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महाशिवरात्रि की पूजा में व्रत कथा का पाठ जरूर करें , पूरी होगी हर मनोकामना

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए. शिवपुराण में इस व्रत का महत्व बताया गया है, जिसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति महाशिवरात्रि का व्रत करता है उसे भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे उसके जीवन की सभी परेशानियां दूर होती है और मनचाही इच्छा भी पूरी होती है. महाशिवरात्रि व्रत कथा कथा के अनुसार, चित्रभानु नामक एक शिकारी था. वह शिकार करके अपने परिवार का पालन पोषण करता था. उस शिकारी पर साहूकार का काफी कर्ज था. लेकिन वह उसका कर्ज समय पर नहीं चुका पाया. फिर साहूकार ने शिकारी को शिव मठ में बंदी बना लिया. जिस दिन उसे बंदी बनाया गया उस दिन शिवरात्रि थी. चतुर्दशी के दिन उसने शिवरात्रि व्रत की कथा सुनी और शाम होते ही साहूकार ने उसे अपने पास बुलाया और ऋण चुकाने के बारे में कहा. उसके बाद वह फिर शिकार की खोज में निकला. बंदीगृह में रहने के कारण वह बहुत भूखा था. शिकार की तलाश में वह बहुत दूर निकल आया. अंधेरा होने पर उसने जंगल में ही रात बिताने का फैसला किया और एक पेड़ पर चढ़ गया. उस पेड़ के नीचे शिवलिंग था जो बेलपत्र के पत्तो से ढका हुआ था. शिकारी को उसके बारे में जानकारी नहीं थी. पेड़ पर चढ़ते समय उसने जो टहनियां तोड़ी वह शिवलिंग पर गिरती रहीं. इस तरह से भूखे प्यासे रहकर शिकारी का शिवरात्रि का व्रत हो गया और शिवलिंग पर बेलपत्र भी चढ़ गए. रात के समय एक हिरणी पानी पीने तालाब पर आई. शिकारी जैसे ही उसका शिकार करने जा रहा था भी हिरणी बोली मैं गर्भवती हूं शीघ्र ही प्रसव करूंगी. तुम एक साथ दो जीवों की हत्या करोगे. मैं बच्चे को जन्म देकर तुरंत तुम्हारे सामना आ जाउंगी. तब मुझे मार लेना. शिकारी ने हिरणी को जाने दिया. इस दौरान अनजाने में कुछ बेलपत्र शिवलिंग पर गिर गए. इस तरह उसने अंजाने में प्रथम प्रहर की पूजा भी संपन्न कर ली. कुछ देर बार एक हिरणी उधर से निकली. जैसे ही शिकारी उसे मारने के लिए धनुष बाण चढ़ाया तो हिरणी ने विनम्रतापूर्वक निवेदन किया हे शिकारी में थोड़ी देर पहले ही ऋतु से निवृत्त हुई हूं. कामातूर विरहिणी हूं. अपने प्रिय की तलाश में हूं. अपनी पति से मिलकर मैं तुम्हारे पास आ जाउंगी. शिकारी ने उसे भी जाने दिया. रात का आखिरी पहर बीत रहा था. तब भी कुछ बेलपत्र शिवलिंग पर जा गिरे. ऐसे में शिकारी ने अनजाने में ही अंतिम पर की पूजा भी कर ली. इस दौरान वहां एक हिरणी अपने बच्चों के साथ आई. उसने भी शिकारी से निवेदन किया और शिकारी ने उसे जाने दिया. इसके बाद शिकारी के सामने एक हिरण आया. शिकारी ने सोचा अब तो मैं इसे यहां ने नहीं जाने दूंगी इसका शिकार करुंगी. तब हिरण ने उससे निवेदन किया कि मुझे कुछ समय के लिए जीवनदान दे दो. शिकारी ने पूरा रात की घटना उस हिरण को सुना दी. तब हिरण ने कहा कि जिस तरह से तीनों पत्नियां प्रतिज्ञाबद्ध होकर गई हैं, मेरी मृत्यु से अपने धर्म का पालन नहीं कर पाएंगी. जैसे तुमने उन्हें विश्वापात्र मानकर छोड़ा है मुझे भी जाने दो. मैं उन सबके साथ तुम्हारे सामने शीघ्र ही उपस्थित होता हूं. शिकारी ने उसे भी जाने दिया. इस तरह सुबह हो गई. उपवास, रात्रि जागरण, और शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से अनजान में ही शिवरात्रि की पूजा पूर्ण हो गई. लेकिन, अनजाने में हुई पूजा का परिणाम उसे तत्काल मिला. थोड़ी देर बार हिरण और उसका परिवार शिकारी के सामने आ गया. उन सभी को देखकर शिकारी को बहुत गिलानी हुई और उसके पूरे परिवार को जीवनदान दे दिया. अनजाने में शिवरात्रि व्रत का पालन करने पर भी शिकारी को मोक्ष की प्राप्ति हुई. जब मृत्यु काल में यमदूत जीव को ले जाने आए तो शिवगणों ने उन्हें वापस भेज दिया और उसे शिवलोक ले गए. शिवजी की कृपा से चित्रभानु अपने पिछले जन्म को याद रख पाए. शिवरात्रि के महत्व को जानकर उसका अगले जन्म में भी पालन कर पाए.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों एवं निवेशकों से की वन-टू-वन चर्चा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश संभावनाओं पर वन-टू-वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के कौशल उन्नयन और रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर भी विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उल्यानोवस्क रशिया के गवर्नर एलेक्सी रूस्किख से भी मुलाकात की। इसी क्रम में आपसी सहयोग को लेकर उल्यानोस्क, रशिया के गवर्नर और मध्यप्रदेश सरकार के बीच एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्ल्ड बैंक के कंट्री डायरैक्टर ऑगस्ट टैनो कुआमे के नेतृत्व में बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने अर्बन डेवलपमेंट, सोलर एनर्जी आदि सेक्टरों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जेरार्डस क्रॉस टाऊन (बकिंघमशायर, इंग्लैंड) की महापौर सुप्रेरणा भारद्वाज ने भेंट कर वन- टू- वन चर्चा की। इसी तरह मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल भारत सरकार की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव ने टेक्सआइल और प्रदेश में पीएम मित्र पार्क के विकास के संबंध में चर्चा की। डोनियर इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेन्द्र अग्रवाल ने टेक्सटाइल, आईनॉक्स के डायरेक्टर सिद्धार्थ जैन ने ऑक्सीजन सेक्टर, केपी ग्रुप के सीईओ आलोक दास द्वारा रिन्यूएबल एनर्जी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा की गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से विश्वकर्मा ग्रुप विश्वविद्यालय पुणे के एमडी डॉ. भरत अग्रवाल ने शिक्षा, गोल्डक्रेस्ट सीमेंट के एमडी आर. एस. जोशी ने सीमेंट, अल्फाविजन ओवर्सीस के चेयरमेन आर. के. गोयल ने हॉस्पिटेलिटी, एकमे ग्रुप के सीईओ निखिल ढिंगरा ने रिन्यूएबल एनर्जी, रूसान फार्मा के डायरेक्टर डॉ. राजेश हजेला ने फार्मास्युटिकल सेक्टर पर मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर वन टू वन चर्चा की।  

