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टीकमगढ़ पुलिस ने अपरह्नत को 24 घंटे के अंदर आरोपियों के चंगुल से छुड़ाकर आरोपियों को किया गया गिरफ़्तार

 टीकमगढ़ पुलिस ने अपरह्नत को 24 घंटे के अंदर आरोपियों के चंगुल से छुड़ाकर आरोपियों को किया गया गिरफ़्तार  आरोपियों द्वारा अपरह्नत को छोड़ने के बदले मांगी गई थी अपरह्नत के परिजनों से 5 लाख रूपए की फिरौती पुलिस अधीक्षक सहित गठित पुलिस की सात टीमों द्वारा दिन-रात कड़ी मेहनत कर घटना का किया खुलासा    थाना लिधोरा अंतर्गत अपहरण की घटना को दिया गया था अंजाम  क्षेत्र कि नाकेबंदी कर सात थानो की टीमों द्वारा साइबर सेल की सहायता से लगातार की गई सर्चिंग  टीकमगढ़ 25.2.25 को फरियादी सूर्यकांत राय पिता ठाकुरदास राय उम्र 60 बर्ष  ने थाना लिधोरा में रिपोर्ट लिखाई की की में और अपरह्नत दसई पुत्र मलथू कुशवाहा उम्र 50 बर्ष अपनी मोटरसाइकिल से जतारा से दिगोड़ा आ रहे थे तब जतारा दिगोड़ा रोड पर ग्राम शाहपुर के आगे लगभग शाम 04 बजे एक मोटरसाइकिल एवं मारुती वेन से कुछ अज्ञात लोग दसई कुशवाहा को मारपीट कर अपहरण कर अपने साथ ले गये अपरह्नत के पुत्र ने बताया की उसके पास दो मोबइल नंबरों से  अपरह्नत को छुड़ाने हेतु पांच लाख रूपए की फिरौती की मांग की जा रही हैं। रिपोर्ट पर तत्काल थाना लिधोरा में अपराध क्रमांक 43/25 धारा 140(3),(4) बीएनएस फिरौती हेतु अपहरण का अपराध कायम कर वरिष्ठ अधिकारियो को घटना से अवगत कराया गया।  वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा दिये गये निर्देश -पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री मनोहर सिंह मंडलोई द्वारा घटना को गंभीरता से लेते हुए अपरह्नत को बरामद कर आरोपियों की गिरफ़्तारी हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सीताराम मार्गदर्शन पांच थाना प्रभारियों के नेतृत्व, सात टीमों का गठन किया गया।  पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही -घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं  घटना स्थल का निरिक्षण कर रात्रि में ही पुलिस टीमों को मार्गदर्शन देते हुए मुखविर, सीसीटीवी, साइबर सेल की सहायता से आरोपियों के मिलने के संभावित स्थानों पर रात्रि से अगले दिन दोपहर 02 बजे तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर दबिस देकर कड़ी मेहनत कर अप्रहत को दस्तयाब कर आरोपियों को घटना में प्रयुक्त मारुती वेन, मोटरसाइकिल सहित थाना लिधोरा अंतर्गत सतधरा जंगल से ग्रिफ्तार किया गया।  अप्रह्त -दसई पुत्र मलथू कुशवाहा उम्र 50 बर्ष निवासी दिगोड़ा  गिरफ्तार आरोपियों का विवरण – 1- लक्ष्मन उर्फ लच्छू पिता कुंजीलाल विश्वकर्मा उम्र 45 साल 2- मुकेश पिता रमेश वाल्मीक उम्र 30 साल 3- संजय उर्फ संजू पिता रमेश दुवे उम्र 37 साल 4- गुल्ली उर्फ अर्पित पिता दयाराम चढार उम्र 29 साल 5- रविन्द्र पिता काशीराम चढार उम्र 30 साल सभी निवासीगण कस्वा लिधौरा  घटना का कारण-  आरोपी लक्ष्मन विश्वकर्मा को अप्रह्त से उधारी के रूपए लेना थे जिससे आरोपी ने अपने साथियो के साथ मिलकर उक्त अपहरण की साजिस रचकर अपहरण की घटना को अंजाम दिया।  आरोपीगणों से जप्त सामग्री 1- मारूति बैन क्र0 MP07BA4426 कीमत पांच लाख रूपये 2- एक डिलक्स मोटरसाईकिल क्र. MP36MA5751 किमती पचास हजार रूपये 3- आरोपीगणो से जब्त मोवाईल कुल पांच किमती पचास हजार रूपये कुल जब्त मशरूका कीमती छः लाख रूपये।  सराहनीय कार्यवाही- डीएसपी श्री दिलीप पांडेय, निरीक्षक जीएस बाजपेई, निरीक्षक पंकज शर्मा, उनि.अमित साहू, उनि. नीरज लोधी, उनि. रघुराज सिंह,उनि. नीतू खटीक, उनि. एनएस ठाकुर, उनि. मयंक नगायच,उनि. चतुर सिंह, सउनि. असलम खान, प्रधान आर.- रहमान खान, विजय घोष, अभय वर्मा, अजय शुक्ला, सतीश शर्मा, आरक्षक -राजीव मिश्रा, मनोज नायक, नीलू राजपूत, ब्रजकिशोर आरक्षक चालक अजीम ख़ान,आरक्षक शीतल सेन,प्रधान आरक्षक जयहिंद

