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28 फरवरी शुक्रवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि- मेष राशि वालों का मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। परिश्रम अधिक रहेगा। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों का मन प्रसन्न तो रहेगा, फिर भी बातचीत में संयत रहें। व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। आय में वृद्धि होगी, परंतु स्थान परिवर्तन हो सकता है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। शैक्षिक कार्यों के प्रति सचेत रहें। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। स्थान परिवर्तन हो सकता है। लाभ में वृद्धि होगी। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन में नकारात्मक विचारों से बचें। वाणी में मधुरता रहेगी। फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। नौकरी में बदलाव की संभावना बन रही है। आय में वृद्धि होगी। सिंह राशि- सिंह राशि वालों का मन परेशान हो सकता है। सेहत का ध्यान रखें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। परिश्रम अधिक रहेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव के योग बन रहे हैं। कन्या राशि- कन्या राशि वालों का मन परेशान रहेगा। संयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। भागदौड़ अधिक रहेगी। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। खर्चों में वृद्धि होगी। तुला राशि- तुला राशि वालों का मन परेशान रहेगा। संयत रहें। क्रोध व आवेश के अतिरेक से बचें। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में मन लगेगा। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। आय में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र भी बढ़ेगा। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों का आत्मविश्वास तो बहुत रहेगा, परंतु धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। माता-पिता से धन मिल सकता है। धनु राशि- धनु राशि वाले आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे, परंतु मन में नकारात्मक विचारों से बचें। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। मकर राशि- मकर राशि वालों के मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। कला व संगीत के प्रति रूझान बढ़ सकता है। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ में वृद्धि होगी। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों का मन प्रसन्न तो रहेगा फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। बातचीत में संयत रहें। व्यर्थ के लड़ाई-झगड़ों से बचें। सेहत के प्रति सचेत रहें। कारोबार में वृद्धि होगी। मीन राशि- मीन राशि वाले आत्मविश्वास से लबरेज तो रहेंगे, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है।

बीजेपी निर्वाचन क्षेत्र में एक भी नहीं लगाया गया सीसीटीवी कैमरा, अब इस मामले की होगी जांच, PWD मंत्री ने दिए आदेश

नई दिल्ली दिल्ली के पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण मंत्री) प्रवेश साहिब सिंह ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि पिछली आप सरकार के दौरान भाजपा विधायकों के आठ निर्वाचन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगाए गए, इसकी जांच की जाएगी। दिल्ली विधानसभा में इस मुद्दे पर संबोधित करते हुए वर्मा ने कहा कि इन निर्वाचन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अब प्राथमिकता होगी। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि राजनीतिक पूर्वाग्रह के कारण सुरक्षा उपायों से समझौता न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बीजेपी निर्वाचन क्षेत्र में एक भी नहीं लगाया गया सीसीटीवी कैमरा भाजपा के विश्वास नगर से विधायक ओपी शर्मा ने विधानसभा सदन में यह मामला उठाया और आरोप लगाया कि आप सरकार के तहत उनके निर्वाचन क्षेत्र में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया। उन्होंने मामले की केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से जांच की मांग की। इस दावे का समर्थन करते हुए लक्ष्मी नगर विधायक अभय वर्मा ने साफ किया कि भाजपा विधायकों ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया था और अदालत के आदेश और मुख्य सचिव की सिफारिश के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। BJP विधायकों के आठ विधानसभा क्षेत्रों को किया गया नजरअंदाज विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन को बताया कि दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक में 2,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने थे, लेकिन पिछली सरकार ने भाजपा विधायकों के आठ विधानसभा क्षेत्रों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि आप ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में लगाने के लिए 1.40 लाख कैमरे खरीदे, फिर भी इन आठ सीटों को बाहर रखा गया। इन चिंताओं का जवाब देते हुए पीडब्ल्यूडी मंत्री पवर्मा ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों को परिणाम भुगतने होंगे।

क्रिप्टोकरेंसी की बड़ी ठगी, उत्तर कोरिया के हैकरों पर दुबई स्थित कंपनी से डेढ़ अरब चुराने का लगा आरोप: एफबीआई