छत्तीसगढ़ को ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ में राष्ट्रीय सम्मान: मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

रायपुर छत्तीसगढ़ को ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ में राष्ट्रीय सम्मान: मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई छत्तीसगढ़ ने भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित प्रकृति परीक्षण अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त किया। राज्य ने स्ट्राइक रेट लक्ष्य में देशभर में तीसरा स्थान और कुल प्रकृति परीक्षण मानकों पर नौवां स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए केन्द्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव ने छत्तीसगढ़ को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।यह सम्मान अभियान के राज्य समन्वयक डॉ. संजय शुक्ला ने ग्रहण किया। जहांगीर भाभा थियेटर, मुंबई में आयोजित अभियान के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आयुष विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य और आयुर्वेद के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बढ़ती उत्कृष्टता का प्रमाण है, जिससे राज्य में आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुष विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की पहल न केवल नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएगी, बल्कि प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को मुख्यधारा में लाने में भी सहायक होगी। उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर से 25 दिसंबर 2024 तक चले इस अभियान के तहत देशभर में 1.29 करोड़ से अधिक नागरिकों का परीक्षण किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ ने 4.45 लाख से अधिक नागरिकों का सफलतापूर्वक परीक्षण कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस अभियान में राज्य के 3551 वालंटियर्स ने योगदान दिया। इसके अतिरिक्त अभियान की महत्ता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीनस्थ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 40,000 से अधिक अधिकारियों और जवानों का भी सफलतापूर्वक प्रकृति परीक्षण किया गया, जो आयुष चिकित्सा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाता है। नागरिकों के लिए निरंतर जारी रहेगा अभियान आयुष विभाग के संचालक ने बताया कि मोबाइल एप्लीकेशन आधारित इस अभियान को नागरिकों से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ में इस अभियान को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अब राज्य के नागरिक निकटतम आयुर्वेद महाविद्यालय, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, आयुष विंग, स्पेशलाइज्ड थैरेपी सेंटर, शासकीय आयुर्वेद औषधालयों एवं निजी आयुर्वेद चिकित्सकों से संपर्क कर अपना प्रकृति परीक्षण करवा सकते हैं।

भोपाल- सीहोर- रायसेन- विदिशा का भी होगा समन्वित रूप से विकास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पर्यटन सहित सेक्टर विशेष और विषय विशेष पर होंगी समिट: मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर- नागदा- उज्जैन -देवास- मक्सी (शाजापुर)- पीथमपुर (धार) को जोड़कर महानगर के रूप में विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल- सीहोर- रायसेन- विदिशा का भी होगा समन्वित रूप से विकास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में 3300 हेक्टेयर में धार्मिक नगर विकसित किया जाएगा प्रदेश में ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम जैसे छोटे शहर भी अब औद्योगिक विकास के नए केंद्र बन रहे हैं हेल्थ टूरिज्म के अंतर्गत प्रदेश के आम आदमी के हित में आरंभ की गई एयर एम्बुलेंस सेवा 10 मार्च को माधव नेशनल पार्क प्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व के रूप में होगा लोकार्पित जोधपुर में बन रहे बेहतरीन लकड़ी फर्नीचर के लिए मध्यप्रदेश एमओयू करने को तत्पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन पर्यटन व संस्कृति और अनलॉकिंग अर्बन लैंड वैल्यू पर केंद्रित सत्रों को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम जैसे छोटे शहर भी अब औद्योगिक विकास के नए केंद्र बन रहे हैं। क्षेत्रीय स्तर पर हुई इन्वेस्टर समिट से प्रदेश में उद्योग व्यापार और रोजगार के लिए बेहतर वातावरण निर्मित करने में मदद मिली है। इसके साथ ही निवेशकों, उद्योगपतियों और प्रदेश के स्थानीय जन में परस्पर आत्मविश्वास भी बढ़ा है। निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रदेश के छोटे शहरों में जाकर लगा कि इन स्थान में भी पर्याप्त आधोसंरचना और बेहतर जीवन जीने के संसाधन उपलब्ध हैं। वहीं स्थानीय निवासियों ने यह जाना कि प्रदेश के छोटे शहरों में बड़े निवेशकों, उद्योगपतियों को आकर्षित करने की क्षमता है और उनके शहरों में भी इन्वेस्टर समिट जैसी गतिविधियों का आयोजन सफलता पूर्वक किया जा सकता है । मुहासा- बाबई जैसे छोटे स्थान में औद्योगिक गतिविधियों का बड़े पैमाने पर विस्तार हो रहा है। संपूर्ण प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का समान रूप से विस्तार करना प्रदेश में अलग-अलग स्थान पर इन्वेस्टर समिट आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य रहा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन पर्यटन व संस्कृति और अनलॉकिंग अर्बन लैंड वैल्यू पर केंद्रित सत्रों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर- नागदा- उज्जैन -देवास- मक्सी (शाजापुर)- पीथमपुर (धार) के लगभग 8000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए आवागमन के मार्ग, रेल नेटवर्क, बिजली, पानी, सफाई, सीवर लाइन जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को विकसित कर, आगामी 25 वर्ष में इस क्षेत्र को महानगर के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल- सीहोर- रायसेन- विदिशा आदि क्षेत्र को भी समन्वित रूप से मेट्रोपॉलिटन के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए विशेषज्ञों और जन सामान्य से सुझाव भी आमंत्रित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेले का मतलब है मेल जोड़ बढ़ाना और इसमें पर्यटन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ होने जा रहा है, उज्जैन में 3300 हेक्टेयर क्षेत्र में धार्मिक नगर विकसित करने की योजना है। इस क्षेत्र में महामंडलेश्वर, शंकराचार्य, साधु, संत, महंत आदि को स्थाई रूप से अपने आश्रम निर्मित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। जिसमें अन्न क्षेत्र के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज, अस्पताल आदि का संचालन किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन को तीर्थाटन से जोड़ने की दिशा में उनके द्वारा विशेष पहल की गई है। राज्य सरकार भविष्य में पर्यटन तथा अन्य क्षेत्रों पर विशेष समिट का आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर प्रगति के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के विशाल भौगोलिक विस्तार को देखते हुए प्रदेश की एविएशन नीति में बदलाव किया गया है। विमान सेवा को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार द्वारा इसेंटिव प्रदान कर जबलपुर, रीवा, सिंगरौली के यात्रियों को विमान सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही आयुष्मान योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को विमान और हेलीकॉप्टर से निशुल्क एयर एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध कराई जा रही है। हेल्थ टूरिज्म के क्षेत्र में प्रदेश के आम आदमी के हित में राज्य सरकार द्वारा यह नवाचार किया गया है । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश वन्य जीवों की दृष्टि से पर्याप्त संपन्न है। टाइगर, चीते, घड़ियाल आदि की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश में सर्वाधिक टाइगर और तेंदुआ मध्य प्रदेश में है। चंबल विश्व की सबसे सुंदर और स्वच्छ नदियों में शामिल है, यहां पर्यटन को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। चंबल क्षेत्र में घड़ियालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इसी प्रकार प्रदेश में गिद्धों की भी संख्या पर्याप्त है। प्रदेश में टाइगर रिजर्व 7 से बढ़कर 9 हो गए हैं। विश्व विख्यात पुरातत्वविद डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर रातापानी टाइगर रिजर्व हाल ही में प्रारंभ हुआ है। माधव नेशनल पार्क 10 मार्च को लोकार्पित किया जाएगा। प्रदेश वन संपदा से भरपूर है, राज्य सरकार सभी प्रकार के पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोधपुर में बन रहे लकड़ी के बेहतरीन फर्नीचर के लिए मध्यप्रदेश से लकड़ी उपलब्ध कराने के बारे में राजस्थान सरकार से एओयू करने का प्रस्ताव रखा । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर केन बेतवा लिंक नदी जोड़ो परियोजना और काली सिंध पार्वती चंबल परियोजना का सफल क्रियान्वयन आरंभ हो रहा है, यह राज्यों के परस्पर मधुर संबंधों का श्रेष्ठ उदाहरण बनेगा।  