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल तकनीकी प्रगति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में तर्कसंगत और परिष्कृत सोच विकसित करने का आधार भी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने नोबेल पुरस्कार विजेता महान भारतीय वैज्ञानिक सर चंद्रशेखर वेंकट रमन का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी खोज ‘रमन प्रभाव’ ने विज्ञान की दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उन्हीं के सम्मान में हर वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य देशभर में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना और विज्ञान की भूमिका को समाज में मजबूत करना है। विज्ञान से प्रगति, विज्ञान से सशक्त समाज मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। श्री साय ने इस अवसर पर समाज में विज्ञान के प्रति जागरूकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास और रूढ़ियों की जड़ें समाज में तब तक बनी रहेंगी, जब तक हम तार्किक और वैज्ञानिक सोच को जन-जन तक नहीं पहुँचाते। इसके लिए शिक्षा, जागरूकता और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं, ताकि एक नवाचार-समर्थ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सशक्त समाज का निर्माण हो सके। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे विज्ञान और नवाचार को अपनाकर समाज को और अधिक सशक्त बनाएं।

रायपुर : छावा फिल्म का स्कूली बच्चों ने लिया आनंद, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ने की सराहना

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा टैक्स फ्री की गई मराठा योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज पर आधारित फिल्म छावा को आज वनवासी कल्याण समिति आश्रम के स्कूली बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ देखा। ये बच्चे उत्तर-पूर्व के असम और नागालैंड से हैं, जिन्हें छत्तीसगढ़ योग आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा के मार्गदर्शन में फिल्म दिखाने के लिए रायपुर के सिटी सेंटर मॉल, पंडरी लाया गया। इस अवसर पर श्री गौरव देवांगन (सहायक लेखाधिकारी) एवं श्री रविकांत कुंभकार (परिवीक्षा अधिकारी) भी उपस्थित रहे। फिल्म देखने के बाद बच्चों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि छावा एक वीर योद्धा की प्रेरणादायक गाथा है, जिसने अपने राज्य, पिता के सपनों और प्रजा के लिए हंसते-हंसते बलिदान दे दिया। उन्होंने फिल्म की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह इतिहास को करीब से समझने का एक शानदार अवसर है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ योग आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को छावा फिल्म को टैक्स फ्री करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, हमारे देश का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है, जहां छत्रपति संभाजी महाराज जैसे वीर योद्धा जन्मे। मुगलों की लाखों की सेना के सामने कुछ हजार सैनिकों के साथ लड़ना नामुमकिन सा लगता है, लेकिन छत्रपति संभाजी महाराज ने इसे कर दिखाया। यह फिल्म वीरता और राष्ट्रभक्ति का संदेश देती है। फिल्म प्रदर्शन के बाद बच्चों ने सिटी सेंटर मॉल का भी भ्रमण किया और इस अवसर के लिए माननीय अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा का आभार व्यक्त किया।