रोम उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों ने दुबई की एक कंपनी को बड़ा भारी चूना लगाया है। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों पर दुबई स्थित एक कंपनी से लगभग डेढ़ अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की इथेरियम (एक तरह की क्रिप्टोकरेंसी) चुराने का आरोप लगाया है। एफबीआई ने इसे वैश्विक स्तर पर क्रिप्टोकरेंसी (आभासी मुद्रा) की सार्वजनिक रूप से ज्ञात सबसे बड़ी चोरी में से एक बताया है। एजेंसी के मुताबिक, ‘ट्रेडर ट्रेटर’ और ‘लजारस ग्रुप’ समूह के हैकरों ने फरवरी की शुरुआत में बाईबिट को निशाना बनाया, जो दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज में शामिल है। बाईबिट ने कहा कि हैकरों ने तथाकथित “कोल्ड” या ऑफलाइन वॉलेट के जरिये इथेरियम के नियमित हस्तांतरण में “हेरफेर” की और उसे विभिन्न ब्लॉकचेन पर मौजूद हजारों अज्ञात खातों में स्थानांतरित कर दिया। एफबीआई ने कहा कि हैकर “क्रिप्टोकरेंसी का कारोबार करने वाले एप्लिकेशन के जरिये क्रिप्टोकरेंसी की चोरी को अंजाम देते हैं, जिनमें ऐसे मालवेयर (वायरस) शामिल किए जाते हैं, जो आभासी मुद्रा की चोरी को आसान बनाते हैं। ठगी के लिए बनाया ब्लैकचेन एजेंसी ने बुधवार रात एक ऑनलाइन सार्वजनिक घोषणा में कहा कि उसका मानना है कि इस चोरी के पीछे उत्तर कोरिया समर्थित हैकरों का हाथ है। घोषणा के मुताबिक, “ट्रेडर ट्रेटर के हैकर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और उन्होंने कई ब्लॉकचेन पर मौजूद हजारों अज्ञात खातों के जरिये चोरी के कुछ इथेरियम को बिटकॉइन और अन्य आभासी मुद्राओं में बदल दिया है।” ‘ब्लॉकचेन’ एक साझा डिजिटल बहीखाते को कहते हैं, जो किसी मंच पर आभासी मुद्रा के लेन-देन पर नजर रखता है और उसे रिकॉर्ड करता है। एफबीआई ने कहा, “माना जा रहा है कि इन आभासी मुद्राओं को आगे भी अन्य मुद्राओं में बदला जाएगा और अंत में वैध मुद्रा का रूप दे दिया जाएगा।” उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने फिलहाल न तो चोरी की खबर और न ही एफबीआई के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी का दावा है कि उत्तर कोरिया ने पिछले पांच वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी और अन्य आभासी संपत्तियों के रूप में अनुमानित 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर की चोरी की है। यूएन भी कर रहा उत्तर कोरियाई हैकरों की जांच संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की एक समिति ने बताया था कि वह 2017 से 2023 के बीच कथित तौर पर उत्तर कोरिया की ओर से किए गए 58 साइबर हमलों की जांच कर रही है, जिनके जरिये “देश के परमाणु हथियार कार्यक्रम का समर्थन करने के लिए” लगभग तीन अरब अमेरिकी डॉलर की चोरी की गई। बाईबिट के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बेन झाऊ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में घटना की पुष्टि की। उन्होंने पोस्ट के साथ उस वेबसाइट का लिंक साझा किया, जिसने चोरी की आभासी मुद्रा का पता लगाने और उसे अन्य एक्सजेंच द्वारा ‘फ्रीज’ कराने के बदले 14 करोड़ अमेरिकी डॉलर के इनाम की पेशकश की है।

प्रदेश की भौगोलिक स्थिति एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर गौ अभ्यारण्य की स्थापना का निर्णय लिया जाएगा :गोपालन मंत्री

जयपुर गोपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि मध्य-प्रदेश व उड़ीसा की तर्ज पर प्रदेश में गौ अभ्यारण्य स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा इन राज्यों से आवश्यक जानकारी एकत्र की जा रही है। परीक्षण के पश्चात् प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। गोपालन मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 में तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा बीकानेर जिले के नापासर ग्राम में 5 करोड़ रुपये की लागत से गौ अभ्यारण्य स्थापित करने की घोषणा की गई थी। इस गौ अभ्यारण्य की स्थापना के लिए राज्य सरकार द्वारा 5 करोड़ रुपये एवं एमओयू की सहभागी संस्था द्वारा भी 5 करोड़ रुपये की राशि दिए जाने का प्रावधान किया गया था। उन्होंने बताया कि निदेशालय गोपालन द्वारा इस सम्बन्ध में दिशानिर्देश जारी कर जिला कलेक्टर बीकानेर की अध्यक्षता में जिला गोपालन समिति द्वारा गौ अभ्यारण्य के प्रबंधन हेतु श्री सोहनलालजी बुलादेवीजी ओझा गौशाला समिति नापासर, बीकानेर का चयन किया गया था। तत्पश्चात् जिला कलेक्टर, बीकानेर एवं इस समिति के मध्य एमओयू किया गया। राजस्व ग्रुप 3 द्वारा गौ अभ्यारण्य के लिए 221.31 हेक्टेयर चरागाह भूमि भई प्रदान की गई। लेकिन संस्था द्वारा अनुबंध की शर्तों की पालना नहीं किये जाने के कारण वर्ष 2020 में तत्कालीन सरकार द्वारा एमओयू निरस्त करने के निर्देश दिए गए। श्री कुमावत ने बताया कि प्रदेश में कुल 1 करोड़ 39 लाख गौवंश हैं। निराश्रित गौवंश के संरक्षण एवं संधारण के लिए प्रदेश में 4 हजार 140 पंजीकृत गौशालाएं हैं। राज्य सरकार द्वारा इन पात्र गौशालाओं को गौवंश के भरण-पोषण के लिए बड़े गौवंश को 44 रुपये एवं छोटे गौवंश को 22 रुपये का अनुदान दिया जाता है।  इस वर्ष के बजट में यह अनुदान 15 प्रतिशत बढाकर बड़े गौवंश को 50 रूपये एवं छोटे गौवंश को 25 रूपये करने की घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 में 21 फरवरी, 2025 तक 1147 करोड़ रूपये का अनुदान जारी कर दिया गया है। गोपालन मंत्री ने जानकारी दी कि गौवंश के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में अनेकों गौशालाएं भी संचालित की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा जिला स्तरीय 15 गौशालाओं में 6 करोड़ 75 लाख के कार्य, पंचायत समिति स्तर की 95 गौशालाओं में 49.47 करोड़ के कार्य करवाए गए हैं। इसी प्रकार ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित पशु आश्रय स्थल योजना के तहत 10 गौशालाओं में 4 करोड़ के कार्य करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि गौशाला विकास योजना के तहत भी 455 गौशालाओं में 26.16 करोड़ के कार्य करवाए गए हैं। इसके साथ ही गौ-काष्ठ मशीन योजनान्तर्गत प्रदेश की 100 गौशालाओं को रियायती दरों पर गौ-काष्ठ मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इससे पहले विधायक श्री कालीचरण सराफ के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में  गोपालन मंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा मध्य-प्रदेश व उड़ीसा की तर्ज पर प्रदेश में गौ अभ्यारण्य स्थापित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

