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AAP की हार से बढ़ गई ममता की टेंशन, बोली 2026 में बंगाल में खेला होगा और जोरदार होगा

 कोलकाता अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि 2026 में बंगाल में फिर से खेला होगा और ज़ोरदार होगा. ममता बनर्जी कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं. दरअसल 2021 में हुए पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के दौरान ममता बनर्जी ने ही ‘खेला होबे’ का नारा दिया था. उसके बाद से ही ये नारा देशभर में चर्चित हो गया था. बीजेपी (BJP) के आक्रामक कैंपेन के बावजूद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी (TMC) ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की थी. बीजेपी पर निशाना टीएमसी के चुनावी प्रबंधन का काम देख रही आईपैक कंपनी का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ‘यह प्रशांत किशोर की आईपैक नहीं है, उनकी नई पार्टी है. आप सभी को आईपैक को समझना होगा और सहयोग करना होगा, वे नई टीम हैं. भाजपा के पास 50 एजेंसियां ​​हैं, हम एक रख सकते हैं.’ ममता बनर्जी ने कहा, ‘भाजपा ने एक कंपनी भेजी है जिसमें प्रतिभाशाली लोग हैं. वे डेटा ऑपरेटर के पास जा रहे हैं. पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में हरियाणा, राजस्थान के लोगों के नाम डाल रहे हैं. यह ऑनलाइन किया जा रहा है. भाजपा नहीं चाहती कि बंगाल में उसकी संस्कृति बरकरार रहे.’ ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को चेतावनी देते हुए कहा कि हम महाराष्ट्र नहीं हैं, हम चुनाव आयोग के सामने धरना दे सकते हैं. चुनाव आयोग पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, ‘इसी तरह उन्होंने महाराष्ट्र और दिल्ली को हराया, लेकिन हमने उनकी चाल पकड़ ली है. अगर मैं 26 दिनों तक धरने पर बैठ सकती हूं, तो मैं चुनाव आयोग के सामने भी धरने पर बैठ सकती हूं ताकि उसकी विश्वनीयता वापस पहले जैसी हो जाए.’. भाजपा पर हमला, संगठन में बदलाव के संकेत टीएमसी का यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब भाजपा केंद्रीय एजेंसियों के जरिए तृणमूल को घेरने की कोशिश कर रही है। हालांकि, टीएमसी का दावा है कि जनता का भरोसा अब भी पार्टी के साथ है। सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी पार्टी संगठन को पुनर्गठित करने का संदेश दे सकती हैं। लंबे समय से पार्टी के अंदर कॉर्पोरेट मानसिकता के खिलाफ नाराजगी रही है, जिसे दूर करने के लिए ममता बनर्जी चुनावी रणनीति के लिए बाहरी एजेंसियों पर कम और पार्टी कार्यकर्ताओं पर अधिक भरोसा करना चाहती हैं। जनसंपर्क अभियान पर रहेगा जोर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि टीएमसी नेतृत्व का मुख्य फोकस जमीनी कार्यकर्ताओं को अधिक प्रभावी बनाना होगा। ममता बनर्जी पहले ही इस बात पर जोर दे चुकी हैं कि राज्य सरकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ सही तरीके से जनता तक पहुंचे। राज्यभर में डिजिटल प्रसारण की व्यवस्था सम्मेलन में जिलों से आए नेताओं की मौजूदगी रहेगी, जबकि जो नेता सभा में शामिल नहीं हो पाएंगे, उनके लिए पूरी बैठक ऑनलाइन प्रसारित की जाएगी। पार्टी चाहती है कि ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी का संदेश जमीनी स्तर तक पहुंचे। टीएमसी का मिशन 2026 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल एक बार फिर अपनी रणनीति को धार देने में जुट गई है। यह सम्मेलन पार्टी के लिए आगामी चुनावों की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव साबित हो सकता है।

मोहन सिंह बिष्ट बने दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर, आतिशी को मिली नेता प्रतिपक्ष की मान्यता