राज्यपाल पटेल पं. शंभूनाथ विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भावी जीवन में कैरियर की सफलताओं में माता-पिता, गुरूजन और समाज के जरूरतमंद व्यक्ति के प्रति अपने कर्तव्यों को भूलना नहीं चाहिए। पालकों का संघर्ष, समाज के सबसे पिछड़े, गरीब व्यक्ति के आपकी शिक्षा-दीक्षा में योगदान की स्मृतियां सदैव बनी रहनी चाहिए। याद रहे कि आपकी शिक्षा-दीक्षा में इन सभी का प्रत्यक्ष और परोक्ष त्याग और सहयोग शामिल है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत शपथ सामाजिक दायित्वों का दस्तावेज है। भावी जीवन में इसे संभाल कर रखें। प्रतिदिन उसे दोहराएं और उसके अनुसार आचरण करें। अपने आस-पास के वंचितों की जरूरतों की जानकारी लें। उनको पूरा करने का यथा संभव प्रयास करें। राज्यपाल पटेल मंगलवार को पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अतीत की साधना भविष्य के निर्माण पथ पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। यहां से भावी जीवन में नए अवसरों को प्राप्त करने और नई चुनौतियों के समाधान खोजने होंगे। जरूरी है कि अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर अपडेट करते रहें। जीवन में निरंतर सीखने की भावना जागृत रखें। तेजी से बदलते आज के तकनीकी युग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में निरंतर ज्ञान की खोज समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि साहस और धैर्य के साथ प्रयासों से सपने साकार होते हैं। अनुभवों से सीख कर, स्वयं में बदलाव करते हुए आगे बढ़े और अपनी अपार क्षमताओं को पहचानें। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्वस्थ मानसिकता के लिए स्वस्थ शरीर का विकास जरूरी है। विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा स्वस्थ तन-मन के लिए नियमित व्यायाम, मिलेट्स/श्रीअन्न खाने, अधिक पानी पीने और भरपूर नींद लेने के चार मंत्र बताए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश के जनजातीय महानायक टंट्या मामा, रानी दुर्गावती, रानी कमलापति, रघुनाथ शाह एवं शंकर शाह सहित अन्य विभिन्न महानायकों से प्रेरणा लेना चाहिए। उन्होंने जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र में सिकल सेल एनीमिया के फैलाव को देखते हुए विद्यार्थियों को उनके क्षेत्र में सिकल सेल एनीमिया से बचाव के लिए जागरूकता फैलाने तथा रोग की स्क्रीनिंग में सहयोग के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विश्वविद्यालयों से अपेक्षा है कि शिक्षा के मंदिर में विद्यार्थियों को बौद्धिकता, ज्ञान, विज्ञान और संस्कारों के के साथ समन्वय की सीख भी दें। हर विधा के विद्यार्थियों को शोध एवं नवाचारों को समझने और अपनाने का अवसर भी मिलना चाहिए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दीक्षांत समारोह में पं. शंभुनाथ विश्वविद्यालय की स्मारिका का लोकार्पण किया। विश्वविद्यालय के प्रतिभावान 45 छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधि प्रदान की। राज्यपाल पहुंचे धुरवार के नन भईया बैगा के घर राज्यपाल मंगुभाई पटेल शहडोल जिले के प्रवास के दौरान विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवार के नन भईया बैगा के घर ग्राम धुरवार पहुंचे। राज्यपाल की गांव पहुंचने पर नन भईया बैगा एवं ग्रामीणों ने कलश से अगुवाई की। जनजातीय संस्कृति के अनुसार टिमकी तथा नगरिया से लैस नृत्य दल ने परंपरागत तरीके से स्वागत किया। राज्यपाल पटेल ने ग्रामीणों से जन-मन योजना से उनके जीवन में हुए बदलाव के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल को नन भईया बैगा ने घर आगमन पर पारंपरिक भोजन कराया। बैगा परिवार द्वारा फंसई का चावल, इंदरहर की कढ़ी, लहसुन और टमाटर की सिल-बट्टे पर बनी चटनी, कुटकी की खीर, सेमी का साग, पापड़, सलाद, गेंहू रोटी के साथ प्रस्तुत किया गया। परिवार के सह-भोज में सरपंच श्रीमती मीरा बाई बैगा और जन मन योजना के हितग्राही भी शामिल हुए।  