युनूस सरकार की निकली हेकड़ी!, बांग्लादेश में छात्रों ने खुद की बनाई पार्टी, नाहिद इस्लाम संयोजक होंगे

ढाका बांग्लादेश में छात्रों के एक समूह ने एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा की है। इन छात्रों के आंदोलन ने पिछले साल अगस्त में शेख हसीना सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था। नए गणतांत्रिक छात्र संसद या डेमोक्रेटिक स्टूडेंट काउंसिल में शक्तिशाली स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन (एसएडी) समूह के प्रमुख आयोजक शामिल हैं। बांग्लादेशी अखबार डेली स्टार के मुताबिक, नई पार्टी का नाम जतिया नागरिक पार्टी (National Citizen Party) रखा गया है और इसे शुक्रवार को लॉन्च किया जाएगा। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में सलाहकार रह चुके नाहिद इस्लाम को पार्टी का संयोजक और अख्तर हुसैन को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।   इन लोगों को भी मिलेगी पार्टी में जगह इसके अतिरिक्त, हसनत अब्दुल्ला को मुख्य आयोजक (दक्षिण) के रूप में नामित किया गया है, जबकि सरजिस आलम को उत्तरी क्षेत्र का मुख्य आयोजक और नसीरुद्दीन पटवारी को मुख्य समन्वयक के रूप में नामित किया गया है। ये निर्णय नागोरिक समिति और भेदभाव विरोधी छात्रों की संयुक्त बैठक के दौरान लिए गए, जो आज दोपहर राजधानी के बांग्लामोटर स्थित नागोरिक समिति के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित की गई। नाहिद ने पार्टी को लेकर क्या कहा? नाहिद इस्लाम यूनुस सरकार की कैबिनेट में सूचना सलाहकार के पद थे लेकिन बुधवार को उन्होंने नाटकीय ढंग से इस्तीफा दे दिया। नाहिद इस्लाम ने इस्तीफे के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”देश के मौजूदा हालात को देखते हुए एक नई पार्टी का उदय जरूरी हो गया है. मैंने जन विद्रोह को मजबूत करने के लिए सड़कों पर बने रहने का फैसला किया है. इसलिए कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया.” नाहिद इस्लाम ने पिछले साल जुलाई में पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की अवामी लीग सरकार के खिलाफ़ ‘भेदभाव विरोधी’ छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था।

हटाया गया आपात प्लान, फिर बदली प्रयागराज रेलवे स्टेशन की व्यवस्था, परिवर्तित मार्ग हुआ समाप्त

प्रयागराज महाकुंभ के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर महादेव की कृपा ऐसी रही कि यात्रियों को आपात प्लान के कारण डायवर्जन का सामना नहीं करना पड़ा। रेलवे ने आपात प्लान हटा दिया, जिससे यात्रियों को सीधे रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में कोई समस्या नहीं हुई। यात्री आश्रय स्थल के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्लेटफार्म तक ले जाया गया। रात आठ बजे तक रेलवे ने 272 ट्रेनों का संचालन किया था। जबकि रात 12 बजे तक लगभग 300 ट्रेनें चला दी गई। भीड़ को आश्रय स्थल पर रोकने की जगह उन्हें तेजी के साथ गंतव्य तक भेजने के लिए आन डिमांड ट्रेनों के संचालन की योजना कारगर रही। आश्रय स्थल में भीड़ नहीं जुटी तो स्टेशन मार्ग पर भी लगातार आवागमन सुचारू रहा।   कंट्रोल रूम से डीआरएम हिमांशु बड़ोनी लगातार सड़क व स्टेशन पर भीड़ का सजीव प्रसारण देखते रहे। उन्होंने हर रूट पर भीड़ प्रबंधन के लिए कार्ययोजना बनाई थी, जिसे क्रियान्वित किया गया। बुधवार रात आठ बजे तक रेलवे ने 141 विशेष ट्रेन और 131 दैनिक ट्रेनों का संचालन किया। शाम के बाद रेलवे स्टेशनों पर भीड़ का दबाव तो बढ़ा लेकिन लगातार ट्रेनों के संचालन से स्थिति सामान्य बनी रही। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से आश्रय स्थल तक ले जाया जाता रहा। एक-एक लोग को सीट पर बैठाया जाता। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार को रात आठ बजे तक प्रयागराज जंक्शन से 76, छिवकी से 13 ,नैनी से 15, सूबेदारगंज पांच, प्रयाग स्टेशन से नौ, रामबाग से छह और झूंसी से 17 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया। रेलवे स्टेशनों पर लगातार होती रही उद्घोषणा वहीं, दूसरी ओर सभी रेलवे स्टेशनों पर लगातार उद्घोषणा की जाती रही कि उन्हें किस दिशा और किस गंतव्य की ट्रेन कहां मिलेगी। इससे भीड़ सिर्फ प्रयागराज जंक्शन पर ही नहीं जुटी, बल्कि वह अलग-अलग स्टेशनों पर गई। इससे भीड़ प्रबंधन में आसानी रही। वहीं, दूसरी ओर यात्रियों के लिए खुसरोबाग आश्रय स्थल भी खोल दिया गया था। जिन यात्रियों को आराम करना था वह यहां जाकर बैठे और लेटे रहे। मंडल पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि खुसरोबाग में यात्रियों की सुविधा व मनोरंजन के लिए टीवी स्क्रीन लगाया गया था। जिस पर रामायण धारावाहिक सभी को दिखाया गया।

चेन्नई से कोलकाता 3 घंटे में 600 रुपये में? IIT-M स्टार्टअप की ‘ई-फ्लाइंग बोट’ का अनावरण