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी को विपक्षी दल के नेता के रूप में मान्यता प्रदान की है। यह निर्णय विधानसभा सदस्य आतिशी, जो सदन में सरकार के विपक्ष में सर्वाधिक सदस्यों वाले दल की नेता हैं, को दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता देने के लिए लिया गया। इस संदर्भ में विधानसभा अध्यक्ष ने 2001 के ‘विधानसभा नेता प्रतिपक्ष (वेतन एवं भत्ते) अधिनियम, 2001’ की धारा-2 के तहत आतिशी को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दी। दिल्ली विधानसभा चुनाव-2025 में आम आदमी पार्टी (आप) को भारतीय जनता पार्टी से कड़ी शिकस्त मिली। इस हार के बाद आतिशी मुख्यमंत्री पद से हट गईं, लेकिन उनकी सैलरी और भत्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली में मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को समान वेतन और सुविधाएं मिलती हैं। इसका मतलब यह है कि भले ही अब आतिशी मार्लेना की मुख्यमंत्री की कुर्सी छिन गई हो, उनकी सैलरी, भत्तों और सुविधाओं में किसी तरह की कोई कटौती नहीं होगी। अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया गया था। हालांकि, यह पहले से ही तय था कि विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें यह कुर्सी छोड़नी होगी। चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी को विपक्ष में बैठना पड़ा और पार्टी ने आतिशी को नेता प्रतिपक्ष बना दिया। इसी वजह से उन्हें मुख्यमंत्री के समान वेतन और अन्य भत्ते मिलते रहेंगे। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत तमाम दिग्गज नेताओं के हारने के बाद विधानसभा पहुंची आतिशी ही वह नेता थीं, जिसे आम आदमी पार्टी ने सर्वसम्मति से अपने दल का नेता चुना था।  दिल्ली की मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से विधायक मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर चुना गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर बनाने का प्रस्ताव रखा था। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रस्ताव को समर्थन दिया था। वहीं, दिल्ली विधानसभा में वरिष्ठ नेता विजेंद्र गुप्ता स्पीकर हैं। करावल नगर से कई बार विधायक रह चुके हैं मोहन सिंह बिष्ट दिल्ली की सियासत में अनुभवी नेता माने जाते हैं। वह करावल नगर विधानसभा सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि, इस बार वो मुस्तफाबाद सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के आदिल अहमद खान को 17 हजार से अधिक वोट से शिकस्त दी थी। करावल नगर से कपिल मिश्रा को टिकट मिला करावल नगर सीट से मोहन सिंह बिष्ट ने पहली बार 1998 में चुनाव जीता था और 2015 तक इस सीट से विधायक रहे। 2015 के चुनाव में उन्हें कपिल मिश्रा के हाथों शिकस्त मिली थी। तब कपिल मिश्रा ‘आप’ के टिकट पर चुनाव लड़े थे। बाद में वो बीजेपी में शामिल हो गए। इसके बाद मोहन बिष्ट ने एक बार फिर 2020 में करावल नगर सीट से जीत दर्ज की, जबकि 2025 के चुनाव में उन्हें मुस्तफाबाद से टिकट मिला और यहां से चुनाव जीते। बीजेपी ने इस बार कपिल मिश्रा को करावल नगर से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने यहां बड़े अंतर से जीत दर्ज की और रेखा गुप्ता की सरकार में मंत्री बने। दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत बता दें कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) को 22 सीटें मिलीं। राष्ट्रीय राजधानी की सत्ता में बीजेपी 27 सालों के बाद वापसी की है।

मीडिया और सिनेमा की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका : राज्यमंत्री गौर

भोपाल मीडिया और सिनेमा की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका है। फिल्में समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है। हमारी फिल्में केवल कथा और कहानी नहीं होतीं, इनमें राष्ट्र और समाज को सशक्त करने का संदेश भी होता है। आज के डिजिटल युग में मीडिया और सिनेमा की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर सेज विश्वविद्यालय के सभागार में सतपुड़ा चलचित्र समिति के ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल के पोस्टर विमोचन समारोह को संबोधित कर रही थी। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल में युवा भाग लेगें और अपनी रचानात्मक और सृजनात्मक क्षमता से नवाचार करेंगे। उन्होंने कहा कि हमें युवा पीढ़ी पर गर्व है। युवा वर्ग देश में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की समाज और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि फिल्मों के माध्यम से सामाजिक मूल्यों, परम्पराओं और संस्कृति को संरक्षित करने के साथ ही समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण कार्य किया जा सकता है। सतपुड़ा चलचित्र समिति इस दिशा में बहुत अच्छा कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा ने हमारे राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता को सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि सिनेमा को समाज से जोड़ने का माध्यम बनाने की दिशा में समिति का प्रयास सराहनीय है। मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आज के युग में कुछ डिजिटल प्लेटफार्म पर असामाजिक व्यक्ति परिवारिक मूल्यों को नष्ट करने का दुष्प्रयास कर रहे है। ऐसे समय में सतपुड़ा चलचित्र समिति जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक विचारधारा का विस्तार है। यह नवोदित फिल्मकारों के लिये एक मंच है। इस फेस्टिवल के माध्यम से हम ऐसे सिनेमा को प्रोत्साहित करेगें जो भारतीय मूल्यों को संरक्षित रखते हुए समाज के समक्ष सार्थक विषय प्रस्तुत कर रहे हैं। ग्वालियर शार्ट फिल्म फेस्टिवल के पोस्टर विमोचन समारोह के प्रारंभ में सतपुडा़ चलचित्र समिति और विश्व संवाद केन्द्र मध्यप्रदेश के अध्यक्ष श्री लाजपत आहूआ ने कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में सेज विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव श्री नीरज उपमन्यु ने अध्यक्षयीय उद्बोधन दिया। उन्होंने अतिथियों का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।  

पीड़ित लड़कियों ने अपने पिता के खिलाफ बलात्कार की नालासोपारा थाने में शिकायत दर्ज कराई, पुलिस ने किया अरेस्ट