जीआईएस में टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी के कारण ऊर्जा क्षेत्र में भारी निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश में वर्ष 2070 तक कार्बन फुट-प्रिंट को शून्य तक लाने और समाप्त होते जीवाश्म ईंधन के विकल्प तलाशने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट (अक्षय) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्यप्रदेश पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दे रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में पिछले 12 वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 14 प्रतिशत अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिससे अब कुल ऊर्जा उत्पादन में सहभागिता 30 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा का व्यापक निवेश जीआईएस-भोपाल में मध्यप्रदेश की टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी के कारण नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारी निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जीआईएस-भोपाल के उद्घाटन अवसर पर कहा कि विगत दशक में भारत के ऊर्जा क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 70 बिलियन डॉलर (5 ट्रिलियन रुपये से अधिक) का निवेश किया गया, जिससे स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 10 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस विकास में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया और बताया कि राज्य वर्तमान में लगभग 31,000 मेगावाट की विद्युत उत्पादन क्षमता रखता है, जिसमें से 30% हरित ऊर्जा है। रीवा और ओंकारेश्वर: हरित ऊर्जा के नए केंद्र प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने उद्बोधन मे कहा जीआईएस के शुभारंभ पर मध्यप्रदेश का रीवा सोलर पार्क देश के सबसे बड़े सौर ऊर्जा पार्कों में से एक है। इसके साथ ही हाल ही में ओंकारेश्वर में देश के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर प्लांट का शुभारंभ किया गया है, जिससे अक्षय ऊर्जा उत्पादन को नई दिशा मिली है। मध्यप्रदेश: ऊर्जा सरप्लस राज्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य अपनी भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता के कारण देश के अग्रणी ऊर्जा सरप्लस राज्यों में से एक है। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्म निर्भरता को प्राथमिकता देते हुए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत है। तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने वाली पहली नवकरणीय ऊर्जा नीति मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी लागू की है। इस नीति में सौर और पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को अनुकूल और लचीले अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नया आयाम जुड़ रहा है। सांची बना मध्यप्रदेश का पहला सौर शहर पर्यावरण संरक्षण और नवकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, सांची को राज्य का पहला सौर शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह “नेट ज़ीरो कार्बन” सिद्धांत पर आधारित होगा, जिसमें जितनी ऊर्जा का उपभोग होगा, उतनी ही हरित ऊर्जा का उत्पादन भी किया जाएगा। यह परियोजना देश-दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगी। नर्मदापुरम में नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों के लिए समर्पित निर्माण क्षेत्र राज्य सरकार नर्मदापुरम जिले में पॉवर और नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों के लिए एक समर्पित निर्माण ज़ोन विकसित कर रही है, जिससे राज्य में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वर्ष- 2030 तक 20 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी नीतियों और राज्य सरकार के ठोस प्रयासों से मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा हब के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में राज्य में 5 बड़ी सौर परियोजनाएँ कार्यरत हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 2.75 गीगावाट (2,750 मेगावाट) है। सरकार की योजना वर्ष-2030 तक नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 20 गीगावाट (20,000 मेगावाट) करने की है। नवकरणीय ऊर्जा में 5.72 लाख करोड़ से अधिक का निवेश एवं 1.4 लाख से अधिक रोजगार के अवसर मध्यप्रदेश सरकार नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 5,21,279 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर रही है, जिससे 1,46,592 नौकरियाँ सृजित होंगी। जीआईएस-भोपाल में नवकरणीय ऊर्जा सेक्टर में अवाडा एनर्जी, एमकेसी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, एक्सिस एनर्जी वेंचर, एनएसएल रिन्यूएबल पॉवर प्राइवेट लिमिटेड, टोरेंट पॉवर और जिंदल इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों ने निवेश प्रस्ताव दिए हैं। इस निवेश से राज्य में अक्षय ऊर्जा उत्पादन को गति मिलेगी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश: भारत के ‘नेट ज़ीरो कार्बन’ लक्ष्य में प्रमुख योगदानकर्ता राज्य सरकार की यह पहल भारत के ‘नेट ज़ीरो कार्बन’ लक्ष्य वर्ष-2070 को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मध्यप्रदेश तेजी से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में देश का नेतृत्वकर्ता बन रहा है और आत्मनिर्भर भारत व स्वच्छ ऊर्जा मिशन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।  

मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के मार्ग दर्शन में प्राचीन श्रृंगेश्वर धाम को धार्मिक पर्यटन के रूप में किया जायेगा विकसित

भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के मार्ग दर्शन में जल संसाधन विभाग द्वारा के द्वारा माही एवं मधुकन्या नदी के संगम पर अवस्थित प्राचीन श्रृंगेश्वर धाम को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से लगभग 6.3 करोड़ रुपये का प्रस्ताव श्रृंगेश्वर घाट निर्माण सौंदर्यीकरण के लिए भेजा गया है। प्रस्ताव में जल संसाधन विभाग के माध्यम से नवीन मंदिर और प्राचीन मंदिर के मध्य लगभग 250-300 मी. लम्बा और 25 मी. चौड़ा घाट का निर्माण कर, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, गार्डन के साथ सुरक्षा रैलिंग बनाये जाने का प्रावधान है। श्रृंगेश्वर धाम में बड़ी संख्या में भक्त आते हैं। धार्मिक पर्यटन की संभावना को देखते हुए मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने इस स्थल को संवारने के लिए ज़िला प्रशासन के माध्यम से प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए थे ।किनारे पर घाट को इस तरह से बनाया जाएगा कि माही के बैक वाटर में भी यह पूरी तरह से सुरक्षित रहे। यह किनारे की मिट्टी के कटाव को भी रोकेगा। वर्तमान में घाट की स्वीकृति जल संसाधन विभाग से अपेक्षित है। सुश्री भूरिया ने बताया कि पेटलावद क्षेत्र के झकनावदा से करीब 5 किमी दूर स्थित श्रृंगेश्वर धाम जन-जन की आस्था का केंद्र है। यह तीर्थ स्थल माही व मधुकन्या नदी के संगम पर स्थित है और इससे पौराणिक मान्यता जुडी है। बताया जाता है कि महान संत शृंगी ऋषि के सिर पर सींग था। अनेक स्थानों पर विचरण करते हुए जब वे माही नदी के तट पर पहुंचे तो वहां स्नान करने के बाद शॄंगी ऋषि के सिर के सींग गल गए थे। तभी से इस स्थान का नाम शॄंगेश्वर धाम हो गया। यह भी कहा जाता है कि यहां पर माही नदी में स्नान करने से कई रोग दूर हो जाते हैं। इसलिए भी विशेष अवसरों पर यहां राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश सहित मध्यप्रदेश के कई दूर दराज के इलाकों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। जन आस्था को देखते हुए ही मैंने इस स्थल को विकसित करने के लिए प्रोजेक्ट बनाने के लिए कहा था। इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि तौर पर हमारे जिले में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। कलेक्टर सुश्री नेहा मीना ने बताया इस प्रकार के सौंदर्यीकरण के माध्यम से धार्मिक पर्यटन के साथ ईको टुरिज्म के रूप में विकसित किया जाएगा। आगामी 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ के तहत श्रृंगेश्वर धाम को शिवलिंग के टूरिस्ट सर्किट में जोड़ने के प्रयास किये जाएंगे। प्रस्ताव व घाट का डिज़ाइन बनाने में यह कोशिश की गई कि नए मंदिर व पुराने मंदिर को आपस में जोड़ा जा सके। टूरिज्म सेक्टर से जगह की अर्थ व्यवस्था पर प्रभाव पड़ता है व रोज़गार सृजित होता है। इसी के साथ देवझिरी प्राचीन तीर्थ स्थल पर भी घाट निर्माण, सौंदर्यीकरण के कार्य विभिन्न विभागों के समन्वय के माध्यम से किये जाना प्रस्तावित है। वर्षभर होते हैं आयोजन श्रृंगेश्वर धाम पर गुरु पूर्णिमा महोत्सव, सोमवती अमावस्या, शनिश्चरी अमावस्या, श्रावण मास सहित कई धार्मिक आयोजन होते हैं। वर्ष 2023 में श्रृंगेश्वर धाम पर रुद्र महायज्ञ का भव्य आयोजन भी किया गया था। ब्रह्मलीन महंत काशी गिरी महाराज ने इस धाम को पूरी मेहनत व लगन के साथ स्थापित किया था। माही डैम के बैक वाटर में प्राचीन मंदिर जलमग्न हो गया। इसके बाद नए मंदिर को घाटी पर बसाया गया। यहां शिवलिंग, पंचमुखी हनुमान जी औऱ ऋषि शॄंगी, काशीगिरी और माही माता की प्राण प्रतिष्ठा की गई है।  