बेंगलुरु कल्पना कीजिए कि चेन्नई से कोलकाता तक मात्र तीन घंटे में मात्र 600 रुपये में यात्रा की जाए – जो कि एसी थ्री-टियर ट्रेन टिकट से भी सस्ता है।यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो आईआईटी-मद्रास द्वारा संचालित स्टार्टअप वाटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज, जो विंग-इन-ग्राउंड (डब्ल्यूआईजी) क्राफ्ट विकसित कर रही है, जिसे इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर के रूप में जाना जाता है, जल्द ही तटीय क्षेत्रों में यात्रियों और माल का परिवहन करेगी। बेंगलुरु में एयरो इंडिया में वाटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज ने अपना डिज़ाइन प्रदर्शित किया, जिसका प्रोटोटाइप जल्द ही आने की उम्मीद है। ये शिल्प पारंपरिक हवाई यात्रा और नौकाओं के लिए एक टिकाऊ विकल्प प्रदान करते हैं। दरअसल, IIT मद्रास के इनक्यूबेशन सेल की तरफ से समर्थित स्टार्टअप वॉटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज ने यह चौंकाने वाला दावा किया है. कंपनी के इस दावे के मुरीद मशहूर कारोबारी और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा भी हो गए हैं. आनंद महिंद्रा ने तो यह तक कह दिया कि आईआईटी मद्रास स्टार्टअप को बढ़ावा देने के मामले में सिलिकॉन वैली को टक्कर देता दिख रहा है…! हाल ही में बेंगलुरु में एयरो इंडिया 2025 में वॉटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज ने भारत में एक नए ट्रांसपोर्ट मोड के डिज़ाइन को शोकेस किया है. इसे विग क्रॉफ्ट (WIG Craft) नाम दिया गया है. जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि ये विग क्राफ्ट समुद्र की सतह से 4 मीटर ऊपर चलेगा और इससे कोलकाता से चेन्नई तक की यात्रा महज 600 रुपये में की जा सकेगी. आनंद महिंद्रा ने इस इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर के डिजाइन की प्रशंसा की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि, “आईआईटी मद्रास स्टार्टअप को बढ़ावा देने के मामले में सिलिकॉन वैली को टक्कर दे रहा है…! लगभग हर हफ़्ते एक नए ‘टेकवेंचर’ की खबर आती है. इसमें मुझे जो पसंद आया वह सिर्फ़ हमारे भव्य जलमार्गों के दोहन का वादा नहीं है, बल्कि यह फैक्ट भी है कि इस क्राफ्ट का डिज़ाइन बहुत ही शानदार है!” क्या है विग क्रॉफ्ट मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, वाटरफ्लाई टेक्नोलॉजीज इलेक्ट्रिक सी ग्लाइडर डेवलप कर रहा है. जिसे विंग-इन-ग्राउंड (WIG) क्राफ्ट के रूप में भी जाना जाता है. ये विग क्राफ्ट एयरोप्लेन और शिप के लिए एक बेहतर विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. कथित तौर पर इस विग क्राफ्ट को पानी की सतह से लॉन्च किया जाएगा. जो सतह से तकरीबन 4 मीटर उपर चलेगा और इफिशिएंसी बढ़ाने के लिए ग्राउंड इफ़ेक्ट का उपयोग करेगा. इसकी स्पीड 500 किमी/घंटा तक हो सकती है. मनीकंट्रोल को दिए गए एक बयान में, वॉटरफ्लाई के सीईओ और को-फाउंडर हरीश राजेश ने कहा “कोलकाता से चेन्नई तक WIG Craft के जरिए 1,600 किमी की यात्रा के लिए प्रति सीट सिर्फ 600 रुपये का खर्च आएगा. जो एसी थ्री-टियर ट्रेन टिकट की तुलना में बहुत सस्ता है, जिसकी कीमत 1,500 रुपये से अधिक है.” उन्होंने यह भी कहा कि ये क्रॉफ्ट पानी से उड़ान भरने में सक्षम होगा और चार मीटर की स्थिर ऊंचाई बनाए रखेगा. जिससे किसी तरह के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होगी. इसके अलावा ये क्रॉफ्ट पानी, बर्फ, रेगिस्तान या किसी भी अन्य इलाके में भी उड़ान भरने में सक्षम होगा. वाटरफ्लाई कथित तौर पर इन सीग्लाइडर्स को एयरलाइनों को बेचने की योजना बना रही है. ख़बर यह भी है कि वाटरफ्लाई 2029 तक दुबई-से-लॉस एंजिल्स  और चेन्नई-सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय मार्गों की मैपिंग भी कर रही है.

एनआईए ने अदालत में अर्जी दाखिल कर तलब की फाइल्स, अब दिल्ली में चलेगा तहव्वुर राणा पर केस