जीआईएस से मिले 30.77 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  भारत के विकास को गति दे रहा है मध्यप्रदेश : केंद्रीय गृह मंत्री शाह जीआईएस भोपाल के समारोह में केन्द्रीय गृह मंत्री ने की मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की सराहना जीआईएस से मिले 30.77 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमने निवेश के लिए बनाया है नया इको-सिस्टम हमारी निवेश नीतियों को सबने सराहा, निवेशकों का बढ़ा है मध्यप्रदेश पर विश्वास आरआईसी के सफल प्रयासों का प्रतिफल मिला जीआईएस में भोपाल केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भोपाल में सम्पन्न दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सिफ मध्यप्रदेश की नहीं, यह देश की उपलब्धि है। उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिये उठाये गये कदम भारत के विकास को भी गति देने का कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश निश्चित ही प्रमुख उद्योग राज्य बनेगा। मध्यप्रदेश में निवेशकों में निवेश करने के प्रति विश्वास बढ़ा है। स्थायी और सशक्त सरकार, पारदर्शी प्रशासन, उपयोगी नीतियां, सहयोगी सामाजिक वातावरण, आर्थिक प्रगति के लिये ऐसे आधार हैं, ‍जो मध्यप्रदेश में मौजूद हैं। मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जिसने जनविश्वास अधिनियम, ईज ऑफ डूइंग के माध्यम से पहल की है। निश्चित ही मध्यप्रदेश टॉप एचीवर बनेगा। केन्द्रीय मंत्री शाह मंगलवार की शाम भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में हुई दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सूत्र वाक्य ‘विरासत भी और विकास भी’ को मध्यप्रदेश चरितार्थ कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष@2047 तक पूर्ण विकसित भारत का संकल्प किया है। भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। इसमें मध्यप्रदेश अपना योगदान देते हुए महत्वपूर्ण सहयोगी राज्य सिद्ध होगा। मध्यप्रदेश ने लोकल और ग्लोबल दोनों स्तर पर प्रगति के प्रयासों में सहभागी बनने का सराहनीय कार्य किया है। यह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट बहुत सफल रही है। इसकी सफलता के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी टीम बधाई और अभिनंदन की पात्र हैं। मध्यप्रदेश में इस समिट में हुए एमओयू जल्द ही मूर्त रूप लेकर प्रदेश के विकास को गति प्रदान करेंगे। मध्यप्रदेश में किया गया प्रयोग सम विकास के लिये आवश्यक केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. द्वारा किया गया रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का प्रयोग सफल रहा। सम विकास के लिये ऐसे प्रयास आवश्यक हैं। अन्य राज्य भी यह प्रयोग कर सकते हैं। प्रत्येक क्षेत्र में अलग तरह का निवेश संभव होता है। मध्यप्रदेश में फिजीकल पोटेंशियल, सेक्टोरल और ग्लोबल पोटेंशियल के मार्ग प्रशस्त हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। केन्द्रीय मंत्री शाह के उद्बोधन के प्रमुख बिन्दु     मध्यप्रदेश में सशक्त अधोसंरचना मौजूद है। भूमि, जल और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है।     यहां कुशल मानव संसाधन की प्रचुरता है।     मध्यप्रदेश में मार्केट का एक्सेस और पारदर्शी प्रशासन है।     मध्यप्रदेश में स्थिर सरकार, केन्द्रीय भौगोलिक स्थिति, उद्योगों के लिये अनुकूल नीतियां हैं।     यहां सभी कुछ प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।     मध्यप्रदेश उद्योगपतियों के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र है।     मध्यप्रदेश में सर्वाधिक खनिज संसाधन उपलब्ध हैं।     मध्यप्रदेश देश की कॉटन केपिटल है। यहां देश के कपास उत्पादन का एक चौथाई ऑर्गेनिक फार्म में होता है।     मध्यप्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है।     यह अत्यंत सराहनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है।     मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की उपलब्धि प्राप्त करेगा।     आज सम्पन्न समिट में 200 से अधिक संस्थानों के प्रतिनिधि, 60 देशों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल हुए। कई विभागीय सम्मेलन और सेक्टोरल सत्र भी समिट में सम्पन्न हुए हैं। यह मध्यप्रदेश की ग्लोबल उपस्थिति का परिचायक है।     प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में निवेश का तैयार हुआ सकरात्मक माहौल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री शाह के जीआईएस के समापन सत्र में आने के लिए उनका अभिनंदन करते हुए कहा कि कल प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जीआईएस का शुभारंभ और आज गृह मंत्री शाह द्वारा समापन से मध्यप्रदेश ने देश के कुशल नेतृत्व का मार्गदर्शन प्राप्त किया है। उन्होंने इसके लिए मध्यप्रदेश की जनता की ओर से आभार जताया। उन्होंने निवेशकों से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में औद्योगीकरण और निवेश को लेकर एक सकारात्मक माहौल बना है। मप्र में पर्याप्त जल, जंगल, जमीन, बिजली, लैंड बैंक और निवेश के लिये अनुकूल वातावरण बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक वर्ष पहले क्षेत्रीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) की शुरुआत की थी, ताकि संभाग स्तर पर औद्योगीकरण और निवेश को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि आरआईसी के बहुत अच्छे परिणाम हमें मिले हैं। आरआईसी में किए गए प्रयासों का प्रतिफल हमें जीआईएस में मिला है। हमने मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने और निवेशकों का हौसला बढ़ाने के लिए निवेश नीतियों में कई बदलाव किए हैं। हमारी नई निवेश नीतियों की सभी ने सराहना की है। हमारी सरकार ने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है। टेक्सटाइल, फार्मा और ऑटो उद्योग में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। विकास का इस कारवां में हम लगातार आगे बढ़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 100 से अधिक एक्सपटर्स और उद्योगपतियों सहित करीब 25000 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इसमें 60 से अधिक देशों के निवेशक डेलीगेट भोपाल आए। जीआईएस करीब 5000 बिजनेस-टू-बिजनेस और 600 बिजनेस-टू-गर्वनमेंट मीटिंग्स आयोजित हुई। उन्होंने बताया कि अब तक सरकार को 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। विभिन्न एमओयू साइन किये गये। प्रदेश सरकार अपने प्रयासों को धरातल पर उतरने के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार यहां के युवाओं, किसानों, महिलाओं और सभी प्रकार के संभावित क्षेत्रों में विकास के इस अभियान को जारी रखेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले वर्ष लागू किए गए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश में किए गए नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में हम सभी नए आपराधिक कानून सुधारों को पूरी तरह लागू कर मध्यप्रदेश को देश … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्निक महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना कर दुग्धाभिषेक किया

उज्जैन 12 ज्योतिर्लिंगों में से महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि का महापर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी पत्नी के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंचे। जहां उन्होंने बाबा महाकाल का गर्भगृह में पूजन अर्चन कर बाबा का अभिषेक किया इसके बाद आरती करने के बाद महाकाल का आशीर्वाद लिया। दरअसल, हर विशेष काम में बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने वाले सीएम मोहन यादव आज महाशिवरात्रि के पर्व अपनी धर्मपत्नी सीमा यादव के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने पीले रंग का सोला पहनकर गर्भगृह में प्रवेश किया व बाबा महाकाल को जल अर्पित कर पंचामृत अभिषेक कर बिल्वपत्र, पुष्प व भोग अर्पित किया। महाशिवरात्रि पर दर्शन करने पुहंचे सीएम महाशिवरात्रि के त्योहार के दौरान सीएम मोहन यादव ने बाबा का अभिषेक कर उनको वस्त्र धारण करवाए और आरती भी की। इस दौरान उन्होंने नंदी हॉल में पहुंचकर बाबा महाकाल का ध्यान भी लगाया। उन्होंने भगवान महादेव के संसार में एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग की पूजा अर्चना कर प्रदेश के विकास और प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की मंगल कामना की।

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होगी किसानों से अच्छी गुणवत्ता की फसल की खरीदी: खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने निर्देश दिये हैं कि रबी विपणन वर्ष 2025-26 के गेहूँ उपार्जन की अवधि के दौरान उपार्जन केन्द्रों पर आने वाले किसानों के लिए सभी पर्याप्त सुविधाएं होनी चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर उपार्जन कार्य से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने यह निर्देश मंत्रालय में रबी उपार्जन नीति की समीक्षा के दौरान दिये। श्री  राजपूत ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर आने वाले किसानों के लिए छाया की सुविधा के लिए शेड लगवाएं जाएं तथा पीने के पानी, प्रतीक्षा कक्ष, दरियां, टेबल, कुर्सी तथा शौचालय आदि का पर्याप्त प्रबंध करें।  उन्होंने निर्देश दिये कि समिति स्तर पर पर्याप्त बिजली की सुविधा, हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन, इलेक्ट्रॉनिक उपार्जन उपकरण तथा किसानों की जानकारी के लिए सूचना पटल पर उपार्जन संबंधी जानकारी प्रदर्शित करें। श्री राजपूत  ने निर्देश दिये कि न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता लाएं ताकि गेहूँ खरीदी केन्द्रों तक अधिकतम पंजीकृत किसान अपनी फसल लेकर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसानों को गेहूं उपार्जन के बाद जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित करें।  खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि  इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूँ खरीदी का कार्य 1 मार्च से प्रारंभ किया जाएगा जो 18 अप्रैल तक चलेगा। वहीं शेष संभागों में 17 मार्च से 5 मई 2025 तक गेहूँ खरीदी का कार्य उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से किया जाएगा। 80 लाख मीट्रिक टन गेहूँ उत्पादन का अनुमान प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण  श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि अभी तक 2 लाख 91 हजार से अधिक किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है। उन्होंने बताया कि इस बार मध्यप्रदेश में 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन का अनुमान है। बैठक में आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा ने बताया कि गेहूँ उपार्जन में स्लाट बुकिंग के लिए लघु और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि खरीदी के लिए किसानों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी उपयोग किया जाएगा। इस दौरान विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