नालासोपारा महाराष्ट्र में पुलिस ने एक व्यक्ति को अपनी तीन बेटियों के साथ बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित लड़कियों ने नालासोपारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। रिश्ते को कलंकित करने वाली इस घटना से शहर में आक्रोश फैल गया। आरोपी पिता पर रंगदारी, फायरिंग और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के भी आरोप हैं। नालासोपारा पुलिस ने लड़कियों के बयान दर्ज कर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित लड़कियां बहनें हैं। वे मूल रूप से कोंकण के एक क्षेत्र में रहती हैं। लड़कियों का 56 वर्षीय पिता एक कुख्यात अपराधी है। उसकी चार बेटियां हैं। वह कोंकण में अपने गांव में रहने के दौरान इन लड़कियों के साथ जबरन बलात्कार करता था। पुलिस ने बताया कि इनमें से एक लड़की का चार बार गर्भपात भी कराया गया था। आखिरकार पिता की प्रताड़ना से तंग आकर मां अपनी बेटियों को लेकर नालासोपारा में अपने एक रिश्तेदार के यहां रहने चली गई। तीनों बेटियों में सबसे बड़ी बेटी 21 साल की है और बाकी दो नाबालिग हैं। उन्होंने हिम्मत करके पिता के अत्याचार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने का फैसला किया। इस संबंध में सबसे बड़ी बेटी ने शिकायत दर्ज कराई है। लड़कियों ने पुलिस को बताया कि वे अपने पिता के डर से अब तक चुप थीं। लड़कियों की शिकायत के आधार पर नालासोपारा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया। आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। नालासोपारा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विशाल वलवी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जोन 3 के पुलिस उपायुक्त जयंत बजबले ने बताया कि अब तक की जांच में पता चला है कि उसने तीन लड़कियों का यौन शोषण किया है। ज्ञात हो कि अभी कुछ दिन पहले ही विरार में एक व्यक्ति ने तीन नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार किया था। इनमें से एक लड़की 17 साल की थी और बाकी दो 13 साल की थीं। इस घटना से शहर में हड़कंप मच गया था।

मंत्री सारंग ने की जीआईएस में सहकारिता विभाग की फॉलो-अप समीक्षा

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सहकारिता विभाग में निवेश विंग की स्थापना के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने विंध्याचल भवन स्थित सहकारिता विभाग में सहकारिता संबंधी निवेशकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिये एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा। साथ ही उन्होंने एक कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिये, जो आये प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के बाद हायर लेवल पर प्रस्तुत करेगी। मंत्री श्री सारंग मंत्रालय में जीआईएस के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रहे थे। हितग्राहियों को परस्पर लाभ देने के लिये सीपीपीपी मॉडल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि विभाग के को-ऑपरेटिव पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के हितग्राहियों को परस्पर लाभ प्रदान करने के साथ ही प्रदेश के दूसरे और तीसरे दर्जे के क्षेत्रों के विकास को तिगुनी गति प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इसीलिये निवेशकों का विशेष ख्याल रखा जाये। सिंगल विण्डो सिस्टम से किसी भी प्रकार की समस्या का निराकरण हो। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में सहकारिता क्षेत्र में को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल के अंतर्गत कुल अनुमानित 2305 करोड़ रुपये के 19 एमओयू हुए हैं। इनमें प्रमुख रिलायंस द्वारा 1000 करोड़ और वैधनाथ ग्रुप द्वारा निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। मैजेस्टिक बासमती राइस प्राइवेट लिमिटेड रायसेन द्वारा 1000 करोड़ रुपये, आरएम ग्रुप द्वारा 100 करोड़ रुपये, मशरूम वर्ल्ड भोपाल द्वारा 100 करोड़ रुपये, वी विन लिमिटेड भोपाल द्वारा 40 करोड़ रुपये, न्यूट्रेलिस कृषि उत्पादक सहकारी समिति नोएडा यूपी द्वारा 30 करोड़ रुपये, एग्रीविस्टा एआई प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 25 करोड़ रुपये और सवीर बॉयो टेक लिमिटेड नोएडा यूपी द्वारा 10 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही प्रतिभा सिंटेक्स इंदौर, पतंजलि, भारतीय बीज सहकारी समिति, न्यूट्रेलिस कृषि उत्पादक सहकारी समिति नोएडा आदि ने भी मध्यप्रदेश में निवेश में रुचि जाहिर की है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, प्रबंध संचालक मार्कफेड श्री आलोक कुमार सिंह, सहकारिता आयुक्त श्री मनोज पुष्प, अपेक्स बैंक के प्रभारी प्रबंध संचालक श्री मनोज कुमार गुप्ता, राज्य सहकारी संघ के प्रबंध संचालक श्री ऋतुराज रंजन, बीज संघ के प्रबंध संचालक श्री महेन्द्र दीक्षित सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

हम सभी लोगों को योगी का दिल से धन्यवाद करना चाहिए कि उन्होंने इस तरह का आयोजन करवाया: एकनाथ शिंदे

मुंबई महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को महाकुंभ नहीं जाने वाले नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ये लोग खुद को हिंदुत्ववादी कहते हैं, लेकिन कुंभ नहाने नहीं गए। 65 करोड़ से ज्यादा लोगों ने कुंभ में स्नान किया। लेकिन, ये लोग कुंभ नहीं गए। यह काफी हैरान करने वाली बात है। उन्होंने महाकुंभ के आयोजन को अद्भुत बताया। कहा कि 144 बाद इस तरह का आयोजन हुआ, जो अपने आप में हम सभी लोगों के लिए हर्ष की बात है, जो कोई भी वहां जाता है, उसका जन्म लेना सार्थक हो जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिल से धन्यवाद करना चाहिए कि उन्होंने इस तरह का आयोजन करवाया। इसके साथ ही हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करना चाहिए, क्योंकि उनके मार्गदर्शन में पूरा आयोजन बहुत अच्‍छे से संपन्न हुआ। उन्हीं के प्रयासों की वजह से लोगों को महाकुंभ में स्नान करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि कुंभ के सफल आयोजन के लिए हमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद करना चाहिए। उनके मार्गदर्शन में सुरक्षा के मोर्चे पर सराहनीय काम किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा ना हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। कुंभ के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि क‍िसी को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। इस दिशा में प्रशासन मुस्तैद रहा। श्रद्धालुओं की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया। प्रशासन ने इस दिशा में सराहनीय पहल की। उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग इस बार कुंभ नहीं गए, हमें उनसे पूछना चाहिए कि आखिर आप क्यों नहीं गए।

अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, तब भी वह अग्रिम जमानत के लिए अदालत जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि अग्रिम जमानत का प्रावधान जीएसटी और कस्टम कानूनों पर भी लागू होता है। यानी, अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, तब भी वह अग्रिम जमानत के लिए अदालत जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरश और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने पिछले साल 16 मई को इस मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। फैसला सुनाते हुए, सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा कि अग्रिम जमानत से जुड़े दंड प्रक्रिया संहिता और नए कानून ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ के प्रावधान, जीएसटी और कस्टम कानूनों पर भी लागू होंगे। इस फैसले के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को जीएसटी या कस्टम कानून के तहत गिरफ्तारी का डर है, तो वह अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है, भले ही एफआईआर दर्ज न हुई हो।  इस मामले में विस्तृत फैसला आना अभी बाकी है। यह याचिका 2018 में राधिका अग्रवाल नाम की महिला तरफ से दायर की गई थी।

आरडीएसएस की तर्ज पर स्मार्ट मीटर कार्यक्रम में भी केन्द्र से मिले 60 प्रतिशत अनुदान: ऊर्जा मंत्री

जयपुर ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने केन्द्र  सरकार से स्मार्ट मीटर कार्यक्रम को आरडीएसएस योजना की तर्ज पर 60 अनुपात 40 के  आधार पर संचालित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इससे बिजली वितरण कंपनियों को अपने घाटे को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रदेश की पीक डिमांड को पूरा करने के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज परियोजनाओं को बढ़ावा देने में भी केन्द्र से समुचित सहयोग का आग्रह किया है। श्री नागर गुरूवार को विद्युत भवन से वीडियो काँफ्रें​स के माध्यम से ‘वॉयबिलिटी ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज’ विषय पर मंत्री समूह की बैठक को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपाद येसो नायक की अध्यक्षता में मुम्बई के सहयाद्री विश्रांतिगृह में हुई ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की इस दूसरी बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडनवीस सहित उत्तर प्रदेश, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों के ऊर्जा मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए। राजस्थान से ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक तथा डिस्कॉम्स चेयरमैन सुश्री आरती डोगरा भी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक से जुड़े। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार थर्मल आधारित महंगी बिजली के वैकल्पिक, सस्ते एवं सुलभ स्रोत के रूप में सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है। पीएम-कुसुम योजना के तहत राज्य में 12 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं जिसके अन्तर्गत 4 हजार 355 मेगावाट क्षमता के पावर परचेज एग्रीमेंट किए जा चुके हैं। एनर्जी ट्रांजिशन को गति देने के लिए हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल जैसे नवाचार पर भी काम चल रहा है। पीएम सूर्यघर योजना में 136 मेगावाट के रूफ टॉप संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इन प्रयासों से प्रदेश में विकेन्द्रित सौर ऊर्जा उत्पादन उत्पादन में बीते एक वर्ष में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। चेयरमैन डिस्कॉम्स सुश्री आरती डोगरा ने सस्ती एवं सुलभ विकेन्द्रित सौर ऊर्जा पर कृषि क्षेत्र की मांग को शिफ्ट करने, बिजली खरीद की दरों में कमी, परिचालन लागत को कम कर एटी एंड सी हानियों को कम करने की दिशा में किए जा रहे सुधार एवं नवाचारों पर आधारित प्रस्तुतीकरण दिया।

निष्क्रिय सहकारी समितियों को सक्रिय करें – जयपुर जिला कलक्टर

जयपुर जिला स्तर पर सहकारी आंदोलन को बढ़ावा देने एवं व आमजन में इसकी भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला सहकारी विकास समिति की बैठक जिला कलक्टर व प्रशासक डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में गुरुवार को केन्द्रीय सहकारी बैंक, जयपुर के सभागार में हुई। जिला कलक्टर ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025, जिला— जयपुर के कैलेंडर, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के लोगो और पोस्टर का विमोचन भी किया। इस दौरान जिला कलक्टर ने जिले की सभी निष्क्रिय सहकारी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश देते हुए अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 कैलेंडर में अंकित कार्यक्रम को समयबद्ध रूप से आयोजित करने के निर्देश प्रदान किये। समिति द्वारा इफको, कृभको, शिक्षा विभाग एवं राजविका को समिति के सदस्य के रूप में बैठक में आमंत्रित करने का प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जयपुर शहर हरप्रीत कौर, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जयपुर ग्रामीण उदयदीप सिंह राठौड़ सहित अन्य हितधारक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दंगवाड़ा में की बोरेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक चंबल नदी तट पर स्थित अति प्राचीन श्री बोरेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर अभिषेक किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि व मंगल की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन की ग्राम पंचायत दंगवाड़ा स्थित 4000 हजार वर्ष से अधिक प्राचीन बोरेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। पूजन एवं जलाभिषेक पंडित श्री जगदीश शर्मा, श्री नमन शर्मा ने विधि विधान से संपन्न कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्दिर परिसर मे उपस्थित जन समूह को संबोधित किया और जिला पंचायत सीईओ श्रीमति जयति सिंह को सभी मांगो को पूर्ण करने के लिये आवश्यक कार्रवाई सुनिशित करने के निर्देश दिया।  