नई दिल्ली 2008 में हुए मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा पर दिल्ली में केस चलाया जा सकता है। इस संभावना को बल इस वजह से मिल रहा है, क्योंकि दिल्ली की पटिलाया हाउस कोर्ट में मौजूद एनआईए अदालत ने मुंबई के ट्रायल कोर्ट से केस रिकॉर्ड तलब किया है। 26/11 हमले को लेकर दिल्ली और मुंबई में केस के रिकॉर्ड मौजूद थे, जिन्हें पहले मुंबई भेजा गया था। क्योंकि दोनों शहरों में इस पर सुनवाई हो रही थी। लेकिन हाल ही में एनआईए ने अदालत में अर्जी दाखिल कर मुंबई की निचली अदालत से केस रिकॉर्ड यहां तलब करने की अपील की थी। ट्रंप ने किया था प्रत्यर्पण का एलान डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के बाद पीएम मोदी दो दिवसीय अमेरिका दौरे पर गए थे। इस दौरान दोनों की मुलाकात के बीच तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर चर्चा हुई थी और तब ट्रंप ने एलान किया था कि प्रशासन ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जिसे 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है। वह पाकिस्तानी सेना में बतौर डॉक्टर काम कर चुका है। 2009 में एफबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। जनवरी 2025 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उसके प्रत्यर्पण की इजाजत दे दी थी। हेडली ने किया था खुलासा 26/11 हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड कोलमैन हेडली ने खुलासा किया था कि उसने 2007 और 2008 के बीच पांच बार भारत की यात्रा की थी और हमलों के लिए मुंबई में संभावित लक्ष्यों की रेकी की थी।     राणा के खिलाफ गवाही देते हुए, हेडली ने कहा था कि उसने पांच साल के वीजा का उपयोग करके भारत का दौरा किया था, जिसे प्राप्त करने में उसके सह-साजिशकर्ता ने उसकी मदद की थी। हेडली ने यह भी खुलासा किया था कि राणा ने पहचान छिपाने के लिए एक इमीग्रेशन कंपनी स्थापित करने में उसकी सहायता की थी।     डोनाल्ड ट्रंप के एलान के बाद राणा ने अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पेटीशन फाइल की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। बताया जा रहा है कि उसने मानवीय आधार पर अंतिम अपील दायर की है, जिससे उसके प्रत्यर्पण में कुछ सप्ताह की देरी हो सकती है।  

योगी आदित्यनाथ ने कहा- महाकुंभ को बदनाम करने के लिए विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा, विपक्ष पर बरसे

महाकुंभ नगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ-2025 के समापन के बाद विपक्ष पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ को बदनाम करने के लिए विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा। कोई काहिरा की तो कोई काठमांडू की घटना का वीडियो दिखाकर प्रयागराज को बदनाम करता रहा। सीएम योगी ने कहा कि आस्था का इतना विशाल समागम दुनिया के अंदर कभी नहीं हुआ। 66 करोड़ 30 लाख श्रद्धालु किसी आयोजन का हिस्सा बने और कोई अपहरण की घटना नहीं, कोई लूट की घटना नहीं, कोई छेड़छाड़, कोई दुष्कर्म की घटना नहीं, कोई भी ऐसी घटना नहीं, जिसके बारे में कोई सवाल उठा सके। दूरबीन लगाकर, माइक्रोस्कोप लगाकर भी ऐसी घटना को ढूंढा नहीं जा सकता। हालांकि, फिर भी विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिनको आस्था का यह समागम अच्छा नहीं लगा, उन्होंने कोई मौका नहीं छोड़ा। मौनी अमावस्या के दिन 8 करोड़ श्रद्धालु यहां पर थे, हमारी प्राथमिकता थी कि इन श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कर उनके गंतव्य की ओर प्रस्थान कराया जाए। लेकिन, विरोधी लगातार दुष्प्रचार कर रहे थे, बदनाम कर रहे थे। उनकी भाषा अपमानित करने वाली थी। कोई काहिरा की तो कोई काठमांडू की घटना का दृश्य दिखाकर प्रयागराज को बदनाम कर रहा था। पहले की सरकारों ने भारत की आस्था का सम्मान नहीं किया। उन्होंने महाकुंभ के माध्यम से अर्थव्यवस्था में आई मजबूती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ ने आस्था और आर्थिकी का एक नया संदेश दिया। भगवान वेद व्यास ने 5,000 साल पहले ही कहा था कि मैं बाहें उठा करके चिल्ला-चिल्लाकर कह रहा हूं कि धर्म के मार्ग पर चलो, धर्म से ही अर्थ और कामनाओं की पूर्ति हो सकती है। प्रयागराजवासियों ने भगवान वेदव्यास की इस वाणी को सत्य साबित कर दिया। लाखों रोजगार मिले, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक नया आयाम छूने के लिए उतावली दिखाई दे रही है। सीएम योगी ने कहा कि आज आस्था के साथ नई अर्थव्यवस्था का जो आधार बना है, वह अद्भुत है। यहां आने के लिए दुनिया चकित और लालायित है। केवल भारत ही नहीं, दुनिया के अंदर एक दर्जन देशों के मंत्री या राष्ट्राध्यक्ष भी इस आयोजन का हिस्सा बने और 74 देशों के एंबेसडर और हाई कमिश्नर भी यहां आए। पहली बार 80 से अधिक देशों के लोग इस आयोजन में भागीदार बने। जो आया, वह अभिभूत होकर गया।

BJP मुख्यालय में कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, बैठक के दौरान दो कार्यकर्ताओं के बीच लात-घूंसे चले, प्रदेशाध्यक्ष भी थे मौजूद