इंग्लैंड और अफगानिस्तान दोनों टीमों के लिए आज का मुकाबला करो या मरो जैसा

लाहौर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़ा स्कोर खड़ा करने के बावजूद हार का सामना करने से आहत इंग्लैंड को चैंपियंस ट्रॉफी में अपनी उम्मीदें बरकरार रखने के लिए बुधवार को यहां अफगानिस्तान की स्पिन चुनौती की कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। इंग्लैंड और अफगानिस्तान को अपने पहले मैच में पराजय का सामना करना पड़ा था और इसलिए दोनों टीमों के लिए यह मैच करो या मरो जैसा बन गया है। ग्रुप बी में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया ने अपने पहले मैच जीते थे। इंग्लैंड का सीमित ओवरों की क्रिकेट में दबदबा अब बीते दिनों की बात हो चुकी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगर उसके बल्लेबाज चले तो गेंदबाजों ने निराश किया जो 350 से अधिक के स्कोर का बचाव नहीं कर पाए। जहां तक पहले मैच में इंग्लैंड की बल्लेबाजी का सवाल है तो यह नहीं भूलना चाहिए कि ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख गेंदबाज इस टूर्नामेंट में नहीं खेल रहे हैं। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने पहले मैच में उसके अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण का पूरा फायदा उठाकर बड़ा स्कोर बनाया। इसलिए देखा जाए तो इंग्लैंड को अफगानिस्तान के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इंग्लैंड के बल्लेबाजों को चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारत के खिलाफ वनडे श्रृंखला में स्पिन गेंदबाजों को खेलने में काफी परेशानी हुई थी। अफगानिस्तान के पास राशिद खान, नूर अहमद और मोहम्मद नबी जैसे विश्वस्तरीय स्पिनर हैं जो किसी भी तरह की बल्लेबाजी लाइनअप को परेशानी में डालने में सक्षम हैं। यहां की पिच से धीमी गति के गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना है और ऐसे में इंग्लैंड के बल्लेबाजों को कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। इंग्लैंड को ऑलराउंडर ब्रायन कार्स के चोटिल होने के कारण बाहर होने से झटका लगा है। उसने अपने स्पिन गेंदबाजी विभाग को मजबूत करने के लिए उनकी जगह रेहान अहमद को टीम में शामिल किया है। रेहान अहमद को टीम में शामिल करने से आदिल रशीद को काफी मदद मिलेगी जिनके साथ अभी तक लियम लिविंगस्टोन दूसरे स्पिनर की भूमिका निभा रहे थे। बल्लेबाजी में इंग्लैंड की सबसे बड़ी चिंता सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट और हैरी ब्रूक की खराब फॉर्म है। साल्ट ने वनडे में अपना एकमात्र शतक 2022 में लगाया था। इसके बाद वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। ब्रूक की कहानी भी लगभग ऐसे ही है। उन्होंने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे श्रृंखला में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन इसके बाद वह बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे हैं। जहां तक अफगानिस्तान का सवाल है तो उसकी अपनी परेशानियां हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले मैच में उसके गेंदबाजों ने निराश किया तो बल्लेबाज भी नहीं चल पाए जिससे उसकी टीम को 107 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा था। अफगानिस्तान की टीम में लगभग वही खिलाड़ी हैं जिन्होंने पिछले साल उसे टी20 के सेमीफाइनल में पहुंचाया था। अफगानिस्तान को अगर सेमी फाइनल की अपनी उम्मीदों को बनाए रखना है तो उसके खिलाड़ियों को एकजुट होकर प्रदर्शन करना होगा। टीम इस प्रकार हैं: अफगानिस्तान: हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, इकराम अलीखिल, गुलबदीन नायब, अजमतुल्ला उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, नांग्याल खरोती, नूर अहमद, फजलहक फारूकी, फरीद मलिक, नवीद जादरान। रिजर्व: दरविश रसूली, बिलाल सामी। इंग्लैंड: जोस बटलर (कप्तान), जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, हैरी ब्रूक, रेहान अहमद, बेन डकेट, जेमी ओवरटन, जेमी स्मिथ, लियाम लिविंगस्टोन, आदिल राशीद, जो रूट, साकिब महमूद, फिल साल्ट, मार्क वुड। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 2.30 बजे शुरू होगा।  

आवास को लेकर 15 मार्च से शुरू होगा सर्वे, जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाएगी आपका घर