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राम दर्शन के नवीन प्रकल्प का किया लोकार्पण

भोपाल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रखर राष्ट्रवादी विचारक भारत रत्न नानाजी देशमुख अजातशत्रु थे। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल की अवधि में कई कष्ट सहे और महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए तत्कालीन परिस्थतियों में राष्ट्रहित में जो कार्य किया उस वजह से उन्हें राष्ट्र ऋषि की उपाधि दी गई। वे वास्तविक अर्थों में राष्ट्रसेवी थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नानाजी देशमुख को भारत रत्न देकर उनके जीवन और कार्यों का सच्चा सम्मान किया। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह गुरूवार को सतना जिले के चित्रकूट में भारत रत्न नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह समारोह नानाजी देशमुख की 15वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवीनीकृत राम दर्शन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का रिमोट का बटन दबाकर लोकार्पण किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने मूर्तिकारों का सम्मान भी किया। नानाजी के श्रद्धांजलि समारोह के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। नानाजी की 15वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी कर्मस्थली रही चित्रकूट में तीन विशेष कार्यक्रम एक साथ आयोजित किए गए। इनमें नानाजी का श्रद्धांजलि समारोह, पंडित दीनदयाल जी की प्रतिमा और राम दर्शन का लोकार्पण शामिल है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने भगवान कामता नाथ को प्रणाम कर नानाजी के महान व्यक्तित्व को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। केन्द्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि नानाजी का जन्म महाराष्ट्र में हुआ, वे संघ से जुड़े और उत्तर प्रदेश को अपना कार्यक्षेत्र बनाया। नानाजी ने जनसंघ को खंड-प्रखंड स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि राजनीति में रहते हुए भी नानाजी अजातशत्रु थे। इस क्षेत्र में उनका कोई विरोधी नहीं था। एक राजनेता के जीवन में ऐसा अत्यंत दुर्लभ दिखाई देता है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि नानाजी ने राजनीति के इतर समाज सेवा सहित कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए। नानाजी ने अपने जीवन में संकल्प लेते हुए एकात्म मानववाद को धरातल पर उतारने का निर्णय लिया। वे समाज से बुराई को दूर करते रहे, लेकिन कभी किसी बुराई को स्वयं तक नहीं आने दिया। उनके आदर्श एक सदी तक राजनीतिज्ञों के लिए आदर्श बनकर रहेंगे। केन्द्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय और नानाजी देशमुख लगभग एक ही काल खंड में जन्मे थे। भारत के विकास को पं. दीनदयाल उपाध्याय ने अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के कल्याण से जोड़कर देखा था। एकात्म मानववाद का विचार कैसे जमीन पर उतरेगा एक समय में लोग इसे असंभव समझते थे, लेकिन नानाजी ने चित्रकूट से ग्रामोदय के उत्थान के विचार के साथ अंत्योदय की नींव रखी। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में आज तक देश के 60 करोड़ परिवारों को अपना पक्का मकान, स्वच्छ पेयजल, रसोई गैस और मुफ्त इलाज समेत जैसी अनेक सुविधाएं मिल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विचार के संदर्भ में श्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में गांव-गांव को गोकुल बनाने का कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीयता के साथ-साथ हमारी कृषि, शिक्षा और वसुधैव कुटुंबकम को कैसे विश्व में स्थापित किया जाए, नानाजी के विचारों के अनुकूल इन कार्यों को साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि देश का विकास कितना भी हो जाए लेकिन विरासत को साथ लेकर चलना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि नानाजी कुशल संगठनकर्ता थे। जब देश में आपातकाल लगा तो बड़े पैमाने पर लोग लोकतंत्र को बचाना चाहते थे। इसी कालखंड में कई आंदोलन हुए और जनसंघ का उदय हुआ। नानाजी देशमुख ने राष्ट्र प्रथम की भावना को प्राथमिकता देते हुए दलों का विलय भी करवाया। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने नानाजी देशमुख को राष्ट्र ऋषि की उपाधि दी थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नानाजी देशमुख को भारत रत्न देने का कार्य किया। नानाजी ने 60 वर्ष की आयु में सक्रिय राजनीति से स्वयं को दूर कर आदर्श प्रस्तुत किया। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि देशभर में सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना के लिए नानाजी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। इसी तरह पं. दीनदयाल उपाध्याय ने राष्ट्र, समाज और व्यक्ति के विकास का एक पूर्ण दर्शन दिया। नानाजी देशमुख के साथ ही पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का लगाया राष्ट्र सेवा के भाव का पौधा आज विशाल वट वृक्ष बन चुका है। नानाजी ने ग्राम स्वावलंबन की कल्पना की, वे प्रेरणा पुंज थे – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान में केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह समेत यहां उपस्थित सभी अतिथियों का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सुखद संयोग रहा है कि उनकी नानाजी से भेंट हुई थी। नानाजी का होना हम सबके लिए एक प्रेरणा पुंज के समान था। जब पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी भाई देसाई ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया तो नानाजी ने बड़ी विनम्रता से मना कर दिया था। नानाजी ने गांवों में स्वावलंबन की कल्पना की थी। 