जयपुर राजधानी जयपुर स्थित भाजपा मुख्यालय में गुरुवार को उस समय हंगामे की स्थिति पैदा हो गई जब अल्पसंख्यक मोर्चा की एक बैठक के दौरान दो कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस मारपीट में बदल गई। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भी मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, बैठक का आयोजन पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा किया गया था, जिसमें विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ता शामिल हुए थे। बैठक की शुरुआत सामान्य तरीके से हुई, लेकिन जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ी, माहौल गरमा गया। सूत्रों के अनुसार, विवाद की जड़ स्वागत समारोह को लेकर हुई असहमति थी। एक कार्यकर्ता ने दूसरे कार्यकर्ता पर कार्यक्रम की तैयारियों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया, जिससे दोनों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। जब कार्यकर्ताओं के बीच झड़प बढ़ने लगी और लात-घूंसे चलने लगे, तो बैठक में मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी हस्तक्षेप किया और दोनों कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे इतने आक्रोश में थे कि किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। कुछ ही देर में पूरे मुख्यालय में अफरा-तफरी मच गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस अप्रिय घटना के दौरान अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने तुरंत पहल की और दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया। मुख्यालय में मौजूद सुरक्षा कर्मियों को भी हस्तक्षेप करना पड़ा ताकि स्थिति को काबू में लाया जा सके। घटना के बाद बैठक को बीच में ही रोकना पड़ा और प्रदेश अध्यक्ष ने सभी कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने की अपील की। इस विवाद के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसे अस्वीकार्य बताया और अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई करने के संकेत दिए। सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस पूरे मामले की आंतरिक जांच करा सकती है और दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि पार्टी के भीतर अनुशासन बहुत महत्वपूर्ण है, और इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इस तरह का विवाद हुआ। भाजपा एक अनुशासित पार्टी है और हम इस तरह की घटनाओं को कतई स्वीकार नहीं करेंगे। पार्टी जल्द ही इस घटना की समीक्षा करेगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।” इस घटना के बाद भाजपा मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। कार्यकर्ताओं के बीच झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे पार्टी की छवि पर असर पड़ सकता है। इसे देखते हुए अब मुख्यालय में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पर विचार किया जा रहा है। इस घटना ने राजस्थान की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने इसे भाजपा के अंदरूनी कलह का संकेत बताया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि “जब खुद भाजपा कार्यकर्ता ही अपने नेताओं की उपस्थिति में अनुशासनहीनता कर रहे हैं, तो यह पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष को दर्शाता है।” जयपुर स्थित भाजपा मुख्यालय में हुई यह घटना पार्टी के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह मामला न केवल भाजपा की छवि को प्रभावित कर सकता है, बल्कि इससे कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते असंतोष की भी झलक मिलती है। अब यह देखना होगा कि भाजपा नेतृत्व इस मामले को कैसे संभालता है और क्या अनुशासनात्मक कदम उठाए जाते हैं।

आईजीएनपी का सिंचित क्षेत्र सीमित होने से गडरा रोड़ उप-शाखा का शेष निर्माण कार्य प्रस्तावित नहीं: स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह ने कहा कि वर्तमान में गडरा रोड़ उप-शाखा का नहर निर्माण कार्य बन्द है। इन्दिरा गांधी नहर परियोजना में सिंचाई हेतु पानी की कमी के कारण नहर निर्माण के मात्र प्रगतिधीन कार्यों को ही पूर्ण करने की अनुमति राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2005 में दी गई। जिससे इंदिरा गांधी नहर परियोजना का सिंचित क्षेत्र सीमित हो गया। इस कारण गडरा रोड़ उप-शाखा के 92.05 किमी तक का ही कार्य पूर्ण हो सका। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गुरुवार को प्रश्नकाल में इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का इन्दिरा गांधी नहर मंत्री की ओर से जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि पंजाब व राजस्थान सरकार के मध्य वर्ष 1981 में इन्दिरा गांधी नहर परियोजना को लेकर संधि हुई, जिसमें राजस्थान को शेष देय 0.6 एमएएफ पानी पंजाब सरकार द्वारा उपलब्ध नहीं करवाया गया। इससे पहले विधायक श्री रविन्द्र सिंह भाटी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि इन्दिरा गांधी नहर परियोजना के द्वितीय चरण की संशोधित परियोजना रिपोर्ट में बाड़मेर जिले में गडरा रोड़ उप-शाखा की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसे प्रथम: वर्ष 1987 में स्वीकृत इन्दिरा गांधी नहर परियोजना द्वितीय चरण के संशोधित एस्टीमेट में सम्मिलित किया गया था। जिसे वर्ष 1993 में संशोधित किया गया। उन्होंने बताया कि योजना आयोग द्वारा वर्ष 1998 में स्वीकृत इन्दिरा गांधी नहर परियोजना द्वितीय चरण के संशोधित एस्टीमेट (कुल लागत रू 3398.91 करोड़) में गडरा रोड़ उप शाखा प्रणाली के लिये 487.59 करोड़ रुपये का प्रावधान निर्धारित था। श्री सिंह ने बताया कि गडरा रोड़ उप-शाखा, सागरमल गोपा शाखा की आर.डी. 314 (टेल) (रामगढ़, जैसलमेर) से शुरू होकर 114 किमी लम्बाई में तथा इसकी टेल से 80.77 किमी लम्बाई में गडरा रोड़ वितरिका गडरा रोड़ तक निर्मित की जानी प्रस्तावित थी। जिसमें से 92.05 किमी तक उप-शाखा तथा इससे निकलने वाले वितरण प्रणाली का निर्माण 437.93 किमी में किया गया है। उन्होंने बताया कि गडरा रोड़ उप-शाखा प्रणाली हेतु वर्ष 1998 में स्वीकृत इ.गा.न.प द्वितीय चरण के संशोधित एस्टीमेट (कुल स्वीकृत राशि 3398.91 करोड़) में गडरा रोड़ उप-शाखा प्रणाली हेतु रू 487.59 करोड़ का प्रावधान निर्धारित था। इस नहर प्रणाली के प्लानिंग व सर्वे का कार्य वर्ष 1987 से ही आरम्भ कर दिया गया था तथा वर्ष 2013 तक नहर निर्माण कार्य किया गया। तब तक उक्त कार्य पर रू 374.26 करोड़ व्यय किये गये। उक्त नहर प्रणाली के सिंचित क्षेत्र में विगत 5 वर्षो में औसत 13 हजार 116 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की गई है। उन्होंने बताया कि परियोजना के सिंचित क्षेत्र सीमित हो जाने के कारण उक्त नहर का आगे निर्माण कार्य वर्तमान में प्रस्तावित नहीं है।