जम्मू शहर में रहने वाले गरीब लोगों का घर बनाने का सपना साकार होने जा रहा है। सरकार ऐसे लोगों की सूची तैयार करने जा रही है जिनके पास जमीन तो है लेकिन गरीबी के कारण घर नहीं बना पा रहे। आवास एवं शहरी विकास विभाग 15 मार्च से इसके लिए सर्वे शुरू करने जा रहा है। 3 से 9 लाख रुपये वार्षिक आमदनी वाले ऐसे परिवारों को सूचीबद्ध कर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)- 2.0 के तहत घर बनाने का मौका दिया जाएगा। विभाग मार्च महीने में इस सर्वे को पूरा करेगा जिसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की तैनाती रहेगी। इतना ही नहीं लोग ऑनलाइन भी आवेदन कर सकेंगे। जांच-पड़ताल के बाद योग्य आवेदक को योजना का लाभ मिल पाएगा। पीएम योजना के तहत मिलेगा पक्का मकान प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी 2.0 योजना का उद्देश्य सभी के लिए आवास के दृष्टिकोण के साथ देश भर के सभी पात्र शहरी परिवारों को हर मौसम के अनुकूल पक्के घर उपलब्ध कराना है। आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय शहरी क्षेत्रों में पात्र परिवारों को बीएलसी, एएचपी,आईएसएस कार्यक्रम के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए योजना को लागू करता है। पिछले वर्ष करीब 350 लाख रुपये की राशि जारी की गई थी। सरकार ने जम्मू शहर के सुंजवां क्षेत्र में इस योजना के तहत 336 फ्लैट्स भी बनाए थे जिन्हें पिछले वर्ष आवंटित किया गया। यह है कार्यक्रम 1. लाभार्थी के नेतृत्व में निर्माण (बीएलसी): योजना का बीएलसी कार्यक्षेत्र 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले ईडब्ल्यूएस श्रेणियों से संबंधित व्यक्तिगत पात्र परिवारों को 2.5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, ताकि वे अपनी उपलब्ध भूमि पर 45 वर्गमीटर तक के नए पक्के घर (एक हर मौसम के अनुकूल आवास इकाई) का निर्माण कर सकें। 2. भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी): भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) कार्यक्षेत्र ईडब्ल्यूएस लाभार्थियों को पक्का घर खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। इस वर्टिकल के अंतर्गत 30-45 वर्गमीटर कार्पेट एरिया वाले किफायती मकानों का निर्माण सार्वजनिक/निजी एजेंसियों द्वारा किया जाएगा तथा उन्हें ईडब्ल्यूएस श्रेणी के पात्र लाभार्थियों को आवंटन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। एएचपी परियोजनाओं में ईडब्ल्यूएस लाभार्थी को संपत्ति के खरीद मूल्य पर केंद्रीय और राज्य एजेंसियों द्वारा ईडब्ल्यूएस (वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक) फ्लैट के लिए 2.5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। 3. ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस): पीएमएवाई-यू 2.0 की ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस) के तहत, ईडब्ल्यूएस/एलआईजी और एमआईजी के पात्र लाभार्थियों को घरों की खरीद/पुनर्खरीद/निर्माण के लिए 01.09.2024 या उसके बाद स्वीकृत और वितरित किए गए गृह ऋण पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी। योजना के अंतर्गत ईडब्ल्यूएस/एलआईजी/एमआईजी लाभार्थी के रूप में पहचान के लिए व्यक्तिगत ऋण आवेदक को आय का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। क्या है पीएमएवाई-यू 2.0 प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) का उद्देश्य पात्र परिवारों, लाभार्थियों को शहरी क्षेत्रों में किफायती मकानों के निर्माण, खरीद या किराये पर लेने के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान करना है। लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता मानदंड शहरी क्षेत्रों में रहने वाले ईडब्ल्यूएस/एलआईजी/एमआईजी वर्ग के परिवार, जिनके पास अपने या अपने परिवार के किसी सदस्य के नाम पर कोई पक्का मकान नहीं है, वे पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत मकान खरीदने/निर्माण करने या किराये पर लेने के लिए पात्र हैं। यह रहेगी व्यवस्था ईडब्ल्यूएस परिवारों को 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के रूप में परिभाषित किया गया है। एलआईजी परिवारों को 3 लाख रुपये से 6 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के रूप में परिभाषित किया गया है। एमआईजी परिवारों को 6 लाख रुपये से 9 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के रूप में परिभाषित किया गया है। कैसे कर सकते हैं आवेदन -योजना के तहत निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले लाभार्थी पीएमएवाई-यू 2.0 के एकीकृत वेब पोर्टल, सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के माध्यम से या वे जिस संबंधित शहरी स्थानीय निकाय/नगर पालिका में रह रहे हैं, वहां जाकर निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। दस्तावेज चाहिए लाभार्थी को अपने आधार कार्ड की प्रति, बैंक खाते का विवरण, निर्धारित प्रारूप के अनुसार पात्रता मानदंड को पूरा करने का वचन, बीएलसी के मामले में भूमि स्वामित्व दस्तावेज।

शहरों में सुव्यवस्थित ट्राफिक के लिये अंडरब्रिज बनाने पर विचार किया जाएगा: नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय

भोपाल शहरों का ट्रांजिट ओरिएंटेड डेव्हलपमेंट किया जाएगा। शहरों में सुव्यवस्थित ट्राफिक के लिये अंडरब्रिज बनाने पर विचार किया जाएगा। नगरों के विकास के लिये बनाई गई पॉलिसी में आपके सुझावों पर जरूरी परिवर्तन किये जाएंगे। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह बात ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 के अर्बन डेव्हलपमेंट सेशन में कही। केन्द्रीय नागरिक उड्यन मंत्री श्री के. राम मोहन नायडू ने कहा कि उज्जैन में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायतों के नियम-कानूनों की शहरी विकास के कानूनों से समानता होनी चाहिए। श्रम कानूनों में सुधार होगा, जिससे उद्योगपति और श्रमिक के बीच टकराव की स्थिति नहीं बनेगी। अतिथियों ने एमपी ईवी तरंग पोर्टल को लांच किया। एमओयू में हुए शामिल शहरों में विमान सेवाओं के उद्देश्य से पाँच कम्पनियों के साथ एमओयू हुए। एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ अंतर्राष्ट्रीय रूट इंदौर से आबुधाबी और इंदौर से बैंकॉक और घरेलू रूट इंदौर से पटना, इंदौर से कोच्ची एवं इंदौर से वाराणसी के लिये विमान सेवाएं शुरू करने के लिये एमओयू हुआ। फ्रेंकफिन कम्पनी के साथ मध्यप्रदेश में 5 एविएशन एकेडमी शुरू करने के लिये एमओयू हुआ। इसमें 6 से 7 हजार लोगों को रोजगार मिलना संभावित है। फ्लाई भारती के साथ उज्जैन में एयरपोर्ट डेव्हलपमेंट के लिये एमओयू हुआ। इसमें 750 करोड़ रूपये का निवेश होगा। “कंपनी प्रधान एयर” के साथ उज्जैन में और राज्य के भीतर हवाई सेवाएं शुरू करने के लिये एमओयू हुआ। इसमें 150 करोड़ रूपये का निवेश होगा। इन एविया एविएशन कंसलटेंट जीएमबीएच के साथ भोपाल में मेंटीनेंस रिपेयर एण्ड ऑपरेशन (एमआरओ) की स्थापना के लिये एमओयू हुआ। इसमें प्रथम चरण में 500 करोड़ रूपये के निवेश की संभावना है। एक एमओयू एडिमिनिस्ट्रेटिव स्टॉफ कॉलेज ऑफ इंडिया के ट्रेनिंग इन्सट्रीट्यूट के साथ नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने किया है। इसमें विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की ट्रेनिंग होगी। जनभागीदारी शहर के विकास का अहम हिस्सा मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि जनभागीदारी शहर के विकास का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इंदौर शहर के नागरिकों की तरह स्वच्छता को संस्कार में शामिल करना होगा। उन्होंने बताया कि इंदौर को क्लीन सिटी के साथ ही ग्रीन सिटी बनाया जाएगा। इंदौर में आगामी 5 साल में ढाई करोड़ पौधे लगाकर तापमान 4 डिग्री तक कम करने का लक्ष्य है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसी पॉलिसियाँ बनाई जा रही है कि शहर का विकास हो, प्रदेश का विकास हो और निवेशक का भी विकास हों। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि केन्द्र ने एक लाख करोड़ रूपये का ट्रस्ट फंड बनाया है। इस राशि का उपयोग मध्यप्रदेश में शहरों के सुनियोजित विकास के लिये अच्छी योजना बनाकर किया जायेगा। इसके लिये हमारा विभाग केन्द्र से पर्याप्त राशि लाने के लिये ठोस प्रयास करेगा। सिविल एविएशन हब के रूप में विकसित होगा मध्यप्रदेश केन्द्रीय नागरिक उड्यन मंत्री श्री नायडू ने कहा कि मध्यप्रदेश सिविल एविएशन हब के रूप में विकसित होगा। मध्यप्रदेश में प्रशिक्षण संस्थान खोलने की अनुकूल परिस्थितियां है। मध्यप्रदेश में एयरो स्पोर्टस शुरू किये जा सकते है। प्रयागराज में लगे महाकुंभ की तरह भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों का महाकुंभ आयोजित कर अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने निवेश के लिये मध्यप्रदेश द्वारा बनाई गई नई नीतियों की सराहना की। देश के कोने-कोने को एयर ट्रैफिक से जोड़ेंगे। हर 100 किमी में एयर पोर्ट बनाने का लक्ष्य है। एयरपोर्ट बनाने के लिये जहां जगह कम होगी, वहां हेलीपोड बनायें जाएंगे। सत्र में प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय कुमार शुक्ला ने “डेव्हलपिंग सिंटीज ऑफ टुमॉरो” के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास श्री सिबि चक्रवर्ती ने ग्रीन क्लीन लीवेबल सिटीज के संबंध में प्रेजेन्टेशन दिया। डायरेक्टर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स डॉ. डेबोलिना कुंडू ने बताया कि 2054 तक 50 प्रतिशत से अधिक आबादी शहरी हो जाएगी। इसलिये अभी से शहरों के समुचित विकास की ओर ध्यान देना जरूरी है। चीफ एक्सक्यूटिव ऑफिसर आईआईएचसीएल प्रोजेक्ट श्री पलाश श्रीवास्तव, सीनियर एक्सक्यूटिव डायरेक्टर डीएलएफ टाउनशिप श्री राजीव सिंह और वर्ल्ड बैंक के कंट्री डायरेक्टर इंडिया श्री अगस्ते टानो काउमी सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये।