श्रद्धलुओं ने बदली रामलला की दिनचर्या, 19 घंटे तक दे रहे हैं दर्शन; भोग और आरती का समय भी घटा

अयोध्या महाकुंभ शुरू होने के बाद अयोध्या में आ रही अप्रत्याशित भीड़ ने बालक राम की दिनचर्या बदल दी। मकर संक्राति से महाशिवरात्रि तक सवा करोड़ लोगों ने दर्शन किए।  महाकुंभ शुरू होने के बाद रिकॉर्ड संख्या में लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं। इस बीच इतनी भीड़ आ जाएगी इसकी कल्पना मंदिर ट्रस्ट ने भी नहीं की थी।  पिछले एक माह से आ रही अप्रत्याशित भीड़ ने रामलला की दिनचर्या बदल दी है। मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक रामलला के दरबार में सवा करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई है। अधिक से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर सकें इसलिए मंदिर सुबह पांच बजे से रात 12 बजे तक खोला जा रहा है। रामलला प्रतिदिन 19 घंटे भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। रामलला के दरबार में रोजाना साढ़े तीन से चार लाख श्रद्धालु हाजिरी लगा रहे हैं। ट्रस्ट की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार मकर संक्रांति 14 जनवरी से 26 फरवरी महाशिवरात्रि तक रामलला के दरबार में 1.26 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया है। राम मंदिर में निरंतर उमड़ रही भीड़ ने रामलला की पूरी दिनचर्या को प्रभावित कर रखा है। पुजारियों का कहना है कि रामलला की आरती, राग-भोग के दौरान भी मंदिर बंद नहीं हो पा रहा है। बताया गया कि इस समय रामलला को सुबह चार बजे ही जगाया जाता है। इसके बाद उनकी मंगला व श्रृंगार आरती होती है। सुबह पांच बजे से मंदिर दर्शन के लिए खोल दिया जाता है। श्रद्धालुओं में दर्शन की ललक इस कदर है कि रात दो बजे से दर्शनपथ पर श्रद्धालु जुटने लगते हैं। दोपहर की आरती के दौरान भी दर्शन चलता रहता है। केवल पांच से 10 मिनट के पर्दा लगाकर रामलला को भोग अर्पित किया जाता है। इस दौरान श्रद्धालु मंदिर में कतारबद्ध रहते हैं।   18 से 19 घंटे खुल रहा है मंदिर  पहले दोपहर भोग आरती के लिए मंदिर एक घंटे के लिए बंद किया जाता था। यही स्थिति संध्या आरती के दौरान भी रहती है। राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी श्रद्धालुओं की भीड़ को अप्रत्याशित बताते हैं। उनका कहना है कि रामलला को ठीक से विश्राम नहीं मिल पा रहा है, मंदिर 18 से 19 घंटे खोलना पड़ रहा है, यह स्थिति व्यवहारिक नहीं है। महाशिवरात्रि पर शिवमय हुई राम की नगरी सर्वार्थ सिद्धि व त्रिग्रही योग के दुर्लभ संयोग में महाशिवरात्रि पर रामनगरी ब्रह्ममुहूर्त से ही बमबम करने लगी। घाट से लेकर मठ-मंदिरों तक हर-हर महादेव की गूंज… शिवालयों में पूजन सामग्री से सजी थाली लेकर कतारबद्ध भक्त और श्रद्धालुओं से पटी अयोध्या। बुधवार को रामनगरी में यह दृश्य आस्था का चरम प्रदर्शित कर रहा था। रामधुन में लीन रहने वाली अयोध्या पूरी तरह से शिवमय नजर आई। प्रशासन के मुताबिक करीब पांच लाख भक्तों ने जलाभिषेक, पूजन किया। महाशिवरात्रि पर ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुई शिवालयों सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन का सिलसिला दिन भर चलता रहा।  अधिकतर ने भोले के मंदिर पर दस्तक देने से पूर्व सरयू में स्नान किया। इसी के साथ ही आस्था का प्रवाह शिव मंदिरों की ओर निकल पड़ा। हालांकि रामपथ पर बैरिकेडिंग के चलते श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। नागेश्वरनाथ तक जाने के लिए श्रद्धालुओं को टेढ़ी बाजार के पीछे से होते हुए करीब चार किलोमीटर तक चलना पड़ा। क्षीरेश्वरनाथ पहुंचने के लिए यह दूरी बढ़कर पांच किलोमीटर हो गई। जैसे ही श्रद्धालु भोलेबाबा की चौखट पर पहुंचे और उनके कानों में हर-हर महादेव की गूंज पहुंची तो उनकी सारी थकान दूर होती नजर आई। क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में राम मंदिर के दर्शनार्थी भी खूब उमड़े। दर्शनार्थियों ने रामलला के साथ भोलेबाबा की भी पूजा-अर्चना की। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। सीसीटीवी से मेला क्षेत्र की निगरानी होती रही। मंडलायुक्त गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी राजकरण नय्यर ने मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं को परखा।