चीता प्रबंधन के लिये 8 करोड़ 90 लाख की बजट स्वीकृति

भोपाल वन विभाग ने चीतों के प्रबंधन वित्तीय वर्ष 2024-25 से वर्ष 2026-27 के लिये राशि 8 करोड़ 90 लाख की अनुमानित सीमा मान्य कर सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने दी है। शासन स्तर से इसके आदेश भी 18 फरवरी को जारी कर दिये हैं। आदेश में भारत सरकार से आवंटन की प्रत्याशा में उपरोक्त योजना में कोई राशि व्यय की जाती है, तो भारत सरकार से राशि प्राप्त होने पर वन विभाग के राजस्व प्राप्ति मद में ऐसे व्यय के समतुल्य राशि जमा करायी जाये।  

आज अगर बारिश से धुला अफगानिस्तान-ऑस्ट्रेलिया का मैच, तो कौन पहुंचेगा सेमीफाइनल में

लाहौर आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड को हराने के बाद अब अफगानिस्तान की नजरें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दर्ज करके सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने पर होंगी. अफगानिस्तान अगर सेमीफाइनल में पहुंच जाती है तो यह लगातार दूसरा मौका होगा, जब अफगानी टीम लगातार दूसरे आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई करेगी. हालांकि, उसके लिए यह  इतना आसाना नहीं होने वाला है, क्योंकि उसके सामने ऑस्ट्रेलिया है. क्या है सेमीफाइनल का समीकरण स्टीव स्मिथ की अगुवाई में अगर ऑस्ट्रेलिया ने अफगानिस्तान को हरा दिया तो वह सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि अफगानिस्तान के रास्ते बंद हो जाएंगे. लेकिन अगर अफगानिस्तान ने यह मैच जीत लिया तो वह सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी. ग्रुप बी से सेमीफाइनल में जाने वाली टीम दूसरी कौन सी होगी, इसका फैसला दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच मुकाबले पर निर्भर करेगा. अगर अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया, उसके बाद इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हरा दिया तो ऐसी स्थिति में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के तीन-तीन अंक होंगे और जिसका नेट रन रेट बेहतर होगा, वो सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगा. अगर मैच बारिश के कारण रद्द हुआ तो अगर यह मैच बारिश के कारण रद्द हुआ तो स्थिति और भी मजेदार हो जाएगी. ऑस्ट्रेलिया के चार अंक होंगे और उसका सेमीफाइनल का स्थान पक्का होगा. दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीका को ऐसी सूरत में इंग्लैंड के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. अगर दक्षिण अफ्रीका हार जाती है तो उसे यह उम्मीद करनी होगी कि उसकी हार बड़ी ना हो, जिससे अफ्रीकी  टीम का रन रेट, अफगानिस्तान से बेहतर हो. ऐसी सूरत में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. कैसा रहेगा कराची का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 28 फरवरी को बादल छाए रहेंगे. लेकिन बारिश की संभावना नहीं हैं. दिन के समय अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक रहने के पूर्वानुमान जताया गया है. क्वार्टर फाइनल होगा मुकाबला अफगानिस्तान और ऑस्ट्रेलिया शुक्रवार को लाहौर में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में वर्चुअल क्वार्टर फाइनल में आमने-सामने होंगे, जिसमें दोनों टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए होड़ करेंगी. कई सालों से अफगानिस्तान को विश्व क्रिकेट में उभरती ताकत माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ सालों में उनके प्रदर्शन ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि अब उन्हें महज डार्क हॉर्स के तौर पर नहीं देखा जाता. बुधवार रात इंग्लैंड पर उनकी शानदार जीत ने उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी में अपने पहले सेमीफाइनल के करीब पहुंचा दिया है. शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाला मुकाबला वैश्विक मंच पर अपनी साख दिखाने का एक और मौका होगा. पिछले साल टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत से उनका आत्मविश्वास बढ़ा होगा, जहां उन्होंने पांच बार के विश्व चैंपियन पर अपनी पहली जीत हासिल की थी. ऐसी हैं दोनों टीमें अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्ला उमरजई, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नायब, राशिद खान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी, फरीद अहमद मलिक, इकराम अलीखिल, नांगेयालिया खारोटे, नवीद जादरान. ऑस्ट्रेलिया: मैथ्यू शॉर्ट, ट्रैविस हेड, स्टीवन स्मिथ (कप्तान), मार्नस लाबुशेन, जोश इंगलिस (विकेट कीपर), एलेक्स कैरी, ग्लेन मैक्सवेल, बेन ड्वार्शिस, नाथन एलिस, एडम जम्पा, स्पेंसर जॉनसन, जेक फ्रेजर-मैकगर्क, आरोन हार्डी, सीन एबॉट, तनवीर संघा.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “अमर शहीद चंद्रशेखर उद्यान” निर्माण के लिए तीन करोड़ की राशि की स्वीकृत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान क्रांतिकारी अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद उद्यान के लिए राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलीराजपुर जिले में उनकी जन्मभूमि चन्द्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) में “अमर शहीद चंद्रशेखर उद्यान” के निर्माण के लिए तीन करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि यह उद्यान अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के योगदान को चिरस्थायी रखने के साथ ही शहर की विरासत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।  

