर्स और ट्रेवेल एजेंटस ने SATTE (  साउथ एशिया ट्रेवल एंड टूरिज्म एक्सपो) के  स्टाल में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ अपना स्पॉट रजिस्ट्रेशन भी कराया ताकि टूरिज्म बोर्ड की नीतियों के तहत उन्हें टूरिज्म बुकिंग का लाभ मिल सके और दूसरे राज्यों के पर्यटक अधिक से अधिक संख्या में छत्तीसगढ़ के आकर्षक पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कर सकें। इस छोटी सी शुरूवात ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के लिए भविष्य की सार्थक संभावनाओं के द्वार खोले हैं। दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के महाप्रबंधक श्री वेदव्रत सिरमौर, उप महाप्रबंधक श्री संदीप ठाकुर एवं विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने टूर एंड ट्रैवल एजेंसियों, सरकारी अधिकारियों और निवेशकों से मुलाकात कर राज्य के पर्यटन स्थलों, योजनाओं और निवेश के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।

विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पेश, केजरीवाल कार्यकाल के दौरान जो लूट-खसूट की गई उसके कच्चे खुलेंगे चिट्ठे

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में पिछली सरकार के दौरान हुए कामकाज को लेकर कई सीएजी (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) रिपोर्ट को मंगलवार को विधानसभा में पेश किया जाएगा। पिछले 3 साल के 14 सीएजी रिपोर्ट लंबित हैं, जिन्हें भाजपा सरकार पटल पर रखने जा रही है। रिपोर्ट्स के सामने आने से पहले ही भाजपा सरकार आम आदमी पार्टी और इसके मुखिया अरविंद केजरीवाल पर आक्रामक है। रेखा गुप्ता सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि केजरीवाल को सारी लूट-करप्शन सामने आ जाने का डर था जिसकी वजह से वह इन रिपोर्ट्स को 3 साल तक दबाए बैठे रहे। सिरसा ने विधानसभा जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘आज दिल्ली विधानसभा में अरविंद केजरीवाल द्वारा किए गए घोटालों को, जो कैग रिपोर्ट से सामने आई थी, जिसको तीन साल से दबा रखा था, एक-एक करके विधानसभा में पेश किया जाएगा। अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल के दौरान जो दिल्ली में लूट-खसूट की गई उसके कच्चे चिट्ठे खुलेंगे।’ सिरसा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल इसलिए इन्हें दबाकर बैठे थे क्योंकि जो करप्शन करके उन्होंने दिल्ली को लूटा था वह कैग ने हाईलाइट करके निकाल लिया था। केजरीवाल जानते थे कि ये रिपोर्ट अगर सामने आ जाएगी, तो उनकी सारी लूट, खसूट के चिट्ठे सामने आ जाएंगे। लेकिन बचा नहीं पाए, सरकार बदल गई। केजरीवाल की पहली सरकार है जिसने कैग रिपोर्ट को भी टेबल नहीं किया और इसके लिए भी विपक्ष को हाई कोर्ट जाना पड़ा। सोचिए कितने कट्टर बेईमान हैं केजरीवाल कि कैग रिपोर्ट भी टेबल नहीं होने देते, तीन साल तक। जनता के सामने आएंगे काले कारनामे: सचदेवा दिल्ली विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पेश होने से पहले दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि इससे अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान हुए काले कारनामे सामने आएंगे। उन्होंने कहा, ‘सीएजी रिपोर्ट ‘आप’ के काले कारनामे का चिट्ठा है और हमने चुनाव में वादा किया था जिस-जिस ने भ्रष्टाचार किया है उसे जवाब देना पड़ेगा। तो आज हम उम्मीद करते हैं कि उपराज्यपाल के भाषण के बाद सीएजी रिपोर्ट पेश किया जाएगा तो जितने भी इनके काले कारनामे हैं वो दिल्ली की जनता के सामने आएगी।’