जनजातियों का चल रहा स्वर्णिम युग : राज्यपाल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि आज का युग जनजातियों के उत्थान के लिए स्वर्णिम युग है। जनजातियों के लिए केंद्र एवं राज्य शासन के द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी एवं कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है तथा जनजातियों को सीधे तौर पर इनका लाभ प्राप्त हो रहा है। इससे जनजातीय समुदाय सशक्त एवं आत्मनिर्भर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया विशेष पिछड़ी जनजातियों के रूप में चिन्हित हैं। इनके उत्थान एवं समाज के मुख्य धारा में जोड़ने के लिए सरकार द्वारा अनेकों प्रयास किए जा रहे है। राज्यपाल श्री पटेल उमरिया जिले के ग्राम पंचायत लोढ़ा में पीएम जनमन योजना के अंतर्गत लाभान्वित बैगा समुदाय के हितग्राहियों से संवाद कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल ने जनजातियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि जीवन में प्रगति के लिये शिक्षा सबसे जरूरी है। शिक्षा के बिना कोई भी व्यक्ति या समाज प्रगति नहीं कर सकता। जनजातीय समुदाय के लोगों को अपने बच्चों को शिक्षित करने की दिशा में कार्य करना सबसे महत्वपूर्ण हैं, बेटे के साथ-साथ बेटी को भी शिक्षित करें, तभी हम प्रगति की मुख्य धारा से जुड़ सकेंगे। उन्होंने जनजातीय छात्र-छात्राओं से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों कि जनजातीय विद्यार्थियों में से कौन-कौन स्कूल जा रहा है अथवा नहीं यह देखें तथा बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित करें। बच्चों को विद्यालय में कैसी शिक्षा दी जा रही है इसकी भी जानकारी लें तथा बच्चों के अभिभावक स्वयं बच्चों को एक घंटा समय निकालकर अवश्य पढ़ाएं। जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा प्राप्त हो सके तथा बच्चों का बेहतर भविष्य का निर्माण हो सके। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश के जनजातीय महानायक टंट्या भील, रानी दुर्गावती सहित अन्य महानायकों की जीवनी को पढ़ाएं और बताएं कि उन्होंने देश के उत्थान में किस प्रकार योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि सहरिया, भारिया एवं बैगा समुदाय के विकास के लिये केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पीएम जनमन योजना के लिये 24 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। पीएम-जनमन योजना से सहरिया, भारिया एवं बैगा समुदाय के लोगों को आवास के साथ-साथ अन्य मूलभूत सुविधायें भी मुहैया कराई जा रही हैं। उन्होंने सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों से कहा कि जनजातीय लोग बहुत ही सीधे और सरल होते हैं, आप उनके यहां जाएंगे तो वह बिना खाना खिलाए आपको आने नहीं देंगे। वह अपनी थाली आपको परोस देंगे। आप जब भी अपने क्षेत्र के भ्रमण में निकलें तो जनजातीय परिवारों से अवश्य मिलें तथा उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है, अथवा नहीं इसकी जानकारी अवश्य लेकर उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाएं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि उमरिया जिला भी जनजातीय बाहुल्य जिला है, जहां जनजातीय परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से अनेक कार्य किए गए हैं। इन परिवारों को आधार-कार्ड, आयुष्मान-कार्ड, लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी जैसी अनेक योजनाओं का लाभ दिया गया है। पीएम जनमन योजना के तहत चयनित हितग्राहियों को पक्के आवास की भी सुविधा मुहैया कराई गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना में भी आवास प्रदान किए गए हैं। बच्चों की शिक्षा के लिये आंगनवाड़ी और प्राथमिक विद्यालय भी ग्राम पंचायत में संचालित है। राज्यपाल श्री पटेल ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, आयुष्मान कार्ड के हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र का वितरण किया। राज्यपाल ने प्राथमिक शाला भवन टंगराटोला के तीसरी कक्षा के बच्चों से किया संवाद राज्यपाल श्री पटेल ने उमरिया जिले के ग्राम पंचायत लोढ़ा के प्राथमिक शाला भवन टंगराटोला के कक्षा तृतीय के विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व को बताया तथा उन्हें व्यायाम करने, मोटा अनाज/मिलेट्स का सेवन करने, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने एवं भरपूर नींद लेने की बात कही। इस दौरान राज्यपाल ने बच्चों से देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा मध्यप्रदेश के राज्यपाल अर्थात स्वयं के नाम भी पूछा। राज्यपाल द्वारा पूछे गए प्रश्नों के बच्चों से सटीक जवाब सुनकर राज्यपाल ने खुशी जाहिर की। राज्यपाल ने आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र टगराटोला में मनाया बच्चों का जन्म-दिवस मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री पटेल ने उमरिया जिले के ग्राम पंचायत लोढ़ा के आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र टगराटोला में बच्चों का जन्मदिन केक काटकर मनाया तथा बच्चों को शुभाशीष एवं उपहार दिए। राज्यपाल ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती कुसुम यादव से बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्र में मिलने वाली सुविधाओं एवं संदर्भ सेवाओं की जानकारी ली। इस दौरान राज्यपाल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पौष्टिक आहार किट्स प्रदान की। कार्यक्रम में सांसद शहडोल श्रीमती हिमाद्री सिंह, विधायक सुश्री मीना सिंह, विधायक बांधवगढ़ श्री शिव नारायण सिंह, कमिश्नर शहडोल श्रीमती सुरभि गुप्ता, पुलिस महा निरीक्षक शहडोल श्री अनुराग शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिले के समस्त विभागों के अधिकारी एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।