सर्कुलर इकोनॉमी फोरम की मेजबानी 3 से 5 मार्च 2025 तक जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किया जाएगा

जयपुर एशिया और प्रशांत क्षेत्र के 12वें क्षेत्रीय 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी फोरम की मेजबानी के लिए जयपुर पूरी तरह तैयार है। यह फोरम 3 से 5 मार्च 2025 तक जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किया जाएगा। ‘एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सतत विकास के लक्ष्यों और कार्बन तटस्थता प्राप्त करने की दिशा में सर्कुलर सोसायटियों को आकार देना’ संबंधी विषय पर केंद्रित यह कार्यक्रम सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने पर चर्चा करने के लिए वैश्विक नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने गुरूवार को  जयपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि यूएनसीआरडी द्वारा वर्ष 2009 में शुरू किए गए क्षेत्रीय 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी फोरम का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सरकारी अधिकारियों को 3आर (रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकल करना) और सर्कुलेरिटी को मुख्यधारा में लाने के लिए रणनीतिक नीतिगत इनपुट प्रदान करना है। साथ ही यह फोरम 3आर में सर्वोत्तम प्रयासों को प्रसारित करने और सभी के साथ साझा करने के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करेगा। पिछला फोरम 2023 में कंबोडिया द्वारा आयोजित किया गया था। इससे पहले 8वां संस्करण 2018 में  इंदौर में आयोजित किया गया था। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने बताया कि 12वें क्षेत्रीय फोरम का एक महत्वपूर्ण सकारात्मक परिणाम ‘जयपुर डिक्लेरेशन’ होगा, जिसे समापन के दिन अपनाया जाएगा। 2025-34 की अवधि के लिए इस दशकीय घोषणा का उद्देश्य, इस फोरम में शामिल होने वाले देशों को 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी संबंधी नीतियों और उससे जुड़े कार्यक्रमों को विकसित करने के लिए एक रूपरेखा प्रदान करना होगा। यह एक ‘लीनियर टेक-मेक-डिस्पोज इकोनॉमी से एक सर्कुलर इकोनॉमी’ में परिवर्तन लाने में सभी को सक्षम बनाएगा। जयपुर डिक्लेरेशन, हनोई डिक्लेरेशन (2013-23) पर आधारित है और यह स्वैच्छिक व कानूनी रूप से गैर-बाध्यकारी समझौता है। सम्मेलन का कर्टेन रेजर 24 फरवरी 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने किया।  12वें फोरम की एक और खास विशेषता ‘इंडिया पैवेलियन’ है जो 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी क्षेत्र में भारत की उल्लेखनीय पहलों और उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा। इस पैवेलियन में 15 प्रमुख मंत्रालयों और राष्ट्रीय मिशनों की प्रदर्शनियाँ होंगी जो सतत विकास के लिए भारत के समग्र सरकारी दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। यह ‘मंत्री-स्तरीय संवाद’, ‘महापौर संवाद’ और ‘नीति संवाद’ जैसे सत्रों के साथ इंटर एक्टिव नॉलेज शेयरिंग के लिए एक केंद्र के रूप में भी काम करेगा। इसके अलावा, सीआईटीआईआईएस  2.0 कार्यक्रम को सक्रिय करने के लिए 18 शहरों के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे जिसमें एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाएँ शामिल हैं।  सीआईटीआईआईएस 2.0 वर्ष 2023 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य परियोजनाओं को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करके एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देना है। इन 18 स्मार्ट शहरों को एक चुनौती प्रक्रिया के माध्यम से चुना गया था। इन 18 शहरों में से 2 शहरों- जयपुर और उदयपुर को सीआईटीआईआईएस 2.0 के तहत चुना गया है।   नगरीय विकास विभाग एवं स्वायत्त शासन विभाग मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा ने प्रेस वार्ता में बताया कि उनका विभाग फोरम की तैयारियों में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है। विभाग तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान विभिन्न सत्रों में भी भाग लेगा। उन्होंने यह भी बताया कि जयपुर की 11 केस स्टडीज भी 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी पर 100 सर्वश्रेष्ठ अभ्यास पुस्तिका के संग्रह का हिस्सा हैं। इस पुस्तिका का विमोचन फोरम के दौरान किया जाएगा। 12वें क्षेत्रीय फोरम का नेतृत्व आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ भारत मिशन-शहरी द्वारा जापान के पर्यावरण मंत्रालय, UN ESCAP, UNCRD, UNDSDG और UNDESA के सहयोग से किया जा रहा है जिसमें राजस्थान सरकार  सहयोगी भूमिका निभा रही है। राजधानी जयपुर में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सम्मेलन में 500 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और घरेलू प्रतिभागियों के भाग लेने की उम्मीद है। फोरम में संपूर्ण सत्रों के आयोजन सहित देशों पर आधारित विशिष्ट चर्चाएं थीम-आधारित राउंडटेबल सम्मेलन के साथ ही अनुभव साझा करने के लिए नॉलेज-शेयरिंग और नेटवर्किंग के अवसर भी शामिल होंगे। प्रतिनिधियों को जयपुर में प्रमुख ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं के साथ-साथ पुरातन स्थलों के दौरे का भी अवसर मिलेगा। यह फोरम दिसंबर, 2024 में जयपुर में आयोजित सफल ‘राइजिंग राजस्थान’ वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन के बाद आयोजित किया जा रहा है। 12वें क्षेत्रीय फोरम में एक प्रमुख आकर्षण के रूप में एक अंतर्राष्ट्रीय ‘3आर व्यापार और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी’ भी शामिल है। 40 से अधिक भारतीय और जापानी कंपनियों और स्टार्ट-अप्स की विशेषता वाली यह प्रदर्शनी सर्कुलैरिटी और 3आर के सिद्धांतों का समर्थन करने वाले इनोवेशंस और समाधानों को प्रस्तुत करेगी। फोरम में स्थिरता-संचालित उद्यमिता और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए भारत भर के गैर सरकारी संगठनों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा ‘वेस्ट टू वैल्यू’ की पहल भी प्रदर्शित की जाएगी। 