सेंट्रल इंडिया फैब्रिक एंड फैशन एक्सपो-2025

सेंट्रल इंडिया फैब्रिक एंड फैशन एक्सपो-2025 वस्त्र और परिधान निर्माण का प्रमुख केंद्र बन रहा है मध्यप्रदेश “5F विजन” पर आधारित एक्सपो भोपाल जीआईएस में लगाया गया “सेंट्रल इंडिया फैब्रिक एंड फैशन एक्सपो” विशेष आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। अन्तर्गत भोपाल ओडीओपी उत्पाद जैसे जरी जरदोजी, ब्लॉक प्रिंट, बाग प्रिंट साड़ियों और सूट की प्रदर्शनी, महेश्वरी और चंदेरी साड़ियों की प्रदर्शनी मृगनयनी के स्टॉल लगाए गये हैं, जिनमें गोंड पेंटिंग और बाग प्रिंट दृश्यों के साथ घरेलू सजावट का प्रदर्शन किया गया है। एक्सपो में मध्य भारत खादी संघ, राष्ट्रीय फैशन डिजाइन संस्थान, उमंग श्रीधर डिजाइन,प्रतिभा राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान और वर्धमान कंपनी के स्टॉल्स लगाए गए। “सेंट्रल इंडिया फैब्रिक एंड फैशन एक्सपो-2025” प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश को वस्त्र और परिधान निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। यह आयोजन राज्य की फाइबर उत्पादन, वस्त्र निर्माण और फैशन नवाचार में ताकत को उजागर करता है, साथ ही निवेश के अवसरों को भी बढ़ावा देता है। मध्यप्रदेश वस्त्रों की समृद्ध विरासत रखता है, जहाँ कपास, रेशम और सिंथेटिक फाइबर उत्पादन राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रदेश् में आधुनिक वस्त्र पार्कों और निर्माण केंद्रों के आगमन के साथ, उद्योग ने महत्वपूर्ण विकास देखा है। यह प्रदर्शनी वैश्विक वस्त्र और फैशन बाजार में राज्य की स्थिति को और मजबूत करने के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगी। 5एफ-विजन का सशक्तिकरण यह प्रदर्शनी ‘5F विजन’ फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन पर आधारित है, जो वस्त्र और परिधान क्षेत्र के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण है।             फार्म: कपास और रेशम किसानों जैसे कच्चे माल उत्पादकों को मजबूत आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए जोड़ना।             फाइबर: फाइबर निर्माण और प्रसंस्करण इकाइयों का प्रदर्शन करना, जो उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।             फैक्ट्री: मध्यप्रदेश के वस्त्र निर्माण और औद्योगिक उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को उजागर करना।             फैशन: परिधान डिजाइन, ब्रांडिंग और वस्त्र उद्योग के रचनात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना।             फॉरेन: अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना और निर्यात अवसरों को बढ़ावा देना। बी-2-बी सहयोग और उद्योग में भागीदारी प्रदर्शनी में प्रमुख वस्त्र निर्माता, परिधान ब्रांड और अंतर्राष्ट्रीय निवेशक शामिल हुए, जिससे बी-2-बी नेटवर्किंग और रणनीतिक साझेदारी के लिए एक अनूठा अवसर मिला। व्यवसायों को नवीन फैशन की ओर वैश्विक बदलाव के अनुरूप सहयोग तलाशने का मौका मिला। ‘सेंट्रल इंडिया फैब्रिक एंड फैशन एक्सपो-2025’ भारतीय वस्त्र उद्योग में एक ऐतिहासिक अवसर है, जो वस्त्र उत्पादन में मध्यप्रदेश की भूमिका को मजबूत करती है। उद्योग के निवेशकों और हितधारकों को एक साथ लाकर, यह प्रदर्शनी राज्य में एक गतिशील और समृद्ध वस्त्र पारिस्थितिकी तंत्र का मार्ग प्रशस्त करेगी।