फाइलेरिया के रोकथाम एवं जागरूकता के लिए सामूहिक दवा सेवन 27 फरवरी से 13 मार्च तक

गरियाबंद राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत शासन द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। फाइलेरिया के रोकथाम एवं जागरूकता के लिए सामूहिक दवा सेवन गतिविधि के जरिये 27 फरवरी से 13 मार्च 2025 तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। यह कार्यक्रम राजिम और छुरा क्षेत्र में विशेष रूप से चलाया जायेगा। इसके तहत बूथ लगाकर, घर-घर भ्रमण, मॉप-अप राउंड एवं एमडीए कॉर्नर गतिविधि कर दवाईयों का वितरण किया जायेगा। इसके तहत फाइलेरियारोधी डीईसी की गोली और कृमि नाशक अल्बेंडाजोल की गोली बच्चों और बड़ों को सेवन कराया जा जायेगा। कार्यक्रम के तहत 27 फरवरी से 02 मार्च तक बूथ लगाकर  आंगनबाड़ी स्कूल एवं शैक्षणिक संस्थानों दवा का सेवन कराया जायेगा। इसी प्रकार 03 मार्च से 10 मार्च तक घर-घर भ्रमण कर समुदाय स्तर पर दवा वितरण किया जायेाग। छूटे हुए जनसंख्या को 11 से 13 मार्च तक मॉप-अप राउंड के तहत दवा का सेवन कराया जायेगा। इसके अलावा 15 दिवसीय इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य केन्द्रों में भी ओपीडी के पास बूथ लगाकर दवा का सेवन कराया जायेगा। कलेक्टर श्री दीपक अग्रवाल ने फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के सुचारू क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिये है। उन्होंने छुरा एवं राजिम क्षेत्र के एसडीएम, जनपद सीईओ, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समन्वय कर कार्यक्रम को सक्रियतापूर्वक क्रियान्वित करने के निर्देश दिये है। साथ ही आवश्यक संख्या में अधिकारी – कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर गंभीरतापूर्वक विभिन्न गतिविधियों को संचालित करने के निर्देश दिये है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ गार्गी यदु पाल ने बताया कि फाइलेरिया एक संक्रामक बीमारी है जो कि मादा क्यूलेक्स नामक मच्छर के काटने से होता है। इस बीमारी में व्यक्ति के पैर हाथी पैर की तरह हो जाते है, इस कारण से इसे हाथी पांव कहते है। संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद किसी स्वस्थ व्यक्ति को यदि यह मच्छर काटता है तो उसमें एक साल बाद इस बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं। मुख्यतः हाथी पांव बीमारी के परजीवी शरीर के लिम्फ नोड्स, लिम्फ वाहिकाओं को प्रभावित करता है। शर्म या संकोच न करते हुए अंडकोष में सूजन, पैरों में सूजन होने पर नजदीकी अस्पताल जाकर इसकी जाँच अवश्य कराना चाहिए । प्रारंभिक जांच में बीमारी का पता चलने पर दवाइयों के सेवन से हाथी पांव बीमारी से पूर्ण रूप से बचा जा सकता है। साथ ही मच्छरों के प्रसार को रोकने तथा बीमारी से बचाव हेतु सोते समय मच्छरदानी का उपयोग, घरों के आसपास साफ सफाई के अलावा पानी के गड्डों, टूटे बर्तन, गमलों, में पानी जमा न होने देना या जला हुआ तेल डालना चाहिए। अनुपयोगी कुंआ में भी जला हुआ तेल डालना चाहिए। इससे मच्छरों के पनपने के स्त्रोत को नियंत्रित कर सकते हैं। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी हाथी पांव बीमारी से बचाव और नियंत्रण हेतु फाइलेरिया रोधी डीईसी की गोली और कृमि नाशक अल्बेंडाजोल की गोली सेवन के लिए विशेष कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा है।

कलेक्टर ने नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक लंबित मामलों का निपटारा कराने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए

प्रधानमंत्री आवास, पीएम जनमन, जाति प्रमाण पत्र, भूमि आबंटन, धान उठाव, किसान पंजीयन सहित हितग्राहीमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में लाएं तेजी गौरेला पेंड्रा मरवाही, कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने तहसील विधिक सेवा समिति द्वारा आगामी 8 मार्च शनिवार को व्यवहार न्यायालय पेण्ड्रारोड में आयोजित हो रहे नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक लंबित मामलों का निपटारा कराने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक के दौरान अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति श्रीमती ज्योति अग्रवाल ने वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से जिला अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि लोक अदालत में सिविल, दांडिक, राजस्व, श्रम, मोटर दुर्घटनादावा, बैंक, बीमा, विद्युत, रेल्वे ट्रिब्यूनल आपरेटिव, दूरभाष, डाकतार, आयकर, विक्रयकर, ईधन आपूर्ति, स्थानीय निकाय तथा अन्य न्यायिक व अर्द्धन्यायिक संस्थानों एवं फोरम आदि में लंबित मामलों का निपटारा किया जाता है। उन्होंने संबंधित विभागों को 8 मार्च से पहले अधिक से अधिक प्रकरणों को शामिल करने और आपसी समझाइश एवं सुलह के आधार पर सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में निराकरण कराने कहा।           समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने स्थायी ऐजेंडा में शामिल विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास, आकांक्षी ब्लाक गौरेला में संचालित पीएम जनमन, स्कूली बच्चों का जाति प्रमाण पत्र, विभिन्न विभागों-कार्यालयों के लिए भूमि आबंटन, उपार्जन केन्द्रों से धान उठाव, किसान पंजीयन सहित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने संबंधित विभागों को निर्देश दिए। उन्होंने अभियान चलाकर कक्षा पहली से पांचवी के बच्चों और आंगनबाड़ी के बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाने, सभी स्कूली बच्चों का अपार आईडी एवं आधार कार्ड अपडेट कराने, समग्र शिक्षा के तहत् निर्माणाधीन कार्यों को मार्च तक पूर्ण करने कहा।          कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को स्पोर्ट्स काम्पलेक्स, नवोदय विद्यालय, नगरीय निकायों में सॉलिड एवं लिक्विड बेस्ट मैनेजमेंट सहित विभिन्न शासकीय प्रयोजनों के लिए भूमि आबंटन की कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा संबंधित विभागों को भूमि आबंटन के लिए राजस्व विभाग से समन्वय कर फॉलोअप करने कहा। उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन प्रकरणों का निराकरण संवेदनशीलता के साथ करने के साथ ही ई-ऑफिस क्रियान्वयन के तहत् सभी अधिकारियों- कर्मचारियों का एनआईसी से ई-मेल आईडी बनवाने, सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत् आधार सीडिंग एवं डीबीटी से भुगतान सुनिश्चित करने, आंगनबाड़ी सहायिकाओं-कार्यकर्ताओं की लंबित भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-सीमा में निराकृत होने वाले प्रकरणों की समीक्षा के दौरान सभी जिलाधिकारियों को जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के लंबित प्रकरणों को त्वरित रूप से निराकृत करने कहा। बैठक में अपर कलेक्टर नम्रता आनंद डोंगरे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, संयुक्त कलेक्टर दिलेराम डाहिरे, एसडीएम पेण्ड्रारोड अमित बेक एवं मरवाही प्रफुल्ल रजक, डिप्टी कलेक्टर ऋचा चन्द्राकर, सीएमएचओ डॉ. रामेश्वर शर्मा एवं डीईओ जे के शास्त्री सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