आईडीबीआई बैंक ने जूनियर असिस्टेंट मैनेजर पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए, एक मार्च से करें आवेदन

नई दिल्ली   आईडीबीआई बैंक ने पीजीडीबीएफ के माध्यम से जूनियर असिस्टेंट मैनेजर की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के लिए पात्र उम्मीदवार 1 मार्च से आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (IDBI) ने जूनियर असिस्टेंट मैनेजर पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती में शामिल होने के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आईडीबीआई बैंक की आधिकारिक वेबसाइट (idbibank.in) के जरिए 1 मार्च से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आईडीबीआई बैंक बैंकिंग और वित्त में 1 वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा के लिए युवा, गतिशील स्नातकों से आवेदन आमंत्रित करता है, जिसमें संबंधित परिसर में 6 महीने का क्लासरूम अध्ययन, 2 महीने की इंटर्नशिप और आईडीबीआई बैंक की शाखाओं/कार्यालयों/केंद्रों में 4 महीने का ऑन जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) शामिल है।   पात्रता मानदंड जो उम्मीदवार इस पद के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उनके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु सीमा 20 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए, यानी उम्मीदवार का जन्म 01.03.2000 से पहले और 01.03.2005 के बाद नहीं हुआ होना चाहिए। चयन प्रक्रिया इस भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन टेस्ट के बाद ऑनलाइन टेस्ट में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवारों का व्यक्तिगत साक्षात्कार शामिल होगा। ऑनलाइन परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकृति की होगी। प्रत्येक प्रश्न के लिए जिसका गलत उत्तर उम्मीदवार द्वारा दिया गया है, उस प्रश्न के लिए निर्धारित अंकों में से एक चौथाई या 0.25 अंक दंड के रूप में काट लिए जाएंगे ताकि सही अंक प्राप्त किए जा सकें। आवेदन शुल्क अन्य सभी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 1050 रुपये निर्धारित है और एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए 250 रुपये तय है। भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, आईएमपीएस, कैश कार्ड/मोबाइल वॉलेट का उपयोग करके किया जा सकता है।  