लाइफ में सफलता चाहते हैं तो इन कामों को जरूर करें

लाइफ में सफल होने के लिए बहुत सारे काम करने होते हैं। और, सफल इंसान वो है जो ना केवल पैसे से रिच हो बल्कि फैमिली और रिलेशनशिप के साथ ही अपनी हेल्थ से भी रिच हो। तो अगर आप लाइफ में सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो 30 की उम्र आते-आते इन चीजों को जरूर कर लें। एक प्रॉपर्टी जरूर खरीदें सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो अपने शहर में एक प्रॉपर्टी जरूर खरीदें। ये आपको शहर में पहचान देने और एक स्थायी ठिकाना देती है। फैमिली जरूर बनाएं अगर सक्सेजफुल बनना चाहते हैं तो ऐसे प्यार और रिस्पेक्टफुल फैमिली बनाएं। जहां आप अपने पैरेंट्स के साथ ही अपने लाइफपार्टनर और बच्चों के साथ सुकून से रह सकें। इन्वेस्ट करें कम उम्र में अर्निंग शुरू कर दी है तो इन्वेस्ट जरूर करें। जिससे कि फ्यूचर के लिए आपके पास पर्याप्त मनी हो। जितने भी इनवेस्टमेंट प्लान हैं वो आपको कम उम्र में इन्वेस्ट करने पर ही अच्छा रिटर्न देते हैं। मल्टीटास्किंग बने सक्सेजफुल होने के लिए आपको एक साथ कई कामों में निपुण होना जरूरी है। सोशल स्किल के साथ ही ऐसी करियर से जुड़ी स्किल भी जरूर होनी चाहिए। जिससे करियर और फैमिली आगे बढ़े। हेल्थ पर ध्यान दें सक्सेजफुल होने के लिए खुद की सेहत पर भी ध्यान दें। मेंटल और फिजिकल हेल्थ होगी तभी आप करियर पर फोकस कर पाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर आयोजित विभागीय शिखर सम्मेलन में हुए शामिल

सबसे सस्ती बिजली बनाने में मध्यप्रदेश ने बनाया रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेज गति से हो रहे हैं कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर आयोजित विभागीय शिखर सम्मेलन में हुए शामिल भारतीय रेल के साथ हुआ पीपीए अनुबंध संपादित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में गत वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तेज गति से वृद्धि हुई है। अब यह हमारी कुल ऊर्जा उत्पादन का 15% हो गई है। साथ ही मध्यप्रदेश ने सबसे सस्ती बिजली बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया है। प्रदेश के नीमच जिले में स्थापित सोलर परियोजना में 02 रुपए 14 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उत्पादन किया जा रहा है और यह सस्ती बिजली हमारी सरकार भारतीय रेलवे को बेच रही है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के अंतर्गत नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर आयोजित विभागीय शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत दुनिया के सामने हर क्षेत्र में सीना तान के खड़ा है। आज जहां विश्व में उथल-पुथल मची हुई है, बहुत से देश आपस में बात भी नहीं करते। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी का सभी से निरंतर संवाद है और वे भारत की प्रगति के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। सोमवार को भोपाल में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट आयोजित की गई है, जिसमें दुनिया भर से मध्यप्रदेश में निवेश प्रस्ताव आ रहे है। देश-विदेश के निवेशकों ने मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर भरोसा जताया है। हमारे लिए छोटा से छोटा निवेश भी बहुत बड़ा है और हर निवेशक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति सूर्य पर केन्द्रित है। सूर्य देव की हम पूजा करते हैं और वह हमें ऊर्जा प्रदान करते हैं। सूर्य के सारथी अश्विन है। वैसे ही हमारे मार्गदर्शक केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव हैं। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के साथ ही तेज गति से रेलवे नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। रीवा में 750 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क स्थापित किया गया है। इसी प्रकार नीमच में 500 मेगावाट का सोलर पॉवर प्लांट और भारत का सबसे बड़ा पम्पड हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट लगाया गया है। यह सबसे सस्ती बिजली का उत्पादन कर रहा है। ओंकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है। नर्मदापुरम जिले के मुहासा बाबई में भारत का पहला पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन बनाया गया है। पहले इसके क्षेत्र को बढ़ाकर 884 एकड़ किया गया था, अब इसमें 1000 एकड़ क्षेत्र और बढ़ाया जा रहा है। मध्यप्रदेश भारत के 500 गीगावॉट के नवकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश का अच्छा माहौल बना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक भारतीय रेल ऊर्जा के क्षेत्र में “नेट जीरो” हो जाएगी, अर्थात शत-प्रतिशत बिजली पर चलेगी। अभी 97% रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन कर लिया गया है। आज मध्यप्रदेश के साथ 170 मेगावाट का पावर परचेज एग्रीमेंट किया गया है, जो अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश जितनी भी अतिरिक्त बिजली उत्पादित करेगा हम खरीदेंगे। वैष्णव ने कहा कि मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का ऐतिहासिक कार्य चल रहा है। इस क्षेत्र में 01 लाख 4 हजार करोड रुपए का निवेश किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 के बाद 2456 किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तैयार किया गया है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। आज हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री स्वयं ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निरंतर प्रदेश में निवेश बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। चरैवेति, चरैवेति के आदर्श वाक्य को लेकर वे निरंतर इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में 10 वर्ष पहले मात्र 500 मेगावाट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादित होती थी जो अब 7000 मेगावाट हो गई है। प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर जल, जमीन, वायु और सूर्य का प्रकाश है, वे यहां इन्वेस्ट करें। शिखर सम्मेलन में सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन के आर.पी. गुप्ता, साउथ एशिया रीजनल डायरेक्टर इमाद फारुकी, अवाडा ग्रुप के विनीत मित्तल, एलएलपी समूह के सुनील जैन, उद्योगपति पराग शर्मा, पिनाकी भट्टाचार्य, पवन अग्रवाल, नवीन खंडेलवाल, राजीव जैन, जिग्नेश मेहता, गुरदीप सिंह आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अपर प्रमुख सचिव एमएसएमई मनु श्रीवास्तव ने शिखर सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की और स्वागत भाषण दिया। एमडी अमनवीर सिंह बैंस ने आभार व्यक्त किया। पीपीए अनुबंध हुआ संपादित, निवेशकों ने किये निवेश अनुबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में शिखर सम्मेलन में दो पावर परचेज एग्रीमेंट अनुबंध पहला भारतीय रेल, नीमच सोलर प्रोजेक्ट, रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड और वारी के बीच तथा दूसरा एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी, वारी और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड के बीच संपादित हुए। इसके साथ ही नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विभिन्न निवेशकों के साथ निवेश अनुबंध भी सम्पादित हुए।  