उपजेल में कैदी से पिटाई और अवैध वसूली पर हाईकोर्ट ने लिए स्वत: संज्ञान, DGP से शपथपत्र के साथ मांगा जवाब

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सारंगढ़ उपजेल में कैदी से पिटाई और अवैध वसूली को लेकर लिए स्वत: संज्ञान लिया था. कोर्ट इस मामले को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार याचिका पर लगातार सुनवाई कर रही है. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में आज सुनवाई हुई, जिसमें प्रदेश सरकार से हलफनामे पर इस पूरे मामले में जेलकर्मियों पर कार्रवाई को लेकर महाधिवक्ता ने जवाब दिया. वहीं पूर्व आदेश के परिपालन में बताया गया कि मामले में अभी तक 3 लोगों की जांच चल रही है. 2 लोगों को बरी किया गया है. अब हाईकोर्ट ने डीजीपी से 3 अप्रैल का समय देते हुए नया शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है. 15 जनवरी 2025 को सुनवाई के दौरान शपथपत्र में जवाब में कहा था कि 10 व्यक्तियों के विरुद्ध शुरू की गई जांच में, एक दोषी कर्मचारी के विरुद्ध जांच पूरी हो गई है और उसे दण्डित किया गया है. जबकि 3 मामलों में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इसके साथ ही 3 मामलों में जांच पूरी हो गई, जिसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है और 3 मामलों में जांच चल रही है. राज्य के अधिवक्ता को जांच रिपोर्ट की स्थिति और उठाए गए कदमों के संबंध में मामले में आगे हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था. वहीं कोर्ट ने एक बार फिर सरकार को समय देते हुए 3 अप्रैल 2025 तक नया शपथ पत्र पेश करने निर्देश दिए हैं. बता दें, सारंगढ़ उपजेल में वसूली के लिए कैदी को टॉर्चर किये जाने का मामला उजागर हुआ था. जिस पर हस्तक्षेप याचिकाकर्ता दीपक चौहान और दिनेश चौहान ने अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला के माध्यम से अपना पक्ष रखा था. सारंगढ़ उपजेल मामले में संलिप्त आरोपी  जेलकर्मियों पर कार्रवाई को लेकर पुलिस महानिदेशक जेल से शपथपत्र में जवाब प्रस्तुत करने कहा था. अब शुरू हुई विभागीय जांच और कार्रवाई पर लगातार कोर्ट जवाब मांगकर निगरानी कर रहा है.

अगले दो से तीन दिनों में मौसम फिर से करवट ले सकता है, इन तीन राज्‍यों में भारी बारिश की संभावना

नई दिल्ली देश के कुछ राज्‍यों में अब गर्मी का असर शुरू हो गया है। हालांकि अभी भी मध्‍य और उत्‍तर भारत में रात के समय ठंड का अहसास कायम है। इधर, मौसम के जानकारों के अनुमान जताया है कि अगले दो से तीन दिनों में मौसम फिर से करवट ले सकता है। इसके चलते कुछ राज्‍यों में तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है। आइये जानते हैं देश भर के मौसम का हाल। इन राज्‍यों में बदलेगा मौसम स्‍कायमेट वेदर का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान लद्दाख, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ अगले 2-3 दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में जम्मू क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश में 27 फरवरी, 2025 को गरज के साथ आंधी-तूफान और बहुत भारी वर्षा/बर्फबारी होने के संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में जम्मू क्षेत्र में 26 फरवरी, 2025 को गरज के साथ आंधी-तूफान और बहुत भारी वर्षा/बर्फबारी होने के संभावना है। अगले 24 घंटों के दौरान, सिक्किम, असम और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जम्मू कश्मीर और उत्तर-पश्चिम राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश संभव है। दिल्‍ली में आज और कल पारा और बढ़ने तथा उसके बाद गिरने की संभावना है बारिश और बौछारों के कारण तापमान में गिरावट की संभावना है, हालांकि हल्की और छिटपुट बारिश होगी। इस मौसम में राजधानी में सर्दियों की बारिश की बहुत कमी है। अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि और उसके बाद 2-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट की संभावना है। अगले 4-5 दिनों के दौरान मध्य भारत में न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि की संभावना है। अगले 3 दिनों के दौरान पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होने की संभावना है और उसके बाद 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि की संभावना है। अगले 4-5 दिनों के दौरान आंतरिक महाराष्ट्र में न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि की संभावना है। अगले 4-5 दिनों के दौरान भारत के बाकी हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होने की संभावना है। अधिकतम तापमान अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है, उसके बाद 4-6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी। अगले 4-5 दिनों के दौरान मध्य भारत में अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। अगले 3 दिनों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। अगले 4-5 दिनों के दौरान भारत के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना नहीं है।   दिल्‍ली में बढ़ रहा है तापमान दिल्ली में पिछले तीन दिनों से दिन के तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। सफदरजंग स्थित बेस स्टेशन पर अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री सेल्सियस अधिक है। शनिवार और रविवार को दिन का तापमान क्रमशः 24.7 डिग्री सेल्सियस और 26.7 डिग्री सेल्सियस रहा। शहर में 21.5 मिमी के मासिक औसत के मुकाबले केवल 1.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले, जनवरी का महीना भी निराशाजनक रहा था, जिसमें औसत 19.2 मिमी के मुकाबले मासिक कुल 6.5 मिमी बारिश हुई थी। आगामी बारिश भी पर्याप्त नहीं होगी और इसमें बस कुछ मिलीमीटर की वृद्धि हो सकती है। यह ‘टच एंड गो’ स्थिति है, और बारिश राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी इलाकों में ही रह सकती है।  

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