यूनिवर्सल पेंशन स्कीम के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन मिलेगी, मोदी सरकार लाने जा रही है स्कीम

नई दिल्ली केंद्र की मोदी सरकार अब देश में यूनिवर्सल पेंशन स्कीम लाने की तैयारी कर रही है। यह योजना लोगों को अपनी इच्छा से योगदान करने और रिटायरमेंट के बाद पेंशन  का फायदा लेने की सुविधा देगी। बताया जा रहा है कि इस स्कीम का फायदा असंगठित सेक्टर  में काम करने वाले लोग भी उठा सकेंगे। सभी लोगों को मिलेगा लाभ! यूनिवर्सल पेंशन स्कीम के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन मिलेगी। यह पेंशन योजना सभी नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से बनाई जा रही है, जिसमें असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, व्यापारी, स्व-रोजगार करने वाले व्यक्ति और 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग शामिल होंगे। हालांकि यह नई पेंशन स्कीम में कंट्रिब्यूशन स्वैच्छिक आधार पर होगा, इसमें सरकार अपनी तरफ से कोई कंट्रिब्यूशन नहीं करेगी। मौजूदा योजनाओं को किया जाएगा मर्ज!   मिडिया रिपोर्ट के अनुसार, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इस प्रस्तावित समग्र योजना  पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है, जो मौजूदा पेंशन योजनाओं  को एकीकृत करने की दिशा में बढ़ेगी। वहीं सरकार प्रधान मंत्री श्रम योगी मानधन योजना, राष्ट्रीय पेंशन योजना  और अटल पेंशन योजना जैसी मौजूदा योजनाओं को इस नई योजना में मर्ज करने पर विचार कर रही है। दरअसल, इन योजनाओं में वर्तमान में 55 से 200 रुपए तक के योगदान पर 3,000 रुपए की मासिक पेंशन मिलती है, जिसमें सरकार भी योगदान करती है। सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी यह योजना विशेषज्ञों का कहना है कि आबादी का बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र में काम करता है। वह अपना कमाई का ज्यादा हिस्सी खर्च देता है और भविष्य के लिए ज्यादा बचत नहीं कर पाता। ऐसे में उम्र बढ़ने पर उसे आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह योजना लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी।

Sugamya Yatra : चुनिंदा दिव्यांगजन को शासन व्यवस्था के अनुसार वाहन उपलब्ध कराकर सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा

भोपाल दिव्यांगजनों को सार्वजनिक स्थानों, शासकीय कार्यालयों, मॉल और सिनोमाघरों में उनकी सुविधानुसार किस तरह का सुगम्य वातावरण होना चाहिए। प्रदेश के प्रत्येक जिले में 7 और 8 मार्च 2025 को जिला कलेक्टर्स के सहयोग से दिव्यांगजन की “सुगम्य यात्रा” का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक जिले में चुनिंदा दिव्यांगजन को शासन व्यवस्था के अनुसार वाहन उपलब्ध कराकर सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। प्रमुख सचिव, सामाजिक न्याय एवं आयुक्त नि:शक्तजन श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि सरकार के सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को सुगम्य वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में “सुगम्य यात्रा” निकाली जाएगी। इसमें दिव्यांगजन को सरकारी भवनों, कलेक्ट्रेट, तहसील, नगर पालिका, नगर निगम सहित अन्य शासकीय कार्यालयों, सिनेमा घरों, आम पर्यटन स्थलों, पुस्तकालयों, बाजारों सहित अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांगजन उपलब्ध साधन सुविधाओं की जमीन हकीकत को देखेंगे। स्थानों के भ्रमण के बाद दिव्यांगजनों द्वारा दी गई सलाह, सूचनाओं का संकलन किया जायेगा, जिनका उपयोग भारत सरकार द्वारा भविष्य में बनाई जाने वाली शहरी विकास नीतियों, डिजाइनिंग एवं विकासात्मक रणनीतियों में शामिल किया जायेगा, जो भविष्य में इस वर्ग के लिये अनुकूल वातावरण निर्माण में सहायक होगी। यात्रा के फोटो “यस टू एक्सेस” ऐप पर अपलोड कर सकेंगे। यात्राओं पर होने वाले व्यय सीआरएस फंड या एजीपी सब स्कीम से करने के अधिकार कलेक्टर्स को दिये गये हैं।  

प्रदेश में ग्रीन फील्ड हाई स्पीड कॉरिडोर पर 1 लाख 30 हजार 800 करोड रुपए खर्च होंगे