आज से साढ़े 17 लाख विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा शुरू, परीक्षा सेंटर पर रखी गई ‘ईमानदारी की पेटी’

  भोपाल मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के 12वीं के छात्रों की बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैंं, जो 25 मार्च तक चलेंगी. पहला पेपर हिंदी का है. इस बार 12वीं बोर्ड के लिए 7 लाख से ज्यादा छात्र शामिल होंगे. तय कार्यक्रम के मुताबिक, बोर्ड परीक्षा का समय सुबह 9 से 11.30 बजे तक रहेगा. सभी छात्रों को 8:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा. सुबह 8:45 पर परीक्षा केंद्र का गेट बंद कर दिया जाएगा और प्रश्न पत्र सुबह 8:55 पर वितरित किए जाएंगे. हिंदी के प्रश्न पत्र से हो रही शुरुआत मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंडरी की बोर्ड की परीक्षा का पहला पेपर हिंदी का है. यह परीक्षा सुबह 9:00 बजे शुरू होगी जो कि 11:30 बजे तक आयोजित की जाएगी. हाई स्कूल की 27 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षा में भी पहला प्रश्न पत्र हिंदी का ही रखा गया है. हायर सेकेंडरी की परीक्षा में 7 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल होंगे जबकि हाई स्कूल की परीक्षा में 10 लाख के आसपास विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं. परीक्षा केंद्रों पर ‘ईमानदारी की पेटी’ बोर्ड की परीक्षा में नकल रोकने के लिए उड़न दस्ते बनाए गए हैं. इसके बावजूद, परीक्षा केंद्रों पर ईमानदारी की पेटी रखी जाएगी. इस ईमानदारी की पेटी में विद्यार्थी अपने साथ लाई नकल सामग्री को फेंक सकेंगे. परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी केंद्र से भी निगरानी रखी जा रही है इसके अलावा पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है. कैसी है तैयारी – 12वीं बोर्ड में कुल 7 लाख 06 हज़ार 475 छात्र शामिल होंगे – इस साल प्रदेश में 3887 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं – ⁠परीक्षा में नकल रोकने के लिए प्रदेश के 11 जिलों के 222 संवेदनशील और 340अति संवेदनशील केंद्रों पर जैमर लगेंगे – ⁠इसमें 562 केंद्र .संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्र होंगे. इसमें ग्वालियर,भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और मुरैना के संवेदनशील व अतिसंवेदनशील केंद्र में शामिल हैं – ⁠यदि कोई छात्र परीक्षा शुरू होने से 20 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचता है, तो केंद्राध्यक्ष उचित कारण पूछने के बाद उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दे सकेंगे. – ⁠यदि छात्र 8.40 के बाद परीक्षा केंद्र पर पहुंचते हैं, तो उन्हें एंट्री नहीं दी जाएगी. – ⁠परीक्षा के दौरान माशिमं की उड़नदस्ता टीमों के अलावा, संयुक्त संचालक (जेडी) और डीईओ की टीमें निरीक्षण करेंगी. – ⁠अगर छात्र नकल सामग्री के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी. – ⁠परीक्षा के दौरान कोई भी शिक्षक और केन्द्राध्यक्ष केन्द्र के अंदर मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे, केंद्र के अंदर मोबाइल ले जाने पर जुर्माना लगाया जाएगा. – ⁠सरकारी स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. मोबाइल के साथ-साथ सभी इलेक्ट्रानिक डिवाइस प्रतिबंधित होंगे. – ⁠इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सप्लीमेंट्री कॉपी की व्यवस्था खत्म की है यानी छात्रों को सप्लीमेंट्री कॉपी नहीं मिलेगी. – ⁠मुख्य उत्तर पुस्तिका में ही क्वेश्चन पेपर सॉल्व करना होगा. यह उत्तर पुस्तिका 32 पेज की होगी.