अमेरिका के नये नागरिकता कानून को लेकर दुनिया भर में मचा हड़कंप, भारतीय लोगों के लिए मिली खास छूट, ट्रंप ने स्वयं बताया

वाशिंगटन अमेरिका के नये नागरिकता कानून को लेकर दुनिया भर में हड़कंप मचा है। नये राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी प्रवासियों के लिए जन्मजात नागरिकता के अधिकार को भी खत्म कर दिया है। मगर भारतीय लोगों के लिए एक खास छूट दी है, जिसे ट्रंप ने स्वयं बयां किया है। ट्रंप का कहना है कि प्रस्तावित ‘गोल्ड कार्ड’ पहल से अमेरिकी कंपनियों को हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड जैसे शीर्ष अमेरिकी विश्वविद्यालयों से भारतीय स्नातकों को नियुक्त करने की अनुमति मिलेगी। ट्रंप ने बुधवार को धनी विदेशियों के लिए ‘गोल्ड कार्ड’ पहल की शुरुआत की, जिसके तहत 50 लाख अमेरिकी डॉलर के शुल्क के बदले उन्हें अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार दिया जाएगा तथा नागरिकता की पेशकश की जाएगी। ‘सीएनएन’ की खबर के मुताबिक, ट्रंप ने कहा, ‘‘हम ‘गोल्ड कार्ड’ की बिक्री करने जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपके पास ‘ग्रीन कार्ड’ है। यह एक ‘गोल्ड कार्ड’ है। हम इस कार्ड की कीमत लगभग 50 लाख अमेरिकी डॉलर रखने जा रहे हैं और इससे आपको ग्रीन कार्ड के विशेषाधिकार मिलेंगे, साथ ही यह अमेरिकी नागरिकता पाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। इस कार्ड के जरिये अमीर लोग अमेरिका का रुख करेंगे।’’ ट्रंप ने बताया नागरिकता का नया प्लान ट्रंप ने कहा कि मौजूदा आव्रजन प्रणाली ने शीर्ष अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं, खासकर भारतीय को, अमेरिका में रहने और काम करने से रोक दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘कोई व्यक्ति भारत, चीन, जापान और अन्य देशों से आता है, हार्वर्ड या व्हार्टन स्कूल ऑफ फाइनेंस में पढ़ाई करता है। उन्हें नौकरी के अवसर मिलते हैं, लेकिन यह अवसर प्रभावित होते हैं क्योंकि इस बारे में कोई निश्चितता नहीं होती कि वह व्यक्ति देश में रह सकता है या नहीं।’’ ट्रंप ने कहा कि इसकी वजह से कई प्रतिभाशाली स्नातक, जिन्हें अमेरिका छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा, अपने देश में सफल उद्यमी बन गए। उन्होंने कहा, ‘‘वे भारत या अपने देश लौटते हैं, व्यवसाय शुरू करते हैं और अरबपति बन जाते हैं, हजारों लोगों को रोजगार देते हैं।’’ ट्रंप ने कहा कि कोई कंपनी ‘गोल्ड कार्ड’ खरीद सकती है और इसका इस्तेमाल इस तरह के स्नातकों की भर्ती में कर सकती है।

किसान कल्याण मिशन बनेगा खेती को लाभ का धंधा बनाने का माध्यम : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसान कल्याण मिशन अंतर्गत किसानों की आय में वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह मिशन कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने का प्रमुख माध्यम बनेगा। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा प्राकृतिक कृषि के प्रसार एवं किसानों को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड का गठन किया गया है। प्राकृतिक खेती कर रहे एवं प्राकृतिक खेती के इच्छुक राज्य के किसानों के पंजीयन के लिए पोर्टल प्रारंभ किया गया है।पोर्टल पर प्राकृतिक खेती करने के इच्छुक कुल 72 हजार 967 किसानों ने पंजीयन करवाया है। प्रत्येक पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केन्द्र की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 81 लाख से अधिक किसानों को गत वर्ष चार हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि का अंतरण किया गया है। रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में किसानों को एक हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 3 हजार 900 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जा रही है। शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन फसल ऋण के लिए इस वर्ष 600 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। विगत वर्ष में किसानों को समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ पर प्रति क्विंटल 125 रुपये का बोनस प्रदाय किया गया। देश में पहली बार राज्य सरकार ने सोयाबीन का 4 हजार 892 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर उपार्जन करने का निर्णय लिया। लगभग 2 लाख किसानों से प्रदेश में पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सोयाबीन का उपार्जन कर 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि का भुगतान किया गया। खरीफ-2024 में 1.23 लाख क्विंटल से अधिक प्रमाणित बीज का वितरण किया गया। किसानों को उर्वरक प्रदाय करने के लिए केन्द्रों की संख्या बढ़ाने के साथ ही अमानक उर्वरक बेचने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने और उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोग शालाओं की भूमिका को सक्रिय बनाकर किसान हित सुनिश्चित किया गया। मध्यप्रदेश को कृषि उत्पादन में निरंतर अग्रणी स्थान मिला है। सात बार कृषि कर्मण अवॉर्ड भी प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना अब प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के नाम से लागू है। कृषकों को सौर ऊर्जा के लाभ से लाभांवित करने के लिए प्रदेश में अस्थाई विद्युत कनेक्शन लेने वाले लगभग सवा लाख किसानों को सौर ऊर्जा के पम्प प्रदाय किये जाएँगे। अगले चार वर्ष में सौर ऊर्जा पम्प प्रदाय कर किसानों को विद्युत आपूर्ति में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। किसानों को अधिक दाम प्रदान करने वाली फसलों को लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश के सिंचित क्षेत्र का रकबा अगले पाँच वर्ष में 50 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर एक करोड़ लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों का रकबा 26 लाख हेक्टेयर से अधिक है। संतरा, टमाटर, धनिया, लहसुन और मसाला उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में प्रथम है। प्रदेश में 50 हाइटेक नर्सरी बनाई जा रही हैं। नर्सरियों के कुशल प्रबंधन के लिए ई-नर्सरी पोर्टल भी तैयार किया गया है।  