भोपाल  भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने प्रदेश के विकास को नई दिशा दी है। इससे इंदौर को भी काफी फायदा होने वाला है। एनएचएआइ ने समिट में प्रदेश सरकार से एमओयू किया है। इसके तहत 4900 किमी के प्रोजेक्ट पर 1 लाख 30 हजार 800 करोड रुपए खर्च होंगे। इसमें इंदौर से भोपाल होते हुए जबलपुर तक ग्रीन फील्ड हाई स्पीड कॉरिडोर(High Speed Corridor) का भी प्रावधान किया गया है। इस पर अमल भी शुरू हो गया है। नए कॉरिडोर के तहत इंदौर से भोपाल के बीच 140 किमी लंबा हाईवे बनाया जाएगा। इसकी लागत 9 हजार 716 करोड़ होगी। यह कॉरिडोर वर्तमान सड़कों से अलग होगा। ये ऐसे क्षेत्रों से निकलेगा, जहां पहले से सड़क नहीं है। इस सड़क के आसपास ओद्यौगिक विकास होगा। इंदौर से भोपाल(Indore Bhopal Jabalpur) के बीच की वर्तमान दूरी में कमी आएगी। इस रोड को वर्तमान में बनाए जा रहे इंदौर-हरदा हाईवे से जोड़ा जाएगा। इससे कई गावों को जबरदस्त फायदा पहुंचेगा। डीपीआर के लिए टेंडर जारी एनएचएआइ ने राज्य शासन से समिट में जो एमओयू साइन(Indore Bhopal Jabalpur high speed corridor) किए हैं, उस पर अमल भी शुरू कर दिया गया है। एमओयू के तहत शुरुआती काम भी शुरू हो चुका है। विभाग ने डीपीआर के लिए टेंडर जारी किए हैं।

बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण में करायें समझौता : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल आगामी 08 मार्च 2025 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण को आपसी समझौतो से निराकृत किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत अधिनियम 2003 धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं एवं उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे अप्रिय कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि धारा 135 के अंतर्गत अदालत में लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के लिये निम्न दाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रकरणों में ही छूट दी जाएगी। प्रि-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्‍येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।   लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छःमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। लोक अदालत में छूट नियम एवं शर्तों के तहत दी जाएगी आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता/उपयोगकर्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई वैध कनेक्शन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने के लिये आवेदक द्वारा वैध कनेक्शन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित कनेक्शनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/अदालतों में छूट प्राप्त किये उपभोक्ता/उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे। सामान्य बिजली बिलों में जुड़ी बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।  नेशनल लोक अदालत में दी जा रही छूट आंकलित सिविल दायित्‍व राशि 10 लाख रूपये तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी। यह छूट मात्र नेशनल ‘‘लोक अदालत‘‘ 8 मार्च 2025 को समझौते करने के लिये ही लागू रहेगी।  

फुलेरा दूज का त्योहार1 मार्च को मनाया जाएगा, जानें इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं

फुलेरा दूज का त्योहार हर वर्ष फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। यह तिथि वर्ष 2025 में 1 मार्च को है। शुक्ल द्वितीया 1 मार्च की सुबह 3 बजकर 16 मिनट से शुरू हो जाएगी, इसलिए उदयातिथि की मान्यता के अनुसार फुलेरा दूज का पर्व 1 मार्च को ही मनाया जाएगा। यह दिन भगवान कृष्ण और राधा रानी के प्रेम को समर्पित है। धार्मिक मत के अनुसार इस दिन भगवान कृष्ण और राधा रानी ने फूलों की होली खेली थी। इस दिन क्या कार्य करने से आपको लाभ होगा और क्या काम करने से इस दिन आपको बचना चाहिए, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। फुलेरा दूज के दिन करें ये काम     भगवान कृष्ण और राधा रानी के प्रेम को समर्पित फुलेरा दूज के दिन आपको विधि-विधान से राधा-कृष्ण की पूजा करनी चाहिए।     इस दिन श्रीकृष्ण की पूजा में दूर्वा, अक्षत, खीर आदि अर्पित करना शुभ माना जाता है।     इसके साथ ही राधा रानी और भगवान कृष्ण को इस दिन फूल भी अवश्य चढ़ाने चाहिए।     अगर आपके घर में राधा कृष्ण की प्रतिमाएं हैं तो उन्हें रंग-बिरंगे वस्त्र इस दिन आपको पहनाने चाहिए।     भगवान कृष्ण के प्रिय भोग माखन, मिश्री को भी पूजा में अवश्य शामिल करेंगे।     राधा रानी को इस दिन श्रृंगार की सामग्री अर्पित करनी चाहिए। इसके साथ ही गुलाल भी राधा-कृष्ण को अर्पित करें।     भगवान कृष्ण की प्रिय धेनु यानि गाय की भी इस दिन आपको सेवा करनी चाहिए।     इस दिन व्रत रखने से और राधा-कृष्ण की पूजा करने से प्रेम और वैवाहिक संबंधों में निखार आता है।     आप फुलेरा दूज के दिन अपने साथी को उपहार देते हैं तो स्नेह और प्रेम का बंधन मजबूत होता है। फुलेरा दूज के दिन क्या न करें     भगवान कृष्ण को समर्पित इस दिन आपको गलती से भी किसी के साथ बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए।     भोजन से जुड़े नियमों का भी पालन आपको करना चाहिए और इस दिन मांस, मदिरा आदि तामसिक चीजों को ग्रहण नहीं करना चाहिए।     किसी के प्रति भी इस दिन अपने दिल में बैर भाव न लाएं।     इस दिन राधा-कृष्ण को अर्पित किए गए प्रसाद, गुलाल, फूल को गलती से भी किसी के भी पैरों के नीचे न आने दें।  

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