नीतिगत हस्तक्षेप और निवेश के अवसरों की रूपरेखा तैयार करती है जो राज्य के परिवर्तन को आगे बढ़ाएंगे

मध्यप्रदेश@2047 तक बनेगा 2.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था मध्यप्रदेश की जीएसडीपी को 2047-48 तक 2.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (248.6 लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ा सकती नीतिगत हस्तक्षेप और निवेश के अवसरों की रूपरेखा तैयार करती है जो राज्य के परिवर्तन को आगे बढ़ाएंगे भोपाल मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था संभावित रूप से अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को 2047-48 तक 2.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (248.6 लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ा सकती है, जो मौजूदा 164.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर (13.6 लाख करोड़ रुपये) से 8.6% की सीएजीआर से बढ़ सकती है। भारतीय उद्योग परिसंघ की रिपोर्ट में यह बात रेखांकित हुई है। “एनविज़निंग मध्यप्रदेश इकोनॉमी@2047” के अनुसार यह रिपोर्ट आर्थिक विकास के लिए एक दृष्टिकोण, प्रमुख क्षेत्रों की पहचान, नीतिगत हस्तक्षेप और निवेश के अवसरों की रूपरेखा तैयार करती है जो राज्य के परिवर्तन को आगे बढ़ाएंगे। सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने और विकास को गति देने के लिए समर्पित एक सक्रिय राज्य सरकार के साथ, मध्यप्रदेश 2047-48 तक भारत की जीडीपी में अपना योगदान मौजूदा 4.6% से बढ़ाकर 6.0% करने के लिए अच्छी स्थिति में है। मध्यप्रदेश को अपने महत्वाकांक्षी विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विनिर्माण और औद्योगिक विस्तार को केंद्र में रखना होगा। कृषि क्षेत्र वर्तमान में मप्र की अर्थव्यवस्था में 43% योगदान देता है, दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने के लिए विनिर्माण की हिस्सेदारी 2047 तक बढ़कर 22.2% होनी चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए, क्रॉस-सेक्टोरल और सेक्टर-विशिष्ट में वर्गीकृत हस्तक्षेपों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। सत्र में कपड़ा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे रोजगार लोचदार क्षेत्रों के लिए कुशल कार्यबल की उपलब्धता को प्राथमिकता देने, अधिक कौशल पार्क स्थापित करने और कौशल अंतराल को दूर करने के लिए कौशल विकास में उद्योग की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई गई। चर्चा में बताया गया कि व्यवसाय में सुधार लाना व्यवसाय के एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। निर्बाध अनुमोदन और मंजूरी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम (एसडब्ल्यूएस) की दक्षता बढ़ाने से महत्वपूर्ण लाभ मिल सकते हैं। भूमि अधिग्रहण और पंजीकरण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना, निरीक्षणों को एकीकृत करना और समय पर मंजूरी प्रदान करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। चर्चा में बताया गया कि एमपी एमएसएमई और स्टार्ट-अप के लिए एक संपन्न पारिस्थितिकी तंत्र बढ़ाना चाहिए। दस शीर्ष राज्यों में म.प्र. 7वें स्थान पर है। आगे का कार्य रियायती ऋण व्यवस्था के माध्यम से ऋण तक पहुंच में सुधार, प्रदर्शनियों और व्यापार मेलों में भाग लेकर बाजार पहुंच में सुधार के लिए समर्थन, एमएसएमई को बढ़ाने के लिए निर्यात सहायता की सुविधा, कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करना, डिजिटलीकरण और तकनीकी उन्नयन की सुविधा जैसे उपायों के माध्यम से एमएसएमई को बढ़ाना है। महानिदेशक सीआईआई बनर्जी के अनुसार, राज्य की अर्थव्यवस्था एक मोड़ पर है और औद्योगिक क्षमताओं को विकसित करने के लिए संरचनात्मक सुधार को आगे बढ़ाना राज्य में निवेशक आकर्षण के लिए जरूरी होगा। मध्यप्रदेश ने तकनीकी नवाचार, उन्नत कृषि पद्धतियों और व्यापक फसल विविधीकरण के आधार पर कृषि उत्कृष्टता के निर्माण के लिए नई कसौटी तैयार की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कृषि में देखी गई सफल रणनीतियों के आधार पर, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में पहल की आवश्यकता है जो राज्य को प्रगति की दिशा में नए रास्ते खोलने में मदद करेगी।  