पीएम जनमन योजना से बदल रहा जनजातीय समुदाय का जीवन : राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों को प्राथमिकता के साथ लाभान्वित कर रही हैं। पीएम जन-मन योजना के द्वारा बैगा, सहरिया एवं भारिया विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटों में पक्का आवास, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील के पीएम जनमन ग्राम कोठी में बैगा जनजाति के लोगों से संवाद के दौरान कही। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के रूप में जनमन ग्रामों के समग्र विकास के लिए दूरदर्शी और संवदेनशील नेतृत्व मिलना हम सब के लिए सौभाग्य की बात है। प्रधानमंत्री जनजातीय समुदाय के प्रति विशेष संवेदनशील हैं। समाज के पिछड़े वर्ग और व्यक्तियों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी सतत् काम कर रहे हैं। पीएम जनमन योजना के हितग्राहियों का गृह प्रवेश राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल जनमन ग्राम कोठी में बैगा हितग्राहियों के साथ संवाद कार्यक्रम के पहले, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के हितग्राहियों के घर भी पहुचें। उन्होंने योजना से लाभ मिलने के बाद हितग्राही के जीवन में आए बदलाव को जाना। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने सर्वप्रथम पीएम जनमन आवास हितग्राही चंदाबाई बैगा, भल्लू बैगा और सोनी बैगा को प्रधानमंत्री आवास योजना से बने पक्के आवास में विधि-विधान और पूजा-अनुष्ठान के साथ गृह प्रवेश कराया। राज्यपाल श्री पटेल का बैगा समुदाय के लोगों ने तिलक लगाकर और शाल पहनाकर स्वागत किया। बैगा परिवारों ने उपहार स्वरूप उन्हें लोक कला पर आधारित पेन्टिंग भेंट की गई। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाओं का जीवन बदला राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक विकास हुआ है। महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। महिलाएं अब स्वयं का रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही है। परिवार में भी महिलाओं का मान सम्मान बढ़ा है। राज्यपाल श्री पटेल ने संवाद कार्यक्रम में लाभान्वित हितग्राहियों से चर्चा भी की। इस दौरान आजीविका मिशन के मुर्गी पालन समूह की दीदी राजकुमारी ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद करीब 8 हजार रूपये प्रतिमाह की अतिरिक्त आमदनी हो जाती है। पति खेती-किसानी का काम करते हैं, जिससे उनका अच्छे से जीविकोपार्जन हो रहा है। पढ़ाई के बिना प्रगति नहीं… राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने उपस्थित बैगा परिवारों को अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति शिक्षित होकर ही जीवन में आगे बढ़ सकता हैं। घर के बेटा-बेटी पढ़ेंगे तभी आगे बढ़ेंगे और उन्नति करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के विशेष प्रयासों से अब पैसों की कमी शिक्षा की राह में बाधा नहीं है। सरकार बेटियों के जन्म से लेकर विदेश में पढ़ाई कराने तक की जिम्मेदारी निभा रही है। । छात्र-छात्राओं की शिक्षा के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं जिनका लाभ लेकर कोई भी व्यक्ति बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकता हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को आंगनवाड़ी जरूर भेजें। उन्होंने ग्रामीणों को नशे से दूर रहने की सलाह भी दी। राज्यपाल ने की कटनी कलेक्टर की सराहना राज्यपाल श्री पटेल ने 3 बैगा परिवारों को पीएम जनमन आवास में गृह प्रवेश करवाने के बाद आवास का अवलोकन किया। राज्यपाल श्री पटेल ने बैगा परिवारों के लिए बनाये गये नवीन आवास की गुणवत्ता को देखा। उन्होंने बैगा परिवार को प्रधानमंत्री जनमन आवास का गुणवत्तापूर्ण भवन उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव की सराहना की। निर्माणाधीन भवनों का किया निरीक्षण राज्यपाल श्री पटेल ने ग्राम कोठी में 60 लाख रूपये की लागत से निर्माणाधीन बहुउद्देश्यीय केन्द्र के भवन निर्माण कार्य और यहां बैगा मोहल्ला में करीब 12 लाख रूपये की लागत से बन रहे आंगनबाड़ी भवन निर्माण के कार्य का निरीक्षण किया। राज्यपाल ने अधिकारियों को गुणवत्ता भवन निर्माण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। टीबी मरीज को दिया पोषण आहार किट राज्यपाल श्री पटेल ने कोठी गांव में 100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान के तहत 15 वर्षीय क्षय रोगी बालिका को फूड बास्केट पोषण आहार किट प्रदान किया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय और मरीजों को नियमित तौर पर टीबी की दवा लेने और पौष्टिक भोजन की सलाह दी।  

राज्य स्तरीय आरोग्य मेले की तैयारियां अंतिम चरण में

जयपुर शिल्पग्राम जवाहर कला केन्द्र जयपुर में 1 से 4 मार्च को आयोजित होने वाले चार दिवसीय राज्य स्तरीय आरोग्य मेला  2025 की होने वाली तैयारियों का विभाग के निदेशक डॉ. आनंद शर्मा ने निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। राज्य स्तरीय आरोग्य मेले के नोडल प्रभारी डॉ. बत्ती लाल बैरवा ने मेला स्थल पर क्लीनिक एवं फार्मेसी व अन्य स्टॉलो का आवंटन करते हुआ इनकी साज सज्जा को अंतिम रूप प्रदान करने के दिशा—निर्देश दिये। इस मोके पर आयोजन से जुड़ी सभी समितियों के प्रभारी व सदस्य मौजूद रहे।

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