संभल हिंसा मामला में जेल में बंद 17 आरोपियों की कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज

संभल उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा हुई थी। इस मामले में जेल में बंद 17 आरोपियों की कोर्ट ने गुरुवार को जमानत याचिका खारिज कर दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट इससे पहले 42 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर चुका है। बवाल के आरोप में जेल में बंद अब तक कुल 59 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की जा चुकी है। कोर्ट का कहना है कि सभी आरोपियों पर गंभीर आरोप हैं। शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश सैनी ने गुरुवार को बताया कि शाही जामा मस्जिद प्रकरण में 29 लोगों के प्रार्थना पत्र पहले खारिज हो चुके हैं। कोर्ट में आज 17 जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई है। सभी 17 याचिकाओं को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कुल मिलाकर अब 59 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की जा चुकी है। जानकारी के अनुसार, संभल हिंसा मामले में 80 आरोपी जेल में बंद हैं। हालांकि, आरोपी पक्ष के वकीलों ने हाल में जमानत याचिका खारिज होने पर हाईकोर्ट जाने की बात कही थी। संभल के एसपी कृष्ण बिश्नोई ने शुक्रवार (21 फरवरी) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया था कि 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के मामले में अब तक कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिसमें से सात मामले संभल कोतवाली, चार मामले नखासा थाने और एक जीरो एफआईआर मुरादाबाद में दर्ज की गई है। छह मामलों में पुलिस ने चार्जशीट पेश कर दी है। सबसे पहले लिखी गई दो एफआईआर में उपनिरीक्षक शाह फैसल की पर्सनल बुलेट और सरकारी गाड़ियों को आग लगाने का प्रयास किया गया। सरकारी गाड़ी जल गई, जबकि उपनिरीक्षक की पर्सनल गाड़ी को जलने से बचा लिया गया। सीसीटीवी के आधार पर इस मामले में 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। उन्होंने कहा कि दूसरे मामले में एक अपराधी ने फायरिंग की थी, जिसमें 25 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। इसके अलावा एक और मामले में 21 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया था। नामजद अभियुक्त समेत 53 लोगों के खिलाफ इसमें चार्जशीट दायर की गई है। चौथे मामले में एसडीएम पथराव के दौरान घायल हुए थे। उसमें 37 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। साथ ही कोतवाली क्षेत्र के एक मामले में सीओ को पैर में गोली लगी थी। इस केस में 38 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई है। इसके अलावा, जामा मस्जिद के पास हथियारों को लूटने के मामले में 39 लोगों को जेल भेजा गया है। एसपी कृष्ण बिश्नोई ने बताया कि छह मुकदमों में शुरुआत से 36 लोग नामजद थे। इसके बाद 123 लोगों के नाम प्रकाश में आए थे। कुल मिलाकर 159 लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से 80 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। साथ ही 79 लोगों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।

प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती शमी ने की समीक्षा

भोपाल प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सागर एवं शहडोल संभाग के कमिश्नर एवं कलेक्टर्स से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों से अच्छी गुणवत्ता का गेहूं उपार्जित करें। साथ ही उपार्जित गेहूं का भुगतान समय पर करें। गौरतलब है कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने गत दिनों गेहूं उपार्जन की समीक्षा के दौरान जिलेवार उपार्जन तैयारियों की समीक्षा के निर्देश दिये थे। श्रीमती शमी ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों में किसानों के लिये सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। किसानों को गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन कराने के लिये जागरूक करें। उन्होंने संभागायुक्त और जिलों के कलेक्टर्स से अलग-अलग बात कर गेहूं उपार्जन के लिये की गई तैयारियों की जानकारी ली। अभी तक 3 लाख से अधिक किसान गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन करा चुके हैं। श्रीमती शमी ने बताया कि वेयर हाउस के लंबित भुगतान भी जल्द किये जायेंगे। उन्होंने उचित मूल्य दुकानों से राशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों का ई-केवायसी कराने के निर्देश भी दिये। उन्होंने बताया कि गेहूं उपार्जन के लिये किसान 31 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूं का उपार्जन 1 मार्च से 18 अप्रैल तक होगा। शेष संभागों में 17 मार्च से 5 मई तक गेहूं का उपार्जन किया जायेगा। संचालक खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा ने कहा कि उपार्जित गेहूं का परिवहन जल्द किया जाये। गेहूं के भंडारण की समुचित व्यवस्था करें। उपार्जन केन्द्रों की माइक्रो प्लानिंग करें। इस बात ध्यान रखें कि उपार्जन केन्द्रों में किसानों को कोई कठिनाई नहीं हो। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों का सत्यापन कराएं। उचित मूल्य दुकान के स्टॉक का भौतिक सत्यापन 7 दिन में करा लें। उपार्जन कार्यों की मॉनिटरिंग के लिये संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी लगाएं। उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था करें। एमडी नागरिक आपूर्ति निगम श्री अनुराग वर्मा ने किसानों के रजिस्ट्रेशन पर जोर दिया। उन्होंने धान मिलिंग की समीक्षा की तथा मिलिंग का कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिये। श्री वर्मा ने परिवहन संबंधी लंबित बिलों को जल्द भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भुगतान की कार्यवाही शीघ्र की जायेगी। जिला कलेक्टर्स ने गेहूं उपार्जन संबंधी तैयारियों की जानकारी दी।  

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