इसलिए दबाए रहे केजरीवाल; सिरसा बोले- CAG की 14 रिपोर्ट्स से खुलेगा लूट का चिट्ठा

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा सत्र का आज दूसरा दिन है। आज का सत्र हंगामेदार होने की पूरी संभावना है। सूत्रों के मुताबिक आज CAG की 14 रिपोर्ट में से सिर्फ एक ही रिपोर्ट ही पेश की जाएगी, जिसमें शराब घोटाला प्रमुख है। उसके बाद हो सकता है कि दूसरे दिन डीटीसी बसों को लेकर कैग की दूसरी रिपोर्ट पेश की जाए। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) पर सीएजी की रिपोर्ट में वित्तीय घाटे का गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि 2015-16 से 2021-22 तक, डीटीसी का संचयी घाटा 25,300 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 60,750 करोड़ रुपये हो गया। इसका प्रमुख कारण पुराना बेड़ा था, 45% बसें पुरानी हो चुकी थीं और उनके खराब होने का खतरा था, जिसके परिणामस्वरूप बेड़े का उपयोग कम हो रहा था। सूत्रों के अनुसार यह रिपोर्ट्स होंगी पेश 1. मार्च 2021 को खत्म हुए साल के लिए राज्य वित्त ऑडिट रिपोर्ट 2. 31 मार्च 2020 और 2021 को खत्म हुए साल के लिए राजस्व, आर्थिक, सामाजिक और सामान्य क्षेत्र और सार्वजनिक उपक्रम रिपोर्ट 3. 31 मार्च 2021 को खत्म हुए साल के लिए दिल्ली में वाहन वायु प्रदूषण की रोकथाम और मिटिगेशन परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 4. 31 मार्च 2021 को खत्म हुए साल के लिए देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 5. मार्च 2022 को खत्म हुए साल के लिए राज्य वित्त ऑडिट रिपोर्ट 6. दिल्ली में शराब आपूर्ति पर परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 7. मार्च 2023 को खत्म हुए साल के लिए राज्य वित्त ऑडिट रिपोर्ट 8. सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन पर परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 9. दिल्ली परिवहन निगम के कामकाज पर सीएजी की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 10. 31 मार्च 2022 के लिए सीएजी की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट सूत्रों ने बताया कि कुल 14 रिपोर्टों में से 4 रिपोर्ट फाइनेंस अकाउंट और अप्रोप्रीएशन (स्वायत्तीकरण) अकाउंट हैं, जिन्हें दिल्ली सरकार के लेखा नियंत्रक ने 2021-22 और 2022-23 के लिए तैयार किया है। इससे पहले, दिसंबर 2024 में, दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने विधानसभा के समक्ष सीएजी रिपोर्ट पेश करने में विफल रहने के लिए पूर्व सीएम आतिशी की निंदा की थी, जिसके कारण उन्होंने 19-20 दिसंबर को एक विशेष सत्र भी बुलाया था। पूर्व सीएम आतिशी को लिखे पत्र में, सक्सेना ने विधायिका के सामने वैधानिक ऑडिट रिपोर्ट पेश करने के सरकार के संवैधानिक कर्तव्य पर जोर दिया था। उन्होंने पूर्व सीएम को याद दिलाया कि ये रिपोर्ट सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। सक्सेना ने बताया था कि लगातार याद दिलाने के बावजूद, सीएजी रिपोर्ट को दो साल तक रोककर रखा गया। उन्होंने इन रिपोर्टों को पेश करने में सरकार की विफलता को ‘जानबूझकर की गई चूक’ बताया और पारदर्शिता की कमी के लिए प्रशासन की आलोचना की। सीएम रेखा गुप्ता ने पिछली सरकार पर लोगों की मेहनत की कमाई का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है और कहा है कि उन्हें एक-एक पाई का हिसाब देना होगा। गुप्ता ने कहा, ‘हम दिल्ली से किए अपने वादों पर खरे उतरेंगे और उन्हें पूरा किया जाएगा।’ सीएम गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘सबसे अहम बात आने वाली है। हमने कहा था कि हमें पहले सत्र में सीएजी रिपोर्ट सदन के पटल पर रखनी चाहिए। यह लोगों की मेहनत की कमाई है जिसका पिछली सरकार ने दुरुपयोग किया। उन्हें लोगों के सामने एक-एक पाई का हिसाब देना होगा।’

महाशिवरात्रि के दिन इन आसान उपायों से मिलेगी पितृ दोष से मुक्ति

ज्योतिष के अनुसार, व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष लगने पर उसे कई तरह की परेशानियां और कष्ट झेलनी पड़ सकते हैं. ऐसा माना जाता है कि पितरों के नाराज होने पर पितृ दोष लगता है. इसके अलावा, पितृ दोष लगने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं. धार्मिक मान्यता है कि पितृ दोष को करने के लिए भगवान शिव की पूजा करना चाहिए. महाशिवरात्रि का पर्व पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए एक अच्छा अवसर है. इस साल महाशिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी. ऐसे में चलिए जानते हैं कि पितृ दोष लगने पर व्यक्ति को कौन-कौन सा परेशानियां झेलना पड़ती हैं और इनसे बचाव के लिए महाशिवरात्रि के दिन क्या उपाय करने चाहिए. पितृ दोष से होती हैं ये समस्याएं     पितृ दोष होने पर व्यक्ति को संतान की प्राप्ति में बाधा आती है.     पितृ दोष होने पर परिवार में लड़ाई-झगड़ा बढ़ने लगते हैं.     पितृ दोष होने पर घर में कोई-न-कोई हमेशा बीमार रहता है.     पितृ दोष होने पर कारोबार में घाटा होने लगता है और आर्थिक परेशानी होती है.     पितृ दोष होने पर व्यक्ति के विवाह में देरी होती है.     पितृ दोष होने पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. करें यह आसान उपाय पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए सही विधि से तर्पण, श्राद्ध और दान जैसे कर्म करने चाहिए. ऐसा करने से पितरों की कृपा दृष्टि भी के ऊपर बनी रहती है. साथ ही, इस दिन जल में काले तिल मिलाकर दक्षिण दिशा में अर्घ्य देना चाहिए, पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और सात बार परिक्रमा करें. ऐसा करने से करने से आपको पितृ दोष से छुटकारा मिल सकता है. इन मंत्रों का करें जाप     ॐ श्री पितराय नमः     ॐ श्री पितृदेवाय नमः     ॐ श्री पितृभ्यः नमः     ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः     ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः पितृगणाय च नमः     ॐ श्राध्दाय स्वधा नमः     ॐ नमः शिवाय     ॐ श्रीं सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेशं हं हं सुख शांतिम् देहि फट् स्वाहा     ॐ पितृदेवताभ्यो नमः     ॐ पितृ गणाय विद्महे जगत धारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात् इस चीज का करें दान महाशिवरात्रि के दिन काले तिल का दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है. ऐसा कहा जाता है कि इस दिन शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाने करने से पितृदोष से राहत मिलती है. इसके अलावा, महाशिवरात्रि के दिन काले तिल का दान करने से शनि दोष से भी छुटकारा मिलता है, क्योंकि भगवान शिव शनिदेव के गुरु माने गए हैं.

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